Media24Media.com: शिलांग में 13–14 जुलाई को 'नेक्स्टजेन प्रशासनिक एवं ई-गवर्नेंस सुधार' पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा

Responsive Ad Slot

Latest

latest


 

शिलांग में 13–14 जुलाई को 'नेक्स्टजेन प्रशासनिक एवं ई-गवर्नेंस सुधार' पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा

Document Thumbnail

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), मेघालय सरकार के सहयोग से 13–14 जुलाई 2026 को शिलांग, मेघालय में "नेक्स्टजेन प्रशासनिक एवं ई-गवर्नेंस सुधार" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करेगा।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन देशभर के नीति-निर्माताओं, प्रशासकों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों तथा सुशासन के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को सार्वजनिक प्रशासन एवं डिजिटल शासन के भविष्य पर विचार-विमर्श के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा।

उद्घाटन सत्र को भारत सरकार में डीएआरपीजी, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडोनर) की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा तथा मेघालय सरकार के मुख्य सचिव डॉ. शाकिल पी. अहमद भी संबोधित करेंगे।

सम्मेलन में केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, जिला कलेक्टर, नीति-निर्माता, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा लोक प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों सहित 300 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है।

दो दिवसीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री पुरस्कार विजेता पहल (2023 एवं 2024), राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार विजेता परियोजनाओं, मेघालय सरकार की उत्कृष्ट कार्य प्रणालियों तथा डीएआरपीजी समर्थित राज्य सहयोगात्मक पहलों (स्टेट कोलैबोरेटिव इनिशिएटिव–एससीआई) पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इनमें जिला समग्र विकास, डिजिटल शासन, साइबर सुरक्षा, लोक सेवा वितरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, उपभोक्ता संरक्षण, बैंकिंग, शहरी प्रशासन, ग्रामीण विकास तथा प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन जैसे विविध विषय शामिल होंगे।

सम्मेलन की शुरुआत मेघालय सरकार की श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों पर केंद्रित विशेष सत्र से होगी, जिसमें राज्य की नवाचारी प्रशासनिक पहलों एवं नागरिक-केंद्रित सुधारों को प्रस्तुत किया जाएगा, जिन्होंने सेवा वितरण और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत किया है।

इसके बाद प्रधानमंत्री पुरस्कार विजेता पहल (2023 एवं 2024) पर आधारित सत्र आयोजित होगा, जिसमें जिला स्तर की उत्कृष्ट नवाचार परियोजनाओं एवं सुशासन मॉडलों को प्रस्तुत किया जाएगा। इन पहलों ने समग्र विकास, शिक्षा, ग्रामीण आजीविका तथा आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं।

तीसरे सत्र में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 से सम्मानित परियोजनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों एवं सार्वजनिक संस्थानों द्वारा विकसित अत्याधुनिक डिजिटल शासन पहलों का प्रदर्शन होगा। इन परियोजनाओं में शहरी प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल बैंकिंग, तीर्थ प्रबंधन, पंचायती राज, उपभोक्ता संरक्षण तथा साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग को प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्हें देशभर में अपनाया जा सकता है।

उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास पर आयोजित विशेष सत्र में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) एवं उत्तर-पूर्वी परिषद (एनईसी) द्वारा संचालित परिवर्तनकारी पहलों पर चर्चा होगी। इसमें बांस एवं अगरवुड मूल्य श्रृंखला, पर्यटन, क्षेत्रीय अवसंरचना, परियोजना निगरानी तथा सतत विकास के लिए अंतरराज्यीय सहयोग से जुड़े नवाचारों को प्रस्तुत किया जाएगा।

सम्मेलन में डीएआरपीजी/राज्य सहयोगात्मक पहल (एससीआई) के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों पर भी विशेष सत्र आयोजित होगा। इसमें मेघालय, मिजोरम एवं नागालैंड की अभिनव प्रशासनिक परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इन पहलों में प्रौद्योगिकी आधारित लोक सेवा वितरण, परियोजना निगरानी प्रणाली, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र तथा सार्वजनिक सुरक्षा समाधान शामिल होंगे, जिन्हें डीएआरपीजी के सहयोग से विकसित किया गया है।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य अभिनव सुशासन मॉडल साझा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराना, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों को अपनाने को प्रोत्साहित करना है। सम्मेलन का लक्ष्य शासन में डिजिटल परिवर्तन को गति देना, नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक सेवा वितरण को सुदृढ़ करना, सफल प्रशासनिक मॉडलों के व्यापक प्रसार को बढ़ावा देना तथा उभरती प्रौद्योगिकियों एवं श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों पर ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से पारदर्शी, कुशल एवं उत्तरदायी लोक प्रशासन का निर्माण करना है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.