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CBSE 10वीं का रिजल्ट जारी: UMANG ऐप समेत इन प्लेटफॉर्म पर देखें नतीजे

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 CBSE 10th Result 2026 Declared: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट बुधवार, 15 अप्रैल की शाम जारी कर दिया। रिजल्ट जारी होते ही देशभर के करीब 26 लाख छात्रों का इंतजार खत्म हो गया। छात्र फिलहाल UMANG ऐप सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना परिणाम देख सकते हैं।


इस वर्ष CBSE ने 12वीं से पहले 10वीं का रिजल्ट जारी किया है। बोर्ड के अनुसार, यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि इस साल से 10वीं कक्षा के लिए दो चरणों में परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। दूसरा चरण (सेकेंड एग्जाम) मई से शुरू होगा।

इन प्लेटफॉर्म पर देखें रिजल्ट

छात्र अपना परिणाम निम्न माध्यमों से चेक कर सकते हैं-

CBSE की आधिकारिक वेबसाइट
CBSE Results Portal
DigiLocker
UMANG App

ऐसे करें ऑनलाइन रिजल्ट चेक

आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
“CBSE Class 10 Result 2026” लिंक पर क्लिक करें।
रोल नंबर, स्कूल नंबर, जन्म तिथि और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें।
Submit पर क्लिक करें।
स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।

15 मई से होगा सेकेंड एग्जाम

CBSE ने इस वर्ष से 10वीं बोर्ड का सेकेंड एग्जाम शुरू करने का फैसला किया है। यह परीक्षा 15 मई से 1 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी। पहले चरण में शामिल छात्र अधिकतम तीन विषयों में सुधार के लिए इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

पासिंग मार्क्स और कंपार्टमेंट नियम

CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए न्यूनतम 33% अंक जरूरी हैं। यह शर्त कुल अंक के साथ-साथ प्रत्येक विषय पर भी लागू होती है।

एक या दो विषय में 33% से कम अंक आने पर छात्र को कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका मिलता है। दो से अधिक विषयों में न्यूनतम अंक न आने पर छात्र को फेल घोषित किया जाता है।

यह साल CBSE के लिए कई बदलावों के साथ अहम माना जा रहा है, खासकर दो चरणों में परीक्षा प्रणाली लागू होने के कारण छात्रों को सुधार का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

साय सरकार की पहल से सशक्त हुई महिलाएं : हमेश्वरी राठौर बनीं “लखपति दीदी”

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास अब सार्थक परिणाम दे रहे हैं। इसका प्रेरक उदाहरण गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत लालपुर की हमेश्वरी राठौर हैं, जो आज “लखपति दीदी” के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।


एक सामान्य ग्रामीण महिला से आत्मनिर्भर उद्यमी बनने तक का उनका सफर संघर्ष, साहस और सफलता की मिसाल है। हमेश्वरी राठौर “रिद्धी-सिद्धी स्वसहायता समूह” से जुड़ीं, जहां उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आर्थिक सहयोग और प्रशिक्षण मिला। समूह के माध्यम से उन्होंने 5 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया, जो उनके जीवन में परिवर्तन का आधार बना।


इस राशि का उपयोग उन्होंने कृषि और छोटे व्यवसाय को विकसित करने में किया। सब्जी उत्पादन को मुख्य आय का स्रोत बनाते हुए उन्होंने टमाटर, गोभी, अदरक, बरबट्टी और हल्दी जैसी फसलों की खेती शुरू की। साथ ही, उन्होंने सेंटरिंग प्लेट का कार्य भी शुरू किया, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत बने।

शुरुआती दौर में मौसम की अनिश्चितता, बाजार की चुनौतियां और लागत जैसी कठिनाइयां सामने आईं, लेकिन विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं से मिले मार्गदर्शन और स्वसहायता समूह के सहयोग ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अपने परिश्रम और दृढ़ निश्चय के बल पर उन्होंने हर बाधा को पार किया।

आज हमेश्वरी राठौर की वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसने उन्हें “लखपति दीदी” बना दिया है। उनकी सफलता ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि वे क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।

हमेश्वरी राठौर की यह उपलब्धि दर्शाती है कि विष्णुदेव साय सरकार की महिला-केंद्रित योजनाएं और स्वसहायता समूहों का सशक्त नेटवर्क ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनाएं- केन्द्रीय मंत्री ओंराव

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 रायपुर : केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने देश भर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) द्वारा निभाई गई परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि (NSTFDC) का दृष्टिकोण केवल रोजगार सृजन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को रोजगार चाहने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने में सक्षम बनाना है। नई दिल्ली में (NSTFDC) के 10 अप्रैल 2026 को आयोजित 25 वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए  ओराम ने इस निगम को जनजातीय उद्यमिता के लिए एक उत्प्रेरक बताया।


केंद्रीय जनजाति मंत्री जुएल ओराम द्वारा छत्तीसगढ़ से चयनित लाभार्थी जिला बेमेतरा से किशन ध्रुव ग्राम कुआं (किराना व्यवसाय) एवं धनराज ठाकुर ग्राम गातापार (फोटो स्टूडियो व्यवसाय) सहित छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के प्रतिनिधि (कार्यपालन अधिकारी) प्रवीण कुमार लाटा का स्वागत किया और (NSTFDC) सावधि ऋण योजना के तहत व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित करने में उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री जी द्वारा लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।


इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए ओराव ने निगम के उस मुख्य उद्देश्य को रेखांकित किया जिसके तहत वह बिना किसी गारंटी (collateral-free) के वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक इसकी पहुँच और अधिक व्यापक हो सके। मीडिया से बात करते हुए ओराम ने कहा कि निगम ने लाभार्थियों को 16 लाख से अधिक ऋण वितरित किए हैं और अब तक कुल संवितरण (वितरित राशि) 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (NSTFDC) ने नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में अपना 25 वां स्थापना दिवस मनाया।

इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे और (NSTFDC) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) टी. रौमुआन पाइते, (NSTFDC) के प्रबंधक और मध्य क्षेत्र के प्रमुख विकास रंजन साथ ही निगम के पूर्व CMD और देश भर की राज्य चौनलिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों उपस्थित रहे।

वेदांता प्लांट हादसा: 17 मजदूरों की मौत, 19 घायल… प्रशासन अलर्ट, घायलों के इलाज पर फोकस

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 रायपुर : सक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय घटना एवं घायलों के उपचार को लेकर कलेक्टर  अमृत विकास टोपनो तथा पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।


घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी तथा प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टीस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।


कलेक्टर टोपनो ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम उपरांत पार्थिव देह को उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

हादसे में घायल अथवा प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा कर सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है।

मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों हेतु 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी दी कि इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है तथा 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।
कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रहेगा और परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मृतकों के नाम

हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 तथा उत्तर प्रदेश के 2 मजदूर शामिल हैं। मृतकों के नाम इस प्रकार हैं -

रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार),
अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़),
थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़),
तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड),
आकिब खान (दरभंगा, बिहार),
सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),
अब्दुल करीम (झारखंड),
उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़),
शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल),
पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),
अशोक परहिया (पलामू, झारखंड),
मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),
बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),
रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़),
कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल),
नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़),
शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: UCC से लेकर खनन नियमों तक अहम बदलाव

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 रायपुर : राजधानी रायपुर में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कीअध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में कानून, महिला सशक्तीकरण, उद्योग, खनन और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।


मुख्य फैसले

1. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के संबंध में Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया तथा समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मामलों से संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल, एकरूप और न्यायसंगत बनाने के लिए Uniform Civil Code लागू करना आवश्यक माना जा रहा है, जिससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसी दिशा में छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर Uniform Civil Code का प्रारूप तैयार करेगी। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत मंत्रिपरिषद से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके।

2. मंत्रिपरिषद ने महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस निर्णय से सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व की कमी होगी, लेकिन महिला सशक्तीकरण के लिए इसे महत्वपूर्ण कदम माना गया है।

3. मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत उन्हें जीवनकाल में एक बार छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर 25 लाख रूपए तक की संपत्ति (भूमि/भवन) क्रय करने पर देय स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट प्रदान किया जाएगा। देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्रायः स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं, ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

4. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन से सेवा क्षेत्र को आबंटन हेतु स्पष्ट वैधानिक पात्रता मिलेगी। भूमि आवंटन प्रावधानों में न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा का तार्किक सामंजस्य स्थापित होगा। लैंड बैंक भूखण्डों हेतु एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। NBFC सहित वित्तीय संस्थाओं को सम्मिलित करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। कंपनियों में शेयर धारिता परिवर्तन से संबंधित प्रावधानों में व्यावहारिक स्पष्टता आएगी और Ease of Doing Business सुनिश्चित होगा। PPP मॉडल के लिए स्पष्ट प्रावधान से निजी निवेश एवं औद्योगिक अवसंरचना विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

5. छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। अब केन्द्र अथवा राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रम जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेगी। इससे पट्टेदार के एकाधिकार के फलस्वरूप उत्पन्न रेत की आपूर्ति-संकट में कमी आएगी तथा दुर्गम क्षेत्रों में रेत खदानों के सुगम संचालन सहित रेत की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

 

7. मंत्रिपरिषद द्वारा दुधारू पशु प्रदाय संबंधी पायलट प्रोजेक्ट योजना में समस्त सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने संबंधी संशोधन तथा एनडीडीबी के साथ निष्पादित एमओयू की संबंधित कंडिका में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा सकेगा जिससे उनके स्वरोजगार और आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक एवं आर्थिक विकास में सहयोग प्राप्त हो सकेगा।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने हेतु आवश्यक टीकाद्रव्यों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए National Dairy Development Board (NDDB) की सब्सिडरी कंपनी Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से टीकों की खरीदी किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है। निविदा प्रक्रिया में पर्याप्त प्रतिस्पर्धा न बन पाने एवं जेम पोर्टल पर दर उपलब्ध न होने के कारण टीकों की समय पर आपूर्ति में बाधा आ रही थी, जिससे पशुओं का नियमित टीकाकरण प्रभावित हो रहा था। निर्णय के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनवरी 2027 तक आवश्यक टीकाद्रव्यों का क्रय उक्त एजेंसी से किया जाएगा, जिससे पशुओं में रोगों की रोकथाम, मृत्यु दर में कमी, पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा तथा दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

9. मंत्रिपरिषद की बैठक में एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के प्रावधानों के अनुरूप छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के प्रभाजन के संदर्भ में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व वर्षों में किए गए 10,536 करोड़ रूपए के आधिक्य पेंशन भुगतान की राशि की वापसी पर सहमति दी गई। बैंकों द्वारा पूर्व में हुए त्रुटिपूर्ण लेखांकन के कारण यह अतिरिक्त भुगतान हुआ था, जिसका पुनर्मिलान एवं सत्यापन संयुक्त दल द्वारा किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन द्वारा 2,000 करोड़ रूपए की राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदान की जा चुकी है तथा शेष 8,536 करोड़ रूपए की राशि आगामी 6 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी। मंत्रिपरिषद ने इस व्यवस्था को स्वीकार करते हुए वित्त विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकृत किया है। इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद की बैठक में आगामी खरीफ सीजन हेतु उर्वरक की व्यवस्था तथा राज्य में LPG गैस की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई।

 

भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास, 99.6% विद्युतीकरण के साथ आधुनिक युग में प्रवेश

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नई दिल्ली- Indian Railways ने अपनी ऐतिहासिक यात्रा के 173 वर्ष पूरे करते हुए आधुनिकता और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) से ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन के संचालन के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज विश्व के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में शामिल हो चुकी है।


ऐतिहासिक शुरुआत से आधुनिक उपलब्धियों तक

1853 में शुरू हुई रेलवे सेवा ने समय के साथ भाप इंजनों से लेकर डीजल और फिर इलेक्ट्रिक ट्रेनों तक का लंबा सफर तय किया है। आज भारतीय रेलवे का ब्रॉड गेज नेटवर्क 99.6% तक विद्युतीकृत हो चुका है, जो इसे दुनिया के अग्रणी रेल नेटवर्क में शामिल करता है।


यात्री और माल परिवहन में रिकॉर्ड वृद्धि

  • वर्ष 2025–26 में लगभग 741 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की

  • प्रतिदिन लगभग 25,000 ट्रेनें संचालित हो रही हैं

  • माल परिवहन 1,670 मिलियन टन तक पहुंचा

  • कुल राजस्व लगभग ₹80,000 करोड़ रहा

ये आंकड़े भारतीय रेलवे की विशालता और उसकी मजबूत भूमिका को दर्शाते हैं।

तकनीकी और सुरक्षा में बड़ा सुधार

भारतीय रेलवे ने सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है—

  • ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली Kavach System 3,100 किलोमीटर मार्ग पर लागू

  • 24,400 किलोमीटर पर कार्य जारी

  • AI आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली 1,800 से अधिक स्टेशनों पर

  • डिजिटल सूचना प्रणाली से यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी

आधुनिक ट्रेनों और नई सेवाओं का विस्तार

  • Vande Bharat Express से यात्रा में तेजी और आराम

  • 2025–26 में लगभग 3.98 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की

  • Amrit Bharat Express से किफायती यात्रा सुविधा

  • 60 नई सेवाएं शुरू


हाई-स्पीड रेल और भविष्य की योजनाएं

सरकार ने रेलवे के लिए ₹2.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट आवंटित किया है।
इसके तहत 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें Mumbai Ahmedabad High Speed Rail प्रमुख है।

डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

  • 1,396 स्टेशनों पर डिजिटल नेटवर्क (IP MPLS)

  • 119 स्टेशनों का आधुनिकीकरण

  • ‘RailOne App’ से डिजिटल सेवाओं की शुरुआत

  • 35 गती शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू


निष्कर्ष

भारतीय रेलवे ने 173 वर्षों में एक लंबा और प्रेरणादायक सफर तय किया है।
आज यह न केवल देश की जीवन रेखा है, बल्कि आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक एकता का मजबूत आधार भी है।


भारतीय नौसेना कमांडर्स सम्मेलन 2026 शुरू, भविष्य की रणनीति और सुरक्षा पर मंथन

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नई दिल्ली- Indian Navy का बहुप्रतीक्षित कमांडर्स सम्मेलन 01/2026 नौ सेना भवन में शुरू हो गया। सम्मेलन का उद्घाटन एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी (नौसेना प्रमुख) द्वारा किया गया, जिसमें देशभर से वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, ऑपरेशनल एवं क्षेत्रीय कमांडर तथा मुख्यालय के अधिकारी शामिल हुए।

नौसेना प्रमुख का संबोधन

अपने उद्घाटन भाषण में नौसेना प्रमुख ने भारत के समुद्री हितों की रक्षा में नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने, ऑपरेशनों की बढ़ती गति और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल को बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नौसेना को हर समय युद्ध के लिए तैयार (Combat Ready) रहना चाहिए। साथ ही, आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एक “Future Ready Force” तैयार करना समय की आवश्यकता है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और रणनीतिक दृष्टिकोण

नौसेना प्रमुख ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को दोहराया। उन्होंने मित्र देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों और सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि एक मजबूत, समन्वित और विश्वसनीय रणनीति विकसित की जा सके।

 सम्मेलन में प्रमुख चर्चाएं

सम्मेलन के दौरान कई अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया—

  • संयुक्त सैन्य संचालन (Joint Operations)

  • समुद्री और तटीय क्षमता में वृद्धि

  • जहाजों की मरम्मत और रखरखाव

  • बहु-क्षेत्रीय सुरक्षा उपाय

  • प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

  • मानव संसाधन विकास

  • नवाचार और आत्मनिर्भरता (Indigenisation)

 सीडीएस का महत्वपूर्ण संदेश

जनरल अनिल चौहान (Chief of Defence Staff) ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
उन्होंने बदलते वैश्विक परिदृश्य और युद्ध के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए नौसेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक और तकनीकी पहलुओं का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।

निष्कर्ष

भारतीय नौसेना कमांडर्स सम्मेलन 2026 देश की समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक योजना और भविष्य की तैयारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।
इस सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष आने वाले समय में भारत की रक्षा रणनीति को और मजबूत बनाएंगे।


फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 26 आरोपी गिरफ्तार

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 रायगढ़: जिले में साइबर पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र और शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र में छापेमारी कर कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और साइबर व महिला थाना की संयुक्त टीम के साथ कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान दोनों केंद्रों में अवैध गतिविधियां संचालित होती पाई गईं।

जांच में सामने आया कि बाहर से इन केंद्रों में आरटीओ संबंधी कार्य और दस्तावेज बनाने का काम दिखाया जाता था, जबकि अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर चलाकर लोगों को शादी के नाम पर ठगा जाता था। युवतियों के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें फर्जी प्रोफाइल के जरिए जाल में फंसाया जाता था और फिर रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस समेत अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए पैसे वसूले जाते थे।

गिरोह फर्जी जीमेल आईडी, मोबाइल नंबर और यूट्यूब चैनल के माध्यम से नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करता था। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ कार्य करता था। आईडी निरस्त होने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। उसके सहयोगी हिमांशु मेहर समेत अन्य आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहे थे।

मौके से पुलिस ने 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, विभिन्न शासकीय विभागों की नकली सील-मुहर और फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के साक्ष्य बरामद किए हैं।

एसएसपी ने बताया कि गिरोह ने अब तक 7,693 लोगों को निशाना बनाकर करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी की है। प्रारंभिक जांच में सामने आई यह राशि आगे और बढ़ने की संभावना है।

पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने AIIMS नागपुर के दीक्षांत समारोह को किया संबोधित

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नागपुर-द्रौपदी मुर्मू ने आज एम्स नागपुर नागपुर के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और छात्रों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक महान माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर न केवल बीमारियों का इलाज करता है, बल्कि मरीजों के मन में आशा और विश्वास भी जगाता है।

उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे हर परिस्थिति में संवेदनशीलता और करुणा बनाए रखें। साथ ही, मरीजों और उनके परिवारों से भी आग्रह किया कि वे डॉक्टरों का सम्मान करें, ताकि डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास का संबंध मजबूत बना रहे।

राष्ट्रपति ने कहा कि नागरिकों का स्वास्थ्य देश की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें देशभर में नए AIIMS संस्थानों की स्थापना शामिल है।

उन्होंने खुशी व्यक्त की कि एम्स नागपुर ने कम समय में ही चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी एक विशेष पहचान बना ली है।

अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल हेल्थ सेवाओं के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं की दूरी को कम किया जा सकता है।

राष्ट्रपति ने युवा डॉक्टरों को सलाह दी कि वे निरंतर सीखते रहें, शोध और नवाचार को अपनाएं तथा हमेशा नैतिक मूल्यों और मरीजों के हित को सर्वोपरि रखें।

अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए डॉक्टर न केवल अपने करियर में सफलता प्राप्त करेंगे, बल्कि देश के नागरिकों को स्वस्थ रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से ही भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा।


बॉयलर ब्लास्ट केस में बड़ा एक्शन, कलेक्टर ने तय किए जांच के 8 पैमाने

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 सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। कलेक्टर अमृत टोपनो ने डभरा एसडीएम को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।


प्रशासन ने हादसे की तह तक पहुंचने के लिए 8 अहम बिंदु तय किए हैं, जिनके आधार पर पूरे मामले की परत-दर-परत जांच की जाएगी। जांच में प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी खामियां और निरीक्षण प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।


इन बिंदुओं पर होगी जांच

बॉयलर में तकनीकी खराबी कैसे उत्पन्न हुई
सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं
नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस हुआ या नहीं
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की भूमिका
हादसे के समय सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू थे या नहीं
आपातकालीन व्यवस्था और प्रतिक्रिया की स्थिति
जिम्मेदार अधिकारियों/प्रबंधन की भूमिका
पूर्व में किसी तरह की चेतावनी या लापरवाही के संकेत

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर अमृत टोपनो ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

हादसे में कई मजदूरों की मौत

गौरतलब है कि इस हादसे में कई मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में जांच रिपोर्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

PNB घोटाले का मास्टरमाइंड जल्द भारत आएगा? लंदन में CBI की बड़ी हलचल

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 नई दिल्ली। नीरव मोदी को जल्द भारत लाए जाने की संभावना तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम इस समय लंदन में मौजूद है और प्रत्यर्पण प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, मामले में अधिकांश कानूनी अड़चनें अब खत्म हो चुकी हैं।


CBI टीम ने ब्रिटेन के अधिकारियों और Crown Prosecution Service (CPS) के साथ बैठक कर प्रत्यर्पण से जुड़ी अंतिम कागजी कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर चर्चा की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

भारत लौटेगी CBI टीम, आगे बढ़ेगा ऑपरेशन

सूत्रों के मुताबिक, CBI टीम गुरुवार (16 अप्रैल) को भारत लौटेगी। टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्यर्पण की अंतिम कार्रवाई (ऑपरेशनल फेज) को अंजाम दिया जाएगा। यदि प्रत्यर्पण सफल होता है, तो इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जाएगा।

ECHR में भी होगी सुनवाई

लंदन से लौटने के बाद CBI की टीम European Court of Human Rights (ECHR), स्ट्रासबर्ग में भी अपनी दलीलें पेश करेगी। नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण रोकने के लिए इसी अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
हालांकि, भारतीय एजेंसियों को भरोसा है कि वहां भी उसकी याचिका खारिज हो सकती है। एजेंसियां यह तर्क रखेंगी कि भारत भेजे जाने से किसी भी प्रकार के मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं होगा।

ECHR ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक नीरव मोदी को अनामिता (anonymity) प्रदान की है और कार्यवाही को गोपनीय रखने का निर्णय लिया है।

दो हफ्तों में हो सकती है सुनवाई

सूत्रों के अनुसार, ECHR में इस याचिका पर करीब दो सप्ताह के भीतर सुनवाई हो सकती है, जिसमें CBI को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। बताया जा रहा है कि प्रत्यर्पण से बचने के लिए नीरव मोदी के पास अब बहुत कम कानूनी विकल्प बचे हैं।

ब्रिटेन की हाई कोर्ट से भी झटका

इससे पहले मार्च 2026 में UK High Court ने नीरव मोदी की पुनः सुनवाई की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने यह भी माना कि भारत में उनके साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना का वास्तविक खतरा नहीं है।

2019 से लंदन की जेल में बंद

नीरव मोदी साल 2019 से लंदन की जेल में बंद हैं। उन्हें Punjab National Bank (PNB) घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत याचिका अब तक 11 बार खारिज हो चुकी है, क्योंकि अदालत ने उन्हें ‘फ्लाइट रिस्क’ माना है।

सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख, घायलों को 50 हजार की सहायता- CM साय

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 रायपुर : सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 - 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 - 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

वेदांता प्लांट में बॉयलर हादसा: प्रशासन की मुस्तैदी से राहत-बचाव तेज, हालात नियंत्रण में

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 रायपुर : सक्ति जिले के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए राहत-बचाव कार्य प्रभावी ढंग से शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।


घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की कमान संभाली। प्रशासन ने एम्बुलेंस, चिकित्सा दल और आवश्यक संसाधनों को तत्काल सक्रिय कर घायलों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।

कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राहत और उपचाहर कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो।

समाज में न्याय और समानता की प्रेरणा देता रहेगा बाबा साहेब का जीवन : मुख्यमंत्री

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रायपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नेतृत्व और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान ने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उनके विचार आज भी समाज को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर मंगल भवन, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया है। इसी कारण आज समाज के सभी वर्गों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है।

उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है।

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें बाबा साहेब के आदर्श मार्गदर्शक हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण सिंह देव, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर मीनल चौबे, विधायक पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे 515 नई पैक्स समितियों का कल करेंगें वर्चुअल शुभारंभ

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सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था- मंत्री केदार कश्यप

रायपुर- छत्तीसगढ़ में सहकारिता को नई दिशा देने और किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग द्वारा 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का गठन किया गया है। इन समितियों का वर्चुअल शुभारंभ कल 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटलनगर से किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि सहकारिता मंत्री केदार कश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना के स्वागत उद्बोधन से होगा एवं अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए सहकारिता मंत्री केदार कश्यप प्रदेश में सहकारिता विस्तार की रूपरेखा एवं उसके लाभों पर प्रकाश डालेंगे।

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि नई पैक्स समितियों के गठन से किसानों को ऋण, खाद, बीज तथा अन्य कृषि सुविधाएं अब स्थानीय स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होंगी। इससे हमारे अन्नदाता किसानों को अब दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और समय व संसाधनों की बचत भी होगी। साथ ही किसानों को शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस पहल से शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा तथा उनका लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और गांवों के समग्र विकास को गति मिलेगी। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ में सहकारिता तंत्र को सुदृढ़ करते हुए आत्मनिर्भर ग्रामीण-अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने उद्बोधन में राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों और सहकारिता आधारित विकास मॉडल को रेखांकित करेंगे। छतीसगढ़ के सहकारी जनप्रतिनिधिगण, अपेक्स बैंक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पैक्स सोसाइटी के प्रतिनिधि, सहकारिता विभाग के सम्भागीय संयुक्त पंजीयक, जिला उप पंजीयक तथा सहायक पंजीयक, अपेक्स बैंक व जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अधिकारीगण वर्चुअल रूप से सीधे शुभारंभ कार्यक्रम से जुड़ेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना को साकार करने सहकार से समृद्धि की पहल अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 515 नवीन पैक्स का गठन किया गया है। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में सहकारिता की योजनाओं को अधिक सुगमता से लोगों में पहुँचाने के लिए बहुउद्देश्यीय पैक्स सोसायटी का पुनर्गठन किया गया है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) का पुनर्गठन कर नवीन 515 पैक्स बनाये गए हैं। यह 515 पैक्स में बहुउद्देश्यीय सेवाएं दी जाएगी। 2058 बहुउद्देशीय पैक्स एवं नवीन गठित 515 पैक्स को मिलाकर छत्तीसगढ़ में कुल 2573 पैक्स सोसायटी हो जाएंगे।

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