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सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, घायलों को 50 हजार की सहायता- CM साय

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 रायपुर : सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 - 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 - 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

वेदांता प्लांट में बॉयलर हादसा: प्रशासन की मुस्तैदी से राहत-बचाव तेज, हालात नियंत्रण में

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 रायपुर : सक्ति जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए राहत-बचाव कार्य प्रभावी ढंग से शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।


घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की कमान संभाली। प्रशासन ने एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय कर घायलों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।

कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत और उपचाहर कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो।

समाज में न्याय और समानता की प्रेरणा देता रहेगा बाबा साहेब का जीवन : मुख्यमंत्री

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रायपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नेतृत्व और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान ने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उनके विचार आज भी समाज को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर मंगल भवन, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया है। इसी कारण आज समाज के सभी वर्गों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है।

उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें बाबा साहेब के आदर्श मार्गदर्शक हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण सिंह देव, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर मीनल चौबे, विधायक पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे 515 नई पैक्स समितियों का कल करेंगें वर्चुअल शुभारंभ

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सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था- मंत्री केदार कश्यप

रायपुर- छत्तीसगढ़ में सहकारिता को नई दिशा देने और किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग द्वारा 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का गठन किया गया है। इन समितियों का वर्चुअल शुभारंभ कल 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटलनगर से किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि सहकारिता मंत्री केदार कश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना के स्वागत उद्बोधन से होगा एवं अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप प्रदेश में सहकारिता विस्तार की रूपरेखा एवं उसके लाभों पर प्रकाश डालेंगे।

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि नई पैक्स समितियों के गठन से किसानों को ऋण, खाद, बीज तथा अन्य कृषि सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होंगी। इससे हमारे अन्नदाता किसानों को अब दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और समय व संसाधनों की बचत भी होगी। साथ ही किसानों को शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल से शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा तथा उनका लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और गांवों के समग्र विकास को गति मिलेगी। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ में सहकारिता तंत्र को सुदृढ़ करते हुए आत्मनिर्भर ग्रामीण-अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने उद्बोधन में राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और सहकारिता आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करेंगे। छतीसगढ़ के सहकारी जनप्रतिनिधिगण, अपेक्स बैंक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पैक्स सोसाइटी के प्रतिनिधि, सहकारिता विभाग के सम्भागीय संयुक्त पंजीयक, जिला उप पंजीयक तथा सहायक पंजीयक, अपेक्स बैंक व जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अधिकारीगण वर्चुअल रूप से सीधे शुभारंभ कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना को साकार करने सहकार से समृद्धि की पहल अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 515 नवीन पैक्स का गठन किया गया है। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में सहकारिता की योजनाओं को अधिक सुगमता से लोगों में पहुँचाने के लिए बहुउद्देश्यीय पैक्स सोसायटी का पुनर्गठन किया गया है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) का पुनर्गठन कर नवीन 515 पैक्स बनाये गए हैं। यह 515 पैक्स में बहुउद्देश्यीय सेवाएं दी जाएगी। 2058 बहुउद्देशीय पैक्स एवं नवीन गठित 515 पैक्स को मिलाकर छत्तीसगढ़ में कुल 2573 पैक्स सोसायटी हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर जताया गहरा शोक, जांच के दिए निर्देश

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर  गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर दुर्घटना: 9लोगों की मौत, घायलों का इलाज जारी

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जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से वेदांता प्लांट हादसे में हालात नियंत्रण में

कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश

सक्ती- जिला सक्ती के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर दुर्घटना सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग कई लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्परता, समन्वय और संवेदनशीलता से राहत एवं बचाव कार्य तेज़ी से प्रारंभ कर दिया। 

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो एवं पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मौके पर ही राहत एवं बचाव कार्यों का नेतृत्व किया। प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस, चिकित्सा दल एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय करते हुए घायलों को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका समुचित उपचार जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के प्रत्येक पहलू की गहन एवं  जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि “घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की पूरी टीम तत्काल सक्रिय हो गई। प्राथमिकता के आधार पर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया है। सभी को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। घटना की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत एवं उपचार कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो। सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।


संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प: समरसता भोज में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

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संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर   आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है। 

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा,  छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।

22 अप्रैल को गढ़ रीवा में आयोजित होगा 'लोरिक-चंदा' लोकनाट्य महोत्सव

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नवा रायपुर/आरंग- छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकगाथाओं में रची-बसी 'लोरिक चंदा' (चंदैनी लोकनाट्य) विधा को संरक्षण देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ऐतिहासिक ग्राम गढ़ रीवा में आगामी 22 अप्रैल को एक भव्य 'लोरिक चंदा लोकनाट्य महोत्सव' का आयोजन किया जाएगा। यह पहल दम तोड़ती लोक कला को नई ऊर्जा देने और युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

 कैबिनेट मंत्री से मिला समर्थन 

​महोत्सव की तैयारियों के सिलसिले में आज मंगलवार को  ग्राम गढ़ रीवा के 73 वर्षीय सरपंच घसियाराम साहू, उपसरपंच सूरज साहू तथा पीपला वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधि दूजेराम धीवर, महेन्द्र पटेल एवं प्रतीक कुमार टोंड्रे ने नवा रायपुर में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से सौजन्य भेंट की।

​प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री जी को महोत्सव का औपचारिक प्रस्ताव सौंपते हुए विस्तार से चर्चा की। प्रस्ताव पर हर्ष व्यक्त करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि "चंदैनी जैसी पारंपरिक विधाएं हमारी पहचान हैं। इन्हें विलुप्त होने से बचाने के लिए ग्राम स्तर पर किया जा रहा यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा।" उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे भव्यता प्रदान करने के लिए प्रदेश के संस्कृति मंत्री को भी आमंत्रित करने का आश्वासन दिया।

जनसहयोग से सजेगा महोत्सव का मंच 

​ग्राम के सरपंच घसियाराम साहू ने जानकारी दी कि इस महोत्सव का आयोजन पूर्णतः जनसहयोग से ग्राम के बाजार चौक में किया जाएगा। आयोजन की रूपरेखा पीपला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा तैयार की जा रही है। महोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में छत्तीसगढ़ की तीन सुप्रसिद्ध चंदैनी टीमों का चयन किया गया है, जो रात भर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।

​ विशेषज्ञों का होगा जुटान 

​केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि इस विधा के वैचारिक पक्ष को समझने के लिए लोरिक चंदा (चंदैनी) के जानकारों और विशेषज्ञों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। आयोजन को लेकर गढ़ रीवा सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल मनोरंजन होगा, बल्कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक गाथाओं का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

चिकित्सा शिक्षा में मजबूत क्लिनिकल आधार जरूरी: डॉ. जितेंद्र सिंह

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नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और प्रख्यात चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि मेडिकल शिक्षा में मजबूत क्लिनिकल (व्यावहारिक) आधार अत्यंत आवश्यक है, चाहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका कितनी भी बढ़ जाए।

वे “Pediatric Gastroenterology, Hepatology and Nutrition” पुस्तक के दूसरे संस्करण के विमोचन अवसर पर बोल रहे थे। यह पुस्तक प्रो. अनुपम सिबल और डॉ. सारथ गोपालन द्वारा संपादित की गई है, जिसमें कैथलीन बी. श्वार्ट्ज (Kathleen B. Schwartz)  (Johns Hopkins University) ने फॉरवर्ड लिखा है।

 AI और मेडिकल शिक्षा पर विचार

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि:

  • AI एक सहायक (assistant) की भूमिका निभा सकता है

  • लेकिन पहले मूल चिकित्सा ज्ञान और क्लिनिकल समझ जरूरी है

  • बिना आधार के AI पर निर्भरता सीखने की प्रक्रिया को कमजोर कर सकती है

मेडिकल शिक्षा पर जोर

उन्होंने कहा कि:

  • चिकित्सा ज्ञान तेजी से बढ़ रहा है

  • छात्रों को बेसिक नॉलेज + प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर ध्यान देना चाहिए

  • तकनीक के साथ-साथ मानवीय अनुभव भी जरूरी है

 नई पुस्तक के बारे में

यह पुस्तक 45 अध्यायों में विस्तारित है और इसमें कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं:

  • इंफ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज

  • सीलिएक डिजीज

  • लिवर ट्रांसप्लांट

  • न्यूरो-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी

  • जेनेटिक्स और एंडोस्कोपी

महत्वपूर्ण तथ्य

  • लगभग 30% बच्चे पेट और लिवर संबंधी बीमारियों से प्रभावित होते हैं

  • यह पुस्तक डॉक्टरों और प्रशिक्षुओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है

निष्कर्ष

डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि भविष्य की चिकित्सा शिक्षा में AI की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, लेकिन मजबूत क्लिनिकल आधार ही एक सक्षम डॉक्टर की असली पहचान है।

एनएफडीसी की नई मलयालम फिल्म ‘अचप्पा’ज़ एल्बम’ 24 अप्रैल 2026 को होगी रिलीज

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नई दिल्ली: National Film Development Corporation (NFDC), जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है, अपनी नई मलयालम फीचर फिल्म “Achappa’s Album (Grampa’s Album)” को 24 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज करने जा रही है।

यह फिल्म एक फैमिली फैंटेसी, कॉमेडी और इमोशन से भरपूर कहानी है, जिसमें समय यात्रा (Time Travel) की अनोखी अवधारणा को दिखाया गया है।

कहानी की झलक

फिल्म की कहानी एक पिता और पुत्र के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अप्रत्याशित घटना के कारण एक-दूसरे के जीवन को जीने लगते हैं।
यह बदलाव पीढ़ियों के बीच सोच, अनुभव और जीवन के निर्णयों को हास्य और भावनात्मक तरीके से दर्शाता है।

निर्देशन और टीम

फिल्म का निर्देशन दीप्ति पिल्लई सिवन ने किया है, जबकि इसकी कहानी संजीव सिवन, अनिरबन भट्टाचार्य और उमेश नायर ने लिखी है।

 कलाकार और तकनीकी टीम

फिल्म में कई प्रसिद्ध कलाकार शामिल हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अनुभवी अभिनेता मोहान आगाशे

  • अंजना अप्पुकुट्टन

  • आदिनाथ कोठारे

  • प्रियंका नायर

  • सिद्धांशु संजीव सिवन

तकनीकी टीम में शामिल हैं:

  • सिनेमैटोग्राफर: मनोज पिल्लई

  • एडिटर: Sreekar Prasad (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता)

  • संगीतकार: गुलराज सिंह

निर्देशक का बयान

निर्देशक दीप्ति पिल्लई सिवन ने कहा कि यह फिल्म मानवीय संबंधों और भावनाओं को एक सरल लेकिन प्रभावशाली टाइम-ट्रैवल कहानी के माध्यम से प्रस्तुत करती है।

एनएफडीसी का दृष्टिकोण

National Film Development Corporation के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम ने कहा कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा में नई और रचनात्मक कहानियों को बढ़ावा देने की एनएफडीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

ट्रेलर और टीज़र

फिल्म का टीज़र एनएफडीसी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जबकि आधिकारिक ट्रेलर जल्द जारी किया जाएगा।

निष्कर्ष

“अचप्पा’ज़ एल्बम” एक ऐसी फिल्म है जो हास्य, भावनाओं और कल्पना को मिलाकर दर्शकों को पीढ़ियों के बीच रिश्तों की गहराई को समझाने का प्रयास करती है। यह फिल्म भारतीय सिनेमा में एक नई और अनोखी प्रस्तुति के रूप में देखी जा रही है। 

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ फिलाटेलिक प्रदर्शनी का आयोजन, डाक टिकटों के जरिए दिखाई गई भारत की एकता और लोकतंत्र की झलक

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नई दिल्ली- भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा प्रधानमंत्री संग्रहालय के सहयोग से “एक भारत, श्रेष्ठ भारत: डाक टिकटों के माध्यम से भारत की एकता और लोकतंत्र का उत्सव” शीर्षक से भव्य फिलाटेलिक प्रदर्शनी का आयोजन 14 से 17 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने किया।

उद्घाटन के बाद  ज्योतिरादित्य एम. सिंधियाने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और वहां उपस्थित डाक टिकट संग्राहकों (फिलाटेलिस्ट), डिजाइनरों और विशेषज्ञों से संवाद किया। उन्होंने भारत की समृद्ध डाक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में उनके योगदान की सराहना की।

डाक टिकटों में दिखी भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत

इस प्रदर्शनी में भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक घटनाओं और डाक परंपराओं को दर्शाने वाले डाक टिकटों का विशेष संग्रह प्रदर्शित किया गया है।
इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानियों से जुड़े विषय प्रमुख आकर्षण हैं, जो दर्शकों को एक ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव प्रदान करते हैं।

केंद्रीय मंत्री का संबोधन

अपने संबोधन में  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि यह आयोजन डाक विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने प्रधानमंत्री संग्रहालय की टीम को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि स्वतंत्रता से लेकर अमृत काल और आगे शताब्दी काल तक भारत की यात्रा में डाक विभाग की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और आगे भी बनी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि डाक विभाग और संग्रहालय मिलकर देशभर में ऐसी प्रदर्शनी आयोजित करेंगे, जिससे भारत की समृद्ध विरासत को और व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जा सके।

विशेष चित्र पोस्टकार्ड जारी

इस अवसर पर तीन विशेष चित्र पोस्टकार्ड सेट जारी किए गए, जो निम्न अवसरों को समर्पित हैं:

  • प्रधानमंत्री संग्रहालय का चौथा स्थापना दिवस

  • डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल 2026)

  • भारतीय संविधान

 एमओयू के जरिए सहयोग को नई दिशा

कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग और प्रधानमंत्री संग्रहालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते का उद्देश्य सांस्कृतिक और डाक विरासत को बढ़ावा देना है। इसके तहत देशभर में प्रदर्शनी, जागरूकता कार्यक्रम और संयुक्त रूप से डाक उत्पाद तैयार किए जाएंगे। साथ ही संग्रहालय में इंडिया पोस्ट का विशेष काउंटर स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।

प्रधानमंत्री पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन

अपने दौरे के दौरान  ज्योतिरादित्य एम. सिंधियाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें उनके जीवन, नेतृत्व और प्रमुख योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है।

निष्कर्ष

यह फिलाटेलिक प्रदर्शनी न केवल भारत की डाक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है, बल्कि देश की एकता, लोकतंत्र और विविधता को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है। यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

आंबेडकर जयंती पर संसद परिसर में श्रद्धांजलि, नेताओं ने बाबासाहेब के विचारों को बताया प्रेरणास्रोत

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नई दिल्ली- सी. पी. राधाकृष्णन,नरेंद्र मोदीऔर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल में डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर कई केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्षमल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा के उपसभापति  हरिवंश, सांसद, पूर्व सांसद तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे और उन्होंने बाबासाहेब को नमन किया।

इसके बाद संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में भी डॉ. आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर लोकसभा सचिवालय के महासचिव उत्पल कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

 “Know Your Leader” कार्यक्रम में युवाओं को संदेश

संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित “Know Your Leader” कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर ने अपने जीवन की हर चुनौती को अवसर में बदल दिया। उनका जीवन, विचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने कहा कि संविधान में समानता का अधिकार और बिना भेदभाव के मतदान का अधिकार जैसे प्रावधानों ने एक मजबूत और प्रगतिशील भारत की नींव रखी है, जो आज विश्व के लोकतंत्रों को भी प्रेरित कर रहा है।

 युवाओं को “Nation First” का संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ने युवाओं को देश के भविष्य का सच्चा प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा “Nation First” की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, कौशल और नवाचार भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाएंगे।

सोशल मीडिया पर भी साझा किया संदेश

ओम बिरला ने सोशल मीडिया मंच X पर अपने संदेश में कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन संघर्ष, साहस और समर्पण की प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा और कड़ी मेहनत के बल पर सफलता हासिल की और करोड़ों वंचितों के लिए आशा की किरण बने।

उन्होंने कहा कि बाबासाहेब ने समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाया और इन्हें संविधान में शामिल कर देश को एक मजबूत दिशा दी।

निष्कर्ष

आंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने बाबासाहेब के विचारों और उनके योगदान को पुनः स्मरण कराया। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. आंबेडकर के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक समावेशी, न्यायपूर्ण और सशक्त भारत के निर्माण में मार्गदर्शक बने रहेंगे।

आंबेडकर जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश: सामाजिक समरसता और शिक्षा पर दिया जोर

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गांधीनगर- द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर स्थित लोक भवनमें आयोजित ‘सामाजिक समरसता महोत्सव’ में भाग लिया। यह कार्यक्रम डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकरकी जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति ने बाबासाहेब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने देश के विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बहुआयामी योगदान दिए हैं। उन्होंने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा प्रदान किया। राष्ट्रपति ने कहा कि आंबेडकर केवल एक महान विधिवेत्ता ही नहीं, बल्कि एक कुशल अर्थशास्त्री और समाज सुधारक भी थे, जिन्होंने बैंकिंग, सिंचाई, बिजली, श्रम प्रबंधन और केंद्र-राज्य संबंधों जैसे क्षेत्रों में भी अहम योगदान दिया।

उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बाबासाहेब ने हमेशा शिक्षा को सशक्त समाज की नींव माना। संविधान में शिक्षा को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया गया है और वंचित वर्गों के हितों की रक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे समाज के कमजोर वर्गों को शिक्षा के प्रति जागरूक करें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

सामाजिक समरसता पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि करुणा और समानता समाज की एकता के मूल आधार हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और भाईचारे की भावना अपनाते हैं, तभी सच्ची सामाजिक समरसता स्थापित होती है। उन्होंने कहा कि भारत के सभी नागरिक एक हैं और देश की प्रगति के लिए एकजुट रहना आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने गुजरात में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों—जैसे वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, पशुपालन और कृषि विकास—की सराहना भी की।

अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने डॉ. आंबेडकर के उस संदेश को याद किया, जिसमें उन्होंने सामाजिक लोकतंत्र को जीवन का आधार बताते हुए स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को उसके मूल तत्व बताया था।

निष्कर्ष

राष्ट्रपति के इस संबोधन ने डॉ. आंबेडकर के विचारों और उनके आदर्शों को पुनः जीवंत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त, समावेशी और विकसित भारत का निर्माण संभव है।

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, विधायक दल के नेता चुने गए

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 पटना। सम्राट चौधरी को बिहार का अगला मुख्यमंत्री चुना गया है। भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया। बैठक में विजय सिन्हा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय ने किया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे।


इधर, नीतीश कुमार ने मंगलवार को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही गाड़ी से राजभवन पहुंचे। नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 14 अप्रैल 2026 को इस्तीफा देकर अपना कार्यकाल समाप्त किया। यह उनका दूसरा सबसे छोटा कार्यकाल रहा।

सुबह से ही राज्य की सियासत में हलचल तेज रही। मुख्यमंत्री आवास पर संजय झा, विजय चौधरी और ललन सिंह पहुंचे थे। इसके बाद सम्राट चौधरी भी वहां पहुंचे। करीब आधे घंटे की बैठक के बाद सभी नेता एक साथ सीएम हाउस से निकले।

इस्तीफे से पहले हुई आखिरी कैबिनेट बैठक में नीतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि 2005 से अब तक उन्होंने राज्य के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया और आगे भी नई सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे। बैठक के बाद कई मंत्रियों ने उनके कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया।

फर्जी मैट्रिमोनियल साइट से साइबर ठगी का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड समेत गिरोह का खुलासा

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 रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए संचालित एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट का मास्टरमाइंड कपिल गर्ग बताया जा रहा है, जो लोक सेवा केंद्र की आड़ में लंबे समय से लोगों को निशाना बना रहा था।


पुलिस ने दरोगापारा स्थित “निधि परिवहन केंद्र” में छापेमारी कर लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, शासकीय सील-मुहर सहित कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। जांच में सामने आया कि कपिल गर्ग की लोक सेवा केंद्र आईडी एक माह पहले ही निरस्त हो चुकी थी। इसके बाद उसने “इंडिया मैट्रिमोनी” के नाम से फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार कर ठगी का नेटवर्क खड़ा किया।

गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबरों के जरिए यूट्यूब चैनल बनाकर आकर्षक प्रोफाइल अपलोड करती थीं। इन प्रोफाइल्स के माध्यम से संपर्क नंबर साझा किए जाते थे, जिससे लोग झांसे में आ जाते थे।

जैसे ही कोई व्यक्ति संपर्क करता, उससे पहले बायोडाटा लिया जाता और फिर यूपीआई के जरिए रजिस्ट्रेशन फीस वसूली जाती थी। इसके बाद पसंदीदा प्रोफाइल से बातचीत और मीटिंग आईडी दिलाने के नाम पर दोबारा रकम ली जाती थी। व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजकर लगातार पैसे ऐंठे जाते थे। अंत में आरोपी यह कहकर संपर्क खत्म कर देते थे कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि “शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन” केंद्र भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। इसकी संचालिका हिमांशु मेहर पिछले तीन वर्षों से इस गिरोह के साथ मिलकर लोगों को ठगने का काम कर रही थी।

मामले में शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों पर पुलिस की लगातार नजर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा न करें और ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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