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छत्तीसगढ़ में बड़े देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़, पति-पत्नी समेत 14 आरोपी गिरफ्तार

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सेक्स रैकेट का खुलासा किया है। इस मामले में पति-पत्नी समेत कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला गांधी नगर थाना क्षेत्र का है, जहां लंबे समय से अलग-अलग इलाकों में अवैध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर इलाके में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान रैकेट से जुड़े पति-पत्नी को मौके से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, अब तक कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

16 मार्च को 37 सीटों पर राज्यसभा चुनाव, छत्तीसगढ़ की 2 सीटें भी खाली

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 देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 16 मार्च को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी।


सबसे अधिक 7 सीटों पर चुनाव महाराष्ट्र में होंगे। तमिलनाडु की 6 सीटों पर तथा पश्चिम बंगाल और बिहार की 5-5 सीटों पर मतदान होगा। कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिनमें शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश शामिल हैं।

मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बैलेट पेपर पर मतदान के दौरान केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिया गया वॉयलेट रंग का मानक स्केच पेन ही मान्य होगा।

ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव

राज्यसभा चुनाव आम चुनाव से अलग होता है। इसमें जनता सीधे वोट नहीं करती, बल्कि विधायक मतदान करते हैं। राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसके एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं।

राज्यसभा की कुल 245 सीटें हैं। इनमें 233 सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं।

छत्तीसगढ़ की दो सीटों पर भी चुनाव

छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 2 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके साथ ही प्रदेश की दो सीटें रिक्त होंगी।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी। 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच और 9 मार्च तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। 16 मार्च को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। नई सदस्यता 3 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

अब राजनीतिक हलकों की निगाहें 16 मार्च पर टिकी हैं। क्या समीकरण बदलेंगे या पुराना संतुलन बरकरार रहेगा—यह नतीजे तय करेंगे।

डबल इंजन सरकार के विकास पर लड़ेगी भाजपा चुनाव : अरुण साव

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असम : उप मुख्यमंत्री अरुण साव असम विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत तीन दिवसीय प्रवास पर हैं। पार्टी ने उन्हें लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभा सीटों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। यह उनका दूसरा दौरा है।


पहले प्रवास में उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक कर चुनावी तैयारियों का आकलन किया था। दूसरे दौरे में उन्होंने ढकुआखाना, लखीमपुर, तिनसुकिया और धेमाजी में संगठन पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रणनीति तय की।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि डबल इंजन सरकार द्वारा युवाओं की तरक्की और मातृशक्ति की सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक विकास हुआ है और “विकसित असम” के लक्ष्य की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुंचाया जाए। साव ने कहा कि भाजपा पंच से लेकर पार्लियामेंट तक हर चुनाव को गंभीरता से लड़ती है और असम विधानसभा चुनाव भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने दावा किया कि लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 की 9 विधानसभा सीटों पर “कमल रथ” आगे है और विकास कार्यों के दम पर भाजपा जनता का विश्वास जीतकर चुनाव जीतेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका असम प्रवास चुनाव संपन्न होने तक जारी रहेगा।

डिजिटल ऋण पुस्तिका राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम-राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

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डिजिटल किसान किताब और ऋण पुस्तिका का शुभारंभ

पारदर्शी और तकनीक-सक्षम राजस्व व्यवस्था की ओर ऐतिहासिक कदम

रायपुर- छत्तीसगढ़ में आज डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग 1से 4 पुस्तक का भी विमोचन किया गया। यह पहल राज्य के किसानों और भूमिधारकों को आधुनिक, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर संचालक भू अभिलेख विनीत नन्दनवार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

डिजिटल किसान किताब अब पारंपरिक मैन्युअल किसान किताब का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसानों को अपनी भूमि संबंधी जानकारी कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा भुइया पोर्टल पर B-1 एवं P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे किसान आसानी से देख और डाउनलोड कर सकेंगे।

डिजिटल प्रणाली में आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहेंगे, जिससे जानकारी संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी। साथ ही, संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति उपलब्ध होने से दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने  कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका केवल एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए भूमि पर निर्भर हैं। अब ऋण पुस्तिका से संबंधित जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी।

मंत्री ने बताया कि डिजिटल प्रणाली से त्रुटियों में कमी आएगी, अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी। यह पहल “डिजिटल छत्तीसगढ़” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगी तथा शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग, NIC तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करें।

डिजिटल किसान किताब और डिजिटल ऋण पुस्तिका का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में राजस्व सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का किया शुभारंभ

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।


मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी। साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।


कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।

कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए।

 

जनगणना-2027 राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : भारत की जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए आयोजित राज्य एवं संभाग स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व को पूरी गंभीरता, सटीकता और संवेदनशीलता के साथ निभाने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 की जनगणना स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। यदि आंकड़े अधूरे या त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा। एक भी व्यक्ति या परिवार छूटना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे विकास की प्रक्रिया अधूरी रह सकती है।


उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी होगी। छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। यह कार्य प्रदेश के 33 जिलों, 252 तहसीलों और 19,978 गाँवों में संपन्न किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-गणना की सुविधा से जनभागीदारी बढ़ेगी और जनता का विश्वास ही जनगणना की सफलता का आधार है। यह कार्य विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत-2047 की नींव रखने वाला सिद्ध होगा।

प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रमाणिक संकलन किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों से सभी निर्धारित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रगणकों के प्रशिक्षण में सपोर्टिव सुपरविजन की तकनीक अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिलना चाहिए, जिससे त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो।

उन्होंने नई भवन अनुज्ञाओं को पूर्व से ही ट्रेस करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मकान सूचीकरण के दौरान कोई संरचना छूट न जाए। साथ ही सीमावर्ती जिलों के संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2001 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में चले गए व्यक्तियों की गणना में दोहराव से बचने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना की सफलता सूक्ष्म योजना, समन्वय और सटीक क्रियान्वयन पर निर्भर करती है, इसलिए सभी अधिकारी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ इस राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करे।

इस अवसर पर भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय कार्यों में से एक है। यह हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है और नीति-निर्माण व विकास योजनाओं की दिशा तय करती है। उन्होंने बताया कि भारत में पहली संगठित जनगणना वर्ष 1872 में प्रारंभ हुई थी और आगामी जनगणना देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी।

उन्होंने कहा कि 150 वर्षों की परंपरा वाली भारतीय जनगणना गाँव, कस्बा और वार्ड स्तर तक प्राथमिक आँकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाएँ, परिसंपत्तियाँ, जनसांख्यिकीय विवरण, धर्म, अनुसूचित जाति-जनजाति, भाषा, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, प्रव्रजन एवं प्रजनन से संबंधित सूक्ष्म एवं विश्वसनीय आँकड़े संकलित किए जाते हैं।

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने कलेक्टरों को जनगणना-2027 से संबंधित कार्यों के बारे में विस्तार से दिशा-निर्देश दिए। राज्य स्तरीय संभागायुक्त-कलेक्टर सम्मेलन में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राजस्व प्रक्रिया होगी आसान, नई नियमावली बाजार और ऑनलाइन उपलब्ध

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 रायपुर : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में भू-अभिलेख नियमावली भाग 1 से 4 पुस्तक का विमोचन किया। उमेश पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित इस पुस्तक में छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग के सर्कुलर और आदेशों का संकलन है। अभी तक मार्केट में जो पुस्तक थी, उसके लेखक और प्रकाशक मध्य प्रदेश के हैं। इसके कारण मध्यप्रदेश के सर्कुलर और आदेश उस पुस्तक में मिलते हैं, परंतु छत्तीसगढ़ के नहीं।


अब इस पुस्तक में, वर्ष 2000 के बाद मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी सर्कुलर जो छत्तीसगढ़ राज्य में लागू नहीं है, उन्हें नहीं दिया गया है। छत्तीसगढ़ द्वारा जारी अद्यतन सर्कुलर को अध्याय-वार दिया गया है। परिशिष्ट के रूप में सर्वे, राजस्व वन भूमि के अभिलेख, गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे आदि महत्वपूर्ण विषयों पर जारी लेटेस्ट सर्कुलर शामिल किए गए हैं। विषय से संबंधित प्रश्न, इकाई परिवर्तन, शब्दार्थ आदि का भी समावेश किया गया है।

छत्तीसगढ़ विशेष के लिए नियमावली की यह पुस्तक बाजार के साथ-साथ अमेजन और जेम पोर्टल पर उपलब्ध होगा

राजधानी में संडे बाजार के लिए नए नियम लागू, बिना वैध आईडी नहीं लगेगी दुकान

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 रायपुर। मौदहापारा संडे बाजार को सुव्यवस्थित और ट्रैफिक सुगम बनाने के उद्देश्य से रायपुर नगर निगम ने कड़े नियम लागू करने का निर्णय लिया है। अब बाजार में दुकान लगाने वाले प्रत्येक फेरीवाले के लिए वैध पहचान पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। बिना आईडी के किसी भी व्यक्ति को व्यवसाय करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


महापौर मीनल चौबे ने नगर निवेश विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बाजार क्षेत्र को व्यवस्थित किया जाए और सड़क यातायात में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल स्थानीय निवासी फेरीवालों को ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी, जबकि बाहर से आने वाले व्यापारियों को बाजार में व्यवसाय की अनुमति नहीं मिलेगी।

नए निर्देशों के अनुसार सभी दुकानदारों को निर्धारित व्हाइट लाइन के भीतर ही अपनी दुकान लगानी होगी। बाजार का दायरा भी सीमित किया जाएगा, ताकि सड़क पर जाम और अव्यवस्था की स्थिति न बने।

महापौर ने कहा कि बाजार व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम, बाजार विभाग, यातायात पुलिस और जोन-2 की संयुक्त टीम जल्द ही फेरीवालों की बैठक लेकर नए नियमों की विस्तृत जानकारी देगी।

महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “संडे बाजार व्यवस्था के साथ चलेगा, मनमर्जी नहीं।”

छत्तीसगढ़ में दर्दनाक हादसा: कमरे में कोयला जलाने से दंपति और मासूम की दम घुटने से मौत

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 सूरजपुर। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां ठंड से बचने की कोशिश एक परिवार के लिए काल बन गई। सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कोट चंदरपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दम घुटने से मौत हो गई।


खिड़की-रोशनदान नहीं होने से भरा धुआं

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार ने ठंड से राहत पाने के लिए कमरे के भीतर पत्थर कोयला जलाया था। जिस कमरे में परिवार सोया हुआ था, वहां खिड़की या रोशनदान (वेंटिलेशन) नहीं था। रातभर कोयला जलने से कमरे में जहरीला धुआं भर गया, जिससे सोते समय ही तीनों का दम घुट गया और उनकी जान चली गई।

मृतकों की पहचान 28 वर्षीय कवल सिंह, उनकी 25 वर्षीय पत्नी कुंती और उनके 4 वर्षीय मासूम बेटे के रूप में हुई है। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों और आसपास के लोगों को संदेह हुआ। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

शिव बारात के दौरान नाबालिग की चाकू मारकर हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार

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 दुर्ग। शिवजी की बारात का उत्सव उस वक्त मातम में बदल गया, जब पुरानी रंजिश के चलते एक नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


यह घटना 16 फरवरी की बताई जा रही है। वार्ड क्रमांक 17 शांति नगर निवासी शिव कुमार गोड (51) ने मोहन नगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र क्षय कुमार गोड उर्फ नानू शिवजी की बारात देखने गया था।

बारात के दौरान नानू का कुछ युवकों से पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद धारदार हथियार से उस पर जानलेवा हमला किया गया।

बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद शांति नगर और शक्ति नगर के युवकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा था, जो पिछले एक महीने से चल रहा था।

गंभीर रूप से घायल नानू को इलाज के लिए सिकोला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और रात में ही अलग-अलग टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।

पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई। अगले दिन सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते हमला करना स्वीकार किया। इसके बाद सभी को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की गई।

पुलिस ने शक्ति नगर निवासी करण उर्फ बाटा, मनीष देशमुख उर्फ पाडू, अश्वनीद चंद्राकर, आशीष चतुर्वेदी उर्फ मोनू, शुभम देवांगन उर्फ राजा, जितेश वर्मा उर्फ पोगो और आदित्य सेन उर्फ ब्राण्डेड को गिरफ्तार किया है। घटना में इस्तेमाल धारदार हथियार भी जब्त कर लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

राप्रसे के 7 अधिकारियों को IAS में प्रमोशन, डीओपीटी ने जारी की अधिसूचना

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के सात वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति मिली है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी।


यह नियुक्तियां वर्ष 2024 की चयन सूची के तहत 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच उत्पन्न रिक्तियों के आधार पर की गई हैं। सभी अधिकारियों को प्रोबेशन पर नियुक्त करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल किया गया है तथा उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया है।


इन अधिकारियों को मिला प्रमोशन

  • तीरथराज अग्रवाल
  • लीना कोसम
  • सौमिल रंजन चौबे
  • बीरेंद्र बहादुर पंचभाई
  • सुमित अग्रवाल
  • संदीप कुमार अग्रवाल
  • आशीष कुमार टिकारिहा

यह पदोन्नति राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अब ये सभी अधिकारी आईएएस के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालेंगे और शासन-प्रशासन में अहम भूमिका निभाएंगे।

किसान, महिला और जनजातीय समाज के सशक्तिकरण से बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

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कोरिया महोत्सव का शुभारंभ: जिलेवासियों को 156 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैकुंठपुर में तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन कोरिया महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कोरिया जिलेवासियों को 156 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने 70 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 104 कार्यों का लोकार्पण तथा 85 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक के 40 कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकास कार्य केवल निर्माण परियोजनाएँ नहीं, बल्कि कोरिया जिले की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य के मजबूत आधार स्तंभ हैं।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ को संपन्न और समृद्ध प्रदेश के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। राज्य सरकार ने अपने अधिकांश वादों को अल्प समय में पूरा कर दिखाया है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से किए गए विकास संबंधी वादों को भी दो वर्षों के भीतर धरातल पर उतारा गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में सभी शेष संकल्प भी पूर्ण किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी और अब उनके निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहने के कारण यह क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रयासों से नक्सल उन्मूलन में अभूतपूर्व सफलता मिली है। आज बस्तर के गांव-गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल खुल रहे हैं तथा उजड़े हुए गांव पुनः आबाद हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में नियद नेल्ला नार योजना प्रारंभ की गई है, जिससे विकास कार्यों को गति मिली है।

मुख्यमंत्री साय ने किसानों के हित में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। हाल ही में खरीदे गए धान की अंतर राशि होली से पहले किसानों के खातों में स्थानांतरित कर दी जाएगी, जिसके अंतर्गत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये किसानों को मिलेंगे।  उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं और अब तक लगभग 15 हजार करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दो वर्षों में पारदर्शी प्रशासन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटल सिस्टम से मजबूत बनाया गया है तथा पीएससी भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई गड़बड़ियों की जांच सीबीआई द्वारा कराई जा रही है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। 

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की प्राकृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से भरपूर है तथा खनिजों के वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देकर आर्थिक विकास को नई दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरिया जिले में पर्यटन की बेहद संभावनाएं हैं। उन्होंने जिले के विकास को गति देने के लिए देवगढ़ छुरी धाम को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने, पुलिस चौकी पोड़ी को थाना का दर्जा देने, पुलिस सहायता केंद्र पंडोपारा को चौकी में उन्नत करने, पीडब्ल्यूडी कार्यालय भवन एवं जिला पुरातत्व कार्यालय स्थापित करने तथा फूलपुर में अधोसंरचना निर्माण एवं ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने जिले में आवागमन सुविधा सुदृढ़ करने के लिए कई सड़क और पुल-पुलिया निर्माण कार्यों की भी घोषणा की। उन्होंने कोरिया से छिंदया शिवपुर गांव तक लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से पुल-पुलिया निर्माण, कुषहा से घुघरा मार्ग पर 6 करोड़ रुपये की लागत से पुल-पुलिया निर्माण तथा 18 करोड़ रुपये की लागत से सलका बाईपास निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तेज होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कोरिया महोत्सव को जिले का विशेष तिहार बताते हुए मुख्यमंत्री को विकास कार्यों के लिए धन्यवाद दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएँ संचालित की जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री द्वारा जिले की छह महिलाओं को पिंक ई-रिक्शा प्रदान करना सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सांस्कृतिक आयोजन को स्थानीय प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया।

इस अवसर पर विधायक भैयालाल राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 156 करोड़ रुपये के विकास कार्यों से जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, एसपी रविकुमार कुर्रे, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं जिलेवासी उपस्थित थे।

विकसित छत्तीसगढ़’ की दिशा में बड़ा कदम- शिक्षा, कौशल और रोजगार पर मंथन के लिए ‘शिक्षा संवाद’

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डिजिटल नवाचार से उद्योग साझेदारी तक- ‘शिक्षा संवाद’ में उच्च शिक्षा के भविष्य की रूपरेखा तय

रायपुर- राज्य में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर समन्वय को लेकर आज  ‘शिक्षा संवाद’ का आयोजन रायपुर के स्थानीय होटल में किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की भागीदारी रही। उच्च शिक्षा विभाग और आईआईटी मद्रास और लिंकन युनिवर्सिटी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन,आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन, सीईओ इलेट्स  डॉ. रवि गुप्ता, डायरेक्टर आई.सी.एफ.ए.आई. सुधाकर राव,हाइ कमिश्नर ऑफ सैशेल्स एच. ई. हरिसोया लालटीआना सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति,रजिस्ट्रार, प्रोफेसर उपस्थित थे।

विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु, थीम पर आधारित सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई। आयोजन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को उद्योग की जरूरतों से जोड़ते हुए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करना है।  विभिन्न सत्रों में नई शिक्षा नीति, कौशल उन्नयन, उद्योग-शिक्षा साझेदारी, स्टार्टअप अवसर और भविष्य की रोजगार संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं की रोजगार क्षमता दोनों में सकारात्मक बदलाव आएगा। ‘शिक्षा संवाद’ को छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

‘शिक्षा संवाद’ के दूसरे चरण में उच्च शिक्षा को डिजिटल, उद्योगोन्मुख और शोध आधारित बनाने पर गहन मंथन हुआ। विभिन्न सत्रों में कुलपतियों, शिक्षाविदों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति विशेषज्ञों ने भाग लेकर शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने के सुझाव प्रस्तुत किए।

डिजिटल इनोवेशन से बदलती उच्च शिक्षा

इस सत्र में डिजिटल कैंपस, एलएमएस एवं ब्लेंडेड लर्निंग मॉडल, एआई आधारित शिक्षण-मूल्यांकन, डेटा आधारित प्रशासन तथा साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने माना कि तकनीक के समुचित उपयोग से पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है।

रोजगारोन्मुखी शिक्षा के लिए इंडस्ट्रीज-अकादमिक सहयोग

इस सत्र में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम, इंटर्नशिप एवं अप्रेंटिसशिप, सेक्टर स्किल काउंसिल की भूमिका और परिणाम आधारित शिक्षा पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के बीच मजबूत तालमेल से युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर मिलेंगे।

ज्ञान अर्थव्यवस्था की ओर -शोध, नवाचार और उद्यमिता

अंतिम तकनीकी सत्र में शोध के वर्तमान परिदृश्य, नवाचार केंद्रों की स्थापना, स्टार्टअप प्रोत्साहन, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और शोध के व्यावसायीकरण पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने शिक्षा संस्थानों में इनोवेशन कल्चर विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। ‘शिक्षा संवाद’ को राज्य में उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण, उद्योग सहयोग और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम का समापन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन और उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन के सार-संक्षेप के साथ हुआ। ‘शिक्षा संवाद 2026’ ने राज्य में भविष्य उन्मुख, नवाचार- प्रधान और उद्योग-संरेखित उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

उज्ज्वला गैस, पिंक ई-रिक्शा और गार्बेज रिक्शा वितरण से आत्मनिर्भरता को मिला नया संबल

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जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही जिंदगी : मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कोरिया प्रवास के दौरान कोरिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में 105 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब इन परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलने के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल ईंधन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

इस अवसर पर स्व-रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 6 आजीविका दीदियों को पिंक ई-रिक्शा (ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस) प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 स्वच्छता दीदियों को गार्बेज रिक्शा भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, और इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।


‘शिक्षा संवाद 2026’ का भव्य शुभारंभ—उच्च शिक्षा, कौशल और रोजगार को जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा तय

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उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा-उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

शिक्षा नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नई दिशा-सचिव डॉ. भारती दासन

रायपुर- छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा और कौशल विकास के भविष्य पर केंद्रित फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘शिक्षा संवाद 2026’ का आज रायपुर के कोर्टयार्ड मैरियट में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस आयोजन का संचालन उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया, जिसमें एलिट्स टेक्नोमीडिया सहयोगी संस्था के रूप में जुड़ा रहा।

‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ थीम पर आधारित उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा राज्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उभरते अवसरों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। मंत्री ने संस्थागत क्षमता सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और पाठ्यक्रमों को उद्योग की मांग के अनुरूप ढालने पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संरचित समन्वय की आवश्यकता बताई, ताकि विद्यार्थियों को व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल प्राप्त हो सके। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और नीतिगत सुधारों को भी गुणवत्ता सुधार का अहम माध्यम बताया गया।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने शासन के शिक्षा सुधारों, संस्थागत सशक्तीकरण और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नीति के समुचित कार्यान्वयन, डिजिटल एकीकरण और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर एलिट्स टेक्नोमीडिया के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. रवि गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए नीति, अकादमिक और उद्योग जगत के बीच सतत संवाद मंच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वहीं, उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया, जिससे शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास का समेकित मॉडल विकसित हो सके।‘

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और ‘स्वयं प्लस – आईआईटी मद्रास’ के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते के तहत उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन और ब्लेंडेड कोर्स, उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणपत्र तथा क्रेडिट-लिंक्ड कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ के अंतर्गत क्रेडिट ट्रांसफर को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को उन्नत कौशल आधारित मॉड्यूल्स का लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा विभाग ने मलेशिया के लिंकन यूनिवर्सिटी कॉलेज (LUC) के साथ भी एमओयू किया। इस सहयोग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी, छात्र एवं संकाय विनिमय, संयुक्त शोध पहल और वैश्विक एक्सपोजर को बढ़ावा देना है।

शिक्षा संवाद 2026 में दिनभर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधार, डिजिटल नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध और उद्यमिता जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा संवाद 2026’ ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाकर ही विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य साकार किया जा सकता है।

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