Media24Media.com: सिरोही में NCB और राजस्थान पुलिस का बड़ा धमाका: 100 किलो मेफेड्रोन बनाने वाली गुप्त लैब का भंडाफोड़

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

सिरोही में NCB और राजस्थान पुलिस का बड़ा धमाका: 100 किलो मेफेड्रोन बनाने वाली गुप्त लैब का भंडाफोड़

Document Thumbnail

ड्रग्स के प्रति मोदी सरकार की शून्य सहनशीलता नीति को आगे बढ़ाते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राजस्थान पुलिस ने राजस्थान के सिरोही जिले के एक दूरस्थ गाँव में स्थित एक गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया है। सैकड़ों किलोग्राम रसायन बरामद किए गए हैं, जो लगभग 100 किलोग्राम मेफेड्रोन तैयार करने के लिए पर्याप्त थे, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये है। मास्टरमाइंड सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मेफेड्रोन राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में तेजी से उपयोग होने वाला एक साइकोट्रॉपिक ड्रग बन गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत सरकार ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर ड्रग फ्री भारत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

एनसीबी ने राजस्थान में जिला स्तरीय NCORD बैठकों के माध्यम से जिला पुलिस को लगातार संवेदनशील बनाया। पुलिस को यह भी बताया गया कि यदि किसी स्थान पर संदिग्ध ढंग से रसायनों के ड्रम और लैब उपकरण मिले तो यह गुप्त लैब का संकेत हो सकता है। खिड़कियों का ढका होना, अत्यधिक वेंटिलेशन, दीवारों पर रसायन के दाग, आवासीय स्थान को लैब में बदलना आदि भी रेड फ्लैग बताए गए।

6 नवंबर 2025 को, राजस्थान के सिरोही जिले के डांताराइ गाँव में पुलिस को एक फार्महाउस में रसायनों से भरे ड्रम और लैब उपकरण मिले। पुलिस ने तुरंत यह सूचना एनसीबी, जोधपुर को दी। एनसीबी की टीम मौके पर पहुँची और वहाँ एक गुप्त लैब के स्पष्ट संकेत मिले। बरामद रसायन 100 किलो मेफेड्रोन बनाने के लिए पर्याप्त थे। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU), गाँधीनगर की टीम ने जाँच कर इसकी पुष्टि की।

जाँच के दौरान मास्टरमाइंड वाला राम सहित पाँच लोगों को राजस्थान और गुजरात के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया। वाला राम, जो जालोर जिले का रहने वाला है, स्नातक है और कई प्रतियोगी परीक्षाओं (जिसमें सिविल सेवा भी शामिल है) में असफल रहने के बाद जल्दी पैसा कमाने के लिए मेफेड्रोन बनाने के धंधे में उतर गया। उसने फार्महाउस अपने साथी भूला राम के नाम पर लीज पर लिया और वर्चुअल सिम एवं डार्कनेट का उपयोग कर यह नेटवर्क चलाया। रसायन और उपकरण उसने अंकलेश्वर, गुजरात से खरीदे थे।

जाँच में यह भी खुलासा हुआ कि वे पहले ही 8 किलो मेफेड्रोन बना चुके हैं, जिसमें से 2 किलो 28 अक्टूबर 2025 को CBN ने जब्त किया था। उपयोग में लाई गई वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।

यह कार्रवाई NCB और राजस्थान पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिन्होंने मात्र 5 दिनों में न केवल गुप्त लैब बल्कि पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर लिया।

एनसीबी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी स्थान पर रसायनों और लैब उपकरणों का संदिग्ध उपयोग दिखे तो नजदीकी पुलिस या एनसीबी को तुरंत सूचित करें। आप NCB के MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 पर भी जानकारी दे सकते हैं।

Advertisement Sushasan Divas Advertisement Mohan Chandrakar Chhattisgarh Tourism Chhattisgarh Tourism
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.