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कुम्हारी खारून ब्रिज 1 महीने बंद, दुर्ग पुलिस का डायवर्सन प्लान लागू

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 दुर्ग। कुम्हारी स्थित खारून नदी ब्रिज पर 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए दुर्ग पुलिस ने व्यापक डायवर्सन प्लान लागू किया है।


भिलाई सेक्टर-6 पुलिस कंट्रोल रूम में एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में बैठक आयोजित कर यह योजना तैयार की गई।


 एक महीने तक बंद रहेगा ब्रिज

मरम्मत कार्य के चलते दुर्ग-रायपुर को जोड़ने वाला खारून ब्रिज एक महीने तक बंद रहेगा। इस दौरान हल्के, मध्यम और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं।

 हल्के वाहनों के लिए डायवर्सन

 दुर्ग से रायपुर
नेवई-उतई-सेलूद-पाटन-अभनपुर मार्ग
सुपेला/रिसाली से: उतई-सेलूद-ढौर-अमलेश्वर मार्ग
खुर्सीपार/चरोदा से: सिरसा गेट-खुर्द-औरी-मोतीपुर-अमलेश्वर
रायपुर से दुर्ग
चंदनीडीह से पुराना रपटा पुल
रायपुरा-महादेवघाट-अमलेश्वर मार्ग

 भारी वाहनों के लिए विशेष नियम

कुछ समय के लिए भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक
राजनांदगांव से आने वाले वाहन सुबह 8:30 से 10:30 बजे तक रोके जाएंगे
महासमुंद की ओर से आने वाले वाहन शाम 5 से 8 बजे तक रोके जाएंगे
भिलाई ट्रांसपोर्ट नगर से सुबह 9 से 12 बजे तक कुम्हारी की ओर एंट्री बंद

वैकल्पिक रूट (भारी वाहन)

मुरमुंदा-ओटेबंध-गुधेली-पठारीडीह होकर उरला (रिंग रोड-4)
उरला-सिलतरा से आने वाले वाहन निर्धारित समय पर रोके जाएंगे

 निर्माण एजेंसी को निर्देश

24 घंटे वालेंटियर तैनात रहेंगे
ब्रिज के दोनों ओर क्रेन उपलब्ध रहेगी
सभी डायवर्सन पॉइंट पर रूट मैप और संकेतक लगाए जाएंगे
खराब वाहनों को तुरंत हटाने की व्यवस्था

 पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:

कुम्हारी ब्रिज मार्ग से बचें
निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें
ट्रैफिक नियमों का पालन करें

नक्सल उन्मूलन अभियान को मजबूती, 5 इनामी नक्सली एसपी कार्यालय में हुए सरेंडर

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 कांकेर। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत आत्मसमर्पण का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां 5 हथियारबंद इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।


जानकारी के अनुसार, उइकाटोला के जंगलों से निकलकर ये नक्सली कांकेर एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वालों में एसीएम मंगेश, एसीएम गणेश उइका, एसीएम राजे, एसीएम हिड़मे उर्फ जमाली और एसीएम मंगती शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली अपने साथ एक एसएलआर और दो .303 राइफल जैसे हथियार भी लेकर पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस के समक्ष जमा कराया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन पांचों नक्सलियों के आत्मसमर्पण से कांकेर जिले के मोहला-अवन्धी संयुक्त एरिया कमेटी क्षेत्र में नक्सल प्रभाव कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

योग के बहाने संबंध, VIDEO से ब्लैकमेल: पैसे वसूलने पहुंची पत्नी गिरफ्तार, पति फरार

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 गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक योग शिक्षक ने महिला को योग सिखाने के दौरान उससे नजदीकियां बढ़ाकर संबंध बनाए और बाद में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की पत्नी को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।


पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मुलाकात वर्ष 2020 में योग शिक्षक राकेश शर्मा से हुई थी। वह उससे योग सीखने लगी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने महिला के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं के जरिए उसने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने वर्ष 2023 में पीड़िता से 3 लाख रुपये वसूले। इसके बावजूद वह लगातार पैसे की मांग करता रहा। मार्च 2026 में आरोपी ने महिला से 15 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकी दी कि रकम नहीं देने पर वीडियो उसके परिवार को भेज दिए जाएंगे।

लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर पीड़िता ने 20 मार्च 2026 को पालम विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाया।

योजना के तहत 21 मार्च 2026 को देवी लाल पार्क की पार्किंग में जैसे ही आरोपी पक्ष पैसे लेने पहुंचा, पुलिस ने दबिश देकर आरोपी की पत्नी नीतू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से एक लाख रुपये बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी राकेश शर्मा अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CG NEWS : रोते बच्चे पर आया गुस्सा, मां ने छीन ली मासूम की जिंदगी, पढ़े पूरी खबर

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 सूरजपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक मां ने अपने ही चार माह के दुधमुंहे बच्चे की जान ले ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।


जानकारी के अनुसार, मामला जयपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि महिला घर में खाना बना रही थी, उसी दौरान उसका बच्चा लगातार रो रहा था। बच्चे के रोने से परेशान होकर मां ने आपा खो दिया और उसे जमीन पर पटक दिया। गंभीर चोट लगने से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल आरोपी महिला से पूछताछ जारी है और मामले की जांच की जा रही है।

खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने ली समीक्षा बैठक

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कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय, दैनिक समीक्षा से व्यवस्था होगी मजबूत

गैस आपूर्ति - प्राथमिकता के आधार पर होगा वितरण

रायपुर- प्रदेश में गैस की उपलब्धता एवं वितरण प्रणाली के संबंध में ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने समीक्षा बैठक ली।

बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली एवं उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों को विगत माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही एलपीजी प्रदाय किया जाएगा। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिवस तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिवस के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके।

जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालय एवं गोदामों में पुलिस एवं होमगार्ड के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़भाड़ एवं अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही वितरकों को अपने दूरभाष नंबर सक्रिय रखने एवं उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संस्थानों के लिए प्राथमिकता श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान एवं चिकित्सालय, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां तथा रेस्टोरेंट शामिल हैं।

बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता एवं वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।

इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के मंडल एलजी प्रमुख श्रीपाद बक्षी, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के प्रादेशिक प्रबंधक दिलीप मीणा, हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगेश डोंगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन: भारत के विमानन क्षेत्र में नया युग

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। लगभग सुबह 11:30 बजे, वे गौतम बुद्ध नगर के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद, लगभग दोपहर 12 बजे, प्रधानमंत्री नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के वैश्विक विमानन केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया गया है, जो देश के हवाई अड्डा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह दिल्ली NCR के लिए दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ मिलकर एक एकीकृत विमानन प्रणाली के रूप में कार्य करेगा, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और यात्री क्षमता में वृद्धि होगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। इसके प्रथम चरण का विकास लगभग ₹11,200 करोड़ के निवेश से पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया गया है। प्रारंभ में यह हवाई अड्डा प्रति वर्ष 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जिसे पूर्ण विकास के बाद 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्रियों तक बढ़ाया जा सकेगा। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे है, जो बड़े (वाइड-बॉडी) विमानों को संभाल सकता है, साथ ही अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम जैसे इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग की सुविधा है, जिससे हर मौसम में 24x7 संचालन संभव होगा।

यह हवाई अड्डा एक मजबूत कार्गो इकोसिस्टम भी प्रदान करता है, जिसमें मल्टी-मोडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स ज़ोन शामिल हैं। यह सुविधा प्रति वर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन कार्गो संभालने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिसे बढ़ाकर लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है। इसके अलावा, इसमें 40 एकड़ में फैली एक समर्पित मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी शामिल है।

सस्टेनेबल और भविष्य उन्मुख परियोजना के रूप में डिजाइन किया गया यह हवाई अड्डा नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें ऊर्जा-कुशल प्रणालियों और पर्यावरण के अनुकूल उपायों का उपयोग किया गया है। इसकी वास्तुकला भारतीय विरासत से प्रेरित है, जिसमें घाटों और हवेलियों की झलक देखने को मिलती है, जो आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम प्रस्तुत करती है।

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित यह हवाई अड्डा एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के साथ सहज कनेक्टिविटी सुनिश्चित की गई है, जिससे यात्रियों और कार्गो दोनों के लिए आवागमन सुगम होगा।

साय सरकार की सौगात: 4.95 लाख श्रमिकों के खाते में सीधी आर्थिक मदद

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 रायपुर : किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए भी यह नवरात्रि समृद्धि और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आई है। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की योजनाएं अब सीधे जनजीवन में परिवर्तन का आधार बनती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदा बाजार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।


मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार द्वारा तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस वर्ष उत्साह और संतोष के साथ होली मनाई, वहीं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिली राशि ने उनके आत्मनिर्भरता के संकल्प को और मजबूत किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश कराते हुए मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने बलौदाबाजार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का स्मरण करते हुए बाबा गुरु घासीदास, संत कबीर और शहीद वीर नारायण सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि भूमिहीन कृषि मजदूरों को दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः संचालन तथा रामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कोरोना काल में लंबित बिलों के निपटान हेतु विशेष छूट एवं आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह योजना जून तक संचालित होगी और प्रदेशभर में इसके लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रदेश के समग्र विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा, कृषि और वन उत्पादों के बेहतर उपयोग से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा पांच जिलों के हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को कम समय में पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता का प्रमाण है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी के अंतर की राशि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आज योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं। उन्होंने सभी भूमिहीन कृषि मजदूरों, विशेषकर बैगा-गुनिया परिवारों को इस योजना के लाभ के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

 

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 : छत्तीसगढ़ में जनजातीय शक्ति के खेल महाकुंभ का भव्य शुभारंभ

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ की धरती एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष श्री दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं। जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में भी यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली है।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है और अब खेल प्रतिभाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी उभर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक है और देशभर से आए खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय प्रतिभाओं को विश्व मंच तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।

 

ईरान संकट पर गरमाई सियासत: एस. जयशंकर का पाकिस्तान पर तीखा हमला, बोले-“हम PAK जैसे दलाल देश नहीं”

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 पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधते हुए उसे “दलाल देश” बताया और भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर दिया।


सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जयशंकर ने साफ कहा कि भारत किसी भी संघर्ष में तीसरे देश के जरिए मध्यस्थता नहीं करता। उन्होंने पाकिस्तान की कथित भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और 1981 से ही अमेरिका उस देश का इस्तेमाल करता रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा—“हम कोई दलाल देश नहीं हैं।”

सरकार का रुख: भारत सक्रिय, चुप नहीं

बैठक में सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत पश्चिम एशिया के मुद्दे पर लगातार सक्रिय है। विक्रम मिस्री ने क्षेत्र के हालात पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका मुख्य फोकस खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है, जिसमें अब तक सफलता मिली है।

पाकिस्तान की भूमिका पर क्या कहा?

सरकार ने दोहराया कि पाकिस्तान लंबे समय से अमेरिका के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। वहीं भारत अपनी स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति पर चलता है और किसी तीसरे देश के माध्यम से कूटनीति नहीं करता।

विपक्ष का आरोप: भारत “मूक दर्शक”

कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत मूक दर्शक बना हुआ है। विपक्ष ने सरकार के जवाबों को असंतोषजनक बताते हुए संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की।

सरकार का जवाब: प्राथमिकता सुरक्षा और ऊर्जा

सरकार ने भरोसा दिलाया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरान में भारतीय प्रतिनिधियों द्वारा तुरंत संवेदना जताने का भी जिक्र किया गया।

साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने कहा कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तैयारी है और देश को एकजुट रहकर स्थिति का सामना करना होगा।

31 मार्च तक छत्तीसगढ़ होगा नक्सल मुक्त: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का दावा

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 जगदलपुर, 25 मार्च। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार, केंद्रीय एजेंसियों और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर और पूरे प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और मानवीय पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक परिवर्तन बताया।


जगदलपुर में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ISRO, NTRO, ITBP और NSG जैसी संस्थाओं के तकनीकी सहयोग से नक्सल विरोधी अभियान और अधिक प्रभावी हुआ है।

अमित शाह की समय-सीमा पर हुआ असर

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अगस्त 2024 में तय समय-सीमा के अनुरूप राज्य सरकार ने सुनियोजित रणनीति अपनाई, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

डीकेजेडसी स्तर के नक्सली पापा राव का अपने साथियों और हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना इस बात का संकेत है कि संगठन का शीर्ष ढांचा भी कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा कि बस्तर समाज ने भी पुनर्वासित नक्सलियों को स्वीकार कर सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दो वर्षों में 3000 से अधिक नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 3000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें सीसी मेंबर से लेकर विभिन्न स्तरों के कैडर शामिल हैं। इसके अलावा 2000 से अधिक नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि 500 से ज्यादा मुठभेड़ों में नक्सली निष्प्रभावी किए गए हैं।

इस प्रकार कुल मिलाकर 5000 से अधिक सशस्त्र कैडर में कमी आई है, जो नक्सल संगठन की रीढ़ कमजोर करने में निर्णायक साबित हुआ है। वर्तमान में राज्य में डीकेजेडसी स्तर का कोई सक्रिय माओवादी नहीं बचा है और केवल 30–40 नक्सली दूरस्थ इलाकों में शेष हैं।

बस्तर का 95% क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त

उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के साथ-साथ कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद जैसे जिले अब पूरी तरह नक्सल प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं। बस्तर का 95 प्रतिशत से अधिक भौगोलिक क्षेत्र अब नक्सल प्रभाव से बाहर आ गया है।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, रणनीतिक दक्षता और कठिन परिस्थितियों में किए गए सतत प्रयासों को दिया।

400 सुरक्षा कैंप बनेंगे विकास केंद्र

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के पत्रकारों, पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय मुरिया, मारिया, गोंड एवं हलबा समाज के सहयोग से यह अभियान सफल हुआ है। पत्रकारों ने जनजागरण और विश्वास निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि बस्तर के अंदर स्थापित लगभग 400 सुरक्षा कैंपों को चरणबद्ध तरीके से विकास केंद्रों में बदला जाएगा। भविष्य में ये कैंप थाना, स्कूल, अस्पताल और लघु वनोपज संग्रहण व प्रसंस्करण केंद्र के रूप में कार्य करेंगे, जिससे क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

भारत 6G तकनीक में बनेगा वैश्विक लीडर: ज्योतिरादित्य सिंधिया

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संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बुधवार को लोकसभा में भारत 6G एलायंस (Bharat 6G Alliance) की प्रगति और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के माध्यम से भारत के अनुसंधान इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि ANRF की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में की गई और यह फरवरी 2024 से कार्यरत है। इसका उद्देश्य देश में अनुसंधान और नवाचार को नई गति देना है। यह फाउंडेशन गवर्निंग काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के माध्यम से पारदर्शी और प्रभावी निर्णय सुनिश्चित करता है।

ANRF को 2023-28 के दौरान 50,000 करोड़ रुपये की फंडिंग प्राप्त करने का लक्ष्य है, जिसमें से 14,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे, जबकि शेष राशि सार्वजनिक उपक्रमों, निजी क्षेत्र, परोपकारी संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से प्राप्त की जाएगी।

मंत्री ने बताया कि इस फंडिंग के तहत कई प्रमुख कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जैसे:

  • हाई इम्पैक्ट क्षेत्रों में अनुसंधान मिशन

  • EV मिशन

  • 2D इनोवेशन हब

  • MedTech मिशन

  • AI for Science and Engineering

  • CRM रिसर्च प्रोग्राम

इसके साथ ही एडवांस्ड रिसर्च ग्रांट, प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट और इंक्लूसिविटी रिसर्च ग्रांट जैसी योजनाएं भी शुरू की गई हैं।

नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कई संस्थागत तंत्र भी स्थापित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कन्वर्जेंस

  • विज्ञान एवं नवाचार संकेतक विश्लेषण केंद्र

  • त्वरित नवाचार साझेदारी

  • ANRF ट्रांसनेशनल रिसर्च हब

इन पहलों के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

भारत 6G एलायंस की प्रगति

 मंत्री सिंधिया ने बताया कि भारत 6G एलायंस का दायरा तेजी से बढ़ा है। प्रारंभ में 14 संस्थानों से शुरू होकर अब इसमें 85 संस्थान शामिल हो चुके हैं। इसमें टेलीकॉम सेवा प्रदाता, उपकरण निर्माता, स्टार्टअप्स, शोध संस्थान और अकादमिक संस्थान शामिल हैं।

एलायंस के तहत सात कार्य समूह बनाए गए हैं, जो स्पेक्ट्रम, डिवाइस, तकनीक, ग्रीन एनर्जी, आउटरीच और 6G उपयोग जैसे क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं।

भारत का लक्ष्य वैश्विक 6G पेटेंट में 10% योगदान करना है, जिसमें अब तक लगभग 4,000 पेटेंट शामिल किए जा चुके हैं। भारत का “सर्वव्यापी कनेक्टिविटी” प्रस्ताव 3GPP और ITU जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा स्वीकार किया गया है।

प्रमुख पहलें

  • ₹1 लाख करोड़ RDI योजना: उभरती तकनीकों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए

  • 6G टेराहर्ट्ज टेस्टबेड (कोलकाता): SAMEER, IIT मद्रास, IIT गुवाहाटी और IIT पटना के सहयोग से

  • भारत मोबाइल कांग्रेस 2025 में 270 GHz लिंक पर 6400 MBps डेटा स्पीड का प्रदर्शन

निष्कर्ष

मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करेगा। ANRF और Bharat 6G Alliance जैसी पहलें देश को उन्नत तकनीकों, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत बनाएंगी।

डाक विभाग और TRIFED की साझेदारी से आदिवासी उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

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आदिवासी कारीगरों को सशक्त बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग (DoP) ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (TRIFED) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस साझेदारी का उद्देश्य TRIFED के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, विशेषकर Tribes India ई-मार्केटप्लेस, के माध्यम से बेचे जाने वाले उत्पादों की डिलीवरी के लिए एक मजबूत, विश्वसनीय और किफायती लॉजिस्टिक्स ढांचा तैयार करना है।

इस MoU के तहत डाक विभाग TRIFED के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्राप्त सभी ऑर्डर्स के लिए एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करेगा। अपने व्यापक राष्ट्रीय नेटवर्क और अंतिम छोर (last-mile) तक पहुंच का उपयोग करते हुए, डाक विभाग देशभर में आदिवासी उत्पादों की सुचारु पिकअप, ट्रांसमिशन और डिलीवरी सुनिश्चित करेगा।

यह सहयोग आदिवासी कारीगरों और उद्यमियों के लिए बाजार तक पहुंच को मजबूत करने, ऑर्डर पूर्ति को बेहतर बनाने और ग्राहक अनुभव को बढ़ाने में सहायक होगा। डाक विभाग शिपमेंट ट्रैकिंग, नियमित MIS रिपोर्टिंग और TRIFED के डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ API इंटीग्रेशन जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स प्रबंधन सुगम होगा।

इस व्यवस्था के तहत TRIFED के लिए नेशनल अकाउंट फैसिलिटी के अंतर्गत Book Now Pay Later (BNPL) खाता भी बनाया जाएगा, जिससे स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिपमेंट बुकिंग और भुगतान प्रक्रिया सरल हो जाएगी।

TRIFED अपनी ओर से उचित पैकेजिंग, लेबलिंग और ऑर्डर से संबंधित जानकारी साझा करना सुनिश्चित करेगा, ताकि लॉजिस्टिक्स संचालन प्रभावी रूप से हो सके। यह पहल देशभर के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों से पिकअप को कवर करेगी, जिससे व्यापक भौगोलिक पहुंच सुनिश्चित होगी।

यह साझेदारी सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आदिवासी आजीविका को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। बेहतर लॉजिस्टिक्स समर्थन के माध्यम से यह पहल आदिवासी समुदायों की आय बढ़ाने, उनके उत्पादों की पहुंच का विस्तार करने और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

यह समझौता प्रारंभिक रूप से दो वर्षों के लिए मान्य होगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है।

DPIIT और Razorpay की साझेदारी से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अग्रणी फिनटेक प्लेटफॉर्म Razorpay के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस सहयोग को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करके औपचारिक रूप दिया गया है, जिसका उद्देश्य देशभर के स्टार्टअप्स, नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों को समर्थन प्रदान करना है।

इस साझेदारी का उद्देश्य स्टार्टअप्स को वित्तीय उपकरणों, फाउंडर एनेबलमेंट प्रोग्राम्स और इकोसिस्टम सपोर्ट तक पहुंच प्रदान कर उनकी वृद्धि को तेज करना है। इससे शुरुआती और विकासशील चरण के स्टार्टअप्स को डिजिटल भुगतान समाधान, वित्तीय ढांचा और अन्य सहायता के माध्यम से तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह सहयोग कंपनी पंजीकरण, मेंटरशिप और संरचित मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएगा।

इस पहल के तहत ‘स्टार्टअप सहायक (Startup Sahayak)’ नामक एक विशेष प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जो शुरुआती चरण के उद्यमियों को एंड-टू-एंड सहायता प्रदान करेगा। इसमें कंपनी रजिस्ट्रेशन, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तक पहुंच, फंडिंग के अवसरों पर मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि यह साझेदारी विभाग की स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि वित्तीय ढांचे और उपकरणों तक आसान पहुंच स्टार्टअप्स की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Razorpay के सह-संस्थापक एवं सीईओ हर्षिल माथुर ने कहा कि यह साझेदारी नवाचार को बढ़ावा देने और उद्यमिता को अधिक सुलभ एवं विस्तार योग्य बनाने के साझा उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ते स्टार्टअप्स के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटरशिप की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस सहयोग के तहत DPIIT और Razorpay, Startup India Hub के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मार्केटिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर नियमित ज्ञान सत्र आयोजित करेंगे। DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को कंपनी पंजीकरण में शून्य प्रोफेशनल फीस (सरकारी शुल्क को छोड़कर) और विभिन्न वित्तीय एवं व्यावसायिक टूल्स पर क्रेडिट और प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।

स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, पिच डेक समीक्षा, आवेदन मार्गदर्शन और क्यूरेटेड संसाधनों तक पहुंच भी मिलेगी। चयनित स्टार्टअप्स को फाउंडर कम्युनिटीज से जोड़ा जाएगा, जिससे नेटवर्किंग, अनुभव साझा करने और अतिरिक्त सहायता प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

यह सहयोग भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज के तहत फिनटेक और डिजिटल नवाचार पर आधारित चुनौतियों के आयोजन की भी संभावनाओं को तलाशेगा।

इस समझौते पर DPIIT के उप सचिव टी.एल.के. सिंह और Razorpay के मुख्य सूचना अधिकारी आरिफ खान ने हस्ताक्षर किए, जिसमें दोनों संगठनों के अधिकारी उपस्थित रहे।

खरीफ सीजन से पहले सरकार सतर्क: कृषि मंत्री की अहम समीक्षा बैठक

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने निवास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों की रक्षा करना तथा आगामी खरीफ सीजन के लिए रणनीतिक तैयारी सुनिश्चित करना था।

बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे संकट के समय सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाएं।

बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्णय:

उर्वरक आपूर्ति और किसान आईडी

शिवराज सिंह चौहान ने उर्वरकों की समान और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ‘किसान आईडी’ के कार्य को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने बताया कि इस विषय पर जल्द ही विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई

वैश्विक संकट का लाभ उठाकर उर्वरक और बीजों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकारों को भी सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बीज उत्पादन और पैकेजिंग सहायता

बैठक में कृषि-रसायनों और बीज सुखाने (ड्राइंग सीड) के लिए आवश्यक गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए पैकेजिंग सामग्री की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय के निर्देश दिए गए।

विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) का गठन

कृषि क्षेत्र की 24x7 निगरानी के लिए एक ‘विशेष प्रकोष्ठ’ का गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठ उर्वरक, बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर साप्ताहिक रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपेगा।

अंत में,शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को सभी आवश्यक कृषि संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।

देशभर में प्राकृतिक खेती के प्रसार हेतु दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

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कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (NCONF), गाजियाबाद द्वारा 24–25 मार्च 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य देशभर में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं, कृषि अधिकारियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), बायो-इनपुट निर्माताओं, प्रगतिशील किसानों और छात्रों ने भाग लिया।

इस दो दिवसीय संगोष्ठी का उद्घाटन नई दिल्ली में डॉ. एस.के. चौधरी, महानिदेशक, फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा किया गया। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये मृदा उर्वरता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण और खेती की लागत कम करने में सहायक हैं।

विशिष्ट अतिथियों में डॉ. जे.के. जेना, महानिदेशक, मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालन में जैविक कृषि की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. वेलु मुरुगन ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन में प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को रेखांकित किया। पद्मश्री नेक राम शर्मा ने पिछले 30 वर्षों में प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव और सफलता की कहानी साझा की।

तकनीकी सत्र में डॉ. रवि शंकर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में विज्ञान की भूमिका प्रस्तुत की। अन्य वक्ताओं, जिनमें प्रगतिशील किसान भी शामिल थे, ने अपने अनुभव साझा किए। सत्रों में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय पर जोर दिया गया, ताकि 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

कार्यक्रम में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं:

  • मृदा स्वास्थ्य और बायो-इनपुट

  • प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक तकनीकें

  • जैव विविधता आधारित कीट प्रबंधन

  • PGS-इंडिया प्रमाणन प्रणाली

  • जैविक उत्पादों का विपणन और मूल्य श्रृंखला

संगोष्ठी के साथ-साथ एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें जैविक और प्राकृतिक खेती से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। इसमें बायो-इनपुट केंद्रों, स्टार्टअप्स, एफपीओ और जैविक उत्पादों से जुड़ी कंपनियों ने भाग लिया।

यह संगोष्ठी टिकाऊ कृषि पद्धतियों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों, बाजार अवसरों और नीतिगत समर्थन पर व्यापक चर्चा के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने का उद्देश्य रखती थी। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (NMNF) के तहत मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने, गुणवत्ता सुधार और बाजार एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया।

राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (NCONF)

राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र, जिसे पहले राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था, देश में जैविक और प्राकृतिक खेती के विकास, प्रमाणन और क्षमता निर्माण के लिए एक प्रमुख संस्थान है। यह केंद्र PGS-इंडिया प्रमाणन प्रणाली का कार्यान्वयन, जैविक उर्वरकों की गुणवत्ता परीक्षण, किसानों और कृषि कर्मियों का प्रशिक्षण तथा सतत कृषि प्रथाओं के प्रसार जैसे महत्वपूर्ण कार्य करता है।

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