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बाहरी डॉक्टरों को प्रैक्टिस की छूट पर बढ़ा विवाद, आईएमए ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को सीधे चिकित्सा अभ्यास (प्रैक्टिस) की अनुमति देने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस निर्णय के खिलाफ राज्यभर के डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस कदम से राज्य के चिकित्सा नियमों और स्थानीय चिकित्सकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इस मुद्दे पर Indian Medical Association (IMA) ने कड़ी आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बिना निर्धारित प्रक्रिया और स्थानीय पंजीकरण व्यवस्था का पालन किए बाहरी डॉक्टरों को सीधे प्रैक्टिस की अनुमति देना उचित नहीं है।

आईएमए के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो प्रदेशभर के डॉक्टर आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। संगठन का कहना है कि चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी चिकित्सकों के लिए समान नियम लागू होना आवश्यक है।

वहीं, इस निर्णय के समर्थकों का तर्क है कि राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए बाहरी राज्यों के चिकित्सकों को अवसर देने से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिल सकती है। हालांकि विरोध करने वाले डॉक्टरों का मानना है कि किसी भी बदलाव से पहले सभी संबंधित पक्षों से चर्चा और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।

फिलहाल इस मुद्दे को लेकर सरकार, चिकित्सा परिषद और डॉक्टर संगठनों के बीच चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


छत्तीसगढ़ बना गांजा तस्करी का नया ट्रांजिट कॉरिडोर, तस्कर अपना रहे नए-नए हथकंडे

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, राज्य अब देश के सबसे महत्वपूर्ण गांजा ट्रांजिट कॉरिडोर में से एक बनकर उभर रहा है। तस्कर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बढ़ती जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, तस्कर अब गांजे की खेप को छिपाने के लिए नीले प्लास्टिक ड्रम, केले से भरे ट्रक, सब्जियों की गाड़ियां और अन्य मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई मामलों में वैध व्यापारिक सामान के बीच नशीले पदार्थ छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति इसे तस्करों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। राज्य की सीमाएं कई राज्यों से जुड़ी हुई हैं, जिसके कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे क्षेत्रों से आने वाली गांजे की खेप को उत्तर और पश्चिम भारत तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ का उपयोग किया जा रहा है।

पिछले कुछ महीनों में पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने कई बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य का गांजा जब्त किया है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और इसमें शामिल गिरोहों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। हालांकि तस्करों के बदलते तौर-तरीकों ने जांच एजेंसियों की चुनौती और बढ़ा दी है।

अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाकर और आधुनिक निगरानी तकनीकों का उपयोग कर इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान ही इस समस्या से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय हो सकता है।



NEET-UG 2026 री-टेस्ट: छत्तीसगढ़ में 40 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण आयोजन

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रायपुर- देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-टेस्ट का आयोजन रविवार को छत्तीसगढ़ के 19 जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राज्यभर के 127 परीक्षा केंद्रों पर 40 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि राजधानी रायपुर में उपस्थिति दर 91 प्रतिशत दर्ज की गई। 

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले दस्तावेजों की जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा स्क्रीनिंग की गई। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और जगदलपुर सहित विभिन्न जिलों में परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन और पुलिस की विशेष निगरानी रही। 

रायपुर के 25 परीक्षा केंद्रों पर कुल 9,051 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 8,282 छात्रों ने परीक्षा दी। वहीं बिलासपुर जिले में 7,759 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7,044 परीक्षा में शामिल हुए। अधिकांश केंद्रों पर उपस्थिति संतोषजनक रही और परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए NTA ने इस बार CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और उन्नत सुरक्षा उपायों का सहारा लिया। अधिकारियों के अनुसार पूरे राज्य में कहीं से भी किसी बड़ी गड़बड़ी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।

चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हजारों छात्रों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परीक्षा समाप्त होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने पेपर को संतुलित बताया, जबकि कुछ छात्रों ने इसे चुनौतीपूर्ण बताया। अब सभी की निगाहें परिणामों पर टिकी हैं, जो उनके मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का भविष्य तय करेंगे। 


वैश्विक बाजारों की नजर केंद्रीय बैंकों और महंगाई के आंकड़ों पर

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दुनियाभर के वित्तीय बाजार इस समय प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अधिकारियों के भाषणों और आने वाले महंगाई (इन्फ्लेशन) के आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि इन संकेतों से भविष्य में ब्याज दरों को लेकर महत्वपूर्ण फैसलों का अंदाजा मिलेगा।

निवेशकों का ध्यान विशेष रूप से Federal Reserve, European Central Bank और Bank of England जैसे प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर है। हाल के आर्थिक आंकड़ों ने मिश्रित संकेत दिए हैं, जिसके कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महंगाई के आंकड़े यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखेंगे या फिर उनमें कटौती की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। यदि महंगाई अपेक्षा से अधिक रहती है, तो ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो सकती है। वहीं, महंगाई में कमी आने पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है।

इस अनिश्चितता के बीच वैश्विक शेयर बाजार, बॉन्ड बाजार और मुद्रा बाजारों में सतर्क कारोबार देखने को मिल रहा है। निवेशक हर नए आर्थिक संकेत और केंद्रीय बैंक अधिकारियों की टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि वर्ष की दूसरी छमाही में महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े फैसले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों की दिशा तय करेंगे।

अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर तनाव कम होने के संकेत

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अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हुई उच्चस्तरीय वार्ता में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और मध्यस्थ देशों ने बताया कि अगले 60 दिनों के भीतर एक व्यापक समझौते की दिशा में रोडमैप तैयार किया गया है।

यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब दुनिया की निगाहें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर टिकी हुई हैं। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव और नौवहन संबंधी बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई थी।

वार्ता में प्रगति की खबर सामने आते ही वैश्विक बाजारों ने राहत की सांस ली। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। निवेशकों को उम्मीद है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता आगे बढ़ता है, तो ऊर्जा आपूर्ति पर मंडरा रहा संकट काफी हद तक कम हो सकता है।

ईरान ने दावा किया है कि उसे तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण लाभ मिले हैं, वहीं अमेरिका ने क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षित समुद्री यातायात सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी कई संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम सहमति बनना बाकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रगति मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए आने वाले सप्ताह बेहद अहम होंगे। 

रायतुम गांव के ग्रामीण पोस्ट ऑफिस की अव्यवस्था से परेशान, समय पर नहीं खुलने से बढ़ रही समस्याएं

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रायतुम (रायपुर क्षेत्र)- रायतुम गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग स्थानीय पोस्ट ऑफिस की लापरवाही से काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पोस्ट ऑफिस का निर्धारित समय होने के बावजूद कई बार कार्यालय समय पर नहीं खुलता, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और जरूरी काम अधूरे रह जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पोस्टमास्टर मनीष जाट के समय पर उपस्थित न होने के कारण पैसा निकासी, जमा, आधार संबंधी कार्य और अन्य डाक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई ग्रामीण दूर-दूर से पोस्ट ऑफिस पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने के लिए पोस्ट ऑफिस पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन अव्यवस्था के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए तथा पोस्ट ऑफिस की सेवाओं को नियमित और समयबद्ध बनाया जाए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:

✅ पोस्ट ऑफिस निर्धारित समय पर खोला जाए।
✅ सभी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
✅ ग्रामीणों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो।
✅ जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा व्यवस्था की निगरानी की जाए।

रायतुम के ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी समस्याओं को उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए मजबूर होंगे।


9 पसलियां टूटीं, फेफड़े घायल… फिर भी NEET देने पहुंची छात्रा, शिक्षा मंत्री ने कराए खास इंतजाम

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 Shrishti Dubey NEET 2026 : NEET-UG परीक्षा में एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है। Kolkata की छात्रा सृष्टि दुबे गंभीर सड़क हादसे में घायल होने के बावजूद डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए परीक्षा देने पहुंचीं।


बताया जा रहा है कि 14 जून को हुए सड़क हादसे में सृष्टि की 9 पसलियां टूट गई थीं और फेफड़ों में गंभीर चोट आई थी। उनकी बड़ी सर्जरी हुई थी और कुछ समय तक उन्हें आर्टिफिशियल वेंटिलेशन पर भी रखा गया। इसके बावजूद उन्होंने NEET-UG की दोबारा परीक्षा देने का फैसला किया।

मामले की जानकारी मिलने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने खुद हस्तक्षेप किया और National Testing Agency (NTA) के साथ समन्वय कर छात्रा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित कराई।

परीक्षा केंद्र Binodini Girls High School में सृष्टि के लिए ग्राउंड फ्लोर पर अलग कमरा दिया गया। उन्हें मेडिकल उपकरणों और ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ परीक्षा देने की अनुमति दी गई। साथ ही डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस भी स्टैंडबाय पर रखी गई।

सृष्टि के जज्बे और हौसले की यह कहानी देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। वहीं परिजनों ने शिक्षा मंत्री और NTA का संवेदनशील सहयोग देने के लिए आभार जताया है।

कठिन हालात में भी हार न मानने वाली सृष्टि दुबे ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे मुश्किलें छोटी पड़ जाती हैं।

छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के आसार, अगले 3 दिन गर्मी और बिजली गिरने का अलर्ट

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 India Meteorological Department (आईएमडी) ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून के आसपास Chhattisgarh समेत कई राज्यों में प्रवेश कर सकता है। करीब 15 दिनों से रुका मानसून अब सक्रिय होने की स्थिति में है, जिससे प्रदेश में जल्द बारिश शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।


मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक गर्मी और उमस बनी रह सकती है। कई इलाकों में तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

आईएमडी के अनुसार, Odisha, Jharkhand, Telangana और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के साथ छत्तीसगढ़ में भी मानसून आगे बढ़ सकता है। वहीं प्रदेश में अगले 2 से 3 दिन तक लू जैसे हालात बने रहने की चेतावनी भी जारी की गई है।

देश के पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। Assam, Meghalaya, Arunachal Pradesh और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।

छत्तीसगढ़ में अब लोगों को मानसून की पहली बारिश का इंतजार है, लेकिन उससे पहले गर्मी और आंधी-तूफान से सतर्क रहने की जरूरत है।

दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, झगड़ा छुड़ाने पहुंचे युवक को पीट-पीटकर मार डाला

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 कोरबा में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के रामसागर पारा में रविवार शाम दो गुटों के विवाद के बीच बचाव में पहुंचे एक युवक की बदमाशों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।


जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान रवि यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इलाके में रहने वाले एक युवक का Harshit Gangwani और Mahendra Gangwani से विवाद हुआ था। इसी रंजिश में आरोपी अपने साथियों के साथ पहुंचे और हमला शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मारपीट के दौरान रवि यादव बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से रवि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरोपी वारदात के बाद फरार हो गए।

घटना से नाराज परिजन और स्थानीय लोगों ने कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस के खिलाफ आक्रोश जताया। लोगों का आरोप है कि इलाके में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई असरदार नहीं दिख रही।

मामले की गंभीरता को देखते हुए Siddharth Tiwari खुद घटनास्थल पहुंचे। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

लगातार बढ़ रही मारपीट, चाकूबाजी और हत्या की घटनाओं ने कोरबा की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने किडनी रोगी के इलाज के लिए दी 3.95 लाख की सहायता, प्रत्यारोपण होगा अहमदाबाद में

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के गंभीर किडनी रोगी जितेन्द्र कुमार यादव (44 वर्ष) को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री साय ने उनके उपचार एवं किडनी प्रत्यारोपण के लिए 3 लाख 95 हजार 121 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर निवासी जितेन्द्र कुमार यादव गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और उन्हें रेनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण) की आवश्यकता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके परिवार को उपचार कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।


मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने त्वरित संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि अहमदाबाद (गुजरात) स्थित जी.आर. दोशी एवं के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड रिसर्च सेंटर में किडनी प्रत्यारोपण, उपचार तथा आवश्यक दवाइयों के लिए मंजूर की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार गंभीर एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि जीवनरक्षक उपचार के अभाव में किसी भी परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत इस सहायता से मरीज एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से अब आवश्यक उपचार संभव हो सकेगा। यह पहल राज्य सरकार की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

 

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा भूचाल! प्रधानमंत्री कीर स्टारमर दे सकते हैं इस्तीफा

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लंदन- ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर सोमवार को अपने इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और नेतृत्व परिवर्तन की मांग के बीच स्टारमर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, लेबर पार्टी के कई सांसद और कुछ वरिष्ठ मंत्री मानते हैं कि पार्टी को नए नेतृत्व की आवश्यकता है। हाल ही में मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहैम की जीत के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा और तेज हो गई है।

हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि स्टारमर अभी भी अपने पद पर बने रहने और किसी भी नेतृत्व चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्टारमर इस्तीफा देते हैं, तो यह ब्रिटेन की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत होगा। संभावित उत्तराधिकारियों में एंडी बर्नहम का नाम सबसे आगे माना जा रहा है, जबकि अन्य वरिष्ठ नेता भी नेतृत्व की दौड़ में शामिल हो सकते हैं।

ब्रिटेन में पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी को गिरती लोकप्रियता, आंतरिक मतभेदों और नीतिगत विवादों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्टारमर का संभावित इस्तीफा न केवल पार्टी बल्कि पूरे देश की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

नोट: अभी तक प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

बिना टिकट यात्रा अब पड़ेगी महंगी: भारतीय रेलवे ने जुर्माना दोगुना किया, 20 जून से नए नियम लागू

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नई दिल्ली- भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए न्यूनतम जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी है। अब ट्रेन में बिना वैध टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्रियों को कम से कम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। इससे पहले यह राशि 250 रुपये थी। नए नियम 20 जून 2026 से लागू हो गए हैं।

रेल मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य रेलवे में बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना, राजस्व हानि को कम करना तथा यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित और अनुशासित यात्रा वातावरण सुनिश्चित करना है। 

नए प्रावधानों के अनुसार यदि कोई यात्री बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे यात्रा किराए के साथ अतिरिक्त जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें अतिरिक्त दंड या जेल की सजा का प्रावधान भी शामिल है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार देशभर में बिना टिकट यात्रा के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। केवल मई 2026 में ही लाखों यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे का मानना है कि कड़े दंड से नियमों के पालन को बढ़ावा मिलेगा और ईमानदार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

नए नियमों के तहत केवल बिना टिकट यात्रा ही नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करना, रेलवे परिसरों में अव्यवस्था फैलाना, अवैध फेरी लगाना तथा महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश जैसे मामलों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट अवश्य खरीदें और यात्रा के दौरान टिकट अपने पास रखें। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों से रेलवे सेवाओं में पारदर्शिता, अनुशासन और यात्री सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।


कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुई NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा, 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी हुए शामिल

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नई दिल्ली- मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को देशभर में कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच सफलतापूर्वक आयोजित की गई। पेपर लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एकल पाली में आयोजित की गई।

परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस रिकग्निशन, लाइव सीसीटीवी निगरानी, एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम तथा सिग्नल जैमर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया।

NTA, पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों तथा विभिन्न सरकारी एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन और वितरण की व्यवस्था की गई। कई राज्यों में प्रश्नपत्रों को विशेष सुरक्षा के बीच सुरक्षित वॉल्ट में रखा गया तथा परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले केंद्रों तक पहुंचाया गया। 

परीक्षा से पूर्व देशभर के परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल और सुरक्षा अभ्यास भी आयोजित किए गए। साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की निगरानी की गई ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, फर्जी प्रश्नपत्र या अनियमितता को रोका जा सके। 

इस बार अभ्यर्थियों को निर्धारित ड्रेस कोड, समयबद्ध प्रवेश और अनिवार्य दस्तावेज सत्यापन का पालन करना पड़ा। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके। 

गौरतलब है कि मई में आयोजित मूल NEET UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद सरकार और NTA ने छात्रों का विश्वास बहाल करने तथा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था। 


श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल एवं COSA के संयुक्त तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन

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आरंग- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ एंड ओडिशा सब एरिया (COSA) तथा श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना के जवानों, एनसीसी कैडेट्स, नर्सिंग छात्र-छात्राओं, मरीजों के परिजनों एवं अस्पताल के कर्मचारियों सहित लगभग 500 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा, एस.एम. (गैलेंट्री), कमांडर, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया (COSA) थे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए सभी को नियमित रूप से योग अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन एवं आंतरिक शांति प्रदान कर जीवन को सकारात्मक दिशा देता है।

इस अवसर पर कर्नल दिनेश पट्टाभि, एसएसओ, स्टेशन मुख्यालय रायपुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समन्वय एवं संचालन में सूबेदार राज किशोर ठाकुर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

योग सत्र का संचालन प्रसिद्ध योग गुरु पुष्कल चौबे एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। उनके कुशल मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। योग गुरु पुष्कल चौबे ने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए स्वस्थ जीवनशैली में योग की महत्ता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन एवं उत्साह के साथ योगाभ्यास किया तथा योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।

यह संयुक्त आयोजन सेना एवं स्वास्थ्य सेवा संस्थान के मध्य समन्वय, अनुशासन, सेवा भावना एवं स्वास्थ्य जागरूकता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। कार्यक्रम ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन की दिशा में प्रेरित किया।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन: शिक्षा, जनजातीय विकास और विकसित भारत पर दिया विशेष जोर

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (21 जून 2026) मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए जनजातीय समुदाय की शैक्षिक उन्नति के लिए प्रयास करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जनजातीय युवाओं को आधुनिक विकास में योगदान देने का अवसर मिले, साथ ही वे अपनी जनजातीय पहचान और विशिष्टता को उसके वास्तविक स्वरूप में सुरक्षित रख सकें। जनजातीय समुदाय के पारंपरिक कौशल और ज्ञान का विभिन्न माध्यमों से प्रसार भी किया जाना चाहिए। जनजातीय ज्ञान एवं शिल्प परंपराओं का व्यापक अध्ययन देश के सभी नागरिकों के लिए लाभकारी होगा। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों को इस दिशा में विशेष प्रयास करने चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के अलावा उच्च शिक्षण संस्थान नवाचार और अनुसंधान के प्रमुख केंद्र भी होते हैं। छात्रों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उद्यमशीलता की भावना विकसित करना इन संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। साथ ही, छात्रों में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और भाषाओं के प्रति गौरव की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। आधुनिकता और परंपरा के संतुलित समन्वय से ही देश का समग्र विकास संभव होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन अध्ययनों और अनुसंधानों पर विशेष बल दिया जाना चाहिए जो राष्ट्र और समाज के लिए उपयोगी हों। पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, वंचित वर्गों का विकास, स्वच्छता और सामाजिक समरसता जैसे विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने से समाज को लाभ होता है। इन विषयों पर अध्ययन और अनुसंधान देश के विकास के लिए योजनाएँ बनाने में भी सहायक होते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। हमारी भाषा और जीवनशैली में भी तेज़ी से परिवर्तन हो रहा है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि कुछ शाश्वत मूल्य सदैव हमें शक्ति प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन का आधार बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, करुणा, सेवा और ईमानदारी जैसे मूल्य हर युग में हमारी चेतना के मूल तत्व रहे हैं। इन मूल्यों को अपनाकर वे कठिन परिस्थितियों का भी दृढ़ता से सामना कर सकते हैं, आदर्श नागरिक बन सकते हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल अपने परिवारों या विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की आकांक्षाओं और उसके भविष्य के निर्माता हैं। उनके ज्ञान, ऊर्जा और संकल्प से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज के व्यापक हित के लिए भी करें। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने आसपास के वंचित और ग्रामीण समुदायों की चुनौतियों को समझने, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने, उन्हें सशक्त बनाने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में योगदान देने की सलाह दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और आधुनिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर रहा है। उन्होंने युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाकर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल, वन और भूमि संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग, जैव विविधता की रक्षा तथा सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता उनके जीवन की यात्रा का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।


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