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भाजपा सांसद मनोज तिवारी के घर से लाखों की चोरी

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 मुंबई। भाजपा सांसद और प्रसिद्ध गायक मनोज तिवारी के मुंबई स्थित आवास में लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। यह घटना अंधेरी पश्चिम के शास्त्रीनगर क्षेत्र स्थित सुंदरबन अपार्टमेंट की बताई जा रही है। चोरी की शिकायत सांसद के मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार, चोरी की वारदात 15 जनवरी की रात को हुई, जिसमें घर के बेडरूम में रखी नकदी गायब पाई गई।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, आरोपी पूर्व कर्मचारी निकला

मनोज तिवारी के मैनेजर प्रमोद जोगेंदर पांडेय ने अंबोली पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में बताया कि घर से कुल 5.40 लाख रुपये नकद चोरी हुए हैं। इससे पहले जून 2025 में भी 4.40 लाख रुपये नकद गायब हो चुके थे, लेकिन उस समय आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी।

जांच के दौरान सामने आया कि चोरी की यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा के रूप में की है, जो मनोज तिवारी के यहां पूर्व में कर्मचारी रह चुका है। आरोपी को करीब दो वर्ष पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही सभी सीसीटीवी फुटेज जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और चोरी की अन्य घटनाओं से भी उसके संबंधों की जांच की जा रही है।

संडे मार्केट में चला निगम का बुलडोजर, अतिक्रमण हटाकर सुधारी ट्रैफिक व्यवस्था

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 भिलाई। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भिलाई नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने रविवार सुबह सुपेला संडे मार्केट में सख्त कार्रवाई की। सुबह करीब 6 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निगम की टीम ने बेजा कब्जा हटाने का अभियान शुरू किया, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए हलचल मच गई।


कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से लगाए गए ठेले, दुकानें और अस्थायी निर्माण हटाए गए। भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते किसी भी तरह का विरोध सामने नहीं आया और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।


पहले दी गई थी सूचना, रात में निकाला गया फ्लैग मार्च

नगर निगम प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह पूर्व नियोजित थी। शनिवार देर रात दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी गई थी। इसके साथ ही पुलिस फोर्स ने पूरे क्षेत्र में गश्त कर आने वाली कार्रवाई को लेकर दुकानदारों को आगाह किया था।

कार्रवाई के दौरान सुपेला, छावनी, खुर्सीपार, सेक्टर-6 कोतवाली और जामुल थाने की पुलिस टीमें तैनात रहीं। महिला पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। शनिवार देर रात सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी निकाला गया था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

गौरतलब है कि सुपेला संडे मार्केट में हर रविवार बेतरतीब ढंग से दुकानें लगने के कारण ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाती थी। सड़क पर अतिक्रमण से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लगातार मिल रही शिकायतों और कलेक्टर तक पहुंचे मामलों के बाद नगर निगम ने यह सख्त कदम उठाया है।

महिलाओं पर अश्लील बयान से हंगामा, कांग्रेस विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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रायपुर। मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा महिला मोर्चा रायपुर शहर जिला अध्यक्ष कृतिका जैन के नेतृत्व में शनिवार को महिला नेत्रियों ने एसपी कार्यालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।


अजा-अजजा व पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के अपमान का आरोप

ज्ञापन में भाजपा महिला मोर्चा ने आरोप लगाया कि दतिया (मप्र) के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने अजा-अजजा एवं पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को लेकर अश्लील और अमर्यादित टिप्पणी कर समस्त नारी-शक्ति का अपमान किया है। महिला मोर्चा ने आरोप लगाया कि विधायक द्वारा महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले बलात्कार की घटनाओं को धर्मग्रंथों से जोड़कर की गई टिप्पणी अश्लीलता की पराकाष्ठा है और एक सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है।

भाजपा महिला मोर्चा ने आरोपी विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एवं ओबीसी कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है।

इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल, शताब्दी पांडे सहित डॉ. किरण सिंह, प्रियंका गिरी, रजनी शिंदे, माया शर्मा, शमा भारती, शिवानी समेत बड़ी संख्या में भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगी आग, अहम दस्तावेज़ खाक

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 रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में शनिवार देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग मुख्य रूप से कार्यालय के डॉक्यूमेंट स्टोर रूम में भड़की, जिससे वहां रखी कई महत्वपूर्ण फाइलें और अभिलेख जलकर नष्ट हो गए।


सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घटना के चलते आसपास के क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।


फाइलें नष्ट, शिक्षा विभाग के कामकाज पर पड़ेगा असर

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, स्टोर रूम में रखे गए कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड आग की चपेट में आ गए हैं, जिनका पुनः संकलन करना मुश्किल हो सकता है। आग फैलने से रोकने के लिए तत्काल आसपास की बिजली सप्लाई बंद कराई गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस हादसे से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

जॉब-लिंक्ड कौशल विकास का नया मंच: एमएसडीई का जन शिक्षा संस्थान सम्मेलन पुणे में 19-20 जनवरी 2026 को

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केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार, 19-20 जनवरी 2026 को पुणे, महाराष्ट्र के Symbiosis Skill and Professional University के ऑडिटोरियम हॉल में दो दिवसीय जन शिक्षा संस्थान (JSS) ज़ोनल सम्मेलन एवं स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन व प्रगति समीक्षा कार्यशाला का आयोजन करेगा।

इस सम्मेलन में 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 152 जन शिक्षा संस्थानों के प्रतिनिधि, MSDE, Directorate of Jan Shikshan Sansthan (DJSS), National Institute for Entrepreneurship and Small Business Development (NIESBUD) तथा अन्य महत्वपूर्ण हितधारक शामिल होंगे।

जन शिक्षा संस्थान (JSS) योजना: एक व्यापक परिचय

JSS योजना केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे MSDE द्वारा गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य गैर-शिक्षित, नव-शिक्षित, स्कूल ड्रॉपआउट और समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों को गैर-औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। योजना में विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित समूहों पर जोर दिया जाता है।

वर्तमान में 26 राज्यों और 7 केंद्रशासित प्रदेशों में 294 JSS कार्यरत हैं, जो 51 NSQF-आधारित पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रदान करते हैं और स्थानीय स्तर पर आजीविका सृजन में योगदान देते हैं।

प्रमुख आंकड़े (31 दिसंबर 2025 तक)

  • कुल 34 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण

  • जिनमें 28.3 लाख महिलाएँ शामिल

  • प्रशिक्षण मुख्य रूप से डोर-टू-डोर स्तर पर सब-सेंटर्स के माध्यम से दिया जाता है

  • विशेष रूप से अभिलाक्षित जिले, आदिवासी क्षेत्र, वामपंथी प्रभावित क्षेत्र, सीमा और दूरदराज के इलाकों में सक्रिय

पुणे सम्मेलन का उद्देश्य और मुख्य विषय

यह सम्मेलन JSS के कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा। सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य हैं:

  • FY 2025–26 में भाग लेने वाले JSS की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा

  • नीति, दिशा-निर्देशों में सुधार और कार्यान्वयन चुनौतियों पर संरचित स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन

  • JSS कार्यकर्ताओं की क्षमता वृद्धि: रोजगार कौशल, उद्यमिता, आजीविका, क्रेडिट लिंकिंग और वित्तीय प्रबंधन

  • AI और डिजिटल टूल्स सहित मांग-आधारित और उभरते कौशल क्षेत्रों की पहचान

  • आधुनिक कौशल प्रयोगशालाओं का एक्सपोज़र विज़िट

  • JSS की बेहतरीन प्रथाओं और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन

समापन सत्र और भविष्य की रूपरेखा

20 जनवरी 2026 को आयोजित वैलिडेटरी सत्र में MSDE की वरिष्ठ अधिकारी देबाश्री मुखर्जी (सचिव, MSDE) मुख्य भाषण देंगी। इस सत्र में सम्मेलन की प्रमुख सिफारिशें और निष्कर्ष तैयार किए जाएंगे, जो JSS योजना को और मजबूत बनाने में मदद करेंगे।

सरकारी दृष्टि के साथ समावेशी विकास

यह ज़ोनल सम्मेलन MSDE के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जो समुदाय आधारित कौशल विकास को और प्रभावी, गुणवत्ता पूर्ण और व्यापक बनाने के लिए किया जा रहा है। यह भारत सरकार की समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि के अनुरूप है।


प्रधानमंत्री ने असम को दी बड़ी सौगात: काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमि पूजन, विकास और संरक्षण का अद्भुत संगम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के कालियाबोर में लगभग ₹6,950 करोड़ की लागत से बनने वाले काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना (एनएच-715 के कालियाबोर–नुमालीगढ़ खंड के 4-लेनिंग कार्य) का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों के स्नेह और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि काजीरंगा की यात्रा हमेशा उन्हें विशेष आनंद और आत्मीयता से भर देती है।

प्रधानमंत्री ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में अपने पूर्व प्रवास को याद करते हुए कहा कि यहां बिताया गया समय उनके जीवन के सबसे यादगार क्षणों में से एक रहा है। हाथी सफारी के दौरान उन्होंने काजीरंगा की प्राकृतिक सुंदरता को बहुत निकट से अनुभव किया था। उन्होंने असम को वीरों की धरती बताते हुए कहा कि यहां के लोग हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में गुवाहाटी में आयोजित बागुरुंबा द्वौ उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि 10,000 से अधिक कलाकारों की ऊर्जा, खाम की लय और सिफुंग की मधुर ध्वनि ने पूरे देश को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बोडो समाज की बेटियों सहित सभी कलाकारों को इस ऐतिहासिक प्रस्तुति के लिए बधाई दी और सोशल मीडिया व मीडिया के योगदान की भी सराहना की।

विकास भी, विरासत भी का सशक्त उदाहरण

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम में लगातार हो रहे विकास कार्य सरकार के “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प को सशक्त करते हैं। उन्होंने हाल ही में गुवाहाटी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल और नामरूप में अमोनिया-यूरिया संयंत्र की आधारशिला का भी उल्लेख किया।

कालियाबोर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वही भूमि है जहां से वीर योद्धा लाचित बोरफुकन ने मुगलों के विरुद्ध रणनीति बनाई थी। आज वही कालियाबोर आधुनिक कनेक्टिविटी और विकास का केंद्र बन रहा है।

काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: पर्यावरण और प्रगति का संतुलन

प्रधानमंत्री ने बताया कि 86 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है, जिससे वाहन ऊपर से गुजरेंगे और नीचे वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही बनी रहेगी। यह परियोजना गैंडों, हाथियों और बाघों के पारंपरिक मार्गों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और यात्रा समय घटेगा।

यह परियोजना नागांव, कार्बी आंगलोंग और गोलाघाट जिलों से होकर गुजरेगी तथा अपर असम, विशेषकर डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया की कनेक्टिविटी को मजबूती देगी। जाखलबंधा और बोकाखाट में बाइपास निर्माण से शहरी यातायात सुगम होगा और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।

रेल कनेक्टिविटी को नई गति

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई—गुवाहाटी (कामाख्या)–रोहतक और डिब्रूगढ़–लखनऊ (गोमती नगर)। इसके साथ ही गुवाहाटी–कोलकाता वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की घोषणा भी की गई। इन सेवाओं से उत्तर पूर्व और उत्तर भारत के बीच संपर्क मजबूत होगा, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में असम के लिए रेल बजट में पांच गुना वृद्धि की गई है, जिससे नई रेल लाइनें, दोहरीकरण और विद्युतीकरण संभव हुआ है।

प्रकृति संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से 2025 में एक भी गैंडे के अवैध शिकार की घटना नहीं हुई, जो असम की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने “वन दुर्गा” जैसी पहलों और आधुनिक निगरानी व्यवस्था की सराहना की। साथ ही कहा कि प्रकृति के संरक्षण से पर्यटन बढ़ा है और स्थानीय युवाओं को होमस्टे, गाइड सेवा और हस्तशिल्प के माध्यम से रोजगार मिल रहा है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम और पूरा उत्तर पूर्व अब विकास की मुख्यधारा में मजबूती से जुड़ चुका है। काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं यह प्रमाण हैं कि भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी साथ-साथ आगे बढ़ सकती हैं। अंत में उन्होंने असमवासियों को इन ऐतिहासिक परियोजनाओं के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, पबित्र मार्गेरिटा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

चिप्स टू स्टार्ट-अप कार्यक्रम से भारत की सेमीकंडक्टर उड़ान: स्वदेशी चिप डिजाइन में नया कीर्तिमान

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भारत अपने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती देने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित चिप्स टू स्टार्ट-अप (C2S) कार्यक्रम ने देश में स्वदेशी चिप डिजाइन, कौशल विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई गति दी है। यह कार्यक्रम भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर एक सशक्त भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर बन रहा है।

एक लाख से अधिक युवाओं को चिप डिजाइन प्रशिक्षण

अब तक देशभर में 1 लाख से अधिक छात्र, शोधकर्ता और पेशेवर चिप डिजाइन प्रशिक्षण से जुड़ चुके हैं, जिनमें से लगभग 67,000 को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। 400 से अधिक संस्थानों की भागीदारी के साथ यह कार्यक्रम सेमीकंडक्टर कौशल को लोकतांत्रिक बना रहा है।

ChipIN Centre और SCL से मिला ‘डिजाइन से सिलिकॉन’ तक का अनुभव

C-DAC बेंगलुरु स्थित ChipIN Centre के माध्यम से अब तक 6 साझा वेफर रन आयोजित किए गए, जिनमें 46 संस्थानों से 122 चिप डिजाइन सबमिशन प्राप्त हुए। इनमें से 56 छात्र-डिज़ाइन चिप्स को सफलतापूर्वक सेमी-कंडक्टर लैबोरेटरी (SCL), मोहाली में फैब्रिकेट, पैकेज और डिलीवर किया गया। यह छात्रों के लिए वास्तविक सिलिकॉन पर अपने डिज़ाइन को देखने का ऐतिहासिक अवसर है।

उद्योग-अकादमिक सहयोग से नवाचार को बढ़ावा

कार्यक्रम के तहत 265 से अधिक उद्योग-आधारित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। परिणामस्वरूप, भागीदार संस्थानों द्वारा 75 से अधिक पेटेंट दायर किए गए हैं और 500 से अधिक IP कोर, ASIC और SoC डिज़ाइन विकसित किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग रक्षा, दूरसंचार, ऑटोमोटिव, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाएगा।

राष्ट्रीय अवसंरचना से सशक्त प्रशिक्षण

छात्रों और संस्थानों को अत्याधुनिक EDA टूल्स, FPGA बोर्ड्स, PARAM उत्कर्ष सुपरकंप्यूटर की हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधा और स्मार्ट लैब्स का लाभ दिया गया। इससे चिप डिजाइन, परीक्षण और प्रोटोटाइपिंग का व्यावहारिक अनुभव सुनिश्चित हुआ।

आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम

₹250 करोड़ के परिव्यय वाला C2S कार्यक्रम न केवल 85,000 उद्योग-तैयार पेशेवर तैयार करने की दिशा में अग्रसर है, बल्कि स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा, तकनीक हस्तांतरण और अनुसंधान को भी सशक्त कर रहा है। यह पहल भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन में आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने की मजबूत नींव रखती है।

निष्कर्ष

चिप्स टू स्टार्ट-अप कार्यक्रम भारत की युवा प्रतिभा, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्ट-अप्स को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है। बड़े पैमाने पर कौशल विकास, वास्तविक चिप फैब्रिकेशन अनुभव और राष्ट्रीय अवसंरचना तक पहुंच के साथ यह कार्यक्रम भारत को भविष्य की सेमीकंडक्टर तकनीकों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार कर रहा है।

सहकार से समृद्धि की ओर भारत: सहकारी आंदोलन ने रचा विकास और समावेशन का नया अध्याय

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भारत में सहकारी आंदोलन आज समावेशी, पारदर्शी और सतत विकास का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना से प्रेरित यह आंदोलन ‘सहकार से समृद्धि’ के मंत्र के साथ देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2025 को “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष” घोषित किया जाना, सहकारी संस्थाओं की वैश्विक भूमिका और भारत के प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता को दर्शाता है।

सहकारिता की व्यापक पहुंच और मजबूती

देशभर में 8.5 लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 6.6 लाख सक्रिय हैं। ये संस्थाएं 30 से अधिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं और करीब 32 करोड़ सदस्यों को सेवाएं प्रदान कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से लगभग 10 करोड़ महिलाएं सहकारी ढांचे से जुड़ चुकी हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है।

PACS का सशक्तिकरण और डिजिटलीकरण

प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को आर्थिक रूप से मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। 79,630 PACS के कंप्यूटरीकरण को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 59,261 PACS सक्रिय रूप से ERP सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रही हैं। 32,119 PACS को ई-PACS के रूप में सक्षम बनाया गया है, जिससे डिजिटल लेन-देन, ऑनलाइन ऑडिट और पारदर्शी लेखा प्रणाली को बढ़ावा मिला है।

ग्रामीण स्तर पर नई सहकारी संस्थाएं

देशभर में 32,009 नई बहुउद्देश्यीय PACS, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का पंजीकरण किया गया है। इससे पंचायत और गांव स्तर पर सहकारी सेवाओं की पहुंच में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

राष्ट्रीय स्तर की नई सहकारी पहलें

  • NCEL (नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड): 28 देशों को 13.77 लाख मीट्रिक टन कृषि उत्पादों का निर्यात, ₹5,556 करोड़ का कारोबार और सदस्यों को 20% लाभांश।

  • NCOL (नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड): 10,035 सहकारी संस्थाएं सदस्य, “भारत ऑर्गेनिक्स” ब्रांड के तहत 28 जैविक उत्पाद।

  • BBSSL (भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड): 31,605 सहकारी संस्थाओं की सदस्यता के साथ “भारत बीज” ब्रांड की शुरुआत।

विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना

112 PACS में गोदाम निर्माण पूरा कर 68,702 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता सृजित की गई है। यह योजना खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 और आत्मनिर्भरता अभियान

डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 के तहत 20,070 नई डेयरी सहकारी समितियां पंजीकृत की गई हैं। वहीं, आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत दलहन और मक्का उत्पादन को बढ़ावा देते हुए MSP पर सुनिश्चित खरीद और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों किसानों को जोड़ा गया है।

क्षमता निर्माण और संस्थागत सशक्तिकरण

देश की पहली राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय — त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय — की स्थापना से सहकारी क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। 2024-25 में 3.15 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

निष्कर्ष

सरकार द्वारा किए गए नीतिगत, डिजिटल और संस्थागत सुधारों ने सहकारी आंदोलन को नई दिशा दी है। पारदर्शिता, समावेशन और बहुआयामी विकास के साथ सहकारिता आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही है। ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प के साथ भारत का सहकारी आंदोलन विकसित भारत 2047 की ओर सशक्त कदम बढ़ा रहा है।

धर्म की आड़ में शर्मनाक खेल: कथावाचक श्रवण दास महाराज गिरफ्तार

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 दरभंगा। धर्म और आस्था की आड़ में महिला के यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। बिहार के दरभंगा जिले में चर्चित कथावाचक श्रवण दास जी महाराज को महिला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर शादी का झांसा देकर करीब एक वर्ष तक एक महिला के साथ दुष्कर्म करने और गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने का आरोप है।


पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना में मामला दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।


शादी का झांसा, वायरल वीडियो से खुला मामला

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने महिला थाना में दर्ज शिकायत में बताया कि आरोपी कथावाचक ने उसे शादी का भरोसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए। गर्भवती होने पर भी आरोपी ने विवाह का आश्वासन देकर गर्भपात करा दिया।

मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर आरोपी और पीड़िता की कथित शादी का एक वीडियो वायरल हुआ। हालांकि श्रवण दास महाराज ने बाद में इस शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली।

महिला थाना में कांड संख्या 182/25 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गरुड़ विशेष बलों का गौरवपूर्ण क्षण: चंडी नगर में मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड आयोजित

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  1. भारतीय वायु सेना की विशेष बल इकाई ‘गरुड़’ के ऑपरेटिव्स के प्रशिक्षण के सफल समापन के उपलक्ष्य में 17 जनवरी 2026 को वायु सेना स्टेशन चंडी नगर स्थित गरुड़ रेजिमेंटल प्रशिक्षण केंद्र (GRTC) में मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सहायक वायुसेना प्रमुख (ऑपरेशंस – वायु रक्षा) ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड की समीक्षा की।

  2. गरुड़ रेजिमेंटल प्रशिक्षण केंद्र के कमांडेंट ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा विभिन्न प्रशिक्षण पहलुओं की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर ‘गरुड़ों’ को बधाई दी। युवा कमांडो को संबोधित करते हुए उन्होंने बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप विशेष बलों के कौशल को निखारने और कठोर प्रशिक्षण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सफल ‘गरुड़’ प्रशिक्षुओं को मैरून बेरेट, गरुड़ प्रवीणता बैज एवं स्पेशल फोर्सेज टैब प्रदान किए तथा पुरस्कार विजेताओं को ट्रॉफियां भी प्रदान कीं।

  3. पासिंग आउट सेरेमनी के दौरान ‘गरुड़ों’ ने युद्ध फायरिंग, बंधक बचाव, फायरिंग ड्रिल, असॉल्ट विस्फोटक, बाधा पार करना, दीवार चढ़ना, स्लिथरिंग, रैपलिंग तथा सैन्य मार्शल आर्ट्स जैसी विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन किया।

  4. मैरून बेरेट सेरेमोनियल परेड ‘गरुड़ों’ के लिए गर्व और उपलब्धि का क्षण है, जो अत्यंत कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन तथा उनके ‘युवा विशेष बल ऑपरेटर’ के रूप में रूपांतरण का प्रतीक है, जिससे वे विशिष्ट ‘गरुड़’ बल में सम्मिलित होते हैं।

  5. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए, नव-प्रशिक्षित विशेष बल ऑपरेटर भारतीय वायु सेना की क्षमताओं को और सुदृढ़ करेंगे, जिससे वह नव-परिभाषित विशेष अभियानों को प्रभावी ढंग से अंजाम दे सकेगी।

वितरण क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव: वित्त वर्ष 2024-25 में डिस्कॉम्स का ₹2,701 करोड़ का लाभ

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देश की विद्युत वितरण उपयोगिताओं (डिस्कॉम और बिजली विभागों) ने वित्त वर्ष 2024-25 में सामूहिक रूप से ₹2,701 करोड़ का सकारात्मक कर पश्चात लाभ (PAT) दर्ज किया है। यह वितरण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। राज्य विद्युत बोर्डों के विभाजन (अनबंडलिंग) और निगमितकरण के बाद से पिछले कई वर्षों से वितरण उपयोगिताएं लगातार PAT घाटे में रही थीं।

वित्त वर्ष 2024-25 में प्राप्त ₹2,701 करोड़ का सकारात्मक PAT, वित्त वर्ष 2023-24 में हुए ₹25,553 करोड़ के घाटे तथा वित्त वर्ष 2013-14 में हुए ₹67,962 करोड़ के घाटे की तुलना में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह वितरण क्षेत्र के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है और यह उन अनेक कदमों का परिणाम है जो वितरण क्षेत्र की चुनौतियों को दूर करने के लिए उठाए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दूरदृष्टि के कारण संभव हो पाई है, जो उनके इन शब्दों में परिलक्षित होती है:
“भारत न केवल अपनी वृद्धि को गति दे रहा है, बल्कि दुनिया की वृद्धि को भी आगे बढ़ा रहा है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।”
मनोहर लाल ने कहा कि सरकार आवश्यक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विद्युत क्षेत्र हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था का समर्थन कर सके और ‘विकसित भारत’ की यात्रा में अपना योगदान दे सके।

वितरण क्षेत्र में पहल

वितरण क्षेत्र में किए गए कुछ परिवर्तनकारी प्रयास इस प्रकार हैं:

  • संवर्धित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS): अवसंरचना के आधुनिकीकरण और स्मार्ट मीटरिंग को तेजी से लागू कर वित्तीय स्थिरता को सुदृढ़ करना।

  • अतिरिक्त प्रूडेंशियल मानदंड: विद्युत क्षेत्र की उपयोगिताओं को वित्तीय संसाधनों तक पहुंच को प्रदर्शन मानकों से जोड़ना, ताकि वित्तीय एवं परिचालन अनुशासन को बढ़ावा मिले।

  • विद्युत नियमों में संशोधन: समय पर लागत समायोजन, विवेकपूर्ण टैरिफ संरचना और पारदर्शी सब्सिडी लेखांकन को लागू करना, जिससे पूर्ण लागत वसूली सुनिश्चित हो।

  • विद्युत वितरण (लेखा एवं अतिरिक्त प्रकटीकरण) नियम, 2025: वितरण उपयोगिताओं में एकरूप लेखांकन प्रणाली और अधिक पारदर्शिता लाकर बेहतर वित्तीय प्रशासन सुनिश्चित करना।

  • विलंब भुगतान अधिभार नियम: विद्युत क्षेत्र में समय पर भुगतान सुनिश्चित कर कानूनी अनुबंधों को लागू करना, जिससे नई नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश को समर्थन मिले।

  • अतिरिक्त उधारी योजना के अंतर्गत राज्यों को प्रोत्साहन: प्रदर्शन मानकों से उधारी सीमाओं को जोड़कर महत्वपूर्ण विद्युत क्षेत्र सुधारों को लागू करने के लिए राज्यों को प्रेरित करना।

बेहतर प्रदर्शन संकेतक

इन सुधारों का प्रभाव न केवल लंबे समय बाद वितरण उपयोगिताओं द्वारा दर्ज किए गए सकारात्मक PAT में दिखाई देता है, बल्कि अन्य प्रदर्शन संकेतकों में भी स्पष्ट है।

  • समेकित तकनीकी एवं वाणिज्यिक (AT&C) हानियों में वर्षों के दौरान उल्लेखनीय कमी आई है। AT&C हानियां वित्त वर्ष 2013-14 में 22.62% से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 15.04% रह गई हैं।

  • लागत वसूली में सुधार का संकेत देते हुए, औसत आपूर्ति लागत–औसत प्राप्त राजस्व (ACS–ARR) का अंतर वित्त वर्ष 2013-14 में ₹0.78 प्रति यूनिट से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में ₹0.06 प्रति यूनिट रह गया है।

  • विद्युत (विलंब भुगतान अधिभार) नियमों जैसे सुधारों के परिणामस्वरूप उत्पादन कंपनियों के बकाया में 96% की कमी आई है—2022 में ₹1,39,947 करोड़ से घटकर जनवरी 2026 तक केवल ₹4,927 करोड़—और वितरण उपयोगिताओं के भुगतान चक्र भी वित्त वर्ष 2020-21 में 178 दिनों से घटकर वित्त वर्ष 2024-25 में 113 दिन रह गए हैं।

पिछले एक दशक में विद्युत मंत्रालय ने देश भर में वितरण उपयोगिताओं के प्रदर्शन में सुधार के लिए निरंतर और समन्वित प्रयास किए हैं। विभिन्न नीतिगत पहलों के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ व्यापक संवाद के माध्यम से वितरण क्षेत्र में सुधारों पर जोर दिया गया है। इनमें वर्ष 2025 में आयोजित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्रियों के क्षेत्रीय सम्मेलनों के दौरान केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा की गई चर्चाएं शामिल हैं—गंगटोक (पूर्वोत्तर क्षेत्र), मुंबई (पश्चिमी क्षेत्र), बेंगलुरु (दक्षिणी क्षेत्र), चंडीगढ़ (उत्तरी क्षेत्र) और पटना (पूर्वी क्षेत्र)। नियमित संवाद और समीक्षा ने डिस्कॉम्स को इस उल्लेखनीय परिवर्तन को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इंकार बर्दाश्त नहीं कर पाया आशिक: गुस्से में युवती का गला काटा

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 कोरबा (छत्तीसगढ़)। कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने धारदार हथियार से हमला कर 23 वर्षीय युवती की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान रानू साहू (23), निवासी नागिन झोरखी गांव के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। आरोपी की पहचान राहुल जोगी (26), निवासी बांधाखार के रूप में हुई है, जो पेशे से ट्रक चालक बताया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका और आरोपी के बीच पहले से जान-पहचान थी। दोनों के बीच संपर्क को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बन चुकी थी। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के चलते घटना को अंजाम दिया गया।

घटना 16 जनवरी की शाम की है। उस समय मृतका घर में अकेली थी। शाम करीब 7 बजे जब परिजन लौटे, तो उन्होंने युवती को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही दीपका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए।

थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि मोबाइल कॉल डिटेल्स और स्थानीय पूछताछ के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल जोगी को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ के दौरान अपराध स्वीकार किया।

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन बाद में उसे दीपका-हरदीबाजार मार्ग के पास खड़े उसके ट्रक के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

पोस्टमॉर्टम के बाद मृतका का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव और सामूहिक आनंद का उत्सव है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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कर्मा महोत्सव में लोक कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुतियां

नगर पंचायत भटगांव के विकास के लिए एक करोड़ रुपए की घोषणा

सूरजपुर जिले को दी 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर- कर्मा महोत्सव को छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। ऐसे आयोजन लोक पर्वों को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कर्मा पर्व प्रकृति से जुड़ाव, आपसी भाईचारा और सामूहिक आनंद का उत्सव है। उक्त आशय के विचार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित कर्मा महोत्सव में व्यक्त किए। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद चिंतामणि महाराज ने भी सम्बोधित किया।

परंपरा, संस्कृति और उल्लास से परिपूर्ण कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में थिरक उठा। सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया एवं मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर सबको लोक संस्कृति के रंगों से भर दिया। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगायी गई प्रदर्शनी के स्टॉलों का निरीक्षण कर नाव-जाल एवं आइस बॉक्स, आयुष्मान कार्ड, छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट ईकाइयों का शुभारंभ किया और पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इसके अलावा महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत खुशियों की चाबी प्रदान की।

कार्यक्रम में विधायक भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि सहित समस्त जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

धर्मनगरी आरंग में मोरध्वज महोत्सव संपन्न, कवियों के हास्य व्यंग्य के बीच करीब 3 घंटे रहे मुख्यमंत्री साय

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आरंग- दानशीलता और धर्म नगरी आरंग में  दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का गरिमामय समापन  हो गया है। 15 और 16 जनवरी के दो दिवसीय  आयोजन में  प्रख्यात कवि कुमार विश्वास के हास्य व्यंग्य के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करीब तीन घंटे तक आरंग में रहे।

महोत्सव के अंतिम दिन लोरिक चंदा,  राजा मोरध्वज की नाट्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहा। स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देर शाम तक समां बांधा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कवियों का पहली बार आरंग में कवि सम्मेलन ने पूरे नगर को उत्सवमय बना दिया।

मुख्यमंत्री ने दी सौगातें

महोत्सव समापन समारोह के मुख्य अतिथि और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर मंच से ही अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत समोदा  स्थित उपतहसील को पूर्ण तहसील बनाए जाने की घोषणा की, जिससे क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राजा मोरध्वज महोत्सव के लिए शासकीय अनुदान राशि 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने इनडोर स्टेडियम एवं खेल परिसर का नामकरण “राजा मोरध्वज खेल परिसर” किए जाने की भी घोषणा की। इन घोषणाओं के बाद महोत्सव स्थल  तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 

मुख्यमंत्री का प्रेरक संबोधन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राजा मोरध्वज ने दानशीलता और धर्म परायण की जो मिसाल पेश की है, वह अद्वितीय है। आरंग स्थित बाबा बागेश्वरनाथ महादेव की पूजा अर्चना करके वनवास के दौरान भगवान श्रीराम आगे बढ़े। यह सिद्ध पीठ आज भी जन-जन के आस्था का केंद्र है। 

मुख्यमंत्री ने आरंग को धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशिष्ट बताते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे राजा मोरध्वज के आदर्श—त्याग, सत्य और जनसेवा—को अपने जीवन में अपनाएँ। अंत में उन्होंने राजा मोरध्वज को नमन करते हुए संयोजक गुरु खुशवंत साहेब और आरंग की जनता को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

बाबा बागेश्वरनाथ का दर्शन पूजा 

आरंग पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने बाबा बागेश्वरनाथ मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और छत्तीसगढ़ की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब, आयोजन संयोजक कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, ध्रुव कुमार मिर्धा, पीठाधीश राजीव लोचन महाराज, विधायक रोहित साहू, इंद्र कुमार साहू, आरंग नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जनपद अध्यक्ष टाकेश्वरी मुरली साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं मंडल-निगम के अध्यक्ष उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजय शर्मा और विनोद गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. संदीप जैन ने किया।

विशिष्ट सेवा के लिए मोरध्वज अलंकरण सम्मान

महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को “मोरध्वज अलंकरण सम्मान” से सम्मानित किया गया। इनमें 5 व्यक्तिगत और एक संस्थागत कुल 6 अलंकरण में प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। 

दानशीलता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान  स्व. भागीरथी लाल अग्रवाल के पौत्र आशीष कुमार अग्रवाल,  गौ-सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए राहुल जोशी, खेल-कूद के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  भुवन लाल नशीने, शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए  मुरली मनोहर देवांगन, कला एवं संगीत के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान प्रभुलाल साहनी और उनके पुत्र लल्ला साहनी को मोरध्वज अलंकरण से विभूषित किया गया।

समाज सेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए संस्थागत सम्मान पीपला वेलफेयर फाउंडेशन आरंग को प्रदान किया गया। संरक्षक आनंदराम साहू, अध्यक्ष दूजेराम धीवर और संयोजक महेन्द्र पटेल को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान देते हुए महोत्सव के संयोजक गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि आरंग में इस महोत्सव का फाउंडेशन इसी संस्था ने रखी है, जो अब भव्य रूप ले चुका है। 

भक्ति से सांस्कृतिक संध्या तक

महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह 9 बजे माता गायत्री यज्ञ–हवन से हुई। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की पवित्र अग्नि के बीच नगरवासियों ने सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। दोपहर 2 से 5 बजे तक स्कूल एवं कॉलेज के छात्र–छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति, लोकसंस्कृति और सामाजिक संदेशों से भरपूर नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन कार्यक्रमों का संचालन नवाचारी शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल और अरविंद वैष्णव ने किया।

ऐतिहासिक कवि सम्मेलन ने बांधा समां

महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित क्षण रात साढ़े 10 बजे आया, जब देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास के कवि सम्मेलन से आयोजन का भव्य समापन हुआ। उनके साथ हास्य कवि रोहित शर्मा, श्रृंगार रस की कवियत्री साक्षी तिवारी, हास्य-व्यंग्य के सशक्त कवि दिनेश बावरा तथा वीर रस के कवि विनीत चौहान ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण और राष्ट्रभाव से भरी कविताओं से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। तालियों की गूंज और भावनाओं का सैलाब आयोजन की ऐतिहासिक सफलता का साक्षी बना। मुख्यमंत्री भी देर रात तक कवि सम्मेलन में समापन तक बैठे रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल को दी श्रद्धांजलि

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के खम्हारडीह ( ऐश्वर्या विंड मिल ) स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुंचकर स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल की पगड़ी रस्म एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्याम सुन्दर अग्रवाल समाजसेवा एवं मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक राजेश मूणत, विधायक सम्पत अग्रवाल, छगन मुंदड़ा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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