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नितिन नबीन बने भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी बोले - ‘जब पार्टी की बात हो, नबीन मेरे बॉस हैं’

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 नई दिल्ली: भाजपा मुख्यालय में आज मंगलवार को आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत किया। पीएम मोदी ने कहा, "जब पार्टी की बात आती है, तो नितिन नबीन मेरे बॉस हैं और मैं उनका एक पार्टी कार्यकर्ता हूं।" इस बयान पर सभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियों से प्रतिक्रिया दी।


आंतरिक चुनाव प्रक्रिया का किया जिक्र:

प्रधानमंत्री ने बताया कि भाजपा के आंतरिक चुनाव देशभर में महीनों चले और पार्टी के संविधान का सख्ती से पालन करते हुए जमीनी स्तर से शीर्ष पदों तक के नेताओं का चुनाव किया गया। उन्होंने लाखों कार्यकर्ताओं की भागीदारी की सराहना की और इसे पार्टी के लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुशासन और कार्यकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।

नेतृत्व पर मोदी का संदेश:

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का नेतृत्व परंपरा से प्रेरित, अनुभव से सशक्त और जनसेवा की भावना से संगठन को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बधाई दी।

जेसीबी बेचने का झांसा देकर 20 लाख रुपये की ठगी, पुलिस ने मामला दर्ज किया

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 बिलासपुर। जिले में जेसीबी बेचने के बहाने 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।


शिकायतकर्ता मोहम्मद शाहनवाज खान (शहडोल जिले के जैतपुर कलहथा) ने बताया कि तालापारा निवासी बाबा खान ने उनसे फोन पर संपर्क किया और फाइनेंस कंपनी द्वारा खींची गई एक जेसीबी बेचने की बात कही। बातचीत के बाद जेसीबी खरीदने का सौदा तय हो गया।

शाहनवाज खान ने आरोपियों बाबा खान और भरत गुप्ता को जेसीबी खरीदने के बदले पहले 16 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए। इसके बाद बैंक दस्तावेज तैयार करने के नाम पर अतिरिक्त 4 लाख रुपये भी दिए। कुल मिलाकर 20 लाख रुपये देने के बाद भी जेसीबी उनके नाम पर ट्रांसफर नहीं की गई।

जब शिकायतकर्ता ने जेसीबी के संचालक राज देवांगन से संपर्क किया, तो बताया गया कि बैंक में राशि जमा नहीं होने के कारण जेसीबी किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई है। इसके बाद शाहनवाज खान ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल लगातार बंद आ रहे हैं।

सिविल लाइन पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरटीजीएस ट्रांजेक्शन की डिटेल्स, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल नंबरों के आधार पर दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में 14 ट्रेनें रद्द, 24 से 31 जनवरी तक रेल यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

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 Train Cancelled : छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए एक बार फिर मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। रेलवे ने राजनांदगांव–नागपुर रेल खंड में तीसरी और चौथी लाइन जोड़ने के कार्य के चलते राज्य से गुजरने वाली 14 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द (Train Cancelled) करने का निर्णय लिया है।


रेलवे के अनुसार, तुमसर रोड यार्ड में नॉन-इंटरलोकिंग कार्य 24 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य के कारण कई ट्रेन सेवाएं पूरी तरह रद्द रहेंगी, जबकि कुछ लोकल ट्रेनें बीच रास्ते में ही समाप्त होंगी। वहीं, दो ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चलेंगी।

ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

24 से 31 जनवरी 2026 तक रद्द ट्रेनें:

  • तुमसर रोड–तिरोडी
  • तिरोडी–तुमसर रोड
  • इतवारी–तिरोडी
  • बालाघाट–इतवारी–तिरोडी
  • इतवारी–बालाघाट (मेमू/पैसेंजर)

28 से 31 जनवरी तक प्रभावित मेमू सेवाएं:

  • दुर्ग–गोंदिया
  • गोंदिया–दुर्ग
  • डोंगरगढ़–गोंदिया
  • इतवारी–गोंदिया

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को विशेष असुविधा हो सकती है।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर लें और वैकल्पिक साधनों की योजना बनाकर ही सफर करें। अधिकारियों का कहना है कि यह अस्थायी परेशानी भविष्य में बेहतर रेल कनेक्टिविटी और तेज ट्रेन संचालन के लिए जरूरी है। (Train Cancelled)

भाजपा को मिला नया राष्ट्रीय अध्यक्ष: नितिन नबीन को Z कैटेगरी सुरक्षा मंजूर

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 नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नबीन को केंद्र सरकार ने Z कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के सूत्रों के अनुसार, यह सुरक्षा व्यवस्था कुछ दिन पहले ही लागू कर दी गई है। अब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी CRPF के विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो संभालेंगे।


सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा तैयार की गई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में संभावित खतरों को देखते हुए उच्च स्तरीय सुरक्षा की सिफारिश की गई थी, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने Z कैटेगरी सुरक्षा को मंजूरी दी।

Z कैटेगरी सुरक्षा देश की प्रमुख सुरक्षा व्यवस्थाओं में शामिल मानी जाती है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा, क्लोज प्रोटेक्शन टीम, एस्कॉर्ट वाहन और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध कराए जाते हैं।

भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन की राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन यह कदम उठाया है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

मोबाइल विवाद ने लिया खौफनाक मोड़: पति से झगड़े के बाद पत्नी ने खुद को पेट्रोल डालकर जलाया

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 दुर्ग। जिले के पाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चांगोरी में पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन को लेकर हुआ विवाद देखते ही देखते दर्दनाक घटना में बदल गया। गुस्से में आकर पत्नी ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जिससे वह करीब 45 प्रतिशत तक झुलस गई। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया है।


घटना सोमवार शाम करीब चार बजे की है। ग्राम चांगोरी निवासी ओमप्रकाश बंजारे और उसकी पत्नी विसवंतीन बंजारे (32) के बीच मोबाइल फोन को लेकर कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि नाराज होकर विसवंतीन ने घर में रखी पेट्रोल की बोतल उठाई और खुद पर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा ली।

आग लगते ही पति ओमप्रकाश ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह आग बुझाई और आसपास के लोगों की मदद से पत्नी को पाटन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए महिला को रायपुर रेफर किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही पाटन थाना प्रभारी राजेश मिश्रा और नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। नायब तहसीलदार ने अस्पताल में ही महिला का बयान दर्ज किया। बयान में महिला ने स्पष्ट किया कि उसने मोबाइल विवाद के बाद गुस्से में आकर खुद को आग लगाई। महिला ने यह भी बताया कि पेट्रोल उसके पति द्वारा वाहन के लिए लाया गया था।

पुलिस के अनुसार महिला के पेट का हिस्सा लगभग 45 प्रतिशत तक झुलस चुका है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।

बताया गया है कि दंपति के दो छोटे बच्चे हैं—आठ साल की बेटी और पांच साल का बेटा। पति ओमप्रकाश रोजी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है।

महिला से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप में सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड, FIR दर्ज

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 कोरबा। जिले के कटघोरा थाने में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर पर महिला से छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आरोपी सब-इंस्पेक्टर एस.के. कोसरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, साथ ही उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर भी दर्ज की गई है।


जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला ने कटघोरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर एस.के. कोसरिया ने उसके साथ छेड़छाड़ की और अभद्र व्यवहार किया। शिकायत मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्राथमिक जांच के निर्देश दिए।

प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सब-इंस्पेक्टर एस.के. कोसरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं। वहीं, महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोपी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, DGP पर लगे आरोप

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 कर्नाटक। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने पुलिस महकमे और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर डीजीपी रैंक के आईपीएस अधिकारी डॉ. के. रामचंद्र राव को अपने सरकारी कार्यालय में महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है।


वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर विवाद का रूप ले चुका है और बताया जा रहा है कि इसकी जानकारी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तक भी पहुंच चुकी है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो ड्यूटी के समय का है, जिसमें अधिकारी पुलिस वर्दी में नजर आ रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना न केवल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के आचरण पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पूरे पुलिस विभाग की साख पर भी असर डाल सकती है। इसी कारण मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

हालांकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। यह वीडियो वास्तविक है या AI तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया है, यह जांच का विषय है। समाचार जन सरकार के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है।

इस समाचार का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की मान-हानि करना नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और दावों के आधार पर ही यह जानकारी सामने आई है, जिसकी सत्यता की पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी शेष है।

सोशल मीडिया पर मचा बवाल

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग बिना पुष्टि के वीडियो वायरल किए जाने पर भी सवाल उठा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जन-हितैषी पहल,'मिशन कनेक्ट' से चौपाल तक पहुँचा प्रशासन

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गाँव-गाँव जाकर अधिकारियों ने सुनी समस्याएँ, मौके पर हुआ समाधान

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को साकार करने के लिए सुकमा जिले में 'मिशन कनेक्ट' की शुरुआत की गई है। संभागायुक्त बस्तर डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुँचाना है।

गाँव-गाँव पहुँचे अधिकारी, मौके पर हुआ समाधान

विगत दिनों मिशन कनेक्ट के तहत छिंदगढ़ विकासखंड की लगभग 60 पंचायतों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुँचे। यह केवल निरीक्षण नहीं था, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझकर मौके पर उनका समाधान करने की एक नई पहल थी। सुबह 10 बजे से ही अधिकारी स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रम-छात्रावासों, ग्राम पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों में सक्रिय दिखाई दिए।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता की स्वयं जांच की। स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की गंभीरता से जाँच की गई। ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएँ और सुझाव सुने, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और मजबूत हुआ।

कलेक्टर और सीईओ ने की विस्तृत समीक्षा

निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत छिंदगढ़ में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ ने सभी पंचायतों की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला स्तर की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए, जबकि राज्य स्तर के विषयों को संबंधित विभागों को तत्काल भेजा जाए।

कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि मिशन कनेक्ट का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना हमारी प्राथमिकता है।

सुशासन की ओर मजबूत कदम 'मिशन कनेक्ट' ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि अब योजनाएँ सिर्फ कागजों पर नहीं रहेंगी, बल्कि वास्तव में ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएँगी। अधिकारियों की सक्रियता से क्षेत्र में लोगों में उत्साह और भरोसा बढ़ा है।

करमरी में ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर 'आत्मनिर्भर गांव - विकसित भारत' का दिया संदेश

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आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर- आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले जिले मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी की ग्राम पंचायत करमरी में सोमवार को वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फ़ॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-  ग्रामीण) के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर 'आत्मनिर्भर गांव - विकसित भारत' का संदेश दिया गया। इस दौरान योजना के प्रति उत्साह और सामुदायिक सहभागिता स्पष्ट रूप से देखने को मिली।    

कार्यक्रम के अंतर्गत कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरी जैसे कृषि, मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। ये कार्य कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सीआरईडीए एवं वन विभाग के आपसी समन्वय से तैयार कार्ययोजना के अनुसार संचालित किए जा रहे हैं। इन आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी एवं सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने ग्रामीणों को वीबी-जीराम जी योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है, वीबी-जी राम जी इन मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

कार्यक्रम के दौरान हितग्राही विनोद कुमार एवं दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल का वितरण किया गया। इससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि होगी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी।ग्रामीणों ने वीबी-जीराम जी योजना को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए सर्वांगीण विकास और      

आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। गांव आत्मनिर्भर होंगे, तभी भारत विकसित बनेगा के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। 

कार्यक्रम में जिल पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर,जनप्रतिनिधि दिलीप वर्मा, पंचायत प्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर की प्रशंसा

करमरी के इस कार्यक्रम की प्रशंसा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट द्वारा करते हुए कार्यक्रम के फोटोग्राफ्स और वीडियो को भी शेयर किया गया है।


छत्तीसगढ़ को मिला देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार

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उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से किया गया सम्मानित

बेंगलुरु में आयोजित 13वें नेशनल रिव्यू कांफ्रेंस में मिला पुरस्कार

रायपुर- छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को बधाई दी है। यह पुरस्कार राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और राज्य सरकार की कृषि नीतियों की सफलता को दर्शाता है।

यह पुरस्कार बेंगलुरु, कर्नाटक में 18-19 जनवरी 2026 को आयोजित 13वंे नेशनल रिव्यू कांफ्रेंस में दिया गया। उद्यानिकी विभाग की ओर से प्रभारी संयुक्त संचालक नीरज शाहा ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।

वन विभाग का नवाचार- बस्तर की इमली चटनी को राष्ट्रीय पहचान दिलाएंगी सुकमा की महिलाएं

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रायपुर- बस्तर में इमली की चटनी को काफी पसंद किया जाता है l यह चटनी खाने में बहुत स्वादिष्ठ होती है l  सुकमा जिले में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। 

वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर की प्रसिद्ध इमली से तैयार “इमली चटनी” को वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। यह उत्पाद स्थानीय वनोपज का मूल्य संवर्धन करने के साथ-साथ बस्तर की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास है।

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा किए गए अनुसंधान और गुणवत्ता मानकों के आधार पर यह चटनी तैयार की जा रही है। वन धन विकास केंद्र से जुड़ी नवा बिहान महिला स्व सहायता समूह की महिलाएँ इस चटनी के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता मानक, वैज्ञानिक विधि तथा आधुनिक पैकेजिंग संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और समूह की महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बस्तर संभाग में इमली की अधिकता को देखते हुए यह पहल स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।

इमली चटनी के उत्पादन से वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। वन विभाग की यह पहल महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

आने वाले समय में यह उत्पाद न केवल छत्तीसगढ़ के घरों का स्वाद बढ़ाएगा, बल्कि सुकमा की महिलाओं की मेहनत और सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सफलता की कहानी- तेंदूपत्ता संग्राहकों में खुशियों की लहर

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छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर शुरू की चरणपादुका योजना, 12.40 लाख वनवासियों को मिला लाभ

रायपुर- तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, जिसमें संग्रहण लाभ का 80% हिस्सा, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर (दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता पर), और विभिन्न वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल हैं, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होता है l छत्तीसगढ़ में 5500 सौ रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक और राजमोहिनी देवी योजना के तहत लाभ दिए जा रहे हैं l 

छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए चरणपादुका योजना को पुनः शुरू किया है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बंद की गई यह जनहितैषी योजना अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उनकी संवेदनशीलता के कारण फिर से शुरू की गई है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "गारंटी" के अनुरूप गरीब हितैषी शासन की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। वन मंत्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में वन विभाग ने इस योजना को तेज गति और पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू किया है।

12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को लाभ,वितरित हुई उच्च गुणवत्ता की चरणपादुकाएं

वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिला मुखिया को उच्च गुणवत्ता वाली चरणपादुकाएं प्रदान की गईं। इसके लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये व्यय किए। इस कदम से जंगलों में कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और सुविधा दोनों मिली हैं।

वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी मिलेगा लाभ

वन मंत्री कश्यप के विशेष प्रयासों से सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए वर्ष 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी चरणपादुका प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। यह निर्णय संग्राहक परिवारों के लिए ऐतिहासिक और लाभकारी सिद्ध होगा।

पारदर्शी प्रक्रिया — खरीदी जेम पोर्टल से

सरकार ने चरणपादुकाओं की खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त रहे। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को वितरित की जा रही चरणपादुकाएं उच्च गुणवत्ता पूर्ण हैं और उन पर एक वर्ष की वारंटी भी दी जा रही है। यह सरकार की गुणवत्ता और लाभार्थी हितों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

वनांचल क्षेत्रों में उमंग, सुरक्षा और सम्मान की भावना मजबूत मुख्यमंत्री साय और वन मंत्री कश्यप के इस निर्णय से वनांचल क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है। चरणपादुका योजना सीधे उन मेहनतकश तेंदूपत्ता संग्राहकों तक राहत पहुँचा रही है, जो कठिन परिस्थितियों में जंगलों में कार्य करते हैं और अपनी आजीविका जुटाते हैं।

यह योजना न केवल सुरक्षा और सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि वनवासियों को सम्मान और आत्मविश्वास भी दे रही है जो सुशासन और अंत्योदय की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बन गई है।

राज्यपाल डेका नेअमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त एवं उमेश कुमार अग्रवाल और शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ दिलाई

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रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त उमेश कुमार अग्रवाल एवं शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई।

शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त मनोज त्रिवेदी, अशोक अग्रवाल,धनवेंद्र जयसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव नीलम नागदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए है।


“IndiaSkills Regional Competition 2025–26 (North-East) का उद्घाटन: उत्तर-पूर्व के युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान का अवसर”

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गुवाहाटी (असम)- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा मंत्री,जयंत चौधरी ने आज गुवाहाटी विश्वविद्यालय में IndiaSkills Regional Competition 2025–26 (North-East) का उद्घाटन किया। इस प्रतियोगिता में उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों के युवा 26 कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

यह पहली बार है जब भारत की प्रमुख कौशल प्रतियोगिता उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में आयोजित की जा रही है, जिससे यहां के युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का एक बड़ा अवसर मिल रहा है। इस आयोजन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने कार्यान्वयन भागीदार के रूप में सहयोग किया।

उद्घाटन समारोह में गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नानी गोपाल महंता, असम सरकार के प्रमुख सचिव ग्यानेंद्र देव त्रिपाठी, तथा MSDE की संयुक्त सचिव हेना उस्मान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की उत्तर-पूर्व पर निरंतर ध्यान और नीति प्राथमिकता ने क्षेत्र के युवाओं में आत्मविश्वास और अवसरों की नई लहर पैदा की है। उन्होंने IndiaSkills को केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि कौशल, अनुशासन और श्रम की गरिमा का उत्सव बताया।

जयंत चौधरी ने यह भी कहा कि NEP 2020 के अनुरूप शिक्षा और कौशल विकास के बीच तालमेल बढ़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे युवाओं की रोजगार क्षमता, उद्यमिता और आजीवन सीखने के अवसर बढ़ते हैं।

यह क्षेत्रीय प्रतियोगिता उत्तर-पूर्व में कौशल विकास के मजबूत ढांचे को दर्शाती है। इस प्रतियोगिता में 162 प्रतियोगी भाग ले रहे हैं और इसमें तकनीकी, डिजिटल, परंपरागत और सेवा क्षेत्रों के विविध कौशल शामिल हैं, जैसे:

  • ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी

  • क्लाउड कंप्यूटिंग

  • मोबाइल ऐप डेवलपमेंट

  • वेब टेक्नोलॉजी

  • इलेक्ट्रॉनिक्स

  • CNC मिलिंग/टर्निंग

  • वेल्डिंग

  • फैशन टेक्नोलॉजी

  • बेकरी और पेस्ट्री

  • होटल रिसेप्शन

  • रेस्टोरेंट सर्विस

  • स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल

  • रिटेल सेल्स

  • विजुअल मर्चेंडाइजिंग

प्रतियोगिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती हुई देखी गई, विशेषकर तकनीकी क्षेत्रों में जैसे ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, CNC, वेल्डिंग आदि। यह संकेत है कि उत्तर-पूर्व में कौशल क्षेत्र में लिंग समानता और डिजिटल-तकनीकी क्षमता का विकास हो रहा है।

IndiaSkills प्रतियोगिता एक चरणबद्ध मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए आयोजित की जाती है—जिला स्तर, राज्य स्तर, क्षेत्रीय स्तर, और फिर राष्ट्रीय स्तर। क्षेत्रीय विजेता IndiaSkills National Competition में भाग लेंगे, और सफल प्रतियोगियों को WorldSkills Competition 2026 (शंघाई) में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।


IFSCA–IRDAI ग्लोबल रीइंश्योरेंस समिट में बोले एम. नागराजू, “2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य में गिफ्ट सिटी की अहम भूमिका”

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मुंबई में आयोजित IFSCA–IRDAI–GIFT City ग्लोबल रीइंश्योरेंस समिट के तीसरे संस्करण को संबोधित करते हुए वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि भारत का रीइंश्योरेंस (पुनर्बीमा) क्षेत्र परिवर्तनकारी विकास के दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि समिट की थीम “Bridging India Today, Insuring India Tomorrow – the India Evolution Roadmap” सरकार के “2047 तक सभी के लिए बीमा” के विजन से पूरी तरह मेल खाती है।

अपने संबोधन की शुरुआत में नागराजू ने IFSC गिफ्ट सिटी के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और इसे भारत को वैश्विक रीइंश्योरेंस हब बनाने की दिशा में एक मजबूत मंच बताया। उन्होंने कहा कि बीमा और पुनर्बीमा क्षेत्र भारत की आर्थिक आकांक्षाओं को गति देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, विशेषकर तब जब भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए सचिव ने कहा कि 1.46 अरब से अधिक जनसंख्या वाला भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। वर्ष 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

वैश्विक बीमा परिदृश्य पर स्विस री सिग्मा रिपोर्ट (02/2025) का हवाला देते हुए नागराजू ने बताया कि 2024 में मजबूत प्रदर्शन के बाद वैश्विक बीमा उद्योग में प्रीमियम वृद्धि की रफ्तार धीमी हुई है। इसके बावजूद, 2024 में भारत नाममात्र प्रीमियम के आधार पर दुनिया का 10वां सबसे बड़ा बीमा बाजार रहा, जिसकी वैश्विक हिस्सेदारी 1.8 प्रतिशत है। भारत में बीमा पैठ 3.7 प्रतिशत रही, जिसमें जीवन बीमा 2.7 प्रतिशत और गैर-जीवन बीमा 1 प्रतिशत शामिल है, जो अभी भी बड़े अप्रयुक्त बाजार की संभावनाओं को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024–25 में भारतीय बीमा क्षेत्र ने 41.84 करोड़ पॉलिसियां जारी कीं, ₹11.93 लाख करोड़ का प्रीमियम संग्रह किया, ₹8.36 लाख करोड़ के दावे निपटाए और 31 मार्च 2025 तक ₹74.44 लाख करोड़ की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां दर्ज कीं। इसी अवधि में भारत का कुल रीइंश्योरेंस बाजार ₹1.12 लाख करोड़ का रहा।

नागराजू ने सरकार और बीमा नियामक द्वारा किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही सबका बीमा, सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत पॉलिसीधारकों की शिक्षा एवं संरक्षण कोष की स्थापना, डेटा संरक्षण कानून के अनुरूप प्रावधान और IRDAI की नियामक शक्तियों को मजबूत किया गया है।

अपने संबोधन के समापन में सचिव ने कहा कि IFSCA और गिफ्ट सिटी IFSC भारत को वैश्विक रीइंश्योरेंस हब बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने भारतीय बीमाकर्ताओं और पुनर्बीमाकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गिफ्ट सिटी के माध्यम से वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं और सभी हितधारकों के साथ मिलकर “2047 तक सभी के लिए बीमा” के लक्ष्य को साकार करें।

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