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नौगई अग्निकांड की CBI जांच की मांग तेज, राजपूत संगठनों ने गृहमंत्री विजय शर्मा को सौंपा ज्ञापन

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 बिलासपुर। नौगई अग्निकांड मामले में अब सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है। विभिन्न राजपूत संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने Vijay Sharma से मुलाकात कर भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की जिंदा जलाकर हत्या के मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कन्नौजिया क्षत्रिय समाज और Shri Rajput Karni Sena के पदाधिकारी शामिल थे।


प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा कि मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई जांच आवश्यक है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस मामले के कुछ आरोपियों के स्थानीय विधायक से करीबी संबंध हैं, जिससे निष्पक्ष जांच को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं।

संगठनों ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित सहायता राशि उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान कन्नौजिया क्षत्रिय समाज के प्रदेशाध्यक्ष आनंद बल्लभ सिंह, राजपूत करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष आलोक सिंह परिहार, शिवप्रताप सिंह, राणाप्रताप सिंह, हरिकपूर सिंह, आशीष सिंह, उमाकांत सिंह, प्रफुल्ल सिंह और श्रीनिवास सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

16 जून की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात

गौरतलब है कि 16 जून की देर रात बिलासपुर जिले के नौगई गांव में रेत खनन को लेकर चल रहे पुराने विवाद के बीच भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह को कथित तौर पर घेरकर उनकी Toyota Fortuner कार में आग लगा दी गई। उस वक्त कार में भरत सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह, मयंक सिंह, योगेंद्र सिंह और रायपुर निवासी विरेंद्र सिंह सवार थे।

आग की चपेट में आने से भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाहर निकलने की कोशिश कर रहे अन्य लोगों पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल नागेंद्र सिंह और विरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

पुलिस ने मामले में हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

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संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित

मुख्यमंत्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा,  डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता, तीन दशक पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम

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नई दिल्ली- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने यमुना जल परियोजना के निर्माण एवं क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रमुख बातें

  • लगभग 30 वर्षों से लंबित पेयजल विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी सफलता।

  • जुलाई से अक्टूबर तक यमुना नहर से राजस्थान को 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

  • पानी की आपूर्ति 3.6 मीटर से अधिक व्यास वाली तीन भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से की जाएगी।

  • परियोजना से राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों को पेयजल उपलब्ध होगा।

किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ?

राजस्थान

  • सीकर

  • चूरू

  • झुंझुनूं

हरियाणा

  • भिवानी

  • फतेहाबाद

समझौते की विशेषताएं

  • जल बंटवारा, लागत साझा करने और रखरखाव की स्पष्ट व्यवस्था।

  • आधुनिक निगरानी प्रणाली और पारदर्शी संचालन तंत्र।

  • विवाद समाधान के लिए मजबूत और वैज्ञानिक व्यवस्था।

  • केंद्र सरकार, दोनों राज्य सरकारों और केंद्रीय जल आयोग (CWC) के समन्वय से तैयार व्यापक ढांचा।

अमित शाह ने क्या कहा?

अमित शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "संवाद से समाधान" और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के सिद्धांत का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वर्षों से व्यर्थ बह रहा पानी अब लोगों की प्यास बुझाएगा, भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करेगा और दोनों राज्यों के विकास को नई गति देगा।

परियोजना का उद्देश्य

यह परियोजना 1994 के अपर यमुना बेसिन जल बंटवारा समझौते के तहत राजस्थान को आवंटित यमुना जल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगी। साथ ही, शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में लाखों लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराकर सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।

इन्फ्लुएंसर मीट से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान, डिजिटल मंचों पर गूंजेंगी प्रदेश की खूबसूरती

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पाँच दिवसीय फेम टूर में मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का अनुभव ले रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय वैभव

रायपुर- डिजिटल माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पाँच दिवसीय "इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (फेम) टूर" का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार देश और दुनिया तक पहुंच सके।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सतरेंगा तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के रामगढ़ महोत्सव का भ्रमण कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान इन्फ्लुएंसर्स प्राकृतिक छटा, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही वे विभिन्न डिजिटल मंचों के लिए आकर्षक फोटो, वीडियो और रचनात्मक सामग्री तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की विशेषताएं लाखों दर्शकों तक पहुंचेंगी।

मैनपाट अपनी मनोहारी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विशेष स्थान रखता है। वहीं सतरेंगा इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ गंतव्य है, जहां विशाल जलाशय, प्राकृतिक वातावरण और रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके साथ ही रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और ऐतिहासिक विरासत से भी रूबरू हो रहे हैं।

यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के सक्षम संचालन तथा उपमहाप्रबंधक  पूनम शर्मा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की टीम द्वारा सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। आयोजन का अंतिम दिन 30 जून को निर्धारित है।

डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे में इस इन्फ्लुएंसर मीट के माध्यम से तैयार की जा रही डिजिटल सामग्री छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता और दृश्यता बढ़ेगी, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

इस प्रकार के नवाचार आधारित प्रचार अभियान राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आगामी समय में भी पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे अभिनव प्रयास निरंतर किए जाते रहेंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने लॉन्च कीं कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलें, देश की हेल्थ सेवाओं को मिलेगा बड़ा डिजिटल बूस्ट

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नई दिल्ली- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज भारत के डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत बनाने के लिए कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

लॉन्च की गई प्रमुख डिजिटल पहलें

  • आरोग्य सेतु 2.0 (Aarogya Setu 2.0)

  • आयुष्मान ऐप (Ayushman App)

  • आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट

  • नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX)

  • यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI)

  • ई-सुश्रुत क्लिनिक

  • ड्रग रजिस्ट्री

  • भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (BHTS)

  • कॉमन LOINC कोड्स फॉर इंडिया (CLCI)

क्या होगा फायदा?

  • देशभर में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच।

  • मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का सुरक्षित और निर्बाध आदान-प्रदान।

  • अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, दक्षता और निरंतरता बढ़ेगी।

  • डॉक्टरों, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलेगा।

एबीडीएम (ABDM) की बड़ी उपलब्धि

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत अब तक:

  • 90 करोड़ से अधिक ABHA (आभा) खाते बनाए जा चुके हैं।

  • 100 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए जा चुके हैं।

  • भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है।

एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

सरकार ने SAHI और BODHI जैसे एआई आधारित प्लेटफॉर्म का भी उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक स्मार्ट, तेज और प्रभावी बनाना है।

राज्यों से अपील

जगत प्रकाश नड्डा ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इन पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह करते हुए कहा कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार बेहद आवश्यक है।

महिलाओं और स्वास्थ्यकर्मियों को होगा लाभ

केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से महिलाओं को देश के किसी भी हिस्से में आसानी से उपचार मिलेगा। साथ ही, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

BRO की परियोजना ब्रह्मांक ने मनाया 16वां स्थापना दिवस, अरुणाचल प्रदेश में रणनीतिक कनेक्टिविटी को मिली नई मजबूती

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नई दिल्ली/अरुणाचल प्रदेश- सीमा सड़क संगठन (BRO) की परियोजना ब्रह्मांक (Project BRAHMANK) ने 29 जून 2026 को 16वां स्थापना दिवस मनाया। यह परियोजना पिछले 15 वर्षों से अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक सड़क एवं पुल निर्माण के माध्यम से देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रमुख उपलब्धियां

  • परियोजना 811 किलोमीटर सड़कों और 86 पुलों के निर्माण एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभा रही है।

  • कार्यक्षेत्र में सियांग, ईस्ट सियांग, वेस्ट सियांग, अपर सियांग, शि-योमी (Shi-Yomi) तथा असम के धीमाजी जिले के कुछ हिस्से शामिल हैं।

  • प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों में सियोम नाला पर 100 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज तथा सिमांग नाला पर 165 मीटर लंबा पीएससी (PSC) पुल शामिल हैं।

वर्ष 2025-26 की उपलब्धियां

  • सियांग और सियोम घाटियों में कुल 390 मीटर लंबाई के 13 नए पुलों का निर्माण एवं उद्घाटन।

  • 61 किलोमीटर सड़कों का राष्ट्रीय राजमार्ग मानकों (NHDL) के अनुरूप ब्लैकटॉप निर्माण।

  • दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर संपर्क और रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए हेलीपैड भी विकसित किए गए।

स्थापना दिवस पर आयोजन

16वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यालय और विभिन्न टास्क फोर्स स्थानों पर सैनिक सम्मेलन (Sainik Sammelan), जवानों से संवाद, बड़ा खाना (Bada Khana) तथा अन्य सामाजिक एवं कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

परियोजना का महत्व

29 जून 2011 को स्थापित यह परियोजना कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, भारी वर्षा और सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय सशस्त्र बलों को रणनीतिक संपर्क उपलब्ध कराने के साथ-साथ दूरदराज के गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जारी किया DRDO का नया वित्तीय अधिकार ढांचा (DFP-2026), रक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई गति

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नई दिल्ली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 जून 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के लिए डेलीगेशन ऑफ फाइनेंशियल पावर्स-2026 (DFP-2026) जारी किया। यह नया वित्तीय ढांचा रक्षा अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।

प्रमुख बातें

  • DFP-2026 से रक्षा अनुसंधान परियोजनाओं को समय पर मंजूरी और वित्तीय स्वीकृति मिलेगी।

  • रक्षा तकनीकों, हथियार प्रणालियों और प्लेटफॉर्म्स का तेजी से उत्पादन और सेना में शामिल किया जा सकेगा।

  • उद्योग, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।

  • यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करेगी और स्वदेशी रक्षा तकनीकों के विकास में तेजी लाएगी।

नए ढांचे की विशेषताएं

  • परीक्षण, ट्रायल और मूल्यांकन गतिविधियों के लिए अलग वित्तीय प्रावधान।

  • परियोजना शुरू होने से पहले अनुसंधान एवं विकास (Pre-Project R&D) को मंजूरी देने का अधिकार।

  • Extra-Mural Research Projects, Defence Innovation Accelerator – Centres of Excellence तथा Technology Development Fund परियोजनाओं के लिए अलग-अलग वित्तीय अधिकार निर्धारित किए गए हैं।

  • DRDO के विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को अधिक वित्तीय अधिकार देकर निर्णय प्रक्रिया को तेज बनाया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने क्या कहा?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नया वित्तीय ढांचा रक्षा अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाएगा, उद्योग और अकादमिक संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाएगा तथा देश की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यह सुधार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई गति देगा।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव एवं DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, पूर्व सैनिक कल्याण सचिव सुकृति लिखी सहित रक्षा मंत्रालय और DRDO के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे, महासमुंद में ध्वजारोहण के साथ सहकारिता सप्ताह का शुभारंभ

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 महासमुंद : भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सहकारिता सप्ताह के प्रथम दिवस में आज जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. रायपुर जिला कार्यालय महासमुंद अंतर्गत 159 सहकारी समितियों समितियों के अध्यक्ष, समिति प्रभारियों अन्य कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में ध्वजा रोहण कर सहकारी सप्ताह का शुभारंभ किया गया।


साथ ही जिले में 16 जिला सहकारी केंद्रीय बैंक परिसर मे बैंक के कर्मचारियों और ग्राहकों की उपस्थिति मे ध्वजा रोहण किया गया।

जमीन विवाद में कांग्रेस नेता का हाईवोल्टेज ड्रामा, किसानों पर तानी पिस्टल

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 उज्जैन। जिले के महिदपुर क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर कांग्रेस नेता पर किसानों को पिस्टल दिखाकर धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।


जानकारी के अनुसार, Pratap Singh Gur पर आरोप है कि उन्होंने जमीन विवाद के दौरान किसानों को पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता गोविंद सेन, निवासी डेलचीबुजुर्ग गांव, ने पुलिस को बताया कि 18 जून की शाम करीब 6:30 बजे वह अपने खेत पर रखे भूसे को भरने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रताप सिंह गुर अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचे और जेसीबी मशीन से खेत के पास खाई खुदवाने लगे।

शिकायत के मुताबिक, जब गोविंद सेन और उनके भाई ने इसका विरोध किया तो विवाद शुरू हो गया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान प्रताप सिंह गुर ने कमर से पिस्टल निकालकर परिवार की ओर तान दी और कहा कि “जेसीबी यहीं चलेगी, यहां से चले जाओ, नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा।”

घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। वायरल वीडियो में प्रताप सिंह गुर हाथ में पिस्टल लिए दिखाई दे रहे हैं और वीडियो बना रहे व्यक्ति का मोबाइल हटाते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, प्रताप सिंह गुर ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि जमीन की नपती को लेकर वह पहले भी इंतजार कर चुके थे, लेकिन उनकी जमीन पर अवैध रूप से एंगल गाड़ दिए गए थे। उन्हें हटाने के लिए ही जेसीबी मंगाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान दूसरे पक्ष ने उनके साथ अभद्रता की और राजनीतिक साजिश के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

CG NEWS : हाथियों का आतंक, कई मकानों में तोड़फोड़; ग्रामीणों में दहशत का माहौल

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 रायगढ़। रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला Kapu Forest Range का है, जहां देर रात जंगल से निकले दो हाथियों ने गांव में घुसकर कई कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।


वन विभाग के मुताबिक इन दिनों कापू वन परिक्षेत्र में करीब 19 हाथियों का दल अलग-अलग जंगलों में विचरण कर रहा है। इनमें से दो हाथी पिछले एक सप्ताह से अलोला गांव के आसपास डेरा जमाए हुए हैं। रात होते ही ये हाथी भोजन की तलाश में रिहायशी इलाके की ओर पहुंच जाते हैं।

कई ग्रामीणों के मकान तोड़े

शनिवार देर रात दोनों हाथी अलोला गांव की बस्ती में घुस गए और रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया। हाथियों को देखकर ग्रामीण किसी तरह घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे और शोर मचाकर उन्हें भगाने की कोशिश की।

इसके बाद दोनों हाथी टेड़ासेमर गांव पहुंच गए, जहां उन्होंने दसरिन कोरवा का कच्चा मकान और कार्तिक कोरवा की झोपड़ी भी तोड़ दी। ग्रामीणों द्वारा काफी देर तक हल्ला मचाने के बाद हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए।

बाइक सवार को दौड़ाकर किया घायल

इसी बीच शुक्रवार शाम अलोला बीट क्षेत्र में एक और घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि 35 वर्षीय राजेंद्र सर्पराज अपने साथी सुखराम डोगीदरहा के साथ बाइक से कापू से किलकिला की ओर जा रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे खड़े हाथियों से उनका सामना हो गया।

अचानक एक हाथी आक्रामक हो गया और दोनों बाइक सवारों को दौड़ाने लगा। सुखराम किसी तरह मौके से भागकर बच निकला, लेकिन हाथी ने राजेंद्र सर्पराज पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।

लगातार हो रही इन घटनाओं से इलाके के ग्रामीणों में भय का माहौल है। वहीं वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

मुंगेली : सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 29 जून से 06 जुलाई तक मनाया जाएगा "सहकारी सप्ताह"

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सहकार से समृद्धि के संकल्प को सशक्त बनाने के लिए जिलेभर में होंगे विविध कार्यक्रम

मुंगेली- सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार के निर्देशानुसार 29 जून 2026 से 06 जुलाई 2026 तक पूरे देश में "सहकारी सप्ताह" का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय, राज्य, जिला, विकासखंड तथा प्राथमिक सहकारी समितियों के स्तर पर सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने, सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा आमजन की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसी क्रम में कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशन में जिले में सहकारी सप्ताह के माध्यम से "सहकार से समृद्धि" की भावना को साकार करने के लिए सहकारी क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों एवं योगदान को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवधि में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, किसान संगोष्ठी, स्वास्थ्य शिविर, सहकारिता सम्मेलन, जागरूकता कार्यक्रम, हितधारक संवाद तथा विभिन्न जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

29 जून  को सप्ताह के प्रथम दिवस जिले की समस्त पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में सहकारी ध्वज रोहण, सहकारिता संबंधी उद्बोधन, सहकारी शपथ एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया जाएगा। 

30 जून को सदस्यों की आय वृद्धि में दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों की भूमिका विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा। जिला मुख्यालय में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक आयोजित होगी, जिसमें जिला प्रशासन, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भाग लेंगे।

01 जुलाई  को जिला एवं विकासखंड स्तर पर कृषक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग सहित आधुनिक कृषि तकनीकों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम में  इफ्को  एवं  क्रीभको  का सहयोग रहेगा।

02 जुलाई को सभी पैक्स में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), रूपे केसीसी कार्ड, एटीएम सुविधा एवं बैंकिंग सेवाओं के प्रति जागरूक करते हुए संबंधित कार्यवाही भी की जाएगी।

03 जुलाई को जिलेभर में वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जाएगा तथा जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। इसके साथ ही "सहकार समाचार पत्र" के प्रचार-प्रसार के माध्यम से सहकारिता की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी आमजन तक पहुँचाई जाएगी।

04 जुलाई को जिला कार्यालय में सहकारिता संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें सहकारी संस्थाओं की भूमिका, भविष्य की योजनाओं तथा सहकारिता के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। 

05 जुलाई को युवा वर्ग एवं आमजन में सहकारिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से "सहकार संकल्प दौड़" आयोजित की जाएगी। इसमें पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधि तथा नागरिक भाग लेंगे।

06 जुलाई को प्राथमिक सहकारी समितियों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को "सहकारी प्रेरणा पुरस्कार" प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

सहकारिता विभाग ने जिले के सभी सहकारी संस्थानों, किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे "सहकारी सप्ताह" के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाकर "सहकार से समृद्धि, सशक्त समाज, सशक्त भारत" के संकल्प को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

4 साल की बच्ची से दरिंदगी करने वाले को फांसी, जज बोले- "इस घिनौने अपराध के लिए फांसी भी छोटी सजा

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 पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी और उसकी बेरहमी से हत्या करने के दोषी 65 वर्षीय भीमराव कांबले (विनोद कांबले) को फांसी की सजा सुनाई है।


सोमवार (29 जून) को जज एस.आर. सालुंके ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए उम्रकैद काफी नहीं है। दोषी को फांसी पर तब तक लटकाया जाए जब तक उसकी जान न निकल जाए।

यह मामला न्याय प्रणाली के इतिहास में अब तक की सबसे तेज कार्यवाहियों में से एक बन गया है, जहां घटना के महज दो महीने के भीतर आरोपी को पकड़कर सजा-ए-मौत तक पहुंचा दिया गया।

मुंगेली : एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 6वीं प्रवेश काउंसलिंग 30 जून से

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मुंगेली- एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आयोजित प्राक्चयन परीक्षा की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन एवं काउंसलिंग की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विकासखंड स्तर की काउंसलिंग 30 जून एवं 01 जुलाई 2026 को आयोजित होगी। जिला स्तर की काउंसलिंग 02 जुलाई 2026 को जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में संपन्न होगी।

राज्य स्तर की काउंसलिंग 3 जुलाई 2026 को जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय तथा बिलासपुर जिले के प्रयास आवासीय विद्यालय में आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार विशेष पिछड़ी जनजाति समूह तथा प्रवेश दिशा-निर्देशों में उल्लेखित विशेष आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग 04 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। वहीं, जो अभ्यर्थी किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर काउंसलिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें अंतिम अवसर के रूप में 06 जुलाई 2026 को जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में आयोजित काउंसलिंग में शामिल होने का अवसर मिलेगा।


Reserve Bank of India का बड़ा प्लान: ₹10 हजार से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांसफर तुरंत नहीं होगा

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 नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए Reserve Bank of India (RBI) एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। आरबीआई ने प्रस्ताव रखा है कि यदि कोई ग्राहक ₹10,000 से अधिक का ऑनलाइन ट्रांसफर करता है, तो उस भुगतान को पूरा होने में एक घंटे का ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ लग सकता है। बैंकिंग सेक्टर ने इस सुरक्षा उपाय का समर्थन किया है, लेकिन आम लोगों की सुविधा और तकनीकी चुनौतियों को लेकर चिंता भी जताई है।


₹10 हजार से ज्यादा ट्रांसफर पर 1 घंटे की देरी

आरबीआई ने अप्रैल में जारी अपने डिस्कशन पेपर में सुझाव दिया था कि जब कोई व्यक्ति, प्रोपराइटर या पार्टनरशिप फर्म ₹10,000 से अधिक का डिजिटल भुगतान शुरू करे, तो उस ट्रांजैक्शन को पूरा होने से पहले एक घंटे तक रोका जाए। यह नियम केवल पैसे भेजने वाले (पेयर) पर लागू होगा। इसका उद्देश्य ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड को रोकना है, जिसमें ठग लोगों को बहला-फुसलाकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। इसे तकनीकी भाषा में ऑथराइज्ड पुश पेमेंट (APP) फ्रॉड कहा जाता है।

बैंकों का मानना है कि यह एक घंटे की देरी ग्राहकों को सोचने और ट्रांजैक्शन की पुष्टि करने का समय देगी। हालांकि, बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि इसे हर तरह के भुगतान पर लागू करना व्यावहारिक नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ग्राहक ₹10,000 से ज्यादा कीमत का मोबाइल खरीद रहा है, तो वह भुगतान क्लियर होने के लिए एक घंटा इंतजार नहीं करना चाहेगा।

बुजुर्गों के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ की मंजूरी जरूरी

आरबीआई ने 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों की सुरक्षा के लिए एक और प्रस्ताव रखा है। इसके तहत ₹50,000 से अधिक के डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ यानी भरोसेमंद व्यक्ति की मंजूरी जरूरी होगी।

इस व्यवस्था में बुजुर्ग द्वारा पहले से नामित व्यक्ति को भुगतान पूरा होने से पहले अतिरिक्त मंजूरी देनी होगी। यदि ट्रस्टेड पर्सन बदला जाता है, तो 24 घंटे का अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू किया जाएगा।

बैंकों ने इस कदम की सराहना की है, लेकिन कहा है कि आपातकालीन स्थिति में यह नियम परेशानी खड़ी कर सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई बुजुर्ग अस्पताल में तत्काल भुगतान कर रहा हो और नामांकित व्यक्ति उपलब्ध न हो, तो जरूरी भुगतान भी रुक सकता है।

बैंकों पर बढ़ेगा भारी खर्च

इस नए सुरक्षा सिस्टम को लागू करने के लिए बैंकों को अपने डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने होंगे। इसके तहत नई ट्रांजैक्शन क्यू बनानी होगी, कूलिंग-ऑफ पीरियड के दौरान ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का विकल्प देना होगा और सेटलमेंट सिस्टम को दोबारा कोड करना पड़ेगा।

बैंकिंग अधिकारियों के मुताबिक, इन व्यवस्थाओं को लागू करने में भारी लागत आएगी। यह चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि बैंक पहले से National Payments Corporation of India के Unified Payments Interface (UPI) पर जीरो-मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के कारण वित्तीय दबाव में हैं। व्यापारियों से यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता, जबकि पूरे डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बनाए रखने के लिए सालाना करीब ₹10,000 करोड़ का निवेश करना पड़ता है।

भारत की जरूरतों के हिसाब से बनेंगे नियम

भारत दुनिया का सबसे बड़ा और तेज़ी से बढ़ता डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम बन चुका है। आरबीआई ने United Kingdom, Singapore, Sweden, United States और Ireland जैसे देशों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया है।

हालांकि, भारतीय बैंकों का कहना है कि अंतिम गाइडलाइंस बनाते समय देश की जमीनी परिस्थितियों और आम ग्राहकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। फिलहाल आरबीआई ने इस प्रस्ताव पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे हैं और उम्मीद की जा रही है कि अंतिम नियमों में सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बनाया जाएगा।

मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को मिलेगी नई दिशा: आज लॉन्च होगा 'सुमन रोडमैप 2030'

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नई दिल्ली- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा आज केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) के 16वें सम्मेलन में 'सुमन रोडमैप 2030' (SUMAN Roadmap 2030) का शुभारंभ करेंगे। यह रोडमैप मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और वर्ष 2030 तक मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय रणनीति है।

मुख्य बिंदु

  • वर्ष 2030 तक मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) को प्रति एक लाख जीवित जन्म पर 70 से कम लाने का लक्ष्य।

  • नवजात मृत्यु दर (NMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में उल्लेखनीय कमी लाने पर जोर।

  • गर्भधारण से पहले, गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल तक संपूर्ण जीवन-चक्र आधारित स्वास्थ्य सेवाएं।

  • 13 राज्यों के 130 उच्च-प्राथमिकता वाले जिलों में विशेष रणनीति लागू होगी, जिनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है।

  • उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान, निगरानी और उपचार के लिए चार-स्तरीय प्रणाली विकसित की जाएगी।

गर्भवती महिलाओं को मिलेंगी विशेष सुविधाएं

  • समय पर पंजीकरण और सभी प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित की जाएंगी।

  • आठवें और नौवें महीने में आशा कार्यकर्ता प्रत्येक दो सप्ताह में घर जाकर स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और सुरक्षित प्रसव की तैयारी कराएंगी।

  • कठिन एवं दूरस्थ क्षेत्रों में प्रसव के लिए बेहतर एम्बुलेंस और रेफरल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

  • बर्थ वेटिंग होम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग (MCH Wing), हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) और आईसीयू जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

नई पहलें

  • सुमन पंचायत के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी।

  • मदर्स पिकनिक कार्यक्रम से मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

  • JANANI पोर्टल के जरिए डिजिटल मॉनिटरिंग और एआई आधारित लेबर रूम विकसित किए जाएंगे।

  • जलवायु परिवर्तन, हीटवेव और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू होगी।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का लक्ष्य पूरे देश में मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर शून्य रोकी जा सकने वाली मातृ एवं नवजात मृत्यु सुनिश्चित करना है। यह रोडमैप परिवार नियोजन, पोषण, किशोर स्वास्थ्य और नवजात देखभाल को एकीकृत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाएगा।

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