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लोकसभा में नहीं पास हो सका महिला आरक्षण बिल: 298 समर्थन के बावजूद दो-तिहाई बहुमत से चूकी सरकार

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 नई दिल्ली। लोकसभा में आज शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026 को आवश्यक बहुमत नहीं मिल पाया, जिसके चलते यह बिल पारित नहीं हो सका। सदन में हुई वोटिंग में बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, लेकिन दो-तिहाई बहुमत की अनिवार्यता के कारण सरकार यह विधेयक पास कराने में असफल रही।


संवैधानिक संशोधन विधेयक होने के कारण इसे पारित करने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई समर्थन की आवश्यकता थी। हालांकि, सरकार को विपक्ष का साथ नहीं मिला और बिल आवश्यक आंकड़े तक नहीं पहुंच सका।

इससे पहले सदन में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक पर लंबी और तीखी बहस हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष से बिल का समर्थन करने की अपील की, लेकिन विपक्ष ने लगातार इसका विरोध किया।

वोटिंग के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सरकार जरूरी समर्थन जुटाने में नाकाम रही। इसके चलते महिला आरक्षण से जुड़ा यह अहम संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया।

इस विधेयक के साथ ही सरकार ने ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में प्रस्तुत किया था। लेकिन मुख्य संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद इन दोनों विधेयकों पर आगे की कार्यवाही रोक दी गई। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संबंधित विधेयकों को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष परिसीमन के मुद्दे की आड़ में महिला आरक्षण का विरोध कर रहा है। उनके संबोधन के बाद ही सदन में वोटिंग कराई गई, जिसमें बिल को आवश्यक समर्थन नहीं मिल सका।

गौरतलब है कि इस विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान प्रस्तावित था, जिसे लागू करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया से भी जोड़ा गया था।

IPL सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बाबू खेमानी मुंबई से गिरफ्तार

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 रायपुर। राजधानी में ऑनलाइन सट्टा कारोबार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी पर ‘3 STUMPS’ नाम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए IPL मैचों पर सट्टा संचालित करने का आरोप लगा है। पुलिस जांच में इस नेटवर्क के तार कथित तौर पर महादेव सट्टा नेटवर्क से मिलते-जुलते पाए गए हैं।


मामले में गंज थाना में 13 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई है। इसके बाद से आरोपी फरार था । पुलिस को आशंका है कि वह विदेश में बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है और रायपुर सहित देश के कई शहरों में अपने सहयोगियों के जरिए सट्टा सिंडिकेट चला रहा है।

जांच के अनुसार, यह नेटवर्क रायपुर, मुंबई, पुणे और गोवा तक फैला हुआ था। अलग-अलग पैनल के माध्यम से यूजर्स को जोड़ा जाता था और उन पर दांव लगवाए जाते थे। पैसों के लेन-देन के लिए कथित तौर पर म्यूल (फर्जी/किराए के) खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे ट्रांजैक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस ने यह भी पाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को इस अवैध सट्टा नेटवर्क से जोड़ा जा रहा था। सिंडिकेट में अलग-अलग भूमिकाएं तय थीं—कुछ लोग यूजर्स जोड़ते थे, कुछ बेटिंग ऑपरेशन संभालते थे, जबकि अन्य फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन मैनेज करते थे।

गौरतलब है कि रायपुर पुलिस इससे पहले भी इस नेटवर्क से जुड़े 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में कई पैनल ऑपरेटरों की भूमिका सामने आ चुकी है।

फिलहाल पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस सट्टा सिंडिकेट से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ : बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर वरिष्ठजनों का बढ़ाया हौंसला

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर केंद्र ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और आत्मीय संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन अत्यंत प्रसन्न नजर आए तथा उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘सियान गुड़ी’ के लिए आभार व्यक्त किया।



मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक पुस्तक, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। उन्होंने समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रियता का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सियान गुड़ी’ के माध्यम से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हुए पारिवारिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित यह ‘सियान गुड़ी’ केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से ‘सियान गुड़ी’ को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा तथा कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।

विश्व बॉर्डर सुरक्षा कांग्रेस 2026 में भारत ने समुद्री सुरक्षा में नेतृत्व का किया प्रदर्शन

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वियना: भारत  ने 14 से 16 अप्रैल 2026 तक वियना, ऑस्ट्रियामें आयोजित वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में भाग लेते हुए समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने किया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए देश की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) को प्रस्तुत किया, जिससे मजबूत और सक्षम समुद्री शासन प्रणाली के निर्माण पर भारत का ध्यान उजागर हुआ।

वर्ष 2012 में स्थापित वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सुरक्षा विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रतिनिधि सीमा प्रबंधन से जुड़े नए चुनौतियों, तकनीकी नवाचारों और सर्वोत्तम उपायों पर विचार-विमर्श करते हैं।

इस मंच के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और वैश्विक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जाते हैं।


चिंतन शिविर–2026 का समापन, आयुष क्षेत्र को सशक्त बनाने पर जोर

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नई दिल्ली: प्रतापराव जाधव, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने दो दिवसीय चिंतन शिविर–2026 के समापन सत्र की अध्यक्षता की। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का उद्देश्य आयुष क्षेत्र में नीति, शासन और क्रियान्वयन को मजबूत करना था।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि आयुष केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि एक समग्र स्वास्थ्य और जीवनशैली का दृष्टिकोण है, जो विशेष रूप से जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने आयुष को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ एकीकृत करने, साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे आयुष ग्रिड व टेलीमेडिसिन के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दूसरे दिन नीति समन्वय और मंत्रालयों के बीच सहयोग पर चर्चा हुई। इस दौरान विनोद पॉल,पुण्य सलिला श्रीवास्तवऔर प्रीति सूदन जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

विनोद पॉल ने आधुनिक चिकित्सा और आयुष के एकीकरण के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने की बात कही। वहीं, पुन्या सलिला श्रीवास्तव ने आयुष को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शामिल करने और डिजिटल हेल्थ सिस्टम के उपयोग पर जोर दिया।

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह शिविर भविष्य की रणनीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ है, जिससे आयुष क्षेत्र को और सशक्त बनाया जाएगा।

इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण पहलें भी शुरू की गईं, जिनमें आयुष उपचार के लिए बीमा कवरेज बढ़ाने हेतु समझौता, मंत्रालय का व्हाट्सएप चैनल लॉन्च, आयुष बीमा दरों का दस्तावेज जारी करना और हेल्पलाइन नंबर 1800-11-0008 की शुरुआत शामिल है।

कार्यक्रम में उद्यमिता, कौशल विकास, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और मीडिया रणनीतियों पर भी चर्चा की गई, ताकि आयुष को एक प्रभावी और विश्वसनीय स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में स्थापित किया जा सके।

दो दिवसीय चिंतन शिविर में नीति निर्धारकों, विशेषज्ञों और हितधारकों ने शिक्षा, अनुसंधान, सेवा वितरण, डिजिटलाइजेशन और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

शिविर का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आयुष क्षेत्र को सशक्त बनाकर 2047 तक स्वस्थ और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।


पशुपालन क्षेत्र सुधारों पर समीक्षा बैठक आयोजित, राज्यों को तेज़ी से अमल करने के निर्देश

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नई दिल्ली: पशुपालन एवं डेयरी विभाग (Department of Animal Husbandry and Dairying (DAHD) द्वारा 17 अप्रैल 2026 को कृषि भवन, नई दिल्ली में पशुपालन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर एक समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने की, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI), टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान (AI) और भारत पशुधन पोर्टल (NDLM) से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

अध्यक्ष ने SASCI योजना के तहत प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए आवश्यक मानदंडों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी तथा राज्यों को अपने पशुधन विकास योजनाओं के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने की सलाह दी।

अपने संबोधन में नरेश पाल गंगवार ने कहा कि अधिकांश राज्यों ने DAHD के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने राज्यों को योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने, समय पर बजट आवंटन सुनिश्चित करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक उपयोग करने पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त सचिव वर्षा जोशी द्वारा विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इसमें टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SoPs) पर चर्चा की गई। साथ ही, NDLM–भारत पशुधन पोर्टल के तहत डेटा इंटीग्रेशन और रियल-टाइम रिकॉर्ड अपलोडिंग को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में राष्ट्रीय पशुधन मिशन, पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम, पशुधन बीमा, चारा योजना, और रोग नियंत्रण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी समीक्षा की गई। राज्यों को FMD मुक्त क्षेत्र बनाने, जिला स्तर पर डायग्नोस्टिक लैब मजबूत करने और महामारी की तैयारी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राज्यों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब दिए गए। सभी प्रतिभागियों ने योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।


पशु स्वास्थ्य पर सशक्त समिति की 10वीं बैठक आयोजित, रोग उन्मूलन और ‘वन हेल्थ’ पर जोर

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नई दिल्ली: पशुपालन एवं डेयरी विभागके तत्वावधान में 16 अप्रैल 2026 को पशु स्वास्थ्य पर सशक्त समिति (ECAH) की 10वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने की, जबकि सह-अध्यक्षता विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने की।

बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल हुए। इसमें पशु स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण के तहत भारत की प्रगति और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

बैठक में फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) और पीपीआर (पेस्ट दे पेटिट्स रूमिनेंट्स) जैसी बीमारियों के नियंत्रण से आगे बढ़कर उनके उन्मूलन पर जोर दिया गया। बताया गया कि 2020 से अब तक FMD के खिलाफ 133 करोड़ से अधिक टीकाकरण किए जा चुके हैं, जिससे इसके मामलों में काफी कमी आई है।

पीपीआर के मामलों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है—2019 में 98 मामलों से घटकर 2025 में 29 रह गए हैं, जो देशव्यापी टीकाकरण अभियान का परिणाम है।

बैठक में डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे NDLM और भारत पशुधन के माध्यम से टीकाकरण की पारदर्शिता और निगरानी में सुधार पर भी चर्चा हुई। साथ ही, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, रोग निगरानी प्रणाली और महामारी तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

नियामक सुधारों के तहत पशु दवाओं और टीकों की मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने और NANDI-SUGAM पोर्टल के उपयोग से समय में कमी लाने की सराहना की गई।

समिति ने पोल्ट्री क्षेत्र में बायो-सिक्योर उत्पादन प्रणाली को मजबूत करने और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने पर भी बल दिया।

इसके अलावा, विदेशी बीमारियों से निपटने की तैयारी, पशु स्वास्थ्य अवसंरचना की मैपिंग, राष्ट्रीय स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित करने और सार्वजनिक-निजी साझेदारी को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

समिति ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए एक पारदर्शी, किसान-केंद्रित और वैश्विक मानकों के अनुरूप पशु स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।


महाराष्ट्र में लॉजिस्टिक्स को डिजिटल बनाने के लिए NLDSL और राज्य सरकार के बीच MoU हस्ताक्षरित

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मुंबई: NICDC Logistics Data Services Limited (NLDSL) और Government of Maharashtra ने 16 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र में लॉजिस्टिक्स प्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस पहल के तहत यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) का उपयोग किया जाएगा।

इस सहयोग का उद्देश्य लॉजिस्टिक्स संचालन में पारदर्शिता बढ़ाना, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और रियल-टाइम डेटा के माध्यम से निर्णय प्रक्रिया को सशक्त बनाना है।

यह MoU महाराष्ट्र सरकार के उद्योग निदेशालय द्वारा आयोजित ULIP कार्यशाला के दौरान हस्ताक्षरित किया गया, जिसमें 10 से अधिक राज्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में MSMEs और छोटे निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में NLDSL की प्रमुख डिजिटल पहल—लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक (LDB), कोयला शक्ति डैशबोर्ड, “ट्रैक योर ट्रांसपोर्ट” और ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (TMS)—का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।

यह पहल रजत कुमार सैनी (सीईओ एवं एमडी, NICDC) के नेतृत्व में की जा रही है। MoU पर महाराष्ट्र सरकार के विकास आयुक्त दीपेंद्र सिंह कुशवाह और NLDSL के सीईओ तकायुकी कानो ने हस्ताक्षर किए।

इस पहल के तहत एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जो ‘विकसित भारत’ के विजन को समर्थन देगा।

ULIP एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न सरकारी प्रणालियों से लॉजिस्टिक्स डेटा को API के माध्यम से जोड़ता है। वर्तमान में यह 11 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के 45 सिस्टम को 137 APIs के जरिए जोड़ चुका है।

National Industrial Corridor Development Corporation (NICDC) देश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी और बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इसके तहत ‘भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA)’ के अंतर्गत 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने हैं।

यह पहल भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को आधुनिक, कुशल और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


कोयला मंत्रालय ने 15वें दौर की वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी की शुरुआत की

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नई दिल्ली: विक्रम देव दत्त  सचिव, कोयला मंत्रालय   ने 15वें दौर की वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी की शुरुआत की। इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव रूपिंदर बरार, कोल कंट्रोलर सजीश कुमार एन सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

इस दौर में कुल 11 कोयला ब्लॉकों की नीलामी की जा रही है, जिनमें 7 पूरी तरह से अन्वेषित और 4 आंशिक रूप से अन्वेषित खदानें शामिल हैं। इनमें से 3 खदानें कोल माइंस (स्पेशल प्रोविज़न) एक्ट, 2015 के तहत और 8 खदानें माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट, 1957 के तहत पेश की गई हैं। इसके अलावा 13वें दौर के दूसरे प्रयास में 6 खदानें भी शामिल की गई हैं।

ये खदानें झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में स्थित हैं, जिससे निवेश बढ़ने, घरेलू कोयला उत्पादन में वृद्धि और रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

अब तक कोयला मंत्रालय 13 दौरों में 135 कोयला खदानों की सफल नीलामी कर चुका है, जिसकी कुल उत्पादन क्षमता लगभग 325 मिलियन टन प्रतिवर्ष है।

अपने संबोधन में विक्रम देव दत्त ने कहा कि कोयला क्षेत्र में किए गए सुधार प्रधानमंत्री Narendra Modi के पारदर्शिता और दक्षता के विजन के अनुरूप हैं। उन्होंने बताया कि 2020 में शुरू की गई वाणिज्यिक कोयला खनन व्यवस्था ने इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।

उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा के लिए घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने, कोयला गैसीकरण जैसी स्वच्छ तकनीकों को अपनाने और वैज्ञानिक खदान बंद करने (माइन क्लोजर) पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने CSR गतिविधियों के माध्यम से कोयला क्षेत्रों में सामुदायिक विकास को मजबूत करने की बात कही।



अतिरिक्त सचिव रूपिंदर बरार ने भी सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक हितों के संतुलन पर जोर देते हुए कोयला क्षेत्र में नवाचार और निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम के दौरान तकनीक, नवाचार, कोयला गैसीकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। हितधारकों ने मिलकर एक आधुनिक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर कोयला क्षेत्र के निर्माण की दिशा में विचार-विमर्श किया।

कोयला मंत्रालय का यह कदम देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और कोयला क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


खराब बीज से फसल नुकसान पर सख्त कार्रवाई, शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर FIR दर्ज

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नई दिल्ली- शिवराज सिंह चौहान से मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों के किसानों ने मुलाकात कर करेला फसल में खराब बीज और पौधों के कारण हुए भारी नुकसान की शिकायत की। इस पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत अधिकारियों को किसानों को उचित मुआवजा दिलाने और दोषी कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंत्री के निर्देश के बाद त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए धार जिले के मनावर थाने में हैदराबाद स्थित ननहेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

किसानों के अनुसार, उन्होंने नवंबर 2025 में संबंधित कंपनी के बीज और पौधे खरीदे थे, लेकिन फसल में अपेक्षित उत्पादन नहीं हुआ। करेला के फल छोटे रह गए, पीले पड़ गए और समय से पहले गिरने लगे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

शिकायत के बाद कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने जांच की, जिसमें प्रारंभिक तौर पर यह पाया गया कि किसानों को प्रमाणित बताकर घटिया गुणवत्ता के बीज और पौधे बेचे गए थे।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और बीज अधिनियम 1966 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह केवल फसल नुकसान का मामला नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत, विश्वास और पूंजी पर सीधा आघात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

साथ ही “रुबास्ता” नामक घटिया करेला बीज किस्म पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसे नुकसान से बचाया जा सके।

सरकार ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


हज 2026 की शुरुआत 18 अप्रैल से, 1.75 लाख से अधिक जायरीन करेंगे पवित्र यात्रा

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नई दिल्ली: भारत से हज यात्रा 2026 की शुरुआत 18 अप्रैल से होने जा रही है। पहले जत्थे के जायरीन देश के विभिन्न एंबार्केशन प्वाइंट्स से सऊदी अरबके लिए रवाना होंगे। इस वर्ष कुल 1,75,025 श्रद्धालु हज यात्रा पर जाने वाले हैं।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी हज यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हज कमेटी ऑफ इंडिया, अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

हज 2026 के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं, जिनमें हज सुविधा ऐप के माध्यम से डिजिटल सेवाएं, यात्रियों के लिए स्मार्ट रिस्टबैंड, पहली बार लगभग 20 दिनों की शॉर्ट-ड्यूरेशन हज सुविधा, और प्रति यात्री लगभग 6.25 लाख रुपये का बीमा कवर शामिल है।

इसके अलावा, करीब 60,000 यात्री मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन सेवा का लाभ उठा सकेंगे, जिससे यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और आरामदायक होगी। स्वास्थ्य सेवाओं, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, शिकायत निवारण और आवास-परिवहन सुविधाओं को भी बेहतर बनाया गया है।

देशभर में 17 एंबार्केशन प्वाइंट्स—जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और श्रीनगर—से हज संचालन किया जाएगा।

सरकार ने यात्रियों को सभी दिशा-निर्देशों और स्वास्थ्य सलाहों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सफल हो सके।


आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस संपन्न, आधुनिकरण और डेटा आधारित युद्ध पर जोर

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नई दिल्ली- भारतीय सेना की द्विवार्षिक आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (ACC), जो 13 अप्रैल 2026 से शुरू हुई थी, 16 अप्रैल 2026 को संपन्न हो गई। इस सम्मेलन की अध्यक्षता सेना प्रमुख (COAS) ने की, जिसमें शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ-साथ कैबिनेट सचिव, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, रक्षा सचिव और नेवल स्टाफ प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

सम्मेलन में भारतीय सेना के ‘फ्यूचर रेडी फोर्स’ बनने के विजन के तहत वर्ष 2026 को “नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी” का वर्ष घोषित किया गया।

इस दौरान आधुनिकीकरण, युद्ध में नई तकनीकों के उपयोग, प्रशिक्षण और सिद्धांतों में सुधार, तथा नेटवर्किंग और डेटा आधारित रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि परिचालन क्षमता को मजबूत किया जा सके और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सके।

सम्मेलन में ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों और वैश्विक स्तर पर बदलती सैन्य परिस्थितियों के आधार पर मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAS) और काउंटर-UAS के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

विशेषज्ञ वक्ताओं ने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और वैश्विक व क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत के रणनीतिक हितों की सुरक्षा के लिए “हार्ड पावर” की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय, नागरिक और सैन्य संस्थानों के बीच तालमेल और ‘होल ऑफ नेशन’ दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई।

चर्चा के दौरान रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए स्वदेशी उत्पादन क्षमताओं को तेज करने की आवश्यकता भी सामने आई, ताकि वैश्विक सप्लाई चेन संकट के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक मजबूती सुनिश्चित की जा सके।


आईएफएससीए अधिकारियों के लिए आईआईसीए में एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

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मानेसर: भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के सहायक प्रबंधकों के लिए 13 से 18 अप्रैल 2026 तक एक सप्ताह का इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम अपने मानेसर परिसर में शुरू किया है।

यह कार्यक्रम दोनों संस्थाओं के बीच 20 फरवरी 2026 को गुजरात के गिफ्ट सिटी में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस समझौते पर आईआईसीए के महानिदेशक एवं सीईओ ज्ञानेश्वर कुमार सिंह और आईएफएससीए के अध्यक्ष के. राजारामन ने हस्ताक्षर किए थे। इसका उद्देश्य भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को क्षमता निर्माण, नीति अनुसंधान और ज्ञान साझेदारी के माध्यम से मजबूत करना है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आईएफएससीए अधिकारियों को कॉर्पोरेट कानून, गवर्नेंस ढांचे, वित्तीय नियमों और सीमा-पार लेनदेन की व्यापक समझ प्रदान करना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईसीए के महानिदेशक ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में आईएफएससीए के गठन को भारत की नियामकीय दूरदर्शिता का उदाहरण बताते हुए इसे एक “चमत्कार” बताया। उन्होंने फिनटेक के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और विकसित भारत के विजन में आईएफएससीए की भूमिका पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सेबी और पीएफआरडीए जैसे नियामक संस्थानों से जुड़े विभिन्न कानूनों और ढांचों की जानकारी भी दी जाएगी।

इस अवसर पर डॉ. नीरज गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डॉ. पायला नारायण राव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

प्रशिक्षण के तहत प्रतिभागी 16 और 17 अप्रैल को “संसद प्राइड” का भी दौरा करेंगे, जिससे उन्हें संसदीय कार्यवाही और विधायी प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।

इस कार्यक्रम में कॉर्पोरेट गवर्नेंस, सिक्योरिटीज रेगुलेशन, कॉर्पोरेट फाइनेंस, वित्तीय रिपोर्टिंग और सीमा-पार दिवालियापन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

यह पहल आईआईसीए की क्षमता निर्माण और नीति समर्थन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम का समापन 18 अप्रैल 2026 को प्रमाणपत्र वितरण के साथ होगा।


पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली- नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस वर्ष चंद्रशेखर जी की 100वीं जयंती वर्ष की शुरुआत हो रही है, जिसे प्रधानमंत्री ने उनके सपनों के समृद्ध और न्यायपूर्ण भारत को साकार करने के संकल्प को दोहराने का अवसर बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चंद्रशेखर जी एक जननेता थे, जो साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। वे भारत की मिट्टी से जुड़े हुए थे और आम लोगों की आकांक्षाओं को भली-भांति समझते थे।

उन्होंने यह भी कहा कि चंद्रशेखर जी ने सार्वजनिक जीवन में सादगी और स्पष्टता का उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने उनके साथ हुई मुलाकातों को याद करते हुए बताया कि उन्हें देश के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिला था।

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं से अपील की कि वे चंद्रशेखर जी के विचारों और भारत के विकास में उनके योगदान के बारे में अधिक से अधिक पढ़ें और उनसे प्रेरणा लें।


महासमुंद में IPL सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़, 9 आरोपी गिरफ्तार, 3 फरार

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 महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने आईपीएल सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिले के विभिन्न इलाकों में की गई ताबड़तोड़ छापेमारी में 9 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 3 आरोपी अभी भी फरार हैं।


पुलिस के मुताबिक, यह अवैध सट्टा नेटवर्क बसना, पिथौरा, सांकरा, सरायपाली और भंवरपुर क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय था और ऑनलाइन माध्यम से सट्टेबाजी का कारोबार संचालित कर रहा था।

मामले की शुरुआत भंवरपुर चौक से पकड़े गए आरोपी योगेश्वर देवांगन की गिरफ्तारी से हुई। पूछताछ में मिली अहम जानकारियों के आधार पर पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन किया और अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से 11 मोबाइल फोन जब्त किए। जांच में सामने आया कि फोन-पे और यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा लेनदेन किया जा रहा था। शुरुआती जांच में 3 लाख रुपये से अधिक के अवैध ट्रांजैक्शन के प्रमाण मिले हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था, जिसमें अलग-अलग लोग मैचों पर दांव लगवाने से लेकर पैसों के लेनदेन तक की जिम्मेदारी निभा रहे थे। आरोपी डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से पूरा नेटवर्क उजागर हो गया।

गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही मामले को संगठित अपराध की श्रेणी में रखते हुए आगे की जांच जारी है।

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