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27 अप्रैल को गो सम्मान आह्वान अभियान की तैयारी जोरों पर

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आरंग- 27 अप्रैल को "गो सम्मान आह्वान अभियान"  के तहत पूरे देश में  राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी जोरों पर हैं। गौ सेवक नगर  सहित गांव-गांव में पहुंचकर इस अभियान को सफल बनाने आमंत्रण पत्र भेंटकर अपील कर रहे हैं। 

इसी कड़ी में धर्म नगरी आरंग में भी गौ सेवको द्वारा 27 अप्रैल को कुमारेश्वर महादेव मंदिर से बाजे-गाजे के साथ गौ माता की जयकारे के साथ शोभायात्रा निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही हैं। जिसका व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।इसी कड़ी में गौ सेवक रविवार को आरंग सहित, गुल्लू, देवरी, अकोलीकला, परस्कोल, समोदा , बनरसी, नारा,सहित विभिन्न गांवों में पहुंचकर जनमानस को गौ सम्मान आह्वान अभियान को सफल बनाने अपील किए।

अंत्योदय का संकल्प : करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों को 500 करोड़ रुपये की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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22 हजार से अधिक बैगा-गुनिया परिवार होंगे लाभान्वित

'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना'  के अंतर्गत हितग्राहियों को मिलेगी धनराशि

बलौदाबाजार में 25 मार्च को होगा भव्य कार्यक्रम

रायपुर- छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भूमिहीन कृषि मजदूर अब आर्थिक सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' न केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन देने का एक महायज्ञ भी है।

इस योजना के तहत इस साल 4 लाख 95 हज़ार 965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे 10 हज़ार रुपये की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी। साल 2025 में कुल 5,62,112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के हिसाब से 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि वितरित की थी। आंकड़ों का यह निरंतर प्रवाह दर्शाता है कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार की धरती से जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राशि अंतरित करेंगे, तो वह छत्तीसगढ़ के 'न्याय और सुशासन' की गूंज होगी। 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि 'अंत्योदय' की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' उन ग्रामीण परिवारों के लिए एक वरदान है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों को सालाना एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें। इन्हें पूर्व में दी जाने वाली 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है, जो सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचती है।

प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी, मोहरेंगा में जिप्सी सफारी और कॉटेज सुविधा शुरू

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 रायपुर : प्रकृति के करीब, पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्यजीव का संरक्षण, शिक्षा और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुँचाना ही ईको-पर्यटन है। रायपुर जिले के खरोरा के पास ग्राम मोहरेंगा में ‘नेचर सफारी मोहरेंगा’ में नई ईको-पर्यटन सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। विधायक सर्वश्री  किरण सिंहदेव, अनुज शर्मा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)  अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन और वन विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान हमारे घने जंगलों और जैव विविधता से है। हमारा लक्ष्य केवल पर्यटन का विकास करना नहीं है, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के बीच एक संतुलन बनाना है। ये नवनिर्मित संरचनाएं पर्यटकों को प्रकृति के और करीब लाएंगी, जिससे पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी। साथ ही, ईको-पर्यटन के माध्यम से हम स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं।


यह सफारी रायपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर तिल्दा-खरोरा मार्ग पर स्थित है और करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। मोहरेंगा नेचर सफारी के माध्यम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र के स्थानीय युवा और बच्चों को प्रकृति के महत्व से जोड़ सकेंगे। यहां पर्यटक 10 किलोमीटर लंबी जिप्सी सफारी का आनंद ले सकते हैं। सफारी के दौरान चीतल, जंगली सूअर, खरगोश, अजगर जैसे वन्यजीवों और नीलकंठ, कोयल, ईगल जैसे पक्षियों को देखा जा सकता है।

पर्यटकों के लिए वॉच टॉवर, किड्स प्ले एरिया और सुंदर गार्डन की सुविधा भी विकसित की गई है। रात्रि विश्राम के लिए यहां चार सुसज्जित कॉटेज बनाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां के रेस्टोरेंट का संचालन ‘जय माँ अंबे महिला स्व-सहायता समूह’ द्वारा किया जा रहा है। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। मोहरेंगा नेचर सफारी पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार और पर्यटन विकास का एक अच्छा उदाहरण है, जो भविष्य में रायपुर के पास एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।

सफारी क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए 8 तालाब, एनीकट और घास के मैदान विकसित किए गए हैं, जहां सौर ऊर्जा आधारित पंपों से पानी की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए लगभग 16 किलोमीटर लंबी चौनलिंक फेंसिंग भी की गई है। यह क्षेत्र साजा, खैर, महुआ, अर्जुन जैसे उपयोगी वृक्षों और सफेद मुसली, सतावर जैसी औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है। साथ ही यहां स्थित ‘दोहरा तिहरा माता’ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है।

कोरबा में गौ तस्करी की अफवाह पर बवाल, दो पक्षों में झड़प

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 कोरबा। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रविवार देर रात गौ तस्करी की आशंका को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। पुलिस लाइन मुख्य मार्ग पर हुई इस घटना में गौ सेवकों और खटाल संचालक के बीच तीखी झड़प हो गई, जो देखते ही देखते तनावपूर्ण स्थिति में बदल गई। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस और सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में किया।


जानकारी के अनुसार, गौ सेवकों को एक माजदा वाहन (CG 12 BV 4529) में मवेशी ले जाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने रिसदी चौक के पास वाहन को रोककर जांच की। वाहन में आधा दर्जन से अधिक भैंस और बछड़े भरे हुए पाए गए। पूछताछ के दौरान चालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिससे संदेह गहराया और विवाद शुरू हो गया।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि मवेशियों को गोकुलनगर स्थित एक खटाल से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान खटाल संचालक भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और हालात बिगड़ गए। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और दस्तावेजों की जांच की। जांच में मवेशियों के परिवहन से संबंधित वैध कागजात प्रस्तुत किए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि मवेशियों को कानूनी रूप से स्थानांतरित किया जा रहा था। इसके बाद स्थिति को शांत कराया गया।

हालांकि, इस दौरान वाहन चालक के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है। चालक की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, मवेशियों के परिवहन की स्थिति और परिस्थितियों को देखते हुए वाहन चालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।

सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस ने समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच जारी है।

जशपुर में ‘लखपति दीदी’ अभियान को मिली नई रफ्तार

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले में ‘लखपति दीदी’ अभियान ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जहां 18 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।


प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध जशपुर की महिलाएं अब खेती, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और लघु उद्यमों के माध्यम से न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गांव की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। गांव-गांव में सक्रिय कृषि सखियां और पशु सखियां किसानों तक आधुनिक तकनीक और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी पहुंचाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रही हैं। जिले में वर्तमान में 12 हजार 808 स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 1 लाख 37 हजार 912 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सामूहिक प्रयासों से ये महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं।


राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 से 2027 तक जशपुर जिले में 30 हजार 877 ‘लखपति दीदी’ तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 18 हजार 218 महिलाएं लखपति बन चुकी हैं, जबकि शेष महिलाओं को भी आगामी वर्षों में इस श्रेणी में लाने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के लिए ‘बिहान’ योजना के माध्यम से व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत लगभग 14 करोड़ रुपये मुद्रा लोन, 76 करोड़ रुपये बैंक लिंकेज और 13 करोड़ रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सहायता दी गई है। साथ ही लगभग 70 हजार महिलाओं को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है।

इसके अतिरिक्त करीब 8500 संभावित लखपति दीदियों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया है और उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए निगरानी भी की जा रही है। महिलाएं डेयरी, बकरी पालन, पोल्ट्री और फूड प्रोसेसिंग जैसे व्यवसायों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि महिलाओं को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने के उद्देश्य से 23 से 25 मार्च 2026 तक कृषि महाविद्यालय, कुनकुरी में ‘कृषि क्रांति एक्सपो 2.0’ का आयोजन किया जा रहा है, जो महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। जशपुर की यह पहल दर्शाती है कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार, गांव और पूरे राज्य की प्रगति सुनिश्चित होती है।

टाइगर रिजर्व में ‘मौत का सिस्टम’! तड़पता रहा लकड़बग्घा, सोता रहा विभाग… एक महीने में दूसरी मौत

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 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास नेशनल पार्क से एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बीमार और घायल लकड़बग्घे की इलाज के अभाव में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि समय पर उपचार और रेस्क्यू की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई।


यह मामला बिहारपुर क्षेत्र के मकराद्वारी जंगल का है। जानकारी के अनुसार, जंगल में आग से प्रभावित होकर अपना प्राकृतिक आवास छोड़कर बाहर निकला लकड़बग्घा गंभीर रूप से बीमार और कमजोर था। स्थानीय ग्रामीणों ने उसकी हालत बिगड़ती देख वन विभाग को सूचना दी, लेकिन समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

सूत्रों के मुताबिक, उस समय पार्क का वन्यजीव चिकित्सक अवकाश पर था। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने बड़े संरक्षित क्षेत्र में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था का अभाव क्यों है। वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण वन्यजीव को उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई।

एक महीने में दूसरी घटना, बढ़ी चिंता

यह कोई पहली घटना नहीं है। लगभग एक महीने पहले इसी क्षेत्र में एक तेंदुआ कुएं में गिर गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी और बाद में उपचार में कथित लापरवाही के चलते उसकी भी मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संरक्षण के दावों पर उठे सवाल

गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व

गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व, जो राज्य का सबसे बड़ा संरक्षित वन क्षेत्र माना जाता है, बाघ, तेंदुआ, भालू और लकड़बग्घा जैसे कई महत्वपूर्ण वन्यजीवों का आवास है। बावजूद इसके, लगातार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि जमीनी स्तर पर संरक्षण व्यवस्था में खामियां हैं।

स्थानीय लोगों में आक्रो

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय पर उपचार और रेस्क्यू की व्यवस्था होती, तो लकड़बग्घे की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जांजगीर में गोलीकांड: रिटायर्ड हवलदार ने युवक को मारी गोली, दो गिरफ्तार

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 रायपुर । छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला में गोली चलने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पामगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह मामूली विवाद के बाद आर्मी के रिटायर्ड हवलदार ने एक युवक पर लाइसेंसी पिस्टल से फायर कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 10 बजे पामगढ़ के विकास नगर स्थित हिमांशु किराना स्टोर के पास हुई। यहां शैलेंद्र साहू अपने साथियों के साथ गाली-गलौज कर रहा था। दुकान संचालक हिमांशु श्रीवास ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।

इसी दौरान हिमांशु का भाई गुलशन श्रीवास मौके पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर पहुंचा और पंकज कश्यप पर गोली चला दी। गोली पंकज के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मुख्य आरोपी गुलशन श्रीवास को हिरासत में ले लिया। पामगढ़ थाना प्रभारी सावन सारथी ने बताया कि आरोपी गुलशन श्रीवास आर्मी के सिग्नल कोर का रिटायर्ड हवलदार है और उसने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया।

पुलिस ने आरोपी के भाई हिमांशु श्रीवास को भी सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। घटना में प्रयुक्त पिस्टल जब्त कर ली गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वंदे भारत ट्रेन से गांजा तस्करी का खुलासा, 24 किलो गांजा के साथ दो युवतियां गिरफ्तार

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 रायपुर। राजधानी रायपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए गांजा तस्करी का मामला सामने आया है। संयुक्त कार्रवाई में दो युवतियों को 24 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई Narcotics Control Bureau, Railway Protection Force और Government Railway Police की टीम ने मिलकर की।


जानकारी के अनुसार, आरोपी युवतियां Bilaspur की निवासी हैं और विशाखापट्टनम से गांजा लाकर बिलासपुर ले जाने की फिराक में थीं। दोनों वंदे भारत एक्सप्रेस के एसी कोच में यात्रा कर रही थीं।

पहले से थी सूचना

जांच एजेंसियों को इस तस्करी की पहले से ही सूचना मिल चुकी थी। जैसे ही ट्रेन Raipur रेलवे स्टेशन पहुंची, टीम ने घेराबंदी कर दोनों के सामान की जांच की। तलाशी के दौरान उनके बैग से 24 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

लालच में उठाया कदम

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों युवतियां अधिक पैसे कमाने के लालच में इस अवैध कार्य में शामिल हुई थीं। उन्हें इस काम के बदले 50 हजार रुपये से अधिक की रकम मिलने वाली थी। बताया जा रहा है कि किसी तीसरे व्यक्ति के कहने पर वे Visakhapatnam गई थीं और वहां से गांजा लेकर लौट रही थीं।

बदल रहा तस्करी का तरीका

जांच में यह भी सामने आया है कि तस्कर अब सामान्य ट्रेनों के बजाय वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों का उपयोग कर रहे हैं, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। इस मामले में युवतियों का इस्तेमाल भी संदेह से बचने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

जब्त सामग्री

कुल गांजा: 24 किलो
अनुमानित कीमत: करीब 12 लाख रुपये

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

घर की ही निकली चोर: बेटी ने सोना चुराकर फाइनेंस कंपनी में रखा गिरवी, पढ़े पूरी खबर

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 रायपुर : दुर्ग जिले के भिलाई के भट्ठी थाना क्षेत्र में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने अपने ही घर से सोने के गहने चोरी कर उन्हें गिरवी रख दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की शिकायत 21 जनवरी को पीड़ित पिता ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2 जनवरी को उनके घर से सोने के गहने अचानक गायब हो गए थे, जिनकी कीमत लाखों रुपये आंकी गई थी।

जांच के दौरान संदेह घर के ही एक सदस्य पर गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि चोरी की घटना में उनकी 26 वर्षीय बेटी ही शामिल थी। पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपी ने बताया कि उसने चोरी किए गए गहनों का एक हिस्सा फाइनेंस कंपनी में गिरवी रख दिया था, जबकि बाकी गहने अपने पास ही छिपाकर रखे थे।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 7 तोला सोना बरामद किया है, जिसकी कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा : रनवे पर फायर ट्रक से टकराया विमान, 2 की मौत-कई घायल, एयरपोर्ट बंद

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 न्यूयॉर्क। अमेरिका के LaGuardia Airport पर रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब रनवे पर एक विमान और फायर ट्रक की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक यात्री और कर्मी घायल बताए जा रहे हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर कनाडा एक्सप्रेस का एक CRJ-900 विमान लैंडिंग के बाद टैक्सीवे से गुजर रहा था, तभी रनवे पर मौजूद एक फायर ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे के तुरंत बाद बचाव एवं राहत दल मौके पर पहुंच गए और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद Federal Aviation Administration ने तत्काल प्रभाव से एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन रोक दिया। स्थिति को देखते हुए कई उड़ानों को John F. Kennedy International Airport समेत अन्य नजदीकी एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एयर ट्रैफिक कंट्रोल द्वारा विमान और ग्राउंड वाहन दोनों को रुकने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद यह दुर्घटना हो गई। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि विमान में लगभग 100 यात्री सवार थे। फिलहाल सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर ली गई है और एयरपोर्ट को अगले आदेश तक आंशिक रूप से बंद रखा गया है।

आज का दिन: जब अमर हुए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु

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नई दिल्ली- आज पूरा देश शहीद दिवस मना रहा है। इस अवसर पर भारत माता के वीर सपूतों—भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु—को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों ने देश की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते फाँसी का फंदा चूम लिया था।

देशभर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को याद किया। राजधानी दिल्ली के राजघाट और शहीद स्मारकों पर नेताओं, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने पुष्प अर्पित किए।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।

इस अवसर पर युवाओं को देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना को अपनाने का संदेश दिया गया। कई स्थानों पर देशभक्ति गीत, नाटक और रैलियाँ भी आयोजित की गईं, जिससे शहीदों की वीरता और त्याग की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा सके।

शहीद दिवस हमें यह याद दिलाता है कि आज हम जिस आज़ादी का आनंद ले रहे हैं, वह इन महान क्रांतिकारियों के बलिदान का परिणाम है।


गंगरेल नौकायान उत्सव: महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का भव्य आयोजन, धमतरी में रचा गया इतिहास

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 धमतरी : धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला।


इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित समीपवर्ती जिलों कांकेर एवं बालोद की कुल 52 टीमों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक  ओमकार साहू, महापौर रामू रोहरा एवं पूर्व विधायक रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर  अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गजेन्द्र ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


महिला सहभागिता ने बढ़ाया गौरव

इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की श्रीमती चयन बाई, श्रीमती सुमन एवं श्रीमती दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और साहस सभी के लिए अनुकरणीय रहा।

प्रतियोगिता के परिणाम

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए—
• प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 04 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद)
• द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 सत्वंत मंडावी एवं मिथलेश मंडावी,कोलियारी)
• तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा)

इसके अतिरिक्त—
• वेशभूषा पुरस्कार: बोट क्रमांक 06 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद,तिर्रा)
• सजावट पुरस्कार: बोट क्रमांक 08 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा)

विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए—
• प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
• द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000
• तृतीय पुरस्कार: ₹25,000

साथ ही बोट सजावट एवं वेशभूषा के लिए ₹11,000 के विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला प्रशासन द्वारा महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ₹15,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की भी घोषणा की गई।

विधायक श्री ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं जल पर्यटन को नई पहचान प्रदान करेगा। महापौर श्री रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेल एवं साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी।

अन्य प्रमुख गतिविधियाँ

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए, जिससे मत्स्य व्यवसाय को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। साथ ही जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया।

पर्यटन और विकास की नई दिशा

‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति एवं खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

छत्तीसगढ़ में SSC जैसी नई भर्ती व्यवस्था लागू, अब एक परीक्षा से कई नौकरियों का मौका

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब अलग-अलग विभागों की भर्तियों के लिए बार-बार आवेदन फॉर्म भरने और फीस जमा करने की झंझट खत्म होने जा रही है।


राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन का फैसला लिया है, जो अब तृतीय और चतुर्थ वर्ग की सभी भर्तियों को एक साथ आयोजित करेगा। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को एक ही परीक्षा के जरिए कई पदों के लिए अवसर मिलेगा।

इस नई प्रणाली की खास बात यह है कि हर वर्ष भर्ती परीक्षाओं का पूरा कैलेंडर पहले ही जारी कर दिया जाएगा। इससे उम्मीदवारों को पहले से परीक्षा तिथियों की जानकारी मिल सकेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी तैयारी कर पाएंगे।

अब तक अलग-अलग परीक्षाएं व्यापमं द्वारा आयोजित की जाती थीं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर आ जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और अभ्यर्थियों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

सरल शब्दों में कहें तो नई व्यवस्था से नौकरी की तैयारी अब पहले से अधिक आसान, सस्ती और व्यवस्थित होने जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ादेव की पूजा कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

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शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री साय ने जुनवानी नर्मदा धाम में की पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा

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व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा में हुए शामिल

रायपुर- चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी नर्मदा धाम में आयोजित पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ विधि-विधान से यज्ञ की परिक्रमा की तथा व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय ने इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिवादन किया और सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पावन यज्ञ में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो सदैव समाज को दिशा देने का कार्य करता रहा है। उन्होंने दानवीर भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी समाज से थे, जिन्होंने अपने त्याग और दान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि रायगढ़ में पूज्य श्री सत्यनारायण बाबा भी इसी समाज से हैं, जो पिछले 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्या में लीन हैं। ऐसे महान संत समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो उसका लाभ केवल उस समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे पूरे राष्ट्र का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहू समाज इसी तरह संगठित और सशक्त होकर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यहां आयोजित रुद्र महाशिव यज्ञ एवं कथा से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी धरती पर बिताया है, वहीं माता शबरी का पावन स्थान भी छत्तीसगढ़ में स्थित है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि व्यासपीठ पर विराजमान संत-महात्माओं की कृपा से प्रदेश में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का पावन कार्य भी किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को और सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “रामलला दर्शन योजना” संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ के लोग भगवान श्रीराम को अपना भांचा मानते हैं, इसलिए उन्हें अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के तहत प्रदेश के बुजुर्गों को देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे अपने जीवन में धार्मिक आस्था के इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रमुख है, जिसे समाज में बढ़ती संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त और स्पष्ट प्रावधानों के साथ यह विधेयक लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार के छल, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन न हो सके। साथ ही विवाह के माध्यम से धर्मांतरण की आड़ में हो रहे दुरुपयोग पर भी अब पूर्ण विराम लगेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा और समाज की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है, और इसी उद्देश्य के साथ यह विधेयक लाया गया है, ताकि प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा धाम के नर्मदा कुंड में स्नान करना, पूजा-अर्चना करना और ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होना क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा से आस्था और प्रतीक्षा का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल से लोगों की गहरी भावनात्मक और धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। 

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी श्रीमद्भागवत, शिव महापुराण कथा एवं यज्ञ जैसे आयोजन होते हैं, तो सभी को इसमें अवश्य शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर घर के बुजुर्ग ही कथा सुनने आते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं की सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सके और उसे आगे बढ़ा सके।

इस अवसर पर पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

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