Media24Media.com

Responsive Ad Slot

Latest

latest
lockdown news

महासमुंद की खबरें

महासमुंद की खबर

रायगढ़ की ख़बरें

raigarh news

दुर्ग की ख़बरें

durg news

जम्मू कश्मीर की ख़बरें

jammu and kashmir news

VIDEO

Videos
top news


 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले कोलकाता में ‘दौड़ से ध्यान’ कार्यक्रम का आयोजन, हजारों लोगों ने लिया भाग

No comments Document Thumbnail

कोलकाता- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (IDY) 2026 के पूर्व आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत कोलकाता में “दौड़ से ध्यान 2026 – From Movement to Stillness” का भव्य आयोजन किया गया। स्वच्छता से स्वागत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस अनूठी पहल ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और समग्र कल्याण के संदेश को एक साथ जोड़ने का कार्य किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आज सुबह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी तथा केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने संयुक्त रूप से किया। दोनों नेताओं ने कोलकाता नगर निगम (KMC) मुख्यालय से ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग तक आयोजित मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मैराथन के बाद राइटर्स बिल्डिंग परिसर में योग और ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक शांति का संदेश दिया।

इस अवसर पर मंत्री इंद्रनील खान, अग्निमित्रा पॉल और तापस रॉय, विधायक विजय ओझा, पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रसिद्ध पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भी योग सत्र में भाग लेकर कार्यक्रम को विशेष उत्साह प्रदान किया।

11 स्थानों पर एक साथ आयोजित हुई योग दौड़

इस पहल के तहत कोलकाता के 11 प्रमुख स्थानों पर एक साथ 2 किलोमीटर की योग रन आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोगों को योग को जीवनशैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

योग रन के प्रमुख स्थानों में शामिल रहे:

  • पी.ए.सी. टेंट मैदान

  • एलियट पार्क

  • आरएसएम स्क्वायर (सेंट्रल)

  • ताला पार्क (बेलगछिया)

  • सुभाष सरोवर (बेलियाघाटा)

  • कैप्टन भेरी (ईएम बाईपास)

  • गोलपार्क (विवेकानंद पार्क)

  • गीतांजलि स्टेडियम (कस्बा)

  • केएफआर ग्राउंड (बेहाला)

  • संघमित्रा स्कूल मैदान (वेस्ट पोर्ट)

  • चंडीपुरा रंगसारा ग्राउंड (भांगर)

योग का मूल संदेश: गति से स्थिरता की ओर

कार्यक्रम का मुख्य संदेश “दौड़ से ध्यान” योग के वास्तविक स्वरूप को दर्शाता है, जिसमें शारीरिक गतिविधि से मानसिक शांति, अनुशासन से संतुलन और सामूहिक प्रयास से समग्र कल्याण की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी जाती है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले पश्चिम बंगाल में आयोजित इस तरह के कार्यक्रम योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय उन्मूलन मिशन की उपलब्धियों को सराहा

No comments Document Thumbnail

ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश)- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सिकल सेल रोग के उन्मूलन की दिशा में देश द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण चुनौती से निपटने की सार्थक पहल बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के लगभग 7 करोड़ लोगों की जांच की गई है, जो विश्व के सबसे बड़े आनुवंशिक रोग स्क्रीनिंग अभियानों में से एक है।

उन्होंने कहा कि मिशन मोड में की गई स्क्रीनिंग के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2.5 लाख सिकल सेल रोगियों की पहचान की गई है, जबकि 20 लाख से अधिक वाहकों (Carriers) का भी पता लगाया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में वाहकों की पहचान भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने और उनके समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकारों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल मरीजों और वाहकों की पहचान की है, बल्कि उनके उचित उपचार और स्वास्थ्य देखभाल की भी व्यवस्था सुनिश्चित की है।

उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चलाए गए "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान" के तहत 4 लाख से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

राष्ट्रपति ने यह भी उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर "सिकल मित्र" पहल शुरू की थी। इस पहल के अंतर्गत सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा एनसीसी कैडेट्स के प्रतिनिधियों को जागरूकता फैलाने और मरीजों की सहायता के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राज्यों की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से भारत वर्ष 2047 से पहले ही सिकल सेल रोग से मुक्ति के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होगा।


किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान : छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।


मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।

चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।


रायपुर में स्कूल के भीतर खूनी संघर्ष, छात्र की चाकू मारकर हत्या

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा थाना क्षेत्र में स्कूल परिसर के भीतर छात्रों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना में एक छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।


मिली जानकारी के अनुसार, तिल्दा क्षेत्र के सासाहोली गांव स्थित एक स्कूल में दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि एक छात्र ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में दूसरा छात्र घायल हो गया, लेकिन उसने किसी तरह हमलावर के हाथ से चाकू छीन लिया।

इसके बाद घायल छात्र ने उसी चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे पहला छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। स्कूल में अचानक हुई इस घटना से अफरा-तफरी मच गई और तत्काल घायल छात्र को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।

इलाज के दौरान हुई मौत

अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल छात्र ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

आरोपी छात्र भी घायल, जांच शुरू

घटना में आरोपी छात्र भी चाकू लगने से घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना के कारणों और विवाद की असली वजह का पता लगाने में जुटी हुई है।

महासमुंद: परमेश्वरी धाम मंदिर में चोरी, दानपेटी और भगवान के आभूषण लेकर फरार हुए चोर

No comments Document Thumbnail

 महासमुंद। जिले के परमेश्वरी धाम मंदिर (Parmeshwari Dham Temple) में बीती रात अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश मंदिर की दानपेटी में रखी नकदी और भगवान को चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस घटना में करीब 2 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।


जानकारी के अनुसार, चोर देर रात मंदिर परिसर में दाखिल हुए और दानपेटी को तोड़कर उसमें रखी नकदी निकाल ली। इसके बाद मंदिर में विराजमान भगवान के सोने-चांदी के आभूषण भी चोरी कर लिए। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब सुबह पुजारी और श्रद्धालु नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे।

मंदिर के पुजारी ने बताया कि चोरी गई नकदी और आभूषणों की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही Pithora थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परमेश्वरी धाम मंदिर में हुई इस चोरी की घटना से श्रद्धालुओं में नाराजगी और चिंता का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग यहां नियमित रूप से दर्शन के लिए पहुंचते हैं। घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

नाले में डूबने से दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत, गांव में पसरा मातम

No comments Document Thumbnail

 रायपुर । कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोटपाड में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। नाले में नहाने गए दो चचेरे मासूम भाइयों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।


जानकारी के अनुसार, 6 वर्षीय साजन पोयाम पिता केशव पोयाम और 7 वर्षीय ऋषभ पोयाम पिता तेजराज पोयाम बुधवार को गांव के पास स्थित नाले में नहाने गए थे। नहाने के दौरान दोनों बच्चे गहरे गड्ढे में चले गए, जिससे डूबने से उनकी मौत हो गई।

देर शाम तक जब दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान नाले किनारे बच्चों के कपड़े मिले, जिसके बाद ग्रामीणों ने पानी में तलाश अभियान शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद रात करीब 8 बजे दोनों बच्चों के शव नाले से बाहर निकाले गए।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ेडोगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिवार को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दोनों परिवारों के इकलौते बेटे थे मासूम

यह हादसा दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ बनकर टूटा है। मृतक ऋषभ पोयाम अपने माता-पिता की इकलौती संतान था, जबकि साजन पोयाम की एक बड़ी बहन है और वह परिवार का इकलौता बेटा था। बताया जा रहा है कि साजन की मां पूर्णिमा पोयाम कोटपाड क्षेत्र की जनपद सदस्य हैं।

एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की असमय मौत से पूरे कोटपाड गांव में शोक की लहर है। घटना के बाद गांव में हर आंख नम है और परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बड़ा कदम, 23 जिलों में शुरू होगा ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचाना है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि Niyad Nellanar Yojana की सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस अभियान के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में राज्य सरकार की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का संतृप्तिकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र हितग्राही सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।


उन्होंने कहा कि अभियान के संचालन में तकनीक आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जवाबदेह कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे सेवा प्रदाय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री साय के अनुसार, राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक परिवार तक सुशासन की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि विकास और समृद्धि की नई संभावनाओं का विस्तार हो सके। उन्होंने कहा कि जब शासन की हर योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, तभी ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का सपना वास्तविक रूप से साकार होगा।
राज्य सरकार का मानना है कि यह अभियान न केवल योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करते हुए प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

12 वर्षों में बदली भारत की आतंकवाद-रोधी तस्वीर: जीरो टॉलरेंस नीति से मजबूत हुआ राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- पिछले 12 वर्षों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को एक नई दिशा देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में व्यापक बदलाव किए हैं। केंद्र सरकार की "आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance)" नीति के तहत कानूनी सुधार, संस्थागत सशक्तीकरण, खुफिया समन्वय, सीमा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया गया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप देश में आतंकवादी घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि में उल्लेखनीय कमी आई है।

2014 में चुनौतीपूर्ण सुरक्षा परिदृश्य

वर्ष 2014 में देश को आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद जैसी अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ, आतंकवादी गतिविधियां और पत्थरबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। वहीं, सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए कट्टरपंथी विचारधाराओं का प्रसार भी नई चुनौती बनकर उभरा था।

कानूनी सुधारों से मिली नई ताकत

सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कानूनों में संशोधन किए।

  • यूएपीए (UAPA) संशोधन 2019 के तहत व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान किया गया।

  • राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) संशोधन अधिनियम 2019 से एजेंसी की जांच शक्तियों का विस्तार हुआ।

  • धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) को मजबूत कर आतंकियों की वित्तीय आपूर्ति पर शिकंजा कसा गया।

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 में पहली बार आतंकवाद और संगठित अपराध की स्पष्ट परिभाषा दी गई।

  • आर्म्स संशोधन अधिनियम 2019 के जरिए अवैध हथियार तस्करी और आतंकी नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया गया।

NIA और खुफिया तंत्र हुआ और मजबूत

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का बजट 2014-15 के ₹91 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹394 करोड़ से अधिक हो गया। देशभर में विशेष NIA अदालतों की स्थापना की गई तथा 21 शाखा कार्यालय खोले गए।

वहीं, मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC), NATGRID और CCTNS जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म के जरिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था विकसित की गई। हाल ही में साइबर खतरों से निपटने के लिए Cyber Multi Agency Centre (CyMAC) की भी स्थापना की गई है।

आतंकवाद के खिलाफ बदली रणनीति

पिछले दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति को अधिक आक्रामक और जवाबी बनाया।

  • 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक ने आतंकियों के लॉन्च पैड पर सीधा प्रहार किया।

  • 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक ने सीमा पार आतंकी ढांचे को निशाना बनाया।

  • 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद के स्रोत पर कार्रवाई की गई।

इन अभियानों ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब आतंकवादी हमलों का जवाब निर्णायक तरीके से देगा।

वैश्विक मंच पर भी बढ़ी भारत की भूमिका

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया है। FATF, संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न द्विपक्षीय मंचों पर भारत ने आतंकवाद के वित्तपोषण और संरक्षण के खिलाफ प्रभावी आवाज उठाई। 2019 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करवाना और 2025 में तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धियां रहीं।

जम्मू-कश्मीर में दिखा सकारात्मक बदलाव

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 2004-2014 के दौरान 7,217 आतंकवादी घटनाएं हुई थीं, जबकि 2014-2024 के बीच यह संख्या घटकर 2,242 रह गई।

  • पत्थरबाजी की घटनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।

  • आतंकवादी हमलों में नागरिक और सुरक्षा बलों की हताहतों की संख्या में भारी कमी आई है।

  • 2024 में जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड 2.3 करोड़ पर्यटक पहुंचे।

  • निवेश और विकास परियोजनाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

सुरक्षित और आत्मविश्वासी भारत की ओर

सरकार का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में अपनाई गई व्यापक और बहुआयामी रणनीति ने भारत को आतंकवाद के खिलाफ अधिक सक्षम, आधुनिक और सशक्त बनाया है। कानूनी सुधारों, तकनीकी नवाचारों, मजबूत संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बल पर देश की आंतरिक सुरक्षा को नई मजबूती मिली है और नागरिकों का विश्वास भी बढ़ा है।

आतंकवाद के खिलाफ यह परिवर्तन केवल सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि एक सुरक्षित, विकसित और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


VB–G RAM G अधिनियम 2025 के क्रियान्वयन हेतु देशभर में 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती

No comments Document Thumbnail

विकसित भारत–गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB–G RAM G] अधिनियम, 2025 के सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अधिनियम के 1 जुलाई 2026 से लागू होने से पहले देशभर में 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों (Area Officers) की तैनाती का निर्णय लिया है।

ये क्षेत्रीय अधिकारी अधिनियम के क्रियान्वयन के प्रारंभिक चरण में सुविधादाता (Facilitator) और संसाधन व्यक्ति (Resource Person) के रूप में कार्य करेंगे। वे राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्यान्वयन में सहयोग, स्थानीय क्षमताओं को सुदृढ़ करने, ज्ञान एवं अनुभव साझा करने, संचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान तथा श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने में सहायता प्रदान करेंगे।

इस भूमिका के लिए अधिकारियों को तैयार करने हेतु ग्रामीण विकास विभाग ने एक विशेष अभिमुखीकरण (Orientation) कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं, कार्यान्वयन ढाँचे, संस्थागत व्यवस्थाओं, प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासनिक प्रणालियों तथा राज्यों एवं जिलों को उपलब्ध सहायता तंत्रों की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल ने की, जबकि संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने कार्यक्रम का संचालन किया।

अपने दौरों के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और जमीनी स्तर के कर्मचारियों से संवाद करेंगे ताकि कार्यान्वयन संबंधी आवश्यकताओं को समझा जा सके, अनुभवों एवं श्रेष्ठ प्रथाओं का आदान-प्रदान हो सके, क्षमता निर्माण गतिविधियों को समर्थन मिल सके और संचालन संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके। उनका यह सहयोग विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और नए ढाँचे में प्रभावी संक्रमण सुनिश्चित करेगा।

यह पहल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संस्थागत सहयोग प्रदान करते हुए VB–G RAM G अधिनियम के सुचारु और प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

VB–G RAM G अधिनियम, 2025 की प्रमुख विशेषताएँ

यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को सतत और समावेशी ग्रामीण विकास का आधार बनाने का प्रयास करता है। इसके अंतर्गत:

  • गारंटीकृत मजदूरी आधारित रोजगार को आजीविका संवर्धन से जोड़ा जाएगा।

  • जलवायु अनुकूलन एवं लचीलापन (Climate Resilience) को बढ़ावा दिया जाएगा।

  • ग्रामीण आधारभूत संरचना का निर्माण किया जाएगा।

  • प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जाएगी।

  • विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं (VGPPs), GIS-आधारित योजना निर्माण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण (Convergence) के माध्यम से विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

मंत्रालय द्वारा की गई प्रमुख तैयारियाँ

मंत्रालय ने देशव्यापी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹95,692 करोड़ की अंतरिम स्वीकृति।

  • सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को DBT-SPARSH प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ना।

  • सक्रिय श्रमिकों में लगभग 93% ई-केवाईसी (e-KYC) पूर्ण करना।

  • फेस ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली का देशभर में कार्यान्वयन।

  • समर्पित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का विकास।

  • बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण (Capacity Building) कार्यक्रमों का संचालन।

वर्तमान प्रगति

  • 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिनियम के कार्यान्वयन हेतु अपने बजट में प्रावधान कर दिए हैं।

  • 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने VB–G RAM G ढाँचे के अंतर्गत अपनी राज्य योजनाओं को अधिसूचित कर दिया है।

  • शेष राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं को अंतिम रूप देने की उन्नत अवस्था में हैं।

इस प्रकार, क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती और व्यापक तैयारी के माध्यम से सरकार VB–G RAM G अधिनियम, 2025 को सफलतापूर्वक लागू करने और ग्रामीण भारत के समग्र विकास को गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

होर्मुज खुलते ही भारत पहुंचा LNG टैंकर, ईरान-अमेरिका समझौते के बाद मिली बड़ी राहत

No comments Document Thumbnail

 Strait Of Hormuz Reopening: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव थमने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर लगा अवरोध हटा दिया गया है। खाड़ी के इस अहम व्यापारिक मार्ग के खुलते ही प्राकृतिक गैस (LNG) से लदा पहला टैंकर भारत पहुंच गया है। करीब 110 दिनों से जारी तनाव के बीच भारत के लिए यह बड़ी राहत की खबर है।


62 हजार मीट्रिक टन LNG लेकर पहुंचा जहाज

लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) से भरा एक जहाज गुरुवार को गुजरात के भरूच जिले स्थित दहेज LNG टर्मिनल पहुंचा। यह जहाज अपने साथ 62,370 मीट्रिक टन LNG लेकर आया है, जिसे भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

MOU के बाद लिया गया बड़ा फैसला

ईरान की शीर्ष सुरक्षा संस्था ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही से जुड़ी मंजूरी प्रक्रिया को तुरंत निपटाने का आदेश जारी किया है। यह फैसला तेहरान और वॉशिंगटन के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के बाद लिया गया।

अमेरिका-ईरान के बीच समझौता

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के संचालन को लेकर नए बदलाव लागू किए जा रहे हैं। यह बयान उस समय आया जब ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से MOU पर हस्ताक्षर किए।

ईरान ने दी बड़ी राहत

SNSC के मुताबिक समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका पूरा खर्च ईरान सरकार उठाएगी। जहाजों को अपने अनुरोध Persian Gulf Strait Authority को भेजने होंगे। ईरान ने भरोसा दिलाया है कि इस अहम समुद्री मार्ग पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य किया जाएगा, जबकि तकनीकी और संचालन संबंधी दिशा-निर्देश PGSA जल्द जारी करेगा।

छत्तीसगढ़ समेत 9 राज्यों में मौसम का कहर, आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 रायपुर/नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक ओर कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी, लू और धूल भरी आंधी को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल कमजोर बनी हुई है, जिससे कई राज्यों में बारिश का इंतजार अभी जारी है।


मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक Tamil Nadu, Kerala, West Bengal और Assam के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Telangana, Andhra Pradesh, दक्षिण कर्नाटक, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।

वहीं Odisha, विदर्भ, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, दक्षिण और पूर्वी गुजरात तथा कोंकण-गोवा क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह बारिश छिटपुट होगी और लंबे समय तक लगातार नहीं रहेगी।

उत्तर भारत में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने Punjab, Haryana, Rajasthan और Delhi समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई है। तेज हवाओं के कारण तापमान में अचानक बदलाव और मौसम में अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा Uttar Pradesh के कुछ हिस्सों में हीटवेव यानी लू की स्थिति बनने की संभावना है। दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

कमजोर पड़ा मानसून, कई राज्यों में बारिश की कमी

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल दो प्रमुख स्थानों पर अटकी हुई है। इसका पश्चिमी छोर महाराष्ट्र के हरनाई क्षेत्र के पास जबकि पूर्वी छोर बिहार के मुजफ्फरपुर के आसपास स्थिर बना हुआ है। इसी वजह से देश के कई हिस्सों में मानसून की रफ्तार थम गई है और बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।

सबसे ज्यादा असर मध्य भारत में देखा जा रहा है, जहां कई इलाकों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जो मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर सके। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम का यह अस्थिर दौर जारी रहने की संभावना है।

फिलहाल देश के कई हिस्सों में लोगों को गर्मी, लू, आंधी और बारिश जैसे मिश्रित मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

EPFO खाताधारकों को बड़ी राहत, सरकार ने 8.25% ब्याज दर को दी मंजूरी, जल्द खातों में आएगा पैसा

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर मिलने वाली ब्याज दर 8.25 प्रतिशत बनाए रखने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से करीब 7 करोड़ से ज्यादा Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) सदस्यों को फायदा मिलेगा।


सरकार ने दी ब्याज दर को मंजूरी

जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ जमा राशि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। यह फैसला EPFO की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की सिफारिश के बाद लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

लगातार तीसरे साल नहीं बदली ब्याज दर

गौरतलब है कि 2 मार्च को केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya की अध्यक्षता में हुई CBT बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय करने का निर्णय लिया गया था। यह लगातार तीसरा साल है जब EPF पर ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।

जल्द खातों में क्रेडिट होगी राशि

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस महीने करीब 7 करोड़ EPFO सदस्यों के खातों में ब्याज की राशि जमा किए जाने की संभावना है। इससे कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट फंड पर बेहतर रिटर्न मिलेगा।

बता दें कि वित्त वर्ष 2024-25 और 2023-24 में भी ब्याज दर 8.25 प्रतिशत रखी गई थी, जबकि इससे पहले 2022-23 में यह दर 8.15 प्रतिशत थी। सरकार के इस फैसले से निजी और सरकारी क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे पर केदार कश्यप का हमला, बोले- कांग्रेस की हताशा का प्रतीक है यह दौरा

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के वनमंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह दौरा कांग्रेस की बढ़ती राजनीतिक हताशा, संगठनात्मक बिखराव और लगातार कमजोर होते जनाधार का प्रतीक है।


केदार कश्यप ने कहा कि जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार, घोटालों और जनविश्वास के साथ खिलवाड़ किया, वही आज जनता के बीच जाकर दोबारा भरोसा मांगने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अपने शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए हमेशा नए-नए प्रयोग करती रही है।

उन्होंने कहा कि पिछली बार जब Priyanka Gandhi Vadra छत्तीसगढ़ आई थीं, तब कांग्रेस नेताओं ने स्वागत के लिए गुलाब की पंखुड़ियों की सड़क बिछाई थी। अब राहुल गांधी के आगमन पर कांग्रेस को अपने शासनकाल की सबसे चर्चित पहचान रहे कथित शराब घोटाले को याद करते हुए “दारू से चरण धोकर स्वागत” करना चाहिए।

घोटालों पर जवाब मांगे जनता को

मंत्री कश्यप ने कहा कि राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ आने से पहले प्रदेश की जनता को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान सामने आए कथित शराब घोटाले, कोयला घोटाले, भर्ती घोटालों और विभिन्न योजनाओं में अनियमितताओं पर उनकी क्या राय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी इन सवालों से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि जनता जवाब चाहती है।

कांग्रेस शासन पर उठाए सवाल

केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के शासनकाल को भूली नहीं है। किसानों से किए गए वादे, युवाओं को रोजगार देने के दावे, महिलाओं और आदिवासी समाज के विकास के बड़े-बड़े वादे अंततः घोषणाओं तक सीमित रह गए। यही वजह रही कि जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया।

भाजपा सरकार के काम गिनाए

उन्होंने कहा कि दूसरी ओर प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, जनजातीय विकास और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में लगातार काम हो रहे हैं।

मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को केवल चुनाव या राजनीतिक संकट के समय जनता की याद आती है। राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक पर्यटन से ज्यादा कुछ नहीं दिखता। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को स्वीकार कर चुकी है और कांग्रेस के ऐसे दौरों से राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने वाली नहीं है।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने हज-2026 की समीक्षा और हज-2027 की तैयारियों पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की

No comments Document Thumbnail

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 18 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (DAIC) में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू की अध्यक्षता में हज समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य हज-2026 के संचालन की समीक्षा करना और हज-2027 की रूपरेखा पर विचार-विमर्श करना था।

बैठक में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्ण, विदेश मंत्रालय की सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन, अल्पसंख्यक कार्य, विदेश, नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा गृह मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, हज समिति ऑफ इंडिया, बीआईएसएजी-एन तथा अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने हज-2026 के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि लगभग 1.75 लाख भारतीय हज यात्रियों ने इस वर्ष हज संपन्न किया। उन्होंने इसकी सफलता का श्रेय सभी संबंधित मंत्रालयों, विभागों, हज समिति ऑफ इंडिया, राज्य हज समितियों, सऊदी अरब में भारतीय हज मिशन और सऊदी अधिकारियों के समन्वित प्रयासों को दिया।

भारतीय हज मिशन को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, भारतीय हज मिशन को सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्रालय द्वारा ‘बेस्ट हज कोऑर्डिनेशन एंड कम्युनिकेशन’ श्रेणी में दो ‘लब्बैतुम पुरस्कार’ (Labbaytum Awards) प्रदान किए गए। यह सम्मान हज-2026 के दौरान भारतीय यात्रियों को दी गई उत्कृष्ट सेवाओं और कल्याणकारी व्यवस्थाओं की मान्यता है।

हज-2026 में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई पहलें

हज-2026 के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:

  • मीना में यात्रियों के लिए सोफा-कम-बेड की व्यवस्था।

  • लगभग 62,500 यात्रियों ने मक्का से मदीना तक हाई-स्पीड रेलवे से यात्रा की।

  • मक्का में होटल-शैली आवास की सुविधा।

  • 20-दिवसीय शॉर्ट हज पैकेज की शुरुआत, जिसका लाभ लगभग 10,500 यात्रियों ने उठाया, जिनमें अधिकांश कामकाजी पेशेवर थे।

  • मदीना में सभी भारतीय यात्रियों को मरकज़िया क्षेत्र में ठहराया गया, जिससे आवागमन और सुविधाओं तक पहुंच आसान हुई।

तकनीक आधारित सुधारों पर विशेष जोर

हज-2026 में पारदर्शिता, सुरक्षा और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए कई तकनीकी सुधार लागू किए गए, जिनमें शामिल हैं:

  • सऊदी नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण।

  • ऑनलाइन उड़ान बुकिंग सुविधा।

  • डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत बनाना।

बैठक में भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित समाधानों पर भी चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:

  • हिंदी, उर्दू और अन्य प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में 24×7 बहुभाषी वॉइस सपोर्ट सिस्टम।

  • एआई आधारित आवेदन और दस्तावेज सत्यापन।

  • विभिन्न प्रस्थान केंद्रों के लिए उड़ान आवंटन का मांग-आधारित मॉडल।

  • शिकायतों की रीयल-टाइम निगरानी और समाधान प्रणाली।

इन पहलों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है।

हज-2027 की तैयारियां शुरू करने के निर्देश

किरण रिजिजू ने सभी संबंधित मंत्रालयों, एजेंसियों, हज समिति ऑफ इंडिया और अन्य हितधारकों को हज-2027 की तैयारियां प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटा आवंटन, पात्रता और स्वास्थ्य आवश्यकताओं, हवाई यात्रा, आवास, परिवहन, मीना की सुविधाओं, चिकित्सा तैयारियों और तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने बताया कि भारत और सऊदी अरब के बीच हज-2027 के लिए द्विपक्षीय समझौते पर 7 नवंबर 2026 को हस्ताक्षर किए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि हज नीति-2027 शीघ्र घोषित की जाएगी, जिसके बाद हज समिति ऑफ इंडिया संभावित यात्रियों से आवेदन आमंत्रित करेगी।

उन्होंने दोहराया कि भारत सरकार प्रत्येक भारतीय हज यात्री को सुरक्षित, सुविधाजनक, पारदर्शी और सम्मानजनक हज यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में अमेरिका के भारत स्थित राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की

No comments Document Thumbnail

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा:

“आज नई दिल्ली में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। सुरक्षा के क्षेत्र में, विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी और मादक पदार्थों की तस्करी-रोधी सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।”

उन्होंने आगे कहा:

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि दोनों देशों के लोग इस द्विपक्षीय संबंध से लाभान्वित हों।”

बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाने, आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों तथा मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण के लिए सहयोग बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.