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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: UAPA मामलों में भी कुछ परिस्थितियों में “जमानत ही नियम”

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सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी और नीतिगत फैसले में कहा है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) के तहत दर्ज मामलों में भी जमानत (Bail) को नियम माना जाएगा, जबकि जेल को अपवाद के रूप में देखा जाना चाहिए।

कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को लंबे समय तक बिना ट्रायल के जेल में रखना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। इसलिए न्यायालय ने तेज सुनवाई (Speedy Trial) और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सिद्धांत को मजबूत करने पर जोर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को केवल गंभीर आरोपों के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता, बल्कि हर मामले की परिस्थितियों, सबूतों और हिरासत की आवश्यकता का उचित मूल्यांकन जरूरी है।

इस फैसले को देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे मानवाधिकारों और न्यायिक संतुलन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, 60% से अधिक मकान सूचीकरण कार्य पूरा

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छत्तीसगढ़ में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। राज्यभर में मकान सूचीकरण (House Listing) का कार्य तेजी से किया जा रहा है और अब तक 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कुल 48,742 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों (HLB) में से 29,602 ब्लॉकों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में डिजिटल मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर निरीक्षण का सहारा लिया जा रहा है, जिससे कार्य में तेजी आई है।

राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला जिले ने किया है। जिले ने अपने सभी 528 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वहीं जशपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बेमेतरा और मुंगेली जिले भी लगभग पूर्णता के करीब पहुंच चुके हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि सटीक जनगणना राज्य के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और बेहतर नीति निर्धारण की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने और बड़े शहरों में धीमी प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए हैं। 

हालांकि राजधानी रायपुर, भिलाई और कुछ नगर निगम क्षेत्रों में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी बताई जा रही है। प्रशासन ने लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए विशेष मॉनिटरिंग और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं।

जशपुर की नाशपाती से बढ़ रही किसानों की आमदनी, 3,500 से अधिक कृषक जुड़े फल उत्पादन से

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3500 हेक्टेयर में हो रही नाशपाती की खेती, देश के कई राज्यों में है जशपुर की नाशपाती की मांग

एक एकड़ से किसानों को हो रही 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जशपुर जिले के किसान नाशपाती की खेती के माध्यम से उल्लेखनीय आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और उद्यानिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के कारण जशपुर आज राज्य के प्रमुख नाशपाती उत्पादक जिलों में शामिल हो चुका है।

जशपुर जिले में लगभग 3,500 से अधिक किसान करीब 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में नाशपाती की खेती कर रहे हैं। जिले में प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार क्विंटल नाशपाती का उत्पादन हो रहा है। इससे हजारों कृषक परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और जिले की पहचान फल उत्पादन के क्षेत्र में लगातार मजबूत हो रही है।

जशपुर की नाशपाती स्वाद, गुणवत्ता और आकर्षक आकार के कारण देश के विभिन्न राज्यों में विशेष रूप से पसंद की जाती है। जिले के सन्ना, पंडरापाठ, कंवई, महुआ, सोनक्यारी, मनोरा, धवईपाई और गीधा जैसे क्षेत्रों से नाशपाती की खेप दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भेजी जाती है। फल को सावधानीपूर्वक कैरेट में पैक कर बाजारों तक पहुंचाया जाता है।

नाशपाती की खेती किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। एक एकड़ क्षेत्र से किसानों को औसतन 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसान आधुनिक उद्यानिकी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

उद्यानिकी विभाग तथा नाबार्ड के सहयोग से किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, पौधरोपण, बागवानी प्रबंधन और विपणन संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत नाशपाती क्षेत्र विस्तार योजना संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से किसानों को अनुदान एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर जिले में उद्यानिकी आधारित कृषि को नई दिशा मिली है। नाशपाती की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जशपुर को राज्य के एक उभरते हुए फल उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।

रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई : शिवनाथ नदी में अवैध उत्खनन करते 3 चैन माउंटेन मशीनें जप्त

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज विभाग का अभियान लगातार जारी है। केंद्रीय उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय जांच दल विभिन्न जिलों में खनन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही है और अवैध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई भी कर रहा है।


खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देश पर केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम मध्यरात्रि को बिलासपुर जिले में औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम उदईबंध एवं अमलडीहा क्षेत्र में शिवनाथ नदी में मशीनों के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। मौके पर तीन चैन माउंटेन मशीनें अवैध उत्खनन में संलग्न मिलीं। जांच दल को देखकर मशीन ऑपरेटर मशीनों को मौके पर छोड़कर फरार हो गए।


खनिज विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत ग्राम उदईबंध में दो तथा अमलडीहा में एक चैन माउंटेन मशीन को जप्त कर सील कर दिया। साथ ही जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी कर मशीनों के मुख्य द्वार पर चस्पा किया गया।

कार्रवाई के दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि शासन को राजस्व हानि पहुंचाने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

15 वर्षों से बुझा रहे दो गांवों की प्यास, ग्रामीणों ने कहा 'कलयुग के भगीरथ'

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 ​निःशुल्क जलदान की मिसाल: लड्डू बेचकर आजीविका चलाने वाले सीताराम साहू को पीपला फाउंडेशन और ग्राम पंचायत रीवा ने किया सम्मानित


आरंग । भयंकर गर्मी के इस दौर में जहां आज इंसान बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है और लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है, वहीं आरंग अंचल के ग्राम कुकरा में सेवा और इंसानियत की एक अद्भुत मिसाल देखने को मिली है। पेशे से लड्डू बनाने का व्यवसाय करने वाले समाजसेवी सीताराम साहू विगत 15 वर्षों से दो गांवों के हजारों ग्रामीणों को चौबीसों घंटे निःशुल्क पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। उनकी इस नि:स्वार्थ सेवा के लिए उन्हें कलयुग का 'भगीरथ' माना जा रहा है।


​हाल ही में उनकी इस सहृदयता और दयालुता के लिए स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन और ग्राम पंचायत रीवा द्वारा संयुक्त रूप से उन्हें श्रीफल, अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

​ छह महीने जल संकट से जूझते हैं ग्रामीण

​राजधानी रायपुर से लगे आरंग अंचल का ग्राम लोरिक नगर गढ़रीवां पिछले कई वर्षों से भीषण जल संकट से जूझ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, यहाँ साल में केवल छह महीने ही पेयजल उपलब्ध रहता है। जनवरी से जून तक कुएं और हैंडपंप जवाब दे जाते हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।

​ संकल्प जिसने बदल दी तस्वीर

ग्राम कुकरा निवासी 46 वर्षीय शिवभक्त सीताराम साहू ने वर्ष 2010 में अपने घर में ट्यूबवेल खुदवाया था। क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत को देखते हुए उन्होंने बिना किसी सरकारी या बाहरी मदद के, अपने खर्च पर दो बड़ी पानी टंकियां बनवाईं और घर के बाहर अलग से कनेक्शन निकालकर 24 घंटे जलदान का संकल्प लिया। आज उनके इस नलकूप से रीवा, कुकरा और लखौली के सैकड़ों ग्रामीण अपनी प्यास बुझा रहे हैं।

​ मिठास के साथ दे रहे हैं 25 लोगों को रोजगार

​सीताराम साहू जितने सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी हैं, उनका व्यवसाय भी उतना ही अनूठा है। वे घर पर ही लड्डू बनाने का कारोबार करते हैं। उनके बनाए लड्डुओं की मिठास न सिर्फ रायपुर बल्कि आसपास के कई जिलों में मशहूर है। मांगलिक कार्यों में इनके लड्डुओं की खास मांग रहती है। इस कुटीर उद्योग के माध्यम से वे क्षेत्र के करीब 25 लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं।

​कृतज्ञ ग्रामीणों ने जताया आभार

​सम्मान समारोह के दौरान ग्राम पंचायत रीवा के सरपंच घसियाराम साहू, उपसरपंच सूरज साहू, चंडी मंदिर समिति के सदस्य पोखराज साहू और हीराधर धीवर सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सभी ने सीताराम साहू की इस दीर्घकालीन सेवा के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि संकट के समय में वे क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की आत्मीय मुलाकात

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 रायपुर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान आज जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचकर माओवाद के विरुद्ध संघर्ष में अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले एक हजार से अधिक अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित थे ।


केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर की धरती पर शांति, सुरक्षा और विकास स्थापित करने में हमारे जवानों का बलिदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों का त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने, विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और माओवाद के समूल उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजापुर नक्सली हमले में शहीद हुए जवान कालेन्द्र प्रसाद नायक एवं पवन कुमार मंडावी के परिजनों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने परिवारजनों के बीच बैठकर उनका दुख साझा किया, ढांढस बंधाया तथा सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने सुरक्षाबलों के जवानों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साहस एवं समर्पण की सराहना की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद जवानों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें सुरक्षाबलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद बोले यहां की इमली का स्वाद खट्टा नहीं बल्कि मीठा

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 रायपुर । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को बस्तर जिले के नेतानार ग्राम में सीआरपीएफ कैम्प पहुँचे। यहाँ उन्होंने शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा ( जन सुविधा केंद्र ) का उद्घाटन किया ।


अमित शाह ने इमली प्रसंस्करण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से जाना कि कैसे वे इमली बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। श्री शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है।

समूह की लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वे सालाना एक लाख रु तक आय अर्जित कर सकेंगी । गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह में महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार कर रही हैं।

वे सेवा सेतु केंद्र पहुँचे। यहां वे ग्राम नेतानार निवासी श्रीमती सुखदेवी से मिले। सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अभी अपनी पांच माह की बेटी पद्मा का आधार कार्ड बनवाया है। आधार सेवा केंद्र खुलने से पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर तक जाना पड़ता था । अब यहां पर ग्रामीणों को नया आधार, आधार अपडेट, केवायसी, मोबाइल नम्बर अपडेट, ई-आधार जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी ।

सेवा सेतु केंद्र में सोनामनी ने बताया कि वे बहुत दिन महतारी वंदन योजना का ई के वाय सी कराना चाहती थीं लेकिन दूरी अधिक होने के कारण वे जा नहीं पा रहीं थीं। गांव में ही केंद्र खुल जाने के कारण आज ही उन्होंने ई के वाय सी करा लिया है । उल्लेखनीय है कि ग्रामीण यहां पर विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन प्रमाण पत्र का लाभ ले सकेंगे । इस केंद्र में जन्म, आय , जाति आदि प्रमाण पत्र आसानी से एक ही जगह बनाये जा सकेंगे । इस केंद्र में महिलाओं को बैंक सखी का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बैंक सखी के माध्यम से महिलाएं गांव में ही पैसा जमा करना, पैसा निकालना, स्व सहायता समूह के लिए खाता खोलना, के वाय सी, बैंक खाते में मोबाईल नम्बर अपडेट, एसएचजी क्रेडिट लिंकेज जैसी सुविधाएं पा सकेंगी ।

अमित शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण पा रही महिलाओं से भी मुलाकात की । यहाँ पर महिलाओं को बेसिक एवं एडवांस सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुश्री विजय कुमारी ने बताया कि यहां से सिलाई सीखने के बाद वे अच्छे से अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगी।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की । इसके माध्यम से चावल बिक्री से ग्रामीणों महिलाओं की आय वृद्धि तो होगी साथ ही निकलने वाली धान की भूसी से पशुओं को पौष्टिक आहार भी मिलेगा ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा , मुख्य सचिव विकासशील एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अवैध रेत भंडारण और परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 1740 घनमीटर रेत जब्त

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  रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के तहत प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभागीय अमला दिन-रात सक्रिय रहकर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है। इसके लिए रात्रिकालीन गश्त, सघन निगरानी, औचक निरीक्षण और छापेमार कार्रवाई के साथ-साथ ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है।


    सचिव खनिज साधन विभाग तथा संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने जिले के आरंग तहसील अंतर्गत ग्राम कागदेही में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान समोदा-कागदेही मार्ग तथा आर्या पेट्रोल पंप के दक्षिण दिशा में फॉरेस्ट नर्सरी के पास बिना वैध अनुमति के गौण खनिज साधारण रेत का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 1740 घनमीटर रेत जप्त की गई।


      जप्त रेत को नगर पंचायत समोदा के पार्षद  देवेंद्र कुमार साहू के सुपुर्द किया गया। वहीं सघन जांच के दौरान ग्राम समोदा के पास अवैध रेत परिवहन में संलग्न दो हाईवा वाहनों को भी जप्त कर आरंग थाना परिसर में खड़ा कराया गया।

मवेशी तस्करी का भंडाफोड़: जंगल में पेड़ों से बंधे मिले 28 पशु, मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार

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 रायपुर : कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र में ग्रामीणों की सजगता से मवेशी तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जंगल से 28 मवेशियों को बरामद कर मुख्य आरोपी रहमद खान समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में पशु क्रूरता अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।


जानकारी के अनुसार, बतरा गांव के ग्रामीणों ने टावर मोहल्ला पाली निवासी विजय नेताम को जंगल में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी थी। इसके बाद विजय नेताम ग्रामीणों के साथ भदरापारा क्षेत्र पहुंचे, जहां कुछ संदिग्ध लोग भाग निकले, जबकि पांच लोगों को मौके पर पकड़ लिया गया।

ग्रामीणों ने जंगल में 28 मवेशियों को पेड़ों से बंधा पाया। बताया जा रहा है कि पशुओं को लंबे समय से चारा और पानी नहीं दिया गया था, जिससे उनकी हालत खराब हो गई थी। सूचना मिलने पर पाली पुलिस मौके पर पहुंची और सभी मवेशियों को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार, बरामद मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 84 हजार रुपये है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।

ग्रामीणों को मिल रही धमकियां

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि फरार तस्करों और आरोपियों के परिजन फोन कर धमकियां दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले में आईटी एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने बढ़ाई निगरानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र में पहले भी मवेशी तस्करी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस ने ग्रामीणों की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा है कि जंगल से लगे इलाकों में गश्त बढ़ाई जाएगी और रात के समय विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील भी की गई है।

शराब घोटाले में अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से राहत, सशर्त जमानत मंजूर

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी Anil Tuteja को जमानत दे दी। अदालत ने ट्रायल लंबा चलने और मामले के कई सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल जाने का हवाला देते हुए यह राहत प्रदान की।


सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि अनिल टुटेजा को 21 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि मामले में अभी लगभग 85 गवाहों से पूछताछ बाकी है, जिससे ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है।

जमानत पर लगाई गईं सख्त शर्तें

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए आरोपी पर कई कड़ी शर्तें लागू की हैं। अदालत ने निर्देश दिया है कि टुटेजा राज्य से बाहर रहेंगे, किसी भी सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे और गवाहों को प्रभावित करने या जांच में हस्तक्षेप करने का प्रयास नहीं करेंगे।

ED ने लगाए हैं बड़े आरोप

Enforcement Directorate (ED) के अनुसार, कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब राज्य में कांग्रेस सरकार थी। जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में करीब 3,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई, जिससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ।
ईडी का आरोप है कि शराब कारोबार से जुड़े इस कथित सिंडिकेट में नौकरशाह, कारोबारी और राजनीतिक रूप से जुड़े लोग शामिल थे, जिन्होंने आबकारी नीति में बदलाव कर अवैध लाभ कमाया।
वहीं, ईओडब्ल्यू और एसीबी द्वारा दाखिल आरोपपत्रों में कथित घोटाले की राशि लगभग 2,883 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में कई प्रभावशाली नामों की भूमिका की जांच की जा रही है।
फिलहाल मामला ट्रायल चरण में है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

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 रायपुर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह एवं की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।


उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।


यह सेवा 24x7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल

राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है।

आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

400 अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन एवं 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ के साथ प्रदेश में त्वरित सहायता और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था होगी सशक्त

‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित सेवा से पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और आपदा जैसी हर स्थिति में मिलेगी त्वरित सहायता

रायपुर- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह एवं  की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

यह सेवा 24x7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी।

लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल

राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है। 

आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

डीजल-पेट्रोल फिर होगा महंगा? होर्मुज संकट और रूसी तेल पर सख्ती से बढ़ी चिंता

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 Petrol-Diesel Price:  मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों की धीमी आवाजाही ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल बढ़ा दी है। इसी बीच अमेरिका द्वारा रूसी तेल खरीद पर दी गई छूट आगे नहीं बढ़ाने से भारत की चिंता भी बढ़ गई है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले दिनों में देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।


दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन लागत प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। टैंकरों के इंश्योरेंस और शिपिंग खर्च में भी तेज इजाफा हुआ है।

भारत के सामने बढ़ी दोहरी चुनौती

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कीमतों का सीधा असर देश की महंगाई, सरकारी खर्च और आम लोगों के बजट पर पड़ता है।
यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन भारत और चीन ने रियायती दरों पर रूसी तेल खरीद जारी रखी। इससे भारत को लंबे समय तक सस्ता कच्चा तेल मिलता रहा और घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिली। इसी दौरान रूस भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर बन गया।
हालांकि अब अमेरिका ने रूसी तेल खरीद पर दी गई अस्थायी राहत समाप्त कर दी है। इसके बाद भारतीय रिफाइनरियों के लिए जोखिम और लागत दोनों बढ़ सकती हैं।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था रूसी तेल आयात

डेटा के अनुसार, मई महीने में भारत का रूसी तेल आयात रिकॉर्ड 2.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया था। कई महीनों तक भारत के कुल तेल आयात में रूसी क्रूड की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत रही। यही वजह थी कि भारत वैश्विक तेल संकट के बावजूद बड़े झटके से बचा रहा।

क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि सरकार और तेल कंपनियां टैक्स, सब्सिडी और स्टॉक मैनेजमेंट जैसे विकल्पों के जरिए तत्काल असर को सीमित करने की कोशिश कर सकती हैं।
फिलहाल स्थिति पूरी तरह वैश्विक तनाव और तेल सप्लाई की स्थिरता पर निर्भर मानी जा रही है।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से लूट, मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल झपटकर फरार हुआ बदमाश

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में आज सोमवार सुबह बड़ी लूट की वारदात सामने आई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई।


जानकारी के अनुसार, धरमलाल कौशिक सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि उस समय वे अकेले थे। इसी दौरान बाइक सवार एक बदमाश ने उनका मोबाइल फोन झपट लिया और मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद कौशिक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश में जुटी हुई है।

गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में मोबाइल लूट और झपटमारी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में पंडरी इलाके में भी एक युवक पर ब्लेड से हमला कर उसका मोबाइल लूट लिया गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से शहरवासियों में दहशत का माहौल है।

UAE के परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास ड्रोन हमला, आग लगने से मचा हड़कंप

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 Drone Attack in Abu Dhabi : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया है कि रविवार को उसके परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद आग लग गई। UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तीन ड्रोन पश्चिमी सीमा की ओर से देश में दाखिल हुए थे। इनमें से दो ड्रोन को सुरक्षा बलों ने मार गिराया, जबकि तीसरा ड्रोन अबू धाबी स्थित बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र की बाहरी सीमा के पास एक बिजली जनरेटर से टकरा गया, जिससे आग लग गई।


अधिकारियों ने बताया कि आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया और घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। साथ ही संयंत्र की परमाणु सुरक्षा व्यवस्था और संचालन पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

UAE ने कहा- जवाब देने का अधिकार सुरक्षित

UAE के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को “खतरनाक उकसावा” और “अस्वीकार्य आक्रामकता” करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और मानवीय सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए उचित जवाब देने का अधिकार है। हालांकि, UAE ने अभी तक किसी देश या संगठन को हमले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी चिंता

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के चलते खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

UAE ने पहले भी ईरान पर अपने ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के आरोप लगाए हैं। वहीं, ईरान ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि UAE क्षेत्रीय संघर्ष में अमेरिका और इजरायल का समर्थन कर रहा है।

IAEA ने जताई चिंता

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई को अस्वीकार्य बताया।

पहले भी हो चुके हैं हमले

रिपोर्ट के अनुसार, हाल के महीनों में UAE और अन्य खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। UAE का दावा है कि उसके नागरिक और ऊर्जा ढांचे को कई बार निशाना बनाया गया है। हालांकि, इन हमलों को लेकर क्षेत्रीय तनाव लगातार गहराता जा रहा है।

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