रायपुर- कभी कमजोर स्वास्थ्य की पूछ-परख से तंग नवलीन कौर आज छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी की उभरती प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। सात महीने में जन्म लेकर कमजोर तबीयत वाली नवलीन लोगों के बार-बार तबीयत पूछने से तंग आ गई थी। फिर नवलीन ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकारा और खेलों में अपना कैरियर बनाने की ठानी। आज महासमुंद जिले की यह लड़की छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी की तेजी से उभरती खिलाड़ी है। नवलीन ने हाल ही में आगामी राष्ट्रीय खेलों के लिए तीरंदाजी में अपना स्थान पक्का किया है। इससे पहले उसने फरवरी में आयोजित राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी जीता है।
महासमुंद जिले के बागबाहरा की रहने वाली नवलीन का जन्म श्री अरविंद-श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा के घर हुआ। माँ की गर्भ अवस्था के सात महीने में ही जन्म लेने के कारण नवलीन स्वास्थ्यगत परिस्थितियों में बहुत कमजोर रहीं। घर आने जाने वाले, आसपास के पड़ोसी और नाते-रिश्तेदार हमेशा नवलीन के स्वास्थ्य के बारे में पूछा करते थे। इससे नवलीन बहुत परेशान हुआ करती थी लेकिन बाद में उसने इसे अपनी ताकत बनाया और तीरंदाजी खेल में अपना कैरियर बनाना शुरू किया। नवलीन ने 2018 में बागबाहरा से पांच किलोमीटर दूर बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण शुरू किया और वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज खिलाड़ी बनी। स्कूली शिक्षा के दौरान नवलीन ने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा में चौथा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने 2023 में गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। इसी दौरान राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में उन्होंने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
नवलीन कहती हैं कि मेरा सपना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतने का है। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तीरंदाजी कंपाउंड बो से होती है। इसके लिए मेरे परिजनों ने नया आधुनिक कंपाउंड धनुष खरीद कर दिया है। नवलीन कोच एवन साहू और खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं। कंपाउंड से शुरूवात करते हुए उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राऊंड बालिका वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया है।