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’मत्स्य पालकों को मिली नई उड़ान, आजीविका सशक्त बनाने मुख्यमंत्री ने वितरित की आधुनिक सामग्री’

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 रायपुर : सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिले के मत्स्य पालकों एवं मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न आधुनिक उपकरण एवं सामग्री प्रदान की गई।


मुख्यमंत्री साय ने ग्राम मालाकोट के कमल सिंह नेताम एवं ग्राम जोबा के नरेंद्र कश्यप को मोटर साइकिल और आइस बॉक्स प्रदान किए। इन संसाधनों के माध्यम से अब दोनों हितग्राही अपनी मछलियों को सुरक्षित तरीके से दूरस्थ बाजारों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनके व्यवसाय को नई गति मिलेगी।

हितग्राहियों ने बताया कि पहले मछलियों के परिवहन और संरक्षण में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आइस बॉक्स उपलब्ध होने से अब मछलियों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी और उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। वहीं मोटर साइकिल मिलने से परिवहन आसान होने के साथ-साथ समय और लागत की भी बचत होगी।

आधुनिक जाल से बढ़ेगा उत्पादन

कार्यक्रम में ग्राम बड़ेकनेरा के ललित बघेल एवं रामलाल नेताम को मछली पकड़ने के लिए आधुनिक जाल वितरित किए गए। हितग्राहियों ने बताया कि नए जाल मिलने से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी तथा व्यवसाय को और अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाया जा सकेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में पहल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मत्स्य पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में आय का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है और सरकार इस क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय और जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मत्स्य पालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन से प्राप्त यह सहयोग उनके व्यवसाय के विस्तार और आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक संसाधनों की मदद से वे अपने मत्स्य व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकेंगे।

कार्यशाला : गहराते जल संकट से बचाव के लिए वाटर रिचार्जिंग और पौधरोपण पर बनी सहमति

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बड़ा सुझाव : क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बांध निर्माण की उठी मांग


आरंग। ग्राम पंचायत रीवा में लगातार गहराते पेयजल संकट से निपटने और पानी सहेजने की मुहिम को गति देने के लिए सोमवार को जल प्रबंधन एवं संरक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मंथन के अंत में सभी विशेषज्ञों और अतिथियों ने गांव में पानी रिचार्ज सिस्टम निर्माण और मानसून में अधिक से अधिक पौधरोपण करने का सुझाव दिया जिसे ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।


पीपला वेलफेयर फाउंडेशन और समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, भू-जल विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, समाजसेवी और ग्रामीण एक मंच पर जुटे और संकट से उबरने के लिए सामूहिक रणनीति तैयार की। कार्यशाला में पहुंचे जियो हाइड्रोलॉजिस्ट घनश्याम वर्मा और देवव्रत साहू ने रीवा गांव की भूगर्भीय (जमीन के भीतर की) संरचना की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को वाटर रिचार्जिंग और वर्षा जल को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जमीन के भीतर भेजने की सरल विधियों के बारे में विस्तार से समझाया। रीवा के सरपंच घसियाराम साहू और ग्रामीणों ने गांव के दर्द को साझा करते हुए कहा कि हमारा क्षेत्र लंबे समय से पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा है। इस संकट को दूर करने के लिए अब पूरे गांव को एक होकर उचित प्रबंधन करना होगा। वहीं जनपद सदस्य प्रतिनिधि महेश साहू ने कहा कि यह समस्या केवल एक गांव की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की है, जिसके स्थायी समाधान के लिए बड़े स्तर पर कार्ययोजना बनाकर बांध बनाने की बेहद आवश्यकता है। कार्यशाला में समाजसेवी कैप्टन ओके तिवारी ने कई प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर ग्रामीणों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया। कृषि वैज्ञानिक कृष्ण कुमार साहू ने खेती और जीवन में जल की महत्ता बताई, पीएचई विभाग की इंजीनियर रानू दिनकर ने जल समस्या के निवारण के लिए किए जा रहे शासकीय प्रयासों की जानकारी दी।

भविष्य में जल के लिए हो सकता है अगला विश्व युद्ध

वहीं पीपला फाउंडेशन के संरक्षक व समाजसेवी आनंदराम पत्रकारश्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि भविष्य में कभी विश्व युद्ध हुआ तो वह केवल जल के लिए होगा। इसलिए हमें जल संरक्षण की ओर अभी से ठोस कदम उठाने होंगे।

जबकि समाजसेवी महेन्द्र पटेल ने चुनौतियों से निपटने के लिए आगामी बरसात में महा-पौधारोपण अभियान चलाने का सुझाव दिया।
इस मौके पर उपसरपंच सूरज साहू, पंचगण मनबोध साहू, वेदप्रकाश साहू, रमेश चंद्राकर,धनेश्वरी ढीढी, चंद्रकली डहरिया, सरिता साहू, योगेश्वरी साहू, सुषमा चंद्राकर, प्रेमलाल साहू, रोहित चंद्राकर, महेन्द्र साहू, अशोक ढीमर, घनश्याम डहरिया,पंच प्रतिनिधि अश्विनी साहू, फत्ते साहू, फाऊंडेशन से महेन्द्र पटेल,ईश्वरी साहू, मेहत्तर साहू, संतोष साहू, नारायण साहू, सुरेन्द्र नसीने व दिनेश साहू सहित अन्य ग्रामीणों की उपस्थिति रही।

क्या RBI ने बेच दिया 12 अरब डॉलर का सोना? वायरल दावे पर PIB ने बताई सच्चाई

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 RBI Gold Reserve : सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचने का दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इस दावे को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की फैक्ट-चेक इकाई प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताया है।


वायरल पोस्ट में एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि RBI ने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए अपने स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) का एक हिस्सा बेच दिया है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि केंद्रीय बैंक ने लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सोना बेचा है।


PIB ने किया दावे का खंडन

PIB की फैक्ट चेक टीम ने मामले की जांच के बाद स्पष्ट किया कि RBI द्वारा 12 अरब डॉलर का सोना बेचने संबंधी दावा पूरी तरह गलत है। PIB ने कहा कि केंद्रीय बैंक के आधिकारिक आंकड़े इस दावे की पुष्टि नहीं करते हैं और सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी भ्रामक है।

RBI के आंकड़े क्या कहते हैं?

RBI के अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

  • सितंबर 2025 के अंत में सोने की हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी।
  • 31 मार्च 2026 तक यह बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई।
  • 22 मई 2026 तक यह और बढ़कर 16.85 प्रतिशत पहुंच गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि RBI ने बड़े पैमाने पर सोना बेचा होता, तो विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ने के बजाय घटती दिखाई देती।

मासिक बुलेटिन में उपलब्ध होती है जानकारी

RBI अपने मासिक बुलेटिन में स्वर्ण भंडार और उसके भौतिक स्टॉक से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करता है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, उपलब्ध आंकड़ों में ऐसा कोई संकेत नहीं है जिससे यह साबित हो कि हाल के दिनों में स्वर्ण भंडार में बड़ी कमी आई है।


PIB ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल Media पर वायरल हो रही अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करें।

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल रमेन डेका सख्त, बोलेः नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहीं

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध व बेतरतीब रेत उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस पर तत्काल व प्रभावी रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि रेत राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण के लिए एक अनिवार्य खनिज है, परंतु इसके अनियंत्रित और अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है।


लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव  पी. दयानंद से इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत चर्चा की और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विकास की रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बना रहे।

अनियंत्रित खनन से पर्यावरण और भू-जल स्तर को खतरा

राज्यपाल ने अवैध उत्खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंधाधुंध खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नदी के तल में अत्यधिक गहराई तक खुदाई होने से उनकी जलधारण क्षमता घट रही है, जिसका सीधा प्रतिकूल असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। नदी तटों के तीव्र कटाव की समस्या बढ़ रही है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों व बड़े नालों की जल क्षमता को बनाए रखने तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अब दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।

आई आई टी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से कराया जाएगा वैज्ञानिक सर्वे

भविष्य की कार्ययोजना पर बात करते हुए राज्यपाल श्री डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के सटीक आकलन, तकनीकी अध्ययन और सर्वे के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई टी) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है।

पारदर्शी व्यवस्था और कड़ी निगरानी के निर्देश

राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए रेत बेहद जरूरी है, लेकिन इसका दोहन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।

राजधानी में बड़ा अग्निकांड, रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 21 लोगों की मौत

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 Delhi Restaurant Fire: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में आज बुधवार सुबह एक होटल-रेस्टोरेंट परिसर में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।


जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:50 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ-साथ फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया। (Delhi Restaurant Fire)

बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत के बेसमेंट में मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए। दमकल कर्मियों ने अब तक 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। वहीं 7 से 8 घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

होटल और रेस्टोरेंट दोनों संचालित थे

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस भवन में आग लगी वहां होटल और रेस्टोरेंट दोनों का संचालन किया जा रहा था। इमारत के बेसमेंट में भी कमरे बने हुए थे। घटना के समय भवन में 50 से अधिक लोगों के मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। मालवीय नगर के पूर्व विधायक सोमनाथ भारती के अनुसार, आग पहले रसोईघर (किचन) तक पहुंची और बाद में होटल की ऊपरी मंजिलों में फैल गई। धुएं और गैस के कारण कई लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा।

पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने व्यक्त की संवेदना

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दुखद घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है तथा राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। (Delhi Restaurant Fire)

CG NEWS : खेलते-खेलते काल बना मोबाइल बैटरी का धमाका, मासूम ने तोड़ा दम

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 सूरजपुर। जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मपुर गांव में एक दर्दनाक हादसे में एक वर्षीय मासूम की जान चली गई। घर के बाहर खेलते समय खराब मोबाइल की बैटरी फटने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुर निवासी महेंद्र सिंह नेताम का एक वर्षीय पुत्र आदित्य सिंह 31 मई की शाम घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान बच्चों के पास एक पुरानी और खराब मोबाइल बैटरी आ गई। खेल-खेल में अचानक बैटरी में जोरदार विस्फोट हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद बच्चे घबराकर भाग गए, लेकिन मासूम आदित्य उसकी चपेट में आ गया। हादसे में बच्चे का चेहरा, सीना, पेट और हाथ गंभीर रूप से झुलस गए।

बताया जाता है कि घटना के समय बच्चे की मां घर के पास पानी भरने गई हुई थी। विस्फोट की आवाज सुनकर वह तत्काल मौके पर पहुंची, जहां उसका बेटा गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा मिला। रात करीब 9 बजे पिता महेंद्र सिंह नेताम के घर पहुंचने पर बच्चे को तत्काल प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सूरजपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से भी हालत नाजुक होने पर उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

इस घटना ने एक बार फिर खराब और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा बैटरियों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने की आवश्यकता को उजागर किया है।

CG NEWS : मेला स्थल के पास गिरी आकाशीय बिजली, महिला की मौत, 11 घायल

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 दंतेवाड़ा। जिले के चंदेनार क्षेत्र में बुधवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेला स्थल के समीप गिरी बिजली की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद मेले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदेनार क्षेत्र में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही आसपास मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।

हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों ने घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी।

इस हादसे के बाद प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। साथ ही मृतक के परिजनों को शासन की ओर से नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भिलाई में CBI की बड़ी कार्रवाई: CGPSC भर्ती घोटाले में पूर्व सचिव जे.के. ध्रुव के घर छापा, दस्तावेजों की जांच जारी

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 भिलाई। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती अनियमितता मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार सुबह भिलाई में बड़ी कार्रवाई की। CBI की टीम ने आयोग के पूर्व सचिव जीवन किशोर (जे.के.) ध्रुव के सेक्टर-10 स्थित निवास पर दबिश देकर दस्तावेजों की जांच शुरू की।


जानकारी के अनुसार, सुबह तड़के CBI की दो अलग-अलग टीमें ध्रुव के घर पहुंचीं। टीम के अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की तथा मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। ध्रुव की गिरफ्तारी के बाद यह दूसरा अवसर है जब जांच एजेंसी उनके निवास पर पहुंची है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चर्चित CGPSC भर्ती मामले में अब तक 29 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। इनमें पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक सहित कई अधिकारी और अभ्यर्थी शामिल हैं।

यह मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के रिश्तेदारों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के लिए योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी की गई। इसके चलते डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर हुए चयन सवालों के घेरे में आ गए थे।

राज्य में सरकार परिवर्तन के बाद जुलाई 2023 में मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी। इसके बाद एजेंसी ने जांच तेज करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की।

CBI की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने कथित रूप से नियमों में बदलाव कर अपने परिजनों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। जांच एजेंसी के अनुसार, चयन प्रक्रिया में "रिश्तेदार" शब्द को "परिवार" से बदलने सहित अन्य अनियमितताओं के आरोप जांच के दायरे में हैं। प्रश्नपत्र लीक कर परीक्षा में लाभ पहुंचाने संबंधी आरोपों की भी जांच की जा रही है।

मामले में तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप नियंत्रक ललित गणवीर सहित अन्य अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल मामले के कई प्रमुख आरोपी रायपुर सेंट्रल जेल में निरुद्ध हैं।

CBI द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों में टामन सिंह सोनवानी के अलावा बजरंग पावर एंड इस्पात कंपनी के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके पुत्र शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, उप नियंत्रक ललित गणवीर, निशा कोसले, दीपा आदिल, सुमित ध्रुव समेत कई अन्य नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ आरोपियों को न्यायालय से जमानत भी मिल चुकी है।

फिलहाल CBI की जांच और छानबीन जारी है तथा एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

मां और दामाद के कथित संबंधों के विवाद में किशोरी की मौत, मां और पति गिरफ्तार

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 अररिया। बिहार के अररिया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 16 वर्षीय एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसकी मां और पति पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने मामले में मृतका की मां और पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।


मृतका की पहचान साजिदा परवीन (16) के रूप में हुई है। घटना प्रेम नगर वार्ड क्रमांक 16 की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि किशोरी की मां और उसके पति के बीच कथित संबंधों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

मृतका के पिता मुदशीर ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उनकी बेटी का विवाह अब्बू नसर (35) से कराया गया था। उनके अनुसार, बेटी इस विवाह के पक्ष में नहीं थी और उम्र के बड़े अंतर को लेकर आपत्ति जता रही थी। बावजूद इसके परिवार के दबाव में विवाह संपन्न कराया गया।

पिता ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन और दामाद अब्बू नसर के बीच कई वर्षों से कथित संबंध थे। उनका कहना है कि विवाह के बाद भी दोनों का संपर्क बना रहा, जिसका विरोध साजिदा करती थी। इसी बात को लेकर परिवार में अक्सर विवाद होता था।

परिजनों के अनुसार, साजिदा ने अपनी मां और पति के कथित संबंधों का विरोध किया था। आरोप है कि इसी कारण उसे प्रताड़ित किया गया और बाद में उसकी मौत हो गई। पिता का दावा है कि घटना के बाद मामले को छिपाने की भी कोशिश की गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

अररिया आरएस थाना प्रभारी अंकुर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच और परिजनों के आरोपों के आधार पर मृतका की मां शाइस्ता परवीन और पति अब्बू नसर को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है तथा मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मां और दामाद के कथित संबंधों का एंगल सामने आया है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

डील नहीं, अब जंग के संकेत? बहरीन-कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमला

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 वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शांति समझौते की संभावनाओं के बीच बुधवार को ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।


अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई अधिकांश मिसाइलें अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकीं या रास्ते में ही नष्ट कर दी गईं। वहीं बहरीन की ओर दागी गई तीन मिसाइलों को अमेरिका और बहरीन की संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया।

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा अमेरिकी 5वीं फ्लीट के मुख्यालय और क्षेत्र में स्थित एयरबेस पर हमले के दावे किए गए हैं, लेकिन अमेरिकी सेना पर किया गया कोई भी हमला सफल नहीं रहा। अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार है।

हमलों के बाद कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। देश के कई हिस्सों में अलार्म बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई। कुवैती सेना ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वायु रक्षा प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों को निष्क्रिय करने में जुटी हुई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो यह टकराव पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक अस्थिरता का कारण बन सकता है।

’विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज’

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 रायपुर : जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।

’कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक’

भारतीय सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

’बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक’

उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए।

’बदलते बस्तर की नई पहचान’

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुंचे बीजापुर के सुदूर गांव कोण्डापल्ली : चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

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 रायपुर : प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं, योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति जानी तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। इसी भावना के साथ सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके समाधान का प्रयास कर रही है।

जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा हितग्राहियों को वनाधिकार मान्यता पत्र, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, किसान हितग्राही योजनाओं सहित विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। उन्होंने लाभार्थियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव और उनके अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक सही समय पर पहुंचे और आमजन को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव हो।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विकास की नई धारा पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासन के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हो रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

जीवन विद्या अध्ययन के सच्चे धारक-वाहक हैं गणेश बागडिया एवं अर्चना बागडिया : गेंदलाल कोकडिया

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महासमुंद- संबंधों की स्वीकृति के बिना कोई व्यक्ति किसी की सेवा नहीं कर सकता। जब तक हम दूसरे व्यक्ति को अपना संबंधी नहीं मानते, तब तक उसके प्रति सेवाभाव विकसित नहीं होता। संबंध, संबंधी और संबंधों के प्रयोजन को समझने से ही उपकार एवं निरंतर सुख का मार्ग प्रशस्त होता है। यह विचार मानवीय शिक्षा शोध केंद्र तेंदुवाही (महासमुंद) के संचालक एवं शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने व्यक्त किए।

वे चेतना विकास मूल्य शिक्षा द्वारा संचालित अभिभावक विद्यालय, कोकड़ी शासकीय विद्यालय में आयोजित मध्यस्थ दर्शन सार सत्र के दौरान भारत के 20 से अधिक राज्यों से आए 100 से अधिक जीवन विद्या अध्ययनार्थियों को संबोधित कर रहे थे।

कोकडिया ने कहा कि मध्यस्थ दर्शन सार सत्र का अध्ययन प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह मानव को समझदार बनने और जीवन को सही दृष्टि से जीने की दिशा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि यह सत्र मध्यस्थ दर्शन के 14 वाग्मयों और लगभग 3600 पृष्ठों के व्यापक ज्ञान का सार है, जिसे 15 दिवसीय पाठ्यक्रम के रूप में संचालित किया जाता है।

उन्होंने गणेश बागडिया एवं अर्चना बागडिया की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों ने अपना तन, मन और धन जीवन विद्या अध्ययन तथा मानवीय शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित कर दिया है। वे जीवन विद्या अध्ययन के सच्चे धारक-वाहक हैं तथा मानव समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। दोनों ने मिलकर देशभर में छह से अधिक जीवन विद्या अध्ययन केंद्र, गायत्री मंदिर तथा प्रज्ञा पीठों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोकडिया ने बताया कि सामाजिक एवं मानवीय कार्यों में कोई बाधा न आए, इस उद्देश्य से गणेश एवं अर्चना बागडिया ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा और जीवन विद्या के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि इनका जीवन सादगी, सरलता और सज्जनता का प्रेरणादायी उदाहरण है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को जीवन विद्या अध्ययन से परिचित कराने में गणेश बागडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रोफेसरगण एवं जीवन विद्या से जुड़े विभिन्न कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उन्होंने डॉ. कलाम को इस अध्ययन पद्धति से अवगत कराया। बाद में राष्ट्रपति पद पर रहते हुए डॉ. कलाम स्वयं कानपुर स्थित मानवीय शिक्षा संस्कार केंद्र पहुंचे थे तथा जीवन विद्या अध्ययन एवं चेतना विकास मूल्य शिक्षा को मानव जीवन में सुख और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया था।

कार्यक्रम के दौरान बिठूर (कानपुर) में आयोजित अध्ययन शिविर का भी उल्लेख किया गया, जहां देशभर से आए लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भीषण गर्मी और नौतपा के समय बिना पंखे एवं कूलर के सामान्य जीवनशैली अपनाते हुए अध्ययन किया। प्रतिभागियों ने प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने का अभ्यास करते हुए यह अनुभव साझा किया कि सुख-दुख, गर्मी-ठंड जैसी अनुभूतियां हमारी मान्यताओं और प्राथमिकताओं पर निर्भर करती हैं।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक अध्ययनार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इनमें एगेश्वरी साहु, ओमन साहु, रेखराज साहु, लक्ष्मी पटेल, हिमाचल पटेल, डॉ. शेषनारायण चंद्राकर, टिकेंद्र चंद्राकर, लोकेश कोठारी, श्वेता जैन, हनी जैन, शीतल गोयल, रजनी अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, राजा अग्रवाल, रोहित शर्मा, संजय शर्मा,  उमा शर्मा, ममता बत्रा, विजय राज, रागेश्वर,  जय श्री, जयंती जैन, शिव नारायण, कल्पेश पटेल, डॉ. पायल पटेल, प्रतिमा, सुनीता जोशी, जितेंद्र, श्री कमलेश एवं अभिषेक सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य जीवन विद्या अध्ययन, मानवीय शिक्षा, राष्ट्रीय एकता एवं मानव मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में समझदारी आधारित जीवन पद्धति को बढ़ावा देना था।

ओडिशा के राज्यपाल ने युवा संगम फेज़-VI के गुजरात छात्र प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात

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भुवनेश्वर- ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने युवा संगम फेज़-VI में भाग ले रहे गुजरात के छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद के नेतृत्व में 22 मई 2026 को ओडिशा पहुंचा था। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) राउरकेला द्वारा आयोजित इस शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत छात्रों का 25 मई को गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, सांस्कृतिक समझ विकसित करने के महत्व और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इस संवाद के दौरान छात्रों को नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन मिला।

अपने दौरे के दौरान छात्र प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक, शैक्षणिक और विकासात्मक विरासत को करीब से जाना। छात्रों ने कोणार्क सूर्य मंदिर और मां समलेश्वरी मंदिर का भ्रमण कर राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को समझा। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय बुनकरों और कारीगरों से मुलाकात कर ओडिशा की प्रसिद्ध वस्त्र परंपरा के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्रों ने मुंडा जनजाति समुदाय के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों में भी भाग लिया।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष सत्र में भाग लिया, जहां भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक समरसता में उसकी भूमिका पर चर्चा की गई। छात्रों ने NIT राउरकेला FTBI लैब, राउरकेला स्टील प्लांट, हीराकुंड बांध और बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम का भी दौरा किया। इन यात्राओं के माध्यम से उन्हें ओडिशा की नवाचार क्षमता, औद्योगिक विकास, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और खेल अवसंरचना की जानकारी मिली।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छात्रों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भाग लिया और पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी समझा।

30 मई 2026 को आयोजित समापन समारोह के साथ यह यात्रा संपन्न हुई। युवा संगम के तहत आयोजित यह कार्यक्रम छात्रों के लिए सीखने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का एक यादगार अनुभव साबित हुआ।

जेल से रिहाई के कुछ समय बाद पूर्व कांग्रेस नेता मृत पाए गए, गौठान परिसर में मिला शव

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 कांकेर। कांकेर शहर में आज मंगलवार सुबह पूर्व कांग्रेस नेता नवाज अली का शव संजय नगर स्थित गौठान परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।


सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच के दौरान मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ माह पूर्व कोदागांव क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे में पंचायत सचिव की मौत हो गई थी। इस मामले में नवाज अली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बताया जा रहा है कि हाल ही में वे जेल से रिहा होकर बाहर आए थे।

फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। परिजनों, परिचितों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

घटना के बाद परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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