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गति शक्ति कार्गो टर्मिनल: भारत की लॉजिस्टिक्स क्रांति और भविष्य की दिशा

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मुख्य निष्कर्ष

  • भारतीय रेल ने 306 गती शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCTs) को मंजूरी दी है, जिनकी संयुक्त क्षमता 192 मिलियन टन प्रति वर्ष है; इनमें से 118 पहले ही चालू हैं।

  • 2014 से अब तक 2,672 मिलियन टन माल सड़क से रेल में स्थानांतरित किया गया, जिससे 143.3 मिलियन टन CO₂ की बचत हुई।

  • GCT नीति के तहत लगभग ₹8,600 करोड़ का निजी निवेश जुटाया गया।

  • GCT से होने वाली माल आय में 2022–23 से 2024–25 के बीच चार गुना वृद्धि हुई, जो ₹12,608 करोड़ तक पहुँच गई।

परिचय

भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर हाल के वर्षों में अद्भुत प्रगति कर रहा है। देश ने लॉजिस्टिक्स लागत को अब GDP का केवल 7.97% तक घटाने का महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। यह उपलब्धि लगातार सुधार और समग्र योजना की सफलता को दर्शाती है और भारत को वैश्विक मानकों के करीब लाती है।

इस परिवर्तन के केंद्र में PM गती शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान है, जिसने रेलवे, हाईवे, पोर्ट और एयरपोर्ट को एक एकीकृत ढांचे में लाया है। यह योजना उद्योग की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, Ease of Doing Business और Make in India जैसी पहलों का समर्थन करने और क्षेत्रीय विकास को संतुलित बनाने के लिए निर्बाध मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करती है।

गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCTs) इस दृष्टि का मुख्य स्तंभ हैं, जो आधुनिक लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान कर रहे हैं और भारत को वैश्विक व्यापार हब के रूप में मजबूत कर रहे हैं।

गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCTs)

रेलवे कार्गो टर्मिनल वह सुविधा है जहाँ माल को लोड, अनलोड और रेल और अन्य परिवहन मोड के बीच स्थानांतरित किया जाता है। यह लॉजिस्टिक्स चैन में महत्वपूर्ण हब के रूप में कार्य करता है।

पहले, भारत में माल ढुलाई सड़क, रेल और पोर्ट के बीच बिखरी हुई थी, जिससे देरी, उच्च लागत और जाम की समस्या होती थी। मल्टीमॉडल हब्स इन मोड्स को जोड़ते हैं, माल हैंडलिंग को तेज करते हैं और उत्सर्जन को कम करते हैं।

गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (GCTs), GCT नीति 2021 के तहत विकसित किए जा रहे आधुनिक टर्मिनल हैं, जो रेल को अन्य परिवहन मोड से जोड़ते हैं।

  • EOL (Engine-on-Load) संचालन: लोकोमोटिव लोडिंग/अनलोडिंग के दौरान टर्मिनल पर रहती है ताकि ट्रेन तुरंत प्रस्थान कर सके।

  • आधुनिक सुविधाएँ: मैकेनाइज्ड लोडिंग सिस्टम, सिलो आदि, जिससे हैंडलिंग समय कम होता है।

  • उद्देश्य: तेज, कुशल और भरोसेमंद माल परिवहन प्रदान करना, लागत कम करना और कार्बन उत्सर्जन घटाना।

GCT नीति, 2021

रेल मंत्रालय द्वारा 15 दिसंबर 2021 को पेश की गई यह नीति आधुनिक कार्गो टर्मिनल को बढ़ावा देने, मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने और भारत के फ्रीट इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से है।

मुख्य प्रावधान:

  • लागत छूट: विभागीय शुल्क, भूमि लाइसेंस शुल्क और स्टाफ लागत में छूट।

  • सहायक सुविधाएँ: रेलवे सामान्य उपयोग वाली सुविधाएँ बनाए और बनाए रखे।

  • फ्रीट रिबेट: 1 मिलियन टन या अधिक आउटवर्ड ट्रैफिक वाले टर्मिनल को 10% फ्रीट रिबेट।

  • संपत्ति रखरखाव: रेलवे ट्रैक, सिग्नलिंग और ओवरहेड उपकरण बनाए रखे।

  • कनेक्टिविटी अधिकार: अतिरिक्त टर्मिनल को कनेक्टिविटी का विस्तार।

  • व्यावसायिक भूमि उपयोग: अतिरिक्त रेलवे भूमि का विकास RLDA के तहत।

  • रणनीतिक महत्व: मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, बाधाओं में कमी, टर्नअराउंड सुधार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा।

प्रगति और उपलब्धियाँ

  • मंजूरी और कमीशनिंग: 306 GCT को मंजूरी मिली, 118 चालू हैं।

  • क्षमता: 118 चालू टर्मिनल की संयुक्त क्षमता 192 मिलियन टन प्रति वर्ष।

  • निजी निवेश: लगभग ₹8,600 करोड़।

  • प्रदर्शन: 2022–23 से 2024–25 में माल आय में चार गुना वृद्धि।

  • पर्यावरण लाभ: 2014 से सड़क से रेल में 2,672 मिलियन टन माल स्थानांतरित, 143.3 मिलियन टन CO₂ बचत।

  • निर्माण समय: अनुमोदित एजेंसियों को 24 महीने में निर्माण पूरा करना अनिवार्य।

मुख्य टर्मिनल उदाहरण

  1. मानेसर (हरियाणा) GCT:

    • भारत का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल टर्मिनल।

    • 46 एकड़ में फैला, 8.2 किमी ट्रैक, 4.5 लाख वाहन प्रति वर्ष क्षमता।

    • हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से जुड़ा।

  2. उत्तर-पूर्व टर्मिनल (मोइनारबंद और सिनामारा, असम):

    • कोयला, कंटेनर, खाद्य अनाज, उर्वरक, सीमेंट, पेट्रोलियम और ऑटोमोबाइल का संचालन।

    • मल्टीमॉडल हब के रूप में क्षेत्रीय व्यापार बढ़ाते हैं।

  3. न्यू संजाली GCT, गुजरात:

    • पश्चिमी समर्पित फ्रीट कॉरिडोर पर पहला निजी भूमि आधारित टर्मिनल।

    • मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और उच्च क्षमता वाले माल परिवहन को बढ़ावा देता है।

आगे की दिशा

  • टर्मिनल विकास में निजी भागीदारी बढ़ाना।

  • उद्योग की मांग और क्षेत्रीय विकास के आधार पर नए GCT स्थानों की पहचान।

  • डिजिटल इंटीग्रेशन मजबूत करना – वास्तविक समय ट्रैकिंग और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स।

  • भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करना और हरित परिवहन समाधानों को बढ़ावा देना।

निष्कर्ष

गति शक्ति कार्गो टर्मिनल आधुनिक भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नया आकार देने का महत्वपूर्ण कदम हैं। ये टर्मिनल अवसंरचना विकास, डिजिटल इंटीग्रेशन और निजी भागीदारी को जोड़कर लंबित असंगतियों को दूर करते हैं और राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

GCTs के माध्यम से भारत का लॉजिस्टिक्स परिदृश्य अधिक कुशल, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार बनेगा।


भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026: डिजिटल इंडिया से सीधे जानकारी

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डिजिटल इंडिया – हमारे विशेषज्ञों से पूछें, एपिसोड 38: भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की झलक

9 जनवरी, 2026 को आयोजित डिजिटल इंडिया – हमारे विशेषज्ञों से पूछें के 38वें एपिसोड में आगामी भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को प्रमुखता से पेश किया गया, जिसे जिम्मेदार और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को आकार देने वाला वैश्विक कार्यक्रम बताया गया।

इस सत्र में IndiaAI और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं:

  • शिखा दहिया, संयुक्त निदेशक – उभरती तकनीक, MeitY

  • कार्तिक शोभन सूरी, महाप्रबंधक – भविष्य की क्षमताएँ, IndiaAI

  • स्वदीप सिंह, महाप्रबंधक – डेटा साइंस, IndiaAI

  • अंशुल सिंघल, महाप्रबंधक – स्टार्टअप्स, IndiaAI

उन्होंने सीधे नागरिकों, स्टार्टअप्स, छात्रों और पेशेवरों के सवालों के जवाब दिए और भारत के AI रोडमैप पर जानकारी साझा की।

एपिसोड के दौरान, विशेषज्ञों ने समझाया कि समिट तीन प्रमुख स्तंभों या ‘सूत्रों’ – लोग (People), ग्रह (Planet), और प्रगति (Progress) – के चारों ओर केंद्रित है, जिसमें विशेष कार्य समूह या ‘चक्र’ बनाए गए हैं। इन समूहों की चर्चाएँ और परिणाम AI नीति, कौशल विकास रणनीतियों और भारत तथा ग्लोबल साउथ में कार्यान्वयन को प्रभावित करेंगे।

इसमें युवा, स्टार्टअप्स, महिला नवप्रवर्तनकार और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के शिक्षार्थियों के लिए अवसरों को भी उजागर किया गया, जैसे AI & Data Labs, ग्लोबल चैलेंज, पिच फेस्ट और YUVAI Global Youth Challenge। दर्शकों को India AI Impact Expo 2026 के बारे में भी जानकारी दी गई, जो 16–20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित होगी और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में AI समाधानों के परिवर्तन को प्रदर्शित करेगी।

नागरिकों ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर, ओपन डेटा एक्सेस, हेल्थकेयर डेटासेट्स, स्टार्टअप्स की भागीदारी, गवर्नेंस, गैर-टेक उपयोगकर्ताओं की सहभागिता और ऑनलाइन भागीदारी जैसे सवाल उठाए। विशेषज्ञों ने आश्वासन दिया कि IndiaAI खुले, सुरक्षित और समावेशी प्लेटफॉर्म पर काम कर रहा है, जो व्यक्तियों, छोटे समूहों और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों की भागीदारी को सक्षम बनाएगा।

एपिसोड का समापन नागरिकों को पहला कदम उठाने, पंजीकरण करने, भाग लेने और योगदान देने के लिए आमंत्रित करते हुए किया गया, ताकि वे समिट की वेबसाइट https://impact.indiaai.gov.in/ पर भारत के बढ़ते AI पारिस्थितिकी तंत्र के सक्रिय भागीदार बन सकें।

डिजिटल इंडिया – हमारे विशेषज्ञों से पूछें नागरिकों और क्षेत्र विशेषज्ञों के बीच सीधे संवाद को सक्षम बनाता है, जिससे डिजिटल प्रौद्योगिकियों का जिम्मेदार और सूचित उपयोग प्रोत्साहित होता है। लाइव सत्र में पूरे देश के दर्शकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और विशेषज्ञों द्वारा साझा किए गए स्पष्ट और सुलभ व्याख्यान की सराहना की। एपिसोड 38 का पूर्ण रिकॉर्डिंग यहाँ उपलब्ध है: https://youtube.com/live/qV5BZ7O5AAI?feature=share

यह श्रृंखला डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत एक प्रमुख इंटरैक्टिव पहल है, जो नागरिकों को सरकारी विशेषज्ञों के साथ लाइव चर्चा के माध्यम से जोड़ती है, ताकि वे डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं को आसानी से और आत्मविश्वास के साथ समझ और उपयोग कर सकें।

डिजिटल इंडिया YouTube चैनल पर लाइव स्ट्रीम: https://www.youtube.com/@DigitalIndiaofficial
आगामी एपिसोड और डिजिटल इंडिया पहलों के लिए: www.digitalindia.gov.in और www.negd.gov.in


प्रधानमंत्री मोदी ने Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026 में युवाओं को सशक्त बनाने का दिया संदेश

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026 में अपने संबोधन की झलकियाँ साझा कीं और युवाओं को देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। अपने संदेशों में उन्होंने युवाओं की रचनात्मकता और देशभक्ति को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश के हर क्षेत्र में संभावनाओं के अनंत द्वार खुले हैं। उन्होंने विशेष रूप से कंटेंट और क्रिएटिविटी के क्षेत्र में युवाओं को अवसरों का संकेत दिया, और यह उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे युवा रामायण और महाभारत की प्रेरक कहानियों को गेमिंग वर्ल्ड का हिस्सा बना सकते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “यहाँ तक कि हमारे हनुमान जी ही पूरी दुनिया की गेमिंग चला सकते हैं!”

प्रधानमंत्री ने नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स की चर्चा करते हुए कहा कि यह अब एक रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुका है, और इसके केंद्र में देश की युवा शक्ति ही है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर अपनी विरासत और विचारों को हमेशा आगे रखें। इसके संदर्भ में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन का उदाहरण दिया, जो हमें यही सिखाता है।

प्रधानमंत्री मोदी के ये संदेश युवाओं के लिए रचनात्मकता, नेतृत्व और देशभक्ति की दिशा में प्रेरणा स्रोत साबित होंगे।



मुंबई में मोबाइल नेटवर्क प्रदर्शन पर TRAI की इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट रिपोर्ट जारी

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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नवंबर 2025 के दौरान मुंबई लाइसेंस्ड सर्विस एरिया (LSA) के लिए किए गए इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट (IDT) के निष्कर्ष जारी किए हैं। ये ड्राइव टेस्ट TRAI के क्षेत्रीय कार्यालय, बेंगलुरु की निगरानी में किए गए, जिनका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों, संस्थागत हॉटस्पॉट्स, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों तथा उच्च गति कॉरिडोर सहित विभिन्न उपयोग परिवेशों में मोबाइल नेटवर्क के वास्तविक प्रदर्शन का आकलन करना था।

03 नवंबर 2025 से 07 नवंबर 2025 के बीच TRAI की टीमों ने मुंबई में कुल 320.2 किलोमीटर का परीक्षण किया, जिसमें 192.4 किमी सिटी ड्राइव, 7 हॉटस्पॉट्स, 3.1 किमी वॉक टेस्ट, 9.7 किमी कोस्टल ड्राइव तथा 115 किमी लोकल रेलवे ड्राइव शामिल हैं। परीक्षण के दौरान 2G, 3G, 4G और 5G तकनीकों का मूल्यांकन किया गया, जिससे विभिन्न हैंडसेट क्षमताओं वाले उपभोक्ताओं के सेवा अनुभव को दर्शाया जा सके। IDT के निष्कर्ष संबंधित सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) को आवश्यक कार्रवाई हेतु सूचित कर दिए गए हैं।

मूल्यांकित प्रमुख मापदंड

(क) वॉयस सेवाएँ:

कॉल सेटअप सफलता दर (CSSR), ड्रॉप कॉल दर (DCR), कॉल सेटअप समय, कॉल साइलेंस दर, स्पीच क्वालिटी (MOS) और कवरेज।

(ख) डेटा सेवाएँ:

डाउनलोड/अपलोड थ्रूपुट, लेटेंसी, जिटर, पैकेट ड्रॉप दर तथा वीडियो स्ट्रीमिंग विलंब।

वॉयस सेवा – सारांश

  • कॉल सेटअप सफलता दर (CSSR):
    एयरटेल 99.62%, MTNL 28.52%, RJIL 99.81% और VIL 96.07% (ऑटो-सेलेक्शन मोड: 5G/4G/3G/2G)

  • कॉल सेटअप समय:
    एयरटेल 1.32 सेकंड, MTNL 4.71 सेकंड, RJIL 0.60 सेकंड और VIL 5.07 सेकंड

  • ड्रॉप कॉल दर:
    एयरटेल 0.00%, MTNL 22.47%, RJIL 0.56% और VIL 6.43%

  • कॉल साइलेंस/म्यूट दर:
    एयरटेल 2.25%, RJIL 1.12% और VIL 1.40% (पैकेट स्विच्ड नेटवर्क – 4G/5G)

  • मीन ओपिनियन स्कोर (MOS):
    एयरटेल 3.91, MTNL 2.67, RJIL 3.80 और VIL 4.44

डेटा सेवा – सारांश

  • औसत डाउनलोड स्पीड:
    एयरटेल 84.99 Mbps, MTNL 4.05 Mbps, RJIL 221.34 Mbps और VIL 49.79 Mbps

  • औसत अपलोड स्पीड:
    एयरटेल 25.86 Mbps, MTNL 1.11 Mbps, RJIL 32.82 Mbps और VIL 18.94 Mbps

  • लेटेंसी (50वां परसेंटाइल):
    एयरटेल 35.00 ms, MTNL 34.27 ms, RJIL 21.36 ms और VIL 14.91 ms

हॉटस्पॉट्स पर डेटा प्रदर्शन (Mbps में)

एयरटेल:
4G डाउनलोड 33.56 | 4G अपलोड 7.11
5G डाउनलोड 134.32 | 5G अपलोड 36.85

RJIL:
4G डाउनलोड 42.39 | 4G अपलोड 12.21
5G डाउनलोड 319.76 | 5G अपलोड 34.13

VIL:
4G डाउनलोड 28.97 | 4G अपलोड 12.44
5G डाउनलोड 51.52 | 5G अपलोड 21.72

नोट: MTNL में 4G और 5G तकनीक का अवलोकन नहीं किया गया।

परीक्षण क्षेत्र

परीक्षण में मुंबई के उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों जैसे नेवी नगर, कोलाबा, कफ परेड, दादर, धारावी, सायन, बांद्रा ईस्ट, कुर्ला, चेंबूर, घाटकोपर, मानखुर्द आदि शामिल थे।
इसके अतिरिक्त कलेक्टर ऑफिस चेंबूर, CSMT रेलवे स्टेशन, घाटकोपर रेलवे स्टेशन, केईएम अस्पताल, साकीनाका मेट्रो स्टेशन, वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान एवं संग्रहालय जैसे स्थिर स्थानों पर भी परीक्षण किया गया।

वॉक टेस्ट लोकमान्य तिलक टर्मिनस, टाटा मेमोरियल अस्पताल एवं वडाला स्टेशन (पूर्व) में किए गए।
लोकल रेलवे ड्राइव टेस्ट CSMT से खोपोली तक तथा
कोस्टल ड्राइव टेस्ट गेटवे ऑफ इंडिया से करंजा और वापसी मार्ग पर किया गया।

परीक्षण TRAI द्वारा अंशांकित उपकरणों एवं मानकीकृत प्रोटोकॉल के माध्यम से वास्तविक समय परिवेश में किए गए। विस्तृत रिपोर्ट TRAI की वेबसाइट www.trai.gov.in पर उपलब्ध है। किसी भी जानकारी/स्पष्टीकरण हेतु ब्रजेंद्र कुमार, सलाहकार (क्षेत्रीय कार्यालय, बेंगलुरु), TRAI से ईमेल adv.bengaluru@trai.gov.in अथवा दूरभाष +91-80-22865004 पर संपर्क किया जा सकता है।

वर्ष के दौरान भारी उद्योग मंत्रालय की प्रमुख पहलें, उपलब्धियाँ एवं कार्यक्रम

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ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना

ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए PLI योजना ₹25,938 करोड़ के बजटीय परिव्यय के साथ उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी (Advanced Automotive Technology – AAT) उत्पादों के लिए भारत की विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने, लागत संबंधी चुनौतियों को दूर करने और एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। यह योजना 15.09.2021 को स्वीकृत की गई थी तथा इसका कार्यकाल वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक है, जबकि प्रोत्साहन राशि का वितरण वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक किया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और हाइड्रोजन फ्यूल सेल कंपोनेंट्स पर 13%–18% तथा अन्य AAT कंपोनेंट्स पर 8%–13% तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। योजना के तहत 82 आवेदकों को स्वीकृति दी गई है, जिनसे लगभग ₹42,500 करोड़ का निवेश, ₹2,31,500 करोड़ की अतिरिक्त बिक्री तथा पाँच वर्षों में लगभग 1.48 लाख रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

30.09.2025 तक PLI–ऑटो योजना के अंतर्गत ₹35,657 करोड़ का संचयी निवेश और ₹32,879 करोड़ की संचयी बिक्री दर्ज की गई है तथा 48,974 लोगों को रोजगार मिला है।
वित्त वर्ष 2023–24 पहला प्रदर्शन वर्ष रहा, जिसके लिए ₹322 करोड़ का भुगतान वित्त वर्ष 2024–25 में किया गया। वहीं, वित्त वर्ष 2024–25 के लिए ₹1,999.94 करोड़ के दावे वितरित किए गए हैं।

31.12.2025 तक कुल 13,61,488 इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन प्रदान किया गया है, जिसमें ई-टू व्हीलर, ई-थ्री व्हीलर, ई-फोर व्हीलर और ई-बसें शामिल हैं। योजना के अंतर्गत न्यूनतम 50% घरेलू मूल्य संवर्धन (DVA) अनिवार्य है।

पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना

₹10,900 करोड़ के परिव्यय के साथ PM E-DRIVE योजना 29.09.2024 को शुरू की गई। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने, चार्जिंग अवसंरचना की स्थापना तथा EV विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना है। इस योजना को 31.03.2028 तक बढ़ाया गया है, जबकि ई-2W और ई-3W के लिए अंतिम तिथि 31.03.2026 ही रहेगी।

31.12.2025 तक ₹1,703.32 करोड़ के दावे वितरित किए गए तथा 21,36,305 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए। ई-थ्री व्हीलर (L5) का लक्ष्य दिसंबर 2025 में ही प्राप्त कर लिया गया।

इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (SMEC)

यह योजना 15 मार्च 2024 को अधिसूचित की गई, जिसका उद्देश्य वैश्विक निवेश आकर्षित करना, भारत को इलेक्ट्रिक कार विनिर्माण का केंद्र बनाना और घरेलू मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है।

पीएम ई-बस सेवा – भुगतान सुरक्षा तंत्र (PSM) योजना

28 अक्टूबर 2024 को अधिसूचित यह योजना ₹3,435.33 करोड़ के परिव्यय के साथ सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों द्वारा ई-बस संचालन में भुगतान सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लागू की गई है।

एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) बैटरी स्टोरेज के लिए PLI योजना

₹18,100 करोड़ के परिव्यय के साथ 50 GWh घरेलू बैटरी विनिर्माण क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से अब तक ₹2,878 करोड़ का निवेश और 1,118 रोजगार सृजित हुए हैं।

कैपिटल गुड्स सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की योजना – चरण II

इस योजना के अंतर्गत प्रौद्योगिकी नवाचार, कौशल विकास, परीक्षण एवं प्रमाणन तथा उद्योग त्वरकों की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक 29 परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है।

अन्य प्रमुख पहलें

  • बैटरी स्टोरेज मांग पर राष्ट्रीय स्तर की गोलमेज बैठक

  • ई-मोटर्स पर चिंतन शिविर

  • पीएम ई-ड्राइव के अंतर्गत ई-ट्रकों को प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ

  • भारत–सऊदी अरब औद्योगिक सहयोग पर उच्चस्तरीय बैठक

  • विशेष स्वच्छता अभियान 5.0 का सफल कार्यान्वयन

  • भारी उद्योग मंत्रालय की हिंदी पत्रिका “उद्योग भारती” के द्वितीय संस्करण का विमोचन


राष्ट्रीय खेल महासंघों में अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं खेलों में मेक इन इंडिया समितियों के गठन की सलाह

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युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को अपने-अपने संगठनों के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति तथा खेलों में मेक इन इंडिया समिति के गठन की सलाह दी है।

भारत की खेल क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गठित अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति संबंधित अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों (IFs) एवं महाद्वीपीय महासंघों (CFs) में हो रहे विकासक्रमों की निगरानी करेगी। इसमें प्रतियोगिता नियमों एवं संरचनाओं में बदलाव, शासन व्यवस्था, चुनाव, तथा खिलाड़ी-केंद्रित कार्यक्रमों से जुड़े पहलू शामिल होंगे।

यह समिति द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय समझौता ज्ञापनों (MoUs), संयुक्त प्रशिक्षण शिविरों, विनिमय कार्यक्रमों, ज्ञान-साझाकरण पहलों तथा भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के अवसरों को शामिल करते हुए एक मध्यम अवधि की अंतरराष्ट्रीय सहयोग योजना भी तैयार करेगी।

समिति यह सुनिश्चित करेगी कि सभी अंतरराष्ट्रीय गतिविधियाँ भारत सरकार की नीतियों, ओलंपिक चार्टर तथा अंतरराष्ट्रीय महासंघों के नियमों के अनुरूप हों, और साथ ही सुशासन, एंटी-डोपिंग अनुपालन एवं खिलाड़ी सुरक्षा के सिद्धांतों का पालन करें।

इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राष्ट्रीय महासंघों तथा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग को मजबूत करेगी, ताकि भारतीय खिलाड़ियों को सर्वोत्तम प्रशिक्षण अवसर और खेल विज्ञान से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

यह समिति अंतरराष्ट्रीय महासंघों एवं संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर बोली प्रक्रियाओं (bidding processes) में भागीदारी सुनिश्चित करेगी तथा भारत में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी से संबंधित सभी प्रस्तावों को अग्रिम रूप से मंत्रालय के साथ साझा करेगी, ताकि आवश्यकतानुसार सूचना, परामर्श अथवा प्रचलित दिशानिर्देशों के तहत पूर्व स्वीकृति प्राप्त की जा सके।

खेलों में मेक इन इंडिया समिति भारतीय निर्माताओं, स्टार्ट-अप्स, अनुसंधान संस्थानों तथा परीक्षण एवं मानकीकरण निकायों के साथ समन्वय स्थापित करेगी, जिससे संबंधित खेलों में उत्पाद विकास, परीक्षण एवं प्रमाणन को बढ़ावा दिया जा सके। इसका उद्देश्य मेक इन इंडिया के अंतर्गत घरेलू खेल निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहित करना है।

यह समिति स्वदेशी समाधानों को अपनाने पर समय-समय पर रिपोर्ट भी तैयार करेगी, जिसमें हुई प्रगति, सामने आई चुनौतियाँ तथा महासंघ के विचारार्थ सिफारिशें शामिल होंगी, विशेष रूप से मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत में योगदान के संदर्भ में।

अंतरराष्ट्रीय संबंध समिति के लिए:

इस समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, कोच तथा वैश्विक खेल प्रशासन और कूटनीति में सिद्ध अनुभव रखने वाले विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिति की संरचना एवं कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) का विवरण इस परामर्श जारी होने के 30 दिनों के भीतर मंत्रालय को सूचित किया जा सकता है।

खेलों में मेक इन इंडिया समिति के लिए:

इस समिति में महासंघ के वरिष्ठ सदस्य, तकनीकी विशेषज्ञ, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तथा खेल उपकरण, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण या मानकों के क्षेत्र में अनुभव रखने वाला कम से कम एक सदस्य शामिल होगा। समिति की संरचना का विवरण इस परामर्श जारी होने के 60 दिनों के भीतर मंत्रालय को सूचित किया जा सकता है।

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव के भव्य आयोजन की तैयारी

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दुल्हन की तरह सज रही है मोरध्वज नगरी आरंग 

आरंग- राजा मोरध्वज की नगरी के नाम से विख्यात आरंग इन दिनों उत्सव के रंग में रंगने तैयार है।  15 और 16 जनवरी को होने वाले राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 के स्वागत में नगर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पूरे नगर में उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल है। ऐसी लोक मान्यता है कि त्रेता में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और द्वापर में श्रीकृष्ण के चरण कमल आरंग की धरती पर पड़े थे। महोत्सव के लिए बन रहे भव्य मंच में राम और श्याम की झांकी आगंतुकों के मन को मोहने वाली है।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल को महोत्सव का आमंत्रण देते हुए मंत्री गुरू खुशवंत साहेब

महोत्सव का यह भव्य आयोजन कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के संयोजन में, सर्व समाज, नगर पालिका परिषद आरंग एवं विधानसभा क्षेत्र आरंग के जन-जन की भागीदारी से पहली बार भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत 2023 में पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के संयोजन में हुई थी। इस साल पहली बार आरंग में भव्य महोत्सव का आयोजन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किया जा रहा है। आयोजन  की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। 

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद कहा कि आरंग छत्तीसगढ़ का प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी है। इसके पुरावैभव को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर जो सम्मान मिलना चाहिए, वह भूगर्भ में दफन है। गढ़ रींवा में पुरातात्विक खोदाई से यह स्पष्ट हो गया है कि आरंग का वैभवशाली इतिहास श्रीपुर (सिरपुर) से भी प्राचीन है।

गौरव को पुनर्स्थापित करने महोत्सव महत्वपूर्ण 

ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह अत्यंत महत्वपूर्ण  स्थान है। इसकी पहचान और गौरव को दूर-दूर तक प्रचारित करने में यह महोत्सव मील का पत्थर साबित होगा।  इस आयोजन को सभी के सहयोग से ऐतिहासिक बनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आरंग  ऐसा नगर है, जहाँ भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों का पदार्पण हुआ। माता कौशल्या का जन्मस्थली भी इसी पावन धरती चंदखुरी में हुआ माना जाता है। बाबा गुरु घासीदास जी का “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश  उनकी कर्मभूमि भंडारपुरी धाम से निकलकर पूरी दुनिया में मानवता का प्रकाश फैला रहा है। नगर में शिद्ध शक्तिपीठ बाबा बागेश्वरनाथ महादेव सहित अनेक दिव्य स्वयंभू शिवलिंग हैं, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

मुख्यमंत्री सहित अनेक मंत्री होंगे महोत्सव में शरीक 

महोत्सव को लेकर आरंग नगर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। जगह-जगह बैनर, पोस्टर, रोशनी, झालर, तोरण और पताकाएँ लगाई गई हैं। पूरा आरंग उत्सव नगरी का रूप ले चुका है। जगह-जगह ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से उत्सव का संदेश प्रसारित किया जा रहा है।

महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित  छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रीगण, सांसद, विधायक और निगम मंडल के पदाधिकारी  शिरकत करेंगे। सभी मंत्रियों और विधायकों को मंत्री गुरु खुशवंत साहेब स्वयं आमंत्रित कर रहे हैं। नगर में सर्व समाज की बैठकें आयोजित कर जिम्मेदारियाँ तय की गई है। अतिथियों के सत्कार में कोई कमी न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। 

राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव को लेकर नगरवासियों में अपार उत्साह है। आरंग एक बार फिर अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के साथ देश-प्रदेश का ध्यान आकर्षित करने को तैयार है।

राज्य के 8 युवाओं और एक संगठन को मिला छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान

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खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं को किया सम्मानित

दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और समर्पण से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़े युवा –  विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य के आठ युवाओं तथा धमतरी जिले के युवा स्टार सेवा समिति खुरतुली को आज राष्ट्रीय युवा दिवस पर सम्मानित किया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आज रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित युवा रत्न सम्मान समारोह में सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया। 

मुख्यमंत्री साय ने आज स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर रायपुर में उनके बिताए समय का स्मरण करते हुए समारोह में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 31 वर्ष की आयु में दुनिया में भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और सभ्यता का मान और सम्मान बढ़ाया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य की उत्कृष्ट युवा प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत युवाओं का देश है। हमारी युवा प्रतिभाओं को पोषित, पल्लवित और आगे बढ़ाने का काम हम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए उन्हें दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम, समर्पण और संकल्प से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने को कहा। 

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सांस्कृतिक शक्ति का परचम पूरी दुनिया में फहराया था। आज करोड़ों युवा उनसे प्रेरणा लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से युवा रत्न सम्मान के लिए आवेदन आए हैं, उससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार ने इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बड़ी पहल करते हुए आज राज्य में पहली बार व्यक्तिगत क्षमता में सुधार तथा समाज सेवा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने राज्य की प्रतिभाओं को "युवा रत्न सम्मान" से नवाजा है। राज्य के 15 वर्ष से 29 वर्ष की आयु के प्रतिभाओं के उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया है।


खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि युवा रत्न सम्मान के लिए राज्य के बहुत से सक्षम युवाओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से अलग-अलग क्षेत्रों से एक-एक नाम का चयन बहुत मुश्किल था। राज्य के युवा कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम कर रहे हैं। उनके कार्यों को सम्मानित और रेखांकित करने के लिए विभाग ने इस वर्ष से ये सम्मान शुरू किए हैं। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष  नवीन कुमार अग्रवाल और खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि  ठाकुर सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

राज्य के इन युवाओं को मिला युवा रत्न सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित समारोह में बेमेतरा के एस्ट्रोफिजिक्स में सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक एवं पीएचडी छात्र तथा एनएएसओ (NASO) ओलंपियाड में स्वर्ण पदक से सम्मानित पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कांकेर की शिल्पा साहू, साहित्य के क्षेत्र से सरगुजा के अमित यादव, नवाचार के लिए महासमुंद की मृणाल विदानी तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए दुर्ग की परिधि शर्मा को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बिलासपुर की संजू देवी को खेल, कवर्धा के सचिन कुनहरे को कला एवं संस्कृति और आरू साहू को लोककला में उत्कृष्ट कार्यों के लिए युवा रत्न सम्मान दिया। उन्होंने स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वच्छता, साक्षरता, महिला उत्थान, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति, मतदाता जागरूकता, जल स्रोतों के संरक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए धमतरी जिले के खुरतुली के युवा स्टार सेवा समिति को भी छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया।

मीडिया के सभी माध्यमों का प्रयोग कर जनसंपर्क अधिकारी अपने कार्य को बना सकते हैं प्रभावशाली: आयुक्त डॉ. रवि मित्तल

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एआई टेक्नालॉजी के उपयोग से कम एफर्ट में होगा ज्यादा काम 

जनसम्पर्क की नई चुनौतियाँ: जनसंपर्क अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ

रायपुर- मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी एक्सक्लूजिव स्टोरी तैयार करें और इसके व्यापक प्रचार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी नेशनल और स्टेट लेवल पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा। आयुक्त डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद के ऑडिटोरियम में जनसम्पर्क की नई चुनौतियां विषय पर जनसम्पर्क अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला में उक्त बाते कहीं। 

आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि वर्तमान दौरे में जनसंपर्क में सूचना एवं जनसंपर्क का माध्यम बदल रहे हैं। नए-नए तकनीक आ रहे हैं, जनसंपर्क अधिकारियों को भी उन तकनीकों का उपयोग कर अपने कार्य को प्रमाणिक, बेहतर और समय सीमा में पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया का बखूबी उपयोग करना है, ताकि शासन की फैसलों को जनता तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए अधिकारियों को नए टेक्नोलॉजी से अपडेट रहना होगा। उन्होंने इस मौके पर पत्रकारिता स्कूल-कॉलेजों के बच्चों को भी जनसंपर्क विभाग में इंटरशीप का अवसर देने पर बल दिया। 

उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों में अपर संचालक जवाहरलाल दरियो, संजीव तिवारी, उमेश मिश्रा, आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनसंपर्क के लिए प्रभावी संवाद सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रतिभागियों को दो दिनों तक चलने वाले सत्रों की रूपरेखा और अपेक्षाओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से जनसंपर्क को अधिक सशक्त, आधुनिक, संवेदनशील और उन्मुखी बनाना है।

कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत पाठक-अनुकूल लेखन सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बात को पहचानने, सरल और सुबोध भाषा के प्रयोग, प्रभावी हेडलाइन एवं लीड पैराग्राफ लिखने की जानकारी दी। साथ ही, प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग तथा संकट के समय मीडिया से संतुलित और समयबद्ध संवाद की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की।

द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के लिए आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट लेने और फैक्ट शीट के महत्व की जानकारी दी।

तीसरे सत्र में सोशल मीडिया और एआई टूल्स के उपयोग पर चर्चा हुई। सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और एआई विशेषज्ञ राकेश साहू ने  एआई डिजिटल टूल्स का उपयुक्त उपयोग कर फोटो, वीडियो एडिटिंग के बारे में  मार्गदर्शन दिया।

आज के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन तथा आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े तुरंत उपयोग योग्य उपकरणों की जानकारी दी। कार्यशाला में राज्यभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

सूरज शर्मा व गोविन्द साहू बने प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी

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आरंग- भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की प्रदेश इकाई में संगठनात्मक विस्तार के तहत सूरज शर्मा एवं गोविन्द साहू को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पवन साय की अनुशंसा पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश महामंत्री व मुख्यालय प्रभारी नवीन मारकंडे के हस्ताक्षर से आदेश जारी किया गया, जिसे किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर द्वारा सूची जारी कर सार्वजनिक किया गया।

जारी सूची के अनुसार, सूरज शर्मा एवं गोविन्द साहू को प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा में अतिथि सत्कार प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। उल्लेखनीय है कि किसान मोर्चा भाजपा की एक महत्वपूर्ण एवं सशक्त इकाई मानी जाती है, ऐसे में यह जिम्मेदारी संगठन में उनके प्रति विश्वास को दर्शाती है।

इस महत्वपूर्ण दायित्व के मिलने पर दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों ने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे पार्टी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सतत एवं निष्ठापूर्वक कार्य करते रहेंगे।

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत ने सूरज शर्मा एवं गोविन्द साहू को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, महामंत्री नवीन मारकंडे एवं किसान मोर्चा अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर से मुलाकात एवं चर्चा भी हुई।



मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है।

चीनी मांझा प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देशित किया है कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके। 

https://x.com/i/status/2010697964319281195

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर परंपरा, आनंद और सुरक्षा—तीनों का संतुलन बनाए रखें। उन्होंने सभी को मिलकर इस पर्व को हर्ष, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।

रायपुर में APEDA क्षेत्रीय कार्यालय से खुलेगा छत्तीसगढ़ के कृषि निर्यात का नया वैश्विक द्वार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच से जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के किसानों, एफपीओ (Farmer Producer Organisations) और निर्यातकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़कर राज्य की कृषि को नई ऊँचाई देगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के मंच से शुरू हुई यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य कृषि निर्यात के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेगी। जीआई टैग प्राप्त विशिष्ट चावल किस्में जैसे जीराफूल और नागरी दुबराज, साथ ही राज्य के अन्य कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में नई पहचान बनाएंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यमों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हर खेत तक नए अवसर पहुँचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय इस दिशा में एक मजबूत संस्थागत आधार प्रदान करेगा, जिससे निर्यात प्रक्रियाएं सरल होंगी, गुणवत्ता मानक सुधरेंगे और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क स्थापित होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य, सतत और प्रतिस्पर्धी कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ले जाएगी और राज्य के किसानों की समृद्धि को स्थायी आधार प्रदान करेगी।


शिक्षा के साथ संस्कार का होना आवश्यक - राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

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रायपुर। स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रायपुर में युवाओं के उत्साह और राष्ट्रप्रेम का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। इस अवसर पर सुभाष स्टेडियम से स्वामी विवेकानंद सरोवर तक “स्वदेशी संकल्प दौड़” का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, स्वदेशी भावना और सकारात्मक सोच का विकास करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र और राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण का माध्यम भी है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार उसकी युवा शक्ति होती है। भारत आज आज़ादी के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और देश की जनसंख्या में युवाओं की बड़ी भागीदारी इसे विश्व मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाला दशक युवा शक्ति के परिश्रम, ऊर्जा और नवाचार से भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की भी सराहना की।

इस अवसर पर मंत्री टंकराम वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर स्वदेशी संकल्प दौड़ को रवाना किया तथा उपस्थित युवाओं को स्वदेशी अपनाने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में धरसीवां विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष विजय कुमार गोयल, सचिव उच्च शिक्षा विभाग डॉ. एस. भारतीदासन,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा एवं नागरिक उपस्थित रहे।

अनियमितता पर सख्त कार्यवाही : नारायणपुर महिला महाविद्यालय के प्राचार्य सहित सहायक प्राध्यापक निलंबित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर के छह प्राध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही पी.एम. उषा मद से आबंटित राशि के दुरुपयोग तथा शासन के निर्धारित वित्तीय नियमों का पालन नहीं करने के आरोपों के बाद की गई है।

जारी आदेश के अनुसार सामग्री क्रय में गड़बड़ी, प्रक्रियागत अनियमितता एवं छत्तीसगढ़ वित्तीय नियम संहिता 2002 (संशोधित 2025) के उल्लंघन की पुष्टि प्रथम दृष्टया होने पर यह निर्णय लिया गया। इसके तहत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.योगेंद्र पटेल,सहायक प्राध्यापक भूषण जय गोयल,किशोर कुमार कोठारी, हरीश चंद बैद एवं नोहर राम के नाम शामिल हैं। निलंबन आदेश के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय अपर संचालक, कार्यालय जगदलपुर (छ.ग.) निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच पृथक से की जाएगी, जिससे दोषियों के विरुद्ध आगे कठोर कार्रवाई संभव हो सके। शासन के इस कदम को सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर शून्य सहनशीलता की नीति के रूप में देखा जा रहा है।

बिना RERA पंजीकरण प्लॉट विक्रय पर CGRERA की कार्रवाई : दो भूमि स्वामियों पर 5 लाख रुपये का अर्थदंड

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रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के उल्लंघन पर कठोर कदम उठाते हुए रायपुर के दो भूमि स्वामियों गोवर्धन और रामानुज पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है।

प्राधिकरण के संज्ञान में यह मामला आया कि दोनों भूमि स्वामी ओम फार्म, लखोली रेलवे स्टेशन नाम से  विकसित कर बिना वैध RERA पंजीकरण के विज्ञापन, प्रचार-प्रसार और विक्रय का कार्य कर रहे थे। यह गतिविधि अधिनियम की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। धारा 3 के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का रेरा पंजीकरण कराए बिना उसके प्रचार, बुकिंग अथवा विक्रय का आमंत्रण देना पूर्णतः प्रतिबंधित है।

रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के उल्लंघन पर कठोर कदम उठाते हुए प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिना पंजीकरण किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, विज्ञापन या विक्रय को गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसे मामलों पर और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मामले की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल एवं सुनवाई के बाद प्राधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है। परिणामस्वरूप CGRERA ने दोनों भूमि स्वामियों पर कुल 5 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।

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