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केंद्रीय बजट 2026–27 में उर्वरक क्षेत्र को प्राथमिकता: किसानों के लिए किफायती उर्वरक और सतत कृषि पर जोर

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 में सरकार की यह प्रतिबद्धता दोहराई गई है कि किसानों को सही समय पर किफायती उर्वरक उपलब्ध कराना, घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करना और संतुलित पोषक तत्वों का उपयोग सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।

बजट आवंटन और उद्देश्य

वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए उर्वरक विभाग को कुल ₹1.71 लाख करोड़ का नेट बजट आवंटन दिया गया है। यह सरकार की नीति को दर्शाता है कि वैश्विक उर्वरक कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में व्यवधानों से किसानों को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यूरिया सब्सिडी

यूरिया सब्सिडी के तहत घरेलू उत्पादन और आयात दोनों के लिए प्रावधान किया गया है, ताकि घरेलू उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन बनाया जा सके। साथ ही, किसानों के लिए कीमतों को नियंत्रित रखने और उत्पादकों को उचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी प्रणाली जारी रहेगी।

पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS)

फॉस्फेट और पोटाश (P&K) उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy) योजना जारी रहेगी। इसका उद्देश्य संतुलित NPK उपयोग, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और कृषि उत्पादन बढ़ाना है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)

उर्वरक सब्सिडी के वितरण में DBT प्रणाली को प्रमुख रूप से जारी रखा जाएगा, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और वास्तविक समय में उर्वरक बिक्री की निगरानी सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा फर्टिलाइजर सब्सिडी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए स्थापना और आईसीटी संबंधित खर्चों का प्रावधान भी किया गया है।

जैविक उर्वरकों का प्रोत्साहन

सरकार ने जैविक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार, मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस और अनुसंधान एवं विकास के लिए भी बजट आवंटन किया है, जिससे सतत और पर्यावरण-हितैषी कृषि को बढ़ावा मिले।

कुल मिलाकर, बजट 2026–27 किसानों के हितों की सुरक्षा, उर्वरक की किफायती उपलब्धता, घरेलू उत्पादन क्षमता का सशक्तिकरण और संतुलित तथा सतत पोषक तत्व उपयोग सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।


केंद्रीय बजट 2026 में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता: ग्रामीण आजीविका और किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर

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केंद्रीय बजट 2026 में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे सरकार की ग्रामीण आजीविका को सशक्त करने, किसानों की आय बढ़ाने और पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था के सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। बजट के प्रावधानों का मुख्य फोकस उत्पादकता बढ़ाने, पशु स्वास्थ्य सुधारने और पूरे पशुधन मूल्य श्रृंखला में आधारभूत ढांचे को मज़बूत करने पर है।

उत्पादकता और पशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

बजट में नस्ल सुधार कार्यक्रमों, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और रोग रोकथाम पहलों के लिए अतिरिक्त समर्थन का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की अमूल्य पशुधन संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

डेयरी क्षेत्र को मज़बूती

डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास पर ज़ोर दिया गया है। साथ ही, डेयरी सहकारी संस्थाओं और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों (LFPOs) को विशेष सहयोग देने की बात कही गई है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

“आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप बजट में पशुपालन क्षेत्र में नवाचार, तकनीक के उपयोग और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है। चारा विकास, फीड सुरक्षा और जलवायु-सहिष्णु पशुपालन प्रथाओं पर केंद्रित पहलें इस क्षेत्र की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगी।

रोजगार और पोषण सुरक्षा

बजट 2026 में पशुपालन और डेयरी पर बढ़ा हुआ फोकस रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा और ग्रामीण आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। विभाग ने राज्यों और सभी हितधारकों के साथ मिलकर इन पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प दोहराया है।

बजट की प्रमुख घोषणाएँ

1. प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण

पशुधन क्षेत्र कृषि आय में लगभग 16% योगदान देता है, जिसमें गरीब और सीमांत परिवारों की आय भी शामिल है। पशु चिकित्सकों की संख्या 20,000 से अधिक करने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके तहत निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा व पैरा-वेटरनरी कॉलेज, पशु अस्पताल, डायग्नोस्टिक लैब और प्रजनन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। भारतीय और विदेशी संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

2. पशुपालन उद्यमिता के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी

बजट 2026-27 में पशुपालन उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना प्रस्तावित है। इससे पशुपालक, डेयरी और पोल्ट्री उद्यम आधुनिक उपकरण अपनाकर उत्पादकता बढ़ा सकेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में मज़बूत मूल्य श्रृंखलाएँ विकसित होंगी।

3. 20,000 पशु चिकित्सकों का प्रशिक्षण

देशभर में पशु चिकित्सा सेवाओं को मज़बूत करने के लिए 20,000 पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है, जिससे डायग्नोस्टिक्स और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

4. ग्रामीण और संबद्ध कृषि पर व्यापक फोकस

  • पशुधन, डेयरी और पोल्ट्री मूल्य श्रृंखलाओं का आधुनिकीकरण और विस्तार

  • AI आधारित कृषि उपकरण, जैसे “भारत विस्तार” प्लेटफॉर्म, जिससे डेयरी और पशुपालकों को बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी

  • डेयरी और पशुपालन किसानों के लिए ऋण और उद्यमिता समर्थन, ताकि ग्रामीण आय में विविधता लाई जा सके

कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम साबित होगा।

मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म और आयुष को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम: केंद्रीय बजट में ऐतिहासिक घोषणाएँ

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए भारत को मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म (MVT) का वैश्विक केंद्र बनाने और आयुष (AYUSH) प्रणाली को सशक्त करने के लिए कई दूरदर्शी और परिवर्तनकारी कदमों की घोषणा की। इन पहलों का उद्देश्य गुणवत्ता, अनुसंधान, रोजगार सृजन और वैश्विक पहुँच को बढ़ावा देना है।

मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म के लिए पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब

भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा पर्यटन की पसंदीदा मंज़िल बनाने के लिए सरकार ने निजी क्षेत्र की भागीदारी से पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। ये हब एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के रूप में विकसित किए जाएंगे, जहाँ चिकित्सा सेवाएँ, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

इन मेडिकल हब्स में आयुष केंद्र, मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म सुविधा केंद्र, उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाएँ, उपचार के बाद देखभाल और पुनर्वास सुविधाएँ शामिल होंगी। इससे देश-विदेश से आने वाले मरीजों को बेहतर अनुभव मिलेगा और डॉक्टरों व एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

आयुष को वैश्विक गति

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा योग को संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत किए जाने के बाद उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली, वहीं कोविड-19 के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई स्वीकार्यता मिली है। आयुष उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग से औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और मूल्य संवर्धन से जुड़े युवाओं को भी लाभ हो रहा है।

आयुष क्षेत्र के लिए बजट की प्रमुख घोषणाएँ

आयुष को और मज़बूत करने तथा वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए बजट में निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलें प्रस्तावित की गई हैं:

  • तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, जिससे शिक्षा, उपचार और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

  • आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन, ताकि गुणवत्ता मानकों, प्रमाणन और कुशल मानव संसाधन को सुनिश्चित किया जा सके।

  • डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर, जामनगर का उन्नयन, जिससे साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और वैश्विक जागरूकता को बल मिलेगा।

इन पहलों के माध्यम से सरकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के साथ जोड़ते हुए भारत की सॉफ्ट पावर को सशक्त कर रही है और देश को समग्र एवं विश्वसनीय वैश्विक स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने के अपने संकल्प को दोहरा रही है।

संत रविदास जयंती पर बड़ा निर्णय: आदमपुर एयरपोर्ट अब ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट’ कहलाएगा

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय देश के लिए गौरव और सम्मान का विषय है। अब पंजाब के आदमपुर एयरपोर्ट को ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा।

प्रधानमंत्री ने इसे असंख्य लोगों के लिए खुशी का दिन बताते हुए कहा कि यह महान संत श्री गुरु रविदास महाराज जी के शाश्वत आदर्शों को समर्पित एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि समानता, करुणा और सेवा का संदेश आज भी समाज को प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए संदेश में कहा,

“यह हमारे लिए सौभाग्य और गौरव की बात है कि आज संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर यह निर्णय लिया गया है कि आदमपुर एयरपोर्ट को अब ‘श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा। यह असंख्य लोगों के लिए आनंद का दिन है। यह श्री गुरु रविदास महाराज जी के शाश्वत आदर्शों को समर्पित एक विनम्र श्रद्धांजलि है। समानता, करुणा और सेवा का उनका संदेश हम सभी को गहराई से प्रेरित करता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास महाराज की शिक्षाएँ सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवता के मूल्यों को मज़बूत करती हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी सही मार्ग दिखाती रहेंगी।



युवा शक्ति आधारित बजट 2026-27: गरीब, वंचित और विकास पर केंद्रित सरकार का संकल्प

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नई दिल्ली-केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। यह बजट “युवा शक्ति” से प्रेरित है और सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है, जिसमें गरीब, वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाने पर विशेष जोर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने बताया कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन कर्तव्यों (कर्तव्य त्रय) से प्रेरित है—

  1. आर्थिक विकास को तेज़ और सतत बनाना,

  2. जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण,

  3. सबका साथ, सबका विकास के अनुरूप समावेशी प्रगति।

विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से कदम

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है, जिसे वैश्विक अनिश्चितताओं, संसाधन चुनौतियों और तकनीकी बदलावों के बीच संतुलित एवं समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने बताया कि 2025 में प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब तक 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं।

आर्थिक विकास के लिए बड़े कदम

  • सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को ₹11.2 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया

  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ के रूप में विकसित किया जाएगा

  • बायोफार्मा शक्ति योजना ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ शुरू

  • ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड – MSME को भविष्य का चैंपियन बनाने हेतु

शिक्षा, कौशल और महिला सशक्तिकरण

  • STEM उच्च शिक्षण संस्थानों में हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल

  • 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब

  • 20 पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूर गाइड्स का अपस्किलिंग कार्यक्रम

  • खेल क्षेत्र में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन की घोषणा

कृषि, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास

  • भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR): कृषि के लिए बहुभाषी AI टूल

  • मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 रीजनल मेडिकल हब्स

  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए NIMHANS-2 और संस्थानों का उन्नयन

  • पूर्वोदय राज्यों और उत्तर-पूर्व पर विशेष फोकस

कर सुधार: सरल, पारदर्शी और नागरिक हितैषी

  • नया आयकर अधिनियम, 2025 अप्रैल 2026 से लागू

  • सरल आयकर नियम और फॉर्म जल्द अधिसूचित

  • IT सेवाओं के लिए एकीकृत सेफ हार्बर (15.5%)

  • विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलिडे

  • दंड और अभियोजन प्रक्रियाओं का युक्तिकरण

कस्टम्स और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस

  • व्यक्तिगत उपयोग के आयात पर शुल्क 20% से घटाकर 10%

  • 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट

  • कस्टम वेयरहाउसिंग में डिजिटल, रिस्क-बेस्ड प्रणाली

  • कार्गो क्लीयरेंस के लिए सिंगल डिजिटल विंडो

राजकोषीय अनुशासन

  • FY 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3%

  • कर्ज-से-GDP अनुपात घटकर 55.6%

वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट आकांक्षा और समावेशन के संतुलन के साथ भारत को विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाने वाला रोडमैप प्रस्तुत करता है।

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने ईस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला

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नई दिल्ली- एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने 01 फरवरी 2026 को भारतीय वायु सेना (IAF) के ईस्टर्न एयर कमांड (EAC) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।

एयर मार्शल वालिया राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं और उन्हें 11 जून 1988 को भारतीय वायु सेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त हुआ। वे MiG-21, MiG-23, MiG-27, जैगुआर और Su-30 MKI के सभी संस्करणों पर योग्य हैं और उनके पास 3200 घंटे से अधिक का दुर्घटना/घटना-मुक्त उड़ान अनुभव है।

तीन दशकों से अधिक के अपने विशिष्ट सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ नियुक्तियाँ संभाली हैं। उन्होंने MiG-27 स्क्वाड्रन, टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) का नेतृत्व किया तथा एक अग्रिम पंक्ति के वायुसेना अड्डे के एयर ऑफिसर कमांडिंग भी रहे।

एयर मार्शल वालिया फाइटर स्ट्राइक लीडर, इंस्ट्रूमेंट रेटिंग इंस्ट्रक्टर एवं एग्ज़ामिनर (IRIE) हैं। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में एडवांस कमांड एंड स्टाफ कोर्स तथा बांग्लादेश के नेशनल डिफेंस कॉलेज से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त, वे जापान और दक्षिण कोरिया में भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने एयर स्टाफ निरीक्षण निदेशालय (DASI) में एयर कमोडोर, एयर मुख्यालय में सहायक वायुसेना प्रमुख (प्रशिक्षण) तथा मुख्यालय वेस्टर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। ईस्टर्न एयर कमांड के AOC-in-C का पदभार संभालने से पूर्व वे मुख्यालय EAC में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर थे।

उनकी विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में उन्हें वायु सेना पदक (VM) – 2008 तथा अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) – 2018 से अलंकृत किया गया है।

एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने यह पद एयर मार्शल सूरत सिंह से ग्रहण किया, जो 31 जनवरी 2026 को राष्ट्र की 39 वर्षों की समर्पित और उत्कृष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।



ठाकरे परिसर में फिर शुरू होगा भाजपा का सहयोग केंद्र, 3 फरवरी से मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं

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 रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेश के भाजपा मंत्रियों द्वारा जनता और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने के लिए शुरू किया गया सहयोग केंद्र एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। यह सहयोग केंद्र रायपुर स्थित ठाकरे परिसर में 3 फरवरी से दोबारा शुरू होगा, जहां प्रदेश के मंत्री बारी-बारी से उपस्थित रहकर क्षेत्रीय और व्यक्तिगत समस्याओं की सुनवाई करेंगे।


इस पहल की शुरुआत वर्ष 2024 में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनने तथा त्वरित समाधान के उद्देश्य से की गई थी। शुरुआती दौर में इस व्यवस्था को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन कुछ समय बाद यह सहयोग केंद्र बंद कर दिया गया।

इसके बाद कार्यकर्ता और आमजन लंबे समय से इसके दोबारा शुरू होने की मांग कर रहे थे। बीते वर्ष अक्टूबर में सहयोग केंद्र पुनः खोला गया, लेकिन यह केवल दो सप्ताह तक ही संचालित हो सका। इस अवधि में मंत्रियों के पास एक हजार से अधिक शिकायतें और मांगें पहुंचीं, जिनमें से करीब आधी समस्याओं का त्वरित समाधान कर दिया गया था।

दीपावली पर्व को देखते हुए सहयोग केंद्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। अब एक बार फिर इसके शुरू होने से कार्यकर्ताओं और जनता में उत्साह देखा जा रहा है।

केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

महिला सशक्तिकरण को नई दिशा

लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।

उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा

देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

कर सुधार और आम जनता को राहत

आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

मां को ही ठगा: बेटे और दोस्त पर जमीन-मकान बेचने का आरोप

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 रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की रहने वाली एक महिला ने अपने ही बेटे और उसके दोस्त पर धोखाधड़ी कर जमीन और मकान बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता मनोरमा भिवंडे, निवासी अमर चौक शर्मा बाड़ा, राजातालाब रायपुर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। मामला दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।


पीड़िता के अनुसार, अमलेश्वर स्थित प्रीति विहार के सामने उनके नाम पर 1420 वर्गफीट की जमीन है, जिस पर उन्होंने अपना मकान बनवाया है। पैसों की आवश्यकता होने पर उन्होंने अपने बड़े बेटे प्रवीण भिवंडे और उसके दोस्त पारस प्रसाद केसरी को केवल लोन निकलवाने के उद्देश्य से ऋण पुस्तिका और रजिस्ट्री के मूल दस्तावेज दिए थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दस्तावेजों की फोटो कॉपी कराकर उन्हें वापस कर दिया जाए।

महिला का आरोप है कि उनके बेटे और उसके दोस्त ने आपसी मिलीभगत से उनकी अनुपस्थिति और बिना जानकारी के उक्त जमीन और मकान को विभोर गुप्ता नामक व्यक्ति को फर्जी तरीके से बेच दिया।

निर्माण कार्य देखकर हुआ खुलासा

पीड़िता ने बताया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी 16 जनवरी 2026 को उस समय हुई, जब उन्होंने देखा कि उनके मकान में निर्माण कार्य चल रहा है। पूछताछ करने पर उन्हें जमीन-मकान बिक्री की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों की सत्यता की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

अश्लील डांस मामला: निलंबित एसडीएम को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में उरमाल ओपेरा कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस देखने के मामले में निलंबित किए गए एसडीएम तुलसीदास मरकाम को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।


गौरतलब है कि 16 जनवरी को कमिश्नर महादेव कावरे ने डिप्टी कलेक्टर एवं एसडीएम तुलसीदास मरकाम को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए मरकाम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया कि बिना पक्ष सुने कार्रवाई की गई, जबकि वे राज्य सरकार के अधीन अधिकारी हैं।

हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद अगले ही दिन तुलसीदास मरकाम मैनपुर स्थित अनुविभागीय कार्यालय पहुंचे और कार्यभार संभाला। इसके बाद उन्होंने कमिश्नर और कलेक्टर को पत्र लिखकर हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी दी। कार्यालय से भेजा गया यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

इधर, एसडीएम की वापसी को लेकर समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो साझा किए जा रहे हैं, जिससे यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

जन्मदिन बना कत्ल का दिन: लिव-इन पार्टनर ने महिला की चाकू से हत्या

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 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही एक महिला की उसके प्रेमी ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। यह वारदात आरोपी के जन्मदिन के दिन अंजाम दी गई।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतका पिंकी सोलंकी की शादी करीब 9 वर्ष पहले भैसामुंडा निवासी शिवदास से हुई थी। शुरुआती वर्षों में दांपत्य जीवन सामान्य रहा। रोजगार के सिलसिले में शिवदास अपनी पत्नी के साथ अंबिकापुर आ गया, जहां पिंकी ने एक बेटी को जन्म दिया।

इसी दौरान शिवदास का भांजा हेमंत भी काम की तलाश में अंबिकापुर आया और दोनों के साथ रहने लगा। पुलिस के अनुसार, शिवदास की अनुपस्थिति में पिंकी और हेमंत के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। पिंकी पति से अलग हो गई थी और इस संबंध से एक बच्चा भी जन्मा।

बताया जा रहा है कि बीते कुछ समय से पिंकी की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर आरोपी हेमंत ने हत्या की साजिश रची।

29 जनवरी को आरोपी अपने जन्मदिन के दिन पिंकी को एक होटल ले गया, जहां दोनों ने शराब पी। इसके बाद वह उसे पिलखा पहाड़ स्थित पिकनिक स्पॉट मोरभंज ले गया। जंगल के भीतर ले जाकर आरोपी ने चाकू से पिंकी पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जयनगर पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे : सीतारमण

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 नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर शहरों के बीच ‘ग्रोथ कनेक्टर’ के रूप में कार्य करेंगे और पर्यावरण के लिहाज से टिकाऊ यात्री परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देंगे।


प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी को आपस में जोड़ेंगे। इन परियोजनाओं के जरिए विभिन्न राज्यों और प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों के बीच संपर्क को और मजबूत किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार रेल क्षमता विस्तार और आधुनिक रेल अवसंरचना के विकास पर विशेष जोर दे रही है। इन हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों से औद्योगिक, तकनीकी, सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

देश की आर्थिक स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और कम महंगाई से पहचान बना भारत : सीतारमण

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 Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। बजट 2026-27 प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था ने आर्थिक स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, निरंतर विकास और कम महंगाई के कारण एक मजबूत पहचान बनाई है। यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का परिणाम है, जो अनिश्चितता और कठिन परिस्थितियों में भी किए गए।


वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत किया है, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की है और आवश्यक आयात पर निर्भरता को कम किया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सरकार की हर पहल का सीधा लाभ नागरिकों तक पहुंचे।

उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, परिवारों की क्रय शक्ति मजबूत करने और सभी को यूनिवर्सल सर्विस उपलब्ध कराने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। इन उपायों के चलते देश को लगभग 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई है, जिससे गरीबी कम करने और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिली है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि आर्थिक विकास को तेज़ करने और बनाए रखने के लिए सरकार छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधार प्रस्तावित कर रही है। इनमें सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार, चैंपियन एमएसएमई का निर्माण, बुनियादी ढांचे का विस्तार, दीर्घकालिक सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करना और शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास शामिल है।

वित्त मंत्री ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यापार और बहुपक्षवाद पर दबाव है तथा संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच में बाधाएं आ रही हैं। नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को तेजी से बदल रही हैं, वहीं पानी, ऊर्जा और आवश्यक खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि भारत विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा, जहां महत्वाकांक्षा और समावेश के बीच संतुलन रहेगा। बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार की जरूरतों को देखते हुए भारत वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ा रहेगा, निर्यात बढ़ाएगा और दीर्घकालिक स्थिर निवेश को आकर्षित करेगा।

वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेगी और टेक्नोलॉजी तथा कुशल कार्यबल विकसित करने के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर विशेष फोकस किया जाएगा।

गौरतलब है कि बजट पेश किए जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी दी।

आयुर्वेदिक विरासत के संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: सीसीआरएएस और बेरहामपुर विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

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भुवनेश्वर- भारत की प्राचीन चिकित्सा विरासत को संरक्षित और प्रचारित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS), आयुष मंत्रालय और बेरहामपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के तहत दक्षिण ओडिशा सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र (SOCSC) में संरक्षित दुर्लभ आयुर्वेदिक पांडुलिपियों और ताड़पत्र दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, वर्गीकरण और प्रकाशन किया जाएगा।

यह एमओयू हस्ताक्षर समारोह केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (CARI), भुवनेश्वर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर बेरहामपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. गीतांजलि दास, सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबी नारायण आचार्य, तथा राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति परिषद (NCISM) के पूर्व अध्यक्ष प्रो. बी.एस. प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस सहयोग का नेतृत्व राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (NIIMH), हैदराबाद, जो कि सीसीआरएएस की एक परिधीय इकाई है, द्वारा किया जाएगा।

प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम

बेरहामपुर विश्वविद्यालय के पास 2,000 से अधिक ताड़पत्र पांडुलिपियों का एक समृद्ध संग्रह है, जिनमें से अधिकांश में अमूल्य आयुर्वेदिक ज्ञान निहित है, जो अब तक अप्रकाशित और शोध समुदाय के लिए अप्राप्य रहा है। इस साझेदारी के माध्यम से इन नाज़ुक पांडुलिपियों को आधुनिक डिजिटलीकरण तकनीकों के ज़रिये संरक्षित किया जाएगा।

सहयोग की प्रमुख विशेषताएँ:

  • व्यापक डिजिटलीकरण: दुर्लभ आयुर्वेदिक पुस्तकों, पत्रिकाओं और पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर उनकी डिजिटल प्रतियां विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • वर्णनात्मक सूचीकरण: “SOCSC-बेरहामपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा की आयुर्वेद पांडुलिपियों की वर्णनात्मक सूची” नामक विस्तृत कैटलॉग तैयार किया जाएगा, जिसमें शोधकर्ताओं के लिए 44 विशिष्ट डेटा फ़ील्ड शामिल होंगे।

  • वैश्विक पहुँच: यह कैटलॉग AMAR पोर्टल पर होस्ट किया जाएगा, जिससे विश्वभर के शोधकर्ता इन पांडुलिपियों के मेटाडेटा तक पहुँच सकेंगे।

  • अनुसंधान एवं प्रकाशन: चयनित पांडुलिपियों का लिप्यंतरण, लिप्यांतरण (ट्रांसलिटरेशन) और आधुनिक भाषाओं में अनुवाद कर प्राचीन ज्ञान को समकालीन चिकित्सा विमर्श से जोड़ा जाएगा।

संस्थागत प्रतिबद्धता

सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबी नारायण आचार्य ने कहा कि यह पहल भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के दस्तावेजीकरण और वैज्ञानिक मान्यता के लिए एक राष्ट्रीय मिशन का हिस्सा है। वहीं, बेरहामपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. गीतांजलि दास ने कहा कि यह सहयोग न केवल पांडुलिपियों की भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि विश्वविद्यालय को वैश्विक सांस्कृतिक और चिकित्सा विरासत अध्ययन केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा।

परियोजना अवधि और नैतिक प्रावधान

यह समझौता प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। दोनों संस्थानों ने गोपनीयता और बौद्धिक संपदा अधिकारों का पूर्ण पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है। पांडुलिपियों का स्वामित्व बेरहामपुर विश्वविद्यालय के पास ही रहेगा, जबकि उनके ज्ञान को जिम्मेदारी के साथ सार्वजनिक किया जाएगा।

इस कार्यक्रम का समन्वय डॉ. एम.एम. राव (निदेशक, CARI भुवनेश्वर), डॉ. शारदा ओटा (सहायक निदेशक, आयु., CARI भुवनेश्वर) और डॉ. संतोष माने (अनुसंधान अधिकारी, NIIMH हैदराबाद) द्वारा किया जा रहा है। समारोह में CARI भुवनेश्वर के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बेरहामपुर विश्वविद्यालय के गणमान्य अधिकारी और अतिथि उपस्थित रहेंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत गुरु रविदास महाराज को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान संत, समाज सुधारक और मानवता के अनन्य उपासक गुरु रविदास महाराज जी को उनकी जयंती के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संत रविदास के विचारों को सामाजिक न्याय, करुणा और समरसता का आधार बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज के विचारों में न्याय और करुणा की भावना सर्वोपरि थी, जो आज जनकल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की मूल आत्मा है। उन्होंने समाज में समानता, भाईचारे और सद्भावना का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर अपने संदेश में कहा,

“मानवता के अनन्य उपासक महान संत गुरु रविदास महाराज जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनके विचारों में न्याय और करुणा का भाव सर्वोपरि था, जो जनकल्याण की हमारी योजनाओं के मूल में है। उन्होंने सामाजिक समरसता और सद्भावना के जिस दीप को प्रज्वलित किया, वह देशवासियों के पथ को सदैव आलोकित करता रहेगा।”

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संत गुरु रविदास महाराज की शिक्षाएँ देश को सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेंगी।


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