Media24Media.com: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अंडमान-निकोबार में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का किया शुभारंभ

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अंडमान-निकोबार में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का किया शुभारंभ

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की स्मृति में, श्री विजय पुरम स्थित फ्लैग प्वाइंट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ का शुभारंभ किया।

डीबीआरएआईटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह एवं ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित तिरंगा कॉन्सर्ट को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान के शुभारंभ के लिए इन ऐतिहासिक द्वीपों से अधिक उपयुक्त स्थान कोई और नहीं हो सकता। ये द्वीप भारत के स्वतंत्रता संग्राम और तिरंगे के इतिहास से गहराई से जुड़े हुए हैं।

महान तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के अमर शब्दों को याद करते हुए सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारती द्वारा ‘मणि कोडी’ की स्तुति भारतीय आत्मा के शाश्वत साहस और भारत माता के ध्वज की महिमा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक नागरिक को एक राष्ट्रीय ध्वज, एक मातृभूमि और एक साझा नियति के सूत्र में जोड़ता है।

‘काला पानी’ की कठोर यातनाएँ सहने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह भारत का केवल एक भौगोलिक हिस्सा नहीं, बल्कि बलिदान की पवित्र भूमि है। उन्होंने वीर विनायक दामोदर सावरकर और सेल्युलर जेल में यातनाएँ सहने वाले अनगिनत देशभक्तों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनका साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।

उपराष्ट्रपति ने महात्मा गांधी द्वारा 8 अगस्त 1942 को दिए गए ऐतिहासिक “करो या मरो” के आह्वान को याद करते हुए कहा कि इस आह्वान ने लाखों भारतीयों को जागृत किया और स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति प्रदान की। उन्होंने तिरंगे के इतिहास में इन द्वीपों के विशेष स्थान का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को यहीं भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐतिहासिक क्षण था।

हर घर तिरंगा अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से तिरंगे को गर्व के साथ अपने घर पर फहराने तथा इसके माध्यम से राष्ट्रभक्ति, एकता और सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।”

उपराष्ट्रपति ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को ‘विविधता में एकता’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने द्वीपों की समृद्ध जनजातीय विरासत के साथ-साथ कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में हुई हालिया प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की समुद्री क्षमताओं, कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसरों को और मजबूत करेगी तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखेगी।

भारत की शांति और उदारता की परंपरा के साथ राष्ट्रीय शक्ति की आवश्यकता पर जोर देते हुए राधाकृष्णन ने कहा, “भारत हमेशा उदार रहा है, लेकिन हमारी उदारता को कभी भी हमारी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। हमें अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।” उन्होंने नागरिकों से तिरंगे को साहस, एकता और आशा की प्रेरणा के रूप में अपनाने तथा स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।


उपराष्ट्रपति ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया और ‘हर घर तिरंगा’ प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें अभियान की भावना तथा राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति के संदेश को प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी (सेवानिवृत्त), मुख्य सचिव चंचल यादव, विजय पुरम नगर परिषद की अध्यक्ष एम. वसंथा तथा जिला परिषद के अध्यक्ष पी. उम्मर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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