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वित्ती मंत्री चौधरी कर रहे छत्तीसगढ़ सरकार का तीसरा बजट पेश, यहां देखें LIVE...

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का तीसरा बजट आज विधानसभा में पेश किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट भाषण के दौरान शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।


यहां देखें लाइव

 शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े प्रावधान

वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं के करियर मार्गदर्शन को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत:






















  • नालंदा लाइब्रेरी को करियर एवं उद्यमिता मार्गदर्शन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता
  • तीन योजनाओं हेतु कुल 33 करोड़ रुपये का प्रावधान
  • मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना की शुरुआत — 10 करोड़ रुपये
  • इस योजना के तहत छात्रों के हॉस्टल खर्च का वहन सरकार करेगी
  • इसके अलावा कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के लिए 75 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

 एविएशन सेक्टर में बड़ा निवेश

राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने कई अहम घोषणाएं कीं:

  • बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट के विकास के लिए 80 करोड़ रुपये
  • कोरबा में एयर स्ट्रिप उन्नयन का प्रावधान
  • नई “सीजी वायु योजना” शुरू — 30 करोड़ रुपये का बजट
  • सरकार का लक्ष्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना और राज्य के अंदर हवाई सेवाओं का विस्तार करना है।

 स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी घोषणा

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य में तीन नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे:

  • कुनकुरी
  • मनेन्द्रगढ़
  • दंतेवाड़ा

सरकार का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

 कुल मिलाकर बजट में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है, जिससे युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

Union Budget 2026–27 में पर्यटन विकास: भारत को वैश्विक पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की रणनीति

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • केंद्रीय बजट 2026–27 में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में मंदिरों और मठों के संरक्षण, तीर्थ केंद्रों के विकास और कनेक्टिविटी व सुविधाओं में सुधार का प्रस्ताव है।

  • भारत पहला ग्लोबल बिग कैट समिट आयोजित करेगा, जिसमें 95 देशों के नेता और मंत्री भाग लेंगे, जिससे इको-टूरिज्म में भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका मजबूत होगी।

  • पूर्वोदय राज्यों में पाँच प्रमुख पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे और कनेक्टिविटी के लिए 4,000 ई-बसें दी जाएंगी।

  • पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे ताकि भारत मेडिकल टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बन सके।

  • 15 पुरातात्विक स्थलों (जैसे लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर, लेह पैलेस आदि) को सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

परिचय

पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो रोजगार, विदेशी मुद्रा और क्षेत्रीय विकास में बड़ी भूमिका निभाता है।
2025 के पर्यटन डेटा के अनुसार:

  • पर्यटन का कुल योगदान GDP में 5.22% है।

  • प्रत्यक्ष योगदान 2.72% है।

  • रोजगार में कुल योगदान 13.34% और प्रत्यक्ष रोजगार 5.82% है।

इसलिए सरकार ने पर्यटन को एक रणनीतिक विकास क्षेत्र माना है और बजट 2026–27 में इसे मजबूत करने के लिए कई योजनाएँ घोषित की हैं।

Union Budget 2026–27: पर्यटन से जुड़े प्रमुख घोषणाएँ

थीम आधारित और गंतव्य आधारित पर्यटन विकास

  • पूर्वोत्तर भारत में बौद्ध सर्किट विकास योजना शुरू की जाएगी।

  • इसमें मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थ केंद्र, कनेक्टिविटी सुधार और सुविधाएँ शामिल होंगी।

  • इससे आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।

यह योजना पहले की स्वदेश दर्शन योजना (2014–15) और स्वदेश दर्शन 2.0 पर आधारित है।

इको-टूरिज्म और कनेक्टिविटी

  • हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अराकू घाटी और पश्चिमी घाट में प्राकृतिक ट्रेल्स और पर्वतीय पर्यटन विकसित होंगे।

  • ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ ट्रेल्स और आंध्र प्रदेश में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित होंगे।

  • रेल और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी ताकि दूरस्थ पर्यटन स्थलों तक पहुँच आसान हो।

ग्लोबल बिग कैट समिट 2026

  • भारत 2026 में पहला वैश्विक बिग कैट सम्मेलन आयोजित करेगा।

  • इसमें 95 देशों के नेता और मंत्री भाग लेंगे।

  • इसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, वैज्ञानिक सहयोग और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देना है।

  • भारत के पास 7 में से 5 बड़ी बिल्ली प्रजातियाँ हैं –

    • बाघ,

    • शेर,

    • तेंदुआ,

    • हिम तेंदुआ,

    • चीता।

संस्थागत और मानव संसाधन सुधार

  • नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा।

  • 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • इससे पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता और रोजगार बढ़ेगा।

डिजिटल और विरासत अवसंरचना

  • नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाया जाएगा, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का डिजिटल दस्तावेज़ बनेगा।

  • 15 ऐतिहासिक स्थलों को इमर्सिव सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा, जैसे:

    • लोथल

    • धोलावीरा

    • राखीगढ़ी

    • सारनाथ

    • हस्तिनापुर

    • लेह पैलेस

मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म

  • 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित होंगे।

  • इसमें आधुनिक अस्पताल, आयुष केंद्र, पुनर्वास सुविधाएँ और मेडिकल टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा।

  • भारत को वैश्विक हेल्थ टूरिज्म हब बनाने का लक्ष्य है।

 पूर्वोदय राज्यों पर विशेष ध्यान

  • बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 5 प्रमुख पर्यटन स्थल विकसित होंगे।

  • 4,000 इलेक्ट्रिक बसें कनेक्टिविटी के लिए दी जाएंगी।

  • उद्देश्य: पूर्वी भारत को पर्यटन और विकास का नया केंद्र बनाना।

निष्कर्ष

Union Budget 2026–27 में पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनाने की रणनीति अपनाई गई है।
सरकार का फोकस:

  • बुनियादी ढाँचा

  • सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत संरक्षण

  • डिजिटल सिस्टम

  • कौशल विकास

  • मेडिकल और इको-टूरिज्म

  • क्षेत्रीय विकास

इन कदमों से रोजगार बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य बनेगा।


Chhattisgarh Budget 2026 : सीएम साय का संदेश- हर वर्ग के सशक्तीकरण का आधार बनेगा 2026-27 का बजट

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।

गोली मारकर हत्या, आरी से किए टुकड़े, बेटे की हैवानियत से दहला लखनऊ, पढ़े पूरी खबर

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 लखनऊ में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया। आरोपी की योजना शव को गोमती नदी में फेंकने की थी।


पुलिस के अनुसार, आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाले अक्षत पर उसके पिता द्वारा मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी का दबाव बनाया जा रहा था। आरोपी दो बार परीक्षा दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हुआ था। बताया जा रहा है कि इसी तनाव और विवाद के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

लाइसेंसी राइफल से मारी गोली

20 फरवरी की सुबह पिता-पुत्र के बीच तीखी बहस हुई। गुस्से में अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और उनके सिर में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

शव के टुकड़े कर ड्रम में भरा

हत्या के बाद आरोपी ने शव को घसीटकर नीचे लाया। पहले नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने के कारण उसने आरी खरीदकर शव के टुकड़े कर दिए। हाथ-पैर अलग-अलग जगह फेंके गए, जबकि धड़ को नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट भर दिया गया ताकि बदबू न फैले और किसी को शक न हो।

सबूत मिटाने की कोशिश

खून से सने बिस्तर, चादर और तकिए को आरोपी ने अमौसी इलाके में ले जाकर जला दिया। घटना के समय उसकी छोटी बहन (11वीं की छात्रा) घर में ही थी। गोली की आवाज सुनकर बाहर आने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चार दिन तक कमरे में बंद रखा।

पड़ोसियों के शक से खुला राज

चार दिन बाद पड़ोसियों को घर से आ रही दुर्गंध पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब घर पहुंची तो खून के निशान और संदिग्ध नीला ड्रम मिला। ड्रम खोलते ही अंदर से धड़ बरामद हुआ, जिसे देखकर पुलिस भी सन्न रह गई।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरे अपराध का खुलासा कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बहन सदमे में है और उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है।

नक्सलियों से डिप्टी सीएम की अपील, बोले - बिना डर आएं, पूरी सुरक्षा मिलेगी

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियों को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। नक्सलियों की ओडिशा राज्य कमेटी के पश्चिम सब-जोनल ब्यूरो सचिव विकास की ओर से डिप्टी सीएम विजय शर्मा को भेजे गए पत्र के संबंध में उपमुख्यमंत्री ने एक ऑडियो संदेश जारी कर जवाब दिया है।


पत्र में कुछ चिंताएं जताई गई थीं, जिनका समाधान करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि बलांगीर, बरगढ़ और महासमुंद डिवीजन के 15 साथियों द्वारा मुख्यधारा में शामिल होने की इच्छा का वे स्वागत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “बिना किसी चिंता के आगे आएं, सरकार उनकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।”

‘आत्मसमर्पण’ नहीं, ‘ससम्मान पुनर्वास’

विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ‘आत्मसमर्पण’ शब्द का प्रयोग नहीं करती, बल्कि इसे ‘ससम्मान पुनर्वास’ मानती है। उन्होंने पुनर्वास केंद्र को लेकर फैली आशंकाओं को दूर करते हुए बताया कि यह कोई बंद जेल जैसी व्यवस्था नहीं है, बल्कि एक खुला केंद्र है। यहां आने-जाने की स्वतंत्रता है और लोग रायपुर भी आ-जा सकते हैं।

केंद्र में सुबह से शाम तक खेलकूद, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य गतिविधियों की प्रक्रिया तय है। तीन से चार महीने की अवधि में दस्तावेज, बैंक खाते और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कराई जाती हैं। गांव की स्थिति सामान्य होने पर ही संबंधित व्यक्तियों को सुरक्षित घर भेजा जाता है।

मुकदमों के समाधान के लिए उपसमिति

डिप्टी सीएम ने कोर्ट और कानूनी कार्रवाई से जुड़े सवालों पर कहा कि पुनर्वासित लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा के लिए मंत्रियों की उपसमिति बनाई गई है। संविधान और विधि के दायरे में जिन प्रकरणों को वापस लिया जा सकता है, उन पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर डिवीजन के सचिव रहे सतीश 210 लोगों के साथ पुनर्वास में शामिल हुए थे। इसके अलावा कांकेर में 21 लोगों और केंद्रीय कमेटी सदस्य रामधेर मज्जी के पुनर्वास के दौरान भी सरकार ने पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की थी।

डिप्टी सीएम ने दोहराया कि चाहे ओडिशा पुलिस का अभियान हो या छत्तीसगढ़ पुलिस का, सभी संबंधित एजेंसियों को सूचना देकर इच्छुक नक्सलियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सुरक्षा दी जाएगी। “कोई भी चिंता न करें, सरकार आपके साथ है,” उन्होंने अपने संदेश में कहा।

छत्तीसगढ़ बजट 2026–27 आज: वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी दोपहर 12 बजे करेंगे पेश

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी दोपहर 12 बजे सदन में बजट पेश करेंगे।


बजट प्रस्तुति से पहले प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सदस्यों के सवालों के जवाब देंगे। इसके अलावा उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप भी विभिन्न विभागों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देंगे।

वित्त मंत्री चौधरी पहले ही आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में पेश कर चुके हैं, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास संकेतकों का विवरण दिया गया है।

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा 25 फरवरी को की जाएगी। बजट से राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, कृषि, शिक्षा और सामाजिक योजनाओं के लिए नई घोषणाओं की उम्मीद जताई जा रही है।

दादा की उम्र का दूल्हा! 32 साल छोटी टीचर संग भागे स्कूल संचालक, मंदिर में रचाई शादी

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 बिहार के Muzaffarpur जिले के Aurai थाना क्षेत्र से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 60 वर्षीय स्कूल संचालक ने 28 वर्षीय शिक्षिका के साथ नेपाल जाकर शादी कर ली। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।


जानकारी के अनुसार, औराई निवासी राकेश शाह (60) एक निजी स्कूल संचालित करते हैं। उसी स्कूल में 28 वर्षीय शाइस्ता परवीन शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं। साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया।

बताया जा रहा है कि 18 फरवरी को दोनों अचानक लापता हो गए। चर्चा है कि वे नेपाल पहुंचकर मंदिर में विवाह बंधन में बंध गए। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें दोनों एक-दूसरे को माला पहनाते नजर आ रहे हैं।

वायरल वीडियो में शाइस्ता परवीन ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और वे अपनी जिंदगी से खुश हैं। उन्होंने किसी भी प्रकार के दबाव से इनकार करते हुए अपने पति के परिवार को परेशान न करने की अपील की है।

इधर, युवती के भाई ने Aurai Police Station में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि स्कूल संचालक ने उनकी बहन को शादी और धर्म परिवर्तन की नीयत से अगवा किया है। प्राथमिकी में राकेश शाह की पत्नी, बेटी सहित सात लोगों को नामजद किया गया है और युवती की बरामदगी की मांग की गई है।

मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा होने के कारण इलाके में तनाव की स्थिति है। एहतियातन पुलिस गांव में गश्त कर रही है। स्कूल संचालक के घर और स्कूल पर फिलहाल ताला लटका हुआ है।

औराई थानाध्यक्ष राजा सिंह ने बताया कि आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और युवती की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।

उड़ान के 23 मिनट बाद टूटा संपर्क, जंगल में गिरी एयर एंबुलेंस- कोई नहीं बचा

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 झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया इलाके में सोमवार देर शाम एक एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है।


चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री के अनुसार, राहत-बचाव दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि विमान घने जंगल वाले इलाके में गिरा।

क्या था विमान और किसकी थी उड़ान?

दुर्घटनाग्रस्त विमान Redbird Airways की मेडिकल चार्टर फ्लाइट थी। यह Beechcraft का किंग एयर B90L (VT-AJV) विमान था, जिसे एयर एंबुलेंस के रूप में संचालित किया जा रहा था।

सोमवार शाम 7:11 बजे विमान ने Ranchi से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे Kolkata ATC से संपर्क के बाद अचानक रडार और रेडियो संपर्क टूट गया। आखिरी लोकेशन Varanasi से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व बताई गई। कुछ देर बाद विमान Chatra जिले के सिमरिया क्षेत्र में क्रैश हो गया।

कौन-कौन था सवार?

विमान में कुल 7 लोग सवार थे:

  • कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट)
  • कैप्टन सबराजदीप सिंह (को-पायलट)
  • मरीज: संजय कुमार
  • अर्चना देवी (परिजन)
  • धूरू कुमार (परिजन)
  • डॉ. विकास कुमार गुप्ता
  • सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ)

हादसे की वजह क्या?

प्रारंभिक जांच में खराब मौसम को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उड़ान के दौरान क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। हालांकि, अधिकारी अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।

जांच और रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और सर्च एंड रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की टीम को जांच के लिए रवाना किया गया है।

साथ ही Directorate General of Civil Aviation (DGCA) भी सक्रिय हो गया है। आज सिविल एविएशन की टीम चतरा पहुंचकर ब्लैक बॉक्स बरामद करने और तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू करेगी।

प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: कई जिलों में बारिश का अलर्ट, फिर बढ़ेगी ठंड

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 CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। उमस और बढ़ती गर्मी के बीच आज प्रदेश के कई जिलों में सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर एरिया के असर से राज्य के कई हिस्सों में आज से अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह सिस्टम पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और उसके बाद उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुड़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

आज दोपहर करीब 3 बजे बैकुंठपुर और आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। अचानक हुई इस बेमौसम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ ही ठंड बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। बारिश के बाद मौसम में ठंडक घुल गई है और शाम के समय ठिठुरन बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे प्रदेश में एक बार फिर हल्की ठंड लौट सकती है।

भारत–ब्राज़ील के बीच TKDL एक्सेस समझौता, पारंपरिक ज्ञान संरक्षण में नया कदम

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ब्राज़ील के राष्ट्रीय औद्योगिक संपदा संस्थान (INPI) और भारत की वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (TKDL) तक पहुँच के लिए एक सहयोग व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 21 फरवरी 2026 को ब्राज़ील के राष्ट्रपति महामहिम लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आदान-प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा 18–22 फरवरी 2026 तक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 और द्विपक्षीय बैठकों के लिए भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं ने INPI, ब्राज़ील और CSIR, भारत के बीच TKDL एक्सेस समझौते के आदान-प्रदान का स्वागत किया, जो पारंपरिक ज्ञान (TK) और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेगा।

यह समझौता ब्राज़ील के विकास, उद्योग, व्यापार एवं सेवा मंत्रालय के उप मंत्री महामहिम मार्सियो फर्नांडो एलियास रोसा और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पेरियासामी कुमारन द्वारा आदान-प्रदान किया गया। इस सहयोग के तहत ब्राज़ील का पेटेंट कार्यालय पेटेंट जांच और अनुदान प्रक्रियाओं के दौरान TKDL डेटाबेस तक पहुँच प्राप्त करेगा। TKDL भारतीय पारंपरिक ज्ञान के गलत पेटेंट और दुरुपयोग को रोकने के लिए एक प्रमुख तंत्र के रूप में कार्य करता है।

INPI, ब्राज़ील के साथ TKDL एक्सेस समझौते पर हस्ताक्षर भारत के वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक नई साझेदारी की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य जैव-डकैती (बायोपायरेसी) और पारंपरिक ज्ञान के दुरुपयोग को रोकना है। साथ ही, यह ब्राज़ील को नवीनता और पूर्व कला (प्रायर आर्ट) के बेहतर मूल्यांकन के माध्यम से पेटेंट जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने में सहायता करेगा।

यह समझौता INPI ब्राज़ील के अध्यक्ष जूलियो सीज़र मोरेरा, CSIR की महानिदेशक एवं DSIR की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी और CSIR-TKDL इकाई की प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. विस्वजानानी जे. सत्तिगेरी के मार्गदर्शन में लागू किया जाएगा।

TKDL के बारे में

पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (TKDL) एक वैश्विक रूप से अद्वितीय पहल है, जिसकी स्थापना 2001 में भारत सरकार द्वारा CSIR और आयुष मंत्रालय के सहयोग से की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय पारंपरिक ज्ञान पर गलत पेटेंट दिए जाने से रोकना और देश की ज्ञान विरासत को दुरुपयोग से सुरक्षित रखना है।

TKDL में वर्तमान में आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और योग जैसी भारतीय चिकित्सा प्रणालियों से संबंधित 5.2 लाख से अधिक सूत्रीकरण और प्रथाओं की जानकारी शामिल है, जो प्रामाणिक पारंपरिक ग्रंथों से ली गई है। विभिन्न भाषाओं और विषयों के ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली से जोड़कर संरचित किया गया है।

यह डेटाबेस पाँच अंतरराष्ट्रीय भाषाओं—अंग्रेज़ी, जर्मन, फ्रेंच, जापानी और स्पेनिश—में उपलब्ध है, जिससे भाषा और प्रारूप की बाधाएँ दूर होती हैं और दुनिया भर के पेटेंट परीक्षकों द्वारा प्रभावी उपयोग संभव होता है। पेटेंट कार्यालयों को गैर-प्रकटीकरण समझौते (NDA) के तहत पहुँच प्रदान की जाती है।

ब्राज़ील के INPI के शामिल होने से TKDL तक पहुँच रखने वाले विश्वभर के पेटेंट कार्यालयों की संख्या 18 हो गई है।

TKDL को पारंपरिक ज्ञान की रक्षात्मक सुरक्षा के लिए वैश्विक मानक माना जाता है। इसका प्रभाव उल्लेखनीय रहा है, क्योंकि TKDL से प्राप्त पूर्व कला प्रमाण के आधार पर विश्वभर में 375 से अधिक पेटेंट आवेदन रद्द, अस्वीकृत, संशोधित, वापस लिए गए या त्याग दिए गए हैं।

‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ में बोले जे. पी. नड्डा, भारत को वैश्विक स्वास्थ्य हब बनाने पर जोर

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज नई दिल्ली में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित ‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ के 8वें संस्करण को वर्चुअल रूप से संबोधित किया।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने एक मजबूत, उच्च गुणवत्ता वाली और वैश्विक मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मजबूत भागीदारी भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की वैश्विक मान्यता और विश्वसनीयता को दर्शाती है।

मंत्री नड्डा ने इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के निरंतर आयोजन के लिए FICCI की सराहना की, जिसने भारत को मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के लिए एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच वैश्विक स्वास्थ्य हितधारकों के साथ संवाद, साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देते हैं।

मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के महत्व को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह भारत के वैश्विक स्वास्थ्य जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण आयाम है। उन्होंने कहा कि यह भारत की नैदानिक उत्कृष्टता, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सेवाएँ, पारदर्शी शासन ढांचा और रोगी-केंद्रित देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि भारत के अत्यधिक कुशल चिकित्सा पेशेवर और आधुनिक स्वास्थ्य अवसंरचना हृदय रोग, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण, ऑर्थोपेडिक्स और न्यूरोसाइंस सहित कई क्षेत्रों में उन्नत उपचार प्रदान करते हैं। मंत्री ने कहा कि उन्नत तकनीकों, डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों और गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों के एकीकरण से रोगी परिणाम और सेवा वितरण और मजबूत हुआ है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार मंत्रालयों, नियामक प्राधिकरणों, मान्यता एजेंसियों और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाकर मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के समर्थन में पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार मेडिकल ट्रैवल को केवल आर्थिक अवसर ही नहीं, बल्कि देशों के बीच विश्वास और जन-जन संबंधों को मजबूत करने के माध्यम के रूप में भी देखती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ वैश्विक स्वास्थ्य गतिशीलता के भविष्य को आकार देने, सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज और सहभागिता को गहरा करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और हितधारकों से सक्रिय भागीदारी, सार्थक सहयोग और भारत की विशाल संभावनाओं को खोजने का आह्वान किया।

अपने वर्चुअल संबोधन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री और आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने स्वास्थ्य सेवा के वैश्विक और सहयोगात्मक स्वरूप पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज स्वास्थ्य सेवा केवल राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सहयोग, प्रौद्योगिकी, ज्ञान के आदान-प्रदान और साझा जिम्मेदारी से आकार लेती है।

मंत्री जाधव ने भारत के एकीकृत दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत का स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र उन्नत नैदानिक क्षमताओं, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार, मजबूत फार्मास्युटिकल क्षमता और वैश्विक जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध संस्थानों के बढ़ते नेटवर्क के साथ एक गतिशील और एकीकृत प्रणाली में विकसित हो गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यापक ढांचा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मरीजों की सेवा करने की भारत की क्षमता को मजबूत करता है।

राज्य मंत्री ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ एकीकृत करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एकीकृत देखभाल मॉडल भारत के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो नवाचार के साथ परंपरा और उपचार के साथ रोकथाम को महत्व देता है। उन्होंने कहा कि ऐसा दृष्टिकोण समग्र और टिकाऊ स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026’ वैश्विक स्वास्थ्य सेवा वितरण में भारत की विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थिति को और मजबूत करेगा और सीमा पार स्थायी सहयोग को बढ़ावा देगा।

सत्र का समापन भारत की व्यापक स्वास्थ्य क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी के आधिकारिक उद्घाटन के साथ हुआ, जिसमें प्रमुख अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेवाएँ, उन्नत चिकित्सा तकनीकें, फार्मास्युटिकल ताकत, वेलनेस सेंटर और सहायक स्वास्थ्य सेवाएँ शामिल थीं, जो भारत के स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र की व्यापकता और गहराई को दर्शाती हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य उद्योग के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और अन्य हितधारक उपस्थित थे।

एडवांटेज हेल्थ केयर – इंडिया 2026 के बारे में

एडवांटेज हेल्थ केयर इंडिया 2026 का उद्देश्य रोगी गतिशीलता, ज्ञान आदान-प्रदान, कौशल विकास और संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा देना है, साथ ही मेडिकल वैल्यू ट्रैवल में नियामक समन्वय और वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है। यह मंच उच्च गुणवत्ता, तकनीक-संचालित और समग्र स्वास्थ्य समाधान प्रदान करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है और देश को एक मजबूत, समावेशी और भविष्य-तैयार वैश्विक स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करता है।

आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन-26 अभियान के तहत मिस्र के सफागा पहुँचा

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भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी अपने जारी लोकायन-26 अभियान के तहत 21 फरवरी 2026 को मिस्र के सफागा बंदरगाह पहुँचा। सलालाह से सफागा तक 1,832 समुद्री मील की दूरी 16 दिनों में तय करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, जो जहाज के चालक दल की दृढ़ता, आत्मविश्वास और सहनशक्ति को दर्शाती है।

आगमन पर जहाज का मिस्र की नौसेना के अधिकारियों और भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने रेड सी और सफागा नौसेना बेस के बेस कमांडर रियर एडमिरल रामी अहमद इस्माइल मोहम्मद से भेंट की। इन संवादों में दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ती समुद्री साझेदारी पर जोर दिया गया, जो नौसैनिक सहयोग और अंतर-संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) बढ़ाने के साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।

बंदरगाह प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना मिस्र के नौसैनिक कर्मियों के साथ पेशेवर संवाद करेगी, नौकायन प्रशिक्षण में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेगी और द्विपक्षीय सद्भाव को मजबूत करने के लिए सामुदायिक संपर्क गतिविधियाँ भी करेगी।

अदन की खाड़ी और लाल सागर से होकर गुजरना इस यात्रा का एक प्रमुख परिचालन चरण था, जहाँ जहाज ने चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्थितियों और घने समुद्री यातायात के बीच उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता और समुद्री कौशल का प्रदर्शन किया। सफागा में आईएनएस सुदर्शिनी की यात्रा “ब्रिजेस ऑफ फ्रेंडशिप” पहल के तहत समुद्री संपर्क बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है और भारत तथा मिस्र के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों को रेखांकित करती है।


भारतीय नौसेना में शामिल होगा युद्धपोत ‘अंजदीप’, पनडुब्बी रोधी क्षमता होगी मजबूत

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भारतीय नौसेना अपनी पनडुब्बी रोधी युद्ध (एंटी-सबमरीन वारफेयर – ASW) क्षमताओं को और मजबूत करने जा रही है, क्योंकि आठ जहाजों वाली एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) परियोजना के तीसरे पोत अंजदीप को शामिल किया जा रहा है। यह युद्धपोत 27 फरवरी 2026 को चेन्नई पोर्ट में पूर्वी नौसेना कमान में औपचारिक रूप से कमीशन किया जाएगा।

इस कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी करेंगे।

यह समारोह रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की दिशा में देश की तेज प्रगति को दर्शाता है, क्योंकि ASW-SWC परियोजना स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और निर्माण की सफलता का उदाहरण है। कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है, जिसे विशेष रूप से तटीय और उथले जल क्षेत्रों में युद्ध संचालन की चुनौतियों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है।

यह पोत ‘डॉल्फिन हंटर’ के रूप में कार्य करने के लिए तैयार किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें निष्क्रिय करना है। जहाज में स्वदेशी उन्नत पनडुब्बी रोधी हथियार और सेंसर प्रणाली लगी है, जिसमें हुल माउंटेड सोनार ‘अभय’, हल्के टॉरपीडो और ASW रॉकेट शामिल हैं। अपनी मुख्य ASW भूमिका के अलावा, यह तेज और अत्यधिक गतिशील युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों (LIMO) और खोज एवं बचाव (Search & Rescue) कार्यों के लिए भी सक्षम है।

77 मीटर लंबा यह जहाज हाई-स्पीड वाटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम से लैस है, जिससे यह 25 नॉट की अधिकतम गति प्राप्त कर सकता है और तेज प्रतिक्रिया व सतत संचालन सुनिश्चित करता है।

करवार तट के पास स्थित ऐतिहासिक द्वीप के नाम पर रखा गया अंजदीप भारतीय नौसेना की विशाल समुद्री हितों और तटीय सीमाओं, विशेष रूप से तमिलनाडु और पुडुचेरी क्षेत्र की सुरक्षा क्षमता को काफी मजबूत करेगा। यह भारतीय नौसेना को एक शक्तिशाली ‘बिल्डर’s नेवी’ में बदलने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।



गुंटूर में भव्य ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन, 9,000 से अधिक GDS ने लिया भाग

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डाक विभाग, आंध्र प्रदेश सर्किल ने 22 फरवरी 2026 को गुंटूर में एक भव्य ग्रामीण डाक सेवक (GDS) सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पूरे सर्किल से 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों की भारी भागीदारी देखने को मिली, जो ग्रामीण डाक सेवाओं को मजबूत करने के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है।

गुंटूर में आयोजित GDS सम्मेलन में 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों ने भाग लिया

इस सम्मेलन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, डाक सेवा बोर्ड के सदस्य (कार्मिक) सुवेंदु कुमार स्वैन, विधायक मोहम्मद नसीर अहमद और गुंटूर के मेयर कोवेलामुडी रविंद्र सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने GDS सम्मेलन में दीप प्रज्वलन किया

इस अवसर पर पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना, डाक जीवन बीमा, ग्रामीण डाक जीवन बीमा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सेवाओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दस सर्वश्रेष्ठ ग्रामीण डाक सेवकों को सम्मानित किया गया।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक परिवार को शुभकामनाएँ दीं और ग्रामीण डाक सेवकों को देश के हर कोने को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बताया। उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट वर्तमान में लगभग 38 करोड़ पोस्ट ऑफिस सेविंग बैंक खातों का प्रबंधन करता है, जिनमें लगभग 22 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है। इसके अलावा, लगभग 3.8 करोड़ सुकन्या समृद्धि योजना खातों में करीब 2.27 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है, जो डाक नेटवर्क के माध्यम से वित्तीय समावेशन की व्यापकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इंडिया पोस्ट का मेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क कन्वेयर सिस्टम, वैज्ञानिक छंटाई, RFID, बारकोड और QR-कोड आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से तेजी से आधुनिकीकृत किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ड्रोन आधारित डिलीवरी प्रणाली भी शुरू की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के साथ सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने कहा कि देशभर में विभाग लगभग 1.65 लाख डाकघरों के माध्यम से कार्य करता है, जिनमें 4.5 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विभाग का वार्षिक व्यय लगभग 35,000 करोड़ रुपये है, जबकि राजस्व लगभग 13,000 करोड़ रुपये है। आंध्र प्रदेश में पिछले वर्ष व्यय लगभग 1,800 करोड़ रुपये और राजस्व 600 करोड़ रुपये था, जो इस वर्ष बढ़कर लगभग 850 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि निरंतर निगरानी से ‘शून्य लेन-देन’ वाले डाकघरों की संख्या पहले लगभग एक लाख से घटकर लगभग 1,500 रह गई है, जो संचालन दक्षता में सुधार को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जमीनी स्तर पर शासन और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में GDS कर्मचारियों की अपूरणीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद ग्रामीण डाक सेवकों का मानवीय स्पर्श और समर्पण अतुलनीय है तथा GDS कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित हरित पहलों के महत्व पर जोर दिया।

यह सम्मेलन वित्तीय समावेशन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुँचाने में ग्रामीण डाक सेवकों के योगदान और समर्पण को सम्मानित करने का मंच बना। आंध्र प्रदेश पोस्टल सर्किल ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रपति भवन में ‘राजाजी उत्सव’ में शामिल हुए उपराष्ट्रपति, राजाजी की प्रतिमा का अनावरण

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भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘राजाजी उत्सव’ में भाग लिया। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एडविन लुटियंस की प्रतिमा के स्थान पर सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा का अनावरण किया।

सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजाजी की प्रतिमा का अनावरण औपनिवेशिक प्रभावों के अवशेषों को समाप्त करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि औपनिवेशिक प्रभाव से भारत की मुक्ति कोई एक घटना नहीं है, बल्कि शासन, कानून, शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान में चल रहा एक सतत परिवर्तन है।

उन्होंने कहा कि इन सुधारों के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के दौरान संस्थानों और सोच को आकार देने वाली औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति का लगातार आह्वान किया है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि “गुलामी की मानसिकता से मुक्ति” की दृष्टि को कई पहलों के माध्यम से कार्यरूप दिया गया है, जिनमें राजभवनों का लोक भवनों में परिवर्तन; पीएमओ का सेवा तीर्थ के रूप में विकास; केंद्रीय सचिवालय का कर्तव्य भवन के रूप में नामकरण; औपनिवेशिक कालीन आपराधिक कानूनों का स्थानापन्न; इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा की स्थापना; राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का निर्माण आदि शामिल हैं।

“ये परिवर्तन केवल प्रतीकात्मक नहीं हैं, बल्कि सरकार की सेवा भावना को दर्शाते हैं,” उन्होंने कहा।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के नेतृत्व में राष्ट्रपति भवन में किए गए कई पहलों का उल्लेख किया, जिनमें उद्यानों को अमृत उद्यान के रूप में जनता के लिए खोलना; दरबार हॉल का नाम बदलकर गणतंत्र मंडप करना; ब्रिटिश एडीसी के फोटो हटाकर परमवीर चक्र विजेताओं के चित्र लगाना; तथा भारतीय शास्त्रीय भाषाओं के लिए समर्पित ‘ग्रंथ कुटीर’ पुस्तकालय और संग्रहालय का उद्घाटन शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम सार्वजनिक चेतना से औपनिवेशिक छाप मिटाने और भारत के सभ्यतागत आत्मविश्वास को मजबूत करने में मदद करेंगे।

राजाजी उत्सव को भारत के एक महान सपूत के प्रति उचित सम्मान बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सी. राजगोपालाचारी ने देश के इतिहास में एक विशिष्ट स्थान अर्जित किया है।

उन्होंने राजाजी की बहुआयामी प्रतिभा को रेखांकित करते हुए कहा कि वे एक कुशल वकील, स्वतंत्रता सेनानी, राजनेता, राजनीतिज्ञ और लेखक थे, जिनमें असाधारण प्रतिभा का विस्तार था। उन्होंने कहा कि राजाजी लगातार आर्थिक स्वतंत्रता के पक्षधर रहे और उनका मानना था कि भारत की आर्थिक नीति स्वतंत्र और उदार होनी चाहिए।

अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि राजाजी का जीवन नागरिकों को प्रेरित करता रहेगा कि वे अपने चरित्र को ऊँचा उठाएँ, जिम्मेदारियाँ बढ़ने पर अपने विश्वास को मजबूत करें और सदैव राष्ट्र को स्वयं से ऊपर रखें।

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