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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा चैंपियन, छत्तीसगढ़ 6वें स्थान पर

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रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हुआ, जिसमें देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चैंपियनशिप का खिताब जीता, जबकि असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। वहीं महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।

प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया।

उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की, जिससे राज्य की पदक स्थिति और मजबूत हुई।

प्रतियोगिता में आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण, असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत तथा कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक जीता। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण, कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक प्राप्त किया।

इसी प्रकार पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक हासिल किया, जबकि महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण, छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4×100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4×100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक (1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य) अपने नाम किए हैं और राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, वहीं छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: सरगुजा में कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य आगाज, पहले दिन दिखा रोमांचक प्रदर्शन

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रायपुर- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 के अंतर्गत चौथे दिन सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में कुश्ती प्रतियोगिता का शानदार शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से आए 144 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिससे आयोजन में राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा का माहौल देखने को मिल रहा है।

पहले दिन ही रोमांचक मुकाबले

प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न भार वर्गों में खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक मुकाबले हुए। युवा पहलवानों ने अपनी उत्कृष्ट तकनीक, ताकत और रणनीति का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग में कड़ी प्रतिस्पर्धा

पुरुष फ्रीस्टाइल सीनियर 74 किलोग्राम भारवर्ग में जम्मू-कश्मीर के मुनैर हुसैन एवं महाराष्ट्र के विक्रम साहेबराव पवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में स्थान सुनिश्चित किया।

इसी प्रकार 125 किलोग्राम भारवर्ग में तेलंगाना के बनोथ विनोदकुमार एवं महाराष्ट्र के विनोद यशवंत सलकार ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।

ग्रीको-रोमन वर्ग के मुकाबले

ग्रीको-रोमन सीनियर 67 किलोग्राम भारवर्ग में गुजरात के वसावा मुकेशभाई एवं झारखंड के अंजीतकर मुंडा फाइनल में आमने-सामने होंगे।

वहीं 97 किलोग्राम भारवर्ग में हिमाचल प्रदेश के नवीश कुमार एवं जम्मू-कश्मीर के शमा हुन के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।

महिला वर्ग में भी दमदार प्रदर्शन

महिला सीनियर 50 किलोग्राम भारवर्ग में झारखंड की पूनम ओरांव एवं तेलंगाना की के. गीता ने फाइनल में जगह बनाई।

वहीं 62 किलोग्राम भारवर्ग में असम की देबी दैमारी एवं हिमाचल प्रदेश की प्रियंका चौधरी के बीच फाइनल मुकाबला होगा।

कुश्ती प्रतियोगिता के पहले दिन खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने आगामी मुकाबलों के लिए उत्साह और प्रतिस्पर्धा को और अधिक बढ़ा दिया है।

खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: संचालक तनुजा सलाम ने अम्बिकापुर में तैयारियों का लिया जायजा

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रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम ने आज अम्बिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से रेसलिंग (कुश्ती) चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का जायजा लिया और तकनीकी टीम के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

व्यवस्थाओं का  निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान संचालक सलाम ने गांधी स्टेडियम में तैयार किए गए अभ्यास स्थल, मुख्य प्रतियोगिता स्थल, भोजन व्यवस्था तथा मेडिकल यूनिट का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों के ठहरने के लिए चिन्हित ग्रैंड बसंत और होटल मयूरा का भी दौरा किया। उन्होंने आवास स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ बनाए रखने के निर्देश दिए।

प्रतिभागियों से संवाद

संचालक सलाम ने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों से सीधे संवाद कर खेल सुविधाओं, आवास एवं भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से संचालक द्वारा तकनीकी स्टाफ एवं खेल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेसलिंग चैंपियनशिप के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा खिलाड़ियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी राम कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कोच एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मातृत्व वन प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री साय ने जशपुर सर्किट हाउस में मातृत्व वन का किया लोकार्पण

एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ा जनभावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश: लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक पौधे रोपित

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर सर्किट हाउस परिसर में विकसित मातृत्व वन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मातृत्व वन न केवल हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, बल्कि यह प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का एक सशक्त प्रतीक भी है और आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता का केंद्र बनेगा।

उल्लेखनीय है कि जशपुर मंडल द्वारा विकसित मातृत्व वन में लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया, जिससे प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक संबंध को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास कर रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र के विस्तार में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेंगी।

मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीताअशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य में औषधीय उपयोग एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज और पर्यावरण के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

बेटियों के सम्मान का संकल्प: 240 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने दिया सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद

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हमारी सरकार हर बेटी के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए संकल्पित है - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए, जहां 240 नवविवाहित जोड़ों का विवाह विधिवत सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री साय विवाह मंडप में पहुंचकर नवदंपतियों के बीच गए और उन्हें शुभाशीष प्रदान करते हुए उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम का वातावरण पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और सामाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत रहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान कर उनके माता-पिता के आर्थिक बोझ को कम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के साथ ही समाज में एकता और समरसता को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से हजारों परिवारों को राहत मिली है और बेटियों के विवाह को लेकर उनकी चिंता काफी हद तक दूर हुई है। सामूहिक कन्या विवाह समारोह में विभिन्न समाजों के 240 जोड़ों ने एक साथ विवाह कर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल 50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 35 हजार रुपए की राशि चेक के माध्यम से सीधे हितग्राही को दी जाती है, जबकि लगभग 7 हजार रुपए की वैवाहिक सामग्री एवं 8 हजार रुपए आयोजन व्यय के रूप में खर्च किए जाते हैं। मुख्यमंत्री साय ने नवदंपतियों को 35 हजार रुपए की राशि के चेक वितरित किए और उनके खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से विवाह सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में नवदंपतियों को विवाह प्रमाण पत्र एवं उपहार सामग्री भी प्रदान की गई। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और योजना की सराहना की। यह आयोजन न केवल एक सामाजिक कार्यक्रम रहा, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी सोच और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक बना।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर  गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जूदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशिकुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

79 हजार से अधिक श्रमिकों को 27.15 करोड़ की सीधी सहायता: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में श्रमिक सम्मेलन में किया डीबीटी अंतरण

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मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले भेजी गई राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रोविडेंट फंड (PF) प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं।

इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन के अंत में श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और योगदान से ही राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रमिकों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रदेशभर में आयोजित हो रहे श्रमिक सम्मेलन—श्रम मंत्री

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 20,000 रुपए, मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की गई है।

इसके अलावा “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: निकिता ने रचा इतिहास, भारोत्तोलन में कुल 160 किलोग्राम उठाकर छत्तीसगढ़ को दिलाया पहला स्वर्ण

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रायपुर- खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी निकिता ने राज्य को पहला स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में निकिता ने महिला 77 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 160 किलोग्राम वजन उठाकर प्रथम स्थान हासिल किया।

प्रतियोगिता में निकिता ने स्नैच में 70 किलोग्राम तथा क्लीन एंड जर्क में 90 किलोग्राम वजन उठाया। दोनों ही वर्गों में उन्होंने संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेलों में मजबूत शुरुआत भी दिलाई।

प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर ओडिशा की जानी रहीं, जिन्होंने कुल 126 किलोग्राम वजन उठाया, जबकि तीसरा स्थान असम की जॉयश्री पाटिर को मिला, जिनका कुल प्रदर्शन 118 किलोग्राम रहा।

निकिता की इस उपलब्धि से पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल प्रेमियों और अधिकारियों ने उनकी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास की सराहना की है। यह जीत छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और आने वाले मुकाबलों में राज्य के खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ाएगी।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में देशभर के जनजातीय प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में निकिता का यह स्वर्ण पदक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में  निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गति और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहे निर्माण पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और मरीजों को यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी। 

इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में इस अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित 6 मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों का ढलाई कार्य पूर्ण हो चुका है। 

अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू, पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर संचालित होगा। यह चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, इमरजेंसी वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का किया शुभारंभ

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खेल अधोसंरचना का विस्तार युवाओं को नई ऊर्जा और अवसर देता है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार कर युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें। जशपुर में क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका और ग्रीन क्रिकेट जशपुर के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को संगठित प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम से मुलाकात की और खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, कृष्णा राय, विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: तैराकी में कर्नाटक का दबदबा, महिला वर्ग में ओडिशा बनी चौंपियन

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छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत का शानदार प्रदर्शन, राज्य को दिलाया लगातार चौथा रजत 

कुल 8 पदकों के साथ छत्तीसगढ़ 6वें स्थान पर

रायपुर- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत तैराकी प्रतियोगिताओं का आज समापन हो गया। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसमें पुरुष वर्ग में कर्नाटक ने 123 अंकों के साथ ओवरऑल टीम चौंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं असम 69 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और ओडिशा 31 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा। महिला वर्ग में ओडिशा ने 102 अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए चौंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि कर्नाटक 50 अंकों के साथ प्रथम रनरअप और मेजबान छत्तीसगढ़ 38 अंकों के साथ द्वितीय रनरअप रहा।

प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की तैराक अनुष्का भगत ने लगातार चौथा रजत पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया। उन्होंने महिला 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ की पदक स्थिति मजबूत हुई है और राज्य के खिलाड़ियों में उत्साह का संचार हुआ है।

आज आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल में कर्नाटक के धोनिश ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम के फर्मिनो एमोन लालुंग ने रजत और कर्नाटक के कीर्थन शरथ ने कांस्य पदक प्राप्त किया। महिला 100 मीटर फ्रीस्टाइल में ओडिशा की रितिका मिन्ज ने स्वर्ण पदक जीता, वहीं उनकी ही राज्य की कृष्णा प्रिया नायक ने रजत और असम की वायोलिना क्रो ने कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 50 मीटर बैकस्ट्रोक में असम के निबिर निलिम क्रो ने स्वर्ण, कर्नाटक के धोनिश ने रजत और ओडिशा के राजेश सोरेन ने कांस्य पदक जीता। महिला 50 मीटर बैकस्ट्रोक में ओडिशा की अंजलि मुंडा ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि छत्तीसगढ़ की अनुष्का भगत ने रजत और कर्नाटक की मेघांजली ने कांस्य पदक अपने नाम किया। रिले स्पर्धाओं में पुरुष 4Û100 मीटर मेडले में कर्नाटक ने स्वर्ण, असम ने रजत और त्रिपुरा ने कांस्य पदक जीता, वहीं महिला 4Û100 मीटर मेडले में ओडिशा ने स्वर्ण, त्रिपुरा ने रजत और गुजरात ने कांस्य पदक हासिल किया।

खेलो इंडिया खेलो ट्राइबल प्रतियोगिता 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ ने कुल 8 पदक 1 स्वर्ण, 4 रजत और 3 कांस्य अपने नाम किए हैं और इसी के साथ राज्य पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। प्रतियोगिता में कर्नाटक और ओडिशा का दबदबा देखने को मिला, जबकि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।


खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं को नई दिशा और अवसर देता है- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री ने जशपुर में मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का किया शुभारंभ : खिलाड़ी बास्केटबॉल शतरंज कैरम और टेबल टेनिस खेल का करेंगे अभ्यास

3 करोड़ 52 लाख की लागत से तैयार किया गया स्टेडियम

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में 3 करोड़ 52 लाख रुपए की लागत से निर्मित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर प्रदान करता है और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टेडियम का अवलोकन किया और वहां उपस्थित खिलाड़ियों के साथ खेल का आनंद भी लिया।उन्होंने खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सरकार प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उचित मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त साधन है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर दिया जाए।

मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में खिलाड़ियों को बास्केटबॉल के साथ-साथ शतरंज, कैरम और टेबल टेनिस जैसे खेलों का अभ्यास करने की आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। यह स्टेडियम न केवल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि जशपुर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी बनेगा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, कृष्णा राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर नरेन्द्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, खिलाड़ी और कोच उपस्थित थे।

एंबुलेंस बनी तस्करी का जरिया, 20 किलो गांजा संग दो आरोपी गिरफ्तार

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 महासमुंद। जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र में एंबुलेंस की आड़ में गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 किलो गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।


पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक एंबुलेंस के जरिए गांजा तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर खल्लारी पुलिस ने ग्राम चरौदा मोड़ के पास नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की।

जांच के दौरान एक संदिग्ध बोलेरो एंबुलेंस को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन के पीछे रखी दो बोरियों से 20 किलो गांजा बरामद हुआ। एंबुलेंस में सवार नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी सलमान खान (26 वर्ष) और शिराज पठान (39 वर्ष) को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उड़ीसा से गांजा लाकर महाराष्ट्र में बेचने की योजना बना रहे थे।

पुलिस ने गांजा के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई एंबुलेंस, 6,800 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक महासमुंद जिले में गांजा तस्करी के 59 मामलों में कुल 3,367.500 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 16.79 करोड़ रुपये से अधिक है। इन मामलों में अब तक 157 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 44 छत्तीसगढ़ और 113 अन्य राज्यों के निवासी शामिल हैं।

NEtym 2026 में बोले सिंधिया, पूर्वोत्तर भारत को बताया ‘अष्टलक्ष्मी’ और विकास का सेतु

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नई दिल्ली- केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित NEtym 2026 सांस्कृतिक उत्सव में भाग लिया। यह कार्यक्रम पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति, प्रतिभा और संभावनाओं का उत्सव है।

मंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र भारत के लिए ही नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया और वैश्विक स्तर पर एक रणनीतिक सेतु के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि यहां की लगभग 93% साक्षरता दर और युवा शक्ति भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सरकार की प्रमुख पहलें

सिंधिया ने पूर्वोत्तर के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाओं का उल्लेख किया:

 NE SPARKS Programme

  • ISRO के सहयोग से

  • हर साल 800 छात्रों को स्पेस साइंस का अनुभव

 Ashtalakshmi Darshan Programme

  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम

  • देशभर के छात्रों को जोड़ता है

  • 2030 तक 8000 छात्रों तक विस्तार लक्ष्य

Advancing NER Portal

  • अप्रैल 2026 में लॉन्च होगा

  • 1000+ नौकरी अवसर

  • 300+ करियर विकल्प

  • 3000+ कोर्स और 800+ संस्थानों की जानकारी

मुख्य बातें

  • पूर्वोत्तर भारत को आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का केंद्र बताया

  • युवाओं को देश की ग्रोथ स्टोरी का नेतृत्व करने का आह्वान

  • “Think about what the Northeast is becoming” पर जोर

  • सांस्कृतिक विरासत को भारत की बड़ी ताकत बताया

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि NEtym केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की पहचान, आकांक्षा और विकसित भारत की दिशा में उसकी भूमिका का प्रतीक है।


WTO MC14 में भारत की मजबूत पैरवी, समानता और सर्वसम्मति आधारित व्यापार प्रणाली पर जोर

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याउंडे (कैमरून)- विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) के दूसरे दिन WTO सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों ने चर्चा की। भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

बैठक में गोयल ने कहा कि सर्वसम्मति (consensus) आधारित निर्णय प्रक्रिया WTO की विश्वसनीयता की आधारशिला है और किसी भी सदस्य देश को उसकी सहमति के बिना नियमों में बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने पारदर्शी, समावेशी और सदस्य-आधारित चर्चा पर जोर देते हुए कहा कि WTO को वर्तमान चुनौतियों का गंभीरता से आकलन करना चाहिए।

भारत के प्रमुख मुद्दे

  • खाद्य सुरक्षा (Food Security)

  • पब्लिक स्टॉकहोल्डिंग (PSH)

  • विशेष सुरक्षा तंत्र (SSM)

  • कॉटन से जुड़े मुद्दे

भारत ने कहा कि इन लंबित मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और वैश्विक व्यापार प्रणाली में मौजूद असमानताओं (asymmetries) को दूर करना आवश्यक है।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

  • डिस्प्यूट सेटलमेंट सिस्टम की कमजोरी पर चिंता

  • छोटे देशों के हितों की रक्षा की आवश्यकता

  • पारदर्शिता का दुरुपयोग कर व्यापारिक दबाव बनाने के खिलाफ चेतावनी

  • सभी देशों को समान अवसर देने पर जोर

भारत का रुख

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने WTO सुधार प्रक्रिया को समयबद्ध और ठोस आधार पर आगे बढ़ाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सुधार प्रक्रिया:

  • पारदर्शी

  • समावेशी

  • सदस्य-प्रेरित (member-driven) होनी चाहिए

द्विपक्षीय बैठकें

सम्मेलन के दौरान पीयूष गोयल ने:

  • अमेरिका, चीन, कोरिया, स्विट्जरलैंड, न्यूजीलैंड, कनाडा, मोरक्को और ओमान के प्रतिनिधियों से मुलाकात की

  • व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की

WTO MC14 में भारत ने वैश्विक व्यापार में संतुलन, समान अवसर और विकासशील देशों के हितों की रक्षा पर जोर दिया।


आईआईएम रांची में उपराष्ट्रपति का संबोधन, युवाओं से नैतिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का आह्वान

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रांची (झारखंड)- भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज आईआईएम रांची के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लिया और छात्रों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रबंधन शिक्षा केवल कॉर्पोरेट तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान और समावेशी विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे सफलता को केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मूल्यों और नैतिकता के आधार पर परिभाषित करें।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईमानदारी, विश्वास और नैतिक नेतृत्व मजबूत संस्थानों की नींव हैं। उन्होंने युवाओं को “Think Global, Act Local” का मंत्र अपनाते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि सच्ची सफलता वही है, जो समाज को लौटाने में दिखाई दे।

इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इससे पहले, उपराष्ट्रपति ने खूंटी जिले के उलिहातु गांव में भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली का दौरा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने रांची में बिरसा चौक पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।

उपराष्ट्रपति का यह दौरा युवाओं को नैतिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला माना जा रहा है।


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