Media24Media.com: Iran-US Tension: ‘एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा’, ईरान की दो टूक; आसिम मुनीर के सामने रखी शर्त

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Iran-US Tension: ‘एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा’, ईरान की दो टूक; आसिम मुनीर के सामने रखी शर्त

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 Iran Nuclear Deal: ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के सामने सख्त रुख अपनाया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने स्पष्ट किया है कि देश का एक ग्राम यूरेनियम भी बाहर नहीं भेजा जाएगा। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। आसिम मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता दोबारा शुरू कराने के लिए तेहरान पहुंचे थे।


ईरान के इस बयान से दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयासों की चुनौती बढ़ गई है। पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान ने यूरेनियम को बताया राष्ट्रीय संपत्ति

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा कि देश की परमाणु सामग्री ईरानी जनता की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है। इसका इस्तेमाल ईरान के भीतर ही किया जाना चाहिए। सरकारी मीडिया के अनुसार, रेजाई ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ बातचीत में यूरेनियम देश से बाहर भेजने की संभावना को खारिज किया।

रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस रुख को दोहराया। उनके बयान से संकेत मिलता है कि परमाणु सामग्री को लेकर ईरान अपने रुख में नरमी दिखाने के लिए फिलहाल तैयार नहीं है।

अमेरिका के साथ बातचीत पर भी सख्त रुख

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस बीच ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिकी मांगों और अपनी शर्तों पर सहमति के बिना बातचीत आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा।

परमाणु सामग्री को देश से बाहर भेजने का मुद्दा किसी भी संभावित समझौते में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में ईरान का ताजा बयान अमेरिका के साथ वार्ता बहाल करने की कोशिशों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

यूरेनियम संवर्धन पर क्यों है विवाद?

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका, इजराइल और कई पश्चिमी देश चिंता जताते रहे हैं। विवाद की प्रमुख वजह यूरेनियम संवर्धन का स्तर है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान 60 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन कर चुका है। यह स्तर सामान्य नागरिक परमाणु ऊर्जा के लिए आमतौर पर आवश्यक संवर्धन से काफी अधिक है।

हथियार-स्तर के यूरेनियम के लिए लगभग 90 प्रतिशत संवर्धन का स्तर अक्सर संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, 60 प्रतिशत तक संवर्धन अपने आप में परमाणु हथियार होने का प्रमाण नहीं है। ईरान लगातार परमाणु हथियार विकसित करने के आरोपों से इनकार करता रहा है और अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों से जुड़ा बताता है।

आसिम मुनीर की मध्यस्थता पर टिकी निगाहें

पाकिस्तान पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर चुका है। अब एक बार फिर पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा को दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजने के ईरान के स्पष्ट रुख और परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के मतभेदों के कारण किसी समझौते तक पहुंचना आसान नहीं होगा। अब देखना होगा कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता निकलता है या तनाव और बढ़ता है।

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