Media24Media.com: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने AIIMS बिलासपुर के 3वें स्थापना दिवस समारोह में की अध्यक्षता

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने AIIMS बिलासपुर के 3वें स्थापना दिवस समारोह में की अध्यक्षता

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बिलासपुर- केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज हिमाचल प्रदेश में AIIMS बिलासपुर के तीसरे स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर अनुराग ठाकुर (लोकसभा सांसद), हर्ष महाजन (राज्यसभा सांसद), जय राम ठाकुर (पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता हिमाचल प्रदेश) और कोल. डॉ. धनी राम शांदिल (स्वास्थ्य मंत्री, हिमाचल प्रदेश) भी उपस्थित थे।

जगत प्रकाश नड्डा ने कहा, “उन्नत MRI, CT स्कैनर, PET-CT, एंडोस्कोपी और ब्रोंकोस्कोपी जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ, केवल तीन वर्षों में AIIMS बिलासपुर ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आसपास के राज्यों के लोग भी यहां इलाज के लिए आ रहे हैं, जो इस संस्थान में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।”

उन्होंने सरकार की गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराया और न्यूक्लियर मेडिसिन, कैंसर केयर और रीनल ट्रांसप्लांट्स में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले लोग PGI चंडीगढ़ तक यात्रा करते थे, लेकिन अब AIIMS बिलासपुर क्षेत्र की उच्च स्तरीय चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करता है।

चिकित्सा शिक्षा पर ध्यान देते हुए मंत्री ने बताया कि AIIMS बिलासपुर के लिए हाल ही में 127 पदों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 29 फैकल्टी और 98 नॉन-फैकल्टी पद शामिल हैं। चयन समिति एक वर्ष तक सक्रिय रहेगी और कम से कम चार साक्षात्कार दौर आयोजित कर इन पदों को शीघ्र भरने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने 500-बेड विश्राम सदन की योजना की घोषणा की ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए आवास सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, ₹165 करोड़ आवासीय क्वार्टर और छात्रावास निर्माण के लिए तथा ₹5 करोड़ इनडोर स्टेडियम के निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

AIIMS ब्रांड की प्रतिष्ठा बनाए रखने पर जोर देते हुए उन्होंने अन्य AIIMS संस्थानों की सफलताओं को दोहराने और नई नवाचार पहलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने NITI आयोग और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के सहयोग से एक टीम के गठन की भी घोषणा की, जो सभी AIIMS संस्थानों का दौरा करेगी और भविष्य की विकास योजना बनाएगी।

जगत प्रकाश नड्डा ने पिछले 11 वर्षों में चिकित्सा शिक्षा में वृद्धि पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश में अब 808 मेडिकल कॉलेज हैं और वार्षिक UG सीटें 35,000 से बढ़कर 1.25 लाख हो गई हैं। पिछले कैबिनेट में प्रधानमंत्री ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 5,000 नई UG और PG सीटों को मंजूरी दी थी। अगले पांच वर्षों में अतिरिक्त 75,000 मेडिकल सीटें सरकारी संस्थानों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान AIIMS बिलासपुर का कुलगीत जारी किया गया, जो संस्थान की भावना और मूल्यों का प्रतीक है। इसके अलावा, उपलब्धियों के लिए विशेष पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट छात्रों को सम्मानित किया गया।

AIIMS बिलासपुर की प्रमुख विशेषताएँ:

  • अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स: 1.5 टेस्ला MRI, 128-SLICE CT स्कैनर, PET-CT, SPECT-CT और रेडियोन्यूक्लाइड थेरेपी।

  • विशेषीकृत देखभाल: कैंसर ट्रीटमेंट, रेडियोथेरेपी, ऑनकोलॉजी यूनिट और फंक्शनल कैथ लैब।

  • आपातकालीन सेवाएँ: 64 ICU बिस्तर, ब्रोंकोस्कोपी सुइट, LMO प्लांट से निरंतर ऑक्सीजन।

  • ट्रांसप्लांट और सर्जरी: 8 सफल किडनी ट्रांसप्लांट, शीघ्र ही कॉर्नियल ट्रांसप्लांट यूनिट।

  • शोध और प्रयोगशालाएँ: एंडोक्राइनोलॉजी और इम्यूनोलॉजी लैब, क्षेत्रीय वायरल रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैब (₹19.83 करोड़)।

  • मरीज सहायता: 3 अमृत/जन औषधि फार्मेसियाँ, 250-बेड विश्राम सदन निर्माणाधीन।

  • शिक्षा और प्रशिक्षण: आधुनिक लेक्चर हॉल, सिमुलेशन और स्किल लैब।

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर: छात्रावास (540+ क्षमता), आवासीय क्वार्टर, रूफटॉप सोलर, इनडोर स्टेडियम।

भविष्य की योजनाओं में बोन मैरो ट्रांसप्लांट ब्लॉक, ऑटोप्सी ब्लॉक, ट्रॉमा एवं क्रिटिकल केयर सेंटर, रोबोटिक सर्जरी यूनिट और ड्रोन-आधारित हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।

इस अवसर पर अंकिता मिश्रा बुंदेला (संयुक्त सचिव PMSSY), प्रो. नरेंद्र कुमार अरोड़ा (अध्यक्ष AIIMS बिलासपुर), प्रो. दयानंद शर्मा (कार्यकारी निदेशक AIIMS बिलासपुर) और ले. कर्नल परांजपे (रजिस्ट्रार) सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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