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सोहम हॉस्पिटल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोग हुए लाभान्वित

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महासमुंद- लभराखुर्द स्थित  सोहम हॉस्पिटल में जन सेवा समिति के तत्वावधान में 127वा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 10 मई  रविवार को आयोजित हुई. निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में  मरीजों का  डॉक्टर सोमी चंद्राकर एवं  डॉक्टर  युगल चंद्राकर एवं डॉ सी पी पटेल ने  40  नि: शुल्क सोनोग्राफी किया

70 से अधिक मरीज को  मार्गदर्शन दिए. टीम के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें  जोड़ो के दर्द , पेट संबंधी समस्याओं , पथरी , पेट मे जलन, गैस , चमड़ी  के रोग, साइटिका , सर्वाइकल , दाद खाज खुजली इत्यादि  का निःशुल्क परीक्षण एवं  उचित मार्गदर्शन  दिया गया. महासमुंद जिले के हर तहसील जैसे बागबाहरा क्षेत्र के कई गांव,  तुमगांव क्षेत्र, पिथौरा क्षेत्र एवं  आसपास के कई गांव के लोग इस शिविर से लाभान्वित हुए . दूरस्थ गांव से मरीज ने आकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया एवं इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया. जिसमें सोहम हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर युगल चंद्राकर के मार्गदर्शन में यह निशुल्क स्वास्थ्य एवं परीक्षण शिविर हुआ . उन्होंने बताया कि समय-समय पर इस तरह के निशुल्क सेवा के कार्य सोहम परिवार के माध्यम से चलाए जाते हैं ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

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सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।

विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।

उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति,मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीपीपी मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न

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बिलासपुर ट्रांसपोर्ट नगर और नवा रायपुर कन्वेंशन सेंटर सहित कई बड़ी परियोजनाओं पर हुई चर्चा, नियमों के सरलीकरण पर जोर

रायपुर- छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।

पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगी ये प्रमुख परियोजनाएं

बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के केंद्र में रही प्रमुख परियोजनाएं में बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, नवा रायपुर में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, धमतरी (छाती) एवं बलौदाबाजार (चंदेरी) मे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास के अलावा भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है।

निवेश बढ़ाने और नियमों के सरलीकरण पर जोर

मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को बाधा-मुक्त बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही, इंडस्ट्रियल पार्क के आवंटन नियमों में सुधार और उन्हें और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई।

प्रस्तुतिकरण और विभागीय भागीदारी

बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीपीपी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, साथ ही CSIDC, योजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नगरीय प्रशासन विभाग की नई सचिव शंगीता आर. पहुंची इंद्रावती भवन

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विभागीय संचालनालय एवं सूडा कार्यालय का किया भ्रमण, अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली

योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने अधिकारियों-कर्मचारियों को किया प्रेरित

रायपुर- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नई सचिव शंगीता आर. ने आज सवेरे नवा रायपुर में इंद्रावती भवन पहुंचकर विभागीय संचालनालय और सूडा (State Urban Development Authority) कार्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने इस दौरान सभी कार्यालयीन कक्षों में जाकर अधिकारियों-कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें कार्यस्थ्ल पर समयबध्द् उपस्थिति, प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभागीय तथा सूडा के अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगरीय प्रशासन विभाग की नवपदस्थ सचिवशंगीता आर. ने इंद्रावती भवन में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्यों, योजनाओं, अधोसंरचना विकास, स्वच्छता, जलप्रदाय, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन तथा अन्य शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सर्वजन हिताय के मूल-मंत्र को ध्यानन में रखते हुए नागरिकों की सुविधा के लिए समयबध्द  तरीके से कार्य करने के लिए अधिकारियों को प्रेरित किया।

सचिव शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यों और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन, कार्यों में तेजी लाने तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

विभागीय सचिव शंगीता आर. ने बैठक में साझा किया कि आज ही के दिन वर्ष 2005 में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया था। उन्होंभने इस विशेष पल को याद करते हुए अपने निजी जीवन और प्रशासनिक सफर के अहम पड़ावों को बैठक में मौजूद लोगों के साथ साझा किया।   

सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुष्यंत कुमार रायस्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और संयुक्त संचालक मिथिलेश अवस्थी सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सूडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।


महासमुंद में खाद संकट की आहट, व्यापारियों का बड़ा ऐलान: 1 जून से बंद होगी खाद की बिक्री

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महासमुंद- महासमुंद ब्लॉक के खाद व्यापारियों ने शासन द्वारा निर्धारित दरों पर खाद न मिलने के विरोध में आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सोमवार को 'महासमुंद' में आयोजित महासमुंद ब्लॉक खाद विक्रेता संघ और थोक विक्रेताओं (होलसेलर्स) की एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि व्यापारियों के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में लिए गए बड़े फैसले 

खाद व्यापारियों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए निम्नलिखित कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है:-

​ नई खरीदी पर रोक : जब तक निर्धारित सरकारी रेट पर खाद उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक कोई भी रिटेल व्यापारी नई खाद नहीं खरीदेगा।

​ 30 मई तक की मोहलत : व्यापारियों के पास वर्तमान में जो स्टॉक मौजूद है, उसे केवल 30 मई 2026 तक ही किसानों को बेचा जाएगा।

​ 1 जून से पूर्ण बंदी: आगामी 1 जून से महासमुंद ब्लॉक में खाद की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।

​ होलसेलरों का बहिष्कार : संघ के फैसलों का समर्थन न करने वाले थोक व्यापारियों से भविष्य में कोई भी लेन-देन नहीं किया जाएगा।

आर्थिक दबाव बना आंदोलन की वजह 

​व्यापारियों का कहना है कि खाद कंपनियां और कुछ थोक व्यापारी सरकारी नियमों और निर्धारित दरों का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे फुटकर व्यापारियों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो यह विरोध एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।

बैठक में प्रमुख उपस्थिति 

​इस महत्वपूर्ण बैठक में रायपुर के प्रमुख होलसेलर्स भी शामिल हुए, जिनमें:

​राजीव बग्गा (संचालक, कृषि सेवा केंद्र रायपुर)

​अशोक असरानी (संचालक, पायल फर्टिलाइजर रायपुर)

​अजित सिंह (प्रतिनिधि, सुहाने एग्रोटेक रायपुर)

​ एकजुट रहने की अपील: 

महासमुंद ब्लॉक खाद विक्रेता संघ के अध्यक्ष जागेश्वर 'जुगनू' चंद्राकर एवं सचिव ईश्वर पटेल ने सभी व्यापारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।

​किसानों के लिए यह खबर चिंताजनक हो सकती है, क्योंकि खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले खाद की बिक्री बंद होने से खेती-किसानी पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव”

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया उत्सव पोस्टर का विमोचन, सफल आयोजन की दी शुभकामनाएं

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 मई को आयोजित “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” के पोस्टर का विमोचन भी किया।

प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका तथा पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं देश के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों, साहित्यकारों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के अंतर्गत पत्रकार सम्मान, विचार गोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार आर. कृष्णा दास, प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष गौरव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

गोलगप्पे खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, सारंगढ़ में 25 ग्रामीण अस्पताल में भर्ती

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 सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के रेड़ा गांव में फूड प्वाइजनिंग की आशंका से हड़कंप मच गया। गोलगप्पे (फुलकी) खाने के बाद बच्चों, महिलाओं और युवकों समेत करीब 20 से 25 ग्रामीणों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को आधी रात जिला अस्पताल सारंगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।


जानकारी के मुताबिक, प्रभावित लोगों ने शनिवार रात गांव में गोलगप्पे खाए थे। इसके कुछ घंटों बाद उन्हें उल्टी, दस्त, बुखार और शरीर दर्द की शिकायत होने लगी। एक ही मोहल्ले के कई लोगों के बीमार पड़ने से गांव में चिंता का माहौल बन गया।

परिजनों ने तत्काल सभी बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। मरीजों और परिजनों का कहना है कि फुलकी खाने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी।

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और जांच शुरू कर दी। विभाग ने खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही फूड प्वाइजनिंग के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
फिलहाल सभी मरीजों की हालत सामान्य बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बाहर के खाद्य पदार्थों का सेवन करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।


मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में 'ई-ऑफिस' (e-Office) प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन (Good Governance) का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।


डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।

फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तक

छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।

सक्ती जिला रहा अव्वल

ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है।

ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ

ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण (Storage) के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है।

प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूती

किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी (NIC) और चिप्स (CHiPS) की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

भविष्य की राह पूर्णतः डिजिटल प्रशासन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।

नितेश चक्रधारी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

महादेव घाट पहुंचे मुख्यमंत्री साय, हाटकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित महादेव घाट के हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक माहौल देखने को मिला।

CG NEWS : रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 40 हजार की मांग, निष्कासित भाजपा पार्षद गिरफ्तार

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 रायगढ़। जिले में एक निष्कासित भाजपा पार्षद पर युवक को दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपए मांगने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है।


पुलिस के मुताबिक, वार्ड क्रमांक-10 निवासी साहिल यादव ने वार्ड क्रमांक-2 के निष्कासित भाजपा पार्षद श्याम भोजवानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। साहिल ने पुलिस को बताया कि उसका धरमजयगढ़ क्षेत्र की एक युवती के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था। हाल ही में दोनों के बीच विवाद होने पर युवती थाने पहुंची थी, जहां आपसी समझौते के बाद मामला शांत हो गया था।

आरोप है कि इसके बाद श्याम भोजवानी ने युवक और उसके परिवार को धमकाते हुए कहा कि मामला खत्म कराने के लिए 50 हजार रुपए देने होंगे, अन्यथा दुष्कर्म के मामले में जेल भिजवा दिया जाएगा। युवक द्वारा आर्थिक स्थिति कमजोर होने की बात कहने पर आरोपी ने 40 हजार रुपए में मामला “सेटल” कराने की बात कही और लगातार रुपए के लिए दबाव बनाता रहा।
पीड़ित युवक का आरोप है कि आरोपी लगातार मोबाइल कॉल कर उसे और उसकी मां को धमकियां दे रहा था। परेशान होकर उसने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। जांच के दौरान पुलिस को रुपए मांगने से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून और पुलिस का डर दिखाकर वसूली करना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: पोखरण परीक्षण ने दुनिया को दिखाया भारत का सामर्थ्य

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प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए वर्ष 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य और आत्मगौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय वैज्ञानिकों की मेहनत, समर्पण और अदम्य संकल्प का परिणाम थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज तकनीक आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बन चुकी है। तकनीकी विकास देश में नवाचार को गति दे रहा है, नए अवसर पैदा कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की प्रगति को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, अनुसंधान को बढ़ावा देने और देशहित में उपयोगी समाधान विकसित करने पर केंद्रित है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि 11 मई 1998 को हुए इस ऐतिहासिक परीक्षण ने पूरी दुनिया को भारत की अद्भुत क्षमताओं से परिचित कराया था। उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों को देश के गौरव और स्वाभिमान का सच्चा शिल्पी बताया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया—

“अग्निर्मूर्धा दिवः ककुत्पतिः पृथिव्या अयम्।
अपां रेतांसि जिन्वति॥”

प्रधानमंत्री ने इसका अर्थ बताते हुए कहा कि अग्नि स्वर्ग की सर्वोच्च शक्ति और पृथ्वी पर ऊर्जा का मूल स्रोत है। यही ऊर्जा सूक्ष्मतम कणों में छिपी शक्ति को जागृत कर सृष्टि में गति और ऊर्जा का संचार करती है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर अपने संदेश में कहा कि भारत तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाले समय में यह देश के विकास का सबसे बड़ा आधार बनेगा।

12वीं हिंदी पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 3000 रुपये में बेचता था प्रश्नपत्र, बिलासपुर से दबोचा गया आरोपी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं हिंदी परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी वेणु उर्फ वेणु जंघेल को पुलिस ने बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी छात्रों से पैसे लेकर प्रश्नपत्र बेचता था और सोशल मीडिया के जरिए पेपर वायरल करने में शामिल था।


जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली थाना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पेपर लीक के गंभीर मामले को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य जोन के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी और उससे जुड़े लोग डिजिटल साक्ष्यों को मिटाने में जुटे हुए हैं। इसके बाद साइबर टीम की मदद से मोबाइल चैट, सोशल मीडिया एक्टिविटी, डिलीटेड डेटा और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहन जांच शुरू की गई।

लगातार जांच और 50 से अधिक छात्रों व अन्य लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस मुख्य आरोपी वेणु जंघेल तक पहुंची। आरोपी बेमेतरा जिले के ग्राम बरसरा का निवासी है और रायपुर के गोकुल नगर इलाके में रह रहा था।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी परीक्षा से पहले छात्रों को 3000 रुपये लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराता था। मामला दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल समेत अन्य डिजिटल सबूत नष्ट करने की कोशिश कर रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 5000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
रायपुर क्राइम ब्रांच एसीसीयू और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पेपर लीक करने के तरीके, पैसों के लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी दी है।

पुलिस अब बरामद डिजिटल साक्ष्यों और रिकवर किए गए डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। मामले में जल्द ही और आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।
फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

पेट्रोल-डीजल बचाएं, एक साल तक सोने के गहने न खरीदें : PM मोदी

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों के संयमित उपयोग और सोने की खरीदारी कम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। ऐसे समय में देश की विदेशी मुद्रा बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में विदेशों से आयात करता है। ऐसे में पेट्रोल, डीजल और गैस का अनावश्यक उपयोग देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईंधन का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक ही करें और जहां संभव हो, यात्रा कम कर ऑनलाइन बैठकों तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दें।

सोने की खरीदारी पर भी की अपील

PM मोदी ने सोने की खरीद को लेकर भी लोगों से संयम बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी मात्रा में सोना आयात किया जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा का भारी खर्च होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशहित में नागरिक कम से कम एक वर्ष तक नए सोने के गहने खरीदने से बचें, चाहे घर में शादी या अन्य बड़ा समारोह ही क्यों न हो।

उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रीय संकट के समय लोग देश के लिए अपना सोना तक दान कर देते थे। हालांकि अब सरकार को दान की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आर्थिक मजबूती बनाए रखने के लिए लोगों को अनावश्यक खरीदारी से बचना चाहिए।

प्रधानमंत्री की प्रमुख अपीलें

  • पेट्रोल, डीजल और गैस का उपयोग जरूरत के अनुसार ही करें।
  • वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग्स को बढ़ावा दें।
  • अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • खाने के तेल की खपत कम करें ताकि आयात पर खर्च घटे।
  • किसानों से सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सस्ती खाद का उपयोग करने की अपील।
  • शादी और अन्य कार्यक्रमों में एक साल तक नए सोने के गहने न खरीदने का आग्रह।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के संसाधनों और विदेशी मुद्रा की बचत करना भी आज के समय में सच्ची देशभक्ति का हिस्सा है।

 
 

कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति-परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कलिबा में सामुदायिक भवन और हनुमान टेकरी में सूर्य नमस्कार प्रतिकृति निर्माण की घोषणा

कलिबेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उमड़ा श्रद्धा और आस्था का सैलाब

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित थीं। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यज्ञमंडप में हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की तथा यज्ञशाला में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने मंदिर निर्माण को क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सेवा, सद्भाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती है। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने तथा संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम भी हैं।  ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामवासियों को नवनिर्मित मंदिर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ग्राम कलिबा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही हनुमान टेकरी में सामुदायिक भवन तथा सूर्य नमस्कार की मुद्राओं की प्रतिकृति निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने अपने 28 माह के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को तेजी से लागू किया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में 17 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है और राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान श्री राम के दर्शन करा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष राजस्व शिविर भी लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे तथा निर्धारित समय-सीमा में उनके समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समय पर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराने की अपील की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी तथा धान खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी।

इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, मंदिर समिति अध्यक्ष उपेंद्र यादव, जनपद अध्यक्ष सुशीला साय, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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