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शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल,28 अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में नए डीईओ पदस्थ

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रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कसावट और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 28 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, सहायक संचालकों एवं प्राचार्यों को विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।

अवर सचिव छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के अनुसार  महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद सहित अनेक जिलों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं। वहीं लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक कार्यालयों तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।

जारी आदेश के अनुसार प्रभारी उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय बी.एल. देवांगन को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद बनाया गया है। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय में पदस्थ किया गया है। सहायक संचालक एम.जी. सतीश कुमार को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर तथा प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर विजय कुमार ताण्डे के स्थान पर रमेश्वर जायसवाल को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में भी नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। कई विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं सहायक संचालकों को पदोन्नत दायित्व सौंपते हुए जिला स्तर की जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में स्थानांतरित किया गया है।

स्कूल शिक्षा  मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग में प्रशासनिक पुनर्संरचना विभागीय कार्यों में गति लाने, शैक्षणिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जिलों में प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। आदेश के बाद राज्य के शिक्षा प्रशासन में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिलेगा।


छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के लिए बने अनुकूल हालात, बारिश-आंधी का अलर्ट

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 रायपुर। भीषण गर्मी और उमस से परेशान छत्तीसगढ़वासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। अगले तीन से चार दिनों में मानसून के छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही 11 जून से प्रदेशभर में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।


मौसम विभाग ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। पंजाब से पश्चिम बंगाल तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा एक अन्य द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश होते हुए विदर्भ तक फैली हुई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ रही है, जिससे बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

कई जिलों में हुई बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में सर्वाधिक 2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रायगढ़ के कापू, बलरामपुर के रघुनाथनगर और कुसमी, सरगुजा के लखनपुर और बतौली, गरियाबंद के छुरा तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया में भी वर्षा दर्ज की गई।

तापमान में गिरावट के आसार

प्रदेश में फिलहाल गर्मी का असर बरकरार है। राजनांदगांव में सबसे अधिक 44 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

रायपुर में बारिश और अंधड़ के संकेत

राजधानी रायपुर में 11 जून को आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। शहर में गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चल सकता है। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

US-Iran War - ट्रंप का बड़ा हमला! ईरान में धमाके, जवाबी कार्रवाई से मचा हड़कंप

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 US-Iran War - अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। वहीं, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने पश्चिमी तेहरान, फार्स प्रांत, बंदर अब्बास और केशम समेत कई इलाकों में सैन्य कार्रवाई की। हमलों के बाद पश्चिमी तेहरान और फार्स प्रांत में एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया। गोरगन, सिरिक और मीनाब समेत अन्य शहरों से भी विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के कई ठिकानों पर अतिरिक्त आत्मरक्षा हमले किए गए हैं। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई ईरान की कथित आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई।

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि तेहरान अमेरिकी प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी ईरान की आलोचना करते हुए कहा कि उसने समझौते के अवसर को गंवा दिया है।

वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक समुदाय की नजरें हालात पर बनी हुई हैं। हालांकि, दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

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प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के सहयोग के प्रति प्रकट किया आभार

नक्सल उन्मूलन, अधोसंरचना, किसानों, आदिवासियों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण में केंद्र की भूमिका को सराहा

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकल्याणकारी नेतृत्व में संचालित योजनाओं ने छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति प्रदान की है तथा प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री साय ने पत्र में उल्लेख किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की केंद्र सरकार की नीति के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) योजना के तहत ₹2,080.29 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। इसके साथ ही विशेष अधोसंरचना योजना (SIS), सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE), आधुनिक हथियारों की उपलब्धता, जंगल वारफेयर प्रशिक्षण और एयर सपोर्ट जैसी पहलों ने सुरक्षा बलों को मजबूत बनाया है तथा राज्य को नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त दिलाई। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ₹2,377 करोड़ की लागत से 3,222 किलोमीटर लंबी 391 सड़कों तथा 88 वृहद पुलों की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं ने बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए विकास और सुरक्षा दोनों को मजबूती प्रदान की है।

पत्र में मुख्यमंत्री ने वित्तीय सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किए जाने से छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में राज्य को केंद्रीय करों में ₹3,46,806 करोड़ तथा विभिन्न योजनाओं में ₹1,43,328 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत ₹22,021 करोड़ तथा जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में ₹22,600 करोड़ की अतिरिक्त सहायता भी मिली है।

मुख्यमंत्री ने सड़क अधोसंरचना विकास को केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) के तहत ₹4,468 करोड़ तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए ₹35,766 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे रायपुर-विशाखापट्टनम, बिलासपुर-धनबाद, रायपुर-दुर्ग बायपास तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को गति मिली है और राज्य की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य के 24.50 लाख पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 19.70 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मनरेगा के तहत पिछले 12 वर्षों में ₹39,123 करोड़ व्यय कर 152 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ₹2,398 करोड़ की सहायता से 36.44 लाख परिवारों को शौचालय सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के विभिन्न चरणों के अंतर्गत 13,040 किलोमीटर सड़कों एवं 347 पुलों के निर्माण के लिए ₹7,951 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वहीं पीएम जनमन के अंतर्गत 2,902 किलोमीटर सड़कों हेतु ₹2,007 करोड़ तथा पीएमजीएसवाई-4 के तहत 2,427 किलोमीटर सड़कों के लिए ₹2,246 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के 25.51 लाख किसानों को अब तक ₹10,784 करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹5,064 करोड़ की प्रीमियम सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र को व्यापक सहयोग प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के 56 लाख राशन कार्डधारी परिवारों के 1.99 करोड़ सदस्यों को प्रति माह खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹5,600 करोड़ की सब्सिडी दी जा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत 39.54 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।

खनिज क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 62 से अधिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हुई है, जिनसे भविष्य में ₹4.34 लाख करोड़ से अधिक का संभावित राजस्व प्राप्त होगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) एवं पीएमकेकेकेवाई के माध्यम से ₹17,887 करोड़ से अधिक की राशि संकलित कर 81,553 विकास कार्य पूर्ण किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा वन अधिकारों की मान्यता को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में 56,569 पीवीटीजी परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है तथा 4.83 लाख व्यक्तिगत और 48 हजार से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।

महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से 11,490 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में उन्नत किया गया है तथा 2,264 नए केंद्र स्वीकृत हुए हैं। राज्य के सभी जिलों में संचालित 42 सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को सहायता और संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। राज्य में 5,499 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इसके अतिरिक्त 91 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, 28 जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं तथा 23 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 18,330 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 82,952 हितग्राहियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जबकि स्ट्राइव परियोजना के माध्यम से 17 आईटीआई संस्थानों का उन्नयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से 31.37 लाख ग्रामीण परिवारों को 2.88 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। समूहों को ₹1,661 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। ‘लखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत 10.42 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर नई पहचान बना रही हैं।

डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल भारत निधि (DBN) के माध्यम से राज्य के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1,247 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं तथा 577 नए टावरों को स्वीकृति दी गई है, जिससे हजारों गांव डिजिटल सेवाओं से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण विद्युतीकरण और विद्युत अधोसंरचना विकास के लिए लगभग ₹2,808 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है। पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत राज्य में 64 हजार से अधिक घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 46,649 परिवारों को ₹362 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने पत्र में पर्यटन, संस्कृति और खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत ₹94.23 करोड़ की लागत से जशपुर, सरगुजा, बिलासपुर और जगदलपुर सहित जनजातीय अंचलों में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया गया है। प्रसाद योजना के तहत ₹48.43 करोड़ की लागत से डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर क्षेत्र का विकास किया गया है। वहीं नवा रायपुर में ₹147.66 करोड़ की लागत से चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण प्रदेश को सांस्कृतिक और पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। खेलो इंडिया योजना के तहत राज्य के आठ जिलों में खेल अधोसंरचना विकास के लिए ₹48 करोड़ तथा बहतराई स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए ₹5 करोड़ की सहायता दी गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी और इसके लिए मिली ₹17 करोड़ की सहायता छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प, रेशम और पारंपरिक कला के संरक्षण में केंद्र सरकार के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रायपुर में ₹200 करोड़ की लागत से प्रस्तावित पीएम एकता मॉल राज्य के हस्तशिल्प, हथकरघा और ओडीओपी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार उपलब्ध कराएगा। राष्ट्रीय हाथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत 4,694 बुनकरों को लाभान्वित किया गया है, जबकि हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत 2,400 शिल्पियों के सशक्तिकरण हेतु विशेष परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। रेशम विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों कृषकों और महिला हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।

पत्र में भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण, डिजिटल प्रशासन और सुशासन के क्षेत्र में हुए नवाचारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री जैसी पहलों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी और नागरिकोन्मुख बनाया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹598 करोड़ का विशेष सहायता अनुदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है जिसने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ऑटो-म्यूटेशन व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया है। पिछले एक वर्ष में दो लाख से अधिक प्रकरणों का स्वतः नामांतरण किया गया है तथा 32 लाख से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने सामाजिक न्याय, उद्यानिकी, जैव प्रौद्योगिकी, परिवहन सुरक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में प्राप्त केंद्रीय सहयोग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति पुनः आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान, अटल वयो अभ्युदय योजना, सुगम्य भारत अभियान, बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च तथा महिला सुरक्षा हेतु स्थापित निर्भया कमांड सेंटर जैसी पहलों ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है।

मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत मे उल्लेखित किया कि छत्तीसगढ़ की साढ़े तीन करोड़ जनता की ओर से वे प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और विश्वास जताते हैं कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सहयोग भविष्य में भी इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा।

बेजुबानों के लिए जलदान अभियान को ध्रुव मिर्धा का समर्थन, पीपला वेलफेयर फाउंडेशन की सेवा भावना की सराहना

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गौ सेवा और जनसेवा में पीपला की भूमिका अतुलनीय 

आरंग- स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन गर्मी के दिनों मे बेजुबानों के लिए जलदान अभियान चला रहे हैं।जिसके तहत नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह जलपात्र रखकर लोगों से जलदान की अपील की जाती हैं।इसी कड़ी में संस्था द्वारा इस गर्मी में भी नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों जलपात्र रखा गया।जो बेजुबानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। विगत चार वर्षों से लगातार चलाए जा रहे इस सेवाभावी अभियान की आज छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में जमकर सराहना हो रही है।इसी कड़ी में मंगलवार को संस्था के सदस्यों ने आरंग के रविदास नगर व अन्य जगहों पर बेजुबानों के लिए जलपात्र रखा। जिसमें छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने स्वयं जलदान कर फाऊंडेशन द्वारा चलाए जा रहे जलदान अभियान को मुक्त कंठ से सराहा। उन्होंने संस्था द्वारा की जा रही सभी रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए कहा गौ सेवा, जनसेवा और पर्यावरण के क्षेत्र में पीपला की भूमिका अतुलनीय है। इस अभियान ने समाज में जीव दया और मानवीयता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।इस अवसर पर संस्था के सदस्यगण व मोहल्ले वासी मौजूद थे।



टीडीबी ने एयरोस्पेस, रक्षा और ईवी चार्जिंग कनेक्टरों के स्वदेशी व्यावसायीकरण हेतु टीआईईए कनेक्टर्स को दिया समर्थन

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भारत को उन्नत विनिर्माण और रणनीतिक प्रौद्योगिकियों का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड ने बेंगलुरु स्थित TIEA Connectors Pvt. Ltd. को “एयरोस्पेस, रक्षा एवं इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एयरबोर्न कनेक्टर्स और चार्जिंग कनेक्टर्स के व्यावसायीकरण” परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।

इस परियोजना का उद्देश्य एयरोस्पेस, रक्षा, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों के लिए उच्च-विश्वसनीयता (High-Reliability) वाले विद्युत इंटरकनेक्ट सिस्टम के डिजाइन और निर्माण में भारत की स्वदेशी क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।

विद्युत कनेक्टर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रोमैकेनिकल प्रणालियों के अत्यंत महत्वपूर्ण घटक हैं, जो कठिन परिचालन परिस्थितियों में भी ऊर्जा, सिग्नल और डेटा के निर्बाध संचार को सुनिश्चित करते हैं। एयरोस्पेस, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में इनकी विश्वसनीयता और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इन्हें अत्यधिक कंपन, झटकों, तापमान और पर्यावरणीय दबावों के बीच कार्य करना पड़ता है।

टीआईईए द्वारा विकसित तकनीक उन्नत कंपन-प्रतिरोधी (Vibration-Resistant) संपर्क संरचना पर आधारित है, जो अत्यधिक गतिशील परिस्थितियों में भी स्थिर विद्युत प्रदर्शन सुनिश्चित करती है। इसमें एक स्वामित्वयुक्त (Proprietary) मल्टी-पॉइंट इलास्टिक कॉन्टैक्ट मैकेनिज्म का उपयोग किया गया है, जो संपर्क स्थिरता बढ़ाने, विद्युत प्रतिरोध कम करने और तीव्र कंपन के दौरान भी सिग्नल बाधित होने से रोकने में सक्षम है।

यह तकनीक 100G तक के कंपन स्तर पर भी विश्वसनीय विद्युत संपर्क बनाए रखने में सक्षम है, जिससे यह मिशन-क्रिटिकल एयरोस्पेस, रक्षा और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनती है। इन कनेक्टरों का निर्माण उच्च-प्रदर्शन बेरीलियम कॉपर (BeCu) मिश्रधातु से किया जाता है और इनमें विशेष लॉकिंग मैकेनिज्म लगाए गए हैं ताकि कठोर परिस्थितियों में भी सुरक्षित एवं स्थायी विद्युत संपर्क बना रहे।

रणनीतिक उपयोगों के लिए इन कनेक्टरों पर चांदी और सोने की प्लेटिंग भी की जाती है, जिससे बेहतर चालकता, जंग-प्रतिरोध और दीर्घकालिक विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।

यह परियोजना भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और रक्षा, एयरोस्पेस तथा उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के स्वदेशीकरण के लक्ष्य के अनुरूप है। कंपनी ने उत्पाद डिजाइन, इंजीनियरिंग, टूलिंग, प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और विनिर्माण तक की संपूर्ण क्षमताएं देश में विकसित की हैं, जिससे आयातित तकनीकों पर निर्भरता कम होगी।

यह तकनीक भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी और मजबूत एवं विश्वसनीय चार्जिंग कनेक्टर समाधान उपलब्ध कराएगी। इससे घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और उच्च-मूल्य इलेक्ट्रॉनिक घटकों के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित होगी।

इस अवसर पर टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि एयरोस्पेस, रक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भारत की बढ़ती क्षमताओं के लिए स्वदेशी उच्च-प्रदर्शन घटकों का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि टीडीबी रणनीतिक और उच्च-विकास वाले क्षेत्रों के लिए वैश्विक स्तर की तकनीक विकसित करने वाले भारतीय उद्यमों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

टीआईईए कनेक्टर्स के प्रवर्तकों ने टीडीबी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कंपनी को अपनी स्वदेशी कनेक्टर तकनीकों के व्यावसायीकरण में तेजी लाने और एयरोस्पेस, रक्षा, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रिक वाहन तथा औद्योगिक बाजारों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विनिर्माण क्षमता का विस्तार करने में सहायता मिलेगी।


अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2(ए) को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, एयरपोर्ट तक पहुंचेगी मेट्रो

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2(ए) को मंजूरी दे दी है। इस चरण के तहत 6.032 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें कुल 5 स्टेशन होंगे। इनमें 4 एलिवेटेड और 1 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं।

फेज-2(ए) के संचालन में आने के बाद अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क की कुल सक्रिय लंबाई बढ़कर 77.63 किलोमीटर हो जाएगी।

प्रस्तावित स्टेशन

फेज-2(ए) कॉरिडोर में निम्नलिखित स्टेशन शामिल होंगे:

  • अश्रम रोड

  • कोटेश्वर प्राचीन मंदिर

  • साबरमती रिवर

  • सरदार नगर

  • एयरपोर्ट

परियोजना की कुल लागत, जिसमें निर्माण अवधि के दौरान ब्याज (IDC) भी शामिल है, ₹2,169.04 करोड़ निर्धारित की गई है।

प्रमुख लाभ

बेहतर कनेक्टिविटी

यह नया मेट्रो कॉरिडोर अहमदाबाद एयरपोर्ट को शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से जोड़ेगा। साथ ही यह मौजूदा अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो नेटवर्क के साथ निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगा। भविष्य में संभावित रूप से आयोजित होने वाले 2029 वर्ल्ड पुलिस गेम्स और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए विकसित होने वाली खेल सुविधाओं को भी इससे लाभ मिलेगा।

यातायात जाम में कमी

मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से सड़क यातायात पर दबाव कम होगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी, वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।

पर्यावरणीय लाभ

मेट्रो जैसे स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन माध्यम के विस्तार से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

आर्थिक विकास को गति

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस टर्मिनलों तक बेहतर पहुंच से लोगों की उत्पादकता बढ़ेगी। नए मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश आकर्षित होगा।

सामाजिक प्रभाव

मेट्रो विस्तार से विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों के लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा में लगने वाला समय कम होगा और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

रोजगार सृजन

परियोजना के निर्माण चरण के दौरान लगभग 2,000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है, जबकि संचालन एवं रखरखाव के दौरान लगभग 500 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।

यह परियोजना अहमदाबाद के शहरी विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और शहर को अधिक टिकाऊ, सुगम एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था प्रदान करेगी।


भारतीय नौसेना के लिए 20 उन्नत जीएनएसएस जैमर खरीदने हेतु रक्षा मंत्रालय ने 449 करोड़ रुपये के अनुबंध पर किए हस्ताक्षर

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रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 20 उन्नत क्षमता वाले ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (Enhanced Capability Global Navigation Satellite System - ECGNSS) जैमर की खरीद के लिए Accord Software and Systems Private Limited के साथ 449 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है। इस प्रणाली में न्यूनतम 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा।

यह अनुबंध 10 जून 2026 को राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में नई दिल्ली में हस्ताक्षरित किया गया। यह खरीद ‘बाय (इंडियन-इंडिजिनसली डिजाइन्ड, डेवलप्ड एंड मैन्युफैक्चर्ड)’ श्रेणी के अंतर्गत की गई है।

इस अत्याधुनिक प्रणाली की प्रमुख क्षमताओं में दुश्मन के ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) रिसीवर की सिग्नल प्राप्ति और ट्रैकिंग क्षमता को बाधित करना, सिग्नल स्पूफिंग तथा भ्रामक जैमिंग (Deceptive Jamming) शामिल है। इसके शामिल होने से भारतीय नौसेना के युद्धपोत बहु-खतरा (Multi-Threat) वातावरण में अधिक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालन कर सकेंगे।

यह अनुबंध सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है तथा देश की समुद्री सुरक्षा संरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण और भारत की रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।


अमरावती में 1,504 आवासीय इकाइयों वाले जीपीआरए परिसर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, ₹1,234.91 करोड़ की परियोजना

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने आज अमरावती, आंध्र प्रदेश में जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) के निर्माण को मंजूरी प्रदान की। यह अमरावती और आंध्र प्रदेश राज्य में अपनी तरह की पहली जीपीआरए परियोजना होगी।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को पर्याप्त आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना है। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्य में पारदर्शिता और ईमानदारी को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उनके समग्र कल्याण में सुधार होगा। कार्यस्थल के निकट आवास उपलब्ध होने से सरकारी कामकाज की दक्षता भी बढ़ेगी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

प्रस्तावित जीपीआरए परिसर 17 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसमें 11 आवासीय टावरों में कुल 1,504 आवासीय इकाइयां (टाइप-II से टाइप-VI तक) निर्मित की जाएंगी। परियोजना में 1,972 कारों के लिए बेसमेंट पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध होगी। परियोजना का कुल निर्मित क्षेत्रफल 31.30 लाख वर्ग फुट (2,90,762 वर्ग मीटर) होगा, जिसमें 9.10 लाख वर्ग फुट बेसमेंट क्षेत्र शामिल है।

परियोजना को पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ निर्माण मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सभी भवनों की योजना और डिजाइन भारत के सर्वोत्तम ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुसार तैयार की जाएगी, जिसमें ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, स्थानीय निर्माण सामग्री के उपयोग और निवासियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

परिसर को नवीनतम ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता (ECSBC) 2024 तथा इको-निवास संहिता (ENS) 2024 के प्रावधानों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसे न्यूनतम 4-स्टार GRIHA रेटिंग प्राप्त करने के लिए डिजाइन, निर्माण और पंजीकृत किया जाएगा।

जीपीआरए परिसर में बैंक एवं एटीएम, डाकघर, क्रेच, सामुदायिक भवन, भोजनालय, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेवा केंद्र और अतिथि गृह जैसी आवश्यक नागरिक एवं सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही दिव्यांगजनों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बाधा-रहित (Barrier-Free) वातावरण विकसित किया जाएगा।

यह परियोजना रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। निर्माण चरण के दौरान प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख मानव-दिवस रोजगार उत्पन्न होने का अनुमान है, जबकि संचालन चरण में प्रतिवर्ष लगभग 50,000 मानव-दिवस रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

परियोजना लागत एवं वित्तपोषण

परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,234.91 करोड़ है। इसका वित्तपोषण भारत सरकार द्वारा बजटीय सहायता के माध्यम से “4216 – कैपिटल आउटले ऑन हाउसिंग (रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स)” मद के तहत किया जाएगा।

परियोजना क्रियान्वयन

इस परियोजना को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के माध्यम से आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। निविदा प्रक्रिया से पूर्व की गतिविधियां प्रारंभ हो चुकी हैं तथा टेंडर दस्तावेजों की तैयारी जारी है।


वरिष्ठ फिल्म निर्देशक भारतीराजा के निधन पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने जताया गहरा शोक

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 भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने वरिष्ठ फिल्म निर्देशक भारतीराजा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

अपने शोक संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीराजा एक दूरदर्शी कथाकार थे, जिन्होंने ग्रामीण भारत की आत्मा और मानवीय भावनाओं की गहराई को अद्भुत प्रामाणिकता के साथ बड़े पर्दे पर प्रस्तुत कर तमिल सिनेमा में क्रांतिकारी बदलाव लाया।

उन्होंने कहा कि अपनी विशिष्ट सिनेमाई शैली, अविस्मरणीय पात्रों और कालजयी फिल्मों के माध्यम से भारतीराजा ने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी तथा फिल्मकारों और कलाकारों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीराजा का निधन सिनेमा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत फिल्मकार के परिवार, मित्रों, सहयोगियों तथा दुनिया भर में फैले उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

अवैध रेत भंडारण का मामले में मिक्सर प्लांट संचालक को नोटिस

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 रायपुर : एमसीबी जिले में अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत खनिज विभाग ने नागपुर रेलवे स्टेशन के समीप संचालित एक मिक्सिंग प्लांट पर छापामार कार्रवाई कर प्लांट परिसर में बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण का मामला पकड़ा है।


अधिकारियों ने संचालक से रेत के भंडारण और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज तथा ट्रांजिट पास प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वह मौके पर आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सका।

खनिज विभाग के अनुसार, बिना वैध दस्तावेजों के रेत का भंडारण खनिज नियमों का उल्लंघन है। मामले में संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध निगरानी एवं कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

मरवाही में चार हाथियों का आतंक, फार्म हाउस की बाउंड्री तोड़ी, फसलें रौंदीं

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 मरवाही। मरवाही वन मंडल क्षेत्र में चार हाथियों का दल लगातार उत्पात मचा रहा है। बीती रात जंगल से निकलकर हाथियों का समूह रिहायशी इलाके में पहुंच गया और सुबह एक फार्म हाउस समेत आसपास के खेतों में जमकर नुकसान पहुंचाया। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


जानकारी के अनुसार, देर रात चार हाथियों का दल मरवाही नर्सरी के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचा। इसके बाद हाथियों ने मरवाही निवासी दीपक जायसवाल के फार्म हाउस में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया। सबसे पहले उन्होंने फार्म हाउस की बाउंड्री वॉल को तोड़ दिया और परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बाद परिसर में रखे आमों को नुकसान पहुंचाया और अन्य सामान भी तहस-नहस कर दिया। हाथियों के उत्पात से फार्म हाउस को काफी क्षति पहुंची है।

हाथियों का दल यहीं नहीं रुका, बल्कि आसपास के खेतों में पहुंचकर खड़ी फसलों को भी रौंद दिया। किसानों के अनुसार फसलों को हुए नुकसान से उन्हें आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ेगा। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया।

लगातार हाथियों की आवाजाही से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और हाथियों के दोबारा गांव की ओर आने की आशंका से चिंतित हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के दल की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग की टीम उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए वन अमला लगातार प्रयास कर रहा है।

वन विभाग ने यह भी बताया कि जिन लोगों की संपत्ति और फसलों को नुकसान पहुंचा है, उनके लिए मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को नियमानुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक न जाएं, उन्हें उकसाने की कोशिश न करें और किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

 

मोदी सरकार के 12 साल: 12 बड़े फैसले जिन्होंने बदल दी देश की तस्वीर

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 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने सत्ता में 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। इस दौरान केंद्र सरकार ने कई ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका प्रभाव देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे पर व्यापक रूप से पड़ा। आइए जानते हैं मोदी सरकार के 12 वर्षों के दौरान लिए गए 12 प्रमुख फैसलों और पहलों के बारे में।


1. अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण

5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया। इसके साथ ही राज्य का पुनर्गठन कर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।

2. महिला आरक्षण कानून

सितंबर 2023 में संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया।

3. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण

जनवरी 2019 में सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया।

4. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई इस योजना के तहत करोड़ों लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। योजना का विस्तार बाद के वर्षों में भी जारी रखा गया।

5. नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA)

2019 में संसद से पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया।

6. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख चर्चा का विषय रहे।

7. प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं

मोदी सरकार ने विभिन्न वर्गों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। इनमें स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन प्रमुख हैं।

8. वस्तु एवं सेवा कर (GST)

1 जुलाई 2017 से लागू जीएसटी व्यवस्था ने विभिन्न अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत कर देश में एक समान कर प्रणाली लागू करने का प्रयास किया। इसका उद्देश्य कर ढांचे को सरल बनाना और व्यापार को सुगम करना था।

9. नोटबंदी

8 नवंबर 2016 को सरकार ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को प्रचलन से बाहर करने की घोषणा की। सरकार ने इसे काले धन, नकली नोट और भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम बताया था।

10. औपनिवेशिक कानूनों में बदलाव

सरकार ने कई पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया। साथ ही भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह नए आपराधिक कानून लागू किए गए।

11. ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध

मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के उद्देश्य से सरकार ने तीन तलाक को दंडनीय अपराध घोषित किया। संसद ने 2019 में संबंधित कानून को मंजूरी दी।

12. आधारभूत संरचना का विस्तार

पिछले 12 वर्षों में सड़क, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डों और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया गया। वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, रेलवे विद्युतीकरण, एक्सप्रेसवे निर्माण और एयरपोर्ट नेटवर्क के विस्तार को सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करती है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

मोदी सरकार के इन निर्णयों ने देश की राजनीति और नीतिगत विमर्श को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। समर्थक इन्हें बड़े सुधार और परिवर्तनकारी कदम बताते हैं, जबकि विपक्षी दल कई मुद्दों पर अलग दृष्टिकोण रखते हैं। इसके बावजूद इन फैसलों ने पिछले एक दशक में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मानसून की दस्तक से पहले बढ़ी उमस, 3-4 दिन में छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है मानसून

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में उमस और चिपचिपी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं और अगले तीन से चार दिनों के भीतर इसके प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है।


मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी मानसून के प्रवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो गया है।

तेज आंधी और बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं अगले दो दिनों में कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। साथ ही कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के भी आसार हैं।

कई इलाकों में हुई बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान शंकरगढ़, मंदिर हसौद और खरोरा में 10-10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने की जानकारी मौसम विभाग ने दी है।

रायपुर में बादल छाए रहने के आसार

राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहने और उमस बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

 

जिनेवा में 114वें अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे की महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें, कौशल विकास और श्रम सहयोग पर जोर

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श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य मंत्री, भारत सरकार, शोभा करंदलाजे ने 9 जून 2026 को स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में आयोजित 114वां अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (ILC) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने समावेशी विकास, लैंगिक समानता और सामाजिक संवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। सम्मेलन के दौरान उनकी सहभागिता और उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों ने भारत की सशक्त एवं समन्वित कूटनीतिक उपस्थिति को प्रदर्शित किया।

सम्मेलन के इतर, केंद्रीय राज्य मंत्री ने नेपाल के युवा, श्रम एवं रोजगार मंत्री रामजी यादव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। नेपाल ने भारत के डिजिटल पोर्टलों की सराहना की। भारत ने “Neighbourhood First” नीति के अंतर्गत नेपाल को एक प्राथमिक साझेदार बताया। दोनों मंत्रियों ने कौशल विकास, श्रम गतिशीलता तथा डिजिटल प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इस वार्ता ने दोनों देशों के श्रमिकों के लिए अवसरों और कल्याण को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक और भाईचारेपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

अंगोला की लोक प्रशासन, श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री टेरेसा रोड्रिग्स डायस के साथ बैठक में श्रम एवं रोजगार, कौशल विकास, व्यावसायिक प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा और कार्यबल प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने रोजगार सेवाओं, कौशल विकास, कार्यबल नियोजन और डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। अंगोला ने भारत की डिजिटल सार्वजनिक प्रणालियों की सराहना की और ज्ञान-साझाकरण का अनुरोध किया। भारत ने रोजगार सेवाओं, श्रमिक पंजीकरण, रोजगार एवं कौशल मिलान के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के डिज़ाइन, विकास और संचालन में तकनीकी सहायता तथा क्षमता निर्माण सहयोग की पेशकश की।

मॉरीशस के श्रम एवं औद्योगिक संबंध मंत्री मुहम्मद रेजा कासम उतीम के साथ बैठक में मंत्री शोभा करंदलाजे ने दोनों देशों के बीच साझा इतिहास, संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और गहरे जन-से-जन संबंधों पर आधारित घनिष्ठ एवं दीर्घकालिक संबंधों की सराहना की। मॉरीशस ने श्रम एवं रोजगार क्षेत्र में भारत द्वारा विकसित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) में हुई उल्लेखनीय प्रगति की प्रशंसा की। भारत ने अपनी विशेषज्ञता साझा करने तथा डिजिटल समाधान विकसित करने में निरंतर तकनीकी सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इसके अतिरिक्त, शोभा करंदलाजे ने फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के श्रम मंत्रियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों में कौशलों की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition of Skills) और मांग-आधारित कौशल विकास के माध्यम से भारत से कुशल जनशक्ति के कानूनी प्रवासन के मार्गों पर चर्चा की गई।

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