Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

सचिव खनिज संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन पी. दयानंद की पत्रकार वार्ता

No comments Document Thumbnail

रायपुर। सचिव खनिज संसाधन पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 02 वर्षों में उल्लेखनियवृद्धि हुई है।

सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यों के संपादन का सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान में कार्यरत् है। 

दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN -Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।

दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी

माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक - सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।

सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति पर है। 

माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्ग निर्देशन में विगत वर्षों से लंबित केरवा कोल परियोजना के लिए अब सफलता प्राप्त हुई है। सटीक कार्ययोजना के माध्यम से पारदर्शी नीलामी से 15.85 प्रतिशत प्रिमियम में MDO का चयन हो चुका है। यह ब्लॉक MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से कोयला मंत्रालय भारत शासन द्वारा आबंटित है।

क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अधिकमत उत्पादन की स्थिति में राज्य शासन को लगभग 150 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी एवं MPSMC-CMDC को संयुक्त रूप से 53 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्त होगी। सी.एम.डी.सी. के द्वारा मुख्य खनिजों के साथ-साथ माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर खनन/व्यापार हेतु गौण खनिज को भी शामिल किया गया है। इस क्रम में जिला सक्ती के ग्राम छितापंडरिया में डोलोमाईट खनिज रकबा 326.167 हे. क्षेत्र को राज्य शासन द्वारा सी.एम.डी.सी. हेतु आरक्षित किया गया है। इसके अनुक्रम में सी.एम.डी.सी. द्वारा माईनिंग/मार्केटिंग के लिए MDO चयन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके के MSTC के माध्यम से प्रचलन में है।

कोरण्डम खनिज के क्षेत्र में जिला बीजापुर के ग्राम कुचनुर में सी.एम.डी.सी. को उत्खनिपट्टा क्षेत्र में वर्षांे बाद उत्पादन प्रारंभ हो गया है, 1 टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता का पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त है। उत्पादित कोरण्डम में आधारित स्थानीय लोगों को जीविकोपार्जन एवं समाजिक/आर्थिक विकास को दृष्टिगत रखते हुए कोरण्डम कटिंग/पॉलिशिंग का प्रशिक्षण दिया जा कर जीविकोपार्जन की व्यवस्था की जा रही है। कॉपर की उपस्थिति की पुष्टि एवं भविष्य में खनन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के साथ संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ कॉपर लिमिटेड का गठन किया जा चुका है। इस हेतु राष्ट्रीय खनिज एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के माध्यम से अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति हो चुकी है एवं अन्वेषण का कार्य प्रगति पर है। यह अन्वेषण क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा मोहला-मानपुर जिले में हिदर ब्लॉक 28.60 वर्ग कि.मी. एवं बोदल ब्लॉक में 21.75 वर्ग कि.मी. 03 वर्ष के लिए अधिसूचित किया गया है।

भविष्य की कार्ययोजना

पिछले 02 वर्षों में सी.एम.डी.सी. के द्वारा नवीन आयाम स्थापित किये है एवं भविष्य के परियोजनाओं को अपेक्षित गति प्रदान करने के लिए सटिक कार्ययोजना तैयार कर क्रमशः आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सी.एम.डी.सी. भी सहभागीता निभाने का प्रयास कर रही है।

टिन खनिज के लिए नॉन ऑपरेशन खदान को लैप्स घोषित किया गया एवं केन्द्र सरकार के माध्यम से नीलामी की कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी 2 से 3 वर्षों में खदान प्रारंभ होने से भविष्य में खनन एवं निकासी से राज्य शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। 

टिन स्लैग में अवस्थित टेंटलम, नियोबियम एवं अन्य को निष्कर्षण की कार्ययोजना तैयार कर पायलट परियोजना प्रारंभ की जा रही है। नवीन क्षेत्रों का चयन कर MSTC के माध्यम से क्रिटिकल मिनरल के लिए अन्वेषण/खनन की कार्ययोजना पर आगे कार्यवाही की जाएगी।

लौह अयस्क में वर्तमान उत्पादन क्षमता 5 लाख मिट्रिक टन से 20 लाख मिट्रिक टन किया जा रहा है इससे राज्य शासन को राजस्व के रूप मंे लगभग 250 करोड़ रूपये एवं सी.एम.डी.सी. को 768.4 करोड़ रूपये की राजस्व प्राप्ति होगी। 

बाक्साईट खनिज में पथरई खदान में उत्पादन क्षमता 2 लाख टन होने से एवं अन्य संचालित परियोजना में अधिकतम उत्पादन/निकासी की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को अतिरिक्त राजस्व में लगभग 10 करोड़ रूपये की वृद्धि होगी है।

क्रिटिकल मिनरल में भविष्य में कोल इण्डिया के साथ नये ग्रेफाईट युक्त क्षेत्र का चयन कर संयुक्त रूप से अन्वेषण/उत्खनन का कार्य किया जाएगा। टिनस्लैग/एल्यूमिनियम स्लैग से क्रिटिकल मिनरल का निष्कर्षण किया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल का सेमिनार आयोजित एवं रिसर्च पेपर आमंत्रित किये जाएंगे। 

डोलोमाईट में 2 मिलियन टन उत्पादन क्षमता आगामी 03 वर्षों में प्राप्त करने की स्थिति में सी.एम.डी.सी. को 20 करोड़ रूपये का लाभ होगा एवं राज्य शासन को 32 करोड़ प्राप्त होगा। 

हीरा क्षेत्र में प्रचलित पूर्वेक्षण से चिन्हित् हीरा धारित क्षेत्र में हीरा की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर शासन को लाभ मिलेगा। 

सी.एम.डी.सी. द्वारा खनन से संबंधित सर्विस प्रोवाइडर के रूप में सेवा दिया जाकर अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति का प्रयास किया जाएगा। जैसे - प्री एम्बेडेड क्लियरेन्स की कार्यवाही से नीलामी हेतु ब्लॉक जल्दी उपलब्ध हांगे, इससे शासन को राजस्व की प्राप्ति एवं सी.एम.डी.सी. को सेवा शुल्क प्राप्त होगा। इसी तरह खनन योजना तैयार करने, अन्वेषण एजेंसी के रूप में कार्य करने एवं ड्रोन से संबंधित कार्य,चेक गेट, वेब्रिज सेवा, बंद पड़ी खदानों का पुर्नउद्धार एवं ग्रेनाईट माईनिंग एवं कटिंग/पॉलिशिंग उद्योग, सैण्ड माईनिंग पर भी कार्ययोजना तैयार किया गया है।


छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बना

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। राज्य सरकार व्दारा खनिजों के विकास एवं दोहन के लिए की जा रही योजनाबद्ध कार्यवाही के परिणामस्वरूप राज्य के खनिज राजस्व में उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।


दयानन्द ने कहा कि राज्य गठन के समय 429 करोड़ खनिज राजस्व में वृद्धि करते हुये अपने रजत जयंती वर्ष 2024-25 तक 14,592 करोड़ का सोपान तय किया है तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह दिसम्बर, 2025 तक खनिजों से राज्य शासन को लगभग 10,345 करोड़ राजस्व प्राप्त हो चुका है एवं वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक लगभग 17,000 करोड़ लक्ष्य की पूर्ति हेतु अग्रसर है। छत्तीसगढ़ राज्य देश में कुल खनिज उत्पादन का औसतन 17 प्रतिशत हिस्सेदारी में योगदान है तथा राज्य के कुल सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत योगदान दे रहा है।

सचिव ने बताया कि खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना गाईड लाईन-2024 के मार्गदर्शी सिद्धांतों को आत्मसात कर छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन किये गये है। अब तक डीएमएफ अन्तर्गत 16,742 करोड़ का अंशदान प्राप्ति हुई है जिसका खनन प्रभावित क्षेत्रों/लोगों के विकास हेतु 1.07,689 कार्यों की स्वीकृति की गई है, जिसमें से 75,901 कार्य पूर्ण हो गये है तथा शेष प्रगतिरत है।

उन्होंने बताया कि डीएमएफ निधि के समायोजन द्वारा कुल जिला खनिज संस्थान अन्तर्गत होने वाले कार्यों का समुचित निगरानी, वित्तीय स्वीकृति, प्रबंधन एवं नियंत्रण एवं उत्तरदायिता के साथ कार्य किये जाने हेतु केन्द्र सरकार के डीएमएफ पोर्टल की भांति राज्य डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किया गया है।

दयानन्द ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा खनिज अधिनियम, 1957 में संशोधन करते हुए. देश में खनिजों की खोज हेतु राष्ट्रीय खनिज खोज विकास न्यास (एनएमईडीटी) गठन किया गया। उक्त न्यास मद में वर्ष 2015-16 से अब तक माह दिसम्बर 2025 तक 1,159 करोड़ रूपये जमा किया जा चुका है।

सचिव ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री के मंशानुसार क्रिटिकल मिनरल्स को विकसित भारत 2047 की दृष्टिगत में अति-महत्वपूर्ण माना गया है। तत्संबंध में भारत सरकार द्वारा नेशनल क्रिटिकल मिशन लागू किया गया है। जिससे क्रिटिकल मिनरल्स की खोज एवं दोहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ लीथियम खदान की नीलामी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। केन्द्र सरकार द्वारा कोरबा जिले के कटघोरा तहसील अन्तर्गत लीथियम और दुर्लभ खनिज का नीलामी किया गया है। राज्य में लीथियम खदान खुलने से स्थानीय बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वर्तमान परिदृश्य में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मेनरल्स की महत्ता काफी बढ़ गई है, जिसके दृष्टिगत छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा तथा बस्तर जिले के बेंगपाल एलिंगनार कोमाकोलेंग क्षेत्र में लीथियम, नियोबियम, टेंटेलम तथा आरईई खनिज की खोज हेतु अधिसूचित प्रायवेट सेक्टर एक्सप्लोरेशन एजेंसियों के माध्यम से एनएमईटी के तहत् 01 परियोजना स्वीकृत की गई है।

 

सरकार बनी जीवन रक्षक, कृतिका को मिला 16.50 लाख का इलाज सहारा

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : जब बीमारी जिंदगी पर भारी पड़ने लगे और इलाज की लागत परिवार की हैसियत से बाहर हो, तब उम्मीद अक्सर टूटने लगती है। ऐसी ही नाजुक घड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बालिका कृतिका निषाद को छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने नया जीवन दिया।


गंभीर बीमारी से जूझ रही कृतिका के इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल, गुरुग्राम में 16 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। जिला प्रशासन की तत्परता और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई से यह सहायता समय पर मिली, जिससे परिवार को कर्ज के बोझ से बचाते हुए बेहतर इलाज संभव हो सका।

राज्य सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत गंभीर और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए 25 लाख रुपये तक की अधिकतम सहायता दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक में शामिल है। यह योजना उन परिवारों के लिए संबल बनी है, जिनके लिए महंगे इलाज की कल्पना भी असंभव होती है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस योजना से कैंसर, हृदय रोग, लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल इलाज कराए जा सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि कोई भी नागरिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।कृतिका की कहानी इसी संवेदनशील सोच की जीवंत मिसाल बनकर सामने आई है।

23 जनवरी को रायपुर में होगा IND vs NZ टी-20 मुकाबला, आज से ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू

No comments Document Thumbnail

 IND vs NZ Raipur : छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राजधानी रायपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेज़बानी के लिए पूरी तरह तैयार है। 23 जनवरी को भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।


इस संबंध में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) के डायरेक्टर विजय शाह और बलदेव सिंह भाटिया ने होटल कोटियार्ड में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी। (IND vs NZ Raipur)

टिकट की कीमतें

टिकटों की बिक्री ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। स्टूडेंट्स के लिए टिकट ₹800 से शुरू होगी, जिसमें एक छात्र को एक ही टिकट दिया जाएगा। अन्य टिकट दरें इस प्रकार हैं—

  • अपर सिटिंग: ₹2000
  • लोअर सिटिंग: ₹2500, ₹3000, ₹3500
  • सिल्वर: ₹7500
  • गोल्ड: ₹10,000
  • प्लैटिनियम: ₹12,500
  • कॉर्पोरेट बॉक्स: ₹25,000

आज से ऑनलाइन टिकट बिक्री

टिकटों की ऑनलाइन बिक्री ticketgenie.in पर 15 जनवरी की रात 7:30 बजे से शुरू होगी। एक व्यक्ति ऑनलाइन अधिकतम चार टिकट खरीद सकेगा।
वहीं, 19 जनवरी से फिजिकल टिकट रिडेंप्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टेडियम में फूड व्यवस्था को लेकर निर्देश

प्रेस वार्ता में बताया गया कि स्टेडियम परिसर में फूड बेचने वाले सभी विक्रेताओं को अपने कर्मचारियों की टी-शर्ट पर खाने की कीमत लिखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्टेडियम के अंदर फूड मेन्यू और उसके दाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। (IND vs NZ Raipur)

गरियाबंद : अश्लील ऑर्केस्ट्रा डांस पर बड़ा एक्शन, ओडिशा की डांसर गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में ओडिशा की डांसर सुचित्रा जेना को उसके गांव से गिरफ्तार कर धर्मशाला थाना में पेश किया, जहां से उसे निजी मुचलके पर रिहा किया गया। पुलिस ने डांसर को आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में सह-आरोपी बनाया है।


क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिले के उरमाल गांव में छह दिवसीय ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। 8 जनवरी को हुए कार्यक्रम के दौरान डांसरों द्वारा अर्धनग्न होकर अश्लील नृत्य किया गया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वीडियो सामने आते ही जिले में हड़कंप मच गया।

SDM और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

वायरल वीडियो में तत्कालीन SDM तुलसी दास मरकाम खुद कार्यक्रम का वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने SDM को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया और जांच समिति गठित की है।

वहीं, डांसरों के साथ आपत्तिजनक हरकत करने वाले देवभोग थाने के तीन पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

दूसरी डांसर की तलाश जारी

पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही 9 जनवरी को डांस करने वाली दूसरी डांसर निशा महाराणा की तलाश की जा रही है, जिसने कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर प्रचार वीडियो भी जारी किया था।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में अश्लीलता और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

10 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर उतरा बिहान संघ, उग्र आंदोलन की चेतावनी

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर सरकार के खिलाफ बड़ा जन आंदोलन खड़ा होता नजर आ रहा है। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर से राजधानी पहुंचे बिहान संघ के कार्यकर्ताओं ने रायपुर में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।


पिछले करीब एक महीने से नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे कार्यकर्ता गुरुवार को राजधानी के राजीव गांधी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे लगातार ज्ञापन सौंप रहे हैं और शासन-प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी उपेक्षा से नाराज़ होकर आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया गया है।

बिहान संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में उग्र रूप ले सकता है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

पारापुर डायवर्सन योजना के लिए 9.30 करोड़ रूपए स्वीकृत

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखण्ड-लोहांडीगुड़ा के अंतर्गत पारापुर डायवर्सन योजना के कार्यों के लिए 9 करोड़ 30 लाख 11 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।


योजना के अंतर्गत 350 हेक्टेयर रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

शिवनाथ नदी बनी सुसाइड पॉइंट? पुलिस-गोताखोरों ने बचाईं दो युवतियां

No comments Document Thumbnail

 दुर्ग। शिवनाथ नदी एक बार फिर चर्चा में रही, लेकिन इस बार वजह राहत देने वाली रही। 13 जनवरी को दुर्ग जिले में अलग-अलग समय पर दो युवतियां आत्महत्या के इरादे से नदी किनारे पहुंचीं, हालांकि स्थानीय लोगों, गोताखोरों और पुलिस की तत्परता से दोनों की जान बचा ली गई।


दोपहर में नदी में कूदी युवती, गोताखोरों ने बचाया

पहली घटना दोपहर की है, जब एक युवती अचानक शिवनाथ नदी में कूद गई। नदी तट पर मौजूद लोगों ने जैसे ही यह देखा, तत्काल शोर मचाया और गोताखोरों को सूचना दी। मौके पर तैनात गोताखोरों ने बिना समय गंवाए नदी में उतरकर युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उसके परिजनों को बुलाकर युवती को उनके सुपुर्द किया गया। घटना की जानकारी पुलिस को भी दी गई है। फिलहाल युवती के आत्महत्या के प्रयास के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

शाम को दूसरी युवती को कूदने से पहले बचाया

दूसरी घटना देर शाम की है। एक अन्य युवती काफी देर तक नदी किनारे बैठी रही, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। लोगों ने तुरंत डायल-112 में तैनात आरक्षक जावेद अहमद खान को सूचना दी।

सूचना मिलते ही आरक्षक मौके पर पहुंचे और युवती को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान युवती ने नदी में कूदने की कोशिश की, लेकिन आरक्षक ने फुर्ती दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और बड़ा हादसा टल गया।

काउंसलिंग के बाद घर पहुंचाई गई युवती

घटना की जानकारी मिलने पर महिला पुलिस बल मौके पर पहुंचा। युवती की काउंसलिंग की गई और आवश्यक पूछताछ के बाद उसे सुरक्षित उसके घर पहुंचाया गया। युवती ने पुलिस को बताया कि वह घरेलू परेशानियों और मानसिक तनाव के कारण यह कदम उठाने जा रही थी। फिलहाल पुलिस और सखी सेंटर की टीम युवती की काउंसलिंग कर रही है।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा पर लगी मुहर, छत्तीसगढ़ कर्मचारियों का DA बढ़ा, वित्त विभाग ने जारी किया आधिकारिक आदेश

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों शासकीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के तीन दिन बाद ही राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी होते ही कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।


दरअसल, रायपुर में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ के आठवें प्रदेश अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। अब सरकार ने इस घोषणा को अमल में लाते हुए वित्त विभाग के माध्यम से आदेश जारी कर दिया है।

1 सितंबर 2025 से लागू होगा बढ़ा हुआ DA

वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार—

  • सातवें वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों को 1 सितंबर 2025 से 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।
  • वहीं छठवें वेतनमान के कर्मचारियों को 252 प्रतिशत की दर से DA स्वीकृत किया गया है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते की गणना केवल मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन और व्यक्तिगत वेतन को शामिल नहीं किया जाएगा।

जनवरी 2026 से होगा भुगतान

सरकारी आदेश के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि का वास्तविक भुगतान जनवरी 2026 से किया जाएगा। आदेश जारी होते ही कर्मचारी संगठनों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

रायगढ़ : 6 औद्योगिक इकाइयों को अर्थदण्ड, श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला

No comments Document Thumbnail

रायपुर। रायगढ़ जिले की 6 औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामले में दर्ज आपराधिक प्रकरणों में श्रम न्यायालय द्वारा सभी संबंधित इकाइयों के अधिभोगियों एवं प्रबंधकों को अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। यह कार्रवाई जिले में औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने एवं श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में जिले में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों की सतत निगरानी की जा रही है। औद्योगिक इकाइयों में घटित दुर्घटनाओं के पश्चात किए गए निरीक्षणों के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं एवं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन एवं सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 एवं नियम 2008 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई।

उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा किए गए निरीक्षणों के आधार पर 6 औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध 6 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में प्रस्तुत किए गए थे, न्यायालय द्वारा सुनवाई के पश्चात दोष सिद्ध होने पर मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट), खरसिया रोड, रायगढ़ के अधिभोगी श्री सब्यसाची बन्योपाध्याय एवं कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को पृथक-पृथक 1.50 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी एवं कारखाना प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान को 1.40 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

इसी प्रकार मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा एवं ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसी इकाई में कारखाना अधिनियम से संबंधित एक अन्य प्रकरण में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा एवं कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्रा को कुल 2.80 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

मेसर्स एनआरव्हीएस स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये तथा मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., ग्राम गौरमुड़ी, पोस्ट सराईपाली में अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक मोहित कुमार मिश्रा को 1.60 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। कलेक्टर ने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली औद्योगिक इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।



महंगाई भत्ते में वृद्धि आदेश जारी, सरकारी कर्मचारियों को केन्द्र के समान 58 प्रतिशत महंगाई मिलेगा भत्ता

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा राज्य के शासकीय कर्मचारियों को मिल रहे 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी किए जाने की घोषणा के परिपालन में आज छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा यह आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के शासकीय कर्मचारियों को एक जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।  

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के सरकारी कर्मचारियों को केन्द्र के समान 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। एक सितम्बर 2025 से राज्य के कर्मचारियों से 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा था। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान में एक जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान में एक जनवरी 2026 से 257 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार की जाएगी।

धान खरीदी में नया रिकॉर्ड: 13 जनवरी तक 17.77 लाख किसानों के खातों में पहुंचा ₹23,448 करोड़

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चल रहे धान खरीदी महाअभियान ने इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 

दिनांक 13 जनवरी 2026 तक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।

यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकहोगा भीड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी सीधे बढ़कर ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।

यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी खरीदी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान प्रणाली और किसान-हितैषी नीतियों ने प्रदेश के किसानों का भरोसा मजबूत किया है। किसानों को उपज का उचित मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर पात्र किसान से हर दाना खरीदा जाएगा और हर रुपये का भुगतान समय पर किया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ का किसान और अधिक समृद्ध, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के भंडारण में सूखत एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जिन संग्रहण केन्द्रों में 0.5 प्रतिशत से अधिक एवं 1 प्रतिशत से कम कमी पाई गई, वहाँ केन्द्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। 01 से 02 प्रतिशत तक कमी पाए जाने पर विभागीय जांच शुरू की गई, जबकि 02 प्रतिशत से अधिक कमी वाले केन्द्र प्रभारियों को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थित की गई तथा आपराधिक पाए जाने पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई है।

विगत 02 वर्षों में धान खरीदी एवं भण्डारण में अनियमितता तथा लापरवाही पाए जाने पर कुल 33 खाद्य निरीक्षकों एवं खाद्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए, 02 मामलों में संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 01 संग्रहण केन्द्र प्रभारी को निलंबित किया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति शून्य सहनशीलता नीति पर कार्य कर रही है।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में आई सूखत के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 06 जिला विपणन अधिकारियों एवं 06 संग्रहण केन्द्र प्रभारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने की दिशा में निर्णायक पहल है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018-19 में कुल 25.61 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में खरीदी का दायरा, मात्रा और किसानों को मिलने वाला प्रत्यक्ष लाभ ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पूल के अंतर्गत 78 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 116 लाख मीट्रिक टन धान का निराकरण संभव हो पाया। शेष धान का निराकरण नीलामी के माध्यम से किया गया।केन्द्रीय लक्ष्य के अनुरूप प्राप्त चावल की मिलिंग में FCI के पास गोदाम क्षमता कम होने के कारण धान के अंतिम निराकरण में लगभग 12 से 15 माह का समय लग गया, जिससे संग्रहण केन्द्रों में ड्रायज (सूखत) होना संभावित रहा। वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में रखे धान का उठाव प्रगतिरत है तथा ऑक्शन एवं नीलामी से विक्रय किए गए धान का उठाव प्रक्रियाधीन है। संपूर्ण धान निराकरण के पश्चात ही कुल सूखत का वास्तविक आंकलन किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि किसानों के धन, अनाज और विश्वास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। धान खरीदी, भुगतान, भंडारण और निराकरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीकी निगरानी में रखा गया है ताकि हर किसान को समय पर भुगतान और सुरक्षित व्यवस्था का लाभ मिले।


मंत्री भूपेन्द्र यादव ने नई दिल्ली में अरावली परिदृश्य के पारिस्थितिक पुनर्स्थापन पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित “अरावली परिदृश्य का पारिस्थितिक पुनर्स्थापन: अरावली ग्रीन वॉल को मजबूत करना” विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र के दौरान उन्होंने “अरावली परिदृश्य का पारिस्थितिक पुनर्स्थापन” शीर्षक से संकला फाउंडेशन द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट का विमोचन भी किया।

अरावली ग्रीन वॉल परियोजना

भूपेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने अरावली ग्रीन वॉल परियोजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और भारत की UNCCD के तहत 26 मिलियन हेक्टेयर अपक्षय भूमि पुनर्स्थापित करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप शुरू की है।

इस पहल के तहत अरावली क्षेत्र में 6.45 मिलियन हेक्टेयर अपक्षय भूमि की पहचान की गई है, और 2.7 मिलियन हेक्टेयर में हरियाली कार्य प्रारंभ किया गया है, जो गुजरात, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में फैला हुआ है। परियोजना का कार्य 29 अरावली जिलों के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर्स द्वारा किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय प्रजातियों के वृक्षारोपण पर जोर दिया जा रहा है जो शुष्क और अर्ध-शुष्क परिस्थितियों के अनुकूल हों।

हरियाणा में संरक्षण और पुनर्वनीकरण

मंत्री ने बताया कि हरियाणा में नौरंगपुर से नूह तक लगभग 97 वर्ग किलोमीटर राजस्व भूमि, जो अत्यधिक अपक्षयग्रस्त है, वनरोपण के लिए चिन्हित की गई है और इसे बेहतर संरक्षण और प्रबंधन के लिए प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट घोषित किया गया। उन्होंने इसे स्वतंत्रता के बाद अरावली की सुरक्षा और पुनर्वनीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम बताया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और तब के हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सक्रिय समर्थन से संभव हुआ।

अरावली की पारिस्थितिक और ऐतिहासिक महत्वपूर्णता

मंत्री ने कहा कि अरावली भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला है, जिसने हजारों वर्षों से मानव सभ्यता को आश्रय दिया है। अरावली पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा चार टाइगर रिज़र्व्स और 18 संरक्षित क्षेत्रों द्वारा सुनिश्चित की जा रही है, जबकि आवश्यकतानुसार अतिरिक्त हरित हस्तक्षेप भी किए जा रहे हैं।

भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका

भूपेन्द्र यादव ने कहा कि भारत ने वन्यजीवन संरक्षण में वैश्विक नेतृत्व स्थापित किया है। देश में दुनिया की सात बड़ी बिल्लियों में से पांच प्रजातियाँ और विश्व की करीब 70% बाघ जनसंख्या पाई जाती है, जो लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में अरावली क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर भूमि का पुनर्स्थापन किया गया है और सरकार इस कार्य को लगातार जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन और रिपोर्ट

सम्मेलन में नीति निर्माता, वन अधिकारी, विशेषज्ञ, प्रैक्टिशनर और नागरिक समाज के प्रतिनिधि भाग लेते हुए अरावली की पारिस्थितिक महत्ता और पुनर्स्थापन के मार्गों पर विचार-विमर्श किया।

विमोचित रिपोर्ट में अरावली ग्रीन वॉल परियोजना को सुदृढ़ करने के लिए वैज्ञानिक, समुदाय-केंद्रित और पैमाने पर लागू होने योग्य ढांचा प्रस्तुत किया गया है। इसमें कहा गया है कि पुनर्स्थापन कार्य क्षेत्रीय पैमाने पर, डेटा-संचालित, समुदाय-केंद्रित और बहु-विषयक होना चाहिए। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि केवल अलग-थलग प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, क्योंकि क्षेत्र में व्यापक अपक्षय और पारिस्थितिक दबाव विद्यमान हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

उद्घाटन सत्र में हरियाणा के पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तनमय कुमार, महानिदेशक वनों सुशील कुमार अवस्थी, भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन और संकला फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

यह सम्मेलन अरावली क्षेत्र की सुरक्षा, हरित पहल और पारिस्थितिक स्थिरता को सुनिश्चित करने में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयता

No comments Document Thumbnail

रायपुर। पारदर्शिता किसी मजबूत व्यवस्था की बुनियादी जरुरत होती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने ई-सर्विस को अपनाया। इस डिजिटल पहल ने बॉटलिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बना दिया।

आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-चालान, सिंगल विंडो लॉग इन सिस्टम, यूजर रजिस्ट्रेशन, रियल टाइम कैश कलेक्शन इनफार्मेशन, सेंट्रल विडियो, मोनिटरी सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है। इसी तरह एनओसी परमिट इशू सिस्टम, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, आधार इनेबल्ड बायो-मेट्रिक अटेंडेंस, और टोल-फ्री शिकायत सुविधा इन आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने आबकारी विभाग को नई दक्षता और विश्वसनीयता दी है।

पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित व्यवस्था का परिणाम है कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि करना। इस चालू वित्तीय वर्ष में 12 हज़ार करोड़ रुपये के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, दिसंबर माह तक ही 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 7 हजार 851 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार के सुशासन के लक्ष्यों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बैठकों व नीति-निर्णय के दृश्य, आधुनिक वीडियो कंट्रोल रूम, कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल डैशबोर्ड व लाइव डेटा का संग्रहण किया जाता है। इसी प्रकार QR कोड, मोबाइल स्कैनिंग, GPS आधारित ट्रक ट्रैकिंग, बोतलों पर यूनिक कोड, डिलीवरी की डिजिटल पुष्टि, आधुनिक आउटलेट, सुव्यवस्थित, तकनीक-आधारित कार्यप्रवाह के माध्यम से किया जा रहा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईटी मद्रास में पोंगल पर्व मनाया

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास में पोंगल पर्व के उत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर आईआईटी मद्रास द्वारा मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और परिसर में पारंपरिक ढंग से पोंगल समारोह का आयोजन किया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने कैंपस कम्युनिटी हॉल में आईआईटी मद्रास परिवार के साथ इस फसल पर्व को मनाया, जो कृतज्ञता, समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

मंत्री ने इस अवसर पर तमिलनाडु के लोगों तथा देशभर में पोंगल मनाने वाले सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जीवंत संस्कृति से जुड़ा पोंगल पर्व समृद्धि, सौहार्द और एकता की भावना को दर्शाता है।

आईआईटी मद्रास परिवार के साथ पोंगल मनाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पर्व प्रचुरता, आत्मीयता और आपसी मेल-जोल की भावना को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कामना की कि यह अवसर सभी के जीवन में स्वास्थ्य, सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव लेकर आए।

इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि, संकाय सदस्य, विद्यार्थी, कर्मचारी तथा परिसर समुदाय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे और उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.