Media24Media.com: दुखद: कोरोना से शिक्षक दंपति की मौत, अनाथ हुए 2 बच्चे

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दुखद: कोरोना से शिक्षक दंपति की मौत, अनाथ हुए 2 बच्चे

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कोरोना की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचा रखा है। रोजाना देश में कोरोना से हजारों लोगों की मौत हो रही है। इसी बीच बस्तर से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर आप अपने आपको पूरी तरह से असहाय महसूस करने लगेंगे। बस्तर में कोरोना ने दो मासूम बच्चों के सिर से मां-बाप का साया छीन लिया है।





माना बाल सुधार गृह के 45 बच्चे और 5 स्टाफ पॉजिटिव, इलाज के बाद सभी स्वस्थ





जानकारी के मुताबिक बास्तानार में पदस्थ शिक्षक भागीरथी ओगरे कोरोना से संक्रमित हो गए थे, उन्हें डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। इस दौरान उनकी पत्नी संतोषी ओगरे भी संक्रमित हो गईं, उन्हें घर पर ही आइसोलेट किया गया था। शिक्षक की एक 5 साल की बेटी और 3 साल का बेटा है। शनिवार की रात शिक्षक की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। रविवार की सुबह जब शिक्षक की बच्ची उठी तो उसने अपनी मां को उठाने की कोशिश की, लेकिन मां ने कोई जवाब नहीं दिया।





पेड़ के नीचे घंटों खड़े रहे बच्चे





मां के जवाब नहीं देने पर बच्ची ने मकान मालिक को जाकर बताया कि मां कुछ बोल नहीं रही, तब जाकर पता चला कि उसकी मां की भी मौत हो चुकी है। इसके बाद मासूम बच्चे पेड़ के नीचे घंटों खड़े रहे, लेकिन कोरोना संक्रमण के डर के चलते मदद के लिए कोई पास नहीं आया। पिता के बाद घर पर मां की मौत से अनजान मासूम बच्चे घर के सामने पेड़ के नीचे बैठे रहे, लेकिन पड़ोसी चाह कर भी मदद को पास नहीं आ पाए।





थाना प्रभारी ने की बच्चों के खाने की व्यवस्था





पड़ोसियों ने बताया कि सुबह एक डॉक्टर पहुंचे थे, जिन्होंने संतोषी ओगरे की जांच कर उन्हें मृत घोषित कर दिया था, लेकिन उनके संपर्क में रहे बच्चों की स्थिति जानने के लिए घंटों जांच टीम नहीं पहुंची थी। इस वजह से कोई भी बच्चों के पास नहीं जा रहा था। तभी कुछ देर बाद कोड़ेनार थाना प्रभारी संतोष सिंह अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और उन्होंने बच्चों के खाने की व्यवस्था की।





CMHO ने दी जानकारी





इस पूरे मामले में हाल ही में CMHO का पद संभालने वाले राजन ने बताया कि घर पर आइसोलेट में रह रही संतोषी ओगरे की जांच रिपोर्ट पहले नेगेटिव थी, लेकिन पति के बाद दोबारा उनकी जांच की गई तो वह पॉजिटिव हो चुकी थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती होने को कहा गया तो उन्होंने छोटे बच्चों का हवाला देते हुए घर पर ही रहने की बात कही।





कलेक्टर ने ने की कार्रवाई की बात





CMHO ने कहा कि उनकी टीम लगातार महिला की जांच कर रही थी और निगरानी में रखा गया था। सुबह मौत की जानकारी के बाद बच्चों की स्थिति और उनकी व्यवस्था के लिए भी उन्होंने BMO को निर्देश देने की बात ने कही। पड़ोसियों ने बताया कि बच्चों के खाने की व्यवस्था थानेदार ने की और चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम के पहल करने के बाद शाम को लगभग 4 बजे के बाद महिला के शव को मेडिकल कॉलेज ले जाया जा सका। इस पूरे मामले में बस्तर कलेक्टर ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।


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