Media24Media.com: भारत-फ्रांस ने लॉन्च किया "इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030", AI और शिक्षा सहयोग पर रहेगा विशेष जोर

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भारत-फ्रांस ने लॉन्च किया "इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030", AI और शिक्षा सहयोग पर रहेगा विशेष जोर

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नई दिल्ली/पेरिस- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए दोनों देशों की साझेदारी को "स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" का दर्जा दिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का संयुक्त उद्घाटन किया और इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने की घोषणा की।

दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अनुसंधान, डिजिटल प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई।

AI सहयोग बनेगा साझेदारी का मुख्य स्तंभ

भारत और फ्रांस ने "ट्रस्टेड AI" को अपनी नवाचार साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ बनाने का फैसला किया है। दोनों देश सुरक्षित, भरोसेमंद और मानवाधिकारों के अनुरूप AI प्रणालियों के विकास को बढ़ावा देंगे। साथ ही बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए AI आधारित सेवाओं से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

शिक्षा और छात्र आदान-प्रदान को मिलेगा बढ़ावा

दोनों देशों ने शैक्षणिक सहयोग और छात्र गतिशीलता (Academic Mobility) को मजबूत करने पर जोर दिया। फ्रांस ने वर्ष 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों का स्वागत करने के अपने लक्ष्य को दोहराया। इसके अलावा, भारत और फ्रांस के बीच योग्यता की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition of Qualifications - MRQ) के दायरे को और विस्तारित करने पर सहमति बनी।

उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम

भारत और फ्रांस ने स्टार्टअप, उद्योग, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों देशों ने इंडिया-फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क (IFIN) को नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बताया।

कानपुर में फ्रांको-इंडियन एरोनॉटिक्स ट्रेनिंग एंड करियर कैंपस स्थापित करने की भी घोषणा की गई, जो विमानन क्षेत्र में कौशल विकास और प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा।

स्टार्टअप्स के लिए बनेगा InnoXchange Bridge

दोनों देशों ने इंडिया-फ्रांस InnoXchange Bridge शुरू करने की योजना का स्वागत किया। यह पहल दोनों देशों के स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को प्रयोगशालाओं, निवेशकों, नवाचार केंद्रों और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुंच प्रदान करेगी।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग

भारत और फ्रांस ने अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया। सितंबर 2026 में बेंगलुरु में बेंगलुरु स्पेस एक्सपो और पेरिस में इंटरनेशनल स्पेस समिट आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से पृथ्वी अवलोकन, मानव अंतरिक्ष अन्वेषण और भविष्य के अंतरिक्ष स्टेशन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को नई दिशा मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में डेटा साझाकरण पर जोर

स्वास्थ्य अनुसंधान और AI आधारित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने सहमति-आधारित (Consent-Based) डेटा साझाकरण ढांचे को विकसित करने पर सहमति व्यक्त की। इससे स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक हित के अनुसंधान में नई संभावनाएं खुलेंगी।

कई संस्थानों के बीच हुए समझौते

इस अवसर पर IIT बॉम्बे, IIT दिल्ली, IIT मद्रास, IIT हैदराबाद, IIT गांधीनगर, IISc बेंगलुरु सहित कई भारतीय संस्थानों और फ्रांस के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योगों के बीच 19 समझौते और सहयोग समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें छात्र विनिमय, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, AI, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।

भारत और फ्रांस ने कहा कि यह रोडमैप आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, रणनीतिक स्वायत्तता और मानव-केंद्रित नवाचार के आधार पर दोनों देशों के भविष्य के सहयोग का मार्गदर्शन करेगा।

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