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भारत-यूके सहयोग से EV चार्जिंग में बड़ी पहल, उन्नत तकनीक से बनेगा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

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नई दिल्ली: भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) ने Scharge Pvt Limited के साथ “Powering EV Charging Innovation” परियोजना के लिए समझौता किया है। यह परियोजना भारत-यूके संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही है, जिसमें ब्रिटेन की Albright Product Design Limited भी भागीदार है।

⚡ EV चार्जिंग में नई तकनीक

इस परियोजना का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए अगली पीढ़ी की चार्जिंग प्रणाली विकसित करना है, खासकर:

  • कमर्शियल फ्लीट

  • डिपो ऑपरेशन्स

के लिए।

इसमें Scharge द्वारा विकसित स्मार्ट चार्ज कंट्रोलर और यूके पार्टनर की पेटेंटेड ऑटोमैटेड केबल मैनेजमेंट सिस्टम को जोड़ा जाएगा।

🚗 क्या है खास?

नई तकनीक में:

  • मोटराइज्ड ओवरहेड केबल मैनेजमेंट सिस्टम

  • कम मैन्युअल काम

  • केबल की कम टूट-फूट

  • बेहतर सुरक्षा और सुविधा

जैसी विशेषताएं शामिल हैं।

यह सिस्टम मौजूदा AC Type-2 EV चार्जर्स के साथ भी काम करेगा।

🏭 डिपो में काम होगा आसान

इस समाधान से:

  • चार्जिंग समय कम होगा

  • उपकरण सुरक्षित रहेंगे

  • कार्य प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी

साथ ही केबल डैमेज और अन्य जोखिमों को भी कम किया जा सकेगा।

स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा

Scharge Pvt Limited इस परियोजना के जरिए:

  • भारत में EV तकनीक को मजबूत करेगा

  • स्मार्ट चार्जिंग सिस्टम विकसित करेगा

  • टिकाऊ और बड़े स्तर पर उपयोगी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा

क्या बोले अधिकारी?

TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि भारत-यूके जैसे सहयोगी कार्यक्रम नई और उपयोगी तकनीकों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। EV चार्जिंग में नवाचार, देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए जरूरी है।

निष्कर्ष

यह परियोजना भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई गति देगी। उन्नत तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए देश में सुरक्षित, स्मार्ट और भविष्य के लिए तैयार EV चार्जिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा।

परागकणों से खुलेगा भारत की कृषि का रहस्य! वैज्ञानिकों की अनोखी खोज से इतिहास को मिली नई नजर

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लखनऊ- भारत में कृषि की शुरुआत कब और कैसे हुई—इस रहस्य से अब जल्द पर्दा उठ सकता है। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अनोखी तकनीक विकसित की है, जिससे अब यह आसानी से पहचाना जा सकेगा कि कोई परागकण खेती की फसल का है या जंगली घास का। यह खोज खासतौर पर मध्य गंगा मैदान के प्राचीन कृषि इतिहास को समझने में क्रांतिकारी साबित होगी।


🌾 हजारों साल पुराने रहस्य की कुंजी

अब तक गेहूं, धान, जौ और बाजरा जैसी फसलों के परागकण जंगली घास से अलग करना बेहद मुश्किल था, क्योंकि सभी एक जैसे दिखते हैं। लेकिन नई रिसर्च ने इस चुनौती को आसान बना दिया है।

वैज्ञानिकों ने पाया कि परागकणों के आकार और संरचना के आधार पर अब साफ पहचान संभव है—यही खोज प्राचीन खेती के सुराग देगी।

🔬 हाई-टेक तकनीक से बड़ी सफलता

बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (BSIP), लखनऊ के वैज्ञानिकों ने 22 प्रकार की घासों पर अध्ययन किया। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया:

  • लाइट माइक्रोस्कोपी

  • कॉन्फोकल लेजर स्कैनिंग

  • इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी

📊 क्या कहती है रिसर्च?

शोध में सामने आया कि:

  • खेती वाली फसलों के परागकण
    👉 46 माइक्रोमीटर से बड़े होते हैं
    👉 और उनका एन्युलस 9 माइक्रोमीटर से अधिक होता है

  • जबकि जंगली घास के परागकण इससे छोटे पाए गए

यह स्पष्ट “बायोमेट्रिक पैमाना” अब वैज्ञानिकों के लिए एक मजबूत टूल बन गया है।

🏞️ इतिहास को समझने में बड़ी मदद

इस नई तकनीक से अब वैज्ञानिक:

  • प्राचीन कृषि की शुरुआत का समय जान सकेंगे

  • यह समझ पाएंगे कि इंसानों ने प्रकृति को कैसे बदला

  • गंगा के मैदान को कृषि हब बनने की कहानी को ट्रेस कर सकेंगे

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

यह पहली बार है जब भारत में स्थानीय डेटा के आधार पर ऐसा वैज्ञानिक मॉडल तैयार हुआ है। अब भारतीय शोधकर्ता विदेशी डेटा पर निर्भर हुए बिना अपने इतिहास को खुद समझ सकेंगे।

निष्कर्ष

यह खोज सिर्फ एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के अतीत को समझने की एक नई कुंजी है। परागकणों के जरिए अब हजारों साल पुराने कृषि इतिहास को पढ़ा जा सकेगा—और यही भारत की सभ्यता की जड़ों को और गहराई से उजागर करेगा।

नवी मुंबई का टेक्सटाइल रिकवरी मॉडल बना मिसाल, कचरे से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण की नई राह नवी मुंबई: नवी मुं

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बई नगर निगम (NMMC) ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत एक अनूठी पहल करते हुए टेक्सटाइल कचरे को संसाधन में बदलने का सफल मॉडल विकसित किया है। बेलापुर में स्थापित देश की पहली म्युनिसिपल टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी (TRF) अब कचरा प्रबंधन, रोजगार सृजन और सर्कुलर इकॉनमी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

कचरे से संसाधन की ओर

भारत में हर साल लगभग 7.8 मिलियन टन टेक्सटाइल कचरा उत्पन्न होता है। इस चुनौती से निपटने के लिए NMMC ने एक संगठित प्रणाली विकसित की है, जिसमें कचरे का संग्रह, छंटाई, पुनः उपयोग और रीसाइक्लिंग शामिल है।

शहर के 8 वार्डों में 140 टेक्सटाइल कलेक्शन बिन लगाए गए हैं, जिन्हें बढ़ाकर 250 करने की योजना है, जिससे नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

वैज्ञानिक प्रक्रिया और आधुनिक तकनीक

TRF में एकत्रित कपड़ों को:

  • तौला और टैग किया जाता है

  • अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है (रीयूजेबल, रीसाइक्लेबल आदि)

  • KOSHA स्कैनर से कपड़े की पहचान की जाती है

इसके बाद कपड़ों को साफ कर उन्हें नए उत्पादों में बदला जाता है।

महिलाओं को मिला रोजगार

इस पहल का सबसे बड़ा असर महिलाओं के सशक्तिकरण पर पड़ा है:

  • 300 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण

  • 150+ महिलाएं रोजगार से जुड़ीं

  • मासिक आय: ₹9,000 से ₹15,000

महिलाएं अब बैग, कपड़े, सजावटी सामान जैसे उत्पाद बनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

उल्लेखनीय उपलब्धियां

  • 30 टन टेक्सटाइल कचरा एकत्र

  • 25.5 टन की वैज्ञानिक छंटाई

  • 41,000 से अधिक आइटम प्रोसेस

  • 1.14 लाख परिवारों तक पहुंच

  • 400+ नए उत्पाद विकसित

 जागरूकता और बाजार विस्तार

TRF ने 30 से अधिक प्रदर्शनियों में भाग लेकर:

  • रीसाइक्लिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाई

  • महिला कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराया

चुनौतियां और समाधान

शुरुआत में:

  • लोगों में जागरूकता की कमी

  • बिन लगाने का विरोध

  • कपड़ों की छंटाई में कठिनाई

लेकिन निरंतर प्रयास और तकनीक के उपयोग से इन समस्याओं को दूर किया गया।

भविष्य की योजना

अब कोपरखैराने में एक स्थायी और बड़े स्तर की TRF स्थापित करने की योजना है, जिससे इस मॉडल को और मजबूत किया जा सके।

निष्कर्ष

नवी मुंबई की यह पहल दिखाती है कि कचरा भी संसाधन बन सकता है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि रोजगार सृजन और सतत विकास की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में आधुनिक सैन्य अस्पताल सुविधाओं की रखी आधारशिला, स्वास्थ्य सुरक्षा पर दिया जोर

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 6 अप्रैल 2026 को आर्मी मेडिकल कॉर्प्स के 262वें स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली कैंट स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में नेत्र, कैंसर और जॉइंट रिप्लेसमेंट सेंटर की आधारशिला रखी। इसके साथ ही बेस हॉस्पिटल में नई अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास की भी शुरुआत की गई।

नई परियोजनाओं के तहत बेस हॉस्पिटल में 998 बेड के साथ 100 अतिरिक्त इमरजेंसी बेड विकसित किए जाएंगे, जिससे सेना के जवानों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा

रक्षा मंत्री ने कहा कि ये नई सुविधाएं सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं (AFMS) को और मजबूत करेंगी, खासकर:

  • उन्नत नेत्र चिकित्सा

  • कैंसर उपचार

  • जटिल जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी

उन्होंने भरोसा जताया कि आधुनिक तकनीक से लैस ये केंद्र सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे।

रिसर्च और नवाचार पर जोर

राजनाथ सिंह ने चिकित्सा क्षेत्र में रिसर्च और नई तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत को:

  • कैंसर की शुरुआती पहचान

  • व्यक्तिगत चिकित्सा (Personalised Medicine)

  • हृदय रोगों की भविष्यवाणी

  • मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान

जैसे क्षेत्रों में और आगे बढ़ने की जरूरत है।

फार्मा सेक्टर में आत्मनिर्भरता जरूरी

उन्होंने कहा कि भारत दवाइयों का बड़ा निर्यातक है, लेकिन नई दवाओं के शोध में अभी आत्मनिर्भरता की जरूरत है। इसके लिए:

  • स्टार्टअप और MSME को बढ़ावा

  • क्लिनिकल रिसर्च मजबूत करना

  • वैश्विक गुणवत्ता मानकों को अपनाना

जरूरी है।

क्लिनिकल ट्रायल और डेटा सिस्टम पर फोकस

रक्षा मंत्री ने क्लिनिकल ट्रायल सिस्टम में सुधार की आवश्यकता बताई और कहा कि:

  • राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थ डेटा पूल बनाया जाए

  • स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल तैयार हों

  • डॉक्टरों के अनुभव साझा किए जाएं

इससे इलाज और नीति निर्माण दोनों बेहतर होंगे।

स्वास्थ्य सुरक्षा भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा

उन्होंने कहा कि आज के समय में स्वास्थ्य सुरक्षा भी राष्ट्रीय सुरक्षा जितनी ही महत्वपूर्ण है। जब सैनिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा का भरोसा होता है, तो वे अपने मिशन को अधिक आत्मविश्वास के साथ पूरा करते हैं।

सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों को सम्मान

इस अवसर पर:

  • कमांड हॉस्पिटल, पुणे को सर्वश्रेष्ठ अस्पताल का पुरस्कार

  • आईएनएचएस अश्विनी, मुंबई को दूसरा स्थान

दिया गया।

नई पुस्तक का विमोचन

रक्षा मंत्री ने ‘Precision Protocols in Early Neurodevelopmental Intervention’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया, जो बच्चों के न्यूरो विकास संबंधी रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

 निष्कर्ष

रक्षा मंत्री ने कहा कि देश का विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी होना चाहिए। उन्होंने सैन्य चिकित्सा सेवाओं से अपील की कि वे आधुनिक तकनीकों, रिसर्च और बेहतर प्रबंधन के जरिए देश को एक मजबूत और स्वस्थ राष्ट्र बनाने में योगदान दें।

उपराष्ट्रपति का छात्रों को संदेश: आत्मनिर्भर बनें, तकनीक अपनाएं और नशे से दूर रहें

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सोनीपत, हरियाणा- भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, नई तकनीकों को अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने हरियाणा को ‘धर्म क्षेत्र’ बताते हुए महान किसान नेता दीनबंधु छोटूराम को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनके प्रयासों ने किसानों और वंचित वर्गों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव लाया। उनके द्वारा सहकारिता और भूमि सुधार पर दिया गया जोर आज भी देश की कृषि व्यवस्था की मजबूत नींव है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह में लगभग 64% गोल्ड मेडल विजेता महिलाएं हैं और कुल छात्रों में उनकी हिस्सेदारी करीब 50% है। उन्होंने इसे हरियाणा में सामाजिक बदलाव और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की सफलता बताया।

आत्मनिर्भर भारत का विजन

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को दोहराते हुए कहा कि देश को नवाचार, स्वदेशी समाधान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा।

कोविड काल में भारत की भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने न केवल अपनी वैक्सीन विकसित की, बल्कि अपने नागरिकों को मुफ्त में उपलब्ध कराई और 100 से अधिक देशों को भी सहायता दी।

नई तकनीकों में अवसर

उपराष्ट्रपति ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की सलाह दी और कहा कि ये तकनीकें भविष्य को आकार देंगी।

नशे के खिलाफ सख्त चेतावनी

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नशे के खतरे पर चिंता जताई और उनसे इसे पूरी तरह त्यागने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।

सफलता का असली मंत्र

उन्होंने कहा कि सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि चरित्र, ईमानदारी और धैर्य से तय होती है। कठिनाइयों का सामना करने वाले ही अंततः सफल होते हैं।

निष्कर्ष

अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने छात्रों से देश के विकास में सक्रिय योगदान देने और मजबूत, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

भाजपा स्थापना दिवस पर CM साय का संदेश: संगठन की ताकत से जीतेंगे चुनाव, बंगाल में बदलाव तय

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 रायपुर: भाजपा के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।


प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ध्वजारोहण कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और इसी आधार पर पार्टी लगातार आगे बढ़ रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और विचारों से प्रेरणा लेकर सरकार प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अटल जी के सपनों को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अमित जोगी को मिली आजीवन कारावास की सजा पर प्रतिक्रिया देते हुए हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “देर से आया, लेकिन दुरुस्त फैसला है,” और इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

वहीं, पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बदलाव का माहौल बन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में भाजपा को जनसमर्थन मिलेगा और राज्य में परिवर्तन संभव होगा।

मासूम से दरिंदगी: जांजगीर में छात्रा से दुष्कर्म की कोशिश, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

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 जांजगीर-चांपा: जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक प्राथमिक शाला के शिक्षक पर छात्रा के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। मामले की पुष्टि के बाद आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


जानकारी के अनुसार, खिसोरा प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक राकेश कुर्रे के खिलाफ छात्रा के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। एसडीएम स्तर पर हुई जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बलौदा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धाराएं बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं, जिनमें कड़ी सजा का प्रावधान है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित स्थान पर इस प्रकार की घटना बेहद चिंताजनक है।

प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में मौसम का यू-टर्न: भीषण गर्मी से राहत, बारिश-आंधी का अलर्ट जारी

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में आई इस कमी से दिन और रात के मौसम में संतुलन देखने को मिल रहा है, जिससे आम जनजीवन भी कुछ हद तक सहज हुआ है।


आज कई इलाकों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

चार दिनों तक बना रहेगा असर

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है। इस दौरान गरज-चमक, आंधी और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। 5 अप्रैल के आसपास कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। साथ ही अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री तक और गिरावट संभव है।

बीते दिन भी हुई बारिश

रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो जगदलपुर में अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पौड़ी उपरोरा क्षेत्र में 1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।

BJP का 47वां स्थापना दिवस आज, “गांव चलो अभियान” की शुरुआत

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। हजारों कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर स्थापना दिवस को भव्य रूप देंगे।


स्थापना दिवस के साथ ही भाजपा आज, 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक “गांव चलो अभियान” की शुरुआत भी कर रही है। इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायक गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद करेंगे।

हर विधानसभा में चुने जाएंगे 50 गांव

पार्टी की योजना के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 50 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में जनसंपर्क और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी जाएंगी।

कार्यालयों में फहराया जाएगा पार्टी ध्वज

स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी भाजपा कार्यालयों में पार्टी का ध्वज फहराया जाएगा। साथ ही संगठन को और मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा।

जनसंपर्क और संगठन विस्तार पर फोकस

इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाना, सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना और आम जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित करना है। पार्टी इसे संगठन विस्तार और जनआधार मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है।

छत्तीसगढ़ में शर्मनाक वारदात: शराब के लिए दोस्त की बाइक बेची, फिर युवक को नग्न कर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शराब की लत और हिंसा से जुड़ा एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। दर्री थाना क्षेत्र में एक युवक ने कथित तौर पर शराब पीने के लिए अपने दोस्त की बाइक बेच दी। इस बात से गुस्साए दोस्त ने युवक को सड़क पर नग्न कर दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


यह घटना 27 मार्च की बताई जा रही है, हालांकि इसका वीडियो हाल ही में सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

बाइक बेचने पर भड़का विवाद

जानकारी के अनुसार, पीड़ित अमरदास (36) कावेरी विहार स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहता है। उसकी पत्नी कॉलोनी के अधिकारियों के घरों में काम करती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अमरदास शराब का आदी है। घटना वाले दिन वह अपने दोस्त सरोज कुमार के पास गया और उसकी बाइक लेकर शराब पीने निकल गया।

कुछ देर बाद जब वह लौटा, तो उसके पास बाइक नहीं थी। पूछताछ में उसने बताया कि उसने शराब पीने के लिए बाइक बेच दी। यह सुनते ही सरोज कुमार का गुस्सा भड़क उठा।

नग्न कर सरेआम पिटाई

आरोप है कि गुस्साए दोस्त ने अमरदास के कपड़े उतरवा दिए और उसे सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। वायरल वीडियो में युवक खून से लथपथ हालत में जान बचाकर भागता नजर आ रहा है। घटना को देखकर आसपास के लोग दंग रह गए।

बीच-बचाव में जुटे लोग, पुलिस को दी सूचना

घटना के दौरान राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की। कुछ लोगों ने घायल युवक को बचाया और डायल 112 के जरिए पुलिस को सूचना दी। मारपीट के दौरान मौके पर भारी भीड़ भी जमा हो गई थी।

आरोपी फरार, गिरफ्तारी की तलाश जारी

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था, लेकिन उस समय घटना की पूरी गंभीरता सामने नहीं आई थी। अब वीडियो वायरल होने के बाद मामले में और सख्त धाराएं जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी सरोज कुमार बिलासपुर जिले के रतनपुर क्षेत्र का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। उसकी तलाश जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

सामाजिक संदेश भी छोड़ गई घटना

यह मामला केवल मारपीट का नहीं, बल्कि शराब की लत से उत्पन्न सामाजिक और आपराधिक समस्याओं को भी उजागर करता है। एक ओर शराब के लिए दोस्त की संपत्ति बेचने जैसी हरकत, तो दूसरी ओर कानून को हाथ में लेकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना—दोनों ही गंभीर अपराध हैं। फिलहाल पुलिस वीडियो के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

भारत के मत्स्य क्षेत्र को मिला अब तक का सबसे बड़ा बजट, उत्पादन में 106% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

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नई दिल्ली- केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए मत्स्य क्षेत्र को ₹2,761.80 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किया है। यह कदम देश की ब्लू इकॉनमी को मजबूत करने और करोड़ों मछुआरों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

सरकार की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) इस क्षेत्र के विकास की मुख्य धुरी बनी हुई है, जिसके लिए इस वर्ष ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

उत्पादन और निर्यात में बड़ी छलांग

पिछले एक दशक में भारत के मत्स्य क्षेत्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
वित्त वर्ष 2013-14 में जहां मछली उत्पादन 95.79 लाख टन था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया है, जो 106% की वृद्धि दर्शाता है।

इसके साथ ही समुद्री उत्पादों का निर्यात भी बढ़कर ₹62,408 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें जमे हुए झींगे (Frozen Shrimp) का बड़ा योगदान है।

मछुआरों को मिल रहा सीधा लाभ

सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मछुआरों तक पहुंच रहा है:

  • 4.39 लाख मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

  • 33 लाख लोगों को बीमा सुरक्षा

  • 7.44 लाख परिवारों को आजीविका सहायता

इन पहलों से मछुआरों की आय स्थिर हुई है और जोखिम कम हुआ है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक पर जोर

सरकार ने मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:

  • कोल्ड स्टोरेज, फिश मार्केट और प्रोसेसिंग यूनिट का विकास

  • RAS और Biofloc जैसी नई तकनीकों को बढ़ावा

  • 2,195 फिशर प्रोड्यूसर संगठन (FFPOs) का गठन

इसके अलावा, FIDF योजना के तहत 225 परियोजनाओं में ₹6,685 करोड़ का निवेश किया गया है, जिससे रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़े हैं।

 डिजिटल इंडिया से जुड़ा मत्स्य क्षेत्र

सरकार ने नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) लॉन्च किया है, जिसमें अब तक 30 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। यह प्लेटफॉर्म मछुआरों को:

  • लोन

  • बीमा

  • बाजार से जुड़ाव

जैसी सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है।

सतत विकास और भविष्य की दिशा

सरकार ने 2025 में समुद्री मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए उत्पादन बढ़ाया जा सके।

भारत, जो पहले से ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, अब वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

निष्कर्ष

मत्स्य क्षेत्र में बढ़ता निवेश, नई तकनीक, और डिजिटल पहलें भारत को एक मजबूत और टिकाऊ ब्लू इकॉनमी की ओर ले जा रही हैं। यह क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी बनेगा।

BIG NEWS : जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला: अमित जोगी को उम्रकैद, हाईकोर्ट ने 2007 का फैसला पलटा

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बिलासपुर। Chhattisgarh High Court ने 2003 के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 2007 में ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को पलट दिया।


खंडपीठ ने सुनाया फैसला

मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha और न्यायमूर्ति Arvind Kumar Verma की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील और शिकायतकर्ता की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। अदालत ने अमित जोगी को आईपीसी की धारा 120-बी, 302/34 और 427/34 के तहत दोषी ठहराया।

क्या था मामला

Ram Avtar Jaggi, जो Nationalist Congress Party (एनसीपी) के नेता थे, की 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग की थी, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

CBI जांच में साजिश का खुलासा

मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी गई थी। जांच में यह सामने आया कि राजनीतिक साजिश के तहत हत्या कराई गई, ताकि एनसीपी की प्रस्तावित रैली को रोका जा सके।

अमित जोगी को मुख्य साजिशकर्ता माना

सीबीआई के अनुसार, Amit Jogi ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और शूटर को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी। अदालत ने गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, विजिटर्स रजिस्टर और कबूलनामे को अहम साक्ष्य मानते हुए साजिश को प्रमाणित माना।

ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी

गौरतलब है कि 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले को सीबीआई और मृतक के परिजनों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय “पक्षपाती और साक्ष्यों के विपरीत” था। अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्य अमित जोगी की भूमिका को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में स्थापित करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट जाएंगे अमित जोगी

फैसले के बाद Amit Jogi ने Supreme Court of India का रुख किया है। हाईकोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश भी दिया है।

तेज रफ्तार का कहर: बेकाबू स्कॉर्पियो ने 4 महिलाओं को रौंदा, 3 की मौके पर मौत

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। रविवार शाम NH-130 पर स्थित भिट्ठीकला गांव में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने 4 महिलाओं को कुचल दिया, जिसमें 3 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।


बताया जा रहा है कि महिलाएं बाजार से सब्जी खरीदकर घर लौट रही थीं। तभी सामने से आ रही बेकाबू स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और रौंदते हुए आगे निकल गई। हादसे के बाद सड़क पर पड़ी अपनी मां की लाश देखकर एक मासूम बेटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया—यह दृश्य हर किसी को झकझोर देने वाला था।

यह घटना मणिपुर थाना क्षेत्र की है। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने स्कॉर्पियो चालक को पकड़कर जमकर पीटा और शवों को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक नेशनल हाईवे पर 3 से 4 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रित हुई।

जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो (CG 15 EH 8874) अंबिकापुर से लखनपुर की ओर जा रही थी। भिट्ठीकला गांव के पास वाहन ने पहले तीन महिलाओं को कुचला, फिर चौथी को टक्कर मार दी। इसके बाद भी वाहन नहीं रुका और आगे जाकर एक ट्रेलर से टकरा गया।

हादसे में तीन महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि आयुषी नाम की एक महिला गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी चालक सोनू राजवाड़े को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है।

बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती पर समता स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

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5 अप्रैल 2026 को बाबू जगजीवन राम की 119वीं जयंती के अवसर पर बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समता स्थल (बाबूजी की समाधि), दिल्ली गेट, नई दिल्ली में सुबह 7:30 बजे से 8:00 बजे तक पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही 6, कृष्ण मेनन मार्ग, नई दिल्ली में सुबह 9:30 बजे सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

पुष्पांजलि समारोह में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा, लोकसभा सांसद मनोज कुमार, मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत, बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय फाउंडेशन की कार्यकारी उपाध्यक्ष स्वाति कुमार, सदस्य सचिव शैलेंद्र कुमार, निदेशक नरेंद्र वशिष्ठ, विभिन्न सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित बाबूजी के सैकड़ों अनुयायियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद 6, कृष्ण मेनन मार्ग पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, विभिन्न सांसदों, फाउंडेशन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में अनुयायियों ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी।

बाबू जगजीवन राम एक स्वतंत्रता सेनानी और महान राष्ट्रीय नेता थे, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्ष किया। वे 35 वर्षों तक केंद्रीय मंत्री रहे, जो कि एक लंबा कार्यकाल है, और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।

खाद्य एवं कृषि मंत्री के रूप में उन्हें ‘हरित क्रांति’ का श्रेय दिया जाता है, वहीं रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में भारत का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ।



हैवान बना पड़ोसी! मासूम से दरिंदगी के बाद पत्थर से कूचकर हत्या, कुएं में फेंका शव

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 कोरबा। जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगानाला के आश्रित ग्राम गणेशपुर में 7 साल के मासूम की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई है। आरोपी ने पहले बच्चे के साथ गलत हरकत की और फिर राज खुलने के डर से उसकी हत्या कर शव को 12 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया।


जानकारी के अनुसार, किसान शिवकुमार खुरसेंगा का 7 वर्षीय बेटा आयान 2 अप्रैल की दोपहर अपने दोस्तों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। नहाने के बाद अन्य बच्चे घर लौट आए, लेकिन आयान वापस नहीं पहुंचा। काफी देर तक इंतजार के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

इसी दौरान परिजनों को पता चला कि आयान को आखिरी बार पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय रंजीत कुमार के साथ देखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह बच्चे को बहलाकर सुनसान जगह ले गया, जहां गलत हरकत की। विरोध करने पर उसने पत्थर से सिर पर कई बार वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को पास के कुएं में फेंक दिया।

घटना के दो दिन बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुएं से शव बरामद किया। पुलिस की मौजूदगी में शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

इस जघन्य वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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