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विशेष लेख : सिरपुर आस्था, कला और इतिहास का जीवंत संगम

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छत्तीसगढ़ ही नहीं देश की पुरातत्विक धरोहर है सिरपुर महोत्सव, 01 से 03 फरवरी तक भव्य रूप में आयोजित होगा तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव


महासमुंद : छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में पर्व, मड़ई और मेलों की परंपरा सदियों से रची-बसी है। इन्हीं परंपराओं में सिरपुर महोत्सव का विशेष स्थान है, जो प्रतिवर्ष पवित्र महानदी के तट पर माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 01 फरवरी 03 फरवरी 2026 तक भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है।

माघी पूर्णिमा की भोर में आस-पास के ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं द्वारा महानदी में पुण्य स्नान कर गंधेश्वर नाथ महादेव के अलौकिक दर्शन-पूजन के साथ महोत्सव की शुरुआत होती है। वहीं तीन दिनों तक महानदी सांध्य आरती किया जाता है। यह परंपरा सिरपुर की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करती है। हर वर्ष आयोजित होने वाला सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। इसमें देश-विदेश के कलाकार शास्त्रीय नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ देते हैं। सिरपुर महोत्सव में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आवागमन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। महोत्सव अवधि के दौरान रायपुर से कुहरी मोड़ तक तथा जिले के सभी विकासखंड मुख्यालयों से सिरपुर तक बसों का प्रबंध किया गया है। निर्धारित रूटों पर बसें नियमित अंतराल में संचालित होंगी, जिससे अधिक से अधिक लोग महोत्सव के सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों में सहभागी बन सकें।

सिरपुर को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने हेतु शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विजन 2047 के तहत आधुनिक बुनियादी ढांचा, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अंर्तराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक कॉरिडोर विकसित करने प्रतिबद्ध है। सिरपुर की पुरातात्त्विक संरचनाओं को संरक्षित रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीकें अपनाई जा रही हैं। यहाँ के मंदिर, विहार, मूर्तियाँ और जीवंत परंपराएँ हमें यह सिखाती हैं कि भारत की संस्कृति, सहिष्णुता, कला और ज्ञान का संगम है। यहाँ ईको-ट्रेल, हस्तशिल्प बिक्री केंद्र और स्थानीय भोजनालय चलाई जा रही हैं, ताकि स्थानीय समुदाय को रोजगार मिले और पर्यटन को बढ़ावा मिले।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर (श्रीपुर) केवल एक पुरातात्त्विक स्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रतीक है। यह नगर दक्षिण कोसल के पांडुवश के सबसे महान सम्राट महाशिवगुप्त बालार्जुन की राजधानी रहा है और अपनी स्थापत्य कला, बौद्ध धरोहरों तथा प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है।

सिरपुर का उल्लेख प्राचीन भारतीय ग्रंथों और अभिलेखों में मिलता है। यहाँ भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध और जैन धर्म के उपासना स्थलों के अवशेष मिले हैं। 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी सिरपुर का उल्लेख अपनी यात्राओं में किया है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय ख्याति सिद्ध होती है। यह नगर धार्मिक सहिष्णुता और कला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 3 जैन विहार और एक विशाल बौद्ध विहार के अवशेष प्राप्त हुए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सिरपुर में लगातार संरक्षण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है जिससे इसकी ऐतिहासिक गरिमा बनी रहे। डिजिटल टूर, क्यूआर कोड आधारित जानकारी और थ्रीडी गाइडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।

सिरपुर बौद्ध, जैन और हिन्दू स्थापत्य कला का त्रिवेणी संगम है। यहां स्थित लक्ष्मण मंदिर भारत का पहला ईंटों से निर्मित मंदिर है जो वास्तुकला का अनुपम उदाहरण है। आनंद प्रभु कुटीर विहार बौद्ध भिक्षुओं का प्रमुख केंद्र है, जहां चीन से आए भिक्षु रह चुके हैं। गंधेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित मंदिर है, जिसमें अनेक मूर्तियाँ और सांस्कृतिक प्रतीक हैं। 1872 में अलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा सिरपुर के अवशेषों की खोज की गई थी। इसके बाद यहाँ अनेक उत्खनन कार्य हुए, जिनमें बुद्ध, विष्णु, शिव और जैन परंपराओं के असंख्य साक्ष्य मिले। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के विद्वान भी सिरपुर को एशिया की बौद्ध धरोहरों में महत्वपूर्ण स्थान मानते हैं।

ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्य सचिव ने किया सम्मानित

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 रायपुर : मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्य सचिव ने मंत्रालय सहित राज्य शासन के सभी कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अनिवार्य रूप से निर्धारित समय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए है।उन्होंने ऐसा नहीं करने वालों को सचेत करते हुए कार्यालय में निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने कहा है।


मुख्य सचिव ने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नही करना स्वीकार नही होगा। मुख्य सचिव ने राज्य शासन के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस से ही फाईल संचालन करने कहा है। मुख्य सचिव ने कहा है कि सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएग। मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य शासन के सभी अधिकारी-कर्मचारी ई-ऑफिस में ऑनबोर्ड हो जायें। मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी वर्ष से अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश आवेदन ई-ऑफिस प्रणाली से ही स्वीकार किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि अचल सम्पत्ति का विवरण और एसीआर भी प्रतिवर्ष ई-ऑफिस से ही दर्ज किया जाएगा। मुख्य सचिव ने अधिकारी-कर्मचारियों से कहा है कि टीम भावना से कार्य करें और पूरे देश में छत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के रूप में दर्ज करायें। मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों को विभागवार ई-ऑफिस का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनके कार्यों की स्थिति की जानकारी एसएमएस द्वारा दी जायें।
मुख्य सचिव ने सभी से ई-ऑफिस में दक्षता से कार्य करने की अपेक्षा की है। उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए कि अधिकारी-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली का प्रशिक्षण देने कहा है। मंत्रालय में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया है उनमें ई-ऑफिस से फाईल वर्क करने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव जयश्री जैन, आदिवासी विकास विभाग के संयुक्त सचिव भूपेन्द्र कुमार राजपुत और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संयुक्त सचिव प्रणय मिश्रा को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है। उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव श्री दुरदेशी राम संतापर, सीएम सचिवालय के उप सचिव श्री तीरथ प्रसाद लाड़िया और सामान्य प्रशासन विभाग-1 के उप सचिव श्री किशोर कुमार भूआर्य को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। अवर सचिव श्रेणी में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव स्वर्गीय रणबहादुर ग्वाली, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव अरूण कुमार मिश्रा और गृह विभाग के अवर सचिव पूरनलाल साहू को ई फाईल के लिए प्रशंसा पत्र दिया गया। अनुभाग अधिकारियों में गृह विभाग के अनुभाग अधिकारी पी.नागराजन, सामान्य प्रशासन विभाग के अनुभाग अधिकारी नंदकुमार मेश्राम और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुभाग अधिकारी भोलेनाथ सारथी को प्रशंसा पत्र दिया गया। इसी तरह से ई-फाईल में अच्छा कार्य करने के लिए खनिज संसाधन विभाग के कनिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग-3 के कनिष्ठ सहायक दीनानाथ साहू और सामान्य प्रशासन विभाग-7 के कनिष्ठ सहायक श्री प्रदीप कुमार राय को प्रशंसा पत्र देकर ई-ऑफिस में ई-फाईल कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया।

मंत्रालय में आयोजित ई-ऑफिस सम्मान समारोह में मुख्य सचिव ने समय पर उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मंत्रालयीन अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया है। इसमें प्रथम 10 में प्रथम स्थान करने वालों में अवर सचिव राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी, संयुक्त सचिव भूपेन्द्र कुमार राजपूत, स्टेनोग्राफर नवीन नाग, सहायक अनुभाग अधिकारी योगेन्द्र कुर्रे, अतिरिक्त सचिव चंद्रकुमार कश्यप, संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेद्वी, अवर सचिव मनोज कुमार जायसवाल, सहायक अनुभाग अधिकारी पवन कुमार साहू, स्टेनोटायपिस्ट भावना यादव और अतिरिक्त सचिव भूपेन्द्र कुमार वासनिकर को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया है। 

भारतमाला परियोजना को रफ्तार: रायपुर–बिलासपुर 6-लेन कॉरिडोर और समृद्धि मार्ग विस्तार का प्रस्ताव

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 रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक लगभग 95 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सेस कंट्रोल मार्ग के निर्माण और मुंबई–नागपुर समृद्धि मार्ग के विस्तार को रायपुर तक लाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।


इस संबंध में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने छत्तीसगढ़ की आठ सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने और 13 मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन की मांग भी रखी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य के उत्तरी क्षेत्र में कोयला खदानें और दक्षिणी क्षेत्र में लौह अयस्क की खदानें स्थित हैं। ऐसे में मुंबई–नागपुर–रायपुर तक 8-लेन एक्सेस कंट्रोल कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। भारतमाला परियोजना से खनिज, स्टील और सीमेंट परिवहन को नई मजबूती मिलेगी।

आरंग से दर्री तक प्रस्तावित 6-लेन भारतमाला कॉरिडोर के निर्माण से रायपुर से बिलासपुर की दूरी लगभग एक घंटे में तय की जा सकेगी। साथ ही राज्य की तीनों भारतमाला सड़कें आपस में जुड़ेंगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय को सिरपुर महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने जिले के ऐतिहासिक स्थल सिरपुर में 1 से 3 फरवरी के बीच आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण दिया।


प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर को संजोए रखने और जनसामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष भव्य एवं गरिमामय रूप से आयोजित किया जाता है। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


मुख्यमंत्री साय ने सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री धम्मशील गणवीर तथा धर्मेंद्र महोबिया उपस्थित थे।

चुनाव आयोग का फैसला: 5 राज्यों में छत्तीसगढ़ के 25 IAS और 5 IPS तैनात

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 नई दिल्ली। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर) की नियुक्ति कर दी है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्वाचन आयोग ने राज्य के कुल 30 अधिकारियों को चुनाव ऑब्जर्वर नियुक्त किया है।


नियुक्त किए गए अधिकारी असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में जाकर चुनावी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करेंगे। इनमें 25 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और 5 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी शामिल हैं।


चुनाव ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किए गए अधिकारियों में आनंद छाबड़ा, रतन लाल डांगी, अजय कुमार यादव, अंकित कुमार गर्ग और बद्रीनारायण मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार चुनाव प्रचार, मतदान, मतगणना और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखेंगे।

निर्वाचन आयोग द्वारा की गई यह नियुक्ति चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

सोने की कीमतें आसमान पर, भारतीय बाजारों में आज टूट सकते हैं पुराने सभी रिकॉर्ड

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 वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतें लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया है। इस तेज उछाल का असर आज भारतीय बाजारों में भी देखने को मिल सकता है। एमसीएक्स और घरेलू सर्राफा बाजार में सोना-चांदी के पुराने सभी रिकॉर्ड टूटने की संभावना जताई जा रही है।


भारतीय बुलियन मार्केट में इससे पहले 24 कैरेट सोना 1,64,635 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई स्तर पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने में इस तेजी का प्रमुख कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना और निवेशकों का सरकारी बॉन्ड व अन्य मुद्राओं से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करना है।

एक दिन में सबसे बड़ी छलांग

बुधवार को सोने की कीमतों में 4.6 प्रतिशत की बड़ी तेजी दर्ज की गई, जो मार्च 2020 के बाद एक दिन में सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है। इसके बाद गुरुवार को भी सोने में 3.2 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई। इस साल भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता ने सोने की मांग को और मजबूत किया है। इस दौरान चांदी ने भी अपना रिकॉर्ड स्तर छू लिया।

फेड के फैसले के बावजूद तेजी कायम

फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने के फैसले के बावजूद सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है। बाजार में इस बात की भी चर्चा है कि इस साल के अंत तक फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह नए चेयरमैन की नियुक्ति हो सकती है। ब्याज दरों में कटौती के समर्थक माने जाने वाले ब्लैकरॉक के रिक रीडर को संभावित दावेदार बताया जा रहा है। आसान मौद्रिक नीति की उम्मीदों से सोने जैसी कीमती धातुओं को समर्थन मिल रहा है।

अन्य वैश्विक कारण

जापान के बॉन्ड बाजार में हालिया गिरावट और भारी राजकोषीय खर्च को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा जापानी येन को समर्थन देने की संभावनाओं से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोना वैश्विक खरीदारों के लिए और सस्ता हो गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के डॉलर को लेकर दिए गए बयान के बाद डॉलर लगभग चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गया, हालांकि बाद में ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने मजबूत डॉलर के पक्ष में बयान दिया।

बाजारों में बढ़ी अस्थिरता

हाल के हफ्तों में वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम, टैरिफ को लेकर बयानबाजी और अंतरराष्ट्रीय तनावों ने बाजारों में बेचैनी बढ़ा दी है, जिसका सीधा फायदा सोने-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों को मिल रहा है।

ताजा कीमतें

सिंगापुर में सुबह 8:02 बजे तक सोना 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,461.98 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि इससे पहले यह 5,588.71 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका था। चांदी 0.9 प्रतिशत बढ़कर 117.119 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं प्लैटिनम और पैलेडियम में गिरावट दर्ज की गई।

कौशल्या माता धाम में स्थापना के लिए तैयार प्रभु श्रीराम की नई प्रतिमा, ग्वालियर रवाना हुई टीम

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 रायपुर। चंदखुरी स्थित कौशल्या माता धाम में भगवान श्रीराम की नई प्रतिमा शीघ्र ही स्थापित की जाएगी। ग्वालियर में तैयार की गई यह प्रतिमा अब कौशल्या माता धाम लाने की प्रक्रिया में है। प्रतिमा को लाने के लिए संबंधित विभाग की टीम ग्वालियर रवाना हो चुकी है। प्रतिमा के रायपुर पहुंचने के बाद शुभ मुहूर्त में विधिवत स्थापना की जाएगी।


पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि इससे पहले टीसीआईएल (TCIL) संस्था द्वारा कौशल्या माता धाम में एक प्रतिमा स्थापित की गई थी, लेकिन उसका आकार और अनुपात संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद संबंधित संस्था को प्रतिमा बदलने के निर्देश दिए गए, जिसके तहत अब नई प्रतिमा तैयार कराई गई है।

राष्ट्रपति सम्मानित मूर्तिकार की कृति

चंदखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम के वनवासी स्वरूप की 51 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा वर्तमान में लगी प्रतिमा के स्थान पर ही स्थापित की जाएगी।

इस प्रतिमा के निर्माण का कार्य मध्य प्रदेश के ग्वालियर के प्रसिद्ध राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा द्वारा किया गया है। प्रतिमा का निर्माण ग्वालियर सैंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर में किया गया, जिसका कार्य अब पूर्ण हो चुका है।

प्रतिमा की विशेषता यह है कि इसमें 108 मनकों वाले रुद्राक्ष को विशेष कलात्मक रूप में दर्शाया गया है, जो इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में लापरवाही भारी, एयर बलून फटने से बड़ा हादसा

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 भिलाई से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत आयोजित ट्रैफिक अवेयरनेस कार्यक्रम के दौरान एयर बलून फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में दो मासूम बच्चे और उनकी मां आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


यह घटना बुधवार को सिविक सेंटर के पास स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में हुई। कार्यक्रम के दौरान एक एयर बलून उड़ाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवा कम होने के कारण एयर बलून धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा। इसी दौरान उसे पकड़ने के लिए दो बच्चे आगे बढ़े। तभी अचानक बलून में आग लग गई और जोरदार धमाका हो गया।

आग की चपेट में आने से दोनों बच्चे झुलस गए। बच्चों को बचाने दौड़ी उनकी मां भी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को भिलाई के सेक्टर-9 अस्पताल पहुंचाया, जहां बच्चों का इलाज बर्न यूनिट में जारी है। मां को भी प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। भिलाई नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एयर बलून के संचालन और सुरक्षा इंतजामों में हुई लापरवाही की भी जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ को खेलों की बड़ी सौगात की तैयारी, रायपुर में टेनिस एक्सिलेंस सेंटर का प्रस्ताव

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 रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने नई दिल्ली में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से सौजन्य मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में खेल प्रशिक्षण और खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।


डिप्टी सीएम साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत 23 खेल अधोसंरचना परियोजनाओं के निर्माण प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं, जिनकी शीघ्र स्वीकृति का आग्रह उन्होंने किया है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का क्षेत्रीय केंद्र, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (NCOE) की स्थापना, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर के क्षेत्रीय केंद्र, बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर में दो अतिरिक्त खेलों की मंजूरी, तथा रायपुर में टेनिस के लिए खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर की स्वीकृति की आवश्यकता है।

डिप्टी सीएम साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में खेल प्रतिभाओं की प्रचुर संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन वर्तमान में राज्य की कोचिंग एवं खेल विज्ञान अधोसंरचना राष्ट्रीय मानकों से पीछे है, जिससे खिलाड़ियों के व्यवस्थित विकास में बाधा आती है। राज्य सरकार का उद्देश्य जिला और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए उच्च स्तरीय एथलीट तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इन संस्थाओं के माध्यम से राज्य के खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग-कैनोइंग, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

जया एकादशी व्रत आज: स्नान का शुभ समय, पूजा विधि और महत्व, जानें पूरी जानकारी

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 Jaya Ekadashi 2026: माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी आज यानी 29 जनवरी को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 28 जनवरी को शाम 04:34 बजे से शुरू होकर 29 जनवरी को दोपहर 01:56 बजे तक रहेगी।


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जया एकादशी के दिन स्नान, ध्यान, जप और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं तथा भय, क्लेश और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों में इसे विजय और मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी बताया गया है।

जया एकादशी पर स्नान का शुभ समय और महत्व

शास्त्रों के अनुसार, जया एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह स्नान आत्मशुद्धि का प्रतीक होता है, जिससे मन, वाणी और कर्म की अशुद्धियां दूर होती हैं। पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है, हालांकि गृहस्थ श्रद्धालु घर पर स्वच्छ जल में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पूर्व जन्मों के पाप और अनजाने दोषों का नाश होता है।

ध्यान और जप से कैसे कटते हैं पाप

जया एकादशी पर ध्यान और नाम जप को विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जप करने से मानसिक नकारात्मकता समाप्त होती है। भगवान विष्णु के स्वरूप का ध्यान करने से भय, चिंता और तनाव दूर होते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस साधना से क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे मानसिक दोष शांत होते हैं और व्यक्ति धर्म के मार्ग पर अग्रसर होता है।

जया एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

जया एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा प्रातः काल या दोपहर में करना श्रेष्ठ माना गया है।
पूजा के दौरान पीले वस्त्र धारण करें, विष्णु प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं और तुलसी दल, पुष्प व अक्षत अर्पित करें। इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
मान्यता है कि इस पूजा से हिंसा, असत्य और अधर्म से जुड़े पापों का नाश होता है तथा भक्त को विष्णु कृपा प्राप्त होती है।

जया एकादशी पर किन पापों से मिलती है मुक्ति

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जया एकादशी का व्रत रखने से शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण में उल्लेख है कि यह एकादशी भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करती है।
श्रद्धा भाव से किया गया यह व्रत व्यक्ति को भय, शोक और रोग से मुक्ति दिलाता है। इसी कारण जया एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है।

आधारभूत सुविधा मिलने से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की मिलेगी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।



मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया।

गृहमंत्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी दीपांशु काबरा, एडीजी अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक भईया लाल रजवाड़े, ललित चंद्राकर, विधायक रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।

उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

महासमुंद: तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 1 से 3 फरवरी तक, लोक व शास्त्रीय संगीत की होंगी मनमोहक प्रस्तुतियाँ

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 महासमुंद : प्रदेश के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर स्थल सिरपुर में 1, 2 और 3 फरवरी को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के साथ-साथ देश की शास्त्रीय, सूफी और आधुनिक संगीत विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ होंगी।


शुभारंभ अवसर पर प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी एवं उनकी बैंड टीम की विशेष प्रस्तुति

प्रथम दिवस 1 फरवरी 2026 को महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर दोपहर 12 बजे से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। जिसमें फुलझरिया कर्मा पार्टी, बिलासपुर द्वारा कर्मा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच राजनांदगांव की लोक कला की झलक दिखेगी। दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक सिरपुर महोत्सव 2026 का उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। तत्पश्चात दोपहर 3:30 बजे से 4:10 बजे तक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कलाकारों द्वारा कत्थक एवं लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसी प्रकार शाम 4:10 बजे से 4:20 बजे तक सुश्री सुरेखा कामले एंड ग्रुप द्वारा ध्रुपत की प्रस्तुति, शाम 4:20 बजे से 4:30 बजे तक प्रो. डॉ. लवली शर्मा द्वारा सितार वादन की शास्त्रीय प्रस्तुतिँ होंगी। शाम 4:30 बजे से 4:40 बजे तक निदेशक, संरक्षण एवं विकास बौद्ध कला एवं सांस्कृतिक समाज मध्य भारत, नागपुर द्वारा तथागत नाटक, शाम 4:40 बजे से 4:50 बजे तक इंदिरा कला संगीत विद्यालय खैरागढ़ द्वारा ओडिसी नृत्य, शाम 4:50 से 5:00 बजे तक हिमानी वासनिक राजनांदगांव द्वारा भरथरी की प्रस्तुति होगी। वहीं शाम 5 बजे से रात्रि 7 बजे तक सुनील तिवारी लोक कला मंच, रायपुर का रंग-झांझर कार्यक्रम दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी एवं उनकी बैंड टीम, दिल्ली की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

दूसरे दिन इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार, नचिकेत लेले एवं वैशाली रायकवार की होगी शानदार प्रस्तुति

द्वितीय दिवस 2 फरवरी को सायं 4 बजे से 4:40 बजे तक इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा क्लासिकल वोकल, क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट, तबला वादन एवं सुगम संगीत की प्रस्तुतियाँ होंगी। इसके पश्चात शाम 4:40 बजे से 4:50 तक सूफी स्पिरिचुअल म्यूजिक, शाम 4:50 बजे से 5:00 बजे तक कबीर संगीत संध्या की प्रस्तुति होगी। शाम 5:00 बजे 5:15 बजे तक संरक्षण एवं विकास बौद्ध कला एवं सांस्कृतिक समाज मध्य भारत, नागपुर द्वारा थेरीगाथा नाट्य प्रस्तुति एवं शाम 5:15 बजे से 5:30 बजे तक भरतनाट्यम नृत्य का आयोजन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक पुष्पा साहू, भिलाई द्वारा नवा किस्मत लोक कला मंच की प्रस्तुति होगी। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक इंडियन आइडल फेम 10 के नितिन कुमार, इंडियन आइडल फेम 12 के नचिकेत लेले एवं वैशाली रायकवार अपनी गायन प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

अंतिम दिन प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एवं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स, मुंबई की विशेष प्रस्तुति

तृतीय दिवस 3 फरवरी समापन दिवस पर दोपहर 2 बजे से बजे तक इशिका गिरी रायपुर द्वारा कत्थक की प्रस्तुति दी जाएगी। इसी प्रकार 2:10 बजे से भूमिसुता मिश्रा रायपुर द्वारा ओडिसी नृत्य, 2:20 बजे से कुमारी आसना दिल्लीवार दुर्ग द्वारा कत्थक नृत्य, दोपहर 2:30 बजे से राजनंदिनी पटनायक पिथौरा द्वारा ओडिसी नृत्य, 2:35 बजे से गीतिका चक्रधर रायपुर द्वारा कत्थक नृत्य, दोपहर 2:45 बजे से आंचल पाण्डेय बिलासपुर द्वारा ओडिसी एकल, दोपहर 3:00 बजे से नवा बिहान लोक कला मंच पिलवापाली बसना द्वारा पंथी नृत्य, दोपहर 3:15 बजे से एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग के छात्रों द्वारा बस्तरिहा नाच, दोपहर 3:30 बजे से नानगांव बोहधन एवं साध्वी सेवा मगरपाली द्वारा डंडा नृत्य, दोपहर 3:45 बजे से छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच कन्हारपुरी द्वारा सोला सिंगार लोक प्रस्तुतियाँ एवं शाम 4:15 बजे से 4:30 बजे तक श्री किशोर हम्पीहोली, स्वर संगम सांस्कृतिक मंच नागपुर द्वारा अम्रपाली नृत्य नाटक की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक सिरपुर महोत्सव का समापन कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके पश्चात सावित्री कहार लोक कला मंच रायपुर द्वारा लोक साधना की प्रस्तुति होगी। रात्रि 7 बजे से 10 बजे तक प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एवं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स, मुंबई की विशेष प्रस्तुति के साथ सिरपुर महोत्सव 2026 का भव्य समापन होगा।

Budget Session 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से शुरू हुआ संसद का बजट सत्र

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 Budget Session 2026 : संसद का बजट सत्र 2026 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी वर्षों के विकास एजेंडे को सदन के सामने रखा। अभिभाषण के दौरान ‘जी राम जी’ (VB-G RAM G) कानून का उल्लेख होते ही विपक्षी दलों ने हंगामा किया, जिसके चलते सदन में कुछ समय के लिए व्यवधान की स्थिति बनी रही।


राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 10–11 वर्षों में देश की बुनियाद मजबूत हुई है और वर्ष 2026 से भारत एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निर्णायक समय बताया।

अभिभाषण में राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में अब 2 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। वहीं ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार’ अभियान के तहत 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई है।

युवाओं के लिए भविष्य की तकनीकों पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य कर रही है।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक इन योजनाओं का लाभ 25 करोड़ लोगों तक सीमित था, जो अब बढ़कर 95 करोड़ लोगों तक पहुंच चुका है। इसमें दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।

राष्ट्रपति ने स्टार्टअप और मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 20 लाख से ज्यादा लोग कार्यरत हैं। इन स्टार्टअप्स में लगभग 40 प्रतिशत में महिला निदेशक हैं।

खेलों के क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि भारत वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की।

उन्होंने आदिवासी गौरव और राष्ट्रीय महापुरुषों को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा, सरदार वल्लभभाई पटेल और गुरु तेग बहादुर जी का उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी विरासत को याद करना नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।

नक्सलवाद पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर और बीजापुर जैसे क्षेत्रों में माओवादियों के आत्मसमर्पण से शांति का माहौल बन रहा है और कई गांवों में वर्षों बाद विकास पहुंचा है।

अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई कर रही है और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अभिभाषण के दौरान ‘जी राम जी’ कानून को लेकर विपक्ष ने विरोध दर्ज कराया, हालांकि सरकार का कहना है कि यह कानून संसद से पारित हो चुका है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ ही संसद का बजट सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया।

दिल्ली में गडकरी से मिले उप मुख्यमंत्री अरुण साव, छत्तीसगढ़ को मिली सड़क विकास की बड़ी सौगात की उम्मीद

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 रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाओं को मंजूर करने का आग्रह किया। उन्होंने गडकरी से बिलासपुर शहर में यातायात का दबाव कम करने बायपास निर्माण, रायपुर और बिलासपुर के बीच भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) तक 6-लेन मार्ग की मंजूरी तथा मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग का विस्तार रायपुर तक करने का अनुरोध किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में 13 राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के साथ ही 8 सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी आग्रह किया।


उप मुख्यमंत्री साव ने मुलाकात के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अवगत कराया कि बिलासपुर शहर में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों के कारण यातायात का काफी दबाव है, जिससे निरंतर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने इसके समाधान के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से शहर के बाहर से होकर उच्च न्यायालय बोदरी से सेंदरी तक करीब 32 किमी लंबा फोरलेन बायपास स्वीकृत करने का अनुरोध किया। यह बायपास बिलासपुर शहर के प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क को रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही शहर के भीतर यातायात के दबाव को प्रभावी तरीके से कम करते हुए औद्योगिक विकास संचार तंत्र एवं नियोजित शहरी विस्तार को बढ़ावा देगा।


साव ने राज्य के उत्तरी हिस्से में कोल माइन्स एवं दक्षिणी हिस्से में आयरन माइन्स को देखते हुए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने, कोयला एवं लौह अयस्क के परिवहन, स्टील व सीमेंट उत्पाद को बाहर भेजने तथा प्रदेशवासियों के सुचारू आवागमन के लिए मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग को ग्रीन फील्ड सड़क के रूप में रायपुर तक विस्तारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रायपुर-नागपुर-मुंबई एक्सेस कंट्रोल 8-लेन कनेक्टीविटी से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने गडकरी से भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक लगभग 95 किमी 6-लेन मार्ग के निर्माण की मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने गडकरी को बताया कि वर्तमान में रायपुर से बिलासपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ा हुआ है, किंतु एक्सेस कंट्रोल नहीं होने के कारण राज्य की तीनों भारतमाला परियोजनाओं के बीच सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। आरंग-दर्री मार्ग के निर्माण से रायपुर से बिलासपुर की दूरी एक घंटे में तय होगी तथा तीनों भारतमाला सड़कों के आपस में जुड़ जाने से सीधा संपर्क होगा, जिससे सभी तरह के परिवहन में समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी।

साव ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के 13 खंडों के उन्नयन के लिए राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए विद्यमान मार्गों को उन्नत किए जाने पर जोर देते हुए आठ सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी अनुरोध किया।

4 फरवरी को साय कैबिनेट की बैठक, बड़े फैसलों पर लगेगी मुहर

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक 4 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक पूर्वाह्न 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में संपन्न होगी।


सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और बड़े फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है। बजट, प्रशासनिक सुधार, विकास योजनाओं तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अहम विषयों पर मंत्रिपरिषद की मुहर लग सकती है।

कैबिनेट बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी सरकार की ओर से जारी की जाएगी।

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