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राष्ट्रीय जंबूरी की व्यवस्थाओं पर मुहर: मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर डॉ. के.के. खंडेलवाल ने की छत्तीसगढ़ की खुलकर तारीफ

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 रायपुर : भारत स्काउट एंड गाइड के मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर डॉ.के.के. खंडेलवाल ने बालोद के ग्राम दुधली में आयोजित राष्ट्रीय रोवर्- रेंजर जम्बुरी में की गई व्यवस्थाओं की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने एक महीने के भीतर इतनी बेहतरीन व्यवस्था करके एक मिसाल कायम की है।


उन्होंने कहा कि मुझे अत्यंत गर्व के साथ यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत का प्रथम रोवर एंड रेंजर जम्बुरी का आयोजन बालोद के ग्राम दुधली में किया जा रहा है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह युवा शक्ति का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में देश भर से रोवर एंड रेंजर्स, ट्रेनर्स, स्काउट्स, वालंटियर्स भाग ले रहे हैं। मैंने स्वयं यहां की व्यवस्थाओं, एडवेंचर्स, भोजन व्यवस्था, टॉयलेट और प्रतिभागियों के रुकने के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है। हर स्तर पर अनुशासन सुरक्षा और उत्कृष्ट व्यवस्था स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।मैं छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट गाइड का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ।

डॉ खण्डेलवाल ने कहा कि जम्बुरी के उद्घाटन का सुंदर आयोजन था। यह ऐतिहासिक जंबूरी है। इसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमन डेका ने किया । उन्होंने अपने उद्बोधन में जिस प्रकार से व्यवस्थाओं की तारीफ की। स्काउट एंड गाइड की सेवा भावना और समर्पण की प्रसंशा की। डॉ खण्डेलवाल ने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड का अनुकरणीय सेवा का इतिहास रहा है।
जिस कार्य के लिए सामन्यतः दो वर्ष का समय लगता है। छत्तीसगढ़ ने इस कार्य को एक महीने के समय में किया है। यह समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना केवल सच्चे स्काउट में ही देखने को मिलता है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026: सहस्राब्दी की दृढ़ता, आस्था और भारत के सभ्यतागत आत्मसम्मान का उत्सव

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 मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सोमनाथ स्वाभिमान पर्व (8–11 जनवरी 2026) महमूद ग़ज़नवी द्वारा 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1,000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित।

  • यह पर्व भारत की सभ्यतागत दृढ़ता, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उत्सव है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10–11 जनवरी 2026 को सोमनाथ में प्रमुख स्मरणीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

  • सोमनाथ मंदिर में प्रतिवर्ष 92–97 लाख श्रद्धालु दर्शन करते हैं।

  • महिला सहभागिता: सोमनाथ ट्रस्ट के 906 कर्मचारियों में 262 महिलाएं; कुल मिलाकर लगभग 363 महिलाओं को रोजगार, जिससे प्रतिवर्ष लगभग ₹9 करोड़ की आय सृजित होती है।

परिचय

“सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालम् ओंकारममलेश्वरम्॥”

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का यह श्लोक सोमनाथ को बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान देता है, जो भारत की आध्यात्मिक भूगोल में इसके केंद्रीय महत्व को दर्शाता है। गुजरात के वेरावल के समीप प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ केवल एक उपासना स्थल नहीं, बल्कि भारत की अखंड सभ्यतागत निरंतरता का जीवंत प्रतीक है।

स्वाभिमान पर्व: सामूहिक गौरव की राष्ट्रीय अभिव्यक्ति

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जो 1026 में हुए प्रथम आक्रमण के एक सहस्राब्दी पूर्ण होने का राष्ट्रीय स्मरण है। यह आयोजन विनाश की स्मृति नहीं, बल्कि आस्था, पुनर्निर्माण और आत्मसम्मान का उत्सव है।
देवी अहिल्याबाई होलकर जैसे असंख्य भक्तों के संकल्प से हर बार सोमनाथ का पुनर्निर्माण हुआ—यही इसकी अमर पहचान है।

वर्ष 2026, 11 मई 1951 को स्वतंत्रता के बाद पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष भी पूर्ण करता है। इन दोनों ऐतिहासिक पड़ावों ने स्वाभिमान पर्व की आधारशिला रखी है।

चार दिनों में 72 घंटे का अखंड ओंकार जप, भजन-संकीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं—जो एकता, आस्था और राष्ट्रीय स्मृति का प्रतीक हैं।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: सहस्राब्दी की दृढ़ता

प्रभास तीर्थ का संबंध चंद्रदेव और भगवान शिव की उपासना से है। परंपरा के अनुसार, चंद्रदेव ने यहीं शिव की आराधना कर अपने श्राप से मुक्ति पाई।
जनवरी 1026 में महमूद ग़ज़नवी के आक्रमण के बाद भी सोमनाथ का अस्तित्व लोकचेतना में अमिट रहा। विनाश और पुनर्निर्माण का यह चक्र विश्व इतिहास में अद्वितीय है।

12 नवंबर 1947 (दीपावली) को सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया। 11 मई 1951 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में मंदिर का पुनः उद्घाटन हुआ—यह भारत के सभ्यतागत आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना थी।

31 अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1951 के 50 वर्ष पूर्ण होने के कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें सरदार पटेल, के. एम. मुंशी सहित पुनर्निर्माण के अग्रदूतों के योगदान को स्मरण किया गया।

सोमनाथ मंदिर: वैभव, आस्था और जीवंत धरोहर

सोमनाथ आदि ज्योतिर्लिंग है। मंदिर परिसर में गर्भगृह, सभामंडप और नृत्यमंडप हैं। 150 फीट ऊँचा शिखर, 10 टन का कलश, 27 फीट का ध्वजदंड, 1,666 स्वर्ण-कलश और 14,200 ध्वज इसकी भव्यता दर्शाते हैं।

वार्षिक दर्शन संख्या 92–97 लाख; बिल्व पूजा में 13.77 लाख से अधिक श्रद्धालु; महाशिवरात्रि 2025 में 3.56 लाख दर्शनार्थी।
2003 में शुरू और 2017 में उन्नत लाइट एंड साउंड शो ने पिछले तीन वर्षों में 10 लाख से अधिक दर्शक आकर्षित किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष) के नेतृत्व में प्रशासनिक सुधार, अवसंरचना उन्नयन और धरोहर संरक्षण से सोमनाथ एक नए पुनरुत्थान चरण में प्रवेश कर चुका है।

आध्यात्मिक वातावरण और पदयात्रा

पर्व से पूर्व गिरनार तीर्थक्षेत्र सहित संतों ने शंख चौक से सोमनाथ मंदिर तक पदयात्रा की। डमरू, पारंपरिक वाद्य, सिद्धिविनायक ढोल समूह के 75 वादकों की गूंज और “हर हर महादेव” के जयघोष से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

महिला सशक्तिकरण और सतत विकास

2018 में “स्वच्छ आइकॉनिक प्लेस” घोषित सोमनाथ में—

  • पुष्प अपशिष्ट से वर्मी-कम्पोस्ट (1,700 बिल्व वृक्ष)

  • प्लास्टिक से पावर ब्लॉक्स (मासिक 4,700)

  • वर्षा जल संचयन (मासिक 30 लाख लीटर)

  • मियावाकी वन (7,200 वृक्ष; वार्षिक ~93,000 किग्रा CO₂ अवशोषण)

  • शुद्ध अभिषेक जल से सोमगंगाजल (दिसंबर 2024 तक 1.13 लाख परिवार)

महिला रोजगार: 906 में 262 महिलाएं; बिल्व वन पूर्णतः महिलाओं द्वारा संचालित; प्रसाद व भोजन सेवाओं में व्यापक सहभागिता—कुल 363 महिलाएं, वार्षिक आय ~₹9 करोड़।

प्रधानमंत्री का दौरा और कार्यक्रम

10 जनवरी 2026: प्रधानमंत्री ओंकार मंत्र जप (72 घंटे के अखंड जप में सहभाग), ड्रोन शो।
11 जनवरी 2026: शौर्य यात्रा का नेतृत्व, दर्शन-पूजन और जनसभा को संबोधन—जहाँ सोमनाथ के सभ्यतागत महत्व, स्वाभिमान पर्व और आस्था-संकल्प का संदेश देंगे।

निष्कर्ष

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत के सभ्यतागत आत्मविश्वास की पुनर्पुष्टि है—विनाश पर दृढ़ता, भय पर आस्था की विजय। सौराष्ट्र के तट पर स्थित सोमनाथ विश्वभर के भारतीयों को स्मरण कराता है कि धर्म, एकता और आत्मसम्मान पर आधारित आस्था शाश्वत है।

प्रधानमंत्री द्वारा उद्धृत श्लोक—

“आदिनाथेन शर्वेण सर्वप्राणिहिताय वै।
आद्यतत्त्वान्यथानीयं क्षेत्रमेतन्महाप्रभम्॥
प्रभासितं महादेवि यत्र सिद्ध्यन्ति मानवाः॥”

अर्थ: आदिनाथ शिव ने समस्त प्राणियों के कल्याण हेतु प्रभास क्षेत्र को प्रकट किया—यह दिव्य प्रकाश से आलोकित भूमि मनुष्य को सिद्धि, पुण्य और मोक्ष प्रदान करती है।

वित्तीय सेवा विभाग ने 2025 में किए ऐतिहासिक सुधार, बैंकिंग और डिजिटल भुगतान में भारत ने रचा नया कीर्तिमान

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नई दिल्ली- वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने वर्ष 2025 में व्यापक और दूरगामी सुधारों के माध्यम से भारत के बैंकिंग, बीमा, पेंशन, डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन तंत्र को नई मजबूती प्रदान की है। “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” अभियान, बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025, EASE 8.0 (EASE₹ise), क्रेडिट लाइन ऑन UPI और Hello! UPI जैसे नवाचारों ने वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, समावेशी और नागरिक-केंद्रित बनाया है।

बैंकिंग क्षेत्र ऐतिहासिक मजबूती की ओर

सरकार के सुधारात्मक कदमों के परिणामस्वरूप बैंकिंग क्षेत्र की परिसंपत्ति गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सितंबर 2025 तक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) का सकल एनपीए घटकर 2.05% और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) का 2.30% रह गया है।
प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) बढ़कर SCBs में 93% से अधिक और PSBs में लगभग 95% हो गया है।
वित्त वर्ष 2024-25 में SCBs ने ₹4.01 लाख करोड़ और PSBs ने ₹1.78 लाख करोड़ का अब तक का सर्वाधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया।

EASE सुधारों से बदली PSBs की तस्वीर

EASE एजेंडा के तहत डिजिटल बैंकिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, ग्राहक सेवा और फिनटेक सहयोग को बढ़ावा मिला। EASE₹ise के अंतर्गत जोखिम प्रबंधन, नवाचार, सामाजिक-आर्थिक प्रभाव और उत्कृष्टता पर विशेष जोर दिया गया, जिससे PSBs को भविष्य के लिए तैयार किया गया।


डिजिटल भुगतान में भारत वैश्विक अग्रणी

DIGIDHAN मिशन के तहत डिजिटल लेन-देन में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई।
वर्ष 2017-18 के 2,071 करोड़ लेन-देन से बढ़कर 2024-25 में यह संख्या 22,831 करोड़ हो गई।
UPI आज देश के कुल खुदरा डिजिटल भुगतानों का लगभग 81% संभाल रहा है और वैश्विक रियल-टाइम भुगतान में भारत की हिस्सेदारी लगभग 49% है।
Hello! UPI, UPI Lite X और क्रेडिट लाइन ऑन UPI ने वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीण क्षेत्रों और फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल भुगतान को सरल बनाया है।

वित्तीय समावेशन को नई गति

प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत 57 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें ₹2.8 लाख करोड़ से अधिक जमा है।
मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, अटल पेंशन योजना और NPS वात्सल्य ने महिलाओं, युवाओं, किसानों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है।

बीमा, NBFC और MSME को बढ़ावा

सबका बीमा, सबकी रक्षा अधिनियम 2025 के माध्यम से बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 100% कर दी गई है।
NBFCs और MSMEs के लिए नई क्रेडिट गारंटी योजनाओं से निवेश और रोजगार सृजन को बल मिला है।
SIDBI ने MSME क्लस्टरों में नए शाखा नेटवर्क का विस्तार किया है।

निष्कर्ष

वर्ष 2025 में वित्तीय सेवा विभाग के सुधारों ने भारत की वित्तीय प्रणाली को अधिक मजबूत, पारदर्शी और समावेशी बनाया है। बैंकिंग स्थिरता, डिजिटल भुगतान में वैश्विक नेतृत्व और व्यापक वित्तीय समावेशन के साथ DFS ने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया है।


राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में होंगे शामिल

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राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जनवरी को शाम लगभग 4:30 बजे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में भाग लेंगे।

प्रधानमंत्री देशभर से आए लगभग 3,000 युवाओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। चयनित प्रतिभागी दस विषयगत ट्रैकों के अंतर्गत प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी अंतिम प्रस्तुतियाँ देंगे, जिनमें वे राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख क्षेत्रों पर युवाओं के नेतृत्व वाले दृष्टिकोण और व्यवहारिक सुझाव साझा करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 का निबंध संकलन भी जारी करेंगे, जिसमें युवाओं द्वारा लिखे गए चयनित निबंध शामिल होंगे। ये निबंध भारत की विकासात्मक प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक राष्ट्र-निर्माण लक्ष्यों पर केंद्रित हैं।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, जो अब अपने दूसरे संस्करण में है, भारत के युवाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच संरचित संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए एक राष्ट्रीय मंच है। यह पहल प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के आह्वान के अनुरूप है, जिसमें राजनीतिक दलों से परे एक लाख युवाओं को राजनीति से जोड़ने और उन्हें विकसित भारत के लिए अपने विचारों को साकार करने हेतु राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की बात कही गई थी।

9 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में देशभर के विभिन्न स्तरों पर 50 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी देखने को मिली है। राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप में शामिल युवा नेताओं का चयन एक कठोर, योग्यता-आधारित तीन-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, जिसमें राष्ट्रव्यापी डिजिटल क्विज़, निबंध प्रतियोगिता और राज्य-स्तरीय विज़न प्रस्तुतियाँ शामिल हैं।

डायलॉग का यह दूसरा संस्करण अपने उद्घाटन संस्करण की सफलता को आगे बढ़ाते हुए कई नए आयाम जोड़ता है। इनमें डिज़ाइन फॉर भारत, टेक फॉर विकसित भारत – सामाजिक उद्देश्य के लिए हैकथॉन, विस्तारित विषयगत सहभागिता तथा पहली बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का समावेश शामिल है, जिससे इस पहल का दायरा और प्रभाव और अधिक सशक्त हुआ है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए नए साल की बड़ी सौगात, नववर्ष के साथ हुआ ऐतिहासिक करार

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जगदलपुर। शासकीय कर्मचारियों के लिए नववर्ष एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। छत्तीसगढ़ राज्य शासन के वित्त विभाग ने भारतीय स्टेट बैंक के साथ स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज के तहत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो 4 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है। इस समझौते के तहत राज्य के नियमित अधिकारियों और कर्मचारियों को बैंकिंग सुविधाओं के साथ-साथ करोड़ों रुपये का बीमा कवर पूरी तरह निरूशुल्क प्रदान किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू किया गया है। वरिष्ठ कोषालय अधिकारी अनिल कुमार पाठक ने इस संबंध में सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों से आग्रह किया है कि शासन द्वारा कर्मचारी हित में उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम की जानकारी अपने अधीनस्थ समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों तक अनिवार्य रूप से पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी इन सुविधाओं से वंचित न रहे।

उक्त समझौते के मुताबिक इस नई योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसका व्यापक बीमा सुरक्षा कवच है। समझौते के मुताबिक कर्मचारियों को एक करोड़ 60 लाख रुपए का हवाई दुर्घटना बीमा और एक करोड़ रूपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा बिना किसी अतिरिक्त प्रीमियम के मिलेगा। इसके अलावा 10 लाख रुपये का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस भी इस पैकेज में शामिल है। सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए पूर्ण स्थायी विकलांगता की स्थिति में एक करोड़ रुपए और स्थायी आंशिक विकलांगता पर 80 लाख रुपए तक का कवर सुनिश्चित किया गया है। 

बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाते हुए एसबीआई ने कर्मचारियों को कई विशेष छूट देने का फैसला किया है। अब कर्मचारियों को अपने वेतन खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने की कोई बाध्यता नहीं होगी और वे एसबीआई समेत अन्य बैंकों के एटीएम का नि शुल्क उपयोग कर सकेंगे। लॉकर की सुविधाओं पर भी भारी राहत दी गई है, जिसमें डायमंड और प्लेटिनम जैसे उच्च श्रेणी के खातों पर वार्षिक लॉकर किराए में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। साथ ही एसबीआई रिश्ते पहल के तहhत परिवार के चार सदस्यों के लिए विशेष बचत खाते खोलने की सुविधा भी दी जाएगी। कर्मचारियों के सपनों को पूरा करने के लिए ऋण सुविधाओं में भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर प्रोसेसिंग फीस में 50 प्रतिशत से लेकर शत-प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जाएगी। वित्त विभाग ने सभी विभागों और कार्यालय प्रमुखों से अनुरोध किया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को इन सुविधाओं से अवगत करवाकर लाभान्वित होने प्रोत्साहित करें।

Train Canceled: विकास के नाम पर रेल यात्री बेहाल! छत्तीसगढ़ में 8 पैसेंजर ट्रेनें कैंसिल

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों को एक बार फिर परेशानी का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों के चलते इतवारी पैसेंजर समेत 8 यात्री ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इसका सीधा असर रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।


रेलवे प्रशासन के अनुसार, हथबंद–तिल्दा नेवरा सेक्शन में किमी 785/23-25 पर स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 394 के स्थान पर रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य के लिए बॉक्स पुशिंग एवं रिलीविंग गर्डर डी-लॉन्चिंग के दौरान ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

 रद्द रहने वाली ट्रेनें

  • 11 जनवरी 2026
  • 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू पैसेंजर
  • 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू पैसेंजर
  • 68733 गेवरा रोड–बिलासपुर मेमू पैसेंजर
  • 68734 बिलासपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
  • 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
  • 58205 रायपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर
  • 12 जनवरी 2026
  • 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–रायपुर पैसेंजर
  • 58202 रायपुर–बिलासपुर मेमू पैसेंजर

 बीच रास्ते में समाप्त/प्रारंभ होने वाली ट्रेनें

11 जनवरी 2026 को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू पैसेंजर को बिलासपुर में ही समाप्त किया जाएगा। यह ट्रेन बिलासपुर–गोंदिया के बीच रद्द रहेगी।

इसी दिन 68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर को गोंदिया के बजाय बिलासपुर से झारसुगुड़ा के लिए रवाना किया जाएगा। अतः यह ट्रेन गोंदिया–बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने की अपील की है।

Kharod News : वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में 'रक्तदान शिविर' और 'प्रतिभा सम्मान समारोह' 12 जनवरी को, खरौद के तिवारीपारा के मिडिल स्कूल में होगा आयोजन... पामगढ़ विधायक समेत अन्य अतिथि होंगे शामिल...

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 खरौद. खरौद के तिवारीपारा में स्थित मिडिल स्कूल में वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में 12 जनवरी को युवा दिवस के अवसर पर सुबह 9:30 बजे से 'रक्तदान शिविर' आयोजित होगा, जो शाम 5 बजे तक चलेगा. रक्तदान शिविर में शिवरीनारायण के संकट मोचन ब्लड बैंक द्वारा सहभागिता निभाई जाएगी.


रक्तदान शिविर शुभारंभ अवसर पर अतिथि के रूप में कांग्रेस नेता रवि परसराम भारद्वाज, एडिशनल एसपी उमेश कश्यप, पामगढ़ तहसीलदार महेंद्र लहरे, खरौद नपं अध्यक्ष गोविंद यादव, उपाध्यक्ष महेश्वर यादव, शिवरीनारायण भाजपा मंडल अध्यक्ष लोकेश शुक्ला, कोड़ाभाट मण्डल अध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह, पामगढ़ मण्डल अध्यक्ष यशवंत साहू, नवागढ़ मण्डल अध्यक्ष समर्थ सिंह मौजूद रहेंगे.

दूसरी ओर, दोपहर 1:30 बजे से वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू की स्मृति में 'प्रतिभा सम्मान समारोह' आयोजित होगा, जहां पांचवीं और आठवीं के प्रतिभावान 12 छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जाएगा. प्रतिभा सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश होंगी. अध्यक्षता शासकीय लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय खरौद के प्राचार्य डॉ. जीसी भारद्वाज करेंगे. अति विशिष्ठ अतिथि के रूप में जिला पंचायत की अध्यक्ष सत्यलता मिरी, एडिशनल एसपी ट्रैफिक उदयन बेहार मौजूद रहेंगे. विशिष्ट अतिथि के रूप में खरौद नपं के अध्यक्ष गोविंद यादव, शिवरीनारायण नपं के अध्यक्ष राहुल थवाईत, माध्यमिक शिक्षा मंडल के सदस्य चंद्रकांत तिवारी, डीईओ अशोक सिन्हा, सॉफ्टबॉल की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी शालू डहरिया ( पामगढ़ ), खरौद नपं के उपाध्यक्ष महेश्वर यादव, पामगढ़ बीईओ रामेंद्र जोशी, पार्षद नेहरू राही, डॉ. हरेकृष्ण साहू, स्कूल जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष उग्रसेन साहू, शासकीय उमावि खरौद के प्राचार्य आरके गोस्वामी मौजूद रहेंगे.

वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू स्मृति आयोजन समिति के संयोजक राजकुमार साहू ने लोगों से रक्तदान शिविर और प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होने की अपील की है. दोनों कार्यक्रम को सफल बनाने में इंदलदेव सेवा समिति और युवा जागरण समिति के सदस्यों की भी सक्रिय भागीदारी है.

छत्तीसगढ़ : जिस नंबर पर भरोसा, उसी ने तोड़ा भरोसा- डायल 112 का ड्राइवर गैंगरेप में आरोपी

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कोरबा । जनता की सुरक्षा के लिए तैनात डायल 112 व्यवस्था उस वक्त कठघरे में आ गई, जब कोरबा जिले में 112 वाहन के चालक पर अपने साथियों के साथ मिलकर युवती को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप सामने आया। इस सनसनीखेज घटना ने प्रशासनिक निगरानी, भर्ती प्रक्रिया और पुलिस तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।


यह घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। आरोप है कि डायल 112 में पदस्थ चालक अपने चार साथियों के साथ एसईसीएल के एक मकान में पहुंचा, जहां युवती के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस सिस्टम पर आम नागरिक संकट की घड़ी में भरोसा करता है, उसी सिस्टम से जुड़ा व्यक्ति इस जघन्य अपराध का आरोपी है। इससे कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं—

क्या 112 कर्मचारियों की पृष्ठभूमि और चरित्र जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है?

संवेदनशील और भरोसेमंद सेवा में तैनाती से पहले सख्त सत्यापन व्यवस्था क्यों नाकाम रही?

वारदात के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी आपबीती बताई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पीड़िता को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि मामले में सिविल लाइन थाना में अपराध दर्ज किया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस जघन्य अपराध में शामिल 5 आरोपियों में से 2 को हिरासत में लिया गया है, जबकि 3 आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की गंभीर चूक का प्रतीक बन चुका है। सवाल साफ है—
अगर सुरक्षा तंत्र के भीतर बैठे लोग ही दरिंदे निकलें, तो आम नागरिक आखिर किस पर भरोसा करे?

छत्तीसगढ़ में ठंड का कहर! कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का डबल अटैक, अगले 3 दिन और बिगड़ेंगे हालात

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 CG Weather News: छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। उत्तर भारत से लगातार आ रही बर्फीली और शुष्क हवाओं के चलते प्रदेश के अधिकांश इलाकों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।


मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे प्रदेश में ठंड और शीतलहर का प्रभाव और तेज होने की आशंका है।

सुबह और देर रात के समय तेज ठिठुरन महसूस की जा रही है, वहीं कई इलाकों में घना कोहरा भी परेशानी बढ़ा रहा है। ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं का असर फिलहाल बना रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में सर्दी और ज्यादा तीखी हो सकती है।

आज से शुरू होने जा रहा है जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन का जीवंत उत्सव ‘बस्तर पंडुम’

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की जनजातीय पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव ‘बस्तर पंडुम’ इस वर्ष 10 जनवरी 2026 से पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, रहन-सहन, लोककला, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयास है।

‘पंडुम’ शब्द का अर्थ ही उत्सव होता है और वास्तव में यह आयोजन बस्तर की आत्मा, उसकी सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक जीवन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर पंडुम केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही जनजातीय विरासत के संरक्षण और संवर्धन का सशक्त माध्यम बन चुका है।

इस वर्ष बस्तर पंडुम का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर, विकासखंड एवं जिला स्तर, संभाग/राज्य स्तरीय समापन समारोह। इन चरणों के माध्यम से बस्तर संभाग के सुदूर अंचलों में निवासरत आदिवासी कलाकारों, शिल्पकारों, लोक गायकों और नृत्य दलों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। बस्तर पंडुम में माड़िया, मुरिया, गोंड, हल्बा, भतरा सहित विभिन्न जनजातियों के पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। मांदर, ढोल, तिरिया, बांसुरी जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज पूरे वातावरण को उत्सवी रंग में रंग देगी।

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समाज की विशिष्ट वेशभूषा, प्राकृतिक रंगों से सजे परिधान, मनमोहक आभूषण और पारंपरिक श्रृंगार दर्शकों को आकर्षित करेंगे। यह आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बस्तर पंडुम में आदिवासी समाज के पारंपरिक व्यंजन, पेय पदार्थ, मोटे अनाज, कंद-मूल, साग-सब्ज़ी और औषधीय खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इससे पारंपरिक पोषण ज्ञान और स्थानीय खाद्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

विभिन्न स्तरों पर आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों, समूहों और प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। यह पहल कलाकारों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ लोक कलाओं को जीवित रखने में सहायक सिद्ध हो रही है। बस्तर पंडुम के माध्यम से आदिवासी जीवन शैली, परंपरा, कला और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करता है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देता है। आज बस्तर पंडुम एक उत्सव भर नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान, अस्मिता और गौरव का प्रतीक बन चुका है। देश-प्रदेश से आने वाले पर्यटक और संस्कृति प्रेमी इस उत्सव के माध्यम से बस्तर की आत्मा को करीब से जानने का अवसर प्राप्त करते हैं।

युवाओं में नेतृत्व और सेवा भाव का सशक्त मंच बनेगी राष्ट्रीय जंबूरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए जैन का स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पहली बार आयोजित हो रहे पाँच दिवसीय राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी आयोजन के लिए डॉ. अनिल जैन को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए गौरव का विषय बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. अनिल जैन के सक्षम नेतृत्व में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित होना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव को सुदृढ़ करने का एक प्रभावी मंच बनेगी। देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, सामाजिक और युवा शक्ति का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन होगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह जंबूरी न केवल युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगी, बल्कि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

’भौतिक सत्यापन में 2372 क्विंटल कम मिला धान, मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज’

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बलौदाबाजार। कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में जिले में धान खरीदी कार्य पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में अवैध धान न खपा पाए इसको दृष्टिगत रखते हुए जिले के सभी राइस मिलो का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसी कड़ी में कविता रईस मिल में 2327.64 क्विंटल धान कम पाए जाने पर मिल संचालक़ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हथबंध स्थित कविता राइस इंडस्ट्रीज का भौतिक सत्यापन के दौरान 2372.64 क्विंटल धान कम पाए जाने पर छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के तहत 5403.6 क्विंटल धान व 3362.5 क्विंटल चावल जब्त कर मेसर्स कविता राइस इंडस्ट्रीज के संचालक अंशुल जोतवानी के विरुद्ध पुलिस थाना हथबंद में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

गौरतलब है कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा पारदर्शितापूर्ण धान खरीदी सुनिश्चित करने तथा अवैध रूप से धान बिक्री करने वालों पर अंकुश लगाने सम्बंधितो पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है। समिति एवं उपार्जन केंद्रों के साथ ही राईस मिल एवं थोक विक्रेताओ का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिजी के कृषि एवं जलमार्ग मंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक की

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में फिजी के कृषि एवं जलमार्ग मंत्री टोमासी टुनाबुना के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में दोनों देशों के बीच जारी सहयोग की समीक्षा की गई तथा भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और फिजी के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं, जो आपसी सम्मान, सहयोग तथा मजबूत सांस्कृतिक और जन-जन के संपर्कों के आधार पर निरंतर सुदृढ़ हो रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दोनों देश कृषि और खाद्य सुरक्षा को द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में मान्यता देते हैं।

बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने आपसी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। दोनों पक्षों ने समझौता ज्ञापन (MoU) को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने तथा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group – JWG) गठित करने पर सहमति व्यक्त की।

चर्चा के प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में छात्र आदान-प्रदान, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम, छोटे पैमाने की कृषि मशीनरी, डिजिटल कृषि उपकरणों का उपयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान अवसंरचना को सुदृढ़ करना, आनुवंशिक संसाधनों का आदान-प्रदान, तथा खाद्य हानि और अपव्यय को कम करने से संबंधित ज्ञान साझा करना शामिल रहा।

फिजी की ओर से प्रतिनिधिमंडल में टोमासी टुनाबुना, कृषि एवं जलमार्ग मंत्री;चरणजीत सिंह, बहु-जातीय मामलों एवं चीनी उद्योग मंत्री; जगन्नाथ सामी, फिजी के उच्चायुक्त; डॉ. विनीश कुमार, चीनी मंत्रालय के स्थायी सचिव; नित्य रेड्डी, फिजी शुगर कॉरपोरेशन के बोर्ड अध्यक्ष; तथा पाउलो डाउरेवा, फिजी उच्चायोग के परामर्शदाता शामिल थे।

भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव देवेश चतुर्वेदी, DARE के सचिव एम. एल. जाट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।

यह बैठक भारत–फिजी कृषि सहयोग को नई दिशा देने तथा खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि विकास के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।


वन विभाग की बड़ी कार्रवाई- उदंती-सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में 6 शिकारी गिरफ्तार

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रायपुर। राज्य वन क्षेत्र अंतर्गत आ रहे शिकार के मामलों पर अंकुश लगाने व ऐसी व्यवस्था लागू करने के लिए जिससे वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, इसके लिए वन मंत्री केदार कश्यप ने वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण व संवर्धन के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है, जिसके फलस्वरूप वनमंत्री कश्यप के नेतृत्व व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के कुशल दिशा निर्देश का पालन करते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में वन एवं वन्यजीव सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग द्वारा लगातार एंटी स्नेयर वाक अभियान चलाया जा रहा है, जिससे वन विभाग को लगातार सफलता मिल रही है।

वन क्षेत्र में शिकार पर अंकुश लगाने के लिए कठोर गश्तए वनकर्मियों की तैनाती, आधुनिक तकनीक,ड्रोन, ट्रैप कैमरे, का उपयोग, स्थानीय समुदायों को जोड़ना, कड़े कानून और जुर्माने, और जागरूकता अभियान जैसे कदम उठाने चाहिए, खासकर पिकनिक या अन्य गतिविधियों की आड़ में होने वाले अवैध शिकार को रोकने के लिए चौकसी बढ़ाया गयी है।

गरियाबंद जिले के परिक्षेत्र कुल्हाड़ीघाट के अंतर्गत ओड़ सर्कल में वन्यजीव अपराध के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग द्वारा अवैध शिकार को रोकने के लिए निरंतर निगरानी बरती जा रही है और नियमित एन्टी स्नेयर वाक अभियान चलाए जा रहे हैं। वन विभाग की मुस्तैदी के चलते ग्राम सुनाबेड़ा (ओडिशा) के 02 और ग्राम ओड़ के 04 अभियुक्तों को धर-दबोचा गया है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से खरगोश पकड़ने के फंदे, तीर-कमान और मछली पकड़ने के जाल जैसे शिकार की सामग्री बरामद किए गए हैं। इन अभियुक्तों के विरुद्ध दो अलग-अलग प्रकरणों में पी.ओ.आर. (प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट) दर्ज कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है। गिरफ्तार किए गए सभी 06 अभियुक्तों को दिनांक 07 जनवरी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया।

वन विभाग की यह कार्रवाई क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिकारियों के हौसले पस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वन विभाग द्वारा वनों और वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए गश्त अभियान को और अधिक सशक्त किया गया है ताकि भविष्य में शिकार की ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

लोकसंस्कृति, जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना आदि लोकोत्सव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। 

उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।

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