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MoSPI ने नया लोगो और शुभंकर ‘सांख्यिकी’ का अनावरण किया

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1 जनवरी 2026 को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने मंत्रालय के लिए नया लोगो और शुभंकर (मास्कॉट) का अनावरण किया।

यह पहल MoSPI की संस्थागत पहचान के आधुनिकीकरण, जनसंपर्क को सशक्त बनाने तथा राष्ट्र निर्माण में आधिकारिक सांख्यिकी की भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

लोगो

MoSPI का नया लोगो राष्ट्र के विकास में आंकड़ों के महत्व को दर्शाता है और डेटा-आधारित शासन, पारदर्शिता एवं प्रगति को बढ़ावा देने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सांख्यिकीय विज्ञान से प्रेरित यह लोगो मंत्रालय के संदेश “Data for Development” (विकास के लिए डेटा) को अभिव्यक्त करता है।

लोगो में अशोक चक्र सत्य, पारदर्शिता और सुशासन का प्रतीक है। केंद्र में स्थित रुपया चिह्न (₹) आर्थिक नियोजन, नीति निर्माण और राष्ट्रीय विकास में सांख्यिकी की अहम भूमिका को दर्शाता है। संख्याओं और प्रतीकों का उपयोग आधुनिक डेटा प्रणालियों और सांख्यिकीय विज्ञान को प्रतिबिंबित करता है।

ऊपर की ओर बढ़ता हुआ विकास स्तंभ प्रगति को दर्शाता है और यह बताता है कि किस प्रकार विश्वसनीय डेटा सतत आर्थिक विकास को समर्थन देता है। केसरिया, सफेद, हरा और गहरा नीला रंग भारत के राष्ट्रीय मूल्यों—विकास, सत्य, सततता, स्थिरता और ज्ञान—का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मिलकर आधिकारिक सांख्यिकी में विश्वास और विश्वसनीयता को सुदृढ़ करते हैं।

शुभंकर (मास्कॉट)

MoSPI ने अपना नया शुभंकर “सांख्यिकी” प्रस्तुत किया है, जो एक मैत्रीपूर्ण और नागरिक-केंद्रित चरित्र है। इसका उद्देश्य देशभर के लोगों के लिए सांख्यिकी को सरल, सुलभ और रोचक बनाना है। यह शुभंकर MoSPI के सटीकता, पारदर्शिता और डेटा-आधारित शासन जैसे मूल्यों को दर्शाता है तथा आम जनता के लिए आंकड़ों को आसान तरीके से प्रस्तुत करता है।

एक विश्वसनीय और बुद्धिमान व्यक्तित्व के रूप में डिज़ाइन किया गया “सांख्यिकी”, जटिल सांख्यिकीय अवधारणाओं को सरल और दृश्यात्मक तरीके से समझाने में मदद करेगा। MoSPI की सार्वजनिक पहचान के रूप में यह शुभंकर राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षणों, जागरूकता अभियानों, शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और सार्वजनिक आयोजनों में उपयोग किया जाएगा। इसका शुभारंभ एनएसओ सर्वेक्षणों में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने और एक सुसंगत एवं पहचान योग्य दृश्य उपस्थिति के माध्यम से आधिकारिक सांख्यिकी में विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एनपीएस इकोसिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम: पीएफआरडीए ने बैंकों को पेंशन फंड स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी

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पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के बोर्ड ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के प्रबंधन हेतु अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) को स्वतंत्र रूप से पेंशन फंड स्थापित करने की अनुमति देने के लिए एक रूपरेखा को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। इसका उद्देश्य पेंशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करना, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना तथा सब्सक्राइबरों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित ढांचा उन मौजूदा नियामकीय सीमाओं को संबोधित करता है, जिनके कारण अब तक बैंकों की भागीदारी सीमित रही है।

इस रूपरेखा के अंतर्गत नेट वर्थ, मार्केट कैपिटलाइज़ेशन और आरबीआई मानदंडों के अनुरूप प्रूडेंशियल साउंडनेस पर आधारित स्पष्ट पात्रता मानदंड निर्धारित किए जाएंगे, ताकि केवल मजबूत पूंजी आधार और प्रणालीगत रूप से सुदृढ़ बैंक ही पेंशन फंड प्रायोजित कर सकें। विस्तृत पात्रता मानदंड अलग से अधिसूचित किए जाएंगे और यह नए एवं मौजूदा दोनों पेंशन फंडों पर लागू होंगे।

पीएफआरडीए ने अपनी चयन प्रक्रिया के तहत एनपीएस ट्रस्ट के बोर्ड में तीन नए ट्रस्टी नियुक्त किए हैं।

पीएफआरडीए के बोर्ड में नियुक्त नए ट्रस्टी इस प्रकार हैं—

  • दिनेश कुमार खारा, पूर्व चेयरमैन, भारतीय स्टेट बैंक

  • स्वाति अनिल कुलकर्णी, पूर्व एक्ज़ीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, यूटीआई एएमसी – ट्रस्टी

  • डॉ. अरविंद गुप्ता, सह-संस्थापक एवं प्रमुख, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन तथा सिडबी द्वारा प्रबंधित फंड ऑफ फंड्स स्कीम के अंतर्गत राष्ट्रीय वेंचर कैपिटल निवेश समिति के सदस्य

इसके अतिरिक्त, दिनेश कुमार खारा को एनपीएस ट्रस्ट बोर्ड का अध्यक्ष भी नामित किया गया है।

विकसित होती वास्तविकताओं, जन-आकांक्षाओं, अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा कॉरपोरेट, रिटेल और गिग-इकोनॉमी खंडों में कवरेज विस्तार के उद्देश्य के अनुरूप, पीएफआरडीए ने पेंशन फंडों के लिए निवेश प्रबंधन शुल्क (IMF) की संरचना में संशोधन किया है, ताकि सब्सक्राइबरों के हित सुरक्षित रह सकें। यह संशोधित शुल्क संरचना 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।

संशोधित स्लैब-आधारित IMF में सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्र के सब्सक्राइबरों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं, जो मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के अंतर्गत योजनाओं पर भी लागू होंगी; MSF के अंतर्गत कोष (कॉर्पस) को अलग से गणना में लिया जाएगा। सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कंपोज़िट स्कीम, ऑटो चॉइस या एक्टिव चॉइस G 100 चुनने पर IMF दरें यथावत रहेंगी।

गैर-सरकारी क्षेत्र (NGS) के लिए IMF संरचना इस प्रकार है—

  • एयूएम ₹25,000 करोड़ तक: 0.12%

  • ₹25,000 करोड़ से अधिक और ₹50,000 करोड़ तक: 0.08%

  • ₹50,000 करोड़ से अधिक और ₹1,50,000 करोड़ तक: 0.06%

  • ₹1,50,000 करोड़ से अधिक: 0.04%

वार्षिक नियामकीय शुल्क (ARF) 0.015% यथावत रहेगा। इसमें से एयूएम का 0.0025% एनपीएस इंटरमीडियरीज़ एसोसिएशन (ANI) को दिया जाएगा, ताकि पीएफआरडीए के समग्र मार्गदर्शन में जागरूकता, आउटरीच और वित्तीय साक्षरता पहलों को समर्थन मिल सके।

देश के वित्तीय एवं पेंशन क्षेत्रों में बढ़ती औपचारिकता और प्रत्येक भारतीय नागरिक की वित्तीय आकांक्षाओं पर इसके प्रभाव को देखते हुए, पीएफआरडीए को विश्वास है कि ये नीतिगत सुधार सब्सक्राइबरों और हितधारकों को एक अधिक प्रतिस्पर्धी, सुशासित और सुदृढ़ एनपीएस इकोसिस्टम तक पहुंच प्रदान करेंगे, जिससे दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति परिणामों में सुधार होगा और वृद्धावस्था आय सुरक्षा सुदृढ़ होगी।

नववर्ष पर बीएसएनएल ने देशभर में VoWiFi (वाई-फाई कॉलिंग) सेवा की शुरुआत की

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नववर्ष के अवसर पर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल), भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी, को देशभर में वॉयस ओवर वाई-फाई (VoWiFi), जिसे वाई-फाई कॉलिंग भी कहा जाता है, के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ की घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है। यह उन्नत सेवा अब देश के सभी दूरसंचार सर्किलों में बीएसएनएल के सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध है, जिससे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी निर्बाध और उच्च गुणवत्ता की कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

यह सेवा अब देश के सभी दूरसंचार सर्किलों में बीएसएनएल ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। VoWiFi के माध्यम से ग्राहक वाई-फाई नेटवर्क पर वॉयस कॉल और संदेश भेज एवं प्राप्त कर सकते हैं, जिससे घरों, कार्यालयों, बेसमेंट तथा दूरदराज़ क्षेत्रों जैसे कमजोर मोबाइल सिग्नल वाले स्थानों में भी स्पष्ट और विश्वसनीय कनेक्टिविटी मिलती है।

VoWiFi एक IMS आधारित सेवा है, जो वाई-फाई और मोबाइल नेटवर्क के बीच निर्बाध हैंडओवर को समर्थ बनाती है। कॉल ग्राहक के मौजूदा मोबाइल नंबर और फोन डायलर के माध्यम से की जाती हैं, इसके लिए किसी भी तृतीय-पक्ष एप्लिकेशन की आवश्यकता नहीं होती।

यह सेवा विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में लाभकारी है, जहाँ मोबाइल कवरेज सीमित हो सकता है, बशर्ते स्थिर वाई-फाई कनेक्शन उपलब्ध हो—चाहे वह बीएसएनएल भारत फाइबर हो या कोई अन्य ब्रॉडबैंड सेवा। VoWiFi नेटवर्क पर भीड़ को कम करने में सहायक है और इसे पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है, यानी वाई-फाई कॉलिंग पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

VoWiFi का शुभारंभ बीएसएनएल के नेटवर्क आधुनिकीकरण कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा देशभर में, विशेषकर कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में, कनेक्टिविटी सुधारने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

VoWiFi अधिकांश आधुनिक स्मार्टफोनों पर समर्थित है। ग्राहकों को केवल अपने हैंडसेट की सेटिंग्स में जाकर Wi-Fi Calling को सक्षम करना होगा। डिवाइस संगतता और सहायता से संबंधित जानकारी के लिए ग्राहक अपने नज़दीकी बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं या बीएसएनएल हेल्पलाइन 1800 1503 पर कॉल कर सकते हैं।

पुलिस का बड़ा एक्शन: म्यूल अकाउंट गैंग का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

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 भिलाई। दुर्ग पुलिस ने साइबर वित्तीय अपराधों को अंजाम देने वाले म्यूल अकाउंट गैंग का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के मुख्य आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 78 एटीएम और क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 कंपनियों के सिम कार्ड जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर ने बताया कि 30 दिसंबर को मोबाइल दुकानदार अविनाश दुबे की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि आरोपी लोकेश जाधव उर्फ लक्की (35), बोरसी दुर्ग निवासी, ने अपने भाई के नाम पर बाहर से रुपये आने का हवाला देकर शिकायतकर्ता को लालच दिया और 20 हजार रुपये की रकम के एवज में उसके दो बैंक खाते अपने कब्जे में ले लिए।

खातों के दुरुपयोग और एक खाता फ्रीज होने पर संदेह होने पर पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई और मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र के कल्याण भागने की फिराक में दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ और तलाशी में पुलिस को बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज एवं डिजिटल सबूत मिले। पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरोह इन खातों का इस्तेमाल साइबर और वित्तीय अपराधों में कर रहा था। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और जांच जारी है।

नए साल का जश्न मातम में बदला! बार में धमाके और आग से कई लोगों की मौत, कई घायल, पढ़े पूरी खबर

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 स्विट्जरलैंड। मशहूर पर्यटन शहर क्रांस–मोंटाना में नए साल का जश्न एक बड़े हादसे में बदल गया। ले कॉन्स्टेलेशन नामक बार में हुए विस्फोटों और भीषण आग से कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।


वालेस कैंटन पुलिस के मुताबिक, हादसा न्यू ईयर ईव सेलिब्रेशन के दौरान रात करीब डेढ़ बजे हुआ। विस्फोट के समय बार में बड़ी संख्या में लोग पार्टी के लिए मौजूद थे। पुलिस प्रवक्ता गेटन लाथियन ने बताया कि धमाकों के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है, मामले की जांच जारी है।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत दल मौके पर पहुंचे। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई एंबुलेंस और एयर-ग्लेशियर्स हेलीकॉप्टर लगाए गए। फायर ब्रिगेड को आग बुझाने में लंबा समय लगा।

हेल्पलाइन जारी

पुलिस ने पीड़ितों और उनके परिजनों के सहयोग के लिए
हेल्पलाइन नंबर — 0848 112 117
जारी किया है। साथ ही मामले पर विस्तृत जानकारी के लिए सुबह 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।

फॉरेंसिक विशेषज्ञ सबूत एकत्र करने में जुटे हैं और घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। बताया गया कि नए साल का जश्न मनाने के लिए क्रांस–मोंटाना में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुँचे थे।

नव वर्ष 2026 का आगाज़: राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी सहित कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

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 नए साल 2026 के आगमन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और समाज में शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।


प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर संदेश साझा करते हुए कहा,
“सभी को 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! यह वर्ष आपके लिए उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। समाज में शांति एवं खुशहाली की कामना करता हूं।”

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में वर्ष 2026 को सकारात्मकता और नई ऊर्जा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा,
“हमें अपने देश, समाज की समृद्धि और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। उम्मीद है कि 2026 सभी के जीवन में शांति और समृद्धि लेकर आएगा और हम विकसित भारत के निर्माण में खुद को समर्पित करेंगे।”

रक्षा मंत्री ने भी नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत अपने सभ्यतागत मूल्यों, नवाचार, आत्मनिर्भरता और एकता के बल पर सुरक्षा और वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नए साल को शांति, प्रगति और कल्याण का वाहक बताते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संदेश में कहा,
“यह नया साल हर घर-आंगन को धन, अनाज, खुशी और समृद्धि से भर दे।”

Yearly Horoscope 2026 : साल 2026 में बदलेंगे इन राशि वालों के सितारे, जानें आपका वार्षिक राशिफल

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 Yearly Horoscope 2026 Hindi: नए वर्ष में हर व्यक्ति यह जानने के लिए उत्सुक रहता है कि उसकी किस्मत कैसे करवट लेगी। ज्योतिषियों के अनुसार साल 2026 ग्रहों के परिवर्तन का वर्ष रहेगा। इस दौरान गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल में बड़े बदलाव आएंगे, जिनका प्रभाव सभी 12 राशियों के आर्थिक, पारिवारिक, करियर और स्वास्थ्य जीवन पर पड़ेगा।


आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार यह साल कई लोगों के लिए उन्नति का मार्ग खोलेगा, जबकि कुछ राशियों को चुनौतियों के साथ सावधानी से आगे बढ़ना होगा।

आइए जानते हैं आपका 2026 का राशिफल

🔹 मेष राशि

  • करियर में नई ऊँचाइयाँ, प्रमोशन के योग
  • धन लाभ और निवेश से फायदा
  • रिश्तों में समझ बढ़ेगी
  • सेहत में सुधार
  • छात्रों के लिए बेहतरीन समय

🔹 वृषभ राशि

  • साल की शुरुआत में आर्थिक दबाव, अंत में राहत
  • नौकरी बदलने के अवसर
  • पारिवारिक माहौल सुखद
  • सेहत पर ध्यान जरूरी
  • प्रेम जीवन में नया मोड़

🔹 मिथुन राशि

  • बिजनेस में बड़ा विस्तार
  • अचानक धन लाभ संभव
  • लाइफ पार्टनर का भरपूर सहयोग
  • तनाव से बचें
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता

🔹 कर्क राशि

  • आय के नए स्रोत बनेंगे
  • करियर में स्थिरता
  • घर-परिवार में शुभ कार्य
  • पेट संबंधित दिक्कतें
  • छात्रों को मेहनत के बाद सफलता

🔹 सिंह राशि

  • नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, जिम्मेदारियाँ मिलेंगी
  • सोशल स्टेटस मजबूत होगा
  • प्रेम और वैवाहिक जीवन मधुर
  • निवेश में सतर्कता बरतें
  • पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन

🔹 कन्या राशि

  • विदेश यात्रा के योग
  • बिजनेस वालों को बड़ा लाभ
  • रिश्तों में पारदर्शिता जरूरी
  • तनाव और नींद की दिक्कत हो सकती है
  • शोध/तकनीकी क्षेत्र के छात्रों के लिए शुभ

🔹 तुला राशि

  • प्रमोशन और इन्क्रीमेंट के संकेत
  • आर्थिक स्थिति मजबूत
  • दांपत्य जीवन में समझ बढ़ेगी
  • सेहत सामान्य
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रगति

🔹 वृश्चिक राशि

  • रुके हुए काम पूरे होंगे
  • लाभदायक निवेश
  • प्रेम संबंधों में मिठास
  • मौसम बदलने पर सेहत पर असर
  • करियर में नए अवसर

🔹 धनु राशि

  • पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि
  • नौकरी बदलने वालों के लिए शानदार समय
  • परिवार में शांति
  • यात्रा में सावधानी रखना आवश्यक
  • पढ़ाई के लिए बेहतरीन साल

🔹 मकर राशि

  • साल की शुरुआत मजबूत, बीच में चुनौती
  • धन खर्च बढ़ेगा, योजनाओं से लाभ
  • पति/पत्नी के सहयोग से कार्य सिद्ध
  • हड्डियों/जोड़ों की समस्या
  • शिक्षा में सफलता मिलने के योग

🔹 कुंभ राशि

  • बड़ी सफलता और उन्नति के अवसर
  • पैसों की कोई कमी नहीं
  • दांपत्य जीवन शानदार
  • सेहत बेहतर
  • शिक्षा में उतार-चढ़ाव, मेहनत रंग लाएगी

🔹 मीन राशि

  • करियर में तेजी से प्रगति
  • अचानक धन लाभ
  • विवाह/प्रेम में खुशियाँ
  • स्वास्थ्य में हल्की गिरावट
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के पूरे योग

बिहान योजना से बदली सिवनी की रूखमणी पाण्डेय की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’ और महिला आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम दे रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड बलौदा अंतर्गत ग्राम सिवनी निवासी रूखमणी पाण्डेय ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। कभी पूर्णतः घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली रूखमणी पाण्डेय आज प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपये की नियमित आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं।

कोरोना काल एवं लॉकडाउन के दौरान पशुपालन व्यवसाय में हुए आर्थिक नुकसान के बाद परिवार की आय का प्रमुख स्रोत प्रभावित हुआ, जिससे आर्थिक चुनौतियां बढ़ीं। इस कठिन समय में रूखमणी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

आरबीके दीदी के सहयोग से ग्राम सिवनी में महिलाओं को संगठित कर उन्होंने ‘जय अम्बे महिला स्व सहायता समूह’ का गठन किया। 25 फरवरी 2020 को गठित यह समूह उन्नति महिला ग्राम संगठन सिवनी तथा बिहान महिला क्लस्टर संगठन कुरदा से संबद्ध है। समूह के माध्यम से बैंक लिंकेज के तहत एक लाख रुपये का ऋण तथा अतिरिक्त समूह ऋण प्राप्त कर उन्होंने पारंपरिक पशुपालन व्यवसाय को पुनः प्रारंभ किया। इसके साथ ही आचार, पापड़, मसाला एवं अगरबत्ती निर्माण जैसी विविध आजीविका गतिविधियों को अपनाया, जिससे उनकी आय में सतत वृद्धि हुई।

आज रूखमणी पाण्डेय न केवल अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर रही हैं, बल्कि स्व सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से गांव की अनेक महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।

रूखमणी पाण्डेय ने कहा कि ‘लखपति दीदी पहल’ ने उन्हें आत्मविश्वास, पहचान और सम्मान प्रदान किया है। उन्होंने इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी सफलता यह प्रमाणित करती है कि प्रभावी मार्गदर्शन, समूह की सामूहिक शक्ति और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर समाज में सशक्त भूमिका निभा सकती हैं।

ऑनलाइन 24×7 टोकन सुविधा से धान खरीदी हुई सरल : 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही धान खरीदी तथा धान उपार्जन केंद्रों पर लागू सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्थाओं ने किसानों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाया है।

प्रदेशभर में ऑनलाइन 24×7 टोकन प्रणाली लागू होने से धान विक्रय की प्रक्रिया अधिक सहज और परेशानी-मुक्त हो गई है। किसान अब घर बैठे टोकन प्राप्त कर निर्धारित समय पर उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या समाप्त हो गई है।

इसी क्रम में जांजगीर जिले के ग्राम सुकली के किसान भीम गोंड़ ने धान उपार्जन केंद्र पेंड्री में 116 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के कारण पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, तौल और विक्रय की सभी प्रक्रियाएं सहजता और पारदर्शिता के साथ पूर्ण हुईं।

किसान भीम गोंड़ ने बताया कि समय पर भुगतान मिलने से किसानों का शासन की व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी उपज पूरे आत्मसम्मान और निश्चिंतता के साथ बेच पा रहे हैं, जो किसान-हितैषी सुशासन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि शासन की पारदर्शी व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के उपयोग से खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही है।

प्रदेश में धान खरीदी कार्य प्रशासनिक निगरानी और डिजिटल व्यवस्थाओं के साथ निरंतर संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पात्र किसान को समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल रहा है और राज्य में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।


सियादेवी जलाशय बनेगा इको-टूरिज्म केन्द्र : एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का हुआ शुभारंभ

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रायपुर। मनोरम प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित सियादेवी जलाशय को इको-टूरिज्म केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सियादेवी जलाशय का नैसर्गिक सौंदर्य, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे पर्यटन की दृष्टि से मनोरम स्थल है। गुरूर विकासखंड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय में नवस्थापित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का शुभारंभ आज कलेक्टर दिव्या मिश्रा एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में हुआ। 

कलेक्टर मिश्रा ने फीता काटकर एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र न केवल जिले के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण बनेगा, बल्कि इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।  

सियादेवी जलाशय क्षेत्र का विकास इको-टूरिज्म की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से इस पर्यटन स्थल की स्वच्छता, सुरक्षा एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही, क्षेत्रीय विकास एवं नहर मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित किए जाने की बात कही। 

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्थानीय समुदाय के सहयोग से प्रारंभ किया गया यह एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक अभिनव पहल है। अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक एवं अजय किशोर लकरा ने इस पहल को जिले के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष सुनीता संजय साहू सियादेवी जलाशय क्षेत्र के समग्र विकास का आग्रह किया। 

इस अवसर पर सभी ने बैम्बू राफ्टिंग कर जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं पर्यटक उपस्थित थेे।

पूवर्ती के ग्रामीणों की आजीविका को मिली नई उड़ान : नियद नेल्लानार योजना से बदली तस्वीर

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिला प्रशासन द्वारा सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों को आजीविकास से जोड़ने गांवों के समग्र विकास के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम पूवर्ती में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

पशुधन विकास विभाग द्वारा पूवर्ती के ग्रामीण परिवारों को आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से 50 यूनिट उन्नत नस्ल के मुर्गी चूजों का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनकी आय के स्थायी स्रोत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गौरतलब है कि मुर्गी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण परिवार अल्प समय में नियमित आय अर्जित कर सकते हैं। पशुपालन आधारित आजीविका को प्रोत्साहन देकर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

पूवर्ती के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली शुरुआत बताया। कुकुट पालन के लिए ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से दिए जा रहे प्रोत्साहन से गांवों में सकारात्मक माहौल बना है। जिला प्रशासन सुकमा का कहना है कि ग्रामीणों को रोजगार व्यवसाय से जोड़ने के लिए शासन की अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं से उन्हें लाभान्वित किए जाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 

बारनवापारा अभयारण्य में मिला दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर, छत्तीसगढ़ में दूसरा और बारनवापारा अभयारण्य से पहला रिकॉर्ड दर्ज

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रायपुर। जैव विविधता से भरपूर बार नावापारा अभयारण्य ने नया रिकार्ड दर्ज किया है। अभयारण्य में पहली बार दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर का अवलोकन दर्ज किया गया है। 29 दिसंबर 2025 की सुबह बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में बर्डर डॉ. दिलीप वर्मा द्वारा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर का दुर्लभ और महत्वपूर्ण अवलोकन दर्ज किया गया। 

यह इस प्रजाति का बारनवापारा से पहला प्रमाणित रिकॉर्ड है, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में यह दूसरा पुष्ट अवलोकन माना जा रहा है। डॉ. दिलीप वर्मा द्वारा किए गए इस अवलोकन को फील्ड फोटोग्राफिक साक्ष्यों के साथ विधिवत दस्तावेजीकृत किया गया है, जिससे इसकी वैज्ञानिक पुष्टि संभव हो सकी है। यह रिकॉर्ड भविष्य में पक्षी-विविधता के अध्ययन, संरक्षण योजना निर्माण तथा अभयारण्य प्रबंधन से जुड़े निर्णयों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर सामान्यतः तटीय एवं मैंग्रोव क्षेत्रों से जुड़ी एक दुर्लभ पक्षी प्रजाति मानी जाती है। आंतरिक भू-भाग में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य जैसे क्षेत्र में इसकी उपस्थिति यहाँ की पारिस्थितिक विविधता, जल-आधारित आवासों की उपलब्धता और अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों को दर्शाती है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में इस प्रजाति को कांगेर वैली राष्ट्रीय उद्यान में क्रोकोडाइल सर्वे के दौरान दर्ज किया गया था जिसे छत्तीसगढ़ से पहला पुष्ट रिकॉर्ड माना गया था।

छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक संपन्न

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रायपुर। राज्य सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के दिए निर्देश। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा है कि सुनिश्चित करे कि 108 एम्बुलेंस समय पर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिाकरियों को इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित उपचार हेतु ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ किया जाए। सड़क सुरक्षा एवं स्वप्रेरणा से सुगम यातायात प्रबंधन कार्य हेतु अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों केा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सड़क सुरक्षा की लगातार मानिटरिंग करने और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करने के निर्देश दिए है। समीक्षा बैठक के प्रारंभ में सचिव परिवहन एस. प्रकाश के प्रारंभिक विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। संजय शर्मा अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने संबंधित विभागों द्वारा संपादित कार्यों तथा अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने चिन्हाकित 152 ब्लैक स्पॉट्स में से 102 में सुधार कार्य पूर्ण होने और शेष 50 में सुधारात्मक उपाय शीघ्र किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। यातायात के नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध पुलिस विभाग द्वारा 8 लाख 15 हजार 954 प्रकरणों पर कार्यवाही 33 करोड 22 लाख 39 हजार 300 रूपए तथा परिवहन विभाग द्वारा राशि 38.52 करोड़ शमन शुल्क वसूल किये गए। 

वर्ष 2025 में विभिन्न जिलों में 150 सड़क सुरक्षा समितियां समीक्षा बैठक संपन्न हुई है। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार हेतु 8 जिलों अस्पताल में सीटीस्कैन की जांच, समस्त जिला अस्पतालों 24X7 एक्सरे, लेबोट्री जांच, इमरजेंसी संबंधित आवश्यक दवाईयां, इन्जेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। समस्त जिलों के विशेषज्ञ, चिकित्सा, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस वर्ष शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा से संबंधित यातायात जागरूकता के लगभग 4 लाख 47 हजार 200 प्रशिक्षण के माध्यम से तथा 7लाख 19 हजार यूट्यूब के माध्यम से शिक्षक तथा विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। समग्र शिक्षा द्वारा मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में 1200 स्त्रोत व्यक्ति, 46 हजार शिक्षक एवं 4 लाख छात्र-छात्राओं तथा राज्य साक्षरता मिशन द्वारा संपन्न वाद-विवाद प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा से 1 लाख 38 हजारशिक्षकगण/विद्यार्थी/समुदाय लाभान्वित हुए। 

यातायात जागरूकता के 15 हजार 319 कार्यक्रम, शैक्षणिक संस्थानों में संपन्न हुए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 3 लाख 72 हजार 406 एलईडी स्ट्रीट लाईट लगाये गये, 1 लाख 02 हजार 410 अतिरिक्त लाईट्स की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में करीब में 5388 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावितों के धनरहित उपचार के लिये निर्दिष्ट चिकित्सालयों का आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण, घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्तियों, गुड सेमेरिटन को यथाशीघ्र सम्मान राशि प्रदाय करने के निर्देश दिये गये। राज्य में सर्वाधिक सडक दुर्घटनाओं एवं इससे होने वाली मृत्यु एवं घायलों के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा, जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा कर कार्ययोजना तैयार प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये गये। 

मुख्य सचिव द्वारा जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में हिट एण्ड रन प्रकरणों के प्रभावितों को राहत के लिये गठित जिला दावा निपटान समिति को प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण तथा जी.आई. सी के अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर दावा निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने, मालवाहक वाहनों में यात्री परिवहन को रोकने अन्य वैकल्पिक प्रबंध, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, शराब सेवन कर वाहन चलान के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने अवगत कराया कि शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के पाठ्यक्रमों मे सड़क सुरक्षा विषयक पाठों के परिमार्जन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसे आगामी शिक्षा सत्र से लागू करने सहित प्रत्येक शैक्षणिक संस्थानों में रोड़ क्लब गठित कर नियमित गतिविधियों से सड़क सुरक्षा का वातावरण तैयार किया जायेगा। श्री एस. प्रकाश सचिव परिवहन ने व्हीकल ट्रेकिंग प्लेटफार्म कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर, आटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन ड्रायविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च संस्थान, क्षेत्रीय ड्रायविंग प्रशिक्षण केन्द्र, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा परिवहन सुविधा केन्द्र पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा प्रदूषण जांच केन्द्र, बस संगवारी ऐप, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, ई-ट्रैक, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग संहित अन्य सड़क सुरक्षा प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गई। इसी क्रम में अवगत कराया गया कि प्रदेश में दोपहर 03 बजे से लेकर रात्रि 09 बजे के मध्य शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक दुर्घटनाएं हो रही है। इन दुर्घटनाओं में सर्वाधिक दोपहिया वाहन चालक/सवारों की मृत्यु की प्रमुख वजह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाना है। सड़क सुरक्षा माह का आयोजन बेहतर किया जाए। शहरों के निकास पर प्रभावी प्रवर्तन हो ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सकें। हेलमेट एवं सीटबेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। 

ब्लैक स्पॉट्स में जांच समिति द्वारा दिये गये सुझाव अनुरूप समय सीमा पर आवश्यक सुधार का कार्य किया जाए। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स में सुधारात्मक उपाय उपरांत दुर्घटनाओं में कितनी कमी आई, इसका विश्लेषण होना चाहिए। ब्लैक स्पॉट्स तय होने के पश्चात् सुधार उपाय करने से बेहतर होगा कि, पहले से रोड़ डिजाईन सही हो, यह सुनिश्चित किया जावे। एनएचएआई एवं एनएच को समय पर स्वप्रेरणा से तत्परता के साथ कार्य संपादन करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बसवराजू, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव लोक निर्माण विभाग, प्रदीप गुप्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात, नेहा चंपावत सचिव गृह विभाग सहित स्वास्थ्य सेवाएं, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, जनसंपर्क, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, समस्त संभाग आयुक्त, तथा पुलिस महानिरीक्षक रेंज, सर्वाधिक सड़क दुर्घटना के जिला कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकगण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा परिदृश्य संबंधी वर्चुअल समीक्षा बैठक मंत्रालय में संपन्न हुई।




एक चैन माउंटेन व दो ट्रैक्टर जब्त : रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाई

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रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु गठित खनिज टास्क फोर्स द्वारा आज औचक निरीक्षण के दौरान 01 चैन माउंटेन एवं 02 ट्रैक्टर जब्त किया गया। यह कार्रवाई रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में की गई है। 

तहसील बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम बिर्रा में रेत का अवैध परिवहन करते 02 ट्रैक्टर को जब्त कर थाने के सुपुर्द किया गया। वहीं तहसील जांजगीर के केवा-नवापारा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन कर रहे 01 चैन माउंटेन को जब्त किया गया। इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि खनिजों के अवैध खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 

सहायक शिक्षक सीधी भर्ती 2023 : न्यायालयीन आदेशों के पूर्ण परिपालन के पश्चात प्रक्रिया विधिवत समाप्त

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक पदों पर सीधी भर्ती 2023 के संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया माननीय सर्वाेच्च न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के आदेशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता एवं विधिसम्मत ढंग से संपन्न की गई है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सहायक शिक्षक के कुल 6285 पदों पर सीधी भर्ती हेतु दिनांक 04 मई 2023 को विज्ञापन जारी किया गया था। व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा का परिणाम 01 जुलाई 2023 को घोषित किया गया, जिसकी वैधता अवधि एक वर्ष निर्धारित थी। विज्ञापन एवं परीक्षा परिणाम जारी होने के समय बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद से पृथक रखने संबंधी कोई न्यायालयीन निर्देश प्रभावी नहीं था।

सीधी भर्ती 2023 के अंतर्गत सहायक शिक्षक पद हेतु चयन प्रक्रिया के प्रथम चार चरणों में कटऑफ रैंक में सम्मिलित अभ्यर्थियों की सूचियां विभागीय वेबसाइट पर क्रमशः 08 सितंबर 2023, 21 सितंबर 2023, 30 जनवरी 2024 तथा 04 मार्च 2024 को जारी की गईं। इन चार चरणों में कुल 5301 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की गई, जिनमें 2621 अभ्यर्थी बी.एड. अर्हताधारी थे।

माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक 5788/2023 में पारित आदेश 02 अप्रैल 2024 के माध्यम से बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षक पद हेतु अपात्र घोषित किया गया। उक्त आदेश के पश्चात विभाग द्वारा आगामी चरणों की भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई तथा सीधी भर्ती 2023 के परीक्षा परिणामों की मूल वैधता अवधि 01 जुलाई 2024 को समाप्त हो गई।

माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आदेश क्रमांक एफ 2-13/2025/20-तीन दिनांक 24 फरवरी 2025 जारी कर सहायक शिक्षक पद के 2621 पदों पर जारी चयन सूची की वैधता अवधि 01 जुलाई 2025 तक बढ़ाई गई।

उक्त आदेश के अनुपालन में विभाग द्वारा मार्च-अप्रैल 2025 के दौरान भर्ती प्रक्रिया का पांचवां चरण संपन्न किया गया। इस चरण में सेवा से हटाए गए 2621 बी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों के स्थान पर 2615 डी.एड. अर्हताधारी अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर सम्मिलित किया गया तथा सभी प्रमुख वर्गों में कटऑफ रैंक को पर्याप्त रूप से नीचे तक लाया गया।

पांचवें चरण में सम्मिलित 2615 अभ्यर्थियों में से 1316 अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थित रहे अथवा अपात्र पाए गए। शेष 1299 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। इस प्रकार विभाग द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का पूर्ण पालन कर लिया गया है।

यह उल्लेखनीय है कि सीधी भर्ती 2023 के परीक्षा परिणामों की विस्तारित वैधता अवधि 01 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुकी है। सहायक शिक्षक पद के छठवें चरण की सूची जारी करने की मांग करने वाले आंदोलनकर्ता अभ्यर्थी मेरिट सूची में निचले क्रम पर होने के कारण नियुक्ति हेतु पात्र नहीं पाए गए हैं। सभी प्रमुख श्रेणियों में कटऑफ रैंक पहले ही काफी नीचे तक जा चुकी है।

यह भी उल्लेखनीय है कि इसी भर्ती प्रक्रिया में शिक्षक एवं व्याख्याता पदों से संबंधित याचिकाओं को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा चुका है। सहायक शिक्षक पद के आंदोलनकर्ता अभ्यर्थियों की मांग स्वीकार किए जाने की स्थिति में शिक्षक एवं व्याख्याता पदों पर शेष रिक्तियों की भर्ती प्रारंभ करने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

सीधी भर्ती 2023 का विज्ञापन जारी हुए दो वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है। इस अवधि में अनेक नवीन पात्रताधारी अभ्यर्थी आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन सभी तथ्यों, न्यायालयीन आदेशों एवं प्रशासनिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया को समाप्त किया जाना पूर्णतः न्यायोचित, विधिसम्मत एवं प्रशासनिक रूप से आवश्यक है।


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