Media24Media.com: कांकेर में इलाज के नाम पर नाबालिग से कथित दुष्कर्म, 44 वर्षीय वैद्यराज गिरफ्तार; मेडिकल जांच में सामने आया मामला

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कांकेर में इलाज के नाम पर नाबालिग से कथित दुष्कर्म, 44 वर्षीय वैद्यराज गिरफ्तार; मेडिकल जांच में सामने आया मामला

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कांकेर- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में इलाज और झाड़-फूंक के बहाने 14 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित यौन अपराध का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 44 वर्षीय एक कथित वैद्यराज को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने उपचार के बहाने नाबालिग को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब तबीयत बिगड़ने पर परिजन नाबालिग को अस्पताल लेकर पहुंचे और चिकित्सकीय जांच में उसके लगभग पांच महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

बीमारी के इलाज के लिए आरोपी के पास गया था परिवार

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल 2026 में नाबालिग की तबीयत खराब होने पर उसका परिवार उपचार के लिए ग्राम आमागांव निवासी कथित वैद्यराज के पास पहुंचा था। आरोप है कि उसने नाबालिग को बच्चेदानी से जुड़ी समस्या होने की बात कही और उपचार के नाम पर ताबीज भी दिया।

परिवार को उम्मीद थी कि आरोपी के बताए उपायों से बच्ची की तबीयत में सुधार होगा। इसी कारण परिजन बाद में भी कई बार उसे उपचार के लिए आरोपी के पास लेकर गए। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर इसी भरोसे का फायदा उठाया।

उपचार के दौरान परिजनों से अलग करने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उपचार के दौरान आरोपी नाबालिग को परिजनों से अलग कर देता था। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, एक अवसर पर उसे कथित तौर पर पूजा कक्ष में ले जाया गया और साथ आए परिजन को दूसरी ओर भेज दिया गया।

आरोप है कि इसी दौरान नशीला पदार्थ देकर नाबालिग को बेहोश किया गया और उसके साथ यौन अपराध किया गया। शिकायत में ऐसी घटनाएं बार-बार होने की बात भी कही गई है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों, आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पुष्टि पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी है।

अस्पताल की जांच से खुला मामला

अक्टूबर में नाबालिग की तबीयत फिर बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकीय जांच के दौरान उसके लगभग पांच महीने की गर्भवती होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद परिवार ने नाबालिग से बात की और कथित घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर पुलिस से संपर्क किया। रिपोर्टों के अनुसार, परिजनों ने 18 अक्टूबर 2026 को ताड़ोकी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

19 अक्टूबर को आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और 19 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। मीडिया रिपोर्टों में आरोपी की उम्र 44 वर्ष और उसका नाम रमेश कुमार पिस्दा बताया गया है।

आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने और न्यायिक रिमांड की प्रक्रिया अपनाए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है; आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा।

BNS और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज

रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दुष्कर्म से संबंधित धाराओं और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले POCSO Act के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

POCSO कानून बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों की रोकथाम और ऐसे मामलों की कानूनी कार्रवाई के लिए बनाया गया है। इस मामले में आगे की जांच के दौरान पुलिस को शिकायत, चिकित्सकीय साक्ष्य, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य उपलब्ध सामग्री की जांच करनी होगी।

झाड़-फूंक और अप्रमाणित इलाज के नाम पर सावधानी जरूरी

यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि बीमारी के उपचार के लिए योग्य और पंजीकृत चिकित्सक से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। स्वयं को वैद्य, तांत्रिक या उपचारकर्ता बताने वाला व्यक्ति जरूरी नहीं कि मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय योग्यता रखता हो।

बच्चों के उपचार के दौरान उनकी सुरक्षा, उनकी बातों को गंभीरता से सुनना और किसी भी संदिग्ध व्यवहार की सूचना संबंधित अधिकारियों को देना आवश्यक है। यदि किसी बच्चे के साथ यौन अपराध का संदेह हो, तो पुलिस या बाल संरक्षण तंत्र से सहायता ली जा सकती है।

निष्कर्ष

कांकेर जिले में नाबालिग से कथित यौन अपराध के इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए 44 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। मेडिकल जांच से मामला सामने आने के बाद जांच आगे बढ़ी और आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

अब मामले में आरोपों की पुष्टि, उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी। नाबालिग की पहचान और निजता की रक्षा करना इस तरह की खबरों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.


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