Media24Media.com: छत्तीसगढ़ विधानसभा: राम मंदिर चंदा विवाद पर सदन में भारी हंगामा, विपक्षी दल का वॉकआउट

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छत्तीसगढ़ विधानसभा: राम मंदिर चंदा विवाद पर सदन में भारी हंगामा, विपक्षी दल का वॉकआउट

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के मुद्दे पर सदन में जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे और इस विषय पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस, नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई।


जनभावनाओं और पारदर्शिता का हवाला

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि वे यह मुद्दा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश के करोड़ों रामभक्तों की आस्था का प्रतिनिधित्व करते हुए उठा रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया,

"देशभर के श्रद्धालुओं ने अटूट विश्वास के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण राशि (चंदा) दी थी। यदि उस राशि के रखरखाव या उपयोग को लेकर कोई सवाल उठ रहे हैं, तो इस पर सदन में खुली चर्चा और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।"

कांग्रेस विधायकों ने इस विषय पर काम रोको (स्थगन) प्रस्ताव के माध्यम से विस्तृत चर्चा कराने की मांग पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी विपक्ष का पक्ष रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने राम मंदिर के लिए श्रद्धापूर्वक योगदान दिया है। जनता से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की अनुमति न देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं: सत्ता पक्ष

दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने विपक्ष की इस मांग का कड़ा विरोध किया। संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा मामला पूरी तरह से केंद्रीय और स्वायत्त विषय है, जो राज्य सरकार के प्रशासनिक या विधायी दायरे में नहीं आता। उन्होंने कहा कि विधानसभा केवल उन्हीं विषयों पर चर्चा कर सकती है जो राज्य सूची के अंतर्गत आते हों, इसलिए इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज किया प्रस्ताव

दोनों पक्षों के बीच बढ़ते गतिरोध को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने व्यवस्था दी कि प्रस्तुत स्थगन प्रस्ताव नियमों के अनुरूप राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से संबंधित नहीं है। इस आधार पर उन्होंने विपक्ष के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। अध्यक्ष के इस निर्णय के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट किया।

 

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