Media24Media.com: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बिहार में बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोखामा–मुंगेर खंड के निर्माण को मंजूरी दी

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आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बिहार में बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोखामा–मुंगेर खंड के निर्माण को मंजूरी दी

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नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में बक्सर-भागलपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के मोखामा–मुंगेर खंड पर ग्रीनफील्ड, 4-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। यह परियोजना हाइब्रिड एन्‍यूटी मोड (HAM) पर निर्मित होगी, जिसकी कुल लंबाई 82.400 किमी और कुल पूंजीगत लागत ₹4447.38 करोड़ होगी।

यह खंड मोखामा, बरहिया, लखीसराय, जमालपुर, मुंगेर होते हुए भागलपुर से जुड़ेगा, जैसा कि परिशिष्ट-1 के मानचित्र में दर्शाया गया है।

पूर्वी बिहार का मुंगेर–जमालपुर–भागलपुर क्षेत्र औद्योगिक दृष्टि से एक उभरता हुआ क्षेत्र है। यहाँ पर—

  • रक्षा मंत्रालय के अधीन ऑर्डनेंस फैक्ट्री कॉरिडोर (मौजूदा गन फैक्ट्री और एक प्रस्तावित फैक्ट्री),

  • जमालपुर में लोकोमोटिव वर्कशॉप,

  • मुंगेर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (जैसे ITC),

  • और लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउसिंग हब विकसित हो रहे हैं।

भागलपुर रेशम और वस्त्र उद्योग (भागलपुरी सिल्क) एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में अग्रणी है, वहीं बरहिया खाद्य पैकेजिंग, प्रसंस्करण एवं कृषि-वेयरहाउसिंग क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। इन क्षेत्रों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियाँ भविष्य में मालवाहक एवं यात्री यातायात को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएँगी।

4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर औसत 80 किमी/घंटा तथा डिजाइन गति 100 किमी/घंटा का समर्थन करेगा। इसके माध्यम से यात्रा का कुल समय लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा, जिससे यात्री एवं मालवाहक वाहनों के लिए तेज़, सुरक्षित और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

परियोजना लाभ:

  • परियोजना (82.40 किमी) के निर्माण से लगभग 14.83 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार तथा 18.46 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।

  • कॉरिडोर से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण अतिरिक्त रोजगार अवसर भी उत्पन्न होंगे।


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