Media24Media.com: नकटी बुलडोजर एक्शन पर भड़के सांसद बृजमोहन, बोले- रात में कार्रवाई करने वाले अफसरों पर हो कार्रवाई

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नकटी बुलडोजर एक्शन पर भड़के सांसद बृजमोहन, बोले- रात में कार्रवाई करने वाले अफसरों पर हो कार्रवाई

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 रायपुर। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए की गई बेदखली कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब इस मामले में रायपुर के सांसद Brijmohan Agrawal ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में लोगों के घरों तक पहुंचकर तोड़फोड़ करना पूरी तरह अनुचित है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


सांसद ने कहा कि उन्होंने पहले ही संबंधित पक्षों से चर्चा कर स्पष्ट किया था कि बरसात के मौसम में लोगों के मकानों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कार्रवाई किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है, उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

बृजमोहन अग्रवाल ने दोहराया कि नकटी गांव के निवासियों को बेदखल करने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे पहले भी इस मुद्दे पर अपनी राय रख चुके हैं और आज भी उसी रुख पर कायम हैं। जनता से जुड़े मुद्दों पर वे हमेशा उचित मंच पर अपनी बात रखते रहेंगे।

गौरतलब है कि माना क्षेत्र के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए प्रशासन ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए करीब 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि इनमें Pradhan Mantri Awas Yojana और Indira Awaas Yojana के तहत बने कई मकान भी शामिल हैं। कार्रवाई से पहले रविवार देर रात से पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

सोमवार सुबह जब प्रशासनिक टीम जेसीबी मशीनों के साथ गांव पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों को बचाने के लिए मशीनों के सामने खड़े हो गए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। विरोध के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी, जिससे प्रभावित परिवारों में भारी आक्रोश फैल गया।

कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सांसद ने दो दिन पहले मुलाकात के दौरान आश्वासन दिया था कि बारिश के दौरान किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे और प्रशासन व ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। लेकिन आश्वासन के बावजूद बुलडोजर चलने से लोगों में गहरा असंतोष है।

यह संस्करण अखबार में प्रकाशित होने लायक ज्यादा संतुलित और प्रोफेशनल टोन में है।

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