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धरातल पर दिखना चाहिए निर्माण कार्यों के परिणाम : अरुण साव

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 रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में प्रदेशभर में चल रहे सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण एवं सड़क मरम्मत के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के कार्यों में कसावट लाने के साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा में काम पूरा करने और प्रभावी कार्य पद्धति अपनाने पर जोर दिया।


उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नए कार्यों के साथ ही सड़कों की मरम्मत की गुणवत्ता पर भी खास ध्यान देने को कहा, ताकि सड़के टिकाऊ हों और बार-बार मरम्मत की जरूरत न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता और सक्रियता से करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे किसी भी कार्य या कार्यालय के औचक निरीक्षण के लिए किसी भी दिन पहुंच सकते हैं। विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड पर उतरकर कार्यों पर कड़ी नजर रखने तथा अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य की पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से निर्धारित समयावधि में सभी तरह के निर्माण कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने विभागीय अभियंताओं को कार्यों के बेहतर, शीघ्र एवं परिणाममूलक क्रियान्वयन के लिए अपनी इंजीनियरिंग और प्रशासनिक कौशल का दक्षता से उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी योग्यता और क्षमता का फील्ड में पूर्ण उपयोग करते हुए अपने कार्यों से प्रदेशवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरने को कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अभी अनुकूल समय है। पिछले 14 महीने से विभाग में बहुत सकारात्मक माहौल में कार्य हो रहे हैं। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाते हुए सुव्यवस्थित और सुनियोजित ढंग से तेजी से निर्माण कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की बेहतर मॉनिटरिंग और मूल्यांकन के लिए ज्यादा से ज्यादा फील्ड विजिट पर जोर दिया। इससे कार्यों का निरीक्षण गंभीरता से होगा और उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर कड़ी नजर रखने तथा किसी भी स्थिति में कार्यावधि बढ़ाने की स्थिति न बनें, इसका ध्यान रखने को कहा।

साव ने बैठक में बस्तर संभाग में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा बलों और निर्माण एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, जिससे सुदूर वनांचलों के लोगों को भी सुगम यातायात की सुविधा मिल सके। श्री साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों को नई नियुक्तियों तथा भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए इसमें तेजी लाने को कहा। उन्होंने न्यायालयीन मामलों के निपटारे के लिए सभी कार्यालयों में अलग से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने अधिकारियों को भवन निर्माण के कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही भविष्य में उसके उपयोग के हिसाब से ड्राइंग-डिजाइन एवं कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए कार्यों की मंजूरी के लिए शासन को समय पर प्राक्ककलन भेजने को कहा। डॉ. सिंह ने दुर्घटनाओं को रोकने सड़कों से ब्लैक-स्पॉट हटाने और जंक्शन सुधारने के स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणाओं को पूर्ण करने संबंधित कार्यों का आंकलन (Estimate) प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्राथमिकता से भेजने को कहा, ताकि उन्हें बजट में शामिल किया जा सके।

इन कार्यों की भी हुई समीक्षा
उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्राथमिकता के निर्धारण के साथ ही 2024-25 के विभागीय बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन की अद्यतन स्थिति तथा प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने खेल विभाग, नाबार्ड, ए.डी.बी. और सी.आर.आई.एफ. के कार्यों के साथ ही भूअर्जन, वन भूमि व्यपवर्तन, यूटिलिटी शिफ्टिंग एवं अन्य कारणों से बाधित कार्यों, पूर्व के वर्षों में सड़क, भवन एवं पुल के अपूर्ण कार्यों तथा पांच करोड़ रुपए से अधिक की लागत के सड़कों, भवनों एवं पुलों के महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की नई तकनीकों के ज्ञान से अभियंताओं की बढ़ेगी दक्षता : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की नई तकनीकों के ज्ञान से अभियंताओं की दक्षता बढ़ेगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण व रखरखाव की नई और आधुनिक तकनीकों से रू-ब-रू होंगे। राज्य में पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण और रखरखाव सुनिश्चित करने में इससे मदद मिलेगी।

राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (IAHE – Indian Academy of Highway Engineers) द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लोक निर्माण विभाग के रायपुर और दुर्ग संभाग के अभियंताओं के लिए इस चार दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसमें दोनों संभागों के विभागीय उप अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और मरम्मत के साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण की बारीकियों की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न संस्थाओं और निर्माण एजेंसियों के विषय विशेषज्ञ उन्हें इनका प्रशिक्षण दे रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। व्यक्ति जब तक काम करता है, लगातार सीखता रहता है। समय के साथ कार्यक्षेत्र की जरूरत बदलती है, नई तकनीकें आती जाती हैं। इनके अनुरूप हमें भी अपडेट होना पड़ता है। तभी हमारी उपयोगिता और प्रासंगिकता रहती है। उन्होंने कहा कि आज सड़कों पर लगातार ट्रैफिक बढ़ रहा है, तेज रफ्तार वाली गाड़िया भी आ गई हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए डीपीआर, टेंडर एग्रीमेंट, गुणवत्ता का निरीक्षण व नियंत्रण तथा कार्यों का भुगतान लोक निर्माण विभाग करता है। इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा मानक और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना भी विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभागीय अभियंता इस प्रशिक्षण के दौरान देश-दुनिया की नई तकनीकों और नए मानकों से रू-ब-रू होंगे और उन्हें फील्ड में अमल में लाएंगे। इस प्रशिक्षण से हमारे अभियंताओं की योग्यता, कार्यकुशलता और दक्षता में बढ़ोतरी होगी। साव ने इस वृहद प्रशिक्षण के आयोजन के लिए आईएएचई को धन्यवाद दिया।

लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के चार दिवसीय प्रशिक्षण में आईएएचई के निदेशक संजीव कुमार, सीआरआरआई (Central Road Research Institute) की पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. लक्ष्मी परमेश्वरन और सतेन्दर कुमार तथा एलिगेंट कन्सल्टेंट (Elegant Consultant) के प्रबंध निदेशक आलोक पाण्डेय पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और मरम्मत के साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण की बारीकियों के बारे में बताएंगे। आईएएचई के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार शर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी और मुख्य अभियंता (सेतु बंध) एम.एल. उरांव सहित सभी मुख्य अभियंता प्रशिक्षण के शुभारंभ सत्र में मौजूद थे।

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