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CG NEWS : सरकारी पोल्ट्री फार्म में रहस्यमयी मौतें, 5 हजार पक्षी मरे-बर्ड फ्लू की आशंका

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 बिलासपुर। बिलासपुर जिले के कोनी क्षेत्र स्थित शासकीय कुक्कुट पालन परिक्षेत्र में पिछले पांच दिनों के भीतर 5 हजार से अधिक मुर्गा–मुर्गियों की अचानक मौत से हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। एहतियात के तौर पर पोल्ट्री फार्म को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।


ग्रामीण आजीविका से जुड़ा है फार्म

यह शासकीय पोल्ट्री फार्म अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को चूजे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित होता है। यहां विभिन्न नस्लों के करीब 6 हजार से अधिक मुर्गा–मुर्गियों का पालन एवं प्रजनन किया जाता है, जिससे ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलता है।

18 मार्च से शुरू हुई मौतों की सिलसिला

जानकारी के अनुसार, 18 मार्च से फार्म में मुर्गियों की अचानक मौत शुरू हुई। शुरुआत में संख्या कम थी, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ते हुए यह आंकड़ा 5 हजार के पार पहुंच गया। स्थिति बिगड़ने पर प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी।

पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक संजय राज ने संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा जीएसएस तंवर को जानकारी दी, जिसके बाद मामला कलेक्टर संजय अग्रवाल तक पहुंचाया गया। कलेक्टर के निर्देश पर रायपुर से पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

सैंपल जांच के लिए भेजे गए

टीम ने मृत मुर्गियों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

फार्म सील, बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक

संक्रमण की आशंका को देखते हुए पूरे पोल्ट्री फार्म को बंद कर दिया गया है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

बर्ड फ्लू की पुष्टि पर सख्त कदम संभव

यदि जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो फार्म के 5 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया जाएगा। साथ ही संक्रमण को रोकने के लिए आसपास के सभी पोल्ट्री पक्षियों को नष्ट करने की कार्रवाई की जा सकती है।

प्रबंधन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद पोल्ट्री फार्म प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यदि शुरुआती दौर में ही समय पर सूचना दी जाती, तो स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता था।

किसानों को किया गया अलर्ट

पशु चिकित्सा विभाग ने आसपास के किसानों और पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी, टॉप कमांडर पापाराव ने किया सरेंडर

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 जगदलपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। तय डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले कुख्यात नक्सली पापाराव ने मंगलवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह एके-47 जैसे आधुनिक हथियार के साथ सरेंडर करने पहुंचा। हालांकि इस संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।


बुधवार 25 मार्च को जगदलपुर में बस्तर आईजी सुंदरराज पी के समक्ष कुल 18 नक्सलियों के आत्मसमर्पण की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इनमें 11 पुरुष और 7 महिला नक्सली शामिल हैं। ये नक्सली अपने साथ 8 एके-47 सहित अन्य हथियार भी लेकर पहुंचे हैं।


सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति भी संभव है।

जंगल से पैदल निकलकर पहुंचे नक्सली

जानकारी के मुताबिक, नक्सली कई किलोमीटर तक जंगल के रास्ते पैदल चलकर बीजापुर पहुंचे, जहां से उन्हें बस के जरिए जगदलपुर लाया गया।

डीकेएसजेडसी सदस्य और रणनीतिकार रहा पापाराव

पापाराव, जिसका असली नाम मंगू दादा उर्फ चंद्रन्ना बताया जाता है, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) का सदस्य और वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव रहा है। वह लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है। कुटरू-बेदरे रोड पर हुए आईईडी ब्लास्ट समेत कई बड़ी घटनाओं में उसकी संलिप्तता बताई जाती है, जिसमें आठ जवान शहीद हुए थे।

उस पर राज्य सरकार द्वारा 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसकी पत्नी उर्मिला भी पीएलजीए बटालियन की सदस्य थी, जो एक मुठभेड़ में मारी गई थी।

1990 के दशक से जुड़ा रहा नक्सल आंदोलन से

सुकमा जिले के निमलगुड़ा गांव निवासी पापाराव 1990 के दशक से माओवादी आंदोलन से जुड़ा हुआ था और उसकी उम्र 56 वर्ष से अधिक बताई जाती है।

सरकार का दावा—नक्सलवाद अंत की ओर

गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पापाराव के आत्मसमर्पण के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य में बड़े कैडर का कोई नक्सली सक्रिय नहीं बचा है।

बताया जा रहा है कि अब तक 500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और बस्तर क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर लगभग 100-125 रह गई है। ऐसे में इसे राज्य और केंद्र सरकार के संयुक्त अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

खल्लारी रोप-वे हादसा: मृतकों की संख्या हुई दो, मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा, जांच तेज

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रायपुर : महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुई रोप-वे दुर्घटना में मरने वालों की संख्या दो हो गई है। आज रात करीब 9 बजे महासमुंद निवासी गोविंद स्वामी ने उपचार के दौरान रायपुर के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रभावित परिवारों के लिए सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों को 5-5 लाख रुपए एवं घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके।



मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तत्पर है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।


उप मुख्यमंत्री साव ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभारंभ एवं खेल स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा

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 रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभारंभ एवं खेल स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने तैयारियों में लगे अधिकारियों और एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर एवं पुख्ता रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार भी इस दौरान मौजूद थे।


खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से सुदूर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं के खेल कौशल की पहचान का मिलेगा अवसर – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन स्थल साइंस कॉलेज परिसर में बनाए गए मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूरे छत्तीसगगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि देश के प्रथम खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स (KITG) का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रेल तक रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया जा रहा है। यह एक ऐतिहासिक पहल है, जिसका उद्देश्य देश के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को एक ऐसा राष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करना है, जहां उनके खेल कौशल को सही पहचान और अवसर मिल सके। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से जनजातीय समुदायों के खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें प्रोत्साहन के साथ खेलों में समावेशिता एवं जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के खेल वातावरण से जोड़ने में मदद मिलेगी।

साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में प्रथम खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स-2026 का आयोजन राज्य के 3 जिलों - रायपुर, बस्तर और सरगुजा में किया जा रहा है। इस आयोजन में कुल 9 खेल विधाएं शामिल की गई हैं, जिनमें से 7 खेल - एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग और स्वीमिंग विधाएं प्रतियोगिता के रूप में आयोजित की जा रही हैं। मलखंभ व कबड्डी को प्रदर्शनी (डेमो) खेल के रूप में शामिल किया गया है।

साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजधानी रायपुर में फुटबॉल, हॉकी, तीरंदाजी, स्वीमिंग, वेटलिफ्टिंग एवं कबड्डी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जगदलपुर में एथलेटिक्स तथा अंबिकापुर में कुश्ती व मल्लखंभ की प्रतियोगिताएं होंगी। उन्होंने बताया कि 10 दिन तक चलने वाले खेलों के इस महाकुंभ में देश के लगभग 30 राज्यों के करीब 3000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ (IOA), विभिन्न राष्ट्रीय खेल महासंघों और राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण द्वारा संयुक्त रूप से इसका आयोजन किया जा रहा है। अब तक विभिन्न राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ियों का आगमन हो चुका है, जिन्हें विभाग द्वारा समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक श्री यशवंत कुमार और खेलो इंडिया इवेंट्स की निदेशक सुश्री ममताश्री ओझा भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थीं।

भूमिहीन कृषि मजदूरों को बड़ी सौगात: 5 लाख परिवारों को 500 करोड़ की सहायता

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 रायुपर : दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि श्रमिकों को सशक्त बनाना है। इस योजना से सर्वाधिक रायपुर जिला के 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर शामिल हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।


दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाके तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के न्याय और सुशासन की गूंज होगी। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हज़ार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। संकल्प बजट 2026-27 में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान के साथ भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का सशक्त संबल मिलेगा। यह सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचकर उन्हें स्थिरता, सम्मान और आत्मविश्वास प्रदान करेगी। सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है।

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत रायपुर जिला के सर्वाधिक 53 हजार 338 भूमिहीन कृषि मजदूर, बिलासपुर जिला के 39 हजार 401 भूमिहीन कृषि मजदूर, महसमुंद जिला के 37 हजार 11 भूमिहीन कृषि मजदूरों को लाभ मिलेगा, जिनका ई केवायसी हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने एक नई वेबसाइट वन क्लिक सिंगल विंडो सिंगल-पोर्टल किया लॉंच

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 रायपुर : वन क्लिक सिंगल विंडो (OneClick) एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल है, जो निवेशकों को छत्तीसगढ़ में व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां, मंजूरी, भूमि आवंटन और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा एक ही जगह प्रदान करता है। यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है, जिससे समय की बचत होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलता है।


उद्योग विभाग से पाप्त जानकारी के अनुसार वन क्लिक सिंगल विंडोका मूल विचार सरल है विभाग के साथ काम करने वाले सभी लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना। चाहे आप एक स्थापित व्यवसाय हों, संभावित निवेशक हों, स्टार्टअप हों या निर्यातक हों, अब आपको सब कुछ एक ही स्थान पर मिलेगा। अनुमोदन के लिए वन क्लिक सिंगल विंडो से लेकर सब्सिडी कैलकुलेटर के साथ प्रोत्साहन का अनुमान लगाने तक, प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और कुशल है।

छत्तीसगढ़ के व्यापार को आसान बनाएं के व्यापक वादे के तहत, वनक्लिक राज्य का नया सिंगल-विंडो पोर्टल है जो व्यापारिक वातावरण में गति, सरलता और पारदर्शिता लाता है। अनुमोदन और मंजूरी से लेकर बिल भुगतान, भूमि आवंटन और अनुपालन तक - एक उद्यमी या निवेशक को जो कुछ भी चाहिए, वह अब सिर्फ एक क्लिक दूर है।

वनक्लिक नाम सहज, यादगार है और पोर्टल के मूल कार्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुगमता और दक्षता प्रदान करना। टैगलाइन - सीजी इसे आसान बनाता है - शासन को एक सहज अनुभव में बदलने के लिए छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां उद्यमी कागजी कार्रवाई में कम समय और महत्वपूर्ण कार्यों के निर्माण में अधिक समय व्यतीत करते हैं।

प्रवासी मजदूरों का ख्याल रखें राज्य सरकारें: प्रधानमंत्री मोदी

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 PM Modi Speech : प्रधानमंत्री मोदी ने आज मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे उत्पन्न वैश्विक हालात पर विस्तृत वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट के मद्देनजर राज्य सरकारों को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और आवश्यक जरूरतों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।


प्रधानमंत्री ने कहा कि Middle East में जारी युद्ध पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। इसके कारण पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। भारत सभी संबंधित देशों से लगातार संपर्क में है और संवाद व कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयास कर रहा है।

पश्चिम एशियाई देशों से लगातार संपर्क

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत United States समेत कई देशों के साथ संपर्क में है। पश्चिम एशिया के राष्ट्राध्यक्षों से दो चरणों में बातचीत की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि Hormuz Strait से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जो विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय क्रू मेंबर्स भी शामिल हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है।

ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि भारत में तेल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण वैश्विक व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति पर असर पड़ा है।

ऊर्जा संकट और भारतीयों की सुरक्षा चिंता का विषय

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है और इससे वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट उत्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और आजीविका भारत सरकार की प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि ऐसे समय में भारत की संसद से शांति, संयम और संवाद का एकजुट संदेश पूरी दुनिया तक जाना चाहिए।

बड़ा विमान हादसा: टेक-ऑफ के दौरान C-130 क्रैश, 66 की मौत

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 बोगोटा / कोलंबिया: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को एक भीषण सैन्य विमान हादसा हो गया। एयरफोर्स का हरक्यूलिस C-130 विमान टेक-ऑफ के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद 4 सैनिक अब भी लापता हैं।


सेना, वायुसेना और पुलिस के जवान शामिल

सैन्य सूत्रों के अनुसार, मृतकों में 58 सैनिक, 6 वायुसेना कर्मी और 2 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में कुल 114 सैनिक और 11 क्रू मेंबर सवार थे।

पेरू सीमा के पास हुआ हादसा

यह हादसा प्यूर्टो लेगुइजामो में हुआ, जो पेरू की सीमा के पास स्थित है। कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने बताया कि विमान टेक-ऑफ के तुरंत बाद नियंत्रण खो बैठा और रनवे से करीब 1.5 किलोमीटर दूर जाकर गिर गया।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे के बाद सेना, राहत दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

 मुख्य बिंदु:

टेक-ऑफ के दौरान C-130 विमान क्रैश
66 लोगों की मौत, 50+ घायल
4 सैनिक अब भी लापता
पेरू सीमा के पास अमेजन क्षेत्र में हादसा
राहत और बचाव अभियान जारी

BIG NEWS : 12वीं हिंदी बोर्ड परीक्षा रद्द, 10 अप्रैल को दोबारा होगी परीक्षा

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए बड़ी खबर है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 12वीं के हिंदी विषय की बोर्ड परीक्षा को रद्द कर दिया है। 14 मार्च 2026 को आयोजित यह परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद निरस्त की गई है।


मंडल के निर्णय के अनुसार, अब हिंदी विषय की परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। यानी जिन विद्यार्थियों ने पहले परीक्षा दी थी, उन्हें पुनः परीक्षा में शामिल होना होगा।

इस फैसले के बाद छात्रों के बीच चिंता का माहौल है, क्योंकि उन्हें दोबारा उसी विषय की तैयारी करनी पड़ेगी। वहीं बोर्ड का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सर्वोपरि है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।

माना जा रहा है कि पेपर लीक मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पापा राव के सरेंडर से नक्सलवाद पर निर्णायक वार: सीएम साय

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 रायपुर/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के बीच मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव के संभावित आत्मसमर्पण को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के मजबूत इरादों तथा लगातार चल रहे अभियानों के चलते नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और इसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।


17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण की संभावना

मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए निर्धारित समयसीमा 31 मार्च 2026 अब निकट है। ऐसे में यदि पापा राव जैसे बड़े नक्सली नेता आत्मसमर्पण करते हैं, तो इसे सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, पापा राव अपने 17 साथियों के साथ हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर सकता है। इसके लिए पुलिस की एक टीम इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के एक गुप्त स्थान के लिए रवाना हुई है। संभावना जताई जा रही है कि उसे जल्द जगदलपुर लाया जाएगा, जहां वह बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के समक्ष आत्मसमर्पण कर सकता है।

रणनीतिक भूमिका वाला बड़ा नक्सली चेहरा

करीब 25 लाख रुपये के इनामी पापा राव को नक्सल संगठन का प्रमुख रणनीतिक चेहरा माना जाता रहा है। वह पश्चिम बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य रह चुका है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बस्तर क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के संचालन और हमलों की रणनीति तैयार करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

लगातार दबाव से कमजोर हुआ नेटवर्क

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हाल के समय में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। लगातार चल रहे अभियानों और सरेंडर नीति के चलते नक्सल संगठन पर दबाव बढ़ा है, जिससे उसका नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पापा राव का आत्मसमर्पण यदि होता है, तो यह बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है और संगठन की गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ेगा।

भारत-रूस रिश्तों को नई दिशा, पीएम मोदी के दौरे का इंतजार: लावरोव

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Modi Russia Visit 2026 : भारत और रूस के रिश्तों को लेकर एक बड़ा कूटनीतिक संकेत सामने आया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे का इंतजार कर रहा है।


लावरोव ने “इंडिया एंड रशिया: टुवर्ड्स अ न्यू बाइलेट्रल एजेंडा” विषय पर आयोजित एक सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही। इस सम्मेलन में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल हुए।

रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने की तैयारी

लावरोव के बयान को भारत-रूस संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग मजबूत रहा है। संभावित दौरे के दौरान:

ऊर्जा सहयोग, खासकर तेल आपूर्ति
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी
रक्षा सौदे और तकनीकी सहयोग
अंतरिक्ष कार्यक्रमों में सहयोग

जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

वैश्विक परिदृश्य में बढ़ी अहमियत

यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर कई भू-राजनीतिक घटनाक्रम चल रहे हैं। एक ओर पश्चिमी देशों और रूस के बीच तनाव बना हुआ है, वहीं भारत ने संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाते हुए सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए रखा है।

भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भी तटस्थ रुख अपनाया और बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया, जिसे रूस सकारात्मक रूप में देखता है।

ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर फोकस

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता रहा है। इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग है। भविष्य में संयुक्त उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना है।

एनआईए की कार्रवाई: 7 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

इसी बीच, भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 13 मार्च को देश के तीन एयरपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से तीन यूक्रेनी नागरिक
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से तीन यूक्रेनी नागरिक
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से एक अमेरिकी नागरिक

जांच एजेंसी के अनुसार, ये सभी पर्यटक वीजा पर भारत आए थे, लेकिन उन पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

म्यांमार बॉर्डर से जुड़ी गतिविधियों की जांच

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग बिना अनुमति के मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंचे और वहां से अवैध रूप से सीमा पार कर म्यांमार गए। वहां कुछ सशस्त्र समूहों से संपर्क और प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

रूस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के संभावित दौरे का संकेत जहां द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, वहीं देश के भीतर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई भी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सतर्कता को दर्शाती है। आने वाले समय में दोनों ही घटनाक्रमों पर नजर बनी रहेगी।

राजधानी में हाई अलर्ट: दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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 Delhi Assembly Bomb Threat : राजधानी दिल्ली में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले। यह धमकी ऐसे समय आई, जब विधानसभा में बजट पेश होने वाला था। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे परिसर की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।


अधिकारियों के अनुसार, सुबह दो अलग-अलग समय पर धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। पहला ईमेल सुबह 7:28 बजे विधानसभा के आधिकारिक ईमेल पर आया, जबकि दूसरा ईमेल सुबह 7:49 बजे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के इनबॉक्स में भेजा गया। दोनों ही ईमेल में विधानसभा भवन को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी।

इस बीच, रेखा गुप्ता द्वारा बजट भाषण दिए जाने से कुछ घंटे पहले मिली इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

धमकी में विधानसभा मेट्रो स्टेशन का भी उल्लेख किया गया, जिसके बाद मेट्रो परिसर और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। यात्रियों की जांच तेज कर दी गई और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

ईमेल में कई प्रमुख नेताओं के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनमें नरेंद्र मोदी, अमित शाह, एस. जयशंकर, तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के नाम शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम को लगाया गया है। साथ ही, किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं। हालांकि, प्रारंभिक तौर पर किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की सूचना नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

भारत में वज़न घटाने वाली GLP-1 दवाओं की बिक्री पर सख्ती

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नई दिल्ली- भारत में वज़न घटाने के लिए इस्तेमाल होने वाली GLP-1 आधारित दवाओं की बढ़ती मांग और उनके गलत उपयोग को देखते हुए ड्रग्स कंट्रोलर ऑफ इंडिया (CDSCO) ने देशभर में इन दवाओं की बिक्री और प्रचार पर निगरानी कड़ी कर दी है।

हाल के समय में इन दवाओं के कई जनरिक (सस्ते) वेरिएंट बाजार में आए हैं, जिसके बाद यह दवाएं रिटेल मेडिकल स्टोर्स, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, थोक विक्रेताओं और वेलनेस क्लीनिक्स के जरिए आसानी से उपलब्ध होने लगी हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के इनका उपयोग करने से गंभीर साइड इफेक्ट्स और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।

सरकार की बड़ी कार्रवाई

स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, केंद्र सरकार और राज्य औषधि नियामकों ने मिलकर सप्लाई चेन में गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

  • 10 मार्च 2026 को एडवाइजरी जारी
    सभी दवा कंपनियों को निर्देश दिया गया कि वे:

    • किसी भी तरह के भ्रामक या अप्रत्यक्ष विज्ञापन (Surrogate Ads) न करें

    • दवाओं के गलत या ऑफ-लेबल उपयोग को बढ़ावा न दें

देशभर में जांच और निरीक्षण

पिछले कुछ हफ्तों में जांच अभियान तेज किया गया:

  • 49 संस्थानों का निरीक्षण, जिनमें शामिल हैं:

    • ऑनलाइन फार्मेसी वेयरहाउस

    • थोक दवा विक्रेता

    • रिटेल मेडिकल स्टोर

    • वेलनेस और स्लिमिंग क्लीनिक्स

  • जांच में फोकस रहा:

    • बिना अनुमति दवा बिक्री

    • गलत प्रिस्क्रिप्शन प्रैक्टिस

    • भ्रामक मार्केटिंग

  • नियम तोड़ने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं

कौन लिख सकता है ये दवा?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि GLP-1 दवाएं केवल इन विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन पर ही दी जा सकती हैं:

  • एंडोक्राइनोलॉजिस्ट

  • इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ

  • कुछ मामलों में कार्डियोलॉजिस्ट

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

नियामक ने चेतावनी दी है कि आगे भी निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर:

  • लाइसेंस रद्द

  • जुर्माना

  • कानूनी कार्रवाई

जैसे कदम उठाए जाएंगे।

आम जनता के लिए सलाह

सरकार ने लोगों से अपील की है कि:

  • वज़न घटाने की दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के न लें

  • केवल प्रमाणित विशेषज्ञ से परामर्श लें

  • ऑनलाइन या बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाएं खरीदने से बचें

निष्कर्ष

GLP-1 दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है, ताकि लोगों की सेहत सुरक्षित रहे और दवाओं का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी से बढ़ेगी परेशानी, 3 दिन में 4 डिग्री तक चढ़ेगा पारा

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम फिलहाल पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और बारिश के कोई आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के किसी भी हिस्से में वर्षा दर्ज नहीं की गई। हालांकि तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहा, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी के संकेत हैं।


सोमवार को राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम है। सुबह और शाम के समय हवा में नमी क्रमशः 37% और 31% दर्ज की गई, जबकि बादल केवल 20% रहे, जिससे दिनभर आसमान साफ बना रहा।

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और पेंड्रारोड सहित अन्य क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री तक कम बना रहा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है, जिससे प्रदेश में शुष्क मौसम बना रहेगा। अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में विशेष परिवर्तन की उम्मीद नहीं है।

आज का मौसम (रायपुर)

मंगलवार, 24 मार्च को राजधानी रायपुर में आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है, जिससे फिलहाल मौसम सामान्य और स्थिर बना रहेगा।

सक्षम आंगनबाड़ी योजना में खरीदी केंद्र सरकार के प्रावधानों और राज्य के वित्तीय नियमों के तहत, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान

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रायपुर- महिला एवं बाल विकास विभाग ने सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत आंगनबाड़ियों में आरओ एवं एलईडी टीवी खरीदी को लेकर  विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं केंद्र सरकार के प्रावधानों और राज्य सरकार के वित्तीय नियमों के अनुरूप ही की जा रही हैं, जिससे किसी प्रकार के भ्रम की स्थिति नहीं है।

विभाग ने बताया कि पिछले दो वर्षों से बजट उपलब्ध होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किया गया, जो तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। वास्तविक स्थिति यह है कि 10 फरवरी 2026 को भारत सरकार से सक्षम आंगनबाड़ी योजना के लिए मदर सैंक्शन प्राप्त हुआ। यह केंद्र प्रवर्तित योजना है, इसलिए मदर सैंक्शन प्राप्त होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती थी। मदर सैंक्शन से पहले टेंडर जारी न होने पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एलईडी टीवी, आरओ प्यूरीफायर, वाल पेंटिंग और रेन वाटर हारवेस्टिंग के लिए राशि भारत सरकार द्वारा ही निर्धारित की गई है। इसके तहत एलईडी टीवी के लिए 25 हजार रुपये, आरओ प्यूरीफायर के लिए 10 हजार रुपये, वाल पेंटिंग के लिए 10 हजार रुपये और रेन वाटर हारवेस्टिंग के लिए 16 हजार रुपये की राशि तय की गई है।

तकनीकी स्पेसिफिकेशन को लेकर भी विभाग ने पूरी स्पष्टता रखी है। एलईडी टीवी के लिए न्यूनतम 32 इंच या उससे अधिक का प्रावधान विभागीय पत्र में उल्लेखित है और सभी खरीदी प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से की जानी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सक्षम आंगनबाड़ी के उन्नयन से जुड़े सभी कार्य छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, कोषालय संहिता, वित्तीय संहिता, एसएनए स्पर्श प्रणाली तथा शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के तहत ही किए जा रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा है कि योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों का बेहतर उन्नयन सुनिश्चित हो सके।

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