Media24Media.com: सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की नई तकनीकों के ज्ञान से अभियंताओं की बढ़ेगी दक्षता : अरुण साव

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सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की नई तकनीकों के ज्ञान से अभियंताओं की बढ़ेगी दक्षता : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की नई तकनीकों के ज्ञान से अभियंताओं की दक्षता बढ़ेगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण व रखरखाव की नई और आधुनिक तकनीकों से रू-ब-रू होंगे। राज्य में पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण और रखरखाव सुनिश्चित करने में इससे मदद मिलेगी।

राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (IAHE – Indian Academy of Highway Engineers) द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लोक निर्माण विभाग के रायपुर और दुर्ग संभाग के अभियंताओं के लिए इस चार दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसमें दोनों संभागों के विभागीय उप अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और मरम्मत के साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण की बारीकियों की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न संस्थाओं और निर्माण एजेंसियों के विषय विशेषज्ञ उन्हें इनका प्रशिक्षण दे रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। व्यक्ति जब तक काम करता है, लगातार सीखता रहता है। समय के साथ कार्यक्षेत्र की जरूरत बदलती है, नई तकनीकें आती जाती हैं। इनके अनुरूप हमें भी अपडेट होना पड़ता है। तभी हमारी उपयोगिता और प्रासंगिकता रहती है। उन्होंने कहा कि आज सड़कों पर लगातार ट्रैफिक बढ़ रहा है, तेज रफ्तार वाली गाड़िया भी आ गई हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए डीपीआर, टेंडर एग्रीमेंट, गुणवत्ता का निरीक्षण व नियंत्रण तथा कार्यों का भुगतान लोक निर्माण विभाग करता है। इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा मानक और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना भी विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभागीय अभियंता इस प्रशिक्षण के दौरान देश-दुनिया की नई तकनीकों और नए मानकों से रू-ब-रू होंगे और उन्हें फील्ड में अमल में लाएंगे। इस प्रशिक्षण से हमारे अभियंताओं की योग्यता, कार्यकुशलता और दक्षता में बढ़ोतरी होगी। साव ने इस वृहद प्रशिक्षण के आयोजन के लिए आईएएचई को धन्यवाद दिया।

लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के चार दिवसीय प्रशिक्षण में आईएएचई के निदेशक संजीव कुमार, सीआरआरआई (Central Road Research Institute) की पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. लक्ष्मी परमेश्वरन और सतेन्दर कुमार तथा एलिगेंट कन्सल्टेंट (Elegant Consultant) के प्रबंध निदेशक आलोक पाण्डेय पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और मरम्मत के साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण की बारीकियों के बारे में बताएंगे। आईएएचई के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार शर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी और मुख्य अभियंता (सेतु बंध) एम.एल. उरांव सहित सभी मुख्य अभियंता प्रशिक्षण के शुभारंभ सत्र में मौजूद थे।

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