Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

No comments Document Thumbnail

मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति-परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कलिबा में सामुदायिक भवन और हनुमान टेकरी में सूर्य नमस्कार प्रतिकृति निर्माण की घोषणा

कलिबेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उमड़ा श्रद्धा और आस्था का सैलाब

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित थीं। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यज्ञमंडप में हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की तथा यज्ञशाला में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने मंदिर निर्माण को क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सेवा, सद्भाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती है। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने तथा संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम भी हैं।  ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामवासियों को नवनिर्मित मंदिर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ग्राम कलिबा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही हनुमान टेकरी में सामुदायिक भवन तथा सूर्य नमस्कार की मुद्राओं की प्रतिकृति निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने अपने 28 माह के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को तेजी से लागू किया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में 17 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है और राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान श्री राम के दर्शन करा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष राजस्व शिविर भी लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे तथा निर्धारित समय-सीमा में उनके समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समय पर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराने की अपील की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी तथा धान खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी।

इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, मंदिर समिति अध्यक्ष उपेंद्र यादव, जनपद अध्यक्ष सुशीला साय, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी क्षेत्र को दी विकास कार्यों की बड़ी सौगात: 16 करोड़ रुपए से अधिक के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

No comments Document Thumbnail

उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी और महतारी सदनों से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जनहितैषी विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने कुल 16 करोड़ 5 लाख 91 हजार रुपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदनों जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनसे क्षेत्र में आवागमन, शिक्षा, कृषि विपणन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और अंतिम व्यक्ति तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, स्कूल, बाजार और महिला केंद्र जैसी आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने का माध्यम हैं। इन कार्यों से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसरों का सृजन होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में कुल 12 करोड़ 86 लाख 3 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड के माध्यम से ग्राम पंचायत कलिबा में 57 लाख 66 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण कराया जाएगा, जिसमें कव्हर्ड शेड, बोरवेल एवं सीसी रोड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बेहराखार में 80 लाख 59 हजार रुपए की लागत से आधुनिक हाट बाजार का निर्माण किया जाएगा। इन बाजारों के बनने से किसानों और ग्रामीण व्यापारियों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा तथा स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग (सेतु) द्वारा कलिबा-टांगरबहार (बैगाटोली) मार्ग पर 5 करोड़ 11 लाख 6 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा। वहीं बांसपतरा-दुलदुला मार्ग पर चांपाझरिया नाला में 5 करोड़ 90 लाख 80 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इन पुलों के निर्माण से विशेषकर बरसात के दिनों में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों से राहत मिलेगी।

इसके साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शाला कोरवाडेरा, प्राथमिक शाला डडगांव, माध्यमिक शाला बालक नारायणपुर तथा प्राथमिक शाला लालगोड़ा के नवीन भवन निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया। इन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कुल 3 करोड़ 19 लाख 88 हजार रुपए की लागत से पूर्ण हुए 4 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कृषि उपज मंडी समिति जशपुर द्वारा ग्राम पंचायत कंडोरा (महुआटोली) स्थित उपमंडी कुनकुरी में 2 करोड़ 45 लाख 78 हजार रुपए की लागत से निर्मित फल-सब्जी मंडी, गोदाम, प्लेटफार्म, टायलेट, पार्किंग एवं सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इस आधुनिक मंडी के शुरू होने से किसानों एवं व्यापारियों को कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अतिरिक्त पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ढोढ़ीबहार, नारायणपुर एवं केराड़ीह में निर्मित महतारी सदनों का भी लोकार्पण किया गया। प्रत्येक महतारी सदन 24 लाख 70 हजार रुपए की लागत से निर्मित हुआ है। इन केंद्रों में महिलाओं को बैठक, प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूह गतिविधियों एवं सामाजिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। पुल और सड़कों के निर्माण से ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा, स्कूल भवनों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, आधुनिक बाजार एवं मंडियों से किसानों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा महतारी सदन महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि गांवों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

जलेश्वर महादेव धाम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया जलाभिषेक: प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

No comments Document Thumbnail

किसानों, श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के हित में मुख्यमंत्री साय की महत्वपूर्ण घोषणाएं: जलेश्वर महादेव धाम के विकास के साथ क्षेत्रीय अधोसंरचना को मिलेगा विस्तार

क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत डोंगरिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पंडरिया भावना बोहरा, विधायक तखतपुर धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और श्रद्धालुगण उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। ऐसे पवित्र धाम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने वाले प्रेरणा स्थल भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने क्षीरपानी जलाशय मध्यम परियोजना अंतर्गत 50 करोड़ की लागत से नहर विस्तारीकरण कार्य कराने की घोषणा की।  इस परियोजना से लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने खरहट्टा से डोंगरिया तक लगभग 2.5 किलोमीटर सड़क के उन्नयन कार्य की घोषणा करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा।

उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले के डोंगरिया गांव स्थित जलेश्वर महादेव धाम स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत पूजनीय स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह शिवधाम विशेष रूप से सावन माह, सावन सोमवार और महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। पहाड़ी और नदी-घाट के रमणीय वातावरण में स्थित यह धाम शिवभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए विशेष पहचान रखता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वारंगल में देश के पहले कार्यशील पीएम मित्र पार्क का किया उद्घाटन

No comments Document Thumbnail

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने आज  पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन किया। यह भारत के औद्योगिक और वस्त्र क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। लगभग 1695.54 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह देश का पहला कार्यशील  पीएम मित्र पार्क है, जो भारत सरकार के 5F विज़न — “Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign” — को साकार करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वारंगल का  पीएम मित्र पार्क देश में टेक्सटाइल क्रांति को नई गति देगा तथा विशेष रूप से महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

यह पार्क प्रस्तावित नागपुर-विजयवाड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-163G) और राष्ट्रीय राजमार्ग-163 के निकट स्थित है, जिससे रेलवे नेटवर्क और बंदरगाहों तक बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी।

विश्वस्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित इस पार्क में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है, जिसमें विस्तृत आंतरिक सड़क नेटवर्क, समर्पित विद्युत उपकेंद्र और सुनिश्चित जलापूर्ति शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली तकनीक से युक्त Common Effluent Treatment Plant (CETP) भी स्थापित किया गया है।

1,327 एकड़ क्षेत्र में फैला यह पार्क भारत के वस्त्र उद्योग के विकास का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है और अब तक 62 प्रतिशत क्षेत्र आवंटित किया जा चुका है। इस परियोजना से लगभग 24,400 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जबकि हजारों लोगों को पहले ही रोजगार मिल चुका है।

भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय ने मार्च 2023 में तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में सात PM MITRA पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी थी, ताकि देश में टेक्सटाइल अधोसंरचना को मजबूत किया जा सके।

तेलंगाना सरकार ने मार्च 2022 में वारंगल स्थित काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क को PM MITRA योजना के तहत चयनित करने का प्रस्ताव दिया था। योजना के तहत इसे 200 करोड़ रुपये की विकास सहायता और 300 करोड़ रुपये की प्रतिस्पर्धात्मक प्रोत्साहन सहायता (सीआईएस) प्रदान की गई।

पीएम मित्र पार्क, वारंगल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली आधारित CETP उन्नयन, कॉमन बॉयलर सुविधा, श्रमिक छात्रावास विस्तार तथा 10 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।

पार्क में उद्योगों के लिए आवंटित कुल 548 एकड़ भूमि में से 310 एकड़ भूमि  पीएम मित्र पार्क योजना की घोषणा के बाद आवंटित की गई है। यहां स्थापित उद्योगों को विश्वस्तरीय टेक्सटाइल अधोसंरचना के साथ-साथ पीएम मित्र पार्क योजना के तहत प्रतिस्पर्धात्मक प्रोत्साहन सहायता भी मिलेगी।

पार्क में स्थापित इकाइयों को केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। विशेष रूप से टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए लागू PLI योजना के तहत निवेश आकर्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में एवरटॉप टेक्सटाइल एंड अपैरल कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड भी PLI योजना की लाभार्थी कंपनी है, जो लगभग 1051 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और करीब 12,800 लोगों को रोजगार प्रदान करेगी। कंपनी का अनुमानित वार्षिक कारोबार 1990 करोड़ रुपये रहने की संभावना है।

पीएम मित्र पार्क योजना केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता, आधुनिक साझा अधोसंरचना, निवेशकों के विश्वास और राष्ट्रीय टेक्सटाइल रणनीति के साथ एकीकृत विकास मॉडल के माध्यम से भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।


बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह, SATHI केंद्र की अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं का किया निरीक्षण

No comments Document Thumbnail

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का दौरा कर भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से स्थापित बहु-विषयक वैज्ञानिक सुविधा “साथी” (SATHI) का निरीक्षण किया।

मंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. चतुर्वेदी तथा संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान देश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए प्रेरणादायक सफलता की कहानी है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देशभर के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक अधोसंरचना और शोध सहायता प्रणाली का विस्तार कर रहा है, ताकि उन्नत तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक सुविधाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि SATHI, FIST, ARRF आधारित शोध सहायता तंत्र और अन्य संस्थागत कार्यक्रमों के माध्यम से शोध, नवाचार, स्टार्टअप्स तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से युवा शोधकर्ताओं, MSMEs और उभरते उद्यमों को लाभ मिल रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि DST की विभिन्न योजनाएं विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही हैं। इसके तहत कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अंतरिक्ष आधारित प्रयोगशालाओं एवं शोध कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार आधारित शिक्षा और उभरती तकनीकों की क्षमता विकसित हो सके।

मंत्री ने Sophisticated Analytical & Technical Help Institute (SATHI) का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों, विश्लेषणात्मक क्षमताओं, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, संकाय सदस्य तथा SATHI केंद्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

लगभग 72 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित SATHI-BHU एक राष्ट्रीय स्तर की साझा वैज्ञानिक अधोसंरचना सुविधा है, जो शिक्षण संस्थानों, शोध संगठनों, उद्योगों, MSMEs और स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक उपकरण, विश्लेषणात्मक सेवाएं और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराती है। यह केंद्र विश्वविद्यालय परिसर में सेक्शन-8 कंपनी मॉडल के तहत संचालित हो रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक अधोसंरचना को मजबूत करना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को उभरती तकनीकों एवं उन्नत शोध के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संस्थागत शोध क्षमता, स्वदेशी नवाचार और तकनीक आधारित विकास को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

SATHI-BHU में सुपर रेजोल्यूशन कॉन्फोकल माइक्रोस्कोपी विद लाइव सेल इमेजिंग, उन्नत NMR स्पेक्ट्रोस्कोपी सिस्टम, हाई रेजोल्यूशन मास स्पेक्ट्रोमेट्री, क्लीन रूम सुविधाएं, इलेक्ट्रोकेमिकल वर्कस्टेशन, क्रोमैटोग्राफी प्लेटफॉर्म और आइसोटोप विश्लेषण प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनका उपयोग जीवन विज्ञान, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, सेमीकंडक्टर, खाद्य विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और उन्नत सामग्री अनुसंधान में किया जा रहा है।

मंत्री को बताया गया कि SATHI-BHU ने अब तक अकादमिक संस्थानों, शोध संगठनों और उद्योगों के लगभग 1,100 उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान की हैं, 30,000 से अधिक नमूनों का विश्लेषण किया है तथा लगभग 1,000 शोधकर्ताओं और हितधारकों को प्रशिक्षण दिया है। इसके अतिरिक्त क्षमता निर्माण के लिए लगभग 60 अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने NABL मान्यता प्राप्त करने तथा उद्योग एवं शोध क्षेत्रों के साथ मजबूत सहभागिता के माध्यम से टिकाऊ विश्लेषणात्मक सेवा मॉडल विकसित करने के लिए SATHI-BHU की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र उच्च प्रभाव वाले शोध प्रकाशनों, पेटेंट और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं एवं औद्योगिक संस्थानों के साथ सहयोग के जरिए विज्ञान, नवाचार और आर्थिक विकास के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है।

मदर्स डे पर सौगात : रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है।


अपनों से दूरी होगी कम

वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।

हुनर को मिला सम्मान

निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), विजय छबलानी (प्रतिनिधि, ठैछस्), गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

मैच देखने आकाश अंबानी और शाहरुख खान भी आ सकते हैं रायपुर !

No comments Document Thumbnail

RCB ने अपने इंस्टा हैंडल में शेयर किया छत्तीसगढ़ी अंदाज में स्वागत का वीडियो..50 लाख लोगों ने देखा

क्रिकेटर्स ने की छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और खानपान की तारीफ

सीएम विष्णु देव साय की कोशिशें लायी रंग...आईपीएल के दो मैचों की मेजबानी से क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह

रायपुर- आईपीएल के रोमांच के बीच आरसीबी की टीम के छत्तीसगढ़ पहुँचने पर खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और लोककलाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। टीम 10 मई को रायपुर में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबला खेलेगी।

रायपुर स्थित रिसॉर्ट में टीम के पहुँचते ही पारंपरिक तिलक, आरती और लोकनृत्य के माध्यम से खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की रंगत और पारंपरिक संगीत ने खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित किया। कई खिलाड़ी लोककलाकारों के प्रदर्शन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। इस वीडियो को आरसीबी ने अपने ऑफिसियल इंस्टा हैंडल पर शेयर किया है जिसे अब तक 50 लाख से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं।

वहीं इस मुकाबले को देखने मुकेश अम्बानी के बेटे आकाश अम्बानी भी रायपुर आ सकते हैं । वहीं 13 मई को होने वाले आरसीबी और केकेआर मैच देखने के लिए सुपरस्टार शाहरुख खान भी रायपुर आ सकते हैं।

खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खानपान के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों से परिचित कराया गया, जिसकी खिलाड़ियों ने सराहना की।

आईपीएल मुकाबले को लेकर रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, खिलाड़ियों के पारंपरिक स्वागत ने खेल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मेहमाननवाज़ी की भी अलग पहचान प्रस्तुत की है।

देखें Video:- 


https://www.instagram.com/reel/DYHEbPAOc7l/?igsh=MXB2Z3J1aXl5YjdwcQ==

 इंस्टाग्राम वीडियो (RCB Bold Diaries) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ी रायपुर पहुँचने पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति और वहाँ के स्थानीय स्वाद का आनंद लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

रायपुर आगमन पर शुरुआती प्रतिक्रिया: 

वीडियो की शुरुआत में खिलाड़ियों का रायपुर में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। टीम के सदस्यों ने कहा-"हम रायपुर में अपने 'होम अवे फ्रॉम होम' (घर से दूर एक और घर) में हैं, जहाँ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत के साथ हमारा भव्य स्वागत किया जा रहा है।"

​ एक खिलाड़ी का अनुभव ( छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर):

एक खिलाड़ी  अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहता है:

​"यह पहली बार है जब मैं रायपुर आया हूँ और यह अनुभव वाकई शानदार रहा है। मुझे छत्तीसगढ़ और रायपुर की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और देखने का मौका मिला।"

​बस्तर और स्थानीय खान-पान (चरोटा भाजी): 

वीडियो में एक स्थानीय महिला खिलाड़ी को छत्तीसगढ़ी व्यंजन के बारे में बताते हुए दिखती है, जिस पर खिलाड़ी प्रतिक्रिया देते हैं। बातचीत कुछ इस तरह है:

​महिला: "यह चरोटा भाजी है और इसमें मैंने 'सेमी' (beans) डाली है। यह बस्तर का बहुत प्रसिद्ध व्यंजन है।"

 खिलाड़ी इस स्थानीय स्वाद और चरोटा भाजी के बारे में जानकर काफी प्रभावित दिखे।

चटनी और अन्य बातें: 

खिलाड़ी हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते हुए कहते हैं:

​"रायपुर हमारा नया होम ग्राउंड है और हम यहाँ आप सभी के सामने खेलने के लिए आ रहे हैं। हम में से कई लोगों के लिए रायपुर का यह पहला दौरा है। मैंने सुना है कि यहाँ एक बहुत अच्छा पैडल कोर्ट भी है।"

​चटनी का स्वाद चखते हुए एक खिलाड़ी ने मजाकिया लहजे में कहा कि यह इतनी तीखी या असरदार है कि इसे खाते ही "मम्मी, नानी... पूरी खानदानी याद आ जाती है।" उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खान-पान की सराहना की।

​ नए सीजन का संकल्प: 

वीडियो के अंत में खिलाड़ी जोश के साथ कहते हैं:

​"नया सीजन है, चलिए एक नई और ताज़ा शुरुआत करते हैं।"

​इस वीडियो में खिलाड़ी पूरी तरह से रायपुर के स्थानीय खान-पान (जैसे चरोटा भाजी, चटनी) और यहाँ की मेहमाननवाज़ी के मुरीद नजर आ रहे हैं।

जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 : चेतना विकास, मूल्य शिक्षा और ग्राम स्वराज्य पर होगा वैश्विक मंथन

No comments Document Thumbnail

अभ्युदय संस्थान में वर्ष 2026 में आयोजित होने जा रहे “जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन” को लेकर देश-विदेश के जीवन विद्या कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, किसानों एवं समाज सेवकों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित चेतना विकास, मूल्य शिक्षा, परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था तथा शिक्षा के मानवीयकरण को बढ़ावा देना है।

सम्मेलन की तैयारी हेतु आयोजित बैठक में अंतर्राष्ट्रीय मानव वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर ने सभा का संचालन किया, जबकि वरिष्ठ मार्गदर्शक एवं संरक्षक अंबा दीदी ने अध्यक्षता करते हुए हस्तमुक्त विधि से अतिथियों के स्वागत एवं विदाई की अपील की।

बैठक में मानवीय शिक्षा शोध केंद्र के संचालक एवं शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने सम्मेलन के भोजन प्रबंधन के लिए लगभग 6 क्विंटल “श्रीराम” धान का प्राकृतिक एवं जैविक चावल स्वप्रसन्नता पूर्वक दान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभ्युदय संस्थान दुनिया के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है तथा यहां आयोजित होने वाला यह सम्मेलन मानव केंद्रित शिक्षा और समृद्ध समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

सभा में चेतना विकास मूल्य शिक्षा को छत्तीसगढ़ सहित भारत सरकार के स्कूली शिक्षा के अनिवार्य पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग का भी समर्थन किया गया। सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, अभिभावक विद्यालय, परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था, अखंड समाज सार्वभौम व्यवस्था, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण, आयुर्वेद, गौपालन, अक्षय एवं सौर ऊर्जा, स्किल इंडिया, निपुण भारत मिशन और सुखी-समृद्ध व्यक्ति से विश्व निर्माण जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में भारत के 22 राज्यों तथा विश्व के 11 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन के लिए भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, रक्षा मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित अनेक जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की तैयारी की जा रही है।

सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सरकारी शिक्षकों, किसानों, समाज सेवकों, व्यवसायियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा तन-मन-धन से सहयोग देने की घोषणा की गई है। अब तक 50 लाख रुपये से अधिक की सहयोग राशि एवं सामग्री एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसी क्रम में मानव जागृति सेवा संस्थान से जुड़े शिक्षकों ने 50 हजार रुपये, मानव मैत्री समिति के शिक्षकों ने 25 हजार रुपये तथा अभ्युदय संस्थान से जुड़े शिक्षकों ने एक लाख रुपये सहयोग देने की घोषणा की है।

आयोजकों का कहना है कि “जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित मानवीय शिक्षा, समृद्ध परिवार, समृद्ध समाज और समृद्ध विश्व निर्माण का एक वैश्विक अभियान होगा।

जंगल में युवक का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी

No comments Document Thumbnail

 कोरबा। जिले के सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत कोहड़िया नाला के पास जंगल में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक का शव खून से लथपथ हालत में मिलने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।


जानकारी के अनुसार, जंगल की ओर गए कुछ लोगों ने झाड़ियों के बीच एक युवक को संदिग्ध अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर युवक की मौत हो चुकी थी। शव के आसपास खून फैला हुआ था, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है।

आपत्तिजनक हालत में महिला संग पकड़ा गया मदरसा शिक्षक, ग्रामीणों ने रातभर बनाया बंधक

No comments Document Thumbnail

 कटिहार। बिहार के कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मरबतपुर पंचायत के धूमनगर वार्ड संख्या-6 में देर रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया। ग्रामीणों ने एक शादीशुदा महिला और सरकारी मदरसे के शिक्षक को कथित आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इसके बाद दोनों के हाथ बांधकर रातभर बंधक बनाए रखा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कर थाने ले गई।


पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद इजहार आलम उर्फ नकलू (36) के रूप में हुई है, जो रमजानपुर स्थित मदरसा इस्तेहादुल मुस्लेमिन में शिक्षक बताया जा रहा है। वहीं महिला की पहचान सीमा खातून के रूप में हुई है। महिला का विवाह करीब आठ वर्ष पहले हुआ था और उसका पति दूसरे राज्य में मजदूरी करता है।

ग्रामीणों के अनुसार, दोनों को महिला के घर में देर रात कथित आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों को पकड़कर उनके हाथ बांध दिए और चारपाई पर बैठाकर रातभर निगरानी में रखा। सुबह पंचायत बुलाने की तैयारी की जा रही थी, तभी मामले की सूचना पुलिस को मिल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सुरक्षित थाने ले आई। पुलिस की मौजूदगी में पंचायत की कार्रवाई रोक दी गई। थाने पहुंचने के बाद महिला ने लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों से पूछताछ की जा रही है और महिला का बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दोनों को बंधक बनाए जाने की सूचना सही पाई गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान दोनों के बीच संबंध होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

अवैध सूदखोरी का बड़ा खेल बेनकाब, महिला गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 भिलाई। सुपेला क्षेत्र में अवैध सूदखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा उधार देकर प्रताड़ित करने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला लोगों से 20 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक ब्याज वसूलती थी और रकम लौटाने के बाद भी उनके दस्तावेज वापस नहीं करती थी।


पुलिस के अनुसार, फरीद नगर निवासी रशीदा बानों ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सुपेला निवासी मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख लोगों को ब्याज पर पैसा उधार देती थी। इसके बदले वह उधार लेने वालों के जरूरी दस्तावेज और कागजात अपने पास रख लेती थी।

पीड़ितों का आरोप है कि पूरी रकम चुकाने के बाद भी आरोपी दस्तावेज वापस नहीं करती थी। दस्तावेज मांगने पर गाली-गलौज, झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने ललिता हियाल, स्वाधिका रावत समेत कई अन्य लोगों को भी इसी तरह परेशान किया है।

मामले की शिकायत मिलने के बाद सुपेला पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख (43 वर्ष) निवासी सुपेला को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से ऊंचे ब्याज पर रकम उधार देकर लोगों के दस्तावेज अपने कब्जे में रखती थी। दस्तावेज लौटाने के नाम पर लोगों पर दबाव भी बनाया जाता था।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उधारी लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज और कागजात जब्त किए हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कितने लोगों को इस तरह कर्ज दिया और कितने लोग उसकी धमकी का शिकार हुए।

एएसपी आनंद शुक्ला ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

 
 
 

CM बनते ही PM मोदी ने थलपति विजय को दी बधाई

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली/चेन्नई। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश जारी करते हुए विजय के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं और केंद्र सरकार की ओर से तमिलनाडु के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर श्री सी. जोसेफ विजय को हार्दिक बधाई। उनके कार्यकाल के सफल होने की शुभकामनाएं। केंद्र सरकार जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी।”

प्रधानमंत्री के इस संदेश को केंद्र और तमिलनाडु की नई सरकार के बीच सकारात्मक संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर सहयोगात्मक राजनीति का संकेत देता है।

थलपति विजय ने रविवार को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कई दिनों तक चले राजनीतिक घटनाक्रम और विभिन्न दलों के समर्थन के बाद उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार बनाने में सफल रही।

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी, जबकि विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन को 120 विधायकों का समर्थन मिला। इसके साथ ही विजय वर्ष 1967 के बाद तमिलनाडु के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो डीएमके या एआईएडीएमके से नहीं हैं। इसे राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

51 वर्षीय विजय का फिल्मों से राजनीति तक का सफर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिनेता से राजनेता बने विजय ने कम समय में मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई और पहली ही बड़ी चुनावी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, अगले 3 दिन बारिश और तेज आंधी के आसार

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है, जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार 9 मई से 13 मई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्यप्रदेश और आसपास सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है, जिसके कारण मौसम में बदलाव आया है।

फिलहाल गर्मी से राहत

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

वहीं जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी रायपुर में तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों बाद तापमान में फिर 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है।

किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। वहीं गर्मी को देखते हुए लोगों से अधिक पानी पीने और दोपहर की तेज धूप से बचने को कहा गया है।

रायपुर समेत कई जिलों में असर

रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। 10 और 11 मई को भी कई क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

 
 
 

अगस्त में दिखेगा ‘ब्लड मून’, 5 घंटे तक रहेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण का असर

No comments Document Thumbnail

 आसमान में अगस्त महीने के आखिर में एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। 27 और 28 अगस्त की रात पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसके दौरान चंद्रमा लाल रंग में दिखाई देगा। इसी कारण इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह दुर्लभ नजारा कई घंटों तक दिखाई देगा और दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। भारत में भी यह चंद्र ग्रहण आंशिक रूप से देखा जा सकेगा।


क्यों लाल दिखता है चांद?

पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति में सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती। पृथ्वी के वातावरण से गुजरने वाली लाल रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं, जिससे चांद लाल, नारंगी या तांबे जैसा दिखाई देने लगता है। इसी अनोखी खगोलीय घटना को ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

करीब 5 घंटे तक रहेगा असर

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण लगभग 5 घंटे तक प्रभाव में रहेगा। ग्रहण के दौरान उपच्छाया, आंशिक और पूर्ण चंद्र ग्रहण जैसे कई चरण देखने को मिलेंगे। पूर्ण ग्रहण के समय चंद्रमा का रंग सबसे अधिक लाल दिखाई देगा, जिसे इस घटना का सबसे खास पल माना जाता है।

खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह एक शानदार अवसर होगा। भारत के कई हिस्सों में यह नजारा साफ दिखाई दे सकता है, हालांकि मौसम और बादलों की स्थिति दृश्यता को प्रभावित कर सकती है। कम रोशनी वाले इलाकों में ब्लड मून अधिक स्पष्ट दिखाई देने की संभावना रहती है।

नंगी आंखों से देख सकते हैं ग्रहण

वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्र ग्रहण पूरी तरह प्राकृतिक खगोलीय प्रक्रिया है और इसे नंगी आंखों से सुरक्षित देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण की तरह इसके लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती।

आजकल स्मार्टफोन कैमरों से भी ब्लड मून की शानदार तस्वीरें ली जा सकती हैं। यदि फोन में नाइट मोड और अच्छा जूम फीचर हो, तो लोग इस खूबसूरत दृश्य को आसानी से कैद कर सकते हैं। बेहतर तस्वीरों के लिए ट्राइपॉड का इस्तेमाल उपयोगी माना जाता है।

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी

भारतीय परंपराओं और ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है। कई लोग ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान करते हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भोजन से परहेज और मंदिरों के कपाट बंद रखने की परंपरा भी निभाई जाती है।

हालांकि वैज्ञानिक इसे एक सामान्य और प्राकृतिक खगोलीय घटना मानते हैं। खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, ब्लड मून हर साल देखने को नहीं मिलता। पूर्ण चंद्र ग्रहण और ब्लड मून का संयोग विशेष परिस्थितियों में ही बनता है, इसलिए दुनियाभर के लोग इस नजारे का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

 
 
 
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.