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कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

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‘गौरा’ -राष्ट्रीय दृश्य कला प्रदर्शनी

रायपुर- गौरा में आपका स्वागत है। यह  प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर ,लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज,दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी  दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

गुरु खुशवंत,तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है।

यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है

डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG),रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।

यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है

घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर,शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं।  वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है।

यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी

डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।

 डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।

(CGPAG) के बारे में

छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

डिजिटल क्रॉप सर्वे से बढ़ी पारदर्शिता, 58 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक परियोजना नई क्रांति का आधार बन रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) योजना ने राज्य में खेती-किसानी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने का कार्य किया है। मोबाइल ऐप आधारित इस सर्वे के जरिए खरीफ और रबी फसलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे कृषि प्रबंधन अधिक प्रभावी बन रहा है।

85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सत्यापन पूर्ण

खरीफ वर्ष 2025 के लिए 15 अगस्त 2025 से प्रारंभ किए गए डिजिटल क्रॉप सर्वे में राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों के कुल 1 करोड़ 19 लाख 68 हजार 415 खसरों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 1 करोड़ 18 लाख 07 हजार 537 खसरों को अनुमोदित किया गया है। इस प्रकार 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। वहीं, रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे 1 जनवरी 2026 से जारी है।

79 प्रतिशत किसानों की बनी फार्मर आईडी

एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के कुल 40 लाख 08 हजार 908 किसानों में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। यह कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है। राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत 104 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।

तकनीक से मजबूत होगा कृषि तंत्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिलेगा तथा कृषि आंकड़ों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा।

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में 33 जिलों के 14,066 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 58 हजार 335 ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को सर्वेयर के रूप में रोजगार मिला। इन युवाओं को इस कार्य के एवज में लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

साल में दो बार मिलेगा रोजगार

अब वर्ष में दो बार—खरीफ और रबी सीजन में—डिजिटल फसल सर्वे होने से ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।

महिला आरक्षण से आधी आबादी को मिलेगा उनका पूरा हक, निर्णय प्रक्रिया में बढ़ेगी भागीदारी - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ नारी की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित किया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की सशक्त नींव है।

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस ऐतिहासिक पहल को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में सशक्त रूप दिया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल माताओं-बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ ‘महतारी गौरव वर्ष’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है।

उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी।

मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

एनसीसी और नाइलिट की संयुक्त पहल: कैडेट्स के लिए साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

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नई दिल्ली- देश में युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए National Cadet Corps (NCC) ने National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) के सहयोग से एक व्यापक साइबर सुरक्षा क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Cyber Security Capacity Building Programme) की शुरुआत की है। इस संबंध में दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर NCC के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल Virendra Vats और NIELIT के महानिदेशक Madan Mohan Tripathi उपस्थित रहे।

दो चरणों में होगा प्रशिक्षण

यह कार्यक्रम दो चरणों में लागू किया जाएगा:

1. साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम

पहले चरण में 15 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें कैडेट्स को डिजिटल साक्षरता, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर हाइजीन और साइबर खतरों के बारे में बुनियादी जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण NIELIT के डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के सभी NCC कैडेट्स के लिए उपलब्ध होगा।

2. साइबर डिफेंडर कार्यक्रम

दूसरे चरण में 60 घंटे का गहन ऑफलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें चयनित कैडेट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, रियल-लाइफ सिमुलेशन और आधुनिक साइबर सुरक्षा टूल्स का उपयोग सिखाया जाएगा, जिससे वे साइबर खतरों की पहचान और उनसे निपटने में सक्षम बन सकें।

उद्देश्य और महत्व

इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित NCC साइबर कैडेट्स की एक मजबूत टीम तैयार करना है, जो:

  • समाज में साइबर जागरूकता फैलाएं

  • सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा दें

  • जमीनी स्तर पर साइबर सुरक्षा अभियानों में सहयोग करें

यह कार्यक्रम Digital India और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के लक्ष्यों के अनुरूप भी है।

निष्कर्ष

यह पहल न केवल युवाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सक्षम बनाएगी, बल्कि देश में सुरक्षित और जागरूक डिजिटल समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

भारत-यूके सहयोग के तहत ‘BE-JTO’ परियोजना को बढ़ावा, उन्नत विमान तकनीक के विकास की दिशा में बड़ा कदम

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नई दिल्ली- Technology Development Board (TDB), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत, ने Casey Aviation Private Limited, गुरुग्राम के साथ “Boost Electric Jump Take-Off (BE-JTO)” परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस परियोजना को भारत–यूके सहयोगी अनुसंधान एवं विकास (R&D) कार्यक्रम के तहत, यूके स्थित ARC Aerosystems Ltd के साथ साझेदारी में वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

उन्नत टेक्नोलॉजी के विकास पर फोकस

यह परियोजना हाइब्रिड प्रोपल्शन आधारित Jump Take-Off (JTO) प्रणाली के विकास पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य मानव रहित (Unmanned) और हल्के विमान प्लेटफॉर्म्स की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। इसके तहत रोटरक्राफ्ट प्रोपल्शन सिस्टम के परीक्षण और सत्यापन के लिए एक विशेष टेस्ट बेंच सुविधा भी स्थापित की जाएगी।

क्या होगा फायदा?

यह नई तकनीक:

  • कम दूरी या लगभग वर्टिकल टेक-ऑफ को संभव बनाएगी

  • ऑपरेशन में अधिक लचीलापन प्रदान करेगी

  • दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोगी साबित होगी

इसका उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जैसे:

  • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

  • आपदा राहत कार्य

  • मेडिकल इवैक्यूएशन

  • ड्रोन आधारित लॉजिस्टिक्स

  • निगरानी (Surveillance)

उत्तर भारत में पहली तरह की सुविधा

इस परियोजना के तहत उत्तर भारत में अपनी तरह की पहली प्रोपल्शन टेस्टिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। यह सुविधा स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को अपने ड्रोन और एडवांस्ड एरियल मोबिलिटी सिस्टम्स के परीक्षण और विकास में मदद करेगी।

स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा

यह टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल कंपनी के आंतरिक विकास में सहायक होगा, बल्कि अन्य नवाचारकर्ताओं को भी सेवाएं प्रदान करेगा और नई तकनीकों के व्यावसायीकरण (Commercialization) को बढ़ावा देगा।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर TDB के सचिव Rajesh Kumar Pathak ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत होने वाले R&D कार्यक्रम रणनीतिक क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि हाइब्रिड प्रोपल्शन और एडवांस टेक-ऑफ सिस्टम भारत में मानव रहित विमानन और क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकते हैं।

कंपनी की प्रतिक्रिया

Casey Aviation के प्रवर्तकों ने सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना उनकी तकनीक को वास्तविक परिस्थितियों में परखने और भविष्य के लिए स्केलेबल समाधान विकसित करने में मदद करेगी।

निष्कर्ष

यह पहल भारत में उन्नत विमानन तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो भविष्य में देश के एरियल मोबिलिटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

आयुष्मान भारत योजना में डिजिटल बदलाव को बढ़ावा देने के लिए ‘ऑटो-एडजुडिकेशन हैकाथॉन 2026’ का आयोजन

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नई दिल्ली- National Health Authority द्वारा संचालित Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (AB PM-JAY) के तहत देश में डिजिटल हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह योजना प्रतिदिन लगभग 50,000 क्लेम्स को प्रोसेस करती है, जो 1900 से अधिक उपचार पैकेजों से जुड़े होते हैं।

इतनी बड़ी संख्या में क्लेम्स को देखते हुए, तेज़, सटीक और पारदर्शी क्लेम निपटान (adjudication) बेहद आवश्यक हो गया है। वर्तमान में लगभग 15–20% क्लेम्स ही ऑटोमैटिक तरीके से निपटाए जा रहे हैं, जबकि एक स्केलेबल और सभी पैकेजों पर लागू होने वाली प्रणाली की जरूरत महसूस की जा रही है।

हैकाथॉन का उद्देश्य

इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए NHA ने AB PM-JAY ऑटो-एडजुडिकेशन हैकाथॉन 2026 की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य ऐसे डिजिटल समाधान विकसित करना है जो:

  • मौजूदा सिस्टम के साथ सहजता से जुड़ सकें

  • मैनुअल कार्यभार को कम करें

  • क्लेम प्रोसेसिंग को तेज और पारदर्शी बनाएं

  • AI आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और रियल-टाइम वेरिफिकेशन को सक्षम बनाएं

प्रतिभागियों की बड़ी भागीदारी

इस हैकाथॉन को देशभर से शानदार प्रतिक्रिया मिली है, अब तक 2600 से अधिक प्रतिभागी रजिस्टर कर चुके हैं। इसमें छात्र, शोधकर्ता, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और प्रोफेशनल्स शामिल हैं।

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 13 अप्रैल 2026
इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

मास्टरक्लास सीरीज की शुरुआत

प्रतिभागियों को मार्गदर्शन देने के लिए NHA द्वारा 3 विशेष मास्टरक्लास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं:

  • सत्र 1: 13 अप्रैल 2026 (दोपहर 2:00 – 4:00 बजे)

  • सत्र 2: 15 अप्रैल 2026 (दोपहर 2:00 – 4:00 बजे)

  • सत्र 3: 16 अप्रैल 2026 (दोपहर 2:00 – 4:00 बजे)

ये सभी सत्र NHA के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित किए जाएंगे।

IISc बेंगलुरु में ग्रैंड फिनाले

हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले 8-9 मई 2026 को Indian Institute of Science में आयोजित होगा। इसमें चयनित टीमें अपने समाधान प्रस्तुत करेंगी, जिनका मूल्यांकन हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और पब्लिक पॉलिसी के विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जाएगा।

आकर्षक पुरस्कार

विजेताओं को प्रत्येक समस्या के लिए:

  • प्रथम पुरस्कार: ₹5 लाख

  • द्वितीय पुरस्कार: ₹3 लाख

  • तृतीय पुरस्कार: ₹2 लाख

साथ ही NHA के साथ भविष्य में सहयोग का अवसर भी मिलेगा।

डिजिटल हेल्थ के भविष्य की दिशा

इस पहल के माध्यम से NHA ने स्पष्ट किया है कि वह नवाचार और सहयोग के जरिए देश में एक मजबूत, पारदर्शी और प्रभावी डिजिटल हेल्थ सिस्टम विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे लाभार्थियों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

कांकेर में एनकाउंटर: 5 लाख की इनामी महिला नक्सली एरिया कमांडर रूपी ढेर

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 रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। छोटे बेटिया थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई मुठभेड़ में 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली एरिया कमांडर रूपी को मार गिराया गया। मुठभेड़ के बाद मौके से उसका शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने सोमवार सुबह जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान नक्सलियों से आमना-सामना हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में एरिया कमांडर रूपी मारी गई।

मौके से हथियार और नक्सली सामग्री बरामद

मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में रूपी का शव बरामद किया गया। उसके पास से आधुनिक हथियारों के साथ नक्सली सामग्री भी मिली है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

सरेंडर से किया था इंकार

बताया जा रहा है कि राज्य में नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की गई थी। इस दौरान बस्तर क्षेत्र में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की, लेकिन रूपी ने सरेंडर करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद से सुरक्षाबल उसकी तलाश में जुटे हुए थे।

अभियान को मिली बड़ी कामयाबी

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि रूपी के मारे जाने से क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। इससे नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलने के साथ ही सुरक्षाबलों का मनोबल भी बढ़ा है।

जलियांवाला बाग के शहीदों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की श्रद्धांजलि, साहस और बलिदान को बताया प्रेरणास्रोत

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नई दिल्ली- नरेंद्र मोदी  ने आज जलियांवाला बाग नरसंहार के वीर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन अमर बलिदानियों का त्याग हमारे देशवासियों के अदम्य साहस और अटूट आत्मबल का प्रतीक है, जो आज भी हर पीढ़ी को प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का बलिदान हमें स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना को भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए कहा कि विदेशी हुकूमत की बर्बरता के खिलाफ शहीदों ने जो साहस और स्वाभिमान दिखाया, वह देश के इतिहास में सदैव अमर रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषाओं में श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का साहस और दृढ़ संकल्प आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करता रहेगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें समाज को सशक्त और समृद्ध बनाने का संदेश दिया गया है। सुभाषित के माध्यम से उन्होंने कहा कि समाज के परिश्रमी और जागरूक लोगों का कर्तव्य है कि वे राष्ट्र को समृद्ध, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने वाली सकारात्मक शक्तियों को बढ़ावा दें, साथ ही विभाजन, अन्याय और असंतोष फैलाने वाली नकारात्मक शक्तियों का दृढ़ता से विरोध करें।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि आज के समय में देश को एकजुट रखते हुए विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपनाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

गौरतलब है कि जलियांवाला बाग नरसंहार भारत के इतिहास की एक ऐसी घटना है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था और स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी। आज भी यह दिन देशवासियों को एकता, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है।

जलियांवाला बाग नरसंहार (Jallianwala Bagh Massacre) – संक्षिप्त विवरण

जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय इतिहास की सबसे दुखद और महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है, जो 13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में घटी थी।

क्या हुआ था?

बैसाखी के दिन हजारों लोग  जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए एकत्रित हुए थे। वे लोग ब्रिटिश सरकार के दमनकारी कानून रॉलेट एक्ट (Rowlatt Act) के खिलाफ विरोध कर रहे थे।

उसी समय ब्रिटिश अधिकारी जनरल रेजिनाल्ड डायर (General Reginald Dyer)अपने सैनिकों के साथ वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाने का आदेश दे दिया।

कितने लोग मारे गए?

इस गोलीबारी में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए। आधिकारिक आंकड़े कम बताए गए, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जाती है।

घटना का प्रभाव

  • इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया।

  • भारतीयों में अंग्रेजों के खिलाफ गहरा आक्रोश पैदा हुआ।

  • Mahatma Gandhi ने इसके बाद असहयोग आंदोलन शुरू किया।

  • भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा मिली।

क्यों महत्वपूर्ण है?

जलियांवाला बाग नरसंहार हमें याद दिलाता है कि आजादी कितने बलिदानों के बाद मिली है। यह घटना अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने और एकजुट रहने की प्रेरणा देती है।

आरंग खंड में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी व छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का सदस्यता अभियान तेज, युवाओं और महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

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रायपुर ग्रामीण जिले के आरंग खंड में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के संयुक्त तत्वावधान में एक संगठनात्मक बैठक एवं सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जिनमें युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संगठन की विचारधारा, छत्तीसगढ़िया अस्मिता, स्थानीय अधिकारों की रक्षा और जनहित से जुड़े मुद्दों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने आरंग क्षेत्र को छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता और छत्तीसगढ़ियावाद को मजबूत करने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।

बैठक में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर भी गंभीर चर्चा की गई। गैस सिलेंडर की कमी, बढ़ते बिजली बिल, हसदेव जंगल की कटाई, बस्तर में बाहरी प्रभाव, बेरोजगारी, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

इस अवसर पर संगठन के प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आरंग खंड के लोगों ने संगठन से जुड़ने की सहमति जताई और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भाषा, जल-जंगल-जमीन और स्थानीय अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार संगठन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को जेल में डालकर छत्तीसगढ़ियावाद की आवाज दबाई जा रही है।

वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल, छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय यादव और केंद्रीय सदस्य दिनेश वर्मा सहित कई पदाधिकारी जेल में हैं। इसके बावजूद संगठन के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में सक्रिय रूप से अभियान और आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं।

कार्यक्रम का समापन संगठन की एकता, मजबूती और संघर्ष के संकल्प के साथ किया गया।


कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही- मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

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 रायपुर : गौरा में आपका स्वागत है। यह प्रदर्शनी आने वाले सभी लोगों के लिए खुशी, प्रेरणा और चिंतन का स्रोत बने। छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा आयोजित तीसरी दृश्य कला प्रदर्शनी ‘गौरा’ का आयोजन 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 तक महंत घासीदास संग्रहालय, राजभवन के निकट स्थित आर्ट गैलरी, रायपुर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रदर्शनी देशभर के 100 प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। इस अवसर पर चार विशिष्ट अतिथि कलाकारों की सहभागिता भी रहेगी।


इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 10 अप्रैल 2026 को मुख्य अतिथि श्री गुरु खुशवंत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन व विशिष्ट अतिथि के तौर पर डॉ. चित्तरंजन कर , लेखक रायपुर और वेद प्रकाश भारद्वाज, दृश्य कलाकार, कला लेखक, क्यूरेटर और संपादक, नई दिल्ली के करकमलों द्वारा किया जाएगा, जो इस अवसर को गौरवान्वित करेंगे। उद्घाटन के पश्चात प्रदर्शनी दर्शकों के लिए खुली रही।‘गौरा’ प्रदर्शनी समकालीन भारतीय कला की विविधता, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति का उत्सव है। यह कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की कृतियों को देखने और समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

 गुरु खुशवंत, तकनीकी शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं छत्तीसगढ़ की जीवंत और विविध कलात्मक भावना के उत्सव, सीजीपीएजी की उद्घाटन प्रदर्शनी ‘गौरा’ में आपका स्वागत करता हूँ। यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है क्योंकि इसमें हमारे क्षेत्र के 100 प्रगतिशील कलाकार एक साथ आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक ने हमारे सांस्कृतिक परिदृश्य के कैनवास पर अपनी अनूठी दृष्टि और रचनात्मकता का योगदान दिया है।

यह कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है

डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG), रायपुर ने कहा कि कला हमेशा से अभिव्यक्ति, प्रतिबिंब और परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम रही है। गौरा के माध्यम से हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ में मौजूद कलात्मक प्रतिभा के समृद्ध ताने-बाने को प्रदर्शित करना है, जो हमारे कलाकारों को अपनी कहानियों, सपनों और दृष्टिकोणों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह प्रदर्शनी केवल कलाकृतियों का प्रदर्शन नहीं है। यह एक संवाद है, कलाकार और दर्शक के बीच एक वार्तालाप है, जो आपको व्यक्तिगत स्तर पर कलाकृतियों का पता लगाने, व्याख्या करने और उनसे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता है।

यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण है

घासीदास म्युजियम कला वीथिका रायपुर में (CGPAG) की संगठनात्मक संरचना में डॉ. ध्रुव तिवारी -क्यूरेटर, जितेन साहू को- ऑर्डिनेटर, शांति तिर्की एसोसिएट को-ऑर्डिनेटर तथा अनिल खोबरागड़े, कोषाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यहाँ प्रस्तुत कृतियाँ हमारे कलाकारों के लचीलेपन, नवाचार और जुनून का प्रमाण हैं। वे हमारे समय के सार को पकड़ते हैं, उन विषयों को संबोधित करते हैं जो हमारी सामूहिक चेतना-पहचान, विरासत, पर्यावरण और मानवीय अनुभव के साथ प्रतिध्वनित होते हैं। प्रत्येक कृति अपने निर्माता की आत्मा में एक खिड़की है, जो शब्दों से परे अंतर्दृष्टि और भावनाएँ प्रदान करती है।

यह कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी

डॉ. ध्रुव तिवारी ने बताया कि जब आप ‘गौरा’ में आगे बढ़ते हैं, तो मैं आपको कलाकृतियों से न केवल दृष्टिगत रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। उन्हें आपसे बात करने दें, आपको चुनौती दें और आपको प्रेरित करें। कला में परिवर्तन लाने, विचार को उकसाने और समझ को बढ़ावा देने की शक्ति है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रदर्शनी आप में से प्रत्येक के भीतर कला के लिए जिज्ञासा और प्रशंसा की चिंगारी को प्रज्वलित करेगी, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और हमें परिभाषित करने वाली रचनात्मक भावना से गहरा संबंध बनाएगी।

डॉ. ध्रुव तिवारीने कहा कि मैं उन सभी कलाकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस प्रदर्शनी में अपने कामों का योगदान दिया है, साथ ही आयोजकों, प्रायोजकों और समर्थकों के प्रति भी जिन्होंने ‘गौरा’ को संभव बनाया है। कला के इस उत्सव के पीछे आपकी लगन और जुनून प्रेरक शक्तियाँ हैं।

(CGPAG) के बारे में

छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) एक सक्रिय कला मंच है, जो कलाकारों को एकजुट कर समकालीन कला को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है। (CGPAG) की प्रथम प्रदर्शनी ‘सोहाई’ का आयोजन 12 से 14 अप्रैल 2025 तक महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर में आयोजित की गई थी।

लेबनान पहुंचे प्रधानमंत्री नेतन्याहू, बुलेटप्रूफ जैकेट में सैनिकों के बीच दिखे, युद्ध पर दिया कड़ा बयान

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 Israel Lebanon War: दक्षिण लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का दौरा सामने आया है। एक वीडियो में वे बुलेटप्रूफ जैकेट पहने इजराइली सैनिकों के साथ नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में सक्रिय है और वायुसेना लगातार हवाई हमले कर रही है।


प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “आज लेबनान में, हमारे वीर लड़ाकों के साथ।”

युद्ध जारी रहने का संकेत

दक्षिण लेबनान में सैनिकों से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और सुरक्षा क्षेत्र के भीतर भी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने ईरान और उसके सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि “हमारे दुश्मन हमें खत्म करना चाहते थे, लेकिन अब वे खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।”

दौरे के रणनीतिक मायने

विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। Iran और United States के बीच हालिया शांति वार्ता विफल हो चुकी है, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा

इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अमेरिका के अंतिम प्रस्ताव को ईरान ने स्वीकार नहीं किया, खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर।

वहीं, पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी बयान देते हुए कहा कि वार्ता इसलिए असफल रही क्योंकि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव

अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर सख्त निगरानी रखेगा, खासकर उन जहाजों पर जो ईरान को किसी प्रकार का भुगतान करते हैं। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

लेबनान में नेतन्याहू का दौरा केवल एक सैन्य मनोबल बढ़ाने वाला कदम नहीं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित बड़े संघर्ष की ओर भी संकेत करता है। अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ती सख्ती ने मध्य-पूर्व की स्थिति को और जटिल बना दिया है।

CG NEWS : शादी के 2 दिन बाद दूल्हे की मौत: ब्रेक फेल ट्रैक्टर पलटा, घर में पसरा मातम

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 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। शादी के महज दो दिन बाद एक दूल्हे की मौत हो गई, जिससे परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।


जानकारी के अनुसार, कापू थाना क्षेत्र के ग्राम ठाकुरपोड़ी निवासी देवांगन सिदार (35) की शादी 8 अप्रैल को जशपुर जिले के कोतबा में संपन्न हुई थी। इसके बाद 9 अप्रैल को गांव में रिसेप्शन का आयोजन किया गया था। सभी कार्यक्रमों के बाद 10 अप्रैल को यह हादसा हो गया।

बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल की शाम देवांगन सिदार अपने चाचा संजय सिदार के ट्रैक्टर में टेंट का सामान लेकर दोस्तों के साथ पास के गांव बालापोढ़ी जा रहा था। सतीपारा में सरपंच के घर के पास पहुंचते ही अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर का ब्रेक फेल हो गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ट्रैक्टर पलटने से देवांगन सिदार उसके नीचे दब गया और सिर व सीने में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में उसके साथ मौजूद तीन दोस्त भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतक देवांगन सिदार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बिजली विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर (संविदा) के रूप में कार्यरत था। घर में 5 अप्रैल से शादी की तैयारियां चल रही थीं और खुशियों का माहौल था, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल: स्वस्थ भारत के लिए जन आंदोलन बनता अभियान

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नई दिल्ली- देश में फिटनेस को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 69वें संस्करण का नेतृत्व किया।

इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे फिट इंडिया अभियान से जुड़ें और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

डॉ. मंडाविया ने कहा कि “संडे ऑन साइकिल अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर देश का युवा फिटनेस के प्रति अधिक जागरूक हुआ है। फिट इंडिया केवल संदेश नहीं, बल्कि विकसित भारत के लिए आवश्यकता है।”

फिटनेस और विकास का संबंध

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज बनाता है और स्वस्थ समाज ही देश को विकसित बनाता है।

फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण

फिट इंडिया ऐप के जरिए साइक्लिंग करने पर कार्बन क्रेडिट अर्जित करने की सुविधा भी दी जा रही है, जिसे भविष्य में उत्पाद खरीदने में उपयोग किया जा सकेगा। यह पहल फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देती है।

कार्यक्रम की झलकियां

कार्यक्रम में सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला:

  • जुम्बा, योग और खेल गतिविधियां

  • रस्सीकूद, टग ऑफ वॉर और फिटनेस गेम्स

  • फोटो बूथ और इंटरैक्टिव जोन

  • नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता

कॉमनवेल्थ गेम्स की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज पिंकी जांगड़ा, फिटनेस इन्फ्लुएंसर दिनेश शेट्टी और सामाजिक कार्यकर्ता सोनिया सिसोदिया को सम्मानित किया गया।

व्यापक भागीदारी

देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह साइक्लिंग अभियान एक साथ आयोजित किया गया। इसमें छात्र, खिलाड़ी, पेशेवर, परिवार और विभिन्न आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

जन आंदोलन की ओर

दिसंबर 2024 में शुरू हुए इस अभियान में अब तक 28 लाख से अधिक लोग और 2.63 लाख स्थानों पर भागीदारी दर्ज की जा चुकी है।

यह पहल न केवल फिटनेस को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में जागरूकता, सहभागिता और स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में एक मजबूत जन आंदोलन बनती जा रही है।

पीएम गतिशक्ति के तहत रेलवे का ऐतिहासिक विस्तार: 100 परियोजनाओं से बदलेगी देश की तस्वीर

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नई दिल्ली- देश में कनेक्टिविटी को अंतिम छोर तक पहुंचाने और समावेशी विकास को गति देने के लिए भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए वित्त वर्ष 2025–26 में 100 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत शुरू की जा रही हैं, जिन पर कुल ₹1.53 लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के जरिए 6,000 किलोमीटर से अधिक रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा, जिससे देश के दूरदराज और वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। पिछले वर्ष की तुलना में यह वृद्धि उल्लेखनीय है—परियोजनाओं की संख्या में 56 प्रतिशत, रूट कवरेज में 114 प्रतिशत और निवेश में 110 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रेलवे द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं में नई रेल लाइनों के निर्माण के साथ-साथ डबलिंग, मल्टीट्रैकिंग, बायपास लाइन, फ्लाईओवर और कॉर्ड लाइन जैसे कार्य शामिल हैं। इनका मुख्य उद्देश्य भीड़भाड़ वाले मार्गों को कम करना, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार लाना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश इस विस्तार के केंद्र में हैं, जहां सबसे अधिक परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इन क्षेत्रों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और माल परिवहन अधिक सुगम होगा।

विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ इलाकों पर भी ध्यान दिया गया है। छत्तीसगढ़ की रावघाट–जगदलपुर रेल लाइन जैसी परियोजनाएं इन क्षेत्रों के लोगों को बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ेंगी, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण होगा।

बड़े निवेश वाले प्रोजेक्ट्स में कसारा–मनमाड, खरसिया–नया रायपुर–परमलकसा, इटारसी–नागपुर और सिकंदराबाद–वाडी जैसी महत्वपूर्ण लाइनें शामिल हैं, जो देश के प्रमुख माल ढुलाई मार्गों को मजबूत करेंगी।

यह विस्तार ‘मिशन 3000 एमटी’ के तहत माल परिवहन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी अहम कदम है। इससे कोयला और खनिजों की ढुलाई तेज होगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और बंदरगाहों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश न केवल रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाएगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा, उद्योगों को गति देगा और लॉजिस्टिक्स लागत कम कर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

कुल मिलाकर, यह पहल केवल रेलवे विस्तार नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव है, जो देश को विकास के अगले चरण की ओर अग्रसर करेगी।


आईएनएस त्रिकंड की केन्या यात्रा संपन्न, भारत-केन्या नौसैनिक सहयोग हुआ मजबूत

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भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंड ने 10 अप्रैल 2026 को केन्या के मोम्बासा बंदरगाह पर अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की।

यह पोर्ट कॉल पश्चिमी नौसेना कमान के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की केन्या यात्रा के साथ हुआ। इस दौरान एक औपचारिक समारोह में INSAS राइफल और गोला-बारूद केन्या नौसेना को सौंपे गए।

प्रमुख गतिविधियां:

  • छोटे हथियारों की हैंडलिंग और मेंटेनेंस प्रशिक्षण

  • VBSS (Visit, Board, Search and Seizure) अभ्यास

  • क्रॉस-डेक विजिट और संयुक्त अभ्यास

  • सामुदायिक सेवा और खेल प्रतियोगिताएं

  • योग सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम

आईएनएस त्रिकंड के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने केन्या नौसेना के अधिकारियों से मुलाकात कर सहयोग को और मजबूत किया।

महत्व:

यह यात्रा भारत के MAHASAGAR विजन (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) को दर्शाती है। इससे भारत और केन्या के बीच नौसैनिक सहयोग, मित्रता और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी।



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