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AIIMS रायपुर में मानवता को सलाम, सुमना की किडनियों से दो मरीजों को मिला जीवनदान

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 रायपुर। कभी-कभी छोटी सी जिंदगी भी ऐसा संदेश दे जाती है, जो समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। राजधानी रायपुर की 12 वर्षीय सुमना कुंडू अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अपने निधन के बाद वह दो लोगों के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन गई। अंगदान के जरिए सुमना ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।


गंभीर बीमारी से जूझ रही सुमना पिछले नौ दिनों से रायपुर AIIMS में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस कठिन घड़ी में सुमना के परिजनों ने साहसिक और प्रेरणादायक फैसला लेते हुए अंगदान की अनुमति प्रदान की।

दो मरीजों को मिला नया जीवन

सुमना की दोनों किडनियों का सफल प्रत्यारोपण किया गया। इनमें से एक किडनी 15 वर्षीय किशोर को और दूसरी 45 वर्षीय व्यक्ति को प्रत्यारोपित की गई। सफल ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।

AIIMS रायपुर के चिकित्सकों ने बताया कि सुमना का अंगदान दो परिवारों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। अस्पताल प्रशासन ने इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

अंतिम विदाई में छलक पड़े भाव

अंगदान के इस महान कार्य के सम्मान में AIIMS रायपुर में सुमना कुंडू को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। भावुक माहौल में सभी ने सुमना और उसके परिवार के इस निर्णय को नमन किया।

अंगदान के प्रति बढ़ी जागरूकता

सुमना की कहानी अब लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक और प्रेरित कर रही है। चिकित्सकों का मानना है कि अंगदान के माध्यम से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दिया जा सकता है और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

साय कैबिनेट की अहम बैठक कल, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ अहम निर्णय लिए जाने की संभावना है।


सूत्रों के अनुसार, बैठक में राज्य के 5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़ी लंबे समय से लंबित कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रस्ताव पर फैसला लिया जा सकता है। योजना को मंजूरी मिलने पर कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में नकद भुगतान किए बिना उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

ट्रांसफर नीति पर भी हो सकता है फैसला

कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित तबादला (ट्रांसफर) नीति पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से नई ट्रांसफर नीति का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में इस संबंध में लिया गया निर्णय लाखों कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कई अन्य प्रस्तावों पर होगी चर्चा

बैठक में प्रशासनिक सुधार, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा के साथ कुछ नई घोषणाओं और नीतिगत फैसलों पर भी मुहर लग सकती है।

कर्मचारियों की नजरें बैठक पर टिकीं

राज्य के शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों की निगाहें इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं। विशेष रूप से कैशलेस चिकित्सा योजना और ट्रांसफर नीति को लेकर कर्मचारियों में उत्सुकता बनी हुई है।

अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि कैबिनेट बैठक में किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है और कर्मचारियों तथा आम जनता से जुड़े कौन-कौन से बड़े फैसले सामने आते हैं।

शराब पीने से मना करने पर बहू ने ससुर पर किया हमला, बुजुर्ग घायल

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 दुर्ग। स्मृतिनगर पुलिस चौकी क्षेत्र में पारिवारिक विवाद का एक मामला सामने आया है, जहां कथित रूप से शराब पीने से मना करने पर एक महिला ने अपने ससुर पर हमला कर दिया। घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात की बताई जा रही है। आरोप है कि महिला नशे की हालत में थी। इसी दौरान उसके ससुर ने उसे शराब पीने से मना किया, जिससे वह नाराज हो गई।

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर महिला ने पास में रखी ईंट उठाकर अपने ससुर पर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला ने बीच-बचाव करने पहुंचे कुछ लोगों के साथ भी कथित रूप से अभद्र व्यवहार और मारपीट की, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घायल बुजुर्ग को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

स्मृतिनगर पुलिस चौकी की टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की पहचान, इसे बनाकर रखें - उप मुख्यमंत्री अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पण


रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक चैतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।


उप मुख्यमंत्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।

साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।

छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

विधायक चैतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य यामिनी देवी साहू, लोक गायिका आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

मौसम अपडेट-छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून की दस्तक, उमस और गर्मी से अभी राहत नहीं

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रायपुर-छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन से पहले मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। हालांकि, राजधानी रायपुर समेत अधिकांश इलाकों में लोगों को अभी भी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, तेज हवाएं चलने और बादल छाए रहने से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बावजूद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस बनी रहने की आशंका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बन रहे मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आई है। आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं, जिससे किसानों और आम लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने और खुले स्थानों में अनावश्यक रूप से न रुकने की सलाह दी है।

मुख्य बिंदु:

  • छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां जारी

  • रायपुर समेत कई इलाकों में उमस और गर्मी बरकरार

  • कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार

  • तेज हवाओं और बादलों से तापमान में आ सकती है गिरावट

  • मौसम विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह


रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर-10 से 12 जून तक छत्तीसगढ़ की कई मेमू-डेमू ट्रेनें रहेंगी रद्द

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रायपुर- रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। रेलवे द्वारा किए जा रहे तकनीकी और रखरखाव कार्यों के चलते 10 जून से 12 जून 2026 के बीच छत्तीसगढ़ की कई मेमू (MEMU) और डेमू (DEMU) ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रद्द किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेल पटरियों और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। इसके कारण कुछ ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है ताकि कार्य सुरक्षित और समय पर पूरा किया जा सके।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। इससे उन्हें किसी भी असुविधा से बचने में मदद मिलेगी। यात्रियों को रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन के माध्यम से अपडेट प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

यात्रा की योजना बना रहे लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था रखने और समय से पहले जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें:

  • 10 से 12 जून के बीच कई मेमू और डेमू ट्रेनें रद्द

  • रेलवे के तकनीकी और रखरखाव कार्य के कारण लिया गया फैसला

  • यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की सलाह

  • रेलवे ने वैकल्पिक यात्रा योजना बनाने की अपील की


श्रम सम्मान राशि भुगतान बंद, 35 हजार अनियमित कर्मचारियों में नाराज़गी

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में लगभग 35 हजार अनियमित कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि 'श्रम सम्मान राशि' योजना के तहत मिलने वाले भुगतान को रोक दिया गया है, जिससे हजारों कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि यह राशि कई कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा थी। भुगतान बंद होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संगठनों ने राज्य सरकार से जल्द से जल्द भुगतान बहाल करने और लंबित राशि जारी करने की मांग की है।

इस मुद्दे को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

वहीं, कर्मचारी नेताओं ने सरकार से संवाद कर समस्या का समाधान निकालने की अपील की है ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और स्थिति सामान्य हो सके।

मुख्य बिंदु:

  • 35 हजार अनियमित कर्मचारियों पर असर

  • 'श्रम सम्मान राशि' का भुगतान रुका

  • कर्मचारी संगठनों ने भुगतान बहाल करने की मांग की

  • आंदोलन की चेतावनी

  • सरकार से जल्द समाधान की अपील


कोरबा में खनन माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, 14 वाहन और मशीनें जब्त

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कोरबा-छत्तीसगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरबा जिले में खनन माफिया पर शिकंजा कस दिया है। विशेष खनिज उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) की दो टीमों ने जिले के 15 संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अवैध खनन और परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 14 वाहन और मशीनें जब्त की गईं।

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान अवैध रूप से खनिजों के उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए चलाया गया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहनों को कब्जे में लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हानि रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। 

मुख्य बिंदु:

  • 15 संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी

  • 14 वाहन और मशीनें जब्त

  • खनन माफिया के खिलाफ सख्त अभियान

  • कानूनी कार्रवाई शुरू

  • प्रशासन ने आगे भी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए 


इज़रायल का ईरान पर बड़ा पलटवार, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

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तेहरान/यरुशलम- मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इज़रायल ने सोमवार को ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इज़रायली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा हाल ही में दागी गई मिसाइलों के जवाब में की गई है।

रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान, इस्फहान, तबरीज़ और कराज समेत कई शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। इज़रायल का दावा है कि हमलों का निशाना सैन्य ढांचे और मिसाइल लॉन्चिंग सुविधाएं थीं। 

वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इज़रायल ने आगे भी हमले जारी रखे तो उसका जवाब और अधिक कड़ा होगा। ईरानी अधिकारियों ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाने की धमकी दी है, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेहरान के आसपास का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कई पड़ोसी देशों ने भी सुरक्षा कारणों से अपने एयरस्पेस पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य टकराव पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर असर डाल सकता है।


राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर, महासचिव ओमप्रकाश धीवर, नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह -ऐतिहासिक दस्तावेजों से होंगे नागरिक रूबरू

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महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की आर्ट गैलरी में लगेगी दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी, 9 जून को होगा विशेष व्याख्यान

रायपुर- संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अवसर पर 8 से 12 जून 2026 तक राजधानी रायपुर में विशेष प्रदर्शनी एवं व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय स्थित आर्ट गैलरी में होगा, जहां आम नागरिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और इतिहास प्रेमियों को ऐतिहासिक अभिलेखों और दस्तावेजों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी में नीति, नियम और शासन संबंधी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों के छायाचित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। इन अभिलेखों के माध्यम से प्रदेश और देश के प्रशासनिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक इतिहास की महत्वपूर्ण झलक देखने को मिलेगी। प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अपराह्न 5 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी।

इतिहास और स्मृति के संरक्षण पर होगा विशेष व्याख्यान

अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अंतर्गत 9 जून 2026 को विशेष व्याख्यान कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। न्याय के लिए अभिलेखागार, अधिकार, स्मृति और भविष्य विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में अभिलेखों के महत्व, उनके संरक्षण और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के विशेषज्ञ दीपक तथा भुवनेश्वर, (ओडिशा) के सत्यनारायण मिश्र विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार साझा करेंगे। दोनों विशेषज्ञ अभिलेखागारों की उपयोगिता, ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण की चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे।

शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी अवसर

आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शनी और व्याख्यान कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों तथा अभिलेख संरक्षण में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अभिलेखागारों की भूमिका, ऐतिहासिक दस्तावेजों के महत्व तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।

आयोजन का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना

पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अभिलेखागारों के महत्व को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना है। नागरिक 8 से 12 जून तक आर्ट गैलरी, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर पहुंचकर इस विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं।

उदयपुर और लखनपुर में 8 से 14 जून तक चलेगा पारंपरिक शिल्प एवं कला प्रशिक्षण शिविर

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संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर सरगुजा संभाग में ‘आकार-2026’ का आयोजन

युवाओं को मिलेगा लोक कलाओं का प्रशिक्षण

रायपुर-  संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 8 जून से 14 जून 2026 तक सरगुजा संभाग के उदयपुर और लखनपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रदेश की लोक कला परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें पारंपरिक शिल्प और कला के प्रति रुचि विकसित करना है।

14 पारंपरिक कला विधाओं का दिया जाएगा प्रशिक्षण 

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प सहित कुल 14 पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विधाओं में प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों और पारंगत कला गुरुओं द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को कला के व्यावहारिक एवं तकनीकी पक्षों की जानकारी मिल सके।

प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया हो चुकी है 6 जून से प्रारंभ 

शिविर के अंतर्गत उदयपुर में प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित होगा, जबकि लखनपुर में पीएमश्री स्कूल परिसर में शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित शुल्क जमा कर इसमें भाग ले सकते हैं।

विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना

“आकार-2026” का उद्देश्य केवल पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रदेश की विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवा कलाकारों को अनुभवी गुरुओं के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और भविष्य में स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण शिविर के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम 

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में लोक कला और शिल्प परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। “आकार-2026” न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बनेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी साबित होगा।

वेबसाइट www.cgculture.in से आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड किया जा सकता है। ई-मेल sanskriti.rajbhasha@gmail.com एवं वेबसाइट www.cgculture.in से प्रशिक्षण  से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अन्य जानकारी हेतु अनूप किंडो प्रभारी अधिकारी आकार से मोबाइल नंबर 77730-49560 और संचालनालय संस्कृति विभाग रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2995629 और 0771-2537404 पर कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकते हैं।

भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ पर्यटन का रोड शो- पर्यटन, संस्कृति और निवेश की संभावनाओं का भव्य प्रदर्शन

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 रायपुर 7 जून 2026/ छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने सहयोगी संस्था फिक्की (FICCI) के साथ मिलकर भुवनेश्वर के मेफेयर कन्वेंशन सेंटर में भव्य छत्तीसगढ़ पर्यटन रोड शो का सफल आयोजन किया गया। इस रोड शो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों, आध्यात्मिक स्थलों, प्राकृतिक जलप्रपातों, घने वनों, वन्यजीव अभ्यारण्यों, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही पर्यटन निवेश, नए पर्यटन उत्पादों और संभावित व्यावसायिक अवसरों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।


इस कार्यक्रम में पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों, टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंट्स, मीडिया प्रतिनिधियों और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना तथा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को और मजबूत बनाना था।


छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओडिशा के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और होटल व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने और अपने पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए निजी क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। श्री शर्मा ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच संयुक्त पर्यटन गतिविधियों और आयोजनों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को नई गति मिलेगी और दोनों राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे।

छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन विभाग के सचिव श्री एस. भारती दासन ने कहा कि राज्य सरकार सतत और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय जीवन, आध्यात्मिक स्थलों और रोमांचक पर्यटन गतिविधियों का अनूठा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न माध्यमों से पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर रही है तथा नई दिल्ली, कोलकाता, वडोदरा और भोपाल सहित प्रमुख शहरों में पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। जल्द ही ओडिशा में भी छत्तीसगढ़ पर्यटन का कार्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों और पर्यटन उद्योग को और अधिक सुविधा मिल सकेगी।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य ने कहा कि पर्यटन बोर्ड राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर करने और छत्तीसगढ़ को देश के उभरते पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने ओडिशा के ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स को छत्तीसगढ़ के विभिन्न थीम आधारित पर्यटन सर्किटों और विशेष पर्यटन अनुभवों के प्रचार-प्रसार में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और बी-टू-बी सत्र ने बढ़ाया आकर्षण

कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाली रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद रोड शो सत्र में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, निवेश संभावनाओं और नए पर्यटन उत्पादों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इससे पहले आयोजित बी-टू-बी नेटवर्किंग सत्र में ओडिशा के टूर ऑपरेटर्स और छत्तीसगढ़ के पर्यटन हितधारकों के बीच सार्थक संवाद हुआ। इस दौरान भविष्य में संयुक्त पर्यटन पैकेज, व्यवसायिक साझेदारी और पर्यटन प्रचार-प्रसार के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई।

पर्यटन उद्योग ने दिखाई रुचि

कार्यक्रम में उपस्थित ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और एडवेंचर पर्यटन के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने में रुचि व्यक्त की। आयोजन का समापन नेटवर्किंग डिनर के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

भीषण गर्मी में बेजुबानों की प्यास बुझाने जनसहयोग से रख रहे जलपात्र, लोग नियमित डाल रहे पानी

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मूक पशुओं के लिए वरदान बना जलदान अभियान, 4 साल से बांटे जा रहे जलपात्र


आरंग से शुरू हुई मुहिम महासमुंद, रायपुर, दुर्ग सहित दर्जनों शहरों और गांवों में फैली

आरंग/महासमुंद। कड़ाके की धूप और भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां इंसान पानी के लिए बेहाल हैं, वहीं मूक पशु-पक्षियों के लिए पानी की तलाश और भी बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे समय में स्वयंसेवी संस्था पीपला वेलफेयर फाउंडेशन का जलदान अभियान बेजुबानों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है।


विगत चार वर्षों से लगातार चलाए जा रहे इस सेवाभावी अभियान की आज छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में जमकर सराहना हो रही है। इस अभियान के तहत संस्था द्वारा जनसहयोग से जगह-जगह मूक पशुओं के लिए बड़े जलपात्र (कुंड) रखे जा रहे हैं। संस्था न केवल ये पात्र रख रही है, बल्कि स्थानीय नागरिकों से इनमें नियमित रूप से साफ पानी डालने का विनम्र आग्रह भी करती है, ताकि कोई भी बेजुबान प्यासा न रहे। फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य महेंद्र पटेल ने बताया कि इस मानवीय पहल की शुरुआत कुछ वर्ष पहले आरंग क्षेत्र से एक छोटे स्तर पर की गई थी। संस्था के सदस्यों ने जब मूक पशुओं को पानी के लिए तड़पते देखा, तो उन्होंने आपसी सहयोग से मिट्टी और सीमेंट के जलपात्र रखवाने शुरू किए। देखते ही देखते यह मुहिम एक बड़े जन-आंदोलन में तब्दील हो गई।


आज पीपला वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आरंग के साथ-साथ रायपुर, नया रायपुर, भिलाई, दुर्ग, मंदिर हसौद, धरसींवा, तिल्दा, राजिम, अभनपुर, महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली और तुमगांव सहित आसपास के सैकड़ों गांवों में हजारों जलपात्र रखवाए जा चुके हैं। पीपला फाउंडेशन के इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह है कि अब इसके लिए संस्था को लोगों से मिन्नतें नहीं करनी पड़तीं। संस्था की ईमानदारी और बेजुबानों के प्रति समर्पण को देखकर आम जनता अब स्वप्रेरित होकर इस कार्य में हाथ बंटा रही है।

बड़ी संख्या में लोग खुद आगे आकर पशुओं के लिए जलपात्र खरीदने हेतु सहयोग राशि दान कर रहे हैं। कई लोग अपने घरों, दुकानों और चौक-चौराहों के सामने इन पात्रों को रखवाकर उनकी सुरक्षा और रोज पानी भरने की जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं। इस अभियान ने समाज में जीव दया और आपसी सहयोग की एक अनूठी मिसाल पेश की है।

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