Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

बड़ी खबर: इज़राइल–लेबनान सीमा पर संघर्ष तेज, क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बढ़ी

No comments Document Thumbnail

मध्य पूर्व से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। इज़राइल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य अभियान का विस्तार कर दिया है, जबकि दूसरी ओर हिज़्बुल्लाह लगातार रॉकेट और ड्रोन हमले कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इज़राइली सेना दक्षिणी लेबनान में पहले से अधिक अंदर तक पहुंच गई है और कई रणनीतिक क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित करने का दावा कर रही है। हाल ही में इज़राइली बलों ने ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट कैसल क्षेत्र पर कब्ज़ा किया, जिसे सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

उधर, हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल की ओर रॉकेट दागे हैं, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और तेज हो गया है। इज़राइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भी हवाई हमले किए हैं, जिन्हें हिज़्बुल्लाह का प्रमुख गढ़ माना जाता है।

लगातार बढ़ती हिंसा के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने और युद्धविराम का पालन करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

फिलहाल दुनिया की नज़रें इज़राइल–लेबनान सीमा पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि कूटनीतिक प्रयास इस बढ़ते संकट को रोकने में सफल होंगे।

फिलहाल के लिए इतना ही, आगे की हर बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहिए।

बड़ी खबर: अमेरिका–ईरान तनाव फिर बढ़ा, मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता

No comments Document Thumbnail

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का दौर देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी बलों ने ईरानी सैन्य ठिकानों और ड्रोन नियंत्रण सुविधाओं को निशाना बनाया, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुवैत समेत कई देशों ने अपने रक्षा तंत्र को अलर्ट पर रखा है और मिसाइल तथा ड्रोन खतरों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता पर पड़ सकता है। साथ ही, तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ी है। हालिया घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है, क्योंकि निवेशकों को आशंका है कि क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने से आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

हालांकि कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास और सैन्य गतिविधियों के कारण हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

फिलहाल दुनिया की नज़रें मध्य पूर्व पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत का रास्ता निकलेगा।

फिलहाल के लिए इतना ही, आगे की हर बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहिए।


​ तालाबो की नगरी आरंग का महामाया तालाब झेल रहा उपेक्षा का दंश, कभी पेयजल के लिए होता था इस्तेमाल, आज आ रही दुर्गंध

No comments Document Thumbnail

 40 वर्ष पहले जो पानी लोगों की प्यास बुझाता था, आज वह खुद अपनी बूंद-बूंद की पवित्रता के लिए तरस रहा; धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के अस्तित्व पर गहराया संकट।


​ आरंग। आस्था, संस्कृति और जन-जीवन का प्रमुख केंद्र माना जाने वाला आरंग का ऐतिहासिक व प्रसिद्ध ‘महामाया तालाब’ आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। 'तालाबों की नगरी' के नाम से विख्यात आरंग नगर का यह मुख्य जलाशय आज घोर प्रशासनिक उपेक्षा और गंदगी का शिकार है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि तालाब के चारों ओर बने घरों और शौचालयों का दूषित पानी सीधे इसमें आकर मिल रहा है, जिससे कभी निर्मल रहने वाला यह जलस्रोत अब तेज दुर्गंध मार रहा है।

​ कभी था पेयजल का मुख्य स्रोत

​स्थानीय बुजुर्गों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भारी मन से बताया कि करीब 40 वर्ष पहले इस तालाब का पानी इतना स्वच्छ और पारदर्शी था कि पूरे नगर के लोग इसका उपयोग पेयजल और रसोई के कार्यों के लिए करते थे। लेकिन वक्त के साथ संरक्षण के अभाव और बढ़ते शहरीकरण ने इसे एक गंदे नाले के रूप में तब्दील करना शुरू कर दिया है। नियमित सफाई न होने के कारण तालाब के किनारों पर प्लास्टिक, पॉलीथिन और अपशिष्ट कचरे का अंबार लगा हुआ है।

​ चारों दिशाओं में मंदिर, फिर भी अनदेखी

​यह तालाब केवल पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आरंग की धार्मिक और सांस्कृतिक आत्मा है। इसके चारों किनारों पर प्राचीन और जागृत देवस्थान स्थापित हैं:
​ पूर्व से पश्चिम तक देवस्थान: तालाब के तट पर आदिशक्ति मां महामाया मंदिर, भव्य दुर्गा मंदिर, प्राचीन नारायण बन हनुमान मंदिर और कुमारेश्वर महादेव सहित कई अन्य शिव मंदिर स्थित हैं।


​ सालभर अनुष्ठान: इन मंदिरों में वर्ष भर धार्मिक अनुष्ठान होते हैं और प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहाँ पूजा-अर्चना के लिए पहुँचते हैं।


​ विसर्जन का मुख्य स्थल: चैत्र व क्वांर नवरात्र में मां दुर्गा की प्रतिमाओं, ज्योति जवारा और लोक पर्व भोजली का विसर्जन इसी पवित्र तालाब में पूरे विधि-विधान से किया जाता है। इसके बावजूद इसकी पवित्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।

​ चर्म रोग की आशंका, निस्तारी के लिए लोग मजबूर

​नगर का मुख्य केंद्र होने के कारण आज भी बड़ी आबादी दैनिक निस्तारी (नहाने-धोने) के लिए इसी तालाब पर निर्भर है। पानी इस कदर दूषित हो चुका है कि इसके संपर्क में आने से स्थानीय लोगों और विशेषकर बच्चों में चर्म रोग (स्किन इन्फेक्शन) तथा अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से मंडराने लगा है।

जन-प्रतिनिधियों और प्रशासन से सौंदर्यीकरण की गुहार

​स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि महामाया तालाब आरंग की बहुमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। इसे इस तरह नष्ट होने नहीं दिया जा सकता। नगरवासियों ने प्रशासन, नगर पालिका और जन-प्रतिनिधियों से पुरजोर मांग की है कि तालाब में गिरने वाले गंदे पानी और नालियों को तुरंत रोका जाए। साथ ही, इसके गहरीकरण, पचरी निर्माण, सौंदर्यीकरण और दीर्घकालिक संरक्षण के लिए तत्काल युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर को समय रहते बचाया जा सके।
Box..

126 से घटकर 30 पर सिमटी 'तालाबों की नगरी'

आरंग को इतिहास में 'छः आगर छः कोरी' अर्थात् 126 तालाबों की गौरवशाली नगरी कहा जाता था। अवैध कब्जों, देखरेख की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण आज यहाँ मुश्किल से 30 से 35 तालाब ही अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। महामाया तालाब की जो स्थिति है, कमोबेश वही हाल आरंग के अन्य बचे हुए तालाबों का भी है।

CG NEWS : प्रेम संबंध के चलते पति की हत्या का आरोप, एक साल बाद ब्लाइंड मर्डर का खुलासा

No comments Document Thumbnail

 कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस ने लगभग एक वर्ष पुराने एक ब्लाइंड मर्डर मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और दो अन्य सहयोगियों ने मिलकर हत्या की साजिश रची थी और घटना को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया था।


मामला थाना बांदे क्षेत्र का है। 24 मई 2025 को महेश विश्वास का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रारंभिक जांच में मामला दुर्घटना प्रतीत हो रहा था, लेकिन शव पर मिले कुछ संदिग्ध निशानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को हत्या की आशंका हुई। पोस्टमार्टम में मौत का कारण विद्युत करंट लगना बताया गया था।

जांच में सामने आए प्रेम संबंध के तथ्य

पुलिस जांच के दौरान पता चला कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास और इन्द्रजीत दास के बीच कथित रूप से लंबे समय से प्रेम संबंध थे। पुलिस के अनुसार, मृतक को इस संबंध की जानकारी होने के कारण परिवार में विवाद की स्थिति बनी रहती थी। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक पत्नी से अलग होने और तलाक की तैयारी कर रहा था।

पूर्व नियोजित साजिश का आरोप

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने योजना के तहत महेश विश्वास को खेत की ओर बुलाया। वहां उसे कथित रूप से शराब पिलाई गई और बाद में बिजली के तार से करंट लगाकर उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद इसे दुर्घटना साबित करने की कोशिश की गई ताकि जांच को भटकाया जा सके।

तकनीकी जांच बनी अहम कड़ी

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा, साइबर विश्लेषण और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का सहारा लिया। लगातार तकनीकी निगरानी और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पुलिस ने आरोपियों के कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त विद्युत तार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं। क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान भी जांच एजेंसियों को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य प्राप्त हुए।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में सरस्वती विश्वास, इन्द्रजीत दास, सुरेन्द्र छबड़ा और रंजीत सरकार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

एक साल बाद सुलझी हत्या की गुत्थी

करीब एक वर्ष तक रहस्य बने रहे इस मामले का खुलासा पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर संभव हो सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

 

IMD Weather Alert: कहीं बारिश, कहीं ओले तो कहीं तेज तूफान, इस सप्ताह कई रंग दिखाएगा मौसम

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।


मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम

आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से हिमालयी राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।

पूर्वी भारत में भी आंधी-बारिश के आसार

दक्षिण गंगा बेसिन, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण इन राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिणी असम और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के चलते असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी असर

दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

केरल में जल्द दस्तक दे सकता है मानसून

आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और अगले एक-दो दिनों में मानसून केरल पहुंच सकता है। इससे देश के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

3 जून से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विभाग के अनुसार, 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसके चलते 3 से 5 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी।

मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

 
 

कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय: मुख्यमंत्री ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

No comments Document Thumbnail

बस्तर के सुदूर अंचलों तक पहुंचेगी विकास की रोशनी, 43 निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

40–45 डिग्री की गर्मी में उमड़ रहा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने कहा – जनता का यह विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत

बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात, कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं

सुशासन तिहार के समाधान शिविर में योजनाओं की जमीनी हकीकत से हुए रूबरू

रायपुर- सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।


सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 44-45 डिग्री की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनसहभागिता सुशासन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सुनना और समाधान करना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर यह जानना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। रायपुर में बैठकर जमीनी हकीकत का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा और इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े कनेरा का यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर है, जहां लोगों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही।

कोंडागांव को मिली 152 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात सड़क, सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं से बदलेगी जनजातीय अंचल की तस्वीर

छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी।

इन कार्यों में जनता को त्वरित लाभ पहुंचाने वाले 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात

समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से सड़क, पर्यटन, सामाजिक अधोसंरचना और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।

बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा एक जागरूक गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चमन लाल और पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी आनंद कुमार पवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बना है, उसी घर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली बिल शून्य हो गया है और परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में  हमने "मोदी की गारंटी" के नाम से जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश को मात्र ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख गरीब परिवारों के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही आवास स्वीकृत किए। आज छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है।

किसानों, माताओं और बहनों के लिए कई बड़ी पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिला बड़ा लाभ


मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से गांव में मिल रही 400 से अधिक सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए शहरों या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से 400 से अधिक सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन केंद्रों में बैंकिंग सेवाएं, प्रमाण पत्र, भुगतान सेवाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। आने वाले समय में मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग घर बैठे आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

जून से शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित होगी और तय अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

बिजली बिल समाधान योजना से मिल रही राहत

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान बढ़े बिजली बिलों से राहत देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि में छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है।

हर घर सोलर की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हर घर जल, हर घर बिजली, हर घर शौचालय और हर घर बैंक खाता अभियान सफल हुए हैं, उसी प्रकार अब हर घर सोलर लगाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लाखों परिवारों को सब्सिडी प्रदान कर रही हैं, जिससे लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक: मुख्यमंत्री ने कराया चमन लाल के नए घर में गृह प्रवेश

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : कभी बारिश की बूंदों के साथ टपकती छत, आंधी-तूफान की चिंता और कच्चे घर की असुरक्षा में गुजरती रातें… लेकिन अब वही परिवार पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून और सम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही चमन लाल पवार के नवनिर्मित आवास में सपरिवार गृह प्रवेश कराकर एक परिवार के वर्षों पुराने सपने को साकार किया।


मुख्यमंत्री साय ने परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।


इस अवसर पर एक विशेष उपलब्धि भी सामने आई। चमन लाल का आवास बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित किया गया है। यह पहल ग्रामीण विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। एक ही परिवार को आवास सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सुविधा का लाभ मिलना शासन की समन्वित विकास सोच को भी प्रतिबिंबित करता है।

चमन लाल पवार ने बताया कि वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकती थी और तेज हवा या खराब मौसम में पूरी रात चिंता में बीतती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब पक्का मकान मिलने के बाद जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास हुआ है।

पवार ने कहा कि अब बारिश और आंधी-तूफान की चिंता नहीं रहती। छत नहीं टपकेगी और पूरा परिवार चैन की नींद सो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह मकान केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, आत्मविश्वास और नए जीवन की शुरुआत है।

एक परिवार, कई जनकल्याणकारी योजनाओं का संबल

चमन लाल का परिवार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। उनकी पत्नी श्रीमती घंसतीन बाई तथा बहू श्रीमती संगीता पवार को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। खेती-किसानी के लिए भी परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं का सहयोग मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पीएम आवास और पीएम सूर्य घर का अभिनव संगम

परिवार ने अपने नए घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित कराया है, जिससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाओं को मजबूत करने वाला उदाहरण बन गया है।

बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास, जहां पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी जुड़ा है, शासन की बहु-आयामी और समन्वित विकास नीति का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह पहल केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित जीवन, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक लक्ष्यों को भी आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान चमन लाल पवार और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और पीएम सूर्य घर योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

ग्राम बड़ेकनेरा का यह परिवार इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देतीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का संचार करती हैं।

मजुली द्वीप पर 4,000 वर्षों के जलवायु और वनस्पति इतिहास का खुलासा

No comments Document Thumbnail

मजुली द्वीप पर किए गए एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने लगभग 4,000 वर्षों के जलवायु, वनस्पति और बाढ़ संबंधी इतिहास का पुनर्निर्माण किया है। यह द्वीप विश्व का सबसे बड़ा आबाद नदी द्वीप है और कई जनजातियों तथा नव-वैष्णव संस्कृति का प्रमुख केंद्र माना जाता है।



Image

Image


Image



Image

अध्ययन की प्रमुख बातें

  • यह शोध Birbal Sahni Institute of Palaeosciences (BSIP) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया।

  • वैज्ञानिकों ने मजुली के सकाली आर्द्रभूमि (Sakali Wetland) से 150 सेमी गहरे अवसाद (Sediment Core) एकत्र किए।

  • परागकण (Pollen) और अवसाद कणों (Grain-size) के विश्लेषण के माध्यम से द्वीप के पर्यावरणीय इतिहास का अध्ययन किया गया।

  • अध्ययन ने 4040 से 500 वर्ष पूर्व तक की जलवायु और वनस्पति में हुए परिवर्तनों का आकलन किया।

प्रमुख निष्कर्ष

1. प्रारंभिक गर्म और आर्द्र काल (4040–2260 वर्ष पूर्व)

  • घने जंगलों का विस्तार था।

  • क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा और अनुकूल जलवायु मौजूद थी।

  • 4.2 हजार वर्ष पूर्व के वैश्विक शुष्क जलवायु संकट के दौरान भी पारिस्थितिकी तंत्र अपेक्षाकृत स्थिर रहा।

2. मानसून और बाढ़ में उतार-चढ़ाव

  • समय के साथ मानसूनी गतिविधियों और बाढ़ के पैटर्न में बदलाव देखने को मिला।

  • 1100–500 वर्ष पूर्व का काल अपेक्षाकृत अधिक नम रहा, जो वैश्विक Medieval Climatic Anomaly से मेल खाता है।

3. पिछले 500 वर्षों में बदलाव

  • तापमान और वर्षा में कमी दर्ज की गई।

  • यह परिवर्तन वैश्विक Little Ice Age अवधि के अनुरूप पाया गया।

  • मानव गतिविधियों का प्रभाव बढ़ा और प्राकृतिक वनस्पति का विस्तार घटा।

नदी और बाढ़ संबंधी निष्कर्ष

  • अध्ययन में पाया गया कि ब्रह्मपुत्र नदी तथा उसकी सहायक नदियों की प्रवाह प्रक्रियाओं ने मजुली के भू-आकृतिक विकास को प्रभावित किया।

  • अवसाद विश्लेषण से पता चला कि समय के साथ नदी तंत्र अधिक अस्थिर और ऊर्जावान हुआ।

  • इससे बाढ़, कटाव और भूमि क्षरण की तीव्रता बढ़ी।

अध्ययन का महत्व

  • बाढ़ और नदी कटाव से प्रभावित समुदायों के लिए बेहतर अनुकूलन (Adaptation) रणनीतियाँ तैयार करने में सहायता।

  • आर्द्रभूमि संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण और सतत भूमि उपयोग योजना के लिए वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।

  • ब्रह्मपुत्र बेसिन में आपदा प्रबंधन और नदी प्रबंधन नीतियों को मजबूत बनाने में मदद करेगा।

शोध दल

इस अध्ययन का नेतृत्व आर्या पांडेय और डॉ. स्वाति त्रिपाठी ने किया। इसमें बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय  सहित विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों ने सहयोग किया।


डाक विभाग की लापरवाही से छूटी नौकरी, आयोग ने दिलाया मुआवजा

No comments Document Thumbnail

 बलौदाबाजार। स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे गए संविदा भर्ती के तीन आवेदन पत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर गंतव्य तक नहीं पहुंचने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने डाक विभाग को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने आवेदिका को डाक शुल्क लौटाने के साथ मानसिक एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति तथा वाद-व्यय की राशि देने का आदेश दिया है।


जानकारी के अनुसार, लवन निवासी पूनम चौहान ने संविदा नियुक्ति के लिए तीन अलग-अलग पदों पर आवेदन पत्र 12 मार्च 2025 को लवन डाकघर से स्पीड पोस्ट के जरिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), जिला बलौदाबाजार-भाटापारा कार्यालय भेजे थे। आवेदनों की अंतिम तिथि 17 मई 2025 निर्धारित थी।

हालांकि, आवेदन निर्धारित समय सीमा तक संबंधित कार्यालय नहीं पहुंच सके। बाद में 19 मई को सीएमएचओ कार्यालय ने बंद लिफाफों में प्राप्त आवेदनों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया और उन्हें वापस भेज दिया।

भर्ती का अवसर गंवाना पड़ा

परिवादिनी का आरोप था कि डाक विभाग की लापरवाही के कारण उसके आवेदन समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे वह संबंधित संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने और नौकरी प्राप्त करने के अवसर से वंचित रह गई। इसके चलते उसे मानसिक और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

इसी आधार पर पूनम चौहान ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बलौदाबाजार में परिवाद प्रस्तुत कर डाक विभाग से क्षतिपूर्ति की मांग की।

आयोग ने माना सेवा में कमी

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष रंजना दत्ता तथा सदस्य हरजीत सिंह चावला और शारदा सोनी ने प्रस्तुत दस्तावेजों, तथ्यों एवं संबंधित नियमों का परीक्षण किया।

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि डाक विभाग द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण स्वीकार्य नहीं हैं। उपलब्ध तथ्यों से यह स्पष्ट होता है कि डाक को समय पर पहुंचाने के लिए आवश्यक और समुचित प्रयास नहीं किए गए, जिससे सेवा में कमी साबित होती है।

डाक विभाग को देना होगा मुआवजा

आयोग ने उप डाकपाल, लवन तथा मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, रायपुर को आंशिक रूप से सेवा में कमी का दोषी मानते हुए आवेदिका के पक्ष में फैसला सुनाया।

आदेश के अनुसार डाक विभाग को परिवादिनी को—

  • डाक शुल्क के रूप में 123 रुपये,
  • मानसिक एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार रुपये,
  • वाद-व्यय के लिए 3 हजार रुपये

का भुगतान करना होगा।

आयोग के इस फैसले को उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें सार्वजनिक सेवाओं में लापरवाही पर जवाबदेही तय की गई है।

 

भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता: रक्षा और समुद्री सहयोग को मिलेगा नया आयाम

No comments Document Thumbnail

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने 1 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता के दूसरे संस्करण की सह-अध्यक्षता की।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति का स्वागत किया और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा तथा साझा सामरिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग संबंधी संयुक्त घोषणा को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रगति का स्वागत किया।

प्रमुख बिंदु:

  • समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप को अंतिम रूप देने पर चर्चा।

  • समुद्री गश्ती विमानों के माध्यम से समुद्री क्षेत्र जागरूकता बढ़ाने और समुद्र के भीतर निगरानी क्षमता विकसित करने पर सहमति।

  • हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध वातावरण बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

  • नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेषकर UNCLOS 1982, के समर्थन पर जोर।

  • जून 2026 में चेन्नई स्थित  समुद्री बचाव समन्वय केंद्र में संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान और  टेबलटॉप अभ्यास आयोजित करने की घोषणा।

  • रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा सामग्री, रक्षा सेवाएँ संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) विकसित करने पर सहमति।

  • रक्षा विज्ञान एवं नई तकनीकों, विशेष रूप से सेंसर तकनीक, में अनुसंधान सहयोग बढ़ाने का निर्णय।

  • भारत की Exercise Talisman Sabre 2027 में बढ़ी हुई भागीदारी तथा ऑस्ट्रेलिया की Exercise Milan 2026 और भारत की Exercise Kakadu 2026 में भागीदारी का स्वागत।

  • Quad Indo-Pacific Maritime Surveillance Collaboration पहल को मजबूत समर्थन।

  • गुरुग्राम स्थित Information Fusion Centre – Indian Ocean Region (IFC-IOR) के माध्यम से समुद्री निगरानी सहयोग बढ़ाने पर सहमति।

दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, तकनीकी अनुसंधान, सैन्य अभ्यास और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।


मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का असर : अवैध खनन पर राज्य भर में हो रही कार्रवाई, धमतरी में 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त

No comments Document Thumbnail

सूक्ष्म निगरानी, तकनीक और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर लग रहा अंकुश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।

इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।

खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया।



जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

No comments Document Thumbnail

राजभवन (लोक भवन) में बालिका गृह की बेटियों से राज्यपाल ने किया आत्मीय संवाद

अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों का हुआ सम्मान

रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।


पुस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस

राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य

इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।


राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा

राज्यपाल डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध (त्मेमंतबी) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।


75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित

कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश : जनता से अशिष्ट व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस, दुर्ग जनपद सीईओ निलंबित

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में  पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत है। इस संबंध में आयुक्त दुर्ग द्वारा पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचे विधायक दीपेश साहू, सामूहिक विवाह में बने दूल्हा

No comments Document Thumbnail

 बेमेतरा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेमेतरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह इस बार एक अनोखे और प्रेरणादायक दृश्य का साक्षी बना। समारोह में 21 जोड़ों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, लेकिन सबसे अधिक चर्चा भाजपा विधायक दीपेश साहू के विवाह की रही।


शहर के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में विधायक दीपेश साहू दूल्हे के रूप में बैलगाड़ी में सवार होकर बारात लेकर पहुंचे। विशेष बात यह रही कि बैलगाड़ी की कमान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने संभाली। इस अनूठे दृश्य ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गया।

वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच सभी नवविवाहित जोड़ों ने सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए तथा नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।

जानकारी के अनुसार विधायक दीपेश साहू ने बीपीएल परिवार की तरुणा साहू के साथ विवाह किया। विवाह के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित करने की घोषणा की।
विधायक का यह सादगीपूर्ण विवाह सामाजिक समरसता और जनसेवा का संदेश देने वाला माना जा रहा है। प्रदेशभर में इस अनूठे विवाह की चर्चा हो रही है और लोग इसे समाज के लिए सकारात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं।

मंच से फूटा रमन सिंह का गुस्सा, बोले- 15 साल में ऐसी बदतर व्यवस्था नहीं देखी

No comments Document Thumbnail

 बेमेतरा। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बेमेतरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री के स्वागत में कथित अव्यवस्था को लेकर उन्होंने मंच से ही प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के व्यवहार पर सवाल खड़े किए।


डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वागत की व्यवस्था बेहद कमजोर और अव्यवस्थित रही। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पीछे से स्वागत होना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
मंच से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "15 साल मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन ऐसी घटिया व्यवस्था कभी नहीं देखी।" उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था, इसके बावजूद जिला प्रशासन अपेक्षित जिम्मेदारी और संवेदनशीलता नहीं दिखा पाया। विधानसभा अध्यक्ष की इस सार्वजनिक टिप्पणी को प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

डॉ. रमन सिंह के बयान के बाद बेमेतरा जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मामले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी सार्वजनिक मंच से विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था पर इस तरह की टिप्पणी करना एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.