Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

केंद्रीय बजट 2026–27 में उर्वरक क्षेत्र को प्राथमिकता: किसानों के लिए किफायती उर्वरक और सतत कृषि पर जोर

Document Thumbnail

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 में सरकार की यह प्रतिबद्धता दोहराई गई है कि किसानों को सही समय पर किफायती उर्वरक उपलब्ध कराना, घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करना और संतुलित पोषक तत्वों का उपयोग सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।

बजट आवंटन और उद्देश्य

वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए उर्वरक विभाग को कुल ₹1.71 लाख करोड़ का नेट बजट आवंटन दिया गया है। यह सरकार की नीति को दर्शाता है कि वैश्विक उर्वरक कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में व्यवधानों से किसानों को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यूरिया सब्सिडी

यूरिया सब्सिडी के तहत घरेलू उत्पादन और आयात दोनों के लिए प्रावधान किया गया है, ताकि घरेलू उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन बनाया जा सके। साथ ही, किसानों के लिए कीमतों को नियंत्रित रखने और उत्पादकों को उचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी प्रणाली जारी रहेगी।

पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS)

फॉस्फेट और पोटाश (P&K) उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy) योजना जारी रहेगी। इसका उद्देश्य संतुलित NPK उपयोग, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और कृषि उत्पादन बढ़ाना है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)

उर्वरक सब्सिडी के वितरण में DBT प्रणाली को प्रमुख रूप से जारी रखा जाएगा, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और वास्तविक समय में उर्वरक बिक्री की निगरानी सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा फर्टिलाइजर सब्सिडी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए स्थापना और आईसीटी संबंधित खर्चों का प्रावधान भी किया गया है।

जैविक उर्वरकों का प्रोत्साहन

सरकार ने जैविक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार, मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस और अनुसंधान एवं विकास के लिए भी बजट आवंटन किया है, जिससे सतत और पर्यावरण-हितैषी कृषि को बढ़ावा मिले।

कुल मिलाकर, बजट 2026–27 किसानों के हितों की सुरक्षा, उर्वरक की किफायती उपलब्धता, घरेलू उत्पादन क्षमता का सशक्तिकरण और संतुलित तथा सतत पोषक तत्व उपयोग सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।


Next Story Older Post Home
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.