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दिल दहला देने वाली घटना: एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, बच्चों को जहर देकर दंपति ने लगाई फांसी

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 दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। पति-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जबकि उनके दो मासूम बच्चों के शव घर के भीतर बिस्तर पर मिले। प्रारंभिक जांच में बच्चों को जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।


घटना आर्य नगर इलाके की है, जहां एक परिवार के चारों सदस्य मृत अवस्था में मिले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए Vijay Agrawal समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान गोविंद साहू (45), चंचल साहू (42), यशवंत साहू (10) और दृष्णा साहू (13) के रूप में हुई है। पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले, जबकि दोनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को पहले जहर दिया गया, जिसके बाद दंपति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें सामूहिक आत्महत्या का कारण पारिवारिक तनाव बताया गया है।

फिलहाल पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 'सुशासन' और जन- कल्याणकारी नीतियों का असर अब राज्य के सबसे दूरस्थ अंचलों में दिखने लगा है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले से एक गौरवशाली खबर सामने आई है।


नीति आयोग द्वारा जारी देश के आकांक्षी ब्लॉकों की 'चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर' (अक्टूबर- दिसंबर 2025) की रिपोर्ट में बीजापुर के उसूर ब्लॉक ने सेंट्रल जोन में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।


मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, कहा – यह जनता के भरोसे की जीत है

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर उसूर ब्लॉक और बीजापुर जिले के नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा, "उसूर ब्लॉक का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बस्तर के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उसूर ने कठिन परिस्थितियों में जो कर दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। यह सफलता जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन बहनों, एएनएम और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।"

मंत्री कश्यप ने जताया हर्ष, बढ़ाया हौसला

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उसूर ब्लॉक की यह राष्ट्रीय सफलता बेहद गौरवशाली है। उन्होंने कहा, "यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारी सरकार की नीतियां प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंच रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन ने जो समर्पण दिखाया है, वह सराहनीय है। हमारा संकल्प बस्तर के हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।"

मंत्री कश्यप कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं से दूर माना जाने वाला उसूर ब्लॉक आज देश के लिए विकास का मॉडल बन गया है। इस सफलता का श्रेय जमीनी डॉक्टरों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों की दिन-रात की मेहनत को जाता है।

विकास की नई इबारत: कड़े मानकों पर खरा उतरा उसूर

नीति आयोग ने स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया था, जिसमें उसूर ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:

1. संचारी रोगों पर नियंत्रण: मलेरिया, डेंगी और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सुदूर गांवों तक प्रभावी अभियान चलाया गया।
2. सुरक्षित मातृत्व: संस्थागत प्रसव की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई।
3. सशक्त टीकाकरण कवच: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ एचपीवी टीकाकरण को जमीनी स्तर पर सफल बनाया गया।
4. गंभीर बीमारियों की जांच: बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचाई गई।

अगला संकल्प: देश में हासिल करना है प्रथम स्थान

कलेक्टर विश्वदीप और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव पूरे जिले के लिए बड़ी प्रेरणा है। शासन और प्रशासन का अगला लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और निखारते हुए आगामी तिमाहियों में देश में पहला स्थान हासिल करना है, जिसके लिए काम तेज कर दिया गया है।

शादी का झांसा देकर युवती को बनाया शिकार, चिकन में नशीला पदार्थ मिलाकर जेवर-नकदी लेकर फरार

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में ऑनलाइन मैट्रिमोनियल ऐप के जरिए युवती से ठगी और चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने खुद को कारोबारी बताकर पहले युवती से दोस्ती की, फिर शादी का झांसा देकर उसके घर पहुंचा और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया।


मामला खम्हारडीह थाना क्षेत्र का है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, युवती की पहचान एक मैट्रिमोनियल ऐप पर आरोपी से हुई थी। आरोपी ने अपना नाम अभिनव सिंह बताया और खुद को दिल्ली का रहने वाला व्यवसायी बताया। दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत और कॉलिंग होती रही। इसी दौरान आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखकर युवती का भरोसा जीत लिया।

कुछ दिनों बाद आरोपी रायपुर पहुंचा और युवती के घर गया। वहां दोनों ने साथ में खाना खाया। आरोप है कि आरोपी ने चिकन में नशीला पदार्थ मिला दिया, जिससे युवती बेहोश हो गई।

जब युवती को होश आया तो आरोपी घर से गायब था। घर की अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी चोरी हो चुकी थी। इसके बाद पीड़िता ने खम्हारडीह थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। साथ ही आरोपी की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और मैट्रिमोनियल ऐप प्रोफाइल की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया है। साइबर टीम की मदद से आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।

SBI ग्राहकों के लिए जरूरी खबर: 23 से 28 मई तक प्रभावित रह सकती हैं बैंक सेवाएं

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 नई दिल्ली। State Bank of India (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। यदि आपको बैंक शाखा से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो उसे 22 मई तक पूरा कर लें। दरअसल, 23 मई से 28 मई 2026 के बीच बैंक शाखाओं में लगातार छह दिन तक कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है।


जानकारी के मुताबिक, चौथे शनिवार, रविवार, कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल और बकरीद की छुट्टियों के चलते कई राज्यों में बैंकिंग सेवाएं बाधित हो सकती हैं। इसका असर कैश जमा, चेक क्लियरिंग, पासबुक अपडेट समेत अन्य शाखा आधारित सेवाओं पर पड़ सकता है।

ऐसे प्रभावित रहेगा कामकाज

23 मई को महीने का चौथा शनिवार और 24 मई को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 25 और 26 मई को ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है।
वहीं 27 और 28 मई को बकरीद के अवसर पर विभिन्न राज्यों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। जम्मू-कश्मीर समेत कुछ राज्यों में दोनों दिन अवकाश घोषित किया गया है।

कर्मचारियों की क्या हैं मांगें?

SBI कर्मचारियों ने 16 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल की घोषणा की है। इनमें नई भर्ती, आउटसोर्सिंग पर रोक, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, मेडिकल सुविधाओं में सुधार और पेंशन संबंधी मांगें प्रमुख हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि शाखाओं में लगातार स्टाफ की कमी बनी हुई है, जबकि कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा बीमा और अन्य बैंकिंग प्रोडक्ट बेचने का दबाव भी कर्मचारियों पर बढ़ रहा है।

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को नकद लेनदेन, चेक जमा और अन्य जरूरी शाखा संबंधी काम पहले ही निपटा लेने चाहिए। हालांकि, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ATM सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की संभावना है।

दो साल पहले लापता महिला की हत्या का खुलासा, दो महिलाएं गिरफ्तार

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 दंतेवाड़ा। जिले में दो वर्ष पहले लापता हुई महिला की हत्या का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मृतका के परिचित व्यक्ति की दूसरी पत्नी और उसकी रिश्तेदार शामिल हैं। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


मामले का खुलासा लापता लोगों की तलाश अभियान के दौरान हुआ। दंतेवाड़ा कोतवाली थाना प्रभारी Dhananjay Sinha ने बताया कि गुमशुदा रामदई कश्यप की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान 12 मई 2026 को परिजनों के बयान और कॉल डिटेल खंगाले गए। इसमें पता चला कि रामदई की लगातार पांडु करटम से बातचीत होती थी और दोनों के बीच नजदीकी संबंध थे।

इसके बाद 13 मई को ग्राम तोयलंका में ग्रामीणों से पूछताछ की गई। जांच आगे बढ़ने पर 15 मई को रामबती करटम से पूछताछ में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।

पुलिस के मुताबिक, रामदई कश्यप का कमली करटम के पति से नजदीकी संबंध था, जिससे कमली नाराज रहती थी। इसी वजह से उसने अपने रिश्तेदार हुंगाराम उर्फ बुटू करटम को पैसे देकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत कमली ने अपने पति की पहली पत्नी की बेटी लक्ष्मी करटम को दंतेवाड़ा भेजा और रात में फोन कर रामदई के घर में मौजूद होने की जानकारी ली।

आरोप है कि इसके बाद हुंगाराम पिकअप वाहन से दंतेवाड़ा पहुंचा और घर में घुसकर रामदई कश्यप का मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को देर रात पिकअप वाहन में रखकर तोयलंका के नाले किनारे दफना दिया गया।
पुलिस ने कमली करटम की निशानदेही पर दंडाधिकारी गरिमा प्रधान और फोरेंसिक विशेषज्ञ वसीम अकरम की मौजूदगी में शव को बाहर निकलवाया। मौके से सफेद प्लास्टिक बोरी में मानव कंकाल बरामद किया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस ने 21 मई 2026 को लक्ष्मी नाग और कमली करटम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

रायपुर में कल लगेगा रोजगार मेला, 257 अभ्यर्थियों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र

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 रायपुर। प्रधानमंत्री Narendra Modi कल 23 मई 2026 को देशभर में आयोजित होने वाले रोजगार मेले के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 51 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इस दौरान देश के 47 स्थानों पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।


इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल द्वारा रायपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, एनआईटी के सामने साइंस कॉलेज परिसर में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम 23 मई 2026 को आयोजित होगा।

रोजगार मेले में रेलवे, डाक विभाग, वित्त सेवा, स्वास्थ्य सेवा और Hindustan Copper Limited समेत विभिन्न विभागों में चयनित लगभग 257 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री Durgadas Uikey रहेंगे। वहीं सांसद Brijmohan Agrawal, सांसद Laxmi Verma सहित विधायक Rajesh Munat, Purandar Mishra, Sunil Soni और Motilal Sahu मौजूद रहेंगे।

इसके अलावा रायपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दयानंद सहित रेलवे और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उनके भविष्य को मजबूत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

खाद गबन मामले में बड़ी कार्रवाई, प्रभारी शाखा प्रबंधक निलंबित

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 रायपुर : सुशासन तिहार 2026 के दौरान आमजन की शिकायतों पर त्वरित और कठोर कार्रवाई की राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। कोरिया जिले की जिल्दा समिति, खड़गंवा में खाद वितरण से जुड़े गबन प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी कोरिया कल्लु प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


खाद वितरण में अनियमितता और गबन की शिकायतें सामने आने के बाद मामले की समीक्षा की गई। जांच में कार्यवाही के प्रति गंभीर लापरवाही उजागर होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कल्लु प्रसाद मिश्रा, सहायक लेखापाल (प्रभारी शाखा प्रबंधक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शाखा बैकुंठपुर, जिला कोरिया निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि शिकायत सामने आते ही प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम जनता में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है।

देवताओं ने क्यों ठुकरा दिया था अधिक मास? जानिए पुरुषोत्तम मास का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

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 सनातन धर्म में समय को केवल दिनों और महीनों का क्रम नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय संतुलन का आधार माना गया है। इसी परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस वर्ष अधिक मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। करीब 30 दिनों तक चलने वाले इस विशेष काल को अधिक ज्येष्ठ मास कहा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है, लेकिन पूजा-पाठ, जप, तप और भक्ति के लिए इसे सबसे श्रेष्ठ समय माना गया है।


खगोल विज्ञान से जुड़ा है अधिक मास का आधार

हिंदू पंचांग सूर्य और चंद्रमा दोनों की गति पर आधारित होता है। जहां सौर वर्ष लगभग 365 दिनों का होता है, वहीं चंद्र वर्ष करीब 354 दिनों का माना जाता है। इस कारण हर साल लगभग 11 दिनों का अंतर पैदा होता है। तीन वर्षों में यही अंतर करीब 33 दिनों तक पहुंच जाता है। पंचांग और ऋतु चक्र के संतुलन को बनाए रखने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है।

क्यों पड़ा पुरुषोत्तम मास नाम

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब इस अतिरिक्त महीने का निर्माण हुआ तो किसी भी देवता ने इसे स्वीकार नहीं किया। सभी महीनों के अपने-अपने अधिपति थे, लेकिन इस महीने का कोई स्वामी नहीं था। देवताओं द्वारा ठुकराए जाने के बाद यह महीना भगवान विष्णु के पास पहुंचा।

भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम “पुरुषोत्तम मास” दिया और कहा कि अब यह सबसे श्रेष्ठ महीना कहलाएगा। साथ ही उन्होंने आशीर्वाद दिया कि इस महीने में जो भी भक्त श्रद्धा से पूजा-पाठ और भक्ति करेगा, उसे विशेष पुण्य की प्राप्ति होगी। तभी से अधिक मास को पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाने लगा।

क्यों नहीं किए जाते शुभ कार्य

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास सांसारिक कार्यों की बजाय आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित माना गया है। इसलिए इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण और अन्य मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। बड़े शुभ आयोजन और नए कार्यों की शुरुआत भी इस माह में टाली जाती है।

मान्यता है कि इस अवधि में किए गए सांसारिक कार्य अपेक्षित शुभ फल नहीं देते। वहीं पूजा-पाठ, व्रत, दान, जप-तप और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना गया है।

100 गुना फल मिलने की मान्यता

स्कंद पुराण में उल्लेख मिलता है कि भगवान विष्णु ने कहा था कि पुरुषोत्तम मास में किए गए दान, पूजा, व्रत और धार्मिक कार्यों का फल सामान्य दिनों की तुलना में 100 गुना अधिक मिलता है। यही कारण है कि इस महीने को आत्ममंथन, साधना और ईश्वर से जुड़ने का श्रेष्ठ समय माना जाता है।

 
 

हर हाल में नागरिकों के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करे,कोई बहानेबजी नहीं चलेगी

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कोरिया जिले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल, पेयजल व्यवस्था पर दिखे सख्त तेवर

पेयजल समस्या का समाधान ना होने पर कलेक्टर की जिम्मेदारी तय होगी

पेयजल समस्या को लेकर आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त तेवर देखने को मिले । मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के दौरान कोरिया जिले में आयोजित चौपाल में अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए पेयजल व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गांवों और नगरीय निकायों में कहीं भी पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आम जनता को पानी की समस्या से जूझना पड़े, यह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पेयजल की समस्या आ रही है अधिकारी तत्काल पेयजल समस्या का निराकरण करें किसी भी स्तर पर कोताही  बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेयजल समस्या उत्पन्न होने पर संबंधित कलेक्टर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन पानी टंकियों का कार्य समय सीमा में पूरा कराया जाए। जहां टंकियों का निर्माण कार्य जारी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर लोगों तक नियमित पानी पहुंचाने के उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

सुशासन तिहार में सौम्य छवि के सीएम साय के दिखे सख्त तेवर

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सीएम ने लापरवाही पर सहायक आयुक्त को किया तत्काल सस्पेंड

सुशासन तिहार में शिकायत मिलने पर कोरिया के सहायक आयुक्त सहकारी संस्थाएं को किया सस्पेंड 

परीक्षा परिणाम अपेक्षानुसार नहीं आने पर भी सीएम ने जतायी नाराजगी

कलेक्टर को विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरिया जिले में सुशासन त्यौहार के दौरान शिकायत मिलने पर सहायक आयुक्त सहकारी संस्थाएं को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह की कार्य में लापरवाही से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई थी , जिस पर जीरो टॉलरेंस दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने उक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाएं ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। परीक्षा परिणाम अपेक्षानुसार नहीं आने पर उन्होंने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कलेक्टर को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना शासन की प्राथमिकता है और इसके लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।

चौपाल में मुख्यमंत्री ने आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

कोपरा जलाशयः छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

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धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक) , अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)


छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल कोपरा जलाशय आज पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रहा है। “जैव विविधता के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस 2026” की थीम “स्थानीय स्तर पर कार्य, वैश्विक प्रभाव” को यह जलाशय वास्तविक रूप में साकार कर रहा है।


सुबह के शांत वातावरण में प्रवासी पक्षियों की मधुर आवाजें और जलाशय के आसपास आजीविका से जुड़े ग्रामीणों की गतिविधियां प्रकृति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाती हैं। कोपरा जलाशय वर्षों से क्षेत्र के लोगों के लिए जल, मत्स्य पालन, कृषि और पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संरक्षण कार्यों को मिली नई गति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल स्रोतों के संरक्षण, वृक्षारोपण, वन्यजीव सुरक्षा और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े कई अभियान प्रदेश में संचालित किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव कोपरा जलाशय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।

स्थानीय समुदाय निभा रहे अहम भूमिका

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की जैव विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है और इसके संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोपरा जलाशय यह संदेश देता है कि जब शासन और समाज मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेते हैं, तब पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित होता है।

प्रवासी पक्षियों का सुरक्षित आश्रय

कोपरा जलाशय हजारों प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। हर वर्ष विभिन्न देशों और राज्यों से आने वाले पक्षी यहां भोजन और विश्राम प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही यह जलाशय जलीय जीवों, मछलियों, वनस्पतियों और अनेक सूक्ष्म जीवों के लिए भी महत्वपूर्ण आवास प्रदान करता है। इसी विशेषता के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि के रूप में मान्यता मिली है।

स्वच्छता, वृक्षारोपण और बायो-फेंसिंग पर विशेष जोर

स्थानीय ग्रामीणों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी से यहां स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, पक्षी संरक्षण और बायो-फेंसिंग जैसे कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलने के साथ लोगों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है।

जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों के अनुसार आर्द्रभूमियां प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती हैं। वे बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, जल शुद्धिकरण और कार्बन अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में कोपरा जलाशय का संरक्षण जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।

सतत विकास का बन रहा राष्ट्रीय मॉडल

कोपरा जलाशय आज यह संदेश दे रहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की साझा जिम्मेदारी है। स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव की नींव बनते हैं। छत्तीसगढ़ का यह पहला रामसर स्थल आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और इसके वैश्विक महत्व पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के नागरिकों और संरक्षण टीम की सराहना करते हुए अपना संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर स्थल की मान्यता मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। हमारी सरकार जैव विविधता संरक्षण, आर्द्रभूमि के विकास और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। कोपरा जलाशय इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जब शासन की नीतियां और समाज का संकल्प एक साथ मिलते हैं, तो स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे प्रयास भी वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। हमारी समृद्ध प्रकृति ही हमारी आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य है।


जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है।


 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।

अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा ढेर, PoK में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोली

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 पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।


भारत सरकार ने साल 2022 में हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रचने वालों में शामिल माना जाता था।

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

बताया जा रहा है कि हमजा बुरहान लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। हाल के वर्षों में पाकिस्तान और PoK में कई आतंकियों पर अज्ञात हमले और गैंगवार जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा फर्जी पहचान के साथ PoK में एक स्कूल टीचर बनकर रह रहा था। वहीं से वह आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ नेटवर्क को संचालित कर रहा था। वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के X अकाउंट पर बड़ा एक्शन, भारत में हुआ बंद

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 नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के एक बयान के विरोध में शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भारत में बंद कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इस ऑनलाइन अभियान की काफी चर्चा हो रही थी।


पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दावा किया कि पहले अकाउंट को हैक करने की कोशिश की गई, लेकिन असफल रहने के बाद इसे बंद कर दिया गया। एक्स पर अकाउंट खोलने पर अब “लीगल डिमांड के चलते यह अकाउंट विदहेल्ड किया गया है” संदेश दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि CJP के एक्स पर 1.6 लाख से अधिक फॉलोवर्स थे, जबकि इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या 13 मिलियन के पार पहुंच गई है।

कैसे शुरू हुआ अभियान?

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से यह ऑनलाइन कैंपेन 16 मई को शुरू हुआ था। दरअसल, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं के रवैये को लेकर “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल किया था।

इसी बयान के विरोध में अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा, “क्या हो अगर सारे कॉकरोच इकट्ठा हो जाएं?” इसके बाद देखते ही देखते ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से ऑनलाइन कैंपेन वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ने लगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब छह लाख लोगों ने इस अभियान के लिए खुद को रजिस्टर किया है। सोशल मीडिया पर इसके फॉलोअर्स की सूची में कई नेता और सेलिब्रिटीज के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।

कौन हैं अभिजीत दीपके?

30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं। उन्होंने पत्रकारिता में ग्रेजुएशन करने के बाद अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

वे पेशे से एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजिस्ट हैं और राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल रणनीति तैयार करने का काम करते हैं।

CJP की प्रमुख मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट भी लाइव है और पार्टी ने अपना मेनिफेस्टो जारी किया है। इसमें कई प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें-

  • चीफ जस्टिस को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा न भेजा जाए
  • सदन की सीटें बढ़ाए बिना महिलाओं को 50% आरक्षण मिले
  • दल बदलने वाले सांसदों और विधायकों के चुनाव लड़ने पर 20 साल का प्रतिबंध लगाया जाए

जैसी मांगें शामिल हैं।

 
 

15 लाख गबन का आरोप! महिला सरपंच और पति के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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 कवर्धा। जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नेउरगांव में महिला सरपंच से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मारपीट, धमकी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर ग्रामीणों का एक पक्ष बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचा और शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।


ग्रामीणों ने वर्तमान महिला सरपंच और उनके पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व सरपंच द्वारा कराए गए विकास कार्यों की राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। साथ ही करीब 15 लाख रुपये के कथित गबन को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनी हुई है।

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं भी हुई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच और उनके पति द्वारा लोगों को एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दी जाती रही है। इस संबंध में पहले भी शिकायत किए जाने का दावा किया गया है।

वहीं दूसरे पक्ष पर भी गांव के लोगों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद के चलते गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।

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