Media24Media.com: रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल : महासमुंद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्कूली शिक्षा

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रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल : महासमुंद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्कूली शिक्षा

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महासमुंद जैसे कस्बाई जिला मुख्यालय में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्कूली शिक्षा उपलब्ध है। रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल के वार्षिकोत्सव को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने इस पर प्रसन्नता जाहिर की। राज्यपाल उइके बतौर मुख्य अतिथि  रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल के कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने नवनिर्मित स्विमिंग पुल का लोकार्पण किया।

स्कूल के बच्चों के विज्ञान प्रदर्शनी, एक्टिविटी रूम, हिसाब-किताब (मैथ रूम) सहित अन्य क्लास रूम का अवलोकन किया और बच्चों का उत्साहवर्धन किया । बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी। स्कूल में घुड़सवारी प्रक्षिक्षण की सुविधा भी उन्होंने देखी। 

स्कूल के बिना बचपन अधूरा

राज्यपाल अनुसुईया उइके ने विद्यार्थियों से कहा कि कोरोना के लम्बे दौर के बाद स्कूल खुले हैं। बच्चे अब फिर से स्कूल आने लगे और स्कूल की गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। बच्चे स्कूल में संचालित इनडोर और आउटडोर गेम खेल रहे हैं। स्कूल के बिना बचपन अधूरा लगता है। सब लोग कोरोना की मुश्किल दौर से गुजरे हैं। कोरोना काल में आप लोग मोबाईल और टीवी के जरिए पढ़ाई कर रहे थे। यह आधुनिक संसाधन जीवन का हिस्सा बन गया है। इसका आदी होना खतरनाक है। मोबाइल के निरन्तर उपयोग से स्नायुतंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए मोबाइल का उपयोग सीमित करें।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे में एक विशेष प्रतिभा छिपी होती है। इस छुपे हुए हुनर को पहचानने की शिक्षकों को कोशिश करनी चाहिए और उन्हें निखारना चाहिए। उन्होंने सभी अभिभावकों से भी यही अपेक्षा की। विद्यार्थियों से कहा कि अपनी ऊर्जा को अच्छी सोच के साथ अच्छे कार्य में लगाएंगे तो जीवन में सफलता अवश्य मिलेगी।  हमें कुछ हासिल करना है तो दृढ़ निश्चय करना होगा। उसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करना होगा। जो जैसा सोचता है और करता है, वह वैसा बन जाता है।

जीवन में बहुत तनाव है, तनाव न लें

राज्यपाल उइके ने कहा कि आज सबके जीवन में बहुत तनाव है। बच्चों के जीवन में भी बहुत तनाव है, क्योंकि पढ़ाई के नाम पर अभिभावक उन पर दबाव डालते हैं। उन्होंने अपने स्कूली जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वह परीक्षा में विफल हो गई तो उसे चुनौती के रूप में लिया और आगे कड़ी मेहनत कर मेरिट में स्थान बना सकी। बच्चे कम नंबर पाते हैं तो अभिभावकों को चाहिये कि वे बच्चों को हतोत्साहित न करें बल्कि प्रोत्साहित करें । ताकि वे आगे अच्छे अंक लेकर आएं।

भविष्य में समाज व राष्ट्र के विकास के लिए यही बच्चे अच्छे नागरिक बनकर काम करेंगे ऐसा मुझे विश्वास है। उन्होंने स्कूल में संचालित गतिविधियों की सराहना की। कार्यक्रम में 15 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उनकी वर्ष भर की उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया।  इनमें अभय चंद्राकर, अनुष्का चंद्राकर, रजतराज साहू, हिमांशु साहू, दिव्या शर्मा, शौर्य वासनिक, अभव्या चंद्राकर, समारा दास,  रुद्राभिषेक प्रधान, अविरल चंद्राकर, अदिति चंद्राकर, सिद्धि गुप्ता, आर्या अग्रवाल, आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।

महासमुंद के लिए मिल का पत्थर : चुन्नीलाल

महासमुंद संसदीय क्षेत्र के सांसद (लोकसभा) चुन्नीलाल साहू ने रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल की शिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि दक्षिण-पश्चिम भारत में शिक्षा का स्तर बहुत अच्छा है। राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था महासमुंद में उपलब्ध कराने का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल में उपलब्ध कराई जा रही शिक्षा और शिक्षकेत्तर व्यवस्था क्षेत्र के प्रतिभागियों के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में महासमुंद भी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेगा। 

शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी : अग्नि

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष अग्नि चंद्राकर ने कहा कि ओड़िशा, मध्यप्रदेश की तर्ज पर महासमुंद में रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल जैसे इंटरनेशनल स्कूल की स्थापना से इंग्लिश मीडियम की शिक्षा समृद्ध होगी। उन्होंने अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों में संस्कार का क्लास लगाने पर जोर देते हुएकहा कि शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी है। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में इसका अभाव नजर आता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा के लिए अंग्रेजी भाषा की पढ़ाई आवश्यक है। 1960-70के दशक में तो पाठ्यक्रम से  'अंग्रेजी हटाओ आंदोलन' किया गया था।

उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था का मिलेगा लाभ : विनोद

छत्तीसगढ़ सरकार में संसदीय सचिव एवं  महासमुंद विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि  शिक्षा के क्षेत्र में महासमुंद उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर है। महासमुंद मेडिकल कॉलेज की स्थापना से मेडिकल शिक्षा का रास्ता खुला है। अंग्रेजी भाषा की शिक्षा को बढ़ावा देने सरकार आत्मानंद स्कूल प्रारंभ की है। विद्यार्थियों को मल्टीटैलेंट के लिए इस तरह के स्कूलों में अध्ययन करना चाहिए। रिवरडेल वर्ल्ड स्कूल की उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था से यहां के बच्चे निश्चित ही राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को साबित कर सकते हैं।

व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में अहम भूमिका

 स्वागत उदबोधन में स्कूल के डायरेक्टर अक्षत गोयल ने स्कूल की गतिविधियों और स्थापना के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। गोयल ने कहा कि वर्ल्ड क्लास शिक्षक की व्यवस्था,  गुवाहाटी, दार्जलिंग, असम से यहां शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। रिवरडेल स्कूल में इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।  कोरोना काल से जूझते हुए भी बहुत कम समय में स्कूल ने विशेष स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्कूल के बच्चों ने परचम लहराया है। दसवीं बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम आया है। राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट वीरेंद्र सतीजा छिंदवाड़ा, अतुल गोयल, कमलजीत अरोरा आदि ने भेंट किया। आभार ज्ञापन स्कूल की प्राचार्या पूजा शर्मा ने की।

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