Media24Media.com: जंगली सुअर शिकार कांड में रिश्वतखोरी का आरोप, वायरल VIDEO से मचा हड़कंप

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जंगली सुअर शिकार कांड में रिश्वतखोरी का आरोप, वायरल VIDEO से मचा हड़कंप

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 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में जंगली सुअर के शिकार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। वन विभाग की कार्रवाई के बीच रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने से मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि शिकार के आरोपियों ने फॉरेस्ट गार्ड को डेढ़ से दो लाख रुपये देकर कार्रवाई से बचने की कोशिश की।


जानकारी के अनुसार मामला पसान वन परिक्षेत्र के लैंगा बीट अंतर्गत करी गांव का है। कुछ दिन पहले ग्रामीणों द्वारा जंगली सुअर का शिकार किए जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। बताया जाता है कि शिकार के बाद मांस पकाने की तैयारी चल रही थी, तभी फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की।

वन विभाग ने दर्ज किया मामला

वन विभाग ने मौके से शिकार में उपयोग की गई सामग्री जब्त की और कई लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। हालांकि, कार्रवाई के बाद पूरे मामले में भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आने लगे हैं।

वायरल VIDEO में क्या है?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी ग्रामीणों के बीच बैठी दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह कथित तौर पर कहती सुनाई दे रही हैं कि जंगली सुअर शिकार मामले में उन्हें लोगों की नाराजगी और आलोचना का सामना करना पड़ा।

वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम को डेढ़ से दो लाख रुपये देकर बच निकले। वहीं, वीडियो में मौजूद कुछ ग्रामीण यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि इस राशि में उन्हें भी हिस्सा मिलेगा, इसलिए उन्होंने किसी को सूचना नहीं दी।

वायरल वीडियो के बाद जांच के आदेश

वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। कोरबा के डीएफओ कुमार निशांत ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी पसान रेंजर मनीष सिंह को सौंपी गई है।

डीएफओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में वन्यजीवों के शिकार के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और वन्यजीवों का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है।

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