Media24Media.com: कनाडा के क्यूबेक में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: अलगाववादी Parti Québécois की जीत, लेकिन बहुमत से दूर

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कनाडा के क्यूबेक में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: अलगाववादी Parti Québécois की जीत, लेकिन बहुमत से दूर

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कनाडा के क्यूबेक प्रांत में हुए विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। स्वतंत्रता समर्थक (separatist/sovereigntist) Parti Québécois (PQ) ने चुनाव में सबसे अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की है। हालांकि पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, इसलिए उसे अल्पमत सरकार के रूप में काम करना होगा।

PQ ने कितनी सीटें जीतीं?

क्यूबेक की 127 सदस्यीय National Assembly में सरकार बनाने के लिए कम से कम 64 सीटों की जरूरत होती है।

Parti Québécois ने करीब 59 सीटें जीतीं—यानी बहुमत के आंकड़े से लगभग 5 सीट कम। इसलिए पार्टी सरकार तो बनाएगी, लेकिन उसे कई महत्वपूर्ण विधेयकों और विश्वास मतों पर विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करना पड़ सकता है।

कौन होंगे क्यूबेक के नए Premier?

PQ के नेता Paul St-Pierre Plamondon क्यूबेक के अगले Premier बनने जा रहे हैं।

यह Parti Québécois के लिए लंबे समय बाद बड़ी वापसी है। पार्टी पिछले एक दशक से अधिक समय से सत्ता से बाहर थी और 2022 के चुनाव में उसे केवल कुछ ही सीटें मिली थीं। 2026 में पार्टी ने जोरदार वापसी करते हुए सबसे अधिक सीटें हासिल कीं।

क्यूबेक को कनाडा से अलग करने का मुद्दा फिर चर्चा में

इस चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू क्यूबेक की स्वतंत्रता का मुद्दा है।

Parti Québécois लंबे समय से क्यूबेक को कनाडा से अलग एक स्वतंत्र देश बनाने की समर्थक पार्टी रही है। पार्टी नेता Paul St-Pierre Plamondon ने भविष्य में क्यूबेक की स्वतंत्रता पर एक और जनमत-संग्रह (referendum) कराने का वादा किया है।

हालांकि उन्होंने संकेत दिया है कि इस जनमत-संग्रह को तुरंत नहीं कराया जाएगा और इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के बाद कराने की योजना है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि क्यूबेक तुरंत कनाडा से अलग हो जाएगा

यह बात समझना बहुत जरूरी है।

PQ की चुनावी जीत = क्यूबेक का कनाडा से अलग होना नहीं है।

पहले पार्टी को सरकार चलानी होगी। उसके बाद यदि स्वतंत्रता पर जनमत-संग्रह कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो उसके लिए अलग राजनीतिक और कानूनी प्रक्रिया होगी।

क्यूबेक में इससे पहले 1980 और 1995 में स्वतंत्रता पर जनमत-संग्रह हो चुके हैं और दोनों में अलगाव के पक्ष को बहुमत नहीं मिला था। मौजूदा समय में भी क्यूबेक की स्वतंत्रता के समर्थन का स्तर लगभग 30% के आसपास बताया गया है।

सबसे बड़ा राजनीतिक उलटफेर: CAQ को भारी नुकसान

इस चुनाव में मौजूदा Coalition Avenir Québec (CAQ) को बड़ा झटका लगा है।

CAQ पिछले करीब 8 वर्षों से क्यूबेक की सत्ता में थी, लेकिन इस चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। रिपोर्टों के अनुसार CAQ अपनी पिछली मजबूत स्थिति से लगभग पूरी तरह बाहर हो गई और उसके नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा।

यह परिणाम क्यूबेक की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

विपक्ष की भूमिका अब बेहद महत्वपूर्ण

क्योंकि PQ के पास 64 सीटों का बहुमत नहीं है, इसलिए उसकी सरकार को कई मामलों में विपक्षी दलों का सहयोग लेना पड़ेगा।

इसका मतलब है कि:

  • PQ हर कानून को अकेले पास नहीं करा पाएगी।

  • महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए विपक्षी सांसदों का समर्थन जरूरी हो सकता है।

  • सरकार के अस्तित्व से जुड़े confidence votes में भी विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

  • स्वतंत्रता के मुद्दे पर PQ को राजनीतिक समर्थन जुटाने में चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

यानी PQ चुनाव जीत गई है, लेकिन बहुमत के बिना सरकार चलाना उसके लिए एक अलग राजनीतिक चुनौती होगी।

कनाडा की संघीय सरकार की प्रतिक्रिया

कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने PQ की जीत के बाद Paul St-Pierre Plamondon के साथ काम करने की इच्छा जताई है।

केंद्र सरकार के लिए यह परिणाम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि क्यूबेक कनाडा का एक महत्वपूर्ण प्रांत है और वहां स्वतंत्रता का मुद्दा फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।

Carney सरकार ने क्यूबेक के साथ आर्थिक मुद्दों, रोजगार, आवास और अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव जैसी चुनौतियों पर सहयोग करने पर जोर दिया है।

चुनाव का बड़ा संदेश क्या है?

क्यूबेक के चुनाव परिणाम से फिलहाल तीन बड़ी बातें सामने आती हैं:

1️⃣ Parti Québécois की जोरदार राजनीतिक वापसी
लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के बाद PQ फिर सरकार बनाने जा रही है।

2️⃣ स्वतंत्रता का मुद्दा फिर चर्चा में
PQ के सत्ता में आने से क्यूबेक की स्वतंत्रता पर संभावित तीसरे referendum की चर्चा तेज हो गई है।

3️⃣ लेकिन जनता ने PQ को पूर्ण बहुमत नहीं दिया
127 सीटों वाली विधानसभा में 64 सीटों के लिए जरूरी बहुमत हासिल नहीं हुआ। इसलिए PQ को विपक्षी दलों के साथ काम करना पड़ेगा।

 सबसे जरूरी बात

क्यूबेक अभी कनाडा से अलग नहीं हुआ है। चुनाव में अलगाववादी पार्टी की जीत हुई है, लेकिन स्वतंत्रता के लिए कोई तत्काल अलगाव नहीं हुआ है। भविष्य में referendum कराया भी जाता है तो वह एक अलग राजनीतिक और संवैधानिक प्रक्रिया होगी।

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