Media24Media.com: BSP स्क्रैप चोरी मामले में अब CBI करेगी जांच, गृह मंत्रालय ने राजपत्र जारी कर सौंपी जिम्मेदारी

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BSP स्क्रैप चोरी मामले में अब CBI करेगी जांच, गृह मंत्रालय ने राजपत्र जारी कर सौंपी जिम्मेदारी

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 दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से जुड़े स्क्रैप चोरी मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। लंबे समय से मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की जा रही थी। विधायक रिकेश सेन की शिकायत और लगातार उठाई गई मांग के बाद गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र जारी कर प्रकरण की जांच CBI को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज है।


स्थानीय स्तर पर जांच के बाद मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने से अब जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। CBI मामले से जुड़े पुलिस रिकॉर्ड, दस्तावेज, जब्ती और अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा कर सकती है।

विधायक रिकेश सेन ने की थी CBI जांच की मांग

स्क्रैप चोरी के मामले को लेकर विधायक रिकेश सेन ने शिकायत करते हुए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि मामले की विस्तृत जांच से चोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।

गृह मंत्रालय के राजपत्र के बाद अब मामले की जांच CBI के हाथों में जाने का रास्ता साफ हो गया है। स्थानीय पुलिस की ओर से अब तक जुटाए गए दस्तावेज और जांच से संबंधित रिकॉर्ड भी केंद्रीय एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

स्क्रैप बाहर निकालने के तरीके और नेटवर्क की होगी पड़ताल

CBI जांच में यह देखा जा सकता है कि BSP से स्क्रैप किस तरीके से बाहर निकाला गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। जांच के दौरान चोरी की सामग्री कहां पहुंची, उसे किसके माध्यम से बेचा गया और किसी अंदरूनी व्यक्ति की संभावित भूमिका थी या नहीं, जैसे बिंदुओं की भी पड़ताल हो सकती है।

इसके अलावा संयंत्र में स्क्रैप के आवागमन से जुड़े रिकॉर्ड, वाहनों की आवाजाही, प्रवेश-निकासी रजिस्टर, गेट पास और अन्य संबंधित दस्तावेज जांच के दायरे में आ सकते हैं। यदि वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो उनकी भी जांच की जा सकती है।

स्थानीय जांच के रिकॉर्ड की भी होगी समीक्षा

CBI मामले की जांच संभालने के बाद पुरानी भिलाई थाना पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और जुटाए गए साक्ष्यों की समीक्षा कर सकती है। इसमें जब्ती, पूछताछ, दर्ज बयान और अन्य जांच दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।

मामला सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान BSP से जुड़ा होने के कारण संयंत्र की सुरक्षा और स्क्रैप प्रबंधन व्यवस्था भी जांच के महत्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं।

CBI जांच से बढ़ी हलचल

गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र जारी होने की जानकारी सामने आने के बाद दुर्ग और भिलाई में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। जांच के दौरान यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।

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