Media24Media.com: फ्लाईदुबई फ्लाइट में कॉकपिट हमला: भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने सुनाई खौफनाक दास्तान, बोले- ‘मुझे उठना ही था, नहीं तो यात्रियों की जान चली जाती’

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फ्लाईदुबई फ्लाइट में कॉकपिट हमला: भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने सुनाई खौफनाक दास्तान, बोले- ‘मुझे उठना ही था, नहीं तो यात्रियों की जान चली जाती’

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नई दिल्ली- फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machchhar) पर उनके सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया। घटना के दौरान विमान ने अचानक हजारों फीट की ऊंचाई खो दी और बाद में सऊदी अरब के तबुक में उसकी आपात लैंडिंग कराई गई। 

अस्पताल से पीएम मोदी को बताया पूरा घटनाक्रम

घटना में घायल कैप्टन स्मित मच्छर फिलहाल अबू धाबी के अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उस भयावह घटना का अपना अनुभव साझा किया।

मच्छर ने बताया कि हमले के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह जमीन पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्हें एहसास हुआ कि अगर वह उठकर कुछ नहीं करते हैं तो विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। 

उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कहा कि वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन उस समय उनके सामने यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थी। बातचीत के दौरान वह भावुक भी हो गए। 

30 सेकंड में 14,300 फीट नीचे आया विमान

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान फ्लाइट ने बहुत तेजी से ऊंचाई खोई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान करीब 14,300 फीट नीचे आया और यह गिरावट लगभग 30 सेकंड में हुई। इस दौरान विमान की स्थिति को लेकर यात्रियों और चालक दल के बीच अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। 

विमान में बड़ी संख्या में यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के बाद विमान का रुख तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।

यात्रियों और अन्य पायलटों ने संभाली स्थिति

रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन मच्छर द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतारा गया।

घटना की जांच जारी, हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं

फ्लाईदुबई ने पुष्टि की है कि फ्लाइट के फ्लाइट डेक में एक गंभीर घटना हुई थी। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और हमले का मकसद अभी जांच का विषय है। शुरुआती रिपोर्टों में सह-पायलट पर कप्तान पर हमला करने और विमान के नियंत्रण को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अधिकारियों की विस्तृत जांच पूरी होने तक घटना के सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। 

भारतीय विमान कंपनियों के लिए एडवाइजरी पर विचार

इस घटना के बाद भारत में भी विमानन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार इस मामले पर आंतरिक विचार-विमर्श करेगी और जरूरत पड़ने पर भारतीय एयरलाइनों के लिए सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जा सकता है।

इसका मुख्य फोकस कॉकपिट सुरक्षा, चालक दल की सुरक्षा और ऐसी असाधारण परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित रखने की प्रक्रियाओं की समीक्षा पर हो सकता है।

पूर्व स्पाइसजेट पायलट हैं स्मित मच्छर

कैप्टन स्मित मच्छर पहले स्पाइसजेट में करीब 11 वर्षों तक काम कर चुके हैं। इसके बाद जून 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े। रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास बोइंग 737 विमानों पर लंबा उड़ान अनुभव है और वह लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में भी काम कर चुके हैं।

फिलहाल उनका उपचार अबू धाबी में चल रहा है। घटना के बाद उनकी भूमिका को लेकर भारत और विदेशों में व्यापक चर्चा हो रही है, जबकि विमानन अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।


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