Media24Media.com: जन योजना अभियान 2025-26 : सबकी योजना, सबका विकास

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

जन योजना अभियान 2025-26 : सबकी योजना, सबका विकास

Document Thumbnail

पंचायती राज मंत्रालय आगामी 2 अक्टूबर 2025 से देशभर के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में जन योजना अभियान (PPC) 2025-26 : “सबकी योजना, सबका विकास” अभियान प्रारंभ करेगा। इसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु पंचायत विकास योजनाओं (PDPs) की तैयारी की जाएगी।

वर्ष 2018 से आरंभ हुए इस अभियान ने पंचायतों को साक्ष्य-आधारित, अभिसरणीय और समावेशी विकास योजनाएँ तैयार करने में सक्षम बनाया है, जो स्थानीय प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं तथा राष्ट्रीय लक्ष्यों से सामंजस्य स्थापित करती हैं। विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से यह अभ्यास भागीदारीपूर्ण योजना प्रक्रिया को गहराई प्रदान करता है और जमीनी स्तर पर संस्थाओं को सशक्त बनाता है।

ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 से अब तक 18.13 लाख से अधिक पंचायत विकास योजनाएँ (ग्राम पंचायत विकास योजना - GPDPs, ब्लॉक पंचायत विकास योजना - BPDPs तथा जिला पंचायत विकास योजना - DPDPs) अपलोड की गई हैं। इनमें से 2.52 लाख से अधिक योजनाएँ वित्तीय वर्ष 2025-26 की चल रही प्रक्रिया से संबंधित हैं।

अभियान की तैयारियाँ

मंत्रालय ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और हितधारकों के साथ वर्चुअल संवाद प्रारंभ किए हैं। 26 सितंबर 2025 को मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों एवं ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य संस्थानों (SIRD&PRs) के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और रणनीति साझा की।

अभिसरण और जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु मंत्रालय ने 20 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों से अनुरोध किया है कि वे अपने राज्य/केंद्रशासित प्रदेश विभागों को विशेष ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी के लिए निर्देशित करें। राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को निगरानी तंत्र सक्रिय करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने, सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षित करने, ग्राम सभा कार्यक्रम तय करने तथा सितंबर अंत तक सार्वजनिक सूचना बोर्ड प्रदर्शित करने के लिए कहा गया है। 2 अक्टूबर 2025 को आयोजित विशेष ग्राम सभाएँ इस अभियान की औपचारिक शुरुआत होंगी।

उद्देश्य और विशेष पहल

जन योजना अभियान 2025-26 का उद्देश्य भागीदारीपूर्ण, पारदर्शी और जवाबदेह स्थानीय शासन को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत –

  • ग्राम सभाएँ पूर्ववर्ती GPDPs की डिजिटल प्लेटफॉर्म (ई-ग्रामस्वराज, मेरी पंचायत ऐप, पंचायत निर्णय) के माध्यम से समीक्षा करेंगी।

  • प्रगति का आकलन, लंबित कार्यों की पहचान तथा अप्रयुक्त केंद्रीय वित्त आयोग अनुदानों का उपयोग प्राथमिकता से किया जाएगा।

  • पंचायत प्रगति सूचकांक (PAI) के आधार पर योजना बनाई जाएगी।

  • सभा सार के प्रभावी उपयोग, स्वयं की आय (OSR) बढ़ाने और जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने पर बल दिया जाएगा।

  • आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदिवासी सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस अभियान से ग्राम सभाएँ समावेशी विकास की निर्णायक इकाई बनेंगी। पंचायत प्रतिनिधियों, विभागों, समुदाय एवं अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से योजना प्रक्रिया में पारदर्शिता, अभिसरण और जवाबदेही और सुदृढ़ होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सेवाओं की आपूर्ति और विकासात्मक परिणाम सुनिश्चित होंगे।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.