Media24Media.com: नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और संरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में PIL, अरपा समेत कई नदियों पर फोकस

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नदियों के प्राकृतिक प्रवाह और संरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में PIL, अरपा समेत कई नदियों पर फोकस

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छत्तीसगढ़- प्रदेश की प्रमुख नदियों के प्राकृतिक प्रवाह, उद्गम स्थलों के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) के जरिए मामला सामने आया है।

अरपा नदी समेत कई नदियां शामिल
मामले में अरपा, महानदी, शिवनाथ, हसदेव, तांदुला, पैरी, मांद, केलो, सोन और टिपान जैसी प्रमुख नदियों के उद्गम एवं संरक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। हाईकोर्ट की निगरानी के बाद राज्य सरकार ने नदियों के उद्गम स्थलों की पहचान, मैपिंग और संरक्षण के लिए राज्य स्तरीय समिति भी गठित की है। 

प्राकृतिक प्रवाह बचाने पर जोर
नदियों के संरक्षण के तहत उद्गम स्थलों की सुरक्षा, अतिक्रमण की स्थिति की जांच, जल प्रवाह और जल गुणवत्ता की निगरानी, कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट तथा वैज्ञानिक तरीके से नदी पुनर्जीवन योजनाओं पर काम किया जा रहा है। 

विशेषज्ञों की भी होगी भूमिका
हाईकोर्ट ने नदी संरक्षण की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए पर्यावरण, भू-विज्ञान, जल विज्ञान और भूजल जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञों को समिति में शामिल करने पर जोर दिया है।

अरपा नदी को लेकर भी विशेष निगरानी
अरपा नदी के उद्गम क्षेत्र के संरक्षण और नदी के आसपास अतिक्रमण से जुड़े मुद्दों पर भी हाईकोर्ट के समक्ष कार्रवाई की स्थिति रखी गई है। जुलाई 2026 के आदेश में कोर्ट ने अरपा सहित प्रमुख नदियों के लिए तैयार की जा रही River Revival Plans और संरक्षण कार्यों की प्रगति पर भी ध्यान दिया। 

उद्देश्य: नदियों के प्राकृतिक स्वरूप और जल प्रवाह को बनाए रखना, प्रदूषण एवं अतिक्रमण पर नियंत्रण करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए जलस्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित करना।


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