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मध्य प्रदेश में CBN की बड़ी कार्रवाई: मेथामफेटामिन फैक्ट्री का भंडाफोड़, 51.992 किलो MD जब्त

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मध्य प्रदेश में अब तक किसी एजेंसी द्वारा की गई सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक में, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के अधिकारियों ने तीन दिनों तक चले अभियान के दौरान इंदौर जिले के महू तहसील के थावलाय गांव में स्थित एक अवैध ड्रग फैक्ट्री का पता लगाया।

इस दौरान 43.820 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली मेथामफेटामिन (MD), 260 किलोग्राम से अधिक रसायन और अत्याधुनिक उपकरण जब्त किए गए। पूरे ऑपरेशन में कुल 51.992 किलोग्राम MD बरामद हुई। सभी जब्त पदार्थ और रसायन NDPS अधिनियम, 1985 के तहत जब्त किए गए।

बस में पकड़े गए आरोपी, 8.172 किलो MD बरामद

13 फरवरी 2026 की रात, CBN नीमच शाखा को मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, मंदसौर में एक बस में यात्रा कर रहे दो यात्रियों से 8.172 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामिन बरामद की गई।

CBN की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बस को रोका और NDPS अधिनियम के तहत तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक यात्री के पास संदिग्ध बॉक्स मिला, जिसमें उसने MD होने की बात स्वीकार की। दूसरे साथी से भी बॉक्स बरामद हुआ। दोनों आरोपियों ने ड्रग्स रखने की बात स्वीकार की और बताया कि वे इसे सीधे एक गुप्त लैब से ला रहे थे।

गुप्त लैब का पता लगाया गया

जानकारी मिलने के बाद CBN ने नीमच, मंदसौर, जावरा और उज्जैन की संयुक्त विशेष टीम बनाई और संदिग्ध लैब की तलाश शुरू की। जांच के बाद महू के पास लैब का पता चला।

14 फरवरी 2026 की सुबह संदिग्ध परिसर की पहचान की गई, लेकिन तेज रासायनिक गैस और बदबू के कारण तुरंत प्रवेश नहीं किया जा सका। स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए PPE (सुरक्षा उपकरण) के साथ विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया।

आधुनिक मशीनरी और तकनीकी टीम की मदद

लैब में आधुनिक मशीनरी और प्लांट लगे थे। इन्हें हटाने के लिए Government Opium and Alkaloid Works (GOAW), नीमच के इंजीनियर और रसायन विशेषज्ञों की मदद ली गई। मशीनरी को हटाकर जब्त किया गया और पूरी कार्रवाई 15 फरवरी 2026 की सुबह पूरी हुई।

आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

मंदसौर में पकड़े गए दोनों आरोपियों पर NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिस घर में लैब चल रही थी, उसके मालिक को भी हिरासत में लिया गया है।
आगे की जांच में ड्रग्स के निर्माण और वितरण से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

CBN का संदेश

CBN ने कहा कि यह कार्रवाई उनकी प्रतिबद्धता, समन्वय और तेजी से की गई खुफिया कार्रवाई का उदाहरण है। एजेंसी ने नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और भारत को ड्रग-फ्री बनाने का संकल्प दोहराया।


सिरोही में NCB और राजस्थान पुलिस का बड़ा धमाका: 100 किलो मेफेड्रोन बनाने वाली गुप्त लैब का भंडाफोड़

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ड्रग्स के प्रति मोदी सरकार की शून्य सहनशीलता नीति को आगे बढ़ाते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और राजस्थान पुलिस ने राजस्थान के सिरोही जिले के एक दूरस्थ गाँव में स्थित एक गुप्त ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया है। सैकड़ों किलोग्राम रसायन बरामद किए गए हैं, जो लगभग 100 किलोग्राम मेफेड्रोन तैयार करने के लिए पर्याप्त थे, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये है। मास्टरमाइंड सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मेफेड्रोन राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में तेजी से उपयोग होने वाला एक साइकोट्रॉपिक ड्रग बन गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत सरकार ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर ड्रग फ्री भारत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

एनसीबी ने राजस्थान में जिला स्तरीय NCORD बैठकों के माध्यम से जिला पुलिस को लगातार संवेदनशील बनाया। पुलिस को यह भी बताया गया कि यदि किसी स्थान पर संदिग्ध ढंग से रसायनों के ड्रम और लैब उपकरण मिले तो यह गुप्त लैब का संकेत हो सकता है। खिड़कियों का ढका होना, अत्यधिक वेंटिलेशन, दीवारों पर रसायन के दाग, आवासीय स्थान को लैब में बदलना आदि भी रेड फ्लैग बताए गए।

6 नवंबर 2025 को, राजस्थान के सिरोही जिले के डांताराइ गाँव में पुलिस को एक फार्महाउस में रसायनों से भरे ड्रम और लैब उपकरण मिले। पुलिस ने तुरंत यह सूचना एनसीबी, जोधपुर को दी। एनसीबी की टीम मौके पर पहुँची और वहाँ एक गुप्त लैब के स्पष्ट संकेत मिले। बरामद रसायन 100 किलो मेफेड्रोन बनाने के लिए पर्याप्त थे। राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU), गाँधीनगर की टीम ने जाँच कर इसकी पुष्टि की।

जाँच के दौरान मास्टरमाइंड वाला राम सहित पाँच लोगों को राजस्थान और गुजरात के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया। वाला राम, जो जालोर जिले का रहने वाला है, स्नातक है और कई प्रतियोगी परीक्षाओं (जिसमें सिविल सेवा भी शामिल है) में असफल रहने के बाद जल्दी पैसा कमाने के लिए मेफेड्रोन बनाने के धंधे में उतर गया। उसने फार्महाउस अपने साथी भूला राम के नाम पर लीज पर लिया और वर्चुअल सिम एवं डार्कनेट का उपयोग कर यह नेटवर्क चलाया। रसायन और उपकरण उसने अंकलेश्वर, गुजरात से खरीदे थे।

जाँच में यह भी खुलासा हुआ कि वे पहले ही 8 किलो मेफेड्रोन बना चुके हैं, जिसमें से 2 किलो 28 अक्टूबर 2025 को CBN ने जब्त किया था। उपयोग में लाई गई वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।

यह कार्रवाई NCB और राजस्थान पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिन्होंने मात्र 5 दिनों में न केवल गुप्त लैब बल्कि पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर लिया।

एनसीबी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी स्थान पर रसायनों और लैब उपकरणों का संदिग्ध उपयोग दिखे तो नजदीकी पुलिस या एनसीबी को तुरंत सूचित करें। आप NCB के MANAS हेल्पलाइन नंबर 1933 पर भी जानकारी दे सकते हैं।

मुंबई हवाई अड्डे पर DRI की बड़ी कार्रवाई: महिला यात्री से ₹47 करोड़ मूल्य की कोकीन बरामद

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राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को करारा झटका देते हुए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर एक महिला यात्री से 4.7 किलोग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी काला बाज़ार में अनुमानित कीमत लगभग ₹47 करोड़ बताई जा रही है। यह महिला कोलंबो से मुंबई पहुंची थी।

विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने यात्री को आगमन के तुरंत बाद रोका और उसके सामान की गहन जांच की। जांच के दौरान कॉफी के पैकेटों में छिपाए गए नौ पाउच मिले, जिनमें सफेद पाउडर जैसा पदार्थ था। एनडीपीएस फील्ड किट से जांच करने पर यह कोकीन पाई गई।

तेजी से की गई अनुवर्ती कार्रवाई में, डीआरआई ने इस गिरोह से जुड़े चार अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया — जिनमें एक व्यक्ति हवाई अड्डे पर माल प्राप्त करने आया था, जबकि तीन अन्य वित्तपोषण, लॉजिस्टिक्स और वितरण नेटवर्क से जुड़े पाए गए। सभी पांचों आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है।

हाल के डीआरआई अभियानों से यह चिंताजनक प्रवृत्ति सामने आई है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट भारतीय महिलाओं का उपयोग बतौर कुरियर कर रहे हैं, और मादक पदार्थों को खाद्य वस्तुओं या सामान्य उपभोक्ता उत्पादों में छिपाकर तस्करी करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि पकड़ से बचा जा सके।

डीआरआई इस पूरे अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की गहन जांच कर रहा है। संगठन “नशा मुक्त भारत” के दृष्टिकोण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मादक पदार्थ आपूर्ति श्रृंखलाओं को ध्वस्त कर भारत के युवाओं, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए निरंतर अभियानरत है।


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