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सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ करें निराकरण: प्रमुख सचिव बोरा

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सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है दुर्ग, विभागीय समन्वय से दुर्ग बने मॉडल जिला

रायपुर- प्रमुख सचिव एवं दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा ने आज दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया। लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि दुर्ग जिला सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक दृष्टि से प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला रहा है, इसलिए इसकी पहचान को बनाए रखते हुए अधिकारी बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागीय समन्वय से दुर्ग जिले के मॉडल जिले के रूप में विकसत करने पर बल दिया। 

प्रमुख सचिव बोरा ने समीक्षा बैठक में कहा कि आमजनों को विभागीय सेवाओं का त्वरित लाभ मिले, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार के अंतर्गत शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

शुद्ध पेयजल, नाला सफाई और पीएम आवास पर जोर

प्रभारी सचिव बोरा ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए आमजनों के लिए शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बरसात पूर्व बड़े नालों सफाई कराने, अतिक्रमण हटाने तथा सैप्टिक टैंक सफाई में एसओपी का पालन करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्रों में स्वीकृत पीएम आवास निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राही सम्मेलन आयोजित कर लोगों को निर्माण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

मनरेगा मजदूरी भुगतान शुरू, श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश

बैठक में मनरेगा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि दुर्ग जिले में 14 जनवरी 2026 से लंबित लगभग 30 करोड़ 83 लाख रुपये की मजदूरी राशि शासन द्वारा स्वीकृत कर दी गई है और श्रमिकों के खातों में भुगतान शुरू हो गया है। प्रभारी सचिव ने सभी जनपद पंचायत सीईओ और रोजगार सहायकों को निर्देशित किया कि वे श्रमिकों से सीधे संपर्क कर मजदूरी भुगतान संबंधी जानकारी साझा करें तथा भुगतान से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

लखपति दीदी, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी फोकस

बैठक में बताया गया कि एनआरएलएम के तहत जिले में 78 हजार 411 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 37 हजार महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी सचिव ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, शिशु मृत्यु दर को शून्य करने तथा सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने तथा 16 जून तक सभी छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य पूर्ण कराने को कहा।

किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज

कृषि विभाग को आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक वितरण की कार्ययोजना तैयार करने तथा पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंनेे कहा कि किसानों को पारदर्शिता के साथ खाद और बीज का वितरण किया जाए। रासायनिक खाद के कालाबाजारी करने वाले पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत जिले में एक लाख 46 हजार पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित है। साथ ही चीचा और बेलौदी क्षेत्र को वेटलैंड घोषित किया गया है।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पुलिस विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। बैठक में वनमंडलाधिकारी दीपेश कपिल, एडीएम वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर योगिता देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से मिलती है सफलता : सोनमणि बोरा

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प्रमुख सचिव ने पीएम श्री सेजस विद्यालय कुम्हारी का किया निरीक्षण

विद्यार्थियों के समक्ष बने विद्यार्थी और अभ्यर्थी

रायपुर- आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव और दुर्ग जिले के प्रभारी सचिव सोनमणी वोरा ने आज दुर्ग जिले के कुम्हारी स्थित पीएम श्री विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी विभागों का बारीकी से अवलोकन किया। सचिव बोरा ने विद्यालय की लाइब्रेरी, विज्ञान प्रयोगशाला, अटल लैब, स्पोर्ट्स रूम सहित सभी कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विभाग में संचालित जादुई पिटारा गतिविधियों तथा मिडिल विभाग में स्मार्ट क्लास के माध्यम से कराए जा रहे शिक्षण कार्य को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से सहजता के साथ चर्चा कर पढ़ाई-लिखाई एवं खेलकूद की जानकारी ली। इस मौके पर कलेक्टर अभिजीत सिंह उपस्थित थे। 

प्रमुख सचिव बोरा ने विद्यार्थियों से चर्चा में कहा कि अनुशासित परिश्रम, तप और त्याग से सफलता मिलती है। उन्होंने पीएमश्री विद्यालय निरीक्षण के दौरान बच्चों के समक्ष विद्यार्थी और अभ्यर्थी भी बने। उन्होंने इस दौरान विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की तथा सभी कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें सम्माति भी किया। प्रमुख सचिव बोरा और कलेक्टर सिंह ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य बनाकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया और यह भी पुछा कि वे जीवन क्या बनेंगे। यह पूछने पर टॉपर्स ने सी.ए., साइबर इंजीनियर, कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को सराहनीय बताया।

सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 12वीं की छात्रा रिया साहू जिन्होंने राज्य स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त की है। वहीं कक्षा 10वीं की छात्रा साक्षी देवांगन ने जिला स्तर पर आठवां स्थान अर्जित किया है। कक्षा 8वीं में पायल रजानी एवं नैतिक आमटे ने संकुल स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल की है। इसी प्रकार कक्षा 5वीं की छात्रा शिवानी पटेला प्रथम स्थान पर रही, जबकि भव्या साहू एवं रूपाली साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर 2026 के राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (12 मई 2026) अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार नर्सिंग कर्मियों को प्रदान किए।

राष्ट्रपति ने कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा, समर्पण और करुणा का सर्वोच्च उदाहरण हैं तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1973 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नर्सिंग कर्मियों की उत्कृष्ट सेवाओं को सम्मानित करने के लिए की गई थी।




"नर्सिंग सिस्टर" अब कहलाएंगी "सीनियर नर्सिंग ऑफिसर",स्टाफ नर्स का नाम होगा नर्सिंग ऑफिसर

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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की घोषणा की

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभारः श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर राज्य की नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की बड़ी घोषणा की है। इस घोषणा के अनुसार "नर्सिंग सिस्टर" अब "सीनियर नर्सिंग ऑफिसर" कहलाएंगी जबकि स्टाफ नर्स का नाम नर्सिंग ऑफिसर होगा।  

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ये घोषणा की है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी व नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ अस्पताल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सेवा में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की देखभाल कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव का सबसे बड़ा उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है।  उन्होंने कोविड काल में नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य किया। चिकित्सा सेवा में नर्स माँ के समान होती है। उनका दर्जा माँ के समान उच्च है क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं। 

स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से लंबित कई सुविधाओं और व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित पूरे नर्सिंग ऑफिसर को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।

धमतरी में AI क्रांति: अत्याधुनिक कौशल से सुसज्जित होंगे युवा

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 रायपुर : युवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस कर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन धमतरी द्वारा एक दूरदर्शी पहल की गई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल उन्नयन पाठ्यक्रम (AI Upskilling Course 2026) हेतु प्रवेश परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस अभिनव प्रयास का लक्ष्य स्थानीय युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में निपुण बनाकर उनके लिए रोजगार के नए द्वार खोलना है।


युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

पी.जी. कॉलेज धमतरी के IT भवन में आयोजित इस परीक्षा में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसमें कुल प्रतिभागी 166 ने हिस्सा लिया, जिसमें से ऑफलाइन माध्यम 107 विद्यार्थी और ऑनलाइन माध्यम 59 विद्यार्थी शामिल हुए। बड़ी संख्या में युवाओं की यह भागीदारी जिले में नई तकनीकों और डिजिटल साक्षरता के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।

वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण और स्किलिंग

परीक्षा के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को बेंगलुरु की प्रतिष्ठित संस्था द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इस विशेष प्रोग्राम में युवाओं को उन स्किल्स का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा जिनकी वर्तमान में वैश्विक उद्योगों में सर्वाधिक मांग है। चयनित विद्यार्थियों को आगे विशेष AI Skill Training Program से जोड़ा जाएगा। यह प्रशिक्षण प्रतिष्ठित संस्था Learnijoy Bangalore द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को AI Video Generation, Website Development, AI Agents Making, Automation Tools, Digital Productivity, Prompt Engineering तथा आधुनिक तकनीकी समाधान विकसित करने जैसी अत्याधुनिक स्किल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

रोजगार और उद्यमिता पर केंद्रित पहल

इस प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार, इंटर्नशिप, फ्रीलांसिंग और डिजिटल उद्यमिता के काबिल बनाना है। प्रशिक्षण पूरी तरह से 'Industry-Oriented' होगा, जिससे युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकें।

कलेक्टर का संदेश भविष्य डिजिटल और AI का है

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, आने वाला युग AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है। हमारा प्रयास है कि धमतरी के युवाओं को समय रहते वैश्विक स्तर की स्किलिंग उपलब्ध कराई जाए। इससे वे न केवल बेहतर रोजगार प्राप्त करेंगे, बल्कि स्वयं के स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार सृजक भी बन सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन भविष्य में भी नवाचार, स्टार्टअप प्रमोशन और टेक्नोलॉजी आधारित रोजगार कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा।

नवाचार की ओर बढ़ते कदम

गौरतलब है कि इससे पहले Yuva Fest में आयोजित AI वर्कशॉप के माध्यम से 4 विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का अवसर मिला था, जिससे प्रेरित होकर इस बार बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला प्रशासन की यह पहल धमतरी को तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने और डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द, पेपर लीक की आशंका पर CBI करेगी जांच

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 नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को रद्द कर दिया है। पेपर लीक की आशंका के चलते यह बड़ा फैसला लिया गया है। मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई है। परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान बाद में किया जाएगा।


एनटीए ने जारी नोटिस में कहा कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। नई परीक्षा तिथि की सूचना अलग से जारी की जाएगी।

गौरतलब है कि देशभर के मेडिकल, डेंटल और आयुष कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस और बीएचएमएस सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET UG परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष करीब 22.05 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।

7 मई को मिले थे पेपर लीक के इनपुट

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद यानी 7 मई को एनटीए को पेपर लीक से जुड़े कुछ इनपुट प्राप्त हुए थे। इसके बाद 8 मई को मामले के सत्यापन और आगे की कार्रवाई के लिए जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी।

‘गेस पेपर’ से मिले कई सवाल

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच के बाद पेपर लीक की आशंका और गहरा गई। एसओजी के मुताबिक, परीक्षा से करीब 15 दिन से एक महीने पहले एक कथित “गेस पेपर” अभ्यर्थियों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। बताया गया कि इस गेस पेपर में करीब 410 प्रश्न थे, जिनमें से लगभग 120 सवाल NEET परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू पूछे गए। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि परीक्षा में आए करीब 600 अंकों के प्रश्न इसी गेस पेपर से मेल खाते थे।

केरल से राजस्थान तक पहुंचा नेटवर्क

जांच एजेंसियों को आशंका है कि कथित गेस पेपर केरल से लीक होकर राजस्थान तक पहुंचा। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के सीकर में कंसल्टेंसी चलाने वाले झुंझुनूं निवासी एक व्यक्ति के पास परीक्षा से लगभग एक माह पहले यह पेपर पहुंचा था।

20 से अधिक संदिग्ध हिरासत में

एसओजी ने पिछले चार दिनों में देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 20 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इनमें कई करियर काउंसलर शामिल हैं। देहरादून से पकड़े गए संदिग्धों में सीकर निवासी राकेश मंडावरिया का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि उसका पीपराली रोड स्थित एक कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी कार्यालय है। उसकी निशानदेही पर जांच एजेंसियों ने चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हिमंता बिस्वा सरमा, रचा नया राजनीतिक इतिहास

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 असम में भाजपा नीत एनडीए सरकार ने एक बार फिर सत्ता संभाल ली है। हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया राजनीतिक इतिहास रच दिया। वे असम में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं।


राज्यपाल Lakshman Prasad Acharya ने खानापारा स्थित वेटरनरी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में हिमंता बिस्वा सरमा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, सहयोगी दल Asom Gana Parishad के अतुल बोरा तथा Bodoland People's Front के चरण बोरो ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, एनडीए नेता, उद्योगपति और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

असम में मजबूत हुआ भाजपा का किला

कभी कांग्रेस का गढ़ रहे असम में अब भाजपा लगातार अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही है। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एनडीए गठबंधन को कुल 102 सीटें मिलीं। 126 सदस्यीय विधानसभा में सहयोगी दल अगप और बीपीएफ को 10-10 सीटें हासिल हुईं। वहीं कांग्रेस महज 19 सीटों पर सिमट गई।

असम में एनडीए की यह लगातार तीसरी सरकार है। राज्य में पहली बार 2016 में Sarbananda Sonowal के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में आई थी। इसके बाद 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद संभाला और अब लगातार दूसरी बार सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।

कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक असम की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है। एक समय कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहे राज्य में भाजपा ने पिछले एक दशक में तेजी से अपना जनाधार बढ़ाया है। 2016 में भाजपा ने 60 सीटें जीतकर पहली बार सरकार बनाई थी, जबकि इस बार पार्टी ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 82 सीटें हासिल कीं।

लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के साथ ही Himanta Biswa Sarma ने असम की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

जिंदा मंत्री की निकाली ‘शव यात्रा’, 17 कांग्रेस नेताओं पर FIR

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 दुर्ग/बेमेतरा। बेमेतरा जिले के ग्राम झिरिया में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने के मामले में भिलाई विधायक Devendra Yadav समेत 17 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।


जानकारी के अनुसार, मामला चंदनु थाना क्षेत्र का है। मंत्री दयाल दास बघेल के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में कहा गया है कि मंत्री जीवित हैं, इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने उनकी शव यात्रा निकालकर हिंदू धर्म की भावनाओं को आहत किया। आरोप है कि मंच से मंत्री की मौत की घोषणा की गई और दो मिनट का मौन भी रखा गया, जिससे उनकी छवि धूमिल हुई।






शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि हिंदू परंपरा में शव यात्रा निकालने का अधिकार परिजनों, विशेषकर बेटे को होता है, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर इस परंपरा का अपमान किया गया।

इधर, FIR दर्ज होने के बाद विधायक Devendra Yadav ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे जेल जाने से नहीं डरते और गौवंश की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल चुनाव के समय गौ माता के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद गोवंश की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं रहती। उनका कहना है कि ग्राम झिरिया में लगातार गौवंशों की मौत हो रही थी और कांग्रेस लंबे समय से प्रशासन के सामने यह मुद्दा उठा रही थी। कार्रवाई नहीं होने पर मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और कांग्रेस व भाजपा एक-दूसरे पर हमलावर हैं।

AI से IPL की नकली टिकट बनाकर बेची, दुर्ग के 4 युवक गिरफ्तार

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 Fake Ticket Scam : अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में IPL मैच के दौरान हाईटेक टिकट फ्रॉड का बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो AI टूल्स और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से नकली IPL टिकट बनाकर दर्शकों को बेच रहे थे।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर, नूतन साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, Lucknow Super Giants और Royal Challengers Bengaluru के मैच के दौरान एक युवक ने स्टेडियम के बाहर टिकट खरीदा था। UPI से भुगतान करने के बाद जब वह एंट्री गेट पहुंचा, तो स्कैनिंग में टिकट फर्जी निकला। इसके बाद साइबर सेल और पुलिस ने डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेस कर आरोपियों को पकड़ लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया से असली IPL टिकटों की तस्वीरें डाउनलोड करते थे। फिर CorelDRAW और अन्य डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से उनकी कॉपी तैयार की जाती थी। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि टिकट के डिजाइन और प्रिंटिंग पैटर्न समझने के लिए आरोपियों ने ChatGPT
और ऑनलाइन ट्यूटोरियल्स का सहारा लिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी इससे पहले अरुण जेटली स्टेडियम के बाहर भी नकली टिकट बेचने की कोशिश कर चुके थे। वहां असफल होने के बाद उन्होंने अपनी तकनीक को और बेहतर बनाया और फिर लखनऊ को निशाना बनाया।

जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों तक पहुंचने में UPI ट्रांजैक्शन सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और संभावित ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क की जांच कर रही है।

तरबूज खाने से बच्चे की मौत, 3 अन्य बच्चे अस्पताल में भर्ती मामले में जांजगीर कलेक्टर ने लिया तत्काल संज्ञान

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जांच के लिए भेजे गए तरबूज के सैंपल, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में कर रही अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच


रायपुर, 11 मई 2026/ जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धुरकोट में तरबूज खाने के बाद एक बच्चे की मृत्यु तथा 3 अन्य बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं संबंधित एसडीएम को जिला चिकित्सालय जांजगीर भेजा , कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम जांजगीर ने मेडिकल टीम को गांव में संबंधित परिवार के सभी लोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए रवाना किया तथा तहसीलदार को गांव में इस बाबत पूरे मामले पर लगातार निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया गया।

सिविल सर्जन श्री एस. कुजूर ने बताया बच्चों के तरबूज और चिकन खाने बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। एक बच्चे की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत्यु हो गई, जबकि 3 अन्य बीमार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है जिनकी हालत अब सामान्य है ।कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित तरबूज के सैंपल जांच हेतु भेज दिए गए हैं। साथ ही मृत बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर निगरानी भी कर रही है।

तालाब में मछली पकड़ने पर बवाल, दो पक्षों में खूनी संघर्ष, बच्चे समेत कई घायल

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में तालाब में मछली पकड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। मामूली कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर लाठी-डंडे चले। घटना में बच्चे समेत कई लोग घायल हो गए।


जानकारी के अनुसार, विवाद तालाब में मछली मारने की बात को लेकर शुरू हुआ था। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना का वीडियो सोशल media पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर Bilaigarh Police मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर कुल 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

मां को बताया सब ठीक, जन्मा बिना आंखों का बच्चा; कोर्ट ने अस्पताल पर ठोका 1 करोड़ का जुर्माना, पढ़े पूरी खबर

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 तेलंगाना के आदिलाबाद जिला उपभोक्ता आयोग ने चिकित्सा लापरवाही से जुड़े एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए अस्पताल को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामला एक ऐसे बच्चे से जुड़ा है, जिसका जन्म दोनों आंखों के बिना हुआ था। आयोग ने इसे डॉक्टरों और अस्पताल की गंभीर लापरवाही माना है।


जानकारी के अनुसार, तेलंगाना निवासी भाग्यश्री गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से जांच और अल्ट्रासाउंड स्कैन कराती रहीं। परिवार का आरोप है कि हर जांच में डॉक्टरों ने बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताया और किसी प्रकार की शारीरिक समस्या की जानकारी नहीं दी।

हालांकि, प्रसव के समय परिवार को बड़ा झटका लगा, जब नवजात दोनों आंखों के बिना पैदा हुआ। परिजनों का कहना है कि यदि अल्ट्रासाउंड जांच सही तरीके से की जाती, तो गर्भावस्था के दौरान ही बच्चे की शारीरिक स्थिति का पता चल सकता था।

उपभोक्ता आयोग ने माना लापरवाही

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष Jabez Samuel ने रिकॉर्ड और रिपोर्टों की जांच की। आयोग ने माना कि अस्पताल और डॉक्टरों ने जांच प्रक्रिया में लापरवाही बरती तथा परिवार को सही जानकारी नहीं दी।

मुआवजे के साथ ब्याज देने का आदेश

आयोग ने अस्पताल को पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। साथ ही शिकायत दर्ज होने की तारीख से 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि का भुगतान करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त 34 हजार रुपये अदालती खर्च के रूप में देने का भी आदेश दिया गया है।

चिकित्सा क्षेत्र में जवाबदेही पर जोर

आयोग ने अपने फैसले में कहा कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज और परिजनों को सही एवं सटीक जानकारी देना भी उनकी जिम्मेदारी है। इस फैसले को चिकित्सा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

 

सोहम हॉस्पिटल में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सैकड़ों लोग हुए लाभान्वित

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महासमुंद- लभराखुर्द स्थित  सोहम हॉस्पिटल में जन सेवा समिति के तत्वावधान में 127वा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 10 मई  रविवार को आयोजित हुई. निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में  मरीजों का  डॉक्टर सोमी चंद्राकर एवं  डॉक्टर  युगल चंद्राकर एवं डॉ सी पी पटेल ने  40  नि: शुल्क सोनोग्राफी किया

70 से अधिक मरीज को  मार्गदर्शन दिए. टीम के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें  जोड़ो के दर्द , पेट संबंधी समस्याओं , पथरी , पेट मे जलन, गैस , चमड़ी  के रोग, साइटिका , सर्वाइकल , दाद खाज खुजली इत्यादि  का निःशुल्क परीक्षण एवं  उचित मार्गदर्शन  दिया गया. महासमुंद जिले के हर तहसील जैसे बागबाहरा क्षेत्र के कई गांव,  तुमगांव क्षेत्र, पिथौरा क्षेत्र एवं  आसपास के कई गांव के लोग इस शिविर से लाभान्वित हुए . दूरस्थ गांव से मरीज ने आकर अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया एवं इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया. जिसमें सोहम हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर युगल चंद्राकर के मार्गदर्शन में यह निशुल्क स्वास्थ्य एवं परीक्षण शिविर हुआ . उन्होंने बताया कि समय-समय पर इस तरह के निशुल्क सेवा के कार्य सोहम परिवार के माध्यम से चलाए जाते हैं ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

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सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।

विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।

उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति,मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीपीपी मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न

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बिलासपुर ट्रांसपोर्ट नगर और नवा रायपुर कन्वेंशन सेंटर सहित कई बड़ी परियोजनाओं पर हुई चर्चा, नियमों के सरलीकरण पर जोर

रायपुर- छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।

पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगी ये प्रमुख परियोजनाएं

बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के केंद्र में रही प्रमुख परियोजनाएं में बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, नवा रायपुर में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, धमतरी (छाती) एवं बलौदाबाजार (चंदेरी) मे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास के अलावा भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है।

निवेश बढ़ाने और नियमों के सरलीकरण पर जोर

मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को बाधा-मुक्त बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही, इंडस्ट्रियल पार्क के आवंटन नियमों में सुधार और उन्हें और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई।

प्रस्तुतिकरण और विभागीय भागीदारी

बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीपीपी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, साथ ही CSIDC, योजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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