Media24Media.com: सुरक्षित ड्राइविंग स्किल सिखाने में IDTR की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : CM बघेल

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सुरक्षित ड्राइविंग स्किल सिखाने में IDTR की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : CM बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  नवा रायपुर अटल नगर के तेंदुआ गांव में 17 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च छत्तीसगढ़ का लोकार्पण किया। प्रशिक्षण की सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस इंस्टीट्यूट का निर्माण तेंदुआ गांव में 20 एकड़ के विशाल भू-भाग पर किया गया है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षित ड्राइविंग स्किल सिखाने में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सुरक्षित परिवहन के लिए ये आवश्यक है कि हम स्वयं यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं। इसके साथ यह भी जरूरी है कि सामने वाला भी सही ढंग से वाहन चलाएं। आज छत्तीसगढ़ में बस, कार, मोटरसाइकिल, ट्रक, स्कूल बस मिलाकर लगभग 66 लाख वाहन हैं। इसलिए वाहनों की सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण और भी अधिक जरूरी हो जाता है। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर IDTR में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं और थर्ड जेंडर के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने और दिव्यांग अभ्यर्थियों को मुफ्त में प्रशिक्षण प्रदान करने की घोषणा की। CM बघेल ने विधायक धनेंद्र साहू के आग्रह पर नवा रायपुर की चेरिया-पौंता सड़क के निर्माण कार्य को राज्य सरकार के अगले मुख्य बजट में शामिल करने की घोषणा भी की।

परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और चंद्रदेव राय और विधायक धनेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी और मारुति सुजुकी इंडिया के CEO और MD केनिची आयुकावा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर परिवहन विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता, अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज नवा रायपुर में शुरू हुए इस इंस्टीट्यूट में विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें उन्हें गाड़ी चलाने, पार्किंग, बैक करने, चढ़ाव और टर्निंग पर गाड़ी कैसे चलाना है, यह सिखाया जाएगा। साथ ही वाहनों में लगे हुए यंत्रों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेज गति से वाहन चलाना नहीं बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि हमारा नियंत्रण अपने वाहन पर हो। 

उन्होंने कहा कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपनी युवा अवस्था में मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और कार चलाने के अनुभवों को भी आम जनता के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि पहले की गाड़ियों में कम फंक्शन होते थे, लेकिन आज गाड़ियों में बहुत से फंक्शन हैं, सुरक्षित यातायात के लिए यह गाड़ी के फंक्शन की जानकारी होना जरूरी है। इंस्टीट्यूट में गाड़ी के इंजन, पिस्टन समेत विभिन्न यंत्रों की कार्य प्रणाली की जानकारी टेक्निकल लैब में मॉडलों और वीडियो के माध्यम से दी जाएगी। जिससे गाड़ी में आने वाली छोटी मोटी खामियों को दुरूस्त किया जा सके।

ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में पूरे देश में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय प्रभावित था, तब छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ ट्रांसपोर्टरों की समस्या को समझा और उन्हें टैक्स में छूट प्रदान की। उन्होंने कहा कि देश में ट्रांसपोर्टरों को टैक्स में इतनी छूट कहीं भी नहीं दी गई। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया और IDTR के प्रशिक्षण वाहनों को हरी झंडी दिखाई। CM बघेल ने सिम्युलेटर में बैठकर वाहन चलाने का अनुभव भी लिया। मुख्यमंत्री ने परिसर में चंदन का पौधा भी रोपा।  

परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग दिया जाएगा। यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को शासकीय विभाग में वाहन चालक पद पर भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। 

प्रशिक्षण पूरा करने वालों को लाइसेंस

प्रशिक्षण पूरा करने वालों को लाइसेंस दिए जाएंगे। उन्होंने परिवहन विभाग की 'तुंहर सरकार-तुंहर द्वार' योजना के संबंध में बताया कि इस योजना में 4 लाख 65 हजार 918 लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस घर पहुंचाकर दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को समझा और उनके समाधान के लिए उदारता के साथ फैसले लिए, जिससे उन्हें राहत मिली।

अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू ने अपने विधानसभा क्षेत्र में विश्वस्तर के ड्राइविंग ट्रेनिंग और रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया। उन्होंने चेरिया-पौंता सड़क का निर्माण कराने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया। विधायक साहू ने धान खरीदी के लिए प्रदेशभर में की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। मारुति सुजुकी इंडिया के CEO और MD केनिची आयुकावा ने कहा कि उनके संस्थान द्वारा बीते 20 साल में पूरे देश में 39 लाख लोगों को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया गया है। 

नवा रायपुर में स्थित यह IDTR मारूति सुजुकी का देश में 8वां संस्थान है। उन्होंने नमस्ते कहकर अतिथियों का अभिवादन किया। परिवहन विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि इस इंस्टीट्यूट में एक साथ 250 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा सकता है। यहां 80 सीटर हॉस्टल की सुविधा भी है। यहां प्रशिक्षणार्थियों के लिए योगा, TV रूम, प्ले ग्राउंड की व्यवस्था भी है। इस साल 2 हजार लोगों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य हैं। अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में बस एसोसिएशन, स्कूल एसोसिएशन, मारूति डीलर्स, रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। 

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