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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ शुभारंभ

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में  ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है।

कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जीपीएम के समन्वित विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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अरपा महोत्सव में 100 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की मिली सौगात

मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में शामिल करने सहित कई घोषणाएं 

नव विवाहित 300 जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव एवं गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के छठवें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर जिले को लगभग 100 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि जिले के समन्वित विकास के लिए हर संभव पहल की जाएगी। उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जिले को शामिल करने के साथ ही कई घोषणाएं की। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 300 नव विवाहित जोड़ों को सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अरपा महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 100 करोड़ से अधिक विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन जिले के समन्वित विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि पेंड्रारोड से अमरकंटक तक 19 किलोमीटर सड़क निर्माण से आवागमन में सुविधा होगी तथा केवची मार्ग के निर्माण से पर्यटन विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में 6 हजार 414 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ है, जो ऐतिहासिक क्षण है तथा इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बेटियों के सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस मौके पर नगर पंचायत मरवाही में उच्च विश्राम गृह की स्वीकृति, मुख्यमंत्री बस सेवा योजना में जीपीएम जिले को शामिल करने, जिला मुख्यालय में भव्य ऑडिटोरियम निर्माण तथा समदलई पर्यटन स्थल में स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक एवं सामग्री का वितरण के साथ ही  स्वामित्व योजना अंतर्गत 435 किसानों को पट्टा प्रदान किया गया। कार्यक्रम स्थल पर जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाए गए सभी स्टालों का मुख्यमंत्री साय ने अवलोकन किया।  

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने जिले के विकास कार्यों पर आधारित बुकलेट का विमोचन भी किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में जिले की पर्यटन संभावनाओं और जिले की दो वर्षों की विकास यात्रा पर आधारित वीडियो फिल्म का भी प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, अटल श्रीवास्तव, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे 13 फरवरी को मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ

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भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी और बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर की होगी प्रस्तुति 

एडवेंचर स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार होगा छत्तीसगढ़ का शिमला

रायपुर- छत्तीसगढ़ के शिमला और छोटा तिब्बत के नाम से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। यह महोत्सव रोपाखार जलाशय के समीप 13 से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव का आयोजन राज्य शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। 

मैनपाट महोत्सव में लोक गीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 13 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार मनोज तिवारी प्रस्तुति देंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी। 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी। 15 फरवरी को महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इसके साथ ही रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योतिश्री वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकार और स्कूली बच्चों के द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। 

जिला प्रशासन द्वारा मैनपाट महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस मौके पर  विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जा रही है, जहां शासन की योजनाओं और स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा। महोत्सव स्थल पर एडवेंचर एक्टिविटी में पर्यटकों के लिए बोटिंग, साहसिक खेल और पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। फूड ज़ोन में सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया जा सकेगा। 

मैनपाट के प्रमुख आकर्षण

अंबिकापुर मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित मैनपाट एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जोकि समुद्र तल से 3,781 फीट की ऊंचाई पर है। मैनपाट में बड़ा तिब्बती समुदाय बसा है, जहां का थाकपो शेडुप्लिंग मठ मुख्य आकर्षण है। जलजली- यह एक भूगर्भीय आश्चर्य है जहाँ जमीन दलदली है और कूदने पर स्पंज की तरह हिलती है, इसे म्यूजिकल लैंड भी कहते हैं। उल्टा पानी- यहाँ का पानी ढलान के विपरीत दिशा में बहता है, जो एक अनसुलझा रहस्य है। इसके अलावा टाइगर पॉइंट, मछली पॉइंट, मेहता पॉइंट, सरभंजा जलप्रपात जैसे अनेक दर्शनीय स्थान हैं।

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए देशव्यापी MDA अभियान का शुभारंभ, 2027 तक बीमारी खत्म करने का लक्ष्य

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नई दिल्ली- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देशभर में लिम्फैटिक फाइलेरियासिस (हाथीपांव) के उन्मूलन के लिए वार्षिक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (MDA) अभियान की शुरुआत की। इस अभियान में फाइलेरिया प्रभावित 12 राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

यह अभियान रोग संचरण को रोकने, बीमारी से होने वाली विकलांगता कम करने और कमजोर आबादी को निवारक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

क्या है फाइलेरिया (हाथीपांव)

लिम्फैटिक फाइलेरियासिस एक मच्छर जनित बीमारी है, जो प्रदूषित और ठहरे पानी में पनपने वाले क्यूलेक्स मच्छर से फैलती है। यह रोग लिम्फ प्रणाली को नुकसान पहुंचाकर विकलांगता, सामाजिक कलंक और आर्थिक कठिनाइयों का कारण बनता है।

भारत सरकार ने इसे 2027 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, जो वैश्विक SDG लक्ष्य 2030 से पहले है।

फाइलेरिया की वर्तमान स्थिति

  • 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 348 जिलों में फाइलेरिया स्थानिक

  • 41% जिलों (143) ने MDA सफलतापूर्वक बंद किया

  • 50% जिलों (174) में अभी वार्षिक MDA जारी

  • 2024 तक

    • 6.20 लाख लिम्फोडेमा केस

    • 1.21 लाख हाइड्रोसील केस

 MDA अभियान से मिली बड़ी सफलता

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ स्वास्थ्य लक्ष्य नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक आवश्यकता भी है।

MDA अभियान के तहत सीधे निगरानी में दवा सेवन (Directly Observed Treatment) से अच्छे परिणाम मिले हैं। उन्होंने मच्छर नियंत्रण और जन जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मरीजों के लिए उपचार और सामाजिक सुरक्षा

  • हाइड्रोसील सर्जरी और दवाओं का वितरण

  • आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्क्रीनिंग और इलाज

  • हाइड्रोसील सर्जरी को आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया गया

नई रणनीति: साल में एक बार MDA

फरवरी 2026 से भारत में साल में एक बार एकीकृत MDA अभियान शुरू किया गया है, जिससे बेहतर निगरानी, उच्च कवरेज और प्रभावी संचालन संभव होगा।

कार्यक्रम की प्रगति

  • MDA कवरेज 2014 में 75% से बढ़कर 2025 में 85%

  • TAS-1 पास करने वाले जिले 15% से बढ़कर 41%

  • 2025 अभियान में 21.71 करोड़ लोगों को लक्ष्य, 96% कवरेज

  • 18.48 करोड़ लोगों ने दवा का सेवन किया

सामुदायिक भागीदारी पर जोर

सरकार ने पंचायती राज, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, ग्रामीण विकास सहित कई मंत्रालयों के सहयोग से जन जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।

2027 तक फाइलेरिया मुक्त भारत का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री ने पूरे समाज और सरकार के संयुक्त प्रयासों से फाइलेरिया मुक्त भारत बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव स्मृति पुन्या सलिला श्रीवास्तव, NHM की एमडी अराधना पटनायक और संयुक्त सचिव निखिल गजराज भी उपस्थित रहे।


सहकारी संस्थाओं को बड़ा बढ़ावा: NCDC को दिए गए बैंक ऋण होंगे प्राथमिकता क्षेत्र ऋण में शामिल

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नई दिल्ली- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारत सरकार के परामर्श से घोषणा की है कि 19 जनवरी 2026 से बैंकों द्वारा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को दिए गए ऋण, जो सहकारी संस्थाओं को आगे ऋण देने के लिए हैं, उन्हें प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।



यह प्रावधान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, शहरी सहकारी बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक और लोकल एरिया बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों पर लागू होगा। ये ऋण RBI की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण संबंधी मास्टर डायरेक्शन 2025 के तहत निर्धारित गतिविधियों के लिए होंगे।

NCDC की भूमिका

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), सहकारिता मंत्रालय के तहत एक वैधानिक संस्था है, जो सहकारी संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है और सहकारी आंदोलन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए सरकार और RBI के कदम

सरकार और RBI ने सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति, शासन व्यवस्था और डिजिटल समावेशन को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) को नई शाखाएं खोलने की अनुमति

  • UCBs के लिए हाउसिंग लोन सीमा 10% से बढ़ाकर 25%

  • सहकारी बैंकों के निदेशकों का कार्यकाल 8 से बढ़ाकर 10 वर्ष

  • आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) के लाइसेंस शुल्क में कमी

  • शहरी सहकारी बैंकों के लिए NUCFDC नामक अम्ब्रेला संस्था की स्थापना, जो IT और संचालन सहायता देगी

  • ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए “सहकार सारथी” साझा सेवा इकाई की स्थापना

  • ग्रामीण सहकारी बैंकों को एकीकृत लोकपाल योजना में शामिल किया गया

  • DICGC द्वारा सभी सहकारी बैंकों में प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक जमा बीमा

राज्यसभा में दी गई जानकारी

यह जानकारी वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।


CG NEWS : खून से रिश्तों का कत्ल! बेटी ने हंसिया से पिता का सीना-सिर चीर डाला

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 कोरबा। जिले के SECL प्रभावित क्षेत्र ग्राम रलिया (थाना हरदीबाजार) से एक हृदय विदारक और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां 25 वर्षीय बेटी गीता निषाद ने अपने वृद्ध पिता अशोक निषाद की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।


घटना सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, बेटी ने घर में रखे धारदार हंसिया से पिता के सीने और सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।

परिजनों ने बताया कि आरोपी बेटी गीता निषाद कोरबा में रहती थी और कुछ दिनों के लिए अपने पिता के घर आई हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिता अशोक निषाद बेटी के जीवन-यापन और भरण-पोषण के तौर-तरीकों से असहमत थे और उसे गलत रास्ते पर जाने से रोकते हुए समझाइश दे रहे थे।

पुलिस के अनुसार, पिता की यह नसीहत बेटी को नागवार गुजरी और गुस्से में आकर उसने हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया।

घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद डडसेना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी बेटी को हिरासत में लेकर हत्या में प्रयुक्त हंसिया जप्त कर ली है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।

भारत–सेशेल्स रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति, संयुक्त सैन्य अभ्यास LAMITYE-2026 पर चर्चा

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नई दिल्ली- रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 10 फरवरी 2026 को सेशेल्स गणराज्य के विदेश एवं प्रवासी मामलों के मंत्री बैरी फॉरे और सेशेल्स रक्षा बलों के प्रमुख मेजर जनरल माइकल एंसलम मार्क रोसेट से नई दिल्ली में मुलाकात की।

बैठक के दौरान दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते रक्षा और सुरक्षा सहयोग की समीक्षा की और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

संयुक्त सैन्य अभ्यास और क्षमता निर्माण

दोनों देशों ने आगामी संयुक्त सैन्य अभ्यास LAMITYE-2026 और क्षमता निर्माण पहलों का स्वागत किया और इन सहयोगों के दायरे को और बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रशिक्षण, हाइड्रोग्राफी, जहाज और विमान यात्राएं, रक्षा प्रतिनिधिमंडल यात्राएं और समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

रक्षा सचिव ने सेशेल्स की आगामी इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और एक्सरसाइज मिलान 2026 (विशाखापत्तनम) में भागीदारी का स्वागत किया।

MAHASAGAR विजन पर चर्चा

बैठक में भारत के MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन पर भी चर्चा हुई, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए समावेशी और सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर आधारित है।

दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र में साझा चुनौतियों से निपटने, क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी के लिए सहयोगात्मक रणनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।

भविष्य के रक्षा सहयोग पर सहमति

भारत और सेशेल्स ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के भविष्य के अवसरों पर विचार किया, विशेष रूप से सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण में दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।



सनी लियोनी के रायपुर कार्यक्रम पर बवाल, बजरंग दल की चेतावनी—रद्द नहीं हुआ तो होगा उग्र विरोध

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में 22 फरवरी को प्रस्तावित बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी के कार्यक्रम को लेकर विरोध तेज़ होता जा रहा है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विरोध अब सड़कों तक पहुंचने के संकेत दे रहा है। इस बीच बजरंग दल ने कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आयोजन रद्द करने की मांग की है।


बजरंग दल के नेता विजेंद्र वर्मा ने बयान जारी कर कहा कि संगठन ने इस कार्यक्रम को रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वर्मा ने आरोप लगाया कि इस तरह के कार्यक्रम समाज और संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

विरोध बढ़ता देख आयोजकों ने कार्यक्रम के प्रचार में बदलाव किया है। पोस्टर से सनी लियोनी की तस्वीर हटाकर कार्यक्रम को अब “डीजे सनी” के नाम से प्रचारित किया जा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद विरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम से जुड़ा एक अनाउंसमेंट वीडियो वायरल हो रहा है, जिस पर लगातार आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, सनी लियोनी रायपुर के रामा वर्ल्ड में आयोजित एक नाइट डीजे पार्टी में शामिल होने वाली हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

“भारत टैक्सी” बनी देश की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा, ड्राइवर होंगे मालिक और भागीदार

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नई दिल्ली- सहकारिता मंत्रालय ने सहकारी संस्थाओं को रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी का सशक्त माध्यम बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी दिशा में “भारत टैक्सी” को मोबिलिटी सेक्टर में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में शुरू किया गया है।

“भारत टैक्सी” भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें ड्राइवरों (जिन्हें सारथी कहा जाता है) को स्वामित्व, शासन और मूल्य सृजन के केंद्र में रखा गया है। यह मॉडल निवेश-आधारित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के बजाय एक स्वदेशी और टिकाऊ विकल्प प्रदान करता है।

शून्य कमीशन मॉडल पर आधारित

भारत टैक्सी को 6 जून 2025 को सहकारिता क्षेत्र में कार्यरत 8 राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी एक्ट, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया। यह प्लेटफॉर्म शून्य कमीशन मॉडल पर काम करता है, जिसमें लाभ सीधे ड्राइवरों को वितरित किया जाता है।

कहां-कहां चल रही सेवा

फिलहाल भारत टैक्सी सेवा दिल्ली NCR (दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा) और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में संचालित है।

  • 9.9 लाख से अधिक पंजीकृत ग्राहक

  • 3 लाख से ज्यादा पंजीकृत ड्राइवर

  • 2.9 लाख से अधिक राइड्स पूरी

2029 तक चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में सेवा शुरू करने की योजना है।

कोई प्लेटफॉर्म फीस नहीं

फिलहाल यात्रियों और ड्राइवरों से कोई सुविधा शुल्क, प्लेटफॉर्म फीस या कमीशन नहीं लिया जा रहा है। हालांकि, एयरपोर्ट प्रीपेड बूथ पर संचालन खर्च के लिए 7% सेवा शुल्क लगाया जाता है।

ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा

भारत टैक्सी ड्राइवरों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, रिटायरमेंट बचत और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देता है। दिल्ली में 7 स्थानों पर सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
ड्राइवरों को अन्य प्लेटफॉर्म पर काम करने की भी स्वतंत्रता है।

महिला सशक्तिकरण पहल

“बाइक दीदी” पहल के तहत 150 से अधिक महिला ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।

भविष्य की योजना

भारत टैक्सी सभी राज्यों और शहरों में विस्तार, हर राज्य में सहायता केंद्र, ड्राइवर सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एकीकृत मोबिलिटी इकोसिस्टम बनाने की योजना पर काम कर रही है।

यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।


इंडिया पोस्ट और NSE के बीच MoU, अब पोस्ट ऑफिस से मिलेंगे म्यूचुअल फंड उत्पाद

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नई दिल्ली- डाक विभाग (Department of Posts) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत अब इंडिया पोस्ट के विशाल नेटवर्क के माध्यम से म्यूचुअल फंड उत्पादों का वितरण किया जाएगा।

देशभर में 1.64 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस के नेटवर्क का उपयोग करते हुए, डाक विभाग NSE के डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर निवेश सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में निवेश की अंतिम मील तक पहुंच सुनिश्चित होगी।

वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा

यह साझेदारी सरकार के वित्तीय समावेशन के विजन के अनुरूप है, जिसमें इंडिया पोस्ट की विश्वसनीयता और व्यापक पहुंच को NSE की तकनीकी विशेषज्ञता और बाजार संरचना के साथ जोड़ा जाएगा। इससे निवेशकों में जागरूकता, पारदर्शिता और पूंजी बाजार से जुड़े वित्तीय उत्पादों में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

नई दिल्ली में हुआ MoU पर हस्ताक्षर

इस समझौते पर डाक विभाग की ओर से मनीषा बंसल बादल और NSE की ओर से श्रीराम कृष्णन ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

MoU के तहत चयनित डाक विभाग कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर प्रमाणित म्यूचुअल फंड वितरक बनाया जाएगा। ये अधिकारी NSE प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश सेवाएं प्रदान करेंगे। इसके लिए NISM प्रमाणन और EUIN पंजीकरण अनिवार्य होगा।

ग्रामीण और टियर-2, टियर-3 शहरों में निवेश को बढ़ावा

यह पहल टियर-2, टियर-3 और ग्रामीण क्षेत्रों में म्यूचुअल फंड निवेश को बढ़ावा देगी, निवेशकों का भरोसा मजबूत करेगी और भारत को वित्तीय रूप से सशक्त समाज बनाने में मदद करेगी।

यह MoU 10 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित हुआ और तीन वर्षों तक मान्य रहेगा, जिसे आपसी सहमति से नवीनीकरण किया जा सकता है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिसकी शुरुआत चयनित स्थानों पर पायलट परियोजना से होगी।


शादी से पहले मातम! कन्या विवाह योजना की बस खाई में गिरी- 54 जोड़े घायल

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 मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ जिले से एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे दर्जनों जोड़ों के साथ बड़ा सड़क हादसा हो गया। जनकपुर से रतनपुर जा रही एक यात्री बस पोड़ी थाना क्षेत्र के नागपुर रेलवे स्टेशन के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में बस में सवार 54 जोड़े घायल हो गए।


तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्गा बस की रफ्तार काफी तेज थी। नागपुर के पास चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया, जिससे बस सड़क से फिसलकर खाईनुमा गड्ढे में जा घुसी। दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

चालक-कंडक्टर मौके से फरार

हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाला दृश्य सामने आया। बस का चालक और कंडक्टर घायलों को तड़पता छोड़ मौके से फरार हो गए। बस में सवार कई लोग दर्द से कराहते रहे, जबकि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

शादी की रस्मों से पहले अस्पताल पहुंचे जोड़े

हादसे में सभी यात्रियों को चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल नागपुर उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां कुछ जोड़ों की हालत गंभीर बताई जा रही है। शादी की खुशियों के साथ निकले नवविवाहित जोड़ों को रस्मों की जगह अस्पताल के बेड पर इलाज कराना पड़ा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सरकारी योजना के तहत आयोजित इतने बड़े आयोजन के लिए बस की तेज रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस इतनी तेज क्यों चलाई जा रही थी, इसकी जांच की मांग उठने लगी है।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी थाना पुलिस और नागपुर चौकी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक और कंडक्टर की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।

ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में विशेष पहचान बनाएगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमरजिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्ट-अप और नवाचार इकोसिस्टम को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, निदेशक एसटीपीआई रवि वर्मा, चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की हर पंचायत में हाई-स्पीड इंटरनेट— केंद्र से ₹3,500 करोड़ का बड़ा प्रस्ताव

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार की भारत नेट योजना के तीसरे चरण (फेज-थ्री) के तहत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाने की तैयारी है। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र को करीब 3,500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। साथ ही प्रदेश में 5,000 नए मोबाइल टावर स्थापित करने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है।


11,693 ग्राम पंचायतों को मिलेगा लाभ

त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में कुल 11,693 ग्राम पंचायतें हैं। वर्ष 2024-25 की स्थिति में भारत नेट परियोजना के पहले और दूसरे चरण के तहत प्रदेश की 9,804 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। नेटवर्क के रखरखाव और संचालन के लिए 66 करोड़ रुपये की पूल निधि के गठन का भी प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण इलाकों में वाई-फाई हॉटस्पॉट

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने के लिए वाई-फाई हॉटस्पॉट (हाट-स्पॉट) स्थापित किए जाएंगे।
प्रथम चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पीएम-वाणी परियोजना के अंतर्गत 37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा उपयोग किए जा रहे ई-एसेट्स, मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स की साइबर सुरक्षा जांच और सर्टिफिकेशन की व्यवस्था भी की जाएगी।

बस्तर के 735 गांव अब भी नेटवर्क से दूर

बस्तर संभाग में माओवाद प्रभावित (LWE) क्षेत्रों में कुल 3,791 स्थान चिन्हित हैं, जिनमें से 3,056 क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध है। हालांकि 735 गांव अब भी नेटवर्क से वंचित हैं।
इन इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए 481 नए मोबाइल टावरों की आवश्यकता चिन्हित की गई है, जिन्हें स्वीकृति मिल चुकी है।
केंद्र सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है और योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक सभी स्वीकृत मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में टावर स्थलों का सर्वे कार्य प्रगति पर है। इन टावरों की स्थापना और संचालन का कार्य बीएसएनएल द्वारा किया जा सकता है।

फेज-टू की कंपनी से कानूनी विवाद

जानकारी के अनुसार, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चिप्स और टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के बीच करीब 3,056 करोड़ रुपये का अनुबंध हुआ था, जिसका उद्देश्य 6,000 गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना था।
हालांकि जमीनी स्तर पर काम नहीं होने के कारण मई 2025 में अनुबंध समाप्त कर दिया गया। कंपनी ने खुदाई में आने वाली बाधाओं और प्रशासनिक दिक्कतों को इसका कारण बताया। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, जिससे फेज-टू का काम प्रभावित हुआ।

अधिकारियों का बयान

अंकित आनंद, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने कहा कि
“राज्य सरकार हर गांव तक मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। भारत नेट योजना के तीसरे चरण में सभी ग्राम पंचायतों को कवर करने का लक्ष्य है। इसके लिए केंद्र सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा गया है।”

मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा: देश में 7 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित, ₹183.46 करोड़ जारी

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नई दिल्ली- फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए देश के सात NIPER संस्थानों में सात उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence – CoEs) स्थापित किए हैं। ये केंद्र PRIP योजना (Promotion of Research & Innovation in MedTech Sector) के तहत स्थापित किए गए हैं।

31 जनवरी 2026 तक इन केंद्रों की स्थापना के लिए कुल ₹183.46 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है।

सरकार को उद्योग, स्टार्ट-अप और MSME सेक्टर से कुल 710 शोध परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें कई परियोजनाएं प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से जुड़ी हैं, जिन्हें PRIP योजना के तहत अधिक वित्तीय सहायता के लिए पात्र माना गया है।

योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने से पहले परियोजनाओं का बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से परीक्षण किया जाता है। इसके बाद पात्र परियोजनाओं को पूर्ण या उच्च वित्तीय सहायता मंजूर की जाती है।

यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।


BIOFACH 2026 में भारत बना “कंट्री ऑफ द ईयर”, ऑर्गेनिक कृषि क्षेत्र को मिली वैश्विक पहचान

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न्यूरेम्बर्ग, जर्मनी- भारत को दुनिया के सबसे बड़े ऑर्गेनिक उत्पाद व्यापार मेले BIOFACH 2026 में “कंट्री ऑफ द ईयर” घोषित किया गया है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी 10 से 13 फरवरी 2026 तक जर्मनी के न्यूरेम्बर्ग में आयोजित की जा रही है।

भारत की भागीदारी का आयोजन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन में भारत अपनी समृद्ध कृषि विरासत और वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक उत्पादों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति प्रदर्शित करेगा।

BIOFACH जर्मनी विश्व का सबसे बड़ा और प्रभावशाली ऑर्गेनिक खाद्य और कृषि प्रदर्शनी मंच है। APEDA पिछले एक दशक से इस आयोजन में लगातार भाग ले रहा है और भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता रहा है।

BIOFACH 2026 में भारत की भागीदारी पिछले वर्षों की तुलना में काफी बड़े स्तर पर हो रही है, जो भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों के बढ़ते निर्यात, वैश्विक मांग और निर्यातकों तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है। 14 वर्षों के बाद एक बार फिर भारत का ऑर्गेनिक कृषि क्षेत्र इस मंच पर केंद्र में रहेगा।

इंडिया कंट्री पवेलियन की खासियत

APEDA द्वारा स्थापित इंडिया कंट्री पवेलियन 1,074 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें 67 सह-प्रदर्शक भाग लेंगे। इनमें ऑर्गेनिक उत्पाद निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन, सहकारी संस्थाएं, ऑर्गेनिक लैब, राज्य सरकारी संस्थाएं और कमोडिटी बोर्ड शामिल हैं।

पवेलियन में चावल, तिलहन, जड़ी-बूटियां, मसाले, दालें, काजू, अदरक, हल्दी, बड़ी इलायची, दालचीनी, आम प्यूरी और आवश्यक तेल जैसे कई ऑर्गेनिक उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।

देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जिनमें असम, मेघालय, मणिपुर, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड शामिल हैं।

भारतीय स्वाद और GI टैग चावल की प्रस्तुति

इंडिया पवेलियन में आगंतुकों को भारतीय ऑर्गेनिक उत्पादों का स्वाद चखाया जाएगा। ऑर्गेनिक बासमती चावल और मसालों से बनी खुशबूदार बिरयानी का लाइव टेस्टिंग भी आयोजित होगी। इसके अलावा इंड्रायणी चावल, नवारा चावल, गोबिंदभोग चावल, रेड राइस और चक-हाओ (ब्लैक राइस) जैसे GI टैग प्राप्त चावल भी प्रस्तुत किए जाएंगे।

वैश्विक ऑर्गेनिक बाजार में भारत की मजबूत स्थिति

BIOFACH 2026 में कंट्री ऑफ द ईयर बनने से वैश्विक स्तर पर ऑर्गेनिक कृषि में भारत की अग्रणी भूमिका और मजबूत हुई है। APEDA भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और भारत को दुनिया का ऑर्गेनिक फूड बास्केट बनाने के लिए लगातार सहयोग कर रहा है।


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