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रायतुम गांव के ग्रामीण पोस्ट ऑफिस की अव्यवस्था से परेशान, समय पर नहीं खुलने से बढ़ रही समस्याएं

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रायतुम (रायपुर क्षेत्र)- रायतुम गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग स्थानीय पोस्ट ऑफिस की लापरवाही से काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पोस्ट ऑफिस का निर्धारित समय होने के बावजूद कई बार कार्यालय समय पर नहीं खुलता, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और जरूरी काम अधूरे रह जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पोस्टमास्टर मनीष जाट के समय पर उपस्थित न होने के कारण पैसा निकासी, जमा, आधार संबंधी कार्य और अन्य डाक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई ग्रामीण दूर-दूर से पोस्ट ऑफिस पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने के लिए पोस्ट ऑफिस पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन अव्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए तथा पोस्ट ऑफिस की सेवाओं को नियमित और समयबद्ध बनाया जाए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

✅ पोस्ट ऑफिस निर्धारित समय पर खोला जाए।
✅ सभी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
✅ ग्रामीणों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो।
✅ जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा व्यवस्था की निगरानी की जाए।

रायतुम के ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी समस्याओं को उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए मजबूर होंगे।


मुंबई में भविष्य के डाकघर की शुरुआत, अंधेरी आरएस पोस्ट ऑफिस का हुआ उद्घाटन

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मुंबई में डाक सेवाओं को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और देवेंद्र फडणवीस ने 8 मई 2026 को अंधेरी रेलवे स्टेशन डाकघर के नवीनीकृत परिसर का उद्घाटन किया। यह डाकघर ‘जन सेवा कनेक्ट’ पहल के तहत भविष्य के लिए तैयार आधुनिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

वर्ष 1932-33 में स्थापित अंधेरी आरएस पोस्ट ऑफिस को अब अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल सुविधाओं और बेहतर ग्राहक सेवाओं से लैस किया गया है। इस परियोजना को  स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सहयोग से तैयार किया गया। 

यह पोस्ट ऑफिस ‘जन सेवा कनेक्ट’ परियोजना के तहत देशभर के 17 राज्यों में चुने गए 40 पोस्ट ऑफिसों में शामिल है। महाराष्ट्र में यह इस पहल के तहत उद्घाटित होने वाला पहला और देश का दूसरा पोस्ट ऑफिस है।

नवीनीकरण के बाद यहां आधुनिक इंटीरियर, डिजिटल इंटीग्रेशन, तेज सेवा प्रणाली, बेहतर ग्राहक सुविधाएं और नई ब्रांडिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

कार्यक्रम के दौरान एक विशेष स्मारक कवर भी जारी किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र एवं गोवा सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल अमिताभ सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि आधुनिक डाकघर नई कार्यसंस्कृति का प्रतीक हैं, जहां तकनीक, पारदर्शिता और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इंडिया पोस्ट आज भी अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भारत में 1.65 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिसों के नेटवर्क के साथ इंडिया पोस्ट लगातार आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विभाग ने वर्ष 2025-26 में सकल डाक राजस्व में 16 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है।

डाक विभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक: रिकॉर्ड प्रदर्शन, अगले वर्ष के लिए तेज़ विकास की रणनीति तय

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नई दिल्ली:  डाक विभाग  ने वित्त वर्ष 2025–26 की वार्षिक व्यवसाय समीक्षा बैठक आज नई दिल्ली में आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया (संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री) ने की। इसमें पोस्टल निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों और देशभर के 23 पोस्टल सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल शामिल हुए।

रिकॉर्ड राजस्व, ‘ऐतिहासिक वर्ष’ घोषित

बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने विभाग को ₹15,296 करोड़ का राजस्व अर्जित करने पर बधाई दी, जो पिछले वर्ष ₹13,218 करोड़ की तुलना में 16% अधिक है। उन्होंने 2025–26 को “ऐतिहासिक वर्ष” बताया। विभाग ने ₹17,546 करोड़ के लक्ष्य का 88% हासिल किया।
8 सर्किलों ने 90% से अधिक लक्ष्य हासिल किया, जबकि 14 सर्किलों का प्रदर्शन 80–90% के बीच रहा।

कोर क्षेत्रों पर और ध्यान देने की जरूरत

मंत्री ने कहा कि पार्सल, मेल और अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय जैसे प्रमुख क्षेत्रों में और अधिक सुधार की आवश्यकता है, ताकि विकास की पूरी क्षमता हासिल की जा सके।

तेज़ी से बढ़ते प्रमुख क्षेत्र

बैठक में विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रदर्शन पर प्रकाश डाला गया:

  • सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (CCS): 70% वृद्धि (दिल्ली सर्किल—782% वृद्धि)

  • पार्सल: 69% वृद्धि (राजस्थान सर्किल—265% वृद्धि)

  • मेल ऑपरेशंस: 34% वृद्धि (असम सर्किल—108% वृद्धि)

  • PLI/RPLI: 30% वृद्धि (आंध्र प्रदेश—47% वृद्धि)

  • पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB): 13% वृद्धि (बिहार—27% वृद्धि)

राजस्थान बना सबसे बेहतर सर्किल

कुल प्रदर्शन में राजस्थान सर्किल 102% लक्ष्य हासिल कर सबसे आगे रहा, साथ ही 34% वृद्धि दर्ज कर अन्य सर्किलों के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया।

भविष्य की रणनीति और सुधार

मंत्री ने स्पष्ट किया कि डाक विभाग का भविष्य पार्सल और मेल सेवाओं की मजबूती पर निर्भर करेगा। उन्होंने निर्देश दिए:

  • उच्च विकास वाले क्षेत्रों को और विस्तार देना

  • लागत नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित करना

  • सर्किल स्तर पर चार प्रमुख वर्टिकल (पार्सल, HR, फाइनेंस, बिजनेस डेवलपमेंट) को मजबूत करना

  • ग्राहक-केंद्रित और बिक्री-आधारित दृष्टिकोण अपनाना

  • मेल और पार्सल सेवाओं का बेहतर एकीकरण

प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप बदलाव

मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के विज़न के तहत डाक विभाग एक आधुनिक, ग्राहक-केंद्रित और भविष्य के लिए तैयार संगठन में बदल रहा है।

निष्कर्ष

बैठक के अंत में मंत्री ने विश्वास जताया कि डाक विभाग आने वाले वर्ष में और बेहतर प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि पार्सल, मेल और अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर निरंतर ध्यान देकर विभाग नई ऊँचाइयों को हासिल कर सकता है।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ फिलाटेलिक प्रदर्शनी का आयोजन, डाक टिकटों के जरिए दिखाई गई भारत की एकता और लोकतंत्र की झलक

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नई दिल्ली- भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा प्रधानमंत्री संग्रहालय के सहयोग से “एक भारत, श्रेष्ठ भारत: डाक टिकटों के माध्यम से भारत की एकता और लोकतंत्र का उत्सव” शीर्षक से भव्य फिलाटेलिक प्रदर्शनी का आयोजन 14 से 17 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने किया।

उद्घाटन के बाद  ज्योतिरादित्य एम. सिंधियाने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और वहां उपस्थित डाक टिकट संग्राहकों (फिलाटेलिस्ट), डिजाइनरों और विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने भारत की समृद्ध डाक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में उनके योगदान की सराहना की।

डाक टिकटों में दिखी भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत

इस प्रदर्शनी में भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक घटनाओं और डाक परंपराओं को दर्शाने वाले डाक टिकटों का विशेष संग्रह प्रदर्शित किया गया है।
इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े विषय प्रमुख आकर्षण हैं, जो दर्शकों को एक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव प्रदान करते हैं।

केंद्रीय मंत्री का संबोधन

अपने संबोधन में  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि यह आयोजन डाक विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने प्रधानमंत्री संग्रहालय की टीम को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि स्वतंत्रता से लेकर अमृत काल और आगे शताब्दी काल तक भारत की यात्रा में डाक विभाग की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आगे भी बनी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि डाक विभाग और संग्रहालय मिलकर देशभर में ऐसी प्रदर्शनी आयोजित करेंगे, जिससे भारत की समृद्ध विरासत को और व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जा सके।

विशेष चित्र पोस्टकार्ड जारी

इस अवसर पर तीन विशेष चित्र पोस्टकार्ड सेट जारी किए गए, जो निम्न अवसरों को समर्पित हैं:

  • प्रधानमंत्री संग्रहालय का चौथा स्थापना दिवस

  • डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल 2026)

  • भारतीय संविधान

 एमओयू के जरिए सहयोग को नई दिशा

कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग और प्रधानमंत्री संग्रहालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते का उद्देश्य सांस्कृतिक और डाक विरासत को बढ़ावा देना है। इसके तहत देशभर में प्रदर्शनी, जागरूकता कार्यक्रम और संयुक्त रूप से डाक उत्पाद तैयार किए जाएंगे। साथ ही संग्रहालय में इंडिया पोस्ट का विशेष काउंटर स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।

प्रधानमंत्री पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन

अपने दौरे के दौरान  ज्योतिरादित्य एम. सिंधियाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें उनके जीवन, नेतृत्व और प्रमुख योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है।

निष्कर्ष

यह फिलाटेलिक प्रदर्शनी न केवल भारत की डाक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है, बल्कि देश की एकता, लोकतंत्र और विविधता को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है। यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

डाक प्रशिक्षण केंद्र सहारनपुर के 75 वर्ष पूरे, स्मारक डाक टिकट जारी

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नई दिल्ली- डाक विभाग ने डाक प्रशिक्षण केंद्र (PTC), सहारनपुर के 75 वर्ष पूरे होने पर प्लेटिनम जुबली मनाई। इस अवसर पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया गया, जो संस्थान की उत्कृष्ट प्रशिक्षण परंपरा और राष्ट्र निर्माण में योगदान को दर्शाता है।

यह डाक टिकट केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली स्थित रंग भवन सभागार में जारी किया गया। इस कार्यक्रम में डाक सेवाओं के महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता, सदस्य (वित्त) मनीष सिन्हा, सीजीसीए वंदना गुप्ता और सदस्य (एचआरडी) कर्नल एस. एफ. एच. रिजवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में मंत्री सिंधिया ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि डाक प्रशिक्षण केंद्र केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसी जगह है जहां इतिहास जीवित है और निरंतर विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि 75 वर्षों का यह सफर राष्ट्र निर्माण में इसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

भविष्य की दृष्टि पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि भारत वर्ष 2030 तक न केवल देश बल्कि विश्व का एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में डाक विभाग और उसके कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

2 अप्रैल 1951 को स्थापित डाक प्रशिक्षण केंद्र सहारनपुर का उद्देश्य स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना था। यह संस्थान 56.71 एकड़ परिसर में फैला हुआ है और अब उत्तरी भारत के 8 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के डाक कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने वाला प्रमुख संस्थान बन चुका है।

आज यह केंद्र 11 आधुनिक कंप्यूटर लैब और एक विशेष ई-स्टूडियो से सुसज्जित है, जहां हर साल करीब 3,000 कर्मचारियों को ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, डिजिटल संचालन और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही अनुशासन, विश्वसनीयता और जनसेवा जैसे मूल्यों को भी विकसित किया जाता है।

यह स्मारक डाक टिकट देशभर के फिलैटेलिक ब्यूरो में उपलब्ध है और इसे ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

डाक विभाग और TRIFED की साझेदारी से आदिवासी उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

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आदिवासी कारीगरों को सशक्त बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग (DoP) ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (TRIFED) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य TRIFED के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, विशेषकर Tribes India ई-मार्केटप्लेस, के माध्यम से बेचे जाने वाले उत्पादों की डिलीवरी के लिए एक मजबूत, विश्वसनीय और किफायती लॉजिस्टिक्स ढांचा तैयार करना है।

इस MoU के तहत डाक विभाग TRIFED के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त सभी ऑर्डर्स के लिए एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करेगा। अपने व्यापक राष्ट्रीय नेटवर्क और अंतिम छोर (last-mile) तक पहुंच का उपयोग करते हुए, डाक विभाग देशभर में आदिवासी उत्पादों की सुचारु पिकअप, ट्रांसमिशन और डिलीवरी सुनिश्चित करेगा।

यह सहयोग आदिवासी कारीगरों और उद्यमियों के लिए बाजार तक पहुंच को मजबूत करने, ऑर्डर पूर्ति को बेहतर बनाने और ग्राहक अनुभव को बढ़ाने में सहायक होगा। डाक विभाग शिपमेंट ट्रैकिंग, नियमित MIS रिपोर्टिंग और TRIFED के डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ API इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स प्रबंधन सुगम होगा।

इस व्यवस्था के तहत TRIFED के लिए नेशनल अकाउंट फैसिलिटी के अंतर्गत Book Now Pay Later (BNPL) खाता भी बनाया जाएगा, जिससे स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिपमेंट बुकिंग और भुगतान प्रक्रिया सरल हो जाएगी।

TRIFED अपनी ओर से उचित पैकेजिंग, लेबलिंग और ऑर्डर से संबंधित जानकारी साझा करना सुनिश्चित करेगा, ताकि लॉजिस्टिक्स संचालन प्रभावी रूप से हो सके। यह पहल देशभर के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों से पिकअप को कवर करेगी, जिससे व्यापक भौगोलिक पहुंच सुनिश्चित होगी।

यह साझेदारी सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आदिवासी आजीविका को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। बेहतर लॉजिस्टिक्स समर्थन के माध्यम से यह पहल आदिवासी समुदायों की आय बढ़ाने, उनके उत्पादों की पहुंच का विस्तार करने और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

यह समझौता प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए मान्य होगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है।

गुंटूर में भव्य ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन, 9,000 से अधिक GDS ने लिया भाग

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डाक विभाग, आंध्र प्रदेश सर्किल ने 22 फरवरी 2026 को गुंटूर में एक भव्य ग्रामीण डाक सेवक (GDS) सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पूरे सर्किल से 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों की भारी भागीदारी देखने को मिली, जो ग्रामीण डाक सेवाओं को मजबूत करने के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है।

गुंटूर में आयोजित GDS सम्मेलन में 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों ने भाग लिया

इस सम्मेलन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, डाक सेवा बोर्ड के सदस्य (कार्मिक) सुवेंदु कुमार स्वैन, विधायक मोहम्मद नसीर अहमद और गुंटूर के मेयर कोवेलामुडी रविंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने GDS सम्मेलन में दीप प्रज्वलन किया

इस अवसर पर पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सेवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दस सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण डाक सेवकों को सम्मानित किया गया।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक परिवार को शुभकामनाएँ दीं और ग्रामीण डाक सेवकों को देश के हर कोने को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट वर्तमान में लगभग 38 करोड़ पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक खातों का प्रबंधन करता है, जिनमें लगभग 22 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है। इसके अलावा, लगभग 3.8 करोड़ सुकन्या समृद्धि योजना खातों में करीब 2.27 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है, जो डाक नेटवर्क के माध्यम से वित्तीय समावेशन की व्यापकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इंडिया पोस्ट का मेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क कन्वेयर सिस्टम, वैज्ञानिक छंटाई, RFID, बारकोड और QR-कोड आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से तेजी से आधुनिकीकृत किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ड्रोन आधारित डिलीवरी प्रणाली भी शुरू की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के साथ सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि देशभर में विभाग लगभग 1.65 लाख डाकघरों के माध्यम से कार्य करता है, जिनमें 4.5 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विभाग का वार्षिक व्यय लगभग 35,000 करोड़ रुपये है, जबकि राजस्व लगभग 13,000 करोड़ रुपये है। आंध्र प्रदेश में पिछले वर्ष व्यय लगभग 1,800 करोड़ रुपये और राजस्व 600 करोड़ रुपये था, जो इस वर्ष बढ़कर लगभग 850 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि निरंतर निगरानी से ‘शून्य लेन-देन’ वाले डाकघरों की संख्या पहले लगभग एक लाख से घटकर लगभग 1,500 रह गई है, जो संचालन दक्षता में सुधार को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर शासन और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में GDS कर्मचारियों की अपूरणीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद ग्रामीण डाक सेवकों का मानवीय स्पर्श और समर्पण अतुलनीय है तथा GDS कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित हरित पहलों के महत्व पर जोर दिया।

यह सम्मेलन वित्तीय समावेशन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने में ग्रामीण डाक सेवकों के योगदान और समर्पण को सम्मानित करने का मंच बना। आंध्र प्रदेश पोस्टल सर्किल ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इंडिया पोस्ट और NSE के बीच MoU, अब पोस्ट ऑफिस से मिलेंगे म्यूचुअल फंड उत्पाद

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नई दिल्ली- डाक विभाग (Department of Posts) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत अब इंडिया पोस्ट के विशाल नेटवर्क के माध्यम से म्यूचुअल फंड उत्पादों का वितरण किया जाएगा।

देशभर में 1.64 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस के नेटवर्क का उपयोग करते हुए, डाक विभाग NSE के डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर निवेश सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में निवेश की अंतिम मील तक पहुंच सुनिश्चित होगी।

वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा

यह साझेदारी सरकार के वित्तीय समावेशन के विजन के अनुरूप है, जिसमें इंडिया पोस्ट की विश्वसनीयता और व्यापक पहुंच को NSE की तकनीकी विशेषज्ञता और बाजार संरचना के साथ जोड़ा जाएगा। इससे निवेशकों में जागरूकता, पारदर्शिता और पूंजी बाजार से जुड़े वित्तीय उत्पादों में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

नई दिल्ली में हुआ MoU पर हस्ताक्षर

इस समझौते पर डाक विभाग की ओर से मनीषा बंसल बादल और NSE की ओर से श्रीराम कृष्णन ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

MoU के तहत चयनित डाक विभाग कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर प्रमाणित म्यूचुअल फंड वितरक बनाया जाएगा। ये अधिकारी NSE प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके लिए NISM प्रमाणन और EUIN पंजीकरण अनिवार्य होगा।

ग्रामीण और टियर-2, टियर-3 शहरों में निवेश को बढ़ावा

यह पहल टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में म्यूचुअल फंड निवेश को बढ़ावा देगी, निवेशकों का भरोसा मजबूत करेगी और भारत को वित्तीय रूप से सशक्त समाज बनाने में मदद करेगी।

यह MoU 10 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित हुआ और तीन वर्षों तक मान्य रहेगा, जिसे आपसी सहमति से नवीनीकरण किया जा सकता है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत चयनित स्थानों पर पायलट परियोजना से होगी।


“भारत संपर्क” पहल के तहत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आईआईटी दिल्ली दौरा, छात्रों से संवाद

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“भारत संपर्क—भारत के युवा मस्तिष्कों से संवाद” जनसंपर्क पहल के अंतर्गत केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली परिसर का दौरा किया और विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।

आईआईटी दिल्ली परिसर में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रौद्योगिकी अंगीकरण, लॉजिस्टिक्स, नवाचार, अनुसंधान सहयोग तथा सार्वजनिक संस्थानों में युवाओं की भागीदारी जैसे विविध विषयों पर केंद्रीय मंत्री से विचार-विमर्श किया। केंद्रीय मंत्री ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक सेवा के रूपांतरण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

करियर के अवसरों और सरकारी संस्थानों के साथ प्रत्यक्ष जुड़ाव से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक व्यापक तकनीकी उन्नयन और संगठनात्मक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स, नागरिक-केंद्रित सेवाओं, वित्तीय समावेशन और डिजिटल सेवा वितरण में भारतीय डाक की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित सहयोग के माध्यम से विभाग से जुड़ने का आमंत्रण दिया।

नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास से जुड़े प्रश्नों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक अपने व्यापक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को, विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में, सशक्त सहयोग प्रदान करने की मजबूत स्थिति में है। उन्होंने बताया कि आईटी 2.0 आधुनिकीकरण परियोजना के अंतर्गत नई तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों को अपनाने से भारतीय डाक एक भरोसेमंद और भविष्य-तैयार सार्वजनिक सेवा संस्था के रूप में विकसित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती उपभोक्ता अपेक्षाओं और उभरते व्यावसायिक अवसरों के अनुरूप भारतीय डाक नए और बाजारोन्मुख उत्पादों एवं सेवाओं की शुरुआत कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली स्थित एन-जेन (नेक्स्ट जेनरेशन) कैंपस पोस्ट ऑफिस का भी दौरा किया, जो एन-जेन पहल के अंतर्गत पुनर्निर्मित देश का पहला डाकघर है। इस पहल का उद्देश्य कैंपस डाकघरों को युवा-केंद्रित, डिजिटल रूप से सक्षम और छात्र-प्रेरित सेवा केंद्रों में परिवर्तित करना है।

आईआईटी दिल्ली के एन-जेन पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए केंद्रीय मंत्री

पुनर्निर्मित एन-जेन कैंपस पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन किए गए इंटीरियर और वॉल आर्ट, निःशुल्क वाई-फाई, विद्यार्थियों के लिए समर्पित सेवा काउंटर, क्यूआर आधारित बुकिंग एवं डिजिटल भुगतान, पार्सल पैकिंग सुविधाएं तथा विद्यार्थियों के लिए रियायती स्पीड पोस्ट सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही डाक संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के लिए छात्र सहभागिता मॉडल भी शुरू किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली के भारती स्कूल ऑफ टेलीकम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट का भी दौरा किया, जहां विद्यार्थियों ने टैक्टाइल इंटरनेट और हैप्टिक रोबोटिक्स तकनीक में अत्याधुनिक प्रगति का प्रदर्शन किया। यह स्वदेशी रूप से विकसित समाधान अल्ट्रा-लो लेटेंसी नेटवर्क के माध्यम से मानव स्पर्श के वास्तविक समय में प्रसारण को संभव बनाता है, जिससे उपयोगकर्ता हैप्टिक फीडबैक के जरिए दूरस्थ वस्तुओं की बनावट, आकार, कठोरता और तापमान का अनुभव कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचार और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह तकनीक कौशल-आधारित शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं रखती है। यह भारत के डीप-टेक और ‘इंटरनेट ऑफ स्किल्स’ इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

डिजिटल इंडिया, अमृत काल सुधारों और युवा शक्ति की भागीदारी की सरकार की परिकल्पना के अनुरूप, एन-जेन पहल के तहत 31 मार्च 2026 तक 100 कैंपस-आधारित डाकघरों के पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, एनआईटी और राज्य विश्वविद्यालयों में 40 से अधिक एन-जेन डाकघरों का उद्घाटन किया जा चुका है।

भारतीय डाक नवाचार, सहभागिता और आधुनिक सार्वजनिक सेवा अवसंरचना के माध्यम से देश के युवाओं के साथ अपने जुड़ाव को लगातार मजबूत कर रही है, जिससे समावेशी और भविष्य-उन्मुख सेवा वितरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हो रही है।

केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी दिल्ली पोस्ट ऑफिस में विद्यार्थियों द्वारा डिजाइन की गई वॉल आर्ट की सराहना की


आईआईटी दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री

डाक विभाग ने देशभर में एटीएम अवसंरचना का किया आधुनिकीकरण

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नई दिल्ली- बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डाक विभाग ने देशभर में अपनी एटीएम अवसंरचना का आधुनिकीकरण किया है।

देश के विभिन्न डाकघरों में स्थापित ये 887 एटीएम नागरिकों को उनके घर के निकट आवश्यक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिससे डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने की सरकार की परिकल्पना को मजबूती मिल रही है।

इन एटीएम के माध्यम से ग्राहक आसानी से नकद निकासी, खाते की शेष राशि की जानकारी प्राप्त करने तथा अन्य बुनियादी बैंकिंग लेन-देन कर सकते हैं।

डाक विभाग ने देशभर में उपलब्ध अपनी एटीएम सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए सभी नागरिकों से अपील की है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय और डाक विभाग ने वित्तीय सेवाओं और बाजार पहुँच के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए

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सुदूर ग्रामीण विकास में समावेशी और सतत वृद्धि को तेजी देने के महत्वपूर्ण कदम के रूप में, ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) और डाक विभाग ने आज ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और बाजार तक पहुँच को बढ़ाने के लिए सम्मिलन संस्थागत करने हेतु सहयोग समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी संघीय बजट 2025 के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देती है, जिसमें भारत पोस्ट को ग्रामीण आर्थिक परिवर्तन के प्रमुख चालक के रूप में पुनःस्थापित करने पर जोर दिया गया है।

MoU पर 7 जनवरी 2026 को हस्ताक्षर किए गए, जिनमें माननीय केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री,शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, तथा कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी भी उपस्थित थे। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने वर्चुअली भाग लिया। दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार Whole-of-Government दृष्टिकोण के तहत समन्वित प्रयासों से साझा राष्ट्रीय उद्देश्यों की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व दृष्टि और समग्र विकास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण केवल अवसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर आजीविका सृजन, गरिमा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालयों और सशक्त ग्रामीण समुदायों के समन्वित प्रयासों से देश विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

अपने संबोधन में ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि भारत पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की अंतिम-मील डिलीवरी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित संस्थानों को प्रशिक्षण, इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट्स, पॉइंट-ऑफ़-सेल मशीन और प्रमाणन प्रदान किया जाएगा, जिससे वे विभिन्न वित्तीय सेवाओं और उत्पादों को सीधे घर-घर पहुंचा सकेंगे। इसमें डाकघर बचत योजनाएँ, सुकन्या समृद्धि योजना, नकद हस्तांतरण सेवाएँ सहित अन्य कई वित्तीय उत्पाद शामिल होंगे।

यह साझेदारी दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के ग्रामीण स्तर के संस्थागत नेटवर्क और भारत पोस्ट, IPPB और डाक सेवकों के व्यापक नेटवर्क को जोड़ती है। इस सम्मिलन से स्व-सहायता समूह (SHGs), महिला उद्यमियों, ग्रामीण उद्यमों और MSMEs को एकीकृत वित्तीय और लॉजिस्टिक सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

MoU के तहत:

  • DAY-NRLM ग्रामीण SHG परिवारों में भारत पोस्ट के बचत, जमा, बीमा और पेंशन उत्पादों को अपनाने को बढ़ावा देगा।

  • मिशन SHG महिलाओं को Business Correspondents (BC Sakhis) के रूप में पहचानकर उनका प्रशिक्षण, प्रमाणन और तैनाती सुनिश्चित करेगा।

  • भारत पोस्ट, IPPB के माध्यम से अंतःसंपर्क समर्थन प्रदान करेगा, जिसमें ऑनबोर्डिंग, तकनीकी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड, और कस्टमाइज्ड बीमा समाधान शामिल हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक अंतिम-मील पहुँच और गहरी होगी।

साझेदारी महिला-नेतृत्व वाले SHG उद्यमों के लिए नए बाजार अवसर भी खोलेगी, उन्हें भारत पोस्ट की लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम से जोड़ा जाएगा। मिशन SHG और फेडरेशन-स्तरीय उद्यमों की पहचान और क्षमता निर्माण में सहायता करेगा, जबकि भारत पोस्ट लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग और निर्यात सुविधा सेवाएँ प्रदान करेगा। इसके साथ ही SHG उत्पादों के प्रचार के लिए भारत पोस्ट नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा।

इस MoU से वित्तीय समावेशन में वृद्धि, बाजार तक पहुँच में सुधार और ग्रामीण महिलाओं एवं उद्यमियों के लिए सतत आजीविका के अवसर पैदा होंगे, जो समावेशी विकास और विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देंगे।


डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने इंडिया पोस्ट के लिए सक्रिय और रणनीतिक व्यवसाय विस्तार का आह्वान किया

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केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने इंडिया पोस्ट को व्यवसाय वृद्धि के लिए सक्रिय और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने उच्च जीएसटी योगदान देने वाले व्यवसायों और संस्थाओं तक सक्रिय रूप से पहुँच बनाने पर जोर दिया। साथ ही, प्रत्येक पोस्टल सर्किल में डेडिकेटेड मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव टीम गठित करने की वकालत की, जो लीड्स, कन्वर्ज़न और राजस्व की दैनिक निगरानी करे। मंत्री ने सर्किल प्रमुखों से स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, उद्योगों की उपस्थिति और व्यावसायिक संभावनाओं के अनुरूप कस्टमाइज़्ड ग्रोथ स्ट्रैटेजी लागू करने का भी आग्रह किया।

डॉ. चंद्र शेखर प्रमुख पोस्टल सर्किलों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए मासिक समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। ये बैठकें संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा निर्धारित त्रैमासिक निगरानी ढांचे के अंतर्गत आयोजित की जा रही हैं और अधिक बार निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वयं राज्य मंत्री द्वारा संचालित की जाती हैं। इन समीक्षाओं का उद्देश्य समस्याओं की शीघ्र पहचान, त्वरित सुधार और इंडिया पोस्ट के सेवा एवं प्रदर्शन लक्ष्यों की निरंतर पूर्ति सुनिश्चित करना है।

देश के सभी 24 पोस्टल सर्किलों को कवर करते हुए, चर्चाओं में परिचालन दक्षता, वित्तीय समावेशन, लॉजिस्टिक्स विस्तार और प्रौद्योगिकी-आधारित सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के अनुरूप हैं। इंडिया पोस्ट के व्यापक नेटवर्क को रेखांकित करते हुए, मंत्री ने संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग से डिलीवरी सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा बचत और बीमा कवरेज के विस्तार का आह्वान किया, ताकि देश की लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं को प्रभावी समर्थन मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मेल और पार्सल संचालन, बचत तथा बीमा—सभी प्रदर्शन संकेतकों में लोककल्याण और वित्तीय विवेक के बीच संतुलन रखा जाए।

राज्य मंत्री ने कर्नाटक सर्किल की जमीनी स्तर पर मजबूत प्रदर्शन और नए ग्राहकों व बाजारों के सफल अधिग्रहण के लिए सराहना की। उन्होंने पूर्वोत्तर सर्किल की भी प्रशंसा की, जहां 1.54 लाख नए बचत खाते खोले गए, PLI/RPLI के तहत ₹276 करोड़ का संकलन किया गया और एमएसएमई आउटरीच के लिए संरचित पहलें लागू की गईं।

डॉ. पेम्मासानी ने दोहराया कि डाक नेटवर्क के माध्यम से 1.4 अरब से अधिक नागरिकों की सेवा करना एक जिम्मेदारी के साथ-साथ अवसर भी है। उन्होंने कहा कि कुशल सेवाएं, डिजिटल अखंडता और वित्तीय विवेक—इंडिया पोस्ट को आत्मनिर्भर और भविष्य-तैयार संस्थान बनाने के मूल स्तंभ हैं।


अमरावती में VIT-AP विश्वविद्यालय परिसर में जेन-Z थीम वाला सब पोस्ट ऑफिस हुआ शुरू

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देशभर में कैंपस पोस्ट ऑफिसों के आधुनिकीकरण और उन्हें छात्र-केंद्रित सेवा केंद्रों के रूप में विकसित करने की पहल के तहत आज अमरावती स्थित VIT-AP विश्वविद्यालय परिसर में जेन-Z थीम वाले VIT-AP यूनिवर्सिटी सब पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन किया गया। इसका उद्घाटन ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने किया।


उद्घाटन समारोह में आंध्र प्रदेश सर्किल की मुख्य पोस्टमास्टर जनरल बी. पी. श्रीदेवी, VIT-AP विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. अरुलमोलिवरमन, गुंटूर जिले की कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  ए. थमीम अनासरिया, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. जगदीश चंद्र मुदिगंटी सहित इंडिया पोस्ट और विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

यह पहल युवाओं से जुड़ने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और विश्वविद्यालय परिसरों में आधुनिक, सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में इंडिया पोस्ट के परिवर्तन अभियान का अहम कदम है। नए रूप में तैयार इस पोस्ट ऑफिस को विशेष रूप से जेन-Z की सोच और पसंद को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, जिसमें आधुनिक सौंदर्य, नवाचार और रचनात्मकता का समावेश किया गया है।

जेन-Z थीम वाले इस पोस्ट ऑफिस में इंडिया पोस्ट साहित्य दीवार, कॉफी ज़ोन, फूसबॉल टेबल, फ्री वाई-फाई, मैगज़ीन स्टैंड और बेहतर डिजिटल सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यह छात्रों के लिए एक आकर्षक और सहज स्थान बन गया है। इस अवसर पर मंत्री द्वारा “VIT: जेन-Z थीम्ड पोस्ट ऑफिस ऑफ आंध्र प्रदेश” शीर्षक से एक विशेष डाक आवरण भी जारी किया गया।

अपने संबोधन में डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि यह पहल डाक विभाग की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत पारंपरिक पोस्ट ऑफिसों को भविष्य के अनुरूप जीवंत सेवा केंद्रों में बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास छात्रों को डाक, बैंकिंग, बीमा और डिजिटल सेवाओं से सहज व रोचक तरीके से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह कैंपस पोस्ट ऑफिस एक ही स्थान पर डाक, बैंकिंग और बीमा सेवाओं की सरल, डिजिटल और समेकित सुविधा प्रदान करता है, जिससे छात्रों में वित्तीय जागरूकता बढ़ेगी और इंडिया पोस्ट की नवाचार एवं ग्राहक-केंद्रित सेवा की सोच को मजबूती मिलेगी।


डाक विभाग की नागरिक-केंद्रित सेवाओं और नवाचारों से 2025 में व्यापक प्रभाव

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भारत सरकार के डाक विभाग (Department of Posts) ने वर्ष 2025 के दौरान नागरिक सेवाओं, डिजिटल समावेशन, वित्तीय समावेशन, निर्यात सुविधा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। डाक नेटवर्क को बहुउद्देशीय सेवा मंच के रूप में विकसित करते हुए कई नई पहलें लागू की गईं।

पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK):

विदेश मंत्रालय के सहयोग से देशभर में लोकसभा क्षेत्रों में POPSK स्थापित किए जा रहे हैं। 30 नवंबर 2025 तक 452 POPSK संचालित हो चुके हैं। जनवरी–नवंबर 2025 के दौरान 29 लाख से अधिक पासपोर्ट आवेदनों (1.54 लाख PCC सहित) का निपटान हुआ, जिससे डाक विभाग को ₹114.88 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। इसी अवधि में 10 नए POPSK शुरू किए गए।

पोस्ट ऑफिस आधार सेवाएं:

देशभर के डाकघरों में 13,352 आधार केंद्र स्थापित किए गए हैं। मोबाइल/लैपटॉप किट के माध्यम से कैंप मोड में सेवाएं देकर दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुंच बनाई गई। जनवरी–नवंबर 2025 में 2.35 करोड़ से अधिक आधार नामांकन/अपडेट किए गए और ₹129.13 करोड़ का राजस्व अर्जित हुआ। सियाचिन में देश का सबसे ऊंचा आधार केंद्र भी संचालित है।

हर घर तिरंगा अभियान 2025:

डाक विभाग ने हर घर तिरंगा 4.0 के तहत 28.13 लाख राष्ट्रीय ध्वजों का वितरण किया। पोस्ट ऑफिसों और ई-पोस्टऑफिस पोर्टल के माध्यम से बिक्री/वितरण हुआ, साथ ही जनभागीदारी के लिए रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

PMEGP इकाइयों का भौतिक सत्यापन:

KVIC के साथ समझौते के तहत जनवरी–नवंबर 2025 में 1.69 लाख PMEGP इकाइयों का सत्यापन किया गया, जिससे लाभार्थियों को समय पर सब्सिडी समायोजन में मदद मिली।

KYC सत्यापन और म्यूचुअल फंड पहल:

डाक विभाग ने UTI, SUUTI, Nippon India MF, SBI MF और AMFI के साथ समझौते कर लगभग 5 लाख KYC सत्यापन पूरे किए। अगस्त 2025 में AMFI के साथ समझौते के बाद डाकघरों के जरिए म्यूचुअल फंड वितरण की नई शुरुआत हुई, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में निवेश पहुंच बढ़ी।

BSNL सिम बिक्री व रिचार्ज:

सितंबर 2025 में BSNL के साथ MoU के बाद 1.64 लाख डाकघरों को BSNL सेवाओं के पॉइंट ऑफ सेल के रूप में सक्षम किया गया, जिससे डिजिटल डिवाइड कम करने में मदद मिलेगी।

आगामी पहलें:

  • TRAI के साथ ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी सर्वे

  • MSME उद्यम पंजीकरण सत्यापन

  • SIDBI के साथ उद्यम असिस्ट क्रेडिट पायलट

डिजिटल और वित्तीय सेवाएं:

जनवरी 2025 से आधार-आधारित e-KYC लागू, जिसके तहत 1.09 लाख खाते खुले और 24.45 लाख लेनदेन हुए। साथ ही ATM नेटवर्क का आधुनिकीकरण कर 1,000 एटीएम साइट्स अपग्रेड की गईं।

DIGIPIN – डिजिटल पता प्रणाली:

ISRO और IIT हैदराबाद के सहयोग से विकसित DIGIPIN को मार्च 2025 में लॉन्च किया गया। यह 4×4 मीटर ग्रिड आधारित स्थायी डिजिटल पता है, जिसे कई सरकारी प्लेटफॉर्म्स में एकीकृत किया गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात:

डाक घर निर्यात केंद्र (DNK) के जरिए 762 जिलों में 1,013 केंद्रों से 12.31 लाख निर्यात शिपमेंट (₹287 करोड़ मूल्य) सुगम बनाए गए। UPU मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका रही और रूस के साथ International Tracked Packet Service समझौता भी हुआ।

डाक टिकट और फिलैटली:

2025 में 42 स्मारक डाक टिकट और 47 कस्टमाइज़्ड ‘माय स्टैम्प’ जारी किए गए, जिनमें राष्ट्रीय उपलब्धियों, ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को दर्शाया गया।

कुल मिलाकर, 2025 में डाक विभाग ने नागरिक सुविधा, डिजिटल समावेशन, वित्तीय सशक्तिकरण और वैश्विक सहयोग को मजबूत करते हुए अपनी भूमिका को एक आधुनिक, बहुआयामी सेवा संस्थान के रूप में सुदृढ़ किया है।

बेंगलुरु में आचार्य इंस्टीट्यूट में कर्नाटक का पहला Gen Z पोस्ट ऑफिस उद्घाटन

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 भारत पोस्ट ने कर्नाटक का पहला Gen Z-थीम वाला आधुनिकीकृत पोस्ट ऑफिस — अचिट नगर पोस्ट ऑफिस — आचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु में उद्घाटित किया। यह पहल युवाओं के अनुकूल, तकनीक-सक्षम स्थान के रूप में डिज़ाइन की गई है, जिसका उद्देश्य डिजिटल पहुँच, रचनात्मक डिज़ाइन और सामुदायिक जुड़ाव को जोड़ना है, ताकि यह नई पीढ़ी की पसंद और आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

Gen Z पोस्ट ऑफिस पारंपरिक डाक घर को एक जीवंत और आधुनिक स्थान में बदल देता है, जिसमें वर्क कैफे, किताबों और बोर्ड गेम्स से भरा “बुक-बूथ”, और संस्थान के छात्रों द्वारा बनाए गए बेंगलुरु, इंडिया पोस्ट और आचार्य इंस्टीट्यूट की झलक को दर्शाने वाले चित्रकला कार्य शामिल हैं। इंटीरियर्स में वर्क कैफे की शैली अपनाई गई है, जिसमें फ्री वाई-फाई, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, लैपटॉप और मोबाइल के लिए चार्जिंग प्वाइंट, और कॉफी वेंडिंग मशीन शामिल हैं, जिससे यह छात्र-केंद्रित स्थान उत्पादकता और सामाजिक सहभागिता दोनों को प्रोत्साहित करता है।

सेल्फ-बुकिंग कियोस्क और QR कोड-आधारित त्वरित भुगतान विकल्प उपलब्ध हैं, जो उपयोग की सुविधा और डिजिटल भुगतान की सुविधा प्रदान करते हैं और Gen Z के DIY (Do-It-Yourself) मानसिकता को प्रोत्साहित करते हैं। “मायस्टैम्प” काउंटर पर आगंतुक व्यक्तिगत स्टैम्प प्रिंट करवा सकते हैं, जो भारत पोस्ट की स्मारकीय फिलाटेली (Commemorative Philately) की परंपरा को आधुनिक रूप देता है।

यह पोस्ट ऑफिस 17 दिसंबर 2025 को आचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बेंगलुरु में श्री प्रकाश, IPoS, मुख्य डाकपाल महानिदेशक, कर्नाटक डाक सर्कल द्वारा उद्घाटित किया गया, जिसमें डॉ. भगिरथी वी, निदेशक (अकादमिक), आचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स भी उपस्थित थे। इस अवसर पर विशेष डाक मुहर के साथ एक पिक्चर पोस्ट कार्ड भी जारी किया गया।

Gen Z पोस्ट ऑफिस के बारे में बोलते हुए, सुश्री सूर्य, IPoS, वरिष्ठ अधीक्षक पोस्ट ऑफिस, बेंगलुरु वेस्ट डिवीजन ने कहा, “इस स्थान की अवधारणा और निर्माण में छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने इसके डिज़ाइन को आकार देने में मदद की। यह सुनिश्चित करता है कि यह Gen Z के मूल्यों—सुलभता और रचनात्मकता—को प्रतिबिंबित करे और इस पहल के आदर्श वाक्य ‘छात्रों के लिए, छात्रों द्वारा, छात्रों का’ का पालन करे। यह पोस्ट ऑफिस परिसर में पार्सल पैकेजिंग सेवाएँ भी प्रदान करता है, जो छात्रों का समय बचाता है, तनाव कम करता है और उनके सामान को सीधे अध्ययन स्थान से सुरक्षित रूप से भेजना आसान बनाता है।”

भारत पोस्ट योजना बना रहा है कि इस प्रकार के Gen Z-थीम वाले पोस्ट ऑफिसों को देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में विस्तारित किया जाए, जिससे डाक सेवाएँ अधिक सुलभ, आकर्षक और भविष्य-तैयार बनें। तकनीक, डिज़ाइन और युवा सहभागिता को जोड़कर, भारत पोस्ट खुद को पारंपरिक संचार माध्यम से आधुनिक, जुड़े हुए और छात्र-मित्र केंद्र में बदल रहा है।


एआईआईएमएस विजयपुर में जम्मू एवं कश्मीर का पहला Gen Z पोस्ट ऑफिस उद्घाटन

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जम्मू और कश्मीर ने एआईआईएमएस विजयपुर परिसर में अपने पहले जनरेशन ज़ेड (Gen Z) पोस्ट ऑफिस के उद्घाटन के साथ एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। यह पहल डाक विभाग की व्यापक योजना के तहत विश्वविद्यालय परिसर स्थित डाक घरों को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। Gen Z पोस्ट ऑफिस का उद्देश्य पारंपरिक डाक सेवाओं को युवाओं-केंद्रित, तकनीक-सक्षम सेवा हब में बदलना है। इस उद्घाटन के साथ, एआईआईएमएस विजयपुर देश का पहला एआईआईएमएस बन गया है, जिसमें Gen Z पोस्ट ऑफिस स्थापित किया गया है।

Gen Z पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन 17 दिसंबर 2025 को प्रोफेसर (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता, कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एआईआईएमएस विजयपुर, डी. एस. वी. आर. मुरथी, मुख्य डाकपाल महानिदेशक, जम्मू एवं कश्मीर सर्कल, और शाह नवाज़ खान, वरिष्ठ अधीक्षक पोस्ट ऑफिस, जम्मू डाक डिविजन द्वारा किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ डाक अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और एआईआईएमएस विजयपुर के छात्र उपस्थित थे।

उद्घाटन अवसर पर प्रो. (डॉ.) शक्ति कुमार गुप्ता ने कहा कि परिसर में Gen Z पोस्ट ऑफिस की स्थापना एआईआईएमएस विजयपुर की आधुनिक, सुलभ और छात्र-मित्र सार्वजनिक सेवाएँ प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल डाक सेवाओं को युवाओं की बदलती आवश्यकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने, तकनीक-प्रधान और ग्राहक-केंद्रित समाधान अपनाने के उद्देश्य से की गई है।

Gen Z पोस्ट ऑफिस को विशेष रूप से जनरेशन ज़ेड की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। इसमें समकालीन वातावरण, डिजिटल भुगतान सुविधाएँ, सरल सेवा वितरण तंत्र और डाक, बैंकिंग तथा बीमा सेवाओं का एकीकृत एक्सेस शामिल है। उद्घाटन के अवसर को यादगार बनाने के लिए और जम्मू एवं कश्मीर सर्कल में पहला Gen Z पोस्ट ऑफिस होने का प्रतीक चिन्ह देने के लिए, उद्घाटन दिवस पर एक विशेष डाक मुहर जारी की गई, जो एआईआईएमएस विजयपुर पोस्ट ऑफिस से भेजे जाने वाले सभी आउटगोइंग मेल पर अंकित की गई।

यह पोस्ट ऑफिस छात्रों, स्वास्थ्य पेशेवरों और एआईआईएमएस विजयपुर से जुड़ी व्यापक समुदाय के बीच डाक बचत योजनाओं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और अन्य मूल्य-वर्धित सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी लक्ष्य रखता है।

यह पहल परिसर आधारित सार्वजनिक सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और डाक विभाग तथा एआईआईएमएस विजयपुर की नवाचार, सहयोग, समावेशिता और ग्राहक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ऐसी पहलों के माध्यम से, इंडिया पोस्ट पारंपरिक डाक घरों को आधुनिक, जुड़े हुए और भविष्य के लिए तैयार सेवा हब में बदलने की अपनी यात्रा जारी रख रहा है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोल्हापुर में ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में 6,000 डाक कर्मचारियों को संबोधित किया

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 केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 13 दिसंबर 2025 को कोल्हापुर में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में गोवा और पुणे क्षेत्र के लगभग 6,000 ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को संबोधित किया।

सम्मेलन में मंत्री का संबोधन

सिंधिया ने महाराष्ट्र की स्थानीय भाषा मराठी में अपने मार्मिक संबोधन में डाक कर्मचारियों की निष्ठापूर्ण सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने डाकियों को “विश्वास के पुल” बताते हुए कहा कि वे केवल पत्र नहीं पहुँचाते, बल्कि हर घर तक बैंकिंग, बीमा और सरकारी सेवाओं को भी पहुँचाते हैं। उन्होंने ग्रामीण भारत को जोड़ने और देश के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन में उन्होंने डाक कर्मचारियों के लिए लागू कई कल्याण सुधारों का स्मरण कराया, जैसे कि ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों का केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश, भत्तों में वृद्धि, नए यूनिफॉर्म और जैकेट डिज़ाइन का परिचय, और प्रोजेक्ट एरो। उन्होंने कहा कि ये पहलें सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं जो अपने फील्ड कार्यबल की सुनती और उन्हें सशक्त बनाती है।

इंडिया पोस्ट का योगदान

सिंधिया ने भारत पोस्ट की अद्वितीय उपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में 1.65 लाख से अधिक डाकघर हैं जो लगभग 6.5 लाख गांवों को सेवाएँ प्रदान करते हैं। उन्होंने विभाग को एक आधुनिक लॉजिस्टिक्स और सेवा केंद्र में बदलने का आह्वान किया, जो नवाचार, विश्वसनीयता और मूल्य आधारित दृष्टिकोण से संचालित हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण “डाकिया अब बैंक लाया” को स्मरण करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे इंडिया पोस्ट ने केवल पत्र वितरण से आगे बढ़कर वित्तीय समावेशन और नागरिक सेवाओं का विश्वसनीय माध्यम बनकर अपनी सेवा भावना “सेवा भाव” को बनाए रखा है।

उत्कृष्ट डाक सेवकों का सम्मान

सम्मेलन का एक मुख्य आकर्षण महाराष्ट्र के 10 उत्कृष्ट ग्रामीण डाक सेवकों का सम्मान था। केंद्रीय मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक पुरस्कार विजेता से संवाद किया और उन्हें नई इंडिया पोस्ट जैकेट, कैप और डाकिया बैग पहनाया, जो डाक सेवा में गरिमा, पहचान और गर्व का प्रतीक बना। इस पहल को उपस्थित कर्मचारियों ने जोरदार तालियों और भावपूर्ण सराहना के साथ स्वीकार किया।

अन्य प्रमुख अतिथिगण

डायस पर छत्रपति शाहू महाराज, कोल्हापुर के सांसद; धनंजय महाडिक, कोल्हापुर के सांसद; जितेन्द्र गुप्ता, महानिदेशक, डाक सेवाएँ;  सुवेंदु कुमार स्वैन, सदस्य (पर्सनेल), डाक सेवा बोर्ड और अमिताभ सिंह, मुख्य डाकपाल, महाराष्ट्र सर्कल उपस्थित रहे।

एआई आधारित “भाषिणी” मंच का उपयोग

इस अवसर पर एआई-आधारित “भाषिणी” मंच का उपयोग किया गया, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत विकसित किया गया है। इस पहल ने भाषाई और सांस्कृतिक अंतर को पाटने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के माध्यम से एक समावेशी और बहुभाषी डिजिटल भारत के निर्माण में सरकार की दृष्टि को प्रदर्शित किया।

समापन

सिंधिया ने सभी डाक कर्मचारियों से गर्व, निष्ठा और नवाचार के साथ सेवा जारी रखने का आह्वान किया और देश सेवा और परिवर्तन की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन का समापन उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए “धन्यवाद, जय हिंद” के साथ किया।

बॉम्बे जिमखाना की 150वीं वर्षगांठ पर डाक विभाग ने जारी किया स्मारक डाक टिकट

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 डाक विभाग ने बॉम्बे जिमखाना की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में स्मारक डाक टिकट जारी किया है, जो इसके खेल उत्कृष्टता की समृद्ध विरासत और राष्ट्र में इसके स्थायी सांस्कृतिक योगदान का जश्न मनाता है।

यह स्मारक डाक टिकट मुंबई के बॉम्बे जिमखाना में केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा जारी किया गया, जिसमें राज्यसभा सदस्य मिलिंद देओरा, बॉम्बे जिमखाना के अध्यक्ष संजीव सारन मेहरा, पोस्टमास्टर जनरल, नवी मुंबई क्षेत्र, सुचिता जोशी, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं बॉम्बे जिमखाना के सदस्यों की उपस्थिति रही।

बॉम्बे जिमखाना की 150वीं वर्षगांठ पर स्मारक डाक टिकट का विमोचन

इस अवसर पर बोलते हुए, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आशा व्यक्त की कि यह स्मारक डाक टिकट प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में यात्रा करता हुए संदेशवाहक की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे खेल में कहानियां और मूल्य छिपे होते हैं, वैसे ही यह टिकट भी युवाओं को खेलों में भाग लेने, सक्रिय रहने और संस्थाओं की सकारात्मक भूमिका में विश्वास रखने के लिए प्रेरित करेगा।

सिंधिया ने भारत पोस्ट और बॉम्बे जिमखाना क्लब के बीच समानता की ओर इशारा करते हुए कहा कि दोनों संस्थाएं भावनाओं को संप्रेषित करने, लोगों को जोड़ने और पीढ़ियों को जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और अडिग समर्थन के तहत डाक विभाग एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है—यह अपनी पारंपरिक प्रणालियों को पुनर्परिभाषित कर रहा है, सेवा विस्तार कर रहा है और अगले पांच वर्षों में दुनिया का सबसे बड़ा और सर्वसमावेशी लॉजिस्टिक्स संगठन बनने की दिशा में अग्रसर है।

1875 में स्थापित, बॉम्बे जिमखाना भारत की खेल और सामाजिक विरासत में एक प्रतिष्ठित स्तंभ के रूप में खड़ा है। इसने कई पीढ़ियों के खिलाड़ियों का पोषण किया और सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों का एक जीवंत केंद्र बनकर कार्य किया। डेढ़ शताब्दी के दौरान इस संस्थान ने खेल भावना, सहयोग और सामुदायिक जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

स्मारक डाक टिकट का विवरण

इस विशेष डाक टिकट में बॉम्बे जिमखाना के प्रतिष्ठित परिसर और मैदान को खूबसूरती से चित्रित किया गया है, जो इसके स्थायी विरासत और भारत के खेल क्षेत्र में योगदान का प्रतीक है।

इस विशेष अंक के माध्यम से डाक विभाग ने संस्था के 150 वर्षों के सफर को सम्मानित किया और भारत की समृद्ध खेल उपलब्धियों को फिलाटेली (डाक टिकट संग्रहण) के माध्यम से संरक्षित और प्रदर्शित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

स्मारक डाक टिकट जनता के लिए फिलाटेलिक ब्यूरो और ऑनलाइन www.epostoffice.gov.in के माध्यम से उपलब्ध होगा।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का संबोधन

सिंधिया ने इस अवसर पर यह भी कहा कि बॉम्बे जिमखाना न केवल खेलों में उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में प्रेरणा और नेतृत्व कौशल को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने डाक विभाग के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह स्मारक डाक टिकट भविष्य की पीढ़ियों को इस ऐतिहासिक संस्था की विरासत से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

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