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अचानक मवेशी आने से पलटी तेज रफ्तार पिकअप, 3 लोगों की मौत, 16 घायल

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छत्तीसगढ़ दिन-ब-दिन सड़क हादसों का गढ़ बन रहा है। ताजा मामला प्रदेश की न्यायधानी राजनांदगांव का है, जहां गंडई क्षेत्र में सड़क पर अचानक मवेशी आ जाने से पिकअप पलट गया। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि 16 लोग घायल हैं। इनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी का इलाज गंडई अस्पताल में जारी है। जानकारी के मुताबिक पंचदेवरी के रहने वाले जितेंद्र टंडन के घर में शादी कार्यक्रम था। 

शादी में शामिल होने के लिए अहिरवारा के रहने वाले राज टंडन (उम्र 24), सरजू टंडन (उम्र 25) और भुवन लाल (उम्र 65) समेत अन्य लोग एक पिकअप में सवार होकर गंडई पंडरिया आ रहे थे। इसी बीच धोधा गांव के चौक के पास सड़क पर अचानक से मवेशी आ गए, जिससे चालक तेज रफ्तार पिकअप को नियंत्रित नहीं कर सका और सड़क किनारे जाकर पलट गई। 

6 घायलों को किया गया मेडिकल कॉलेज रेफर

हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को गंडई अस्पताल लेकर गए, जहां पर भुवन लाल ने दम तोड़ दिया। वहीं प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर 6 घायलों को डॉक्टरों ने राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस दौरान रास्ते में राज टंडन (उम्र 24) और सरजू टंडन (उम्र 25) की भी मौत हो गई। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें पंचदेवरी के रहने वाले सूरज टंडन, संजय कुमार, सत कुमार, हेमू जोशी, शानू जांगड़े, गणेश राम, नरेंद्र, कपिल जोशी चेतन क्षितिज जोशी, पंकज जोशी और भोलाराम शामिल हैं। अन्य 4 लोगों के नाम सामने नहीं आ सके हैं। पुलिस ने पिकअप चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। 

सड़क हादसों से हर 4 मिनट में एक मौत

विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है। रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।' 

सड़क हादसे में CAF जवान की मौत, गुना CMHO की भी गई जान

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छत्तीसगढ़ हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में किसी न किसी दुर्घटना की खबर रोजाना सामने आ रही है। ताजा मामला बिलासपुर का है, जहां बीजापुर में पदस्थ CAF जवान की सड़क हादसे में मौत हो गई। दरअसल, उसकी तेज रफ्तार बाइक खड़े ट्रक से टकरा गई, जिसके चलते मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक शिव नारायण पोर्ते बिलासपुर के सेमरिया गांव का रहने वाला था। वो बीजापुर में छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स CAF में पदस्थ था। 15 दिन पहले वो छुट्‌टी पर अपने गांव आया था। शनिवार की सुबह वो घर से निकला था। दिनभर काम निपटाने के बाद रात में वो अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान ये हादसा हुआ। 

हादसे के बाद आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से खून से लथपथ शिवनारायण को इलाज के लिए कोटा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। कोटा पुलिस ने इस घटना की सूचना शिवनारायण के परिजनों को दी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य देर रात अस्पताल पहुंच गए। रात होने की वजह से शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। वहीं रविवार की सुबह शव का पोस्टमॉटर्म कराया गया। फिर परिजन उसे लेकर गांव चले गए।

सड़क हादसे में गई गुना CMHO की  जान

वहीं शिवपुरी जिले के अमोला में रविवार सुबह गुना CMHO  हेमंत गौतम की कार फोरलेन हाईवे पर आगे चल रहे एक टैंकर में घुस गई। हादसे में गौतम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि ड्राइवर की हालत नाजुक है, जिसे करैरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि हादसे के वक्त हाईवे पर इतना कोहरा था कि ड्राइवर को आगे चल रहा टैंकर नजर ही नहीं आया और वो टैंकर में घुस गई। CMHO गौतम दतिया के रहने वाले थे। रविवार सुबह वो किसी काम से अपने घर दतिया जा रहे थे। दतिया पहुंचने से पहले शिवपुरी में ही उनकी मौत हो गई।

शिवपुरी में हुए हादसे का शिकार

शनिवार को कलेक्टर फ्रैंक नोबल के बेटे का जन्मदिन था। इस दौरान कलेक्टर बंगले पर एक पार्टी का आयोजन किया गया था। CMHO गौतम भी उस पार्टी में शामिल हुए थे। देर रात तक चली पार्टी में सभी लोगों का डिनर भी कलेक्टर बंगले पर ही हुआ था। रविवार सुबह 5 बजे के लगभग CMHO गुना से दतिया जाने के लिए निकल गए थे, लेकिन शिवपुरी में ही वे हादसे का शिकार हो गए।

जिले के दो अधिकारी सड़क हादसे में अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे पहले 14 दिसंबर को PRO केपी दांगी की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बैरसिया में एक शादी समारोह से लौटते हुए बीनागंज में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दांगी ने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया था। 20 दिन के अंदर यह दूसरी घटना है, जिसमें CMHO ने अपनी जान गंवाई। बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। 

सड़क हादसों से हर 4 मिनट में एक मौत

विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है। रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।' 

हादसों से भरा रहा नए साल का दूसरा दिन, 7 लोगों की मौत, कई घायल

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देश में नए साल का दूसरा दिन भी हादसों से भरा रहा। दरअसल, अलग-अलग जिले में हुए सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल है। पहला मामला MP के ग्वालियर का है, जहां घाटीगांव में रविवार सुबह तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में घुस गई। परिवार उज्जैन से महाकाल के दर्शन कर लौट रहे थे। परिवार उत्तरप्रदेश के मैनपुरी का रहने वाला है। हादसे में दादा-पोता समेत तीन की मौत हो गई। जबकि मां-बेटे घायल हो गए। बताया जा रहा है कि कोहरे के कारण कार ड्राइवर को सड़क किनारे खड़ा ट्रक नहीं दिखा, जिससे ये हादसा हुआ।

 

जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद क्रेन की मदद से ट्रक में फंसी कार को निकाला गया। उसमें फंसे तीन लोगों को निकाला गया, लेकिन सभी की मौत हो चुकी थी। इसी कार के पीछे एक अन्य कार में मृतकों के अन्य परिजन और दोस्त आ रहे थे। हादसे की खबर उन्होंने ही पुलिस को दी है। मृतक में रोहित भी था, जिसने शाम को उज्जैन से निकलते समय सभी की एक सेल्फी अपने मोबाइल से ली थी। ये उनके जीवन की आखिरी सेल्फी थी।

UP का रहने वाला था परिवार

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले 50 साल के रमेशचंद्र शर्मा पुत्र श्याम बाबू शर्मा का लोहे का कारोबार है। वो दो दिन पहले परिवार और दोस्तों के साथ नया साल मनाने के लिए उज्जैन स्थित महाकाल आए थे। उनकी कोई मनोकामना पूरी हुई थी। दर्शन करने के बाद जब वह वहां से मैनपुरी के लिए निकल रहे थे। कार रमेशचन्द्र का बेटा शिवाजी शर्मा चला रहा था। पीछे दूसरी कार में अन्य दोस्त और रिश्तेदार थे। हादसे में आगे की सीट पर सवार रमेश चन्द्र शर्मा (50) निवासी मैनपुरी, उनका पोता सोहम शर्मा (08), पड़ोसी रोहित गुप्ता (22) की मौके पर ही मौत हो गई। इसी कार में सवार ड्राइवर शिवाजी शर्मा और उसकी मां ओमवती शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने घायलों को जेएएच के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। 

नदी में गिरी बस, 3 लोगों की मौत

दूसरा मामला भी MP का है, जहां के अलीराजपुर में खंडवा-बड़ौदा रोड पर पुलिया की रेलिंग तोड़कर बस 15 फीट नीचे नदी में गिर गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि 28 लोग घायल हैं। इनमें 7 बच्चे हैं। 1 बच्चे को इंदौर रेफर किया गया है। बाकी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बस गुजरात के भुज से बड़वानी जा रही थी। वहीं बस ड्राइवर हादसे के बाद से फरार है। 

कुछ लोगों का कहना है कि ड्राइवर को झपकी आ गई थी। इस वजह से ये हादसा हुआ। अलीराजपुर कलेक्टर मनोज पुष्प और SP मनोज कुमार घटनास्थल से सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने CMHO, सिविल सर्जन और अन्य डॉक्टर्स को घायलों का अच्छे से इलाज करने के निर्देश दिए। अलीराजपुर SP मनोज सिंह ने कहा कि ड्राइवर को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ये स्थानीय बस है। फिटनेस सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन की जांच कर रहे हैं। 

ट्रक की टक्कर से अधेड़ की मौत

तीसरा मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का है, जहां हुए भीषण सड़क हादसे में एक अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि ट्रक ने उसे इतनी बुरी तरह रौंदा कि उसका एक पैर कटकर अलग हो गया, जिसकी वजह से कुछ देर बाद ही उसकी जान चली गई। हादसे के वक्त अधेड़ बस बना रहे ड्राइवर और हेल्पर को टार्च दिखा रहा था। इस दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने पहले उसे रौंदा फिर बस से जा टकराया। इससे 2 महिला भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। हादसा बालोद-कांकेर जिले की सीमा पर गुरूर थाना के चारामा के पास हुआ है।

जानकारी के मुताबिक रायपुर की तरफ से एक बस जगदलपुर जा रही थी। तभी रास्ते में करीब रात 11 बजे बस खराब हो गई, जिसके कारण बस को नेशनल हाईवे 30 में मुजलगोंदी चारामा के पास रोका गया था। बस का ड्राइवर और हेल्पर उसे बनाने में लगे थे। इस दौरान उन्हें लाइट की जरूरत थी, जिसके चलते नरेश उन्हें टार्च दिखा रहा था। इतने में पीछे से आई ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद ट्रक सीधे बस से टकरा गई। इससे 2 अन्य लोग भी घायल हो गए। घटना के बाद से ट्रक चालक फरार हो गया है।

बताया जा रहा नरेश गुप्ता गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला है। वहीं घायल महिला खुशबू (उम्र 48) भी अहमदाबाद की ही रहने वाली है। नरेश गीदम में किसी रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। उससे पहले ही ये हादसा हो गया है। घटना के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टर्स ने नरेश को मृत घोषित कर दिया। जबकि एक महिला को रायपुर रेफर किया गया। एक अन्य महिला का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। घटना में घायल एक महिला का नाम अभी नहीं पता चल सका है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दो अलग-अलग राज्यों में सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत, 5 घायल, रफ्तार बनी हादसे की वजह

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देश में सड़क दुर्घटना (Road accident increased in India) लगातार बढ़ता ही जा रहा है। देश के अगल-अलग राज्यों में हुए सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है। 5 घायल है। पहला मामला गुजरात के अहमदाबाद जिले का है, जहां वलाना गांव में दो वाहनों के बीच टक्कर हो गई, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 3 लोग घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह एक टैंकर और वैन के बीच टक्कर हो गई। जिसमें वैन सवार पांच लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि वटमान को भावनगर से जोड़ने वाली सड़क पर दुर्घटना सुबह पांच बजे हुई। कोठ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि 8 लोग एक वैन से आनंद जिले के खंभात जा रहे थे। वैन सड़क पर गलत दिशा में चल रही थी और तभी वलाना गांव के निकट एक टैंकर ने वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एक ने खंभात के एक अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। 

मृतकों में 2 महिलाएं भी शामिल

अहमदाबाद जिले के वलाना गांव के पास हुए इस हादसे में 3 लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और शवों को निकालने में कई घंटे लग गए। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। घायलों का खंभात के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

बाइक सवार नाबालिग की मौत

दूसरा मामला छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का है, जहां पचेड़ा गांव के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार नाबालिग की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक नाबालिग और एक युवक घायल हो गए हैं। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से नाबालिग की हालत गंभीर है। हादसे के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया था।  

पेंटिंग का काम करता था मृतक

जानकारी के मुताबिक नैला चौकी क्षेत्र के सिवनी गांव में पेंटिंग का काम करने वाले दुलाराम बरेठ (उम्र 17) अपने दो साथियों रतन कंवर (उम्र 17) और देवनारायण कंवर (उम्र 25) के साथ खरताल गांव पेंटिग का काम करने जा रहे थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे और दुलराम उसे चला रहा था। इसी बीच बाइक पचेड़ा गांव के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर की ट्राली से टकरा गई। 

ट्रैक्टर ड्राइवर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

हादसे में दुलाराम बरेठ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रतन कंवर और देव नारायण घायल हो गए। रतन कंवर की हालत गंभीर है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। जांच में पता चला कि ट्रैक्टर चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया था, जिससे ट्राली पलट गई। इसके चलते ट्रैक्टर सड़क से नीचे खेत में उतर गया। पुलिस ने पुरानी बस्ती निवासी ट्रैक्टर चालक जय सिंह गोड़ को हिरासत में ले लिया है। जबकि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।  

नियमों की अनदेखी से बढ़ रहा सड़क हादसा

भारत में सुरक्षित यात्रा करने के लिए भारत सरकार ने लोगों की जीवन सुरक्षा के लिए यातायात के नियम ( Traffic rules) बनाए हैं, जिन नियमों का पालन करना हर भारतीय का परम कर्तव्य है, लेकिन वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि इन्हीं यातायात के नियम की अनदेखी के कारण हुआ है।

सालाना डेढ़ लाख लोगों की मौत

बता दें कि भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क हादसे होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है।

सड़क हादसों से हर 4 मिनट में एक मौत

रिपोर्ट के मुताबिक 'सड़क हादसों में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर 4 मिनट में एक मौत होती है।' 

BREAKING : मॉर्निंग वॉक पर निकले 4 युवकों को ट्रक ने मारी टक्कर, चारों की मौके पर ही मौत

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देश में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना देश के अलग-अलग राज्यों से सड़क हादसों की कई खबरें सामने आती रहती है। वहीं इन हादसों में रोजाना 100 से ज्यादा लोगों की जान जा रही है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की है, जहां मॉर्निंग वॉक पर निकले 4 युवकों को एक अज्ञात ट्रक ने रौंद दिया। इस हादसे में चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर ट्रक लेकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रक भानुप्रतापपुर की ओर से आ रही थी। यह घटना कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र के देवरी गांव की है।





वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने रास्ते को जाम कर दिया है और शवों को उठाने से मना किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि अज्ञात ट्रक ड्राइवर की गिरफ्तारी और ट्रक मालिक के द्वारा मृतक के परिजन को मुआवजा राशि दी जाए। फिलहाल पुलिस चक्काजाम हटाने की कोशिश में जुटी हुई है। इधर, आक्रोशित ग्रामीण मार्ग से हटने को तैयार नहीं है। जब तक अज्ञात ट्रक मालिक मौके पर आ ना जाए। वहीं थोड़ी दूर में चक्काजाम को देख भानुप्रतापपुर से आ रही बस को मोड़ने के चक्कर में ड्राइवर ने अपने ही कंडेक्टर को दबा दिया है, जिसमें उसकी भी मौके पर मौत हो गई है।


रोजाना होती है 400 लोगों की मौत


भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़कों पर वाहन दुर्घटनाओं के चलते विश्वभर में होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत मौत भारत में होती हैं। विश्वबैंक की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। भारत में सालाना करीब साढ़े चार लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है। बता दें कि भारत में हर दिन 1374 सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 400 लोगों की जान चली जाती है।  सिर्फ पिछले एक साल में करीब डेढ़ लाख लोग सड़क हादसों में जान गंवा बैठे। घायल होने वालों की संख्या तो पांच लाख से भी ज्यादा थी।


सड़क हादसे में 13 लाख लोगों की मौत


रिपोर्ट में कहा गया कि सड़क दुर्घटनाओं में हताहत होने वाले लोगों में सबसे ज्यादा भारत के होते हैं। भारत में दुनिया के सिर्फ एक फीसदी वाहन हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में होने वाली मौतों में भारत का हिस्सा 11 प्रतिशत है। देश में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और हर चार मिनट में एक मौत होती है। रिपोर्ट के मुताबिक एक दशक में भारतीय सड़कों पर 13 लाख लोगों की मौत हुई है और इनके अलावा 50 लाख लोग घायल हुए हैं।


सबसे ज्यादा युवा वर्ग हो रहे हैं हादसे का शिकार


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के हाल ही में किए गए एक अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि भारत में सड़क हादसों से 1,47,114 करोड़ रुपये की सामाजिक और आर्थिक क्षति होती है, जो जीडीपी के 0.77 प्रतिशत के बराबर है। मंत्रालय के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं का शिकार लोगों में 76.2 प्रतिशत ऐसे हैं, जिनकी उमग्र 18 से 45 साल के बीच है। यानी ये लोग कामकाजी आयु वर्ग के हैं।

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