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पूर्वोत्तर क्षेत्र में विदेशी सिगरेट तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 71 लाख सिगरेट जब्त

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विदेशी मूल की तस्करी कर लाई गई सिगरेटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Directorate of Revenue Intelligence (डीआरआई) ने पूर्वोत्तर भारत में कई समन्वित अभियान चलाए हैं।

मई 2026 से अब तक डीआरआई द्वारा संचालित अभियानों में पूर्वोत्तर क्षेत्र से लगभग 71 लाख विदेशी सिगरेट जब्त की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 14 करोड़ रुपये है। इन मामलों में 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

मिजोरम में सबसे बड़ी कार्रवाई

11 जून 2026 को मिजोरम में डीआरआई ने एक बड़ी कार्रवाई के दौरान 45 लाख से अधिक विदेशी सिगरेट जब्त कीं। जब्त सिगरेटों में Mond, XSo, ORIS और Patron जैसे विदेशी ब्रांड शामिल हैं।

यह अभियान असम राइफल्स की 34वीं बटालियन की सहायता से चलाया गया। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये सिगरेटें भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित ज़ोखावथार (Zokhawthar) सेक्टर के माध्यम से म्यांमार से तस्करी कर भारत लाई गई थीं।

अन्य अभियानों में भी बड़ी सफलता

पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान डीआरआई ने विभिन्न अभियानों में 26 लाख से अधिक विदेशी सिगरेट और जब्त की हैं। इन मामलों में 3 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

तस्करी पर कड़ी निगरानी

डीआरआई के इन अभियानों से स्पष्ट है कि भारत-म्यांमार सीमा के जरिए होने वाली अवैध तस्करी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। विदेशी सिगरेटों की तस्करी से सरकार को राजस्व हानि होती है और अवैध व्यापार को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में सुरक्षा एवं राजस्व एजेंसियां तस्करी के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं।


छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गाे सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।

सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए 4,200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे। 

फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे।

सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 528 करोड़ रूपए के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे। हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस एनर्जी, सेल्कॉन ग्रुप, मैग्नमविंग्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर  रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चौरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की।

इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई।

कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री रितु सैन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक  विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक  प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।

अवतार ने लॉन्च किया ‘वार्या’ – भारत का किफायती और स्वदेशी AI वीडियो मॉडल

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AI-नेटिव ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी Avataar ने आज ‘वार्या’ (Varya) नामक एक उन्नत AI वीडियो मॉडल लॉन्च किया। यह मॉडल भारत के अगले दौर के उपयोगकर्ताओं के लिए सस्ता, सुलभ और भारतीय संदर्भों के अनुरूप वीडियो AI उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इस मॉडल का अनावरण किया गया, जिसमें भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन और अवतार की नेतृत्व टीम उपस्थित रही।

भारत की विविधता को समझने वाला AI

वार्या को किसी सामान्य भारतीय अवधारणा के लिए नहीं, बल्कि भारत की विविध वास्तविकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह मॉडल भारत के विभिन्न क्षेत्रों, त्योहारों, समुदायों, भोजन, परिधान, सार्वजनिक स्थानों और दैनिक जीवन से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों को समझने और उनके अनुरूप वीडियो तैयार करने में सक्षम है।

इसके माध्यम से:

  • गांव का शिक्षक दृश्यात्मक पाठ तैयार कर सकता है।

  • MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) अपने उत्पादों के विज्ञापन बना सकते हैं।

  • आम नागरिक वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इंडियाAI मिशन का सहयोग

अवतार उन कंपनियों में शामिल है जिन्हें IndiaAI Mission के तहत स्वदेशी फाउंडेशन AI क्षमताओं के विकास के लिए चुना गया था।

राष्ट्रीय AI कंप्यूटिंग अवसंरचना तक सब्सिडी वाली पहुंच ने वार्या के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह दर्शाता है कि सार्वजनिक AI अवसंरचना किस प्रकार घरेलू नवाचार को गति दे सकती है।

सिर्फ 4 चरणों में वीडियो निर्माण

वार्या की सबसे बड़ी विशेषता इसकी डिस्टिलेशन तकनीक है।

जहां सामान्य वीडियो AI मॉडल वीडियो तैयार करने के लिए लगभग 50 चरणों से गुजरते हैं, वहीं वार्या केवल 4 चरणों में समान गुणवत्ता वाला वीडियो तैयार कर सकता है।

कंपनी के अनुसार:

  • वीडियो निर्माण लागत लगभग ₹0.48 प्रति सेकंड है।

  • यह कई प्रमुख वैश्विक वीडियो मॉडलों की तुलना में 10 गुना तक अधिक किफायती है।

“Idea → Video → Story”

वार्या का उपयोग बेहद सरल बनाया गया है।

उपयोगकर्ता:

  1. कोई विचार टाइप कर सकता है,

  2. कोई तस्वीर अपलोड कर सकता है,

  3. वीडियो तैयार कर सकता है,

  4. और आगे नए क्लिप जोड़कर कहानी को जारी रख सकता है।

एक साधारण प्रॉम्प्ट से पाठ, विज्ञापन, मार्गदर्शिका, फिल्म या व्यक्तिगत स्मृति का निर्माण किया जा सकता है।

भारत की AI महत्वाकांक्षा का प्रतीक

लॉन्च के दौरान सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि वार्या भारत की AI यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह स्वदेशी AI क्षमताओं के निर्माण की दिशा में देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के फाउंडेशन मॉडल भारत में अनुसंधान-आधारित नवाचार को बढ़ावा देंगे तथा विश्वस्तरीय और जन-सुलभ AI समाधान विकसित करने में मदद करेंगे।

“किफायती AI ही समावेशी AI है”

अवतार के सह-संस्थापक एवं CEO Sravanth Aluru ने कहा कि भारत का AI भविष्य केवल सबसे बड़े मॉडलों से नहीं, बल्कि सबसे अधिक दक्ष मॉडलों से तय होगा।

उनके अनुसार:

"1.4 अरब लोगों के देश में किफायत कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है।"

उन्होंने कहा कि AI की अगली पीढ़ी की कहानियां, शिक्षा, विज्ञापन और सेवाएं तभी सफल होंगी जब वे सभी के लिए उपलब्ध हों।

डिस्टिल्ड वीडियो जनरेशन क्या है?

डिस्टिल्ड वीडियो जनरेशन मशीन लर्निंग की एक मॉडल-कम्प्रेशन तकनीक है, जिसमें एक छोटा और तेज़ "स्टूडेंट मॉडल" बड़े और जटिल "टीचर मॉडल" की क्षमताओं को सीखता है।

इस प्रक्रिया से:

  • अनावश्यक गणनाएं कम हो जाती हैं,

  • वीडियो तेजी से तैयार होता है,

  • लागत घटती है,

  • और गुणवत्ता लगभग समान बनी रहती है।

वार्या भारत का पहला ऐसा वीडियो मॉडल माना जा रहा है जिसने इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाकर तेज, किफायती और जन-सुलभ वीडियो AI उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।


ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में शिवराज सिंह चौहान का संबोधन

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मध्य प्रदेश की स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध और व्यावसायिक राजधानी मानी जाने वाली इंदौर में ब्रिक्स (BRICS) देशों के कृषि मंत्रियों का दो दिवसीय सम्मेलन शुरू हुआ। उद्घाटन सत्र में भारत के कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भारत की कृषि उपलब्धियों, सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर भी उपस्थित रहे। 

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और वैश्विक सहयोग पर जोर

चौहान ने ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए भारत की प्राचीन परंपरा ‘अतिथि देवो भवः’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत सदैव वैश्विक एकता, शांति और सहयोग का समर्थक रहा है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का दृष्टिकोण “युद्ध नहीं, शांति; संघर्ष नहीं, समन्वय” पर आधारित है, जो भविष्य में वैश्विक कृषि सहयोग की मजबूत नींव बन सकता है।

छोटे किसानों के सशक्तिकरण की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव, कृषि लागत में वृद्धि और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों पर सामूहिक विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच है। उनका मानना है कि यदि छोटे और सीमांत किसान आर्थिक रूप से मजबूत तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनते हैं, तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी अधिक मजबूत और टिकाऊ होगी।

भारत की कृषि उपलब्धियां

चौहान ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि दर लगभग 4.5 प्रतिशत रही है। उन्होंने प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि—

  • कुल खाद्यान्न उत्पादन लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच गया है।

  • गेहूं उत्पादन लगभग 118 मिलियन टन हो गया है।

  • बागवानी उत्पादन 378 मिलियन टन से अधिक हो चुका है।

  • मत्स्य उत्पादन 19 मिलियन टन से अधिक हो गया है।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम चला रहा है, जिसके माध्यम से बड़ी आबादी को खाद्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। इन उपलब्धियों का श्रेय किसानों की मेहनत और किसान-हितैषी सरकारी नीतियों को जाता है।

कृषि का आर्थिक महत्व

उन्होंने बताया कि भारत के लगभग 43 प्रतिशत कार्यबल का संबंध कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों से है। कृषि केवल खाद्य सुरक्षा ही नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार भी है।

छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान

चौहान ने कहा कि भारत के लगभग 87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से आते हैं। इसलिए उनका सशक्तिकरण ग्रामीण विकास की कुंजी है। उन्होंने निम्न योजनाओं का उल्लेख किया—

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता।

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए ऋण सुविधा।

  • फसल बीमा योजनाओं के माध्यम से जोखिम से सुरक्षा।

प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि

उन्होंने प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम करना दीर्घकालिक कृषि स्थिरता के लिए आवश्यक है।

उन्होंने मध्य प्रदेश से शुरू किए गए ‘खेत बचाओ अभियान’ का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण और ‘ड्रोन दीदी’

चौहान ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी कृषि परिवर्तन का मजबूत आधार है। देशभर में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से करोड़ों महिलाएं कृषि और ग्रामीण विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने ‘ड्रोन दीदी’ पहल को तकनीकी और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों तक पहुंच मिल रही है।

युवाओं की बढ़ती भूमिका

उन्होंने कहा कि नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक और कृषि उद्यमिता के माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे कृषि क्षेत्र अधिक आधुनिक, कुशल और आकर्षक बन रहा है।

ब्रिक्स देशों से सहयोग का आह्वान

अपने संबोधन के अंत में चौहान ने ब्रिक्स देशों से छोटे किसानों के सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुभवों के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग और नीति संवाद के माध्यम से यह सम्मेलन वैश्विक कृषि को नई दिशा देगा तथा अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और समावेशी कृषि भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

हैदराबाद में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, निवेशकों को देंगे छत्तीसगढ़ में निवेश का न्योता

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान वे निवेशकों और उद्योगपतियों को राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश संभावनाओं और उद्योगों के लिए तैयार किए गए अनुकूल माहौल की जानकारी देंगे।


सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ में निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाया गया है। राज्य में उद्योग, अधोसंरचना, ऊर्जा, आईटी, खाद्य प्रसंस्करण और खनिज आधारित क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर मौजूद हैं।

निवेशकों को करेंगे आमंत्रित

मुख्यमंत्री साय कार्यक्रम में देश के बड़े उद्योग समूहों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। नई औद्योगिक नीति और सरकार के निवेशक-अनुकूल फैसलों के कारण राज्य को लगातार बड़े निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं।

उद्योगपतियों के साथ होगी वन-टू-वन चर्चा

हैदराबाद में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न उद्योग समूहों और प्रमुख व्यापारिक घरानों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे। इस दौरान राज्य में निवेश की संभावनाओं और नए औद्योगिक अवसरों पर विस्तार से चर्चा होगी।

पहले भी कई शहरों में हो चुके कार्यक्रम

इससे पहले अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु के अलावा जापान और दक्षिण कोरिया में भी निवेशक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन पहलों के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ा है।

8 लाख करोड़ से ज्यादा निवेश प्रस्ताव

राज्य सरकार के मुताबिक नई निवेश अनुकूल औद्योगिक नीति के चलते छत्तीसगढ़ को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य को औद्योगिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना, बड़े निवेशकों को आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

सरकार को उम्मीद है कि हैदराबाद में आयोजित यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में निवेश को नई गति देगा और राज्य के आर्थिक विकास को मजबूत करेगा।

CG NEWS : देह व्यापार का भंडाफोड़, किराए के मकान से 4 युवतियां और 2 दलाल पकड़े गए

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 रायपुर : रायगढ़ जिले में अवैध देह व्यापार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चक्रधर नगर थाना क्षेत्र में संचालित एक कथित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त छापेमार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार युवतियों और दो कथित दलालों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच जारी है।


जानकारी के अनुसार, इलाके में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों और अवैध देह व्यापार संचालित होने की शिकायतें स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। इसके बाद पुलिस ने गोपनीय निगरानी और सत्यापन के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।

संयुक्त टीम ने मारा छापा

Chakradhar Nagar थाना क्षेत्र में सीएसपी मयंक मिश्रा, ट्रैफिक डीएसपी उत्तम सिंह और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने टीवी टावर इलाके स्थित एक मकान पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मौके से चार युवतियों और दो कथित दलालों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मौके से कुछ दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं।

साइबर एंगल से भी जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस मकान में लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर टीम भी जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ग्राहकों से संपर्क के लिए सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था या नहीं।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। साथ ही इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

आकाशीय बिजली गिरने से उपसरपंच समेत 3 की मौत, मनरेगा कार्य के दौरान हादसा, 5 घायल

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 रायपुर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। अंतागढ़ ब्लॉक के कलगांव गांव में मनरेगा कार्य के दौरान उपसरपंच समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है।


जानकारी के मुताबिक, Antagarh थाना क्षेत्र के ग्राम कलगांव में शुक्रवार सुबह मनरेगा योजना के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा था। यहां करीब 50 से 60 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी मजदूर पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए।

इसी बीच अचानक आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतागढ़ में भर्ती कराया गया, जहां एक महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे कांकेर रेफर किया गया है।

मृतकों की पहचान संतोष पटेल, प्रकाश पटेल और मनराज पटेल के रूप में हुई है। मनराज पटेल गांव के उपसरपंच बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।

मनु भाकर के गुरु जसपाल राणा का निधन, पीएम मोदी समेत दिग्गजों ने जताया शोक

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 नई दिल्ली। जसपाल राणा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मशहूर निशानेबाज और कोच, का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने Manu Bhaker को प्रशिक्षित किया था और 2024 Paris Olympics में दो पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर है।


पीएम मोदी समेत कई राजनीतिक और खेल जगत की हस्तियों ने उनके निधन पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है।

पीएम मोदी बोले- देश ने खोया महान खिलाड़ी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जसपाल राणा के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया और एक मेंटोर के रूप में भी उनका योगदान बेहद उल्लेखनीय रहा।

पीएम ने कहा कि उन्होंने समर्पण के साथ युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया और उनका मार्गदर्शन किया। खेल जगत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अनुशासन ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए परिवार, दोस्तों और पूरे खेल जगत के प्रति संवेदना जताई।

राजनाथ सिंह ने कहा- खेल जगत को अपूरणीय क्षति

Rajnath Singh ने भी शोक जताते हुए कहा कि जसपाल राणा ने वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया।

उन्होंने कहा कि जसपाल राणा के निधन से भारतीय खेल जगत को बड़ी क्षति पहुंची है। ईश्वर उनके परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।

जसपाल राणा का निधन भारतीय शूटिंग जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

CG NEWS : पुरानी रंजिश में पति-पत्नी की हत्या, शव बोरे में भरकर श्मशान में दफनाए… एक हफ्ते बाद खुला सनसनीखेज राज

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 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से डबल मर्डर का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शोभा थाना क्षेत्र के ग्राम गरीबा में पुरानी रंजिश के चलते एक पति-पत्नी की बेरहमी से हत्या कर उनके शवों को बोरे में भरकर श्मशान घाट में दफना दिया गया। घटना का खुलासा करीब एक सप्ताह बाद होने पर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।


मृतकों की पहचान राजाराम नेताम और उनकी पत्नी आशो बाई नेताम के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने मृतक के पड़ोस में रहने वाले लखीराम नेताम, रघुराम नेताम और नकुलराम नेताम को गिरफ्तार कर लिया है।

डंडों से पीट-पीटकर की हत्या

पुलिस के अनुसार, 6 जून को पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने राजाराम नेताम और उनकी पत्नी पर डंडों से हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद सबूत मिटाने की नीयत से आरोपियों ने दोनों शवों को बोरे में भरकर गांव के श्मशान घाट में चुपचाप दफना दिया।

अंतिम संस्कार के दौरान खुला राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव में हाल ही में एक अन्य व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे। वहां दो अलग-अलग स्थानों पर ताजा दफनाए गए शवों के निशान दिखाई दिए। ग्रामीणों को मामला संदिग्ध लगा क्योंकि गांव में हाल के दिनों में किसी अन्य व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी।

इसी दौरान ग्रामीणों को पिछले एक सप्ताह से लापता राजाराम नेताम और आशो बाई नेताम की याद आई। संदेह बढ़ने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने खुदवाए शव, हुई पुष्टि

सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी पवन वर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने श्मशान घाट में दफन शवों को बाहर निकलवाया। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि बरामद शव लापता दंपति के ही हैं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

थाना प्रभारी पवन वर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और हत्या के पीछे की पूरी वजह सहित पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर अवशेषों को Raipur फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।

करीब एक सप्ताह बाद सामने आए इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है, वहीं पुलिस हर पहलू से मामले की गंभीर जांच कर रही है।

साय सरकार का बड़ा फैसला: अब विधायक किसी भी जिले के कर्मचारियों को करा सकेंगे अटैच

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 रायपुर। साय सरकार ने विधायकों को बड़ी राहत देते हुए सचिवालयीन सहायता संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि राज्य के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं अपने कार्यालयीन और सचिवालयीन कार्यों के लिए प्राप्त कर सकेंगे।


इस संबंध में General Administration Department Chhattisgarh (GAD) ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर पुराने निर्देशों में संशोधन की जानकारी दी है। यह बदलाव वर्ष 2019 में सांसदों और विधायकों को लिपिकीय एवं सचिवालयीन सहायता उपलब्ध कराने संबंधी आदेश में किया गया है।


अब पूरे राज्य से ले सकेंगे कर्मचारी

नई व्यवस्था के तहत विधायक अब केवल अपने विधानसभा क्षेत्र के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेंगे। जरूरत पड़ने पर वे राज्य के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों को अपने कार्यालयीन कार्यों के लिए अटैच करा सकेंगे। इससे उन जनप्रतिनिधियों को राहत मिलेगी, जिन्हें अपने क्षेत्र में अनुभवी या आवश्यक प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल पा रहा था।

सरकार ने रखी अहम शर्त

सरकार ने इस फैसले के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी लागू की है। नए आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को किसी विधायक के साथ अटैच नहीं किया जा सकेगा। यानी मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालय और अन्य राज्य स्तरीय संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी इस व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे।

सांसदों पर नहीं होगा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सांसदों पर लागू नहीं होगा। सांसद पहले की तरह आवश्यकता अनुसार कर्मचारियों की सेवाएं प्राप्त करते रहेंगे।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

सरकार के इस फैसले को विधायकों की लंबे समय से चली आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के रूप में देखा जा रहा है। कई विधायक लगातार यह मुद्दा उठा रहे थे कि पर्याप्त लिपिकीय सहायता नहीं मिलने से उन्हें कार्यालय संचालन, प्रशासनिक समन्वय और जनसंपर्क कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक कामकाज होगा आसान

नए आदेश के लागू होने के बाद अब विधायकों को अपने प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों के संचालन में अधिक सुविधा मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जनता से जुड़े कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी।

बस्तर में दूध, खेतों तक पानी, युवाओं को काम और गांवों को नई पहचान देने की तैयारी

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नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन

बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।

CG NEWS : रेत के अवैध भंडारण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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 रायपुर : बालोद जिले में खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए रेत के अवैध भंडारण के छह मामलों में जब्ती का कार्रवाई है। जब्त रेत को ग्राम पंचायत और संबंधित कोटवार के सुपुर्द कर दिया गया है।


 कलेक्टर के निर्देश पर जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम सिकोसा, रेंगाकठेरा, चंदनबिहरी और देवरी-ख में औचक निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर रेत के अवैध भंडारण के छह मामले पाए गए, जिसमें जब्ती की कार्रवाई की गई है। भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। 

महासमुंद : सुशासन तिहार में राशनकार्ड आवेदनों का त्वरित निराकरण, 1301 नए हितग्राही हुए लाभान्वित

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 महासमुंद : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार-2026 के तहत जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों द्वारा आम नागरिकों की मांगों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण करते हुए विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया है। इसी तारतम्य में सुशासन तिहार के दौरान खाद्य विभाग को राशनकार्ड से संबंधित प्राप्त कुल 3936 आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण एवं निराकरण किया गया। जिसके माध्यम से कुल 1301 हितग्राही सीधे लाभान्वित हुए हैं।


डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खाद्य अधिकारी  तेजपाल सिंह ध्रुव ने बताया कि 41 समाधान शिविरों में राशनकार्ड से संबंधित कुल 3936 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदनों के निराकरण के तहत 1127 नए सदस्यों के नाम राशनकार्ड में जोड़े गए। इसी तरह पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 674 बीपीएल श्रेणी तथा 627 एपीएल श्रेणी के नए राशनकार्ड जारी किए गए, जिससे कुल 1301 हितग्राही सीधे लाभान्वित हुए है। इसके अलावा पारिवारिक परिस्थितियों में परिवर्तन होने के कारण 255 राशनकार्डों में मुखिया परिवर्तन की कार्रवाई भी की गई।

ग्राम भिथीडीह के निवासी नाथूराम, सुरेश पहाड़िया, अशोक कुमार पहाड़िया ने राशन कार्ड मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया हैं। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशील पहल से आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान उनके घर के नजदीक ही हो रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राशन कार्ड बनने से अब खाद्यान्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। शिविरों एवं विभागीय स्तर पर की गई सतत मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप आवेदनों का निराकरण किया गया है। इससे नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सका।

5 सेकेंड में 10 गोलियां दाग जिम मालिक की हत्या, वारदात CCTV में कैद

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 हांसी (हरियाणा): फव्वारा चौक के पास बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े एक जिम मालिक की अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। वारदात को बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने अंजाम दिया, जिन्होंने महज 5 सेकंड के भीतर 10 राउंड फायरिंग की। घटना के वक्त जिम मालिक खुले मैदान में कुछ युवक-युवतियों को ट्रेनिंग दे रहा था। इस हमले में एक अन्य युवक भी घायल हुआ है। पूरी वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।


ताबातोड़ फायरिंग से फैली दहशत

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान जिम संचालक के रूप में हुई है। वह रोज की तरह युवाओं को एक्सरसाइज करवा रहा था, तभी मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने बेहद नजदीक से उस पर गोलियां दागनी शुरू कर दीं। अचानक हुई इस गोलीबारी से मौके पर भगदड़ और दहशत का माहौल बन गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

जांच में जुटी पुलिस

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शूटरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

CG NEWS : “हरे सोने” की तस्करी में नगर सैनिक गिरफ्तार

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 धमतरी। जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी मामले में संलिप्त एक नगर सैनिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की पहचान ग्राम पाहन्दा निवासी महेश सिन्हा के रूप में हुई है, जो नगर सैनिक के पद पर कार्यरत था।


पुलिस के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को थाना मगरलोड क्षेत्र के ग्राम मोहेरा में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 1.660 किलोग्राम अवैध गांजा, नगद राशि और मोबाइल फोन सहित कुल 89 हजार 930 रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। मामले में पति-पत्नी लाभाराम कुर्रे और सुशीला बाई कुर्रे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

जांच के दौरान इस अवैध कारोबार में नगर सैनिक महेश सिन्हा की भूमिका सामने आई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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