Media24Media.com: महासमुंद में मानव तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 10 ठिकानों पर छापेमारी; 5 गिरफ्तार

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महासमुंद में मानव तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, 10 ठिकानों पर छापेमारी; 5 गिरफ्तार

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महासमुंद- महासमुंद पुलिस ने मानव तस्करी, अवैध श्रमिक परिवहन और कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नेटवर्क से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के लोग शामिल बताए गए हैं। 

नाबालिग के गर्भवती होने से शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले का खुलासा एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की सूचना मिलने के बाद शुरू हुई जांच से हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, 21 सितंबर को एक अस्पताल/मेटरनिटी होम की ओर से पुलिस को सूचना मिली थी कि नाबालिग गर्भवती है।

जांच में सामने आया कि नाबालिग को उसके परिवार के साथ मजदूरी के लिए उत्तर प्रदेश के ईंट भट्ठे पर भेजा गया था। वहां उसके कथित शोषण की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए जांच शुरू की। इसी जांच के दौरान पुलिस को मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने वाले एक बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली।

गरीब परिवारों को एडवांस और कर्ज के जाल में फंसाने का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, नेटवर्क पर आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर परिवारों को एडवांस रकम और कर्ज देकर दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में काम करने के लिए भेजा जाता था।

पुलिस को ऐसे दस्तावेज और रिकॉर्ड मिलने की बात कही गई है, जिनसे बड़ी संख्या में मजदूरों के दूसरे राज्यों में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच में बच्चों और नाबालिगों के भी अपने परिवारों के साथ मजदूरी के लिए बाहर जाने की बात सामने आई है।

10 ठिकानों पर एक साथ रेड

महासमुंद पुलिस ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नेटवर्क से जुड़े 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी के साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की।

पुलिस के अनुसार जब्त सामान में—

  • ₹1,48,54,750 नकद

  • मजदूर पलायन से संबंधित रजिस्टर और डायरी

  • मोबाइल फोन

  • बैंक पासबुक

  • चेकबुक

  • ATM कार्ड

  • मॉर्गेज/स्टांप संबंधी दस्तावेज

  • नोट गिनने की मशीन

  • अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सामग्री

शामिल हैं। 

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों में गिरफ्तार आरोपियों के नाम मुकेश चंद्राकर, नसीम बानो उर्फ लता सबर, मनीष गुप्ता, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू और पीयूष अग्रवाल बताए गए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ और ओडिशा से जुड़े लोग शामिल हैं। 

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जब्त दस्तावेजों की जांच के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा इसके पूरे संचालन की जानकारी जुटाई जा रही है।

हजारों मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने की जांच

जांच एजेंसियों को मिले रिकॉर्ड से कथित तौर पर पता चला है कि नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में मजदूरों को दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में भेजा गया। जांच में ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जो हजारों मजदूरों के दूसरे राज्यों में भेजे जाने की ओर संकेत करते हैं। 

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितने मजदूरों को इस नेटवर्क के जरिए बाहर भेजा गया, उन्हें किन राज्यों में भेजा गया और वहां उनके साथ किस तरह की परिस्थितियां रहीं।

बाल मजदूरी और शोषण के आरोपों की भी जांच

पुलिस की जांच केवल मजदूरों के अवैध परिवहन तक सीमित नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच में नाबालिगों को काम के लिए दूसरे राज्यों में भेजने और उनके कथित शोषण से जुड़े साक्ष्य भी सामने आए हैं।

हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस फिलहाल जब्त दस्तावेजों, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। 

संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी गई

पुलिस के अनुसार, मामले में थाना खल्लारी में अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है। विवेचना के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 के तहत संगठित अपराध से संबंधित प्रावधान भी जोड़ा गया है। 

अब आगे क्या होगा?

महासमुंद पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संचालन किस स्तर तक फैला हुआ था। साथ ही उन मजदूरों और नाबालिगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिन्हें कथित तौर पर दूसरे राज्यों में भेजा गया था।

पुलिस की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जब्त रकम का स्रोत क्या था और बैंक खातों, दस्तावेजों तथा मोबाइल रिकॉर्ड से नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान होती है या नहीं।


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