Media24Media.com: गुंटूर में भव्य ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन, 9,000 से अधिक GDS ने लिया भाग

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गुंटूर में भव्य ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन, 9,000 से अधिक GDS ने लिया भाग

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डाक विभाग, आंध्र प्रदेश सर्किल ने 22 फरवरी 2026 को गुंटूर में एक भव्य ग्रामीण डाक सेवक (GDS) सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पूरे सर्किल से 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों की भारी भागीदारी देखने को मिली, जो ग्रामीण डाक सेवाओं को मजबूत करने के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है।

गुंटूर में आयोजित GDS सम्मेलन में 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों ने भाग लिया

इस सम्मेलन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, डाक सेवा बोर्ड के सदस्य (कार्मिक) सुवेंदु कुमार स्वैन, विधायक मोहम्मद नसीर अहमद और गुंटूर के मेयर कोवेलामुडी रविंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने GDS सम्मेलन में दीप प्रज्वलन किया

इस अवसर पर पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सेवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दस सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण डाक सेवकों को सम्मानित किया गया।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक परिवार को शुभकामनाएँ दीं और ग्रामीण डाक सेवकों को देश के हर कोने को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट वर्तमान में लगभग 38 करोड़ पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक खातों का प्रबंधन करता है, जिनमें लगभग 22 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है। इसके अलावा, लगभग 3.8 करोड़ सुकन्या समृद्धि योजना खातों में करीब 2.27 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है, जो डाक नेटवर्क के माध्यम से वित्तीय समावेशन की व्यापकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इंडिया पोस्ट का मेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क कन्वेयर सिस्टम, वैज्ञानिक छंटाई, RFID, बारकोड और QR-कोड आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से तेजी से आधुनिकीकृत किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ड्रोन आधारित डिलीवरी प्रणाली भी शुरू की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के साथ सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि देशभर में विभाग लगभग 1.65 लाख डाकघरों के माध्यम से कार्य करता है, जिनमें 4.5 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विभाग का वार्षिक व्यय लगभग 35,000 करोड़ रुपये है, जबकि राजस्व लगभग 13,000 करोड़ रुपये है। आंध्र प्रदेश में पिछले वर्ष व्यय लगभग 1,800 करोड़ रुपये और राजस्व 600 करोड़ रुपये था, जो इस वर्ष बढ़कर लगभग 850 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि निरंतर निगरानी से ‘शून्य लेन-देन’ वाले डाकघरों की संख्या पहले लगभग एक लाख से घटकर लगभग 1,500 रह गई है, जो संचालन दक्षता में सुधार को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर शासन और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में GDS कर्मचारियों की अपूरणीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद ग्रामीण डाक सेवकों का मानवीय स्पर्श और समर्पण अतुलनीय है तथा GDS कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित हरित पहलों के महत्व पर जोर दिया।

यह सम्मेलन वित्तीय समावेशन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने में ग्रामीण डाक सेवकों के योगदान और समर्पण को सम्मानित करने का मंच बना। आंध्र प्रदेश पोस्टल सर्किल ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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