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PM मोदी की 4 घंटे मैराथन बैठक- केंद्रीय सचिवों को सख्त संदेश - योजनाओं का असर सीधे जनता तक दिखना चाहिए

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ करीब चार घंटे लंबी हाई लेवल बैठक की। इस दौरान सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों और आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।


बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि सरकारी योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब उनका सीधा फायदा आम जनता के जीवन में नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को और बेहतर बनाने के लिए तेज गति से काम करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय और फैसलों में तेजी लाने के लिए PM GatiShakti प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया।

बैठक में प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 साल पूरे होने तक देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए गवर्नेंस और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में अगले 10 वर्षों के सुधार एजेंडे पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न मंत्रालयों में चल रहे बड़े संरचनात्मक सुधारों की प्रगति रिपोर्ट पेश की।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में रेलवे समेत कई मंत्रालयों में ‘52 सप्ताह में 52 सुधार’ जैसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री मोदी लगातार तय समय सीमा में परिणाम देने और सरकारी कामकाज की नियमित समीक्षा पर जोर देते रहे हैं।

सरकार की यह अहम बैठक आने वाले वर्षों की नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और विकसित भारत 2047 के रोडमैप को लेकर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मोदी सरकार के 12 साल: 12 बड़े फैसले जिन्होंने बदल दी देश की तस्वीर

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 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सत्ता में 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। इस दौरान केंद्र सरकार ने कई ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका प्रभाव देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर व्यापक रूप से पड़ा। आइए जानते हैं मोदी सरकार के 12 वर्षों के दौरान लिए गए 12 प्रमुख फैसलों और पहलों के बारे में।


1. अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण

5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया। इसके साथ ही राज्य का पुनर्गठन कर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।

2. महिला आरक्षण कानून

सितंबर 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया।

3. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण

जनवरी 2019 में सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया।

4. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई इस योजना के तहत करोड़ों लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। योजना का विस्तार बाद के वर्षों में भी जारी रखा गया।

5. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA)

2019 में संसद से पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया।

6. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख चर्चा का विषय रहे।

7. प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं

मोदी सरकार ने विभिन्न वर्गों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। इनमें स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन प्रमुख हैं।

8. वस्तु एवं सेवा कर (GST)

1 जुलाई 2017 से लागू जीएसटी व्यवस्था ने विभिन्न अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत कर देश में एक समान कर प्रणाली लागू करने का प्रयास किया। इसका उद्देश्य कर ढांचे को सरल बनाना और व्यापार को सुगम करना था।

9. नोटबंदी

8 नवंबर 2016 को सरकार ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रचलन से बाहर करने की घोषणा की। सरकार ने इसे काले धन, नकली नोट और भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम बताया था।

10. औपनिवेशिक कानूनों में बदलाव

सरकार ने कई पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया। साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह नए आपराधिक कानून लागू किए गए।

11. ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध

मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के उद्देश्य से सरकार ने तीन तलाक को दंडनीय अपराध घोषित किया। संसद ने 2019 में संबंधित कानून को मंजूरी दी।

12. आधारभूत संरचना का विस्तार

पिछले 12 वर्षों में सड़क, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डों और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया गया। वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, रेलवे विद्युतीकरण, एक्सप्रेसवे निर्माण और एयरपोर्ट नेटवर्क के विस्तार को सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करती है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

मोदी सरकार के इन निर्णयों ने देश की राजनीति और नीतिगत विमर्श को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। समर्थक इन्हें बड़े सुधार और परिवर्तनकारी कदम बताते हैं, जबकि विपक्षी दल कई मुद्दों पर अलग दृष्टिकोण रखते हैं। इसके बावजूद इन फैसलों ने पिछले एक दशक में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ, कहा- जल्द होगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील

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 वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए उन्हें अपना अच्छा मित्र बताया है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौता (ट्रेड डील) जल्द ही अंतिम रूप ले सकता है।


व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “मुझे प्रधानमंत्री मोदी बहुत पसंद हैं। वह मेरे अच्छे दोस्त हैं। हमारे संबंध बेहद अच्छे हैं और हम जल्द ही एक व्यापारिक समझौते पर पहुंचेंगे।”

हालांकि ट्रंप ने भारत की टैरिफ नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से अमेरिकी कंपनियों पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लगाता रहा है, जबकि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर उसी स्तर का शुल्क नहीं लगाता था।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर तेज हुई बातचीत

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत तेज हो गई है। इस सप्ताह एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर आया था, जहां दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चार दिनों तक विस्तृत चर्चा हुई। यह वार्ता गुरुवार को संपन्न हुई।

भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनों पक्षों ने ऐसे समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे भारत और अमेरिका दोनों को लाभ मिल सके। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

G7 शिखर सम्मेलन में हो सकती है मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात इस महीने फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है। यह सम्मेलन 15 से 17 जून तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें दोनों नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

पुतिन ने भी की मोदी की प्रशंसा

इससे एक दिन पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता और भारत की वैश्विक भूमिका की सराहना की थी। पुतिन ने कहा कि भारत पर किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय संबंधों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और तेज आर्थिक विकास दर के साथ वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

रूस-भारत व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद

पुतिन ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने भारत को रूस का विश्वसनीय साझेदार बताते हुए कहा कि अन्य देशों के साथ भारत के संबंधों को रूस सकारात्मक दृष्टि से देखता है।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक महान लोकतांत्रिक राष्ट्र है, जो अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करता है।

भीषण गर्मी को लेकर PM मोदी की अपील: ज्यादा पानी पिएं, लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें

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 नई दिल्ली। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पीना सबसे जरूरी है और लोगों को खुद के साथ-साथ दूसरों का भी ध्यान रखना चाहिए।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। समय रहते ध्यान नहीं देने पर स्थिति ‘लू लगने’ यानी हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समय पर देखभाल और सतर्कता किसी की जान बचा सकती है।

प्रधानमंत्री ने लोगों से घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और जरूरतमंदों को भी पानी उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह की संवेदनशीलता और करुणा भीषण गर्मी के दौरान बेहद मायने रखती है।

उन्होंने नागरिकों को चक्कर आना, मतली, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अस्वस्थ महसूस करे या कमजोरी दिखाई दे तो उसे तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाकर पानी और ओआरएस उपलब्ध कराना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपने बुजुर्ग माता-पिता, दादा-दादी और अन्य परिजनों का नियमित हालचाल लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में घर से बाहर नहीं निकलने और पर्याप्त आराम करने की सलाह दें।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पशु-पक्षियों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, बालकनी, छत, दुकान या कार्यालय के बाहर पानी से भरा एक छोटा बर्तन रखना किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में करुणा और सतर्कता ही सबसे बड़ी जरूरत है।

’प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई’

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।


   मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत /2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

पीएम मोदी ने स्वीडिश कंपनियों को भारत में निवेश के लिए किया आमंत्रित

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 PM Modi in Sweden: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडिश कंपनियों से भारत में विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना समेत कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत में सुधारों की रफ्तार तेजी से आगे बढ़ रही है और देश निवेश, नवाचार तथा विनिर्माण के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक केंद्रों में शामिल हो चुका है।


स्वीडन की आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन (ERT) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पूरी गति से चल रही है। उन्होंने स्वीडिश और यूरोपीय कंपनियों को भारत के विकास अभियान में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।

कई क्षेत्रों में निवेश की अपील

प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स, डीप टेक मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हरित ऊर्जा, अवसंरचना, शहरी परिवर्तन, गतिशीलता, स्वास्थ्य सेवा और लाइफ साइंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में सभी कंपनियों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं और सरकार निवेशकों को बेहतर माहौल देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार की अगली लहर भारत में सह-निर्मित होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत की युवा आबादी, बढ़ते मध्यम वर्ग और तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे को देश की बड़ी ताकत बताया।

भारत-स्वीडन साझेदारी पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और स्वीडन लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार और स्थिरता जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने स्वीडन की तकनीकी क्षमता और भारत के विशाल बाजार एवं प्रतिभा को साथ लाने की जरूरत बताई।

वोल्वो समूह द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोप और भारत की कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

भारत-ईयू व्यापार समझौते को बताया अहम

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बढ़ते संबंधों का स्वागत किया। उन्होंने हाल ही में संपन्न भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को “परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी” बताया।

उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, तकनीक, विनिर्माण, सेवाओं और मजबूत सप्लाई चेन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए दोनों पक्ष तेजी से काम कर रहे हैं।

भारत को बताया निवेश का आकर्षक केंद्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज निवेश, नवाचार और उत्पादन के लिए दुनिया के सबसे भरोसेमंद और आकर्षक देशों में से एक बन चुका है। उन्होंने “डिजाइन फॉर इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया” के विजन को दोहराते हुए यूरोपीय कंपनियों से भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने भारत और यूरोप के बीच शिक्षा, कौशल विकास और प्रतिभा आदान-प्रदान को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत का युवा और कुशल कार्यबल भविष्य की वैश्विक आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाएगा।

पेट्रोल-डीजल बचाएं, एक साल तक सोने के गहने न खरीदें : PM मोदी

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित उपयोग और सोने की खरीदारी कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। ऐसे समय में देश की विदेशी मुद्रा बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में विदेशों से आयात करता है। ऐसे में पेट्रोल, डीजल और गैस का अनावश्यक उपयोग देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईंधन का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक ही करें और जहां संभव हो, यात्रा कम कर ऑनलाइन बैठकों तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दें।

सोने की खरीदारी पर भी की अपील

PM मोदी ने सोने की खरीद को लेकर भी लोगों से संयम बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी मात्रा में सोना आयात किया जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा का भारी खर्च होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशहित में नागरिक कम से कम एक वर्ष तक नए सोने के गहने खरीदने से बचें, चाहे घर में शादी या अन्य बड़ा समारोह ही क्यों न हो।

उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रीय संकट के समय लोग देश के लिए अपना सोना तक दान कर देते थे। हालांकि अब सरकार को दान की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए लोगों को अनावश्यक खरीदारी से बचना चाहिए।

प्रधानमंत्री की प्रमुख अपीलें

  • पेट्रोल, डीजल और गैस का उपयोग जरूरत के अनुसार ही करें।
  • वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग्स को बढ़ावा दें।
  • अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • खाने के तेल की खपत कम करें ताकि आयात पर खर्च घटे।
  • किसानों से सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सस्ती खाद का उपयोग करने की अपील।
  • शादी और अन्य कार्यक्रमों में एक साल तक नए सोने के गहने न खरीदने का आग्रह।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के संसाधनों और विदेशी मुद्रा की बचत करना भी आज के समय में सच्ची देशभक्ति का हिस्सा है।

 
 

सोमनाथ धाम पर पीएम मोदी का लेख; कहा- केवल मंदिर नहीं, भारत की अटूट सभ्यता...

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जय सोमनाथ! वर्ष 2026 की शुरुआत में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला। यह सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद भी मंदिर के शाश्वत और अविनाशी होने का पर्व था। अब 11 मई को मुझे एक बार फिर सोमनाथ जाने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। इस बार यह यात्रा पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में है। मैं उस क्षण को फिर जीने जा रहा हूं, जब भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने मंदिर का लोकार्पण किया था। उस दिन, सोमनाथ में विध्वंस से सृजन तक की यात्रा फिर से जीवंत होगी। छह महीनों के भीतर सोमनाथ के इतिहास से जुड़े इन दो अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी बनना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है।


सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, हमारी सभ्यता का अटूट संकल्प है। इसके सामने लहराता विशाल समुद्र अनंत काल की अनुभूति कराता है। इसकी लहरें हमें सिखाती हैं कि तूफान चाहे कितने भी विकराल क्यों न हों, मनुष्य का साहस और आत्मबल हर बार फिर से उठ खड़ा होने में सक्षम है। तट से टकराती लहरें सदियों से यह उद्घोष कर रही हैं कि मानवीय चेतना को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता है।

जिन्हें कोई झुका नहीं पाया
हमारे प्राचीन शास्त्रों में लिखा है: प्रभासं च परिक्रम्य पृथिवीक्रमसंभवम्। अर्थात दिव्य प्रभास (सोमनाथ) की परिक्रमा पूरी पृथ्वी की परिक्रमा के समान है! जब लोग यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं, तब उन्हें उस सभ्यता की अद्भुत निरंतरता का भी अनुभव होता है, जिसकी ज्योति कभी बुझाई नहीं जा सकी। कई साम्राज्य आए और गए, समय बदला और इतिहास ने ढेरों उतार-चढ़ाव देखे, फिर भी सोमनाथ हमारे हृदय में हमेशा बना रहा।

यह समय उन असंख्य महान विभूतियों के स्मरण का भी है, जो क्रूर आक्रांताओं के सम्मुख अडिग रहे। लकुलीश और सोम शर्मा जैसे मनीषियों ने प्रभास को शैव दर्शन का महान केंद्र बनाया। चक्रवर्ती महाराज धारसेन चतुर्थ ने सदियों पहले वहां दूसरा मंदिर बनवाया था। समय की कठिन परीक्षा के बीच भीम प्रथम, जयपाल और आनंदपाल जैसे शासकों ने आक्रमणों के विरुद्ध अपनी सभ्यता की ढाल बनकर मंदिर की रक्षा की थी।

ऐसा माना जाता है कि महान राजा भोज ने भी इस पावन स्थल के पुनर्निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया था। कर्णदेव सोलंकी और जयसिंह सिद्धराज ने गुजरात की राजनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति को पुनर्स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। भाव बृहस्पति, कुमारपाल सोलंकी और पाशुपताचार्यों ने इस तीर्थ को आराधना और ज्ञान के केंद्र के रूप में स्थापित करने में अमूल्य योगदान दिया। विशालदेव वाघेला और त्रिपुरांतक ने इसकी बौद्धिक और आध्यात्मिक परंपराओं की रक्षा की।

महिपाल चूड़ासमा और राव खंगार चूड़ासमा ने विध्वंस के बाद पूजा-पाठ की परंपरा को पुनर्जीवित किया। पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर, जिनकी 300वीं जयंती मनाई जा रही है, उन्होंने सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी भक्ति की परंपरा को जीवंत रखा। बड़ौदा के गायकवाड़ों ने तीर्थयात्रियों के अधिकारों की रक्षा की। इसके साथ ही हमारी यह धरती वीर हमीरजी गोहिल, वीर वेगड़ाजी भील जैसे पराक्रमियों से धन्य हुई है। उनके साहस और बलिदान को आज भी याद किया जाता है।

ऐसे पूरा हुआ सरदार का सपना
1940 के दशक में स्वतंत्रता की भावना पूरे भारत में फैल रही थी। सरदार पटेल जैसे महान नेताओं के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत की नींव रखी जा रही थी। ऐसे में एक बात जो उन्हें बहुत व्यथित करती थी, वह थी- सोमनाथ की दुर्दशा। 13 नवंबर 1947 को, दिवाली के समय, उन्होंने सोमनाथ के जर्जर अवशेषों के सामने खड़े होकर, समुद्र का जल हाथ में लेकर संकल्प लिया, ‘इस (गुजराती) नववर्ष पर हमारा निश्चय है कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण होगा। सौराष्ट्र के लोगों को इसके लिए हर तरह से अपना योगदान देना होगा। यह एक पावन कार्य है, जिसमें हर किसी को भागीदारी निभानी होगी।’ उनके इस आह्वान ने सिर्फ गुजरात ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतवर्ष को नए उत्साह से भर दिया।

दुर्भाग्यवश, सरदार पटेल अपने उस सपने को साकार होते नहीं देख सके, जिसके लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित कर दिया था। इससे पहले कि जीर्णोद्धार के बाद सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खुलता, उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इसके बावजूद, प्रभास पाटन की पावन धरती पर उनका प्रभाव निरंतर महसूस किया जाता रहा है। उनके विजन को के.एम. मुंशी ने आगे बढ़ाया, जिन्हें नवानगर के जामसाहेब का समर्थन मिला। 1951 में मंदिर का पुनर्निर्माण पूरा होने पर राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू के विरोध के बावजूद, डॉ. प्रसाद ने समारोह में हिस्सा लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया।

श्रद्धा और विश्वास नष्ट नहीं होते
मुझे अक्टूबर 2001 का वह समय आज भी अच्छे से याद है, जब मैंने मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व संभाला था। 31 अक्टूबर 2001 को, सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर गुजरात सरकार ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 50वीं वर्षगांठ का भव्य आयोजन किया। इसी समय सरदार पटेल की 125वीं जयंती भी मनाई जा रही थी। इस कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और तत्कालीन गृह मंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी जी की मौजूदगी ने इसे और भी गरिमापूर्ण बना दिया।

11 मई 1951 को अपने भाषण में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि सोमनाथ मंदिर दुनिया को यह संदेश देता है कि अद्वितीय श्रद्धा और विश्वास को कभी नष्ट नहीं किया जा सकता। उन्होंने आशा व्यक्त की, कि यह मंदिर सदैव लोगों के हृदय में बसा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के पुनर्निर्माण से सरदार पटेल का सपना साकार हुआ है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि सरदार पटेल की भावनाओं के अनुरूप लोगों के जीवन में समृद्धि भी लानी होगी। इसको लेकर उनके संदेश अत्यंत प्रेरणादायी रहे हैं।

पिछले एक दशक से हम इसी मार्ग पर चल रहे हैं। ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र से प्रेरित होकर सोमनाथ से काशी, कामाख्या से केदारनाथ, अयोध्या से उज्जैन और त्रयंबकेश्वर से श्रीशैलम तक, हमने अपने आध्यात्मिक केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है। इसके साथ ही उनकी पारंपरिक पहचान को भी बनाए रखा है। आज बेहतर कनेक्टिविटी से ज्यादा से ज्यादा लोग यहां आ पा रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है, आजीविका सुरक्षित हो रही है, साथ ही ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना और सशक्त हो रही है।

विभाजित दुनिया को सोमनाथ का संदेश
सोमनाथ की रक्षा और इसके पुनर्निर्माण के लिए जिन्होंने अपना सर्वस्व बलिदान किया, उनका संघर्ष हम कभी नहीं भुला सकते। भारत के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने इसकी भव्यता और दिव्यता को लौटाने में अपना अद्भुत योगदान दिया। उनकी ऐसी ही आस्था पूरे भारतवर्ष को लेकर भी थी। वे एकता की ऐसी अद्भुत डोर से बंधे थे, जिसे जमीनी सीमाओं में नहीं बांटा जा सकता।

आज की विभाजित दुनिया में, सोमनाथ से मिलने वाली एकता की यह सीख पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। सोमनाथ अपनी गौरवशाली परंपरा के साथ हमेशा खड़ा रहेगा, क्योंकि यह हमारी साझा सभ्यता का प्रतीक है। इसी गौरव को नमन करते हुए बलिदान देने वाले वीरों की स्मृति में और दानवीरों की उदारता को याद करते हुए अगले एक हजार दिनों तक यहां विशेष पूजा आयोजित की जाएगी। यह देखकर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि बड़ी संख्या में लोग इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं।

सोमनाथ हमें याद दिलाता है कि जब कोई समाज अपनी आस्था, अपनी संस्कृति और अपनी एकता से जुड़ा रहता है, तब उसे लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। आज भी हमारी सबसे बड़ी शक्ति यही साझा चेतना है, यही एकात्म भाव है। यही भावना हमें विभाजन से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में साथ चलने की प्रेरणा देती है।

मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि इस पावन अवसर पर पवित्र सोमनाथ धाम की यात्रा करें और इसकी भव्यता के साक्षात दर्शन करें। जब आप सोमनाथ के तट पर खड़े होंगे, तब उसकी प्राचीन प्रतिध्वनियों को अपने भीतर महसूस करेंगे। वहां आपको केवल भक्ति का अनुभव नहीं होगा, बल्कि उस सभ्यतागत चेतना की सशक्त धड़कन भी सुनाई देगी, जो कभी रुकी नहीं, जिसकी तीव्रता कभी कम नहीं हुई।

“मन की बात” में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है।


मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ “मन की बात” की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “मन की बात” आज देश के जनमानस को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, श्री अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अमेरिका ने दी 30 दिन की छूट, कांग्रेस का सवाल- भारत को इजाज़त देने वाला कौन?

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 नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। यह कदम ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में संभावित दबाव को देखते हुए उठाया गया बताया जा रहा है। हालांकि इस फैसले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।


कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री ने मीडिया से कहा है कि भारत को 30 दिन तक रूस से तेल खरीदने की इजाजत दी गई है। उन्होंने इसे भारत की आजादी और संप्रभुता पर करारा तमाचा बताते हुए सवाल उठाया कि “अमेरिका कौन होता है हमें इजाजत देने वाला?” उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी लगातार चेतावनी देते रहे हैं।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह “ट्रंप का नया खेल” है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “दिल्ली के दोस्त को कहा गया है कि पुतिन से तेल ले सकते हो। कब तक चलेगा यह अमेरिकी ब्लैकमेल?”

वहीं कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी कौन होते हैं जो भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दें। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिका के हर आदेश के आगे झुक रही है और इससे देश की विदेश नीति कमजोर दिख रही है।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या अब स्थिति यह हो गई है कि भारत रूस से तेल तभी खरीदेगा जब अमेरिका अनुमति देगा।

क्या है अमेरिका का फैसला?

दरअसल, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार (6 मार्च) को घोषणा की कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊर्जा एजेंडे के तहत भारत को 30 दिन की अस्थायी छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

स्कॉट बेसेंट ने X पर लिखा कि ईरान वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है और इसी दबाव को कम करने के लिए भारत को 30 दिनों की यह छूट दी गई है।

जंग के बीच भारत की पहल: पीएम मोदी ने शांति की आवाज बुलंद की

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 नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात को लेकर भारत ने शांति और कूटनीति पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वर्तमान संकट बेहद चिंताजनक है और इसका समाधान केवल संवाद, कूटनीतिक प्रयासों और बातचीत से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा शांति, स्थिरता और वैश्विक सहयोग का पक्षधर रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में तनाव बढ़ रहा है, लेकिन भारत का रुख स्पष्ट है—विवादों का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव कदम उठाया जाएगा।

कनाडा के साथ वार्ता के बाद बयान

यह बयान प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद दिया। इस दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक पर मिलकर काम करने पर भी सहमति बनी।

नेतन्याहू से फोन पर बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर क्षेत्र के हालात पर चिंता जताई और जल्द से जल्द दुश्मनी समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब दो लोकतांत्रिक देश शांति के पक्ष में खड़े होते हैं, तो दुनिया में स्थिरता की उम्मीद मजबूत होती है।

भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार सतर्क

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी कहा कि खाड़ी देशों या अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं।

उन्होंने चिंतित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत पहले भी संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाता रहा है और इस बार भी आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

सरकार ने दोहराया कि दुनिया के किसी भी हिस्से में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उन्हें सुरक्षित घर लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

रमजान के पावन अवसर पर पीएम मोदी की शुभकामनाएं, शांति और एकता की कामना

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को रमजान के पावन अवसर पर देशवासियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि यह पाक महीना समाज में एकजुटता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करे। मुसलमानों का पवित्र महीना रमजान आज (19 फरवरी) से शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “रमजान मुबारक! यह पवित्र महीना हमारे समाज में एकता की भावना को और सशक्त बनाए। हर जगह शांति और समृद्धि हो।”


रमजान इस्लामी चंद्र कैलेंडर (हिजरी) का नौवां महीना है। इसकी शुरुआत चांद दिखाई देने के साथ होती है और यह दुनिया भर के मुसलमानों के लिए रोजा (उपवास) की अवधि का प्रतीक है। इस दौरान श्रद्धालु सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं। रमजान में मस्जिदों में रात को तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है, जिसमें पूरे महीने के दौरान पवित्र कुरान का पाठ किया जाता है। यह सिलसिला ईद का चांद दिखाई देने तक चलता है।

‘हर जगह शांति और समृद्धि हो’

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में समाज में शांति, समृद्धि और सद्भाव की कामना की। उन्होंने कहा कि रमजान आत्मचिंतन, संयम और सेवा का महीना है, जो लोगों को आपसी भाईचारे और करुणा का संदेश देता है।

भारत में आज से रमजान का आगाज

बुधवार शाम देश के कई हिस्सों में चांद दिखाई देने के बाद भारत में गुरुवार से रमजान की शुरुआत हो गई। चांद दिखने के साथ ही मुसलमान अगले 29 या 30 दिनों तक रोजा रखेंगे।

दिल्ली के फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने चांद दिखने की पुष्टि की और रमजान के आगाज की घोषणा की। वहीं जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम सैयद शबान बुखारी ने भी चांद दिखाई देने की पुष्टि की।

दुनियाभर में पवित्र समय

रमजान को विश्वभर के मुसलमान उपवास, इबादत और आत्मचिंतन के पवित्र महीने के रूप में मनाते हैं। इस दौरान मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाती है, जिसमें पूरे कुरान का पाठ किया जाता है। महीने के अंत में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है, जो आपसी प्रेम, भाईचारे और खुशी का प्रतीक है।

सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन राष्ट्र को समर्पित, पीएम मोदी बोले - “विकसित भारत का यह नया अध्याय”

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को सेवा तीर्थ तथा कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन करते हुए इसे भारत के विकास पथ में एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आज देश एक नए इतिहास का साक्षी बन रहा है और यह दिन विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में नई शुरुआत का प्रतीक है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कभी साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें ब्रिटिश शासन की प्रशासनिक सोच को लागू करने के लिए बनी थीं, वहीं आज सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समर्पित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां से लिए जाने वाले फैसले किसी महाराजा की सोच नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की अपेक्षाओं को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे।

बेहतर कार्यस्थल, बढ़ी उत्पादकता

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है और विकसित भारत की कल्पना केवल नीतियों में नहीं, बल्कि कार्यस्थलों और इमारतों में भी दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पुराने भवनों में जगह और सुविधाओं की कमी थी। करीब 100 साल पुरानी ये इमारतें जर्जर हो रही थीं और प्रशासनिक कार्यों में व्यावहारिक कठिनाइयां थीं।

उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली में कई मंत्रालय 50 से अधिक अलग-अलग स्थानों से संचालित हो रहे थे, जिन पर प्रतिवर्ष लगभग 1500 करोड़ रुपये किराये के रूप में खर्च हो रहे थे। साथ ही रोजाना 8–10 हजार कर्मचारियों के आवागमन में अतिरिक्त समय और संसाधन लगते थे। सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन के निर्माण से खर्च में कमी, समय की बचत और उत्पादकता में वृद्धि होगी।

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में गुलामी की मानसिकता से मुक्ति अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी कई प्रतीकों को ढोया जाता रहा, जिन्हें बदलने की आवश्यकता थी। इसी क्रम में नेशनल वॉर मेमोरियल और पुलिस स्मारक का निर्माण किया गया।

उन्होंने बताया कि रेसकोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया और राजपथ को विकसित कर कर्तव्य पथ के रूप में नई पहचान दी गई। उनके अनुसार यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि सत्ता की सोच को सेवा की भावना से जोड़ने का प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी निर्णयों के पीछे एक व्यापक दृष्टिकोण है, जो भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य को राष्ट्रगौरव से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की पहचान स्वतंत्र प्रतीकों से ही बनेगी और यही सोच सेवा तीर्थ तथा कर्तव्य भवन की स्थापना के पीछे भी निहित है।

टैरिफ पर झुके ट्रंप, भारत पर 25% से घटाकर 18% किया

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 वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ी राहत देते हुए उस पर लगाए गए टैरिफ में कटौती का ऐलान किया है। अमेरिका ने भारत पर लगने वाला टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल के बाद लिया गया है। नई टैरिफ दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।


राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में टैरिफ को और कम किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य इसे शून्य पर लाना है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते भविष्य में और मजबूत होंगे।


पीएम मोदी को बताया अपना “सबसे अच्छा दोस्त”

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने लिखा,
“प्रधानमंत्री मोदी मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं। वह अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने व्यापार सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत की है।”

रूस-यूक्रेन युद्ध और तेल व्यापार पर भी चर्चा

फोन कॉल के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और ऊर्जा व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने दावा किया कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और भविष्य में अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत, अमेरिका से बड़ी मात्रा में विभिन्न उत्पादों की खरीद करेगा।

500 बिलियन डॉलर से ज्यादा की खरीद पर बातचीत

ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 500 बिलियन डॉलर से अधिक के व्यापारिक लेन-देन को लेकर भी चर्चा हुई है। इसमें ऊर्जा, कृषि उत्पाद और अन्य अमेरिकी वस्तुओं की खरीद शामिल है। भारत की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि अमेरिकी दालों और कृषि उत्पादों पर लगाए गए हालिया टैरिफ को वापस लिया जा सकता है।

पहले भारत पर लगाया गया था 50% टैरिफ

गौरतलब है कि पिछले साल अमेरिका ने भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया था। इसमें

  • 25% रेसिप्रोकल टैरिफ
  • 25% अतिरिक्त ‘पेनल्टी’ (रूस से तेल खरीदने के कारण)

शामिल थे। इन भारी टैरिफों का सबसे ज्यादा असर कपड़ा उद्योग, रत्न एवं आभूषण, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात पर पड़ा था।

भारत-अमेरिका संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

नए समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम होने की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी और मैं ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करते हैं। भारत के साथ हमारे रिश्ते भविष्य में और मजबूत होंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में कटौती से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी और भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

नितिन नबीन बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी बोले - ‘जब पार्टी की बात हो, नबीन मेरे बॉस हैं’

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 नई दिल्ली: भाजपा मुख्यालय में आज मंगलवार को आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत किया। पीएम मोदी ने कहा, "जब पार्टी की बात आती है, तो नितिन नबीन मेरे बॉस हैं और मैं उनका एक पार्टी कार्यकर्ता हूं।" इस बयान पर सभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियों से प्रतिक्रिया दी।


आंतरिक चुनाव प्रक्रिया का किया जिक्र:

प्रधानमंत्री ने बताया कि भाजपा के आंतरिक चुनाव देशभर में महीनों चले और पार्टी के संविधान का सख्ती से पालन करते हुए जमीनी स्तर से शीर्ष पदों तक के नेताओं का चुनाव किया गया। उन्होंने लाखों कार्यकर्ताओं की भागीदारी की सराहना की और इसे पार्टी के लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुशासन और कार्यकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।

नेतृत्व पर मोदी का संदेश:

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का नेतृत्व परंपरा से प्रेरित, अनुभव से सशक्त और जनसेवा की भावना से संगठन को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बधाई दी।

पीएम मोदी का TMC पर तीखा प्रहार, बोले - वोट बैंक के लिए घुसपैठियों की ढाल बनी ममता सरकार

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। ताहेरपुर में फोन के माध्यम से आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि ममता सरकार घुसपैठियों को बचाने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल में घुसपैठियों को TMC का खुला संरक्षण प्राप्त है और यह सब वोट बैंक की राजनीति के लिए किया जा रहा है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में TMC के ‘महाजंगल राज’ का अंत करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और तुष्टीकरण की राजनीति हावी है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि TMC चाहे जितनी बार और जितनी ताकत से भाजपा का विरोध करे, लेकिन बिहार चुनाव परिणामों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि बंगाल में भी भाजपा के लिए रास्ते खुल रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा,
“आप मोदी का विरोध कर सकते हैं, लेकिन बंगाल की जनता को नाराज़ मत कीजिए। उनके अधिकारों का हनन मत कीजिए और उनके सपनों को चकनाचूर मत कीजिए।”
उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता से हाथ जोड़कर अपील की कि वे भाजपा को एक मौका दें ताकि राज्य के विकास को नई दिशा मिल सके।

इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के राणाघाट में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें करीब 3,200 करोड़ रुपये की लागत वाली दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं।

एनएच-34 के 66.7 किलोमीटर लंबे बरजागुली–कृष्णानगर खंड को चार लेन में बदलने का उद्घाटन

एनएच-34 के 17.6 किलोमीटर लंबे बारासात–बरजागुली खंड के चार लेन निर्माण का शिलान्यास

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इन परियोजनाओं से कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच संपर्क बेहतर होगा और यात्रा समय लगभग दो घंटे कम हो जाएगा। साथ ही, इनसे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन को भी गति मिलेगी।

संसद सत्र खत्म, अब चुनावी दौरे शुरू: मोदी बंगाल-असम में, नितिन नबीन दक्षिण में

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 नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की समाप्ति के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी राज्यों में अपने अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार (20 दिसंबर) से दो दिवसीय पूर्वी भारत दौरे पर रवाना हो रहे हैं, वहीं पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन उसी दिन दक्षिण भारत के दौरे पर निकलेंगे। अगले वर्ष पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में इन दौरों को चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।


बंगाल को 3200 करोड़ की सौगात देंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 दिसंबर से पश्चिम बंगाल और असम के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। पश्चिम बंगाल की यात्रा के दौरान वे नदिया जिले के रानाघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 3200 करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन एवं आधारशिला रखेंगे। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं।

असम में पीएम मोदी का कार्यक्रम

पश्चिम बंगाल दौरे के बाद प्रधानमंत्री 20 दिसंबर को ही असम के लिए रवाना होंगे। असम यात्रा के दौरान वे लोकप्रिय गोपीनाथ बरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे।
अपनी यात्रा के अंतिम दिन प्रधानमंत्री गुवाहाटी के बोरागांव स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर ऐतिहासिक असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे असम वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड की अमोनिया-यूरिया परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। असम में भी अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

पुडुचेरी और चेन्नई जाएंगे नितिन नबीन

बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 20 दिसंबर को पुडुचेरी के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान उनके साथ पुडुचेरी के संगठन प्रभारी और केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद यह नितिन नबीन का पहला आधिकारिक दौरा होगा। वे पुडुचेरी में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक मजबूती को लेकर चर्चा करेंगे।

नितिन नबीन चेन्नई होते हुए पुडुचेरी पहुंचेंगे। उल्लेखनीय है कि अगले वर्ष तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं।

चुनावी मोड में बीजेपी

दिसंबर के अंत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भी पश्चिम बंगाल और इसके बाद तमिलनाडु दौरे पर जाने की संभावना है। संसद सत्र समाप्त होते ही बीजेपी के शीर्ष नेता पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुके हैं। आने वाले दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्वी और दक्षिणी भारत में लगातार दौरे और कार्यक्रमों में हिस्सा लेते नजर आएंगे।

CM साय सपरिवार मिले PM मोदी से - भावुक क्षण को बताया जीवनभर की प्रेरणा

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। मुलाकात के बाद उन्होंने X पर पोस्ट साझा करते हुए इस क्षण को जीवनभर याद रहने वाला प्रेरणादायक अनुभव बताया।


CM साय ने अपनी पोस्ट में लिखा -

“सत्पुरुषसंसर्गो हि कृतार्थयति जीवनम्।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हमारे परिवारजनों से हुई मुलाकात जीवन भर याद रहने वाला प्रेरक अनुभव है। अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच जिस आत्मीयता से मोदीजी ने सबका हाल-चाल पूछा, बच्चों से सहज होकर बात की और आशीर्वाद दिया, वह अविस्मरणीय है।


माननीय प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान परिवार की तीन पीढ़ियों को एक साथ उनके सान्निध्य में बैठने का अवसर मिला, यह हमारे लिए भावुक कर देने वाला क्षण था। इस गरिमामय और आत्मीय भेंट के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

प्रधानमंत्री मोदी की भावनात्मक और सौहार्दपूर्ण मुलाकात को CM साय ने परिवार के लिए गर्व और सौभाग्य का क्षण बताया।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर को भारत दौरे पर, पीएम मोदी संग करेंगे महत्वपूर्ण बैठक

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 नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले सप्ताह 4-5 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर भारत दौरे पर आ रहे हैं। इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच तेल खरीद, रक्षा सहयोग, व्यापार, भू-राजनीतिक मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक साझेदारी पर अहम बातचीत होने की संभावना है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य और अमेरिका के साथ जारी तनावपूर्ण स्थितियों को देखते हुए यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन में डिनर का भी आयोजन किया जाएगा।

भारत–रूस संबंध होंगे और मजबूत

हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस दौरे पर गए थे, जहाँ रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा था कि पुतिन बहुत जल्द भारत की यात्रा करेंगे। कुछ ही दिनों बाद यह आधिकारिक पुष्टि सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगी।

PM मोदी से होगी उच्चस्तरीय बैठक

रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, जिसमें रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति, रक्षा तकनीक, सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, व्यापार विस्तार और ऊर्जा सेक्टर में सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा किए गए हालिया बयानों और लगाए गए टैरिफ के बाद यह मुलाकात और भी अधिक रणनीतिक महत्त्व रखती है।

मोदी-पुतिन की मुलाकातें पहले भी रहीं सक्रिय

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2024 में दो बार रूस का दौरा किया था—पहली बार BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए 22 अक्टूबर को और इससे पहले जुलाई में दो दिन की यात्रा पर। उसी दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को भारत आने का निमंत्रण दिया था, जिस पर अब यह आधिकारिक यात्रा हो रही है।

निष्कर्ष

पुतिन की यह यात्रा वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग के संदर्भ में भारत के लिए निर्णायक अवसर साबित हो सकती है। दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे रणनीतिक विश्वास और साझेदारी को इससे और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अयोध्या में आज पीएम मोदी करेंगे ध्वजारोहण, शहर किले में तब्दील, 6970 सुरक्षा कर्मी तैनात

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 अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। समारोह के लिए पूरी अयोध्या को अभेद्य सुरक्षा घेरा में बदल दिया गया है। एटीएस, एनएसजी, साइबर यूनिट, एंटी-ड्रोन सिस्टम से लेकर स्नाइपर तक सभी विशेष टीमें तैनात की गई हैं।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण कर चुके हैं।

पीएम मोदी का कार्यक्रम

सुबह 10 बजे: सप्तमंदिर दर्शन – महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर।

  • सुबह 11 बजे: माता अन्नपूर्णा मंदिर दर्शन।
  • गर्भगृह में राम दरबार दर्शन-पूजन।
  • दोपहर 12 बजे: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण।

ध्वजारोहण विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में होगा। 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा त्रिकोणीय भगवा ध्वज फहराया जाएगा, जिस पर भगवान श्रीराम की वीरता का प्रतीक सूर्य की आकृति, कोविदारा पेड़ और ‘ॐ’ अंकित है।

मंदिर परिसर की विशेषताएँ

शिखर उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित।

  • मंदिर परिसर का 800 मीटर परकोटा दक्षिण भारतीय वास्तुकला का उदाहरण।
  • बाहरी दीवारों पर 87 रामायण प्रसंगों की पत्थर नक्काशी।
  • परकोटा पर 79 सांस्कृतिक प्रसंगों की कांस्य ढालें।

अयोध्या छावनी में तब्दील

ध्वजारोहण को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

मानव संसाधन तैनाती

  • 14 एसपी
  • 30 एएसपी
  • 90 डीएसपी
  • 242 इंस्पेक्टर (पुरुष)
  • 1060 उप निरीक्षक
  • 80 महिला उप निरीक्षक
  • 3090 पुरुष हेड कांस्टेबल
  • 448 महिला हेड कांस्टेबल
  • कुल नागरिक पुलिस: 5784
  • यातायात पुलिस: 1186

  •  कुल तैनात सुरक्षा कर्मी: 6970

ट्रैफिक एवं स्पेशल यूनिट तैनाती

  • 16 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 130 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, 820 जवान
  • एटीएस कमांडो: 2 टीमें
  • एनएसजी स्नाइपर: 2 टीमें
  • एंटी-ड्रोन यूनिट: 1 टीम
  • साइबर कमांडो: 4
  • तकनीकी विशेषज्ञ: 90
  • स्पेशल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल

  • बम डिटेक्शन, डॉग स्क्वॉड, हाई रिस्पॉन्स वैन
  • माइंस टीम, बीडीडीएस 9 टीमें
  • एस्कॉर्ट यूनिट, स्पॉट चेक टीम, फायर यूनिट
  • 105 DFMD, 380 HHMD, बैगेज स्कैनर
  • वाहन माउंटेड जैमर, ड्रोन विजिलेंस
  • भीड़ नियंत्रण के लिए मॉड्यूल और बैरियर
  • पूरे शहर में रूट डायवर्जन लागू है और सभी हाई-ग्राउंड पॉइंट पर स्नाइपर तैनात हैं।
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