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धर्मनगरी आरंग में मोरध्वज महोत्सव संपन्न, कवियों के हास्य व्यंग्य के बीच करीब 3 घंटे रहे मुख्यमंत्री साय

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आरंग- दानशीलता और धर्म नगरी आरंग में  दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का गरिमामय समापन  हो गया है। 15 और 16 जनवरी के दो दिवसीय  आयोजन में  प्रख्यात कवि कुमार विश्वास के हास्य व्यंग्य के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करीब तीन घंटे तक आरंग में रहे।

महोत्सव के अंतिम दिन लोरिक चंदा,  राजा मोरध्वज की नाट्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहा। स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देर शाम तक समां बांधा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवियों का पहली बार आरंग में कवि सम्मेलन ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया।

मुख्यमंत्री ने दी सौगातें

महोत्सव समापन समारोह के मुख्य अतिथि और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर मंच से ही अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत समोदा  स्थित उपतहसील को पूर्ण तहसील बनाए जाने की घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राजा मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने इनडोर स्टेडियम एवं खेल परिसर का नामकरण “राजा मोरध्वज खेल परिसर” किए जाने की भी घोषणा की। इन घोषणाओं के बाद महोत्सव स्थल  तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 

मुख्यमंत्री का प्रेरक संबोधन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राजा मोरध्वज ने दानशीलता और धर्म परायण की जो मिसाल पेश की है, वह अद्वितीय है। आरंग स्थित बाबा बागेश्वरनाथ महादेव की पूजा अर्चना करके वनवास के दौरान भगवान श्रीराम आगे बढ़े। यह सिद्ध पीठ आज भी जन-जन के आस्था का केंद्र है। 

मुख्यमंत्री ने आरंग को धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशिष्ट बताते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे राजा मोरध्वज के आदर्श—त्याग, सत्य और जनसेवा—को अपने जीवन में अपनाएँ। अंत में उन्होंने राजा मोरध्वज को नमन करते हुए संयोजक गुरु खुशवंत साहेब और आरंग की जनता को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

बाबा बागेश्वरनाथ का दर्शन पूजा 

आरंग पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने बाबा बागेश्वरनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और छत्तीसगढ़ की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब, आयोजन संयोजक कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, ध्रुव कुमार मिर्धा, पीठाधीश राजीव लोचन महाराज, विधायक रोहित साहू, इंद्र कुमार साहू, आरंग नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष टाकेश्वरी मुरली साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं मंडल-निगम के अध्यक्ष उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय शर्मा और विनोद गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. संदीप जैन ने किया।

विशिष्ट सेवा के लिए मोरध्वज अलंकरण सम्मान

महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को “मोरध्वज अलंकरण सम्मान” से सम्मानित किया गया। इनमें 5 व्यक्तिगत और एक संस्थागत कुल 6 अलंकरण में प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। 

दानशीलता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान  स्व. भागीरथी लाल अग्रवाल के पौत्र आशीष कुमार अग्रवाल,  गौ-सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए राहुल जोशी, खेल-कूद के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  भुवन लाल नशीने, शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  मुरली मनोहर देवांगन, कला एवं संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान प्रभुलाल साहनी और उनके पुत्र लल्ला साहनी को मोरध्वज अलंकरण से विभूषित किया गया।

समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए संस्थागत सम्मान पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग को प्रदान किया गया। संरक्षक आनंदराम साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर और संयोजक महेन्द्र पटेल को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान देते हुए महोत्सव के संयोजक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आरंग में इस महोत्सव का फाउंडेशन इसी संस्था ने रखी है, जो अब भव्य रूप ले चुका है। 

भक्ति से सांस्कृतिक संध्या तक

महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह 9 बजे माता गायत्री यज्ञ–हवन से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की पवित्र अग्नि के बीच नगरवासियों ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। दोपहर 2 से 5 बजे तक स्कूल एवं कॉलेज के छात्र–छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति, लोकसंस्कृति और सामाजिक संदेशों से भरपूर नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन कार्यक्रमों का संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल और अरविंद वैष्णव ने किया।

ऐतिहासिक कवि सम्मेलन ने बांधा समां

महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित क्षण रात साढ़े 10 बजे आया, जब देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास के कवि सम्मेलन से आयोजन का भव्य समापन हुआ। उनके साथ हास्य कवि रोहित शर्मा, श्रृंगार रस की कवियत्री साक्षी तिवारी, हास्य-व्यंग्य के सशक्त कवि दिनेश बावरा तथा वीर रस के कवि विनीत चौहान ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और राष्ट्रभाव से भरी कविताओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। तालियों की गूंज और भावनाओं का सैलाब आयोजन की ऐतिहासिक सफलता का साक्षी बना। मुख्यमंत्री भी देर रात तक कवि सम्मेलन में समापन तक बैठे रहे।

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