बिलासपुर (Bilaspur News) में एक मां की लापरवाही उससे हमेशा के लिए उसका बच्चा छिन सकती थी। माएं नवजात के नाक, कान को साफ करने के लिए कई तरह के तरीके अपनाती हैं, जिनमें से कुछ सुरक्षित नहीं होते। ऐसा ही कुछ इस मां ने भी किया, नवजात को सर्दी हो गई थी जिसके बाद मां, बच्चे नाक को सेफ्टीपिन (नवजात के पेट में सेफ्टीपिन) से साफ करने लगी।
इस दौरान गलती से पिन बच्चे के मुंह से होता हुआ पेट के अंदर चला गया, जिसके बाद घबराकर मां बच्चे को लेकर रोने बिलखने लगी। परिजनों को जब इस बात की खबर लगी तो तुरंत उसे लेकर अस्पताल की ओर दौड़ने लगे। बिलासपुर से उन्हें रायपुर जाने की सलाह दी गई. इस बीच 6 घंटे बीत चुके थे। शिशु रोग विशेषज्ञ ने बगैर ऑपरेशन किए एंडोस्कोपी के जरिए से सेफ्टीपिन बाहर निकाला।
सेफ्टीपिन निकालना चुनौतीपूर्ण काम
14 दिन के बच्चे के पेट से सेफ्टीपिन निकालना (नवजात के पेट में सेफ्टीपिन) अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण काम है। बच्चे की नसें और उसकी आंत पूरी तरीके से नाजुक और छोटी होती है। ऐसे में बहुत सावधानी रखने की जरूरत पड़ती है। डॉक्टर ने काफी अच्छे से जांच करने के बाद ही बच्चे (Bilaspur News) के पेट के अंदर से एंडोस्कोपी के माध्यम से सेफ्टीपिन बाहर निकाला।
बच्चे के मुंह के जरिए फोरसेप लगा केबल डाला गया। इसमें कैमरा भी लगा था, कैमरे के जरिए कंप्यूटर स्क्रीन में अंदर की तस्वीर दिख रही थी। पिन छोटी आंत में दिखी, बड़ी ही सावधानी के साथ केबल को छोटी आंत तक ले जाया गया और फोरसेप के जरिए पिन निकाली गई।