Media24Media.com: ओमान से भारत पहुंचा महादेव सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, CM साय बोले- पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज

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ओमान से भारत पहुंचा महादेव सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, CM साय बोले- पूछताछ में खुलेंगे कई बड़े राज

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 रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आरोपी की भारत वापसी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की बड़ी कामयाबी बताया है। सोमवार को दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के बाद महादेव सट्टा सिंडिकेट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार सुबह करीब 9:45 बजे नियमित कार्यक्रम के तहत रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली प्रवास के दौरान उनकी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना है। हालांकि, मुलाकातों को लेकर विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने महादेव सट्टा ऐप मामले में हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सौरभ चंद्राकर को पकड़ने के लिए CBI लगातार प्रयास कर रही थी। आखिरकार उसे भारत लाना जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता है।

ओमान में हिरासत के बाद प्रत्यर्पण, CBI की टीम भारत लेकर पहुंची

महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा सिंडिकेट के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारतीय जांच एजेंसियों ने ओमान से प्रत्यर्पित कराया है। बताया गया है कि इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की और CBI की विशेष टीम उसे भारत लेकर पहुंची।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर दो CBI मामलों में वांछित था, जिनमें आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसके खिलाफ एक मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। भारत वापसी के बाद मेडिकल परीक्षण और ट्रांजिट रिमांड की कानूनी प्रक्रिया के जरिए उसे रायपुर लाकर विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की तैयारी थी।

सट्टा नेटवर्क से लेकर हवाला कारोबार तक, जांच एजेंसियों के निशाने पर कई पहलू

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले की जांच केवल ऑनलाइन बेटिंग के संचालन तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, कथित मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला के जरिए विदेशों में रकम भेजने और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

CBI की जांच में विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से पैसों के लेनदेन और कथित तौर पर कुछ सरकारी कर्मचारियों को संरक्षण राशि दिए जाने के आरोप भी शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी।

अब सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियां सट्टा नेटवर्क के संचालन, पैसों के स्रोत, विदेशों में कथित संपत्तियों, आर्थिक लेनदेन और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर सकती हैं। माना जा रहा है कि उसकी पूछताछ से जांच के कई अहम पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है महादेव ऐप मामला

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का मामला छत्तीसगढ़ में लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में रहा है। इस प्रकरण में कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, करोड़ों रुपये के लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग और प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर लगातार जांच होती रही है।

सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे केंद्रीय एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि अब मामले से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकेंगे।

फिलहाल सभी की नजरें सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूछताछ और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि उसकी गिरफ्तारी के बाद महादेव सट्टा ऐप के पूरे नेटवर्क, कथित आर्थिक साम्राज्य और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां क्या नए तथ्य सामने लाती हैं।

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