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अर्थाभावग्रस्त कलाकारों-छात्रों से छात्रवृत्ति प्रोत्साहन के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित

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रायपुर। संस्कृति विभाग द्वारा राज्य के अर्थाभावग्रस्त होनहार कलाकारों-छात्रों से अर्थाभावग्रस्त होनहार कलाकार छात्रवृत्ति प्रोत्साहन के लिए आवेदन डाक के माध्यम से आमंत्रित की गई है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 निर्धारित है।
               

गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के होनहार किन्तु अर्थाभावग्रस्त युवा कलाकारों को उच्च प्रशिक्षण, शिक्षा के लिए ऐसे छात्र-छात्राएं जो संगीत, नृत्य, प्रदर्शनकारी कला विधा में शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्था में अध्ययनरत, गुरूशिष्य परंपरा के तहत पारंपरिक लोक कलाएं सीखने वाले बच्चों तथा बच्चों को संस्कृति विभाग द्वारा महत्वपूर्ण विधा के अनुरूप मासिक छात्रवृत्ति प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से अर्थाभावग्रस्त होनहारयुवा कलाकारों, छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना स्थापित किया गया है।

प्रदर्शनकारी कला/विधा एवं उप विधाओं में छत्तीसगढ़ के लोक/पारंपरिक जनजातीय कलाएं (छत्तीसगढ़ की समस्त पारंपरिक जनजातीय और लोक नाट्य, नृत्य, गीत-संगीत, खेल, चंदैनी, भरथरी, गोपी-चंदा, पंडवानी, घोटुलपाटा, धनकुल, जगार तथा छत्तीसगढ़ की अन्य पारंपरिक लोक जनजातीय गाथाएं, वाद्य, पाक कला, सौन्दर्यकला, गायन, वादन आदि), शास्त्रीय संगीत (हिन्दुस्तानी एवं कर्नाटिक गायन-वादन), शास्त्रीय नृत्य तथा नृत्य संगीत (भरत नाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, मोहनी अट्टम, ओडिशी, मनिपुरी, कथककली, ओडिशी नृत्य और संगीत), रंग मंच (हिन्दी और छत्तीसगढ़ी नाट्य मंचन, नाचा, भतरा नाट्य तथा अन्य लोक जनजातीय नाट्य विधा सहित), दृश्य कला (ग्राफिक्स, मूर्तिकला, पेंटिंग, फोटोग्राफी, मृदभांड तथा मृणकला, छत्तीसगढ़ के विविध लोक जनजातीय परंपराओं के चित्रांकन की विधा) और सुगम शास्त्रीय संगीत (ठुमरी, दादरा, टप्पा आदि कव्वाली, गजल) शामिल हैं।

आवेदन के लिए पात्रता एवं सामान्य शर्तें निर्धारित की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के वास्तविक निवासी हो, आवेदक की आयु 15 वर्ष से कम तथा 30 वर्ष से अधिक न हो, आवेदक अथवा उनके परिवार की वार्षिक आय 72000 रूपए से अधिक न हो, संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य रूप से किया गया हो। इन आवेदकों को विभाग द्वारा निर्धारित वार्षिक प्रोत्साहन राशि न्यूनतम पांच हजार रूपए से अधिकतम दस हजार रूपए होगी। प्रोत्साहन की राशि डिमांड ड्राफ अथवा ई-पेमेंट के माध्यम से देय होगा। प्रोत्साहन योजना से संबंधित जानकारी विभागीय वेबसाईट  http://www.cgculture.in/  पर भी देखी जा सकती है।

लोकतंत्र को मजबूत करने भारत निर्वाचन आयोग की बड़ी पहल : IIIDEM में प्रारंभ हुआ अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण बैच, छत्तीसगढ़ के 96 अधिकारी हुए शामिल

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महासमुंद। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की आठवीं श्रृंखला का शुभारंभ आज नई दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में हुआ। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के 96 निर्वाचन अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से आए बूथ लेवल अधिकारी, बीएलओ सुपरवाइज़र्स, ईआरओ तथा डीईओ को संबोधित किया। उन्होंने निर्वाचन व्यवस्था को पारदर्शी, सुसंगत और विधिसम्मत बनाए रखने में इन अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

उल्लेखनीय है कि यह अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण बैच है, जिसमें कुल 373 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें से उत्तर प्रदेश से 118, मध्यप्रदेश से 130, छत्तीसगढ़ से 96 और हरियाणा से 29 अधिकारी हैं। इस श्रृंखला के माध्यम से आयोग दो माह में अब तक 3,720 से अधिक मैदानी चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है।

अपने संबोधन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 एवं 1951, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1960, निर्वाचन संचालन नियम 1961 तथा आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की जानकारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव की समस्त प्रक्रिया विधिक प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हों।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि प्रशिक्षण के दौरान वे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24() (जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील) और धारा 24(इ) (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील) की प्रक्रिया से भी परिचित रहें। उन्होंने बीएलओ व पर्यवेक्षकों को सलाह दी कि वे क्षेत्रीय सत्यापन के समय इन प्रावधानों की जानकारी मतदाताओं को भी दें।

उल्लेखनीय है कि 6 से 10 जनवरी 2025 के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से किसी प्रकार की अपील प्राप्त नहीं हुई, जो क्षेत्रीय अधिकारियों के सतर्क, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से दक्ष होने का प्रमाण है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता पंजीकरण, फॉर्म प्रबंधन और चुनाव प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पक्ष को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को ईवीएम, वीवीपैट और मॉक पोल से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विशेष सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईटी टूल्स के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया है। इससे अधिकारी डिजिटल प्रक्रिया, डेटा प्रबंधन और निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता प्राप्त कर सकेंगे, जिससे भविष्य के चुनाव अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाए जा सकेंगे।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण श्रृंखला लोकतंत्र की मजबूती में एक और ठोस कदम है, जिसमें छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सुनिश्चित करता है कि आने वाले चुनावों में भी निर्वाचन कार्य में नियोजित अधिकारी एवं कर्मचारी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के उच्चतम मानकों का पालन करेंगे।

राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में CPI आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर

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रायपुर। आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर राज्य स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का सफल आयोजन 26-27 मई 2025 को राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में CPI आंकड़ों की वैज्ञानिकता, सटीकता और त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करना था।

मुख्य प्रशिक्षक के रूप में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय नई दिल्ली से प्राशु जैन को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने प्रतिभागियों को Weighing Diagram, Sub-State Level CPI तथा Market Survey Methodology जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया। हैंड्स-ऑन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक अनुभव भी प्रदान किया गया।

कार्यशाला में संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव CPI निर्माण को वैज्ञानिक और सटीक बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी जिलों को नियमित डेटा संकलन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का संदेश दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ उठाकर राज्य में CPI निर्माण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाएं।

समापन सत्र में अपर संचालक नारायण बुलिवाल ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षक और आयोजन से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला राज्य के सांख्यिकीय ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यशाला में राज्य के सभी जिलों से आए प्रतिनिधि, क्षेत्रीय कार्यालय (FOD) के अधिकारी एवं विभिन्न सांख्यिकीय इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिभागियों ने CPI निर्माण की बारीकियों को समझते हुए फील्ड स्तर पर इसके अनुप्रयोग हेतु महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।

महासमुंद : सभी जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के लिए नियुक्त कुल 84 मास्टर ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण

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महासमुंद। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में नगरीय इकाई और पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिला पंचायत के सभागार में जिले के सभी जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों के लिए नियुक्त कुल 84 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार साहू ने मास्टर ट्रेनर्स से मतदान प्रक्रिया तथा मतगणना कार्य को भली-भांति समझने के निर्देश दिए।

जिला मास्टर ट्रेनर तोषण गिरि गोस्वामी ने पावर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रशिक्षण देते हुए बताया कि नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए मतपत्रों के माध्यम से मतदान होगा। जिसमें अध्यक्ष का मतपत्र सफेद तथा पार्षद का मतपत्र रंगीन होगा। मतदान के लिए मतदान दलों को एक बड़ी और एक छोटी साइज की मतपेटी दी जाएगी। मतदान के पश्चात पीठासीन अधिकारी द्वारा मतपत्र लेखा तैयार कर उसकी एक-एक प्रति उपस्थित अभिकर्ताओं को दिया जाएगा।

पंचायत निर्वाचन के संबंध में प्रशिक्षण देते हुए उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदाता द्वारा पंच, सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य के लिए अर्थात कुल चार पदों के लिए मतदान किया जाएगा। जिसके लिए मतदान कक्ष में दो मतदान प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। जिसमें से पहला पंच तथा सरपंच से संबंधित मतपत्रों तथा दूसरा जनपद और जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों के मतांकन के लिए होगा।

गोस्वामी ने पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी क्रमांक एक, दो, तीन और चार के द्वारा किए जाने वाले कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। पंचायत निर्वाचन में मतदान का समय प्रातः 7 बजे से 3 बजे तक रहेगा। मतदान समाप्ति के बाद वहीं मतगणना का कार्य भी संपन्न किया जाएगा। मतगणना करते समय पंच पद के मतपत्रों की गणना सबसे पहले की जाएगी जो सफेद रंग के होंगे। उसके बाद, सरपंच पद के मतपत्रों (नीला रंग), फिर जनपद पंचायत सदस्य के मतपत्रों (पीला रंग) और सबसे अंत में जिला पंचायत सदस्य के मतपत्रों (गुलाबी रंग) की गणना की जाएगी। प्रशिक्षण में नोडल अधिकारी नंदकिशोर सिन्हा, पंकज शर्मा, निर्मल प्रधान, विजय शंकर विशाल, टेकराम सेन आदि उपस्थित थे।

स्थानीय निकायों के निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्यक्रम जारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की उपस्थिति में आज यहां नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन दिसम्बर 2024-जनवरी 2025 सम्पन्न कराये जाने हेतु फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार किये जाने के संबंध में राज्य के सभी जिलों से आये उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। आयोग द्वारा सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची शुद्ध एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।

01 जनवरी 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले का नाम मतदाता सूची में आवश्यक रूप से होना चाहिए। इसका जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार करने तथा निर्वाचन से संबंधित सभी कार्य समय-सीमा में करने के निर्देश दिए गए। मास्टर ट्रेनर द्वारा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव के वैधानिक प्रावधान, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति, कर्तव्य एवं उसके प्रशिक्षण, निर्वाचन नामावली तैयार करने हेतु प्रक्रिया तथा प्रारंभिक निर्वाचक नामावली का प्रकाशन एवं मुद्रण के सबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

इसी तरह प्रशिक्षण कार्यक्रम में दावा आपत्ति प्राप्ति एवं निराकरण, प्रारंभिक निर्वाचक नामावली में आवश्यक संशोधन एवं साफ्टवेयर में प्रविष्टि, निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन एवं मुद्रण, अपील निर्वाचक नामावली प्रेक्षक की नियुक्ति एवं कर्तव्य, राजनैनिक दल हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश एवं निर्वाचक नामावली अभिकर्ता की नियुक्ति तथा निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण हेतु आवश्यक प्रचार-प्रसार (जाबो) के संबंध में विस्तार से बताया गया। आयोग के अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर द्वारा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा पूछे गये समस्याओं का सुझाव भी प्रदान किया गया।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका आम/उप निर्वाचन 2024 हेतु निर्वाचक नामावाली तैयार करने का कार्यक्रम निम्नानुसार रहेगा। जिसे 2 चरणों में पूरा किया जायेगा। जिसमें प्रथम चरण में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति एवं प्रारंभिक प्रारूप निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं नियुक्ति बुधवार 18 सितम्बर 2024 तक, निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/प्राधिकृत कर्मचारियों का प्रशिक्षण एवं भारत निर्वाचन आयोग की 01 जनवरी 2024 की स्थिति में तैयार अद्यतन विधानसभा की निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करना शुक्रवार 20 सितम्बर 2024 तक, विधानसभा की निर्वाचक नामावली स्थानीय निकायवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना शनिवार 21 सितम्बर 2024 तक, प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को पंचायतवार एवं भागवार मार्किंग करना, शुक्रवार 27 सितम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

इसी तरह वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में शिफ्ट किया जाना मंगलवार 01 अक्टूबर 2024 तक, निर्वाचक नामावली की चेकलिस्ट (पीडीएफ) तैयार करना शुक्रवार 04 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट (पीडीएफ) की जांच कराना, त्रुटि सुधार कराना सोमवार 07 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट संशोधन पश्चात् प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रदाय करना गुरुवार 10 अक्टूबर 2024 तक तथा जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराना एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना सोमवार 14 अक्टूबर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

 इसी तरह द्वितीय चरण में निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना एवं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निर्वाचक नामवली उपलब्ध कराना बुधवार 16 अक्टूबर 2024 तक, दावा/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 23 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजे तक, दावा/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख मंगलवार 29 अक्टूबर 2024 तक, प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि सोमवार 04 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूपः क-1 में प्राप्त दावा का निराक़रण करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है।

इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर, परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना बुधवार 13 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी. डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालयं को सौंपना शनिवार 16 नवम्बर 2024 तक, अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्र करना मंगलवार 19 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 को किया जाएगा।

पंचायत निर्वाचक नामावली तैयार करने जारी कार्यक्रम अनुसार प्रथम चरण में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियो की नियुक्ति एवं प्रारंभिक प्रारूप निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं नियुक्ति बुधवार 18 सितम्बर 2024 तक, निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/प्राधिकृत कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा भारत निर्वाचन आयोग की 01 जनवरी 2024 की स्थिति में तैयार अद्यतन विधानसभा की निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करना शुक्रवार 20 सितम्बर 2024 तक, विधानसभा की निर्वाचक नामावली जनपद पंचायतवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना शनिवार 21 सितम्बर 2024 तक, प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को पंचायतवार एवं भागवार मार्किंग करना शुक्रवार 27 सितम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

इसी तरह वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित पंचायत के संबंधित भाग के अनुभाग में शिफ्ट किया जाना मंगलवार 01 अक्टूबर 2024 तक, निर्वाचक नामावली की चेकलिस्ट (पीडीएफ) तैयार करना शुक्रवार 04 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट (पीडीएफ) की जांच कराना, त्रुटि सुधार कराना सोमवार 07 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट संशोधन पश्चात् प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रदाय करना गुरूवार 10 अक्टूबर 2024 तक, जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराना एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना सोमवार 14 अक्टूबर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

द्वितीय चरण में निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना बुधवार 24 अक्टूबर 2024 तक, दावे/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 29 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजे तक, दावे/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख सोमवार 04 नवम्बर 2024 तक, प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि गुरुवार 14 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर, परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना मंगलवार 19 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी.डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालयं को सौंपना शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 तक, अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्न करना सोमवार 25 नवंम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन शुक्रवार 29 नवम्बर 2024 को किया जायेगा। इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, उप सचिव डॉ. नेहा कपूर एवं आलोक कुमार श्रीवास्तव सहित सभी जिलों से आये उप जिला निर्वाचन अधिकारी गण प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की नई तकनीकों के ज्ञान से अभियंताओं की बढ़ेगी दक्षता : अरुण साव

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सड़क और पुल-पुलिया निर्माण की नई तकनीकों के ज्ञान से अभियंताओं की दक्षता बढ़ेगी। इस प्रशिक्षण के माध्यम से वे पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण व रखरखाव की नई और आधुनिक तकनीकों से रू-ब-रू होंगे। राज्य में पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण और रखरखाव सुनिश्चित करने में इससे मदद मिलेगी।

राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (IAHE – Indian Academy of Highway Engineers) द्वारा रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लोक निर्माण विभाग के रायपुर और दुर्ग संभाग के अभियंताओं के लिए इस चार दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसमें दोनों संभागों के विभागीय उप अभियंताओं, सहायक अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और मरम्मत के साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण की बारीकियों की जानकारी दी जा रही है। विभिन्न संस्थाओं और निर्माण एजेंसियों के विषय विशेषज्ञ उन्हें इनका प्रशिक्षण दे रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। व्यक्ति जब तक काम करता है, लगातार सीखता रहता है। समय के साथ कार्यक्षेत्र की जरूरत बदलती है, नई तकनीकें आती जाती हैं। इनके अनुरूप हमें भी अपडेट होना पड़ता है। तभी हमारी उपयोगिता और प्रासंगिकता रहती है। उन्होंने कहा कि आज सड़कों पर लगातार ट्रैफिक बढ़ रहा है, तेज रफ्तार वाली गाड़िया भी आ गई हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए डीपीआर, टेंडर एग्रीमेंट, गुणवत्ता का निरीक्षण व नियंत्रण तथा कार्यों का भुगतान लोक निर्माण विभाग करता है। इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा मानक और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना भी विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभागीय अभियंता इस प्रशिक्षण के दौरान देश-दुनिया की नई तकनीकों और नए मानकों से रू-ब-रू होंगे और उन्हें फील्ड में अमल में लाएंगे। इस प्रशिक्षण से हमारे अभियंताओं की योग्यता, कार्यकुशलता और दक्षता में बढ़ोतरी होगी। साव ने इस वृहद प्रशिक्षण के आयोजन के लिए आईएएचई को धन्यवाद दिया।

लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के चार दिवसीय प्रशिक्षण में आईएएचई के निदेशक संजीव कुमार, सीआरआरआई (Central Road Research Institute) की पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. लक्ष्मी परमेश्वरन और सतेन्दर कुमार तथा एलिगेंट कन्सल्टेंट (Elegant Consultant) के प्रबंध निदेशक आलोक पाण्डेय पुलिया तथा लघु एवं मध्यम पुलों की डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और मरम्मत के साथ ही गुणवत्ता नियंत्रण की बारीकियों के बारे में बताएंगे। आईएएचई के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार शर्मा, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी और मुख्य अभियंता (सेतु बंध) एम.एल. उरांव सहित सभी मुख्य अभियंता प्रशिक्षण के शुभारंभ सत्र में मौजूद थे।

केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदी कैदियों को सीसीटीवी इंस्टालेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, आरसेटी-रायपुर के माध्यम से केन्द्रीय जेल रायपुर में विचाराधीन एवं सजायाफ्ता कैदियों को कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 13 दिवसीय इंस्टालेशन ऑफ सीसीटीवी कैमरा, फायर अलार्म एवं स्मोक डिटेक्टर विषय पर 34 कैदी को प्रशिक्षण प्रदाय किया गया, जिसमें सीसीटीवी इंस्टालेशन की तकनीकी तथा उद्यमिता विकास के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदाय की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन संचालक श्रीमती नम्रता जैन की उपस्थिति में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मिशन संचालक द्वारा प्रशिक्षार्थी कैदियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम संबंधी उनके अनुभव एवं प्रशिक्षण से लाभ के संबंध में जानकारी ली गई, साथ ही जेल में बंद कैदियों को और किन-किन तरह के ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदाय किया जा सकता है इत्यादि विषयों पर सुझाव मांगे गए। 

जिस पर कुछ प्रशिक्षार्थी कैदियों द्वारा जेल परिसर में सामान्यतः ग्रामीण जनजीवन को आधार बनाकर कृषि, पशुधन से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करने और बंदी कैदियों को बाहरी दुनिया में बेहतर अवसर प्रदान किए जाने की मांग की गई। कैदियों की क्षमताओं का सृजनात्मक उपयोग के लिए आगे भी जेल परिसर में विभिन्न प्रकार ट्रेड जैसे-कृषि कार्य, नर्सरी, सिलाई एवं बेकरी इत्यादि में मांग अनुरूप स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण करवाने हेतु मिशन संचालक महोदया द्वारा आश्वासन दिया गया। 

उक्त प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम के दौरान अमित शांडिल्य केन्द्रीय जेल अधीक्षक रायपुर, दीपक मिश्रा, उप आंचलिक प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा रायपुर, मनोज मिश्रा सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक-जॉब्स्, एसआरएलएम स्टेट आरसेटी नोडल, अरूण कुमार सोनी स्टेट कंट्रोलर ऑफ आरसेटी, अशोक कुमार सिंह स्टेट डायरेक्टर ऑफ आरसेटी, नवीन कुमार सिंग, निदेशक आरसेटी, कौशल कुमार मिश्रा, सीनियर फेकल्टी आरसेटी रायपुर, श्री शशांक दीवान जेल शिक्षक, चंदन साहू प्रशिक्षक एवं दिलीप कुमार यदु एफएलसी उपस्थित रहे।

 

अधिकारियों को मतगणना एवं सीलिंग कार्य के लिए दिया गया प्रशिक्षण

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दुर्ग। विधानसभा निर्वाचन 2023 के अंतर्गत मतगणना कार्य 03 दिसम्बर 2023 को किया जाएगा। जिले के सभी 6 विधानसभाओं के मतगणना में शामिल रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर एवं अतिरिक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को आज बीआईटी सभागार दुर्ग में प्रशिक्षण दिया गया। मतगणना कार्य संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक बिन्दुओं की विस्तार से जानकारी दी गई।

निर्वाचन प्रशिक्षक ने मतगणना के दौरान किए जाने वाले दायित्वों की विस्तार से जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि मतगणना पूरी निर्वाचन प्रक्रिया का अंतिम परंतु सबसे संवेदनशील चरण है। इसलिए गणना पर्यवेक्षक एवं गणना सहायक के रूप में आपका काम सरल होने के बावजूद आपको इसे अत्यंत गंभीरता से लेना चाहिए। मतगणना से संबंधित महत्वपूर्ण वैधानिक प्रावधान, मतगणना केन्द्र पर आवश्यक व्यवस्थाओं, ईवीएम द्वारा मतगणना, वीवीपैट पर्चियो की गणना, डाक मतपत्रों की गणना एवं परिणाम की घोषणा के बारीकियों के संबंध में गहन प्रशिक्षण दिया गया।  मतगणना के दौरान कौन-कौन सी जरूरी सावधानी बरती जानी है एवं इस दौरान कौन-सी प्रारूप में आवश्यक प्रतिपूर्ति की जानी, इसकी जानकारी से अधिकारियों को अवगत कराया गया।

विधानसभावार 14 टेबल में मताें की गणना की जाएगी। प्रत्येक टेबल में एक सुपरवाईजर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, गणना सहायक और माईक्रोआब्जर्वर होंगे। डाक मतपत्र को दो वर्गो में बांटा गया है, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट एवं साधरण डाक मतपत्र। दोनों की गणना के लिए अलग गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक होंगे। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती प्रारंभ होगी। डाक मतपत्रों की गणना रिटर्निंग ऑफिसर करेंगे। इस कार्य के लिए नियुक्त गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक उनकी सहायता करेंगे। डाक मतपत्रों की वैधता के बारे में आरओ का निर्णय ही मान्य होगा। साथ ही ईटीपीबी से भिन्न डाक मत के निरस्त अथवा अमान्य होने के आधार को भी बताया गया। मतगणना स्थल पर प्रवेश हेतु निर्धारित लोगाें को प्रवेश पास जारी किया जाएगा।

मतगणना स्थल पर मोबाईल फोन या अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण लेकर प्रवेश करना पूर्णतः वर्जित होगा। मतगणना के दौरान प्रथम पंक्ति में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल के गणना अभिकर्ता, द्वितीय पंक्ति में अन्य राज्यों के मान्यता प्राप्त राज्य दलों के अभ्यर्थियों के अभिकर्ता बैठ सकेगा। इसी तरह तीसरे स्थान पर पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दलों के अभ्यर्थियों के अभिकर्ता तत्पश्चात निर्दलीय अभ्यर्थियों के अभिकर्ता बैठ सकेंगे। वीवीपैट पर्चियों से मतगणना हेतु ईसीआई के निर्देशानुसार वीवीपैट से अनिवार्य गणना के समय यदि पर्चियों की गणना का परिणाम सीयू के परिणाम से भिन्न हो तो उसकी पुनः गणना की जाएगी। ऐसा तब तक किया जाएगा जब तक कि गणना परिणाम पूर्व की किसी गणना अथवा सीयू की गणना से मेल न कर जाए।

सीलिंग कार्य के लिए दिया गया प्रशिक्षण

निर्वाचन प्रशिक्षक लक्ष्मीकांत भारती ने बताया कि मतगणना पश्चात ईवीएम, वीवीपैट एवं डाक मतपत्र में सीलिंग के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के विधानसभावार परिणाम घोषणा के पश्चात डाक मतपत्र की गणना करने वाले टीम के द्वारा ही विधानसभावार डाक मतपत्रों का सीलिंग का कार्य संपन्न कराया जाएगा जिसके लिए एक प्रभारी अधिकारी और एक सहायक होगा। सीलिंग की प्रक्रिया  में पहला पैकेट विधिमान्य बड़ा लिफाफा (प्रारूप-13 ग), दूसरा पैकेट विधिमान्य निर्वाचक का घोषणा (प्रारूप-13 क), तीसरा पैकेट विधिमान्य छोटा लिफाफा (प्रारूप-13 ख), चौथा पैकेट प्रतिक्षेपित छोटा लिफाफा (प्रारूप-13 ख) का जो बड़े लिफाफे (प्रारूप-13 ग) में रखकर सील किया जाएगा। पांचवा बड़ा पैकेट डाकमतों के बण्डल का। सीयू एवं वीवीपैट की सीलिंग प्रत्येक विधानसभा से मतगणना के लिए मतगणना स्थल पर केवल सीयू एवं प्रत्येक विधानसभा से निर्धारित वीवीपैट लाया जाएगा बाकी सभी बीयू एवं निर्धारित वीवीपैट को छोड़कर सभी वीवीपैट स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रहेगा। अंतिम परिणाम की घोषणा उपरांत सीलिंग कार्य मतगणना में लगे अधिकारी एवं सहायक द्वारा सम्पन्न कराया जाएगा।


मतगणना कार्य में लगे राजनांदगांव जिले के सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारी रिटर्निंग ऑफिसर एवं अन्य अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

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राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह की उपस्थिति में आज जिला पंचायत सभाकक्ष राजनांदगांव में विधानसभा निर्वाचन 2023 के मतगणना कार्य में लगे राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई एवं कबीरधाम जिले के सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर एवं अन्य अधिकारियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से आए अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। 

कलेक्टर डोमन सिंह ने सभी अधिकारियों से कहा कि मतगणना कार्य के लिए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश अनुसार अच्छी तरह प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने मतगणना कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग से आए अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर्स से अच्छी तरह प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा अपनी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान करें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से आए एनएलएमटी सुनील कुमार शर्मा, सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रूपेश कुमार वर्मा, सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ श्रीमती रश्मि वर्मा, एसएलएमटी अखिलेश आहूजा ने सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। 

प्रजेंटेशन के माध्यम से अधिकारियों को बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार सभी आवश्यक तैयारी, आधारभूत संरचना एवं सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने डाक मतपत्रों की गणना, ईव्हीएम में दर्ज मतों की गणना, मतगणना पूर्ण होने के पश्चात ईव्हीएम और निर्वाचन सामग्री को सील करना, परिणामों की घोषणा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि मतगणना कार्य के साथ ही टेबुलेशन, ईव्हीएम एवं अन्य प्रपत्रों की सीलिंग, ईव्हीएम के परिवहन तथा फार्म 17 सी ले जाने एवं इसके फार्म 20 में प्रविष्टि हेतु जिम्मेदार स्टॉफ तथा रनर की ड्यूटी लगाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कानून व्यवस्था तथा आपात स्थिति में विकल्प के रूप में रिजर्व गणना स्टॉफ की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान मतगणना की बारीकियों को बताया गया। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि डाकमत पत्रों के माध्यम से प्राप्त वोट की गणना पहले की जाएगी। ऐसे डाकमत पत्र जो रिजेक्ट किए जाएंगे उसे अलग से रखा जाएगा। ईटीपीबीएस के संबंध में जानकारी दी गई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतगणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरा लगे होने चाहिए, ताकि इस दौरान मतगणना की प्रक्रिया की रिकार्डिंग हो सके, लेकिन इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखने कि जरूरत है कि मतदान की गोपनीयता भंग न हो। उन्होंने बताया कि पहले राऊंड के परिणाम के घोषणा के बाद ईव्हीएम को स्ट्रांग रूम में वापस रखने के पश्चात ही रिटर्निंग ऑफिसर की अनुमति से दूसरे राऊंड के मतगणना की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान बताया गया कि रिटर्निंग ऑफिसर सीयू, वीपीपेट नंबर, सभी मतदान केन्द्रों के वीवीपेट के लिए अलग-अलग लिफाफे में महत्वपूर्ण विवरण लिखकर रखेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान यह बताया गया कि सिलिंग कार्य महत्वपूर्ण है तथा रिटर्निंग ऑफिसर इस पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करेंगे। इस दौरान सभी अधिकारियों ने मतगणना कार्य के लिए प्रेक्टिकल करके देखा तथा मतगणना कार्य के दौरान आने वाली शंकाओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के आए अधिकारियों ने विस्तृत रूप से मतगणना कार्य के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी खेमलाल वर्मा, अन्य जिलों से आए उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं सभी रिटर्निंग ऑफिसर्स, पुलिस अधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि मतगणना कार्य में लगे चार जिले के 118 अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

विधानसभा चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण मतदान हेतु दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन

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रायपुर। पुलिस मुख्यालय के कान्फेंस हॉल में आगामी विधानसभा चुनाव, 2023 के दृष्टिगत दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का उद्घाटन पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा द्वारा किया गया। यह कार्यशाला दो चरणों में आयोजित की जा रही है, जिसमें आज राज्य के 14 जिलों के नोडल अधिकारी एवं चुनाव सेल में पदस्थ पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया एवं दूसरे दिन 9 सितम्बर को शेष 19 जिलों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

पुलिस महानिदेशक जुनेजा ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी भी प्रजातांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों का चुनाव महत्वपूर्ण होता है। हमारी प्रजातंत्र की जडें इसी प्रक्रिया से विकसित होती है। निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से मतदान कराने की पूरी जवाबदारी एनफोर्समेंट एजेंसी व अन्य संस्थाओं की होती है। मतदान को प्लानिंग प्रोसेस के साथ कराना आवश्यक है, क्योंकि जब आचार संहिता लागू होगी तो इसे समझने एवं इसके अनुरूप कार्यवाही करने में पुलिस अधिकारियों को कठिनाई न हो, इन्हीं उद्देश्यों के साथ इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

पुलिस महानिदेशक जुनेजा ने भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के साथ पूर्व में हुई बैठकों का भी जिक्र करते हुए प्लेन एरिया एवं नक्सल एरिया में निर्विघ्न चुनाव कराये जाने के संबंध में दिये गये दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के पूर्व, मतदान के दौरान व पश्चात पुलिस की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है। कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो ऐसा वातावरण पुलिस को बनाये रखना होता है। उन्होंने शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने के संबंध में सीमावर्ती व अन्य राज्यों के पुलिस महानिदेशकों के साथ हुई बैठकों के बारे में भी बताया।

विधानसभा चुनाव 2023 के राज्य पुलिस नोडल अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक ओ.पी. पाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। लोग बिना किसी भय, प्रलोभन के मतदान कर सके इस हेतु उचित वातावरण बनाये रखने में पुलिस की महत्वपूर्ण भमिका होती है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारियों को अपने उत्तरदायित्व की जानकारी हो इसी उद्देश्य के साथ इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिलों से आये प्रतिभागी यहां पर प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जिले में जाकर मास्टर ट्रेनर के रूप वहां के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। चुनाव आयोग के ज्वाईंट सीईओ नीलेश क्षीरसागर ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के संबंध में चुनाव आयोग की भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर दिये जाने वाले दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही करने पर जोर दिया। 

उक्त कार्याशाला को विभिन्न सत्रों में विभाजित किया जाकर शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराने हेतु विद्यमान कानून, पुलिस द्वारा रखी जाने वाली सावधानियों, चुनाव आयोग की भूमिका सहित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विषय विशेषज्ञों के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्याशाला के प्रथम चरण में कुल 62 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया। उद्घाटन समारोह में आये अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन पुलिस महानिरीक्षक, सीआईडी एस.सी. द्विवेदी ने किया।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हिमांशु गुप्ता, एस.आर.पी. कल्लूरी, प्रदीप गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक आर.पी. साय, उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती हिमानी खन्ना, मनीष शर्मा, के.एल. ध्रुव, सहायक पुलिस महानिरीक्षक वाय.पी. सिंह, संजय शर्मा, उमेश चौधरी, यू.बी.एस चौहान, श्रीमती पूजा अग्रवाल सहित पुलिस मुख्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पुलिस अधीक्षक, एन.के सिक्केवाल ने किया। 

मुख्यमंत्री 30 अगस्त को बेरोजगारी भत्ते के तहत अंतरित करेंगे 34.55 करोड़ रुपए की राशि

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 30 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में एक लाख 29 हजार 886 युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के तहत 34 करोड़ 55 लाख 65 हजार रूपए की राशि का अंतरण करेंगे। इसके साथ ही वे आई.टी.आई. में प्रशिक्षण अधिकारी पद के लिए चयनित 84 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।

बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत पूर्व में 112 करोड़ 43 लाख 30 हजार रुपए की राशि इस योजना के अंतर्गत युवाओं के खाते में अंतरित की जा चुकी है। अगस्त महीने की राशि 34 करोड़ 55 लाख 65 हजार की रािश शामिल करने पर यह राशि बढ़कर 146 करोड़ 98 लाख 95 हजार रुपए हो जाएगी। 

बेरोजगारी भत्ते के आवेदन के साथ ही युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए भी चिन्हांकित किया जा रहा है। जो युवा कौशल प्रशिक्षण चाहते हैं उन्हें विभिन्न संस्थाओं में प्रशिक्षित किया जा रहा है। 7200 युवाओं का प्रशिक्षण आरंभ हो चुका है। 1782 युवाओं का प्रशिक्षण शीघ्र ही आरंभ हो जाएगा।

साईबर अपराध से निपटने के लिये पुलिस को और अधिक सतर्क होना होगा : डीजीपी

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रायपुर। पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा के मुख्य आतिथ्य में आज पुलिस मुख्यालय नवा-रायपुर में 02 दिवसीय गूगल और पेटीएम साईबर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पुलिस मुख्यालय और वित्तीय कारोबार संचालित करने वाली गूगल एवं पेटीएम के प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम द्वारा सभी जिलों से आये साईबर नोडल पुलिस अधिकारी (अतिरिक्त/ उप पुलिस अधीक्षक स्तर) एवं जिला साईबर सेल के प्रभारी पुलिस अधिकारियों एवं रेंज स्तर से साईबर थाने में पदस्थ पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को साईबर ठगी की रोकथाम और त्वरित कार्यवाही किये जाने हेतु पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जायेगा।

पुलिस महानिदेशक जुनेजा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों से आये साईबर नोडल पुलिस अधिकारी एवं जिला साईबर सेल के प्रभारी पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि साईबर अपराध ठगी और ब्लेकमेलिंग जैसी अपराधों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को और अधिक सर्तक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आईटी एक्ट के अलावा डॉटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 भी लागू हो गया है। इसमें साईबर ठगी के बढ़ते मामलों से निपटने और अपराधियों को पकड़ने तथा न्यायालय से दण्डित कराने के प्रावधान किये गये हैं, इन प्रावधानों से साईबर अपराधियों को दण्ड दिलाने में मदद मिलेगी।

जुनेजा ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि साईबर ठगी के मामलों में अपडेट जानकारी हार्ड एवं साफ्ट कॉपी दोनों उपलब्ध होनी चाहिए जिससे प्रार्थी या शिकायतकर्ता के शिकायत का समाधान यथाशीघ्र किया जा सके। उन्होंने साइबर अपराधियों द्वारा अन्य राज्यों में बैठकर किये जाने वालों अपराधों पर अंकुश एवं अपराधियों को पकड़ने के लिए अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों से समन्वय बनाकर शीघ्रतापूर्वक कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अपराधी को पकड़ना साक्ष्य एकत्रित करना एवं अपराधी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसे दण्ड दिलाना पुलिस के लिए बहुत बढ़ी चुनौती है, इसलिए पुलिस को आधुनिकतम रूप से प्रशिक्षित होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि गूगल और पेटीएम जैसे वित्तीय कार्य संपादित करने वाली संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण पुलिस अधिकारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में गूगल और पेटीएम के प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम द्वारा LERS (ला इन्फोर्समेंट रिक्वेस्ट सिस्टम) पोर्टल, फ्राड, इमरजेंसी रिक्वेस्ट, फ्राड ट्रेंड, बिजनेस, ट्रान्जेक्शन, मानिटरिंग संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अपरान्ह् में पेटीएम की टीम द्वारा ऑनलाईन बैंकिंग की कार्यप्रणाली एवं पेटीएम द्वारा साईबर क्राईम को रोकने की दिशा में उठाये गये कदम के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक साईबर क्राईम कवि गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसआरपी कल्लूरी, हिमांशु गुप्ता सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।

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