Media24Media.com: H1B वीज़ा सख्ती का उल्टा असर, भारत में शिफ्ट होंगी अमेरिकी कंपनियां

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

H1B वीज़ा सख्ती का उल्टा असर, भारत में शिफ्ट होंगी अमेरिकी कंपनियां

Document Thumbnail

 वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एच1बी वीज़ा पर दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में वीज़ा फीस को अचानक बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया। पहले यह फीस केवल 1500–4000 डॉलर (2–4 लाख रुपये) थी।


ट्रंप का तर्क है कि विदेशी प्रोफेशनल्स अमेरिकी नौकरियां छीन रहे हैं, इसलिए कंपनियों पर भारी शुल्क लगाकर स्थानीय रोजगार सुरक्षित किया जाएगा। लेकिन नतीजा इसके बिल्कुल उलट निकला।

कंपनियों का रुख बदला

नई नीति के बाद अमेरिकी कंपनियों को लगा कि विदेशी टैलेंट को अमेरिका लाना बेहद महंगा और पेचीदा हो जाएगा। नतीजतन कंपनियों ने सोचना शुरू किया कि क्यों न काम भारत जैसे देशों में ही शिफ्ट कर दिया जाए, जहां से टैलेंट आता है।

भारत बना पसंदीदा गंतव्य

भारत पहले से ही ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) का हब है। आईटी और टेक्नोलॉजी में भारत की बड़ी भूमिका रही है और हर साल हजारों भारतीय H1B वीज़ा पर अमेरिका जाते रहे हैं। लेकिन अब यही नियम कंपनियों को सीधे ऑफशोरिंग ऑपरेशन इंडिया की ओर धकेल रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारतीय आईटी और टेक सेक्टर को फायदा होगा, क्योंकि अमेरिका की कई दिग्गज कंपनियां अपने बैकएंड और टेक्नोलॉजी ऑपरेशन भारत में लाने की तैयारी कर रही हैं।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.