Media24Media.com: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद Donald Trump ने 10% वैश्विक टैरिफ लगाने की कसम खाई

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सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद Donald Trump ने 10% वैश्विक टैरिफ लगाने की कसम खाई

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 वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। रूढ़िवादी बहुमत वाले सर्वोच्च न्यायालय ने 6-3 के फैसले में कहा कि 1977 का International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) राष्ट्रपति को व्यापक आयात टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता।


क्या कहा अदालत ने?

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने जैसी “विशिष्ट और असाधारण शक्ति” देना चाहती, तो वह इसे कानून में स्पष्ट रूप से लिखती। संविधान के अनुसार कर और शुल्क लगाने का अधिकार कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास।

तीन उदारवादी न्यायाधीशों ने भी इस फैसले में तीन रूढ़िवादी न्यायाधीशों का साथ दिया। हालांकि न्यायमूर्ति सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कावानाघ ने असहमति जताई।

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

फैसले के तुरंत बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:

“मुझे अदालत के कुछ सदस्यों पर बेहद शर्म आती है। उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने का साहस नहीं है।”

ट्रंप ने बिना सबूत आरोप लगाया कि अदालत विदेशी हितों से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने फैसले को “बेहद निराशाजनक” बताया और कहा कि इससे वे “और अधिक शक्तिशाली” हो गए हैं।

10% वैश्विक टैरिफ की घोषणा

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे 10% का समान वैश्विक टैरिफ लगाने के लिए किसी अन्य कानूनी प्रावधान का उपयोग करेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे “विकल्प” हैं जो IEEPA से भी अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि आने वाले पांच महीनों में कई व्यापारिक प्रथाओं की जांच की जा रही है, जिनके आधार पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं।

फैसले का प्रभाव

  • यह निर्णय ट्रंप द्वारा इस्पात, एल्युमीनियम और अन्य वस्तुओं पर लगाए गए अलग-अलग क्षेत्रीय शुल्कों को प्रभावित नहीं करता।
  • कई सरकारी जांचें अभी भी जारी हैं, जिनसे भविष्य में नए सेक्टर-विशिष्ट शुल्क लगाए जा सकते हैं।
  • व्हाइट हाउस में वापसी के बाद यह ट्रंप की सुप्रीम कोर्ट में सबसे बड़ी कानूनी हार मानी जा रही है।

अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने आपातकालीन आर्थिक शक्तियों का व्यापक इस्तेमाल करते हुए लगभग सभी प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाए थे। इनमें “पारस्परिक” टैरिफ के साथ-साथ मादक पदार्थों की तस्करी और आप्रवासन के मुद्दों पर मेक्सिको, कनाडा और चीन को लक्षित करते हुए अलग-अलग शुल्क शामिल थे।

अब यह देखना होगा कि ट्रंप किस वैकल्पिक कानूनी आधार का सहारा लेकर अपनी 10% वैश्विक टैरिफ योजना को आगे बढ़ाते हैं और क्या यह कदम फिर से कानूनी चुनौती का सामना करेगा।

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