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गर्मी का असर: छत्तीसगढ़ में स्कूल टाइम बदला, अब सुबह 7:30 से लगेंगी कक्षाएं

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 पेंड्रा। मार्च की शुरुआत के साथ ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिले में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर सभी स्कूलों के संचालन का समय सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया है।


यह आदेश 16 मार्च से लागू हो गया है और प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक की सभी कक्षाओं पर प्रभावी रहेगा। इसमें शासकीय और अशासकीय दोनों प्रकार के स्कूल शामिल हैं।


सभी स्कूलों पर लागू आदेश

जारी निर्देश के अनुसार, आदेश की जानकारी सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, शासकीय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों तथा प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूलों के प्रधान पाठकों को भेज दी गई है।

बोर्ड परीक्षाएं रहेंगी प्रभावित नहीं

स्पष्ट किया गया है कि यह बदलाव केवल नियमित कक्षाओं के लिए है। बोर्ड परीक्षाएं और मूल्यांकन कार्य पूर्व निर्धारित समय पर ही संचालित होते रहेंगे।

CG NEWS ; अवैध प्लॉटिंग पर विधानसभा में संग्राम: जवाब से नाराज़ विपक्ष ने छोड़ा सदन

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में धमतरी और कांकेर जिले में अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।


प्रश्नकाल के दौरान विधायक अंबिका मरकाम ने अवैध प्लॉटिंग को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्होंने सवाल उठाया कि कई मामलों में शिकायतों के बावजूद जांच क्यों नहीं हुई और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इस पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि धमतरी में 3 और उत्तर बस्तर कांकेर में 5 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। धमतरी में नगर निगम द्वारा जांच कर अवैध प्लॉटिंग बंद कराई गई, जबकि कांकेर में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और कुछ के भुगतान रोके गए हैं।

जिला स्तर पर बनेगी कमेटी

मंत्री ने बताया कि अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर करेंगे। साथ ही 14 खसरा नंबरों में खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने की भी जानकारी दी गई।

जवाब में विरोधाभास पर उठा सवाल

सदन में मंत्री के जवाबों में विरोधाभास भी सामने आया। पहले पटवारी को निलंबित करने की बात कही गई, लेकिन बाद में मंत्री ने स्पष्ट किया कि गलती से ‘निलंबन’ शब्द का उपयोग हो गया, जबकि वास्तव में नोटिस देकर वेतन रोका गया है। उन्होंने बताया कि 3 पटवारियों को प्रारंभिक रूप से दोषी पाते हुए उनका स्थानांतरण किया गया है और 67 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि प्रदेश में अब तक कितनी अवैध कॉलोनियां बनीं और कितनों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

वहीं विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कर्मचारियों को “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई स्पष्ट नहीं है। विधायक ओमकार साहू ने अवैध प्लॉटिंग का भौतिक सत्यापन कराने की मांग उठाई।

विपक्ष का वॉकआउट

मंत्री के जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष ने मामले की स्वतंत्र जांच, विधानसभा समिति या उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

महुआ बीनने गए ग्रामीण पर भालू का हमला, गंभीर हालत में रायपुर रेफर

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 गरियाबंद। वन मंडल के सड़क परसूली वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोचईमुड़ा में मंगलवार सुबह एक भालू ने ग्रामीण पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।


मिली जानकारी के अनुसार, पुराणिक राम यादव (45 वर्ष) महुआ फूल बीनने जंगल गए थे। इसी दौरान अचानक भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, चेहरे और दाहिने हाथ के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं।

साथियों के पहुंचने पर भागा भालू

घटना के दौरान पीड़ित के शोर मचाने पर आसपास मौजूद साथी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक भालू जंगल की ओर भाग चुका था।

जिला अस्पताल से रायपुर रेफर

घायल को साथियों ने घर लाकर घटना की सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तत्काल घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रायपुर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन 108 एंबुलेंस की मदद से बेहतर इलाज के लिए रायपुर ले गए।

वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता

वन विभाग की टीम द्वारा पीड़ित के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गई है।

महासमुंद में अवैध मुरूम खनन पर बड़ी कार्रवाई: 6 हाईवा और 2 जेसीबी जब्त

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 महासमुंद। जिले के नंदगांव में अवैध मुरूम खनन के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए बड़ी कार्रवाई कर दी। लंबे समय से चल रहे अवैध खनन से परेशान ग्रामीणों ने देर रात दबिश देकर खनन माफियाओं को रंगे हाथों पकड़ लिया।


जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में काफी समय से अवैध खनन जारी था, जिससे नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर कार्रवाई की। मौके पर पहुंचकर उन्होंने चल रहे खनन कार्य को रुकवाया और वहां मौजूद वाहनों को रोक लिया। इसके बाद खनिज विभाग को सूचना दी गई।

6 हाईवा और 2 जेसीबी जब्त

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 हाईवा और 2 जेसीबी मशीनों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।

सरपंच-पंचों पर मिलीभगत के आरोप

घटना के बाद ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सरपंच व कुछ पंचों पर अवैध खनन में मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

बच्चों की कहासुनी बनी बवाल: भिलाई में दो पक्ष भिड़े, लाठी-पत्थर चले; CSP समेत 5 पुलिसकर्मी घायल

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 भिलाई शहर के सोनकर मोहल्ले में सोमवार देर रात दो पक्षों के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बच्चों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते बड़ों तक पहुंच गई और मामला मारपीट व पथराव में बदल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।


जानकारी के अनुसार, दोनों पक्ष एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। रात के समय बच्चों के बीच शुरू हुआ विवाद अचानक बढ़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। इस दौरान जमकर मारपीट हुई और एक-दूसरे पर लाठी-डंडों व पत्थरों से हमला किया गया।

पुलिस पर भी पथराव, CSP समेत 5 घायल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान छावनी CSP समेत 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

लव अफेयर और पुरानी रंजिश का एंगल

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवाद के पीछे पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग का मामला भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले एक युवक युवती को लेकर फरार हो गया था, जिसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ और उसे जेल जाना पड़ा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था, जो अब हिंसक झड़प में बदल गया।

इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। दुर्ग, भिलाई और छावनी के CSP सहित एडिशनल एसपी (शहर व ग्रामीण) देर रात तक मौके पर मौजूद रहे। कई थाना प्रभारियों को भी बुलाया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर लगातार गश्त की जा रही है।

Mahasamund: वाहन चेकिंग में बड़ी कार्रवाई: कार से 75 लाख रुपये कैश बरामद, दो लोग हिरासत में

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 महासमुंद (छत्तीसगढ़) में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से 75 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है।


पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार में भारी मात्रा में नकदी लेकर कुछ लोग Kantabanji (ओडिशा) से Raipur की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर टेमरी नाका पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की गई।

कार से मिला 75 लाख रुपये कैश

चेकिंग के दौरान ओडिशा की ओर से आ रही एक सफेद कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार की बीच वाली सीट पर रखे नीले रंग के बैग से 75 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

पुलिस के अनुसार यह रकम 500-500 रुपये के नोटों में थी। कुल 150 बंडल मिले, जिनमें प्रत्येक बंडल में 100 नोट थे।

कैश के दस्तावेज नहीं दिखा पाए

कार में सवार दोनों लोगों से जब इस नकदी के बारे में पूछताछ की गई तो वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने पूरी रकम जब्त कर ली।

दो आरोपी हिरासत में

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनकी पहचान ओडिशा के बलांगीर जिले के मुंडापला निवासी राजेंद्र महानंद और कांटाबांजी निवासी महाप्रज्ञ जैन के रूप में हुई है।

प्रारंभिक पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि यह पैसा Raipur के सोना-चांदी व्यापारियों का है और करीब 60 व्यापारियों को देने के लिए ले जाया जा रहा था।

कुल 85 लाख से ज्यादा की संपत्ति जब्त

पुलिस ने कार, मोबाइल फोन और नकदी सहित कुल 85 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले की जानकारी Income Tax Department को भी दे दी गई है, जो अब पूरे मामले की जांच करेगा।

फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि यह पैसा कहां से आया और किसे पहुंचाया जाना था।

Pakistan Airstrike on Kabul : युद्ध की आग में झुलसा काबुल! अस्पताल पर हमले से 400 मौतों का दावा, दुनिया में हड़कंप

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 Pakistan Airstrike on Kabul : मध्य एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Afghanistan ने Pakistan पर बड़ा आरोप लगाया है। अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान ने राजधानी Kabul में एक अस्पताल और नशा मुक्ति केंद्र पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें अब तक 400 लोगों की मौत हो गई है और करीब 250 लोग घायल बताए जा रहे हैं।


अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता Hamdullah Fitrat ने बताया कि सोमवार देर रात पाकिस्तान की सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाया। बमबारी के बाद इमारत का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया और उसमें आग लग गई। राहत और बचाव दल मलबे से शव निकालने और आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।

फितरत के अनुसार, इस हमले में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 400 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार

अफगानिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को पाकिस्तान ने खारिज कर दिया है। पाक अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेना ने किसी भी अस्पताल या नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया। पाकिस्तान का दावा है कि सोमवार को किए गए हमले केवल आतंकवादी ठिकानों पर थे और किसी भी नागरिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचा।

कई दिनों से बढ़ा हुआ है तनाव

Pakistan और Afghanistan के बीच पिछले कई दिनों से तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच सीमा पार हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि 22 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

इस घटना को लेकर अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर Rashid Khan ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हमलों के वीडियो साझा करते हुए United Nations से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम निलंबित

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निर्माण श्रमिक पंजीयन में अनियमितता के आरोप में निलंबित

रायपुर- मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर जिला जांजगीर-चांपा के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा 02 मार्च 2026 को कलेक्टर को शिकायत भेजी गई थी। इस संबंध में विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू द्वारा विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दा उठाया गया। इसके बाद कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्राथमिक जांच में निर्माण श्रमिक के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता परिलक्षित हुई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम, कार्यालय श्रम पदाधिकारी जिला जांजगीर- चांपा की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच संस्थित की गई है।

निलंबित श्रम निरीक्षक मरकाम के निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश श्रमायुक्त के अनुमोदन से अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर, अटल नगर द्वारा आज सोमवार को जारी किया गया है।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह

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6,412 जोड़ों के साथ सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक मिसाल

रायपुर- छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।

10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया।

इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए।

यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

छत्तीसगढ़ में 12वीं हिंदी पेपर लीक का हंगामा: FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस और साइबर सेल

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 रायपुर: छत्तीसगढ़ में 12वीं के हिंदी विषय का पेपर लीक होने के आरोपों के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। Chhattisgarh Board of Secondary Education (सीजीबीएसई) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है।


मिली जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर हिंदी विषय का एक हस्तलिखित प्रश्नपत्र वायरल हुआ है। हालांकि उसमें लिखे प्रश्न पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, इसलिए इसकी सत्यता की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में पेपर लीक हुआ है या नहीं।

वहीं इस मामले को लेकर National Students' Union of India (एनएसयूआई) ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता Chhattisgarh Board of Secondary Education के कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कक्षा 12वीं के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र लीक हुआ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

CG NEWS : शराब पार्टी के बाद हैवानियत: विधवा को जबरन ले जाकर किया दुष्कर्म, तीसरा आरोपी फरार

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 रायपुर : बालोद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विधवा महिला ने आरोप लगाया है कि शराब पार्टी से लौट रहे तीन युवकों ने उसे जबरन सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद गांव में ही पंचायत के जरिए मामला दबाने की कोशिश की गई।


जानकारी के अनुसार घटना 22 फरवरी 2026 की रात की है। Balod Police Station क्षेत्र के एक गांव में आरोपी रोशन कुमार साहू (24) के घर शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान वहां से लौट रहे विकास सिन्हा (26) की नजर गांव के नल के पास खड़ी 37 वर्षीय विधवा महिला पर पड़ी।

बताया जा रहा है कि विकास ने अपने साथी कमल कुमार सेन (23) को फोन किया। दोनों ने मिलकर महिला को जबरन उठाया और करीब 300 मीटर दूर सुनसान जगह पर ले गए। वहां उन्होंने रोशन कुमार साहू को भी फोन कर बुलाया। आरोप है कि रात करीब 12 बजे तक तीनों ने बारी-बारी से महिला के साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद मामला पहले गांव के स्तर पर ही सुलझाने की कोशिश की गई। Bonifas Ekka (एसडीओपी) के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण बैठक में आरोपियों से 40-40 हजार रुपये दंड लेकर मामला वहीं खत्म कर दिया गया। लेकिन जब उसे न्याय नहीं मिला तो वह सीधे बालोद थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।

मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद 13 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई। Monika Thakur (एएसपी) ने बताया कि यह गंभीर मामला है। पुलिस ने आरोपी विकास सिन्हा और कमल कुमार सेन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी रोशन कुमार साहू की तलाश जारी है।

Shishupal Sinha (टीआई) के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 115(2), 87, 70(1) और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार पीड़िता का विवाह प्रेम प्रसंग के चलते हुआ था, लेकिन पति की मृत्यु के बाद वह अपने मायके में रह रही थी। वहीं फरार आरोपी रोशन कुमार साहू वार्ड क्रमांक-10 का पंच बताया जा रहा है, जबकि विकास सिन्हा बाजार का ठेकेदार और कमल कुमार सेन पेशे से ड्राइवर है।

घरवालों को दिखाने के लिए बन गया RPF दारोगा, प्लेटफॉर्म पर खुल गई पोल

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 प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के Prayagraj में एक फर्जी आरपीएफ दारोगा को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई Government Railway Police (जीआरपी) थाना पुलिस ने की। आरोपी कई दिनों से ट्रेन में मुफ्त यात्रा कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि घरवालों के नौकरी के दबाव के कारण उसने खुद को आरपीएफ दारोगा बताना शुरू कर दिया था, जिससे वह ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर सके।


गिरफ्तार युवक की पहचान 22 वर्षीय दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। उसे प्रयागराज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि परिवार वाले नौकरी को लेकर लगातार दबाव बना रहे थे। नौकरी न मिलने के कारण उसने आरपीएफ की फर्जी वर्दी पहनकर लोगों को भ्रमित करना शुरू कर दिया और इसी बहाने ट्रेनों में मुफ्त यात्रा करता रहा।

दिव्यांशु कुमार Ghazipur जिले के बरेसर थाना क्षेत्र के रेंगा गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से आरपीएफ की वर्दी, उस पर लगे स्टार, बैज, मोनोग्राम, बेल्ट, नीली डोरी, लाल रंग के जूते और खाकी मोजे बरामद किए हैं। तलाशी के दौरान उसके पास से 650 रुपये नकद, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड भी मिला।

पुलिस के अनुसार आरोपी करीब तीन महीने से वर्दी पहनकर ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा कर रहा था। शक होने पर जब उससे पूछताछ की गई तो उसने अपना पूरा सच बता दिया।

यह कार्रवाई आरपीएफ इंस्पेक्टर अकलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर भूपेंद्र कुमार और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने की। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ Government Railway Police थाना, प्रयागराज में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

BIG NEWS : ओडिशा के अस्पताल में बड़ा हादसा: ICU में आग लगने से 10 मरीजों की मौत, कई की हालत नाजुक

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 कटक (ओडिशा)। ओडिशा के कटक शहर स्थित SCB Medical College and Hospital में देर रात बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में लगी भीषण आग में 10 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


जानकारी के मुताबिक यह हादसा सोमवार सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित ट्रॉमा केयर इमरजेंसी डिपार्टमेंट में अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार कुछ मरीजों की मौत ICU में दम घुटने से हुई, जबकि कुछ की मौत दूसरे वार्ड में शिफ्ट करते समय हो गई। फिलहाल 5 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

कई मरीजों को भारी नुकसान

आग लगते ही अस्पताल के स्टाफ और दमकल विभाग ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अस्पताल के फायर डिपार्टमेंट ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद बाहर से तीन फायर टेंडर भी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन धुएं और आग की वजह से कई मरीजों को भारी नुकसान हुआ। ICU में भर्ती गंभीर मरीजों को तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल के न्यू मेडिसिन ICU में शिफ्ट किया गया।

मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री और अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य सचिव, कटक के जिला कलेक्टर और डीसीपी मौके पर पहुंच गए। ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने न्यू मेडिसिन बिल्डिंग में जाकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर उनका इलाज बिना किसी बाधा के जारी रखा जाए।

मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक SCB मेडिकल कॉलेज में हुए इस हादसे के बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इसमें किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई।

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