Media24Media.com: #GST

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label #GST. Show all posts
Showing posts with label #GST. Show all posts

चित्रकूट और बांदा में पान मसाला-गुटखा के अवैध कारोबार का भंडाफोड़, 27 मशीनें और 15.50 लाख पाउच जब्त; ₹185 करोड़ की टैक्स चोरी

No comments Document Thumbnail

चित्रकूट- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट और बांदा जिलों में पान मसाला, सुगंधित जरदा और गुटखा के अवैध निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। लखनऊ जोनल यूनिट की डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने खुफिया जानकारी के आधार पर छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी मात्रा में तैयार माल, कच्चा माल और पैकिंग सामग्री बरामद की है।

जांच के दौरान अधिकारियों ने 27 ऐसी पाउच-पैकिंग मशीनें पकड़ीं, जिन्हें विभाग के सामने घोषित नहीं किया गया था। कार्रवाई में करीब 15.50 लाख तैयार पाउच भी जब्त किए गए। शुरुआती जांच में इस पूरे नेटवर्क से करीब ₹185 करोड़ की GST, HSNS Cess और Central Excise Duty की कथित चोरी का पता चला है।

आधी रात के बाद शुरू हुई कार्रवाई

DGGI लखनऊ जोनल यूनिट को अवैध निर्माण और टैक्स चोरी से संबंधित विशेष खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों की टीम ने 18 अगस्त 2026 की आधी रात के आसपास चित्रकूट और बांदा स्थित छह परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।

ये सभी परिसर दो फर्मों से जुड़े हुए थे। इनमें से एक फर्म पान मसाला और इससे जुड़े उत्पादों के निर्माण में तथा दूसरी ट्रेडिंग गतिविधियों में शामिल थी।

अधिकारियों ने तलाशी के दौरान उत्पादन और पैकिंग से जुड़ी कई ऐसी मशीनें बरामद कीं, जिनका विभागीय रिकॉर्ड में खुलासा नहीं किया गया था।

27 पाउच-पैकिंग मशीनें मिलीं

जांच के दौरान कुल 27 अघोषित पाउच-पैकिंग मशीनें बरामद की गईं। इनमें:

  • 6 मशीनें सुगंधित जरदा के लिए

  • 9 मशीनें पान मसाला के लिए

  • 12 मशीनें दोहरा/देसी गुटखा के लिए

बताई गई हैं।

इसके अलावा मिश्रण, सुपारी काटने और सुखाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें भी मौके से मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, मशीनों की वास्तविक क्षमता के आधार पर टैक्स और सेस की देनदारी निर्धारित होती है, इसलिए मशीनों को छिपाकर रखना कथित तौर पर टैक्स चोरी के इस मॉडल का अहम हिस्सा था।

15.50 लाख से ज्यादा तैयार पाउच जब्त

छापेमारी के दौरान DGGI को बड़ी मात्रा में तैयार माल मिला। कुल 15,50,922 पाउच जब्त किए गए। इनमें पान मसाला, चबाने वाला तंबाकू, सुगंधित जरदा और सुगंधित सुपारी शामिल हैं।

तैयार माल के अलावा बड़ी मात्रा में कच्चा माल और पैकिंग सामग्री भी बरामद की गई।

बरामदगी का पूरा आंकड़ा

  • सामग्री
  • बरामद मात्रा
  • सुपारी और कटी हुई सुपारी
  • 32.9 मीट्रिक टन
  • तंबाकू
  • 2.8 मीट्रिक टन
  • पैकिंग सामग्री, पाउच और लैमिनेट
  • 8.4 मीट्रिक टन
  • कत्था पाउडर
  • 470 किलोग्राम
  • ग्लिसरीन
  • 850 किलोग्राम
  • एसेंस
  • 545 किलोग्राम
  • बिना पैक किया पान मसाला
  • 256 किलोग्राम
  • तैयार उत्पाद
  • 15,50,922 पाउच

₹185 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा

DGGI की शुरुआती जांच में इस नेटवर्क द्वारा करीब ₹185 करोड़ की GST, HSNS Cess और Central Excise Duty की कथित चोरी का पता चला है।

जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध कारोबार से जुड़े परिसरों में उत्पादन किया जा रहा था और तैयार माल को बिना लागू कर एवं सेस का भुगतान किए कथित तौर पर गुप्त तरीके से बाजार में भेजा जा रहा था।

अधिकारियों को ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि यह पूरा कारोबार बिना पंजीकृत परिसरों और अघोषित मशीनरी के नेटवर्क के जरिए संचालित किया जा रहा था।

कैसे चल रहा था पूरा नेटवर्क?

DGGI की जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, कथित तौर पर अलग-अलग स्थानों पर अघोषित मशीनों की मदद से पान मसाला, जरदा और गुटखा तैयार किया जाता था। इसके बाद तैयार उत्पादों को बिना संबंधित कर और सेस का भुगतान किए क्लैंडेस्टाइन यानी गुप्त तरीके से बाहर निकाला जाता था।

प्रारंभिक जांच में निर्माण करने वाली फर्म के प्रोपराइटर की भूमिका भी सामने आई है। DGGI के अनुसार, वह प्रथम दृष्टया इस पूरे अवैध निर्माण और तैयार माल की गुप्त निकासी की व्यवस्था करने और उसे संचालित करने वाला व्यक्ति पाया गया।

फर्म के प्रोपराइटर को गिरफ्तार किया गया

DGGI ने मामले में निर्माण फर्म के प्रोपराइटर को 19 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी HSNS Cess Act, 2025 की धारा 26 और Central Excise Act, 1944 की धारा 13 के तहत की गई। आरोपी को लखनऊ में स्पेशल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट (कस्टम्स) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और DGGI को आगे और बरामदगी तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।

1 फरवरी 2026 से बदला टैक्स सिस्टम

पान मसाला और तंबाकू क्षेत्र में टैक्स चोरी रोकने के लिए 1 फरवरी 2026 से क्षमता-आधारित सेस और टैक्स व्यवस्था लागू की गई है।

इसके तहत पान मसाला पर Health Security and National Security Cess (HSNS) क्षमता-आधारित मासिक सेस लगाया जाता है। इसकी गणना स्थापित पैकिंग मशीनों की संख्या, प्रकार और क्षमता के आधार पर की जाती है।

वहीं, चबाने वाले तंबाकू, जरदा और गुटखा पर भी Central Excise Act, 1944 के तहत क्षमता-आधारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क लागू है।

यही वजह है कि कुछ अवैध निर्माता कथित तौर पर अपनी मशीनों और वास्तविक उत्पादन क्षमता को छिपाकर टैक्स और सेस की देनदारी से बचने की कोशिश करते हैं।

DGGI ने बढ़ाई इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई

सरकार के मुताबिक, इस तरह की टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए DGGI ने पान मसाला और तंबाकू क्षेत्र में इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई तेज कर दी है।

इसके लिए डेटा एनालिटिक्स और अलग-अलग DGGI formations के बीच समन्वय का इस्तेमाल किया जा रहा है। यानी संदिग्ध कारोबार और उत्पादन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद फील्ड में कार्रवाई की जा रही है।

देशभर में अब तक 27 मामले दर्ज

DGGI के मुताबिक, 1 फरवरी 2026 से देशभर में 27 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में उत्पादन छिपाने, तैयार माल की गुप्त निकासी और लागू टैक्स/सेस की चोरी का पता चला है।

इन मामलों में अब तक कुल करीब ₹668 करोड़ की ड्यूटी, टैक्स और सेस चोरी का पता लगाया गया है।

जांच के दौरान ₹11.7 करोड़ का स्वैच्छिक भुगतान भी किया गया है।

इसके अलावा देशभर की कार्रवाई में कुल 131 पाउच-पैकिंग मशीनें जब्त की जा चुकी हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

चित्रकूट-बांदा की कार्रवाई क्यों अहम?

चित्रकूट और बांदा में हुई कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहां सिर्फ तैयार गुटखा या पान मसाला ही नहीं मिला, बल्कि उत्पादन की पूरी व्यवस्था का पता चला है। मशीनों से लेकर कच्चे माल, पैकिंग सामग्री और तैयार उत्पाद तक की बरामदगी से कथित अवैध निर्माण नेटवर्क के बड़े पैमाने पर संचालित होने के संकेत मिले हैं।

DGGI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हैं, तैयार माल कहां-कहां भेजा जाता था और टैक्स चोरी से जुड़े पूरे कारोबार का वास्तविक आकार कितना है।

निष्कर्ष

चित्रकूट और बांदा में DGGI की कार्रवाई ने पान मसाला, सुगंधित जरदा और गुटखा के कथित अवैध निर्माण के एक बड़े नेटवर्क को उजागर किया है। 27 अघोषित मशीनों, 15.50 लाख से अधिक तैयार पाउच और भारी मात्रा में कच्चे माल की बरामदगी के साथ करीब ₹185 करोड़ की कर एवं सेस चोरी का पता चला है।

एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच अब नेटवर्क के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। DGGI के देशव्यापी आंकड़े भी बताते हैं कि क्षमता-आधारित टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद इस सेक्टर में अवैध उत्पादन और कर चोरी के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई तेज हुई है।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा रैंकिंग में भारत ने लगाई 25 स्थानों की छलांग, 82वें से 57वें स्थान पर पहुंचा

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- कॉम्पेटेरे फाउंडेशन की रिपोर्ट "इंडियाज़ नेक्स्ट ग्रोथ फ्रंटियर: रिड्यूसिंग एंटी-कम्पटीटिव मार्केट डिस्टॉर्शन्स टू बिल्ड ऑन इंडिया'स 2010–2023 रिफॉर्म प्रोग्रेस" के अनुसार, भारत ने वर्ष 2010 से 2023 के बीच वैश्विक रैंकिंग में 25 स्थानों की उल्लेखनीय छलांग लगाते हुए 82वें स्थान से 57वें स्थान पर पहुंचकर महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रगति बाजार संबंधी विकृतियों (Market Distortions) को कम करने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा संरचनात्मक सुधारों के निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) के सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (CTIL) और कॉम्पेटेरे फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में यह रिपोर्ट जारी की गई।

रिपोर्ट में जीएसटी (GST), दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC), नियामकीय सुधार, व्यापार सुविधा प्रणालियों के आधुनिकीकरण तथा प्रतिस्पर्धा, निवेश, डिजिटल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े सुधारों को भारत की प्रगति का प्रमुख आधार बताया गया है।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत को प्रतिस्पर्धा नीति को और मजबूत करने, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश प्रतिबंधों की समीक्षा करने तथा वैश्विक व्यापार में नियामकीय बाधाओं को कम करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहिए।

कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय सचिव एवं लद्दाख के राज्य निर्वाचन आयुक्त सुधांशु पांडेय ने मुख्य वक्तव्य दिया, जबकि कॉम्पेटेरे फाउंडेशन के अध्यक्ष शंकर सिंघम ने रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में कानूनी, उद्योग, शैक्षणिक और नीति विशेषज्ञों ने भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और भविष्य के सुधारों पर चर्चा की।

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की 10वीं बैठक आयोजित, व्यापारियों के हितों पर हुई व्यापक चर्चा

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली- राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (NTWB) की 10वीं बैठक आज नई दिल्ली में हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित की गई। बैठक में देशभर के सदस्य डिजिटल माध्यम और प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए। यह आयोजन डिजिटल इंडिया पहल के तहत तकनीक आधारित सुशासन और जनभागीदारी का एक सफल उदाहरण माना गया।

बैठक में व्यापारियों के कल्याण और व्यापार सुगमता से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और पहलों की समीक्षा की गई। सदस्यों को हाल ही में शुरू की गई राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति की जानकारी दी गई, जिसमें व्यापार ऋण सहायता, बीमा सहायता और डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।

DigiDukaan पहल पर विशेष चर्चा

बैठक के दौरान "डिजीडुकान (DigiDukaan)" पहल पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। यह योजना छोटे व्यापारियों और किराना दुकानदारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

बोर्ड को बताया गया कि 19 जून 2026 को जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा द्वारा DigiDukaan का शुभारंभ किया गया, जिसे व्यापारियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। अब इसे मुंबई, बेंगलुरु सहित अन्य प्रमुख शहरों और बाद में पूरे देश में लागू करने की योजना है।

व्यापारियों की प्रमुख समस्याओं पर मंथन

बैठक में व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, निर्माताओं, निर्यातकों और सेवा प्रदाताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:

  • GST सरलीकरण और तर्कसंगतता

  • व्यापारिक अनुपालन प्रक्रियाओं को आसान बनाना

  • पुराने व्यापारिक बकायों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट

  • निर्यात को बढ़ावा देना

  • लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह अवसंरचना

  • डिजिटल कॉमर्स और ONDC से जुड़ाव

  • सस्ती ऋण सुविधा

  • व्यापारियों के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा

  • महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन

MSME और निर्यात बढ़ाने पर जोर

बैठक में विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और व्यापारियों की निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। निर्यात के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और संस्थागत सहायता को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी को दी बधाई

बैठक की शुरुआत में बोर्ड ने एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी।

प्रस्ताव में प्रधानमंत्री के सुशासन, आर्थिक सुधारों, राष्ट्रीय सुरक्षा, समावेशी विकास और "विकसित भारत" के विजन में योगदान की सराहना की गई।

व्यापारियों के लिए बेहतर माहौल बनाने का संकल्प

बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील जे. सिंघी ने की।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में GST सुधार, डिजिटल गवर्नेंस, जनधन-आधार-मोबाइल (JAM) ट्रिनिटी, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और Ease of Doing Business जैसी पहलों ने भारत की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत किया है और व्यापारियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।

बैठक के अंत में बोर्ड ने व्यापारियों के कल्याण, डिजिटल सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


IICA मानेसर में “Meet the Legend” श्रृंखला के तहत न्यायिक विशेषज्ञों का विशेष सत्र, PGIP प्रतिभागियों को मिला महत्वपूर्ण मार्गदर्शन

No comments Document Thumbnail

मानेसर स्थित Indian Institute of Corporate Affairs (IICA) में पोस्ट ग्रेजुएट इनसॉल्वेंसी प्रोग्राम (PGIP) के 7वें बैच के लिए “Meet the Legend” श्रृंखला के अंतर्गत एक विशेष और ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। लगभग तीन घंटे चले इस मास्टरक्लास में दो प्रतिष्ठित न्यायिक विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की।

इस सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में J. P. Singh, न्यायिक सदस्य, GST अपीलीय न्यायाधिकरण और Balesh Kumar, सदस्य, अपीलीय न्यायाधिकरण (PMLA, FEMA, PBPTA, NDPSA और SAFEMA) उपस्थित रहे।

GST और IBC के संबंध पर विस्तृत चर्चा

अपने संबोधन में जे.पी. सिंह ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) की संरचना और इसका Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 (IBC) के तहत चल रही दिवालिया कार्यवाही के साथ संबंध का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने “सप्लाई”, “कंसिडरेशन”, टैक्सेबल इवेंट, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) तथा रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म जैसे मूलभूत GST सिद्धांतों को विस्तार से समझाया। साथ ही उन्होंने अंतर-राज्य और अंतर-राज्यीय लेनदेन को नियंत्रित करने वाले वैधानिक ढांचे पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों जैसे Swiss Ribbons Pvt. Ltd. v. Union of India और Ghanashyam Mishra & Sons Pvt. Ltd. v. Edelweiss Asset Reconstruction Co. Ltd. का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि एक बार जब समाधान योजना स्वीकृत हो जाती है, तो उसमें शामिल न किए गए सभी दावे, जिनमें वैधानिक बकाया भी शामिल हैं, समाप्त माने जाते हैं।

सत्र के दौरान CIRP प्रक्रिया में व्यावहारिक अनुपालन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जैसे कि नई GST पंजीकरण की आवश्यकता, IRP/RP द्वारा रिटर्न दाखिल करना, ITC की उपलब्धता तथा IBC की धारा 14 के तहत मोराटोरियम का वसूली कार्यवाही पर प्रभाव।

IBC और PMLA के बीच कानूनी समन्वय पर प्रकाश

दूसरे वक्ता बलेश कुमार ने Prevention of Money Laundering Act, 2002 (PMLA) और IBC के बीच संबंधों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) की अवधारणा को समझाते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की तीन प्रमुख अवस्थाओं — प्लेसमेंट, लेयरिंग और इंटीग्रेशन — की व्याख्या की।

उन्होंने National Company Law Tribunal (NCLT) और PMLA प्राधिकरणों के बीच अधिकार क्षेत्र से जुड़ी जटिलताओं पर भी चर्चा की, विशेषकर उन मामलों में जहाँ कॉरपोरेट देनदार CIRP के तहत हो और उसकी संपत्तियों पर अटैचमेंट की कार्यवाही चल रही हो।

उन्होंने IBC की धारा 32A के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह प्रावधान समाधान प्रक्रिया की सुरक्षा और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बनाया गया है। उन्होंने Manish Kumar v. Union of India सहित कई न्यायिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालयों द्वारा लगातार ऐसे सिद्धांत विकसित किए जा रहे हैं जो दिवालिया समाधान और मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानूनों के उद्देश्यों के बीच संतुलन स्थापित करते हैं।

प्रतिभागियों को मिले व्यावहारिक और रणनीतिक दृष्टिकोण

इंटरएक्टिव सत्र के दौरान PGIP प्रतिभागियों को विभिन्न कानूनों के बीच समन्वय से उत्पन्न चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के व्यावहारिक तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला। इस चर्चा ने यह भी रेखांकित किया कि प्रभावी समाधान प्रक्रिया के लिए टैक्सेशन, दिवालिया कानून और प्रवर्तन कानूनों के बीच संबंधों की गहरी समझ आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में सेंटर फॉर PGIP के प्रमुख सुधाकर शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अतिथि वक्ताओं का आभार व्यक्त किया और उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए प्रशंसा की।

“IICA की ‘Meet the Legend’ श्रृंखला” प्रतिभागियों को देश के अग्रणी न्यायिक और नियामकीय विशेषज्ञों से जोड़कर अकादमिक उत्कृष्टता और पेशेवर क्षमता निर्माण के अपने उद्देश्य को निरंतर आगे बढ़ा रही है।


वन नेशन, वन टैक्स ने कर संरचना को सरल बनाया: ओम बिड़ला

No comments Document Thumbnail

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज कहा कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में सुधार तथा “वन नेशन, वन टैक्स” जीएसटी ढांचे ने देश की कर व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाया है, जिससे भारत की वृद्धि और समृद्धि को गति मिली है। उन्होंने कहा कि राजस्व सेवा अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है कि वे इस पारदर्शी प्रणाली को मजबूत बनाए रखें।

ओम बिड़ला संसद भवन परिसर में लोकसभा सचिवालय के पीआरआईडीई (Parliamentary Research and Training Institute for Democracies) द्वारा आयोजित संसदीय प्रक्रियाओं और विधियों के प्रशंसा पाठ्यक्रम में भाग ले रहे भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस–सी एंड आईटी) के 76वें बैच के अधिकारी प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे।

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रसन्नता

उन्होंने विभिन्न केंद्रीय और अखिल भारतीय सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती संख्या पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश की प्रगतिशील सोच और आकांक्षाओं का प्रतीक है।

युवा तकनीकी दक्ष और नवाचार के अग्रदूत

 ओम बिड़ला ने कहा कि आज का युवा तकनीक, अनुसंधान और नवाचार में अग्रणी है। उनकी प्रखर सोच, आत्मविश्वास और नई दृष्टि भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा अधिकारी प्रशिक्षु ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने envisioned किया है।

संसद—लोकतंत्र और नीति-निर्माण का केंद्र

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की संसद लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नीति निर्माण का केंद्र है। आने वाले समय में आईआरएस अधिकारी देश की आर्थिक शक्ति के महत्वपूर्ण स्तंभ बनेंगे।

उन्होंने कहा कि आईआरएस अधिकारियों की भूमिका केवल कर संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि ईमानदार करदाताओं का सम्मान, व्यापार सुगमता, अवैध व्यापार पर रोक, मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना भी उनकी बड़ी जिम्मेदारियाँ हैं।

कर व्यवस्था को और सरल, पारदर्शी बनाने पर जोर

ओम बिड़ला ने कहा कि सरकार कर प्रणाली को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है, ताकि नागरिकों को देश की प्रगति से संबंध महसूस हो। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में इस दिशा में काफी सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल कर प्रणालियाँ, एआई आधारित असेसमेंट और डेटा एनालिटिक्स कर प्रशासन को और अधिक निष्पक्ष व पारदर्शी बना रहे हैं। उन्होंने युवा अधिकारी प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे अपनी मेहनत और नवाचार से इसमें योगदान दें।

कानून और संसदीय प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करने की सलाह

ओम बिड़ला ने अधिकारियों को कर कानूनों, संसदीय बहसों और नवीनतम विधेयकों का गहन अध्ययन करने की सलाह दी, ताकि वे कानून की भावना और उद्देश्य को अच्छी तरह समझ सकें।

76वें बैच की विशेषताएँ

  • कुल प्रशिक्षु: 79 (जिनमें 5 भूटान से)

  • 40% महिलाएँ

  • 32% ग्रामीण पृष्ठभूमि से

  • औसत आयु: 28 वर्ष

  • 51 प्रशिक्षुओं के पास पूर्व कार्य अनुभव

लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया।

भूपेन्द्र यादव ने ब्रासीलिया में Pre-CoP30 में पहले ग्लोबल स्टॉक टेक (GST) के समापन और जलवायु कार्रवाई पर जोर दिया

No comments Document Thumbnail

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने 13 अक्टूबर 2025 को ब्रासीलिया में आयोजित प्रे-कॉप30 (Pre-CoP30) बैठकों के दौरान ग्लोबल स्टॉक टेक (GST) पर आयोजित ब्रेकआउट सत्र को संबोधित किया। उन्होंने पहले GST के सफल समापन की सराहना करते हुए कहा कि यह इस बात का महत्वपूर्ण प्रमाण है कि पेरिस समझौते (Paris Agreement) को पूरी निष्ठा के साथ लागू किया जा रहा है।

ग्लोबल स्टॉक टेक (GST) एक पाँच-वर्षीय प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य पेरिस समझौते के लक्ष्यों की दिशा में विश्व की सामूहिक प्रगति का आकलन करना है। भूपेन्द्र यादव ने कहा कि GST का उद्देश्य महत्वाकांक्षा (ambition) को सुदृढ़ करना है और यह तीन प्रमुख भूमिकाएँ निभाता है —

  1. सामूहिक प्रगति का मूल्यांकन,

  2. शेष अंतरालों की पहचान, तथा

  3. घरेलू और वैश्विक स्तर पर उन्नत कार्यवाहियों का मार्गदर्शन।

मंत्री ने कहा कि इस दृष्टिकोण से GST, पेरिस समझौते का एक प्रेरक तंत्र (driving force) है, जो राजनीतिक गति (political momentum) को बढ़ावा देता है और उच्चतर जलवायु लक्ष्यों की दिशा में निरंतर प्रयासों को बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि संवाद में इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और घरेलू जलवायु कार्रवाइयों को GST के निष्कर्षों से दिशा मिलेगी।

भविष्य के GSTs के लिए,भूपेन्द्र यादव ने सुझाव दिया कि वैज्ञानिक आकलनों को बिना उनकी वैश्विक प्रासंगिकता पर पर्याप्त चर्चा के जल्दबाजी में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान को कठोरता (rigor), सटीकता (accuracy) और मजबूती (robustness) के साथ अपनाया जाना चाहिए, और सभी प्रासंगिक स्रोतों से उचित विचार प्राप्त किया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा —

“अब हमें महत्वाकांक्षी जलवायु उपायों के कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण चुनौती का समाधान करना चाहिए — विकासशील देशों के लिए अनुकूलन (adaptation) और शमन (mitigation) के लिए संसाधनों की गंभीर कमी।”

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लगातार समीक्षा का समय समाप्त हो चुका है, अब कार्रवाई का समय है।

“संवाद आवश्यक है, लेकिन कार्रवाई अनिवार्य है,” उन्होंने कहा।

कांग्रेस को जीएसटी से नहीं सीएसटी से मतलब है : सांसद पांडेय

No comments Document Thumbnail

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेसियों को जीएसटी रास नहीं आएगी क्योंकि जीएसटी का जुड़ाव सीधे राष्ट्र के विकास से है। कांग्रेस का कभी राष्ट्र के विकास से कोई नाता नहीं रहा है, उनका नाता केवल एक परिवार से ही रहा है। उन्होंने कहा जीएसटी गुड सिंपल टैक्स के रूप में लोगों के बीच पहचाना जा रहा है। कांग्रेस को जीएसटी से कोई मतलब नहीं है उन्हें तो केवल सीएसटी से मतलब है। सीएसटी यानी कांग्रेस सेंटिंग टैक्स है जो पूर्व की कांग्रेस सरकार का भ्रष्टाचार करने का एक लक्ष्य था।


भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद पांडेय ने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार को सबसे भ्रष्टतम सरकार में से एक माना जा रहा है। जिस तरह की भ्रष्टचार कांग्रेस सरकार में हुई आज भी वह बात किसी से छिपा नहीं है। शराब घोटाले से लेकर कोयला घोटाला सब में जो देनदारी हुई है यह देनदारी सीएसटी था। जीएसटी यानी कांग्रेस सेटिंग टैक्स जिसे कांग्रेस अपनी सरकार के समय लगाया करता था।

उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल आज जिस तरह से लूट की बातें कह रहे हैं वह लूट केवल उनकी सरकार में होती थी। उन्हें अपने शासनकाल में हुई लूट को याद करना चाहिए, जिसे आज तक प्रदेश की जनता नहीं भूल पाई है। केंद्रीय जांच एजेंसी इसकी जांच कर रही है कितने लोग जेल के अंदर हैं और कितने लोग और गिरफ्तार होंगे, यह पता नहीं है। हर दिन भ्रष्टाचार को लेकर नई-नई बातें पिछली कांग्रेस सरकार की खुलकर सामने आ रही है। इसके लिए कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ही जिम्मेदार है।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद पांडेय ने कहा कि जीएसटी से राज्य के विकास के साथ-साथ देश के विकास को एक नई पहचान मिलेगी। इस टैक्स की सर्वत्र स्वीकार्यता है। इसलिए आज कांग्रेस के लोग विचलित हैं। जीएसटी का विरोध करने वाले लोगों का जनता ही विरोध करेगी, क्योंकि यह एक सुलभ टैक्स है जिसके लागू होने से देश और समाज में आर्थिक व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के भीतर किसी भी अर्थव्यवस्था के अध्ययन का यह एक नया अध्याय होगा, जिसे जीएसटी के माध्यम से लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा सीएसटी पर अपना फोकस रखती है, इसलिए कांग्रेस को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कुछ कहने का अधिकार नहीं है। वे राजनीतिक विरोध भले ही करते हैं, लेकिन जमीनी धरातल पर उन्हें जो बातें कहनी है, वह नहीं कहते हैं और जो कहते हैं उसका सत्य से कोई सरोकार नहीं होता है।

बड़ी खबर: ऑटोमोबाइल और हैवी इंडस्ट्रीज़ के लिए GST दरों में भारी कटौती

No comments Document Thumbnail

नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर और भारी उद्योगों पर बड़ा असर दिखने की संभावना है। सरकार ने कई श्रेणियों में टैक्स दरें घटाकर उद्योग और उपभोक्ताओं दोनों को राहत दी है।

🚗 ऑटोमोबाइल सेक्टर

  • बाइक्स (350cc तक), छोटी कारें, लग्ज़री कारें, बसें और ट्रक—सभी पर जीएसटी दरें घटाई गईं।

  • ऑटो पार्ट्स पर भी कर दरें कम हुईं।

  • इससे वाहनों की कीमतें कम होंगी, मांग बढ़ेगी और सहायक उद्योगों (टायर, बैटरी, कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि) को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • पूरे सेक्टर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों पर सकारात्मक असर होगा।

📉 दरों में कटौती: पहले और अब

श्रेणी पहले अब असर
बाइक्स (≤350cc) 28% 18% ग्रामीण व युवा उपभोक्ताओं को राहत, गिग-वर्कर्स को लाभ
छोटी कारें (<1200cc पेट्रोल / <1500cc डीज़ल) 28% 18% पहली बार खरीदारों की संख्या बढ़ेगी, छोटे शहरों में बिक्री तेज़
बड़ी कारें 28% + सेस 40% (बिना सेस) टैक्स सिस्टम सरल, ITC का पूरा लाभ
ट्रैक्टर (<1800cc) 12% 5% खेती में मशीनीकरण बढ़ेगा
ट्रैक्टर (>1800cc) 28% 18% घरेलू व निर्यात बाज़ार में मांग तेज़
ट्रैक्टर पार्ट्स 12% 5% MSME को बड़ा फायदा
बसें (10+ सीट) 28% 18% टिकट किराया घटेगा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
ट्रक/डिलीवरी वैन 28% 18% लॉजिस्टिक लागत घटेगी, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (गुड्स कैरिज) 12% 5% ट्रक मालिकों को सीधी राहत
ऑटो पार्ट्स 28% 18% मैन्युफैक्चरिंग लागत घटेगी

🌾 कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल

ट्रैक्टर और उनके पुर्ज़ों पर टैक्स कटौती से खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलेगा। किसानों के लिए ट्रैक्टर सस्ते होंगे, जिससे फसल उत्पादन और उत्पादकता में सुधार होगा।

🚌 पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा

बसों और मिनीबसों पर कर दर कम होने से राज्य परिवहन, स्कूल और टूर ऑपरेटर नए वाहनों की खरीद पर विचार करेंगे। यात्रियों को सस्ती टिकट दरों का लाभ मिलेगा और निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा।

🚛 माल ढुलाई होगी सस्ती

ट्रक और डिलीवरी वाहनों पर जीएसटी घटने से माल-परिवहन की लागत सीधे कम होगी। इससे खाद्यान्न, सीमेंट, स्टील, FMCG और ई-कॉमर्स सेक्टर की डिलीवरी सस्ती होगी।

💡 उद्योग जगत के लिए संदेश

सरकार का यह कदम "मेक इन इंडिया", "PM Gati Shakti" और "नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" के लक्ष्यों को मज़बूती देगा। टैक्स दरों में तर्कसंगतता आने से निवेशकों को स्थिरता का संदेश मिलेगा और ऑटोमोबाइल सेक्टर को नया प्रोत्साहन मिलेगा।


PM मोदी के एक कॉल से बदली GST की तस्वीर - 400 वस्तुएं हुईं सस्ती, वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया पूरा घटनाक्रम

No comments Document Thumbnail

 नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (GST) में हालिया बड़े सुधारों की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक फोन कॉल से हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुलासा किया कि पीएम मोदी ने उन्हें फोन पर कहा था -


“आप एक बार जीएसटी को देखो, इसे व्यवसायों के लिए सुविधाजनक बनाओ और दरों को युक्तिसंगत करो।”

दिसंबर 2024 से शुरू हुआ बदलाव का सफर

  • जैसलमेर में जीएसटी परिषद की बैठक से पहले ही पीएम ने सुधारों की दिशा तय कर दी थी।
  • सीतारमण ने अपनी टीम और मंत्रियों के समूह (GOM) के साथ मिलकर विस्तृत समीक्षा शुरू की।
  • बजट चर्चाओं के दौरान भी पीएम ने उन्हें जीएसटी सुधारों की याद दिलाई।

क्या बदला GST में?

  • अब चार की जगह दो स्लैब रहेंगे – 5% और 18%
  • सिगरेट, तंबाकू और विलासिता की वस्तुओं पर 40% विशेष दर लागू होगी।
  • लगभग 400 वस्तुओं पर कर दरें घटाई गईं।
  • टीवी, एसी, खानपान और रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी।

राज्यों और केंद्र की भूमिका

  • मंत्रियों का समूह (GOM) डेढ़ साल से रिपोर्ट तैयार कर रहा था।
  • केंद्र ने जीएसटी परिषद में विशेष प्रस्ताव रखा, जिसे राज्यों ने स्वीकार किया।
  • कर दरों के युक्तिकरण पर सभी मंत्रियों ने सहमति जताई।

असर हर परिवार पर

सीतारमण ने कहा,
“यह ऐतिहासिक सुधार लोगों के लिए सुधार है। इससे हर भारतीय परिवार को लाभ होगा। अप्रत्यक्ष रूप से सभी 140 करोड़ लोग प्रभावित होंगे।”

नई दरें कब से लागू?

  • नई दरें 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी।
  • सिगरेट व तंबाकू उत्पादों को छोड़कर बाकी वस्तुओं पर सीधे असर दिखेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधारों की नई दिशा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार

No comments Document Thumbnail

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

https://x.com/vishnudsai/status/1963302572292542472?t=ehVYT0Jk2pgBxOXZrMQ27g&s=19

स्वास्थ्य विभाग के सप्लायर पर राज्य जीएसटी विभाग की छापेमारी, 48 करोड़ की सप्लाई में 1 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा

No comments Document Thumbnail

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति और सरकारी खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के तहत राज्य जीएसटी विभाग ने रायगढ़ स्थित मेसर्स श्याम सर्जिकल पर कार्यवाही की है। यह फर्म छत्तीसगढ़ सहित झारखंड और ओडिशा में भी सरकारी अस्पतालों को सर्जिकल और मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति करती है।

राज्य जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया है कि उक्त व्यवसायी ने स्वास्थ्य विभाग में विगत 4–5 वर्षों में लगभग 48 करोड़ रुपये की आपूर्ति की, जबकि वास्तविक खरीदी केवल 10 करोड़ रुपये की थी। प्रारंभिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि व्यवसायी ने खरीदी मूल्य से 4–5 गुना अधिक दरों पर सामग्री की आपूर्ति कर 400 से 500 प्रतिशत तक लाभ कमाया। इस लाभ को छुपाने और जीएसटी देनदारी से बचने के लिए व्यवसायी ने अपने परिवारजनों के नाम पर तीन अन्य फर्में – राहुल इंटरप्राइजेज, नारायणी हेल्थकेयर, और पी.आर. इंटरप्राइजेस बनाईं तथा आपस में ही खरीदी बिक्री दिखाकर करीब 1 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की।

इस मामले में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा अधिकारियों को सरकारी आपूर्ति पर विशेष नजर रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी के तहत राज्य जीएसटी विभाग की टीम ने यह प्रभावी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि राज्य सरकार सरकारी निधि और जन स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस प्रकार की धोखाधड़ी न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि जनहित के साथ विश्वासघात भी है।

प्रदेश सरकार ने ऐसे सभी आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग करके अनुचित लाभ अर्जित करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई राज्य शासन की ईमानदार, पारदर्शी और जनहितकारी प्रशासनिक दृष्टिकोण का उदाहरण है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध पूरी प्रतिबद्धता और सख्ती के साथ कार्य कर रही है।


स्टेट जीएसटी की बड़ी कार्रवाई: कर चोरी के खिलाफ व्यवसायी पर शिकंजा, 16 करोड़ के टर्नओवर पर मात्र 43 हजार कर भुगतान

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : मेसर्स अरिहंत स्टील नारायणपुर जिला नारायणपुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग जगदलपुर द्वारा 31 मई को जांच की कार्यवाही की गई है। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया, जबकि जीएसटी के प्रावधानों के अनुरूप व्यवसाय स्थल पर समस्त लेखा पुस्तकें रखा जाना अनिवार्य है। व्यवसायी ने बताया कि समस्त बिल, कर सलाहकार द्वारा जारी किया जाता है। इस कारण कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। आगे जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग 16 करोड़ रुपये से अधिक किन्तु उस पर कर का नगद भुगतान मात्र 43 हजार रुपये का वर्तमान अवधि तक किया गया है।


साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक माल की खरीदी 8.21 करोड़ रुपये की गई किंतु माल की सप्लाई के लिए कोई ई-वे बिल जारी नही किया गया। जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किन्तु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है।

जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से 10 लाख रुपये का कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की, किंतु जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने व्यवसाय स्थल पर उपलब्ध स्टॉक की मात्रा (अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये ) के समर्थन में व्यवसायी से लेखा पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। व्यवसायी द्वारा अपने परिचित कुछ मीडियाकर्मियों एवं व्यवसायियों को एकत्रित कर जांच टीम पर दबाव डालने का प्रयास किया गया। व्यवसायी के असहयोगात्मक रवैये एवं कर अपवंचन की विस्तृत जांच हेतु स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में आगामी कार्यवाही तक व्यवसाय स्थल सील बंद किया गया है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.