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अमेरिका-ईरान शांति समझौते का पीएम मोदी ने किया स्वागत, बोले- संघर्ष से कई देशों को हुआ भारी नुकसान

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को अमेरिका (US) और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करते हुए पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता की उम्मीद जताई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और कई लोगों की जान भी गई।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कई दिनों की गहन बातचीत के बाद हुआ यह समझौता क्षेत्र में शांति बहाल करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री मार्गों पर आवाजाही को सामान्य बनाने में अहम साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दोबारा खुलने से वैश्विक व्यापार को राहत मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में जारी तनाव खत्म करने के लिए हमेशा संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बाकी मुद्दों पर भी बातचीत के जरिए स्थायी और अंतिम समाधान निकलेगा।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा स्थापित होगी। उन्होंने दावा किया कि कई अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ ऐसा समझौता करने में विफल रहे, लेकिन मौजूदा प्रयासों से यह संभव हो पाया है।

ट्रंप ने कहा कि इस सप्ताह के अंत तक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र और दुनिया के लिए तेल आपूर्ति दोबारा सामान्य हो सकेगी। उन्होंने इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत बताया।

बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत और मध्यस्थता के बाद इस समझौते पर सहमति बनी है। इस बीच ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी समझौते की पुष्टि करते हुए कहा कि शुक्रवार को औपचारिक हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद समझौता ज्ञापन (MoU) सार्वजनिक किया जाएगा।

ईरान ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित 60 दिनों की आगे की वार्ता प्रक्रिया में तभी शामिल होगा, जब अमेरिका दुश्मनी खत्म करने, प्रतिबंध हटाने और ईरानी संपत्तियों को जारी करने से जुड़े वादों को पूरा करेगा। फिलहाल इस समझौते को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

CG NEWS : किसानों के हक पर डाका डालने वालों पर सख्ती, हजारों बोरी खाद जब्त

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 धमतरी। खरीफ सीजन शुरू होने से पहले किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूली और स्टॉक में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जिलेभर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई खाद विक्रेताओं की अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निलंबित कर बड़ी मात्रा में उर्वरक जब्त किए हैं।


कृषि विभाग की टीम ने मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर रासायनिक खाद बेची जा रही थी। साथ ही ग्राहकों को कम्प्यूटरीकृत बिल भी नहीं दिया जा रहा था। शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया और वहां रखी 859 बोरी रासायनिक खाद जब्त कर ली।

इसी तरह नगरी विकासखंड के बेलरगांव में दो खाद विक्रेताओं के यहां जांच के दौरान बड़ी मात्रा में जैविक खाद का भंडारण मिला। नियमों के उल्लंघन की आशंका के चलते एक प्रतिष्ठान से 600 बोरी और दूसरे से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई। दोनों संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

वहीं कुरूद विकासखंड में जांच के दौरान कुछ खाद विक्रय केंद्रों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। यहां पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा किसानों के लिए मूल्य सूची और उपलब्ध उर्वरकों की जानकारी भी प्रदर्शित नहीं की जा रही थी, जो नियमों का उल्लंघन है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

राशन वितरण के नियमों में बड़ा बदलाव: OTP पर रोक, अब केवल बायोमेट्रिक से मिलेगा खाद्यान्न

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 रायपुर। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब राज्य की सभी उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन के जरिए केवल बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर ही खाद्यान्न वितरण किया जाएगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने मोबाइल OTP के माध्यम से राशन वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।


इन हितग्राहियों को मिलेगी विशेष छूट

विभाग ने स्पष्ट किया है कि 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और ऐसे हितग्राही जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन सफल नहीं हो पा रहा है, उन्हें विशेष परिस्थितियों में OTP के माध्यम से राशन दिया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित हितग्राहियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध करानी होगी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परखी व्यवस्था

खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने रायपुर की कई उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया। उनके साथ अपर संचालक नीलम एल्मा और जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान टीम सबसे पहले देवेंद्रनगर स्थित उचित मूल्य दुकान पहुंची, जहां ई-पॉस मशीन के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन कर राशन वितरण की प्रक्रिया का जायजा लिया गया। व्यवस्था को समझने के लिए डॉ. सिद्दीकी ने स्वयं अपने राशन कार्ड से बायोमेट्रिक सत्यापन कराया और 20 किलो एपीएल कोटे का चावल खरीदकर प्रक्रिया की जांच की।

दुकान संचालकों को सख्त निर्देश

निरीक्षण के बाद जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि बिना अनुमति किसी भी हितग्राही को OTP के माध्यम से खाद्यान्न वितरण नहीं किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी बुजुर्ग या बच्चे का फिंगरप्रिंट काम नहीं करता है तो संबंधित निरीक्षक से अनुमति लेने के बाद ही OTP आधारित वितरण किया जाएगा।

हितग्राहियों से लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकांश हितग्राहियों ने बताया कि बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए उन्हें आसानी और पारदर्शिता के साथ राशन मिल रहा है।

इसके बाद अधिकारियों ने मोवा स्थित उचित मूल्य दुकान का भी निरीक्षण कर पंजीकृत हितग्राहियों की संख्या, खाद्यान्न वितरण की स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

पारदर्शिता बढ़ाने सरकार का बड़ा कदम

सरकार के इस फैसले को राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

दोस्ती के नाम पर बड़ा खेल! iPhone, AC और LED TV फाइनेंस कराकर किस्तें बंद, आरोपी गिरफ्तार

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 भिलाई। दुर्ग जिले में दोस्ती और भरोसे का फायदा उठाकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराने और बाद में किस्तें जमा न करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने अपने परिचित के नाम पर iPhone सहित कई सामान फाइनेंस कराए और बाद में भुगतान बंद कर दिया। इस धोखाधड़ी से पीड़ित को डेढ़ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला Supela Police Station क्षेत्र का है।


पुलिस के अनुसार, घटना फरवरी 2025 की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका परिचित शेखर देशमुख अपने साथी अनुराग देशमुख के साथ आकाशगंगा स्थित अंश मोबाइल दुकान पहुंचा था। वहां शिकायतकर्ता के नाम पर Bajaj Finance के जरिए एक iPhone फाइनेंस कराया गया।

फाइनेंस प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी मोबाइल लेकर चला गया। शुरुआत में कुछ समय तक किस्तों का भुगतान नियमित रूप से किया गया, जिससे किसी को कोई संदेह नहीं हुआ।

इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता के नाम पर मोबाइल, AC और LED TV जैसे कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी फाइनेंस करा लिए। ये सामान अलग-अलग दुकानों से खरीदे गए थे, जिनमें अंश मोबाइल, एवन इलेक्ट्रॉनिक्स, Reliance Digital समेत अन्य दुकानें शामिल हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शुरुआती महीनों में किस्त की रकम शिकायतकर्ता के बैंक खाते में जमा कर देता था। उसी राशि से फाइनेंस कंपनियों की EMI कटती रही, इसलिए पीड़ित को तुरंत धोखाधड़ी की जानकारी नहीं हो सकी।

मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने किस्तें जमा करना बंद कर दिया और शिकायतकर्ता के खाते से रकम कटने लगी। इसके बाद पीड़ित को पूरे फर्जीवाड़े का पता चला।

किस्तों का भुगतान रुकने से फाइनेंस कंपनियों का बकाया लगातार बढ़ता गया। जांच में पता चला कि अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों का कुल 1 लाख 73 हजार 513 रुपये बकाया हो गया, जबकि शिकायतकर्ता के खाते से करीब 16 हजार रुपये भी कट चुके हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

भारत-फ्रांस ने लॉन्च किया "इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030", AI और शिक्षा सहयोग पर रहेगा विशेष जोर

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नई दिल्ली/पेरिस- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए दोनों देशों की साझेदारी को "स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" का दर्जा दिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का संयुक्त उद्घाटन किया और इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने की घोषणा की।

दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अनुसंधान, डिजिटल प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई।

AI सहयोग बनेगा साझेदारी का मुख्य स्तंभ

भारत और फ्रांस ने "ट्रस्टेड AI" को अपनी नवाचार साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ बनाने का फैसला किया है। दोनों देश सुरक्षित, भरोसेमंद और मानवाधिकारों के अनुरूप AI प्रणालियों के विकास को बढ़ावा देंगे। साथ ही बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए AI आधारित सेवाओं से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

शिक्षा और छात्र आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा

दोनों देशों ने शैक्षणिक सहयोग और छात्र गतिशीलता (Academic Mobility) को मजबूत करने पर जोर दिया। फ्रांस ने वर्ष 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों का स्वागत करने के अपने लक्ष्य को दोहराया। इसके अलावा, भारत और फ्रांस के बीच योग्यता की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition of Qualifications - MRQ) के दायरे को और विस्तारित करने पर सहमति बनी।

उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

भारत और फ्रांस ने स्टार्टअप, उद्योग, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों देशों ने इंडिया-फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क (IFIN) को नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बताया।

कानपुर में फ्रांको-इंडियन एरोनॉटिक्स ट्रेनिंग एंड करियर कैंपस स्थापित करने की भी घोषणा की गई, जो विमानन क्षेत्र में कौशल विकास और प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा।

स्टार्टअप्स के लिए बनेगा InnoXchange Bridge

दोनों देशों ने इंडिया-फ्रांस InnoXchange Bridge शुरू करने की योजना का स्वागत किया। यह पहल दोनों देशों के स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को प्रयोगशालाओं, निवेशकों, नवाचार केंद्रों और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुंच प्रदान करेगी।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग

भारत और फ्रांस ने अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया। सितंबर 2026 में बेंगलुरु में बेंगलुरु स्पेस एक्सपो और पेरिस में इंटरनेशनल स्पेस समिट आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से पृथ्वी अवलोकन, मानव अंतरिक्ष अन्वेषण और भविष्य के अंतरिक्ष स्टेशन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में डेटा साझाकरण पर जोर

स्वास्थ्य अनुसंधान और AI आधारित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने सहमति-आधारित (Consent-Based) डेटा साझाकरण ढांचे को विकसित करने पर सहमति व्यक्त की। इससे स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक हित के अनुसंधान में नई संभावनाएं खुलेंगी।

कई संस्थानों के बीच हुए समझौते

इस अवसर पर IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT मद्रास, IIT हैदराबाद, IIT गांधीनगर, IISc बेंगलुरु सहित कई भारतीय संस्थानों और फ्रांस के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योगों के बीच 19 समझौते और सहयोग समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें छात्र विनिमय, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, AI, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।

भारत और फ्रांस ने कहा कि यह रोडमैप आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, रणनीतिक स्वायत्तता और मानव-केंद्रित नवाचार के आधार पर दोनों देशों के भविष्य के सहयोग का मार्गदर्शन करेगा।

लुटेरी दुल्हन का खुलासा: फर्जी पहचान से रचाई शादी, चार बच्चों की मां निकली आरोपी महिला

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 रामपुर। रामपुर जिले में शादी के नाम पर ठगी और फर्जी पहचान छिपाकर विवाह करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर नकली पहचान और फर्जी दस्तावेजों के सहारे युवक से शादी कर लाखों की ठगी को अंजाम दिया। मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है।


जानकारी के अनुसार, पीड़ित पुनीत कुमार, निवासी मढ़ैया नादरबाग, की शादी लंबे समय से नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान उसके मौसा के माध्यम से दो बिचौलियों ने उसकी मुलाकात खुद को हरिद्वार निवासी “रिया गुप्ता” बताने वाली एक युवती से कराई।

आरोप है कि बिचौलियों ने शादी कराने के नाम पर युवक से एक लाख रुपये नकद लिए और 11 जून को हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की शादी करा दी।

शादी के कुछ दिनों बाद ही महिला का व्यवहार संदिग्ध लगने लगा और वह परिवार के साथ विवाद करने लगी। पीड़ित के मुताबिक, 13 जून को जब महिला घर छोड़कर जाने लगी और उसे रोका गया, तब उसने अपनी असली पहचान उजागर कर दी।

महिला ने बताया कि उसका नाम “रिया गुप्ता” नहीं बल्कि यासमीन है। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले से विवाहित है, उसके पति का नाम माहिर अली है और उसके चार बच्चे भी हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला और उसके साथियों ने फर्जी आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर युवक को धोखे में रखा। पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में शामिल बिचौलियों और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

CG NEWS : युवती से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात, भाई को बंधक बनाकर जंगल में दिया घटना को अंजाम

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 रायपुर/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 19 वर्षीय युवती के साथ तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है। आरोपियों ने युवती के फुफेरे भाई को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र के कोटराही जंगल की बताई जा रही है।


जानकारी के अनुसार, बसंतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती रविवार दोपहर अपने फुफेरे भाई के साथ पैदल रिश्तेदार के घर जा रही थी। दोनों कोटराही जंगल के रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और पूछताछ के बहाने धमकाने लगे।

आरोप है कि दोनों युवक जबरन युवती और उसके भाई को जंगल के अंदर ले गए। वहां युवती के भाई के हाथ-पैर बांधकर उसे बंधक बना लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया।

पीड़िता के अनुसार, घटना के दौरान आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी को फोन कर मौके पर बुलाया, जिसके बाद तीसरे युवक ने भी वारदात में शामिल होकर अपराध को अंजाम दिया। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़िता और उसका भाई किसी तरह Wadrafnagar पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

वाड्रफनगर चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपी कोटराही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पीड़िता और आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

संत गाडगे बाबा के आदर्शों पर चलकर समरस, स्वच्छ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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बोदरी में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती समारोह में हुए शामिल, 42 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्कूल उन्नयन और तालाब सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अधोसंरचना विकास की आधारशिला है और इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे बाबा का संपूर्ण जीवन समाज सुधार, स्वच्छता और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छुआछूत, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत मिशन, संत गाडगे बाबा के स्वच्छता और जनजागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये तथा संत गाडगे भवन निर्माण हेतु 25 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 60 लाख रुपये और वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने धमनी-चकरभाठा मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन, बोदरी में एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाने में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भारत इनोवेट्स 2026 का फ्रांस में शुभारंभ, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने किया उद्घाटन

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नीस (फ्रांस)- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को फ्रांस के नीस स्थित नीस प्रदर्शनी केंद्र में भारत इनोवेट्स 2026 (Bharat Innovates 2026) के प्रथम संस्करण का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की पहल के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय डीप-टेक नवाचारों और वैश्विक साझेदारों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल तथा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. अजय कुमार सूद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "भारत पैमाने और गति के साथ नवाचार करता है। भारत एक सतत भविष्य के लिए नवाचार करता है और पूरी दुनिया के लिए नवाचार करता है। नवाचार भारत के डीएनए में है। भारत इनोवेट्स दुनिया को भारत के साथ मिलकर वैश्विक नवाचार के अगले अध्याय का निर्माण करने का निमंत्रण है।"

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत इनोवेट्स 2026 का पहला अंतरराष्ट्रीय आयोजन नीस में होना भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूती और दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक, तकनीकी एवं औद्योगिक सहयोग का प्रतीक है।

उद्घाटन के बाद दोनों नेताओं ने भारत इनोवेट्स इनोवेशन पवेलियन का दौरा किया, जहां भारतीय नवप्रवर्तकों और प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा विकसित 120 अत्याधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, गतिशीलता और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

14 से 16 जून 2026 तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में 11 उच्च स्तरीय पैनल चर्चाएं, विभिन्न क्षेत्रों पर केंद्रित मास्टरक्लास, बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें, 50 से अधिक स्टार्टअप्स के निवेशक पिच सत्र तथा वैश्विक निवेशकों, उद्योगों, विश्वविद्यालयों और नीति निर्माताओं के साथ नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय डीप-टेक नवाचारों को वैश्विक मंच प्रदान करना, निवेश आकर्षित करना और भारत-फ्रांस के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, उद्यमिता तथा नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत बनाना है। यह पहल दोनों देशों की भविष्य-केंद्रित और तकनीक-आधारित साझेदारी को नई दिशा देने की उम्मीद जगाती है।

विदिशा में बनेगा देश का मॉडल किसान स्कूल, शिवराज सिंह चौहान ने रखी आधारशिला

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विदिशा- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा जिले के Berkhedi Jetu में किसानों के लिए एक अनूठे “किसान स्कूल” की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने खेती को लाभकारी बनाने के लिए वैज्ञानिक कृषि, आधुनिक तकनीक और एकीकृत खेती को बढ़ावा देने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसे पारंपरिक राजनीतिक सभा के बजाय किसानों की प्रशिक्षण कक्षा के रूप में आयोजित किया गया। मंत्री ने कहा कि यहां आए सभी किसान विद्यार्थी हैं और उन्हें सीधे खेतों में आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

49 एकड़ में बनेगा मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र

बेरखेड़ी जेतू में बनने वाला कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) 49 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसे देश का मॉडल केवीके बनाया जाएगा, जहां आधुनिक खेती के प्रदर्शन प्लॉट तैयार किए जाएंगे। भवन निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना इसी खरीफ सीजन से खेतों में प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

ढाई एकड़ में भी संभव सम्मानजनक आय

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भूमि के छोटे होते आकार के बावजूद वैज्ञानिक और एकीकृत खेती अपनाकर एक हेक्टेयर (करीब ढाई एकड़) भूमि से भी परिवार की आजीविका सम्मानजनक रूप से चलाई जा सकती है। इसके लिए विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया गया है।

‘खेत बचाओ अभियान’ को मिलेगा विस्तार

केंद्रीय मंत्री ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों से मृदा परीक्षण कराने और संतुलित उर्वरकों के उपयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचा रहा है। अभियान के तहत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

किसानों को मिलेगी एग्री क्लिनिक और मोबाइल सलाह

नए कृषि विज्ञान केंद्र में ‘एग्री क्लिनिक’ स्थापित किया जाएगा, जहां किसान पौधों, पत्तियों और मिट्टी के नमूने लाकर रोगों की पहचान और उपचार संबंधी सलाह प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही हेल्पलाइन और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी किसानों को तत्काल वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

नकली बीज और खाद पर सख्ती

केंद्रीय मंत्री ने नकली बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने किसानों से खरीद के समय बिल लेने और क्यूआर कोड के जरिए उत्पादों की जांच करने की अपील की।

छोटे किसानों के लिए मशीन बैंक

सरकार छोटे और सीमांत किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर और मशीन बैंक स्थापित करेगी। यहां लेजर लेवलर, डीएसआर मशीन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि किसान कम लागत में आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।

कृषि आधारित स्टार्टअप और प्रोसेसिंग पर जोर

कार्यक्रम में कृषि उत्पादों की वैल्यू एडिशन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की घोषणा भी की गई। युवाओं को मशरूम उत्पादन, डेयरी, मधुमक्खी पालन और पोल्ट्री जैसे कृषि आधारित उद्यमों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दाल और तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य

शिवराज सिंह चौहान ने दाल एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों द्वारा उत्पादित दालों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी और अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों में दाल मिल स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मिट्टी की सेहत सुधारने, संतुलित उर्वरकों के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने का एक जनआंदोलन है।

विश्व रक्तदाता दिवस विशेष-37 अधिकारियों व सैनिकों ने किया रक्तदान

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विश्व रक्तदाता दिवस पर हुआ रक्तदान शिविर का आयोजन 

आरंग- रविवार को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर कंपोजिट हास्पीटल भिलाई में डीआईजी मेडीकल डाक्टर मनोज कुमार सिन्हा के नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें सीआरपीएफ कैंप भिलाई के डाक्टरों,अधिकारियों व सैनिकों ने रक्तदान कर लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर डीआईजी मेडीकल डॉक्टर मनीषा गर्ग ने रक्तदाता दिवस मनाये जाने के बारे में जानकारी दी। और कहा रक्तदान- महादान है। इससे अनेकों जरूरतमंदों की जान बचती है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा रक्तदान करने से शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लोगो में रक्तदान को लेकर तरह तरह के भ्रम है।जिसे हमें दूर करने की आवश्यकता है। शिविर में 37 लोगों ने रक्तदान किया‌।शिविर के आयोजन संयोजन में विशेष सहयोग बालाजी हास्पीटल रायपुर का रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के अधिकारी,कर्मचारी व मेडीकल स्टाफ मौजूद रहे।


एक ही घर से पति-पत्नी के शव मिलने से सनसनी, पत्नी जमीन पर मिली मृत, पति फंदे पर लटका मिला

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 भिलाई। शहर के वैशाली नगर क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक ही घर से पति-पत्नी के शव बरामद किए गए। घर के अलग-अलग कमरों में पत्नी का शव जमीन पर पड़ा मिला, जबकि पति फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।


Satya Prakash Tiwari के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 9 बजे घर में काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर मृतक की मां वहां पहुंचीं। उन्होंने देखा कि बहू जी विद्यावती सामने वाले कमरे में मृत अवस्था में पड़ी हुई थीं।

इसके बाद जब वह घर के अंदर वाले कमरे में पहुंचीं तो उनका बेटा जी वेंकट रमन फंदे पर लटका मिला। यह दृश्य देखकर उन्होंने तुरंत अपने छोटे बेटे जी मदन राव को घटना की जानकारी दी। बाद में Vaishali Nagar Police को सूचना दी गई।

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि जी वेंकट रमन ऑटो चालक थे और परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। दंपति का एक बेटा है, जो Odisha में काम करता है। माता-पिता की मौत की खबर मिलते ही वह भिलाई के लिए रवाना हो गया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही दोनों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

श्रीलंका दौरे के बाद कोलंबो से रवाना हुआ आईएनएस शारदा, भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मिली नई मजबूती

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भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस शारदा (INS Sharda) 13 जून 2026 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से अपने सफल बंदरगाह दौरे के बाद रवाना हो गया। यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग, मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

इस दौरान भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना के बीच कई पेशेवर, प्रशिक्षण और खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, समन्वय और सहयोग को नई ऊर्जा मिली।

प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर

दौरे के दौरान श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों को भारतीय नौसेना द्वारा छोटे हथियारों के संचालन, बुनियादी अग्निशमन, प्राथमिक उपचार तथा बचाव प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना था।

वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों की अहम मुलाकात

यात्रा के दौरान श्रीलंकाई नौसेना के पश्चिमी नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर रियर एडमिरल जगथ कुमारा ने आईएनएस शारदा का दौरा किया और जहाज के अधिकारियों एवं चालक दल के साथ संवाद किया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और सहयोग को और आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

खेल और पेशेवर आदान-प्रदान से बढ़ी मित्रता

दौरे के दौरान दोनों नौसेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताएं, पेशेवर चर्चाएं और क्रॉस-डेक विजिट्स आयोजित किए गए। इन गतिविधियों ने दोनों नौसैनिक बलों के बीच पारस्परिक समझ, संचालन क्षमता और मित्रता को और मजबूत किया।

भारतीय उच्चायुक्त से की शिष्टाचार भेंट

कोलंबो प्रवास के दौरान आईएनएस शारदा के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा से शिष्टाचार मुलाकात भी की। इस बैठक में भारत-श्रीलंका संबंधों और समुद्री सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

MAHASAGAR विजन को मिला बल

आईएनएस शारदा की यह यात्रा भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री सहयोग और मित्रता का प्रतीक रही। साथ ही इसने MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के विजन के अनुरूप क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, स्थिरता और साझा विकास के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया।

यह दौरा केवल एक नौसैनिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले भारत ने रचा इतिहास, मंत्रालय ने बनाया नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 से पहले भारत ने योग के क्षेत्र में एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दुनिया को अपनी योग शक्ति का परिचय दिया है। आयुष मंत्रालय ने आज आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर आयोजित विशेष ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से "Most Viewers for a YouTube Live Yoga Stream" श्रेणी में नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

इस ऐतिहासिक लाइव योग सत्र में 4,35,831 लोगों ने भाग लिया, जो अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन योग सहभागिता रिकॉर्ड है। इससे पहले वर्ष 2024 में 2,46,252 दर्शकों का रिकॉर्ड दर्ज था। भारत ने इस पुराने रिकॉर्ड को 1,89,579 दर्शकों के बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया।

योग ने जोड़ी दुनिया

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के प्रचार-प्रसार के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों से योग साधकों, छात्रों, शिक्षकों, संस्थानों, पेशेवरों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का अभ्यास किया और "योग 365" अभियान के संदेश को आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।

केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा,

"आज की यह उपलब्धि साबित करती है कि योग लोगों को क्षेत्र, संस्कृति और देशों की सीमाओं से परे जोड़ने की अद्भुत शक्ति रखता है। यह नया विश्व रिकॉर्ड योग को जीवनशैली के रूप में वैश्विक स्वीकृति मिलने का प्रमाण है। मैं सभी नागरिकों से 'योग 365' के संकल्प को अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का आग्रह करता हूं।"

दुनिया को दिया बड़ा संदेश

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को यह संदेश देने का अवसर है कि योग स्वास्थ्य और कल्याण का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

उन्होंने कहा,

"हमारा उद्देश्य लोगों को यह प्रेरणा देना है कि वे योग को केवल एक दिन की गतिविधि न मानें, बल्कि इसे जीवनभर की आदत बनाएं।"

कई नेताओं ने भेजे संदेश

कार्यक्रम के दौरान ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित कई गणमान्य नेताओं के संदेश भी प्रसारित किए गए। सभी वक्ताओं ने योग को बेहतर स्वास्थ्य और समग्र कल्याण का आधार बताते हुए लोगों से इसे दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

"स्वस्थ आयु के लिए योग" होगा 2026 की थीम

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम है — "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing)।

यह थीम जीवनभर स्वस्थ रहने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और बेहतर जीवन गुणवत्ता को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य राष्ट्रीय आयोजन 21 जून को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा, जहां देश-विदेश से हजारों योग प्रेमी एकत्रित होंगे।

हर घर योग, हर दिन योग

आयुष मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी योग संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं, सरकारी विभागों, कॉर्पोरेट संगठनों, सामाजिक समूहों और वैश्विक भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त किया।

देश अब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की ओर बढ़ रहा है और मंत्रालय ने एक बार फिर सभी नागरिकों से अपील की है कि वे "हर घर योग, हर दिन योग" के संकल्प को अपनाकर योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन की कुंजी है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले में 295 करोड़ रुपये से अधिक के 341 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

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विकास कार्यों से आमजन की सुविधाओं का होगा विस्तार - मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) में आयोजित कार्यक्रम में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री साय ने 295 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 341 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 70.10 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 159 कार्यों का लोकार्पण तथा 224.90 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 182 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन विकास कार्यों के माध्यम से सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य, नगरीय अधोसंरचना तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कर विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया तथा बटन दबाकर पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण कर उन्हें जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज का दिन जांजगीर-चांपा जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जांजगीर चांपा जिले को लगभग 295 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन अधिक सुगम बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पेयजल, सिंचाई, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से जिले में विकास की नई संभावनाएं सृजित होंगी तथा आमजन को सीधे लाभ मिलेगा।

विभिन्न विभागों के कार्य शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लोकार्पित 159 कार्यों में जल संसाधन, वन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीजीएमएससी, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्य शामिल हैं। वहीं भूमिपूजन के 182 कार्यों में जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, सीजीएमएससी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ प्रदेश में विकास एवं जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद  कमलेश जांगड़े तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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