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जयपुर में राजस्थान पुलिस के 8 हजार से अधिक नव-नियुक्त कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र, गृह मंत्री अमित शाह ने किया संबोधन

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केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज जयपुर में राजस्थान पुलिस के नव-नियुक्त कांस्टेबलों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन राजस्थान पुलिस और राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज 8 हजार से अधिक युवा राजस्थान पुलिस में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये युवा पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए अपना जीवन समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि एक ओर हजारों जवानों को वर्दी मिली है, वहीं दूसरी ओर उनके परिवारों और परिजनों के मन में एक नई आशा का संचार हुआ है।

अमित शाह ने कहा कि आज मल्टीपर्पज़ इंडोर हॉल का वर्चुअल उद्घाटन किया गया तथा चूरू जिले के रतननगर पुलिस थाने को राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि आज नियुक्ति पत्र पाने वाले 8 हजार से अधिक कांस्टेबलों में 2500 से अधिक महिला कांस्टेबल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने इन युवाओं को बिना किसी रिश्वत और सिफारिश के, केवल उनकी योग्यता, क्षमता और मेरिट के आधार पर नौकरी दी है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के अंत और मेरिट के सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कोई भी राज्य तभी आगे बढ़ सकता है, जब वहां प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर मिले और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल जी ने पिछली सरकार के दौरान हो रहे पेपर लीक की श्रृंखला को समाप्त कर राजस्थान को इस अभिशाप से मुक्त किया है। उन्होंने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया तकनीक आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई है। वर्ष 2025 में शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत आज नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी युवा मार्च 1949 में स्थापित राजस्थान पुलिस का हिस्सा बनेंगे, जिस पर उन्हें गर्व होना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि राजस्थान पुलिस देश की सबसे सक्षम और उन्नत पुलिस बलों में से एक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं—एक ओर पाकिस्तान के साथ 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा, चंबल के बीहड़ और विशाल थार मरुस्थल हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल, ऐतिहासिक किले और महल तथा रणथंभौर, सरिस्का और केवलादेव जैसे अभयारण्य हैं। इन परिस्थितियों में पुलिस की जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। उन्होंने नव-नियुक्त जवानों से प्रशिक्षण के दौरान पूरी एकाग्रता और सतर्कता बनाए रखने का आग्रह किया, ताकि वे सुरक्षित राजस्थान के सपने को साकार कर सकें।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भजन लाल सरकार के गठन के बाद राजस्थान में कुल अपराधों में लगभग 14 प्रतिशत और गंभीर अपराधों में 19 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि राज्य में हत्या में 25 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 19 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 10 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 28 प्रतिशत, डकैती में 47 प्रतिशत और लूट में 51 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जब मजबूत इच्छाशक्ति वाली सरकार सत्ता में आती है, तो ऐसा सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।

अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस ने कई नई पहलें की हैं। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया गया है, पुलिस आधुनिकीकरण के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। अभय कमांड सेंटर को CCTNS, 112 और ICJS से जोड़ा गया है। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट शुरू की गई है और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए आज राजस्थान में I4C की तर्ज पर साइबर हेल्पलाइन शुरू की गई है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नव-नियुक्त जवान ऐसे समय में अपने सेवाकाल की शुरुआत कर रहे हैं, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में 150 साल पुराने ब्रिटिश कानूनों को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता लागू की गई है। यह राजस्थान पुलिस का पहला बैच होगा, जो नए आपराधिक कानूनों के तहत सेवा में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि नए कानून नागरिकों के तन, मन, धन और सम्मान की सुरक्षा की संवैधानिक गारंटी को सशक्त बनाते हैं। नए कानूनों में तकनीक को विशेष महत्व दिया गया है और आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी पांच स्तंभ—पुलिस, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक साइंस लैब और न्यायालय—को ऑनलाइन जोड़ा गया है।

अमित शाह ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास तभी संभव है, जब वहां कानून-व्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपराधों में कमी और सजा दर में वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि जब सुशासन वाली सरकार आती है तो सकारात्मक परिणाम निश्चित होते हैं। उन्होंने कहा कि भजन लाल सरकार ने पेपर लीक समाप्त किए, कानून-व्यवस्था मजबूत की और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राजस्थान को देश का अग्रणी निवेश गंतव्य बना दिया है। आज देशभर के निवेशक राजस्थान आने की होड़ में हैं, जो राज्य के उज्ज्वल भविष्य को दर्शाता है।

सिरोही में NCB और राजस्थान पुलिस का बड़ा धमाका: 100 किलो मेफेड्रोन बनाने वाली गुप्त लैब का भंडाफोड़

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ड्रग्स के प्रति मोदी सरकार की शून्य सहनशीलता नीति को आगे बढ़ाते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राजस्थान पुलिस ने राजस्थान के सिरोही जिले के एक दूरस्थ गाँव में स्थित एक गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया है। सैकड़ों किलोग्राम रसायन बरामद किए गए हैं, जो लगभग 100 किलोग्राम मेफेड्रोन तैयार करने के लिए पर्याप्त थे, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये है। मास्टरमाइंड सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मेफेड्रोन राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में तेजी से उपयोग होने वाला एक साइकोट्रॉपिक ड्रग बन गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत सरकार ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर ड्रग फ्री भारत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

एनसीबी ने राजस्थान में जिला स्तरीय NCORD बैठकों के माध्यम से जिला पुलिस को लगातार संवेदनशील बनाया। पुलिस को यह भी बताया गया कि यदि किसी स्थान पर संदिग्ध ढंग से रसायनों के ड्रम और लैब उपकरण मिले तो यह गुप्त लैब का संकेत हो सकता है। खिड़कियों का ढका होना, अत्यधिक वेंटिलेशन, दीवारों पर रसायन के दाग, आवासीय स्थान को लैब में बदलना आदि भी रेड फ्लैग बताए गए।

6 नवंबर 2025 को, राजस्थान के सिरोही जिले के डांताराइ गाँव में पुलिस को एक फार्महाउस में रसायनों से भरे ड्रम और लैब उपकरण मिले। पुलिस ने तुरंत यह सूचना एनसीबी, जोधपुर को दी। एनसीबी की टीम मौके पर पहुँची और वहाँ एक गुप्त लैब के स्पष्ट संकेत मिले। बरामद रसायन 100 किलो मेफेड्रोन बनाने के लिए पर्याप्त थे। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU), गाँधीनगर की टीम ने जाँच कर इसकी पुष्टि की।

जाँच के दौरान मास्टरमाइंड वाला राम सहित पाँच लोगों को राजस्थान और गुजरात के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया। वाला राम, जो जालोर जिले का रहने वाला है, स्नातक है और कई प्रतियोगी परीक्षाओं (जिसमें सिविल सेवा भी शामिल है) में असफल रहने के बाद जल्दी पैसा कमाने के लिए मेफेड्रोन बनाने के धंधे में उतर गया। उसने फार्महाउस अपने साथी भूला राम के नाम पर लीज पर लिया और वर्चुअल सिम एवं डार्कनेट का उपयोग कर यह नेटवर्क चलाया। रसायन और उपकरण उसने अंकलेश्वर, गुजरात से खरीदे थे।

जाँच में यह भी खुलासा हुआ कि वे पहले ही 8 किलो मेफेड्रोन बना चुके हैं, जिसमें से 2 किलो 28 अक्टूबर 2025 को CBN ने जब्त किया था। उपयोग में लाई गई वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।

यह कार्रवाई NCB और राजस्थान पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिन्होंने मात्र 5 दिनों में न केवल गुप्त लैब बल्कि पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर लिया।

एनसीबी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी स्थान पर रसायनों और लैब उपकरणों का संदिग्ध उपयोग दिखे तो नजदीकी पुलिस या एनसीबी को तुरंत सूचित करें। आप NCB के MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 पर भी जानकारी दे सकते हैं।

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