Media24Media.com: #अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. Show all posts
Showing posts with label #अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. Show all posts

चीन को डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: ईरान को हथियार भेजे तो होंगे गंभीर नतीजे

No comments Document Thumbnail

 वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वह ईरान को हथियारों की आपूर्ति करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि अमेरिका इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।


ट्रंप ने कहा कि वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच गहन वार्ता चल रही है, लेकिन किसी भी समझौते से अधिक महत्वपूर्ण अमेरिका की सुरक्षा है। उन्होंने दो टूक कहा, “चाहे कुछ भी हो, जीत अमेरिका की ही होगी।”

इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, ईरान द्वारा समुद्र में माइंस (बारूदी सुरंगें) बिछाए जाने की आशंका के चलते अमेरिकी माइन-स्वीपर जहाजों की तैनाती की गई है। वहीं, ईरान का दावा है कि वह इस क्षेत्र से किसी भी सैन्य जहाज को गुजरने नहीं दे रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने चीन को “रेड सिग्नल” देते हुए कहा कि अगर चीन ईरान को हथियार भेजता है, तो उसे “बड़ी समस्याओं” का सामना करना पड़ेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और युद्धविराम भी अस्थिर नजर आ रहा है।

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि चीन, ईरान को कंधे से दागे जाने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम (MANPADS) या उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध करा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E Strike Eagle और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को निशाना बनाने में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

हालांकि, चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि चीन ने इस संघर्ष में किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और अमेरिका से “बेबुनियाद आरोपों से बचने” की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन वास्तव में ईरान को हथियार भेजता है, तो इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है और इसका असर वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ेगा। इसके अलावा, अगले महीने प्रस्तावित ट्रंप के चीन दौरे और उनकी शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात पर भी इसका असर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद Donald Trump ने 10% वैश्विक टैरिफ लगाने की कसम खाई

No comments Document Thumbnail

 वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। रूढ़िवादी बहुमत वाले सर्वोच्च न्यायालय ने 6-3 के फैसले में कहा कि 1977 का International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) राष्ट्रपति को व्यापक आयात टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता।


क्या कहा अदालत ने?

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने जैसी “विशिष्ट और असाधारण शक्ति” देना चाहती, तो वह इसे कानून में स्पष्ट रूप से लिखती। संविधान के अनुसार कर और शुल्क लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास।

तीन उदारवादी न्यायाधीशों ने भी इस फैसले में तीन रूढ़िवादी न्यायाधीशों का साथ दिया। हालांकि न्यायमूर्ति सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कावानाघ ने असहमति जताई।

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

फैसले के तुरंत बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:

“मुझे अदालत के कुछ सदस्यों पर बेहद शर्म आती है। उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने का साहस नहीं है।”

ट्रंप ने बिना सबूत आरोप लगाया कि अदालत विदेशी हितों से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने फैसले को “बेहद निराशाजनक” बताया और कहा कि इससे वे “और अधिक शक्तिशाली” हो गए हैं।

10% वैश्विक टैरिफ की घोषणा

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे 10% का समान वैश्विक टैरिफ लगाने के लिए किसी अन्य कानूनी प्रावधान का उपयोग करेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे “विकल्प” हैं जो IEEPA से भी अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि आने वाले पांच महीनों में कई व्यापारिक प्रथाओं की जांच की जा रही है, जिनके आधार पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं।

फैसले का प्रभाव

  • यह निर्णय ट्रंप द्वारा इस्पात, एल्युमीनियम और अन्य वस्तुओं पर लगाए गए अलग-अलग क्षेत्रीय शुल्कों को प्रभावित नहीं करता।
  • कई सरकारी जांचें अभी भी जारी हैं, जिनसे भविष्य में नए सेक्टर-विशिष्ट शुल्क लगाए जा सकते हैं।
  • व्हाइट हाउस में वापसी के बाद यह ट्रंप की सुप्रीम कोर्ट में सबसे बड़ी कानूनी हार मानी जा रही है।

अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने आपातकालीन आर्थिक शक्तियों का व्यापक इस्तेमाल करते हुए लगभग सभी प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाए थे। इनमें “पारस्परिक” टैरिफ के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी और आप्रवासन के मुद्दों पर मेक्सिको, कनाडा और चीन को लक्षित करते हुए अलग-अलग शुल्क शामिल थे।

अब यह देखना होगा कि ट्रंप किस वैकल्पिक कानूनी आधार का सहारा लेकर अपनी 10% वैश्विक टैरिफ योजना को आगे बढ़ाते हैं और क्या यह कदम फिर से कानूनी चुनौती का सामना करेगा।

डील करो या तबाही झेलो! अमेरिका का ईरान को 10–15 दिन का अल्टीमेटम, US सेना हाई अलर्ट पर

No comments Document Thumbnail

 मध्य-पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को परमाणु समझौते पर सहमत होने के लिए 10–15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान समझौते पर नहीं आता, तो उसके लिए स्थिति “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” हो सकती है।


US सैन्य तैयारी तेज

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ाई गई है। दो एयरक्राफ्ट कैरियर समूहों सहित युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं। मेडिटेरेनियन क्षेत्र में USS Gerald R. Ford सहित कई अमेरिकी युद्धपोतों की गतिविधि बढ़ी है, जिससे संभावित कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।

ब्रिटेन ने एयरबेस देने से किया इनकार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की सरकार ने ईरान पर संभावित हमले के लिए अपने एयरबेस के उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया। ब्रिटेन का कहना है कि बिना स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय अनुमति के पहले से हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है।

 रूस के साथ ईरान का सैन्य अभ्यास

तनाव के बीच ईरान ने रूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है। तेहरान ने साफ कहा है कि वह अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर दबाव में कोई समझौता नहीं करेगा।
ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि उस पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्ध भड़क सकता है।

 होर्मुज़ जलडमरूमध्य में लाइव-फायर ड्रिल

ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में लाइव-फायर सैन्य अभ्यास शुरू किया है। यह वही मार्ग है, जहाँ से दुनिया के लगभग 20% तेल का व्यापार गुजरता है।

 अमेरिकी सेना स्टैंडबाय पर

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संभावित कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। हालांकि अंतिम निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप को ही लेना है।
इसी मुद्दे पर ट्रंप ने अपने शीर्ष सलाहकारों के साथ उच्च स्तरीय बैठक भी की।

क्षेत्रीय युद्ध का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच सीधा संघर्ष शुरू होता है, तो इसमें इज़राइल, खाड़ी देश और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी शामिल हो सकते हैं। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ट्रंप के टैरिफ कट से भारतीय बाजारों में बहार, रुपया 3 साल में सबसे मजबूत

No comments Document Thumbnail

 Stock Market Today : मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ में बड़ी कटौती के ऐलान के बाद भारतीय बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 1.2 प्रतिशत मजबूत होकर 90.40 के स्तर पर पहुंच गया, जो कि पिछले तीन वर्षों में सबसे बड़ी मजबूती मानी जा रही है।


डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच बनी ट्रेड डील की सहमति के बाद लिया गया है। टैरिफ में इस बड़ी कटौती से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलने की उम्मीद है और रुपये पर बना दबाव भी कम हुआ है।

रुपये का हाल

साल 2025 में रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में शामिल रहा था। पूरे साल में यह लगभग 5 प्रतिशत कमजोर हुआ, जबकि अकेले जनवरी में ही 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी। सीमित विदेशी निवेश और आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ था।

मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, शिन्हान बैंक इंडिया के ट्रेजरी हेड कुणाल सोधानी ने कहा कि ट्रेड डील से वह बड़ी अनिश्चितता खत्म हुई है जो विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रभावित कर रही थी। जोखिम को लेकर विदेशी निवेशकों के नए आकलन से रुपये के प्रति सेंटीमेंट मजबूत हुआ है।

शेयर बाजार का हाल

रुपये की मजबूती के साथ ही शेयर बाजार में भी ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। मंगलवार को सेंसेक्स करीब 3,600 अंकों की उछाल के साथ खुला और 85,000 के स्तर को पार कर गया। वहीं निफ्टी 50 में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई।

बजट के दिन बाजार में भारी दबाव देखने को मिला था, हालांकि सोमवार को रैली की शुरुआत हो चुकी थी। मंगलवार को बाजार ने जोरदार कमबैक करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया। एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब 23 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

टैरिफ पर झुके ट्रंप, भारत पर 25% से घटाकर 18% किया

No comments Document Thumbnail

 वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ी राहत देते हुए उस पर लगाए गए टैरिफ में कटौती का ऐलान किया है। अमेरिका ने भारत पर लगने वाला टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल के बाद लिया गया है। नई टैरिफ दरें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।


राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में टैरिफ को और कम किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य इसे शून्य पर लाना है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते भविष्य में और मजबूत होंगे।


पीएम मोदी को बताया अपना “सबसे अच्छा दोस्त”

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने लिखा,
“प्रधानमंत्री मोदी मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं। वह अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने व्यापार सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत की है।”

रूस-यूक्रेन युद्ध और तेल व्यापार पर भी चर्चा

फोन कॉल के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और ऊर्जा व्यापार को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप ने दावा किया कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और भविष्य में अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत, अमेरिका से बड़ी मात्रा में विभिन्न उत्पादों की खरीद करेगा।

500 बिलियन डॉलर से ज्यादा की खरीद पर बातचीत

ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 500 बिलियन डॉलर से अधिक के व्यापारिक लेन-देन को लेकर भी चर्चा हुई है। इसमें ऊर्जा, कृषि उत्पाद और अन्य अमेरिकी वस्तुओं की खरीद शामिल है। भारत की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि अमेरिकी दालों और कृषि उत्पादों पर लगाए गए हालिया टैरिफ को वापस लिया जा सकता है।

पहले भारत पर लगाया गया था 50% टैरिफ

गौरतलब है कि पिछले साल अमेरिका ने भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया था। इसमें

  • 25% रेसिप्रोकल टैरिफ
  • 25% अतिरिक्त ‘पेनल्टी’ (रूस से तेल खरीदने के कारण)

शामिल थे। इन भारी टैरिफों का सबसे ज्यादा असर कपड़ा उद्योग, रत्न एवं आभूषण, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात पर पड़ा था।

भारत-अमेरिका संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

नए समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव कम होने की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी और मैं ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करते हैं। भारत के साथ हमारे रिश्ते भविष्य में और मजबूत होंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ में कटौती से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी और भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मनाई दिवाली, दावा- PM मोदी से ट्रेड डील पर की बात

No comments Document Thumbnail

 Donald Trump Diwali : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दीवाली का पर्व धूमधाम से मनाया और भारत के साथ-साथ दुनियाभर के भारतीय समुदाय को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर ट्रंप ने भारतीय अमेरिकी समुदाय के सदस्यों के साथ दीया जलाया और दीपावली को “अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक” बताया।


समारोह में एफबीआई निदेशक काश पटेल, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड, अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा, और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

ट्रंप बोले— PM मोदी से हुई ट्रेड डील पर चर्चा

अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा,

“मैं भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आज ही मेरी भारत के प्रधानमंत्री से बात हुई। हमने व्यापार पर चर्चा की और वह इस विषय में बहुत रुचि रखते हैं। प्रधानमंत्री मोदी एक महान व्यक्ति हैं और वर्षों से मेरे अच्छे मित्र हैं।”

मध्य पूर्व और हमास पर भी बोले ट्रंप

ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका दुनिया भर में शांति स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।

“हम मध्य पूर्व में कई देशों के साथ शांति समझौते कर चुके हैं। हमास हिंसक संगठन है, लेकिन अगर वे शांति समझौते का पालन नहीं करते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।”

भारत ने किया था ट्रंप के दावे का खंडन

गौरतलब है कि इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा।
हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि

“दोनों नेताओं के बीच हाल में कोई फोन कॉल नहीं हुई है।”

ट्रंप के दावे पर MEA का जवाब: भारत की आयात नीति अपने हितों की रक्षा करती है

No comments Document Thumbnail

Trump New Claims Russian Oil : भारत ने गुरुवार को रूसी कच्चा तेल खरीदने के अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रही है। यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि भारत जल्द ही रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी कर कहा, "भारत तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण आयातक है। अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता रही है। हमारी आयात नीतियाँ इसी उद्देश्य से निर्देशित होती हैं। स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य हैं।"

जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत अपनी ऊर्जा स्रोतों का व्यापक आधार रखता है और बाजार की स्थितियों के अनुसार विविधीकरण करता है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की कोशिशों की जानकारी भी साझा की।

इससे पहले, ट्रंप ने वाशिंगटन में कहा था कि भारत यदि रूसी तेल खरीदना बंद कर दे तो यूक्रेन युद्ध को रोकना आसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चीन को भी रूस से तेल खरीदने से रोकने का प्रयास करेंगे। पश्चिमी देशों ने भारत के इस कदम की आलोचना की, लेकिन नई दिल्ली ने अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा का हवाला देकर इसे सही ठहराया।

नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने से निराश ट्रंप, व्हाइट हाउस ने समिति पर साधा निशाना

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा के बाद अमेरिकी राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। इस बार पुरस्कार वेनेजुएला की लोकतंत्र समर्थक नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया गया है, जबकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नहीं मिलने से व्हाइट हाउस ने नोबेल समिति की आलोचना की है।


व्हाइट हाउस का आरोप -“शांति पर राजनीति को तरजीह”

व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने नोबेल समिति पर निशाना साधते हुए कहा,

“नोबेल समिति ने एक बार फिर साबित किया है कि वे शांति की जगह राजनीति को तरजीह देते हैं।”

चेउंग ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप शांति समझौते करते रहेंगे, युद्ध समाप्त करते रहेंगे और लोगों की जान बचाते रहेंगे।

ट्रंप बोले - “मैंने वैश्विक संघर्ष खत्म किए”

ट्रंप ने कई मौकों पर दावा किया है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई वैश्विक संघर्षों को समाप्त किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी उन्होंने यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि वे दुनिया में “शांति के वास्तविक वाहक” हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने नोबेल विजेता मारिया मचाडो को फोन कर उन्हें बधाई दी और कहा कि वह इस पुरस्कार की हकदार हैं।

गाज़ा युद्धविराम में निभाई थी भूमिका

रिपोर्ट्स के अनुसार, गाज़ा में युद्धविराम के लिए जिस बहु-चरणीय समझौते को हाल में लागू कराया गया, उसमें ट्रंप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह घोषणा नोबेल पुरस्कार दिए जाने से मात्र दो दिन पहले की गई थी।

व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप “मानवतावादी दृष्टिकोण” से काम करते हैं और शांति के लिए उनके प्रयासों को नजरअंदाज किया गया है।

H1B वीज़ा सख्ती का उल्टा असर, भारत में शिफ्ट होंगी अमेरिकी कंपनियां

No comments Document Thumbnail

 वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एच1बी वीज़ा पर दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में वीज़ा फीस को अचानक बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया। पहले यह फीस केवल 1500–4000 डॉलर (2–4 लाख रुपये) थी।


ट्रंप का तर्क है कि विदेशी प्रोफेशनल्स अमेरिकी नौकरियां छीन रहे हैं, इसलिए कंपनियों पर भारी शुल्क लगाकर स्थानीय रोजगार सुरक्षित किया जाएगा। लेकिन नतीजा इसके बिल्कुल उलट निकला।

कंपनियों का रुख बदला

नई नीति के बाद अमेरिकी कंपनियों को लगा कि विदेशी टैलेंट को अमेरिका लाना बेहद महंगा और पेचीदा हो जाएगा। नतीजतन कंपनियों ने सोचना शुरू किया कि क्यों न काम भारत जैसे देशों में ही शिफ्ट कर दिया जाए, जहां से टैलेंट आता है।

भारत बना पसंदीदा गंतव्य

भारत पहले से ही ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) का हब है। आईटी और टेक्नोलॉजी में भारत की बड़ी भूमिका रही है और हर साल हजारों भारतीय H1B वीज़ा पर अमेरिका जाते रहे हैं। लेकिन अब यही नियम कंपनियों को सीधे ऑफशोरिंग ऑपरेशन इंडिया की ओर धकेल रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारतीय आईटी और टेक सेक्टर को फायदा होगा, क्योंकि अमेरिका की कई दिग्गज कंपनियां अपने बैकएंड और टेक्नोलॉजी ऑपरेशन भारत में लाने की तैयारी कर रही हैं।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.