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आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, संविधान की आत्मा को कुचलने का हुआ था प्रयास : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया। वीडियो में आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर हुए प्रतिबंध, बड़े पैमाने पर हुई गिरफ्तारियों, प्रेस सेंसरशिप, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष तथा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संदेश को प्रमुखता से दर्शाया गया है।


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचलते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया था।


आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार हुआ। MISA जैसे दमनकारी कानूनों के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोकतंत्र के रक्षकों का साहस और संकल्प अडिग रहा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को "संविधान हत्या दिवस" घोषित किया जाना उन सभी लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे नई पीढ़ी भारतीय लोकतंत्र के उस काले अध्याय को जान सकेगी और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अधिक जागरूक होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भी लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बंद की गई सम्मान निधि को पुनः प्रारंभ करते हुए बकाया राशि का भुगतान किया गया तथा लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 पारित कर उनके सम्मान को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए संविधान की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

UPSC प्रीलिम्स में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से मिले सीएम विष्णुदेव साय, बोले- युवाओं की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान

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 नई दिल्ली :  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में श्री गौतम कुमार, श्री कुलभूषण सिंह पोया, श्री हरि चंद्र प्रकाश सिंह, श्री मयंक रात्रे, श्री मलिकराम पटेल, श्री आर्यन राठौर, श्री चेतन लाल, श्री हरीश कुमार पटेल, श्री किशन लाल साहू, श्री सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर, श्री विकेश कुर्रे तथा श्री प्रकाश पटेल शामिल हैं।

नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की, मानसून तैयारियों पर दिया विशेष जोर

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नई दिल्ली- केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति की समीक्षा की। नई दिल्ली में आयोजित अलग-अलग समीक्षा बैठकों में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री  हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान तेलंगाना में 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर में 2,035 किलोमीटर और लद्दाख में 804 किलोमीटर लंबाई की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की स्थिति का आकलन किया गया। यह समीक्षा मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया से प्राप्त फीडबैक तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य संबंधित एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई।

बैठक में नितिन गडकरी ने चल रही परियोजनाओं की प्रगति, रखरखाव कार्यों और सुरक्षित, टिकाऊ एवं उच्च गुणवत्ता वाली सड़क अवसंरचना सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के साथ-साथ गुणवत्ता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी तंत्र मजबूत करने, कार्यों को समय पर पूरा करने तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क अवसंरचना से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा।

मानसून को देखते हुए गडकरी ने सभी परियोजना क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावी जल निकासी व्यवस्था, ढलानों की सुरक्षा एवं स्थिरीकरण, तथा मौसम संबंधी बाधाओं से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये कदम सड़क सुरक्षा, निर्बाध यातायात और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

नितिन गडकरी ने दोहराया कि केंद्र सरकार समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों के माध्यम से देशभर में विश्वस्तरीय राजमार्ग अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैंक एवं मुद्रा लिंकेज मेले में महिलाओं को बड़ी सौगात, स्व-सहायता समूहों को 2.43 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण स्वीकृत

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 रायपुर : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा में बैंक लिंकेज एवं मुद्रा लिंकेज मेले का आयोजन किया गया। मेले में विकासखंड के विभिन्न बैंकों द्वारा स्व-सहायता समूहों एवं महिला उद्यमियों को ऋण स्वीकृति एवं वितरण किया गया।


कार्यक्रम के दौरान 64 मुद्रा ऋण प्रकरणों में कुल 56 लाख 40 हजार रुपए तथा 75 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 करोड़ 87 लाख 50 हजार रुपए के ऋण की स्वीकृति एवं वितरण किया गया। इस प्रकार कुल 2 करोड़ 43 लाख 90 हजार रुपए की ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई।

मेले में विकासखंड मनोरा की लगभग 200 स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता विकास तथा वित्तीय समावेशन से संबंधित जानकारी भी प्रदान की गई। बैंकिंग सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित हुआ।

कार्यक्रम में जनपद सदस्य रंजीत भगत, अमीन खान, राकेश तिवारी, रघुनाथ राम, जनपद पंचायत मनोरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि बघेल, बिन्सेंट तिर्की, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं। सभी के सहयोग से कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ।

नर्सिंग उम्मीदवारों के लिए बड़ी खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में 198 संविदा पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू

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 Nursing College Recruitment : छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश के 9 नवीन शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों में कुल 198 संविदा पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए योग्य और इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।


चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह नियुक्तियां दो वर्ष की संविदा अवधि के लिए होंगी। भर्ती प्रक्रिया छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम-2012 एवं विभागीय भर्ती नियम-2013 के तहत पूरी की जाएगी।

इन नर्सिंग कॉलेजों में होगी भर्ती

यह भर्ती प्रदेश के 9 नवीन शासकीय नर्सिंग महाविद्यालयों के लिए की जा रही है, जिनमें शामिल हैं—

  • Balrampur
  • Baikunthpur
  • Bijapur
  • Dantewada
  • Janjgir-Champa
  • Jashpur
  • Kurud
  • Naya Raipur Atal Nagar
  • Pusaur

कुल 198 पदों पर होगी भर्ती

भर्ती के तहत अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी—

  • प्राध्यापक (Professor) – 09 पद
  • सह-प्राध्यापक (Associate Professor) – 18 पद
  • सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) – 27 पद
  • ट्यूटर/डिमॉन्स्ट्रेटर (Tutor/Demonstrator) – 144 पद

ऐसे करें आवेदन

इच्छुक अभ्यर्थी भर्ती से जुड़ी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, वर्गवार रिक्तियां, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी शर्तों की विस्तृत जानकारी चिकित्सा शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

CGDME Official Website  

प्रदेश में नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती एक सुनहरा अवसर मानी जा रही है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

 

वेनेजुएला में सदी का सबसे भीषण भूकंप, 40 सेकंड में आए दो महा झटके, मची भारी तबाही

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 Venezuela Earthquake 2026: दक्षिण अमेरिकी देश Venezuela से गुरुवार तड़के तबाही की बड़ी खबर सामने आई है। देश में एक के बाद एक आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी विनाश मचा दिया। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता क्रमशः 7.1 और 7.5 दर्ज की गई। इसे वेनेजुएला में पिछले 100 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है। राजधानी Caracas समेत कई इलाकों में बहुमंजिला इमारतें ढह गईं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


40 सेकंड के भीतर लगे दो बड़े झटके

United States Geological Survey (USGS) के अनुसार पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र तटीय शहर मोरोन के पास जमीन से करीब 13 किलोमीटर नीचे था। लोग पहले झटके से संभल भी नहीं पाए थे कि करीब 40 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और ज्यादा विनाशकारी झटका महसूस हुआ। इसका केंद्र मात्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे तबाही और बढ़ गई।

राजधानी काराकास में कई इमारतें गिरीं

भूकंप के दौरान राजधानी काराकास की ऊंची इमारतें बुरी तरह हिलने लगीं। लोग घबराकर घरों, दफ्तरों और रेस्टोरेंट से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे। कई इलाकों में मकानों की दीवारें ढह गईं और सड़कों पर मलबा फैल गया। शहर के आसमान में धूल और मलबे का गुबार छा गया।

तेल और औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा नुकसान

भूकंप का केंद्र मोरोन के पास होने के कारण देश के अहम औद्योगिक ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। काराबोबो राज्य में स्थित पेक्विवेन पेट्रोकेमिकल और फर्टिलाइजर प्लांट गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। इस प्लांट को वेनेजुएला की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। नुकसान के बाद देश में तेल और औद्योगिक संकट की आशंका बढ़ गई है।

सुनामी अलर्ट जारी, बाद में हटाया गया

भूकंप के तुरंत बाद Puerto Rico और Virgin Islands के लिए सुनामी अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि स्थिति सामान्य होने पर चेतावनी वापस ले ली गई।

सरकार ने लागू किया इमरजेंसी प्रोटोकॉल

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति Delcy Rodríguez ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं आंतरिक मामलों के मंत्री Diosdado Cabello ने बताया कि काराकास का अल्तामीरा इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां कई इमारतें धराशायी हो गई हैं।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स को देखते हुए कमजोर इमारतों में प्रवेश न करें, एम्बुलेंस और राहत दलों के लिए रास्ते खाली रखें। फिलहाल बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं, जबकि बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

हॉर्नबिल सफारी से बढ़ेगा इको-टूरिज्म, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगा नया आयाम

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख टाइगर रिजर्व में इको-टूरिज्म और पक्षी पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हॉर्नबिल सफारी’ की शुरुआत की गई है। यह पहल न केवल प्रकृति प्रेमियों और पक्षी पर्यवेक्षकों (बर्ड वॉचर्स) को आकर्षित करेगी, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय आर्थिक विकास को भी नई दिशा देगी।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटकों को जंगलों की समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ पक्षी प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से हॉर्नबिल पक्षी, जिसे जंगलों का “प्राकृतिक बीज वाहक” माना जाता है, वन पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगी। सफारी संचालन, गाइड सेवाओं, आवास, परिवहन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पक्षी पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए हॉर्नबिल सफारी छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल करने में मदद कर सकती है। इसके माध्यम से पर्यटक वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझ सकेंगे तथा संरक्षण प्रयासों के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे।

वन विभाग का कहना है कि इस पहल को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल तरीके से संचालित किया जाएगा ताकि पर्यटन गतिविधियों का वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। अधिकारियों को उम्मीद है कि हॉर्नबिल सफारी राज्य में सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में चीतल का अवैध शिकार, दो आरोपी गिरफ्तार

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के एक टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में वन्यजीव शिकार का मामला सामने आया है, जहां वन विभाग की टीम ने चीतल (स्पॉटेड डियर) के अवैध शिकार के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नियमित गश्त और खुफिया सूचना के आधार पर की गई।

वन अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर विशेष अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चीतल का मांस, शिकार में इस्तेमाल किए गए धनुष-तीर तथा अन्य सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शिकार टाइगर रिजर्व के संरक्षित कोर क्षेत्र में किया गया था, जहां वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान लागू हैं।

वन विभाग ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध शिकार में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। अधिकारियों को आशंका है कि यह किसी संगठित शिकार गतिविधि का हिस्सा हो सकता है।

इस घटना को वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीतल जैसे शाकाहारी वन्यजीव जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इनका संरक्षण जैव विविधता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कड़ी सजा और आर्थिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की है।


मुख्यमंत्री ने अमित शाह से की मुलाकात, छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की मांग

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रायपुर- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  से मुलाकात कर राज्य में All India Institute of Ayurveda (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से राज्य के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और मरीजों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके साथ ही प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेदिक शिक्षा और अनुसंधान के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संस्थान की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को गति मिलेगी। विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक शोध एवं उपचार सुविधाओं से जोड़ने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा की और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां राष्ट्रीय स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि AIIA की स्थापना से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आयुष क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और चिकित्सा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

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रायपुर- छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के अधिकांश हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आगामी दिनों में कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, महासमुंद, बलौदाबाजार, धमतरी, कांकेर, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। समय पर और पर्याप्त वर्षा से धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी तथा सिंचाई पर निर्भरता कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेतों की तैयारी और रोपाई कार्य में जुट गए हैं।

हालांकि, मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है।


विदेश मंत्रालय की स्पष्टता: पासपोर्ट अकेले नागरिकता का प्रमाण नहीं

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नई दिल्ली- भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज़ है और इसे अपने आप में भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण नागरिकता और पहचान दस्तावेज़ों से जुड़ी चर्चाओं के बीच जारी किया।


विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट धारक की पहचान और अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए जारी किया जाता है, जबकि नागरिकता से संबंधित मामलों का निर्धारण संबंधित कानूनी प्रावधानों और सक्षम प्राधिकरणों द्वारा किया जाता है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त (Visa-Free) और वीजा-ऑन-अराइवल (Visa-on-Arrival) सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए कई देशों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मंत्रालय की यह स्पष्टता नागरिकता और यात्रा दस्तावेज़ों के बीच अंतर को समझने में मदद करेगी। साथ ही, यह जानकारी उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो पासपोर्ट को नागरिकता के एकमात्र प्रमाण के रूप में देखते हैं।

विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे नागरिकता, पहचान और यात्रा दस्तावेज़ों से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करें तथा किसी भी भ्रम की स्थिति में संबंधित सरकारी एजेंसियों से संपर्क करें।


अमेरिकी न्यायाधीश ने नागरिकता प्रमाणित करने वाली मतदान शर्त पर लगाई रोक

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वॉशिंगटन- संयुक्त राज्य अमेरिका में एक संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति के उस चुनावी आदेश के प्रमुख प्रावधानों पर स्थायी रोक लगा दी है, जिसके तहत मतदाताओं के लिए मतदान से पहले अपनी अमेरिकी नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाना था।

न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि मतदान संबंधी नियमों में इस प्रकार के व्यापक बदलाव केवल राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश के माध्यम से नहीं किए जा सकते। न्यायाधीश ने माना कि चुनावी प्रक्रियाओं में परिवर्तन करने का अधिकार मुख्य रूप से कांग्रेस और राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है।

इस आदेश के समर्थकों का तर्क था कि नागरिकता सत्यापन की अनिवार्यता से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी। वहीं, विरोधियों का कहना था कि इससे लाखों पात्र मतदाताओं, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, कम आय वाले लोगों और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए मतदान करना कठिन हो सकता है।

न्यायालय के इस फैसले को अमेरिकी चुनावी व्यवस्था और मतदाता अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। इसके बाद नागरिकता सत्यापन और मतदान अधिकारों को लेकर देश में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।


वंदे मातरम् शिविर का शुभारंभ: राष्ट्रीय एकता और युवा नेतृत्व को मिलेगा नया आयाम

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कोलकाता- भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन मेरा युवा भारत (MY Bharat), पश्चिम बंगाल एवं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह द्वारा आयोजित पहला सात दिवसीय ‘वंदे मातरम् शिविर’ ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी, बारासात (कोलकाता) में प्रारंभ हुआ। यह शिविर 24 से 30 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का स्मरण करना है। इस अमर रचना के स्रष्टा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय हैं।

उद्घाटन समारोह में ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) संकर गंगोपाध्याय, MY Bharat पश्चिम बंगाल एवं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के राज्य निदेशक देब कुमार चटर्जी, उपनिदेशक रिज़वी शहनाज़ रहमान, छात्र कल्याण अधिष्ठाता अनूप कुमार मैती तथा NSS अधिकारी माधब बंद्योपाध्याय उपस्थित रहे।

इस शिविर में गुजरात, मेघालय, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से आए 150 युवा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं। “एक गीत, एक भावना, एक राष्ट्र” विषय पर आधारित यह पहल राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति तथा भारत के संवैधानिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास है। साथ ही, यह एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक संवाद और आपसी समझ को प्रोत्साहित करेगी।

शिविर के पहले दिन विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए प्रतिभागियों का पंजीकरण किया गया, जिसके बाद परिचयात्मक सत्र और आपसी संवाद आयोजित हुए। उद्घाटन समारोह की शुरुआत गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। ब्रेनवेयर यूनिवर्सिटी की NSS इकाई ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की सामूहिक प्रस्तुति दी।

समारोह का समापन NSS इकाई द्वारा ‘वंदे मातरम्’ विषय पर आधारित समूह नृत्य और राष्ट्रीय गीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। शाम को आयोजित सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी क्षेत्रीय परंपराओं की झलक प्रस्तुत की, जिसने भारत की “विविधता में एकता” की भावना को साकार किया।

सप्ताहभर चलने वाले इस शिविर के दौरान प्रतिभागी संवैधानिक एवं नागरिक मूल्यों, ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व, युवा नेतृत्व विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान गतिविधियों तथा युवाओं से जुड़े समसामयिक विषयों पर आयोजित सत्रों में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम जागरूक, जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवाओं के निर्माण के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बलौदाबाजार में सनसनीखेज खुलासा: किराना व्यापारी ने 8 हत्याओं का किया कबूलनामा

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छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। एक किराना व्यापारी ने पुलिस पूछताछ के दौरान पिछले चार महीनों में आठ लोगों की हत्या करने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने व्यक्तिगत रंजिश, जमीन संबंधी विवाद, कर्ज के लेन-देन और आपसी दुश्मनी के चलते लोगों को कथित तौर पर जहर देकर मौत के घाट उतारने की बात कबूली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने निशाने पर उन लोगों को बनाता था, जिनसे उसका किसी न किसी प्रकार का विवाद या मनमुटाव था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर दी है और आरोपी के दावों की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक मौत से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की अलग-अलग जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


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