Media24Media.com: चुनाव आयोग

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लोकतंत्र की बाते करने वाली कांग्रेस सबसे बड़ी अलोकतांत्रिक पार्टी: भाजपा

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने धमतरी नगर निगम के कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा द्वारा अपना नामांकन रद्द किए जाने के निर्णय के खिलाफ दायर की गई याचिका को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने पर कहा है कि अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के नेता प्रदेश की भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग व लोकतंत्र की हत्या जैसे प्रलाप करने से बाज आ जाएँ, क्योंकि यह वही कांग्रेस है जिसने अतीत में न जाने कितनी बार लोकतंत्र की हत्या की है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मिथ्या प्रलाप करके प्रदेश को बरगलाने की कोशिश की है, लेकिन हर बार उसे न्यायालय में जाकर मुँह की खानी पड़ी है।


भाजपा चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. मिश्रा ने कहा कि धमतरी महापौर निर्वाचन-2025 हेतु भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार विजय गोलछा का नॉमिनेशन फॉर्म अधिनियम की धारा 17 के अंतर्गत रिटर्निंग अधिकारी (धमतरी) द्वारा निगम में ठेकेदारी कार्य में उम्मीदवार के संलग्न होने के कारण निगम का प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष लाभार्थी होने के कारण निरस्त किया गया था। इसे लेकर बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता एक सुर में प्रदेश की भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग, लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाकर भाजपा नेताओं के खिलाफ ओछे दर्जे की टिप्पणियाँ करते प्रदेशभर में घूम रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस मामले में विजय गोलछा द्वारा उचच न्यायालय के समक्ष याचिका डब्ल्यू पी (सी) क्र. 771/2025 प्रस्तुत की गई थी। उत्तरवादी छत्तीसगढ़ शासन के अतिरिक्त आपत्तिकर्ता भाजपा उम्मीदवार जगदीश (रामू) रोहरा का पक्ष अधिवक्ता अखिलेश कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु ने सुनवाई उपरांत विजय गोलछा द्वारा प्रस्तुत याचिका को प्रचलन योग्य न मानते हुए उसे इस आधार पर निरस्त किया कि निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने के उपरांत नॉमिनेशन पेपर रद्द किए जाने के विषय को केवल चुनाव याचिका में ही चुनौती दी जा सकती है।

भाजपा चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जिस मुद्दे को लेकर भाजपा व प्रदेश सरकार के किलाफ अनर्गल प्रलाप करके अपनी हताशा और तिलमिलाहट को ढँकने में लगी थी, उस मुद्दे पर दायर याचिका को उच्च न्यायालय ने प्रचलन योग्य ही नहीं माना। कांग्रेस की यही नियति हो चली है कि वह हर मुद्दे पर झूठ फैलाकर अपने राजनीतिक वजूद को येन-केन-प्रकारेण बचाने की जद्दोजहद करे और न्यायालय में जाकर मुँह की खाए।

भाजपा चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. मिश्रा ने सवाल दागा कि कायदे-कानून की दुहाई देने वाले बघेल पहले यह तो बताएँ कि प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी उनकी मौजूदगी में बिलासपुर में कांग्रेस ने चुनाव प्रचार करने के लिए ट्रैक्टर रैली निकालकर क्या कायदे-कानून का सम्मान किया है? डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस की यह आदत बन चुकी है कि जब भी उसे किसी निर्णय का सामना करना पड़ता है, वह उसकी वैधता पर सवाल उठाने की कोशिश करती है, बजाय इसके कि वह उस फैसले को सम्मान दे। यह कांग्रेस की अपनी विफलता को छुपाने का एक और प्रयास है।

महाराष्ट्र में एक तो झारखंड में दो चरणों में मतदान, 23 नवंबर होगी वोटो की गिनती, जानिए चुनाव का पूरा शेड्यूल

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 Maharashtra, Jharkhand Election Date : चुनाव आयोग ने आज महाराष्ट्र के लिए विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम का ऐलान किया। महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटें हैं। चुनावी तारीख को का ऐलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे जबकि 23 नवंबर को वोटो की गिनती होगी। निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, महाराष्ट्र में 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी तथा नामांकन की आखिरी तिथि 29 अक्टूबर होगी। कुमार ने बताया कि नामांकन पत्र चार नवंबर, 2024 तक वापस लिए जा सकते हैं।


झारखंड में दो चरणों में वोटिंग

चुनाव आयोग ने झारखंड में दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया है. पहले चरण के लिए 13 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. जबकि नतीजे महाराष्ट्र के साथ 23 नवंबर को सामने आएंगे.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का ऐलान, 20 नवंबर को वोटिंग, 23 को रिजल्ट

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में एक ही चरण में विधानसभा चुनाव कराने का फैसला किया है. महाराष्ट्र में 20 नवंबर को वोटिंग होगी जबकि 23 नवंबर को रिजल्ट सामने आएगा. चुनाव के लिए नोटिफिकेशन 22 अक्टूबर को जारी किया जाएगा.

पोलिंग बूथ पर कुर्सियों की होगी व्यवस्था

चुनाव आयोग ने कहा कि पोलिंग लाइन जब लगती है तो उसमें बीच में थोड़ी कुर्सियां लगाई जाएगी ताकि खासकर बुजुर्ग लोगों को थोड़ी राहत मिल सके. बुजुर्गों को घर से वोट देने की सुविधा उपलब्ध रहेगी.

एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव होने हैं और 26 नवंबर से पहले विधानसभा का गठन होना जरूरी है। मुझे बहुत खुशी है कि चुनाव आयोग ने आज चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। 20 नवंबर को मतदान और 23 नवंबर को मतगणना होगी। मुझे पूरा यकीन है कि महाराष्ट्र में लोग विकास, अच्छे काम और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को अपनाएंगे जिसके कारण एनडीए को तीसरी बार जीत मिली है और यह तथ्य भी सामने आया है कि हमने हाल ही में चुनाव देखे हैं। लोगों ने अच्छे काम और विकास तथा भारत सरकार और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा लोगों को दी गई योजनाओं के लिए वोट किया है। इसलिए मुझे लगता है कि महाराष्ट्र में हम दोबारा सत्ता में आएंगे

कांकेर लोकसभा सीट की EVM की होगी जांच, चुनाव आयोग ने दिए निर्देश

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 Lok Sabha Speaker Election :  चुनाव आयोग ने कांकेर लोकसभा के 4 बूथों के ईवीएम की जांच के निर्देश दिए है. इनमें संजारी बालोद के 2, गुण्डरेदही, सिहावा के 1-1 बूथ शामिल है.


कांग्रेस प्रत्याशी बिरेश ठाकुर ने इन बूथो के ईवीएम की मेमोरी और माइक्रो कंट्रोलर की जांच की मांग चुनाव आयोग से की थी. आयोग ने शिकायत को मान्य करते हुये 3 विधानसभा के 4 बूथों के ईवीएम की जांच के निर्देश दे दिए है.

बता दें कि कांकेर लोकसभा सीट से भाजपा ने भोजराज नाग को उम्मीदवार बनाया था और कांग्रेस ने बिरेश ठाकुर को उम्मीदवार बनाया था. चुनाव में भोजराज नाग को 5 लाख 97 हजार 624 वोट मिले और बिरेश ठाकुर 5 लाख 95 हजार 740 वोट मिले. चुनाव में भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग 1884 वोटों से जीतकर सांसद बने हैं.


आज शाम तक ही पेश करें आरोपों के सबूत-चुनाव आयोग ने ठुकराई जयराम रमेश की अपील, पढ़े पूरी खबर

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 ECI on Jairam Ramesh : चुनाव आयोग ने सोमवार (3 जून) को कांग्रेस नेता जयराम रमेश के उस अनुरोध को ठुकरा कर दिया, जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपने आरोपों का सबूत देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था.


जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि अमित शाह ने लोकसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त होने के बाद देश भर के 150 जिलाधिकारियों को फोन किया था. चुनाव आयोग ने जयराम रमेश को सोमवार शाम 7 बजे तक जवाब देने के लिए कहा है.

इससे पहले दिन में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जयराम रमेश के आरोपों पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि अफवाहें फैलाना और हर किसी पर शक करना सही नहीं है.

मतगणना से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "क्या कोई उन सभी (जिला मजिस्ट्रेट/रिटर्निंग ऑफिसर) को प्रभावित कर सकता है? हमें बताएं कि यह किसने किया. हम उस व्यक्ति को सजा देंगे, जिसने ऐसा किया... यह सही नहीं है कि आप अफवाह फैलाएं और हर किसी पर शक करें.

इससे पहले रविवार (2 जून) को चुनाव आयोग ने जयराम रमेश से अमित शाह के खिलाफ जो उन्होने आरोप लगाए हैं, उसे लेकर पूरी जानकारी मांगी थी. ईसीआई ने कहा था, "वोटों की गिनती की प्रक्रिया हर आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) का एक कर्तव्य है. एक वरिष्ठ, जिम्मेदार और अनुभवी नेता की ओर से इस तरह से सार्वजनिक बयान देकर शक पैदा करने की स्थिति नहीं पैदा करनी चाहिए. जनहित को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस पर ध्यान रखना चाहिए."

CG Politics : पीएम मोदी के राजभवन में रुकने पर गरमाई राजनीती, कांग्रेस ने चुनाव आयोग में की शिकायत

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CG Politics :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजभवन में रात्रि विश्राम को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज की है. इसकी शिकायत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में की है. साथ ही प्रधानमंत्री को राजभवन मे नहीं रोकने की मांग की है.


शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री के राजभवन में रूकने को लेकर कहा कि ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है क्योंकि राजभवन को संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल का निवासी स्थान है. ऐसे में राज्य के संविधान एक प्रमुख के निवास पर प्रधानमंत्री का रात्रि विश्राम करना सीधे सीधे पूरे राज्य के प्रदाताओं को और पूरी सरकारी मशीनरी को प्रभावित करेगा और यह निष्पक्ष चुनाव की परिस्थितियों को दूषित करेगा.

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव के परिस्थितियों को प्रभावित करने की भाजपा की यह चाल है, जिसका हम विरोध करते हैं. हम मांग करते हैं कि निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री की रात्रि विश्राम के लिए उनकी गरिमा और उनकी सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप राजभवन की जगह किसी और अन्य जगहों में प्रोटोकाल के अनुसार सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करें. उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री राजभवन में रुकते हैं और एक भी लोकसभा से भाजपा के प्रत्याशी विजयी होते हैं तो हम सीधा न्यायालय जाएंगे.

हमने हमारी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है अगर हमारी मांग नहीं मानी जाती है तो न्यायालय जाएंगे.हमारी मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कहना है कि हम निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांग रहे हैं जैसे वहां से निर्देश मिलेगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी.


CG NEWS : विवादित बयान देने के मामले में चरणदास महंत पर हुई कार्रवाई, चुनाव आयोग ने लिया यह बड़ा एक्शन

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हेट स्पीच देने का मामला तूल पकड़ लिया है। कल बीजेपी के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में उठाया था तो आज भारत निर्वाचन आयोग ने नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे दिया।


बता दें,मंगलवार को राजनांदगांव के स्टेट हाईस्कूल मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषित लोक-सभा प्रत्यासी भूपेश बघेल और देवेन्द्र यादव के समर्थन में आयोजित कांग्रेस की चुनावी सभा में चरण दास महंत ने कहा कि, “हमें एक ऐसा आदमी चाहिए जो लाठी पकड़ सके। हमें सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए। मोदी के सामने आंख मिलाकर बात कर सके, ऐसा एक ही आदमी है, जिसे आप सांसद बनाओगे, वही मोदी के सामने लाठी पकड़कर खड़ा हो सकता है।

” उन्होंने यह भी कहा कि, “रात-दिन एक करके मोदी को घेरने वाला आदमी चाहिए। यह आदमी भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव हो सकते हैं। इसलिए उन्हें जिताकर दिल्ली भेजिए। हालांकि, अगले दिन अपने बात से पलटते हुए उन्होंने बयान जारी कर कहा कि छत्तीसगढ़ी नहीं समझने वाले लोग मेरी बात को समझ नहीं पाए और इसे खामोख्वाह बात का बतंगड़ बना रहे हैं।

मगर कहा जाता है कि बंदूक की गोल और मुंह की बोली, एक बार निकल जाती है तो वापिस नहीं आती। वो भी नरेंद मोदी जैसे प्रधानमंत्री के खिलाफ। पूरी भारतीजय जनता पार्टी इसको लेकर आक्रमक हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि हिम्मत है तो पहले लाठी उन्हें मारे। ऐसे ही वित्त मंत्री ओपी चौघरी ने भी नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ बयान जारी किए। उधर, दिल्ली में बीजेपी के नियमित प्रेस कांफ्रेंस में भी यह मामला उठा और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी को इस हेट स्पीच के लिए आड़े हाथ लिया।

उधर, प्रधानमंत्री का मामला था लिहाजा निर्वाचन आयोग ने भी इसे गंभीरता से लिया। दरअसल, महंत पार्टी के स्टार प्रचारक हैं। सो, अफसरों का कहना है कि स्टार प्रचारक के खिलाफ राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय या डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन आफिसर सीधे एक्शन नहीं ले सकता। इसलिए इलेक्शन कमीशन ने आज दोपहर महंत के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे दिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इसे राजनांदगांव जिला प्रशासन को भेज दिया गया। इलेक्शन कमीशन का आदेश समाचार लिखे जाने तक राजनांदगांव के थाने में पहुंच गया है। मगर पुलिस इस बात में उलझ गई है कि किस धारा में अपराध दर्ज किया जाए। क्योंकि राजनीतिक मामलों में गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज होता नहीं। और अब नए कानून के हिसाब से सामान्य धाराएं भी गैर जमानती हो गई हैं। उधर, प्रधानमंत्री और इलेक्शन कमीशन का मामला भी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इसे राजनांदगांव जिला प्रशासन को भेज दिया गया। इलेक्शन कमीशन का आदेश समाचार लिखे जाने तक राजनांदगांव के थाने में पहुंच गया है।

 

भूपेश बघेल को पहले जनता और अब कांग्रेस के कार्यकर्ता ठुकरा रहे है: श्रीवास्तव

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने अभा कांग्रेस कमेटी के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव अरुण सिसौदिया द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव आयोग में आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करने को लेकर कांग्रेस के सियासी घमासान पर करारा कटाक्ष किया है। श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक तौर पर स्लीपर सेल कहे जाने के बाद से बघेल के खिलाफ कार्यकर्ताओं में बेहद आक्रोश है और अब बघेल के बड़बोलेपन को लेकर वे रोज नया मोर्चा खोल रहे हैं।


भाजपा प्रदेश महामंत्री  श्रीवास्तव ने सवाल किया कि भूपेश बघेल के खिलाफ रोज कोई न कोई शिकायत हो क्यों हो रही है? एक समय सरकार और संगठन में अपनी मनमर्जी चलाने वाले बघेल आज कांग्रेस में शोचनीय दशा में पहुँच चुके हैं और एक दिन भी ऐसा नहीं बीत रहा है कि कांग्रेस में बघेल की फजीहत न हो रही हो! दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरप्तारी पर स्यापा मचाने वाले कांग्रेस आलाकमान ने महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर बघेल के खिलाफ हुई एफआईआर पर जिस तरह खामोशी ओढ़ रखी है, उसकी खीझ में बघेल अब अपने ही कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल तक कहकर उन्हें आतंकी समूह का सदस्य बताने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।  श्रीवास्तव ने सवाल किया कि क्या बघेल कांग्रेस में स्लीपर सेल की बात स्वीकार कर कांग्रेस को आतंकी संगठन मान रहे हैं?

भाजपा प्रदेश महामंत्री  श्रीवास्तव ने कहा कि राजनांदगाँव के कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में सबके सामने अपने मुँह पर खरी-खोटी सुनकर और फिर सिसौदिया द्वारा कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष पर कांग्रेस के फंड में 5.89 करोड़ रुपए के घोटाले के खुलासे के बाद से साफ नजर आ रही अपनी हार से बौखलाए पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल बताए जाने को आचार संहिता का उल्लंघन बताकर बघेल पर कार्रवाई की मांग के साथ की गई शिकायत कांग्रेस के भीतर मचे घमासान को सतह पर ला चुकी है। 

श्रीवास्तव ने कहा कि अब तक बघेल के खिलाफ पार्टी फोरम में मोर्चा खोला गया था, पर अब तो कार्यकर्ता चुनाव आयोग तक पहुँच रहे हैं! ये हालात 'आईने की तरह' बघेल को कांग्रेस में अपनी सबसे खराब और दयनीय स्थिति का अक्स दिखा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर जनाक्रोश पिछले विधानसभा चुनाव में व्यक्त हुआ है और अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी चहुँओर आक्रोश सामने आ रहा है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है।

चुनाव आयोग केंद्र सरकार पर हुआ सख्त, कहा- WhatsApp पर 'विकसित भारत' संदेश भेजना तुरंत बंद कर दें

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 Lok Sabha Elections 2024 : चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को व्हाट्सएप पर विकसित भारत संदेशों की डिलीवरी तुरंत रोकने का निर्देश दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से इस मामले पर तुरंत अनुपालन रिपोर्ट की मांग की गई है। आयोग को कई शिकायतें मिली थीं कि आम चुनाव 2024 की घोषणा और आचार संहिता के लागू होने के बावजूद नागरिकों के फोन पर ऐसे संदेश अभी भी भेजे जा रहे हैं। 


जवाब में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आयोग को सूचित किया था कि हालांकि एमसीसी लागू होने से पहले पत्र भेजे गए थे, उनमें से कुछ को प्रणालीगत और नेटवर्क सीमाओं के कारण संभवतः देरी से प्राप्तकर्ताओं तक पहुंचाया जा सकता था। यह कदम आगामी राष्ट्रीय चुनावों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए ईसीआई द्वारा लिए गए निर्णयों की एक श्रृंखला का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के बाद एमसीसी लागू हो गया। 16 मार्च को ईसीआई की घोषणा के अनुसार, चुनाव 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरणों में होंगे, और परिणाम 4 जून को घोषित किए जाएंगे।


चुनाव आयोग ने हटाए 6 राज्यों के गृह सचिव, बंगाल के DGP भी नपे

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 नई दिल्ली: लोकसभा की तारीकों का ऐलान करने के साथ ही चुनाव आयोग  तैयारियों में जुट गया है. लोकसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी कराने के उद्देशय से आयोग लगातार कदम उठा रहा है. चुनाव आयोग ने छह राज्यों गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गृह सचिवों  को हटाने के आदेश जारी किए हैं. 


साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश में सामान्य प्रशासनिक विभाग  के सचिव को भी हटा दिया गया है. सूत्रों के मुताबिक आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक  को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की है.


देश में बदलाव की लहर, कांग्रेस की नेतृत्व में बनेगी सरकार : दीपक बैज

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 रायपुर। चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की तिथियों की घोषणा का कांग्रेस पार्टी स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि “चुनाव की तिथि के घोषणा के बाद पूरे देश में, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्साहित है। हमारी चुनावी तैयारियां पूरी हो चुकी है। देश में बदलाव की लहर चल रही है।


केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्नव में इंडिया गइबंधन की सरकार बनेगी। छत्तीसगढ़ में हमारे 23 हजार बूथों पर कार्यकर्ता पूरी तरह से सजग है। जिला कांग्रेस कमेटियां, ब्लाक कांग्रेस कमेटियां, विधानसभा कांग्रेस कमेटियां और जो कांग्रेस की वार्ड स्तर की कमेटियों ने चुनाव में जाने के लिये तैयारियां पूरी कर ली है।”

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस मोदी की 10 साल की नाकामियों को लेकर जनता के बीच जायेंगे। मोदी ने 100 दिन में महंगाई कम करने वादा किया था, किसानों की आय दुगुनी का करने का वादा किया था, हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था।

यह सब वादे विफल साबित हुये है। मोदी विफलता को लेकर हम जनता के बीच जायेंगे। मोदी को सरकार चलाते 10 साल पूरे हो गये लेकिन मोदी ने अपने एक भी वायदे को पूरा नही किया। मोदी के दोनों कार्यकाल कोरी बयानबाजी और लक्षेदार भाषणों में निपट गया।

कांग्रेस पार्टी ने दिया न्याय-बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने जनता से वादा किया है युवा, किसान, महिलाओं सभी को न्याय देने का हमारे चुनाव प्रचार के केन्द्र में कांग्रेस की न्याय घोषणायें भी होगी। कांग्रेस पार्टी ने युवा न्याय दिया है,

जिसमें 30 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने का वादा किया है। हर महिला के खाते में 1 लाख रू प्रतिवर्ष का देने का वादा किया है। किसानों को समर्थन मूल्य की गारंटी देने का वादा किया है। इन सारे विषयों को लेकर जनता के बीच में जायेंगे। हमें पूरा भरोसा है चुनाव में हमे सफलता मिलेगी।

BIG NEWS : भारत निर्वाचन आयोग ने फूंका चुनावी बिगुल, छत्तीसगढ़ में 3 चरण में होंगे मतदान

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 Lok Sabha Election 2024 : चुनाव आयोग द्वारा शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 कार्यक्रम घोषित करने के साथ ही देश में चुनाव आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 18वीं लोकसभा के गठन के लिये 7 चरणों में चुनाव होंगे। 



पहले चरण (19 अप्रैल) में बस्तर में मतदान होगा

पहले चरण (19 अप्रैल) में बस्तर में मतदान होगा.
दूसरे चरण (26 अप्रैल) में राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर में वोटिंग होगी.
तीसरे चरण (7 मई) में दुर्ग, रायपुर, जांजगीर -चांपा, कोरबा, सरगुजा, रायगढ़, बिलासपुर सीट के लिए मतदान होगा.

चुनाव की तारीख के ऐलान के बाद आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गयी है।

सात चरणों में चुनाव होंगे। सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि आम चुनाव 7 चरणों में होगा, पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी। दूसरे चरण की वोटिंग 26 अप्रैल को होगी।

मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को खत्म हो रहा है और नई लोकसभा का गठन उससे पहले होना है. आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में विधानसभाओं का कार्यकाल भी जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है.

चुनाव की घोषणा करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हमारी टीम अब पूरी हो चुकी है, हम भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हमारा वादा इस तरह से राष्ट्रीय चुनाव कराने का है, जिससे विश्व स्तर पर भारत का गौरव बढ़े.


Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनावों की तारीख का ऐलान, 7 चरणों में डाले जाएंगे वोट, 4 जून को होगी मतगणना

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 Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। चुनाव आयोग ने लोकसभा 20चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान कर दिया है। सात चरणों में चुनाव होंगे। सीईसी राजीव कुमार ने कहा कि आम चुनाव 7 चरणों में होगा, पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी। दूसरे चरण की वोटिंग 26 अप्रैल को होगी।


मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कुल मतदाताओं में 49.7 करोड़ पुरुष, 47.1 करोड़ महिलाएं, 48 हजार ट्रांसजेंडर शामिल हैं। इस बार 96.8 करोड़ वोटर्स वोट डालने जा रहे हैं। यानी कि करीब 97 करोड़ लोग लोकसभा चुनाव में वोट डालेंगे। आगामी लोकसभा चुनाव में करीब 1.8 करोड़ वोटर्स ऐसे हैं, जो पहली बार किसी वोट डालेंगे।


किस चरण में कितने सीटों पर होंगे चुनाव

पहला चरण- 19 अप्रैल (102 सीटें)
दूसरा चरण- 26 अप्रैल (89 सीटें)
तीसरा चरण- 7 मई (94 सीटें)
चौथा चरण- 13 मई (96 सीटें)
पाचवां चरण – 20 मई (49 सीटें)
छठा चरण- 25 मई (57 सीटें)
सातवां चरण – 1 जून (57 सीटें)

Electoral Bonds की जानकारी SBI ने चुनाव आयोग को भेजी, EC 15 मार्च तक वेबसाइट पर करेगा अपलोड

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 Electoral Bonds : SBI ने इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी चुनाव आयोग को भेज दी है. सुप्रीम कोर्ट ने 12 मार्च शाम 5 बजे तक इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा चुनाव आयोग से शेयर करने का निर्देश दिया था. चुनाव आयोग को ये डेटा अपनी वेबसाइट पर 15 मार्च शाम 5 बजे तक अपलोड करना होगा.


वेबसाइट में अगर ये अपलोड होता है तो 12 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 तक जारी किए गए बॉन्ड का विवरण दो अलग अलग सूचियों में पब्लिक डोमेन में उपलब्ध होगा एक सूची में बॉन्ड खरीदने की तारीख और खरीदने वाले का नाम और रकम शामिल होगा जबकि दूसरी सूची में राजनीतिक दलों द्वारा इनकैश किये गए बॉन्ड उनकी तारीख और राशि की जानकारी होगी।

इससे पहले टॉप कोर्ट ने 6 मार्च तक चुनाव आयोग को किसने किस पार्टी को कितना चंदा दिया, इसकी जानकारी चुनाव आयोग को देने के निर्देश दिए थे जबकि SBI ने याचिका दाखिल कर मांग 30 जून तक का वक्त मांगा.

अपनी याचिका में SBI ने कहा कि उसे सभी जानकारी निकालने में वक्त लगेगा और इसलिए ही उसने इतने वक्त की मागं की है. वहीं टॉप कोर्ट में सोमवार को ADR की याचिका पर भी सुनवाई होगी.

एसबीआई ने 2018 में योजना की शुरुआत के बाद से 30 किस्त में 16,518 करोड़ रुपये के चुनावी बॉण्ड जारी किए।

हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने 15 फरवरी को एक ऐतिहासिक फैसले में केंद्र की चुनावी बॉण्ड योजना को रद्द करते हुए इसे ‘‘असंवैधानिक’’ करार दिया और निर्वाचन आयोग को दानदाताओं, उनके और प्राप्तकर्ताओं द्वारा दान की गई राशि का खुलासा करने का आदेश दिया।

एसबीआई ने विवरण का खुलासा करने के लिए 30 जून तक का समय मांगा था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने बैंक की याचिका खारिज कर दी और उसे मंगलवार को कामकाजी समय समाप्त होने तक सभी विवरण निर्वाचन आयोग को सौंपने को कहा।

राजनीतिक वित्तपोषण में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद चंदे के विकल्प के रूप में चुनावी बॉण्ड पेश किया गया था। चुनावी बॉण्ड की पहली बिक्री मार्च 2018 में हुई थी।

चुनावी बॉण्ड राजनीतिक दल द्वारा अधिकृत बैंक खाते के माध्यम से भुनाए जाने थे और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) इन बॉण्ड को जारी करने के लिए एकमात्र अधिकृत बैंक है। 

PM मोदी की अध्यक्षता में 15 मार्च को बड़ी बैठक, नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर लग सकती है मुहर

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 नई दिल्ली: नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 15 मार्च को शाम 6 बजे बैठक होगी. जबकि कल सुबह 10.15 बजे चुनाव आयोग की लोकसभा के ऑब्जर्वर के साथ बैठक होगी. चुनाव तैयारियों पर चुनाव आयोग लोकसभा के ऑब्जर्वर को दिशा निर्देशित करेगा. गौरतलब है कि कल चुनाव आयुक्त अरुण गोयल ने अचानक इस्तीफा दे दिया और राष्ट्रपति ने उसे मंजूर कर लिया. बताया जाता है कि अपने 35 साल के कार्यकाल में अरुण गोयल की 40 पोस्टिंग हुई थी. वह कहीं भी एक जगह ज्यादा नहीं टिकते थे. इसी तरह अरुण गोयल ने चुनाव आयोग में भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया.


पूर्व चुनाव आयुक्त अरुण गोयल अपनी प्रशासनिक सेवा के दौरान ऐसे अधिकारी के तौर पर जाने जाते रहे को एक जगह पर लंबे समय तक नहीं रहे. 1987 से लेकर 1922 में चुनाव आयुक्त बनने तक अपने 35 साल के कार्यकाल में अरुण गोयल की अलग-अलग विभागों और पदों पर 40 पोस्टिंग हुई. 35 साल में 40 पोस्टिंग के दौरान कई जगह उनके बहुत छोटे-छोटे कार्यकाल रहे. 40 में महज 5 से 6 बार ऐसे मौके रहे हैं, जहां उन्होंने 2 साल से से अधिक वक्त का कार्यकाल पूरा किया और बाकी ज्यादा मौके पर दो साल से कम पद पर रहे.

चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडे के रिटायर होने और अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे से बनी रिक्तियों को भरने के लिए 15 मार्च तक दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति होने की संभावना है. निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की संभावित घोषणा से कुछ दिन पहले ही गोयल ने चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और कानून मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी घोषणा की. इससे मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार चुनाव आयोग के एकमात्र सदस्य रह गये हैं. पांडे 14 फरवरी को रिटायर हुए हैं.

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के नेतृत्व में एक खोज समिति दोनों पदों के लिए पहले पांच-पांच नामों के दो अलग-अलग पैनल तैयार करेगी. इस समिति में गृह सचिव और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सचिव शामिल होंगे. बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली एक चयन समिति, जिसमें एक केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी शामिल होंगे, चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्ति के लिए दो व्यक्तियों का नाम तय करेगी. इसके बाद चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी. सूत्रों ने कहा कि चयन समिति सदस्यों की सुविधा के आधार पर 13 या 14 मार्च को बैठक कर सकती है और नियुक्तियां 15 मार्च तक होने की संभावना है.

CG NEWS : अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत करेगी कांग्रेस

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 रायपुर। कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में संचार विभाग के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता की. इस दौरान कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित शाह (Amit Shah) ने राजनांदगांव में सामप्रदायिक तनाव भड़काने के लिये योजनाबद्ध तरीके से भाषण दिया. हम चुनाव आयोग से अपेक्षा करेंगे की वह स्वयं संज्ञान ले और अमित शाह पर कार्रवाई करे. कांग्रेस पार्टी भी इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेगी.


उन्होंने कहा कि अमित शाह छत्तीसगढ़ आए थे, ईडी के रट्टू तोते की भांति एक बार फिर से ईडी की लिखी पटकथा के आधार पर कांग्रेस पर झूठे आरोप लगा कर गये. अमित शाह बड़ी बेशर्मी से देश की सबसे ईमानदार सरकार जिसकी योजनाओं का शत प्रतिशत हिस्सा सीधे हितग्राहियों के खाते में जाता है पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे है. छत्तीसगढ़ के चावल का कोटा केंद्र 86 लाख से घटाकर 61 लाख क्यों किया इस पर अमित शाह कुछ नहीं बोले? बताये छत्तीसगढ़ का कोटा क्यों घटाया? भ्रष्टाचार पर बड़ी-बड़ी बाते करने वाले अमित शाह हमारी सरकार पर मनगढ़त आरोप लगाने वाले अमित शाह ने यह नहीं बताया अडानी की सेल कंपनियों में 20 हजार करोड़ किसके लगे है? रमन और उनके मंत्री मंडल के सदस्यो के 1 लाख करोड़ के भ्रष्टाचार पर अमित शाह की बोलती क्यों बंद है?


अमित शाह आज की सभा में शायद रमन सिंह के भ्रष्टाचार की चैन और अमन एटीएम याद कर रहे थे. डॉक्टर साहब, मैडम सीएम और ऐश्वर्या रेसीडेंसी का पता जो नान मामले में जप्त डायरी में दर्ज था. चाऊर वाले बाबा का मुखौटा लगाकर छत्तीसगढ़ के लाखों गरीब जनता के नाम पर फर्जी राशन कार्ड बनाकर 36 हजार करोड़ के नान घोटाले का पैसा नागपुर, लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचा. रमन सिंह के करप्शन का पाप अमित शाह याद कर रहे थे.

भ्रष्टाचारियों को उल्टा लटकना की बात अमित शाह का जुमला है, दरअसल भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के राष्ट्रीय संरक्षक तो अमित शाह ही है. छत्तीसगढ़ के नान घोटाले, पनामा पेपर, चिटफंड घोटाले, झलकी घोटाले, इंदिरा प्रियदर्शिनी घोटाले, आंखफोडवा कांड, नकली दवा कांड सभी के आरोपियों को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया इस पर अमित शाह क्यों मौन थे?


आगे सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अमित शाह छत्तीसगढ़ की जनता पर एहसान जता कर गये कि केंद्र ने 9 साल में छत्तीसगढ़ को 3 लाख करोड़ दिया यह नहीं बताया कि छत्तीसगढ़ से केंद्र ने पिछले 9 साल में 5 लाख करोड़ वसूला है. अभी भी छत्तीसगढ़ को अपने हिस्से का केंद्र से 55 हजार करोड़ लेना है. छत्तीसगढ़ की ट्रेनों को केंद्र क्यों रद्द कर रही है इस पर अमित शाह क्यों चुप रहे? छत्तीसगढ़ का कोयला अडानी के लिये ढोने माल वाहक ट्रेने चला रहे हमारी यात्री सुविधाओं को रद्द कर रहे. छत्तीसगढ़ की जनता के साथ अन्याय करने वाले भाजपा के नेता किस नैतिकता से छत्तीसगढ़ की जनता से वोट मांग रहे. भ्रष्टाचार पर बाते करने वाले अमित शाह 15 सालो में 1 लाख करोड़ का घोटाला करने वाले रमन सिंह के साथ मंच पर थे यदि भाजपा भ्रष्टाचार पर ईमानदार होती तो नान, चिटफंड, पनामा पेपर की जांच ईडी कर रही होती.


वहीं वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य छत्तीसगढ़ी लोगों के लिये बना था, किन्तु भारतीय जनता पार्टी ने लगातार 15 साल तक छत्तीसगढ़ की उपेक्षा की. छत्तीसगढ़ी संस्कृति को पिछले पांच साल में समुचित सम्मान मिला. सबसे ज्यादा किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देने का कीर्तिमान भूपेश बघेल की सरकार ने किया. भाजपा का विकास मॉडल ऐसा था कि रायपुर जहां 15 लाख लोग रहते है, जहां सुविधा देने के स्थान पर कमीशन के लिये नया रायपुर बनाया, जहां आगामी 15 साल कोई नहीं जायेगा. चावल वाले बाबा ने 36 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार किया, यह सर्वविदित है. मनरेगा युपीए सरकार की देन है जिस कांग्रेस की सरकार ने सफलतापूर्वक लागू किया. पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को रोकने और बाधित करने का काम भाजपा ने किया है. 5 साल में सरकार ने छत्तीसगढ़ के किसानों को समृद्ध किया है. गौपालको को मदद दी है. भूमिहीन मजदूरों को सम्मान से जीने का हक दिया. वनवासियों की आर्थिक स्थिति को संबल बनाया.


कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार जनता के लिये काम करती है. किसानों का कर्जामाफ किया जाता है जबकि मोदी सरकार अडानी के लिये काम करती है पूंजीपतियों का कर्जामाफ करती है. भ्रष्टाचार के सारे आरोप तथ्यहीन है जहां सरकार 270 करोड़ की गोबर खरीदी की उसमें 1300 करोड़ के घोटाला का आरोप हास्यास्पद है. शराब घोटाला का आरोप लगाने वाला ईडी मोनोग्राम बनाने वाले शराब बनाने वाले के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया.

महादेव एप्प का आरोप केंद्रीय गृहमंत्री जैसा जिम्मेदार आदमी लगाता है पर एप्प पर प्रतिबंध नहीं लगाता इस मामले में जो भी कार्यवाही हुई छत्तीसगढ़ की सरकार ने किया. भारतीय जनता पार्टी हर बार छत्तीसगढ़ आकर नया-नया झूठ फैलाने का प्रयास करती है पर यह सफल नहीं होगा. पिछले पांच साल में छत्तीसगढ़ के लोग महसूस किये कि अब हमारा राज आया है.


CG Election 2023 : चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, हटाए गए 2 कलेक्टर और 3 SP, आदेश जारी

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 CG Election 2023 : चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के दो कलेक्टर और तीन एसपी को हटा दिया है। इनमें बिलासपुर कलेक्टर संजीव झा, रायगढ़ कलेक्टर तारन सिन्हा, दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा, राजनांदगांव एसपी अभिषेक मीणा और कोरबा एसपी उदय किरण के नाम शामिल हैं।


इनके अलावा चुनाव आयोग ने दुर्ग के एडिशनल एसपी संजय ध्रुव और बिलासपुर के एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। नई नियुक्ति के लिए चुनाव आयोग ने राज्य शासन से तीन नामों का पैनल मांगा है।

 चुनाव आयोग ने अपने आदेश में हटाने का कारण चुनाव कार्यों मे दिलचस्पी न लेना लिखा है। इन सभी अधिकारियों को तत्काल अपने कनिष्ठ अधिकारी को प्रभार सौंपने कहा है।

इन अधिकारियों के अलावा प्रतिनियुक्ति पर राज्य शासन में काम कर रहे भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी मनोज सोनी को भी हटाने को कहा गया है। मनोज सोनी खाद्य विभाग के विशेष सचिव और मार्कफेड नान के MD हैं।

चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से कल शाम तक तीन-तीन नामों का पेनल मंगाया है। उसमें से किसी एक नाम पर टिक लगाकर कलेक्टर, एसपी की नियुक्ति होगी।


विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही खरगे ने BJP को लेकर की भविष्यवाणी, पढ़े पूरी खबर

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 Assembly Elections 2023: देश के पांच राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है. इसी बीच विपक्षी पार्टियों की बयानबाजी भी शुरू हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्विट कर लिखा, '5 राज्यों के चुनावों की घोषणा के साथ भाजपा और उसके साथियों की विदाई का भी उद्घोष हो गया है. इन पांचों राज्यों में कांग्रेस पार्टी मजबूती के साथ जनता के पास जाएगी. जन-कल्याण, सामाजिक न्याय और प्रगतिशील विकास ही कांग्रेस पार्टी की गारन्टी है.


चुनाव आयोग के मुताबिक मिजोरम में 7 नवंबर को मतदान होगा. यहां एक चरण में वोटिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके साथ छत्तीसगढ़ में दो चरण में विधानसभा चुनाव होंगे. छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी.

राजस्थान में 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव होगा. मध्यप्रदेश में एक चरण में 17 नंवबर को चुनाव के लिए वोटिंग होगी. वहीं, तेलंगाना में 30 नंवबर को जनता प्रदेश की अगली सरकार चुनेगी. इसके साथ ही 3 दिंसबर को सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान किया जाएगा.

CG Politics: चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सीएम बघेल ने किया ट्वीट, कहा- शुरू हो चुका है युद्ध, हैं तैयार हम!

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 CG Politics:  चुनाव आयोग ने सोमवार को छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में चुनाव तारीखों का ऐलान कर दिया है। छत्तीसगढ़ में 2 चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण में 7 नवंबर और दूसरे चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव परिणामों की घोषणा 3 दिसंबर को होगी।


चुनाव की तारीख का ऐलान होते ही सीएम बघेल ने ट्वीट किया है, सीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा-

हैं तैयार हम!
शुरू हो चुका है युद्ध
माटी के अभिमान का
नहीं रूकेगा अब ये रथ
छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान का
नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के संकल्प के साथ हर एक छत्तीसगढ़िया तैयार है, एक बार फिर भरोसे के हाथ जुड़ेंगे.
भरोसा बरकरार, फिर से कांग्रेस सरकार।

जल्द होगा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान! चुनाव आयोग ने कल पर्यवेक्षकों की बुलाई बैठक

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 नई दिल्ली। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा अब जल्द ही हो सकती है। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले चुनाव आयोग ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सुचारू संचालन के मद्देनजर रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को अपने पर्यवेक्षकों की बैठक बुलाई है। निर्वाचन आयोग के पुलिस, सामान्य और व्यय पर्यवेक्षकों की दिनभर होने वाली इस बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करने के लिए रणनीति को सुव्यवस्थित करना है कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी ढंग से लागू हो और धन व बाहुबल पर लगाम कसी जा सके।


आयोग ने अब तक राजस्थान, मिजोरम, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव तैयारियों का जायजा लिया है। आयोग का एक दल तेलंगाना की यात्रा पर है। निर्वाचन आयोग अगले कुछ दिनों में पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा कर सकता है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, मिजोरम और राजस्थान में नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। मिजोरम विधानसभा का कार्यकाल इस साल 17 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। पूर्वोत्तर राज्य में मिजो नेशनल फ्रंट सत्ता में है। तेलंगाना, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल जनवरी में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है। तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति का शासन है, जबकि मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें हैं।

इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जयपुर में कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें मतदान आम आदमी के लिये आसान बनाना और मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयुक्त ने यह भी कहा कि आयोग के सामने अनिवार्य मतदान का कोई प्रस्ताव नहीं है। जयपुर में संवाददाताओं से बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अखबारों में विज्ञापन देकर अपने आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में बताना होगा। इसके साथ ही राजनीतिक दलों को यह कारण भी बताना होगा कि पार्टी ने उसे उम्मीदवार के तौर पर क्यों चुना है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में पहली बार बुजुर्ग मतदाताओं के साथ-साथ 40 प्रतिशत विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए भी घर से वोट देने की सुविधा उपलब्ध होगी। अनिवार्य मतदान के बारे में पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा, ”चुनाव आयोग के समक्ष अनिवार्य मतदान का कोई प्रस्ताव नहीं है।” कुमार ने कहा कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदान में आसानी बढ़ाने के लिए पहल की गई है, साथ ही, राज्य में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सीमा क्षेत्र, खासकर हरियाणा और पंजाब सीमा पर शराब और नकदी के परिवहन की जांच करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।


राज्यसभा चुनाव : विदेश मंत्री एस जयशंकर गुजरात से होंगे भाजपा उम्मीदवार! 24 जुलाई को होगी वोटिंग

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राज्यसभा चुनाव : चुनाव आयोग ने कहा कि आगामी 24 जुलाई को 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन की राज्यसभा सीट के साथ-साथ गोवा में एक, गुजरात में तीन और पश्चिम बंगाल में 6 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान करवाया जाएगा. बताया जा रहा है कि मतदान 13 और 24 जुलाई को होगा और वोटों की गिनती मतदान के आखिरी दिन होगी.


जुलाई और अगस्त में संसद के उच्च सदन की 10 सीटें खाली हो जाएंगी. जिनका कार्यकाल खत्म हो रहा है उनमें गोवा से भाजपा सदस्य विनय डी तेंदुलकर, गुजरात से एस. जयशंकर, जुगलसिंह लोखंडवाला और दिनेशचंद्र अनावादिया, पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, सुष्मिता देव, शांता छेत्री और सुखेंदु शेखर के साथ कांग्रेस सदस्य प्रदीप भट्टाचार्य हैं.

जुलाई-अगस्त में यह सदस्य अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं. सूत्रों से पता चला है कि भाजपा गुजरात से खाली राज्यसभा सीटों के लिए एस. जयशंकर, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल को उम्मीदवार बना सकती है.

चुनाव आयोग के मुताबिक उच्च सदन के 10 सदस्य अपना 6 साल का कार्यकाल पूरा होने पर 28 जुलाई से 18 अगस्त के बीच सेवानिवृत्त हो रहे हैं. एक और बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि, पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के लुइजिन्हो जोआकिम फलेरियो के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में खाली हुई सीट पर उपचुनाव भी 24 जुलाई को ही होगा. जोआकिम फलेरियो ने अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल अप्रैल 2026 को पूरा होना था.




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