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‘महिला गजनी’ टिप्पणी से सियासी संग्राम, प्रियंका गांधी के गाजा बयान पर भाजपा का हमला

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इजराइल यात्रा को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा गाजा में ‘नरसंहार’ का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर तीखा हमला बोला है।


भाजपा ने प्रियंका गांधी को “भारतीय राजनीति की महिला गजनी” करार देते हुए उन पर ‘सुविधाजनक आक्रोश’ दिखाने का आरोप लगाया। ‘महिला गजनी’ का संदर्भ 2008 की फिल्म गजनी के उस किरदार से जोड़ा गया है, जिसे अल्पकालिक स्मृति हानि होती है। भाजपा का कहना है कि प्रियंका गांधी को गाजा का मानवीय संकट दिखता है, लेकिन 7 अक्टूबर को इजराइल में हुए हमलों का जिक्र नहीं करतीं।

यह विवाद उस समय सामने आया जब प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा से पहले उम्मीद जताई कि वे इजराइली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए गाजा में कथित ‘नरसंहार’ का मुद्दा उठाएं और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करें। केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत को दुनिया को सत्य, शांति और न्याय का मार्ग दिखाते रहना चाहिए।

उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “भारतीय राजनीति की ‘महिला गजनी’ वापस आ गई हैं।” उन्होंने प्रियंका गांधी की एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें वे ‘फलस्तीन’ लिखा बैग लिए नजर आ रही हैं।

भाटिया ने आरोप लगाया कि संसद में ‘फलस्तीन’ लिखा बैग ले जाना आसान है, लेकिन 7 अक्टूबर को 1,200 से अधिक लोगों की हत्या, महिलाओं के अपहरण और यौन हिंसा की निंदा करना प्रियंका गांधी के लिए कठिन है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों की निंदा के लिए नैतिक साहस चाहिए और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठना पड़ता है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है। पिछले नौ वर्षों में यह उनकी इजराइल की दूसरी यात्रा बताई जा रही है।

बिलासपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

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 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सुबह प्राप्त इस संदेश में हाईकोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई थी, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं।


सूचना मिलते ही एसएसपी रजनेश सिंह खुद टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर सख्त जांच शुरू कर दी गई है।

हाईकोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं। फिलहाल ई-मेल की सत्यता और स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

विधानसभा में आंकड़ों पर बवाल: चरणदास महंत ने उठाया गलत जानकारी का मुद्दा, अरुण साव बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण और उससे जुड़ी जानकारी में विसंगतियों को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने अधिकारियों पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।


पहले 26, फिर 21 – सही आंकड़ा कौन सा?

डॉ. महंत ने सदन में कहा कि एसटीपी की संख्या को लेकर दो बार संशोधित उत्तर भेजे गए। पहले जवाब में 26 एसटीपी का उल्लेख था, जबकि बाद में संशोधित उत्तर में संख्या 21 कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सही आंकड़ा क्या है और बार-बार संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी?

सरकार का पक्ष

इस पर उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने स्वीकार किया कि संशोधित उत्तर बाद में उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रहे हैं।
मंत्री के अनुसार 12 नगरीय निकायों में 21 एसटीपी स्वीकृत हैं, जबकि 68 नगरीय निकायों में कुल 96 एसटीपी को मंजूरी दी गई है।

गुमराह करने वालों पर क्या कार्रवाई?

नेता प्रतिपक्ष महंत ने कहा कि उनके क्षेत्र में एसटीपी प्लांट से संबंधित जानकारी मांगने पर हर बार “प्रक्रियाधीन” का जवाब मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अधूरी या गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने तीखे अंदाज में पूछा कि जो अधिकारी गुमराह करने वाले उत्तर दे रहे हैं, उनके लिए किस प्रकार की सजा या कार्रवाई का प्रावधान है?

जांच का आश्वासन

मंत्री अरुण साव ने जवाब में कहा कि पूरे मामले का परीक्षण कराया जाएगा। यदि किसी स्तर पर त्रुटि या लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।

होली पर पूर्ण प्रतिबंध: 4 मार्च को छत्तीसगढ़ में एक बूंद भी नहीं बिकेगी शराब

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने होली पर्व के अवसर पर 4 मार्च 2026 को पूरे प्रदेश में ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया है। मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर से जारी आदेश (File No. GENCOR-3405/1/2026-EXCISE) के तहत होली के दिन राज्यभर में शराब की बिक्री, परोसने और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।


निर्देशों के अनुसार प्रदेश की सभी देशी एवं विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब तथा अन्य सभी लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान 4 मार्च को बंद रहेंगे। किसी भी प्रकार की मदिरा बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी। गेस्ट हाउस, स्टार होटल और निजी क्लबों में संचालित बार भी इस प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शुष्क दिवस के दौरान निजी भंडारण अथवा गैर-लाइसेंस प्राप्त परिसरों में शराब रखने और बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अवैध भंडारण, परिवहन और विक्रय रोकने के लिए जिला एवं राज्य स्तरीय उड़नदस्तों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध स्थानों और वाहनों की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

आबकारी विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शासन ने यह निर्णय होली के दिन कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है। आदेश राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार विशेष सचिव द्वारा जारी किया गया है।

नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026 का भव्य समापन: ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘हर घर स्वदेशी’ के संकल्प के साथ व्यापारियों का महाकुंभ संपन्न

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 रायपुर। राजधानी के बीटीआई ग्राउंड में Confederation of All India Traders (CAIT) द्वारा आयोजित पांच दिवसीय ‘नेशनल ट्रेड एक्सपो 2026’ का गरिमामय समापन हुआ। समापन समारोह में केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ व्यापार जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। अंतिम दिन भारी भीड़ उमड़ी, जिससे स्थानीय कारोबार को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्सपो की सफलता पर ‘कैट’ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन से आम जनता को एक ही छत के नीचे विविध उत्पादों की सुविधा मिली। उन्होंने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और इसी दिशा में नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने बजट में व्यापारिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के विशेष प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलेगी।

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी ने केंद्र और राज्य सरकार के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प की सराहना की और इसे व्यापारिक सुगमता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ की 36 की शक्ति’ का उल्लेख करते हुए प्रदेश को विकसित बनाने का आह्वान किया। साथ ही, प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ विजन में छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका रेखांकित करते हुए ‘हर घर स्वदेशी’ के संकल्प पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के बजट को व्यापारियों और आम जनता के लिए दूरदर्शी और प्रभावी बताया।

कार्यक्रम के अंत में ‘कैट’ पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। समापन अवसर पर यह संकल्प लिया गया कि छत्तीसगढ़ न केवल व्यापार का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। पांच दिवसीय इस आयोजन ने करोड़ों के कारोबार के साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को व्यापक मंच प्रदान कर आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत कदम रखा।

अंधविश्वास पड़ा भारी: सपने के इशारे पर सांप को दूध पिलाने गया युवक, डसने के बाद अस्पताल पहुंचा

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 सीतामढ़ी जिला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सपने को सच मान लेना एक युवक को भारी पड़ गया।


जानकारी के मुताबिक, मेजरगंज प्रखंड निवासी मुकेश पासवान, जो मजदूरी करते हैं, ने दावा किया कि पिछले करीब 15 दिनों से एक सांप उनके सपने में आकर दूध और लावा मांग रहा था। उनका कहना है कि यह सपना उन्हें लगातार कई दिनों तक आता रहा।

बीती रात भी उन्होंने वही सपना देखा। सुबह नींद खुलते ही उन्होंने इसे किसी संकेत की तरह लिया। घर से बाहर निकले तो उन्हें एक सांप दिखाई दिया। सपने को सच मानते हुए वे उसे दूध पिलाने की कोशिश करने लगे।

लेकिन सांप ने दूध नहीं पिया और अचानक मुकेश को डस लिया। डसते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

हालांकि घबराने के बजाय मुकेश ने साहस दिखाया। उन्होंने जिंदा सांप को पकड़कर एक डिब्बे में बंद किया और तुरंत अस्पताल पहुंच गए। सांप को साथ ले जाने से डॉक्टरों को इलाज में सहूलियत मिली।

डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उनकी जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद इलाके में अंधविश्वास को लेकर चर्चा तेज है। स्थानीय लोग ऐसे विश्वासों से दूर रहने और किसी भी सर्पदंश की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील कर रहे हैं।

रेलवे स्टेशन से दो साल की बच्ची का अपहरण, भिखारी गैंग को बेचने की साजिश नाकाम, पढ़े पूरी खबर

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 उत्तर प्रदेश के कानपुर सेंट्रल स्टेशन से मां के साथ सो रही दो साल की बच्ची सीता के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी राजू धीमर ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह बच्ची को दिल्ली के एक भिखारी गैंग को 20 हजार रुपये में बेचने वाला था, ताकि उससे भीख मंगवाई जा सके।


हालांकि, समय रहते जीआरपी और आरपीएफ की सक्रियता से आरोपी को बच्ची समेत पकड़ लिया गया।

ऐसे रची गई साजिश

  • आरोपी बच्ची को चादर में छिपाकर दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया।
  • रात करीब 8 बजे अपहरण की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस अलर्ट हो गई।
  • आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार और जीआरपी प्रभारी ओएन सिंह के नेतृत्व में करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
  • करीब सवा तीन घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को टूंडला से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, जालौन निवासी आरोपी ने सूखे नशे की लत पूरी करने के लिए यह कदम उठाया था।

मां से बिछुड़कर फिर मिली मासूम

मंगलवार सुबह जब बच्ची अपनी मां चंदा देवी से मिली तो मां उसे सीने से लगाकर बिलख पड़ी।

मां ने बताया कि 11 फरवरी को पति से शराब को लेकर विवाद हुआ था। मारपीट के बाद वह 12 फरवरी को ससुराल (निनाया, गजनेर) से मायके पटना (बिहार) चली गई थी। परिवार के कहने पर 22 फरवरी को वह अपने तीनों बच्चों के साथ वापस कानपुर पहुंची। रात होने के कारण वह स्टेशन के पैदल यात्री पुल पर ही सो गई थी, तभी बच्ची का अपहरण हो गया।

पुलिस की तत्परता से बची मासूम की जिंदगी

रेलवे पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

यह घटना रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मोबाइल रखने की सजा या बर्बरता? नवोदय स्कूल में छात्रों को लाठी-डंडों से पीटा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय, बोरई में मोबाइल रखने के आरोप में 8 से 9 छात्रों की कथित रूप से बेरहमी से पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, छात्रों को वाइस-प्रिंसिपल के केबिन में बुलाकर लाठी-डंडों से पीटा गया, जिससे कुछ बच्चों को अंदरूनी चोटें भी आईं। एक छात्र के संवेदनशील अंग पर भी प्रहार किए जाने का आरोप है।


क्या है पूरा मामला?

  • कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मोबाइल रखने के आरोप में बुलाया गया।
  • आरोप है कि शिक्षक पीयूष कुमार और पीटी शिक्षक रविशंकर मंडलोई ने छात्रों की पिटाई की।
  • घटना 21 फरवरी (शनिवार) की बताई जा रही है।
  • छात्रों ने 22 फरवरी की रात करीब 10 बजे परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी।

परिजनों की शिकायत और पुलिस कार्रवाई

छात्र के पिता डोमन देशलहरा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित शिक्षकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

मामले की जांच जारी है और छात्रों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, ताकि चोटों की पुष्टि हो सके।

यह घटना स्कूलों में अनुशासन के नाम पर शारीरिक दंड के मुद्दे को फिर से चर्चा में ले आई है। शिक्षा के अधिकार कानून और बाल संरक्षण नियमों के तहत बच्चों के साथ शारीरिक हिंसा दंडनीय अपराध है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली ऐतिहासिक प्राथमिकता पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।


उन्होंने कहा कि यह इस सरकार का तीसरा बजट है, जो प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो वर्षो में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यो की दिशा में आगे बढने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है।

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बजट प्रदेश के लिए लाभदायक और हर वर्ग के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री की वित्तीय प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग को व्यापक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक है।

मंत्री जायसवाल ने बताया कि बजट में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर एवं धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण, रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तरों वाले एमसीएच की स्थापना तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगी।

उन्होंने कहा कि दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र, दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टिट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

इसके साथ ही 25 डायलिसिस केंद्र, 50 जन औषधि केंद्र तथा 25 से अधिक PHC, SHC एवं CHC भवन निर्माण का प्रावधान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट तथा रायपुर में राज्य के पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना को भी मंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय बताया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मंत्री जायसवाल ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी के प्रति मैं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

बजट में समग्र छत्तीसगढ़ के विकास की अवधारणा है : अरुण साव

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 CG Budget 2026 : छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य बजट को गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर केंद्रित बताते हुए कहा कि यह बजट समग्र विकास की स्पष्ट अवधारणा के साथ तैयार किया गया है।


उन्होंने कहा कि साय सरकार के पहले वर्ष के बजट की थीम ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) थी। इसके बाद पिछले वर्ष ‘गति’ (गुड गवर्नेंस, एक्सीलेरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ) की रणनीति अपनाई गई। इस वर्ष इन दोनों की निरंतरता को आगे बढ़ाते हुए बजट को ‘संकल्प’ (समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और पॉलिसी से परिणाम तक) की अवधारणा पर आधारित किया गया है।

 अधोसंरचना और शहरी विकास पर जोर

  • लोक निर्माण विभाग के लिए 9451 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • जल जीवन मिशन के लिए 3000 करोड़ रुपये।

मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, जिससे नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में बुनियादी ढांचे, नागरिक सेवाओं और स्वच्छता में सुधार होगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में बजट में 30 गुना वृद्धि ऐतिहासिक है। इससे स्कूलों में बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप सुविधाएं बढ़ेंगी और डिजिटल लर्निंग के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जाएगी।

उन्होंने सड़कों के जाल के विस्तार और आधुनिक शहरी नियोजन को राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस ऐतिहासिक बजट के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai और वित्त मंत्री OP Choudhary के प्रति आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य क्षेत्र पर बड़ा फोकस

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 CG Budget 2026 : छत्तीसगढ़ शासन ने बजट 2026-27 में महिला सशक्तिकरण, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं।


 महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए विशेष प्रावधान

🔹 महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान।
🔹 250 महतारी सदन निर्माण हेतु 75 करोड़ रुपये।
🔹 आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये, जिसमें:

पूरक पोषण आहार योजना – 650 करोड़

कुपोषण मुक्ति योजनाएं – 235 करोड़

🔹 250 शहरी और 500 ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रुपये।
🔹 प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना के लिए 120 करोड़ रुपये।
🔹 मिशन वात्सल्य योजना हेतु 80 करोड़ रुपये।

 नई योजना: रानी दुर्गावती योजना

Rani Durgavati के नाम पर शुरू की जा रही इस योजना के तहत बालिका के 18 वर्ष पूर्ण करने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए बड़े प्रावधान

🔹 शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये — शासकीय और निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज।
🔹 25 विकासखंडों में डायलिसिस कैंप और 50 विकासखंडों में जनऔषधि केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
🔹 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2000 करोड़ रुपये।
🔹 रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज खोला जाएगा।
🔹 इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब हेतु 25 करोड़ रुपये।
🔹 मेकाहारा रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में विस्तार और AI आधारित उपचार के लिए 10 करोड़ रुपये।

🔹 रायपुर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज तथा आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में इंटर्न्स के हॉस्टल निर्माण हेतु 35 करोड़ रुपये।
🔹 मितानिन कल्याण निधि – 350 करोड़ रुपये।
🔹 PM ABHIM – 190 करोड़ रुपये।
🔹 प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना – 183 करोड़ रुपये।
🔹 राष्ट्रीय आयुष मिशन – 120 करोड़ रुपये।

 स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार

🔹 राज्य कैंसर संस्थान, बिलासपुर के लिए सेटअप।
🔹 25 से अधिक SHC, PHC और CHC भवनों का निर्माण।
🔹 220 बिस्तर जिला अस्पताल, अंबिकापुर एवं 200 बिस्तर जिला अस्पताल, धमतरी का निर्माण।
🔹 जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र – दुर्ग, कोण्डागांव, जशपुर और रायपुर में भवन निर्माण।
🔹 रामनगर (रायपुर) और कुंडा (कबीरधाम) PHC का CHC में उन्नयन।
🔹 200 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल कालीबाड़ी, रायपुर एवं 200 बिस्तर जिला अस्पताल चिरमिरी का सेटअप।
🔹 मेडिकल कॉलेज – दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और जशपुर में संचालन व्यवस्था।
🔹 नर्सिंग कॉलेज – कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़ और महासमुंद के लिए प्रावधान।

 कुल मिलाकर

यह बजट महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, पोषण सुधार, बालिका संरक्षण और राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार पर केंद्रित नजर आता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़े निवेश किए गए हैं।

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी

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 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इस संबंध में केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संसद में पेश किया जाएगा।


केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद, विधेयक को संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधानों के तहत विचार-विमर्श के लिए राज्य विधानसभा को भेजा जाएगा। राज्य विधानसभा की राय प्राप्त होने के बाद केंद्र सरकार राष्ट्रपति की अनुशंसा लेकर विधेयक को संसद में प्रस्तुत करेगी।

विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा तेज

राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नहीं की गई है।

इसी वर्ष जनवरी में केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन को पत्र लिखकर राज्य का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि ‘केरलम’ नाम राज्य के इतिहास, भाषा और सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है और इसे पुनर्स्थापित करना विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

चंद्रशेखर ने अपने पत्र के जवाब के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि भाजपा और एनडीए राज्य की परंपराओं, संस्कृति और आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “विकसित केरल, सुरक्षित केरल और आस्था की रक्षा” केवल नारे नहीं, बल्कि उनका मिशन है।

आगे क्या?

संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संसद में विधेयक पेश किया जाएगा। संसद की मंजूरी मिलने पर आधिकारिक रूप से राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ किया जा सकेगा।

यह प्रस्ताव राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले समय में इस पर व्यापक बहस की संभावना है।

वित्ती मंत्री चौधरी कर रहे छत्तीसगढ़ सरकार का तीसरा बजट पेश, यहां देखें LIVE...

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का तीसरा बजट आज विधानसभा में पेश किया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट भाषण के दौरान शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।


यहां देखें लाइव

 शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े प्रावधान

वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं के करियर मार्गदर्शन को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत:






















  • नालंदा लाइब्रेरी को करियर एवं उद्यमिता मार्गदर्शन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता
  • तीन योजनाओं हेतु कुल 33 करोड़ रुपये का प्रावधान
  • मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना की शुरुआत — 10 करोड़ रुपये
  • इस योजना के तहत छात्रों के हॉस्टल खर्च का वहन सरकार करेगी
  • इसके अलावा कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के लिए 75 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

 एविएशन सेक्टर में बड़ा निवेश

राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने कई अहम घोषणाएं कीं:

  • बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट के विकास के लिए 80 करोड़ रुपये
  • कोरबा में एयर स्ट्रिप उन्नयन का प्रावधान
  • नई “सीजी वायु योजना” शुरू — 30 करोड़ रुपये का बजट
  • सरकार का लक्ष्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना और राज्य के अंदर हवाई सेवाओं का विस्तार करना है।

 स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी घोषणा

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य में तीन नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे:

  • कुनकुरी
  • मनेन्द्रगढ़
  • दंतेवाड़ा

सरकार का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

 कुल मिलाकर बजट में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है, जिससे युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

Union Budget 2026–27 में पर्यटन विकास: भारत को वैश्विक पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की रणनीति

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मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • केंद्रीय बजट 2026–27 में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में मंदिरों और मठों के संरक्षण, तीर्थ केंद्रों के विकास और कनेक्टिविटी व सुविधाओं में सुधार का प्रस्ताव है।

  • भारत पहला ग्लोबल बिग कैट समिट आयोजित करेगा, जिसमें 95 देशों के नेता और मंत्री भाग लेंगे, जिससे इको-टूरिज्म में भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका मजबूत होगी।

  • पूर्वोदय राज्यों में पाँच प्रमुख पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे और कनेक्टिविटी के लिए 4,000 ई-बसें दी जाएंगी।

  • पाँच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे ताकि भारत मेडिकल टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बन सके।

  • 15 पुरातात्विक स्थलों (जैसे लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर, लेह पैलेस आदि) को सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

परिचय

पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो रोजगार, विदेशी मुद्रा और क्षेत्रीय विकास में बड़ी भूमिका निभाता है।
2025 के पर्यटन डेटा के अनुसार:

  • पर्यटन का कुल योगदान GDP में 5.22% है।

  • प्रत्यक्ष योगदान 2.72% है।

  • रोजगार में कुल योगदान 13.34% और प्रत्यक्ष रोजगार 5.82% है।

इसलिए सरकार ने पर्यटन को एक रणनीतिक विकास क्षेत्र माना है और बजट 2026–27 में इसे मजबूत करने के लिए कई योजनाएँ घोषित की हैं।

Union Budget 2026–27: पर्यटन से जुड़े प्रमुख घोषणाएँ

थीम आधारित और गंतव्य आधारित पर्यटन विकास

  • पूर्वोत्तर भारत में बौद्ध सर्किट विकास योजना शुरू की जाएगी।

  • इसमें मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थ केंद्र, कनेक्टिविटी सुधार और सुविधाएँ शामिल होंगी।

  • इससे आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।

यह योजना पहले की स्वदेश दर्शन योजना (2014–15) और स्वदेश दर्शन 2.0 पर आधारित है।

इको-टूरिज्म और कनेक्टिविटी

  • हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, अराकू घाटी और पश्चिमी घाट में प्राकृतिक ट्रेल्स और पर्वतीय पर्यटन विकसित होंगे।

  • ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुआ ट्रेल्स और आंध्र प्रदेश में बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स विकसित होंगे।

  • रेल और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी ताकि दूरस्थ पर्यटन स्थलों तक पहुँच आसान हो।

ग्लोबल बिग कैट समिट 2026

  • भारत 2026 में पहला वैश्विक बिग कैट सम्मेलन आयोजित करेगा।

  • इसमें 95 देशों के नेता और मंत्री भाग लेंगे।

  • इसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण, वैज्ञानिक सहयोग और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देना है।

  • भारत के पास 7 में से 5 बड़ी बिल्ली प्रजातियाँ हैं –

    • बाघ,

    • शेर,

    • तेंदुआ,

    • हिम तेंदुआ,

    • चीता।

संस्थागत और मानव संसाधन सुधार

  • नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा।

  • 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • इससे पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता और रोजगार बढ़ेगा।

डिजिटल और विरासत अवसंरचना

  • नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाया जाएगा, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का डिजिटल दस्तावेज़ बनेगा।

  • 15 ऐतिहासिक स्थलों को इमर्सिव सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा, जैसे:

    • लोथल

    • धोलावीरा

    • राखीगढ़ी

    • सारनाथ

    • हस्तिनापुर

    • लेह पैलेस

मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म

  • 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित होंगे।

  • इसमें आधुनिक अस्पताल, आयुष केंद्र, पुनर्वास सुविधाएँ और मेडिकल टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा।

  • भारत को वैश्विक हेल्थ टूरिज्म हब बनाने का लक्ष्य है।

 पूर्वोदय राज्यों पर विशेष ध्यान

  • बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 5 प्रमुख पर्यटन स्थल विकसित होंगे।

  • 4,000 इलेक्ट्रिक बसें कनेक्टिविटी के लिए दी जाएंगी।

  • उद्देश्य: पूर्वी भारत को पर्यटन और विकास का नया केंद्र बनाना।

निष्कर्ष

Union Budget 2026–27 में पर्यटन को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बनाने की रणनीति अपनाई गई है।
सरकार का फोकस:

  • बुनियादी ढाँचा

  • सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत संरक्षण

  • डिजिटल सिस्टम

  • कौशल विकास

  • मेडिकल और इको-टूरिज्म

  • क्षेत्रीय विकास

इन कदमों से रोजगार बढ़ेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य बनेगा।


Chhattisgarh Budget 2026 : सीएम साय का संदेश- हर वर्ग के सशक्तीकरण का आधार बनेगा 2026-27 का बजट

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए जा रहे राज्य के बजट को प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि नवीन विधानसभा भवन में प्रस्तुत होने जा रहा हमारी सरकार का यह तीसरा बजट विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार के विज़न को नई मजबूती प्रदान करेगा।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रदेश के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार प्रदान करेगा और विकास की गति को और तेज करेगा। यह बजट राज्य के बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा तथा मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के अपने संकल्प पर दृढ़ है और यह बजट उस दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट से प्रदेश आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को आगामी बजट के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला साबित होगा।

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