Media24Media.com: देशभर में प्राकृतिक खेती के प्रसार हेतु दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

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देशभर में प्राकृतिक खेती के प्रसार हेतु दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (NCONF), गाजियाबाद द्वारा 24–25 मार्च 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य देशभर में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, कृषि अधिकारियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), बायो-इनपुट निर्माताओं, प्रगतिशील किसानों और छात्रों ने भाग लिया।

इस दो दिवसीय संगोष्ठी का उद्घाटन नई दिल्ली में डॉ. एस.के. चौधरी, महानिदेशक, फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये मृदा उर्वरता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और खेती की लागत कम करने में सहायक हैं।

विशिष्ट अतिथियों में डॉ. जे.के. जेना, महानिदेशक, मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालन में जैविक कृषि की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. वेलु मुरुगन ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन में प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को रेखांकित किया। पद्मश्री नेक राम शर्मा ने पिछले 30 वर्षों में प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव और सफलता की कहानी साझा की।

तकनीकी सत्र में डॉ. रवि शंकर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में विज्ञान की भूमिका प्रस्तुत की। अन्य वक्ताओं, जिनमें प्रगतिशील किसान भी शामिल थे, ने अपने अनुभव साझा किए। सत्रों में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय पर जोर दिया गया, ताकि 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

कार्यक्रम में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं:

  • मृदा स्वास्थ्य और बायो-इनपुट

  • प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक तकनीकें

  • जैव विविधता आधारित कीट प्रबंधन

  • PGS-इंडिया प्रमाणन प्रणाली

  • जैविक उत्पादों का विपणन और मूल्य श्रृंखला

संगोष्ठी के साथ-साथ एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें जैविक और प्राकृतिक खेती से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। इसमें बायो-इनपुट केंद्रों, स्टार्टअप्स, एफपीओ और जैविक उत्पादों से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया।

यह संगोष्ठी टिकाऊ कृषि पद्धतियों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों, बाजार अवसरों और नीतिगत समर्थन पर व्यापक चर्चा के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का उद्देश्य रखती थी। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के तहत मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने, गुणवत्ता सुधार और बाजार एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया।

राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (NCONF)

राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, जिसे पहले राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था, देश में जैविक और प्राकृतिक खेती के विकास, प्रमाणन और क्षमता निर्माण के लिए एक प्रमुख संस्थान है। यह केंद्र PGS-इंडिया प्रमाणन प्रणाली का कार्यान्वयन, जैविक उर्वरकों की गुणवत्ता परीक्षण, किसानों और कृषि कर्मियों का प्रशिक्षण तथा सतत कृषि प्रथाओं के प्रसार जैसे महत्वपूर्ण कार्य करता है।

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