Media24Media.com: अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: बाघ संरक्षण में भारत बना वैश्विक अग्रणी, दुनिया के 70% जंगली बाघ भारत में

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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: बाघ संरक्षण में भारत बना वैश्विक अग्रणी, दुनिया के 70% जंगली बाघ भारत में

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नई दिल्ली- हर वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस बाघ संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। भारत के लिए यह दिन विज्ञान आधारित संरक्षण, मजबूत नीतियों और जनभागीदारी के माध्यम से हासिल की गई उल्लेखनीय उपलब्धियों का प्रतीक है। आज दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत जंगली बाघ भारत में पाए जाते हैं, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर बाघ संरक्षण का अग्रणी देश बनकर उभरा है।

भारत में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन-2022 के अनुसार देश में बाघों की संख्या 3,682 पहुंच गई है। वर्ष 2006 के बाद से भारत ने वैज्ञानिक आकलन के आधार पर अपनी बाघ आबादी को दोगुने से अधिक बढ़ाने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि दीर्घकालिक संरक्षण नीतियों, वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रभावी निगरानी का परिणाम है।

भारत में बाघ संरक्षण की आधारशिला प्रोजेक्ट टाइगर, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा टाइगर संरक्षण योजनाओं पर आधारित है। वर्तमान में देश के 18 राज्यों में 58 टाइगर रिजर्व हैं, जो लगभग 84,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं।

बाघों की निगरानी के लिए भारत ने अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाया है। एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES), कैमरा ट्रैप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित विश्लेषण और CaTRAT जैसी प्रणालियों के माध्यम से बाघों की सटीक गणना और उनके आवास की निगरानी की जा रही है। इससे संरक्षण योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

भारत वैश्विक स्तर पर भी बाघ संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नेपाल, भूटान, रूस, म्यांमार और अन्य देशों के साथ सहयोग के अलावा भारत इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) और ग्लोबल टाइगर फोरम (GTF) जैसी पहलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संरक्षण प्रयासों को मजबूत कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख संरक्षक हैं। बाघों का संरक्षण जंगलों, नदियों, जैव विविधता और लाखों लोगों की आजीविका की सुरक्षा से भी जुड़ा है। इसी उद्देश्य के साथ भारत विज्ञान आधारित संरक्षण, आधुनिक तकनीक और वैश्विक सहयोग के जरिए बाघों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

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