Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

हैदराबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, निवेशकों को देंगे छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान वे निवेशकों और उद्योगपतियों को राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश संभावनाओं और उद्योगों के लिए तैयार किए गए अनुकूल माहौल की जानकारी देंगे।


सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाया गया है। राज्य में उद्योग, अधोसंरचना, ऊर्जा, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण और खनिज आधारित क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर मौजूद हैं।

निवेशकों को करेंगे आमंत्रित

मुख्यमंत्री साय कार्यक्रम में देश के बड़े उद्योग समूहों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। नई औद्योगिक नीति और सरकार के निवेशक-अनुकूल फैसलों के कारण राज्य को लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं।

उद्योगपतियों के साथ होगी वन-टू-वन चर्चा

हैदराबाद में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न उद्योग समूहों और प्रमुख व्यापारिक घरानों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे। इस दौरान राज्य में निवेश की संभावनाओं और नए औद्योगिक अवसरों पर विस्तार से चर्चा होगी।

पहले भी कई शहरों में हो चुके कार्यक्रम

इससे पहले अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु के अलावा जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन पहलों के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ा है।

8 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश प्रस्ताव

राज्य सरकार के मुताबिक नई निवेश अनुकूल औद्योगिक नीति के चलते छत्तीसगढ़ को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य को औद्योगिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना, बड़े निवेशकों को आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

सरकार को उम्मीद है कि हैदराबाद में आयोजित यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में निवेश को नई गति देगा और राज्य के आर्थिक विकास को मजबूत करेगा।

CG NEWS : देह व्यापार का भंडाफोड़, किराए के मकान से 4 युवतियां और 2 दलाल पकड़े गए

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : रायगढ़ जिले में अवैध देह व्यापार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चक्रधर नगर थाना क्षेत्र में संचालित एक कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त छापेमार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार युवतियों और दो कथित दलालों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है।


जानकारी के अनुसार, इलाके में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों और अवैध देह व्यापार संचालित होने की शिकायतें स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। इसके बाद पुलिस ने गोपनीय निगरानी और सत्यापन के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।

संयुक्त टीम ने मारा छापा

Chakradhar Nagar थाना क्षेत्र में सीएसपी मयंक मिश्रा, ट्रैफिक डीएसपी उत्तम सिंह और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने टीवी टावर इलाके स्थित एक मकान पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मौके से चार युवतियों और दो कथित दलालों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मौके से कुछ दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं।

साइबर एंगल से भी जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस मकान में लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर टीम भी जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ग्राहकों से संपर्क के लिए सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था या नहीं।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। साथ ही इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

आकाशीय बिजली गिरने से उपसरपंच समेत 3 की मौत, मनरेगा कार्य के दौरान हादसा, 5 घायल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। अंतागढ़ ब्लॉक के कलगांव गांव में मनरेगा कार्य के दौरान उपसरपंच समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।


जानकारी के मुताबिक, Antagarh थाना क्षेत्र के ग्राम कलगांव में शुक्रवार सुबह मनरेगा योजना के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा था। यहां करीब 50 से 60 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी मजदूर पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए।

इसी बीच अचानक आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतागढ़ में भर्ती कराया गया, जहां एक महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे कांकेर रेफर किया गया है।

मृतकों की पहचान संतोष पटेल, प्रकाश पटेल और मनराज पटेल के रूप में हुई है। मनराज पटेल गांव के उपसरपंच बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।

मनु भाकर के गुरु जसपाल राणा का निधन, पीएम मोदी समेत दिग्गजों ने जताया शोक

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। जसपाल राणा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मशहूर निशानेबाज और कोच, का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने Manu Bhaker को प्रशिक्षित किया था और 2024 Paris Olympics में दो पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर है।


पीएम मोदी समेत कई राजनीतिक और खेल जगत की हस्तियों ने उनके निधन पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है।

पीएम मोदी बोले- देश ने खोया महान खिलाड़ी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जसपाल राणा के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया और एक मेंटोर के रूप में भी उनका योगदान बेहद उल्लेखनीय रहा।

पीएम ने कहा कि उन्होंने समर्पण के साथ युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया और उनका मार्गदर्शन किया। खेल जगत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अनुशासन ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए परिवार, दोस्तों और पूरे खेल जगत के प्रति संवेदना जताई।

राजनाथ सिंह ने कहा- खेल जगत को अपूरणीय क्षति

Rajnath Singh ने भी शोक जताते हुए कहा कि जसपाल राणा ने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया।

उन्होंने कहा कि जसपाल राणा के निधन से भारतीय खेल जगत को बड़ी क्षति पहुंची है। ईश्वर उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।

जसपाल राणा का निधन भारतीय शूटिंग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

CG NEWS : पुरानी रंजिश में पति-पत्नी की हत्या, शव बोरे में भरकर श्मशान में दफनाए… एक हफ्ते बाद खुला सनसनीखेज राज

No comments Document Thumbnail

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से डबल मर्डर का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शोभा थाना क्षेत्र के ग्राम गरीबा में पुरानी रंजिश के चलते एक पति-पत्नी की बेरहमी से हत्या कर उनके शवों को बोरे में भरकर श्मशान घाट में दफना दिया गया। घटना का खुलासा करीब एक सप्ताह बाद होने पर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।


मृतकों की पहचान राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने मृतक के पड़ोस में रहने वाले लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुलराम नेताम को गिरफ्तार कर लिया है।

डंडों से पीट-पीटकर की हत्या

पुलिस के अनुसार, 6 जून को पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने राजाराम नेताम और उनकी पत्नी पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सबूत मिटाने की नीयत से आरोपियों ने दोनों शवों को बोरे में भरकर गांव के श्मशान घाट में चुपचाप दफना दिया।

अंतिम संस्कार के दौरान खुला राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव में हाल ही में एक अन्य व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां दो अलग-अलग स्थानों पर ताजा दफनाए गए शवों के निशान दिखाई दिए। ग्रामीणों को मामला संदिग्ध लगा क्योंकि गांव में हाल के दिनों में किसी अन्य व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी।

इसी दौरान ग्रामीणों को पिछले एक सप्ताह से लापता राजाराम नेताम और आशो बाई नेताम की याद आई। संदेह बढ़ने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने खुदवाए शव, हुई पुष्टि

सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी पवन वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने श्मशान घाट में दफन शवों को बाहर निकलवाया। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि बरामद शव लापता दंपति के ही हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

थाना प्रभारी पवन वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और हत्या के पीछे की पूरी वजह सहित पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर अवशेषों को Raipur फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।

करीब एक सप्ताह बाद सामने आए इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं पुलिस हर पहलू से मामले की गंभीर जांच कर रही है।

साय सरकार का बड़ा फैसला: अब विधायक किसी भी जिले के कर्मचारियों को करा सकेंगे अटैच

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। साय सरकार ने विधायकों को बड़ी राहत देते हुए सचिवालयीन सहायता संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि राज्य के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं अपने कार्यालयीन और सचिवालयीन कार्यों के लिए प्राप्त कर सकेंगे।


इस संबंध में General Administration Department Chhattisgarh (GAD) ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर पुराने निर्देशों में संशोधन की जानकारी दी है। यह बदलाव वर्ष 2019 में सांसदों और विधायकों को लिपिकीय एवं सचिवालयीन सहायता उपलब्ध कराने संबंधी आदेश में किया गया है।


अब पूरे राज्य से ले सकेंगे कर्मचारी

नई व्यवस्था के तहत विधायक अब केवल अपने विधानसभा क्षेत्र के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेंगे। जरूरत पड़ने पर वे राज्य के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों को अपने कार्यालयीन कार्यों के लिए अटैच करा सकेंगे। इससे उन जनप्रतिनिधियों को राहत मिलेगी, जिन्हें अपने क्षेत्र में अनुभवी या आवश्यक प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल पा रहा था।

सरकार ने रखी अहम शर्त

सरकार ने इस फैसले के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी लागू की है। नए आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को किसी विधायक के साथ अटैच नहीं किया जा सकेगा। यानी मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालय और अन्य राज्य स्तरीय संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे।

सांसदों पर नहीं होगा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सांसदों पर लागू नहीं होगा। सांसद पहले की तरह आवश्यकता अनुसार कर्मचारियों की सेवाएं प्राप्त करते रहेंगे।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

सरकार के इस फैसले को विधायकों की लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कई विधायक लगातार यह मुद्दा उठा रहे थे कि पर्याप्त लिपिकीय सहायता नहीं मिलने से उन्हें कार्यालय संचालन, प्रशासनिक समन्वय और जनसंपर्क कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक कामकाज होगा आसान

नए आदेश के लागू होने के बाद अब विधायकों को अपने प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों के संचालन में अधिक सुविधा मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जनता से जुड़े कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी।

बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

No comments Document Thumbnail

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।

CG NEWS : रेत के अवैध भंडारण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : बालोद जिले में खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए रेत के अवैध भंडारण के छह मामलों में जब्ती का कार्रवाई है। जब्त रेत को ग्राम पंचायत और संबंधित कोटवार के सुपुर्द कर दिया गया है।


 कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम सिकोसा, रेंगाकठेरा, चंदनबिहरी और देवरी-ख में औचक निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर रेत के अवैध भंडारण के छह मामले पाए गए, जिसमें जब्ती की कार्रवाई की गई है। भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। 

महासमुंद : सुशासन तिहार में राशनकार्ड आवेदनों का त्वरित निराकरण, 1301 नए हितग्राही हुए लाभान्वित

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार-2026 के तहत जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों द्वारा आम नागरिकों की मांगों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण करते हुए विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया है। इसी तारतम्य में सुशासन तिहार के दौरान खाद्य विभाग को राशनकार्ड से संबंधित प्राप्त कुल 3936 आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण एवं निराकरण किया गया। जिसके माध्यम से कुल 1301 हितग्राही सीधे लाभान्वित हुए हैं।


डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खाद्य अधिकारी  तेजपाल सिंह ध्रुव ने बताया कि 41 समाधान शिविरों में राशनकार्ड से संबंधित कुल 3936 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदनों के निराकरण के तहत 1127 नए सदस्यों के नाम राशनकार्ड में जोड़े गए। इसी तरह पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 674 बीपीएल श्रेणी तथा 627 एपीएल श्रेणी के नए राशनकार्ड जारी किए गए, जिससे कुल 1301 हितग्राही सीधे लाभान्वित हुए है। इसके अलावा पारिवारिक परिस्थितियों में परिवर्तन होने के कारण 255 राशनकार्डों में मुखिया परिवर्तन की कार्रवाई भी की गई।

ग्राम भिथीडीह के निवासी नाथूराम, सुरेश पहाड़िया, अशोक कुमार पहाड़िया ने राशन कार्ड मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया हैं। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशील पहल से आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके घर के नजदीक ही हो रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राशन कार्ड बनने से अब खाद्यान्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। शिविरों एवं विभागीय स्तर पर की गई सतत मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप आवेदनों का निराकरण किया गया है। इससे नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सका।

5 सेकेंड में 10 गोलियां दाग जिम मालिक की हत्या, वारदात CCTV में कैद

No comments Document Thumbnail

 हांसी (हरियाणा): फव्वारा चौक के पास बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े एक जिम मालिक की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। वारदात को बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने अंजाम दिया, जिन्होंने महज 5 सेकंड के भीतर 10 राउंड फायरिंग की। घटना के वक्त जिम मालिक खुले मैदान में कुछ युवक-युवतियों को ट्रेनिंग दे रहा था। इस हमले में एक अन्य युवक भी घायल हुआ है। पूरी वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


ताबातोड़ फायरिंग से फैली दहशत

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान जिम संचालक के रूप में हुई है। वह रोज की तरह युवाओं को एक्सरसाइज करवा रहा था, तभी मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने बेहद नजदीक से उस पर गोलियां दागनी शुरू कर दीं। अचानक हुई इस गोलीबारी से मौके पर भगदड़ और दहशत का माहौल बन गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

जांच में जुटी पुलिस

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शूटरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

CG NEWS : “हरे सोने” की तस्करी में नगर सैनिक गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 धमतरी। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी मामले में संलिप्त एक नगर सैनिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की पहचान ग्राम पाहन्दा निवासी महेश सिन्हा के रूप में हुई है, जो नगर सैनिक के पद पर कार्यरत था।


पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को थाना मगरलोड क्षेत्र के ग्राम मोहेरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 1.660 किलोग्राम अवैध गांजा, नगद राशि और मोबाइल फोन सहित कुल 89 हजार 930 रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। मामले में पति-पत्नी लाभाराम कुर्रे और सुशीला बाई कुर्रे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

जांच के दौरान इस अवैध कारोबार में नगर सैनिक महेश सिन्हा की भूमिका सामने आई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

8 साल की मासूम से दुष्कर्म, 50 वर्षीय गांव का कोतवाल गिरफ्तार

No comments Document Thumbnail

 डौंडीलोहारा (बालोद)। जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 50 वर्षीय ग्रामीण कोतवाल ने 8 वर्षीय मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना डाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कोतवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश का माहौल है।


चॉकलेट और टीवी का दिया झांसा

मिली जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची अपनी सहेली के साथ गांव में ही खेल रही थी। इसी दौरान गांव के कोतवाल ने दोनों बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाया। आरोपी ने सोची-समझी साजिश के तहत पहले एक बच्ची को चॉकलेट लेने के लिए दुकान भेजा। जब वह वापस लौटी, तो उसने दूसरी (पीड़ित) बच्ची की सहेली को किसी अन्य सामान के बहाने दोबारा दुकान भेज दिया।

सहेली के जाते ही आरोपी कोतवाल मासूम को टीवी दिखाने का झांसा देकर अपने घर के भीतर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

घर लौटकर मासूम ने बयां किया दर्द

दरिंदगी का शिकार हुई मासूम ने घर पहुंचकर रोते हुए अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। बच्ची की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, जिसके बाद वे तुरंत न्याय की गुहार लेकर डौंडीलोहारा थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी सलाखों के पीछे, जांच जारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डौंडीलोहारा थाना पुलिस ने तत्काल विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 50 वर्षीय आरोपी कोतवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना राज्य की सर्वाेच्च प्राथमिकता : राज्य नीति आयोग उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा

No comments Document Thumbnail

मोबाइल और ड्रग्स की बढ़ती लत, बेरोजगारी तथा सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार होगा विशेष कार्ययोजना

उपाध्यक्ष मिश्रा ने यूएनडीपी को ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण परियोजना तैयार करने के दिए निर्देश

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा है कि राज्य के सामने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में ग्रामीण युवाओं की बेरोजगारी, मोबाइल एडिक्शन, ड्रग्स की बढ़ती लत, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ती आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं। इन चुनौतियों का समाधान केवल रोजगार सृजन और कौशल विकास के माध्यम से ही संभव है।

छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग नवा रायपुर में में आयोजित एसएसएम पीआईयू एवं एम एंड ई यूनिट्स के इंडक्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिश्रा ने कहा कि आज गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो खेती-किसानी से जुड़ना नहीं चाहते, लेकिन उनके पास रोजगार के पर्याप्त अवसर भी नहीं हैं। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार का लक्ष्य 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

उपाध्यक्ष जी एस मिश्रा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की अब तक की सबसे बड़ी टीम छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही है और अगले छह महीनों में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने यूएनडीपी के विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि ग्रामीण युवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप प्लंबर, गार्डनर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन, टी.वी. मैकेनिक, मोबाईल रिपेयरिंग तथा अन्य रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए व्यापक परियोजना तैयार की जाए।

मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को केवल कौशल तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ऐसा मॉडल विकसित किया जाएगा जिससे प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को तत्काल रोजगार के अवसर मिल सकें। इसके लिए उद्योगों, निजी संस्थानों और सिविल सोसायटी संगठनों के सहयोग से प्रत्येक जिले में विशेष रोजगार आयोजन किए जाएंगे, जहां प्रशिक्षित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। इससे न केवल बेरोजगारी दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, सामाजिक चुनौतियों पर नियंत्रण मिलेगा और राज्य के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी। 

उपाध्यक्ष मिश्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल विकास, उद्योगों की सहभागिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश में युवा सशक्तिकरण का एक सफल मॉडल बनकर उभरेगा।

विशेष लेख -सहूलियत, सम्मान और सेहत...हर घर नल से बदली जिंदगी

No comments Document Thumbnail

रोज सुबह उठते ही घर में नल से साफ पानी आते देखने की खुशी क्या होती है, इसे कमली से पूछिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव को अपने आंगन में लगे नल से आ रहे पानी की धार को दिखाते खुशी से उनकी आंखें डबडबा गईं। जल जीवन मिशन ने कमली जैसी हजारों महिलाओं को अमूल्य खुशियां दी हैं। कभी पीने और निस्तारी के पानी के लिए दिनभर चिंतित रहने वाली इन महिलाओं का जीवन घर में लगे नल ने बदल दिया है।

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव अपने चार दिनों के बस्तर प्रवास के दौरान जल जीवन मिशन का काम देखने कमली के भी गांव पहुंचे। कमली के गांव बस्तर जिले के तोकापाल विकासखण्ड के दुगनपाल में उन्होंने कुछ और घरों में भी जाकर नल से पानी आते देखा। जल जीवन मिशन से घर में पानी पहुंचने की खुशी सभी महिलाओं के चेहरे पर दिख रही थी।

जल जीवन मिशन दूरस्थ गांवों और वनांचलों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। आधी आबादी के एक बड़े हिस्से को पीने के पानी के लिए रोज जूझना पड़ता था। खासतौर से गर्मियों के दिनों में जब हर साल सिर पर पानी के बर्तन का सफर कुछ सौ मीटरों से कुछ किलोमीटरों में बदल जाता था। 

जीवन के लिए अनिवार्य जरुरत पानी की व्यवस्था गर्मियों में महिलाओं का जीवन दुष्कर बना देती थी। दुगनपाल में भी महिलाओं को रोज गांव के हैंडपंप या कुआं पर जाकर घर के सभी लोगों के लिए पानी का इंतजाम करना पड़ता था। घर में नल लग जाने से अब इस समस्या से निजात मिल गई है। जल जीवन मिशन के काम जैसे-जैसे पूरे होते जा रहे हैं, महिलाओं की बाहर से पानी लाने की चिंता और तकलीफ दूर होते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक साढ़े आठ हजार से अधिक योजनाओं को पूर्ण कर संचालन के लिए पंचायतों को सौंपा जा चुका है।

जल जीवन मिशन महज हर घर तक पेयजल पहुंचाने की योजना नहीं है। यह महिलाओं की दिनचर्या और जीवन में भी बड़ा बदलाव ला रहा है। गांवों में परंपरागत रूप से घर में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी के इंतजाम का जिम्मा महिलाओं पर ही है। घर तक पानी की पहुंच न होने के कारण उन्हें हैंडपंपो, सार्वजनिक नलों, कुंओं या अन्य स्रोतों से रोज पूरे परिवार के लिए जल संग्रहण करना पड़ता है। 

रोजाना का यह श्रमसाध्य और समयसाध्य काम बारिश तथा भीषण गर्मी के दिनों में और कठिन हो जाता है। कई इलाकों में गर्मियों में जलस्रोतों के सूख जाने के कारण दूर-दूर से पानी लाने की मजबूरी रहती है। परिवार के लिए पानी की व्यवस्था हर दिन का संघर्ष बन जाता है। महिलाओं के दिन के कई घंटे इसी काम में निकल जाते हैं।

जल जीवन मिशन हर घर तक नल से जल पहुंचाने के साथ ही महिलाओं को कई समस्याओं से निजात दिला रहा है। घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचने से वे कई चिंताओं से मुक्त हो गई हैं। अब रोज-रोज पानी के लिए बहुत सारा श्रम और समय नहीं लगाना पड़ता। इससे उन्हें घर के दूसरे कामों, बच्चों की परवरिश, खेती-बाड़ी एवं आजीविका के अन्य कार्यों के लिए अधिक समय मिल रहा है और वे इन कार्यों पर अपना ज्यादा ध्यान व समय दे पा रही हैं।

जल जीवन मिशन से बारहों महीने घर पर ही जलापूर्ति से लगातार बारिश तथा गर्मी के दिनों में बाहर से पानी लाने की मुसीबत दूर हो गई है। गर्मियों में जलस्तर के नीचे चले जाने से तथा बरसात में लगातार बारिश से जल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। गुणवत्ताहीन पेयजल से पेट तथा निस्तारी के लिए खराब जल के उपयोग से त्वचा संबंधी रोगों का खतरा रहता है। जल जीवन मिशन ने सेहत के इन खतरों को भी दूर कर दिया है।

मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

No comments Document Thumbnail

भारत मंडपम में आयोजित बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है।

साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.