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जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही जिंदगी : मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरिया प्रवास के दौरान कोरिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया।


मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में 105 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब इन परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलने के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल ईंधन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।


इस अवसर पर स्व-रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 6 आजीविका दीदियों को पिंक ई-रिक्शा (ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस) प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।


मुख्यमंत्री साय ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 स्वच्छता दीदियों को गार्बेज रिक्शा भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, और इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

7 महीने से फरार कुख्यात हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर गिरफ्तार

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 रायपुर। राजधानी पुलिस ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और कथित सूदखोर रोहित तोमर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले सात महीनों से फरार चल रहा था और उस पर वसूली, मारपीट तथा अन्य आपराधिक मामलों के कई प्रकरण दर्ज हैं।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, रोहित तोमर लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। इस दौरान उसे सुप्रीम कोर्ट से कुछ अंतरिम राहत भी मिली थी, लेकिन पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार पुलिस ने उसे हिरासत में लेने में सफलता हासिल की।

इससे पहले उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों भाइयों पर सूदखोरी और दबाव बनाकर रकम वसूलने के आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों तथा अन्य लंबित मामलों की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि रोहित तोमर को शहर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर माना जाता रहा है।

शिक्षा मंत्रालय ने भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शिक्षा में AI पर विशेष सत्र का आयोजन किया

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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के तहत शिक्षा मंत्रालय ने “Ministry of Education – Pushing the Frontier of AI in India” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी शामिल हुए।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा सचिव डॉ. विनीट जोशी, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी कामकोटी, शिक्षाविद, शोधकर्ता और AI आधारित शिक्षा स्टार्टअप के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अपने संबोधन में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह समिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल है, जो भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को गति देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि AI भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएगा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देगा।

उन्होंने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “शिक्षा में AI और AI में शिक्षा” दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं और युवाओं को नवाचार के लिए AI का उपयोग करना चाहिए।

राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि समिट में शिक्षा, कौशल, शोध और वैश्विक नेतृत्व के लिए AI के संरचित एकीकरण पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने मंत्रालय और स्किल इंडिया पवेलियन में प्रदर्शित भारत-केंद्रित AI समाधानों की भी सराहना की।

सत्र में Zoho के संस्थापक डॉ. श्रीधर वेम्बू, Peak XV Partners के राजन आनंदन, IIT कानपुर के प्रो. मनींद्र अग्रवाल, IIT बॉम्बे की प्रो. सुनीता सरावगी सहित कई प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र शिक्षा में AI के जिम्मेदार उपयोग, नीति ढांचे, राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म और उद्योग-अकादमिक सहयोग रहा।

यह सत्र भारत में शिक्षा के क्षेत्र में AI के राष्ट्रीय रोडमैप और उद्योग–अकादमिक–सरकार सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का 2026 का पहला ऑनलाइन शॉर्ट टर्म इंटर्नशिप प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न

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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), भारत का 2026 का पहला दो सप्ताह का ऑनलाइन शॉर्ट टर्म इंटर्नशिप प्रोग्राम (OSTI) 2 फरवरी 2026 को शुरू होकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, including दूरदराज क्षेत्रों से 71 विश्वविद्यालय-स्तरीय छात्रों ने भाग लिया और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।


समापन समारोह में NHRC के सचिव जनरल भारत लाल ने इंटर्न्स को बधाई दी और उन्हें मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील व जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा और संवर्धन केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे को संविधान के मूल स्तंभ बताते हुए कहा कि समाज के कमजोर वर्ग—जैसे भिखारी, ट्रांसजेंडर व्यक्ति और दिव्यांगजन—अक्सर अधिकारों के उल्लंघन का सामना करते हैं, जिन्हें न्याय दिलाने में समाज की भूमिका अहम है।

इससे पहले संयुक्त सचिव सैडिंगपुई चकचुआक ने इंटर्नशिप रिपोर्ट प्रस्तुत की और प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा की। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन लेफ्टिनेंट कर्नल वीरेंद्र सिंह ने दिया।


भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र में AI की भूमिका पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का संबोधन

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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 में “Innovation to Impact: AI as a Public Health Game-Changer” विषय पर सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का AI for India दृष्टिकोण “Artificial Intelligence नहीं बल्कि All-Inclusive Intelligence” है, जिसका लक्ष्य तकनीक को आम लोगों के जीवन से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि AI को रोग निगरानी, रोकथाम, निदान और उपचार तक स्वास्थ्य सेवा की पूरी श्रृंखला में लागू किया जा रहा है।

  • मीडिया डिजीज सर्विलांस सिस्टम 13 भाषाओं में रोग रुझानों की निगरानी कर रियल-टाइम अलर्ट देता है।

  • वन हेल्थ मिशन के तहत AI आधारित जीनोमिक सर्विलांस से संभावित जूनोटिक रोगों की भविष्यवाणी संभव हो रही है।

  • AI आधारित एक्स-रे और CA-TB टूल्स से टीबी मामलों की पहचान में 16% वृद्धि और उपचार परिणामों में 27% सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में स्केलेबल, किफायती और समावेशी AI समाधान जरूरी हैं। सरकार ने AIIMS दिल्ली, PGIMER चंडीगढ़ और AIIMS ऋषिकेश में AI के तीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि AI डॉक्टरों का विकल्प नहीं बल्कि सहायक है, ताकि चिकित्सक जटिल मामलों पर अधिक ध्यान दे सकें। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।

नीति आयोग के सदस्य प्रो. वी.के. पॉल ने AI को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए रणनीतिक अवसर बताया और मजबूत डेटा, नीति और सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।

फिलिप्स के CEO रॉय जैकब्स ने कहा कि AI स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है, लेकिन इसके लिए भरोसेमंद डेटा, पारदर्शिता और क्लिनिकल इंटीग्रेशन जरूरी है।

समापन में सभी वक्ताओं ने कहा कि AI को जिम्मेदारी, नैतिकता और बड़े पैमाने पर लागू कर भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत और भविष्य के लिए तैयार किया जा सकता है।


CG Weather Update : ठंड ढीली, गर्मी की दस्तक- रायपुर में पारा 33°C के पार

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 CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में अब ठंड का असर कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। यानी मौसम फिलहाल शुष्क और स्थिर रहने की संभावना है।

सुबह हल्की धुंध और दिन में बढ़ती गर्मी

बीते 24 घंटों में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.9°C रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। राजधानी में सुबह हल्की धुंध रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 33°C और न्यूनतम 18°C के आसपास रह सकता है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और शाम ठंड बनी रहेगी।

फरवरी: ठंड की वापसी या गर्मी की दस्तक?

जनवरी की तरह फरवरी में भी सामान्यतः आसमान साफ रहता है और हवाएं हल्की चलती हैं। हालांकि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कभी-कभी मौसम का मिजाज बदल देते हैं, जिससे बादल, गरज-चमक, हल्की बारिश, आंधी या ओलावृष्टि भी हो सकती है।

रायपुर में फरवरी का औसत दिन का तापमान 31.1°C और रात का तापमान 16.9°C रहता है। पूरे महीने में औसतन 16.3 मिमी बारिश दर्ज होती है और सामान्यतः 1–2 दिन ही वर्षा होती है। सुबह नमी लगभग 61% तक रहती है, जो दिन में घटकर करीब 35% हो जाती है। हवा की औसत गति लगभग 4.2 किमी प्रति घंटा रहती है, जिससे मौसम शांत बना रहता है।

रिकॉर्ड जो चौंकाते हैं

9 फरवरी 1893 को रायपुर में तापमान 5°C तक गिर गया था, जो अब तक की सबसे ठंडी तारीख मानी जाती है। वहीं 28 फरवरी 2009 को तापमान 38°C तक पहुंच गया था। 4 फरवरी 1917 को 24 घंटे में 57.4 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, जबकि 1901 में पूरे महीने में 118.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

 बच्चों पर ठंड का असर

हाल के दिनों में कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ा। रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार नवजात और सीजेरियन से जन्मे शिशु ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

 क्या है हाइपोथर्मिया?

हाइपोथर्मिया एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य 37°C से नीचे चला जाता है। शरीर तेजी से गर्मी खोने लगता है और अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। ठंडे पानी में शरीर हवा की तुलना में लगभग 25 गुना तेजी से गर्मी खोता है।

 स्वास्थ्य विभाग की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने तापमान में अचानक बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और हाइपोथर्मिया के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें।

 इम्यूनिटी कैसे रखें मजबूत?

विटामिन C से भरपूर फल — संतरा, नींबू, आंवला — का सेवन करें

  • अदरक-तुलसी की चाय या काढ़ा पिएं
  • पर्याप्त गर्म भोजन और पानी लें

फिलहाल मौसम स्थिर बना हुआ है, लेकिन फरवरी का मिजाज अचानक बदल सकता है। इसलिए हल्की गर्मी के बीच ठंड को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।

वाइस एडमिरल के.के. नय्यर स्मृति व्याख्यान 2026 का आयोजन, भारत की समुद्री सोच पर जोर

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16 फरवरी 2026 को नेशनल मैरीटाइम फाउंडेशन (NMF), नई दिल्ली के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर वाइस एडमिरल के.के. नय्यर स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह वार्षिक व्याख्यान भारत में समुद्री रणनीतिक सोच को बढ़ावा देने वाले वाइस एडमिरल नय्यर की विरासत को सम्मानित करता है।

कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल करंबीर सिंह के उद्घाटन संबोधन से हुई। इसके बाद वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने मुख्य भाषण दिया, जिसमें उन्होंने भारत की समुद्री जागरूकता और राष्ट्रीय विकास में नौसेना की भूमिका पर प्रकाश डाला।

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय नौसेना की दोहरी जिम्मेदारी है—

  • गार्डियनशिप: वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटना

  • स्टूवर्डशिप: भविष्य की रणनीतिक जरूरतों के लिए तैयारी

उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका, अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू (IFR), MILAN अभ्यास और IONS सम्मेलन का भी उल्लेख किया।

इस वर्ष का स्मृति व्याख्यान इन्फोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति ने ‘A Salute to a Life of Service’ विषय पर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य समुद्रों से जुड़ा है और भारतीय नौसेना देश की सुरक्षा, समुद्री व्यापार और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं की रक्षा करती है। उन्होंने AI, स्वायत्त प्रणालियों और साइबर क्षमताओं जैसी उभरती तकनीकों के महत्व पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजनयिक, रणनीतिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद और वाइस एडमिरल नय्यर के परिवारजन उपस्थित रहे। NMF भारत में समुद्री जागरूकता और नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।


गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव (GMC-26) 21 फरवरी को, हिंद महासागर क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा पर होगा मंथन

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गोवा- गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव (GMC-26) का पांचवां संस्करण 21 फरवरी 2026 को नेवल वॉर कॉलेज, गोवा में आयोजित किया जाएगा। भारतीय नौसेना की प्रमुख रणनीतिक पहल के तहत आयोजित यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों और नौसैनिक नेतृत्व को एक मंच पर लाता है, जहां समकालीन समुद्री चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान और रणनीतियां तैयार की जाती हैं।

रक्षा राज्य मंत्री होंगे मुख्य अतिथि

इस सम्मेलन में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 14 देशों के नौसेना प्रमुखों और समुद्री बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मेजबानी करेंगे।

सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों में बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, केन्या, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमार, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड और तंजानिया शामिल हैं।

सम्मेलन की थीम

इस वर्ष सम्मेलन की थीम है:

“हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां — IUU फिशिंग और अन्य अवैध समुद्री गतिविधियों जैसी गतिशील चुनौतियों से निपटने के प्रयास”।
इसका उद्देश्य समुद्री देशों के बीच सहयोग, समन्वय और तालमेल को मजबूत करना है।

MAHASAGAR विज़न के अनुरूप पहल

गोवा मैरीटाइम सिम्पोजियम (GMS) और गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव (GMC) की शुरुआत 2016 और 2017 में की गई थी, जो MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विज़न के अनुरूप हैं। यह मंच समुद्री पड़ोसी देशों के साथ सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान और क्षमता निर्माण की दिशा तय करता है।

समुद्री सुरक्षा की प्रमुख चुनौतियां

हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री आतंकवाद, तस्करी, अवैध मछली पकड़ना (IUU Fishing), समुद्री डकैती, सशस्त्र लूट और अवैध प्रवासन जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, साइबर खतरे और डार्क शिपिंग जैसी नई चुनौतियां भी क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर रही हैं।

विशेषज्ञों के विचार और मुख्य भाषण

सम्मेलन में समुद्री जानकारी के वास्तविक समय आदान-प्रदान और संयुक्त क्षमता निर्माण पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश (सेवानिवृत्त) मुख्य भाषण देंगे।

गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए सहयोगात्मक समाधान तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना हुआ है।


आप इस कुर्सी के लायक नहीं- नवजोत कौर सिद्धू का राहुल गांधी पर सीधा वार

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 कांग्रेस से निष्कासित नेता नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर जमीनी हकीकतों से कटे होने का आरोप लगाया और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी की।


एक रैली को संबोधित करते हुए सिद्धू ने कहा कि गांधी समझदारी की बातें तो करते हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पंजाब इकाई में कथित अनियमितताओं — जिनमें चुनाव टिकटों की “बिक्री” के आरोप भी शामिल हैं — को उजागर करने के लिए आठ महीने का समय मांगा, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह लगातार समय मांग रही थीं ताकि पार्टी नेतृत्व को पंजाब की वास्तविक स्थिति से अवगत करा सकें। उनके अनुसार, “पंजाब में आपके लोग न्याय नहीं कर रहे, बल्कि कांग्रेस को खत्म कर रहे हैं। अगर आपको अपने ही संगठन में हो रही गतिविधियों की जानकारी नहीं है, तो आप उस पद के योग्य नहीं हैं।”

सिद्धू ने इस स्थिति के लिए सीधे राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि उनसे तथा उनके पति, वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू से किए गए वादे — जैसे उपमुख्यमंत्री पद और सांसद टिकट — पूरे नहीं किए गए।

उन्होंने गांधी के भ्रष्टाचार-विरोधी रुख पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके आसपास ऐसे लोग हैं जो कथित रूप से भ्रष्ट नेताओं को संरक्षण देते हैं और ईमानदार आवाजों को नजरअंदाज करते हैं। सिद्धू ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी ने अपना रवैया नहीं बदला तो पंजाब में चुनाव जीतना मुश्किल होगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें स्थानीय निकाय और पर्यटन विभाग दिए गए, लेकिन उनसे अपेक्षा की गई कि वे मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार ही काम करें। सिद्धू ने कहा कि जब संगठन के भीतर ही भ्रष्टाचार है, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ बयानबाजी का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज- आसमान में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’, भारत में नहीं होगा दिखाई

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 Surya Grahan 2026 : वर्ष 2026 का पहला सूर्य ग्रहण एन्युलर (Annular) सूर्य ग्रहण होगा, जिसे सामान्यतः “रिंग ऑफ फायर” कहा जाता है। यह खगोलीय घटना तब घटित होती है जब चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर होता है और सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। परिणामस्वरूप सूर्य के चारों ओर अग्नि-छल्ले जैसा दृश्य दिखाई देता है।


इस ग्रहण के दौरान सूर्य का लगभग 96 प्रतिशत भाग चंद्रमा से ढक जाएगा और ‘रिंग ऑफ फायर’ का दृश्य लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक दिखाई देगा।

भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:26 बजे शुरू होगा, शाम 5:40 बजे अपने चरम पर पहुंचेगा और शाम 7:57 बजे समाप्त होगा। इस प्रकार ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 32 मिनट रहेगी।

हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय सूर्य क्षितिज के नीचे होगा। इसलिए देश में कहीं से भी इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। इसी कारण भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और मंदिर सामान्य रूप से खुले रहेंगे। गर्भवती महिलाओं या आम लोगों को किसी विशेष सावधानी की आवश्यकता नहीं है।

यह दुर्लभ दृश्य मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध में दिखाई देगा। मॉरिशस, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, अंटार्कटिका तथा दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों — जैसे अर्जेंटीना और चिली — में लोग इसे प्रत्यक्ष देख सकेंगे।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य को नेतृत्व, ऊर्जा और आत्मा का प्रतीक माना जाता है। बताया जा रहा है कि यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लग रहा है।

भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत खगोलीय घटना को ऑनलाइन या लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से देख सकते हैं। वर्ष 2026 का अगला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को होगा।

सुदूर अंचलों के श्रद्धालुओं को मिला अयोध्या धाम का सौभाग्य, मुख्यमंत्री ने कहा — यही जनसेवा की प्रेरणा

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान झुमका जलाशय परिसर में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के तहत अयोध्या धाम की पावन यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं से आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का हाल-चाल जाना और उनके आध्यात्मिक एवं भक्तिमय अनुभवों को बड़े ध्यानपूर्वक सुना। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से उन्हें निःशुल्क अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सम्मानपूर्वक यात्रा की समुचित व्यवस्था किए जाने से यह यात्रा उनके लिए अत्यंत सहज और अविस्मरणीय बन गई। 

श्रद्धालुओं ने बताया कि अपने सुदूर गांवों से अयोध्या तक पहुँचना उनके लिए पहले कठिन था, किंतु सरकार की पहल ने इसे संभव कर दिया। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री साय को ‘हमारे राम’  तैलचित्र भेंट कर आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा हैं और प्रदेशवासियों को उनके दर्शन कराना शासन के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही जनसेवा की वास्तविक संतुष्टि है, और सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।


पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया।


मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

शादी से इनकार पर खौफनाक अंजाम - गला दबाकर हत्या, फिर शव से दरिंदगी

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 मध्य प्रदेश के इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में MBA छात्रा की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी प्रेमी पीयूष को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।


 हत्या के बाद शव के साथ दरिंदगी

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लड़की की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव के साथ दरिंदगी की और फरार हो गया। वह मुंबई और पनवेल सहित कई स्थानों पर छिपता रहा।

‘आत्मा से माफी’ के लिए तांत्रिक क्रिया का दावा

आरोपी ने दावा किया कि हत्या के बाद उसे पछतावा हुआ और वह लड़की की आत्मा से माफी मांगना चाहता था। इसके लिए उसने इंटरनेट और यूट्यूब पर तांत्रिक क्रियाओं से जुड़े वीडियो देखे और कथित तौर पर एक सुनसान जगह पर जाकर आत्मा से संपर्क करने की कोशिश की। पुलिस इन दावों की जांच कर रही है।

 शादी से इनकार बना हत्या की वजह

दोनों एक ही संस्थान में पढ़ते थे और रिश्ते में थे। आरोपी शादी करना चाहता था, लेकिन लड़की रिश्ता खत्म करना चाहती थी। घटना वाले दिन आरोपी ने लड़की को कमरे पर बुलाया। मोबाइल में कथित चैट/बेटिंग ऐप देखकर उसे शक हुआ कि लड़की किसी और से बात कर रही है — इसी विवाद में उसने हत्या कर दी।

 दुर्गंध से खुला राज

13 फरवरी को कमरे से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। शव की हालत देखकर हत्या के बाद दुष्कर्म की आशंका भी सामने आई। तकनीकी साक्ष्यों से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने आरोपी को महाराष्ट्र से पकड़ लिया।

 गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज

परिजनों ने 12 फरवरी को लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने हत्या, दुष्कर्म और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी पूछताछ में बार-बार बयान बदल रहा है।

कृषि में सर्कुलर इकोनॉमी: भारत में कृषि कचरे से ऊर्जा और संसाधन बनाने की दिशा में बड़ा कदम

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भारत में बढ़ते कृषि और खाद्य अपशिष्ट (वेस्ट) की समस्या पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। देश में हर साल लगभग 35 करोड़ टन कृषि अपशिष्ट उत्पन्न होता है, जिसमें फसल अवशेष, भूसा, भूसी और खाद्य प्रसंस्करण के उप-उत्पाद शामिल हैं। सही प्रबंधन न होने पर यह अपशिष्ट वायु, जल और मिट्टी प्रदूषण का कारण बनता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कृषि अवशेषों से 18,000 मेगावाट से अधिक ऊर्जा उत्पादन की क्षमता है। इसके अलावा, इनसे जैविक खाद भी बनाई जा सकती है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटती है।

सर्कुलर इकोनॉमी: कचरे से संसाधन बनाने की सोच

सर्कुलर इकोनॉमी का उद्देश्य कचरे को संसाधन में बदलना और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को कम करना है। यह मॉडल Reduce, Reuse, Recycle, Refurbish, Recover और Repair के सिद्धांतों पर आधारित है। अनुमान है कि 2050 तक भारत की सर्कुलर इकोनॉमी का बाजार मूल्य 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है और 1 करोड़ नौकरियां पैदा होंगी।

कृषि अपशिष्ट के प्रमुख स्रोत

  • फसल अवशेष (स्टबल): जलाने से मिट्टी की उर्वरता घटती है और प्रदूषण बढ़ता है।

  • पशु अपशिष्ट: गोबर और अन्य अपशिष्ट से बायोगैस और जैविक खाद बनाई जा सकती है।

  • पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस: भंडारण और परिवहन में खाद्य नुकसान।

  • फूड वेस्ट: घरों और बाजारों में खाद्य बर्बादी, जिससे ग्रीनहाउस गैसें बढ़ती हैं।

सरकारी पहलें: कचरे से संपदा (Waste-to-Wealth)

GOBARdhan योजना

सरकार गोबर, फसल अवशेष और खाद्य अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद बनाने को बढ़ावा दे रही है। जनवरी 2026 तक देश के 51.4% जिलों में 979 बायोगैस प्लांट स्थापित हो चुके हैं।

फसल अवशेष प्रबंधन (CRM)

फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए मशीनों और कस्टम हायरिंग सेंटरों की स्थापना की गई है। अब तक 3.24 लाख से अधिक मशीनें किसानों को उपलब्ध कराई गई हैं।

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF)

भंडारण, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए 66,310 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जिससे कृषि मूल्य श्रृंखला मजबूत हुई है।

एनिमल हसबैंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (AHIDF)

पशुपालन क्षेत्र में 15,000 करोड़ रुपये का कोष निजी निवेश को बढ़ावा दे रहा है और जैविक खाद व बायोगैस उत्पादन को प्रोत्साहित कर रहा है।

जल शक्ति मिशन और जल पुन: उपयोग

जल शक्ति मंत्रालय घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग को बढ़ावा दे रहा है, जिससे कृषि में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और भूजल पर दबाव कम होगा।

सतत विकास लक्ष्य (SDGs) से जुड़ा सर्कुलर कृषि मॉडल

सर्कुलर कृषि मॉडल SDG-2 (भूख समाप्ति और सतत कृषि) और मिट्टी स्वास्थ्य सुधार से जुड़ा है। कम्पोस्टिंग, बायोचार और बायोमास रीसाइक्लिंग से मिट्टी की उर्वरता और उत्पादन बढ़ता है।

निष्कर्ष

भारत में कृषि में सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में उठाए गए कदम पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों को संतुलित कर रहे हैं। सरकार की योजनाएं कृषि अपशिष्ट को ऊर्जा, जैविक खाद और रोजगार में बदल रही हैं। इससे खाद्य सुरक्षा, जल सुरक्षा और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


कैडेट ट्रेनिंग शिप ‘कृष्णा’ का 16 फरवरी को लॉन्च, भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण में बड़ी उपलब्धि

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चेन्नई-भारतीय नौसेना के लिए निर्माणाधीन तीन कैडेट ट्रेनिंग शिप (CTS) में से पहले जहाज यार्ड 18003 (कृष्णा) को 16 फरवरी 2026 को एलएंडटी शिपयार्ड, कट्टुपल्ली (चेन्नई) में लॉन्च किया गया। नौसेना की परंपरा के अनुसार, अनुपमा चौहान ने जहाज का शुभारंभ किया। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान मौजूद रहे। कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों और एलएंडटी शिपबिल्डिंग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्माण

यह जहाज एलएंडटी द्वारा पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। इस जहाज को वर्ष 2026 के अंत तक औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना को सौंपे जाने की योजना है।

कैडेट्स के प्रशिक्षण में होगा उपयोग

इन कैडेट ट्रेनिंग शिप्स का उपयोग समुद्र में अधिकारी कैडेट्स (महिला कैडेट्स सहित) के प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा, जो भूमि पर बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर चुके होंगे। इसके अलावा मित्र देशों के विदेशी कैडेट्स को भी इन जहाजों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम

यह उपलब्धि भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सरकार के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप है, जिससे भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूती मिलेगी।



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