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महासमुंद में ₹1.5 करोड़ का एलपीजी घोटाला: भाजपा नेता और खाद्य अधिकारियों समेत 4 हिरासत में

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 ​छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपये के बड़े एलपीजी घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पुलिस ने गौरव गैस एजेंसी के संचालक और भाजपा नेता पंकज चंद्राकर समेत चार मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। 


​ ऐसे रचा गया साजिश का जाल

​पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला मार्च के आखिरी हफ्ते से लेकर 8 अप्रैल 2026 के बीच अंजाम दिया गया। इस खेल में खाद्य विभाग के अधिकारी और प्लांट मैनेजर भी शामिल थे। ​ मुख्य साजिश: महासमुंद जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर ने प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव के साथ मिलकर योजना बनाई।

पंकज चंद्राकर

​ गैस की हेराफेरी: इन्होंने गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल को अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को सौंप दिया। वहां से गैस को धीरे-धीरे निकालकर अलग-अलग टैंकरों के जरिए खुले बाजार में अवैध रूप से बेच दिया गया।


​जीपीएस (GPS) ने खोल दी पोल

आरोपियों ने पूरी सावधानी बरती थी, लेकिन कैप्सूल वाहनों में लगे GPS सिस्टम ने उनका राज खोल दिया। ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि:
​31 मार्च से 5 अप्रैल के बीच कुल 6 बार गैस निकाली गई। ​कुल 90 मीट्रिक टन गैस की अवैध रूप से चोरी की गई।

​रिकॉर्ड में मिला बड़ा झोल

​जब पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए: ​रिकॉर्ड के मुताबिक, सिर्फ 47 टन गैस खरीदी गई थी। ​स्टॉक पहले से ही जीरो था, फिर भी 107 टन गैस की बिक्री दिखा दी गई। ​यह भारी अंतर ही चोरी और कालाबाजारी का सबसे बड़ा सबूत बना।

​ कर्मचारियों ने कबूला सच

​प्लांट के कर्मचारियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के दबाव में यह काम किया। गैस को पहले बड़े बुलेट टैंक में भरा जाता था और फिर कच्चे बिलों के आधार पर रायपुर और आसपास के इलाकों में सप्लाई कर दिया जाता था।

​ वर्तमान स्थिति: कौन अंदर, कौन बाहर?

​पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को हिरासत में लिया है:-
​पंकज चंद्राकर (संचालक, गौरव गैस एजेंसी)
​निखिल वैष्णव (प्लांट मैनेजर)
​अजय यादव (खाद्य अधिकारी)
​मनीष यादव (सहायक खाद्य अधिकारी)
​वहीं, ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

छत्तीसगढ़ में मौसम का अलर्ट: गरज-चमक के साथ बारिश, 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

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 CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने रायगढ़ और महासमुंद जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।


मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अचानक बदले मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किसानों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों, खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने को कहा है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खराब मौसम के दौरान पेड़ों और खुले मैदानों से दूर रहने की अपील की गई है।

11 मई के बाद कम हो सकती है गतिविधि

विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहने और मेघगर्जन की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि 11 मई के बाद गरज-चमक की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।

तापमान में भी बदलाव के संकेत

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

प्रमुख शहरों का तापमान

बीते 24 घंटों में सुकमा में 38.8 डिग्री, रायपुर में 39.4 डिग्री, कवर्धा में 37.6 डिग्री, बेमेतरा में 38.2 डिग्री, बिलासपुर में 37.4 डिग्री, जगदलपुर में 36.4 डिग्री, रायगढ़ में 37 डिग्री और सरगुजा में 34.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

शुभेंदु की शपथ में PM मोदी ने जिन बुजुर्ग नेता के छुए पैर, जानिए कौन हैं माखनलाल सरकार

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 नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, उन्हें शॉल भेंट किया और भावुक अंदाज में उनसे बातचीत की। यह दृश्य समारोह का खास आकर्षण बन गया।


कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में भाजपा की पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया गया। राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कौन हैं माखनलाल सरकार?

माखनलाल सरकार पश्चिम बंगाल के वरिष्ठतम भाजपा कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रवादी आंदोलन से उनका गहरा जुड़ाव रहा है। वर्ष 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

करीब 98 वर्ष की आयु में भी माखनलाल सरकार भाजपा और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच सम्मानित नाम माने जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का यह सम्मान भाजपा की वैचारिक विरासत और पुराने कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान देने का प्रतीक माना जा रहा है।

भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद शपथ

शनिवार को आयोजित समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही वे राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत NDA शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

केंद्रीय सचिव अभिलक्ष लिखी ने रायगढ़ में अलंकरणीय मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया

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अभिलक्ष लिखी, सचिव, मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मंगरूल गांव में स्थापित अलंकरणीय मत्स्य ब्रूड बैंक का दौरा किया। यह ब्रूड बैंक यशोधरा संजय खंडागले द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत स्थापित किया गया है। दौरे के बाद केंद्रीय सचिव ने पीएमएमएसवाई के लाभार्थियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर मौजूद चुनौतियों और कमियों की जानकारी ली।

केंद्रीय सचिव द्वारा दौरा किया गया यह ब्रूड बैंक भारत में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां 25 से अधिक प्रजातियों की अलंकरणीय मछलियों का संरक्षण और प्रजनन किया जाता है। यशोधरा संजय खंडागले ने अपने ब्रांड “Sam Discus” को देश में उच्च गुणवत्ता वाली डिस्कस मछलियों के प्रमुख उत्पादकों में स्थापित किया है। इस ब्रूड बैंक ने 20 प्रजातियों की लगभग 7.7 लाख अलंकरणीय मछलियों का उत्पादन किया है, जिससे लगभग 1.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ तथा 25–30 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

700 से अधिक टैंकों से सुसज्जित यह केंद्र कौशल विकास, रोजगार सृजन और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने में भी सहयोग करता है तथा अलंकरणीय मत्स्य क्षेत्र के निर्यात को बढ़ावा देता है। यह ब्रूड बैंक नियामकीय मानकों का पालन करता है और GAIS तथा NFDP जैसी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कवर है। यहां से अलंकरणीय मछलियों का निर्यात अमेरिका, इटली, फ्रांस, मॉरीशस, दक्षिण कोरिया, कतर, कुवैत, मलेशिया, चीन, उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया और इज़राइल सहित कई देशों में किया जाता है। यह मत्स्य क्षेत्र में नवाचार, सतत विकास और वृद्धि को बढ़ावा देने में सरकारी सहायता के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है।

भारत में लगभग 700 स्वदेशी मीठे पानी की तथा 300 से अधिक समुद्री प्रजातियां उपलब्ध हैं, जो विशाल संसाधन क्षमता को दर्शाती हैं। भारत से अलंकरणीय मत्स्य निर्यात का अनुमान लगभग 41 करोड़ रुपये है, जो इस क्षेत्र के बढ़ते आर्थिक योगदान को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अलंकरणीय मत्स्य पालन भारत में एक उच्च संभावनाओं वाले क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, जिसे समृद्ध जैव विविधता तथा घरेलू और वैश्विक मांग का समर्थन प्राप्त है।

पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अब तक 1,986 बैकयार्ड अलंकरणीय मछली पालन इकाइयों, 6,018 फिश कियोस्क एवं एक्वेरियम, तथा 117 खुदरा बाजारों को सहायता प्रदान की गई है, जिनमें विशेष अलंकरणीय मछली एवं एक्वेरियम बाजार भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पांच मीठे पानी के अलंकरणीय मछली ब्रूड बैंक और 199 एकीकृत अलंकरणीय मछली इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिससे उत्पादन, विपणन और आजीविका के अवसरों को मजबूती मिली है।

भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग ने देशभर में 34 मत्स्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्लस्टरों को अधिसूचित किया है, जिनमें तमिलनाडु के मदुरै में अलंकरणीय मत्स्य क्लस्टर भी शामिल है।

महाराष्ट्र का मत्स्य क्षेत्र समुद्री और अंतर्देशीय दोनों संसाधनों के कारण मजबूत स्थिति में है। राज्य की 877.97 किलोमीटर लंबी तटरेखा, 173 मत्स्य अवतरण केंद्र और 526 मत्स्य गांव 15 लाख से अधिक मत्स्यजीवियों को आजीविका प्रदान करते हैं। वर्ष 2022–23 में राज्य में लगभग 5.9 लाख टन मछली उत्पादन हुआ। अंतर्देशीय मत्स्य पालन 4.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जिसमें जलाशय, नदियां, तालाब और खारे पानी के क्षेत्र शामिल हैं। ब्लू रिवोल्यूशन और पीएमएमएसवाई जैसी योजनाओं के माध्यम से महाराष्ट्र ने मत्स्य पालन, हैचरी, केज कल्चर, बुनियादी ढांचे और मत्स्यजीवियों के कल्याण में उल्लेखनीय प्रगति की है।

यह दौरा अलंकरणीय मत्स्य क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, क्योंकि इससे जमीनी स्तर का आकलन, हितधारकों की भागीदारी और लक्षित नीतिगत सहायता को बढ़ावा मिलेगा।

ऑनलाइन शादी बनी अभिशाप: जेठ ने किया दुष्कर्म, सदमे में पति ने दी जान

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 बिलासपुर। ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइट के जरिए तय हुई शादी एक युवती के लिए दर्दनाक साबित हुई। राजस्थान स्थित ससुराल में विवाहिता को कथित तौर पर जेठ की प्रताड़ना, दुष्कर्म और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। घटनाक्रम के बीच उसके पति ने आत्महत्या कर ली। अब पीड़िता की शिकायत पर बिलासपुर महिला थाना पुलिस ने आरोपी जेठ के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


वैवाहिक वेबसाइट के जरिए हुई थी शादी

पुलिस के अनुसार, बिलासपुर निवासी युवती की पहचान एक वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से राजस्थान के युवक से हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद करीब एक वर्ष पहले उज्जैन में विवाह संपन्न हुआ। शादी के बाद युवती अपने ससुराल राजस्थान चली गई।

ससुराल पहुंचने के बाद बदले हालात

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि ससुराल पहुंचने के बाद उसे परिवार की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिली। उसका आरोप है कि जेठ ने पहले अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। वहीं उसके पति के खिलाफ भी कथित तौर पर धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज थे।

पीड़िता के मुताबिक, शादी के बाद से ही जेठ उस पर गलत नजर रखता था। आरोप है कि एक दिन मौका पाकर उसने विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया। जब उसने इस घटना की जानकारी अपने पति को दी, तब पति ने परिवार और समाज की बदनामी का हवाला देते हुए उसे चुप रहने के लिए कहा।

प्रताड़ना से परेशान होकर मायके पहुंची

महिला का आरोप है कि घटना के बाद भी जेठ द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना और शोषण किया जाता रहा। भय और तनाव के चलते उसने 25 अप्रैल को ससुराल छोड़ दिया और मोबाइल बंद कर किसी तरह बिलासपुर स्थित अपने मायके पहुंची।

इधर, 26 अप्रैल को उसके पति ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद 28 अप्रैल को पीड़िता के परिजनों को सूचना मिली कि उसके पति ने आत्महत्या कर ली है। इस घटना के बाद युवती गहरे सदमे में चली गई।

महिला थाने में दर्ज हुई शिकायत

कुछ दिन तक मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ रहने के बाद पीड़िता ने बिलासपुर महिला थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी जेठ के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है।

महिला थाना पुलिस के अनुसार, घटना राजस्थान क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए फिलहाल “जीरो पर अपराध” दर्ज कर केस संबंधित थाना क्षेत्र को भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

ऑनलाइन वैवाहिक प्लेटफॉर्म पर उठे सवाल

इस घटना के बाद ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइटों के जरिए होने वाले रिश्तों की सत्यता और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विवाह से पहले परिवार की सामाजिक और कानूनी पृष्ठभूमि की पूरी जांच-पड़ताल जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

 

लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

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भारत सरकार ने एनएस राजा सुब्रमणि , पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है। वे भारत सरकार के रक्षा मामलों के विभाग (Department of Military Affairs) में सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। उनकी नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी। वर्तमान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ  अनिल चौहान, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम 30 मई 2026 को अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

एनएस राजा सुब्रमणि वर्तमान में 01 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे 01 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उप सेना प्रमुख (Vice Chief of the Army Staff) रहे तथा मार्च 2023 से जून 2024 तक केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर नियुक्त थे।

जनरल अधिकारी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी  के स्नातक हैं। उन्हें 14 दिसंबर 1985 को  गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन प्राप्त हुआ था। वे यूनाइटेड किंगडम के जॉइंट सर्विसेज कमांड स्टाफ कॉलेज, ब्रैकनेल तथा राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से कला में स्नातकोत्तर तथा मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एमफिल की उपाधि प्राप्त की है।

चार दशकों से अधिक लंबे अपने गौरवशाली सैन्य करियर में लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों और भौगोलिक परिस्थितियों में सेवा दी है तथा अनेक कमांड, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने ऑपरेशन राइनो के तहत असम में आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स की कमान संभाली, जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड तथा केंद्रीय सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन का नेतृत्व किया। उन्हें भारतीय सेना की पश्चिमी मोर्चे की प्रमुख स्ट्राइक कोर ‘2 कोर’ की कमान संभालने का गौरव भी प्राप्त है।

जनरल अधिकारी के स्टाफ एवं प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में डिविजनल ऑफिसर, माउंटेन ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, कजाकिस्तान में रक्षा अताशे, सैन्य सचिव शाखा में सहायक सैन्य सचिव, पूर्वी कमान मुख्यालय में कर्नल जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस), जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स सेक्टर के डिप्टी कमांडर, रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय में उप महानिदेशक सैन्य खुफिया, पूर्वी कमान में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ (ऑपरेशंस), वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में मुख्य प्रशिक्षक (सेना) तथा उत्तरी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ जैसे पद शामिल हैं। उन्हें पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं की ऑपरेशनल परिस्थितियों का गहन ज्ञान और व्यापक अनुभव प्राप्त है।

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जनरल अधिकारी को परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल तथा विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।

वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन बने भारतीय नौसेना के नए प्रमुख

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 भारत सरकार ने कृष्णा स्वामीनाथन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम को भारतीय नौसेना का नया नौसेना प्रमुख (Chief of the Naval Staff) नियुक्त किया है। वर्तमान नौसेना प्रमुखदिनेश कुमार त्रिपाठी, पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम 31 मई 2026 को सेवा से सेवानिवृत्त होंगे।

वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 जुलाई 2025 को पश्चिमी नौसेना कमान के 34वें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला था। उन्हें 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था और वे संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धकला के विशेषज्ञ हैं।

वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, यूनाइटेड किंगडम के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर तथा अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स नेवल वॉर कॉलेज, न्यूपोर्ट (रोड आइलैंड) के पूर्व छात्र हैं।

परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित एडमिरल ने अपने नौसैनिक करियर में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी पदों पर कार्य किया है। उन्होंने मिसाइल पोत आईएनएस विद्युत और आईएनएस विनाश, मिसाइल कॉर्वेट आईएनएस कुलिश, गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर आईएनएस मैसूर तथा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य की कमान संभाली है।

रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय में चीफ स्टाफ ऑफिसर (प्रशिक्षण) के रूप में कार्य किया और भारतीय नौसेना में प्रशिक्षण संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भारतीय नौसेना सुरक्षा दल की स्थापना में भी प्रमुख रूप से शामिल रहे, जो नौसेना की सभी शाखाओं में ऑपरेशनल सुरक्षा की निगरानी करता है।

इसके बाद उन्होंने फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग के रूप में नौसेना के वर्क-अप संगठन का नेतृत्व किया और बाद में पश्चिमी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग नियुक्त हुए। “स्वॉर्ड आर्म” की कमान संभालने के बाद उन्हें फ्लैग ऑफिसर ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप तथा भारत सरकार के ऑफशोर सुरक्षा एवं रक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया।

वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान में चीफ ऑफ स्टाफ, नेवल मुख्यालय में कंट्रोलर ऑफ पर्सनल सर्विसेज तथा चीफ ऑफ पर्सनल के रूप में सेवाएं दीं। वर्तमान नियुक्ति से पहले वे नेवल मुख्यालय में वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ के पद पर कार्यरत थे।

वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने Jजवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से बीएससी, कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से दूरसंचार में एमएससी, किंग्स कॉलेज लंदन से रक्षा अध्ययन में एमए, तथा मुंबई विश्वविद्यालय से सामरिक अध्ययन में एमफिल और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की हैं।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने त्रिवेंद्रम सैन्य स्टेशन का दौरा कर ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की

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संजय सेठ ने 08 मई 2026 को भारतीय सेना की भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के अंतर्गत आने वाले  त्रिवेंद्रम सैन्य स्टेशन का दौरा किया और वहां की ऑपरेशनल तैयारियों तथा चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।

अपने दौरे के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने सैनिकों से संवाद किया और स्टेशन पर लागू की जा रही ऑपरेशनल तैयारियों एवं कल्याणकारी उपायों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की। उन्हें युद्धक क्षमता बढ़ाने और संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित प्रमुख ऑपरेशनल, प्रशासनिक तथा आधारभूत संरचना संबंधी पहलों की जानकारी दी गई।

संजय सेठ ने स्टेशन पर तैनात सभी अधिकारियों एवं जवानों द्वारा प्रदर्शित पेशेवर दक्षता, समर्पण और अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारियों को बनाए रखने के साथ-साथ सशस्त्र बलों के कर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण और सुख-समृद्धि सुनिश्चित करने के प्रयासों की भी प्रशंसा की।

रक्षा राज्य मंत्री ने सरकार की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत आधुनिकीकरण, आधारभूत संरचना विकास तथा सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए सतत कल्याणकारी पहलों के माध्यम से रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया जा रहा है। यह प्रयास तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना के निर्माण की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप है।

बंगाल में बीजेपी सरकार का आज शपथ ग्रहण, शुभेंदु अधिकारी लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

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 शुभेंदु अधिकारी आज शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले भव्य समारोह में पहली बार राज्य में बीजेपी सरकार का गठन होगा। यह भी पहला मौका है जब ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किसी मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है।


विशेष बात यह है कि समारोह का आयोजन कवि Rabindranath Tagore की 165वीं जयंती के दिन हो रहा है। कार्यक्रम में बंगाली संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।

पीएम मोदी और अमित शाह रहेंगे मौजूद

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah शामिल होंगे। इसके अलावा बीजेपी और एनडीए शासित 21 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। भाजपा सांसदों, विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी रहेगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

कार्यक्रम को देखते हुए कोलकाता में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने ब्रिगेड परेड ग्राउंड को करीब 35 सेक्टरों में बांटा है। प्रत्येक ब्लॉक की जिम्मेदारी IPS रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। कोलकाता पुलिस कमिश्नर Ajay Nanda खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक समारोह में करीब 40 वीवीआईपी मेहमान शामिल हो सकते हैं, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। भाजपा समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

ड्रोन से निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल लागू

ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी। वहीं शहर में शनिवार सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक विशेष ट्रैफिक कंट्रोल लागू रहेगा। इस दौरान मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी, हालांकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है।

पुलिस ने विक्टोरिया मेमोरियल हॉल के आसपास पार्किंग पर भी प्रतिबंध लगाया है। हालात के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था में अतिरिक्त बदलाव किए जा सकते हैं।

तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन तय! विजय कल लेंगे CM पद की शपथ

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 चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। टीवीके प्रमुख विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के मुताबिक, विजय को फिलहाल 118 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।


जानकारी के अनुसार, विजय शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालांकि सरकार गठन से पहले सहयोगी दलों के साथ अंतिम दौर की बातचीत जारी है। वीसीके, एएमएमके और आईयूएमएल के एक विधायक से समर्थन को लेकर चर्चा चल रही है।

शुक्रवार शाम अभिनेता विजय के चेन्नई स्थित आवास के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी और “टीवीके-टीवीके” के नारे गूंजते रहे। पिछले चार दिनों से जारी राजनीतिक हलचल के बीच यह संकेत माना जा रहा है कि विजय सरकार गठन के लिए जरूरी बहुमत जुटाने में सफल हो सकते हैं।

वहीं, डीएमके गठबंधन में शामिल वामपंथी दल माकपा और भाकपा ने टीवीके सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। दोनों दलों ने कहा कि उनका फैसला राज्य में भाजपा को “पिछले दरवाजे से प्रवेश” करने से रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे टीवीके मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे और राज्य के अधिकारों के मुद्दे पर डीएमके के साथ बने रहेंगे।

 

महासमुंद- एंबुलेंस में छिपाकर ले जाया जा रहा 77 किलो गांजा जब्त, 5 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

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 महासमुंद। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) और कोमाखान पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस में छिपाकर ले जाए जा रहे 77 किलो अवैध गांजा को जब्त किया है। मामले में 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।


पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर एक एंबुलेंस के जरिए गांजा की बड़ी खे भेजी जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने टेमरी जांच नाका पर घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।

जांच के दौरान एंबुलेंस क्रमांक MH 13 CU 0707 और उसके आगे चल रही पायलटिंग कार क्रमांक MH 12 NB 5277 को रोककर तलाशी ली गई। पूछताछ में आरोपियों ने एंबुलेंस में गांजा होने की बात स्वीकार की। तलाशी के दौरान वाहन से करीब 77 किलो गांजा बरामद किया गया।

पुलिस ने मौके से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में आकाश उर्फ अक्षय जाधव (27), लिंबाजी जाधव (33), धनंजय लोखंडे (25), प्रथमेश पिंगले (20) और अजय काले (25) शामिल हैं। सभी आरोपी महाराष्ट्र के धाराशिव और सोलापुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ओडिशा के बालीगुडा क्षेत्र से गांजा लेकर महाराष्ट्र के सोलापुर में खपाने की तैयारी में थे। पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने एंबुलेंस का इस्तेमाल किया था।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 77 किलो गांजा, एक एंबुलेंस, एक पायलटिंग कार और 5 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 50.45 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स ने पिछले चार महीनों में 84 मामलों में 6093 किलो से अधिक गांजा जब्त किया है और 221 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बड़ी संख्या दूसरे राज्यों के तस्करों की है।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क के सोर्स प्वाइंट, सप्लाई चेन और वित्तीय लिंक की जांच में जुटी हुई है, ताकि अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का पूरा नेटवर्क उजागर किया जा सके।

 
 

सुवेंदु अधिकारी होंगे बंगाल के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल के नेता चुने गए

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 कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari को विधायक दल का नेता चुन लिया है, जिसके साथ ही उनके राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को कोलकाता में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी।


बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi और भाजपा की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

कल होगा शपथ ग्रहण समारोह

सुवेंदु अधिकारी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार 9 मई को सुबह 11 बजे Brigade Parade Ground में आयोजित किया जाएगा। समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री Rajnath Singh सहित कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

ममता के करीबी से सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी तक का सफर

सुवेंदु अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो Mamata Banerjee के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में वे ममता के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। हालांकि, 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया और उसके बाद बंगाल की राजनीति में भाजपा के सबसे आक्रामक नेताओं में शामिल हो गए।

2021 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं। वहीं 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की। भवानीपुर सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया।

भारतीय चुनाव आयोग के अनुसार, भवानीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 मत प्राप्त हुए।

भाजपा की जीत में निभाई अहम भूमिका

भाजपा की बंगाल में ऐतिहासिक जीत के पीछे सुवेंदु अधिकारी की रणनीतिक भूमिका को अहम माना जा रहा है। खासकर पूर्व मेदिनीपुर जिले की 16 सीटों पर पार्टी की जीत ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूत किया। पार्टी नेतृत्व ने उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और आक्रामक चुनावी रणनीति को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

लंबा रहा राजनीतिक सफर

सुवेंदु अधिकारी पांच बार विधायक और दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार 2006 में कांथी दक्षिण सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई थी। बाद में वे नंदीग्राम से विधायक बने और लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते गए।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा में शामिल होने के बाद सुवेंदु ने खुद को पार्टी की विचारधारा के अनुरूप ढालते हुए राज्य में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के मुद्दों को मजबूती से उठाया। कानून-व्यवस्था, घुसपैठ और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर उनका आक्रामक रुख भाजपा की चुनावी रणनीति का प्रमुख हिस्सा बना।

 
 

भाभी की हत्या कर रेप जैसा रचा सीन, पुलिस को गुमराह करने कपड़े फाड़े; ननद गिरफ्तार

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 कबीरधाम जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद में एक महिला ने अपनी ही भाभी की धारदार हथियार से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने और मामला रेप के बाद हत्या का दिखाने के लिए शव के कपड़े भी फाड़ दिए। पुलिस ने आरोपी ननद को गिरफ्तार कर लिया है।


मामला Lohara थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगारपुर का है। जानकारी के मुताबिक, 3 मई 2026 को झोंकाखार खेत में एक महिला का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। महिला का शव निर्वस्त्र पड़ा था और उसके सिर व चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शुरुआती जांच में अज्ञात आरोपी के खिलाफ रेप के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया।

जांच में मृतका की पहचान बेलसिया छेदैया (32) निवासी ग्राम सिंगारपुर के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए Dharmendra Singh के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई।

घटनास्थल से पुलिस को लोहे की रपली, हंसिया, टूटी चूड़ियां, कपड़ों के टुकड़े, बटन और साड़ी पिन सहित कई अहम साक्ष्य मिले। साइबर सेल और एफएसएल टीम की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। तकनीकी जांच में खुलासा हुआ कि महिला के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था, बल्कि हत्या के बाद शव को निर्वस्त्र कर घटना को दूसरी दिशा देने की कोशिश की गई थी।

पूछताछ में सामने आया कि मृतका और उसकी ननद मालती मरकाम (33) के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी थी। करीब छह महीने पहले भी मालती ने अपनी भाभी की हत्या की कोशिश की थी, लेकिन परिवार के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया था।

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी मालती मरकाम का पति नरेन्द्र मरकाम शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था। इससे परेशान होकर वह करीब पांच साल पहले ससुराल छोड़कर मायके में रहने लगी थी। फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

कबीरधाम में दर्दनाक सड़क हादसा : ट्रक की चपेट में आने से दंपति की मौत, 4 साल का बेटा घायल

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 Kabirdham जिले में आज शुक्रवार को हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति की मौत हो गई, जबकि उनका 4 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला Kunda थाना क्षेत्र का है।


जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान कृष्णा आढिले और उनकी पत्नी कीर्ति आढिले के रूप में हुई है। दोनों सारंगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। दंपति अपने 4 वर्षीय बेटे के साथ बाइक से कोलेगांव स्थित ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान कुण्डा थाना क्षेत्र में सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक को क्रॉस करते समय उनकी बाइक सड़क किनारे गीली मिट्टी में फिसल गई।

हादसे में पति-पत्नी ट्रक के पहिए के नीचे आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनका बेटा दूर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल बच्चे को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुण्डा में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

हादसे से नाराज ग्रामीणों ने घटनास्थल और कुण्डा थाना के पास चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क के किनारे शोल्डर कटिंग में मुरुम की जगह मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जो बारिश के कारण कीचड़ में बदल गई है। इससे लगातार बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने सड़क निर्माण ठेकेदार को मौके पर बुलाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लोगों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी ठेकेदार के आने तक आंदोलन जारी रखने की बात कहते रहे।

दंतेवाड़ा नक्सली हमले के सभी 11 आरोपी बरी, हाईकोर्ट ने जांच पर उठाए सवाल

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 Chhattisgarh के बहुचर्चित 2010 दंतेवाड़ा नक्सली हमले मामले में बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। Chhattisgarh High Court ने मामले में आरोपित सभी 11 लोगों को बरी कर दिया है। अदालत ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य पेश करने में असफल रहा।


यह फैसला चीफ जस्टिस Ramesh Sinha और जस्टिस Ravindra Kumar Agrawal की डिवीजन बेंच ने सुनाया। कोर्ट ने कहा कि इतने बड़े हमले के बावजूद जांच एजेंसियां असली अपराधियों की पहचान तक नहीं कर सकीं।

गौरतलब है कि 6 अप्रैल 2010 को Dantewada जिले के ताड़मेटला और चिंतलनार के जंगलों में नक्सलियों ने सीआरपीएफ और पुलिस के संयुक्त दल पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 75 सीआरपीएफ जवान और एक पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसे देश के इतिहास के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है।

अपने फैसले में हाईकोर्ट ने जांच में कई गंभीर खामियां बताईं। अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी की पहचान न्यायालय में नहीं हो सकी और न ही टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) कराई गई। इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) रिपोर्ट पेश नहीं की गई और आरोपियों से किसी प्रकार के हथियार की बरामदगी भी नहीं हुई। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी अधूरी रही।

अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल शक के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन पक्ष आरोपियों की भूमिका संदेह से परे साबित करने में विफल रहा, इसलिए सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया गया।

फैसले के बाद शहीद जवानों के परिवारों में निराशा का माहौल है। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नक्सल और आतंकी मामलों में तकनीकी जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और गवाहों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। शुरुआती जांच में हुई चूक अदालत में पूरे मामले को कमजोर कर देती है।

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