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कांकेर में एनकाउंटर: 5 लाख की इनामी महिला नक्सली एरिया कमांडर रूपी ढेर

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 रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। छोटे बेटिया थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई मुठभेड़ में 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली एरिया कमांडर रूपी को मार गिराया गया। मुठभेड़ के बाद मौके से उसका शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने सोमवार सुबह जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान नक्सलियों से आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में एरिया कमांडर रूपी मारी गई।

मौके से हथियार और नक्सली सामग्री बरामद

मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में रूपी का शव बरामद किया गया। उसके पास से आधुनिक हथियारों के साथ नक्सली सामग्री भी मिली है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

सरेंडर से किया था इंकार

बताया जा रहा है कि राज्य में नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की गई थी। इस दौरान बस्तर क्षेत्र में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की, लेकिन रूपी ने सरेंडर करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद से सुरक्षाबल उसकी तलाश में जुटे हुए थे।

अभियान को मिली बड़ी कामयाबी

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रूपी के मारे जाने से क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। इससे नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलने के साथ ही सुरक्षाबलों का मनोबल भी बढ़ा है।

जलियांवाला बाग के शहीदों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रद्धांजलि, साहस और बलिदान को बताया प्रेरणास्रोत

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नई दिल्ली- नरेंद्र मोदी  ने आज जलियांवाला बाग नरसंहार के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन अमर बलिदानियों का त्याग हमारे देशवासियों के अदम्य साहस और अटूट आत्मबल का प्रतीक है, जो आज भी हर पीढ़ी को प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का बलिदान हमें स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना को भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि विदेशी हुकूमत की बर्बरता के खिलाफ शहीदों ने जो साहस और स्वाभिमान दिखाया, वह देश के इतिहास में सदैव अमर रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषाओं में श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का साहस और दृढ़ संकल्प आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करता रहेगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें समाज को सशक्त और समृद्ध बनाने का संदेश दिया गया है। सुभाषित के माध्यम से उन्होंने कहा कि समाज के परिश्रमी और जागरूक लोगों का कर्तव्य है कि वे राष्ट्र को समृद्ध, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने वाली सकारात्मक शक्तियों को बढ़ावा दें, साथ ही विभाजन, अन्याय और असंतोष फैलाने वाली नकारात्मक शक्तियों का दृढ़ता से विरोध करें।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज के समय में देश को एकजुट रखते हुए विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

गौरतलब है कि जलियांवाला बाग नरसंहार भारत के इतिहास की एक ऐसी घटना है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था और स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी। आज भी यह दिन देशवासियों को एकता, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है।

जलियांवाला बाग नरसंहार (Jallianwala Bagh Massacre) – संक्षिप्त विवरण

जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय इतिहास की सबसे दुखद और महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है, जो 13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में घटी थी।

क्या हुआ था?

बैसाखी के दिन हजारों लोग  जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए एकत्रित हुए थे। वे लोग ब्रिटिश सरकार के दमनकारी कानून रॉलेट एक्ट (Rowlatt Act) के खिलाफ विरोध कर रहे थे।

उसी समय ब्रिटिश अधिकारी जनरल रेजिनाल्ड डायर (General Reginald Dyer)अपने सैनिकों के साथ वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया।

कितने लोग मारे गए?

इस गोलीबारी में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। आधिकारिक आंकड़े कम बताए गए, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जाती है।

घटना का प्रभाव

  • इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया।

  • भारतीयों में अंग्रेजों के खिलाफ गहरा आक्रोश पैदा हुआ।

  • Mahatma Gandhi ने इसके बाद असहयोग आंदोलन शुरू किया।

  • भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा मिली।

क्यों महत्वपूर्ण है?

जलियांवाला बाग नरसंहार हमें याद दिलाता है कि आजादी कितने बलिदानों के बाद मिली है। यह घटना अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने और एकजुट रहने की प्रेरणा देती है।

आरंग खंड में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी व छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का सदस्यता अभियान तेज, युवाओं और महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

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रायपुर ग्रामीण जिले के आरंग खंड में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के संयुक्त तत्वावधान में एक संगठनात्मक बैठक एवं सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जिनमें युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संगठन की विचारधारा, छत्तीसगढ़िया अस्मिता, स्थानीय अधिकारों की रक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने आरंग क्षेत्र को छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता और छत्तीसगढ़ियावाद को मजबूत करने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।

बैठक में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर चर्चा की गई। गैस सिलेंडर की कमी, बढ़ते बिजली बिल, हसदेव जंगल की कटाई, बस्तर में बाहरी प्रभाव, बेरोजगारी, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

इस अवसर पर संगठन के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आरंग खंड के लोगों ने संगठन से जुड़ने की सहमति जताई और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा, जल-जंगल-जमीन और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार संगठन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को जेल में डालकर छत्तीसगढ़ियावाद की आवाज दबाई जा रही है।

वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव और केंद्रीय सदस्य दिनेश वर्मा सहित कई पदाधिकारी जेल में हैं। इसके बावजूद संगठन के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में सक्रिय रूप से अभियान और आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।

कार्यक्रम का समापन संगठन की एकता, मजबूती और संघर्ष के संकल्प के साथ किया गया।


कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

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 रायपुर : गौरा में आपका स्वागत है। यह प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।


इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर , लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज, दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

 गुरु खुशवंत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है।

यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है

डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG), रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।

यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है

घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर, शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं। वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है।

यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी

डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।

डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।

(CGPAG) के बारे में

छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

लेबनान पहुंचे प्रधानमंत्री नेतन्याहू, बुलेटप्रूफ जैकेट में सैनिकों के बीच दिखे, युद्ध पर दिया कड़ा बयान

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 Israel Lebanon War: दक्षिण लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का दौरा सामने आया है। एक वीडियो में वे बुलेटप्रूफ जैकेट पहने इजराइली सैनिकों के साथ नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में सक्रिय है और वायुसेना लगातार हवाई हमले कर रही है।


प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “आज लेबनान में, हमारे वीर लड़ाकों के साथ।”

युद्ध जारी रहने का संकेत

दक्षिण लेबनान में सैनिकों से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और सुरक्षा क्षेत्र के भीतर भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने ईरान और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “हमारे दुश्मन हमें खत्म करना चाहते थे, लेकिन अब वे खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।”

दौरे के रणनीतिक मायने

विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। Iran और United States के बीच हालिया शांति वार्ता विफल हो चुकी है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा

इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अमेरिका के अंतिम प्रस्ताव को ईरान ने स्वीकार नहीं किया, खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर।

वहीं, पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी बयान देते हुए कहा कि वार्ता इसलिए असफल रही क्योंकि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव

अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर सख्त निगरानी रखेगा, खासकर उन जहाजों पर जो ईरान को किसी प्रकार का भुगतान करते हैं। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

लेबनान में नेतन्याहू का दौरा केवल एक सैन्य मनोबल बढ़ाने वाला कदम नहीं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित बड़े संघर्ष की ओर भी संकेत करता है। अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ती सख्ती ने मध्य-पूर्व की स्थिति को और जटिल बना दिया है।

CG NEWS : शादी के 2 दिन बाद दूल्हे की मौत: ब्रेक फेल ट्रैक्टर पलटा, घर में पसरा मातम

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 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। शादी के महज दो दिन बाद एक दूल्हे की मौत हो गई, जिससे परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।


जानकारी के अनुसार, कापू थाना क्षेत्र के ग्राम ठाकुरपोड़ी निवासी देवांगन सिदार (35) की शादी 8 अप्रैल को जशपुर जिले के कोतबा में संपन्न हुई थी। इसके बाद 9 अप्रैल को गांव में रिसेप्शन का आयोजन किया गया था। सभी कार्यक्रमों के बाद 10 अप्रैल को यह हादसा हो गया।

बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल की शाम देवांगन सिदार अपने चाचा संजय सिदार के ट्रैक्टर में टेंट का सामान लेकर दोस्तों के साथ पास के गांव बालापोढ़ी जा रहा था। सतीपारा में सरपंच के घर के पास पहुंचते ही अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर का ब्रेक फेल हो गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ट्रैक्टर पलटने से देवांगन सिदार उसके नीचे दब गया और सिर व सीने में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में उसके साथ मौजूद तीन दोस्त भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतक देवांगन सिदार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बिजली विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर (संविदा) के रूप में कार्यरत था। घर में 5 अप्रैल से शादी की तैयारियां चल रही थीं और खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल: स्वस्थ भारत के लिए जन आंदोलन बनता अभियान

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नई दिल्ली- देश में फिटनेस को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 69वें संस्करण का नेतृत्व किया।

इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे फिट इंडिया अभियान से जुड़ें और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

डॉ. मंडाविया ने कहा कि “संडे ऑन साइकिल अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर देश का युवा फिटनेस के प्रति अधिक जागरूक हुआ है। फिट इंडिया केवल संदेश नहीं, बल्कि विकसित भारत के लिए आवश्यकता है।”

फिटनेस और विकास का संबंध

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज बनाता है और स्वस्थ समाज ही देश को विकसित बनाता है।

फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण

फिट इंडिया ऐप के जरिए साइक्लिंग करने पर कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की सुविधा भी दी जा रही है, जिसे भविष्य में उत्पाद खरीदने में उपयोग किया जा सकेगा। यह पहल फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।

कार्यक्रम की झलकियां

कार्यक्रम में सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला:

  • जुम्बा, योग और खेल गतिविधियां

  • रस्सीकूद, टग ऑफ वॉर और फिटनेस गेम्स

  • फोटो बूथ और इंटरैक्टिव जोन

  • नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता

कॉमनवेल्थ गेम्स की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज पिंकी जांगड़ा, फिटनेस इन्फ्लुएंसर दिनेश शेट्टी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनिया सिसोदिया को सम्मानित किया गया।

व्यापक भागीदारी

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह साइक्लिंग अभियान एक साथ आयोजित किया गया। इसमें छात्र, खिलाड़ी, पेशेवर, परिवार और विभिन्न आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

जन आंदोलन की ओर

दिसंबर 2024 में शुरू हुए इस अभियान में अब तक 28 लाख से अधिक लोग और 2.63 लाख स्थानों पर भागीदारी दर्ज की जा चुकी है।

यह पहल न केवल फिटनेस को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में जागरूकता, सहभागिता और स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक मजबूत जन आंदोलन बनती जा रही है।

पीएम गतिशक्ति के तहत रेलवे का ऐतिहासिक विस्तार: 100 परियोजनाओं से बदलेगी देश की तस्वीर

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नई दिल्ली- देश में कनेक्टिविटी को अंतिम छोर तक पहुंचाने और समावेशी विकास को गति देने के लिए भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए वित्त वर्ष 2025–26 में 100 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत शुरू की जा रही हैं, जिन पर कुल ₹1.53 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के जरिए 6,000 किलोमीटर से अधिक रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा, जिससे देश के दूरदराज और वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में यह वृद्धि उल्लेखनीय है—परियोजनाओं की संख्या में 56 प्रतिशत, रूट कवरेज में 114 प्रतिशत और निवेश में 110 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रेलवे द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं में नई रेल लाइनों के निर्माण के साथ-साथ डबलिंग, मल्टीट्रैकिंग, बायपास लाइन, फ्लाईओवर और कॉर्ड लाइन जैसे कार्य शामिल हैं। इनका मुख्य उद्देश्य भीड़भाड़ वाले मार्गों को कम करना, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार लाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश इस विस्तार के केंद्र में हैं, जहां सबसे अधिक परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इन क्षेत्रों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और माल परिवहन अधिक सुगम होगा।

विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ इलाकों पर भी ध्यान दिया गया है। छत्तीसगढ़ की रावघाट–जगदलपुर रेल लाइन जैसी परियोजनाएं इन क्षेत्रों के लोगों को बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ेंगी, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण होगा।

बड़े निवेश वाले प्रोजेक्ट्स में कसारा–मनमाड, खरसिया–नया रायपुर–परमलकसा, इटारसी–नागपुर और सिकंदराबाद–वाडी जैसी महत्वपूर्ण लाइनें शामिल हैं, जो देश के प्रमुख माल ढुलाई मार्गों को मजबूत करेंगी।

यह विस्तार ‘मिशन 3000 एमटी’ के तहत माल परिवहन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी अहम कदम है। इससे कोयला और खनिजों की ढुलाई तेज होगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और बंदरगाहों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश न केवल रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाएगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा, उद्योगों को गति देगा और लॉजिस्टिक्स लागत कम कर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

कुल मिलाकर, यह पहल केवल रेलवे विस्तार नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव है, जो देश को विकास के अगले चरण की ओर अग्रसर करेगी।


आईएनएस त्रिकंड की केन्या यात्रा संपन्न, भारत-केन्या नौसैनिक सहयोग हुआ मजबूत

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भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंड ने 10 अप्रैल 2026 को केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।

यह पोर्ट कॉल पश्चिमी नौसेना कमान के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की केन्या यात्रा के साथ हुआ। इस दौरान एक औपचारिक समारोह में INSAS राइफल और गोला-बारूद केन्या नौसेना को सौंपे गए।

प्रमुख गतिविधियां:

  • छोटे हथियारों की हैंडलिंग और मेंटेनेंस प्रशिक्षण

  • VBSS (Visit, Board, Search and Seizure) अभ्यास

  • क्रॉस-डेक विजिट और संयुक्त अभ्यास

  • सामुदायिक सेवा और खेल प्रतियोगिताएं

  • योग सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम

आईएनएस त्रिकंड के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने केन्या नौसेना के अधिकारियों से मुलाकात कर सहयोग को और मजबूत किया।

महत्व:

यह यात्रा भारत के MAHASAGAR विजन (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) को दर्शाती है। इससे भारत और केन्या के बीच नौसैनिक सहयोग, मित्रता और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी।



भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक-7’ के लिए भारतीय दल रवाना

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भारतीय सेना का दल आज भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक’ (Exercise DUSTLIK) के 7वें संस्करण में भाग लेने के लिए रवाना हुआ। यह अभ्यास 12 से 25 अप्रैल 2026 तक उज़्बेकिस्तान के नामंगन स्थित गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में आयोजित किया जाएगा।

यह अभ्यास हर वर्ष भारत और उज़्बेकिस्तान में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। पिछला संस्करण अप्रैल 2025 में पुणे (औंध) में हुआ था।

दल की भागीदारी

  • भारतीय दल में कुल 60 सैनिक शामिल हैं

    • 45 सैनिक भारतीय सेना (मुख्यतः महार रेजिमेंट से)

    • 15 कर्मी भारतीय वायुसेना

  • उज़्बेकिस्तान की ओर से भी लगभग 60 सैनिक भाग ले रहे हैं

अभ्यास का उद्देश्य

  • दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना

  • संयुक्त अभियानों में क्षमता और समन्वय बढ़ाना

  • अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में ऑपरेशन की तैयारी

प्रमुख गतिविधियां

  • भूमि नेविगेशन और स्ट्राइक मिशन

  • दुश्मन के ठिकानों पर कार्रवाई

  • विशेष हथियारों के उपयोग का प्रशिक्षण

  • संयुक्त योजना और टैक्टिकल ड्रिल्स

  • 48 घंटे का अंतिम संयुक्त अभ्यास

महत्व

यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल, ऑपरेशनल क्षमता और आपसी विश्वास को बढ़ाएगा। साथ ही सैनिकों के बीच सौहार्द और सहयोग को भी मजबूत करेगा, जिससे द्विपक्षीय संबंध और बेहतर होंगे।


दीदी के बखरी से बदल रही तस्वीर : कांकेर में महिला किसानों की आय में क्रान्तिकारी

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रायपुर- कांकेर जिले में बिहान योजना के तहत महिलाओ के आजीविका मे वृद्धि हेतु सभी स्तर पर विभिन्न प्रयास किये जा रहे है । जिले में काफ़ी संख्या मे दीदीयां अपने जीवन स्तर मे  में सुधार के लिए आय मूलक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं ।अपनी आय दुगुनी करने के लिए एकीकृत क़ृषि के साथ अन्य लाइवलिहुड एक्टिविटी कर रही है इसमें अपने घर के बखरी (बाड़ी) में व्यावसायिक रूप से सब्जी -भाजी लगाकर उसको बाजार में बिक्री कर अपने आय मे वृद्धि कर रही है ,साथ मे  मछली पालन,मुर्गीपालन, बकरी पालन व वनोपज संग्रहण कर रही है। इस प्रकार से एकीकृत क़ृषि  जिले के चार विकासखंड_ नरहरपुर, कांकेर, भानुप्रतापपुर, चारामा में संचालित है, जिसमें प्रत्येक संकुल के चार गांव को लिया गया है। योजना का उद्देश्य महिला किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है जिससे उनकी औसत आय प्रतिमाह बीस से पच्चीस हजार  तक पहुंच जाए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में  यह योजना ज़िले में सुचारु रूप से संचालित हो रही है,यह  योजना "दीदी के बखरी" नाम से संचालित है । विकासखण्ड नरहरपुर में 1200, कांकेर में 790, चारामा में 734 एवं भानुप्रतापपुर में 640 इस प्रकार कुल 3364 महिला किसानों द्वारा सब्जी बाड़ी, पोषण वाटिका, मुर्गी पालन, वनोपज संग्रहण, मछली पालन इत्यादि गतिविधियां की जा रही हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में 10,780 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है जिसमे उनका आवश्यक सहयोग करके उनके आय मे वृद्धि का प्रयास किया जायेगा । इनके लिए सभी क्लस्टर लेवल पर आजीविका सेवा केंद्र भी खोला जा रहा है जो दीदियों द्वारा ही संचालित होगा। इसके माध्यम से इनको उक्त गतिविधि के संचालन हेतु आवश्यक बीज, क़ृषि उपकरण, खाद आदि मुहैया कराया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ बने हरेश मंडावी ने गत दिनों नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर, कांकेर की महिला किसानों से मिलकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इसी क्रम में वे नरहरपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत रावस और बांस पत्तर पहुंचे जहाँ महिला किसान सुरेखा नेताम के द्वारा बनाये गए बखरी मे लगाए ग्राफ्टेड सब्जी_ भाजी और मुर्गी पालन के कार्य को देख कर  प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने ग्राम ठेमा की महिला किसान नामिका यादव के वनोपज और मुर्गी, मछली पालन के कार्य को देखकर काफ़ी सराहा। आज शनिवार को भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम हाटकर्रा की महिला मोतिन दर्रो के बकरीपालन एवं मछली पालन  और सूरजमुखी की खेती के कार्य को देखकर प्रसंशा की। ग्राम धनेली की महिला जमुना कोर्राम से आजीविका डबरी से संबंधित जानकारी ली तथा कठोली की दीदी से चर्चा कर उन्होंने उनकी औसत मासिक आय की जानकारी लेते हुए उन्हें कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया।  

इस प्रकार कांकेर जिले में महिला आजीविका मे वृद्धि के लिए एकीकृत क़ृषि सबंधित "दीदी के बखरी "कार्य अन्य महिलाओ के लिए भी प्रेरणा  बन रहा है जिसे देखकर बाकी दीदीयां भी अपने जीवन स्तर मे सुधार लाने और आय बढ़ाने पर कार्य कर रही है।

कुम्भकार समाज के वार्षिक अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का गठन, अभयलाल कुम्भकार बने निर्विरोध जिलाध्यक्ष

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 ​पारागांव/महासमुंद: कुम्भकार समाज जिला महासमुंद का वार्षिक अधिवेशन 11 अप्रैल 2026 को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के सुदृढ़ीकरण और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा के साथ ही जिला कार्यकारिणी का लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचन संपन्न कराया गया, जिसमें सर्वसम्मति से नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई।


​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत साहेब (विधायक आरंग एवं कैबिनेट मंत्री, छग शासन) रहे। अधिवेशन की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ प्रदेश कुम्भकार समाज के अध्यक्ष नन्द कुमार चक्रधारी ने की। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में देवनाथ साहू (मंडल अध्यक्ष, आरंग), संदीप जैन (अध्यक्ष नगरपालिका, आरंग), लीला लच्छन निषाद (जनपद सदस्य), अंजू शशिकांत बंजारे (सरपंच पारागांव) और राधेलाल निषाद (उपसरपंच पारागांव) उपस्थित रहे।

​ सामाजिक नेतृत्व और विमर्श

​अधिवेशन में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सामाजिक एकता पर बल दिया। इसमें प्रदेश महामंत्री हेमलाल कौशिक, उपाध्यक्ष आत्माराम प्रजापति, निर्वाचन अधिकारी रतनलाल चक्रधर, और प्रवक्ता अखिलेश प्रजापति ने अपने विचार साझा किए। साथ ही वरिष्ठ सलाहकार कैलाश प्रजापति, बीपी चक्रधर, दौवा राम कुम्भकार, और लखन लाल कुम्भकार के मार्गदर्शन में संगठनात्मक चर्चा की गई।
​प्रशासनिक व्यवस्था और मीडिया समन्वय में कार्यालय प्रभारी रूपेश कुमार चक्रधारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी लुमेश चक्रधारी, और रायपुर जिला अध्यक्ष भूषण चक्रधारी सहित धमतरी जिला अध्यक्ष किशुन चक्रधारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

​ नई कार्यकारिणी की घोषणा

​निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत जिला महासमुंद के लिए निम्नलिखित पदाधिकारियों को चुना गया:-

अध्यक्ष- अभयलाल कुम्भकार बनपचरी
उपाध्यक्ष- लक्ष्मीनाथ सकरिया बरोंडा बाजार
सचिव- टुकेश्वर चक्रधारी बरेकेल कला
कोषाध्यक्ष- रमेश चक्रधारी खल्लारी
सहसचिव- श्यामरतन चक्रधारी कुटेला
प्रांतीय प्रतिनिधि- इतवारी चक्रधारी पचेड़ा

संरक्षक एवं वरिष्ठ सहयोग

​इस नवनिर्वाचित टीम को वरिष्ठ पदाधिकारियों में ललित कुमार चक्रधारी, अशोक कुमार चक्रधारी, कमलेश चक्रधारी, लोचन चक्रधारी, और बैसाखू राम पांडे ने अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

​नवनियुक्त अध्यक्ष अभयलाल कुम्भकार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और सामाजिक एकजुटता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

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 Asha Bhosle Dies At The Age Of 92 : भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और लेजेंड्री गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।


जानकारी के अनुसार, शनिवार को उन्हें दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। अस्पताल प्रशासन और उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की है।

मल्टी-ऑर्गन फेलियर बना कारण

अस्पताल की डॉक्टर प्रतीत समदानी के अनुसार, आशा भोसले का निधन मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण हुआ। उन्होंने बताया कि गायिका ने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।

परिजनों के मुताबिक, आशा भोसले का अंतिम संस्कार सोमवार को शाम 4 बजे किया जाएगा। वहीं, सुबह 11 बजे उनके निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के लिए आम लोगों को अनुमति दी जाएगी।

देशभर में शोक

आशा भोसले के निधन से संगीत जगत और उनके प्रशंसकों में गहरा दुख है। उनके चाहने वाले और फिल्म इंडस्ट्री की हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं।

आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए और भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके सदाबहार गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। (Asha Bhosle Dies At The Age Of 92)

महासमुंद में पुलिस का बड़ा एक्शन: 5 करोड़ का गांजा नष्ट, तस्करों में मचा हड़कंप

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 महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9 क्विंटल 96 किलो 660 ग्राम गांजा नष्ट किया है। इस कार्रवाई से ड्रग माफिया में हड़कंप मच गया है। पूरी प्रक्रिया शासन की गाइडलाइन के तहत जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई।


तीन मामलों का जब्त गांजा किया नष्ट

पुलिस के अनुसार यह गांजा कोमाखान थाना क्षेत्र में दर्ज तीन अलग-अलग NDPS एक्ट के मामलों में जब्त किया गया था। इनमें एक मामला वर्ष 2025 का और दो मामले वर्ष 2026 के हैं।

बालाजी प्लांट में पूरी हुई प्रक्रिया

गांजा नष्टीकरण की कार्रवाई बालाजी प्लांट में की गई। इस दौरान जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष (पुलिस अधीक्षक), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जिला आबकारी अधिकारी की मौजूदगी में पहले जब्त सामग्री का भौतिक सत्यापन किया गया, इसके बाद नियमानुसार नष्ट किया गया।

करीब 5 करोड़ की बताई गई कीमत

नष्ट किए गए गांजा की कुल कीमत लगभग 5 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इसे जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

ड्रग्स के खिलाफ सख्त रुख

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में बढ़ेगा तापमान, अगले कुछ दिनों में गर्मी का प्रकोप तेज होने के आसार

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 1-2 दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर और तेज होगा।


मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में बारिश या बादल का कोई असर नहीं है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल हो गया है, जबकि अंबिकापुर में अपेक्षाकृत तापमान कम बना हुआ है।

दरअसल, दक्षिण से मध्य भारत तक फैले साइक्लोनिक सिस्टम के कारण मौसम शुष्क बना हुआ है। इसके चलते सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं और तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह गर्मी की शुरुआत है और आने वाले 3-4 दिनों में तापमान और बढ़ेगा।

42 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

14 अप्रैल के बाद लू चलने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार 14 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की स्थिति बन सकती है। दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

सावधानी बरतने की सलाह

बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और सिर को ढककर रखें।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की चेतावनी दी है, ऐसे में अभी से सावधानी बरतना जरूरी है।

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