Media24Media.com: जीएसटी में गिरफ्तारी के अधिकार पर बड़ा बदलाव संभव, 7 अक्टूबर को परिषद की बैठक में होगी चर्चा

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जीएसटी में गिरफ्तारी के अधिकार पर बड़ा बदलाव संभव, 7 अक्टूबर को परिषद की बैठक में होगी चर्चा

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नई दिल्ली- वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार जीएसटी कानून के तहत कर अधिकारियों को मिलने वाले गिरफ्तारी के अधिकार को खत्म करने या सीमित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर 7 अक्टूबर 2026 को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में चर्चा होने की संभावना है।

यदि इस प्रस्ताव पर सहमति बनती है, तो जीएसटी से जुड़े मामलों में कर अधिकारियों की कार्रवाई और कारोबारियों के लिए कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है और इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

वर्तमान जीएसटी कानून में गंभीर कर अपराधों के मामलों में कुछ परिस्थितियों में कर अधिकारियों को आरोपी को गिरफ्तार करने का अधिकार दिया गया है। केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 69 के तहत आयुक्त कुछ गंभीर अपराधों के मामलों में गिरफ्तारी का आदेश दे सकते हैं।

इन अपराधों में फर्जी चालान जारी करना, गलत तरीके से कर क्रेडिट का लाभ लेना, कर चोरी और जानबूझकर कर से जुड़ी धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले शामिल हो सकते हैं।

अब सरकार इस व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। प्रस्ताव के तहत यह विचार किया जा रहा है कि जीएसटी कानून में गिरफ्तारी की शक्ति को खत्म किया जाए या इसके इस्तेमाल का दायरा सीमित किया जाए।

7 अक्टूबर की बैठक क्यों महत्वपूर्ण?

जीएसटी परिषद की 7 अक्टूबर को होने वाली बैठक इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधि प्रस्ताव पर चर्चा कर सकते हैं।

यदि परिषद इस बदलाव पर सहमति देती है, तो इसके बाद जीएसटी कानून में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इसके लिए संसद में संबंधित विधेयक या संशोधन प्रस्ताव लाया जा सकता है।

यानी केवल जीएसटी परिषद की बैठक में चर्चा होने से नियम तुरंत नहीं बदलेंगे। इसके लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।

अभी क्या है गिरफ्तारी का प्रावधान?

मौजूदा व्यवस्था में गंभीर जीएसटी अपराधों के मामले में गिरफ्तारी का प्रावधान मौजूद है। हालांकि, हर कर विवाद या कर संबंधी गलती में गिरफ्तारी नहीं की जाती।

गंभीर अपराधों की जांच, उपलब्ध सबूत और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाती है। सरकार की ओर से अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि गिरफ्तारी की शक्ति का इस्तेमाल उचित मामलों में ही किया जाए।

कारोबारियों को क्या फायदा हो सकता है?

यदि गिरफ्तारी के अधिकार को सीमित या समाप्त करने का प्रस्ताव लागू होता है, तो जीएसटी से जुड़े कई मामलों में कारोबारियों को राहत मिल सकती है।

खासकर ऐसे मामलों में जहां विवाद कर की गणना, रिटर्न में गलती, दस्तावेजों की कमी या अन्य अनुपालन संबंधी मुद्दों से जुड़ा हो, वहां कार्रवाई का जोर आपराधिक प्रक्रिया के बजाय कर निर्धारण, ब्याज और जुर्माने जैसी प्रक्रियाओं पर हो सकता है।

हालांकि, प्रस्ताव लागू होने के बाद इसका वास्तविक प्रभाव उसके अंतिम स्वरूप पर निर्भर करेगा।

क्या कर चोरी करने वालों पर कार्रवाई बंद हो जाएगी?

नहीं। गिरफ्तारी के प्रावधान में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि गंभीर कर चोरी या धोखाधड़ी के मामलों में सरकार कार्रवाई नहीं कर पाएगी।

जानबूझकर की गई बड़ी कर चोरी, फर्जी दस्तावेज, फर्जी कंपनियों या संगठित कर धोखाधड़ी जैसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई की व्यवस्था बनी रह सकती है। सरकार का उद्देश्य गंभीर अपराधों पर कार्रवाई जारी रखते हुए गिरफ्तारी की शक्ति के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट व्यवस्था तैयार करना बताया जा रहा है।

जीएसटी व्यवस्था में और भी बदलाव संभव

गिरफ्तारी के अधिकार की समीक्षा जीएसटी व्यवस्था में किए जा रहे व्यापक सुधारों का हिस्सा हो सकती है। इसके अलावा कर अनुपालन को आसान बनाने, पंजीकरण प्रक्रिया, कर वापसी, दंड और अन्य प्रक्रियाओं को सरल बनाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

सरकार का प्रयास जीएसटी व्यवस्था को कारोबारियों के लिए सरल बनाने के साथ-साथ कर चोरी और धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है।

फिलहाल पुराने नियम ही लागू

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी जीएसटी कानून में गिरफ्तारी का मौजूदा प्रावधान लागू है। 7 अक्टूबर की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

यदि जीएसटी परिषद प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो उसके बाद कानून में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होगी। जब तक संशोधित कानून आधिकारिक रूप से लागू नहीं हो जाता, तब तक मौजूदा नियम ही प्रभावी रहेंगे।

निष्कर्ष

जीएसटी में गिरफ्तारी के अधिकार को लेकर प्रस्तावित बदलाव करदाताओं और कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा पर सभी की नजर रहेगी। बैठक के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरफ्तारी के मौजूदा प्रावधान में वास्तव में क्या बदलाव किए जाते हैं।


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