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सास-दामाद कांड में नया धमाका! 10 महीने बाद फिर फरार, अब बहनोई संग जाने का आरोप

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 अलीगढ़/सीतामढ़ी। अलीगढ़ का चर्चित सास-दामाद प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है। करीब 10 महीने पहले अपने दामाद के साथ घर छोड़ने वाली महिला के दोबारा लापता होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि वह इस बार अपने बहनोई के साथ चली गई और करीब दो लाख रुपये नकद व कीमती जेवरात भी साथ ले गई।


जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय महिला अप्रैल 2025 में अपने परिवार को छोड़कर 18 वर्ष छोटे दामाद राहुल के साथ चली गई थी। उस समय यह मामला क्षेत्र में काफी चर्चित रहा। बाद में दोनों अलीगढ़ से निकलकर बिहार के सीतामढ़ी में रहने लगे, जहां राहुल फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था।

बताया जा रहा है कि 6 फरवरी को राहुल काम पर गया था। उसी दौरान महिला घर से चली गई। राहुल का आरोप है कि वह अपने साथ लगभग ₹2 लाख नकद और जेवरात लेकर गई है तथा इस बार अपने बहनोई (जीजा) के साथ गई है।

कैसे शुरू हुआ था मामला?

मामला अप्रैल 2025 में तब सामने आया था, जब राहुल की शादी मनोहरपुर की एक युवती से तय हुई थी। सगाई के बाद राहुल की बातचीत अपनी होने वाली सास से होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और शादी से 12 दिन पहले महिला राहुल के साथ चली गई।

मामला थाने तक पहुंचा था, जहां दोनों ने साथ रहने की इच्छा जताई थी। इसके बाद दोनों बिहार चले गए थे।

पुलिस का पक्ष

ताजा घटनाक्रम के बाद राहुल ने अलीगढ़ के दादों थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए कहा कि घटना बिहार में हुई है। इसलिए आगे की कार्रवाई संबंधित राज्य की पुलिस करेगी।

फिलहाल मामले में बिहार पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

गुणवत्ता आश्वासन (QA) सम्मेलन 2026

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‘ट्रेसबिलिटी, स्पीड और ट्रस्ट – स्मार्ट क्वालिटी एश्योरेंस के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग’ विषय पर एक क्वालिटी एश्योरेंस (QA) कॉन्क्लेव 13 फरवरी 2026 को मानेकशॉ ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

इस सम्मेलन में रक्षा मंत्रालय, भारतीय नौसेना, गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों, शिपयार्ड, रक्षा सार्वजनिक उपक्रम (PSU) और प्रमुख उद्योग भागीदारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इसमें नौसेना और रक्षा विनिर्माण में गुणवत्ता आश्वासन के भविष्य पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

सम्मेलन का उद्देश्य

इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य डिजिटल तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना है, जिससे:

  • गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रियाओं को मजबूत किया जा सके

  • विनिर्माण श्रृंखला में ट्रेसबिलिटी बढ़ाई जा सके

  • अनुमोदन और प्रमाणन प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा सके

  • सभी हितधारकों के बीच दीर्घकालिक विश्वास बनाया जा सके

यह सम्मेलन नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों और उद्योग नेताओं के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा, ताकि वे सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान कर सकें और आधुनिक, तकनीक-सक्षम QA पारिस्थितिकी तंत्र के लिए रोडमैप तैयार कर सकें।

तकनीकी सत्र

तकनीकी सत्रों में पैनल चर्चाएँ होंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • शिपबिल्डिंग के लिए डिजिटल QA – ट्रेसबिलिटी, स्पीड और ट्रस्ट

  • QA नीति अनुपालन और उद्योग सहयोग

  • नौसैनिक जहाज निर्माण और स्पेयर सप्लाई के लिए QA

इन चर्चाओं में शिपबिल्डिंग, स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति, नीति अनुपालन और सहयोगी गुणवत्ता आश्वासन ढाँचे से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की जाएगी।

महत्वपूर्ण पहलें

सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की जाएँगी, जिनमें शामिल हैं:

  • Indian Naval & Marine Industry – Capability Catalogue का विमोचन, जिससे उद्योग सहभागिता और सूचना साझा करने को मजबूत किया जाएगा।

  • कॉमन इंफॉर्मेशन मॉडल पर संयुक्त सेवा दिशानिर्देशों का प्रकाशन, ताकि युद्ध प्रणालियों और सेंसरों के डेटा का एकीकृत प्रबंधन हो सके।

  • ग्रीन चैनल स्टेटस और स्व-प्रमाणीकरण (Self-Certification) की घोषणा, जो गुणवत्ता प्रदर्शन में उत्कृष्ट उद्योग भागीदारों को सम्मानित करेगी।


भारत का विनिर्माण क्षेत्र: 2026-27 बजट के साथ नई औद्योगिक क्रांति

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प्रमुख निष्कर्ष (Key Takeaways)

  • FY 2025-26 की पहली तिमाही में विनिर्माण GVA वृद्धि 7.72% और दूसरी तिमाही में 9.13% रही।

  • मध्यम और उच्च तकनीक उद्योग भारत के विनिर्माण मूल्य का 46.3% योगदान दे रहे हैं।

  • केंद्रीय बजट 2026-27 में सात रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार पर जोर।

  • समुद्री खाद्य, माइक्रोवेव ओवन, फुटवियर और विमान निर्माण जैसे क्षेत्रों में कस्टम ड्यूटी छूट।

  • MSME को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ SME ग्रोथ फंड और ₹2,000 करोड़ आत्मनिर्भर भारत फंड टॉप-अप।

परिचय (Introduction)

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। वैश्विक औद्योगिक उत्पादन में धीमी वृद्धि के बावजूद, भारत ने मजबूत घरेलू नीतियों और आर्थिक आधार के कारण बेहतर प्रदर्शन किया।

विनिर्माण क्षेत्र भारत के 2047 तक 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य का मुख्य आधार है। बजट 2026-27 ने निवेश, नवाचार, बुनियादी ढाँचा और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए नए उपाय किए हैं।

भारत के विनिर्माण क्षेत्र का प्रदर्शन

औद्योगिक और विनिर्माण गतिविधियों में तेजी

  • FY 2025-26 के पहले आधे हिस्से में औद्योगिक GVA 7% बढ़ा।

  • दिसंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन 7.8% बढ़ा, जो दो वर्षों में सबसे अधिक था।

  • विनिर्माण क्षेत्र में 8.1% वृद्धि हुई।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स, मोटर वाहन और परिवहन उपकरणों में तेज वृद्धि दर्ज की गई।

व्यापारिक विश्वास और मांग

  • PMI जनवरी 2026 में 55.4 रहा (50 से ऊपर वृद्धि दर्शाता है)।

  • RBI सर्वे के अनुसार, उद्योगों को मांग बढ़ने और लागत कम होने की उम्मीद है।

 मुख्य उद्योगों की भूमिका

  • सीमेंट: FY25 में उत्पादन ~453 मिलियन टन

  • स्टील: कच्चा स्टील उत्पादन 11.7% बढ़ा

  • कोयला: उत्पादन 1,047.52 मिलियन टन

  • रसायन एवं पेट्रोकेमिकल: 58,617 हजार टन उत्पादन

वैश्विक विनिर्माण में भारत की स्थिति

  • मध्यम और उच्च तकनीक उद्योगों का योगदान 46.3%

  • औद्योगिक प्रतिस्पर्धा सूचकांक (CIP) में भारत की रैंक 37वीं

  • FY26 में निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा (USD 634.3 बिलियन)

 MSME की भूमिका

  • विनिर्माण उत्पादन में योगदान: 35.4%

  • निर्यात में योगदान: 48.58%

  • GDP में योगदान: 31.1%

  • रोजगार: 32.82 करोड़ लोग

बजट 2026-27: विनिर्माण को बढ़ावा देने की पहल

रणनीतिक और उभरते क्षेत्र

  • 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों का पुनर्विकास

  • Biopharma SHAKTI योजना (₹10,000 करोड़)

  • सेमीकंडक्टर मिशन 2.0

  • रासायनिक पार्क

  • इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट योजना (₹40,000 करोड़)

  • दुर्लभ पृथ्वी खनिज कॉरिडोर

  • खेल उपकरण निर्माण योजना

  • कंटेनर निर्माण योजना (₹10,000 करोड़)

  • टेक्सटाइल मिशन और मेगा टेक्सटाइल पार्क

  • MSME के लिए SME ग्रोथ फंड

कर और सीमा शुल्क सुधार

  • कई क्षेत्रों में बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट

  • निर्यात के लिए इनपुट आयात सीमा बढ़ाई गई

  • भरोसेमंद निर्माताओं के लिए ड्यूटी भुगतान में सुविधा

  • विमान और रक्षा क्षेत्र के लिए कच्चे माल पर ड्यूटी छूट

सरकारी योजनाएँ और निवेश

PLI योजना

  • इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, ऑटो में निवेश बढ़ा

  • मोबाइल फोन निर्माण में भारत वैश्विक केंद्र बना

 राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन

  • GDP में विनिर्माण का हिस्सा 25% करने का लक्ष्य

  • 143 मिलियन रोजगार सृजन लक्ष्य

  • निर्यात लक्ष्य USD 1.2 ट्रिलियन

निवेश और नवाचार

  • FY26 में GFCF का हिस्सा 30%

  • सरकारी पूंजीगत खर्च ₹3.07 लाख करोड़ से ₹11.21 लाख करोड़

  • निजी निवेश ₹14.6 लाख करोड़

  • ₹1 लाख करोड़ RDI फंड

  • 2 लाख से अधिक स्टार्टअप

नवाचार और वैश्विक रैंकिंग

  • ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स रैंक 66 से 38

  • पेटेंट, ट्रेडमार्क और डिजाइन में शीर्ष रैंकिंग

  • AI, क्वांटम, बायोटेक, रक्षा और ऊर्जा में अग्रणी शोध

बुनियादी ढाँचा सुधार

  • PM GatiShakti और National Logistics Policy

  • औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी

  • बेहतर लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी

निष्कर्ष (Conclusion)

भारत का विनिर्माण क्षेत्र एक नए विस्तार चरण में प्रवेश कर चुका है।
आत्मनिर्भर भारत और 2047 के आर्थिक लक्ष्य के लिए विनिर्माण प्रमुख इंजन बन रहा है।
सरकार की नीतियाँ, निवेश, नवाचार और बुनियादी ढाँचा सुधार भारत को वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।


छोटी अवधि की टीबी दवा योजनाएँ: बेहतर स्वास्थ्य और कम खर्च का समाधान

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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान पत्रिका (Indian Journal of Medical Research) में प्रकाशित एक आर्थिक मूल्यांकन अध्ययन से पता चला है कि मल्टीड्रग-रेज़िस्टेंट और रिफैम्पिसिन-रेज़िस्टेंट टीबी (MDR/RR-TB) के लिए छह महीने की छोटी, पूरी तरह मौखिक (all-oral) उपचार योजनाएँ भारत में वर्तमान में उपयोग की जा रही लंबी उपचार योजनाओं की तुलना में अधिक किफायती और बेहतर स्वास्थ्य परिणाम देने वाली हैं।

यह अध्ययन ICMR–नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन ट्यूबरकुलोसिस (ICMR-NIRT) द्वारा किया गया। इसमें बेडाक्विलिन आधारित उपचार योजनाओं—

  • BPaL (बेडाक्विलिन, प्रेटोमैनिड और लाइनज़ोलिड)

  • BPaLM (जिसमें मोक्सीफ्लोक्सासिन भी शामिल है)

की तुलना राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत उपयोग की जा रही मौजूदा छोटी (9–11 महीने) और लंबी (18–20 महीने) उपचार योजनाओं से की गई।

प्रमुख निष्कर्ष:

  • BPaL उपचार योजना अधिक प्रभावी और खर्च बचाने वाली पाई गई।

    • प्रत्येक अतिरिक्त QALY (Quality Adjusted Life Year) के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को प्रति मरीज 379 रुपये कम खर्च करना पड़ता है, यानी बेहतर स्वास्थ्य परिणाम कम लागत पर।

  • BPaLM योजना भी अत्यंत किफायती पाई गई।

    • प्रति अतिरिक्त QALY के लिए केवल 37 रुपये अतिरिक्त खर्च आता है।

  • दोनों योजनाओं में कुल स्वास्थ्य खर्च (दवाइयाँ, अस्पताल विज़िट, फॉलो-अप) कम या समान पाया गया।

अध्ययन का महत्व:

MDR/RR-TB का इलाज लंबे समय तक चलता है, दुष्प्रभाव होते हैं और लागत भी अधिक होती है। छोटी, पूरी तरह मौखिक उपचार योजनाएँ

  • मरीजों की दवा लेने की नियमितता (adherence) बढ़ा सकती हैं

  • बीमारी और जटिलताओं को कम कर सकती हैं

  • मरीजों को जल्दी सामान्य जीवन में लौटने में मदद कर सकती हैं

  • स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ कम कर सकती हैं

निष्कर्ष:

अध्ययन के अनुसार BPaL आधारित उपचार योजनाएँ लागत बचाने वाली या अत्यधिक किफायती हैं और इन्हें NTEP के तहत कार्यक्रम स्तर पर अपनाया जा सकता है ताकि भारत में दवा-प्रतिरोधी टीबी से लड़ाई मजबूत हो और टीबी उन्मूलन लक्ष्य तेजी से प्राप्त हो सके।

पूरा अध्ययन यहाँ पढ़ा जा सकता है:


असम में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा का ऐतिहासिक उद्घाटन

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असम राज्य 14 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक घटना का साक्षी बनेगा, जब डिब्रूगढ़ जिले के मोरान बाईपास पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (Emergency Landing Facility – ELF) का उद्घाटन किया जाएगा। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है।

माननीय प्रधानमंत्री इस सुविधा का उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह सुविधा राजमार्ग के एक चिन्हित हिस्से को आपातकालीन स्थिति में वैकल्पिक रनवे के रूप में उपयोग करने की अनुमति देगी, जो लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग और टेकऑफ के लिए सक्षम होगी।

यह सुविधा दूर-दराज़ क्षेत्रों में मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियानों के दौरान भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

यह अवसर राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें माननीय प्रधानमंत्री, असम के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे।


भारतीय नौसेना ने CTF-154 की कमान संभाली – समुद्री सुरक्षा सहयोग में ऐतिहासिक कदम

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भारतीय महासागर क्षेत्र और उससे आगे सहयोगात्मक समुद्री सुरक्षा तथा क्षमता निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, भारतीय नौसेना ने कंबाइंड टास्क फोर्स (CTF)-154 की कमान संभाल ली है। यह टास्क फोर्स कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज (CMF) के तहत एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण टास्क फोर्स है।

कमांड परिवर्तन समारोह 11 फरवरी 2026 को बहरीन के मनामा स्थित CMF मुख्यालय में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता वाइस एडमिरल कर्ट ए. रेनशॉ, कमांडर CMF / US NAVCENT / US फिफ्थ फ्लीट ने की। इस अवसर पर वाइस एडमिरल तरुण सोबती, डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (DCNS), भारतीय नौसेना, तथा अन्य सदस्य देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी (शौर्य चक्र) ने औपचारिक रूप से इतालवी नौसेना के निवर्तमान कमांडर से CTF-154 की कमान संभाली।

CTF-154 का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण है। यह 47 सदस्य देशों वाले CMF में भारत की पेशेवर विशेषज्ञता, संचालन अनुभव और पसंदीदा सुरक्षा साझेदार के रूप में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

CTF-154 की स्थापना मई 2023 में हुई थी और यह मध्य पूर्व तथा व्यापक क्षेत्र में बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए समर्पित है।

प्रशिक्षण के पाँच प्रमुख स्तंभ हैं:

  1. समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA)

  2. समुद्री कानून (Law of the Sea)

  3. समुद्री अवरोधन संचालन

  4. समुद्री बचाव और सहायता

  5. नेतृत्व विकास

टास्क फोर्स नियमित Maritime Security Enhancement Training (MSET) कार्यक्रम, Compass Rose तथा Northern/Southern Readiness जैसे अभ्यास और साझेदार देशों की क्षमता बढ़ाने हेतु आउटरीच गतिविधियाँ आयोजित करता है। इसका उद्देश्य अवैध तस्करी, समुद्री डकैती और अवैध प्रवासन जैसी साझा चुनौतियों से निपटना है।

CTF-154, CMF की अन्य टास्क फोर्सेस—

  • CTF-150 (समुद्री सुरक्षा)

  • CTF-151 (समुद्री डकैती विरोधी)

  • CTF-152 (अरब खाड़ी में समुद्री सुरक्षा)

  • CTF-153 (लाल सागर में समुद्री सुरक्षा)
    के साथ मिलकर कार्य करता है।

भारतीय नौसेना ने उच्च प्रभाव वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने और वैश्विक समुद्री साझेदारियों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे शांति, समृद्धि और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।



हथियार के साथ रील बनाकर दहशत फैलाने वाला युवक पुलिस की गिरफ्त में

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 रायगढ़। सोशल मीडिया पर हथियार लहराते हुए रील पोस्ट कर दहशत फैलाने के मामले में रायगढ़ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में खरसिया और धरमजयगढ़ पुलिस ने संबंधित युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक वैधानिक कार्रवाई की।


पुलिस को सूचना मिली थी कि इंस्टाग्राम आईडी didar.Ali.927 से एक युवक ने सार्वजनिक स्थान पर गन के साथ रील बनाकर पोस्ट की है। वीडियो में युवक मुख्य मार्ग पर खुलेआम हथियार का प्रदर्शन करता नजर आ रहा था, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बनने की आशंका जताई गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच में युवक की पहचान दीदार अली के रूप में हुई, जो शेख अकरम परवेज के मकान, बेहरापारा वार्ड क्रमांक 09, धरमजयगढ़ में निवासरत है। संबंधित वीडियो धरमजयगढ़ के एक सार्वजनिक मार्ग पर बनाया गया था।

टीआई अमित तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने युवक को तलब कर पूछताछ की। पूछताछ में दीदार अली ने बताया कि वीडियो में दिखाई गई गन छर्रा वाली एयर गन है, जिसके लिए लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि पुलिस ने सार्वजनिक स्थल पर इसे खतरनाक हथियार की तरह प्रदर्शित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अनुचित और आपत्तिजनक माना।

प्रार्थना सभा में गूंजेंगी अखबार की सुर्खियां, विद्यार्थियों की दिनचर्या में शामिल हुआ अखबार वाचन

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शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड की अभिनव पहल

रायपुर- छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना एक लाभकारी आदत है। इससे उन्हें समसामयिक घटनाओं, महत्वपूर्ण मुद्दों और विविध विचारों से अवगत होने का अवसर मिलता है। यह आदत गुणवत्तापूर्ण भाषा और सुव्यवस्थित सामग्री के संपर्क में आने से उनकी पढ़ने और लिखने की क्षमताओं को बढ़ाती है। शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने की दिशा में सरगुजा जिला के विकासखंड प्रेमनगर के शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय एवं अभिनव पहल की गई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है। इस प्रयास से परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में परिवर्तित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाया गया है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, समझने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक राजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान समय में बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित होगी। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे और देश-दुनिया की समसामयिक घटनाओं से अवगत होंगे।

इसके अलावा सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन एवं समूह चर्चा के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे बच्चों में विचार-विमर्श, संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता तथा नैतिक मूल्यों का विकास होगा। विद्यालय की इस नवाचारपूर्ण पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है। यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

80 वर्षीय अर्जुन की आंखो से दो लोगों को मिलेगी रोशनी, भिलाई में बुजुर्ग द्वारा नेत्रदान की लोग कर रहे हैं सराहना

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 आरंग। बुधवार को ग्राम भिलाई निवासी 80 वर्षीय अर्जुन लाल साहू का निधन हो गया। उनके परिवार के लोगों ने बताया अर्जुन ने बहुत पहले से ही नेत्रदान की इच्छा जताई थी। मरणोपरांत उनके परिवार जनों ने नेत्रदान के लिए आरंग स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया नेत्र सहायक अधिकारी सालिक नौरंगे ने तत्काल बीएमओ डॉ विजय लक्ष्मी अनंत को जानकारी दी और जिला अंधत्व शाखा की मदद से जिला स्वास्थ्य विभाग जिला सहायक नोडल अंधत्व राजेंद्र यादव एवं वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी एस.पी देवांगन तथा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी आरंग डॉ रामनारायण दास सहित डॉक्टर्स की टीम ग्राम भिलाई पहुंच कर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की।


डाक्टरो ने उनके परिवार जनों को प्रमाण पत्र सौंपते हुए कहा -
अर्जुन की आंखो से अब कोई दो जरूरत मंदों की आंखों को रोशनी मिलेगी। ग्रामीणों ने बताया वर्षों पहले कुछ ग्रामीणों ने किसान नेता पारसनाथ साहू के पिता स्वर्गीय चुंबक लाल साहू के मृत्युपरांत नेत्रदान के समय कई ग्रामीणों ने नेत्रदान का संकल्प लिया था। जिसमें अर्जुन साहू भी शामिल था।

ज्ञात हो कि अर्जुन साहू के पिता सोनसिंग साहू भी नेत्रदान किया था।इस तरह दो पीढ़ीयों द्वारा नेत्रदान किया गया।जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस अवसर पर जनपद सदस्य किरण मनीष साहू,किसान नेता पारसनाथ साहू, गिरधारी साहू ,टी आर साहू,धनेश साहू, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ रामनारायण दास, जिला सहायक नोडल राजेंद्र यादव नेत्र सहायक अधिकारी एस.पी देवांगन, सालिक नौरंगे,अन्नपूर्णा वर्मा, सहित बड़ी संख्या ग्रामीण व साहू परिवार की लोगों की उपस्थिति रही!

चरौदा में पायलट कैप्टन ओ.के. तिवारी ने किया बच्चों को प्रेरित, पहली बार पायलेट देख बच्चों में हुए उत्साहित

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 आरंग। बुधवार को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में सीनियर पायलेट ओ के तिवारी ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा वर्तमान में बच्चों द्वारा मोबाइल का अधिकाधिक उपयोग से बच्चों के मानसिक विकास पर गहरा असर पड़ रहा है।


बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पालकों और शिक्षको को मिलकर मोबाइल के लत से बचाने की आवश्यकता है।तभी भावी पीढ़ी सीख, जान पाएंगे।उन्होंने अपनी व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए बच्चों को पायलेट बनने संबंधी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया अब तक वह साढ़े छः हजार घंटे की उड़ान भर चुके हैं।


वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार की वायुयान को चला रहे हैं। शिक्षक महेन्द्र पटेल ने बताया बच्चे पहली बार हवाई जहाज का पायलेट देख काफी उत्साहित नजर आए। और पायलेट से कई सवाल भी पूछे।जिसका कैप्टन तिवारी ने सटीक जवाब भी दिए।


इस अवसर पर शालेय प्रबंधन और सरपंच देवशरण धीवर, उपसरपंच रवि कुमार बंजारे, पंच प्रेमलाल साहू और सरपंच प्रतिनिधि संतोष कोसरिया ने मिलकर पायलेट तिवारी को शाल, श्रीफल और श्रीमद्भागवत गीता भेंटकर सम्मानित करते हुए समस्त ग्राम वासियों की ओर से बच्चों को प्रेरित करने के लिए आभार जताया।

इस अवसर पर संस्था प्रमुख के के परमाल, वरिष्ठ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल, सूर्यकांत चन्द्राकर, दीनदयाल धीवर, डिलेश्वर साहू, सुशील कुमार आवडे, जितेंद्र यदु, शिक्षिका संगीता पाटले, प्रभा साहू, पार्वती साहू, भुनेश्वरी चंद्राकर
सहित बड़ी संख्या में बच्चों की उपस्थिति रही।

‘झूठे आरोप’ पर एक्शन: असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भूपेश बघेल पर ₹500 करोड़ का दावा ठोका

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 Himanta Biswa Sarma : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के खिलाफ ₹500 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए कथित “12,000 बीघा जमीन” से जुड़े आरोपों को लेकर सामने आया है।


मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ “जानबूझकर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप” लगाए हैं, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि 9 फरवरी 2026 को इस संबंध में सिविल और आपराधिक (क्रिमिनल) मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


सरमा ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। उनके अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उनके खिलाफ तथ्यहीन और मानहानिकारक बयान दिए गए, जिसके चलते उन्हें अदालत का रुख करना पड़ा।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, विवाद की शुरुआत 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से हुई थी। इस दौरान असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में मुख्यमंत्री और उनके परिवार द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों में करीब 12,000 बीघा जमीन पर कथित कब्जे की जानकारी सामने आई है।

मुख्यमंत्री सरमा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक” बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं तो उन्हें अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

आगे क्या?

इस मामले में अब अदालत की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों के दावों और तथ्यों की जांच होगी। राजनीतिक रूप से भी यह मामला असम और राष्ट्रीय स्तर पर सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय, धान मूल्य अंतर की राशि जल्द जारी

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -


1. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।

2. मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

3. मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी। 

स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ

18 करोड़ के लागत से बनेगा 100 बिस्तरयुक्त जिला अस्पताल भवन 

52 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त और 71 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक प्रणव मरपच्ची ने की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

होली से पहले किसानों को बड़ी सौगात, 10 हजार करोड़ का होगा भुगतान

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई।

बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम् विधानसभा के अष्टम् सत्र (फरवरी-मार्च 2026) के लिए राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी गई।

विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले बजट अनुमान 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया।

समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि का भुगतान होली से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।

कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रही है। यह देश में सर्वाधिक है।

बीते दो वर्षों में किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

इस वर्ष के भुगतान के बाद यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी।

‘वंदे मातरम्’ के लिए गृह मंत्रालय ने जारी किए नए राष्ट्रीय दिशा-निर्देश

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 नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘वंदे मातरम्’ के संबंध में नए राष्ट्रीय दिशानिर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों, नागरिक सम्मान समारोहों और विद्यालयों में राष्ट्रगान से पहले ‘वंदे मातरम्’ गाया या बजाया जाएगा। इसके दौरान उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहने का निर्देश दिया गया है।


गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों, पद्म पुरस्कार जैसे नागरिक सम्मान समारोहों तथा अन्य आधिकारिक आयोजनों में आगमन और प्रस्थान के समय राष्ट्रगीत का निर्धारित छह श्लोकों वाला संस्करण प्रस्तुत किया जाएगा।

 सिनेमा हॉल में भी बजेगा राष्ट्रगीत

निर्देशों के अनुसार, सिनेमा हॉल जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी ‘वंदे मातरम्’ बजाया जा सकता है। हालांकि, ऐसे स्थानों पर खड़े होना अनिवार्य नहीं होगा।

इस बार छहों श्लोकों को शामिल किया गया है, जिनमें वे चार श्लोक भी हैं जिन्हें 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने आधिकारिक प्रस्तुतियों से अलग रखने का निर्णय लिया था।

 पहली बार स्पष्ट राष्ट्रीय प्रोटोकॉल

अब तक ‘जन गण मन’ की तरह ‘वंदे मातरम्’ के लिए कोई विस्तृत राष्ट्रीय प्रोटोकॉल निर्धारित नहीं था। नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य राष्ट्रगीत के सम्मान को औपचारिक रूप देना और सरकारी, शैक्षणिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में एकरूपता सुनिश्चित करना बताया गया है।

‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिम चंद्र चटर्जी ने 19वीं सदी में की थी और इसे 1950 में राष्ट्रगीत का दर्जा मिला।

 संसद से सियासी बहस तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले समारोह की शुरुआत की है। यह मुद्दा संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस का कारण भी बना था।

भाजपा और कांग्रेस के बीच इस विषय पर ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप हुए थे। नेहरू और जिन्ना से जुड़े ऐतिहासिक पत्राचार को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया था।

 संभावित राजनीतिक असर

नए निर्देशों में सभी छह श्लोकों को शामिल किए जाने से राजनीतिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है। इसे राष्ट्रीय प्रतीकों को औपचारिक रूप से मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष के कुछ वर्ग इसे राजनीतिक मुद्दा बना सकते हैं।

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