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युवाओं के लिए 02 जून को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन, इतने पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

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बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य और निजी क्षेत्र की रिक्तियों में प्लेसमेंट को बढ़ावा देने के लिए बलरामपुर जिले में 2 जून को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जिले के इच्छुक अभ्यर्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। प्लेसमेंट कैंप का आयोजन जिला परियोजना लाईवलीहूड कॉलेज सोसायटी, चांदो रोड भेलवाडीह में 02 जून 2022 को सुबह 11 बजे से 04 बजे तक किया जा रहा है, जिसमें SBI लाइफ द्वारा लाइफ मित्रा के 52 पद पर आवेदन आमंत्रित किया गया है। 

वेतन संभावित 15 हजार और POSP के 45 पद वेतन 10 हजार के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास का भर्ती किया जाना है। नियोजक द्वारा चयनित अभ्यर्थी को 3 महीने के प्रशिक्षण के बाद ही वेतन दिए जाएंगे। जिला रोजगार और स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र नियोजक (निजी संस्था) और आवेदक के मध्य एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराता है। साथ ही यह नियुक्ति केवल निजी क्षेत्र के संस्थाओं में कार्य के लिए किया जाता है। 

सभी डॉक्यूमेंट के साथ पहुंचना होगा केंद्र

ऐसे में पद, संस्था, कार्य और अन्य जानकारी कैम्प में उपस्थित नियोजक या प्रतिनिधि से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है। प्लेसमेंट कैंप में सम्मिलित होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी को अपने समस्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी जाति और निवास प्रमाण पत्र, रोजगार पहचान पत्र, बैंक पासबुक की मूल प्रति समेत 2 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ नियत समय में जिला परियोजना लाईवलीहूड कॉलेज सोसायटी, चांदो रोड भेलवाडीह बलरामपुर में उपस्थित हो सकते हैं।   

संविदा पदों पर भर्ती के लिए कौशल परीक्षा शुरू 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ANM, HWC के संविदा पदों पर भर्ती के लिए कौशल परीक्षा 01 अनुपात 05 की सूची जारी किया गया है। सूची में नामांकित अभ्यर्थियों का अलग-अलग तिथिवार कौशल परीक्षा शासकीय G.N.M. महाविद्यालय जांजगीर आयोजित कराया जाएगा। सूची का अवलोकन जांजगीर-चांपा जिले के वेबसाइट https://janjgir-champa.gov.in से कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय जिला जांजगीर-चांपा से संपर्क किया जा सकता है।

काम के प्रति लापरवाही बरतने पर 2 सहायक शिक्षक निलंबित, 3 को कारण बताओ नोटिस

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बलरामपुर: कलेक्टर कुंदन कुमार ने 20 अप्रैल को प्राथमिक शाला हरदीदोहर और पहाड़ी कोरवा आश्रम सरगड़ी का निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यालय और आश्रम में अव्यवस्था, बच्चों का स्तर न्यून पाया गया। साथ ही साफ-सफाई, रंग-रोगन, प्रिंट चार्ट और कई प्रकार के काम अपूर्ण पाए गए, जो लापरवाही को प्रदर्शित करता है। 

जिला शिक्षा अधिकारी ने पदीय दायित्वों का सजगता से निर्वहन नहीं करने पर प्राथमिक शाला हरदीदोहर के सहायक शिक्षक एलबी सिरधनी सिंह और पहाड़ी कोरवा आश्रम सरगड़ी के सहायक शिक्षक एलबी प्रभारी आश्रम अधीक्षक मोहन राम को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में सिरधानी सिंह और मोहन राम मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर निर्धारित किया जाता है। निलंबन अवधि में सिरधनी सिंह और मोहन राम को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

3 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस 

कलेक्टर ने 20 अप्रैल को ही हरदीदोहर आंगनबाड़ी का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। इस मौक पर ग्रामवासियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता देवपति के खिलाफ नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोलने, पोषण आहर वितरण नहीं करने और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित नहीं किए जाने की गंभीर शिकायत की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने इस संबंध में कार्यकर्ता देवपति को तीन दिवस के अंदर स्पष्टिकरण प्रस्तुत करने को कहा है।

नियमित आंगनबाड़ी खोलने और पात्र हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार लाभान्वित करने, शासन द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ दिलाए जाने और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत चिन्हाकिंत 06 महीने से 03 साल के कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में गरम भोजन खिलाने और 03 साल से 05 साल के कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त टिफिन में गरम भोजन देने के लिए निर्देशित किया गया है।

इन्हें जारी किया गया नोटिस

निर्देशन के बाद भी प्रभारी परियोजना अधिकारी राधा भाई एकीकृत महिला बाल विकास और पर्यवेक्षक सेक्टर कोचली सुशीला श्याम ने सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। वे विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से हितग्राही लाभान्वित होने से वंचित हो रहे हैं, जो घोर लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता को प्रदर्शित करता है। ये छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के नियम के प्रतिकुल है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस संबंध में राधा भाई और सुशीला श्याम को तीन दिवस के अंदर स्पष्टिकरण प्रस्तुत करने को कहा है।

'समाधान अब आपके हाथ' पहल की शुरुआत, Whatsapp के जरिए लोग दर्ज करा सकते हैं समस्याएं

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बलरामपुर कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशानुसार जिले के नागरिकों की समस्याओं से अवगत होने और त्वरित निराकरण के लिए 'समाधान अब आपके हाथ' पहल के तहत जिला स्तरीय समाधान नंबर +91-97703-82734 जारी किया गया है। क्षेत्र के नागरिक इस नंबर में अपनी समस्याओं को वाट्सएप के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त समस्याओं को संबंधित विभाग से समन्वय कर समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।   

जिले में हर मंगलवार को कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में जनदर्शन का आयोजन किया जाता है, जिसमें जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से लोग अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला कार्यालय आते हैं। आवागमन और ज्यादा दूरी को देखते हुए इस नंबर को जारी किया गया है, ताकि दूरस्थ अंचल के लोग अपनी समस्याओं को वाट्सएप या SMS के माध्यम से कार्यालयीन समय 10.00 से 5.30 बजे तक अपनी समस्याओं को दर्ज करा सकते हैं। 

स्टेला खलखो नोडल अधिकारी नियुक्त

जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए नंबर +91-97703-82734 पर कॉल करना प्रतिबंधित रहेगा। समस्या दर्ज कराने के लिए आवेदक अपना नाम, पूर्ण पता जैसे की मोहल्ला,गांव, ग्राम पंचायत, तहसील, मोबाइल नंबर की जानकारी के साथ अपनी समस्या को प्रेषित करेंगे, जिसे संबंधित विभाग के समन्वय कर तत्काल निराकरण की कार्रवाई की जाएगी। 'समाधान अब आपके हाथ' पहल के सफल संचालन के लिए कलेक्टर ने उप संचालक पंचायत स्टेला खलखो को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है।

भूमि सुधार और मेढ़बंदी से अर्जुन की फसल हुई दोगुनी

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बलरामपुर के कोल्हुआ में रहने वाले आदिवासी किसान 50 साल के अर्जुन सिंह मराबी का मूल आजीविका का साधन खेती-बाड़ी और मनरेगा काम है। 05 सदस्यों वाले परिवार के भरण-पोषण की लंबे समय से जिम्मेदारी संभालने वाले अर्जुन के खेत के लिए तब बरदान साबित हुआ जब मनरेगा योजनांतर्गत उसके ढालुनूमा 1.5 एकड़ भूमि में मेढ़बंदी और भूमिसुधार का काम स्वीकृत हुआ और निर्धारित समयावधि में काम पूरा भी हो गया। 

इनके भूमि में जहां पहले एक फसल लेना मुश्किल होता था, अब मेढ़बंदी के द्वारा खरीफ सीजन में 08 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ और दोहरी फसल के रूप में इस रबी सीजन में 50 किग्रा गेहूं लगाया गया है। नरवा उपचार के तहत अनेकानेक संरचनाओं के साथ-साथ अर्जुन के खेत के पास सामुदायिक कूप का भी निर्माण मनरेगा के माध्यम से कराया गया है, जिससे सिंचाई की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। 

भूमिसुधार कर कृषि उत्पादकता को बढ़ा रहे अर्जुन

हितग्राही अर्जुन ने बताया कि इस खेत में कभी कोई फसल नहीं होता था, लेकिन मनरेगा की योजनांतर्गत मेढ़बंदी और भूमिसुधार हो जाने से हम आसानी से दो फसली की खेती कर पा रहे हैं खेती किसानी के साथ-साथ अर्जून मनरेगा कार्यों में मेट का भी कान सफलतापूर्वक कर रहा है। अर्जून के साथ-साथ आज की स्थिति में वाड्रफनगर के सैकड़ों किसान मनरेगा से मेढ़बंदी और भूमिसुधार कर कृषि उत्पादकता को बढ़ा रहे हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ाई से होगी कोविड जांच, हवाई और ट्रेन यात्रा कर आने वाले यात्रियों की ली जाएगी जानकारी

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छत्तीसगढ़ के बाकी जिलों की तरह बलरामपुर में भी कोरोना के पॉजिटिव केस बीते कुछ दिनों में बढ़ रहे हैं। कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए अन्य राज्यों से जिलों में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों का कोविड-19 जांच और यात्रा का विवरण लिया जाना आवश्यक है। पॉजिटिव पाए जाने पर उनको कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए क्वारंटाइन किया जाना है। कलेक्टर कुंदन कुमार ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामानुजगंज, वाड्रफनगर और कुसमी को सीमावर्ती क्षेत्र से लगे धनवार, रामानुजगंज, सनावल-कोरंधा चेकपोस्ट पर संबंध खण्ड चिकित्सा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर कोविड-19 जांच टीम गठित करते हुए 24 घंटे के अंदर चेकपोस्ट में ड्यूटी लगाने के लिए निर्देशित किया है।

टीम का किया जाएगा गठन

कलेक्टर कुंदन कुमार ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित करते हुए कहा है कि अपने विकासखंड स्तर पर त्रि-सदस्यीय कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग टीम का गठन करेंगे। साथ ही जिला कार्यालय को अवगत कराने और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग टीम द्वारा प्रतिदिन कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की रिपोर्ट जिला नोडल अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। 

यात्रियों की ली जाएगी जानकारी  

बढ़ते कोरोना पॉजिटिव केस को देखते हुए कलेक्टर ने सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया है कि अन्य देशों से हवाई-ट्रेन यात्रा कर जिले में आने वाले समस्त व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, कोविड-19 जांच रिपोर्ट, टीकाकरण, जिले में आने के बाद कोविड-19 संबंधी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही की गई कार्रवाई के बारे में रोजाना जिला कार्यालय को अवगत कराएं। कोरोना के पॉजिटिव केस बीते कुछ दिनों से जिले में मिल रहे हैं।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए क्वारंटाइन 

कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देशित करते हुए कहा है कि पॉजिटिव मिले मरीज को क्वारंटाइन करने के बाद मरीज के घर के 100 मीटर दायरे में आने वाले सभी परिवारों के सदस्यों का जांच किए जाने के लिए एक्टिव सर्विलेंस टीम गठित करने और कोरोना गाइडलाइन का पालन कराएं। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में आइसोलेशन सेंटर-क्वारंटाइन सेंटर का चिन्हांकन कर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने और चिन्हांकित किए गए सेंटरों की सूची जिला कार्यालय को आगामी 3 दिन के अंदर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने को कहा है।

3 महीनों में हाट बाजार क्लीनिक योजना के जरिए 20 हजार लोगों को मिला मुफ्त इलाज

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स्वास्थ्य मानव जीवन की मूलभूत जरूरतों में से एक है। स्वास्थ्य के प्रति बीते कुछ सालों में लोग ज्यादा सचेत और जागरूक हुए हैं। साथ ही गुजरते समय के साथ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए है। यह सिलसिला लगातार जारी है। समूचे प्रदेश की तरह बलरामपुर जिले में भी स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हुई हैं। साथ ही लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए कारगर कदम उठाए गए हैं। 


चिकित्सा के क्षेत्र में प्रारंभिक इलाज को महत्वपूर्ण माना जाता है। मतलब लक्षण के आधार पर अगर शुरुआत में ही बीमारी के लिए प्रशिक्षित चिकित्सक से समुचित इलाज प्राप्त कर लिया जाए तो गंभीर या अप्रिय स्थिति निर्मित होने की संभावना शून्य हो जाती है। बीमारी की शुरुआत में ही इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सुदूर ग्रामों तक प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं। 

हाट बाजार क्लीनिक योजना की शुरुआत

लेकिन आज भी सुदूर वनांचल या ग्रामीण इलाकों में देखा गया है कि जागरूकता के अभाव में या 'हमें तो कुछ नहीं हुआ है' इस भावना के साथ मरीज घर पर ही स्वयं इलाज करने लगते हैं। साथ ही प्रशिक्षित चिकित्सकों की सलाह नहीं लेते हैं। शासन ने छत्तीसगढ़ के ग्राम्य जीवन और जनजातीय इलाकों के भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना की शुरुआत की और इन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई है। 

मील का पत्थर साबित हुआ योजना

मैदानी इलाकों के साथ-साथ सुदूर वनांचल और भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्रों के लिए हाट बाजार क्लीनिक योजना मील का पत्थर साबित हुआ है। ग्रामीण जीवन की परंपरा है कि लोग हफ्ते में 1 दिन निश्चित रूप से अपने जरूरत के सामान की खरीदी-बिक्री के लिए हाट बाजारों का रुख करते हैं। हाट बाजार में आस-पास के छोटे-छोटे गांव-पारा-टोला-मोहल्ले के लोग पहुंचते हैं और दैनिक जरूरत का सामान खरीद कर ले जाते हैं। 

जिले में योजना का सकारात्मक प्रभाव 

छत्तीसगढ़ शासन ने हाट बाजार को प्रमुख केंद्र मानते हुए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना की शुरुआत कर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का बीड़ा उठाया। योजना को शुरुआत से ही लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला और समुचित इलाज मिलने से लोग स्वस्थ भी हुए और उनमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी आई है। भौगोलिक रूप से चुनौतियों से भरे जनजाति बहुल बलरामपुर जिले में भी मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। 

बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध 

प्रशासन मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना को स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानते हुए शुरुआत से ही इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के माध्यम से गैर संचारी रोगों की जांच, इलाज और निशुल्क दवाइयां प्रदान की जाती है। प्रशिक्षित डॉक्टर के साथ पैरामेडिकल स्टाफ की पूरी टीम चिन्हित हाट बाजारों में जाकर लोगों का इलाज के साथ ही निशुल्क दवाइयां देती है और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करती है। 

74 हाट-बाजारों में योजना का संचालन 

आवश्यकता के अनुरूप मरीजों को उच्च अस्पतालों में रेफर भी किया जाता है। वर्तमान में जिले के 74 हाट-बाजारों को चिन्हित कर मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना का संचालन किया जा रहा है। साथ ही 6 मोबाइल क्लीनिक एंबुलेंस के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य हाट बाजारों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही है। जिले के कलेक्टर कुंदन कुमार बताते हैं क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां अनेकों चुनौतियां पैदा करती हैं। साथ ही आम जनजीवन भी इससे अछूता नहीं है, लेकिन चुनौतियों को दूर करते हुए हमें अपने दायित्व को निभाना है। 

संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार 

'हमने जिले में हाट-बाजार क्लीनिकों के बेहतर संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। ताकि एक गांव को केंद्र में रखते हुए आस-पास के सभी गांवों के लोगों को इलाज मिल सके। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए हम शुरुआत से ही कृत संकल्पित हैं  और यह कार्य निरंतर जारी है।'

कलेक्टर ने दी जानकारी

कलेक्टर कुंदन कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि हमने प्रति सप्ताह आयोजित की जाने वाली हाट-बाजार क्लीनिकों की सूची जिलेवासियों के साथ साझा करने की शुरुआत की है, ताकि उन्हें जानकारी हो। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी विभिन्न माध्यमों से उन तक सूचनाएं पहुंचाई जा रही है। क्लीनिक संचालित करना सिर्फ हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों को इलाज भी मिलना चाहिए, तभी योजना अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर पाएगी। 

रामचंद्रपुर में कुल 2093 लोगों का इलाज

योजना से ग्रामीण निश्चित ही लाभान्वित हो रहे हैं और आगे भी बेहतर क्रियान्वयन के माध्यम से लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिलेगा। जिले में हाट बाजार क्लीनिक योजना की बात करें तो अगस्त से नवंबर तक कुल 353 हेल्थ टीम हाट बाजारों में पहुंची है। विकासखंड बलरामपुर की 52 टीमों ने हाट बाजारों में 3154 लोगों का इलाज, राजपुर की 59 टीमों ने हाट बाजारों में 4263 लोगों का इलाज और विकासखंड रामचंद्रपुर के 65 टीमों ने कुल 2093 लोगों का इलाज किया गया है।

19 हजार 518 लोगों को दी गई निशुल्क दवाइयां 

वहीं विकासखंड कुसमी के 51 हाट बाजारों में कुल 1886 लोगों का इलाज, शंकरगढ़ के 56 हाट बाजारों में 4153 लोगों का इलाज और विकासखंड वाड्रफनगर के 70 हाट बाजारों में 4510 लोगों का इलाज किया है। हाट बाजारों में कुल 20 हजार 59 लोगों की जांच कर 19 हजार 518 लोगों को निशुल्क दवाइयां दी गई है। 

इंजानी और गिरवानी में योजना संचालित

वहीं हाट बाजार क्लीनिक योजनांतर्गत आगामी हफ्ते में स्वास्थ्य टीम सभी विकासखंडों में कुल 74 हाट बाजारों में जाएगी। हाट बाजार क्लीनिक योजना के लिए सभी विकासखंड के विभिन्न बाजारों का चिन्हांकन किया गया है, जिसके अंतर्गत सोमवार को विकासखंड वाड्रफनगर के कोगवार, मुरकौल, गुड़रु तथा जौराही, मंगलवार को भरुहीबांस, केनवारी और फुलीडुमर, बुधवार को जनकपुर, मेंढारी, बरतीकला-पशुपतिपुर, गुरुवार को बलंगी, महुली, महेवा और बड़कागांव, शुक्रवार को आसनडीह, विरेंद्रनगर, इंजानी और गिरवानी में योजना संचालित की जाएगी।

रामचंद्रपुर में योजना संचालित

वहीं शनिवार को रघुनाथनगर, करमडीहा, चलगली और सुलसुली और रविवार को शारदापुर में हाट बाजार क्लीनिक योजना संचालित की जाएगी। इसी प्रकार विकासखंड रामचंद्रपुर में सोमवार को त्रिशूली, मरमा, पिपरौल और लोधा, मंगलवार को तालकेश्वरपुर, त्रिकुंडा-दोलंगी, बुधवार को सलवाही, बगरा और धनपुरी, गुरुवार को बरवाही, चुमरा, महादेवपुर, देवीगंज, शुक्रवार को पीपरपान, महावीरगंज, तांबेश्वरनगर, कलिकापुर, शनिवार को डूमरपान, मितगई, लावा और चिनियां, रविवार को रामचंद्रपुर में हाट बाजार क्लिनिक योजना संचालित होगी। 

शुक्रवार को आरा में पहुंचेगी टीम

इसी प्रकार विकासखंड बलरामपुर में सोमवार चांदो, मंगलवार डौरा, राधाकृष्णनगर, बुधवार रनहत, गुरुवार बादा, केरता, शुक्रवार सन्तोषीनगर, लिलौटी, शनिवार पस्ता, महराजगंज, रविवार को सुर्रा में हाट बाजार क्लीनिक संचालित होगा। विकासखण्ड राजपुर में मंगलवार को गोपालपुर, बुधवार को रेवतपुर, गुरुवार को बरियों, शुक्रवार को आरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचेगी।

बड़ी खबर: आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल

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छत्तीसगढ़ में रविवार को कुदरत ने जमकर कहर बरपाया है। दरअसल, बलरामपुर जिले के दुप्पी गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक घायल हो गया है। लोगों के मुताबिक तेज धमाके के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसमें एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं 1 गंभीर रूप से घायल है, जिसे इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान शिवलाल, काजल और सुभम के रुप में हुई है। 


 जानकारी के मुताबिक परिवार के पांचों सदस्य खेत में आलू लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश के बाद बिजली गिरी और एक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 4 घायलों में से 3 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में दो बच्चें भी शामिल है। दरअसल, अचानक तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी एक पेड़ के नीचे खड़े थे। आकाशीय बिजली गिरने से शिवलाल गोड़ की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन नाबालिग समेत चार लोग झुलस गए। इसके बाद गांव वालों की मदद से तीन नाबालिग समेत चार घायलों को निजी वाहन से अंबिकापुर होली क्रॉस अस्पताल ले जाया गया। जहां नाबालिग विनोद और काजल समेत 3 लोगों की मौत हो गई।

आकाशीय बिजली गिरने पर इस तरह बचें

आकाशीय बिजली गिरने पर खुले आकाश में रहने को बाध्य हो तो नीचे के स्थलों को चुनें, एक साथ कई आदमी इकट्ठे न हो, दो आदमी की दूरी कम से कम 15 फीट हो, तैराकी कर रहे लोग, मछुवारे जितना जल्दी हो सके पानी से बाहर निकल जाए, गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य काम कर रहे किसानों और मजदूरों या तालाब में कार्य रहे व्यक्ति तुरंत सूखे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

इन चीजों को कर लें दूर

धातु से बने कृषियंत्र, डंडा से अपने को दूर कर लें। अगर आप खेत-खलिहान में काम कर रहे हो या किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पाए तो - जहां है वहीं रहे, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें, दोनों पैरों को आपस में सटा लें और दोनों हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ जितना जल्दी हो सके झुका लें। साथ ही सिर को जमीन से न छुआएं, जमीन पर कभी भी न लेंटे।

खुद को धात्विक संपर्क से बचाए

अपने घरों और खेल-खलिहानों के आस-पास कम ऊंचाई वाले उन्नत किस्म के फलदार वृक्ष समूह लगाएं, ऊंचे पेड़ के तनों या टहनियों में तांबे का एक तार स्थापित कर जमीन में काफ गहराई तक दबा दें ताकि पेड़ सुरक्षित हो जाए, मजबूत छत वाला पक्का मकान सबसे सुरक्षित स्थल है। अगर संभव हो तो अपने घरों में तड़ित चालक लगवा लें। यथा संभव खुले क्षेत्र में स्वयं को धात्विक संपर्क से बचाए रखना चाहिए।

पशुपालन से बढ़ी अंबुज की आमदनी और पहचान, अपनी मेहनत से बने डेयरी फार्म के संचालक

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छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय जैसी योजना एक ओर जहां पशुपालकों और महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। वहीं दूसरी ओर इस योजना से युवाओं को पशुपालन करने की प्रेरणा मिलने के साथ उनके आमदनी और रोजगार की संभावनाएं पुनर्जीवित हुई है। युवा पशुपालक अंबुज यादव का परिवार भी सालों से पशुपालन करता आ रहा है, लेकिन पशुपालन से पहले न तो आमदनी बढ़ी थी और न ही वह किसी को रोजगार देने में सक्षम था। समय पर योजनाओं की जानकारी मिलने और उसका लाभ उठाने से अंबुज यादव एक सफल उद्यमी बन चुका है। डेयरी फार्म का संचालक बनने के साथ गांव में शुद्ध दुग्ध की आपूर्ति कर वह गांव में अपनी अलग पहचान बना चुका है। 

बलरामपुर के 49 साल के अंबुज कुमार यादव ने बताया कि गांव में शुद्ध दुग्ध की कमी ने उन्हें डेयरी उद्योग की ओर आकर्षित किया और इसे एक अवसर मानते हुए, उन्होंने दुग्ध उत्पाद इकाइ की स्थापना की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में पूर्व से ही गौपालन का कार्य किया जा रहा है, लेकिन उन्नत नस्ल न होने के कारण पर्याप्त मात्रा में दुग्ध उत्पादन नहीं होता था। पशुपालन विभाग द्वारा उन्हें राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के बारे में जानकारी दी गई तो विभाग के सहयोग से देशी नस्ल के उन्नत साहीवाल और गिर नस्ल के बारह गाय से गौपालन शुरूआत की। 

1 लीटर और आधा लीटर पैकिंग में विक्रय

अम्बुज आगे बताते हैं कि डेयरी उद्यमिता विकास योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने शेड, बोर और पावर पंप की स्थापना कर उन्नत नस्ल के और गाय खरीदे। वर्तमान में उनके पास गायों की संख्या बढ़कर 20 और बछड़ियों की संख्या 4 और बछड़ों की संख्या 7 हो गई है। आस्था डेयरी फार्म प्रतिदिन लगभग 90 से 100 लीटर मिल्क का उत्पादन करता है। जिसे शंकरगढ़ में डोर-टू-डोर 50 रूपये प्रति लीटर के दर से विक्रय किया जाता है। अंबुज लगातार अपने डेयरी फार्म को उन्नत बनाने में जुटे हैं और दुग्ध बेचकर प्राप्त आय से उन्होंने मिल्क कूलर खरीदा, जिससे दुग्ध को 4 डिग्री सेल्सियस में कूलिंग कर 1 लीटर और आधा लीटर पैकिंग में विक्रय किया जा रहा है। 

कृषि उत्पादकता बढ़ी

अंबुज ने बताया कि डेयरी संचालन का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छ व शुद्ध ए2 दुग्ध उपलब्ध कराना है। इससे उसकी आमदनी भी सुनिश्चित हो गई है। वर्तमान में डेयरी में 2 सहयोगी भी कार्यरत हैं, जिन्हें डेयरी के माध्यम से रोजगार मिला है। अंबुज अपनी डेयरी से प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपए की आमदनी अर्जित कर रहे हैं। उनके द्वारा क्षेत्र के लोगों को भी पर्याप्त दुग्ध आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही गाय से मिलने वाले गोबर का भी समुचित उपयोग करते हुए वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे जैविक खेती से उनकी कृषि उत्पादकता भी बढ़ी है। 

युवाओं से इस दिशा में कार्य करने की अपील 

बेहतर प्रबंधन के साथ ही अंबुज कुशल व्यवसायिक दृष्टिकोण भी रखते हैं और आशान्वित होकर कहते हैं कि डेयरी फार्म को और विस्तार कर लोगों को शुद्ध दुग्ध के साथ-साथ रोजगार भी मुहैया कराएंगे। वे डेयरी उद्यम के क्षेत्र में संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को इस दिशा में कार्य करने की अपील भी कर रहे हैं।

शमीम के खेत में जब बना पक्का कुआं, शासन प्रशासन को देने लगे हैं दुआ

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हर साल खेतों में बुआई के साथ अच्छी फसल की उम्मीद लगाए किसान मोहम्मद शमीम मौसम की दगाबाजी से परेशान रहता था। ऐसा कोई साल नहीं, जब उन्होंने मेहनत न की हो। तमाम कोशिशों के बावजूद जब बारिश नहीं होती थी और खेत में लगी फसल सूख जाती थी तो किसान शमीम का सपना अधूरा ही रह जाता था। वह चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता था क्योंकि उसके खेत के पास सिंचाई का कोई साधन भी नहीं था। अब जबकि मनरेगा से उनके खेत के पास पक्का कुआं बन गया है तो किसान शमीम बहुत खुश है। शासन प्रशासन का आभार मानते हुए वह कहता है कि पक्का कुआं बन जाने से उसे खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी  उपलब्ध होगी। उसके खेतों में लगी फसल पानी की कमी से मुरझाएंगे नहीं।


बलरामपुर जिले के विकासखंड शंकरगढ़ के अंतर्गत सरिमा के निवासी मोहम्मद शमीम ने बताया कि 2020-21 में मनरेगा के तहत खेत में कूप निर्माण की स्वीकृति मिली। अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के बाद निर्धारित समय पर कूप तैयार भी हो गया। कृषक शमीम ने बताया कि इस क्षेत्र में सिंचाई की स्थाई व्यवस्था नहीं होने से किसानों को बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ता है। कई बार क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों की फसल बर्बाद हो जाती है। 

किसानों की उम्मीद 

उन्होंने बताया कि कूप निर्माण के साथ उन्हें सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। अब उन्हें गर्मी के दिनों में भी फसल लेने में आसानी होगी। मोहम्मद शमीम ने बताया कि वह धान की खेती के साथ ही भविष्य में पानी की आवश्यकता वाले अन्य फसलों की खेती का विचार कर रहा हैं, जो पहले संभव नहीं था। मनरेगा से खेत में पक्का कुआं बनने के बाद शमीम सबकों दुआ देते हुए कहते हैं कि शासन की इस योजना का लाभ जरूरतमंद किसानों को जरूर उठानी चाहिए ताकि खेतों में फसल उगाने और फसल उगाकर आर्थिक समृद्धि की राह में आगे बढ़ने की किसानों की उम्मीद समय पर पूरी हो सके।

न्यायपालिका और प्रशासन की संयुक्त पहल से जिला जेल में विचाराधीन कैदी करेंगे पढ़ाई

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बलरामपुर पढ़ना-लिखना अभियान के तहत प्रशासन और न्यायपालिका की संयुक्त पहल पर अब निरक्षर कैदी भी साक्षर होंगे। इसी कड़ी में जिला जेल रामानुजगंज में पढ़ना-लिखना अभियान की शुरूआत की गई, जिसके तहत 78 विचाराधीन निरक्षर कैदियों को साक्षर किया जाएगा। इन निरक्षर कैदियों को साक्षर करने के लिए स्वयंसेवी शिक्षक उन्हीं कैदियों में चयनित किए जाएंगे जो कम से कम 12वीं कक्षा पास हैं। निरक्षर शिक्षार्थी के लिए अभियान के तहत 120 घंटे की पढ़ाई पूर्ण करने के बाद परीक्षा आयोजित कर सफल शिक्षार्थियों को साक्षरता उत्तीर्ण प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। 


कार्यक्रम में साक्षरता के जिला परियोजना अधिकारी ओमप्रकाश गुप्ता ने पढ़ना-लिखना अभियान का परिचय कराते हुए विचाराधीन कैदियों से कहा कि आप अपना नाम लिखने, हस्ताक्षर करने और अक्षर ज्ञान प्राप्त करें। साथ ही यहां से बरी होने के बाद आप जहां जाएंगे, वहां भी इस कार्यक्रम का लाभ लेकर अपने जीवन में शिक्षा को आगे बढ़ा सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा आप सभी को पढ़ाई में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

कैदियों के पढ़ाई के लिए की गई पूरी व्यवस्था 

जिला जेल में विचाराधीन कैदियों के पढ़ाई की पूरी व्यवस्था की गई है। पढ़ाने वाले स्वयंसेवी शिक्षकों को भी शिक्षण कार्य के लिए सहयोग किया जा रहा है। इस अवसर पर द्वितीय अपर जिला और सत्र न्यायाधीश मधुसुदन चंद्राकर ने विचाराधीन कैदियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे संविधान में नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिसमें शिक्षा भी एक मौलिक अधिकार है। आप सभी असाक्षर है, साक्षर होने के बाद आप अपने मौलिक अधिकार को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। 

जेल स्टाफ सहित 78 कैदी रहे उपस्थित

जिला जज ने कहा कि आप सब साक्षर होने के बाद अपना अच्छा या बुरा और न्यायालयीन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे और साक्षर होने पर कोई आपके अधिकारों का हनन नहीं कर पाएगा। इस दौरान 78 कैदी शिक्षार्थियों को कॉपी, स्लेट, रबर, पेंसिल और कटर वितरित कर शिक्षा प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में रोहित जायसवाल, विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामचंद्रपुर विजय कुमार चौबे, विकासखंड परियोजना अधिकारी साक्षरता  प्रदीप चौबे, संकुल प्रभारी  पंकज तिवारी, जिले से राजेश कुमार गुप्ता और जेल स्टाफ सहित 78 कैदी उपस्थित रहे।

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