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नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण से मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बढ़ावा: नितिन गडकरी

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नागपुर- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर के आधुनिकीकरण और विस्तार से मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा, निवेश आकर्षित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विदर्भ क्षेत्र में औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।

नागपुर एयरपोर्ट को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत GMR Group को सौंपने के औपचारिक समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित नागपुर तेजी से व्यापार, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, वाणिज्य और मल्टीमॉडल परिवहन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण से इस विकास को और गति मिलेगी।

समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रामटेक सांसद श्यामकुमार बर्वे, राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गडकरी ने कहा कि उन्नत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा विदर्भ क्षेत्र में पर्यटन, खनन, कृषि और निर्यात आधारित उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बेहतर हवाई संपर्क से यात्रियों और माल परिवहन की सुविधा बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नागपुर को सिंगापुर और दुबई जैसे प्रमुख वैश्विक शहरों से सीधे जोड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और वैश्विक बाजारों से जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय उत्पादों और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए गडकरी ने सुझाव दिया कि नागपुर की प्रसिद्ध ऑरेंज बर्फी और अन्य क्षेत्रीय उत्पादों को एयरपोर्ट पर प्रदर्शित किया जाए, जिससे स्थानीय उद्यमियों को नया बाजार मिलेगा और विदर्भ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर नितिन गडकरी, के. राममोहन नायडू और देवेंद्र फडणवीस ने संयुक्त रूप से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नया लोगो भी लॉन्च किया, जो एयरपोर्ट के विकास के नए अध्याय का प्रतीक है।

एयरपोर्ट के दीर्घकालिक विकास कार्यक्रमों में आधुनिक कार्गो सुविधाएं, मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाओं का विकास शामिल है। इन पहलों से नागपुर को एक एयरपोर्ट-आधारित आर्थिक केंद्र और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

भावी पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए रासायनिक खाद छोड़ अपनानी होगी जैविक खेती: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

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 रायपुर : अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना है, तो रासायनिक खादों की अंधी दौड़ से बाहर निकलना होगा। धरती की उर्वरा शक्ति को बचाने और इंसानी सेहत को संवारने का एकमात्र रास्ता जैविक और प्राकृतिक खेती ही है।


यह विचार प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भाटापारा में आयोजित 'जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला' के दौरान व्यक्त किए। शासकीय गजानन्द अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में संपन्न हुए इस समारोह में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे।

​अंधाधुंध रासायनिक उपयोग पर जताई चिंता

​कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में 1 से 30 जून तक 'खेत चलो अभियान' चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य ध्येय किसानों को पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर वापस लाना है। छत्तीसगढ़ के 'धान का कटोरा' होने के गौरव को रेखांकित करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि अधिक उत्पादन की लालसा में रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे तात्कालिक पैदावार भले बढ़ रही हो, लेकिन यह मानव स्वास्थ्य और मिट्टी, दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें, बल्कि पशुपालन, मछलीपालन और बकरी पालन को जोड़कर अपनी आय के नए स्रोत बनाएं।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाने सरकार प्रतिबद्ध

​ किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार ने 'कृषक उन्नति योजना' का दायरा और बढ़ा दिया है। अब खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन (दालें) और तिलहन (तेल बीज) की खेती करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से इस योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने का आग्रह किया।

​पशुधन आधारित खेती ही समृद्धि का आधार: मंत्री टंक राम वर्मा

​समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का सपना जैविक खेती के जरिए ही साकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में हमारी कृषि का मूल आधार पशुधन हुआ करता था, जिससे पर्यावरण और जमीन दोनों सुरक्षित थे। आज रासायनिक खादों के कारण पानी, हवा और भोजन सब प्रदूषित हो रहे हैं। जैविक खेती से जब हमारी जमीन की सेहत सुधरेगी, तभी हमें शुद्ध अन्न मिलेगा और हमारा समाज स्वस्थ रहेगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।

​योजनाओं के हितग्राहियों को मिला लाभ

​कार्यशाला केवल विमर्श तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में अतिथियों के हाथों 5 किसानों को अरहर बीज किट, 5 किसानों को नैनो यूरिया और 2 मछुआ समितियों को आधुनिक महाजाल व आइस बॉक्स का वितरण किया गया। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम आशा योजना के तहत उत्कृष्ट काम करने वाले 5-5 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ, सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

श्रमिकों को मिली बड़ी राहत: विशेष अभियान के तहत 23 श्रम मामलों का निपटारा, 10.32 लाख रुपये का भुगतान

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नई दिल्ली- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय द्वारा लंबित श्रम मामलों के त्वरित निपटारे के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और उसके ठेकेदारों से जुड़े दावा मामलों की संयुक्त सुनवाई आयोजित की गई। यह सुनवाई नई दिल्ली स्थित उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कार्यालय में क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय)-सह-प्राधिकरण, वेतन संहिता 2019 के समक्ष संपन्न हुई।

मामलों के प्रभावी और शीघ्र समाधान के उद्देश्य से मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) सोनल मिश्रा भी सुनवाई में शामिल हुईं। उन्होंने दिल्ली क्षेत्र के अधिकारियों, प्रबंधन प्रतिनिधियों और श्रमिकों को संबोधित करते हुए श्रम विवादों के समयबद्ध निपटारे तथा श्रम कानूनों के सख्त अनुपालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सुनवाई के दौरान कुल 193 दावा मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 23 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इसके परिणामस्वरूप 12 श्रमिकों को उनके बकाया भुगतान के रूप में कुल 10,32,484 रुपये प्रदान किए गए। शेष मामलों में भी विस्तृत सुनवाई की गई, जिससे अगली निर्धारित तिथि पर उनके समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ।

कार्यवाही के दौरान DMRC के वरिष्ठ श्रम कल्याण निरीक्षक, श्रम कल्याण निरीक्षक तथा ठेकेदारों के प्रतिनिधियों को श्रम कानूनों के अनुपालन के प्रति जागरूक किया गया। विशेष रूप से समय पर वेतन भुगतान, वैधानिक अभिलेखों के रखरखाव और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया गया। प्रबंधन पक्ष ने श्रम अधिकारियों को आश्वासन दिया कि नियमों के बेहतर अनुपालन के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का यह विशेष अभियान श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान, न्याय तक उनकी पहुंच को सशक्त बनाने, श्रम कानूनों के अनुपालन को मजबूत करने और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



भारतीय तटरक्षक बल के लिए चौथे नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) की कील रखी गई

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मुंबई- भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए बनाए जा रहे छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) में से चौथे पोत की कील रखने (Keel Laying) की रस्म आज मुंबई में संपन्न हुई। यह पोत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया जा रहा है।

अत्याधुनिक मशीनरी और आधुनिक प्रणालियों से लैस यह पोत आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश की स्वदेशी रक्षा एवं समुद्री निर्माण क्षमताओं को और मजबूत करेगा। यह परियोजना भारतीय तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता बढ़ाने और तटीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

समारोह में भारतीय तटरक्षक बल और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इन छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स के निर्माण का अनुबंध 20 दिसंबर 2023 को संपन्न हुआ था।

इन अत्याधुनिक पोतों के शामिल होने से भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, तटीय सुरक्षा और समुद्री कानून प्रवर्तन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, यह परियोजना भारत की सामरिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


डीआरडीओ के स्वदेशी ‘नेत्र’ AEW&C सिस्टम को मिली अंतिम परिचालन मंजूरी, भारतीय वायुसेना को सौंपा गया FOC प्रमाणपत्र

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बेंगलुरु- भारत ने रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा विकसित स्वदेशी ‘नेत्र’ एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम को अंतिम परिचालन मंजूरी (Final Operational Clearance - FOC) मिल गई है। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना को आधिकारिक रूप से FOC प्रमाणपत्र सौंपा गया।

यह प्रणाली भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ और उद्योग जगत के सहयोग से विकसित की गई है। इसका उद्देश्य हवाई निगरानी, युद्धक्षेत्र की वास्तविक समय की जानकारी (Situational Awareness) और बैटल मैनेजमेंट क्षमताओं को मजबूत करना है। इससे भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता और रणनीतिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

बेंगलुरु में आयोजित समारोह की अध्यक्षता वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने की। कार्यक्रम में पूर्व वायुसेना प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया, पूर्व डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. एस. क्रिस्टोफर, डीआरडीओ और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने स्वदेशी नेत्र AEW&C सिस्टम की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रणाली ने ऑपरेशन सिंदूर और 2019 बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे अभियानों में अपनी विश्वसनीयता और प्रभावशीलता साबित की है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीकें बदलते युद्ध परिदृश्यों के अनुसार आवश्यक संशोधन और उन्नयन की सुविधा प्रदान करती हैं।

डीआरडीओ के एरोनॉटिक्स क्लस्टर की महानिदेशक डॉ. के. राजलक्ष्मी मेनन ने नेत्र परियोजना की विकास यात्रा और सामने आई तकनीकी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत सिस्टम इंजीनियरिंग और सटीक परीक्षण प्रक्रिया ने परियोजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर के महानिदेशक डॉ. बी.के. दास ने कहा कि डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना और उद्योग क्षेत्र के बीच उत्कृष्ट तालमेल ही इस परियोजना की सफलता का आधार रहा है। उन्होंने नेत्र AEW&C को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम के दौरान परियोजना में योगदान देने वाले विभिन्न संगठनों और इकाइयों को सम्मानित भी किया गया। अधिकारियों ने कहा कि नेत्र AEW&C प्रणाली का सफल परिचालन भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई प्रदान करेगा और यह वैज्ञानिक संस्थानों, रक्षा उत्पादन इकाइयों तथा सैन्य बलों के बीच मजबूत सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।


शिवराज सिंह चौहान ने यूपी की कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा की, किसानों और गरीब परिवारों को मिली बड़ी सौगात

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लखनऊ- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लखनऊ स्थित योजना भवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य की कृषि और ग्रामीण विकास की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो महत्वपूर्ण स्वीकृति पत्र सौंपे। पहला, रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत गेहूं, चना और मसूर की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की अवधि 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 तक करने का, और दूसरा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के नए चरण के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की मंजूरी का।

उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र का अग्रणी राज्य

बैठक को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे महत्वपूर्ण कृषि राज्य है और अकेले लगभग 38 प्रतिशत गेहूं उत्पादन करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसानों की आय बढ़ाने में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए राज्य के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक कृषि रोडमैप तैयार करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और भूजल स्तर में गिरावट कृषि क्षेत्र के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। प्रस्तावित कृषि रोडमैप में फसल चक्र, सिंचाई, जल संरक्षण, उन्नत बीज, तकनीक और विपणन रणनीतियों को शामिल किया जाएगा।

किसानों को राहत: MSP खरीद अवधि बढ़ाई गई

किसानों के हित में केंद्र सरकार ने गेहूं, चना और मसूर की MSP खरीद अवधि 8 जुलाई 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला मौसम संबंधी बाधाओं, मंडियों में भीड़ और अन्य व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि कोई भी किसान अपनी उपज MSP से कम कीमत पर बेचने को मजबूर न हो।

एल-नीनो के खतरे को लेकर तैयार होगी विशेष रणनीति

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस वर्ष एल-नीनो के संकेत दिखाई दे रहे हैं और वर्षा सामान्य से कम रहने की आशंका है। ऐसे में जिला स्तर पर आकस्मिक कृषि योजनाएं तैयार की जाएंगी। कम पानी में होने वाली और कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को समय पर सलाह, बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत 6.18 लाख मकानों को मंजूरी

ग्रामीण आवास क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए PMAY-G के नए चरण के तहत 6,18,482 पक्के मकानों को मंजूरी दी है। यह योजना 2024-25 से 2028-29 तक देशभर में अतिरिक्त दो करोड़ पक्के मकान बनाने के लक्ष्य का हिस्सा है।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राज्य में पात्र ग्रामीण परिवारों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और अब चिन्हित गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

किसानों और गांवों के विकास का साझा संकल्प

बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार का साझा लक्ष्य किसानों को मजबूत बनाना, गांवों को समृद्ध करना और उत्तर प्रदेश को कृषि एवं ग्रामीण विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि वैज्ञानिक कृषि रोडमैप और आवास कार्यक्रम राज्य के किसानों, गांवों और गरीब परिवारों के जीवन में व्यापक और स्थायी परिवर्तन लाएंगे।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एमईएस अधिकारी प्रशिक्षुओं को किया संबोधित, आत्मनिर्भरता और सतत विकास पर दिया जोर

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नई दिल्ली- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) के वर्ष 2023 और 2024 बैच के अधिकारी प्रशिक्षुओं से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने देश की रक्षा अवसंरचना को मजबूत बनाने में एमईएस की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और युवा अधिकारियों को उत्कृष्टता, नवाचार तथा राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि एमईएस देश की रक्षा अवसंरचना की रीढ़ है। रणनीतिक सैन्य प्रतिष्ठानों के निर्माण और रखरखाव के माध्यम से यह सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि एमईएस अधिकारियों का कौशल, समर्पण और कठिन परिश्रम सुनिश्चित करता है कि देश के सैनिक, नौसैनिक और वायु योद्धा अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

उन्होंने युवा अधिकारियों से उच्चतम स्तर की पेशेवर दक्षता, ईमानदारी, तकनीकी उत्कृष्टता और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने का आग्रह किया। साथ ही, उभरती तकनीकों को अपनाने और प्रत्येक परियोजना में नवाचार को बढ़ावा देने की सलाह दी।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य, जो संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित है, उसमें आत्मनिर्भरता एक रणनीतिक आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट किया है कि स्वदेशी रक्षा क्षमताएं, उन्नत तकनीक और मजबूत घरेलू औद्योगिक आधार किसी भी राष्ट्र की परिचालन तत्परता और रणनीतिक प्रभावशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि एमईएस ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है।

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सतत विकास अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों के रूप में एमईएस अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे योजना निर्माण, निर्माण कार्यों और रखरखाव गतिविधियों में पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ प्रथाओं को अपनाएं।

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि एमईएस अधिकारियों के प्रयास न केवल भारत को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाएंगे, बल्कि एक स्वच्छ, हरित और सतत भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।


विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान की ओर बढ़ेगा सिरपुर, सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना को मिली रफ्तार

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पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक 

यूनेस्को विश्व विरासत सूची, लाइट एंड साउंड शो, बांस राफ्टिंग, आधुनिक पर्यटक सुविधाओं और सिरपुर महोत्सव को लेकर लिए गए कई अहम निर्णय

रायपुर- छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित सिरपुर एकीकृत विकास परियोजना संबंधी अंतर्विभागीय समिति की द्वितीय बैठक में सिरपुर के समग्र विकास, पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार और विश्वस्तरीय विरासत गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जिला प्रशासन महासमुंद, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में प्रथम बैठक के निर्णयों पर हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यटन सचिव ने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में मिश्रित श्रेणी में शामिल कराने के लिए तैयार प्रस्ताव को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए तथा एकीकृत विकास की कार्ययोजना को निर्धारित समय-सीमा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिरपुर की समृद्ध बौद्ध, जैन और हिंदू विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को उपलब्ध कराने, गाइडों के न्यूनतम शुल्क निर्धारित करने तथा लक्ष्मण मंदिर, पर्यटन सूचना केंद्र और अन्य प्रमुख स्थलों पर उनकी सूची एवं संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय गाइडों को विभिन्न विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने तथा प्रशिक्षित गाइडों को पर्यटन सूचना केंद्रों एवं पुरातत्व संस्थानों में अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सिरपुर आने वाले पर्यटकों के लिए नए आकर्षण विकसित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत कोडार डैम और रायकेश तालाब में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बांस राफ्टिंग, नौकायन तथा कैंटीन संचालन जैसी गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे और पर्यटकों को नए अनुभव प्राप्त होंगे।

पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लक्ष्मण मंदिर परिसर के आसपास सुव्यवस्थित पार्किंग, स्मृति चिन्ह बिक्री केंद्र, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का शीघ्र विकास करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।

सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए सुरंग टीला में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो विकसित किया जाएगा। इसके लिए ह्वेनसांग की यात्रा, कलचुरी काल, बौद्ध, जैन एवं हिंदू विरासत, सूर्यवर्मा-वासटा, वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर तथा लोरिक-चंदा जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक प्रसंगों पर आधारित आकर्षक स्क्रिप्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में आगामी सिरपुर महोत्सव को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। महोत्सव में सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित विशेष एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दक्षिण एशियाई देशों से अधिकाधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार एवं रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।राज्य स्तरीय संग्रहालय को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके लिए ओडिशा के कोणार्क तथा तमिलनाडु के केलडी स्थित संग्रहालयों का अध्ययन भ्रमण जुलाई माह में कराया जाएगा तथा अगस्त-सितंबर तक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा विदेशों में पहुंचे सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरावशेषों को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करने तथा नए उत्खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर उनका चयन करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में जिला प्रशासन महासमुंद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए आवश्यक भूमि का आवंटन एक माह के भीतर सुनिश्चित करने, भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय स्थापित करने तथा सुरंग टीला क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सिरपुर में पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन और प्रबंधन के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट संगठन अथवा विशेष प्रयोजन वाहन गठित करने का प्रस्ताव तैयार करने पर भी बल दिया गया।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रस्तुत सिरपुर एकीकृत विकास योजना के प्रस्तुतीकरण पर पर्यटन सचिव ने निर्देश दिए कि कोर एवं बफर क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण किया जाए, प्रस्तावित बौद्ध पार्क को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, सुरंग टीला के लाइट एंड साउंड शो की स्क्रिप्ट 15 दिनों के भीतर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की जाए तथा आगामी पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय-सीमा में तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिरपुर के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए अंतर्विभागीय समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। बैठक के अंत में पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारती दासन ने सभी विभागों से समन्वित एवं समयबद्ध प्रयास सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि सिरपुर को उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अनुरूप विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

CG NEWS : चरित्र शंका में पति बना हैवान, सो रही पत्नी पर पेट्रोल डालकर लगाई आग

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। चरित्र शंका के चलते एक पति ने अपनी ही पत्नी को जिंदा जलाने की कोशिश कर दी। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम रेलहा का है, जहां मंगलवार देर रात आरोपी ने सो रही पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी महिला का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि आरोपी घटना के बाद से फरार है।


रात ढाई बजे दिया वारदात को अंजाम

जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय महिला अपने पति और चार बच्चों के साथ रहती है। मंगलवार रात परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद सो गए थे। महिला और उसका पति घर की परछी में सो रहे थे, जबकि बच्चे कमरे में थे। आरोप है कि रात करीब 2:30 बजे पति उठा और सबसे पहले बच्चों के कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर दी। इसके बाद उसने पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई।

90 फीसदी तक झुलसी महिला, हालत नाजुक

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से झुलसी महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। पहले उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर बाद में निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक महिला करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी है और उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

30 साल की शादी, लेकिन खत्म नहीं हुआ शक

पचपेड़ी थाना प्रभारी कमला पुसाम ने अस्पताल पहुंचकर महिला का बयान दर्ज किया। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी को करीब 30 साल हो चुके हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। महिला के अनुसार पति लंबे समय से उसके चरित्र पर शक करता था, जिस वजह से आए दिन विवाद और मारपीट होती थी। कई बार समझाने के बावजूद उसका संदेह खत्म नहीं हुआ और आखिरकार उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।

फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बुधवार शाम आरोपी के बलौदाबाजार क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

IPS बद्री नारायण मीणा बने बस्तर रेंज के नए IG

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने IPS अधिकारी बद्री नारायण मीणा को बस्तर रेंज का नया पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया है। सरकार ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।


मीणा फिलहाल पुलिस मुख्यालय (PHQ) नवा रायपुर में पदस्थ थे। वहीं मौजूदा IG पी सुंदरराज केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं।


बस्तर रेंज प्रदेश का संवेदनशील इलाका माना जाता है, जहां नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। नए IG के रूप में बद्री नारायण मीणा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जनता-पुलिस समन्वय बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, संविधान की आत्मा को कुचलने का हुआ था प्रयास : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। वीडियो में आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर हुए प्रतिबंध, बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियों, प्रेस सेंसरशिप, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष तथा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संदेश को प्रमुखता से दर्शाया गया है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचलते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया था।


आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार हुआ। MISA जैसे दमनकारी कानूनों के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोकतंत्र के रक्षकों का साहस और संकल्प अडिग रहा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को "संविधान हत्या दिवस" घोषित किया जाना उन सभी लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे नई पीढ़ी भारतीय लोकतंत्र के उस काले अध्याय को जान सकेगी और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अधिक जागरूक होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भी लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बंद की गई सम्मान निधि को पुनः प्रारंभ करते हुए बकाया राशि का भुगतान किया गया तथा लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 पारित कर उनके सम्मान को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए संविधान की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

UPSC प्रीलिम्स में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से मिले सीएम विष्णुदेव साय, बोले- युवाओं की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान

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 नई दिल्ली :  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में श्री गौतम कुमार, श्री कुलभूषण सिंह पोया, श्री हरि चंद्र प्रकाश सिंह, श्री मयंक रात्रे, श्री मलिकराम पटेल, श्री आर्यन राठौर, श्री चेतन लाल, श्री हरीश कुमार पटेल, श्री किशन लाल साहू, श्री सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर, श्री विकेश कुर्रे तथा श्री प्रकाश पटेल शामिल हैं।

नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की, मानसून तैयारियों पर दिया विशेष जोर

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नई दिल्ली- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति की समीक्षा की। नई दिल्ली में आयोजित अलग-अलग समीक्षा बैठकों में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री  हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान तेलंगाना में 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर में 2,035 किलोमीटर और लद्दाख में 804 किलोमीटर लंबाई की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति का आकलन किया गया। यह समीक्षा मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया से प्राप्त फीडबैक तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई।

बैठक में नितिन गडकरी ने चल रही परियोजनाओं की प्रगति, रखरखाव कार्यों और सुरक्षित, टिकाऊ एवं उच्च गुणवत्ता वाली सड़क अवसंरचना सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के साथ-साथ गुणवत्ता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी तंत्र मजबूत करने, कार्यों को समय पर पूरा करने तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क अवसंरचना से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा।

मानसून को देखते हुए गडकरी ने सभी परियोजना क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी जल निकासी व्यवस्था, ढलानों की सुरक्षा एवं स्थिरीकरण, तथा मौसम संबंधी बाधाओं से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये कदम सड़क सुरक्षा, निर्बाध यातायात और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

नितिन गडकरी ने दोहराया कि केंद्र सरकार समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों के माध्यम से देशभर में विश्वस्तरीय राजमार्ग अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैंक एवं मुद्रा लिंकेज मेले में महिलाओं को बड़ी सौगात, स्व-सहायता समूहों को 2.43 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण स्वीकृत

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 रायपुर : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा में बैंक लिंकेज एवं मुद्रा लिंकेज मेले का आयोजन किया गया। मेले में विकासखंड के विभिन्न बैंकों द्वारा स्व-सहायता समूहों एवं महिला उद्यमियों को ऋण स्वीकृति एवं वितरण किया गया।


कार्यक्रम के दौरान 64 मुद्रा ऋण प्रकरणों में कुल 56 लाख 40 हजार रुपए तथा 75 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपए के ऋण की स्वीकृति एवं वितरण किया गया। इस प्रकार कुल 2 करोड़ 43 लाख 90 हजार रुपए की ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई।

मेले में विकासखंड मनोरा की लगभग 200 स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता विकास तथा वित्तीय समावेशन से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई। बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित हुआ।

कार्यक्रम में जनपद सदस्य रंजीत भगत, अमीन खान, राकेश तिवारी, रघुनाथ राम, जनपद पंचायत मनोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि बघेल, बिन्सेंट तिर्की, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं। सभी के सहयोग से कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ।

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