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मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का असर : अवैध खनन पर राज्य भर में हो रही कार्रवाई, धमतरी में 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त

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सूक्ष्म निगरानी, तकनीक और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर लग रहा अंकुश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।

इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।

खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया।



जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

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राजभवन (लोक भवन) में बालिका गृह की बेटियों से राज्यपाल ने किया आत्मीय संवाद

अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों का हुआ सम्मान

रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।


पुस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस

राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य

इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।


राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा

राज्यपाल डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध (त्मेमंतबी) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।


75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित

कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश : जनता से अशिष्ट व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस, दुर्ग जनपद सीईओ निलंबित

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 रायपुर : सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग, रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में  पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत है। इस संबंध में आयुक्त दुर्ग द्वारा पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचे विधायक दीपेश साहू, सामूहिक विवाह में बने दूल्हा

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 बेमेतरा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेमेतरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह इस बार एक अनोखे और प्रेरणादायक दृश्य का साक्षी बना। समारोह में 21 जोड़ों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, लेकिन सबसे अधिक चर्चा भाजपा विधायक दीपेश साहू के विवाह की रही।


शहर के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में विधायक दीपेश साहू दूल्हे के रूप में बैलगाड़ी में सवार होकर बारात लेकर पहुंचे। विशेष बात यह रही कि बैलगाड़ी की कमान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने संभाली। इस अनूठे दृश्य ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गया।

वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधानों के बीच सभी नवविवाहित जोड़ों ने सात फेरे लेकर वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए तथा नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।

जानकारी के अनुसार विधायक दीपेश साहू ने बीपीएल परिवार की तरुणा साहू के साथ विवाह किया। विवाह के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित करने की घोषणा की।
विधायक का यह सादगीपूर्ण विवाह सामाजिक समरसता और जनसेवा का संदेश देने वाला माना जा रहा है। प्रदेशभर में इस अनूठे विवाह की चर्चा हो रही है और लोग इसे समाज के लिए सकारात्मक पहल के रूप में देख रहे हैं।

मंच से फूटा रमन सिंह का गुस्सा, बोले- 15 साल में ऐसी बदतर व्यवस्था नहीं देखी

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 बेमेतरा। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बेमेतरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री के स्वागत में कथित अव्यवस्था को लेकर उन्होंने मंच से ही प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के व्यवहार पर सवाल खड़े किए।


डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्वागत की व्यवस्था बेहद कमजोर और अव्यवस्थित रही। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का पीछे से स्वागत होना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
मंच से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "15 साल मैं मुख्यमंत्री रहा, लेकिन ऐसी घटिया व्यवस्था कभी नहीं देखी।" उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल मौजूद था, इसके बावजूद जिला प्रशासन अपेक्षित जिम्मेदारी और संवेदनशीलता नहीं दिखा पाया। विधानसभा अध्यक्ष की इस सार्वजनिक टिप्पणी को प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

डॉ. रमन सिंह के बयान के बाद बेमेतरा जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मामले को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी सार्वजनिक मंच से विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था पर इस तरह की टिप्पणी करना एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

जल संकट के बीच रीवा में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था शुरू, बिछाई जा रही नई पाइपलाइन

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पंचायत प्रतिनिधियों ने श्रीफल तोड़कर किया कार्य का शुभारंभ 

आरंग- ग्राम रीवा में गहराए भारी पेयजल संकट को देखते हुए ग्राम पंचायत ने बड़ी राहत दी है। ग्रामीणों को पानी की किल्लत से निजात दिलाने के लिए रविवार को गांव में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था के तहत पीएचई विभाग द्वारा नई पाइपलाइन विस्तार का कार्य शुरू किया गया। उसके पहले पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में विधि-विधान से श्रीफल तोड़कर इस कार्य का शुभारंभ किया गया।


भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए यह बड़ी राहत साबित होगी। इस दौरान सरपंच घंसियाराम साहू ने कहा कि गांव के हर घर तक पीने का साफ पानी पहुंचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। पेयजल की इस विकट समस्या को अस्थाई रूप से दूर करने के लिए यह वैकल्पिक पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे सभी को पानी सुलभता से मिल सके।


इस मौके पर मुख्य रूप से सरपंच घंसियाराम साहू, उपसरपंच सूरज साहू सहित पंच रमेश चंद्राकर, मनबोध साहू, वेदप्रकाश साहू, घनश्याम डहरिया, चंद्रकली टिकेश्वर डहरिया, धनेश्वरी संजू ढीढी, मीरा अश्विनी चंद्राकर और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

खेत बचाने निकले शिवराज, 1 जून से देशभर में शुरू होगा बड़ा किसान अभियान

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 नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि 1 जून से शुरू होने वाला ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती, खेती और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने का राष्ट्रीय जन आंदोलन है। उन्होंने अभियान को जनभागीदारी, वैज्ञानिक सोच और सामूहिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।


मध्य प्रदेश के Raisen जिले के रामसिया गांव से अभियान के राष्ट्रीय शुभारंभ से पहले रविवार को शिवराज सिंह चौहान ने देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ कृषि अधिकारियों और किसान हित में कार्यरत संगठनों के प्रतिनिधियों से वर्चुअल संवाद किया।

उन्होंने बताया कि बढ़ता तापमान, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का असंतुलित उपयोग, मिट्टी की घटती उर्वरता तथा जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां कृषि क्षेत्र के सामने गंभीर संकट बनकर उभर रही हैं। ऐसे में किसानों को जागरूक करना और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

किसानों को दी जाएगी वैज्ञानिक खेती की जानकारी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अभियान के तहत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, हरी खाद, फसल चयन, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक कृषि पद्धतियां तथा नकली खाद, बीज और कीटनाशकों की पहचान जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि केवल सलाह देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि खेतों में प्रदर्शन, वैज्ञानिक प्रमाण और व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए किसानों का विश्वास मजबूत करना होगा।

30 जून तक तैयार होगा विस्तृत रोडमैप

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 जून तक का विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें यह तय हो कि किस दिन कौन अधिकारी, वैज्ञानिक या टीम किस गांव में जाकर किसानों से संवाद करेगी। उन्होंने डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग और स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

केंद्र, राज्य और वैज्ञानिक संस्थानों को मिलकर करना होगा काम

उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, कृषि विभागों, आईसीएआर, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और किसान हितैषी संस्थाओं को एकजुट होकर काम करना होगा। सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी अभियान को मजबूत बनाएगी।

किसानों तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, मिनी बीज किट, दलहन-तिलहन मिशन और कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों की आय, जागरूकता और कृषि प्रबंधन क्षमता में वृद्धि होगी।

गांव-गांव तक पहुंचे अभियान का संदेश

शिवराज सिंह चौहान ने प्रचार-प्रसार को अभियान का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यह देशहित और अन्नदाता के भविष्य से जुड़ा कार्यक्रम है। इसकी जानकारी जितनी तेजी से गांव-गांव तक पहुंचेगी, अभियान उतना ही प्रभावी साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों और वैज्ञानिकों से मीडिया के माध्यम से किसानों तक अधिक से अधिक जानकारी पहुंचाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ खेती, पर्यावरण और किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक व्यापक जन आंदोलन का रूप लेगा, जो देश की कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

छत्तीसगढ़ में मौसम ने बदला मिजाज, कई जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी वर्षा गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और आंधी चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है।


विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रही अनुकूल परिस्थितियों के कारण प्रदेश में नमी बढ़ रही है, जिससे बारिश की गतिविधियां मजबूत होंगी। इससे भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि किसानों और आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। प्रदेश के कई जिलों में आगामी दिनों में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

मानसून ने पकड़ी रफ्तार

आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले 3 से 4 दिनों में इसके और अधिक क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना है। मानसून की बढ़ती सक्रियता का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा, जिससे जून के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार मानसून के समय पर पहुंचने से कृषि कार्यों को भी फायदा मिलेगा।

महंगाई का नया झटका: कमर्शियल LPG सिलेंडर फिर महंगा

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 नई दिल्ली। जून महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। देशभर में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट 1 जून से लागू हो गए हैं। हालांकि घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


सूत्रों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद इसका नया रेट 3,113.50 रुपये हो गया है। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 53.50 रुपये बढ़कर 3,255.50 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गई है।

5 किलो वाला सिलेंडर भी हुआ महंगा

5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के अनुसार दिल्ली में यह सिलेंडर अब 821.50 रुपये में उपलब्ध होगा। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

घरेलू गैस उपभोक्ताओं को राहत

तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं, लेकिन घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है, जो पहले से ही महंगाई के दबाव का सामना कर रहे हैं।

ईंधन का पर्याप्त भंडार, घबराने की जरूरत नहीं

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार भविष्य में किसी भी संभावित आपूर्ति संकट से निपटने के लिए रणनीतिक भंडारण क्षमता को मजबूत करने पर काम कर रही है।

मंत्रालय की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने बताया कि सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं और एलपीजी उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की मांग बढ़ी है, जिसका मुख्य कारण कृषि कार्यों से जुड़ी जरूरतें और थोक खरीदारी है।

जमाखोरी पर सरकार की सख्ती

ईंधन की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। पिछले चार दिनों में एलपीजी से जुड़े 6,500 से अधिक छापे मारे गए हैं। इस दौरान 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है।

 

जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने अपर कलेक्टर को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन

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आरंग- ग्राम जरौद (क) में आयोजित 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के लोकप्रिय जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने किसानों, युवाओं, छात्रों और ग्रामीणों की प्रमुख समस्याओं को लेकर अपर कलेक्टर रायपुर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो जनता के हक के लिए बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें और मुद्दे: 

किसानों के लिए खाद की पुरानी व्यवस्था: किसानों को हो रही परेशानी को देखते हुए डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की वितरण व्यवस्था को पहले की तरह करने की मांग की गई।

​शासकीय भूमि आवंटन पर रोक: ग्राम रसनी में पंचायत की मर्जी के बिना 56 एकड़ सरकारी जमीन के आवंटन पर तुरंत रोक लगाने की बात कही गई।

​ ट्रेन स्टॉपेज और सिटी बस का विस्तार: आरंग रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) और रायपुर की सिटी बस सेवा को भानसोज से आगे फरफौद और खौली तक बढ़ाने की मांग की ताकि यात्रियों को आसानी हो।

​ स्कूलों का उन्नयन (अपग्रेड): शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए रसनी और पारागांव के हाईस्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल बनाने की मांग रखी।

धान खरीदी केंद्र की बहाली: ग्राम रसनी में राज्यपाल की मंजूरी के बाद स्वीकृत धान खरीदी केंद्र को रद्द किए जाने पर नाराजगी जताते हुए इसे दोबारा शुरू करने की मांग की गई।

अवैध शराब पर रोक: गांवों में बढ़ रही अवैध शराब की बिक्री पर तुरंत लगाम लगाने की मांग की गई।

​मनरेगा में 100 दिन का रोजगार: मनरेगा में रोजगार कटौती पर चिंता जताते हुए कहा गया कि ग्रामीणों को अभी 20 दिन का काम भी नहीं मिला है। हर पात्र परिवार को पूरे 100 दिनों का रोजगार दिया जाए।

​रुका हुआ विकास फंड जारी हो: अलग-अलग ग्राम पंचायतों में पास हो चुके विकास कार्यों के लिए अटकी हुई राशि (फंड) को जल्द से जल्द जारी किया जाए।

​"ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को दूर करना शासन-प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। क्षेत्र की जनता  के लिए हमारी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।"

 — वतन चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य .

पेयजल संकट दूर करने रीवा में जल प्रबंधन पर महामंथन आज,एसडीएम और भूगर्भ वैज्ञानिक देंगे संरक्षण के गुर

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आरंग- ग्राम पंचायत रीवा में गहराते पेयजल संकट से निपटने के लिए आज सोमवार को जल प्रबंधन एवं संरक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन होगा। पीपला वेलफेयर फाउंडेशन और समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अफसर, विशेषज्ञ और ग्रामीण एक मंच पर जुटेंगे। फाउंडेशन के संयोजक महेन्द्र कुमार पटेल ने बताया कि गांव में पानी की विकट समस्या को देखते हुए साल 2025 से यह कार्यशाला लगातार आयोजित की जा रही है, जिसके अब तक बेहद सकारात्मक परिणाम मिले हैं। कार्यशाला में मुख्य रूप से आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा, जनपद सीईओ अभिषेक बेनर्जी, पीएचई विभाग से ईई अनिल बच्चन, एसडीओ शुभ्रा बघेल, इंजीनियर रानू दिनकर और जिओ हाइड्रोलॉजिस्ट घनश्याम वर्मा,देवव्रत साहू शामिल होकर ग्रामीणों को वाटर रिचार्जिंग व जल सहेजने की तकनीक सिखाएंगे। इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर, जनपद सदस्य कृष्णा महेश साहू, सरपंच घंसियाराम साहू और फाउंडेशन के संरक्षक आनंदराम पत्रकारश्री,अध्यक्ष दूजेराम धीवर, शिक्षाविद मुरली मनोहर देवांगन, समाजसेवी पायलेट ओ के तिवारी,सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।




पर्यावरण संरक्षण पर रील्स/वीडियो बनाने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स जीतेंगे नकद इनाम

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पीपला वेलफेयर फाउंडेशन की अनोखी पहल 

आरंग/रायपुर- पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए 'पीपला वेलफेयर फाउंडेशन छत्तीसगढ़' ने एक बेहद अनूठा और आकर्षक जनजागरण अभियान शुरू किया है। आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया की ताकत को पहचानते हुए संस्था ने युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पर्यावरण से जोड़ने के लिए एक 'वीडियो बनाओ, इनाम पाओ' प्रतियोगिता की घोषणा की है। इस अभियान का डिजिटल मीडिया पार्टनर www.media24media.com है।

संस्था का मुख्य ध्येय वाक्य है:

​"जब तक पौधा, पेड़ न बन जाए। तरु-मित्र बनकर फर्ज निभाएं।"

​ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए सुनहरा मौका 

​इस अभियान के तहत कंटेंट क्रिएटर्स और रील्स बनाने वाले युवाओं को पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के महत्व पर केंद्रित वीडियो बनाने होंगे। चयनित उत्कृष्ट वीडियो क्रिएटर्स को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कारों की श्रेणी इस प्रकार है:-

पुरस्कार राशि 

मोबाइल मास्टर आरंग की ओर से प्रथम पुरस्कार ₹ 2001/- नगद एवं प्रशस्ति पत्र, पीपला वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से 

द्वितीय पुरस्कार ₹ 1501/- नगद एवं प्रशस्ति पत्र एवं मोबाइल मास्टर आरंग की ओर से ही 

तृतीय पुरस्कार ₹ 1001/- नगद एवं प्रशस्ति पत्र

प्रतियोगिता के नियम और शर्तें: 

​ वीडियो की अवधि: रील्स या वीडियो की लंबाई 30 से 60 सेकंड के बीच होनी चाहिए।

​अपलोड और टैगिंग: वीडियो बनाने के बाद इसे अपने इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट करना होगा। पोस्ट करते समय #piplawelfarefoundation और facebook पर Media24Media पेज पर  अनिवार्य रूप से टैग करना होगा।

​अंतिम तिथि: प्रविष्टि टैग करने की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है (जो आवश्यकतानुसार परिवर्तनीय है)।

​ विशेष प्राथमिकता: वीडियो में 'पीपला फाउंडेशन' का लोगो इस्तेमाल करने वाले क्रिएटर्स को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।

नियम व व्यवस्था 

​आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से एक  जनजागरण अभियान है। इसमें विजेताओं के चयन का सर्वाधिकार संस्था के पास सुरक्षित रहेगा और किसी भी स्तर पर कोई दावा-आपत्ति या चुनौती मान्य नहीं होगी।

व्हाट्सएप पर करें संपर्क: 

प्रतियोगिता और अभियान से जुड़ी किसी भी प्रकार की अधिक जानकारी के लिए प्रतिभागी केवल व्हाट्सएप नंबर 9753896810 पर संपर्क कर सकते हैं।

​संस्था ने प्रदेश के सभी ऊर्जावान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और पर्यावरण प्रेमियों से इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और धरती को हरा-भरा बनाने में अपना डिजिटल योगदान देने की अपील की है।

अश्लील वीडियो से ब्लैकमेलिंग के बीच युवक की हत्या, महिला समेत तीन गिरफ्तार

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 कवर्धा। कबीरधाम जिले में युवक की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, अश्लील वीडियो के आधार पर कथित ब्लैकमेलिंग और दबाव से परेशान एक महिला ने अपने पति और देवर के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी। घटना के बाद शव को बोरी में भरकर दूसरे स्थान पर फेंक दिया गया था। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


पुलिस के मुताबिक, चौकी पोंडी क्षेत्र के ग्राम बैहरसरी निवासी कोमल वर्मा 28 मई की रात से लापता था। परिजनों ने अगले दिन उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी दौरान थाना पांडातराई क्षेत्र के ग्राम सोंढा में एक बोरी के भीतर युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की कॉल डिटेल और उसकी अंतिम लोकेशन की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि घटना से पहले उसकी लगातार बातचीत मंदाकिनी वर्मा नामक महिला से हो रही थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि मृतक उसके निजी वीडियो के आधार पर उसे कथित रूप से ब्लैकमेल कर रहा था। आरोप है कि वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर लगातार दबाव बनाता था। घटना वाली रात भी उसने महिला को मिलने के लिए कहा था।

महिला के बयान के अनुसार, इसी दौरान युवक को घर बुलाया गया, जहां उस पर लोहे के पाना से हमला किया गया। बाद में महिला, उसके पति रामस्नेही वर्मा और देवर ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरी में भरकर ट्रैक्टर के जरिए दूसरे स्थान पर ले जाकर फेंक दिया गया।

पुलिस ने मामले में महिला, उसके पति और देवर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

’मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव: मुख्यमंत्री साय ने कहा - यह प्रदेश की प्रतिभा और विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलने का क्षण’

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जब देश का सर्वाेच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।


मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडि़यों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि ष्एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढि़यों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत - सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित  थे।

कल शराब खरीदने का नहीं मिलेगा मौका, जिले में ड्राई डे घोषित

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 गरियाबंद। त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जनपद पंचायत छुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत करकरा में सरपंच पद के उपचुनाव को देखते हुए संबंधित क्षेत्र में शुष्क दिवस (ड्राई डे) घोषित किया गया है।


कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बी.एस. उइके ने जारी आदेश में खड़मा स्थित विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान को मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व बंद रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश के तहत निर्धारित अवधि में शराब की बिक्री, वितरण और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासन का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा मतदाताओं को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष वातावरण उपलब्ध कराने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में अवैध शराब के संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।

जिला प्रशासन ने आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

 

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