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सियान गुड़ी बन रही वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहारा और सम्मान का केंद्र

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है।


समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है।

हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।

सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है।

सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।

समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

नवा रायपुर अटल नगर: विकास, निवेश और आधुनिक भारत का उभरता स्मार्ट शहर

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नवा रायपुर अटल नगर: उपलब्धियों से नई ऊँचाइयों की ओर

रायपुर- छत्तीसगढ़ की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी नवा रायपुर अटल नगर आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में शामिल है। सुव्यवस्थित अधोसंरचना, हरित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति ने नवा रायपुर को भविष्य के भारत का आदर्श शहरी मॉडल बना दिया है। यह केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का उभरता हुआ केंद्र है।

स्मार्ट अधोसंरचना और शहरी सेवाओं में बड़ी उपलब्धियाँ

नवा रायपुर अटल नगर में 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पूरे शहर में दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे वर्तमान आबादी के साथ-साथ नए विकसित हो रहे सेक्टरों की आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सकेगी।

वर्षाजल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 10.66 किलोमीटर लंबी बायोस्वेल्स, रिचार्ज पिट्स और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र विकसित किए गए हैं। इन पहलों ने न केवल जल संरक्षण को मजबूत किया है, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन को भी सुदृढ़ किया है।

परिवहन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम

रायपुर-राजिम रेल सेवा का नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन तक विस्तार शहर की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान कर रहा है।

महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिंक ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। साथ ही, ई-बस संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और सेवा प्रारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह पहल हरित और टिकाऊ शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रहा एडूसिटी

नवा रायपुर के 13 सहकारी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है और दो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।

लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में एडूसिटी का विकास किया जा रहा है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे National Institute of Fashion Technology (NIFT), National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) और National Forensic Sciences University (NFSU), Narsee Monjee को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-7 में 17 एकड़ भूमि पर आवासीय विद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।

मेडिसिटी: स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यहाँ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, धर्मशाला, होटल और आवासीय सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।

इस परियोजना के तहत Bombay Hospital को 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, लगभग 50 एकड़ भूमि पर आवासीय विकास हेतु निजी निवेशकों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।

महिला सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण

कार्यरत महिलाओं के लिए 1,000 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना महिला सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।

इसके अतिरिक्त, प्रवासी श्रमिकों के लिए 1,100 क्षमता वाला सर्वसुविधायुक्त श्रमिक आवास भवन 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।

पर्यटन, संस्कृति और MICE गंतव्य के रूप में उभार

नवा रायपुर में 77 एकड़ भूमि पर सेवाग्राम तथा सेक्टर-39 में Art of Living Foundation को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र विकसित हो रहे हैं।

सेक्टर-4 और 10 में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में निजी निवेश के माध्यम से कन्वेंशन सेंटर कम स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जा रही है। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर और टेनिस, तैराकी, कुश्ती, तीरंदाजी तथा स्क्वैश जैसी खेल सुविधाएँ शामिल होंगी।

सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का उभरता हब

नवा रायपुर में राज्य का पहला SEZ आधारित एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश अपेक्षित है।

यहाँ भारत का पहला GaN तकनीक आधारित सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए भी भूमि आवंटित की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हुई है, जहाँ PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

सीबीडी क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आईटी कंपनियों को सुसज्जित कार्यालय स्थान उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में लगभग 1,000 युवा कार्यरत हैं और 2,000 अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना है।

सतत विकास और हरित पहल

“पीपल फॉर पीपल” अभियान के अंतर्गत 1 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे शहर के 26 प्रतिशत हरित क्षेत्र को संरक्षित और विस्तारित करने में मदद मिली है।

बायोस्वेल्स, रिचार्ज सिस्टम और हरित कॉरिडोर जैसे उपाय नवा रायपुर को पर्यावरण-अनुकूल और जल-संवेदनशील शहर के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

प्राधिकरण की आगामी कार्ययोजना

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण आने वाले वर्षों में शहर को और अधिक आधुनिक एवं निवेश-आकर्षक बनाने हेतु कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है:

सेरीखेड़ी और मंदिरहसौद क्षेत्र में लगभग 1,100 एकड़ पर 800 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास।
  • राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के एकीकृत विकास हेतु विशेष प्राधिकरण गठन।
  • 500 एकड़ में मेडिसिटी और 200 एकड़ में एडूसिटी का विस्तार।
  • नवा रायपुर को IT, ITeS और AI हब के रूप में स्थापित करना।
  • वार्षिक पूंजीगत व्यय क्षमता को 1,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना।
  • वेलनेस सेंटर, वेडिंग डेस्टिनेशन, MICE कैपिटल और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहन।
  • प्रभावित ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास योजना के आधार पर आधुनिक अधोसंरचना विकास।
  • इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का तकनीकी उन्नयन।
  • सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने हेतु 40 नई ई-बसों का संचालन।
नई राजधानी, नए भारत की पहचान

नवा रायपुर अटल नगर आज योजनाबद्ध विकास, आधुनिक सुविधाओं और सतत शहरीकरण का सशक्त उदाहरण बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और हरित विकास के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति इसे न केवल छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।

आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर निश्चित ही भारत के सबसे आधुनिक, निवेश-अनुकूल और जीवन गुणवत्ता से परिपूर्ण शहरों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

आत्मनिर्भरता, पोषण और बदलाव की नई पहचान बनीं महिला स्व-सहायता समूह

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति को एक साथ जोड़ते हुए राज्य सरकार ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता की नई रोशनी जगाई है। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-ईट) के निर्माण एवं वितरण का दायित्व महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपकर सरकार ने महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी का अवसर भी प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा के समन्वित मॉडल के रूप में उभर रही है। पहले जहां पूरक पोषण आहार निर्माण का कार्य बाहरी एजेंसियों के माध्यम से किया जाता था, वहीं अब यह जिम्मेदारी गांव की महिलाओं ने संभाल ली है, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है और महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रही है।

राज्य सरकार ने प्रथम चरण में रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलें में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है। इन छह जिलें के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण एवं वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार मिली है और वे अब संगठित रूप से उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण का कार्य संभाल रही हैं।

प्रदेश का पहला रेडी-टू-ईट उत्पादन रायगढ़ जिले में प्रारंभ हुआ, जिसने पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। कोरबा जिले में 10, रायगढ़ में 10, सूरजपुर एवं बलौदाबाजार-भाटापारा में 7-7, बस्तर में 6 तथा दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह इस कार्य से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक समय पर गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है।

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे महिलाओं की भूमिका केवल श्रमिक तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा भी बनी हैं। उत्पादन इकाइयों में कार्यरत महिलाओं को मशीन संचालन, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, भंडारण वितरण और लेखा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित इन इकाइयों ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।

सूरजपुर जिले में संचालित रेडी-टू-ईट निर्माण संयंत्र इस बदलाव की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। भैयाथान, प्रतापपुर और सूरजपुर विकासखंडों में संचालित संयंत्रों में महिलाएं पौष्टिक नमकीन दलिया और मीठा शक्ति आहार तैयार कर रही हैं। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, आयरन, कैल्शियम, जिंक और फोलिक एसिड जैसे आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं, जो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

इन संयंत्रों में कार्यरत महिलाएं अब केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां नहीं निभा रहीं, बल्कि जिले के पोषण अभियान में महत्वपूर्ण भागीदार बन चुकी हैं। सूरजपुर जिले में निर्माण के साथ-साथ वितरण की जिम्मेदारी भी महिला समूहों को सौंपी गई है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं आजीविका से जुड़ सकी हैं। लगभग 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार पहुंचाने के कार्य में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पहल को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह योजना महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

दरअसल, यह पहल केवल पोषण आहार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव की एक सशक्त कहानी भी है, जिन महिलाओं की पहचान कभी केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थी, वे आज उत्पादन इकाइयों का संचालन कर रही हैं। समूहों का नेतृत्व कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। नियमित आय ने उनके जीवन में स्थिरता लाई है, आत्मविश्वास बढ़ाया है और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत किया है।

छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित यह मॉडल “पोषण के साथ सशक्तिकरण” की अवधारणा को वास्तविक रूप दे रहा है। यह पहल साबित कर रही है कि जब महिलाओं को अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन को बदलती हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा भी तय करती हैं।

ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में देशभर में मेडिकल स्टोर्स बंद, 15 लाख दवा विक्रेताओं की हड़ताल

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 नई दिल्ली। देशभर में आज यानी 20 मई को मेडिकल स्टोर्स की हड़ताल देखने को मिल रही है। फार्मासिस्ट, केमिस्ट और दवा डिस्ट्रीब्यूटरों के राष्ट्रीय संगठन All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) के आह्वान पर देशभर के 15 लाख से अधिक दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखीं। यह हड़ताल ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों और उनसे जुड़े सरकारी नियमों के विरोध में की जा रही है।


AIOCD का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) नोटिफिकेशन की वजह से ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां बिना स्पष्ट और सख्त नियमों के काम कर रही हैं। संगठन का आरोप है कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवाइयों की बिक्री के लिए पर्याप्त निगरानी व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

AIOCD के महासचिव Rajiv Singhal ने कहा कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म फर्जी या गलत प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर भी दवाइयां बेच रहे हैं। संगठन का कहना है कि जिस तरह पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स पर सख्त नियम लागू होते हैं, उसी तरह ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों पर भी कड़े कानून लागू किए जाने चाहिए।

ऑनलाइन दवा बिक्री पर उठे सवाल

दवा व्यापारियों का कहना है कि मेडिकल स्टोर्स डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही दवाइयां देते हैं और एंटीबायोटिक्स, नशीली दवाएं तथा प्रेग्नेंसी किट जैसी संवेदनशील दवाओं का पूरा रिकॉर्ड रखते हैं। वहीं, ई-फार्मेसी कंपनियों पर आरोप है कि वे बिना उचित जांच के दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं।

संगठन ने यह भी कहा कि कई online कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर बाजार व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। जबकि सामान्य मेडिकल स्टोर संचालकों को सीमित मुनाफा मिलता है, ऐसे में बड़े डिस्काउंट देना सामान्य व्यापार नियमों के खिलाफ प्रतीत होता है।

बार के बाहर खूनी संघर्ष : युवक के गले में घुसाई बीयर बोतल, हालत गंभीर

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 दुर्ग। जिले के सुपेला थाना क्षेत्र में स्थित पंजाब बार के बाहर देर रात मामूली विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। नशे में धुत दो गुटों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। हमलावरों ने एक युवक के गले पर बीयर की बोतल फोड़कर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा।


घटना का खौफनाक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक दो चचेरे भाइयों की बेरहमी से पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक युवक के जमीन पर गिरने के बाद भी हमलावर नहीं रुके और उस पर पत्थर से हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई।

घायलों की पहचान ज्ञानेश्वर साहू और उनके चचेरे भाई आशीष साहू के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक दोनों युवक पंजाब बार में शराब पीने गए थे। बार से बाहर निकलते ही अज्ञात युवकों ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक की हालत नाजुक बनी हुई है।

सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि सुपेला थाना पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने बीयर की बोतल और पत्थरों से जानलेवा हमला किया है। पुलिस ने CCTV फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।

RAIPUR NEWS : 16 साल के भरोसे ने दिया धोखा : ज्वेलर्स शोरूम से 2 करोड़ का 1.5 किलो गोल्ड लेकर फरार हुआ कर्मचारी

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 रायपुर। राजधानी रायपुर के सदर बाजार स्थित मशहूर ज्वेलरी शोरूम मनोहरमल एंड कंपनी ज्वेलर्स में करीब 2 करोड़ रुपए के सोने के जेवर गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि शोरूम के 16 साल पुराने भरोसेमंद कर्मचारी ने की है। मामले में पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने आरोपी कर्मचारी सूरज साहू के खिलाफ गबन का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।


मिली जानकारी के अनुसार, सूरज साहू पिछले 16 वर्षों से शोरूम में कार्यरत था। उसकी जिम्मेदारी रोजाना डिस्प्ले में रखे गए सोने के जेवरों को वापस लॉकर में सुरक्षित रखना थी। आरोप है कि 9 अप्रैल 2026 की रात दुकान बंद करते समय उसने करीब 1495 ग्राम 670 मिलीग्राम सोने के जेवर लॉकर में जमा करने के बजाय अपने पास रख लिए और फरार हो गया।

घटना का खुलासा 13 अप्रैल को स्टॉक मिलान के दौरान हुआ, जब भारी मात्रा में सोना गायब पाया गया। शोरूम संचालक सुरेश भंसाली ने कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें शाम 4 बजकर 21 मिनट पर सूरज साहू सोने के जेवर अपने साथ ले जाते दिखाई दिया।

बताया जा रहा है कि चोरी हुए जेवरों में कई महंगे और अलग-अलग डिजाइन के आभूषण शामिल हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 2 करोड़ रुपए आंकी गई है।

कोतवाली निरीक्षक सतीश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग? BRICS समिट में मोदी-पुतिन के साथ होगी अहम बैठक

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 नई दिल्ली। भारत इस साल सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित इस बड़े सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों ने भारत को अपनी संभावित भागीदारी की जानकारी दे दी है।


रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने भी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे की पुष्टि की है। क्रेमलिन के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि पुतिन BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सम्मेलन के दौरान पुतिन और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।

एक साल में दूसरी बार भारत आएंगे पुतिन

राष्ट्रपति पुतिन ने इससे पहले दिसंबर 2025 में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया था। वहीं हाल ही में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी BRICS देशों की बैठक में शामिल होने नई दिल्ली आए थे।

SCO सम्मेलन में भी हो सकती है मुलाकात

BRICS सम्मेलन से पहले 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के शामिल होने की संभावना है।

7 साल बाद भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संभावित भारत दौरा काफी अहम माना जा रहा है। यदि उनका दौरा तय होता है तो वह करीब 7 साल बाद भारत आएंगे। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2019 में चेन्नई के मामल्लापुरम का दौरा किया था।

भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और सितंबर में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं।

BRICS में अब 11 देश शामिल

BRICS दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। बाद में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इंडोनेशिया समेत कुल 11 देश शामिल हो चुके हैं।

यह समूह दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही वैश्विक GDP में करीब 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार में लगभग 26 प्रतिशत हिस्सेदारी BRICS देशों की है।

 
 

DMF घोटाला मामला: पूर्व IAS अधिकारी अनिल टूटेजा को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

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 छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित डीएमएफ (District Mineral Foundation) घोटाला मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टूटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला राज्य में डीएमएफ फंड के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही थी। इस केस में कई स्तरों पर जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद पूर्व आईएएस अधिकारी को जमानत देने का आदेश जारी किया, जिससे मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आया है।

यह फैसला आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

छत्तीसगढ़ में निकेल, कॉपर और पैलेडियम के बड़े भंडार की खोज, खनिज क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती

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 छत्तीसगढ़ में हाल ही में एक महत्वपूर्ण खनिज खोज सामने आई है, जिससे राज्य और देश दोनों के लिए बड़ी संभावनाएँ बन रही हैं।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निकेल, कॉपर और पैलेडियम जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार मिलने की जानकारी मिली है। यह खोज भारत के “क्रिटिकल मिनरल सेक्टर” को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये खनिज आधुनिक उद्योगों, इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी निर्माण और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स में अत्यंत उपयोगी होते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ में इन संसाधनों की उपलब्धता से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत की आयात निर्भरता भी कम हो सकती है।

सरकारी स्तर पर अब इन खनिज क्षेत्रों के विस्तृत सर्वे और विकास की दिशा में तेजी से काम किए जाने की संभावना है। इस खोज को राज्य के खनिज विकास के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: खतरनाक और रेबीज संक्रमित आवारा कुत्तों को दी जा सकेगी इच्छामृत्यु

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सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से बढ़ते हमलों और रेबीज संक्रमण के मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में जहां लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है, वहां रेबीज संक्रमित और अत्यधिक आक्रामक आवारा कुत्तों को उचित चिकित्सकीय जांच के बाद इच्छामृत्यु (यूथेनेशिया) दी जा सकती है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल विशेष परिस्थितियों में और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया जाएगा। किसी भी कुत्ते को इच्छामृत्यु देने से पहले अधिकृत पशु चिकित्सकों द्वारा उसकी स्वास्थ्य जांच करना और यह प्रमाणित करना आवश्यक होगा कि वह रेबीज से संक्रमित है या लोगों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या, रेबीज संक्रमण और लोगों पर हमलों की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि पशु क्रूरता रोकने के नियमों और मानवीय दृष्टिकोण का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।

इस फैसले के बाद देशभर में आवारा कुत्तों की समस्या, सार्वजनिक सुरक्षा और पशु अधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने फैसले का समर्थन किया है, जबकि पशु प्रेमी संगठनों ने इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।

बीटीआई रोड में सड़क चौड़ीकरण के कारण 3 दिनों तक सुबह 9 से 12 बजे तक विद्युत अवरोध रहेगा

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महासमुंद- विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता पी.आर. वर्मा ने बताया कि बीटीआई रोड महासमुंद में दोनों तरफ सड़क चौड़ीकरण कार्य हेतु नए विद्युत पोल एवं विद्युत तार लगाने के कार्य के चलते 20 मई 2026 से 22 मई 2026 दिन बुधवार से शुक्रवार तक लगातार 3 दिनों तक सुबह 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत अवरोध रहेगा। उन्होंने बताया कि इससे 33केवी राजिम, 33केवी फिंगेश्वर, 33केवी शिवालिक पावर, 33केवी बागबाहरा फीडर, 11केवी टाउन -1,2,3 एवं 11केवी बमनी फीडर प्रभावित होगा तथा बीटीआई रोड, मोहारी भाटा, शिवानंद कॉलोनी, सिविल लाइन, वन विद्यालय एवं कार्यालय, कॉलोनी, केंद्रीय विद्यालय, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कौशिक कॉलोनी बीटीआई रोड भाजपा कार्यालय के पीछे, मलेरिया ऑफिस के आसपास, गुड़रू पारा, शास्त्री चौक, बरोंडा चौक, गांधी चौक, सत बहिनिया चौक, राम मंदिर के पीछे कुर्मी पारा एवं उसके आसपास के क्षेत्र का विद्युत सप्लाई बंद रहेगा। उन्होंने असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि किसी तरह की जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1912 संपर्क कर सकते हैं।


बस्तर बना बदलाव की मिसाल, अमित शाह बोले- अब कोई विवाद नहीं

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 रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई।


बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।


अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जो भी चीजें चाहिए थीं, उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर उन्हें प्राप्त किया और जहां नेतृत्व की जरूरत थी, वहां मुख्यमंत्री जी और उपमुख्यमंत्री जी ने नेतृत्व भी प्रदान किया और इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है।

अमित शाह ने कहा कि राज्यों के बीच के और राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं। शाह ने कहा कि आज की बैठक में सभी एजेंडा विकास की मॉनिटरिंग से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारा संघीय ढांचा मजबूत हुआ है और क्षेत्रीय परिषद की बैठकें निरंतर हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़े भूभाग में चार राज्यों के बीच और चार राज्यों का केन्द्र के साथ कोई विवाद ही नहीं बचा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य हैं। उत्तर के हिमालय क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानी भूभाग से लेकर मध्य भारत के पठारी, वन समृद्ध और खनिज समृद्ध क्षेत्र इस क्षेत्र में आते हैं, जो निश्चित रूप से देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होने कहा कि यह क्षेत्र हमें देश के अनाज के भंडारों को भरने में बड़ी मदद करता है। इस क्षेत्र के समृद्ध खनिज भंडार से देश के विकास को गति मिलती है और इसी क्षेत्र की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने देश को आगे बढ़ाने में मदद की है। इसी क्षेत्र में देश के आस्था के सभी केंद्र करीब-करीब एक ही जगह पर आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग सात राज्यों को जोड़ता है और इस दृष्टि से पूरे मध्य क्षेत्र का बहुत महत्व है। गृह मंत्री ने कहा कि आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त हुआ है, जो हम सबके लिए बहुत हर्ष का विषय है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद बैठकों का एक मजबूत और जीवंत तंत्र बना है - हमने इसे निर्णायक, निरंतर और परिणामदायी बनाया है। 2004 से 2014 के 10 वर्षों में क्षेत्रीय परिषद की मात्र 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014 से 2026 के बीच बढ़कर 32 हो गई हैं। पहले 10 वर्षों में स्टैंडिंग कमेटी की 14 बैठकें हुई थीं, जो इस अवधि में ढाई गुना बढ़कर 35 हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में मात्र 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि 2014 से 2026 में 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई है, और उनमें से लगभग 80% मुद्दों का सफल निराकरण भी कर लिया गया है। लंबित मुद्दों में से अधिकांश मॉनिटरिंग से संबंधित हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल ड्रॉपआउट दर और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों। वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार इस विकसित क्षेत्र को पूर्ण विकसित बनाने में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।

अमित शाह ने कहा कि शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार के चारों क्षेत्र में भी और अधिक गति से कार्य करें। गृह मंत्री ने अपील की कि हमारा कम से कम 50% ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को मजबूत बनाने वाली योजनाओं पर रहना चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा कि हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाएं Direct Benefit Transfer (DBT) आधारित हैं, इसीलिए सभी राज्यों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि POCSO और बलात्कार के मामलों में अगर समय से DNA जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है। श्री शाह ने कहा कि अदालतों में लंबित पड़े पाँच साल से अधिक पुराने मामलों के तेजी से निपटारे के लिए उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिए। गंभीर अपराधों में शासन को ऐसी गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे 1930 हेल्पलाइन पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप ही राज्यों का प्रारूप लागू करें और राज्यों की हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को अपडेट करें।

अमित शाह ने कहा कि मिलावटखोरी के मामलों में जो केस रजिस्टर्ड होता है और पेनल्टी लगती है तो उसकी प्रसिद्धि की भी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जनता को पता चलेगा कि दोषी दुकानों पर मिलावट वाली चीजें मिलती हैं।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली की तीनों नवीन न्याय संहिता पर बहुत अच्छा अमल हुआ है। उन्होंने कहा कि अब भी इसमें बहुत सारे मुद्दे ऐसे हैं जिनके क्रियान्वयन पर हमें बल देना होगा गृह मंत्री ने कहा कि जिस तरह से हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है, उसी तरह से 3 साल में हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंजाम देने का लक्ष्य हमें 2029 से पहले पूरा करना है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण, तत्काल काम शुरू करने के दिए निर्देश

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308 करोड़ की लागत से 11.38 किमी लंबा फोरलेन बायपास बनेगा 

रायपुर- लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण किया। उन्होंने बायपास का काम तत्काल प्रारंभ करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी इस दौरान मौजूद थे।

मुकेश कुमार बंसल ने बायपास के रास्ते में शेष बचे पेड़ों की कटाई तत्परता से करने के निर्देश वन मंडलाधिकारी को दिए हैं। उन्होंने बायपास से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की जानकारी लेकर लंबित मामलों का निराकरण यथाशीघ्र करने को कहा। उन्होंने कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है।

2 वृहद और 2 मध्यम पुल भी बनेंगे

लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे।

देर रात खनिज विभाग की दबिश, अवैध रेत उत्खनन में लगी पोकलेन, जेसीबी और ट्रैक्टर जब्त

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 रायपुर : राज्य शासन प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन पर शख्त कार्रवाई कर रही हैं। इसी कड़ी में रायगढ़ जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले में खनिज रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार देर रात खनिज अमले ने संयुक्त अभियान चलाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में दबिश देकर अवैध खनन में संलिप्त मशीनों और वाहनों को जब्त किया।


खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 18 मई की रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक सहायक खनिज अधिकारी, खनिज निरीक्षक एवं खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा कार्रवाई की गई। इस दौरान ग्राम लेबड़ा में दबिश देकर अवैध रेत उत्खनन में लगी एक चौन माउंटेड मशीन पोकलेन को जब्त कर सील किया गया। वहीं ग्राम रानीगुड़ा में कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी और तीन ट्रैक्टर जब्त कर कलेक्टोरेट परिसर लाया गया।

जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि सभी वाहन मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 एवं 23 क के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। संबंधित मामलों में आगे वैधानिक कार्रवाई और शास्ति की प्रक्रिया की जाएगी। जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने कहा है कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छात्राओं से मोबाइल पर कथित अश्लील वार्तालाप, व्याख्याता पर विभागीय शिकंजा

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 राजनांदगांव। छात्राओं के प्रति कथित अशोभनीय व्यवहार और मोबाइल फोन पर अनुचित वार्तालाप के आरोपों में घिरे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुरगी के व्याख्याता एलबी सुशील नारायण शर्मा के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की है। डीईओ कार्यालय ने मामले से संबंधित निरीक्षण प्रतिवेदन, प्रारंभिक परीक्षण, समाचार पत्रों में प्रकाशित तथ्यों और पुलिस द्वारा दर्ज अपराध के आधार पर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को प्रस्ताव भेजते हुए शिक्षक के निलंबन एवं नियमित विभागीय जांच की मांग की है।


प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि व्याख्याता सुशील नारायण शर्मा के खिलाफ छात्राओं से अनुचित एवं अशोभनीय व्यवहार करने तथा मोबाइल फोन के माध्यम से कथित अश्लील वार्तालाप किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मामला 18 मई 2026 को समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के बाद और अधिक गंभीरता से सामने आया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 और 79 सहित पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।

डीईओ कार्यालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित शिक्षक का आचरण पूर्व में भी विवादों में रहा है। संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा, दुर्ग द्वारा 20 जून 2025 को किए गए विद्यालय निरीक्षण के दौरान शालेय अभिलेखों में कई अनियमितताएं पाई गई थीं। निरीक्षण में यह सामने आया था कि कला संकाय के 11वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के नाम अगली कक्षा की उपस्थिति पंजी में दर्ज नहीं किए गए थे तथा विद्यालयीन गतिविधियों के संचालन में भी लापरवाही बरती जा रही थी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा प्राचार्य से जानकारी ली जा रही थी, तभी व्याख्याता सुशील नारायण शर्मा ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कथित रूप से विवाद और अशोभनीय व्यवहार किया था। इस मामले में संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय दुर्ग द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके जवाब को असंतोषजनक पाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई थी।

अब छात्राओं से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को अत्यंत गंभीर माना है। डीईओ द्वारा डीपीआई को भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया संबंधित शिक्षक का आचरण शासकीय सेवक के लिए अपेक्षित मर्यादा, अनुशासन और शिक्षकीय गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया है। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1), 3(1)(क) एवं 3(1)(ग) के विपरीत प्रतीत होता है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रकरण से न केवल विभागीय अनुशासन प्रभावित हुआ है, बल्कि छात्राओं के बीच शैक्षणिक वातावरण और शिक्षण संस्था की गरिमा पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। मामले की विस्तृत जांच, तथ्यों के परीक्षण और जवाबदेही तय करने के लिए नियमित विभागीय जांच आवश्यक बताई गई है।

इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित व्याख्याता के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किए जाने और विभागीय जांच संस्थित करने की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव डीपीआई को भेज दिया है। अब इस मामले में डीपीआई स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

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