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IED की चपेट में आने से ITBP का एक जवान शहीद, एक घायल, नक्सलियों ने लगाई थी IED

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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकत की खबरें आए दिन सामने आती रहती है। वहीं कई बार इसका खामियाजा हमारे सूरक्षाबल के जवानों को भुगतना पड़ता है।  नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने ऐसे ही कायराना करतूत को अंजाम दिया है। दरअसल, नक्सलियों के प्लांट किए गए IED की चपेट में आने से  ITBP का एक अधिकारी शहीद हो गया है। ब्लास्ट में एक हेड कॉन्स्टेबल भी जख्मी हुआ है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने घात लगाकर ITBP के जवानों पर हमला किया। घायल जवान को एयरलिफ्ट करके रायपुर इलाज के लिए भेजा गया है। नारायणपुर के SP सदानंद कुमार ने बताया कि नक्सलियों ने जवानों के रास्ते पर IED लगाया था। इस ब्लास्ट में जवान शहीद हो गया। 

जानकारी के मुताबिक ITBP की टुकड़ी पेट्रोलिंग के लिए निकली थी। सोनापुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने IED लगाया था। जवान इसी की चपेट में आ गए। इस ब्लास्ट में एक जवान शहीद हो गया और एक घायल हो गया। SP सदानंद कुमार ने बताया कि ASI राजेंद्र कुमार हमले में शहीद हो गए। वहीं कांस्टेबल महेश कुमार घायल हैं। इससे पहले 13 मार्च को सुकमा जिले में नक्सलियों से मुठभेड़ में DRG के दो जवान घायल हो गए थे। बस्तर रेंज के महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने बताया था कि मुठभेड़ रविवार सुबह केरलापाल पुलिस थाने के अंतर्गत चिछोरगुडा गांव के नजदीक जंगल में उस समय हुई जब राज्य के नक्सलरोधी बल DRG के जवान सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त कर रहे थे।

DRG के 2 जवान घायल

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में DRG कांस्टेबल सोमदु पयम और सहायक कांस्टेबल मेहरु राम कश्यप घायल हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजा गया था। साथ ही इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि घायल जवानों को सुकमा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर है। 

लगातार हो रहे हमले

बता दें कि बीते दिनों कांकेर में नक्सलियों के लगाए IED की चपेट में आने से SSB का जवान घायल हुआ था। रेलवे लाइन विस्तार काम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सीमा बल के जवान गश्त पर निकले थे। इसी दौरान एक जवान IED की चपेट में आ गया। मौके पर घात लगाए नक्सलियों ने विस्फोट के बाद जवानों पर हमला भी किया, लेकिन जवानों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में नक्सली मोर्चा छोड़ कर भाग निकले।

वहीं 20 जनवरी को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख के इनामी एरिया कमेटी मेंबर मड़कम मुइया मार गिराया गया था, जिसके बाद चिंतागुफा थाना क्षेत्र के करीगुंडम और माटेमरका के जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सली कैंप ध्वस्त कर दिया। यहां से तलाशी में 3 बंदूक, 3 किलो वजनी IED, 80 मीटर बिजली का तार, 2 पिटठू बैग समेत नक्सली साहित्य बरामद किया गया था।

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे है।बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

नारायणपुर में जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक नक्सली ढेर

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में भरंडा BSF कैंप के पास पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है। SP गिरजाशंकर जायसवाल ने घटना की पुष्टि की है। 

वहीं नारायणपुर जिले में मारे गए कथित नक्सली के परिजनों ने उसके नक्सली संगठन से जुड़े होने से इंकार करते हुए उसे किसान बताया है। नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक गिरिजाशंकर जायसवाल ने सोमवार को बताया कि जिले के भरंडा थाना क्षेत्र में दो दिन पहले ​बम विस्फोट की घटना हुई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि नक्सली गणतंत्र दिवस पर ऐसी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस दल को भरंडा गांव रवाना किया गया। जब पुलिस दल के जवान रात करीब डेढ़ बजे भरंडा गांव में पुल के करीब पहुंचे तब नक्सलियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। 

परिजन ने पुलिस के दावे को बताया गलत

पुलिस की जवाबी कार्रवाई के साथ ही मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुछ देर बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। बाद में जब घटनास्थल की तलाशी ली गई तब वहां एक नक्सली का शव, भरमार बंदूक, कुकर बम और विस्फोटक बरामद हुआ। जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाद में मारे गए नक्सली की पहचान भरदा गांव के रहने वाले मानूराम नुरेटी (उम्र 26) के रूप में की गई है। वहीं मानूराम के परिजनों ने पुलिस के इस दावे का खंडन किया है कि वो नक्सली था। मानूराम के बड़े भाई और पुलिस में जवान रैनु राम नुरेटी ने कहा कि उनका भाई नक्सली नहीं था बल्कि उनका परिवार खुद नक्सली हिंसा का शिकार है।

DRG में पदस्थ है मृतक का भाई

नारायणपुर पुलिस के DRG इकाई में आरक्षक के पद पर तैनात रैनु राम ने बताया कि उनके भाई मानूराम ने पुलिस के बस्तर फाइटर के लिए हो रही भर्ती में आरक्षक पद के लिए आवेदन किया था और उसकी तैयारी कर रहा था। मानूराम की पत्नी मनबती नुरेटी का कहना है कि उसका पति एक किसान था। उसके पास कभी हथियार नहीं था। मनबती ने बताया कि रविवार की रात खाना खाने के बाद मानूराम टहलने के निकला था। उसके हाथ में गुलेल था।

पत्नी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मानूराम की पत्नी ने बताया कि 'मानूराम ने मेरा स्वेटर और चप्पल पहना था।' मनबती ने पुलिस के दावे को झूठा बताया है। वहीं मनबती और अन्य ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर नारायणपुर जिले के कलेक्टर को पत्र भी लिखा है। मानूराम के परिजनों के दावे को लेकर नारायणपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर ने कहा इस तरह के आरोप नक्सलियों के दबाव में लगाए जाते हैं। चंद्राकर ने कहा कि मारे गए नक्सली का भाई DRG का आरक्षक है। वो पहले नक्सली संगठन में था। बाद में वो पुलिस में शामिल हो गया। मानूराम ने शायद अपने भाई को नहीं बताया था कि वो नक्सली है। वो मुठभेड़ में मारा गया है। इस दौरान वहां अन्य नक्सली भी मौजूद थे। पुलिस ने घटनास्थल से एक हथियार भी बरामद किया है।

BSF ADG आरएस भट्टी ने दी जानकारी

इधर, रायपुर में BSF ADG आरएस भट्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा सीमा पर सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते 10 सालों में BSF ने 18 नक्सलियों को मारा गिराया है। वहीं 1650 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 38 जवान और अफसर शहीद हुए हैं। जबकि 891 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। ADG ने बताया कि अब तक 1473 हथियार और 958 IED जब्त किया गया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस चला रही कई तरह के अभियान

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है, जिससे प्रभावित होकर कई नक्सली आत्मसमर्पण भी कर रहे है। जबकि सूरक्षाबल के जवान कई नक्सलियों को गिरफ्तार भी कर रहे है, जिससे बौखलाएं नक्सली इस तरह के कायरना हरकत कर रहे हैं। बता दें कि प्रदेश में बीते साल के मुताबले इस साल नक्सली हमले और गतिविधियां कम हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। 

नक्सली लगातार दे रहे वारदात को अंजाम

पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं।

नक्सलियों ने की पुलिया निर्माण में लगे मुंशी की हत्या, ट्रैक्टर और JCB को भी किया आग के हवाले

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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक बार फिर नक्सलियों की कायराना करतूत (Naxalites attacks) सामने आई है। नक्सलियों ने जिले के मढ़ोनार में चल रहे पुलिया निर्माण कार्य में लगे मुंशी को मौत के घाट उतार दिया है। साथ ही पुलिया निर्माण कार्य में लगे वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया है। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने JCB, ट्रैक्टर और बाइक को आग के हवाले कर दिया है। एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने घटना की पुष्टि की है।


पुलिस की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए लगातार किसी न किसी कायराना करतूत को अंजाम देने में लगे हुए हैं। नक्सली लगातार पुलिस की नाक के नीचे मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या कर रहे हैं और विकास कार्यों में रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं। संभाग के अलग-अलग जिलों में आए दिन नक्सलियों की उत्पात की घटना सामने आती रहती है। नक्सली कभी मूखबिरी के शक में ग्रामीणों की जान लेते हैं तो कभी निर्माण कार्यों में लगे वाहनों को आग के हवाले कर देते हैं। ताकि काम पूरा न हो सकें। हालांकि पुलिस फिर भी हर स्तर पर ग्रामीणों तक विकास पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

5 साल में नक्सली हिंसा में इतने लोगों की गई जान

बीते 5 साल में छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा (Naxalite violence) में 1 हजार लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 314 आम लोग भी शामिल हैं। इनका नक्सल आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था। वहीं 220 जवान शहीद हुए हैं, साथ ही 466 नक्सली भी मुठभेड़ में मारे गए हैं।

जांजगीर-चांपा के कई वार्डों सहित नारायणपुर का बंगलापारा वार्ड माइक्रो कंटेनमेंट घोषित

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जांजगीर-चांपा कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने कोरोना संक्रमित व्यक्ति पाए जाने पर नगर पंचायत जैजैपुर के वार्ड क्रमांक- 3, तहसील बंहनीडीह के पोड़ीशंकर के वार्ड क्रमांक- 15 और तहसील बलौदा के ग्राम खारी के वार्ड क्रमांक -09 के पूरे क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है।  जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कंटेनमेंट  जोन में अति आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति सहित अपरिहार्य, स्वास्थगत आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर कंटेनमेंट जोन में आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 




कंटेनमेंट जोन के निवासी बिना अनुमति के अपने घरों से बाहर किसी भी परिस्थिति में नहीं निकलेंगे। चिन्हांकित क्षेत्र में पूरी तरह लॉकडाउन रहेगा। क्षेत्र के अंतर्गत सभी दुकानें, ऑफिस और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूरी तरह बंद रहेंगे। वाहनों के आवागमन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अति आवश्यक होने पर अलग से आदेश प्रसारित किया जाएगा। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित SDM को दी गई है। 


 PWD के कार्यपालन अभियंता को सौंपा गया दायित्व 


स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य निगरानी, सैंपल की जांच की व्यवस्था की जाएगी। कानून-व्यवस्था, कंटेनमेंट जोन को सील करने और गश्त करने के लिए आवश्यक पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस अधीक्षकऔर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में सिर्फ एक प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था के लिए PWD के कार्यपालन अभियंता को दायित्व सौंपा गया है।

     

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स्वास्थ्य विभाग के SOP के मुताबिक PPE कीट, मास्क उपलब्ध करवाने, घरों का एक्टिव सर्विलांस, मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी को दी गई है। कंटेनमेंट क्षेत्र में सैनिटाइज के लिए नगर पंचायत जैजैपुर, जनपद पंचायत बम्हनीडीह और जनपद पंचायत बलौदा  के सीएमओ को दायित्व सौंपा गया है।


 बंगलापारा वार्ड माइक्रो कंटेनमेंट घोषित


नारायणपुर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लगातार कोशिश की जा रही है, जिसके तहत जिले के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इसमें बंगलापारा वार्ड में 1 व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण से फैलाव को देखते हुए बंगलापारा के पूर्व दिशा दिनेश नेताम के घर तक, पश्चिम दिशा मेनोनाइट चर्च के किनारे वाली दिवाल तक, उत्तर दिशा सहकारी लेंपस से शांति नगर जाने वाली सड़क तक दक्षिण दिशा पक्की सड़क तक तक माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। 


घर के बाहर निकलना प्रतिबंधित


इन चिन्हांकित क्षेत्र अंतर्गत सभी दुकानें, हाट-बाजार और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। इसके साथ ही घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर सुनिश्चित की जाएगी। सभी प्रकार के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किन्हीं भी कारणों से घर के बाहर निकलना प्रतिबंधित रहेगा। स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप व्यवस्था के लिए पुलिस, पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार आवश्यक सर्विलांस,कॉन्टेक्ट ट्रैसिंग और सैंपल जांच की कार्रवाई की जाएगी।

अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन में दौड़े हजारों धावक, हैदराबाद के अनीब थापा रहे पहले स्थान पर

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दंतेवाड़ा. अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में आज हजारों धावकों ने दौड़ लगाई। मैराथन दौड़ सबेरे 6.30 बजे जिला मुख्यालय नारायणपुर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान से शुरू हुई। इस मैराथन दौड़ के लिए छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के 11 हजार 797 धावकों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया था।





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बस्तर सांसद दीपक बैज ने अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के तीसरे आयोजन में शामिल होकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्यामबती नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष सुनीता मांझी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी, नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नेलवाल, कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू, बस्तर आईजी पी.सुंदरराज, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राहुल देव एनएमडीसी और भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारीगण और अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन के ब्रांड एम्बेस्डर अनुज शर्मा और अनुराग शर्मा एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।





सांसद बैज और मुख्य अतिथियों ने सभी विजयी धावकों को पुरस्कृत किया और अपनी शुभकामनाएं दी। पहले स्थान प्राप्त विजेताओं को मैडल और 1 लाख 61 हजार रूपए की नकद राशि से पुरस्कृत किया गया। द्वितीय स्थान पर रहे धावक को 61 हजार रूपए और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को 31 हजार रूपए की नकद राशि और मैडल से पुरस्कृत किया गया। मैराथन दौड में 10 स्थान प्राप्त करने वालों को भी पुरस्कृत किया गया। इसके साथ ही नारायणपुर जिले और ओरछा विकासखंड के 10 पुरूष वर्ग और 10 महिला वर्ग को भी मैडल और 5-5 हजार रूपए की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।





मैराथन दौड़ शुरू होने के पूर्व हजारों धावकों को वार्मअप कराने हेतु जुम्बा डॉस कराया गया, जिसका धावकों ने खूब आनंद लिया। मैराथन दौड़ ओरछा विकासखंड के ग्राम बासिंग में संपन्न हुई जहां विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया गया। पुरूष वर्ग में हैदराबाद के अनीब थापा मगर ने 55 मिनट 19 सेकंड में 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं महाराष्ट्र के धावक अंगारिया विक्रम सिंह भरत ने 55 मिनट 59 सेकण्ड में दौड़ पूरी कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं महाराष्ट्र के ही दीपक बापू 56 मिनट 39 सेकण्ड में दौड़ पूरी कर तीसरे स्थान पर रहे।





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महिला वर्ग में अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन वर्ष 2020 में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली उत्तर प्रदेश की धाविका कुमारी रीनू ने इस मैराथन में 1 घंटा 7 मिनट 16 सेकेन्ड में दौड़ पूरी कर पहले स्थान प्राप्त किया। वहीं दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश के ही धाविका कुमारी तामसी सिंह ने 1 घंटा 7 मिनट 58 सेकण्ड में दौड़ पूरी कर द्वितीय स्थान पर रही। तीसरा स्थान महाराष्ट्र की कुमारी ज्योति जे चौहान ने प्रापत किया। इन्होंने दौड़ 1 घंटा 8 मिनट 42 सेकण्ड में पूरी की।


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