Media24Media.com: गया में 170 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होगा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र, एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

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गया में 170 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होगा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र, एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

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गया (बिहार), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के गया जिले के खिजरसराय में प्रस्तावित प्रौद्योगिकी केंद्र (टेक्नोलॉजी सेंटर) की आधारशिला रखी। इस अवसर पर पारंपरिक भूमि पूजन के साथ परियोजना का शुभारंभ किया गया।

यह महत्त्वपूर्ण परियोजना क्षेत्र में एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र और औद्योगिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, बिहार सरकार के मंत्रियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय हितधारकों ने भाग लिया।

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि गया का यह प्रौद्योगिकी केंद्र न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी राज्यों के एमएसएमई उद्यमों को भी तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में प्रौद्योगिकी आधारित केंद्रों की स्थापना की जा रही है, जिससे उद्योगों को आधुनिक तकनीकी सहायता और कौशलयुक्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि जो कार्य कभी असंभव प्रतीत होता था, वह आज संभव हो रहा है। यह केंद्र प्रतिवर्ष लगभग 7,000 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगा और कौशल विकास तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देशभर में ऐसे प्रौद्योगिकी केंद्रों की स्थापना का अवसर मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय रोजगार सृजन के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव तैयार कर रहा है। उन्होंने बिहार के युवाओं से तकनीक, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

एमएसएमई मंत्रालय के सचिव भरत खेड़ा ने बताया कि मंत्रालय देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में प्रौद्योगिकी केंद्र और विस्तार केंद्र स्थापित कर रहा है। हाल ही में पटना में एक प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया गया है और अब गया में नया केंद्र स्थापित किया जा रहा है।

एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने भारत और बिहार में एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति तथा गया प्रौद्योगिकी केंद्र की विशेषताओं की जानकारी दी।

खिजरसराय, गया में स्थापित होने वाला यह केंद्र 170 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा, जिसमें लगभग 86 करोड़ रुपये सिविल निर्माण कार्यों तथा 84 करोड़ रुपये संयंत्र एवं मशीनरी पर व्यय किए जाएंगे।

यह केंद्र जनरल इंजीनियरिंग, हेवी इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल टेस्टिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को आधुनिक तकनीकी सहायता, परीक्षण सुविधाएं और कौशल विकास सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इससे गया, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, जहानाबाद और मुंगेर जिलों के एमएसएमई उद्यमों को लाभ मिलेगा।

प्रस्तावित केंद्र उद्योग की वर्तमान एवं उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 7,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करेगा। साथ ही, टूलिंग सेवाओं और जॉब वर्क के माध्यम से 1,000 से अधिक स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को प्रतिवर्ष सहायता प्रदान करेगा।

दक्षिण बिहार के औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होने वाला यह प्रौद्योगिकी केंद्र तकनीकी अंतराल को कम करने, स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने तथा ऐतिहासिक मगध क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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