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कोरोना के बीच फिर बढ़ा बर्ड फ्लू का खतरा, 100 मुर्गियों के मरने से मचा हड़कंप

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देश में कोरोना की तीसरी लहर का कहर अभी थमा नहीं है। इसी बीच महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू का कहर देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। दरअसल, ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले शाहपुर तहसील के बेहलोली गांव की एक पोल्ट्री फार्म में अचानक करीब 100 मुर्गियों के मरने से हड़कंप मच गया है। जिले के पशुपालन विभाग को बर्ड फ्लू के खतरे से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। हालांकि मुंबई अब तक बर्ड फ्लू के खतरे से बचा हुआ है, लेकिन अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वक्त रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। 

ठाणे और पालघर जिले में बर्ड फ्लू के खतरे को बढ़ता हुआ देख BMC भी एक्टिव हो गई है और मुंबई में इस पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है और अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। अब तक मुंबई से सटे ठाणे पालघर और वसई-विरार जैसे शहरों में स्थानीय प्रशासन में बर्ड फ्लू की पुष्टि की है। मुंबई के चिकन विक्रेताओं का कहना है कि बर्ड फ्लू का खतरा मुंबई में नहीं है और अभी तक धंधे पर भी किसी का असर नहीं पड़ा है। हालांकि सावधानी बरती जा रही है।

25 हजार पक्षियों को मारा गया: पशुपालन मंत्री 

वहीं महाराष्ट्र के पशुपालन मंत्री सुनील केदार ने बर्ड फ्लू को लेकर कहा कि पालघर में करीब 1 हजार 922 और ठाणे में 23 हजार से ज्यादा पक्षियों को मारा गया है। पहले भी जब महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू आया था तब राज्य ने बहुत अच्छे से नियंत्रित किया था और इस बार भी हम इसे नियंत्रित कर लेंगे। 

गौरतलब है कि राज्य में कोरोना के हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में नजर आ रहे हैं और और संक्रमण दर अब तक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। इसी के चलते सरकार ने लोगों को पाबंदियों में राहत दी है, लेकिन बर्ड फ्लू की आहट से सभी लोग काफी चिंतित नजर आ रहे हैं।  

प्रवासी पक्षियों की वजह से फैलता है फ्लू (Bird Flu News)

पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मुताबिक भारत में बर्ड फ्लू का ज्यादातर संक्रमण प्रवासी पक्षियों के वजह से ही फैलता है। इसके बाद संक्रामक वस्तुओं से, जैसे कोई व्यक्ति, कपड़ा, सामान, खाने-पीने की वस्तुएं संक्रमित इलाके से देश के अंदर आई हों। हालांकि, भारत सरकार ने साल 2005 में ही बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए एक्शन प्लान बना लिया था। तब से इसी प्लान को अपडेट कर फॉलो किया जाता है।

ऐसा होता है बर्ड फ्लू का खतरा

बर्ड फ्लू से संक्रमित पहला इंसान साल 1997 में मिला था, जबकि इंसानों से इंसानों को बर्ड फ्लू होने का पहला मामला साल 2003 में चीन में सामने आया था। उससे पहले इंसानों के एक दूसरे के संपर्क में आने से एच7एन9 (H7N9) वायरस के संक्रमण के कोई सबूत नहीं मिले थे। सिर्फ पक्षियों के साथ सीधे संपर्क में आने से इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमण का खतरा होता था।

इंसानों के लिए जानलेवा

बर्ड फ्लू वायरस पक्षियों और मुर्गियों के लिए तो जानलेवा होता ही है, साथ ही यह इंसानों के लिए भी जानलेवा है। इंसानों में बर्ड फ्लू से संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में सामने आया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तब से लेकर अब तक इससे संक्रमित होने वाले करीब 60 फीसदी लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए कोरोना की तरह इस वायरस से भी लोगों को बचकर रहने की जरूरत है।

2014 में मिला था पहला मामला

जनवरी 2014 में कनाडा ने अमेरिका में H5N1 वायरस से संक्रमित पहले व्यक्ति की सूचना दी थी। संक्रमित यात्री चीन से लौटा था। इसके बाद आज तक संयुक्त राज्य अमेरिका में H5N1 वायरस के संक्रमण की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। फ्लू के वायरस लगातार बदल रहे हैं और एनिमल फ्लू के वायरस इस तरह बदल सकते हैं कि वे लोगों को आसानी से संक्रमित करने और लोगों के बीच फैलने की क्षमता हासिल कर सकते हैं, जिससे महामारी फैल सकती है।

देश में फिर मंडराने लगा बर्ड फ्लू का खतरा, कई मुर्गियों के संक्रमित होने की पुष्टि

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देश में कोरोना की तीसरी लहर का कहर अभी थमा नहीं है। अभी भी रोजाना 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। वहीं रोजाना 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। इसी बीच महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ठाने के पड़ोसी जिले पालघर के वसई विरार इलाके के मुर्गी पालन केंद्र की मुर्गियों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। पालघर पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रशांत कांबले ने बताया कि मुर्गी पालन केंद्र (पोल्ट्री फार्म) की कुछ मुर्गियां मृत मिली थी, जिसके बाद उनके नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था।

डॉक्टर कांबले ने बताया कि जांच के नतीजे शुक्रवार रात को आए, जिसमें मुर्गियों के H5N1 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। कांबले ने दावा किया कि ये स्थिति गंभीर नहीं है। उन्होंने ये भी स्पष्ट नहीं किया कि पोल्ट्री फार्म की कितनी मुर्गियां मरी हैं। हालांकि जिले के कलेक्टर ने संक्रमित क्षेत्र के एक किलोमीटर की परिधि के इलाके को संक्रमित जोन घोषित किए हुए सभी पंक्षियों को मारने का आदेश दिया है।  

2 हजार पक्षियों को मारने के आदेश

वहीं संबंधित जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने सावधानी बरतते हुए इलाके में कुल 2 हजार पक्षियों को मारने के आदेश दिए हैं। इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि अभी तक इन दो जिलों के अलावा राज्य के किसी भी पक्षी में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने कहा कि इसके के अलावा संक्रमित क्षेत्र से 10 किलोमीटर के इलाके को सर्विलांस क्षेत्र घोषित कर दिया है। जिसका मतलब ये है कि इस 10 किलोमीटर के इलाके में किसी भी तरह का क्रय-विक्रय अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। 

ठाणे में सबसे पहले बर्ड फ्लू की पुष्टि

बता दें कि इस हफ्ते के शुरुआत में ठाणे जिले के शाहपुर तहसील स्थित वेहलोली गांव के पोल्ट्री फार्म में करीब 100 पक्षियों की मौत हुई थी, जिनके नमूनों की जांच में उन्हें बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई थी। अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जिला प्रशासन ने एक किलोमीटर के दायरे में मौजूद मुर्गी पालन केंद्रों की करीब 25 हजार पक्षियों को मारने का आदेश दिया था।

प्रवासी पक्षियों की वजह से फैलता है फ्लू (Bird Flu News)

पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मुताबिक भारत में बर्ड फ्लू का ज्यादातर संक्रमण प्रवासी पक्षियों के वजह से ही फैलता है। इसके बाद संक्रामक वस्तुओं से, जैसे कोई व्यक्ति, कपड़ा, सामान, खाने-पीने की वस्तुएं संक्रमित इलाके से देश के अंदर आई हों। हालांकि, भारत सरकार ने साल 2005 में ही बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए एक्शन प्लान बना लिया था। तब से इसी प्लान को अपडेट कर फॉलो किया जाता है।

ऐसा होता है बर्ड फ्लू का खतरा

बर्ड फ्लू से संक्रमित पहला इंसान साल 1997 में मिला था, जबकि इंसानों से इंसानों को बर्ड फ्लू होने का पहला मामला साल 2003 में चीन में सामने आया था। उससे पहले इंसानों के एक दूसरे के संपर्क में आने से एच7एन9 (H7N9) वायरस के संक्रमण के कोई सबूत नहीं मिले थे। सिर्फ पक्षियों के साथ सीधे संपर्क में आने से इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमण का खतरा होता था।

इंसानों के लिए जानलेवा

बर्ड फ्लू वायरस पक्षियों और मुर्गियों के लिए तो जानलेवा होता ही है, साथ ही यह इंसानों के लिए भी जानलेवा है। इंसानों में बर्ड फ्लू से संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में सामने आया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तब से लेकर अब तक इससे संक्रमित होने वाले करीब 60 फीसदी लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए कोरोना की तरह इस वायरस से भी लोगों को बचकर रहने की जरूरत है।

2014 में मिला था पहला मामला

जनवरी 2014 में कनाडा ने अमेरिका में H5N1 वायरस से संक्रमित पहले व्यक्ति की सूचना दी थी। संक्रमित यात्री चीन से लौटा था। इसके बाद आज तक संयुक्त राज्य अमेरिका में H5N1 वायरस के संक्रमण की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। फ्लू के वायरस लगातार बदल रहे हैं और एनिमल फ्लू के वायरस इस तरह बदल सकते हैं कि वे लोगों को आसानी से संक्रमित करने और लोगों के बीच फैलने की क्षमता हासिल कर सकते हैं, जिससे महामारी फैल सकती है।

छत्तीसगढ़ : बर्ड फ्लू से निपटने राज्य सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है. बालोद, दंतेवाड़ा और बस्तर में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है. संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार काम कर रहा है. इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा था कि विभाग इसके लिए पूरी तरह से तैयार है. गुरुवार को सीएम के साथ हुई चर्चा के में प्रदेश में बर्ड फ्लू के लिए कंट्रोल रूम (Bird Flu Control Room) का गठन का फैसला लिया गया.





बजट के लिए आयोजित बैठक में बर्ड फ्लू पर नियंत्रण और रोकथाम पर भी चर्चा की गई. इसके लिए कंट्रोल रूम का गठन किया गया. पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपेश रावटे (फोन नं- 9425588106), चुम्मन लाल सुधाकर (फोन नं- 6260223332), कमल किशोर दास (फोन नं- 9479097633), बसंत कुमार नाग (फोन नं- 9691840366) पर संपर्क कर अवगत कराने को कहा गया है.





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बालोद में सबसे पहले हुई पुष्टि(Bird Flu Control Room)
प्रदेश में सबसे पहले बालोद जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी. इसके बाद से ही सभी जिलों में प्रशासन अलर्ट पर है. जिले के गिधाली में जीएस पोल्ट्री फार्म के 5 सैंपल 11 जनवरी को जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल भेजे गए थे. जहां जांच में सभी सैंपल पॉजिटिव आये थे.





दंतेवाड़ा के बचेली और कुपेर गांव में कुछ पक्षियों की अचानक मौत हो गई थी. बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने मृत पक्षियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेजा था. जांच रिपोर्ट में सभी मृत पक्षियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. रिपोर्ट पॉजिटिव आने से जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.


महाराष्ट्र के दो जिलों में मारे जाएंगे 2,000 से अधिक पक्षी

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महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में परभणी और बीड जिलों के दो गांवों में मृत मुर्गियों (Bird Flu in Maharashtra) के नमूनों की जांच में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि के बाद शनिवार को 2,000 से अधिक पक्षियों को मारा जा रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। परभणी जिले की सेलू तहसील के कुपता गांव से और बीड जिले के लोखंडी सावरगांव से ये नमूने लिए गए थे।





अधिकारियों ने कहा, इन इलाकों को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है और वहां पक्षियों को मारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में कुक्कुटों को लाना-ले जाना बंद कर दिया गया है।





अधिकारियों ने कहा, ‘इससे पहले कुपता और लोखंडी सावरगांव में मृत मिली मुर्गियों के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था। शुक्रवार रात को आई रिपोर्ट में उनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।’ जिलाधिकारी दीपक मुगलीकर ने कहा, ‘कुपता में शनिवार को पक्षियों को मारने की प्रक्रिया संचालित की जाएगी और करीब 468 पक्षियों को मारा जाएगा।’





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पशुपालन विभाग के डॉ. रवि सुरेवाड ने कहा कि लोखंडी सावरगांव में करीब 1,600 पक्षियों को मारा जा सकता है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि महाराष्ट्र (Bird Flu in Maharashtra) में अब तक 3,949 पक्षियों को मारा जा चुका है।


छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू की हुई एंट्री, बालोद के पक्षियों की रिपोर्ट पॉजिटिव

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छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू दस्तक (Bird Flu Chhattisgarh Updates) दे दिया है। गुरुवार को विभाग ने इसकी पुष्टि भी कर दी है। बालोद जिले में मृत पाए गए पक्षियों की सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव (Bird Flu Reports) आई है। इसके बाद से ही प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू का ये पहला मामला सामना आया है ।





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बालोद जिले में 13 कौओं और 274 कुक्कुट पक्षियों के मृत पाए जाने के बाद तत्काल नमूना जांच के लिए भोपाल भेजा गया था। इसके बाद से ही राज्य सरकार ने अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने किसी भी प्रकार के पक्षी की मौत की सूचना (Bird Flu Chhattisgarh Updates) तत्काल पशुधन विभाग को देने की बात कही है।






गिधाली गांव के पोल्ट्री फार्म के मुर्गियों के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे गए थे। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। विभाग ने पोल्ट्री फार्म के मालिक को इसकी सूचना देते हुए फार्म से दूर रहने की बात कही है। ग्रामीणों को भी इस पोल्ट्री फार्म से दूर रहने की हिदायत दी गई है।






राज्य के सभी चिड़ियाघर, अभ्यारण, राष्ट्रीय उद्यान और जंगल सफारी में पक्षियों पर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है। ये टीम बर्ड फ्लू की सतत निगरानी कर रही है।


रायपुर में मरे मिले 12 से 15 कबूतर, जांच के लिए भेजे सैंपल

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छत्तीसगढ़ की राजधानी (Bird Flu Raipur News) के पंडरी बस स्टैंड के पास 12-15 मरे हुए कबूतर मिले है। जानकारी मिलते ही रायपुर महापौर एजाज ढेबर डॉक्टर्स और सफाई मित्रों के साथ मौके पर पहुंचे। बर्ड फ्लू (Bird Flu News) की आशंका पर मृत पक्षियों का सैंपल वेटनरी डॉक्टर्स की टीम ने लिया। बताया जा रहा है सैंपल जांच के लिए कबूतरों के शव भोपाल भेजे जाएंगे।





जानिए भारत में क्यों बार-बार आता है बर्ड फ्लू






अब बर्ड फ्लू मुर्गियों में फैलनी शुरू हो गई है। अब तक सैंकड़ों पक्षियों की मौत हो चुकी है। हरियाणा के दो पोल्ट्री फार्म (Poultry farm) में संक्रमण के फैलने की पुष्टि हो चुकी है। दिल्ली में अब तक 150 से अधिक पक्षी मृत पाए गए हैं। दिल्ली के गाजीपुर मुर्गा मंडी को 10 दिन के लिए बंद कर दिया गया है।






वहीं 11 जिलों के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाई गई। हरियाणा में सैकड़ों मुर्गियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू (Bird Flu) की पुष्टि की गई। यूपी में जगह जगह बर्ड फ्लू के लिए छिड़काव शुरू हो गया है। केरल में बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत के बाद अलर्ट जारी किया गया है।





10 राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि(Bird Flu Raipur News)





दस जनवरी तक सात राज्यों केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू (Bird Flu Virus) के प्रकोप की पुष्टि हुई थी. वहीं, सोमवार को दिल्ली, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में भी इस वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है.


जानिए भारत में क्यों बार-बार आता है बर्ड फ्लू

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देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। बर्ड फ्लू की वजह से केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से इसके प्रसार को रोकने के लिए तत्काल हर संभव कदम उठाने को कहा है। केंद्र ने चेतावनी दी है कि यह फ्लू इंसानों और अन्य पालतू पशु पक्षियों में फैल सकता है। सवाल ये उठता है कि भारत में अक्सर बर्ड फ्लू (Bird Flu News) क्यों आ जाता है?





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बर्ड फ्लू यानी एवियन इंफ्लूएंजा भारत समेत पूरी दुनिया में कई दशकों से फैल रहा है। भारत में इसका पहला हमला साल 2006 में हुआ। उस समय से लेकर अबतक भारत में बर्ड फ्लू के चार बड़े हमले हुए। पहला हमला साल 2006 में, दूसरा हमला साल 2012 में, तीसरा हमला साल 2015 में और चौथा हमला साल 2021 में।





ठंड में फैलता है फ्लू (Bird Flu News)





भारत में बर्ड फ्लू हमेशा साल के अंत महीनों यानी ठंडी के मौसम में ही फैलता आया है। इसके संक्रमण के अधिकांश मामले सितंबर या अक्टूबर से फरवरी-मार्च के बीच सामने आते हैं। आपको बता दें कि भारत में भारत में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैलने के दो मुख्य वजह है, पहला प्रवासी पक्षियों द्वारा और दूसरा संक्रामक वस्तुओं के माध्यम से।





प्रवासी पक्षियों की वजह से फैलता है फ्लू (Bird Flu News)





पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मुताबिक भारत में बर्ड फ्लू का ज्यादातर संक्रमण प्रवासी पक्षियों के वजह से ही फैलता है। इसके बाद संक्रामक वस्तुओं से, जैसे कोई व्यक्ति, कपड़ा, सामान, खाने-पीने की वस्तुएं संक्रमित इलाके से देश के अंदर आई हों। हालांकि, भारत सरकार ने साल 2005 में ही बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए एक्शन प्लान बना लिया था। तब से इसी प्लान को अपडेट कर फॉलो किया जाता है।





ऐसा होता है बर्ड फ्लू का खतरा





बर्ड फ्लू से संक्रमित पहला इंसान साल 1997 में मिला था, जबकि इंसानों से इंसानों को बर्ड फ्लू होने का पहला मामला साल 2003 में चीन में सामने आया था। उससे पहले इंसानों के एक दूसरे के संपर्क में आने से एच7एन9 (H7N9) वायरस के संक्रमण के कोई सबूत नहीं मिले थे। सिर्फ पक्षियों के साथ सीधे संपर्क में आने से इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमण का खतरा होता था।





इंसानों के लिए जानलेवा





बर्ड फ्लू वायरस पक्षियों और मुर्गियों के लिए तो जानलेवा होता ही है, साथ ही यह इंसानों के लिए भी जानलेवा है। इंसानों में बर्ड फ्लू से संक्रमण का पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में सामने आया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, तब से लेकर अब तक इससे संक्रमित होने वाले करीब 60 फीसदी लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए कोरोना की तरह इस वायरस से भी लोगों को बचकर रहने की जरूरत है।


बर्ड फ्लू का खतरा: पक्षी विहार में रोज किया जा रहा दवा का छिड़काव

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बालोद गांव में कौवे का शव मिलने के बाद वन विभाग में हडकंप मचा हुआ है। राजधानी रायपुर स्थित पक्षी विहार गुरुवार से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। पक्षियों की बीमारी से बचाया जा सके, इसलिए बाडा और परिसर में रोजाना चूना व दवा का छिड़काव (Bird flu precaution in Chhattisgarh) करने का निर्देश दिया है। पक्षी विहार में विचरण कर रहे पक्षियों की इम्यूनिटी बढ़े इसलिए दाना और पानी में एंटीबायोटिक मिलाकर दिया जा रहा है। इसके अलावा पक्षी विहार में काम कर रहे कर्मचारियों को मास्क और सेफ्टी किट लगाना अनिवार्य है।





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350 से ज्यादा पक्षी नंदनवन पक्षी विहार में






वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नंदनवन पक्षी विहार में वर्तमान में अफ्रीकन ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, कारोलाइन डक, क्रस्टेड डक, सिल्वर फीजेंट, क्रेस्टेज वुड, लव बर्ड, जेब्रा फ्रिंज, ब्लयूरिंगनेट, गोल्डन फ्रीजेंट, लेडिज हेमरेस्ट, एमोजोन, ग्रे पैरेट, कोहिनूर, शुर्तरमुर्ग व मकाऊ पक्षी हैं।





वन विभाग के डॉक्टर का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पक्षियों के बाड़े और परिसर में दवा व चूने का छिड़काव किया गया है। पक्षियों को इम्युनिटी मजबूत हो सके इसलिए दाना व पानी में एंटी एंटीबायोटिक मिलाकर (Bird flu precaution in Chhattisgarh) दिया जा रहा है।


इंसानों में भी फैल सकता है बर्ड फ्लू

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देश में कोरोना के साथ-साथ एक और संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद अब हिमाचल प्रदेश और केरल में भी बर्ड फ्लू (Bird Flu in Humans) का खतरा बढ़ गया है। इन राज्यों में सैकड़ों पक्षियों को मार दिया गया है। केरल ने राज्य में इसे राजकीय आपदा घोषित कर दिया है।





भारत के इन राज्यों में फैल रहा है बर्ड फ्लू का खतरा, अलर्ट जारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव





केंद्रीय मंत्री संजीव बलयान का कहना है कि हमें पांच राज्यों हिमाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश से ए1 इंफ्लूएंजा की रिपोर्ट्स मिली हैं। हरियाणा में यह वायरस पोल्ट्री में संक्रमित हो गया है, जबकि बाकी राज्यों में जंगली और प्रवासी पक्षियों में ही इसे देखा गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये इंसानों में फैल सकता है लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। इसका कोई इलाज नहीं है। सभी राज्यों को सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए हैं।






मध्यप्रदेश में परिवहन पर रोक(Bird Flu in Humans)






मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक के बाद मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यहां किसी पोल्ट्री में बर्ड फ्लू नहीं मिला है। हम केरल और दूसरे प्रभावित राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद (कुक्कुट) के परिवहन पर अस्थाई रोक लगा देंगे। हमने स्थिति पर नजर बनाई हुई है।





तीन राज्यों में लगातार की जा रही निगरानी





राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार ने दिल्ली में एक कंट्रोल रूम की स्थापना की है, ताकि राज्य अधिकारियों की ओर से किए जा रहे बचाव और नियंत्रण उपायों पर निगरानी की जा सके।


भारत के इन राज्यों में फैल रहा है बर्ड फ्लू का खतरा, अलर्ट जारी, जानिए इसके लक्षण और बचाव

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अभी तक देश में कोरोना का कहर थमा नहीं है।  इसी बीच एक और बीमारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।  भारत में बर्ड फ्लू (Bird Flu In India) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।  बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस (H5N1) की वजह से होता है।  राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में इस वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है।  ये वायरस संक्रमित पक्षियों और इंसानों दोनों के लिए भी बहुत खतरनाक है।  





बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन की तरह है जो न सिर्फ पक्षियों बल्कि दूसरे अन्य जानवरों और इंसानों के लिए भी उतना ही खतरनाक है।  बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान इससे आसानी से संक्रमित हो जाते हैं।  ये वायरस इतना खतरनाक (Bird Flu In India) होता है कि इससे मौत भी हो सकती है। 





ये है बर्ड फ्लू के लक्षण





बर्ड फ्लू होने पर (Bird Flu Symptoms) आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या हो सकती है।  अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी और के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। 





बर्ड फ्लू होने के कारण





बर्ड फ्लू कई तरह के होते हैं, लेकिन H5N1 पहला ऐसा एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस है, जो इंसानों को संक्रमित करता है।  इसका पहला मामला 1997 में हॉन्ग कॉन्ग में आया था।  उस समय बर्ड फ्लू के प्रकोप को पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों से जोड़ा गया था। 





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मुर्गियों में आसानी से फैलता है यह फ्लू





H5N1 प्राकृतिक रूप से पक्षियों में होता है, लेकिन ये पालतू मुर्गियों में आसानी से फैल जाता है।  ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होता है।  संक्रमित मुर्गियों के 165ºF पर पकाए गए मांस या अंडे के सेवन से बर्ड फ्लू नहीं फैलता है, लेकिन संक्रमित मुर्गी के अंडों को कच्चा या उबालकर नहीं खाना चाहिए। 





इन लोगों को होता है बर्ड फ्लू का खतरा





 H5N1 में लंबे समय तक जीवित रहने की क्षमता होती है।  संक्रमित पक्षियों के मल और लार में ये वायरस 10 दिनों तक जिंदा रहता है।  दूषित सतहों को छूने से ये संक्रमण फैल सकता है।  अगर इसके फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मुर्गीपालन से जुड़े लोगों को होता है।   इसके अलावा संक्रमित जगहों पर जाने वाले, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले, कच्चा या अधपका मुर्गा-अंडा खाने वाले या संक्रमित मरीजों का देखभाल करने वाले लोगों को भी बर्ड फ्लू (bird Flu News Update) हो सकता है।  





यह है इलाज





अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है, लेकिन ज्यादतर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है।  लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं।  बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण न हों। 





इस तरह करें बचाव





 इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए डॉक्टर आपको फ्लू की वैक्सीन लगवाने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा आप खुले बाजर में जाने, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने और अधपका चिकन खाने से बचें।  हाइजीन बनाए रखें और समय-समय पर अपने हाथ धोते रहें। 


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