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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वारंगल में देश के पहले कार्यशील पीएम मित्र पार्क का किया उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने आज  पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन किया। यह भारत के औद्योगिक और वस्त्र क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। लगभग 1695.54 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह देश का पहला कार्यशील  पीएम मित्र पार्क है, जो भारत सरकार के 5F विज़न — “Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign” — को साकार करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वारंगल का  पीएम मित्र पार्क देश में टेक्सटाइल क्रांति को नई गति देगा तथा विशेष रूप से महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

यह पार्क प्रस्तावित नागपुर-विजयवाड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NH-163G) और राष्ट्रीय राजमार्ग-163 के निकट स्थित है, जिससे रेलवे नेटवर्क और बंदरगाहों तक बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी।

विश्वस्तरीय औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित इस पार्क में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है, जिसमें विस्तृत आंतरिक सड़क नेटवर्क, समर्पित विद्युत उपकेंद्र और सुनिश्चित जलापूर्ति शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली तकनीक से युक्त Common Effluent Treatment Plant (CETP) भी स्थापित किया गया है।

1,327 एकड़ क्षेत्र में फैला यह पार्क भारत के वस्त्र उद्योग के विकास का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। यहां 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना है और अब तक 62 प्रतिशत क्षेत्र आवंटित किया जा चुका है। इस परियोजना से लगभग 24,400 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जबकि हजारों लोगों को पहले ही रोजगार मिल चुका है।

भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय ने मार्च 2023 में तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में सात PM MITRA पार्क स्थापित करने को मंजूरी दी थी, ताकि देश में टेक्सटाइल अधोसंरचना को मजबूत किया जा सके।

तेलंगाना सरकार ने मार्च 2022 में वारंगल स्थित काकतिया मेगा टेक्सटाइल पार्क को PM MITRA योजना के तहत चयनित करने का प्रस्ताव दिया था। योजना के तहत इसे 200 करोड़ रुपये की विकास सहायता और 300 करोड़ रुपये की प्रतिस्पर्धात्मक प्रोत्साहन सहायता (सीआईएस) प्रदान की गई।

पीएम मित्र पार्क, वारंगल की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली आधारित CETP उन्नयन, कॉमन बॉयलर सुविधा, श्रमिक छात्रावास विस्तार तथा 10 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।

पार्क में उद्योगों के लिए आवंटित कुल 548 एकड़ भूमि में से 310 एकड़ भूमि  पीएम मित्र पार्क योजना की घोषणा के बाद आवंटित की गई है। यहां स्थापित उद्योगों को विश्वस्तरीय टेक्सटाइल अधोसंरचना के साथ-साथ पीएम मित्र पार्क योजना के तहत प्रतिस्पर्धात्मक प्रोत्साहन सहायता भी मिलेगी।

पार्क में स्थापित इकाइयों को केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। विशेष रूप से टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए लागू PLI योजना के तहत निवेश आकर्षित किया जा रहा है। इसी क्रम में एवरटॉप टेक्सटाइल एंड अपैरल कॉम्प्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड भी PLI योजना की लाभार्थी कंपनी है, जो लगभग 1051 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और करीब 12,800 लोगों को रोजगार प्रदान करेगी। कंपनी का अनुमानित वार्षिक कारोबार 1990 करोड़ रुपये रहने की संभावना है।

पीएम मित्र पार्क योजना केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता, आधुनिक साझा अधोसंरचना, निवेशकों के विश्वास और राष्ट्रीय टेक्सटाइल रणनीति के साथ एकीकृत विकास मॉडल के माध्यम से भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।


बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय पहुंचे डॉ. जितेंद्र सिंह, SATHI केंद्र की अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं का किया निरीक्षण

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का दौरा कर भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से स्थापित बहु-विषयक वैज्ञानिक सुविधा “साथी” (SATHI) का निरीक्षण किया।

मंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. चतुर्वेदी तथा संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान देश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए प्रेरणादायक सफलता की कहानी है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग देशभर के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक अधोसंरचना और शोध सहायता प्रणाली का विस्तार कर रहा है, ताकि उन्नत तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक सुविधाओं तक सभी की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि SATHI, FIST, ARRF आधारित शोध सहायता तंत्र और अन्य संस्थागत कार्यक्रमों के माध्यम से शोध, नवाचार, स्टार्टअप्स तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से युवा शोधकर्ताओं, MSMEs और उभरते उद्यमों को लाभ मिल रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि DST की विभिन्न योजनाएं विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रही हैं। इसके तहत कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अंतरिक्ष आधारित प्रयोगशालाओं एवं शोध कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार आधारित शिक्षा और उभरती तकनीकों की क्षमता विकसित हो सके।

मंत्री ने Sophisticated Analytical & Technical Help Institute (SATHI) का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों, विश्लेषणात्मक क्षमताओं, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, संकाय सदस्य तथा SATHI केंद्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

लगभग 72 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित SATHI-BHU एक राष्ट्रीय स्तर की साझा वैज्ञानिक अधोसंरचना सुविधा है, जो शिक्षण संस्थानों, शोध संगठनों, उद्योगों, MSMEs और स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक उपकरण, विश्लेषणात्मक सेवाएं और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराती है। यह केंद्र विश्वविद्यालय परिसर में सेक्शन-8 कंपनी मॉडल के तहत संचालित हो रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक अधोसंरचना को मजबूत करना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को उभरती तकनीकों एवं उन्नत शोध के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संस्थागत शोध क्षमता, स्वदेशी नवाचार और तकनीक आधारित विकास को लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

SATHI-BHU में सुपर रेजोल्यूशन कॉन्फोकल माइक्रोस्कोपी विद लाइव सेल इमेजिंग, उन्नत NMR स्पेक्ट्रोस्कोपी सिस्टम, हाई रेजोल्यूशन मास स्पेक्ट्रोमेट्री, क्लीन रूम सुविधाएं, इलेक्ट्रोकेमिकल वर्कस्टेशन, क्रोमैटोग्राफी प्लेटफॉर्म और आइसोटोप विश्लेषण प्रणाली जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनका उपयोग जीवन विज्ञान, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, सेमीकंडक्टर, खाद्य विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और उन्नत सामग्री अनुसंधान में किया जा रहा है।

मंत्री को बताया गया कि SATHI-BHU ने अब तक अकादमिक संस्थानों, शोध संगठनों और उद्योगों के लगभग 1,100 उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान की हैं, 30,000 से अधिक नमूनों का विश्लेषण किया है तथा लगभग 1,000 शोधकर्ताओं और हितधारकों को प्रशिक्षण दिया है। इसके अतिरिक्त क्षमता निर्माण के लिए लगभग 60 अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने NABL मान्यता प्राप्त करने तथा उद्योग एवं शोध क्षेत्रों के साथ मजबूत सहभागिता के माध्यम से टिकाऊ विश्लेषणात्मक सेवा मॉडल विकसित करने के लिए SATHI-BHU की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र उच्च प्रभाव वाले शोध प्रकाशनों, पेटेंट और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं एवं औद्योगिक संस्थानों के साथ सहयोग के जरिए विज्ञान, नवाचार और आर्थिक विकास के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है।

मदर्स डे पर सौगात : रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ

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 रायपुर : आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है।


अपनों से दूरी होगी कम

वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।

हुनर को मिला सम्मान

निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), विजय छबलानी (प्रतिनिधि, ठैछस्), गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

मैच देखने आकाश अंबानी और शाहरुख खान भी आ सकते हैं रायपुर !

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RCB ने अपने इंस्टा हैंडल में शेयर किया छत्तीसगढ़ी अंदाज में स्वागत का वीडियो..50 लाख लोगों ने देखा

क्रिकेटर्स ने की छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और खानपान की तारीफ

सीएम विष्णु देव साय की कोशिशें लायी रंग...आईपीएल के दो मैचों की मेजबानी से क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह

रायपुर- आईपीएल के रोमांच के बीच आरसीबी की टीम के छत्तीसगढ़ पहुँचने पर खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और लोककलाओं के साथ भव्य स्वागत किया गया। टीम 10 मई को रायपुर में मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबला खेलेगी।

रायपुर स्थित रिसॉर्ट में टीम के पहुँचते ही पारंपरिक तिलक, आरती और लोकनृत्य के माध्यम से खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की रंगत और पारंपरिक संगीत ने खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित किया। कई खिलाड़ी लोककलाकारों के प्रदर्शन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए। इस वीडियो को आरसीबी ने अपने ऑफिसियल इंस्टा हैंडल पर शेयर किया है जिसे अब तक 50 लाख से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं।

वहीं इस मुकाबले को देखने मुकेश अम्बानी के बेटे आकाश अम्बानी भी रायपुर आ सकते हैं । वहीं 13 मई को होने वाले आरसीबी और केकेआर मैच देखने के लिए सुपरस्टार शाहरुख खान भी रायपुर आ सकते हैं।

खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खानपान के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों से परिचित कराया गया, जिसकी खिलाड़ियों ने सराहना की।

आईपीएल मुकाबले को लेकर रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह देखा जा रहा है। वहीं, खिलाड़ियों के पारंपरिक स्वागत ने खेल के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मेहमाननवाज़ी की भी अलग पहचान प्रस्तुत की है।

देखें Video:- 


https://www.instagram.com/reel/DYHEbPAOc7l/?igsh=MXB2Z3J1aXl5YjdwcQ==

 इंस्टाग्राम वीडियो (RCB Bold Diaries) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ी रायपुर पहुँचने पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति और वहाँ के स्थानीय स्वाद का आनंद लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

रायपुर आगमन पर शुरुआती प्रतिक्रिया: 

वीडियो की शुरुआत में खिलाड़ियों का रायपुर में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। टीम के सदस्यों ने कहा-"हम रायपुर में अपने 'होम अवे फ्रॉम होम' (घर से दूर एक और घर) में हैं, जहाँ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत के साथ हमारा भव्य स्वागत किया जा रहा है।"

​ एक खिलाड़ी का अनुभव ( छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर):

एक खिलाड़ी  अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहता है:

​"यह पहली बार है जब मैं रायपुर आया हूँ और यह अनुभव वाकई शानदार रहा है। मुझे छत्तीसगढ़ और रायपुर की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और देखने का मौका मिला।"

​बस्तर और स्थानीय खान-पान (चरोटा भाजी): 

वीडियो में एक स्थानीय महिला खिलाड़ी को छत्तीसगढ़ी व्यंजन के बारे में बताते हुए दिखती है, जिस पर खिलाड़ी प्रतिक्रिया देते हैं। बातचीत कुछ इस तरह है:

​महिला: "यह चरोटा भाजी है और इसमें मैंने 'सेमी' (beans) डाली है। यह बस्तर का बहुत प्रसिद्ध व्यंजन है।"

 खिलाड़ी इस स्थानीय स्वाद और चरोटा भाजी के बारे में जानकर काफी प्रभावित दिखे।

चटनी और अन्य बातें: 

खिलाड़ी हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते हुए कहते हैं:

​"रायपुर हमारा नया होम ग्राउंड है और हम यहाँ आप सभी के सामने खेलने के लिए आ रहे हैं। हम में से कई लोगों के लिए रायपुर का यह पहला दौरा है। मैंने सुना है कि यहाँ एक बहुत अच्छा पैडल कोर्ट भी है।"

​चटनी का स्वाद चखते हुए एक खिलाड़ी ने मजाकिया लहजे में कहा कि यह इतनी तीखी या असरदार है कि इसे खाते ही "मम्मी, नानी... पूरी खानदानी याद आ जाती है।" उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खान-पान की सराहना की।

​ नए सीजन का संकल्प: 

वीडियो के अंत में खिलाड़ी जोश के साथ कहते हैं:

​"नया सीजन है, चलिए एक नई और ताज़ा शुरुआत करते हैं।"

​इस वीडियो में खिलाड़ी पूरी तरह से रायपुर के स्थानीय खान-पान (जैसे चरोटा भाजी, चटनी) और यहाँ की मेहमाननवाज़ी के मुरीद नजर आ रहे हैं।

जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 : चेतना विकास, मूल्य शिक्षा और ग्राम स्वराज्य पर होगा वैश्विक मंथन

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अभ्युदय संस्थान में वर्ष 2026 में आयोजित होने जा रहे “जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन” को लेकर देश-विदेश के जीवन विद्या कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, किसानों एवं समाज सेवकों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित चेतना विकास, मूल्य शिक्षा, परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था तथा शिक्षा के मानवीयकरण को बढ़ावा देना है।

सम्मेलन की तैयारी हेतु आयोजित बैठक में अंतर्राष्ट्रीय मानव वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर ने सभा का संचालन किया, जबकि वरिष्ठ मार्गदर्शक एवं संरक्षक अंबा दीदी ने अध्यक्षता करते हुए हस्तमुक्त विधि से अतिथियों के स्वागत एवं विदाई की अपील की।

बैठक में मानवीय शिक्षा शोध केंद्र के संचालक एवं शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने सम्मेलन के भोजन प्रबंधन के लिए लगभग 6 क्विंटल “श्रीराम” धान का प्राकृतिक एवं जैविक चावल स्वप्रसन्नता पूर्वक दान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अभ्युदय संस्थान दुनिया के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है तथा यहां आयोजित होने वाला यह सम्मेलन मानव केंद्रित शिक्षा और समृद्ध समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

सभा में चेतना विकास मूल्य शिक्षा को छत्तीसगढ़ सहित भारत सरकार के स्कूली शिक्षा के अनिवार्य पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग का भी समर्थन किया गया। सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति, अभिभावक विद्यालय, परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था, अखंड समाज सार्वभौम व्यवस्था, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण, आयुर्वेद, गौपालन, अक्षय एवं सौर ऊर्जा, स्किल इंडिया, निपुण भारत मिशन और सुखी-समृद्ध व्यक्ति से विश्व निर्माण जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में भारत के 22 राज्यों तथा विश्व के 11 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। सम्मेलन के लिए भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, रक्षा मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित अनेक जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की तैयारी की जा रही है।

सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सरकारी शिक्षकों, किसानों, समाज सेवकों, व्यवसायियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा तन-मन-धन से सहयोग देने की घोषणा की गई है। अब तक 50 लाख रुपये से अधिक की सहयोग राशि एवं सामग्री एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसी क्रम में मानव जागृति सेवा संस्थान से जुड़े शिक्षकों ने 50 हजार रुपये, मानव मैत्री समिति के शिक्षकों ने 25 हजार रुपये तथा अभ्युदय संस्थान से जुड़े शिक्षकों ने एक लाख रुपये सहयोग देने की घोषणा की है।

आयोजकों का कहना है कि “जीवन विद्या अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित मानवीय शिक्षा, समृद्ध परिवार, समृद्ध समाज और समृद्ध विश्व निर्माण का एक वैश्विक अभियान होगा।

जंगल में युवक का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी

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 कोरबा। जिले के सीएसईबी चौकी क्षेत्र अंतर्गत कोहड़िया नाला के पास जंगल में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक का शव खून से लथपथ हालत में मिलने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।


जानकारी के अनुसार, जंगल की ओर गए कुछ लोगों ने झाड़ियों के बीच एक युवक को संदिग्ध अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर युवक की मौत हो चुकी थी। शव के आसपास खून फैला हुआ था, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर युवक की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है।

आपत्तिजनक हालत में महिला संग पकड़ा गया मदरसा शिक्षक, ग्रामीणों ने रातभर बनाया बंधक

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 कटिहार। बिहार के कटिहार जिले के आजमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मरबतपुर पंचायत के धूमनगर वार्ड संख्या-6 में देर रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया। ग्रामीणों ने एक शादीशुदा महिला और सरकारी मदरसे के शिक्षक को कथित आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इसके बाद दोनों के हाथ बांधकर रातभर बंधक बनाए रखा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कर थाने ले गई।


पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद इजहार आलम उर्फ नकलू (36) के रूप में हुई है, जो रमजानपुर स्थित मदरसा इस्तेहादुल मुस्लेमिन में शिक्षक बताया जा रहा है। वहीं महिला की पहचान सीमा खातून के रूप में हुई है। महिला का विवाह करीब आठ वर्ष पहले हुआ था और उसका पति दूसरे राज्य में मजदूरी करता है।

ग्रामीणों के अनुसार, दोनों को महिला के घर में देर रात कथित आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों को पकड़कर उनके हाथ बांध दिए और चारपाई पर बैठाकर रातभर निगरानी में रखा। सुबह पंचायत बुलाने की तैयारी की जा रही थी, तभी मामले की सूचना पुलिस को मिल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सुरक्षित थाने ले आई। पुलिस की मौजूदगी में पंचायत की कार्रवाई रोक दी गई। थाने पहुंचने के बाद महिला ने लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों से पूछताछ की जा रही है और महिला का बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दोनों को बंधक बनाए जाने की सूचना सही पाई गई है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान दोनों के बीच संबंध होने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

अवैध सूदखोरी का बड़ा खेल बेनकाब, महिला गिरफ्तार

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 भिलाई। सुपेला क्षेत्र में अवैध सूदखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसा उधार देकर प्रताड़ित करने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला लोगों से 20 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक ब्याज वसूलती थी और रकम लौटाने के बाद भी उनके दस्तावेज वापस नहीं करती थी।


पुलिस के अनुसार, फरीद नगर निवासी रशीदा बानों ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सुपेला निवासी मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख लोगों को ब्याज पर पैसा उधार देती थी। इसके बदले वह उधार लेने वालों के जरूरी दस्तावेज और कागजात अपने पास रख लेती थी।

पीड़ितों का आरोप है कि पूरी रकम चुकाने के बाद भी आरोपी दस्तावेज वापस नहीं करती थी। दस्तावेज मांगने पर गाली-गलौज, झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने ललिता हियाल, स्वाधिका रावत समेत कई अन्य लोगों को भी इसी तरह परेशान किया है।

मामले की शिकायत मिलने के बाद सुपेला पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख (43 वर्ष) निवासी सुपेला को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से ऊंचे ब्याज पर रकम उधार देकर लोगों के दस्तावेज अपने कब्जे में रखती थी। दस्तावेज लौटाने के नाम पर लोगों पर दबाव भी बनाया जाता था।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान उधारी लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज और कागजात जब्त किए हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कितने लोगों को इस तरह कर्ज दिया और कितने लोग उसकी धमकी का शिकार हुए।

एएसपी आनंद शुक्ला ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

 
 
 

CM बनते ही PM मोदी ने थलपति विजय को दी बधाई

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 नई दिल्ली/चेन्नई। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश जारी करते हुए विजय के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं और केंद्र सरकार की ओर से तमिलनाडु के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर श्री सी. जोसेफ विजय को हार्दिक बधाई। उनके कार्यकाल के सफल होने की शुभकामनाएं। केंद्र सरकार जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी।”

प्रधानमंत्री के इस संदेश को केंद्र और तमिलनाडु की नई सरकार के बीच सकारात्मक संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर सहयोगात्मक राजनीति का संकेत देता है।

थलपति विजय ने रविवार को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। कई दिनों तक चले राजनीतिक घटनाक्रम और विभिन्न दलों के समर्थन के बाद उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार बनाने में सफल रही।

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी, जबकि विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन को 120 विधायकों का समर्थन मिला। इसके साथ ही विजय वर्ष 1967 के बाद तमिलनाडु के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो डीएमके या एआईएडीएमके से नहीं हैं। इसे राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

51 वर्षीय विजय का फिल्मों से राजनीति तक का सफर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिनेता से राजनेता बने विजय ने कम समय में मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई और पहली ही बड़ी चुनावी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, अगले 3 दिन बारिश और तेज आंधी के आसार

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है, जिसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार 9 मई से 13 मई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्यप्रदेश और आसपास सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल रहा है, जिसके कारण मौसम में बदलाव आया है।

फिलहाल गर्मी से राहत

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

वहीं जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी रायपुर में तापमान करीब 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों बाद तापमान में फिर 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की अपील की है।

किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। वहीं गर्मी को देखते हुए लोगों से अधिक पानी पीने और दोपहर की तेज धूप से बचने को कहा गया है।

रायपुर समेत कई जिलों में असर

रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। 10 और 11 मई को भी कई क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

 
 
 

अगस्त में दिखेगा ‘ब्लड मून’, 5 घंटे तक रहेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण का असर

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 आसमान में अगस्त महीने के आखिर में एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। 27 और 28 अगस्त की रात पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसके दौरान चंद्रमा लाल रंग में दिखाई देगा। इसी कारण इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह दुर्लभ नजारा कई घंटों तक दिखाई देगा और दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। भारत में भी यह चंद्र ग्रहण आंशिक रूप से देखा जा सकेगा।


क्यों लाल दिखता है चांद?

पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति में सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती। पृथ्वी के वातावरण से गुजरने वाली लाल रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं, जिससे चांद लाल, नारंगी या तांबे जैसा दिखाई देने लगता है। इसी अनोखी खगोलीय घटना को ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

करीब 5 घंटे तक रहेगा असर

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण लगभग 5 घंटे तक प्रभाव में रहेगा। ग्रहण के दौरान उपच्छाया, आंशिक और पूर्ण चंद्र ग्रहण जैसे कई चरण देखने को मिलेंगे। पूर्ण ग्रहण के समय चंद्रमा का रंग सबसे अधिक लाल दिखाई देगा, जिसे इस घटना का सबसे खास पल माना जाता है।

खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह एक शानदार अवसर होगा। भारत के कई हिस्सों में यह नजारा साफ दिखाई दे सकता है, हालांकि मौसम और बादलों की स्थिति दृश्यता को प्रभावित कर सकती है। कम रोशनी वाले इलाकों में ब्लड मून अधिक स्पष्ट दिखाई देने की संभावना रहती है।

नंगी आंखों से देख सकते हैं ग्रहण

वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्र ग्रहण पूरी तरह प्राकृतिक खगोलीय प्रक्रिया है और इसे नंगी आंखों से सुरक्षित देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण की तरह इसके लिए किसी विशेष चश्मे की आवश्यकता नहीं होती।

आजकल स्मार्टफोन कैमरों से भी ब्लड मून की शानदार तस्वीरें ली जा सकती हैं। यदि फोन में नाइट मोड और अच्छा जूम फीचर हो, तो लोग इस खूबसूरत दृश्य को आसानी से कैद कर सकते हैं। बेहतर तस्वीरों के लिए ट्राइपॉड का इस्तेमाल उपयोगी माना जाता है।

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी

भारतीय परंपराओं और ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है। कई लोग ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान करते हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भोजन से परहेज और मंदिरों के कपाट बंद रखने की परंपरा भी निभाई जाती है।

हालांकि वैज्ञानिक इसे एक सामान्य और प्राकृतिक खगोलीय घटना मानते हैं। खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक, ब्लड मून हर साल देखने को नहीं मिलता। पूर्ण चंद्र ग्रहण और ब्लड मून का संयोग विशेष परिस्थितियों में ही बनता है, इसलिए दुनियाभर के लोग इस नजारे का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

 
 
 

वनांचल के सपनों को मिली नई उड़ान,तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी

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"अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है" - मुख्यमंत्री विष्णु  देव साय

रायपुर- छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकली एक प्रतिभा ने आज देश की सर्वाेच्च सेवाओं में अपनी जगह बनाकर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। रायगढ जिले के सम्बलपुरी ग्राम के एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के सुपुत्र अजय गुप्ता ने अपने अटूट संकल्प से भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।

रायगढ़ के संबलपुरी गांव में तेंदूपत्ता और महुआ बीनने वाला अजय गुप्ता अब IFS अधिकारी बन गया है। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए अजय ने पूरे देश में 91वीं रैंक हासिल की। अब वही जंगल, जो कभी परिवार की रोजी-रोटी था, उसकी जिम्मेदारी बनने जा रहा है। अजय गुप्ता ने 12वीं कक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया और इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में प्रवेश मिला। एनआईटी में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही। अजय कहते हैं कि पहले सपने बहुत बड़े नहीं थे। लगता था कि हमारी दुनिया बस गांव तक सीमित है, लेकिन एनआईटी में एडमिशन लेने के बाद नजरिया बदल गया। पहली बार लगा कि मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूं। अजय कहते हैं कि जंगल उनके बचपन से ही जिंदगी का हिस्सा रहा है। जंगल ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि जीवन की दिशा भी दी। वह कहते हैं बचपन से मेरा जुड़ाव जंगल से रहा है। जंगल ने मुझे बहुत कुछ दिया है, बस्तर में काम करने के दौरान भी जंगल से रिश्ता और मजबूत हुआ।

संघर्ष की जमीन से सफलता के आसमान तक

अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अजय बताते हैं। माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने बच्चों की शिक्षा को ही अपना लक्ष्य माना। छुट्टियों के दौरान अजय स्वयं जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में माता-पिता की मदद करते थे। अभावों के बीच भी उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी योग्यता का परिचय दिया था।

सरकारी योजनाओं ने पंखों को दी मजबूती

अजय की इस लंबी उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने 'कैशलेस सपोर्ट' और आर्थिक संबल प्रदान किया। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति ने स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई के दौरान इस छात्रवृत्ति ने आर्थिक बोझ को कम किया। राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एक ऐसा युवा जिसने स्वयं जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित किया, आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। हमारी सरकार की 'लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति' और 'पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति' जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान की है। अजय की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर हमारे ग्रामीण अंचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं।

वन मंत्री ने जताया गौरव, हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीक

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। मंत्री जी ने कहा कि अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों वनाश्रित परिवारों की जीत है जो जंगलों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि हमारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे ही सशक्त भविष्य का निर्माण करना है।

युवाओं के लिए नया आदर्श

अजय गुप्ता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में IFS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत सच्ची हो और शासन का साथ मिले, तो वनांचल का कोई भी युवा देश के शीर्ष पद तक पहुँच सकता है।

​महासमुंद: 1.5 करोड़ के गैस गबन कांड का सनसनीखेज खुलासा, जिला खाद्य अधिकारी ही निकला मुख्य 'मास्टरमाइंड'

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 ​ महासमुंद । छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खाकी और खाद्यान्न विभाग के बीच हुए एक बड़े आपराधिक गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने करीब 1.5 करोड़ रुपये की एलपीजी (LPG) गैस के गबन मामले को सुलझाते हुए जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव सहित तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं।


​ षड्यंत्र की शुरुआत: कलेक्टोरेट से थाने तक बुना गया जाल

​इस पूरे खेल की पटकथा 23 मार्च 2026 को लिखी गई थी। जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर ने मिलकर जप्तशुदा गैस कैप्सूल्स को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। गबन को अंजाम देने के लिए रायपुर के मनीष चौधरी को साथ लिया गया, जिसका काम ऐसी एजेंसी ढूंढना था जो इस काले खेल में भागीदार बन सके। ​डील फाइनल करने से पहले 26 मार्च को अजय यादव और पंकज चंद्राकर ने खुद सिंघोड़ा थाने जाकर जप्त 6 कैप्सूल्स का मुआयना किया और अनुमान लगाया कि इसमें करीब 105 मीट्रिक टन गैस उपलब्ध है। इसी आधार पर 1 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का लक्ष्य रखा गया।


​ 80 लाख में हुई डील और काली कमाई का बंटवारा

​बाजार में कई एजेंसियों से सौदेबाजी के बाद अंततः ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष ठाकुर के साथ 80 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
​खाद्य अधिकारी अजय यादव: मुख्य खिलाड़ी होने के नाते 50 लाख रुपये का सबसे बड़ा हिस्सा।
​पंकज चंद्राकर: क्रियान्वयन की जिम्मेदारी के लिए 20 लाख रुपये।
​मनीष चौधरी: बिचौलिए की भूमिका के लिए 10 लाख रुपये।
​हैरानी की बात यह है कि खाद्य अधिकारी को उनके हिस्से के 50 लाख रुपये सुपुर्दनामे के अगले ही दिन यानी 31 मार्च को घर पर डिलीवर कर दिए गए थे।

​ सरकारी तंत्र को बनाया ढाल, रचे गए फर्जी दस्तावेज

​इस गबन को छिपाने के लिए खाद्य अधिकारी ने अपने पद का जमकर दुरुपयोग किया। उन्होंने अपने मातहत कर्मचारियों को सुपुर्दनामा के कागजातों पर हस्ताक्षर न करने के निर्देश दिए और पुलिस को भी गुमराह किया। ​सबसे चौंकाने वाला खुलासा फर्जी वजन पंचनामा को लेकर हुआ। जांच में पाया गया कि खाली कैप्सूल्स का वजन होने से पहले ही खाद्य अधिकारी के दफ्तर में बैठकर फर्जी पंचनामा तैयार कर लिया गया था और उसे कलेक्टोरेट में जमा भी करा दिया गया। तकनीकी साक्ष्यों के अनुसार, जब वजन कांटा पर्ची के मुताबिक ट्रक का वजन रात 8 बजे हो रहा था, उसके कई घंटे पहले ही दस्तावेज सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो चुके थे।


​ पुलिस की सूक्ष्म जांच ने बिगाड़ा खेल

​जब कोर्ट और पुलिस की सक्रियता बढ़ी, तो आरोपियों ने आरंग के एक ढाबे में गुप्त बैठक कर पुलिस पर दबाव बनाने और बयान न बदलने की रणनीति बनाई। लेकिन महासमुंद पुलिस की 40 सदस्यीय टीम ने 15 दिनों तक निरंतर तकनीकी विश्लेषण, सीडीआर (CDR) जांच और वैज्ञानिक पूछताछ के जरिए इस पूरे षड्यंत्र की परतों को उधेड़ दिया। विशेषज्ञों की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि 100 टन गैस का रिसाव बिना किसी बड़े विस्फोट के संभव ही नहीं है, जिससे आरोपियों का 'लीकेज' वाला बहाना धड़ाम हो गया।

​ गिरफ्तार आरोपी और जप्ती

​पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है:
​अजय कुमार यादव (जिला खाद्य अधिकारी, महासमुंद)
​पंकज चंद्राकर (संचालक, गौरव गैस एजेंसी)
​मनीष चौधरी (सह-षड्यंत्रकारी, रायपुर)
​जप्ती: आरोपियों के पास से नकदी, महंगे होम अप्लायंसेज और मोबाइल फोन जप्त किए गए हैं। कुल जप्त संपत्ति की कीमत 6,11,700 रुपये बताई जा रही है।

​ इन धाराओं में मामला दर्ज

​पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3), 316(5), 61, 238, 336(3), 338, 340(2) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) की धारा 3 व 7 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई जिले में भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति की हेराफेरी करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

पीएमजीएसवाई के 25 वर्ष पूरे, पीएमजीएसवाई-IV का राष्ट्रीय शुभारंभ

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana – PMGSY) के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सिल्वर जुबली समारोह और PMGSY-IV का राष्ट्रीय शुभारंभ 10 मई को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरुंडा में आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान  मुख्य अतिथि होंगे, जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

ग्रामीण विकास को बड़ा बढ़ावा

इस अवसर पर केंद्र सरकार मध्य प्रदेश को PMGSY-IV के तहत 973 सड़कों के निर्माण की मंजूरी देगी, जिनकी कुल लंबाई 2,117 किलोमीटर होगी। इससे राज्य की 987 बस्तियों को लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही पीएम-जनमन योजना के तहत 384 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जाएगी, जिससे 168 पिछड़ी बस्तियों को सीधा फायदा मिलेगा।

₹18,907 करोड़ का आवंटन

कार्यक्रम में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए PMGSY के तहत ₹18,907 करोड़ के आवंटन की घोषणा की जाएगी, जिसमें मध्य प्रदेश के लिए ₹830 करोड़ शामिल हैं।

ग्रामीण कनेक्टिविटी पर जोर

सरकार का मानना है कि गांव की सड़क केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और बाजार तक पहुंच का माध्यम है। यह योजना ग्रामीण भारत के जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभा रही है।

अन्य प्रमुख उपस्थितियां

इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री, राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

नई दिशा

यह आयोजन ग्रामीण सड़क निर्माण में तकनीक आधारित विकास और देशभर में बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक नए चरण की शुरुआत माना जा रहा है।

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