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योग महोत्सव 2026 में लॉन्च हुआ 5 मिनट का इन-फ्लाइट योग प्रोटोकॉल

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35,000 फीट की ऊंचाई पर, समय जैसे धीमा हो जाता है—लेकिन शरीर भी उसी तरह धीमा पड़ने लगता है। लंबे समय तक एक सीमित सीट पर बैठने से अनुभवी यात्रियों को भी जकड़न, थकान और मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। इस आधुनिक यात्रा चुनौती का समाधान प्रस्तुत करते हुए एक सरल लेकिन प्रभावशाली पहल सामने आई है—एयर ट्रैवल के लिए योग (Yoga for Air Travel), जो 5 मिनट का एक सुविचारित इन-फ्लाइट वेलनेस प्रोटोकॉल है।

इस पहल की शुरुआत योग महोत्सव 2026 के दौरान प्रतापराव जाधव” द्वारा की गई। यह नवाचार योग के शाश्वत ज्ञान को विमान के भीतर लाता है, जिससे आपकी सीट को ही पुनःऊर्जा प्राप्त करने का स्थान बनाया जा सके। इसे मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान द्वारा विकसित किया गया है, जो आधुनिक यात्रियों के लिए तेज़, सुरक्षित और प्रभावी तरीका प्रदान करता है।

इस पहल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रतापराव जाधव ने कहा, “योग निवारक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण का एक शक्तिशाली माध्यम है। यह इन-फ्लाइट योग प्रोटोकॉल हर परिस्थिति में योग को सुलभ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है—even 35,000 फीट की ऊंचाई पर भी—ताकि लोग यात्रा के दौरान सक्रिय, शांत और संतुलित रह सकें।”

इन-फ्लाइट योग क्यों महत्वपूर्ण है

हवाई यात्रा, विशेषकर लंबी दूरी की उड़ानों में, लंबे समय तक निष्क्रिय रहने की स्थिति पैदा करती है। इससे मांसपेशियों में जकड़न, खराब रक्त संचार, थकान, जेट लैग और कुछ मामलों में डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यात्रा से जुड़े तनाव और केबिन प्रेशर में बदलाव के साथ, एक सरल स्वास्थ्य उपाय की आवश्यकता स्पष्ट हो जाती है।

यह 5 मिनट का योग प्रोटोकॉल हल्के व्यायाम, सचेत श्वास और छोटे ध्यान अभ्यासों के माध्यम से शरीर और मन में संतुलन स्थापित करने में मदद करता है।

इसकी वैज्ञानिक और निवारक महत्ता पर जोर देते हुए वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, “दैनिक जीवन में—सीमित परिस्थितियों जैसे उड़ानों में—योग को शामिल करने से रक्त संचार बेहतर होता है, तनाव कम होता है और समग्र स्वास्थ्य में सुधार आता है।”

आपकी सीट पर वेलनेस रूटीन

यह प्रोटोकॉल बेहद सरल है और बिना किसी उपकरण के सीट पर बैठे-बैठे किया जा सकता है:

  • सेंटरिंग (15 सेकंड): खुद को स्थिर करने के लिए कुछ क्षणों का मौन या ध्यान

  • हल्की जोड़ गतियां (45 सेकंड): कंधों का घुमाव, टखनों की स्ट्रेचिंग आदि

  • बैठे हुए योगासन: ताड़ासन (Palm Tree Pose), सीटेड कैट-काउ, स्पाइनल ट्विस्ट आदि

  • प्राणायाम: गहरी सांस, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, शीतली

  • ध्यान (30 सेकंड): मन को शांत करने के लिए छोटा ध्यान

इस पहल पर मोनालिसा दाश ने कहा, “यह दिखाता है कि योग को रोजमर्रा की परिस्थितियों में आसानी से शामिल किया जा सकता है और इससे एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है।”

छोटा अभ्यास, बड़ा प्रभाव

सिर्फ 5 मिनट में यह अभ्यास:

  • रक्त संचार बेहतर करता है

  • मांसपेशियों की जकड़न और थकान कम करता है

  • तनाव और चिंता घटाता है

  • पाचन और हाइड्रेशन में मदद करता है

  • जेट लैग को नियंत्रित करने में सहायक होता है

सबसे महत्वपूर्ण बात, यह यात्रियों को उड़ान के दौरान भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए सक्षम बनाता है।

कहीं भी, कभी भी वेलनेस

योग की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी अनुकूलता है। चाहे आप घर पर हों, ऑफिस में या आसमान में—योग हर जगह संभव है। यह प्रोटोकॉल याद दिलाता है कि स्वस्थ रहने के लिए अतिरिक्त समय या जगह की जरूरत नहीं—बस एक सही इरादा चाहिए।

अगली बार जब आप उड़ान भरें, तो कुछ मिनट अपने लिए निकालें—रुकें, सांस लें और खुद से जुड़ें।

अच्छी यात्रा करें। आराम से सांस लें। संतुलित रहें। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वृंदावन में रामकृष्ण मिशन के ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन किया

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द्रौपदी मुर्मु ने आज (20 मार्च 2026) “रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, वृंदावन” में नंद किशोर सोमानी ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि रामकृष्ण मिशन आध्यात्मिक चेतना और मानवीय सेवा के संगम का एक सशक्त प्रतीक है। रामकृष्ण परमहंस की गहन भक्ति ने एक शक्तिशाली धारा को जन्म दिया, जिसे उनके प्रमुख शिष्य स्वामी विवेकानंद ने मानव कल्याण के लिए संस्थागत रूप दिया। रामकृष्ण मिशन ने निरंतर यह संदेश दिया है कि प्रेम, सेवा और करुणा ही ईश्वर की प्राप्ति का सर्वोच्च मार्ग हैं। इस मिशन ने यह भी दिखाया है कि निस्वार्थ सेवा और करुणा ही सच्ची आध्यात्मिकता की वास्तविक अभिव्यक्ति हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। समय पर बीमारी का पता लगना और उच्च गुणवत्ता वाला उपचार किसी मरीज का जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। हालांकि, कई परिवारों के लिए इस बीमारी का इलाज आर्थिक कारणों से कठिन या असंभव लगता है। ऐसे समय में सेवा भावना से प्रेरित संस्थान सामाजिक कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जागरूकता अभियानों और समय पर जांच की सुविधाओं के माध्यम से कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण तभी संभव है जब उसके नागरिक स्वस्थ हों।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। आयुष्मान भारत जैसी ऐतिहासिक योजनाओं के माध्यम से लाखों नागरिकों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत कैंसर उपचार को भी शामिल किया गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिल रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सेवा भावना से प्रेरित चिकित्सा संस्थान समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे केवल बीमारियों का इलाज ही नहीं करते, बल्कि मरीजों और उनके परिवारों के जीवन में आशा, विश्वास और सम्मान भी स्थापित करते हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन ने यह सिद्ध किया है कि आधुनिक विज्ञान और मानवीय करुणा का संगम मानव कल्याण के लिए अद्भुत कार्य कर सकता है। उन्होंने रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम से जुड़े सभी हितधारकों की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि उनका योगदान आने वाले वर्षों में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।



छत्तीसगढ़ में दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब यहां अफीम की खेती का भंडाफोड़

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 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नशे के अवैध कारोबार का एक और मामला सामने आया है। तमनार क्षेत्र के आमाघाट में पुलिस ने छापेमारी कर करीब डेढ़ एकड़ में फैली अफीम की अवैध खेती को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में झारखंड निवासी एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है।


पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने जमीन को तरबूज और ककड़ी की खेती के नाम पर किराए पर लिया था, जबकि खेत के बीचों-बीच गुपचुप तरीके से अफीम की फसल उगाई जा रही थी, ताकि किसी को शक न हो।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी और पूरे खेत को नष्ट कर दिया। इस दौरान झारखंड निवासी मार्शल सांगां को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले 15 दिनों के भीतर अफीम की खेती का यह चौथा मामला सामने आया है, जिससे पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

साय सरकार का बड़ा फैसला: प्रॉपर्टी रजिस्ट्री अब होगी सस्ती

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के पारित होने से अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त हो गया है। वाणिज्यिक कर मंत्री  ओ पी चौधरी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।


           छत्तीसगढ़ उपकर समाप्त होने से अब संपत्ति पंजीयन की लागत में कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर एक करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, इससे जमीन-मकान की रजिस्ट्री अधिक सुलभ, सरल और कम खर्चीली बनेगी। इस अवसर पर विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करते हुए मंत्री  चौधरी  ने कहा कि यह विधेयक केवल एक विधिक संशोधन नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जनहित, लोककल्याण और कर-व्यवस्था में न्यायपूर्ण सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट मत है कि शासन का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन को सरल, सुलभ और सम्मानजनक बनाना है।

          वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 के माध्यम से आम जनता के उपयोग की वस्तुओं एवं सेवाओं पर व्यापक कर रियायतें प्रदान कीं, जिससे आम नागरिकों की निर्वाह लागत में कमी आई। इसी क्रम में पंजीयन विभाग में भी अनेक ऐतिहासिक, व्यावहारिक और जनहितकारी सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता पर आर्थिक बोझ कम करना और सेवाओं को सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि स्वतः नामांतरण व्यवस्था आम जनता के लिए अत्यंत राहतकारी सिद्ध हुई है। पंजीयन के बाद तत्काल नामांतरण होने से पक्षकारों को आर्थिक बचत के साथ-साथ महीनों चलने वाली नामांतरण प्रक्रिया से मुक्ति मिली है। मई 2025 से अब तक लगभग डेढ़ लाख दस्तावेजों का स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

          पंजीयन प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सुगम मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो संपत्ति की सही भौगोलिक स्थिति सुनिश्चित करने में सहायक है। साथ ही, फर्जी व्यक्ति द्वारा पहचान छुपाकर पंजीयन न कराया जा सके, इसके लिए पंजीयन कार्यालयों में आधार आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा पंजीयन कार्यालयों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वीजा ऑफिस की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नागरिकों को वातानुकूलित प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, निःशुल्क वाई-फाई तथा क्यू-आधारित त्वरित पंजीयन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 10 पंजीयन कार्यालयों को पीपीपी मोड पर स्मार्ट पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके बाद अन्य कार्यालयों को भी चरणबद्ध रूप से स्मार्ट कार्यालय बनाया जाएगा।

         चौधरी ने बताया कि सरकार ने पंजीयन शुल्क निर्धारण की व्यवस्था में सुधार किया है। पहले संपत्ति के पंजीयन में गाइडलाइन मूल्य एवं बाजार मूल्य से जो अधिक होता था, उसी पर शुल्क लिया जाता था। अब इस व्यवस्था को बदलते हुए पंजीयन शुल्क को आपसी लेनदेन की कीमत के बजाय गाइडलाइन मूल्य से जोड़ा गया है, इससे बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिली है। उदाहरण स्वरूप यदि किसी संपत्ति का गाइडलाइन मूल्य 10 लाख रुपये है, लेकिन दस्तावेज में बैंक ऋण आदि के कारण 25 लाख रुपये अंकित हैं, तो अब शुल्क केवल 10 लाख रुपये पर ही लगेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार ने लगभग 170 करोड़ रुपये के राजस्व का त्याग किया है।

         चौधरी ने बताया कि पहले परिवारजनों के मध्य दान, बंटवारा और हक-त्याग जैसी रजिस्ट्रियों पर बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे सरकार ने घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया है, चाहे संपत्ति का मूल्य कितना भी हो। उदाहरण के तौर पर, एक करोड़ रुपये की संपत्ति के दान पर पहले 80 हजार रुपये शुल्क लगता था, जो अब केवल 500 रुपये रह गया है, इससे सामान्य परिवारों और किसानों को व्यापक राहत मिली है।

गाइडलाइन मूल्य निर्धारण में भी व्यापक जनहितकारी सुधार किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी भूमि पर भी अत्यधिक मूल्यांकन की स्थिति को समाप्त करते हुए वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था खत्म कर दी गई है और अब मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जा रहा है, इससे आम जनता को 300 से 400 करोड़ रुपये तक के लाभ का अनुमान है।

          मंत्री  चौधरी ने बताया किसरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर लागू ढाई गुना मूल्यांकन, शहरों और गाँवों में कई प्रकार के अतिरिक्त मूल्यांकन तथा भूमि पर लगे वृक्षों के अलग मूल्यांकन जैसे प्रावधानों को भी समाप्त किया है, इससे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम हुआ है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। शहरी मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देते हुए अब फ्लैट का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बाउंड्री वॉल, प्लिंथ आदि जैसे कारणों से होने वाले अनावश्यक अतिरिक्त मूल्यांकन को भी समाप्त किया गया है।

         चौधरी ने बताया कि किसानों के हित में भी सरकार ने महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहले दो-फसली भूमि, नकदी फसल, मछली पालन हेतु तालाब जैसी स्थितियों में अतिरिक्त मूल्यांकन कर आर्थिक भार बढ़ा दिया जाता था। अब इन सभी प्रावधानों को समाप्त कर कृषि भूमि के लेनदेन को अधिक सहज, न्यायसंगत और किफायती बनाया गया है। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन एवं राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण हेतु स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था। इसके कारण नागरिकों को संपत्ति के पंजीयन पर बाजार मूल्य का लगभग 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा था।

           वाणिज्यिक कर मंत्री  चौधरी ने कहा कि वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब योजना संचालित नहीं है तथा रोजगार संबंधी योजनाओं का वित्तपोषण अब राज्य के सामान्य बजट से किया जा रहा है। ऐसे में जिस उद्देश्य से यह उपकर लगाया गया था, वह अब प्रासंगिक नहीं रह गया है। इसी सोच के अनुरूप जनता को राहत प्रदान करने के लिए इस अनावश्यक उपकर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

        मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार को उपकर से लगभग 148 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक लगभग 150 करोड़ रुपये का उपकर प्राप्त हो चुका है। उपकर समाप्त होने से सरकार को राजस्व की हानि अवश्य होगी, किंतु इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा और यही सरकार की नीतियों का मूल केंद्र है।

         उन्होंने आगे कहा कि इस संशोधन के माध्यम से छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 की धारा 8, धारा 9 तथा अनुसूची में वर्णित उपकर संबंधी प्रावधानों को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। अचल संपत्ति के अंतरण विलेखों के पंजीयन पर लगाया जाने वाला उपकर अब पूर्णतः समाप्त कर दिया जाएगा।

         शासन के इस निर्णय और पंजीयन विभाग में किए गए सुधारों से प्रदेश की जनता को अनेक प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होंगे। संपत्ति के पंजीयन पर देय शुल्क में कमी आएगी, जमीन-मकान की रजिस्ट्री अधिक किफायती होगी, मध्यमवर्गीय एवं निम्न आय वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी, दस्तावेजों के पंजीयन में वृद्धि होगी, किसानों और परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा तथा संपत्ति का बाजार मूल्य और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

        मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सदैव इस सिद्धांत पर चली है कि छत्तीसगढ़ की जनता पर अनावश्यक कर का बोझ नहीं होना चाहिए। यह निर्णय और सुधारों की यह श्रृंखला उन लाखों नागरिकों को राहत देने वाली है, जो अपनी जीवन भर की कमाई से जमीन खरीदते हैं, घर बनाते हैं। परिवार में संपत्ति का बंटवारा करते हैं अथवा अपने बच्चों के भविष्य के लिए संपत्ति का हस्तांतरण करते हैं। यह केवल कर में कमी नहीं, बल्कि जनता के परिश्रम, सपनों और अधिकारों के प्रति संवेदनशील शासन का परिचायक है। उन्होंने कहा कि विष्णु देव की सरकार आने के बाद पंजीयन विभाग में किए जाने वाले जनहितैषी सुधारों के कारण पंजीयन शुल्क में होने वाले रियायतों से प्रतिवर्ष 460 करोड़ का सीधा लाभ आमजनता को होगा।

अचल संपत्ति रजिस्ट्री पर उपकर समाप्त, आम नागरिकों को बड़ी राहत - मुख्यमंत्री  

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 के माध्यम से अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगाए गए 0.60 प्रतिशत उपकर को समाप्त करना हमारी सरकार का जनहित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि आम नागरिक, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए हम लगातार कर व्यवस्था को सरल, न्यायसंगत और नागरिक-अनुकूल बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल कर में राहत नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों के सपनों को सम्मान देने की दिशा में एक सार्थक पहल है, जो अपनी मेहनत की कमाई से घर और जमीन खरीदते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कदम से संपत्ति के पंजीयन में वृद्धि होगी, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

राज्यपाल रमेन डेका से रक्षा महाविद्यालय नई दिल्ली के अध्ययन दल ने की सौजन्य भेंट

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 रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका से आज रक्षा महाविद्यालय (NDC) नई दिल्ली के अध्ययन दल ने सौजन्य भेंट की। रक्षा महाविद्यालय द्वारा "National Security and Strategic Studies" विषय पर Understanding India Study Tour (UIST) के अंतर्गत 16 सदस्यों का दल 15 से 20 मार्च तक छत्तीसगढ़ भ्रमण पर था। अपनी यात्रा के अंतिम दिन आज इस दल ने राज्यपाल डेका से मुलाकात की। अध्ययन दल में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारीगण, मित्र देशों के सेनाधिकारी तथा कुछ सिविल सेवाओं के अधिकारीगण शामिल थे। इस दल ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न पर्यटक स्थलों, जैसे-बारनवापारा अभ्यारण्य, ट्राइबल म्यूजियम, पुरखैती मुक्तांगन, बस्तर के विभिन्न जलप्रताप, कोन्डागांव के शिल्पग्राम इत्यादि का भ्रमण किया।


राज्यपाल डेका ने अध्ययन दल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक सुंदर प्रदेश है। आप सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों को अपने भ्रमण और छत्तीसगढ़ की खूबसूरती के बारे में बताएं ताकि वे भी पर्यटक के रूप में यहां आ सकें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की विशेषताओं के बारे में अध्ययन दल से चर्चा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां पर धान की प्रजातियों को संरक्षित करके रखा गया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की शिल्प कला जैसे ढोकरा आर्ट, वुडन आर्ट, बैम्बु आर्ट के बारे मंे भी चर्चा की। इस प्रदेश में प्रतिभाशाली लोगों की भी कमी नही है, अमेरिका के ह्यूस्टन में छत्तीसगढ़ के हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे है। इसके अलावा अमेरिका में बसे छत्तीसगढ़ के प्रवासी लोगों की संस्था नार्थ अमेरिका छत्तीसगढ़ एसोसिएशन (NACHA) अमेरिका में स्वदेशी मेले का आयोजन करते है जहां पर छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन किया जाता है। उन्होंने इस दौरान ऊर्जा के नवीनीकृत स्रोतों को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान श्री डेका ने छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के बारे में भी अध्ययन दल को अवगत कराया।


इस दौरान अध्ययन दल के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सुंदर, संस्कृति, कला और परंपराओं की सराहना की। अध्ययन दल ने छत्तीसगढ़ के आतिथ्य की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग सीधे सरल और आत्मीय है। उन सभी को यहां आकर बहुत अच्छा लगा। अध्ययन दल के सदस्यों ने प्रदेश में संचालित लोककल्याणकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन, कृषक उन्नति योजना, नक्सल पुर्नवास नीति आदि की सराहना की।

छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा संगठन विस्तार, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रभारी-सहप्रभारी घोषित

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 रायपुर : भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में संगठन को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए व्यापार प्रकोष्ठ के संभाग प्रभारी और सह-प्रभारियों की घोषणा कर दी है।


रायपुर में जारी इस फैसले के तहत प्रदेश नेतृत्व की सहमति से की गई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार वर्ग के बीच पार्टी की पकड़ को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करना है।


पार्टी ने नए पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन के विस्तार के साथ-साथ पार्टी की नीतियों और योजनाओं को व्यापारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं।

इस घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में व्यापार प्रकोष्ठ की सक्रियता बढ़ेगी और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी।

नाबालिग के पेट दर्द का चौंकाने वाला सच: अस्पताल पहुंचते ही खुला राज, मृत नवजात का जन्म, आरोपी गिरफ्तार

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 कोरबा। जिले के लेमरू थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंची एक नाबालिग के गर्भवती होने का खुलासा हुआ। इलाज के दौरान उसका प्रसव कराया गया, जिसमें मृत नवजात का जन्म हुआ। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।


जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात नाबालिग को अचानक तेज पेट दर्द शुरू हुआ। पूरी रात दर्द से परेशान रहने के बाद सोमवार सुबह उसकी मां उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचीं। डॉक्टरों द्वारा जांच करने पर पता चला कि वह गर्भवती है, जिससे परिजनों के होश उड़ गए।

नाबालिग ने बताया कि उसने दो दिन पहले दर्द निवारक दवा का सेवन किया था, जिसके बाद उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए तत्काल प्रसव कराया, जिसमें मृत नवजात का जन्म हुआ। फिलहाल नाबालिग की हालत स्थिर बताई जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि गांव के ही एक युवक ने नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ संबंध बनाए थे।

मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। नीतीश ठाकुर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

संवेदनशील मामला होने के कारण पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है

Air War में बढ़ी टेंशन: ईरान के हमले से अमेरिका के 16 विमान तबाह

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 नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब पूरी तरह हवाई युद्ध में बदलता नजर आ रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव में अमेरिकी वायुसेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक अमेरिका के कम से कम 16 सैन्य विमान नष्ट हो चुके हैं, जिनमें फाइटर जेट, ड्रोन और रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल हैं।


रीपर ड्रोन को बड़ा झटका

युद्ध के दौरान 10 MQ-9 रीपर ड्रोन नष्ट हुए हैं। इनमें से 9 को ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, जबकि एक ड्रोन जॉर्डन के एयरफील्ड पर मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त हुआ। दो अन्य ड्रोन तकनीकी खराबी के कारण नष्ट हो गए।

तकनीकी खामियां और मानवीय भूल भी बनी वजह

रिपोर्ट में सामने आया है कि नुकसान केवल दुश्मन हमलों से नहीं हुआ, बल्कि तकनीकी खराबी और संचालन में कमी भी बड़ी वजह रही।

  • एक KC-135 रिफ्यूलिंग टैंकर क्रैश हुआ, जिसमें 6 क्रू मेंबर की मौत हो गई
  • कुवैत में गलत पहचान के चलते अपनी ही सेना ने 3 F-15 जेट नष्ट कर दिए
  • सऊदी अरब के बेस पर ईरानी मिसाइल हमले में 5 KC-135 विमान क्षतिग्रस्त हुए

अमेरिकी वायुसेना के सामने चुनौती

आमतौर पर किसी भी युद्ध में हवाई बढ़त हासिल करने वाली अमेरिकी वायुसेना इस बार मुश्किल में नजर आ रही है। अधिकारियों के मुताबिक, वे अभी केवल सीमित इलाकों में ही प्रभावी कार्रवाई कर पा रहे हैं और पूरे ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण नहीं बना पाए हैं।

हाल ही में एक अत्याधुनिक F-35 फाइटर जेट को भी भारी गोलाबारी के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, हालांकि पायलट सुरक्षित रहे।

ईरान का पलटवार तेज

ईरान ने अपने ‘साउथ पार्स’ गैस फील्ड पर हुए हमलों के जवाब में कतर और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाया है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों की सुरक्षा अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि ईरान का सक्रिय एयर डिफेंस सिस्टम वहां लगातार खतरा पैदा कर रहा है।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में यह संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है, जिसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।

रायपुर में फिर धधकी कार, ओवरब्रिज पर जलता रहा वाहन, चालक ने कूदकर बचाई जान

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर चलती कार में आग लगने की घटना सामने आई है। इस बार मामला आमानाका ओवरब्रिज का है, जहां अचानक एक कार में भीषण आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


मिली जानकारी के अनुसार, कार चालक ओवरब्रिज से गुजर रहा था, तभी उसे वाहन से धुआं उठता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए चलती कार से कूदकर अपनी जान बचाई।

कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगा। ओवरब्रिज पर मौजूद अन्य वाहन चालकों में भी दहशत फैल गई और कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए, हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक अंदेशा शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी का जताया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यह पूरा मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

गौरतलब है कि राजधानी में चलती गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिससे वाहन चालकों में चिंता का माहौल है। ऐसे में विशेषज्ञ समय-समय पर वाहन की सर्विसिंग और सुरक्षा जांच कराने की सलाह देते हैं।

CG NEWS : 165 करोड़ यस बैंक घोटाला: हाई कोर्ट सख्त, CBI जांच के आदेश से मचा हड़कंप

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 भिलाई के चर्चित 165 करोड़ रुपये के Yes Bank घोटाले में बड़ा मोड़ आ गया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पूरी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने के आदेश दिए हैं, जिससे प्रदेशभर में हलचल मच गई है।


कोर्ट की सख्त टिप्पणी

बिलासपुर में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया पर गहरी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जांच में तथ्यों को छुपाने और लीपापोती की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

बैंक और जांच एजेंसियों पर सवाल

कोर्ट ने यह भी पाया कि Yes Bank ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए CBI को ही एकमात्र विकल्प बताते हुए पूरा मामला केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया गया।

दस्तावेज सौंपने के निर्देश

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दुर्ग-भिलाई एसपी को निर्देश दिया कि:

सभी दस्तावेज

एफआईआर और काउंटर एफआईआर

  • संबंधित पूरी जानकारी
  • CBI को तत्काल सौंपी जाए। साथ ही CBI को नई FIR दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

साल 2020 में शुरुआत

  • अनिमेष सिंह के नाम से खोले गए खाते में 457 खातों से लेनदेन
  • करीब 165 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए

जांच पर गंभीर सवाल

कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि:

  • शिकायतकर्ता को ही आरोपी बनाने की कोशिश हुई
  • पहली FIR के बाद मामले को दबाने की कोशिश की गई
  • राज्य की जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई

अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल को तय की गई है।

Good News! रसोई गैस की सप्लाई पर नहीं पड़ेगा असर, मंत्रालय का बड़ा बयान

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 नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और फिलहाल किसी भी वितरक को सिलेंडर की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की सप्लाई और वितरण तय समय के अनुसार जारी है।


अधिकारियों ने क्या कहा

मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पश्चिम एशिया में हालिया घटनाओं के चलते स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि,
“स्थिति भले ही चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन देश में एलपीजी सप्लाई पूरी तरह स्थिर और निर्बाध है। किसी भी वितरक को कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।”

 डिजिटल सिस्टम से बढ़ी पारदर्शिता

मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी वितरण में डिजिटल सुधार तेजी से लागू हो रहे हैं—

  • लगभग 94% गैस बुकिंग अब ऑनलाइन हो रही हैं
  • डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड प्रणाली करीब 76% मामलों में सफल रही है
  • इन बदलावों से पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा में सुधार हुआ है।

 वाणिज्यिक LPG की सप्लाई भी पटरी पर

मंत्रालय ने बताया कि शुरुआत में वाणिज्यिक गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी, लेकिन अब स्थिति में सुधार हो गया है।

  • करीब 17 राज्यों ने आवंटन आदेश जारी किए
  • सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति शुरू
  • बाजार को स्थिर करने के लिए 10% अतिरिक्त वाणिज्यिक LPG उपलब्ध कराने का प्रस्ताव

 PNG नेटवर्क विस्तार पर जोर

केंद्र सरकार ने राज्यों से PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क के विस्तार में सहयोग की अपील की है, ताकि भविष्य में गैस सप्लाई और अधिक मजबूत हो सके।

 नए कनेक्शनों में बढ़ोतरी

सरकार की पहल का असर भी दिखने लगा है—
पिछले दो हफ्तों में करीब 1.25 लाख नए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं।

भले ही अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हों, लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में रसोई गैस की आपूर्ति पर फिलहाल कोई असर नहीं है। उपभोक्ताओं को गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज बदला: झमाझम बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी, कई राज्यों में असर

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 नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार के बाद शुक्रवार सुबह भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला जारी रहा। नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है।


भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए पूरे दिन बारिश, तेज हवाओं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

 कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।

तापमान में गिरावट, मार्च में रिकॉर्ड बारिश

लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से कम है।
मार्च में अब तक औसतन 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक है।

 पश्चिमी विक्षोभ बना वजह

मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार,
इस समय सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर स्थित है।

इसके प्रभाव से हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में बारिश हो रही है। हालांकि, सिस्टम के पूर्व की ओर खिसकने से बारिश की तीव्रता कुछ कम होने की संभावना है।

 बारिश के बीच वैष्णो देवी में श्रद्धालुओं की भीड़

जम्मू में बारिश और ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
नवरात्रि के पहले दिन वैष्णो देवी मंदिर में करीब 15 हजार भक्तों ने दर्शन किए।
बारिश के बीच ‘जय माता दी’ के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा पूरी की।

राजस्थान में भी बदला मौसम

राजस्थान के बाड़मेर, जयपुर, अजमेर और भरतपुर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
हालांकि, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर के कुछ हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में बर्फबारी

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है।
केदारनाथ और बदरीनाथ सहित कई क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।
निचले इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

 हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा

हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के बाद पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है।
मनाली और लाहौल-स्पीति में होटल बुकिंग बढ़ गई है, जिससे होटल कारोबारियों में उत्साह देखा जा रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली है। एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि जैसी घटनाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

'बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026' का आयोजन 22 मार्च को जगदलपुर में

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर लाने के उद्देश्य से “बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह आयोजन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।


 22 मार्च को आयोजित होने वाली यह मैराथन जगदलपुर के लालबाग मैदान से प्रारंभ होकर चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंचेगी। यह रूट प्रतिभागियों को बस्तर के प्राकृतिक और ऐतिहासिक सौंदर्य से रूबरू कराएगा।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम के साथ राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा।


मैराथन में 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं, जिसमें देशभर से धावकों के शामिल होने की उम्मीद है। विजेता प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रूपए तक का आकर्षक पुरस्कार रखा गया है। साथ ही प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और रनिंग फोटोज़ दिए जाएंगे। कार्यक्रम में ज़ुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसी गतिविधियां भी होंगी। प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वेबसाईट
https://www.bastarheritage.run/registration अवलोकन कर सकते हैं। 

छत्तीसगढ़ में सनसनी: शिक्षक की बेरहमी से हत्या, शव जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश

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 रायपुर : सक्ती जिले के जैजैपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दिव्यांग शिक्षक की निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावर ने टंगिया (धारदार हथियार) से वार कर शिक्षक की जान ली और बाद में शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की।


मृतक की पहचान देवानंद भारद्वाज के रूप में हुई है, जो पिहरीद में पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि वे अपनी ट्राइसाइकिल से घूमने निकले थे, तभी घात लगाए आरोपी ने उन पर हमला कर दिया।

ऐसे हुई वारदात

घटना जैजैपुर थाना क्षेत्र के जर्वे गांव की है। आरोपी ने पहले शिक्षक पर टंगिया से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को घर के पीछे ले जाकर आग के हवाले कर दिया।

गांव में दहशत, पुलिस जांच जारी

घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। आरोपी घटना के बाद से फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस ने घेराबंदी तेज कर दी है।

जमीन विवाद बना हत्या की वजह

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक का जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। फिलहाल पुलिस संदिग्ध की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच जारी है।

छत्तीसगढ़ के IAS डॉ. रवि मित्तल को केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी, PMO में 'डिप्टी सेक्रेटरी' नियुक्त

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रायपुर/नई दिल्ली-  छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी डॉ. रवि मित्तल को केंद्र सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रतिनियुक्ति पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उप सचिव (Deputy Secretary) के पद पर नियुक्त किया गया है।

कार्यकाल: केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. मित्तल की यह नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्षों की अवधि के लिए अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

वर्तमान जिम्मेदारी: दिल्ली पदस्थापना से पहले डॉ. मित्तल छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क आयुक्त (CPR) और मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

चयन प्रक्रिया: कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी के बाद कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है।

शानदार रहा है प्रशासनिक सफर 

​डॉ. रवि मित्तल अपनी कार्यकुशलता और प्रशासनिक पकड़ के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने जशपुर जिले में कलेक्टर के रूप में बेहतरीन कार्य किया, जिसकी सराहना राज्य स्तर पर हुई। उनके पास चिकित्सा की पृष्ठभूमि (MBBS) भी है, जो उन्हें जटिल मुद्दों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने में मदद करती है।

​छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के मुखिया के तौर पर उन्होंने सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में तकनीकी नवाचारों का भी प्रयोग किया। अब PMO जैसे देश के सबसे प्रभावशाली कार्यालय में उनकी नियुक्ति को उनके करियर की एक बड़ी छलांग के रूप में देखा जा रहा है।

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