Media24Media.com: राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा विपक्ष

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राजनाथ सिंह का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बोले- बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा विपक्ष

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 लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव सुधार और मतदाता सूची के मुद्दे की आड़ में देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर ‘रिजीम चेंज’ की बात करना गंभीर संकेत है। लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह ने ये बातें कहीं। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की रणनीति पर निशाना साधा।

युवाओं को राजनीतिक टकराव की ओर धकेलने का आरोप

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता की दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई केवल चुनाव सुधार या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सत्ता हासिल करने की मंशा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि झूठे आक्रोश के जरिए संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रम देश की विकास यात्रा को रोक नहीं सकते।

राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर पलटवार

राहुल गांधी की ओर से चुनाव में वोट चोरी के आरोप लगाए जाने पर भी राजनाथ सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति और चुनावी नतीजों का आत्ममंथन करना चाहिए।

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम’ वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जिस मुद्दे को बड़े खुलासे के रूप में पेश किया गया था, वह उनके मुताबिक दिवाली के पटाखे जैसा भी साबित नहीं हुआ। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि चुनावी हार के लिए वोट चोरी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पार्टी अपनी राजनीतिक रणनीति और कामकाज की समीक्षा क्यों नहीं करती।

‘लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, अराजकता फैलाने का नहीं’

रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को राजनीति में व्यवधान पैदा करने के बजाय अपनी भूमिका पर विचार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध, असहमति और आंदोलन की अहम जगह है, लेकिन इनका इस्तेमाल संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।

कांग्रेस पर लगाए तीन बड़े आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनाथ सिंह ने कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख करते हुए पार्टी पर तीन गंभीर आरोप लगाए।

पहला, उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल का जिक्र किया और कहा कि उस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया था। दूसरा, उन्होंने 1984 में सिख समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर जिम्मेदारी से बचने और दोषियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

तीसरे आरोप में राजनाथ सिंह ने 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाए जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद अब कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं और मूल्यों को निशाना बनाकर एक और गंभीर गलती कर रही है। ये सभी आरोप रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर राजनीतिक हमला करते हुए लगाए।

राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव स्थगित होने का उठाया मुद्दा

राजनाथ सिंह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद हुए चुनावी घटनाक्रम का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि पहले किसी उम्मीदवार की मृत्यु होने पर संबंधित सीट का चुनाव स्थगित करने की व्यवस्था थी, लेकिन एक सीट के कारण पूरे चुनाव को स्थगित करने का कोई सामान्य नियम नहीं था। राजनाथ सिंह ने राजीव गांधी की हत्या को देश के लिए दुखद घटना बताते हुए सवाल उठाया कि उस समय पूरे देश का चुनाव स्थगित किए जाने के फैसले को लेकर कांग्रेस आज क्या जवाब देगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस आज चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, तब उसे अपने पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों और चुनावी फैसलों पर भी विचार करना चाहिए।

चुनाव आयोग को लेकर जारी है राजनीतिक टकराव

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनावी पारदर्शिता और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। भाजपा जहां विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति बता रही है, वहीं विपक्ष चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहा है।

राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस इसी राजनीतिक टकराव के बीच हुई, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

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