Media24Media.com: पीएम पोषण मिलेट चिक्की योजना पर हाईकोर्ट सख्त, केवल सात जिलों तक सीमित रखने पर राज्य सरकार से मांगा जवाब

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पीएम पोषण मिलेट चिक्की योजना पर हाईकोर्ट सख्त, केवल सात जिलों तक सीमित रखने पर राज्य सरकार से मांगा जवाब

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रायपुर- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पीएम पोषण मिलेट चिक्की योजना को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि यह योजना केवल सात जिलों तक ही क्यों सीमित रखी गई है, जबकि राज्य के अन्य जिलों के स्कूली बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। न्यायालय ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि योजना के सीमित दायरे के पीछे क्या कारण हैं।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि योजना का उद्देश्य स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी पात्र विद्यार्थियों को समान रूप से इसका लाभ मिले। अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि सीमित जिलों में योजना लागू होने से अन्य क्षेत्रों के बच्चों के साथ असमानता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

पीएम पोषण मिलेट चिक्की योजना के तहत विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषणयुक्त मिलेट (श्री अन्न) से बनी चिक्की उपलब्ध कराई जाती है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना, कुपोषण को कम करना और मोटे अनाज (मिलेट) के उपयोग को बढ़ावा देना है।

याचिका में योजना को केवल सात जिलों तक सीमित रखने के निर्णय पर सवाल उठाया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत यह जानना चाहती है कि योजना का विस्तार पूरे राज्य में क्यों नहीं किया गया और अन्य जिलों के विद्यार्थियों को इससे वंचित रखने का आधार क्या है।

अब राज्य सरकार को अदालत के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि योजना के चयनित जिलों में ही लागू होने के पीछे प्रशासनिक, वित्तीय या अन्य क्या कारण हैं तथा भविष्य में इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की क्या योजना है।

हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद यह मामला शिक्षा और पोषण योजनाओं में समान अवसर सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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