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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मितान योजना के शुभंकर पहाड़ी मैना ने मचाई धूम

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के स्टेट लेवल कार्यक्रम में जब अचानक मुख्यमंत्री मितान योजना के शुभंकर की एंट्री हुई तो माहौल देखने लायक था। राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब के पास स्थित इनडोर स्टेडियम में जब प्रतिभागियों के बीच मितान का शुभंकर पहाड़ी मैना विजेताओं को जीत की बधाई देने पहुंचे तो सारे लोग झूम उठे। 

खिलाड़ियों और दर्शकों में मितान के साथ फोटो खिंचवाने और सेल्फी लेने की होड़ सी मच गई। खिलाड़ियों के साथ मितान ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक और मुख्यमंत्री मितान योजना के थीम सॉन्ग पर नृत्य भी किया। अक्टूबर 2022 से शुरू हुए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों के महाकुंभ का आज आखिरी दिन था। राज्य स्तरीय मुकाबले में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से खिलाड़ी आए हुए थे। बच्चे बूढ़े जवान महिलाएं सभी ने इन मुकाबलों में जोश के साथ हिस्सा लिया।

फुगड़ी खिलाड़ियों ने सब को किया अचम्भित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेलों के साथ ही पारंपरिक खेलों के आयोजनों से अपनी एक नई पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन ने युवा से बुजुर्ग वर्ग तक के आमजनों के अंदर ऊर्जा का संचार कर दिया है।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के दूसरे दिन सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में फुगड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फुगडी, व्यक्तिगत खेल है। फुगड़ी खेलने के लिए पंजे के बल बैठ जाते हैं। फुगड़ी खेलते समय दोनों हाथ जमीन से ऊपर रहते हैं। फुगड़ी खेलने की प्रक्रिया इस तरह से होता है पहले दाहिने पैर को आगे तथा बाये पैर को पीछे सरकाते हैं फिर बांये पैर को आगे सरकाने के साथ ही दाहिने पैर को पीछे सरकाते हैं, और ऐसे ही बार-बार किया जाता है। दाहिना पैर आगे होता है तो बांया हाथ आगे एवं बायां पैरआगे होता है तो दाहिना हाथ आगे होता है। उक्त समय ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रतिभागी दौड़ रहा। जो अधिक समय तक फुगड़ी खेलता है वही विजेता होता है।

फुगड़ी एकल प्रतियोगिता में जहां एक ओर पुरूष वर्ग में 18 वर्ष से कम आयु समूह में रायपुर संभाग के एवन पटेल ने प्रथम, बिलासपुर संभाग के मनहरण केंवट ने द्वितीय और सरगुजा संभाग के जयकुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 18 से 40 वर्ष के पुरुष वर्ग में रायपुर संभाग के आकाश विश्वकर्मा प्रथम, बिलासपुर संभाग के सुनील पटेल द्वितीय और दुर्ग संभाग के दुलेश्वर साहू तृतीय स्थान पर रहे, तो वहीं 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में रायपुर संभाग के भुनेश्वर साहू ने प्रथम, दुर्ग संभाग के रामूदास पात्रे ने द्वितीय और तृतीय स्थान पर बिलासपुर संभाग के रविशंकर साहू ने अपना स्थान पक्का किया।

दूसरी ओर महिला वर्ग में 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका वर्ग में दुर्ग संभाग की स्नेहा पटेल प्रथम, रायपुर एवं बस्तर संभाग की अंकिता एवं खेमेश्वरी कोडोपी ने संयुक्त रूप से द्वितीय और बिलासपुर संभाग की अंशु साहू ने तृतीय स्थान हासिल किया। 18-40 वर्ष आयु समूह में दुर्ग संभाग की मनीषा ने प्रथम, रायपुर संभाग की रेणुका साहू ने द्वितीय और बिलासपुर संभाग की मानमति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, इसी प्रकार 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में रायपुर संभाग की आशो बाई ने पहला, बिलासपुर संभाग की शाहिन बाई ने दूसरा एवं बस्तर संभाग की गंगावती प्रधान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की है, जिसका आयोजन अब प्रत्येक वर्ष होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत 06 अक्टूबर 2022 से राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर से प्रारंभ होकर विभिन्न स्तरों से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव राज्य स्तरीय तक पहुंच चुका है, जिसका आयोजन 10 जनवरी 2023 तक होगा।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक: दुर्ग संभाग ने लंगड़ी दौड़ और सरगुजा संभाग ने रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में मारी बाजी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन दिवसीय राज्य स्तरीय छत्तीसढ़िया ओलंपिक का आज शुभारंभ किया। राज्य में पहली बार आयोजित हो रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के अंतर्गत छत्रपति शिवाजी महाराज आउटडोर स्टेडियम बूढ़ापारा रायपुर में संखली, रस्सा-कस्सी, लंगड़ी, पिठ्ठूल, बांटी (कंचा) की प्रतियोगिताओं में राज्य से आए संभाग के खिलाड़ियों ने अपने खेल का जौहर दिखाया। 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता का आनंद लिया। जहां एक ओर रस्सा-कस्सी की प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपने कौशल के साथ काफी ज़ोर आजमाईश भी की, वहीं पिठ्ठूल के साथ-साथ कंचा (बांटी) में अपने सधे हुए हाथों से लक्ष्य पर निशाना साधा। लंगड़ी दौड़ में सहभागी में परस्पर सामंजस्य व संतुलन देखते बन रहा था। संखली में श्रृंखला के रूप में खिलाड़ियों में एकता की भावना एवं विपक्षी दल के लिए चपलता से घेरा बंदी करते दिखे।

लंगड़ी दौड़ में दुर्ग संभाग का दबदबा –

लंगड़ी दौड़ प्रतियोगिता जहां एक ओर पुरूष वर्ग में 18 वर्ष से कम आयु समूह में दुर्ग संभाग के जयनारायण व तोरण साहू ने प्रथम, बस्तर संभाग के कुंजाम वेकेंटस व सोड़ी लक्ष्मण ने द्वितीय और सरगुजा संभाग के महेश व भूवनलाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 18 से 40 वर्ष के वर्ग में दुर्ग संभाग के रामेश्वर व देवकरण ठाकुर प्रथम, बिलासपुर संभाग के ब्रजलाल व भरतलाल द्वितीय एवं रायपुर संभाग के खिलेश्वर व ओमेश्वर तृतीय स्थान पर रहे। 40 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग की दलीय प्रतियोगिता में दुर्ग संभाग के शत्रुशाल वर्मा व संदेश वर्मा प्रथम, बिलासपुर संभाग के रामकुमार चौहान एवं शिवकुमार चौहान द्वितीय और तृतीय स्थान पर रायपुर संभाग के पतिराम कुर्रे व संतोष वर्मा ने अपना स्थान पक्का किया। वहीं दूसरी ओर महिला वर्ग में 18-40 वर्ष से आयु समूह में दुर्ग संभाग की निशा व अनिता प्रथम, बस्तर संभाग की खिलेश्वरी व आरती मरकाम द्वितीय और बिलासपुर संभाग की सुजिता यादव व कांता यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

18 वर्ष से कम आयु वर्ग के रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में सरगुजा ने दिखाया दम

रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता में महिला एवं पुरूष दोनों वर्ग में 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों में सरगुजा संभाग ने फ़तह हासिल की। पुरूष वर्ग में बिलासपुर उप विजेता और महिला वर्ग में रायपुर उपविजेता रहे। तृतीय स्थान पर महिला वर्ग में बिलासपुर संभाग और पुरूष वर्ग में बस्तर संभाग रहा।

बांटी (कंचा) की प्रतियोगिता - 40 वर्ष से अधिक उम्र के पुरूष वर्ग में सरगुजा संभाग प्रथम, दुर्ग संभाग द्वितीय और बस्तर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर रायपुर संभाग, द्वितीय स्थान पर सरगुजा संभाग एवं तृतीय स्थान पर दुर्ग संभाग ने कब्जा जमाया।

पिठ्ठूल प्रतियोगिता 18 वर्ष से कम आयु की बालिका वर्ग में सरगुजा संभाग ने प्रथम, बिलासपुर संभाग ने द्वितीय एवं बस्तर संभाग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालक वर्ग की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रायपुर संभाग का दबदबा रहा। द्वितीय स्थान बस्तर संभाग एवं तृतीय स्थान सरगुजा संभाग ने प्राप्त किया। संखली प्रतियोगिता में आज 18 वर्ष से कम आयु के बालक वर्ग में रायपुर संभाग और बालिका वर्ग में बस्तर संभाग की टीम ने फाईनल में स्थान पक्का कर लिया है।

विभिन्न स्तरों में ग्रामीण क्षेत्रों से 25 लाख और नगरों से 1.30 लाख लोगों की रही भागीदारी

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले ने बताया कि इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश के सभी जिलों के लगभग 1900 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। ये स्पर्धाएं 10 जनवरी 2023 तक चलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में ग्रामीण क्षेत्रों के 25 लाख से ज्यादा और नगरीय क्षेत्रों में एक लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी रही। उन्होंने बताया कि बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में फुगड़ी, बिल्लस, भंवरा, बाटी और कबड्डी, छत्रपति शिवाजी महाराज आउटडोर स्टेडियम में संखली, रस्साकशी, लंगडी, पिट्ठुल, गेंडी दौड़, माधव राव सप्रे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में खो-खो और गिल्ली डंडा और स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में लंबी कूद और 100 मीटर दौड़ खेलों की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।

14 पारंपरिक खेल विधा को किया गया है शामिल

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देेने के उद्देश्य के छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया गया है। घरेलू महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी इस ओलंपिक में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 14 खेल विधा को शामिल किया गया है। इसके तहत दलीय खेल में गिल्ली डंडा, पिट्टुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बाटी (कंचा) और एकल खेल में बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मी. दौड़ तथा लंबी कूद की प्रतिस्पर्धाएं शामिल हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की है, जिसका आयोजन प्रत्येक वर्ष होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत 06 अक्टूबर 2022 से राजीव गांधी युवा मितान क्लब स्तर से प्रारंभ होकर विभिन्न स्तरों से होते हुए अपने अंतिम पड़ाव राज्य स्तरीय तक पहुंच चुका है, जिसका आयोजन 8 जनवरी से 10 जनवरी 2023 तक होगा।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से बन रही प्रदेश की एक नई पहचान

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक केवल खेल नहीं यह है हमारे छत्तीसगढ़ के युवक-युवतियों की पहचान। आज राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में भरपूर उत्साह के साथ भाग लेते हुए खिलाड़ियों ने यह बात कही।  इसके तहत 8 जनवरी से 10 जनवरी तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में आज पहले चरण में स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में 3 चरणों में शून्य से 18 वर्ष के लड़के और लड़कियों ने 100 मीटर की दौड़ में भाग लिया।

इसके पश्चात 18 से 40 वर्ष के युवक एवं युवतियों ने 100 मीटर दौड़ में अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस 100 मीटर दौड़ में 40 से अधिक वर्ष के महिला एवं पुरूषों दोनों ही वर्ग के प्रतिभागी शामिल हुए। इसके साथ दूसरा आयोजन लम्बी कूद का था। जिसमें शून्य से 18 वर्ष के बालक-बालिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।

आज यह गौरव का दिन था। गौरव इसलिए भी क्योंकि आज के 100 मीटर दौड़ में जिन महिला-पुरुषों ने भाग लिया। वे कई ऐसे थे जो 40 वर्ष की उम्र को पार करने जा रहे थे पर उन्हें जीवन में किन्हीं कारणों से कभी खेलने-कूदने का अवसर नहीं मिला था। वे आज सब बेहद खुशी से अपनी प्रतिभा से लोगों को वाकिफ करवा रहे थे।

आज के 100 मीटर दौड़ में कई ऐसी गृहणियां थी जो केवल घर का चूल्हा-चौका संभालती आ रही थी आज उनके चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। राज्य सरकार के इस छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों के आयोजन ने उन्हें अपने चूल्हे-चौके से निकालकर एक ऐसा मंच दिया, जिससे वे अपने भीतर दौड़ने की प्रतिभा को पहचान पाईं।

आज स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में लम्बी कूद और 100 मीटर दौड़ के जिन प्रतिभागियों ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। उनके नाम इस तरह से हैं-लम्बी कूद महिला 0 से 18 वर्ष में विजयी प्रतिभागी बस्तर से तारणिका सीता, द्वितीय दुर्ग से चंचल, तीसरे स्थान पर सरगुजा से शिक्षा सिंह। लम्बी कूद पुरूष में दुर्ग से प्रभात कुमार, सरगुजा से सलीम टोप्पो, बस्तर से तुषार सीता।

इसी तरह 100 मीटर दौड़ में 0 से 18 वर्ष के बालकों में प्रथम स्थान बिलासपुर आर्यन भारती, द्वितीय रायपुर पारस तारक, तृतीय बस्तर तुषार तेता। 100 मीटर दौड़ बालिकाओं में 0 से 18 वर्ष प्रथम बस्तर से तारणिका तेता, द्वितीय रायपुर रोशनी नेताम, तृतीय सरगुजा शिक्षा सिंह। 18 से 40 वर्ष 100 मीटर दौड़ में पुरूषों में प्रथम स्थान रायपुर से मुकेश भोई, द्वितीय दुर्ग से बिसाहू, तृतीस सरगुजा के राकेश कुमार। महिलाओं में 18 से 40 वर्ष में 100 मीटर दौड़ में प्रथम प्रतिभागी रही रायपुर से नबोनीता बेरा, द्वितीय स्थान दुर्ग रामकली पटेल, तृतीय बस्तर से योगिता नेताम। 100 मीटर दौड़ में 40 वर्ष से अधिक उम्र में प्रथम स्थान प्राप्त किया है दुर्ग से जी. कामेश्वर, द्वितीय रायपुर से रामावतार सिंह, तृतीय स्थान बिलासपुर से प्रहलाद कैवर्त्। 100 मीटर दौड़ में 40 वर्ष से अधिक उम्र में महिला प्रतिभागियों में प्रथम स्थान दुर्ग से इंगला बाई, द्वितीय बिलासपुर से कविता चौहान, तृतीय बस्तर से जयंती मण्डावी रहे।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक : राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 8 से 10 जनवरी तक

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2022-23 का राज्य स्तरीय आयोजन अब 08 जनवरी से 10 जनवरी 2023 तक राजधानी रायपुर के विभिन्न खेल मैदानों के साथ-साथ इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। राज्य स्तरीय छत्तीसगढ़िया आलंपिक का उद्घाटन समारोह 08 जनवरी को प्रातः 11 बजे से सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में होगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के सभी 14 खेल विधाओं की प्रतियोगिता सरदार बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम, आउटडोर स्टेडियम बुढ़ापारा, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर और स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा में आयोजित किए जाएंगे।

उद्घाटन समारोह और समापन समारोह में प्रतिभागियों के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाऐंगे। समापन समारोह में आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी। समापन समारोह का आयोजन स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा-रायपुर में 10 जनवरी की शाम में किया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए 07 जनवरी से 09 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई थी जिसे बदल कर 8 से 10 जनवरी कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का तीसरा चरण सत्ताईस अक्टूबर से

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रायपुर। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का तीसरा चरण परसों सत्ताईस अक्टूबर से शुरू होगा। विकासखंड स्तर पर आयोजित तीसरे चरण की यह प्रतियोगिता दस नवबर तक चलेगी। इसके बाद जिला स्तर पर सत्रह से छब्बीस नवंबर तक, संभाग स्तर पर पांच से चौदह दिसंबर तक और राज्य स्तर पर अट्ठाईस दिसंबर से छह जनवरी तक यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इससे पहले, राजीव युवा मितान क्लब स्तर और जोन स्तर पर प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं। 



गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने और खेलों के प्रति जन-जागरूकता लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेलों का आयोजन छह चरणों में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में गिल्ली डंडा, पिट्ठुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बांटी, बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भौंरा, लंबी कूद और सौ मीटर दौड़ को शामिल किया गया है।

विशेष लेख : छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की लहर चहुंओर

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रायपुर। खेलों के प्रति लोगों की रूचि बढ़ाने के लिए राज्य सरकार गांव, नगर, कस्बों में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन कर रही है। इस खेल महाकुंभ को लेकर बच्चों से लेकर युवा, पुरुषों और महिलाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हर वर्ग के लोग पारंपरिक खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार जिस तरह से छत्तीसगढ़ी परंपरा विरासत और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को सहेजने में लगी है। उसी तरह से प्रदेश के पारंपरिक खेल कंचा, भंवरा, कबड्डी, खो-खो, लंगडी दौड़, 100 मीटर दौड़, कुर्सी दौड़, पिट्ठुल, गेड़ी दौड़, बिल्लस फुगड़ी,


गिल्ली डंडा, लंबी कूद जैसे पारंपरिक खेलों को भी बचाए रखने के लिए प्रयासरत है। इन खेलों के प्रति लोगों में रूचि बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन कर रही है। इन पारंपरिक खेल प्रतिस्पर्धाओं में तो लोग हिस्सा ले ही रहे हैं, प्रतिभागियों का उत्साह और हौसला बढ़ाने के लिए खासी भीड़ भी जुट रही है। खेल मैदान में वृद्धजन नजर आ रहे है, जो बरसों से इन खेलों से दूरी बना रखे थे, लेकिन अब मैदान में उतरकर अपने पुराने दिनों की यादों को ताजा कर रहे हैं। यह आयोजन छह चरणों में होना है। अभी तक दो चरण में प्रतिस्पर्धाएं हो चुकी है। राज्य सरकार ने इस आयोजन के माध्यम से ऐसे लोगों को अपना खेल हुनर दिखाने का अवसर दिया है, जो खुद की खेल प्रतिभा से अंजान थे।



आयोजन समितियों का किया गया है गठन

राजीव युवा मितान क्लब एवं जोन स्तर पर खेल प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन हेतु प्रत्येक स्तर के लिए अलग-अलग विकासखंड नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन के लिए समिति का गठन किया गया है।

घरेलु महिलाएं भी ले रही हिस्सा

ग्रामीण क्षेत्र की ऐसी महिलाएं जो हमेशा घर के काम-काज में व्यस्त रहती हैं उन्हें भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के माध्यम से मैदान में उतरने का मौका मिला है। इस कारण महिलाएं उत्साहित हैं और एक दो नहीं, बल्कि कई खेल प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले रही हैं।

एकल और दलीय प्रतिस्पर्धा के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रत्येक आयु वर्ग के एकल और दलीय प्रतिस्पर्धा के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। दलीय खेल विधा में प्रथम पुरस्कार 10 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार 7 हजार 500 रूपये, तृतीय पुरस्कार 05 हजार रूपये से पुरस्कृत किए जाएंगे। इसी तरह एकल विद्या में प्रथम पुरस्कार 01 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 750 रुपये, तृतीय पुरस्कार 500 रूपए तय किए गए हैं।

एक हाथ से ‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ में अपना दमखम दिखाती गुरबारी की अनूठी है कहानी

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जगदलपुर। सपनों की उड़ान वही भरते हैं जिनके पंख उम्मीदों से बने होते हैं जरूरत सिर्फ उन्हें एक मौका देने की होती है। बस्तर के बकावंड ब्लाक के ग्राम सरगीपाल की रहने वाली गुरबारी की कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है। उन्हें भी बस एक मौका ही चाहिए था कि उनके हुनर को दिखाने का कोई जरिया मिले। दरअसल ग्राम सरगीपाल में आयोजित छत्तीसगढ़िया ओलंपिकमें लगभग सभी खेलों में अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने वाली गुरबारी का एक हाथ नहीं है।



लेकिन बावजूद उसके उन्होंने राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर कई खेलों में भाग लिया साथ ही सामूहिक खेल कबड्डी और खो-खो में जीत भी दर्ज की। आदिवासी बहुल क्षेत्र के छोटे से गांव सरगीपाल में रहने वाली गुरबारी का कहना है कि वो अपने एक हाथ से ही काफी काबिल है और वे सब काम कर सकती हैं जो एक सामान्य व्यक्ति कर सकता है। उन्होंने कहा कि खेल में भाग लेने के लिए शारीरिक क्षमता तो जरूरी है लेकिन उससे से भी बढ़कर होसलों का मजबूत होना भी जरूरी है। मजबूत हौसले ही मुझे हिम्मत और आत्मविश्वास देते हैं।

जिससे मैं कोई भी काम कर सकती हूं। मैंने इस आयोजन में लंगड़ी दौड़, पिट्ठुल, 100 मीटर दौड़, कबड्डी, खो-खो और कुर्सी दौड़ खेला। छत्तीसगढ़िया ओलंपिकके बारे में बात करते हुए गुरबारी कहती हैं कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिकसरकार की एक अच्छी पहल है जिसकी वजह से हम जैसी घरेलू महिलाओं को मौका मिला है। हमें पता चला कि हम आगे भी खेलने जाएंगी तो हमें काफी खुशी हो रही है। मैं खुश हूं और प्रदेश के मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहती हूं कि उन्होंने हमारे लिए इस तरह के आयोजन की शुरूआत की।

पढ़ाई के साथ साथ खेल गतिविधियां भी जरूरी : रश्मि

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महासमुंद। कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया छत्तीसगढ़िया है और छत्तीसगढ़ में पहले खेले जाने वाले खेल विलुप्त होते जा रहे हैं। आज के बच्चे मोबाइल, क्रिकेट, फुटबॉल को छोड़ बाकी खेलों को नहीं जानते, जबकि पहले मोबाइल नहीं था तब गिल्ली डंडा, भौंरा, गेडी, पिट्टूल, कबड्डी खेलों में ज्यादा रुचि लेते थे और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त भी होते थे। छत्तीसगढ़ ओलंपिक खेलों को युवा मितान माध्यम से गांव-गांव में खेलों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि हमारे बच्चे इन खेलों को जान सकें। 



खेलोगे कूदोगे होंगे खराबपढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब इस वाक्य से जहाँ हर अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने की समझाइश देते थे। ऐसी धारणाओं को आज हमारे जीवन मे खेल के महत्व ने गलत साबित किया है। वर्तमान में आज पढ़ाई के साथ खेल जैसे गतिविधियां भी बहुत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री के संकल्पों के अनुरूप पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के साथ महासमुंद जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इस ओलंपिक के माध्यम से सभी वर्गों बच्चों से लेकर बुजुर्गों को खेल में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

जिनको लगता था कि खेल एक उम्र की सीमा तक ही खेली जा सकती है। आज वे भी इस ओलंपिक में शामिल हो कर खुश हो रहे हैं। भूपेश सरकार द्वारा शुरू की गई छत्तीसगढि़या ओलंपिक ने सभी को अपने बचपन मे खेले गए खेलों को याद दिला दिया। पुरातन समय मे ग्रामीण क्षेत्रों में इन पारंपरिक खेल का काफी महत्व था। जहां बच्चे गली, मोहल्लों में बाटी, फुगड़ी, गिल्ली डंडा, पिट्टूल, लंगड़ी, जैसे विभिन्न खेलों को मनोरंजक माहौल बना देते थे और लोग भी बड़ी आतुरता के साथ खेल का आनंद लेते हुए विजेता का इंतज़ार करते थे। 

लेकिन बदलते परिवेश के साथ ये भी अंधेरों में कहीं धूंध सी नजर आ रही थी या एक तरह से कहा जा सकता है, कि लुप्तता की कगार पर पहुँच चुके थे लेकिन अब छत्तीसगढ़  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयास ने इस ओलंपिक के माध्यम से विलुप्त हो रहे खेलों को जीवंत कर दिया है। विभिन्न खेल गतिविधियों के आयोजन में सभी बड़े ही उत्साह से शामिल हो रहे हैं। सभी अपनी-अपनी भागीदारी दिखाकर खेलों में रुचि लेते हुए आगे आ रहे हैं। कांग्रेस सरकार के महत्वपूर्ण प्रयासों से आज खेल के क्षेत्रों में काफी सुधार हो रहा है। 

नई पीढ़ी जो आज की तकनीकी संसाधनों के बीच अपने पारंपरिक खेलों से अनभिज्ञ थे आज उन्हें सीखने का अवसर मिल रहा है आने वाले समय में खेलों के क्षेत्र में ये राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले खेलों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में सभी आयु वर्ग के लोग निर्धारित श्रेणी में 14 प्रकार के खेलों में अपनी निपुणता दिखाते हुए विभिन्न स्तरों को पार कर राज्य स्तर पर अपनी लोहा मनवाने व प्रतिभा दिखाने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे।


तुमगांव : छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर युवाओं के साथ ही बुजुर्गों में खासा उत्साह

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महासमुंद। पहली बार आयोजित हो रहे छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में युवाओं से लेकर बुजुर्ग उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। तुमगांव नगर पंचायत में आयोजित प्रतियोगिता का जिला वनोपज संघ के अध्यक्ष प्रमोद सेवनलाल चंद्राकर ने शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ के साथ ही महासमुंद जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। 


छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को लेकर युवाओं के साथ ही बुजुर्गों में खासा उत्साह

नगरपंचायत तुमगांव में वनोपज संघ के अध्यक्ष प्रमोद सेवनलाल चंद्राकर ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभांरभ किया। इस दौरान चंद्राकर ने गिल्ली डंडा व पिट्ठूल खेलकर अपनी पुराने दिनों की यादें ताजा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की संस्कृति को आगे ले जाते हुए स्थानीय खेलों के प्रति युवाओं को जागरूक करना है। साथ ही नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्रदान करना है। 

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे ग्रामीण

इस दौरान प्रमुख रूप से ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ढेलू निषाद, राजीव मितान क्लब के विधानसभा संयोजक रेखराज पटेल, व्यंकटेश चंद्राकर, गौतम सिन्हा, ओमप्रकाश यादव, केके साहू, गजेंद्र साहू, शैलेंद्र सेन, हर्ष शर्मा, तारिणी चंद्राकर, मानिक साहू आदि मौजूद रहे। इसी तरह आज रविवार को अछोली, सिरपुर, पासिद, चुहरी, सुकुलबाय, मरौद, गढ़सिवनी, पीढ़ी, कुकराडीह, परसाडीह, खैरझिटी, कौवाझर, मालिडीह, बांसकुडालोहारडीह, भोरिंग, बेलटूकरी आदि गांवों में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के तहत विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया।

’छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’: मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों से की अपील

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया ओलंपिकमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों से अपील करते हुये कहा है - यदि आप भी छत्तीसगढिया ओलम्पिकमें भाग ले रहे हैं, तो आपको खेलते हुए हम सब देखेंगे.. सभी खेलते हुए अपनी फोटो/वीडियो हैशटैग #CGOlympics2022, #KhelboChhattisgarh के साथ सोशल मीडिया पर साझा कर सकते है। उन्होंने अपनी अपील में कहा कि प्रतिभागी मुझे @BhupeshBaghelCG/@BhupeshBaghel/@BhupeshBaghelinc टैग/मेंशन भी कर सकते हैं।



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल गतिविधियों को ग्रामीण क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रोत्साहित करने, प्रतिभागियों को मंच प्रदान करने, उनमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और खेल भावना का विकास करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का 6 अक्टूबर से शुभारंभ किया गया है।इसका समापन विभिन्न छः स्तरों में होते हुए अंतिम चरण राज्य स्तर पर 6 जनवरी 2023 को होगा।

दलीय एवं एकल श्रेणी में 14 तरह के पारम्परिक खेलों को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बघेल के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ में पारम्परिक खेल गतिविधियों को ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रोत्साहित करने के लिए पहल की गई है। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक से प्रतिभागियों को एक ओर जहां मंच मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ उनमें खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और खेल भावना का विकास होगा।

छत्तीसगढ़ चीफ मिनिस्टर ट्रॉफी इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट का आयोजन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कल अट्ठारह सितंबर से छत्तीसगढ़ चीफ मिनिस्टर ट्रॉफी इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर्स चेस टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। अट्ठाईस सितंबर तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में विश्व के पंद्रह देशों के पांच सौ से अधिक शतरंज खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खेल और युवा कल्याण विभाग, अखिल भारतीय शतरंज महासंघ तथा छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए रशिया, यूक्रेन, जॉर्जिया, यूएसए, कजाकिस्तान, मंगोलिया, पोलैंड, वियतनाम, कोलंबिया, ईरान, श्रीलंका, बांग्लादेश,



जिम्बाब्वे और नेपाल सहित पंद्रह देशों के खिलाड़ी पंजीयन करा चुके हैं। इस टूर्नामेंट से देश और प्रदेश के रेटेड खिलाड़ियों को अपनी रेटिंग सुधारने का मौका मिलेगा। यह टूर्नामेंट दो कैटेगरी मास्टर्स और चैलेंजर्स के रूप में होगा। इसमें मास्टर्स कैटेगरी में तेईस लाख रुपये और ट्रॉफी तथा चैलेंजर्स कैटेगरी में बारह लाख रुपये और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। वहीं, रायपुर में बीस से पच्चीस सितंबर तक सीएम ट्रॉफी बैडमिंटन इंटरनेशनल चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसमें ग्यारह देशों के खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगिता में कोच पुलेला गोपीचंद के साथ ही अन्य खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की बैठक में खिलाड़ियों की भागीदारी पर हुई चर्चा

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महासमुंद। 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक गुजरात में 36 वे नेशनल गेम्स का आयोजन किया गया है। आयोजित होना है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कोर कमेटी की संघ कार्यालय रायपुर आयोजित बैठक में राज्य के खिलाड़ियों की भागीदारी की तैयारियों पर चर्चा हुई। आज मंगलवार को कोर कमेटी में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष विनोद-चंद्राकर, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष जीएस बाम्बरा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ उपाध्यक्ष अखिल धगट

                          27 सितंबर से गुजरात में आयोजित होगा नेशनल गेम्स

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ महासचिव गुरुचरण सिंह होरा, बैडमिंटन संघ सचिव संजय मिश्रा, रायपुर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अतुल शुक्ला की उपस्थिति में संपन्न हुई। उपाध्यक्ष विनोद चंद्राकर ने 36 वे नेशनल गेम्स की भागीदारी के लिए खिलाड़ियों के प्रशिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशिक्षण कैंप में कड़ी मेहनत करें और हमारे राज्य को स्वर्ण पदक दिलाये, जिससे राज्य और खिलाड़ियों का नाम राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा हो सके। 36वां राष्ट्रीय खेल गुजरात में होने जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य से विभिन्न खेलों में खिलाड़ी भाग लेंगे। राष्ट्रीय खेल का आयोजन आगामी सितंबर माह में होगा।

राज्य के खिलाड़ी नेशनल गेम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके और अधिक से अधिक पदक जीत सकें, इसके लिए खेल संचालनालय ने तैयारियां प्रारंभ कर दी है। 36वां राष्ट्रीय खेल के लिए क्वालिफाई करने वाले खिलाड़ियों की अधिकृत जानकारी खेल संचालनालय द्वारा खेल संघों से मंगाई गई है, जिसके आधार पर खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण कैम्प का आयोजन कराया जायेगा। राज्य की खिलाड़ियों को उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सहायता एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा।

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